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UP Board Class 12 Geography Chapter 8 Text Book Questions
UP Board Class 12 Geography Chapter 8 पाठचपुस्तक से अभ्यास प्रश्न
Question 1. (i) कौन-सा औद्योगिक अवस्थापना का एक कारण नहीं है- (क) बाजार (ख) पूँजी (ग) जनसंख्या घनत्व (घ) ऊर्जा ।
Answer: (ग) जनसंख्या घनत्व
In simple words: औद्योगिक अवस्थापना के लिए बाजार, पूँजी और ऊर्जा जैसे कारक महत्वपूर्ण होते हैं, जबकि जनसंख्या घनत्व सीधे तौर पर स्थान के चुनाव का कारण नहीं होता है।
🎯 Exam Tip: औद्योगिक विकास के आधारभूत कारकों को पहचानना महत्वपूर्ण है, विशेष रूप से वे जो सीधे स्थान और परिचालन को प्रभावित करते हैं।
Question 1. (ii) भारत में सबसे पहले स्थापित की गई लौह-इस्पात कम्पनी निम्नलिखित में से कौन-सी है- (क) भारतीय लौह एवं इस्पात कम्पनी (आई०आई०एस०सी०ओ०) (ख) टाटा लौह एवं इस्पात कम्पनी (टी०आई०एस०सी०ओ०) (ग) विश्वेश्वरैया लौह तथा इस्पात कारखाना (घ) मैसूर लोहा तथा इस्पात कारखाना ।
Answer: (ख) टाटा लौह एवं इस्पात कम्पनी (टी०आई०एस०सी०ओ०)।
In simple words: भारत में टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO) जमशेदपुर में स्थापित होने वाली पहली प्रमुख लौह-इस्पात कंपनी थी, जिसने देश के औद्योगिक विकास में नींव का पत्थर रखा।
🎯 Exam Tip: भारत में प्रमुख उद्योगों की स्थापना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उनके संस्थापकों को याद रखना परीक्षा में सहायक होता है।
Question 1. (iii) मुम्बई में सबसे पहला सूती वस्त्र कारखाना स्थापित किया गया, क्योंकि- (क) मुम्बई एक पत्तन है (ख) यह कपास उत्पादक क्षेत्र के निकट स्थित है (ग) मुम्बई एक वित्तीय केन्द्र था (घ) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी ।
In simple words: मुंबई में सूती वस्त्र उद्योग की स्थापना कई अनुकूल कारकों के कारण हुई, जिनमें पत्तन की सुविधा, कपास उत्पादक क्षेत्रों से निकटता और वित्तीय केंद्र के रूप में इसकी स्थिति शामिल है।
🎯 Exam Tip: किसी भी उद्योग के स्थान के पीछे के बहु-कारकों को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये अक्सर एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
Question 1. (iv) हुगली औद्योगिक प्रदेश का केन्द्र है- (क) कोलकाता-हावड़ा (ख) कोलकाता-रिशरा (ग) कोलकाता-मेदनीपुर (घ) कोलकाता-कोन नगर ।
Answer: (क) कोलकाता-हावड़ा ।
In simple words: हुगली औद्योगिक प्रदेश का मुख्य केंद्र कोलकाता-हावड़ा है, जो इस क्षेत्र के औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों का ध्रुव है।
🎯 Exam Tip: औद्योगिक प्रदेशों के मुख्य केंद्रों और उनकी भौगोलिक स्थिति को याद रखें।
Question 1. (v) निम्नलिखित में से कौन-सा चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है- (क) महाराष्ट्र (ख) उत्तर प्रदेश (ग) पंजाब (घ) तमिलनाडु ।
Answer: (ख) उत्तर प्रदेश ।
In simple words: उत्तर प्रदेश भारत में चीनी का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है, जबकि महाराष्ट्र पहले स्थान पर है।
🎯 Exam Tip: प्रमुख कृषि आधारित उद्योगों के शीर्ष उत्पादक राज्यों को जानना आवश्यक है।
Question 2. (i) लोहा-इस्पात उद्योग किसी देश के औद्योगिक विकास का आधार है, ऐसा क्यों?
Answer: लोहा-इस्पात उद्योग के विकास ने भारत में औद्योगीकरण के द्वार खोल दिए हैं। लगभग सभी क्षेत्र लोहा-इस्पात उद्योग पर निर्भर करते हैं। लोहा-इस्पात उद्योग में अन्य उद्योगों के लिए मशीनीकरण उपकरण आदि तैयार होते हैं। इसके विभिन्न उत्पाद अन्य उद्योगों के लिए कच्चा माल हैं। जीवन का प्रत्येक क्षेत्र लोहे से प्रभावित है; इसलिए यह उद्योग किसी देश के औद्योगिक विकास का आधार है।
In simple words: लोहा-इस्पात उद्योग किसी भी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है क्योंकि यह अन्य सभी उद्योगों के लिए मशीनरी, उपकरण और बुनियादी ढाँचा प्रदान करता है।
🎯 Exam Tip: आधारभूत उद्योगों की भूमिका और महत्व को स्पष्ट रूप से समझाना महत्वपूर्ण है।
Question 2. (ii) सूती वस्त्र उद्योग के दो सेक्टरों के नाम बताइए । वे किस प्रकार भिन्न हैं?
Answer: भारतीय सूती वस्त्र उद्योग दो सेक्टरों में विभक्त है-
1. संगठित एवं
2. विकेन्द्रित सेक्टर।
संगठित सेक्टर में मिल उद्योग शामिल किए जाते हैं, जबकि विकेन्द्रित सेक्टर में हथकरघों (खादी सहित) तथा विद्युत करघों में उत्पादित कपड़ा आता है।
In simple words: सूती वस्त्र उद्योग में दो मुख्य सेक्टर हैं - संगठित, जिसमें बड़े मिल होते हैं, और विकेन्द्रीकृत, जिसमें हथकरघा और विद्युत करघे जैसे छोटे पैमाने के उत्पादन शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न औद्योगिक सेक्टरों की विशेषताओं और उनके बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें।
Question 2. (iii) चीनी उद्योग एक मौसमी उद्योग क्यों है?
Answer: चीनी उद्योग मूलतः गन्ने पर आधारित है और गन्ना एक मौसमी फसल है, अत: भारत में चीनी उद्योग एक मौसमी उद्योग है।
In simple words: चीनी उद्योग को मौसमी कहा जाता है क्योंकि यह मुख्य रूप से गन्ने की उपलब्धता पर निर्भर करता है, जो स्वयं एक मौसमी फसल है।
🎯 Exam Tip: कृषि-आधारित उद्योगों की मौसमी प्रकृति को उनके कच्चे माल की उपलब्धता से जोड़कर समझाना चाहिए।
Question 2. (iv) पेट्रो-रासायनिक उद्योग के लिए कच्चा माल क्या है? इस उद्योग के लिए कुछ उत्पादों के नाम बताइए।
Answer: पेट्रो-रासायनिक उद्योग के लिए कच्चा माल खनिज तेल तथा प्राकृतिक गैस है। इस उद्योग के प्रमुख उत्पाद हैं
1. बहुलक,
2. कृत्रिम रेशे,
3. प्रत्यास्थापक एवं
4. पृष्ठ सक्रियक मध्यवर्ती ।
In simple words: पेट्रो-रासायनिक उद्योग का कच्चा माल खनिज तेल और प्राकृतिक गैस है, जिससे बहुलक, कृत्रिम रेशे और अन्य रासायनिक उत्पाद बनाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: उद्योगों के लिए कच्चे माल के स्रोतों और उनके प्रमुख उत्पादों को जानना महत्वपूर्ण है।
Question 2. (v) भारत में सूचना प्रौद्योगिकी क्रान्ति के प्रमुख प्रभाव क्या हैं?
Answer: सूचना प्रौद्योगिकी का भारत की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है। सूचना प्रौद्योगिकी ने देश में आर्थिक और सामाजिक विकास की नई सम्भावनाएँ खोल दी हैं। इसने व्यापार प्रक्रिया को बाह्य स्रोत सम्बन्धी बना दिया है। भारतीय सॉफ्टवेयर उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से उभरकर आया है जिसके द्वारा व्यापार तथा अन्य क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है।
In simple words: सूचना प्रौद्योगिकी क्रांति ने भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है, नए आर्थिक-सामाजिक अवसर पैदा किए हैं, व्यापार प्रक्रियाओं को आउटसोर्स करने में मदद की है और सॉफ्टवेयर उद्योग को तेजी से विकसित किया है।
🎯 Exam Tip: किसी भी क्षेत्र में क्रांति के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें।
Question 3. (i) 'स्वदेशी' आन्दोलन ने सूती वस्त्र उद्योग को किस प्रकार विशेष प्रोत्साहन दिया?
Answer: 'स्वदेशी' आन्दोलन ने भारतीय सूती वस्त्र उद्योग को बहुत प्रोत्साहित किया। इस आन्दोलन में ब्रिटेन में बने वस्त्रों का बहिष्कार किया गया और भारतीय सामानों को उपयोग में लाने का आह्वान किया गया। ब्रिटेन में निर्मित वस्त्रों को आम जनता के सामने जलाया गया ताकि लोग ब्रिटिश वस्त्रों को त्यागकर भारतीय वस्त्रों को अपनाएँ।
In simple words: स्वदेशी आंदोलन ने ब्रिटिश उत्पादों का बहिष्कार करके और स्थानीय रूप से बने सूती वस्त्रों के उपयोग को बढ़ावा देकर भारतीय सूती वस्त्र उद्योग को बहुत समर्थन दिया, जिससे इसकी मांग और उत्पादन में वृद्धि हुई।
🎯 Exam Tip: किसी आंदोलन के आर्थिक और औद्योगिक प्रभावों का विश्लेषण करते समय, उसके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष परिणामों का उल्लेख करें।
Question 3. (ii) आप उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण से क्या समझते हैं? इन्होंने भारत के औद्योगिक विकास में किस प्रकार से सहायता की है?
Answer: उदारीकरण-उदारीकरण आर्थिक विकास की एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के स्थान पर निजी क्षेत्र में उद्योगों को चलाने पर बल दिया जाता है तथा उन सब नियमों और प्रतिबन्धों में छूट दी जाती है जिससे पहले निजी क्षेत्र के विकास में रुकावट आती है।
निजीकरण-निजीकरण से अभिप्राय है कि सरकार द्वारा लगाए गए उद्योगों को निजी क्षेत्र में स्थापित किया जाए। इससे सार्वजनिक क्षेत्र का महत्त्व कम होगा।
वैश्वीकरण-वैश्वीकरण से अभिप्राय है-देश की अर्थव्यवस्था को संसार की अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत करने की प्रक्रिया। इसके अधीन आयात पर प्रतिबन्ध तथा आयात शुल्क में कमी की गई। इस प्रक्रिया में एक देश के पूँजी संसाधनों के साथ-साथ वस्तुएँ और सेवाएँ, श्रमिक तथा अन्य संसाधन एक-दूसरे में स्वतन्त्रतापूर्वक आ-जा सकते हैं।
उदारीकरण, निजीकरण व वैश्वीकरण का भारत के औद्योगिक विकास पर प्रभाव-
1. विदेशी पूँजी का सीधा निवेश किया जा सकता है।
2. व्यापारिक प्रतिबन्ध समाप्त हो जाते हैं, जिससे देश में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के आने में सुविधा होती है।
3. भारतीय कम्पनियों को विदेशी कम्पनियों के साथ प्रवेश करने का अवसर मिलता है।
4. उदारीकरण कार्य से आयात किया जा सकता है, आदि ।
In simple words: उदारीकरण सरकारी नियंत्रण कम करके निजी क्षेत्र को बढ़ावा देता है, निजीकरण सरकारी उद्योगों को निजी हाथों में सौंपता है, और वैश्वीकरण वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को जोड़ता है। इन नीतियों ने भारत में विदेशी निवेश, व्यापारिक प्रतिबंधों में कमी और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाकर औद्योगिक विकास में मदद की।
🎯 Exam Tip: उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG) नीतियों को अलग-अलग परिभाषित करें और फिर उनके संयुक्त प्रभावों को स्पष्ट करें।
UP Board Class 12 Geography Chapter 8 Other Important Questions
UP Board Class 12 Geography Chapter 8 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
Question 1. स्वामित्व के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण कीजिए।
Answer: स्वामित्व के आधार पर उद्योगों के प्रमुख प्रकार (वर्गीकरण) निम्नलिखित हैं-
1. सार्वजनिक सेक्टर उद्योग-सार्वजनिक सेक्टर उद्योग सरकार द्वारा नियन्त्रित कम्पनियाँ या निगम होते हैं, जिन्हें सरकार फण्ड प्रदान करती है। इस सेक्टर में सामान्यतः सामरिक और राष्ट्रीय महत्त्व के उद्योग-धन्धे आते हैं। भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला व विशाखापट्टनम में स्थित लौह-इस्पात संयन्त्र सार्वजनिक सेक्टर के उद्योगों के उदाहरण हैं।
2. व्यक्तिगत या निजी सेक्टर उद्योग-जिन उद्योगों का स्वामित्व एक व्यक्ति या कुछ व्यक्तियों या किसी परिवार के पास होता है वे 'व्यक्तिगत सेक्टर के उद्योग' कहलाते हैं। सोनीपत की एटलास साईकिल, फरीदाबाद की बाटा शू कम्पनी तथा धारूहेड़ा (गुरुग्राम) की हीरो कम्पनी व्यक्तिगत सेक्टर के उद्योगों के उदाहरण हैं।
3. सहकारी सेक्टर के उद्योग-जब कुछ लोग एक सहकारी समिति बनाकर किसी उद्योग को चलाते हैं तो उसे 'सहकारी उद्योग' कहते हैं। ये लोग ही मुख्यतः उस उद्योग के कच्चे माल के उत्पादक होते हैं। सहकारी चीनी मिलें और सहकारी डेयरी उद्योग, दुग्ध उद्योग, हैण्डलूम इकाइयाँ इसके उदाहरण हैं।
4. मिश्रित सेक्टर के उद्योग-ये वे उद्योग हैं जिन्हें सरकार व निजी व्यक्ति सामूहिक रूप से चलाते हैं।
In simple words: उद्योगों को स्वामित्व के आधार पर चार मुख्य प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है: सार्वजनिक (सरकार द्वारा), निजी (व्यक्तियों द्वारा), सहकारी (समूहों द्वारा), और मिश्रित (सरकार और निजी भागीदारी)।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के उद्योग का स्वामित्व पैटर्न, वित्तपोषण और संचालन मॉडल स्पष्ट रूप से बताएं और प्रासंगिक उदाहरण दें।
Question 2. TISCO को प्राप्त भौगोलिक सुविधाओं का वर्णन कीजिए।
Answer: TISCO को प्राप्त भौगोलिक सुविधाएँ निम्नलिखित हैं-
1. इस कारखाने के लिए उच्चकोटि का लौह-अयस्क गुरुमहिषानी पहाड़ियों एवं झारखण्ड के सिंहभूम जिले की नोआमंडी खानों से प्राप्त होता है।
2. कोयला रानीगंज तथा झरिया की खानों से प्राप्त होता है।
3. मैंगनीज नोआमंडी से प्राप्त होता है।
4. चूना पत्थर तथा डोलोमाइट बीरमित्रपुर, हाथी बाड़ी, बिसरा, बड़ाद्वार, कटनी और पनपोश की खानों से प्राप्त होते हैं।
5. भट्टियों के अन्दर लिपाई के लिए क्वार्टजाइट बालू कालीमाटी नामक नदी से व टंगस्टन मिदिनापुर से प्राप्त होती है।
6. सुबर्णरेखा नदी की बालू (रेत) लोहा ढालने के लिए उपयुक्त है।
7. यह कारखाना सुबर्णरेखा और खारकोई नदियों के संगम पर बना हुआ है, अतः शीतल जल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
8. श्रमिक गंगा नदी के सघन जनसंख्या वाले क्षेत्रों और छोटा नागपुर पठार क्षेत्र से उपलब्ध हो जाते हैं।
9. यह कारखाना रेलमार्ग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा कोलकाता, मुम्बई और चेन्नई से जुड़ा है, अतः कच्चा माल प्राप्त करने व निर्मित माल भेजने की बहुत सुविधा है।
In simple words: TISCO को लौह-अयस्क, कोयला, मैंगनीज और चूना पत्थर जैसे कच्चे माल की निकटता, सुबर्णरेखा और खारकोई नदियों से जल की उपलब्धता, सस्ते श्रमिकों की आपूर्ति, और कोलकाता, मुंबई व चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों से उत्कृष्ट परिवहन संपर्क जैसी महत्वपूर्ण भौगोलिक सुविधाएँ प्राप्त हैं।
🎯 Exam Tip: किसी भी औद्योगिक इकाई के स्थान के लिए कच्चे माल, ऊर्जा, जल, श्रम और परिवहन जैसे कारकों की भूमिका को विस्तृत रूप से समझाएं।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र टाटा लौह और इस्पात (TISCO) संयंत्र की भौगोलिक स्थिति को दर्शाता है। इसमें जमशेदपुर के आसपास कच्चे माल जैसे लौह-अयस्क, कोयला, चूना पत्थर और मैंगनीज के स्रोत, तथा सुबर्णरेखा, दामोदर, और खारकोई जैसी नदियों को दर्शाया गया है जो जल आपूर्ति के स्रोत हैं। चित्र में प्रमुख रेलवे लाइनों और मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों से कनेक्टिविटी भी दिखाई गई है, जो परिवहन सुविधाओं को इंगित करती है।
Question 3. मुम्बई में सूती वस्त्र उद्योग की उल्लेखनीय उन्नति के कारणों को समझाइए।
Answer: मुम्बई में सूती वस्त्र उद्योग की उल्लेखनीय उन्नति के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-
1. मुम्बई के पृष्ठप्रदेश में काली मिट्टी का उपजाऊ क्षेत्र है जहाँ कपास पर्याप्त मात्रा में उगाई जाती है।
2. समुद्र-तट पर स्थित होने के कारण मुम्बई की जलवायु आर्द्र है। आर्द्र जलवायु में सूत का धागा पतला और लम्बा आता है और बार-बार टूटता नहीं है।
3. मुम्बई एक प्रमुख बन्दरगाह है, अतः उत्कृष्ट मशीनों, तकनीक और लम्बी रेशे वाली कपास के आयात में सुविधा रहती है। मुम्बई व काण्डला बन्दरगाहों से इन वस्त्रों का निर्यात भी भारी मात्रा में होता है।
4. पश्चिमी घाट पर टाटा जलविद्युत परियोजना से सस्ती विद्युत-शक्ति प्राप्त हो जाती है, जबकि पहले यह उद्योग पश्चिम बंगाल की कोयला खानों पर निर्भर था।
5. मुम्बई में पायी जाने वाली परिवहन सुविधा कच्चे माल व श्रमिकों को लाने और निर्मित माल दूर-दूर तक भेजने में बहुत सहायक है।
6. मुम्बई में पूँजीपतियों व देशी-विदेशी बैंकों का जमाव है, अतः यहाँ पूँजी का अभाव नहीं है।
7. मुम्बई के निकटवर्ती राज्यों में सस्ते व कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।
8. यहाँ कपड़े की धुलाई व रँगाई की सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
In simple words: मुंबई में सूती वस्त्र उद्योग की उन्नति के मुख्य कारण थे- कपास की स्थानीय उपलब्धता, आर्द्र जलवायु, बंदरगाह के माध्यम से आयात-निर्यात की सुविधा, सस्ती जलविद्युत ऊर्जा, कुशल परिवहन, पर्याप्त पूंजी और सस्ते व कुशल श्रमिकों की उपलब्धता, साथ ही धुलाई और रंगाई जैसी सहायक सुविधाओं का होना।
🎯 Exam Tip: किसी विशेष उद्योग के स्थानीयकरण और विकास में योगदान करने वाले विभिन्न भौगोलिक, आर्थिक और ढाँचागत कारकों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।
Question 4. मुम्बई-पुणे औद्योगिक प्रदेश के विकसित होने के कारणों को समझाइए ।
Answer: मुम्बई-पुणे औद्योगिक प्रदेश के विकसित होने के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं-
1. इस प्रदेश का प्रमुख उद्योग सूती वस्त्र उद्योग है। इसका मुख्य कारण महाराष्ट्र में काली मिट्टी के प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में कपास का उगना है।
2. कोयला क्षेत्रों से दूर होने के कारण यहाँ के अधिकांश उद्योग खनिज तेल अथवा विद्युत पर आधारित हैं।
3. मुम्बई हाई एवं बसीन में खनिज तेल एवं प्राकृतिक गैस के मिलने से यहाँ के औद्योगीकरण को विशेष प्रोत्साहन मिला हुआ है। नाभिकीय ऊर्जा संयन्त्र की स्थापना ने भी इस प्रदेश को अतिरिक्त बल दिया।
4. मुम्बई देश के सभी भागों से रेल, सड़क एवं वायु मार्गों से जुड़ा हुआ है। इससे कच्चा माल एवं निर्मित माल के परिवहन की सुविधा है।
5. मुम्बई समुद्री मार्गों के द्वारा सम्पूर्ण विश्व से जुड़ा हुआ है। स्वेज नहर के बन जाने से मिस्र और यूरोपीय देशों के औद्योगिक प्रदेश मुम्बई से जुड़ गए। इससे आयात-निर्यात की सुविधा में वृद्धि हुई ।
6. मुम्बई देश का सबसे बड़ा महानगर है जहाँ अनेक देशी-विदेशी बैंक, बीमा कम्पनियाँ, विदेशी व्यापार की सुविधाएँ एवं पूँजी की पर्याप्त उपलब्धता है। इनसे औद्योगिक विकास तेज होता है।
7. भारत का यह भाग सघन जनसंख्या से वासित क्षेत्र है जहाँ से न केवल सस्ते श्रमिक उपलब्ध होते हैं बल्कि निर्मित माल की मांग भी उत्पन्न होती है।
In simple words: मुंबई-पुणे औद्योगिक प्रदेश का विकास सूती वस्त्र उद्योग के लिए कपास की उपलब्धता, खनिज तेल और प्राकृतिक गैस के स्रोत, नाभिकीय ऊर्जा, उत्कृष्ट परिवहन नेटवर्क, समुद्री मार्गों से वैश्विक संपर्क, वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता और घनी आबादी वाले क्षेत्र से सस्ते श्रम और उच्च मांग के कारण हुआ है।
🎯 Exam Tip: किसी औद्योगिक प्रदेश के विकास के लिए विभिन्न प्रकार के कारकों (भौगोलिक, आर्थिक, ढाँचागत) के संयोजन को स्पष्ट रूप से समझाएं।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को दर्शाता है। इसमें गुड़गांव-दिल्ली-मेरठ क्षेत्र, गुजरात क्षेत्र, छोटा नागपुर क्षेत्र, हुगली क्षेत्र, मुंबई-पुणे क्षेत्र, बेंगलुरु-तमिलनाडु क्षेत्र और कोल्लम-तिरुवनंतपुरम क्षेत्र जैसे मुख्य औद्योगिक संकेंद्रण दिखाए गए हैं। यह चित्र भारत के विभिन्न हिस्सों में उद्योगों के फैलाव और उनके भौगोलिक वितरण को समझने में मदद करता है।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
Question 1. स्वतन्त्र उद्योग से क्या आशय है?
Answer: स्वतन्त्र उद्योग-स्वतन्त्र उद्योग वे उद्योग होते हैं जो किसी स्थान विशिष्ट से बँधे नहीं होते । वे थोड़े से लाभों को ध्यान में रखकर किसी भी स्थान पर स्थापित हो जाते हैं, अतः उनके उत्पाद की लागत में थोड़ा-सा फर्क पड़ते ही वे अपना स्थान बदल लेते हैं। स्वतन्त्र उद्योग उन निष्कर्षण उद्योगों से भिन्न होते हैं जो किसी एक कारक अर्थात् कच्चे माल के स्रोत से बँधे होते हैं या उन सेवाओं से जिनका बाजार के समीप होना आवश्यक है अथवा ऐसे उद्योगों से जिनमें भारी पूँजी लगी हुई है और वे अब कभी स्थानान्तरित नहीं किए जा सकते।
In simple words: स्वतंत्र उद्योग वे होते हैं जो किसी विशिष्ट स्थान से बंधे नहीं होते, बल्कि उत्पादन लागत में मामूली बदलाव होने पर भी वे अपना स्थान बदल सकते हैं।
🎯 Exam Tip: स्वतंत्र उद्योगों की विशेषताओं को स्पष्ट करें, खासकर उनकी लचीली स्थान-आधारित प्रकृति को उजागर करें।
Question 2. विनिर्माण उद्योग के सिद्धान्त को समझाइए ।
Answer: विनिर्माण उद्योग का सिद्धान्त-विनिर्माण उद्योग का एक सिद्धान्त यह है कि स्वरूप बदलने पर यदि वस्तु की क्षमता और उपयोगिता बढ़ती है तो उसका मूल्य भी बढ़ता है। उदाहरणतः कपास की तुलना में सूत का मूल्य अधिक होता है, परन्तु जब सूत से कपड़ा बनाया जाता है तो परिणामस्वरूप उसकी उपयोगिता और मूल्य दोनों बढ़ जाते हैं।
In simple words: विनिर्माण उद्योग का सिद्धांत यह है कि कच्चे माल के स्वरूप को बदलकर उसे अधिक उपयोगी और मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित किया जाता है, जैसे कपास से सूत और फिर कपड़े बनाना।
🎯 Exam Tip: विनिर्माण के मूल सिद्धांत को उदाहरण के साथ समझाएं, विशेष रूप से मूल्य संवर्धन की अवधारणा पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 3. लौह-इस्पात उद्योग को आधारभूत उद्योग क्यों माना जाता है?
Answer: लौह-इस्पात उद्योग एक आधारभूत उद्योग-लौह-इस्पात उद्योग आधुनिक औद्योगिक एवं आर्थिक विकास की धुरी बन गया है। इसे आधारभूत उद्योग माना जाता है, क्योंकि यह देश के औद्योगिक विकास की बुनियाद की रचना करता है। इसके उत्पाद (स्टील) से ही अन्य उद्योगों की मशीनों व अवसंरचना का निर्माण होता है इसलिए इसे अन्य उद्योगों की जननी भी कहा जाता है।
In simple words: लौह-इस्पात उद्योग को आधारभूत उद्योग कहा जाता है क्योंकि यह सभी अन्य उद्योगों के लिए मशीनरी, उपकरण और बुनियादी ढांचे का निर्माण करके औद्योगिक विकास की नींव रखता है।
🎯 Exam Tip: आधारभूत उद्योग की परिभाषा और उसके महत्व को उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
Question 4. भारत में सूती वस्त्र उद्योग के विकास के कारणों को समझाइए ।
Answer: भारत में सूती वस्त्र उद्योग के विकास के निम्नलिखित कारण हैं-
1. भारत एक उष्ण कटिबन्धीय देश है। सूती वस्त्र पहनना गर्म और आर्द्र जलवायु में आरामदायक रहता है।
2. भारत में कपास बड़ी मात्रा में पैदा होता है।
3. देश में इस उद्योग के लिए आवश्यक कुशल श्रमिक बड़ी मात्रा में उपलब्ध हैं।
In simple words: भारत में सूती वस्त्र उद्योग का विकास उष्णकटिबंधीय जलवायु, कपास की प्रचुर उपलब्धता और सस्ते कुशल श्रमिकों की आसानी के कारण हुआ है।
🎯 Exam Tip: किसी भी उद्योग के विकास में योगदान करने वाले भौगोलिक, जनसांख्यिकीय और आर्थिक कारकों को सूचीबद्ध करें।
Question 5. चीनी उद्योग की उन्नति के लिए सुझाव दीजिए ।
Answer: चीनी उद्योग को उन्नत बनाने के सुझाव निम्नलिखित हैं-
1. चीनी उत्पादन का ढंग आधुनिक करना होगा।
2. नई मिलें लगाने के साथ-साथ पुरानी व रुग्ण मिलों को भी ठीक करना होगा ताकि संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जा सके ।
3. प्रयास यह हो कि नई चीनी मिलें केवल गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में ही स्थापित हों ताकि गन्ने का परिवहन कम हो सके ।
4. चीनी उत्पादन पर सरकारी नियन्त्रण का होना आवश्यक है।
In simple words: चीनी उद्योग को आधुनिक तकनीकों को अपनाकर, पुरानी मिलों का नवीनीकरण करके, गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में नई मिलें स्थापित करके, और सरकारी नियंत्रण के माध्यम से उन्नत किया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: किसी उद्योग के विकास के लिए सुधारों या उपायों का सुझाव देते समय, तकनीकी, ढाँचागत और नीतिगत पहलुओं को शामिल करें।
Question 6. बड़े पैमाने के उद्योग को समझाइए।
Answer: बड़े पैमाने के उद्योग-इन उद्योगों की एक इकाई में बहुत बड़ी संख्या में श्रमिक कार्य करते हैं। इस प्रकार के उद्योग बहुत बड़ी मात्रा में विविध प्रकार का कच्चा माल, पूँजी, शक्ति एवं कुशल श्रम का प्रयोग करते हैं। इन उद्योगों की अन्य विशेषताएँ उच्च गुणवत्ता वाली अत्यधिक मात्रा का उत्पादन और जटिल प्रबन्ध व्यवस्था है। पटसन, सूती कपड़ा, चीनी, मशीनी औजार से सम्बन्धित उद्योग 'बड़े पैमाने के उद्योग' कहलाते हैं।
In simple words: बड़े पैमाने के उद्योग वे होते हैं जो बड़ी संख्या में श्रमिकों, भारी पूंजी, शक्ति और कच्चे माल का उपयोग करके उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन करते हैं, जैसे जूट, सूती वस्त्र, चीनी और मशीनरी उद्योग।
🎯 Exam Tip: बड़े पैमाने के उद्योगों की प्रमुख विशेषताओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें, जिसमें श्रम, पूंजी, उत्पादन और प्रबंधन शामिल हैं।
Question 7. कच्चे माल के आधार पर उद्योगों को वर्गीकृत कीजिए।
Answer: कच्चे माल के आधार पर उद्योगों को चार प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है-
1. कृषि आधारित उद्योग; जैसे-सूती वस्त्र उद्योग ।
2. खनिज आधारित उद्योग; जैसे-लोहा एवं इस्पात उद्योग।
3. वन आधारित उद्योग; जैसे-कागज उद्योग ।
4. उद्योगों के कच्चे माल पर आधारित उद्योग; जैसे- पेट्रो-रसायन उद्योग।
In simple words: कच्चे माल के आधार पर उद्योगों को कृषि आधारित (सूती वस्त्र), खनिज आधारित (लौह-इस्पात), वन आधारित (कागज) और पेट्रो-रसायन आधारित उद्योगों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: उद्योगों के वर्गीकरण को उनके कच्चे माल के स्रोत से जोड़ें और प्रत्येक श्रेणी के लिए उपयुक्त उदाहरण दें।
Question 8. कृषि आधारित उद्योग किसे कहते हैं? कृषि पर आधारित उद्योगों के दो उदाहरण उनके . कच्चे माल के नामों के साथ दीजिए।
Answer: कृषि आधारित उद्योग-ऐसे उद्योग जिनके उत्पाद के लिए कच्चा माल कृषि से प्राप्त किया जाता है, "कृषि आधारित उद्योग' कहलाते हैं। उदाहरण
1. चीनी उद्योग-कच्चा माल गन्ना ।
2. सूती वस्त्र उद्योग-कच्चा माल कपास।
In simple words: कृषि आधारित उद्योग वे होते हैं जो अपने उत्पादों के लिए कच्चे माल के रूप में कृषि उत्पादों का उपयोग करते हैं, जैसे चीनी उद्योग में गन्ना और सूती वस्त्र उद्योग में कपास।
🎯 Exam Tip: कृषि आधारित उद्योगों की परिभाषा के साथ-साथ उनके कच्चे माल और उदाहरणों का उल्लेख करना आवश्यक है।
Question 9. नई औद्योगिक नीति के उद्देश्य क्या थे?
Answer: नई औद्योगिक नीति के उद्देश्य निम्नलिखित थे-
1. उद्योगों से मिलने वाले लाभों की निरन्तरता को बनाए रखना।
2. उद्योगों की कमियों को दूर करना।
3. उत्पादन वृद्धि की निरन्तरता को बनाए रखना।
4. रोजगार के नवीन अवसरों का विकास करना।
5. औद्योगिक उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ाकर अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल करने के योग्य बनाना।
In simple words: नई औद्योगिक नीति का उद्देश्य औद्योगिक लाभ की निरंतरता, कमियों को दूर करना, उत्पादन बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना था।
🎯 Exam Tip: किसी नीति के उद्देश्यों को स्पष्ट और संक्षेप में बताएं, जिससे उसके मुख्य लक्ष्यों की पहचान हो सके।
Question 10. औद्योगिक समूहन की पहचान के लिए उपयोग में लाए गए सूचकों के नाम लिखिए।
Answer: स्थानीकरण के अनुकूल कारकों के प्रभाव से उद्योगों के समूहन की पहचान के लिए अनेक मापदण्डों का उपयोग किया जाता है। ये मापदण्ड (सूचक) हैं-
1. औद्योगिक इकाइयों की संख्या,
2. औद्योगिक कामगारों की संख्या,
3. औद्योगिक उद्देश्यों के लिए उपयोग में लायी गई ऊर्जा की मात्रा,
4. कुल औद्योगिक उत्पादन,
5. विनिर्माण द्वारा वस्तुओं के मूल्य में परिवर्तन अर्थात् वस्तु की उपयोगिता बढ़ाकर उसे मूल्यवान बनाना।
In simple words: औद्योगिक समूहन की पहचान विभिन्न सूचकों जैसे औद्योगिक इकाइयों की संख्या, श्रमिकों की संख्या, ऊर्जा उपयोग, कुल उत्पादन और मूल्य संवर्धन के माध्यम से की जाती है।
🎯 Exam Tip: औद्योगिक समूहन के मापकों को उनके संख्यात्मक और गुणात्मक पहलुओं के साथ प्रस्तुत करें।
अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
Question 1. विनिर्माण उद्योग से क्या आशय है?
Answer: कच्चे और अर्द्ध-निर्मित माल को मशीनों की सहायता से उपयोगी निर्मित माल में बदलने वाले उद्योग 'विनिर्माण उद्योग' कहलाते हैं।
In simple words: विनिर्माण उद्योग वे उद्योग हैं जहाँ कच्चे या आंशिक रूप से तैयार माल को मशीनों का उपयोग करके उपयोगी तैयार उत्पादों में बदला जाता है।
🎯 Exam Tip: विनिर्माण उद्योग की परिभाषा को उसके प्राथमिक कार्य, यानी कच्चे माल से तैयार उत्पाद बनाने पर केंद्रित करें।
Question 2. बड़े पैमाने के उद्योग से क्या आशय है?
Answer: ऐसे उद्योग जिनमें श्रमिकों की संख्या अधिक होती है, बड़े पैमाने के उद्योग कहलाते हैं; जैसे-लोहा-इस्पात उद्योग तथा सूती वस्त्र उद्योग।
In simple words: बड़े पैमाने के उद्योग वे हैं जिनमें अधिक संख्या में श्रमिक काम करते हैं और बड़े पैमाने पर उत्पादन करते हैं, जैसे लौह-इस्पात और सूती वस्त्र उद्योग।
🎯 Exam Tip: बड़े पैमाने के उद्योगों की पहचान के लिए मुख्य मानदंड, जैसे श्रमिकों की संख्या और उत्पादन क्षमता, को उजागर करें।
Question 3. मध्यम पैमाने के उद्योग से क्या आशय है?
Answer: वे उद्योग जिनमें बड़े उद्योगों की अपेक्षा थोड़े श्रमिकों की सहायता से उत्पादन कार्य किया जाता है वे मध्यम पैमाने के उद्योग कहलाते हैं। रेडियो, टी०वी० आदि मध्यम पैमाने के उद्योग माने जाते हैं।
In simple words: मध्यम पैमाने के उद्योग वे होते हैं जिनमें बड़े उद्योगों की तुलना में कम श्रमिक होते हैं और उत्पादन भी मध्यम स्तर पर होता है, जैसे रेडियो और टेलीविजन निर्माण।
🎯 Exam Tip: मध्यम पैमाने के उद्योगों को उनके श्रमबल और उत्पादन स्तर के आधार पर परिभाषित करें, उदाहरणों के साथ।
Question 4. छोटे पैमाने के उद्योग से क्या आशय है?
Answer: ऐसे उद्योग जो स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं, जिनमें काम करने वाले श्रमिकों की संख्या कम होती है तथा जिन्हें प्रारम्भ करने के लिए थोड़ी पूँजी की आवश्यकता होती है, वे छोटे पैमाने के उद्योग कहलाते हैं; जैसे-साबुन बनाना, बीड़ी बनाना आदि ।
In simple words: छोटे पैमाने के उद्योग वे हैं जो स्थानीय जरूरतों को पूरा करते हैं, कम श्रमिकों और कम पूंजी के साथ शुरू किए जा सकते हैं, जैसे साबुन और बीड़ी बनाना।
🎯 Exam Tip: छोटे पैमाने के उद्योगों की मुख्य विशेषताओं, जैसे स्थानीय फोकस, श्रमबल और पूंजी की आवश्यकताओं पर जोर दें।
Question 5. उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले चार कारकों के नाम लिखिए।
Answer: उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक-
1. कच्चे माल की उपलब्धता,
2. शक्ति के साधन,
3. बाजार एवं
4. पूँजी ।
In simple words: उद्योगों की स्थिति को प्रभावित करने वाले चार मुख्य कारक कच्चे माल की उपलब्धता, शक्ति के साधन (ऊर्जा), बाजार तक पहुंच और पर्याप्त पूंजी हैं।
🎯 Exam Tip: उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों को संक्षेप में सूचीबद्ध करें।
Question 6. भारत के लोहे और इस्पात के कोई चार कारखानों के नाम लिखिए।
Answer: लोहे और इस्पात के कारखानों के नाम निम्नलिखित हैं-
1. टाटा लोहा और इस्पात कम्पनी (TISCO), जमशेदपुर;
2. भारतीय लोहा और इस्पात कम्पनी (IISCO), बर्नपुर;
3. विश्वेश्वरैया आयरन एण्ड स्टील कम्पनी, भद्रावती एवं
4. राउरकेला इस्पात कारखाना, भिलाई ।
In simple words: भारत में प्रमुख लौह-इस्पात कारखाने जमशेदपुर (TISCO), बर्नपुर (IISCO), भद्रावती (विश्वेश्वरैया) और भिलाई (राउरकेला) में स्थित हैं।
🎯 Exam Tip: भारत के प्रमुख लौह-इस्पात संयंत्रों के नाम और उनके स्थानों को याद रखें।
Question 7. ज्ञान आधारित उद्योग किसे कहते हैं?
Answer: ऐसे उद्योग जिन्हें उत्पादन के लिए विशिष्ट नए ज्ञान, उच्च प्रौद्योगिकी और निरन्तर शोध और अनुसन्धान की आवश्यकता रहती है, 'ज्ञान आधारित उद्योग' कहलाते हैं।
In simple words: ज्ञान आधारित उद्योग वे होते हैं जो उत्पादन के लिए विशेष ज्ञान, उच्च प्रौद्योगिकी, और निरंतर अनुसंधान एवं विकास पर निर्भर करते हैं।
🎯 Exam Tip: ज्ञान आधारित उद्योगों को उनकी प्रौद्योगिकी-केंद्रित और अनुसंधान-उन्मुख प्रकृति के आधार पर परिभाषित करें।
Question 8. निजीकरण का क्या अर्थ है?
Answer: निजीकरण का अर्थ है-देश के अधिकतर उद्योगों के स्वामित्व, नियन्त्रण तथा प्रबन्ध का निजी क्षेत्र में किया जाना।
In simple words: निजीकरण का अर्थ है देश के अधिकांश उद्योगों के स्वामित्व, नियंत्रण और प्रबंधन को निजी क्षेत्र में स्थानांतरित करना।
🎯 Exam Tip: निजीकरण की परिभाषा को उसके मुख्य पहलुओं - स्वामित्व, नियंत्रण और प्रबंधन के स्थानांतरण पर केंद्रित करें।
Question 9. वैश्वीकरण क्या है?
Answer: मुक्त व्यापार तथा पूँजी और श्रम की मुक्त गतिशीलता द्वारा देश की अर्थव्यवस्था को अन्य देशों की अर्थव्यवस्था से जोड़ना 'वैश्वीकरण' है।
In simple words: वैश्वीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें एक देश की अर्थव्यवस्था को मुक्त व्यापार, पूंजी और श्रम के स्वतंत्र प्रवाह के माध्यम से विश्व की अन्य अर्थव्यवस्थाओं से जोड़ा जाता है।
🎯 Exam Tip: वैश्वीकरण को मुक्त व्यापार, पूंजी और श्रम की गतिशीलता के संदर्भ में परिभाषित करें।
Question 10. निजी उद्योग से क्या आशय है?
Answer: निजी उद्योग में उद्योग का स्वामित्व किसी एक व्यक्ति, कुछ व्यक्तियों के समूह अथवा कम्पनी के पास होता है। उदाहरण-टाटा आयरन एण्ड स्टील कम्पनी ।
In simple words: निजी उद्योग वह होता है जिसका स्वामित्व किसी व्यक्ति, व्यक्तियों के समूह या कंपनी के पास होता है, जैसे टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी।
🎯 Exam Tip: निजी उद्योग की परिभाषा को उसके स्वामित्व पैटर्न के आधार पर स्पष्ट करें और एक उदाहरण दें।
Question 11. सहकारी उद्योग से क्या आशय है?
Answer: जब कुछ लोग एक सहकारी समिति बनाकर किसी उद्योग को चलाते हैं तो उसे 'सहकारी उद्योग' कहते हैं।
In simple words: सहकारी उद्योग वह होता है जिसे कुछ लोग मिलकर एक सहकारी समिति के माध्यम से चलाते हैं।
🎯 Exam Tip: सहकारी उद्योग की परिभाषा में 'सहकारी समिति' और 'सामूहिक संचालन' के महत्व पर जोर दें।
Question 12. उपभोक्ता पदार्थ उद्योग से क्या आशय है?
Answer: ये वे उद्योग हैं जिनके उत्पाद का प्रयोग प्रायः दैनिक जीवन में अधिकतर लोग करते हैं। कागज, पैन, घड़ियाँ, वस्त्र, खाद्य पदार्थ इत्यादि के उद्योग उपभोक्ता उद्योग के उदाहरण हैं।
In simple words: उपभोक्ता पदार्थ उद्योग वे होते हैं जो सीधे उपभोक्ताओं द्वारा दैनिक उपयोग के लिए उत्पाद बनाते हैं, जैसे कागज, पेन, कपड़े और खाद्य पदार्थ।
🎯 Exam Tip: उपभोक्ता उद्योगों की परिभाषा को उनके उत्पादों के प्रत्यक्ष उपयोग और दैनिक जीवन में उनके महत्व के संदर्भ में समझाएं।
बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तर
Question 1. लोहा तथा इस्पात कारखाना सर्वप्रथम कहाँ लगाया गया- (a) पश्चिम बंगाल में (b) उत्तर प्रदेश में (c) गुजरात में (d) ओडिशा में ।
Answer: (a) पश्चिम बंगाल में।
In simple words: भारत में पहला लौह-इस्पात कारखाना पश्चिम बंगाल में स्थापित किया गया था।
🎯 Exam Tip: भारत में प्रमुख उद्योगों के पहले स्थापना स्थलों को याद रखें।
Question 2. टाटा आयरन एण्ड स्टील कम्पनी कहाँ पर स्थित है- (a) हजारीबाग (b) भिलाई (c) जमशेदपुर (d) कोलकाता।
Answer: (c) जमशेदपुर ।
In simple words: टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी (TISCO) जमशेदपुर, झारखंड में स्थित है।
🎯 Exam Tip: प्रमुख औद्योगिक कंपनियों और उनके स्थान को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. भारत में सर्वप्रथम सूती वस्त्र उद्योग कहाँ शुरू हुआ- (a) कोलकाता (b) मुम्बई (c) अहमदाबाद (d) कानपुर ।
Answer: (b) मुम्बई ।
In simple words: भारत में पहला सूती वस्त्र उद्योग मुंबई में शुरू हुआ था।
🎯 Exam Tip: औद्योगिक विकास के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थापना स्थलों को याद रखें।
Question 4. भारत में सर्वप्रथम सूती वस्त्र मिल कब लगाई गई- (a) सन् 1954 में (b) सन् 1854 में (c) सन् 1942 में (d) सन् 1926 में।
Answer: (b) सन् 1854 में।
In simple words: भारत में पहली सूती वस्त्र मिल 1854 में स्थापित की गई थी।
🎯 Exam Tip: प्रमुख ऐतिहासिक औद्योगिक घटनाओं की तिथियों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 5. भारत की इलेक्ट्रॉनिक राजधानी किसे कहा जाता है- (a) बंगलुरु (b) मुम्बई (c) कोलकाता (d) चेन्नई।
Answer: (a) बंगलुरु ।
In simple words: बेंगलुरु को भारत की इलेक्ट्रॉनिक राजधानी कहा जाता है क्योंकि यह आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का एक प्रमुख केंद्र है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न शहरों को दिए गए उपनामों और उनके औद्योगिक महत्व को जानें।
Question 6. चीनी उत्पादन में प्रथम स्थान पर है- (a) उत्तर प्रदेश (b) महाराष्ट्र (c) तमिलनाडु (d) कर्नाटक ।
Answer: (b) महाराष्ट्र ।
In simple words: महाराष्ट्र भारत में चीनी उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।
🎯 Exam Tip: कृषि-आधारित उत्पादों के प्रमुख उत्पादक राज्यों की रैंकिंग याद रखें।
Question 7. ज्ञान आधारित उद्योग का उदाहरण है- (a) सॉफ्टवेयर (b) चिकित्सा उपकरण (c) कम्प्यूटर हार्डवेयर (d) उपर्युक्त सभी ।
Answer: (d) उपर्युक्त सभी ।
In simple words: सॉफ्टवेयर, चिकित्सा उपकरण और कंप्यूटर हार्डवेयर सभी ज्ञान आधारित उद्योगों के उदाहरण हैं, क्योंकि इनमें विशिष्ट ज्ञान और प्रौद्योगिकी की आवश्यकता होती है।
🎯 Exam Tip: ज्ञान आधारित उद्योगों की श्रेणी में आने वाले विभिन्न क्षेत्रों को पहचानें।
Question 8. नई औद्योगिक नीति की घोषणा कब की गई- (a) सन् 1991 में (b) सन् 1994 में (c) सन् 2001 में (d) सन् 2011 में ।
Answer: (a) सन् 1991 में ।
In simple words: भारत में नई औद्योगिक नीति की घोषणा 1991 में की गई थी, जिसने आर्थिक सुधारों की शुरुआत की।
🎯 Exam Tip: भारत में महत्वपूर्ण आर्थिक नीतियों की घोषणा की तिथियों को याद रखें।
Question 9. नई औद्योगिक नीति, 1991 का लक्ष्य है- (a) उदारीकरण (b) निजीकरण (c) वैश्वीकरण (d) ये सभी ।
Answer: (d) ये सभी ।
In simple words: 1991 की नई औद्योगिक नीति का लक्ष्य उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण के माध्यम से भारतीय अर्थव्यवस्था को खोलना और सुधारना था।
🎯 Exam Tip: 1991 की आर्थिक नीतियों के प्रमुख स्तंभों (उदारीकरण, निजीकरण, वैश्वीकरण) को समझें।
Question 10. भिलाई इस्पात संयन्त्र किस राज्य में है (a) छत्तीसगढ़ (b) मध्य प्रदेश (c) उत्तर प्रदेश (d) कर्नाटक ।
Answer: (a) छत्तीसगढ़ ।
In simple words: भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित है, जो भारत के प्रमुख इस्पात उत्पादक संयंत्रों में से एक है।
🎯 Exam Tip: भारत के महत्वपूर्ण इस्पात संयंत्रों के स्थान और संबंधित राज्यों को याद रखें।
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