UP Board Solutions Class 12 Physics Chapter 8 Electromagnetic Waves

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 12 Physics. Our expert-created answers for Class 12 Physics are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें UP Board Solutions for Class 12 Physics

For Class 12 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 12 Physics solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें solutions will improve your exam performance.

Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें UP Board Solutions PDF

अभ्यास के अन्तर्गत दिए गए प्रश्नोत्तर

 

Question 1.चित्र 8.1 में एक संधारित्र दर्शाया गया है जो 12 cm त्रिज्या की दो वृत्ताकार प्लेटों को 5.0 cm की दूरी पर रखकर बनाया गया है। संधारित्र को एक बाह्य स्रोत (जो चित्र में नहीं दर्शाया गया है) द्वारा आवेशित किया जा रहा है। आवेशकारी धारा नियत है और इसका मान 0.15A है।
(a) धारिता एवं प्लेटों के बीच विभवान्तर परिवर्तन की दर का परिकलन कीजिए।
(b) प्लेटों के बीच विस्थापन धारा ज्ञात कीजिए।
(c) क्या किरचॉफ का प्रथम नियम संधारित्र की प्रत्येक प्लेट पर लागू होता है? स्पष्ट कीजिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक समानांतर प्लेट संधारित्र को दर्शाता है जिसमें दो वृत्ताकार प्लेटें एक निश्चित दूरी पर रखी गई हैं। संधारित्र को एक बाहरी स्रोत से आवेशित किया जा रहा है, जिससे एक स्थिर आवेशकारी धारा प्रवाहित हो रही है।
Answer:हल- दिया है, प्लेट की त्रिज्या r = 0.12 m, बीच की दूरी d = 0.05 m आवेशन धारा i = 0.15 A
(a) संधारित्र की धारिता \( C = \frac{\varepsilon_0 A}{d} \) \[ \text{[}\because A = \pi r^2 = 3.14 \times (0.12)^2 \text{]} \] \[ = \frac{8.854 \times 10^{-12} \times 3.14 \times (0.12)^2}{0.05} \] \( = 8.01 \times 10^{-12} \text{ F} = 8.01 \text{ pF} \) किसी क्षण संधारित्र पर आवेश \( q = CV \implies V = \frac{q}{C} \)
\( \frac{dV}{dt} = \frac{1}{C} \frac{dq}{dt} = \frac{i}{C} \) \[ \text{[}\because i = \frac{dq}{dt} \text{]} \]
\( \therefore \) विभवान्तर परिवर्तन की दर \( \frac{dV}{dt} = \frac{0.15}{8.01 \times 10^{-12}} = 1.87 \times 10^{10} \text{ Vs}^{-1} \)
(b) प्लेटों पर विस्थापन धारा \( i_D = \varepsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt} \) जहाँ \( \Phi_E \) प्लेटों के बीच स्थित किसी बन्द लूप से गुजरने वाला विद्युत फ्लक्स है।
\( \therefore \) प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र \( E = \frac{q}{\varepsilon_0 A} \)
\( \therefore \) यदि लूप का क्षेत्रफल A है तो \( \Phi_E = \int \vec{E}.d\vec{A} = E dA \) \[ \text{[}\because \int \vec{E}.d\vec{A} \text{]} \]
\( \implies \Phi_E = EA = \frac{q}{\varepsilon_0 A} \times A = \frac{q}{\varepsilon_0} \)
\( \implies \frac{d\Phi_E}{dt} = \frac{1}{\varepsilon_0} \frac{dq}{dt} \)
\( \implies i_D = \varepsilon_0 \frac{1}{\varepsilon_0} \frac{dq}{dt} = \frac{dq}{dt} = i \) विस्थापन धारा \( i_D = 0.15 \text{ A} \)
(c) हाँ, किरचॉफ का प्रथम नियम संधारित्र की प्रत्येक प्लेट पर भी लागू होता है, क्योंकि प्लेट तक आने वाली चालन धारा = प्लेट से आगे जाने वाली विस्थापन धारा
In simple words: The capacitor's capacitance and the rate of voltage change across its plates can be calculated using the given values. The displacement current between the plates is found to be equal to the conduction current, meaning Kirchhoff's first rule applies.

🎯 Exam Tip: Remember to clearly define the terms like capacitance, displacement current, and how Kirchhoff's laws apply in such scenarios for full marks.

 

Question 2.एक समान्तर प्लेट संधारित्र (चित्र 8.2), R = 6.0 cm त्रिज्या की दो वृत्ताकार प्लेटों से बना है। और इसकी धारिता C = 100 pF है। संधारित्र को 230V, 300 rad s\(^{-1}\) की (कोणीय) आवृत्ति के किसी स्रोत से जोड़ा गया है।
(a) चालन धारा का r.m.s. मान क्या है?
(b) क्या चालन धारा विस्थापन धारा के बराबर है?
(c) प्लेटों के बीच, अक्ष से 3.0 cm की दूरी पर स्थित बिन्दु पर B का आयाम ज्ञात कीजिए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक समानांतर प्लेट संधारित्र को दर्शाता है, जिसमें दो वृत्ताकार प्लेटें एक दूसरे के समानांतर रखी गई हैं। संधारित्र को एक प्रत्यावर्ती धारा (AC) स्रोत से जोड़ा गया है, जो एक निश्चित वोल्टेज और कोणीय आवृत्ति प्रदान कर रहा है।
Answer:हल- यहाँ R = 6.0 x 10\(^{-2}\) मी, C = 100 x 10\(^{-12}\) F = 10\(^{-10}\) F, Vrms = 230 वोल्ट, \( \omega \) = 300 रे-से\(^{-1}\)
(a) संधारित्र का धारितीय प्रतिघात \[ X_C = \frac{1}{\omega C} = \frac{1}{(300 \times 10^{-10})} \text{ ओम} \] \( = \frac{1}{3} \times 10^8 \text{ ओम} \)
\( \therefore \) चालन धारा का rms मान \[ i_{rms} = \frac{V_{rms}}{X_C} = \frac{230 \text{ वोल्ट}}{(1/3) \times 10^8 \text{ ओम}} \] \( = 6.9 \times 10^{-6} \text{ ऐम्पियर} \) \( = 6.9 \text{ µA} \)
(b) विस्थापन धारा \( i_d = \varepsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt} = \varepsilon_0 \frac{d}{dt} (EA) \) \( = \varepsilon_0 A \frac{dE}{dt} = \varepsilon_0 A \frac{d}{dt} \left( \frac{V}{d} \right) \) \( = \varepsilon_0 A \frac{1}{d} \frac{dV}{dt} = C \frac{dV}{dt} \text{ [}\because C = \frac{\varepsilon_0 A}{d} \text{]} \) \( = C \times \frac{1}{C} \frac{dQ}{dt} = \frac{dQ}{dt} = i_C \) (चालन धारा) अतः चालन धारा तथा विस्थापन धारा बराबर हैं।
(c) प्लेटों के बीच अक्ष से \( r = 3.0 \times 10^{-2} \) मी पर B का आयाम ज्ञात करना है। अतः अक्ष के परितः इस त्रिज्या का बन्द वृत्ताकार लूप लेकर उस पर ऐम्पियर का परिपथीय नियम लगाने पर,, \[ \oint \vec{B}.d\vec{l} = \mu_0 \varepsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt} \]
\( \implies B \times 2\pi r = \mu_0 \varepsilon_0 \pi r^2 \frac{dE}{dt} = \mu_0 \varepsilon_0 \pi r^2 \frac{d}{dt} \left( \frac{q}{\varepsilon_0 A} \right) = \mu_0 \varepsilon_0 \pi r^2 \frac{1}{\varepsilon_0 A} \frac{dq}{dt} \)
अतः \( B = \frac{\mu_0 \varepsilon_0 \pi r^2}{2\pi r \varepsilon_0 A} \frac{dq}{dt} = \frac{\mu_0 r}{2A} \frac{dq}{dt} \) \[ = \frac{\mu_0 r}{2A} (i_{rms} \sqrt{2}) \] परन्तु \( A = \pi R^2 \), \( B = \frac{\mu_0 r (i_{rms} \sqrt{2})}{2\pi R^2} \)
अतः B का आयाम \( B_0 = \frac{\mu_0 r}{2\pi R^2} (i_{rms} \sqrt{2}) \) \( = \frac{(4\pi \times 10^{-7}) r}{2\pi R^2} (i_{rms} \sqrt{2}) \) \[ = \frac{2 \times 10^{-7} \times r \times i_{rms} \sqrt{2}}{R^2} \] अथवा \( B_0 = \frac{\mu_0 r i}{2A} = \frac{\mu_0 r i}{2\pi R^2} \)
\( \therefore B_0 = \frac{2 \times 1.414 \times (6.9 \times 10^{-6}) \times 3.0 \times 10^{-2}}{(6.0 \times 10^{-2})^2} \times 10^{-7} \text{ टेस्ला} \) \( = 1.626 \times 10^{-11} \text{ टेस्ला} \)
In simple words: The capacitance and the rate of voltage change across the plates determine the current. The conduction current and displacement current are equal in a capacitor. The magnetic field's amplitude within the plates can be calculated using Ampere's circuital law with the displacement current.

🎯 Exam Tip: For capacitor problems, ensure you distinguish between conduction current and displacement current, and understand how they relate in Maxwell's equations. Also, pay attention to unit conversions for radius and distance.

 

Question 3.10\(^{-10}\) m तरंगदैर्ध्य की X-किरणों, 6800 Å तरंगदैर्ध्य के प्रकाश तथा 500 m की रेडियो तरंगों के लिए किस भौतिक राशि का मान समान है?
Answer:हल- X-किरणें, लाल प्रकाश तथा रेडियो तरंगें सभी वैद्युत-चुम्बकीय तरंगें हैं। अतः इन सभी की निर्वात् में चाल समान होगी जिसका मान \( c = 3.0 \times 10^8 \) मी/से होता है।
In simple words: X-rays, red light, and radio waves are all types of electromagnetic waves. In a vacuum, all electromagnetic waves travel at the same speed, which is the speed of light.

🎯 Exam Tip: Remember that all electromagnetic waves (regardless of their wavelength or frequency) travel at the speed of light in a vacuum. This is a fundamental concept for EM waves.

 

Question 4.एक समतल विद्युतचुम्बकीय तरंग निर्वात में z-अक्ष के अनुदिश चल रही है। इसके विद्युत तथा चुम्बकीय-क्षेत्रों के सदिश की दिशा के बारे में आप क्या कहेंगे? यदि तरंग की आवृत्ति 30 MHz हो तो उसकी तरंगदैर्ध्य कितनी होगी?
Answer:हल- वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों में संचरण नियतांक \(\vec { K }\), वैद्युत क्षेत्र सदिश \(\vec { E }\) तथा चुम्बकीय क्षेत्र सदिश \(\vec { B }\) दायें हाथ की निकाय बनाते हैं। चूँकि संचरण सदिश \(\vec { K }\), Z- दिशा में हैं, वैद्युत क्षेत्र सदिश \(\vec { E }\), X-दिशा में तथा चुम्बकीय क्षेत्र सदिश \(\vec { B }\), Y- दिशा में होगा। दिया है आवृत्ति, \( \nu = 30 \text{ MHz} = 30 \times 10^6 \text{ Hz} \) प्रकाश की चाल \( c = 3 \times 10^8 \text{ ms}^{-1} \) तरंगदैर्ध्य \( \lambda = \frac{c}{\nu} = \frac{3 \times 10^8 \text{ ms}^{-1}}{30 \times 10^6 \text{ Hz}} = 10 \text{ m} \)
In simple words: For an electromagnetic wave traveling along the z-axis, the electric field oscillates in the x-direction and the magnetic field in the y-direction, forming a right-handed system. Given the wave's frequency and the speed of light, its wavelength can be calculated.

🎯 Exam Tip: Understanding the mutually perpendicular nature of the electric field, magnetic field, and propagation direction of EM waves is crucial. Also, be proficient in using the wave equation \( c = \nu \lambda \) for calculations.

 

Question 5.एक रेडियो 7.5 MHz से 12 MHz बैंड के किसी स्टेशन से समस्वरित हो सकता है। संगत तरंगदैर्ध्य बैंड क्या होगा?
Answer:हल-\( \nu_1 = 7.5 \text{ MHz} = 7.5 \times 10^6 \text{ से}^{-1} \) के संगत तरंगदैर्ध्य \[ \lambda_1 = \frac{c}{\nu} = \frac{3.0 \times 10^8 \text{ मी/से}^{-1}}{7.5 \times 10^6 \text{ से}^{-1}} = 40 \text{ मी} \] \( \nu_2 = 12 \text{ MHz} = 12 \times 10^6 \text{ से}^{-1} \) के संगत तरंगदैर्ध्य \[ \lambda_2 = \frac{c}{\nu} = \frac{3.0 \times 10^8 \text{ मी/से}^{-1}}{12 \times 10^6 \text{ से}^{-1}} = 25 \text{ मी} \] अतः दिये गये आवृत्ति बैण्ड के संगत तरंगदैर्ध्य बैण्ड = 40 मी से 25 मी
In simple words: Radio stations broadcast within a specific frequency range. Using the constant speed of light, this frequency range can be converted into a corresponding wavelength range.

🎯 Exam Tip: This question tests your ability to convert between frequency and wavelength for electromagnetic waves using the speed of light formula \( c = \nu \lambda \). Pay attention to unit conversions (MHz to Hz) to avoid errors.

 

Question 6.एक आवेशित कण अपनी माध्य साम्यावस्था के दोनों ओर 10 Hz आवृत्ति से दोलन करता है। दोलक द्वारा जनित विद्युतचुम्बकीय तरंगों की आवृत्ति कितनी है?
Answer:हल- हम जानते हैं कि त्वरित अथवा कम्पित आवेशित कण कम्पित विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है। यह विद्युत क्षेत्र, कम्पित चुम्बकीय-क्षेत्र उत्पन्न करता है। ये दोनों क्षेत्र मिलकर वैद्युतचुम्बकीय तरंग उत्पन्न करते हैं; जिसकी आवृत्ति, कम्पित कण के दोलनों की आवृत्ति के बराबर होती है। तरंगों की आवृत्ति \( \nu = 10 \text{ Hz} \)
In simple words: An oscillating charged particle generates electromagnetic waves, and the frequency of these waves is exactly the same as the oscillation frequency of the particle itself.

🎯 Exam Tip: A key concept in electromagnetic waves is that the frequency of the emitted wave is determined by the frequency of the oscillating charge source. This relationship is fundamental to understanding wave generation.

 

Question 7.निर्वात में एक आवर्त विद्युतचुम्बकीय तरंग के चुम्बकीय-क्षेत्र वाले भाग का आयाम \( B_0 = 510 \text{ nT} \) है। तरंग के विद्युत क्षेत्र वाले भाग का आयाम क्या है?
Answer:हल - दिया है, \( B_0 = 510 \times 10^{-9} \text{ टेस्ला} \) \( c = 3 \times 10^8 \text{ मीटर/सेकण्ड} \) \( E_0 = ? \) वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों के लिए \( c = \frac{E_0}{B_0} \)
\( \implies E_0 = c B_0 = 3 \times 10^8 \times 510 \times 10^{-9} \) \( = 153 \text{ वोल्ट/मीटर} \)
In simple words: In a vacuum, the ratio of the amplitudes of the electric and magnetic fields in an electromagnetic wave is equal to the speed of light. Therefore, the electric field amplitude can be found by multiplying the magnetic field amplitude by the speed of light.

🎯 Exam Tip: Remember the fundamental relationship \( E_0 = c B_0 \) for electromagnetic waves in a vacuum. This is a frequently tested formula that links the amplitudes of the electric and magnetic fields.

 

Question 8.कल्पना कीजिए कि एक विद्युतचुम्बकीय तरंग के विद्युत क्षेत्र का आयाम \( E_0 = 120 \text{ N/C} \) है तथा इसकी आवृत्ति \( \nu = 50.0 \text{ MHz} \) है ।
(a) \( B_0, \omega, k \) तथा \( \lambda \) ज्ञात कीजिए,
(b) E तथा B के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए।
Answer:हल-
(a) दिया है \( E_0 = 120 \text{ N/C} \), \( \nu = 50.0 \text{ MHz} = 50.0 \times 10^6 \text{ Hz} \)
चुम्बकीय क्षेत्र का आयाम \( B_0 \): \( B_0 = \frac{E_0}{c} = \frac{120 \text{ N/C}}{3 \times 10^8 \text{ m/s}} = 400 \times 10^{-9} \text{ T} = 400 \text{ nT} \)
कोणीय आवृत्ति \( \omega \): \( \omega = 2\pi \nu = 2 \times 3.14 \times 50.0 \times 10^6 \text{ रेडियन/से} \) \( = 3.14 \times 10^8 \text{ रेडियन/से} \)
तरंगदैर्ध्य \( \lambda \): \( \lambda = \frac{c}{\nu} = \frac{3 \times 10^8 \text{ मी}}{50 \times 10^6 \text{ Hz}} = 6 \text{ मी} \)
तरंग संख्या \( k \): \( k = \frac{2\pi}{\lambda} = \frac{2 \times 3.14}{6} \text{ रे-मी}^{-1} = 1.05 \text{ रे/मी} \)
(b) E तथा B के लिए व्यंजक: यह मानकर कि तरंग X-दिशा में संचरित हो रही है और विद्युत क्षेत्र Y-दिशा में है, तब चुम्बकीय क्षेत्र Z-दिशा में होगा। \( \vec{E} = E_0 \sin(kx - \omega t) \hat{j} \) \( \vec{B} = B_0 \sin(kx - \omega t) \hat{k} \)
अतः \( \vec{E} = 120 \sin(1.05x - 3.14 \times 10^8 t) \hat{j} \) तथा \( \vec{B} = 400 \times 10^{-9} \sin(1.05x - 3.14 \times 10^8 t) \hat{k} \)
In simple words: Given the electric field amplitude and frequency of an electromagnetic wave, one can calculate the magnetic field amplitude using the speed of light, the angular frequency, the wavelength, and the wave number. With these values, expressions for the electric and magnetic fields can be written, assuming a propagation direction and field orientations.

🎯 Exam Tip: Master the formulas relating \( E_0, B_0, c, \nu, \lambda, \omega, \) and \( k \). Also, remember how to write the sinusoidal expressions for \(\vec{E}\) and \(\vec{B}\) fields, including their directions for a given wave propagation direction.

 

Question 9.विद्युतचुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न भागों की पारिभाषिकी पाठ्यपुस्तक में दी गई है। सूत्र E = hv (विकिरण के एक क्वांटम की ऊर्जा के लिए : फोटॉन) का उपयोग कीजिए तथा em वर्णक्रम (विद्युतचुम्बकीय स्पेक्ट्रम) के विभिन्न भागों के लिए eV के मात्रक में फोटॉन की ऊर्जा निकालिए । फोटॉन ऊर्जा के जो विभिन्न परिमाण आप पाते हैं वे विद्युतचुम्बकीय विकिरण के स्रोतों से किस प्रकार सम्बन्धित हैं?
Answer:हल-सूत्र E = hv में, \( \nu = \frac{c}{\lambda} \) रखने पर \( E = \frac{hc}{\lambda} \) (S.I. पद्धति में) यहाँ \( c = 3 \times 10^8 \text{ m/s} \) (निर्वात् में वै० चु० तरंगों की चाल) तथा \( h = 6.62 \times 10^{-34} \text{ Js} \) (प्लांक का नियतांक) इलेक्ट्रॉन वोल्ट में \[ E = \frac{hc}{\lambda \times 1.6 \times 10^{-19}} \text{ eV} \quad ...(1) \] वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न भाग निम्नवत् हैं
1. \( \gamma \) किरणें - तरंगदैर्ध्य परास \( 10^{-10}\text{m} \) से \( 10^{-14}\text{m} \) से कम तक होती है। अतः यदि \( \lambda = 10^{-10}\text{m} \) तो समीकरण (1) से, ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{10^{-10} \times 1.6 \times 10^{-19}} = 124 \times 10^3 \text{ eV} \approx 10^4 \text{ eV} \] यदि \( \lambda = 10^{-14}\text{m} \) हो, तो ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{10^{-14} \times 1.6 \times 10^{-19}} \approx 10^8 \text{ eV} \] इस प्रकार \( \gamma \) किरणों की ऊर्जा \( 10^4 \) से \( 10^8 \text{ eV} \) के परिसर में होती है।
2. X-किरणें - तरंगदैर्ध्य परास \( 10^{-8}\text{m} \) से \( 10^{-13}\text{m} \) तक होती है। अतः \( \lambda = 10^{-8}\text{m} \) के लिए ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{10^{-8} \times 1.6 \times 10^{-19}} = 124 \text{ eV} \approx 10^2 \text{ eV} \] \( \lambda = 10^{-13}\text{m} \) के लिए \( E \approx 10^7 \text{ eV} \) इस प्रकार X-किरणों की ऊर्जा \( 10^2 \) से \( 10^7 \text{ eV} \) तक परिसर में होती है।
3. पराबैंगनी किरणें - तरंगदैर्ध्य परास \( 4 \times 10^{-7}\text{m} \) से \( 6 \times 10^{-10}\text{m} \) तक होती है। अतः \( \lambda = 4 \times 10^{-7}\text{m} \) के लिए ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{4 \times 10^{-7} \times 1.6 \times 10^{-19}} = 3.1 \text{ eV} \approx 10^0 \text{ eV} \] \( \lambda = 6 \times 10^{-10}\text{m} \) के लिए \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{6 \times 10^{-10} \times 1.6 \times 10^{-19}} = 2.1 \times 10^3 \text{ eV} \approx 10^3 \text{ eV} \] इस प्रकार पराबैंगनी किरणों की ऊर्जा \( 10^0 \) से \( 10^3 \text{ eV} \) तक परिसर में होती है।
4. दृश्य विकिरण - तरंगदैर्ध्य परास \( 4 \times 10^{-7}\text{m} \) से \( 7 \times 10^{-7}\text{m} \) तक होती है। \( \lambda = 4 \times 10^{-7}\text{m} \) के लिए ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{4 \times 10^{-7} \times 1.6 \times 10^{-19}} = 3.1 \text{ eV} \] \( \lambda = 7 \times 10^{-7}\text{m} \) के लिए ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{7 \times 10^{-7} \times 1.6 \times 10^{-19}} = 1.77 \text{ eV} \] इस प्रकार दृश्य विकिरण की ऊर्जा 1.8 eV से 3.1 eV तक परिसर में होती है।
5. अवरक्त विकिरण - तरंगदैर्ध्य परास \( 7 \times 10^{-7}\text{m} \) से \( 7 \times 10^{-4}\text{m} \) तक होती है। \( \lambda = 7 \times 10^{-7}\text{m} \) के लिए ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{7 \times 10^{-7} \times 1.6 \times 10^{-19}} = 1.77 \text{ eV} \approx 10^0 \text{ eV} \] \( \lambda = 7 \times 10^{-4}\text{m} \) के लिए ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{7 \times 10^{-4} \times 1.6 \times 10^{-19}} = 1.77 \times 10^{-3} \text{ eV} \approx 10^{-3} \text{ eV} \] इस प्रकार अवरक्त विकिरण की ऊर्जा \( 10^{-3} \text{ eV} \) से \( 10^0 \text{ eV} \) तक के परिसर में होती है।
6. सूक्ष्म तरंगें - तरंगदैर्ध्य परास 1mm से 0.3m तक होती है। \( \lambda = 1 \text{ mm} \) के लिए ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{10^{-3} \times 1.6 \times 10^{-19}} = 1.24 \times 10^{-3}\text{eV} \approx 10^{-3}\text{eV} \] \( \lambda = 0.3 \text{ m} \) के लिए ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{0.3 \times 1.6 \times 10^{-19}} = 1.24 \times 10^{-6} \text{ eV} \approx 10^{-6}\text{eV} \] इस प्रकार सूक्ष्म तरंगों की ऊर्जा \( 10^{-3} \text{ eV} \) से \( 10^{-6} \text{ eV} \) तक के परिसर में होती है।
7. रेडियो तरंगें- तरंगदैर्ध्य परास 1m से कुछ किलोमीटर तक होती है। \( \lambda = 1 \text{ m} \) के लिए ऊर्जा \[ E = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{1 \times 1.6 \times 10^{-19}} = 1.24 \times 10^{-6}\text{eV} \approx 10^{-6}\text{eV} \] कुछ किलोमीटर के लिए ऊर्जा \( E \approx 10^{-11} \text{ eV} \) इस प्रकार रेडियो तरंगों की ऊर्जा \( 10^{-6} \text{ eV} \) से \( 10^{-11} \text{ eV} \) तक के परिसर में होती है। एक फोटोन की ऊर्जा, स्रोत के ऊर्जा स्तरों में अन्तराल प्रदर्शित करती है। \( \lambda = 10^{-12}\text{m} \) तरंगदैर्घ्य, 1.24 MeV ऊर्जा के संगत है। यह प्रदर्शित करता है कि नाभिकीय ऊर्जा स्तरों (जिनके बीच संक्रमण से \( \gamma \)-किरणें उत्पन्न होती हैं) में ऊर्जा-स्तर अन्तराल 1MeV के लगभग ही होता है। इसी प्रकार \( \lambda = 5 \times 10^{-7}\text{m} \) (दृश्य प्रकाश) तरंगदैर्ध्य 2.5 eV ऊर्जा के संगत है। यह प्रदर्शित करता है कि ऊर्जा-स्तरों, जिनके बीच संक्रमण से दृश्य प्रकाश उत्सर्जित होता है।, का ऊर्जा स्तर अन्तराल कुछ eV ही होता है।
In simple words: The energy of a photon for different parts of the electromagnetic spectrum can be calculated using Planck's constant and the speed of light, converted into electron volts. This energy varies significantly across the spectrum, from high energy gamma rays to low energy radio waves, indicating different types of energy transitions in their respective sources.

🎯 Exam Tip: When solving problems involving photon energy and EM spectrum, remember the formula \( E = \frac{hc}{\lambda} \) and the conversion from Joules to electron volts. Accurately recalling the wavelength ranges for different parts of the EM spectrum is crucial for classifying and linking energy values to their sources.

 

Question 10.एक समतल em (विद्युतचुम्बकीय) तरंग में विद्युत क्षेत्र, \( 2.0 \times 10^{10} \text{ Hz} \) आवृत्ति तथा \( 48 \text{ Vm}^{-1} \) आयाम से ज्यावक्रीय रूप से दोलन करता है।
(a) तरंग की तरंगदैर्ध्य कितनी है?
(b) दोलनशील चुम्बकीय-क्षेत्र का आयाम क्या है?
(c) यह दर्शाइए \(\vec { E }\) क्षेत्र का औसत ऊर्जा घनत्व, \(\vec { B }\) क्षेत्र के औसत ऊर्जा घनत्व के बराबर है।
Answer:हल - दिया है, \( E_0 = 48 \text{ Vm}^{-1} \), विद्युत क्षेत्र की आवृत्ति \( \nu = 2.0 \times 10^{10} \text{ Hz} \) (c = \( 3 \times 10^8 \text{ ms}^{-1} \))
(a) तरंग की आवृत्ति \( \nu = 2 \times 10^{10} \text{ Hz} \) तरंग की तरंगदैर्ध्य \( \lambda = \frac{c}{\nu} = \frac{3 \times 10^8}{2 \times 10^{10}} = 1.5 \times 10^{-2} \text{ m} \)
(b) \( c = \frac{E_0}{B_0} \) से, चुम्बकीय-क्षेत्र का आयाम \( B_0 = \frac{E_0}{c} = \frac{48}{3 \times 10^8} = 1.6 \times 10^{-7} \text{ T} \)
(c) विद्युत क्षेत्र का औसत ऊर्जा घनत्व \( u_E = \frac{1}{2} \varepsilon_0 E_{r.m.s.}^2 = \frac{1}{2} \varepsilon_0 \left( \frac{E_0}{\sqrt{2}} \right)^2 = \frac{1}{4} \varepsilon_0 E_0^2 \) जबकि चुम्बकीय-क्षेत्र का औसत ऊर्जा घनत्व \( u_B \) \( u_B = \frac{1}{2} \frac{B_{r.m.s.}^2}{\mu_0} = \frac{1}{2} \frac{(B_0/\sqrt{2})^2}{\mu_0} = \frac{1}{4} \frac{B_0^2}{\mu_0} \) \[ \text{परन्तु } B_0 = \frac{E_0}{c} \implies u_B = \frac{1}{4} \frac{(E_0/c)^2}{\mu_0} = \frac{1}{4} \frac{E_0^2}{\mu_0 c^2} \] \[ \text{चूँकि } c^2 = \frac{1}{\mu_0 \varepsilon_0} \implies \frac{1}{\mu_0 c^2} = \varepsilon_0 \]
\( \implies u_B = \frac{1}{4} E_0^2 \varepsilon_0 = u_E \)
अतः \( u_E = u_B \)
In simple words: Given the electric field's amplitude and frequency, we can calculate the wavelength using the speed of light. The magnetic field's amplitude is found by dividing the electric field amplitude by the speed of light. Importantly, the average energy density of the electric field is equal to that of the magnetic field in an electromagnetic wave.

🎯 Exam Tip: For electromagnetic waves, remember the inter-relationships between \( E_0, B_0, \nu, \lambda, \) and \( c \). Also, demonstrating the equality of average energy densities for electric and magnetic fields (\( u_E = u_B \)) is a standard derivation that often appears in exams.

अतिरिक्त अभ्यास

 

Question 11.कल्पना कीजिए कि निर्वात में एक विद्युतचुम्बकीय तरंग का विद्युत क्षेत्र \( \vec{E} = \text{[}(3.1 \text{ N/C}) \cos \text{[(}1.8 \text{ rad/m}) y + (5.4 \times 10^6 \text{ rad/s}) t\text{]} \hat{i} \) है।
(a) तरंग संचरण की दिशा क्या है?
(b) तरंगदैर्ध्य \( \lambda \) कितनी है?
(c) आवृत्ति \( \nu \) कितनी है?
(d) तरंग के चुम्बकीय-क्षेत्र सदिश का आयाम कितना है?
(e) तरंग के चुम्बकीय-क्षेत्र के लिए व्यंजक लिखिए।
Answer:हल - प्रामाणिक समी० निम्न है \( \vec{E} = [E_0 \cos(ky + \omega t)] \hat{i} \quad ...(1) \)
(a) चूँकि y का गुणक धनात्मक है अर्थात् दिशा -y अर्थात् ऋणात्मक Y-दिशा में तरंग संचरित हो रही है।
(b) दी गयी समीकरण की प्रामाणिक समीकरण (1) से तुलना करने पर, \( k = 1.8 \text{ रेडियन/मी} \) अतः \( k = \frac{2\pi}{\lambda} \) से, \( \lambda = \frac{2\pi}{k} = \frac{2 \times 3.14}{1.8} = 3.5 \text{ मी} \)
(c) \( 2\pi\nu = \omega \) से, आवृत्ति \( \nu = \frac{\omega}{2\pi} \) तथा दी गयी समीकरण की प्रामाणिक समीकरण (1) से तुलना करने पर, \( \omega = 5.4 \times 10^6 \text{ रेडियन/सेकण्ड} \) \( \nu = \frac{5.4 \times 10^6}{2 \times 3.14} \text{ Hz} = 0.86 \times 10^6 \text{ Hz} \) \( = 8.6 \text{ MHz} \)
(d) दी गई समीकरण की प्रामाणिक समीकरण (1) से तुलना करने पर, \( E_0 = 3.1 \text{ न्यूटन/कूलॉम} \) \( c = \frac{E_0}{B_0} \) से, \( B_0 = \frac{E_0}{c} = \frac{3.1}{3 \times 10^8} \text{ टेस्ला} \) \( \approx 10 \times 10^{-9} \text{ T} \approx 10 \text{ nT} \)
(e) \( \vec{B} = [B_0 \cos(ky + \omega t)] \hat{k} \) (चूंकि तरंग -y दिशा में संचरित हो रही है, विद्युत क्षेत्र x दिशा में है, इसलिए चुम्बकीय क्षेत्र z दिशा में होगा) \( \vec{B} = 10 \text{ nT} \cos \text{[(}1.8 \text{ rad m}^{-1}\text{)} y + (5.4 \times 10^6 \text{ रे/से})t\text{]} \hat{k} \)
In simple words: By comparing the given electric field equation with the standard wave equation, we can determine the direction of wave propagation, wave number, angular frequency, and electric field amplitude. From these, the wavelength, frequency, and magnetic field amplitude can be calculated. Finally, the expression for the magnetic field can be written.

🎯 Exam Tip: When given a wave equation, systematically extract \( E_0, k, \) and \( \omega \). Pay close attention to the sign in the argument (\(ky + \omega t\)) to determine the direction of propagation. Remember the relationships \( \lambda = \frac{2\pi}{k} \), \( \nu = \frac{\omega}{2\pi} \), and \( B_0 = \frac{E_0}{c} \).

 

Question 12.100 W विद्युत बल्ब की शक्ति का लगभग 5% दृश्य विकिरण में बदल जाता है।
(a) बल्ब से 1 m की दूरी पर,
(b) 10 m की दूरी पर दृश्य विकिरण की औसत तीव्रता कितनी है? यह मानिए कि विकिरण समदैशिकतः उत्सर्जित होता है और परावर्तन की उपेक्षा कीजिए ।
Answer:हल- यहाँ दृश्य विकिरण की शक्ति \( P = 100 \) वाट का 5% \( = 100 \times \frac{5}{100} \) वाट \( = 5 \) वाट तीव्रता \( I = \frac{P}{4\pi r^2} \) (समदैशिक उत्सर्जन के लिए)
(a) बल्ब से 1 m की दूरी पर (\( r = 1 \text{ m} \)): \( I_1 = \frac{5 \text{ W}}{4\pi (1 \text{ m})^2} = \frac{5}{4 \times 3.14} \text{ W/m}^2 = \frac{5}{12.56} \text{ W/m}^2 \approx 0.398 \text{ W/m}^2 \)
(b) 10 m की दूरी पर (\( r = 10 \text{ m} \)): \( I_{10} = \frac{5 \text{ W}}{4\pi (10 \text{ m})^2} = \frac{5}{4\pi \times 100} \text{ W/m}^2 = \frac{5}{1256} \text{ W/m}^2 \approx 0.00398 \text{ W/m}^2 \)
In simple words: The problem calculates the average intensity of visible radiation from a 100 W bulb at different distances, assuming only 5% of its power is converted to visible light and it radiates isotropically. The intensity decreases significantly as the distance from the source increases.

🎯 Exam Tip: For questions involving radiation intensity from a point source, remember the inverse square law, \( I = \frac{P}{4\pi r^2} \). Be careful with power conversion percentages and ensure correct units for intensity (\( \text{W/m}^2 \)).

 

Question 13.em वर्णक्रम (विद्युतचुम्बकीय स्पेक्ट्रम) के विभिन्न भागों के लिए लाक्षणिक ताप परिसरों को ज्ञात करने के लिए \( \lambda_m T = 0.29 \text{ cm K} \) सूत्र का उपयोग कीजिए। जो संख्याएँ आपको मिलती हैं वे क्या बतलाती हैं?
Answer:हल-\( \lambda_m T = 0.29 \text{ cm K} \) सूत्र से स्पष्ट है कि \( \lambda_m \) को सेमी में प्रयोग किया गया है, अतः \( \lambda_m = \lambda_m \times 10^{-8} \text{ Å} \) \( \lambda_m T = 0.29 \text{ cm K} \implies T = \frac{0.29 \text{ cm K}}{\lambda_m \text{ cm}} = \frac{0.29}{\lambda_m} \text{ K} \) या, \( T = \frac{0.29 \times 10^{-2} \text{ m K}}{\lambda_m \text{ m}} = \frac{2.9 \times 10^{-3} \text{ m K}}{\lambda_m \text{ m}} \) यदि \( \lambda_m \) ऐंगस्ट्रॉम में हो तो \( T = \frac{0.29 \times 10^8}{\lambda_m (\text{Å})} \text{ K} \)
(a) \( \lambda_m = 10^{-12} \text{ m} = 10^{-2} \text{ Å} \) के लिए ( \( \gamma \)-किरणें) \( T = \frac{0.29 \times 10^8}{10^{-2}} \text{ K} = 2.9 \times 10^9 \text{ K} \)
(b) \( \lambda_m = 10^{-10} \text{ m} = 1 \text{ Å} \) के लिए (X-किरणें) \( T = \frac{0.29 \times 10^8}{1} \text{ K} = 2.9 \times 10^7 \text{ K} \)
(c) \( \lambda_m = 10^{-6} \text{ m} = 10^4 \text{ Å} \) के लिए (दृश्य प्रकाश) \( T = \frac{0.29 \times 10^8}{10^4} \text{ K} = 29 \times 10^2 \text{ K} = 2900 \text{ K} \)
(d) \( \lambda_m = 1 \text{ m} = 10^{10} \text{ Å} \) के लिए \( T = \frac{0.29 \times 10^8}{10^{10}} \text{ K} = 2.9 \times 10^{-3} \text{ K} \) आदि उक्त परिणाम स्पेक्ट्रम के विभिन्न तरंगदैर्ध्य परास प्राप्त करने हेतु आवश्यक परमताप प्रदर्शित करते हैं।
In simple words: Using Wien's displacement law (\( \lambda_m T = 0.29 \text{ cm K} \)), we can calculate the characteristic temperatures associated with different regions of the electromagnetic spectrum. These calculations show that very high temperatures are required to emit radiation in the gamma and X-ray regions, while relatively lower temperatures emit visible light, and extremely low temperatures emit radio waves, indicating the temperature of the source determines the peak wavelength of its emitted radiation.

🎯 Exam Tip: Wien's displacement law (\( \lambda_m T = \text{constant} \)) is crucial for understanding the relationship between the peak wavelength of emitted radiation and the temperature of the radiating body. Be careful with unit conversions (cm to m, Å to m) during calculations.

 

Question 14.विद्युतचुम्बकीय विकिरण से सम्बन्धित नीचे कुछ प्रसिद्ध अंक, भौतिकी में किसी अन्य प्रसंग में विद्युतचुम्बकीय दिए गए हैं। स्पेक्ट्रम के उस भाग का उल्लेख कीजिए जिससे इनमें से प्रत्येक सम्बन्धित है।
(a) 21 cm (अन्तरातारकीय आकाश में परमाण्वीय हाइड्रोजन द्वारा उत्सर्जित तरंगदैर्घ्य)
(b) 1057 MHz (लैंब-विचलन नाम से प्रसिद्ध, हाइड्रोजन में, पास जाने वाले दो समीपस्थ ऊर्जा स्तरों से उत्पन्न विकिरण की आवृत्ति)
(c) 2.7 K (सम्पूर्ण अन्तरिक्ष को भरने वाले समदैशिक विकिरण से सम्बन्धित ताप-ऐसा विचार जो विश्व में बड़े धमाके 'बिग बैंग के उद्भव का अवशेष माना जाता है ।)
(d) 5890 Å - 5896 Å (सोडियम की द्विक रेखाएँ)
(e) 14.4 keV [\(^{57}\)Fe नाभिक के एक विशिष्ट संक्रमण की ऊर्जा जो प्रसिद्ध उच्च विभेदन की स्पेक्ट्रमी विधि से सम्बन्धित है (मॉसबौर स्पेक्ट्रोस्कॉपी)]
Answer:हल-
(a) दी गई तरंगदैर्ध्य \( 10^2 \text{ m} \) क्रम की है, जो लघु रेडियो तरंग क्षेत्र में पड़ती है।
(b) यह आवृत्ति \( 10^9 \text{ Hz} \) की कोटि की है, जो लघु रेडियो तरंग क्षेत्र में पड़ती है।
(c) \( \lambda_m T = 0.29 \text{ cm K} \) से, \( T = 2.7 \text{ K} \) के लिए, \( \lambda_m = \frac{0.29 \text{ cm K}}{2.7 \text{ K}} = 0.09 \text{ cm} = 0.0009 \text{ m} \) यह तरंगदैर्ध्य माइक्रो तरंगों के क्षेत्र में पड़ती है।
(d) दी गई तरंगदैर्ध्य \( 10^{-6}\text{m} \) की कोटि की हैं जो दृश्य विकिरण क्षेत्र में पड़ती हैं।
(e) \( E = 14.4 \text{ keV} = 14.4 \times 10^3 \text{ eV} \) परन्तु \( E = \frac{hc}{\lambda e} \text{ eV} \)
\( \therefore \) संगत तरंगदैर्ध्य \( \lambda = \frac{hc}{eE} = \frac{6.62 \times 10^{-34} \times 3 \times 10^8}{1.6 \times 10^{-19} \times 14.4 \times 10^3} = 8.6 \times 10^{-11} \text{ m} \) \( \lambda \approx 10^{-10} \text{ m} = 1 \text{ Å} \) यह तरंगदैर्ध्य X-किरण क्षेत्र में पड़ती है।
In simple words: This question asks to classify various given physical phenomena or constants into their respective parts of the electromagnetic spectrum based on their wavelength or frequency. These include radio waves for astronomical hydrogen emissions and Lamb shift, microwaves for cosmic background radiation, visible light for sodium lines, and X-rays for specific nuclear transitions.

🎯 Exam Tip: Be familiar with the different regions of the electromagnetic spectrum (radio, microwave, infrared, visible, ultraviolet, X-ray, gamma) and their typical wavelength/frequency ranges. Knowing common examples and their applications or origins within each region is also beneficial.

परीक्षोपयोगी प्रश्नोत्तर

बहुविकल्पीय प्रश्न

Question 1. \(\frac { 1 }{ \sqrt { { \mu }_{ 0 }{ \varepsilon }_{ 0 } } }\) का मात्रक है-
(i) न्यूटन/कूलॉम
(ii) वेबर/मी²
(iii) फैरड
(iv) मीटर/सेकण्ड
Answer: (iv) मीटर/सेकण्ड
In simple words: यह व्यंजक निर्वात में प्रकाश की चाल को दर्शाता है, जिसका मात्रक मीटर प्रति सेकण्ड होता है।

🎯 Exam Tip: निर्वात में प्रकाश की चाल के सूत्र को पहचानना और उसका सही मात्रक बताना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. यदि \(\vec { E }\) तथा \(\vec { B }\) वैद्युत-चुम्बकीय तरंग के क्रमशः वैद्युत वेक्टर तथा चुम्बकीय वेक्टर हों तब वैद्युत-चुम्बकीय तरंग के संचरण की दिशा अनुदिश होती है-
(i) \(\vec { E }\)
(ii) \(\vec { B }\)
(iii) \(\vec { E } \cdot \vec { B }\)
(iv) \(\vec { E } \times \vec { B }\)
Answer: (iv) \(\vec { E } \times \vec { B }\)
In simple words: वैद्युत-चुम्बकीय तरंग के संचरण की दिशा हमेशा विद्युत क्षेत्र (\(\vec{E}\)) और चुंबकीय क्षेत्र (\(\vec{B}\)) के क्रॉस प्रोडक्ट (\(\vec{E} \times \vec{B}\)) की दिशा में होती है।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों में \(\vec{E}\), \(\vec{B}\) और तरंग संचरण की दिशा परस्पर लंबवत होती है। यह नियम याद रखना स्कोरिंग होता है।

 

Question 3. किसी वैद्युत चुम्बकीय तरंग के वैद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्र होते हैं-
(i) परस्पर लम्बवत् तथा समान कला में
(ii) परस्पर समान्तर तथा समान कला में
(iii) परस्पर लम्बवत् तथा विपरीत कला में
(iv) परस्पर समान्तर तथा विपरीत कला में
Answer: (i) परस्पर लम्बवत् तथा समान कला में
In simple words: एक वैद्युत-चुम्बकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र दोनों एक-दूसरे के लंबवत होते हैं और एक साथ (समान कला में) अधिकतम और न्यूनतम मान प्राप्त करते हैं।

🎯 Exam Tip: वैद्युत और चुम्बकीय क्षेत्रों की लंबवतता और समान कला में होना वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों की मौलिक विशेषता है। इसे स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 4. किसी विद्युत चुम्बकीय तरंग में वैद्युत क्षेत्र का आयाम 5 वोल्ट/मीटर है। चुम्बकीय क्षेत्र का आयाम है-
(i) 5 टेस्ला
(ii) 1.67 x 10-8 टेस्ला
(iii) 1.5 x 10-8 टेस्ला
(iv) 1.67 x 10-10 टेस्ला
Answer: (ii) 1.67 x 10-8 टेस्ला
In simple words: विद्युत क्षेत्र के आयाम और चुंबकीय क्षेत्र के आयाम के बीच का संबंध निर्वात में प्रकाश की चाल (\(c\)) द्वारा दिया जाता है: \(B_0 = E_0 / c\)। यहां \(E_0 = 5 \text{ V/m}\) और \(c = 3 \times 10^8 \text{ m/s}\), जिससे \(B_0 = 5 / (3 \times 10^8) \approx 1.67 \times 10^{-8} \text{ T}\) आता है।

🎯 Exam Tip: विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र के आयामों के बीच संबंध \((E_0 = cB_0)\) को याद रखना इस प्रकार के प्रश्नों के लिए आवश्यक है।

 

Question 5. वैद्युतशीलता (\({ \varepsilon }_{ 0 }\)) तथा चुम्बकशीलता (\({ \mu }_{ 0 }\)) के माध्यम में विद्युत चुम्बकीय तरंग का वेग होगा
(i) \(\sqrt{{\mu }_{0}{\varepsilon }_{0}}\)
(ii) \(\frac{1}{\sqrt{{\mu }_{0}{\varepsilon }_{0}}}\)
(iii) \(\sqrt{\frac{{\varepsilon }_{0}}{{\mu }_{0}}}\)
(iv) \(\sqrt{\frac{{\mu }_{0}}{{\varepsilon }_{0}}}\)
Answer: (ii) \(\frac{1}{\sqrt{{\mu }_{0}{\varepsilon }_{0}}}\)
In simple words: निर्वात में विद्युत चुम्बकीय तरंग का वेग, जिसे प्रकाश की चाल (\(c\)) भी कहते हैं, निर्वात की पारगम्यता (\(\mu_0\)) और परावैद्युतांक (\(\varepsilon_0\)) से संबंधित होता है।

🎯 Exam Tip: निर्वात में प्रकाश की चाल के सूत्र को याद रखना मूलभूत है, क्योंकि यह वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों का एक महत्वपूर्ण गुण है।

 

Question 6. निम्नलिखित में से कौन विद्युत चुम्बकीय तरंगें नहीं हैं?
(i) गामा किरणे
(ii) एक्स किरणें
(iii) अवरक्त किरणे
(iv) बीटा किरणे
Answer: (iv) बीटा किरणे
In simple words: बीटा किरणें उच्च ऊर्जा वाले इलेक्ट्रॉन या पॉज़िट्रॉन होते हैं, जो रेडियोधर्मी क्षय से उत्पन्न होते हैं, जबकि अन्य विकल्प वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम का हिस्सा हैं।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न घटकों (गामा, एक्स-रे, पराबैंगनी, दृश्य, अवरक्त, माइक्रोवेव, रेडियो तरंगें) को याद रखें और उन्हें अन्य प्रकार के विकिरणों (जैसे अल्फा, बीटा कण) से अलग पहचानें।

 

Question 7. निम्नलिखित में कौन-सा विद्युत-चुम्बकीय विकिरण है?
(i) a - किरणें
(ii) \(\beta\) - किरणे
(iii) X - किरणे
(iv) धनात्मक किरणे
Answer: (iii) X - किरणे
In simple words: X-किरणें ऊर्जा के फोटॉन से बनी होती हैं और वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम का एक हिस्सा हैं, जबकि अल्फा और बीटा किरणें आवेशित कणों के प्रवाह हैं।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय विकिरण और कण विकिरण के बीच के अंतर को समझना महत्वपूर्ण है। केवल X-किरणें ही वैद्युत-चुम्बकीय तरंगें हैं।

 

Question 8. सबसे अधिक आवृत्ति की तरंग है-
(i) पराबैंगनी तरंगें ।
(ii) गामा तरंगें
(iii) दृश्य प्रकाश तरंगें
(iv) रेडियो तरंगें
Answer: (ii) गामा तरंगें
In simple words: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में गामा तरंगों की आवृत्ति सबसे अधिक होती है, जिसका अर्थ है कि उनकी तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में तरंगों को आवृत्ति या तरंगदैर्ध्य के क्रम में व्यवस्थित करना सीखें; गामा किरणें उच्चतम आवृत्ति और सबसे कम तरंगदैर्ध्य पर होती हैं।

 

Question 9. X-किरणें, \(\gamma\) - किरणें तथा सूक्ष्म-तरंगों के निर्वात में चलने पर, उनकी-
(i) तरंगदैर्ध्य समान परन्तु चाल असमान होती है।
(ii) आवृत्ति समान परन्तु चाल असमान होती है।
(iii) चाल समान परन्तु तरंगदैर्ध्य असमान होती हैं।
(iv) चाल समान तथा आवृत्ति भी समान होती है।
Answer: (iii) चाल समान परन्तु तरंगदैर्ध्य असमान होती है।
In simple words: निर्वात में सभी वैद्युत-चुम्बकीय तरंगें (जैसे X-किरणें, गामा किरणें और माइक्रोवेव) प्रकाश की चाल से चलती हैं, लेकिन उनकी तरंगदैर्ध्य और आवृत्ति अलग-अलग होती हैं।

🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण अवधारणा है कि निर्वात में सभी वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों की चाल समान होती है, चाहे उनकी आवृत्ति या तरंगदैर्ध्य कुछ भी हो।

 

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

Question 1. विस्थापन धारा का सूत्र लिखिए।
Answer: विस्थापन धारा (\(i_d\)) का सूत्र है: \(i_d = \varepsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt}\), जहाँ \(\varepsilon_0\) निर्वात की वैद्युतशीलता है और \(\frac{d\Phi_E}{dt}\) विद्युत फ्लक्स के परिवर्तन की दर है।
In simple words: विस्थापन धारा वह धारा है जो समय के साथ बदलते विद्युत क्षेत्र के कारण उत्पन्न होती है, खासकर कैपेसिटर के अंदर।

🎯 Exam Tip: विस्थापन धारा का सूत्र और इसका महत्व (मैक्सवेल के समीकरणों में इसकी भूमिका) याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. निर्वात में वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों के वेग का व्यंजक लिखिए।
Answer: निर्वात में वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों का वेग (c) का व्यंजक है: \(c = \frac{1}{\sqrt{\mu_{0}\varepsilon_{0}}}\), जहाँ \(\mu_0\) निर्वात की चुम्बकशीलता है और \(\varepsilon_0\) निर्वात की वैद्युतशीलता है।
In simple words: यह सूत्र दर्शाता है कि प्रकाश की गति निर्वात के बुनियादी विद्युत और चुंबकीय गुणों से कैसे संबंधित है।

🎯 Exam Tip: निर्वात में प्रकाश की चाल का सूत्र \((c = \frac{1}{\sqrt{\mu_{0}\varepsilon_{0}}})\) वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों का एक मूलभूत समीकरण है जिसे हमेशा याद रखना चाहिए।

 

Question 3. 30, 000 Å तरंगदैर्ध्य की वैद्युत चुम्बकीय तरंग की आवृत्ति ज्ञात कीजिए। यह स्पेक्ट्रम के किस भाग को प्रदर्शित करती है?
Answer:
दिया है, तरंगदैर्ध्य \(\lambda\) = 30,000 Å = \(30000 \times 10^{-10}\) मी = \(3 \times 10^{-6}\) मी
प्रकाश की चाल \(c = 3 \times 10^8\) मी/से
आवृत्ति \(\nu = \frac{c}{\lambda} = \frac{3 \times 10^8}{3 \times 10^{-6}} = 10^{14}\) Hz
यह स्पेक्ट्रम के अवरक्त क्षेत्र को प्रदर्शित करती है।
In simple words: दिए गए तरंगदैर्ध्य का उपयोग करके प्रकाश की चाल के सूत्र से आवृत्ति की गणना की जाती है, और परिणामी आवृत्ति वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के अवरक्त भाग से मेल खाती है।

🎯 Exam Tip: तरंगदैर्ध्य और आवृत्ति के बीच संबंध (\(c = \nu\lambda\)) का उपयोग करके गणना करना और वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न भागों की तरंगदैर्ध्य/आवृत्ति सीमाओं को जानना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. एक समतल वैद्युत चुम्बकीय तरंग में वैद्युत क्षेत्र के दोलनों की आवृत्ति 2 x 1010 Hz तथा आयाम 30 वोल्ट-मीटर-1 है। तरंग में चुम्बकीय क्षेत्र का आयाम ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिया है, वैद्युत क्षेत्र का आयाम \(E_0\) = 30 वोल्ट-मीटर-1
प्रकाश की चाल \(c = 3 \times 10^8\) मी/से
चुम्बकीय क्षेत्र का आयाम \(B_0 = \frac{E_0}{c} = \frac{30}{3 \times 10^8}\)
\(B_0 = 1 \times 10^{-7}\) टेस्ला
In simple words: वैद्युत चुम्बकीय तरंग में विद्युत क्षेत्र का आयाम ज्ञात होने पर, चुंबकीय क्षेत्र का आयाम प्रकाश की चाल का उपयोग करके सीधे सूत्र से निकाला जा सकता है।

🎯 Exam Tip: \(E_0 = cB_0\) संबंध का उपयोग वैद्युत और चुम्बकीय क्षेत्रों के आयामों को बदलने के लिए किया जाता है, जो परीक्षाओं में एक सामान्य प्रश्न है।

 

Question 5. वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों के संचरण की तीन विधाएँ लिखिए।
Answer: वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों के संचरण की तीन विधाएँ निम्नलिखित हैं-
• भू-तरंगों द्वारा संचरण
• आकाश तरंगों द्वारा संचरण
• अन्तरिक्ष तरंगों द्वारा संचरण ।
In simple words: वैद्युत-चुम्बकीय तरंगें पृथ्वी पर, आयनमण्डल से परावर्तन द्वारा, या सीधे अंतरिक्ष के माध्यम से संचारित हो सकती हैं।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों के विभिन्न संचरण मोड्स (भू-तरंग, आकाश तरंग, अंतरिक्ष तरंग) और उनके उपयोग को समझना महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. निम्नलिखित में से कौन-सी वैद्युत-चुम्बकीय तरंगें नहीं हैं? कारण बताइए । गामा किरणें, X-किरणें, रेडियो तरंगें, ध्वनि तरंगें, अवरक्त, पराबैंगनी ।
Answer: ध्वनि तरंगें, क्योंकि इनके संचरण के लिए माध्यम आवश्यक है।
In simple words: ध्वनि तरंगें यांत्रिक तरंगें हैं जिन्हें संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है, जबकि अन्य सभी वैद्युत-चुम्बकीय तरंगें हैं जो निर्वात में भी संचरित हो सकती हैं।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों (जो निर्वात में यात्रा कर सकती हैं) और यांत्रिक तरंगों (जिन्हें माध्यम की आवश्यकता होती है) के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझें।

 

Question 7. दृश्य स्पेक्ट्रम की तरंगदैर्ध्य का परास लगभग कितना होता है?
Answer: 3900 Å से 7800 Å.
In simple words: दृश्य स्पेक्ट्रम वह प्रकाश होता है जिसे मानव आँखें देख सकती हैं, और यह तरंगदैर्ध्य की एक विशिष्ट सीमा के भीतर आता है।

🎯 Exam Tip: दृश्य प्रकाश की तरंगदैर्ध्य सीमा को याद रखना उपयोगी है, साथ ही स्पेक्ट्रम में इसके स्थान को भी।

 

Question 8. विद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम का कौन-सा भाग रडार संचालन में प्रयोग होता है? उनके तरंगदैर्ध्य की कोटि बताइए ।
Answer: सूक्ष्म तरंगें या लघु रेडियो तरंगें । तरंगदैर्घ्य परिसर 10-3 मीटर से 3 x 10-1 मीटर होता है।
In simple words: रडार सिस्टम माइक्रोवेव या शॉर्ट रेडियो तरंगों का उपयोग करते हैं, जिनकी तरंगदैर्ध्य मिलीमीटर से सेंटीमीटर रेंज में होती है, जिससे वे वस्तुओं का पता लगा सकते हैं।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न भागों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को जानना, जैसे रडार के लिए माइक्रोवेव, महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. निम्न में से किसकी तरंगदैर्ध्य सबसे कम और किसकी सबसे अधिक हैं?
या
वैद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में सबसे छोटी तरंगदैर्ध्य और सबसे बड़ी तरंगदैर्ध्य की तरंगों के नाम लिखिए।

(i) नीला प्रकाश
(ii) अवरक्त किरणें
(iii) गामा-किरणें
(iv) हरा प्रकाश
Answer: सबसे कम तरंगदैर्ध्य गामा-किरणों की तथा सबसे अधिक अवरक्त किरणों की।
In simple words: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में, गामा किरणें सबसे छोटी तरंगदैर्ध्य वाली होती हैं जबकि अवरक्त किरणें दृश्य प्रकाश से लंबी तरंगदैर्ध्य वाली होती हैं।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में तरंगदैर्ध्य और आवृत्ति के बढ़ते/घटते क्रम को समझना, और प्रत्येक भाग के उदाहरणों को जानना आवश्यक है।

 

Question 10. वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में सबसे बड़ी तथा सबसे छोटी तरंगदैर्ध्य की तरंगों के नाम बताइए।
Answer: रेडियो तरंगें, गामा किरणें ।
In simple words: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में, रेडियो तरंगों की तरंगदैर्ध्य सबसे लंबी होती है, जबकि गामा किरणों की तरंगदैर्ध्य सबसे छोटी होती है।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के चरम (सबसे लंबी और सबसे छोटी तरंगदैर्ध्य) को पहचानना एक सामान्य परीक्षा प्रश्न है।

 

Question 11. प्रकाश स्पेक्ट्रम के हरे, बैंगनी, लाल, पीले रंगों को आवृत्ति के बढ़ते क्रम में लिखिए ।
Answer: लाल \(\longrightarrow\) पीला \(\longrightarrow\) हरा \(\longrightarrow\) बैंगनी ।
In simple words: दृश्य प्रकाश में, लाल रंग की आवृत्ति सबसे कम होती है और बैंगनी रंग की आवृत्ति सबसे अधिक होती है, जो स्पेक्ट्रम में उनकी स्थिति के अनुसार बढ़ती जाती है।

🎯 Exam Tip: दृश्य प्रकाश के रंगों को आवृत्ति या तरंगदैर्ध्य के क्रम में व्यवस्थित करना (VIBGYOR का क्रम याद रखना) भौतिकी में एक बुनियादी कौशल है।

 

Question 12. वैद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न भागों को उनके तरंगदैर्ध्य के बढ़ते क्रम में लिखिए।
Answer: तरंगदैर्ध्य का बढ़ता क्रम इस प्रकार है- गामा किरणें, एक्स किरणें, पराबैंगनी किरणें, दृश्य विकिरण, अवरक्त किरणें, माइक्रो तरंगें, रेडियो तरंगें, दीर्घ तरंगें ।
In simple words: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में, गामा किरणें सबसे छोटी तरंगदैर्ध्य से शुरू होकर, एक्स-रे, पराबैंगनी, दृश्य, अवरक्त, माइक्रोवेव और फिर लंबी रेडियो तरंगों तक जाती हैं।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के सभी घटकों को तरंगदैर्ध्य (या आवृत्ति) के क्रम में याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 13. 10-2 मीटर तरंगदैर्ध्य वाली विद्युत चुम्बकीय तरंग का नाम लिखिए।
Answer: सूक्ष्म या माइक्रो तरंगें ।
In simple words: 10-2 मीटर (यानी 1 सेंटीमीटर) की तरंगदैर्ध्य माइक्रोवेव रेंज में आती है।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के प्रत्येक भाग के लिए अनुमानित तरंगदैर्ध्य सीमाओं को जानना महत्वपूर्ण है।

 

लघु उत्तरीय प्रश्न

Question 1. विस्थापन धारा क्या है? इसका सूत्र लिखिए। ऐम्पियर-मैक्सवेल परिपथीय नियम का सूत्र लिखिए।
Answer: विस्थापन धारा- किसी परिपथ में समय के साथ परिवर्ती वैद्युत क्षेत्र (अर्थात् वैद्युतीय विस्थापन) के कारण उत्पन्न धारा को विस्थापन धारा (displacement current) कहते हैं। इसे \(i_d\) से प्रदर्शित करते हैं।
\(i_d = \varepsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt} = \varepsilon_0 A \frac{dE}{dt}\)
ऐम्पियर-मैक्सवेल परिपथीय नियम
इसके अनुसार किसी बन्द परिपथ के चारों ओर चुम्बकीय क्षेत्र \(\vec{B}\) का रेखीय समाकलन उस परिपथ द्वारा परिबद्ध क्षेत्रफल से गुजरने वाली कुल धारा (चालन धारा + विस्थापन धारा) का \(\mu_0\) गुना होता है।
अर्थात् \(\oint \vec{B} \cdot d\vec{l} = \mu_0 (i_c + i_d)\)
जहाँ विस्थापन धारा \(i_d = \varepsilon_0 \left(\frac{d\Phi_E}{dt}\right)\) तथा \(i_c\) = चालन धारा।
इससे स्पष्ट है कि परिवर्ती वैद्युत क्षेत्र, चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है।
In simple words: विस्थापन धारा वह धारा है जो समय के साथ बदलते विद्युत फ्लक्स के कारण उत्पन्न होती है, और ऐम्पियर-मैक्सवेल नियम यह बताता है कि कुल चुंबकीय क्षेत्र चालन धारा और विस्थापन धारा दोनों से उत्पन्न होता है।

🎯 Exam Tip: विस्थापन धारा की परिभाषा, उसका सूत्र और ऐम्पियर-मैक्सवेल नियम का संशोधित रूप वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों की समझ के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं।

 

Question 2. एक समतल विद्युत-चुम्बकीय तरंग के विद्युत-क्षेत्र का आयाम \(E_0\) = 150 न्यूटन प्रति कूलॉम है तथा आवृत्ति \(v\) = 50 मेगा हर्ट्ज है। तरंग के दोलनी चुम्बकीय क्षेत्र का आयाम \(B_0\) तथा कोणीय आवृत्ति \(\omega\) का मान ज्ञात कीजिए।
Answer:
दिया है, \(E_0\) = 150 न्यूटन प्रति कूलॉम
प्रकाश की चाल \(c = 3 \times 10^8\) मी/से
आवृत्ति \(v = 50 \text{ MHz} = 50 \times 10^6 \text{ Hz}\)
सूत्र: \(B_0 = \frac{E_0}{c}\)
\(B_0 = \frac{150}{3 \times 10^8}\)
\(B_0 = 5 \times 10^{-7}\) टेस्ला
कोणीय आवृत्ति \(\omega = 2\pi\nu\)
\(\omega = 2 \times 3.14 \times 50 \times 10^6\)
\(\omega = 3.14 \times 10^8\) प्रति सेकण्ड
In simple words: विद्युत क्षेत्र का आयाम और प्रकाश की चाल का उपयोग करके चुंबकीय क्षेत्र का आयाम और आवृत्ति से कोणीय आवृत्ति की गणना सीधे सूत्रों से की जाती है।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों के लिए \(E_0 = cB_0\) और \(\omega = 2\pi\nu\) जैसे मूलभूत सूत्रों का सही उपयोग करना गणना-आधारित प्रश्नों में उच्च अंक प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 3. विद्युत-चुम्बकीय तरंगों के स्पेक्ट्रम को आवृत्ति के बढ़ते हुए क्रम में लिखिए। इस स्पेक्ट्रम के विभिन्न क्षेत्रों की उपयोगिता की अत्यन्त संक्षेप में विवेचना कीजिए।
Answer: गामा किरणों से रेडियो तरंगों तक सभी विद्युत-चुम्बकीय तरंगों के नाम तरंगदैर्ध्य के बढ़ते क्रम में लिखिए।

तरंगेंआवृत्तिउपयोग
रेडियो तरंगें(\(3 \times 10^9\) से
\(3 \times 10^4\) हर्ट्ज)
रेडियो तथा TV संचारण में।
माइक्रो तरंगें(\(3 \times 10^{11}\) से \(10^9\) हर्ट्ज)रेडार में व माइक्रोवेव अवन में।
अवरक्त विकिरण(\(4 \times 10^{14}\) से
\(6 \times 10^{10}\) हर्ट्ज)
पौधघरों में, पौधों को गर्म रखने में, युद्ध के समय, दिन में कोहरे व धुन्ध के पार देखने में।
दृश्य विकिरण(\(8 \times 10^{14}\) से
\(4 \times 10^{14}\) हर्ट्ज)
अणुओं की संरचना तथा परमाणु के बाह्य कोशों में इलेक्ट्रॉनिक विन्यास का पता लगाने में।
पराबैंगनी विकिरण(\(3 \times 10^{16}\) से \(8 \times 10^{14}\) हर्ट्ज)अदृश्य लिखायी, नकली दस्तावेजों तथा अँगुली के निशानों का पता लगाने, खाने की वस्तुओं के संरक्षण में।
एक्स किरणें(\(3 \times 10^{19}\) से \(10^{16}\) हर्ट्ज)चिकित्सा विज्ञान में, क्रिस्टलों की आन्तरिक संरचना ज्ञात करने में।
गामा किरणे(\(3 \times 10^{22}\) से
\(3 \times 10^{18}\) हर्ट्ज)
परमाणु के नाभिक की संरचना के सम्बन्ध में सूचना देने में।

In simple words: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम में तरंगें उनकी आवृत्ति के अनुसार व्यवस्थित होती हैं, और प्रत्येक प्रकार की तरंग (जैसे रेडियो, माइक्रोवेव, एक्स-रे, गामा किरणें) के विशिष्ट उपयोग होते हैं, जो उनके भौतिक गुणों पर निर्भर करते हैं।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के सभी घटकों को आवृत्ति के बढ़ते क्रम में याद रखें और प्रत्येक प्रकार की तरंग के कम से कम एक प्रमुख अनुप्रयोग को याद करें।

 

Question 4. विद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के अलग-अलग क्षेत्रों की किन्हीं चार प्रकार की तरंगों के नाम लिखिए। उनकी तरंगदैर्ध्य के औसत मान तथा कोई एक उपयोग लिखिए।
या
अवरक्त विकिरण तथा गामा किरणों के एक-एक उपयोग लिखिए।
या
विद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के मुख्य भागों को उनकी तरंगदैर्ध्य परास के साथ लिखिए।
या
निम्न वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों का एक-एक उपयोग लिखिए-
1. सूक्ष्म तरंगें,
2. अवरक्त तरंगें,
3. पराबैंगनी तरंगें,
4. X-किरणें

Answer:
1. गामा किरणें- (10-14 मीटर से 10-10 मीटर तक) नाभिक की संरचना के सम्बन्ध में सूचना देने में उपयोगी।
2. एक्स किरणें- (10-11 मीटर से 3 x 10-8 मीटर तक) चिकित्सा विभाग में सर्जरी में उपयोगी।
3. पराबैंगनी किरणें- (10-8 मीटर से 4 x 10-7 मीटर तक) खाने की वस्तुओं के संरक्षण में उपयोगी ।
4. अवरक्त किरणें- (8 x 10-7 मीटर से 5 x 10-3 मीटर तक) कोहरे व धुन्ध के पार देखने में उपयोगी।
In simple words: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के विभिन्न भाग, जैसे गामा किरणें, एक्स-रे, पराबैंगनी और अवरक्त, की अलग-अलग तरंगदैर्ध्य सीमाएँ होती हैं और उनका उपयोग उनके विशिष्ट गुणों के आधार पर होता है, जैसे गामा किरणों का नाभिकीय संरचना में और अवरक्त किरणों का रात में देखने में।

🎯 Exam Tip: वैद्युत-चुम्बकीय स्पेक्ट्रम के प्रत्येक प्रमुख घटक की तरंगदैर्ध्य रेंज और कम से कम एक प्रमुख अनुप्रयोग को याद करना अत्यधिक स्कोरिंग होता है।

 

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

Question 1. मैक्सवेल के विद्युत चुम्बकीय तरंग सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए।
या
विद्युत-चुम्बकीय तरंगें क्या हैं?
या
एक वैद्युत-चुम्बकीय तरंग किसी माध्यम में वेग \(\vec { \nu } =\vec { \nu } \hat { i }\) से चल रही है। एक चित्र द्वारा वैद्युत चुम्बकीय तरंग का संचरण वैद्युत व चुम्बकीय क्षेत्रों के कम्पनों की दिशाओं के साथ प्रदर्शित कीजिए। वैद्युत व चुम्बकीय क्षेत्रों के परिमाण, वैद्युत-चुम्बकीय तरंग के वेग से किस प्रकार सम्बन्धित हैं?
या
विद्युत-चुम्बकीय तरंगों की चार विशेषताओं (अभिलक्षण) का उल्लेख कीजिए।
या
विद्युत चुम्बकीय तरंगों के किन्हीं दो विशिष्ट गुणों को लिखिए।
या
मैक्सवेल का प्रकाश के सम्बन्ध में वैद्युत चुम्बकीय तरंग सिद्धान्त लिखिए।
या
पराबैंगनी तथा अवरक्त किरणों का क्या अर्थ है?

Answer:
मैक्सवेल का प्रकाश का विद्युत-चुम्बकीय तरंग सिद्धान्त (Maxwell's electromagnetic wave theory of light)- ब्रिटिश वैज्ञानिक मैक्सवेल ने सन् 1865 में केवल गणितीय सूत्रों के आधार पर यह प्रमाणित किया कि जब कभी किसी वैद्युत परिपथ में वैद्युत धारा बहुत उच्च आवृत्ति से बदलती है (अर्थात् परिपथ में उच्च आवृत्ति के वैद्युत दोलन होते हैं) तो उस परिपथ से ऊर्जा, तरंगों के रूप में चारों ओर को प्रसारित होने लगती है। इन तरंगों को 'विद्युत-चुम्बकीय तरंगें' कहते हैं। इन तरंगों में वैद्युत क्षेत्र \(\vec{E}\) तथा चुम्बकीय क्षेत्र \(\vec{B}\) परस्पर लम्बवत् तथा तरंग के संचरण की दिशा के भी लम्बवत् होते हैं। इन तरंगों के संचरण के लिए माध्यम का होना आवश्यक नहीं है; अर्थात् विद्युत-चुम्बकीय तरंगें निर्वात् में होकर चल सकती हैं। मैक्सवेल ने गणनाओं द्वारा यह स्थापित किया कि विद्युत चुम्बकीय तरंगों की चाल \(3.0 \times 10^8\) मीटर/सेकण्ड है जो कि निर्वात् में प्रकाश की चाल है। इस आधार पर मैक्सवेल ने अपना यह मत दिया कि प्रकाश विद्युत-चुम्बकीय तरंगों के रूप में संचरित होता है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र वैद्युत चुम्बकीय तरंगों के संचरण को दर्शाता है। इसमें विद्युत क्षेत्र (\(\vec{E}\)) और चुंबकीय क्षेत्र (\(\vec{B}\)) एक-दूसरे के लंबवत कंपन करते हुए दिखाए गए हैं, और तरंग संचरण की दिशा भी इन दोनों क्षेत्रों के लंबवत है। यह स्पष्ट करता है कि तरंग किस प्रकार माध्यम में आगे बढ़ती है।
विद्युत-चुम्बकीय तरंगों के अभिलक्षण निम्नलिखित हैं-
1. विद्युत-चुम्बकीय तरंगें त्वरित आवेश द्वारा उत्पन्न की जाती हैं।
2. इन तरंगों के संचरण के लिए किसी पदार्थक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती ।
3. ये तरंगें निर्वात् अथवा मुक्त स्थान में \(\nu =\frac { 1 }{ \sqrt { { \mu }_{ 0 }{ \epsilon }_{0 } } }\) वेग से चलती हैं जिसका मान प्रकाश की चाल के बराबर होता है।
4. वैद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्रों के परिवर्तनों की दिशाएँ परस्पर लम्बवत् होती हैं तथा संचरण की दिशा के भी लम्बवत् होती हैं। इस प्रकार, विद्युत-चुम्बकीय तरंगों की प्रकृति अनुप्रस्थ होती है।
5. वैद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्रों में परिवर्तन साथ-साथ होते हैं तथा क्षेत्रों के महत्तम मान \(E_0\) व \(B_0\) एक ही स्थान पर तथा एक ही समय होते हैं।
6. निर्वात् में विद्युत-चुम्बकीय तरंगों के वैद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्रों के परिमाणों का सम्बन्ध \(E/B = \nu = c\) होता है।
7. वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों में ऊर्जा, औसतन वैद्युत तथा चुम्बकीय क्षेत्रों में बराबर-बराबर बँटी होती है।
8. निर्वात् में, औसत वैद्युत ऊर्जा घनत्व \(\frac { 1 }{ 2 } { \varepsilon }_{ 0 }{ E }^{ 2 }\) तथा औसत चुम्बकीय ऊर्जा घनत्व \(\frac { { B }^{ 2 } }{ 2{ \mu }_{ 0 } }\) होता है।
9. विद्युत-चुम्बकीय तरंग में प्रकाशिक प्रभाव वैद्युत क्षेत्र वेक्टर के कारण होता है। पराबैंगनी किरणें- दृश्य विकिरण के बैंगनी रंग से कम तरंगदैर्ध्य की (10-8 मी से 4 x 10-7 मी तक) किरणें पराबैंगनी किरणें कहलाती हैं।
अवरक्त किरणें- दृश्य विकिरण के लाल रंग से अधिक तरंगदैर्ध्य (7.8 x 10-7 मी से 15 x 10-3 मी तक) की किरणें अवरक्त किरणें कहलाती हैं।
In simple words: मैक्सवेल का वैद्युत-चुम्बकीय तरंग सिद्धांत बताता है कि प्रकाश वैद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों की बनी तरंग है जो परस्पर लंबवत कंपन करते हुए और तरंग संचरण की दिशा के भी लंबवत होते हुए निर्वात में प्रकाश की चाल से संचरित होती हैं।

🎯 Exam Tip: मैक्सवेल के सिद्धांत की विस्तृत व्याख्या, वैद्युत-चुम्बकीय तरंगों के प्रमुख गुणधर्म और उनके अनुप्रयोगों को स्पष्ट रूप से समझाना इस दीर्घ उत्तरीय प्रश्न के लिए महत्वपूर्ण है।

UP Board Solutions Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 12 Physics textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 12 Physics chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 12 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Physics Class 12 Solved Papers

Using our Physics solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 12 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Physics are as per latest UP Board curriculum.

Are the Physics UP Board solutions for Class 12 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Physics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 12 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 12 Physics. You can access UP Board Solutions Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Physics UP Board solutions for Class 12 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 12 Physics Chapter 8 विद्युतचुंबकीय तरंगें in printable PDF format for offline study on any device.