Download UP Board Solutions for Class 4 Hindi Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक
Review structured textbook solutions for Class 4 Hindi Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक. Built according to UP Board guidelines for the 2026 27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.
Access UP Board Solutions and Answers
View or download the dedicated Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026 27 curriculum for Hindi.
बाल गंगाधर तिलक शब्दार्थ
तल्लीन = पूरी तरह मग्न; मस्तिष्क = दिमाग; प्रतिभा = योग्यता; कुशाग्र = तीव्र चेतना; ज्ञान, आत्मा का विकास, बुद्धि रुष्ट = नाराज; जन्मसिद्ध = जन्म से प्राप्त; कुरीति = बुरी प्रथा; विद्वता = ज्ञान, अध्ययनशीलता; निष्ठा = विश्वास, श्रद्धा।
बाल गंगाधर तिलक पाठ का सारांश
जब बच्चे कक्षा में प्रश्न हल कर रहे थे, तो एक बच्चा शांत बैठा था। शिक्षक के पूछने पर उस बच्चे ने सभी सवालों के जवाब मुँह से ही दे दिए। यह अनोखा बच्चा कोई और नहीं, बल्कि बाल गंगाधर तिलक थे।
तिलक का जन्म 23 जुलाई, 1856 को महाराष्ट्र के कोंकण जिले के रत्नागिरि में हुआ था। उनके पिता का नाम गंगाधर राव और माता का नाम पार्वती बाई था। बचपन में उन्हें केशव कहा जाता था।
तिलक बहुत होशियार छात्र थे। उन्हें गणित, इतिहास और संस्कृत विषयों में खास रुचि थी। उन्होंने 1877 में बी.ए. की परीक्षा पास की और फिर कानून की डिग्री भी ली। इसके बाद उन्होंने वकील का काम शुरू किया।
उन्होंने 1880 में 'न्यू इंगलिश स्कूल' और 1885 में 'दक्षिणी शिक्षा समाज' की स्थापना की। उन्होंने लोगों में देशभक्ति और राष्ट्रीय भावना जगाने के लिए 'केसरी' और 'मराठा' नाम के अखबार भी निकाले। उन्होंने लोगों को आज़ादी के प्रति जागरूक किया। उनके काम और विचारों के कारण लोग उन्हें 'लोकमान्य' कहने लगे।
तिलक ने विधवा विवाह और महिला शिक्षा का समर्थन किया। उन्होंने अपने देश की बनी चीजों (स्वदेशी) के उपयोग को बढ़ावा दिया। उनके तेज़ विचारों के कारण अंग्रेज सरकार उन्हें बार-बार जेल भेजती रही। 1907 में कांग्रेस के सूरत अधिवेशन में उन्होंने अपना मशहूर नारा दिया, “स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूँगा।” 1908 में उन्हें राजद्रोह के आरोप में छह साल के लिए मांडले जेल भेजा गया। जेल में रहते हुए उन्होंने तीन किताबें लिखीं। उनकी पहली किताब 'गीता रहस्य' उनकी बुद्धिमत्ता को दिखाती है। 1914 में वे जेल से बाहर आए और पूरी लगन और विश्वास के साथ आज़ादी पाने के अपने लक्ष्य में लगे रहे।
1 अगस्त, 1920 को उनका निधन हो गया।
बाल गंगाधर तिलक अभ्यास प्रश्न
शब्दों का खेल
प्रश्न 1. वाक्य पूरा करो प्रत्येक वाक्य की खाली जगह में उसके दाईं ओर लिखे शब्द का सही रूप लिखो। उदाहरण के लिए पहला वाक्य देखो तिलक नियमित रूप में व्यायाम करते थे। (नियम)
तिलक शिक्षा को स्वतन्त्रता का आधार मानते थे। (स्वतन्त्र)
उनके लेख सबका ध्यान आकर्षित करते थे । (आकर्षण)
Answer:
तिलक शिक्षा को स्वतन्त्रता का आधार मानते थे।
उनके लेख सबका ध्यान आकर्षण करते थे।
In simple words: आपको कोष्ठक में दिए गए शब्दों का सही रूप इस्तेमाल करके वाक्यों को पूरा करना है, जैसा कि उदाहरण में दिखाया गया है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, आपको दिए गए शब्द का व्याकरणिक रूप (जैसे संज्ञा, क्रिया, विशेषण) बदलकर वाक्य में सही जगह भरना होता है।
Question 2. नीचे दिए गए शब्दों को उदाहरण के अनुसार स्त्रीलिंग में बदलो (स्त्रीलिंग में बदलकर) जैसे लेखक – लेखिका बालक – बालिका शिक्षक – शिक्षिका नायक – नायिका
Answer:
लेखक – लेखिका
बालक – बालिका
शिक्षक – शिक्षिका
नायक – नायिका
In simple words: आपको पुरुषवाची शब्दों को उनके स्त्रीवाची रूपों में बदलना है, जैसे लड़का से लड़की।
🎯 Exam Tip: स्त्रीलिंग बदलने के लिए शब्दों के अंत में 'आ' या 'ई' जैसे प्रत्यय लगाने की कोशिश करें, जैसे बेटा से बेटी।
Question 3. शुद्ध उच्चारण के साथ पढ़ो उत्तरः विद्यार्थी शुद्ध उच्चारण के साथ स्वयं पढ़ें ।
Answer: विद्यार्थी शुद्ध उच्चारण के साथ स्वयं पढ़ें।
In simple words: बच्चों को शब्दों का सही ढंग से बोलना सीखना चाहिए और खुद से अभ्यास करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: जोर से और स्पष्ट रूप से पढ़ने से शब्दों का सही उच्चारण सीखने में मदद मिलती है।
Question 4. नीचे दिए गए शब्दों का अर्थ बताते हुए अपने वाक्यों में उनका प्रयोग करो (प्रयोग करके) उत्तरः स्वदेशी – अपने देश की कुरीति – बुरे रीति-रिवाज आदर – सम्मान कुशाग्र – तीक्ष्ण, तीव्र
Answer:
स्वदेशी: अपने देश की बनी हुई चीजें।
कुरीति: बुरे रीति-रिवाज।
आदर: सम्मान।
कुशाग्र: तेज बुद्धि वाला।
वाक्य प्रयोग:
आदर: सुधाकर बलदेव का बहुत आदर करता था।
स्वदेशी: तिलक ने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार किया और स्वदेशी का प्रचार किया।
कुरीति: राजा राममोहन राय ने सती-प्रथा जैसी कुरीति का बहिष्कार किया।
कुशाग्र: तिलक कुशाग्र बुद्धि के विद्यार्थी थे।
In simple words: आपको कुछ शब्दों का मतलब बताना है, फिर हर शब्द का इस्तेमाल करके एक वाक्य बनाना है।
🎯 Exam Tip: वाक्य बनाते समय सुनिश्चित करें कि आपका वाक्य शब्द के अर्थ को सही ढंग से दर्शाता हो और व्याकरणिक रूप से भी सही हो।
Question 5. समान अर्थ वाले शब्द बताओ (समान अर्थ बताकर) उत्तर: रुष्ट – नाराज सम्मान – आदर कठिन – मुश्किल निर्धन – गरीब
Answer:
रुष्ट – नाराज
सम्मान – आदर
कठिन – मुश्किल
निर्धन – गरीब
In simple words: आपको दिए गए शब्दों के लिए ऐसे शब्द बताने हैं जिनका मतलब लगभग एक जैसा हो।
🎯 Exam Tip: पर्यायवाची शब्द याद रखने से आपकी भाषा अच्छी होती है और आप एक ही बात को अलग-अलग तरीके से कह सकते हैं।
Question 6. “स्वतंत्र' शब्द में 'ता' लगाने पर 'स्वतंत्रता' बनता है। इसी प्रकार नीचे दिए गए शब्दों में 'ता' जोड़कर नए शब्द बनाओ (नए शब्द बनाकर) निर्धन – निर्धनता मानव – मानवता सज्जन – संज्जनता उदार – उदारता
Answer:
निर्धन – निर्धनता
मानव – मानवता
सज्जन – सज्जनता
उदार – उदारता
In simple words: जिस तरह 'स्वतंत्र' में 'ता' जोड़ने से 'स्वतंत्रता' बनता है, वैसे ही आपको दिए गए अन्य शब्दों में 'ता' जोड़कर नए शब्द बनाने हैं।
🎯 Exam Tip: 'ता' प्रत्यय अक्सर किसी विशेष गुण या अवस्था को बताने के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे 'सुंदर' से 'सुंदरता'।
बोध प्रश्न
Question 1. पाठ के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दो (क) बालक गंगाधर तिलक ने प्रश्नों को कैसे हल किया? उत्तरः बालक गंगाधर तिलक ने प्रश्नों को मौखिक रूप में हल किया।
Answer: बालक गंगाधर तिलक ने सभी प्रश्नों के उत्तर मौखिक रूप से दिए, यानी उन्होंने बिना लिखे ही जवाब बता दिए।
In simple words: तिलक ने सवालों के जवाब ज़ुबानी दिए।
🎯 Exam Tip: कहानी के आधार पर प्रश्नों का सीधा उत्तर दें और मुख्य जानकारी को ही बताएं।
Question 1. (ख) तिलक के नाम के साथ 'लोकमान्य' कैसे जुड़ा? उत्तरः तिलक के अच्छे कार्यों और विचारों के कारण इनके नाम के साथ लोकमान्य शब्द जुड़ा ।
Answer: तिलक के अच्छे कामों और देशभक्ति के विचारों के कारण लोग उन्हें प्यार से 'लोकमान्य' कहने लगे। 'लोकमान्य' का मतलब है 'लोगों द्वारा स्वीकार्य नेता'।
In simple words: तिलक के अच्छे कामों के कारण लोगों ने उन्हें 'लोकमान्य' कहना शुरू कर दिया।
🎯 Exam Tip: जब कोई विशेष उपाधि पूछी जाए, तो उसके पीछे का कारण स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 1. (ग) लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने क्या नारा दिया? उत्तरः लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने नारा दिया”स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूँगा।”
Answer: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने यह प्रसिद्ध नारा दिया था: "स्वतंत्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूँगा।" यह नारा भारत के स्वतंत्रता संग्राम में बहुत महत्वपूर्ण था।
In simple words: तिलक का नारा था "स्वतंत्रता मेरा अधिकार है और मैं इसे पाकर रहूँगा।"
🎯 Exam Tip: प्रसिद्ध नारों को उद्धरण चिह्नों में लिखें और उन्हें बिल्कुल वैसे ही लिखें जैसे वे कहे गए थे।
Question 1. (घ) पाठ में लोकमान्य तिलक की किन-किन विशेषताओं का वर्णन किया गया है? उत्तरः पाठ में लोकमान्य तिलक की कई विशेषताओं का वर्णन किया गया है। तिलक मेधावी विद्यार्थी थे। इनकी पुस्तक 'गीता रहस्य' से उनकी विद्वता और अध्ययनशीलता का परिचय मिलता है। ये देशभक्त और क्रांतिकारी थे। ये समाज सुधारक थे । इन्होंने विधवा विवाह और महिला-शिक्षा पर जोर दिया और बाल विवाह की कुरीति का विरोध किया।
Answer: पाठ में लोकमान्य तिलक की कई अच्छी बातें बताई गई हैं। वे एक बहुत बुद्धिमान छात्र थे। उनकी लिखी किताब 'गीता रहस्य' उनकी पढ़ाई और ज्ञान को दिखाती है। वे अपने देश से बहुत प्यार करते थे और बड़े बदलाव लाने वाले नेता थे। उन्होंने समाज को सुधारने के लिए विधवा विवाह और लड़कियों की पढ़ाई का समर्थन किया, और बाल विवाह जैसी गलत प्रथा का विरोध किया।
In simple words: तिलक बहुत बुद्धिमान, देशभक्त, क्रांतिकारी और समाज सुधारक थे। उन्होंने शिक्षा और विधवा विवाह का समर्थन किया और बाल विवाह का विरोध किया।
🎯 Exam Tip: जब किसी व्यक्ति की विशेषताओं का वर्णन करने के लिए कहा जाए, तो पाठ से सभी महत्वपूर्ण गुणों को लिखें और उन्हें सरल वाक्यों में समझाएं।
Question 2. नीचे लिखे प्रत्येक शीर्षक पर दो-तीन वाक्य लिखो उत्तर: तिलक का बचपन-बचपन में तिलक का नाम 'केशव' था। इनके पिता का नाम गंगाधर राव और माता का नाम पार्वतीबाई था। छोटे होने से इन्हें घर में 'बाल' कहकर पुकारा जाता था ।
Answer:
तिलक का बचपन: बचपन में बाल गंगाधर तिलक का नाम केशव था। उनके पिता का नाम गंगाधर राव और माता का नाम पार्वतीबाई था। घर में उन्हें प्यार से 'बाल' कहकर बुलाया जाता था।
तिलक की शिक्षा: उनके पिता ने उनकी पढ़ाई पर बहुत ध्यान दिया। तिलक बहुत तेज दिमाग वाले थे। वे गणित के मुश्किल सवालों को भी मन ही मन में हल कर लेते थे। उन्हें खेलों में कोई खास रुचि नहीं थी।
स्वतंत्रता के लिए तिलक का योगदान: तिलक ने लोगों में स्वतंत्रता की नई भावना जगाई। उन्होंने 'मराठा' और 'केसरी' जैसे अखबारों से ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी। 1914 में जेल से बाहर आने के बाद भी वे स्वतंत्रता पाने के लक्ष्य में पूरी जान से जुटे रहे।
In simple words: तिलक का बचपन का नाम केशव था। उनके पिता ने उनकी शिक्षा पर ध्यान दिया, वे गणित में बहुत तेज थे। स्वतंत्रता के लिए उन्होंने 'मराठा' और 'केसरी' अखबारों से लोगों को जगाया और जीवन भर आज़ादी के लिए संघर्ष करते रहे।
🎯 Exam Tip: किसी भी व्यक्ति के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों (जैसे बचपन, शिक्षा, योगदान) पर संक्षिप्त और सटीक वाक्य लिखने का अभ्यास करें।
अब करने की बारी
Question. लोकमान्य तिलक के जीवन से जुड़े रोचक प्रसंगों का संकलन करो।
Answer: विद्यार्थी अपने शिक्षक और माता-पिता की सहायता से लोकमान्य तिलक के जीवन से जुड़े रोचक प्रसंगों को इकट्ठा करें।
In simple words: तिलक के जीवन की दिलचस्प कहानियों को खोजो और इकट्ठा करो।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में पढ़कर या जानकारी इकट्ठा करके उनके योगदान और जीवन से प्रेरणा लेना बहुत उपयोगी होता है।
इसे भी जानो
नोट – ये दोनों प्रश्न विद्यार्थी स्वयं करें।
Free study material for Hindi
Hindi Class 4 Curriculum Solutions: Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक
Textbook Solutions for Class 4 Hindi Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक
Explore reliable textbook solutions for Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक tailored for Class 4 learners. Utilizing these complete exercise answers ensures your preparation aligns exactly with official UP Board standards for Hindi.
Mastering Theoretical and Practical Questions
Each solution includes detailed reasoning to foster genuine comprehension of Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक concepts. Reviewing these step-by-step breakdowns allows learners to master both analytical and descriptive questions expected in school evaluations.
Effective Self-Study and Homework Assistance
Frequent review of these structured answers builds strong analytical capabilities and response efficiency. Maximize your academic readiness by combining these textbook solutions with our curated study materials and mock evaluations for Class 4 Hindi.
FAQs
The complete and updated UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 4 Hindi are as per latest UP Board curriculum.
Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 4 Hindi. You can access UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 4 Hindi Chapter 12 बाल गंगाधर तिलक in printable PDF format for offline study on any device.