UP Board Solutions Class 12 Home Science Chapter 13 बाल-विवाह : गुण व दोष

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Detailed Chapter 13 बाल-विवाह : गुण व दोष UP Board Solutions for Class 12 Home Science

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Class 12 Home Science Chapter 13 बाल-विवाह : गुण व दोष UP Board Solutions PDF

बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)

 

Question 1. बाल विवाह वर्जित है, क्योंकि (2005, 10)
(a) बालिका शारीरिक रूप से परिपक्व नहीं होती।
(b) ऐसा सरकारी नियम है।
(c) लड़का कोई रोजगार नहीं करता।
(d) उपरोक्त सभी।
Answer: (b) ऐसा सरकारी नियम है।
In simple words: Child marriage is legally banned because the government has made strict laws against marrying before the legal age limit.

🎯 Exam Tip: Clearly state the legal age of marriage in India (18 for girls, 21 for boys) to support your answer when discussing government rules.

 

Question 2. बाल-विवाह का दोष नहीं है (2018)
(a) जनसंख्या वृद्धि
(b) निर्बल सन्तान
(c) व्यक्तित्व विकास में बाधक
(d) वैवाहिक समायोजन में सहायक
Answer: (d) वैवाहिक समायोजन में सहायक।
In simple words: Child marriage does not help in marital adjustment; instead, it makes adjustment difficult because the partners are too young to understand responsibilities.

🎯 Exam Tip: Pay close attention to negative words like "नहीं है" (is not) in the question to avoid choosing a disadvantage by mistake.

 

Question 3. कम आयु में बालिका का विवाह कर देने पर (2018)
(a) बालिका के स्वास्थ्य को खतरा रहता है।
(b) माता-पिता का भार कम हो जाता है।
(c) कम दहेज देना पड़ता है।
(d) उसकी पढ़ाई पर खर्च नहीं करना पड़ता है।
Answer: (a) बालिका के स्वास्थ्य को खतरा रहता है।
In simple words: Marrying a girl at a very young age is dangerous for her health because her body is not yet fully developed for marriage and childbirth.

🎯 Exam Tip: Focus on the health aspect of the child as it is the most direct and critical biological consequence of early marriage.

 

Question 4. बाल-विवाह को समाप्त करने के क्या उपाय हैं? (2014)
(a) अधिक-से-अधिक शिक्षा का प्रसार
(b) कठोर कानून व्यवस्था
(c) बाल-विवाह विरोधी व्यापक प्रचार
(d) उपरोक्त सभी
Answer: (d) उपरोक्त सभी
In simple words: To stop child marriage, we need a mix of education, strict laws, and spreading awareness among people.

🎯 Exam Tip: When all options contribute positively to solving a social issue, "All of the options" (उपरोक्त सभी) is usually the correct choice.

 

Question 5. बाल-विवाह के उन्मूलन हेतु आवश्यक है। (2015)
(a) दहेज प्रथा का विरोध
(b) जन-जागरूकता
(c) शिक्षा का प्रसार
(d) ये सभी
Answer: (d) ये सभी
In simple words: Eradicating child marriage requires opposing the dowry system, raising public awareness, and spreading education.

🎯 Exam Tip: Read all options carefully before answering, as multiple social reforms are often needed together to end such practices.

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

 

Question 1. बालिका का विवाह कम-से-कम कितनी आयु में होना चाहिए? (2005)
Answer: बालिका का विवाह कम-से-कम 18 वर्ष की आयु में होना चाहिए। यह नियम बालिकाओं के शारीरिक और मानसिक विकास को सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
In simple words: A girl must be at least 18 years old to get married by law.

🎯 Exam Tip: Clearly state the legal age "18 years" (18 वर्ष) to secure full marks in this direct question.

 

Question 2. पुरुष को विवाह कब करना चाहिए? (2006)
Answer: पुरुष को उचित जीविकोपार्जन की योग्यता अर्जित करने पर 21 वर्ष की आयु के बाद विवाह करना चाहिए। इससे वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से संभालने में सक्षम हो जाता है।
In simple words: A man should marry after the age of 21, once he is capable of earning a living to support his family.

🎯 Exam Tip: Mention both the age limit of 21 years and the ability to earn a livelihood (जीविकोपार्जन) as key points.

 

Question 3. लड़कियाँ सरकार से अपनी सुरक्षा हेतु क्या अपेक्षा करती हैं? (2018)
Answer: लड़कियाँ सरकार से अपनी सुरक्षा हेतु लैंगिक भेदभाव, यौन शोषण, हिंसक घटनाओं आदि से सुरक्षा की अपेक्षा करती हैं। वे समाज में बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से जीने और आगे बढ़ने का अधिकार चाहती हैं।
In simple words: Girls expect the government to protect them from discrimination, abuse, and violence so they can live safely.

🎯 Exam Tip: Use key terms like gender discrimination (लैंगिक भेदभाव), sexual harassment (यौन शोषण), and violence (हिंसक घटनाओं) to get full marks.

लघु उत्तरीय प्रश्न (2 अंक)

 

Question 1. बाल-विवाह के तथाकथित लाभों का उल्लेख कीजिए। (2010, 12)
Answer: वर्तमान समय में बाल विवाह को मान्यता प्राप्त नहीं है, किन्तु जब यह प्रथा प्रचलित हुई थी, तब इसके तथाकथित स्वीकृत गुण या लाभ निम्नलिखित थे:
1. वैवाहिक सामंजस्य - बाल-विवाह से पति-पत्नी के स्वभाव में अच्छा वैवाहिक सामंजस्य हो जाता है, जिससे संघर्ष होने की सम्भावना अत्यन्त कम रहती है। प्राचीन काल में सामाजिक सुरक्षा और पारिवारिक एकता को बनाए रखने के लिए भी इसे कुछ समाजों में उपयोगी माना जाता था।
2. अनैतिकता तथा व्यभिचार से बचाव - बालक-बालिकाओं में किशोरावस्था में तीव्र कामवासना जाग्रत होती है। इस वासना की तृप्ति न होने के कारण समाज में व्यभिचार तथा अनैतिकता फैलती है। अतः इसे रोकने के लिए एकमात्र उपाय बाल विवाह माना जाता था।
3. उत्तरदायित्व समझना - लड़के-लड़कियों को उत्तरदायित्व समझाने एवं उन्हें बिगड़ने से बचाने के लिए उनका विवाह अल्पायु में ही कर दिया जाता था।
4. अनेक रोगों का निराकरण - बाल विवाह से अनेक व्याधियों के होने की आशंका कम रहती है। हैवलॉक एलिस के अनुसार, विलम्ब से विवाह होने पर कन्याओं को हिस्टीरिया, रज सम्बन्धी बहुत-सी व्याधियां, अजीर्ण, सिर घूमना, भाँति-भाँति के रोग, अत्यन्त दूषित रक्तहीनता तथा मृत पिण्ड की बीमारी हो जाती है। लड़कों में भी शारीरिक व मानसिक दोष उत्पन्न हो जाते हैं।
5. प्राकृतिक नियमों के अनुकूल - जिस प्रकार अन्य सभी प्राणियों में यौन इच्छा के जाग्रत होते ही यौन सम्बन्ध स्थापित किए जाते हैं, उसी प्रकार मनुष्यों में भी यौन शक्ति के प्रबल होते ही, यौन तृप्ति का अवसर दिया जाना चाहिए, इस दृष्टिकोण से बाल-विवाह को उचित ठहराने का प्रयास किया जाता है।
In simple words: In the past, some people believed child marriage was helpful because it allowed young couples to adjust to each other easily, prevented immoral behavior, taught responsibility early, and avoided health issues associated with late marriage.

🎯 Exam Tip: Present all five points clearly with their respective headings. Always clarify in your introduction that these views are outdated and not accepted in modern society.

 

Question 2. बाल-विवाह से होने वाली हानियों का उल्लेख कीजिए। (2012)
या
बाल-विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालिए! (2006, 07)
या
कम आयु में विवाह का बालिका पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है? (2009, 17)

Answer: बाल-विवाह या अल्पायु में होने वाले विवाह से निम्नलिखित हानियाँ या दुष्परिणाम/कुपरिणाम होते हैं:
1. व्यक्तित्व विकास में बाधा - कम आयु में विवाह के कारण बालक-बालिकाओं पर दायित्व का बोझ आ जाता है। इस कारण उनको अपने व्यक्तित्व का विकास करने का अवसर नहीं मिल पाता है। यह प्रथा बालकों के मौलिक अधिकारों का हनन करती है और उन्हें एक सामान्य बचपन जीने से वंचित करती है।
2. स्वास्थ्य पर अहितकर प्रभाव - अपरिपक्व अवस्था में बालक बालिका में यौन सम्बन्ध स्थापित होने से जल्द ही बालिका पर सन्तान के पालन-पोषण का भार आ जाता है। बहुत-सी स्त्रियाँ प्रसवकालीन पीड़ा सहन नहीं कर पाती हैं, उन्हें अनेक रोग हो जाते हैं, कभी-कभी तो मृत्यु तक भी हो जाती है तथा सन्तान भी अस्वस्थ होती हैं।
3. जनसंख्या में वृद्धि - बाल-विवाह के फलस्वरूप जनसंख्या वृद्धि दर तेज हो जाती है। बाल विवाह हो जाने से माता-पिता जल्दी जल्दी सन्तान उत्पन्न करने लगते हैं।
4. बेरोजगारी - भारत में बेरोजगारी की समस्या अधिक है। बेरोजगारी की यह समस्या जनसंख्या वृद्धि के कारण होती है। अतः अप्रत्यक्ष रूप में बाल-विवाह से बेरोजगारी को प्रोत्साहन मिलता है।
5. बाल-विधवाओं की समस्या - बाल-विवाह की प्रथा बाल-विधवा की समस्या को भी जन्म देती है। अनेक बीमारियों या फिर किसी दुर्घटना के द्वारा बालकों की मृत्यु हो जाती है। भारतीय समाज में विधवा विवाह को मान्यता नहीं थी। कम उम्र में विवाह होने के कारण बालिकाएँ पढ़ी-लिखी भी नहीं होती हैं।
6. अस्वस्थ सन्तानें - बाल विवाह के कारण सन्तान शीघ्र उत्पन्न होने में अपरिपक्व माता द्वारा शिशु को जन्म दिया जाता है, जिससे बच्चों का स्वास्थ्य सही नहीं रहता है, इससे बाल-मृत्यु को भी बढ़ावा मिलता है।
In simple words: Child marriage has many harmful effects, including stopping personal growth, causing severe health issues for young mothers and babies, increasing population growth, leading to unemployment, and creating the social issue of young widows.

🎯 Exam Tip: To score full marks, list at least 5 to 6 points with clear subheadings like 'व्यक्तित्व विकास में बाधा' and 'स्वास्थ्य पर प्रभाव'. Highlight how it negatively impacts a girl's education and health.

 

Question 3. बाल विवाह रोकने के क्या उपाय हैं? (2018)
या
बाल-विवाह को रोकने के वैधानिक उपाय लिखिए। (2013)

Answer: बाल-विवाह को रोकने के लिए सरकार द्वारा निम्नलिखित अधिनियम पारित किए गए हैं:

1. बाल-विवाह परिसीमन कानून या शारदा एक्ट, 1929: इस अधिनियम के प्रमुख अनुबन्ध निम्नलिखित हैं:
• विवाह के समय लड़के की आयु 18 वर्ष तथा लड़की की आयु 14 वर्ष होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से अधिक है और वह 14 वर्ष से कम आयु की लड़की के साथ विवाह करता है, तो ऐसे व्यक्ति को 15 दिन का कारावास या Rs. 100 जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
• निर्धारित आयु से कम आयु में विवाह करने पर माता-पिता या संरक्षक को 3 माह का कारावास तथा Rs. 300 का जुर्माना भुगतना पड़ेगा।

2. हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955: हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 ई. में पारित किया गया, जिसके अनुसार विवाह के समय लड़कों की आयु 18 वर्ष तथा लड़कियों की आयु 16 वर्ष निर्धारित की गई। 1976 में एक संशोधन अधिनियम के द्वारा लड़कियों की आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निश्चित की गई। वर्तमान में यही नियम लागू है।

3. बाल-विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006: यह अधिनियम 1 नवम्बर, 2007 से प्रभाव में आया, इसने शारदा अधिनियम को प्रतिस्थापित किया है। इस अधिनियम के प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं:
• विवाह के समय लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए।
• इस अधिनियम के अनुसार, बाल-विवाह के लिए बाध्य किए गए अवयस्क बालक, पूर्ण वयस्कता प्राप्त करने के बाद विवाह-विच्छेद कर सकते हैं।
• यदि 18 वर्ष से अधिक आयु का वयस्क व्यक्ति बाल विवाह करता है, तो ऐसे व्यक्ति को दो वर्ष तक का कठोर कारावास या Rs. 1,00,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
• इस अधिनियम में बाल-विवाह को सम्पन्न कराने वाले, संचालित करने वाले या बढ़ावा देने वाले लोगों के लिए भी कड़े दण्ड का प्रावधान है। इन कानूनों का मुख्य उद्देश्य समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को पूरी तरह से समाप्त करना है।
In simple words: To stop child marriage, the government made laws like the Sharda Act and the Prohibition of Child Marriage Act. These laws set the legal age for marriage (21 for boys, 18 for girls) and make marrying underage children a punishable crime with fines and jail time.

🎯 Exam Tip: Mention the specific years of the acts (like 1929, 1955, and 2006) and the legal marriage age limits clearly to score full marks.

 

Question 4. बाल-विवाह को रोकने के क्या उपाय हैं? (2005, 06)
Answer: बाल विवाह को रोकने के लिए निम्नलिखित सुझाव सहायक हो सकते हैं:

1. शिक्षा का प्रसार: बाल-विवाह जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन हेतु शिक्षा का अधिक-से-अधिक प्रसार किया जाना आवश्यक है। इससे लोगों में बाल-विवाह के दोषों के प्रति अधिकाधिक जागरूकता उत्पन्न होगी तथा वे इस कुप्रथा का डटकर विरोध करने में समर्थ होंगे। इसके अतिरिक्त बालिकाओं में शिक्षा के प्रसार से आत्मनिर्भरता उत्पन्न होगी तथा वे भी बाल-विवाह के विरुद्ध आवाज उठा सकेंगी। शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता अभियानों का आयोजन भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
In simple words: Spreading education is the best way to stop child marriage. When girls and families are educated, they become independent, understand the harms of early marriage, and can stand up against this bad practice.

🎯 Exam Tip: Explain how education empowers girls to become self-reliant and speak up against social evils to make your answer more impactful.

 

Question 5. आधुनिक समाज में बालिकाएँ सुरक्षित नहीं है क्यों? (2018)
Answer: समाज में प्राचीनकाल से ही बालिकाएँ सुरक्षित नहीं रही हैं, इसके निम्न कारण हैं:
• समाज में लड़के एवं लड़कियों में भेदभाव
• आपराधिक मानसिकता
• मनोवैज्ञानिक दबाव
• अशिक्षा

भेदभाव बालिकाओं की सुरक्षा में सबसे बड़ा बाधक है। आज भी छोटे कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक में यह विभेद चला आ रहा है। यह असुरक्षा उन्हें अपने ही घर से मिलती है। आज भी परिवारों में बालिकाओं को शिक्षा देने एवं उन्हें स्वावलम्बी बनाने के लिए समाज पूरी तरह तत्पर नहीं है। बढ़ते अपराधों में सबसे अधिक बालिकाओं को ही समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बलात्कार की घटनाएँ प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही हैं। यही नहीं यौन शोषण, घरेलू हिंसा, अपहरण एवं वेश्यावृत्ति की घटनाओं ने भी इन्हें समाज के प्रति भयभीत कर रखा है। आँकड़ों पर नजर डालें तो प्रति 5 में से 3 बालिकाएँ किसी न किसी प्रकार के यौन उत्पीड़न का शिकार हैं। सड़कों, बसों या स्कूलों में भी आए दिन ऐसी घटनाएँ सुनाई पड़ती हैं। इन बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों के कारण ही आज कोई भी लड़की स्वयं को सुरक्षित नहीं समझ सकती। इसके लिए समाज में जागरूकता और कड़े कानूनों की अत्यंत आवश्यकता है।
In simple words: Girls in modern society face safety issues due to discrimination, lack of education, and rising crimes like harassment and violence, making them feel unsafe even in public spaces.

🎯 Exam Tip: To score full marks, list the key reasons like discrimination and lack of education as bullet points before explaining them in detail.

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)

 

Question 1. बाल-विवाह से क्या तात्पर्य है? बाल-विवाह के प्रचलन के मुख्य कारणों का उल्लेख कीजिए। (2012)
Answer: बाल-विवाह का तात्पर्य कम आयु में होने वाले विवाह से है अर्थात् ऐसा विवाह, जिसमें वर एवं कन्या में से कोई एक या दोनों ही बाल्यावस्था में होते हैं। बाल्यावस्था, किशोरावस्था में पूर्व की अवस्था होती है, जिसमें बालक-बालिकाएँ पूर्णतः अबोध होते हैं। इस उम्र में न तो वे विवाह का अर्थ समझते हैं और न ही उनमें विवाह के उत्तरदायित्व निभाने की शारीरिक एवं मानसिक क्षमता होती है। इस प्रकार यह कहा जा सकता है कि पूर्ण यौवनावस्था प्राप्त करने से पूर्व किया गया विवाह 'बाल-विवाह' कहलाता है। वर्तमान भारतीय कानून में लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है। इस पारित आयु से कम आयु में विवाह करना अवैधानिक एवं दंडनीय अपराध माना गया है। बाल विवाह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को गंभीर रूप से बाधित करता है।

बाल-विवाह के प्रचलन के मुख्य कारण:
समाज में व्याप्त विवाह के प्रचलन के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. धार्मिक विश्वास: हमारे धर्म में कहा गया है कि कन्यादान का पुण्य सौ अश्वमेध यज्ञ कराने के बराबर है। माता-पिता दिनभर व्रत रखकर कन्यादान देते हैं एवं यह पुण्य लेते हैं, भारतीय धर्म में पत्नी को पतिव्रता बताया गया है। अतः कन्या की कम उम्र में शादी करना धार्मिक रूप से अत्यंत शुभ माना जाता था।
In simple words: Child marriage refers to marrying off children before they reach the legal age (18 for girls, 21 for boys). It is driven by traditional beliefs, such as considering early marriage as a religious duty.

🎯 Exam Tip: Clearly define the legal age of marriage for both boys and girls in India to secure maximum marks in this definition-based question.

Question 1. धार्मिक कारण किस प्रकार बाल-विवाह को प्रोत्साहित करते हैं?
Answer: प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शादी जितनी जल्दी कर दी जाएगी, पतिव्रत धर्म का पालन करने का उसे उतना ही अधिक अवसर प्राप्त होगा। स्मृतियों में बताया गया है कि कन्या के रजस्वला होने के बाद भी यदि पिता उसे घर में रखता है और उसका विवाह नहीं करता, तो वह पाप का भागी बनता है। इन सब धार्मिक कारणों से बाल-विवाह को अत्यधिक प्रोत्साहन मिला।
In simple words: पुरानी धार्मिक मान्यताओं में माना जाता था कि लड़की की शादी जल्दी करने से वह अधिक संस्कारी बनती है और माता-पिता को पुण्य मिलता है।

🎯 Exam Tip: धार्मिक ग्रंथों, स्मृतियों के संदर्भ और रजस्वला होने से पूर्व विवाह की प्राचीन धारणा का उल्लेख करें।

 

Question 2. बाल-विवाह के कारणों में कृषि व्यवसाय का क्या योगदान है?
Answer: भारत की लगभग 65-70% जनसंख्या ग्रामीण है, जिनका मुख्य व्यवसाय कृषि है। कृषि कार्य के लिए परिवार में अधिक सदस्यों का होना आवश्यक माना जाता है ताकि खेतों में काम करने के लिए अधिक हाथ मिल सकें। इसलिए परिवार में सदस्यों की संख्या बढ़ाने की दृष्टि से और शिक्षा के अभाव के कारण बाल-विवाह को प्रोत्साहन मिला।
In simple words: कृषि प्रधान क्षेत्रों में खेतों में काम करने के लिए अधिक लोगों की जरूरत होती है, इसलिए लोग जल्दी शादी करके परिवार बढ़ाना चाहते थे।

🎯 Exam Tip: कृषि और बाल-विवाह के संबंध को स्पष्ट करने के लिए श्रम की आवश्यकता और जनसंख्या के ग्रामीण स्वरूप का उल्लेख अवश्य करें।

 

Question 3. स्त्रियों की निम्न दशा किस प्रकार बाल-विवाह का कारण बनी?
Answer: संयुक्त परिवार के समय से ही स्त्रियों की दशा अत्यंत चिंतनीय हो गई। उन्हें अधिकारों से वंचित कर दिया गया और माता-पिता के घर तथा पति के घर में उन पर कई प्रतिबंध लगा दिए गए। वृद्धावस्था में पुत्री को बोझ समझा जाने लगा। कन्या को जल्दी-से-जल्दी ससुराल भेजकर माता-पिता अपना बोझ हल्का करना चाहते थे, इस कारण भी बाल-विवाह को प्रोत्साहन मिला है।
In simple words: पुराने समय में लड़कियों को परिवार पर बोझ माना जाता था, इसलिए माता-पिता उनकी जल्दी शादी करके अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते थे।

🎯 Exam Tip: स्त्रियों की सामाजिक स्थिति और उन्हें 'बोझ' समझने की मानसिकता को उत्तर में मुख्य बिंदु के रूप में लिखें।

 

Question 4. कौमार्य भंग का भय और विदेशी आक्रमण किस प्रकार बाल-विवाह के कारण बने?
Answer: पारंपरिक रूप से भारत में विवाह पूर्व यौन संबंधों को अत्यधिक बुरा माना जाता है। यदि कोई लड़की ऐसा करती है, तो उसका कौमार्य भंग माना जाता है और उससे कोई विवाह नहीं करता। कौमार्य भंग होने के भय से भारतीय माता-पिता लड़की का विवाह अल्पायु में ही कर देते हैं। इसके अतिरिक्त, भारतीय समाज में विदेशी आक्रमणों के कारण भी अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए बाल-विवाह को प्रोत्साहन प्राप्त हुआ।
In simple words: लड़कियों की सुरक्षा और समाज में बदनामी के डर से माता-पिता उनकी शादी बहुत कम उम्र में ही कर देते थे।

🎯 Exam Tip: इस उत्तर में सामाजिक प्रतिष्ठा, कौमार्य की रक्षा और ऐतिहासिक विदेशी आक्रमणों के प्रभाव को स्पष्ट रूप से रेखांकित करें।

 

Question 5. शिक्षा का अभाव बाल-विवाह को कैसे बढ़ावा देता है?
Answer: भारत की अधिकांश जनसंख्या स्तरीय शिक्षा से वंचित है। शिक्षा का प्रसार गाँवों एवं सुदूर क्षेत्रों तक सही तरीके से नहीं होने के कारण वहाँ अज्ञानता पाई जाती है। अज्ञानता के अंधकार में लोग एक-दूसरे के पीछे चलते रहते हैं और पुरानी कुप्रथाओं को अपनाते हैं। इस प्रकार अशिक्षित लोगों में बाल-विवाह का प्रचलन अधिक है।
In simple words: शिक्षा की कमी के कारण लोग पुरानी और गलत प्रथाओं को बिना सोचे-समझे मानते रहते हैं, जिससे बाल-विवाह जैसी कुप्रथाएं चलती रहती हैं।

🎯 Exam Tip: शिक्षा के अभाव और अज्ञानता के बीच के संबंध को समझाते हुए उत्तर लिखें ताकि पूरे अंक मिल सकें।

 

Question 6. रूढ़िवादिता किस प्रकार बाल-विवाह को जीवित रखती है?
Answer: रूढ़िवादिता और परंपरावादिता एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। रूढ़िवादी लोग वही करते हैं जो उनके पूर्वज करते आए हैं, अर्थात जो उनके परिवार में होता आया है वे उसी का अनुसरण करते हैं। वे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को अनदेखा करके केवल पुरानी परंपराओं एवं रीति-रिवाजों को देखते हैं और बाल-विवाह करा देते हैं।
In simple words: रूढ़िवादी लोग बिना सोचे-समझे पुरानी परंपराओं का पालन करते हैं, भले ही उससे बच्चों का नुकसान हो रहा हो।

🎯 Exam Tip: रूढ़िवादिता के अंतर्गत पूर्वजों की परंपराओं के अंधानुकरण का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 7. संयुक्त परिवार प्रणाली बाल-विवाह को किस प्रकार बढ़ावा देती है?
Answer: संयुक्त परिवार में एक मुखिया होता है, वही अपने पूरे परिवार का भार संभालता है। संयुक्त परिवार में बालकों का आत्मनिर्भर होना जरूरी नहीं होता है। माँ-बाप अपनी इच्छानुसार बच्चों का विवाह कर देते हैं और उनका आर्थिक भार भी स्वयं संभालते हैं। कन्या को पराया धन समझकर उसका विवाह जल्दी कर दिया जाता है।
In simple words: संयुक्त परिवार में बच्चों को खुद कमाने की जरूरत नहीं होती क्योंकि पूरा परिवार साथ रहता है, इसलिए माता-पिता उनकी जल्दी शादी कर देते हैं।

🎯 Exam Tip: संयुक्त परिवार में आर्थिक निर्भरता की कमी और मुखिया के निर्णय लेने के अधिकार को मुख्य बिंदु बनाएं।

 

Question 8. अनुलोम विवाह का प्रभाव बाल-विवाह पर किस प्रकार पड़ता है?
Answer: अनुलोम विवाह में प्रत्येक माता-पिता चाहते हैं कि उनकी कन्या का विवाह उच्च कुल में हो। अतः जैसे ही उच्च कुल का वर मिलता है, वे कन्या का विवाह तुरंत कर देते हैं। कई बार इस होड़ में 4-5 वर्ष की कन्याओं का विवाह भी कर दिया जाता था। इस प्रकार अनुलोम विवाह या कुलीन विवाह के कारण भी बाल-विवाह का प्रचलन हुआ।
In simple words: अच्छे और ऊंचे खानदान में लड़की की शादी करने की जल्दी में माता-पिता बचपन में ही उसका विवाह तय कर देते थे।

🎯 Exam Tip: अनुलोम विवाह (उच्च कुल में विवाह की चाह) को बाल-विवाह के एक ऐतिहासिक कारण के रूप में स्पष्ट करें।

 

Question 9. जाति नियम का पालन बाल-विवाह को कैसे प्रभावित करता है?
Answer: जाति नियम का पालन सामान्यतः परंपरागत समाज में अनिवार्य होता था, जहाँ अंतर्जातीय विवाह पर रोक लगाई जाती थी और केवल अपनी ही जाति में विवाह की अनुमति प्रदान की जाती थी। इस स्थिति में कन्या के माता-पिता को जैसे ही अपनी जाति में उपयुक्त वर मिलता था, चाहे वह अल्पायु ही क्यों न हो, वे उसका विवाह तुरंत कर देते थे।
In simple words: अपनी ही जाति में शादी करने की मजबूरी के कारण जैसे ही कोई ठीक लड़का मिलता था, माता-पिता उम्र देखे बिना शादी कर देते थे।

🎯 Exam Tip: जातिगत बंधनों और अंतर्जातीय विवाह के निषेध को इस उत्तर का मुख्य आधार बनाएं।

 

Question 10. दहेज प्रथा किस प्रकार बाल-विवाह का एक प्रमुख कारण है?
Answer: दहेज प्रथा भी बाल-विवाह का एक प्रमुख कारण है। लड़की की आयु अधिक होने पर उसके विवाह के लिए अधिक दहेज का प्रबंध करना पड़ता है। अतः अधिक दहेज देने से बचने के लिए भी माता-पिता कम उम्र में ही बाल-विवाह कर देते हैं।
In simple words: बड़ी उम्र की लड़कियों की शादी में ज्यादा दहेज देना पड़ता है, इसलिए लोग पैसे बचाने के लिए लड़कियों की शादी बचपन में ही कर देते हैं।

🎯 Exam Tip: दहेज की राशि और लड़की की उम्र के बीच के संबंध को स्पष्ट करते हुए उत्तर लिखें।

Chapter 13 बाल-विवाह: गुण व दोष

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