UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 Jal Sansadhan

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 10 Social Science. Our expert-created answers for Class 10 Social Science are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 5 जल संसाधन UP Board Solutions for Class 10 Social Science

For Class 10 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 10 Social Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 5 जल संसाधन solutions will improve your exam performance.

Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन UP Board Solutions PDF

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. बहु-उद्देशीय परियोजना का अर्थ एवं उद्देश्य लिखिए। भारत के आर्थिक विकास में बहु-उद्देशीय परियोजनाओं के योगदान को लिखिए। [2013]
या
बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजना से आप क्या समझते हैं? उसके चार उद्देश्यों पर प्रकाश डालिए। [2014, 17]
या
बहु-उद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के छः उद्देश्यों का वर्णन कीजिए । [2018]
या
बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजना के उद्देश्य एवं महत्त्व का वर्णन कीजिए। [2014]
या
बहुउद्देशीय योजनाओं से आप क्या समझते हैं ? [2010]
या
बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजना के चार कार्यों का वर्णन कीजिए। [2011]
या
भारत के किन्हीं तीन बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजनाओं के महत्त्वों का उल्लेख कीजिए । [2013]
या
बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजना क्या है? इसके किन्हीं पाँच लाभों की विवेचना कीजिए। [2013, 17]
या
बहु-उद्देशीय परियोजना के लाभों पर प्रकाश डालिए। [2011, 13]
या
बहु-उद्देशीय घाटी परियोजना के तीन महत्त्व बताइट । [2015]
Answer: बहु-उद्देशीय परियोजनाएँ ऐसी नदी-घाटी परियोजनाएँ होती हैं, जो एक ही समय में कई उद्देश्यों को पूरा करती हैं। इन योजनाओं को बहुमुखी योजनाएँ भी कहते हैं। ये योजनाएँ देश के समग्र विकास और क्षेत्रीय नियोजन के लिए लागू की गई हैं। इनका मुख्य लक्ष्य एक से अधिक समस्याओं का समाधान करना होता है। आजादी के बाद, देश में भोजन और औद्योगिक उत्पादन में बड़े बदलाव लाने के लिए इन योजनाओं को शुरू किया गया था। ये योजनाएँ संयुक्त राज्य अमेरिका की 'टेनेसी नदी-घाटी योजना' पर आधारित हैं। बहु-उद्देशीय परियोजनाएँ मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं- सिंचाई परियोजनाएँ और जल-विद्युत परियोजनाएँ।

उद्देश्य (कार्य)
बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजनाओं के मुख्य उद्देश्य और कार्य इस प्रकार हैं:

  • जल-विद्युत शक्ति पैदा करना।
  • बाढ़ों को नियंत्रित करना।
  • सिंचाई के लिए नहरें बनाना और विकसित करना।
  • मछली पालन को बढ़ावा देना।
  • मिट्टी के कटाव को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना।
  • उद्योगों का विकास करना।
  • नदी के अंदर जल-परिवहन को विकसित करना।
  • दलदली ज़मीन को सूखा बनाना।
  • साफ पीने का पानी उपलब्ध कराना।
  • प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों को विकसित करना।
  • क्षेत्रीय योजना और उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग करना।
  • पशुओं के लिए हरा चारा उपलब्ध कराना।

देश के आर्थिक विकास में योगदान (महत्त्व)/लाभ
ये परियोजनाएँ देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए, सभी बड़ी नदियों पर बाँध बनाए गए हैं और उनके पानी का उपयोग एक साथ कई उद्देश्यों के लिए किया जाता है। इन परियोजनाओं से मिलने वाले लाभ इस प्रकार हैं:
1. सिंचाई: नदियों पर बाँध बनाकर पानी को जलाशयों में जमा किया जाता है। इससे सूखे मौसम में खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिलता है। राजस्थान में सतलुज नदी का पानी सिंचाई के लिए उपयोग होता है। इन सुविधाओं से खेती की जमीन की उपज बढ़ी है और एक-फसली क्षेत्र अब बहु-फसली बन गए हैं।
2. बाढ़-नियंत्रण: बाढ़ लाने वाली नदियों पर बाँध बनाने से बाढ़ों को नियंत्रित किया जा सकता है। दामोदर और कोसी जैसी नदियाँ, जिन्हें पहले 'शोक की नदियाँ' कहा जाता था, अब आर्थिक विकास के लिए फायदेमंद बन गई हैं।
3. जल-विद्युत उत्पादन: नदियों पर बाँध बनाकर पानी को ऊँचाई से गिराकर टर्बाइनों की मदद से बिजली बनाई जाती है। जल-विद्युत, कोयले से बनने वाली बिजली से ज्यादा साफ और पर्यावरण के लिए अच्छी होती है। यह एक स्थायी ऊर्जा स्रोत है।
4. वन-रोपण: नदी-घाटी क्षेत्रों में पेड़ लगाए जाते हैं। इससे पर्यावरण का संतुलन बना रहता है। वन्यजीवों को सुरक्षित रहने की जगह मिलती है। वन क्षेत्रों में उगने वाली हरी घास पशुपालन को बढ़ावा देती है।
5. नौकायन: बाँधों से निकलने वाली नहरों में नावें चलाने की सुविधा मिलती है, जो यात्रा का सबसे सस्ता तरीका है।
6. मत्स्यपालन: जलाशयों और नहरों में मछलियाँ पाली जाती हैं, उनके बीज तैयार किए जाते हैं और उनकी बिक्री से आर्थिक लाभ होता है।
7. मृदा-संरक्षण: मिट्टी के कटाव को नियंत्रित किया जा सकता है और मिट्टी को बचाया जा सकता है।
8. पर्यटन और मनोरंजन: ये परियोजनाएँ पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती हैं। खाली जगहों पर सुंदर पार्क और उद्यान बनाने से उनकी प्राकृतिक सुंदरता बढ़ जाती है, जिससे पर्यटन बढ़ता है।
9. उद्योग-धंधों का विकास: उद्योगों के विकास के लिए सस्ती बिजली और साफ पानी बहुत ज़रूरी है। इन परियोजनाओं से उद्योगों को सस्ती जल-विद्युत और स्वच्छ पानी मिलता है। उदाहरण के लिए, दामोदर घाटी परियोजना ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास में बहुत मदद की है।
In simple words: बहु-उद्देशीय परियोजनाएँ वे नदी-घाटी योजनाएँ हैं जो एक साथ कई लक्ष्य पूरा करती हैं, जैसे बिजली बनाना, बाढ़ रोकना और सिंचाई करना। ये भारत के आर्थिक विकास में बहुत मदद करती हैं, जैसे खेती सुधारना और उद्योग बढ़ाना।

🎯 Exam Tip: बहु-उद्देशीय परियोजनाओं के सभी मुख्य उद्देश्यों (सिंचाई, विद्युत, बाढ़ नियंत्रण) और आर्थिक योगदानों का स्पष्ट उल्लेख करें। उदाहरणों के साथ अपने उत्तर को और बेहतर बनाएं।

 

Question 2. भाखड़ा-नांगल बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजना का विवरण दीजिए तथा उससे होने वाले लाभ भी लिखिए ।
या
भारत की किसी एक बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजना का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों में कीजिए [2010]
(क) स्थिति, (ख) महत्त्व ।
Answer: भाखड़ा-नांगल बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजना भारत की सबसे बड़ी बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजना है। यह परियोजना साल 1963 में पूरी हुई थी।

स्थिति: यह परियोजना पंजाब में रोपड़ नामक स्थान से 80 किमी ऊपर, उत्तर दिशा में स्थित है। सतलुज नदी शिवालिक पहाड़ियों को काटते हुए एक संकरी घाटी में बहती है, जहाँ 'भाखड़ा' गाँव के पास एक बड़ा बाँध बनाया गया है। इस बाँध के कारण नदी का पानी एक बड़े जलाशय में बदल गया है। इस परियोजना पर Rs. 235 करोड़ खर्च हुए थे। भाखड़ा बाँध सतलुज नदी पर 518 मीटर लंबा और 226 मीटर ऊँचा है। ऊँचाई के मामले में यह बाँध दुनिया में दूसरे स्थान पर है। इस बाँध में सतलुज नदी का पानी 305 मीटर की ऊँचाई पर एक कृत्रिम जलाशय में जमा किया गया है, जिसे 'गोविंद सागर' कहते हैं। यह जलाशय 80 किमी लंबा और 3-4 किमी चौड़ा है, जिसमें 114 करोड़ घन मीटर पानी जमा किया जा सकता है। भाखड़ा से 13 किमी नीचे 'नांगल' नामक स्थान पर एक दूसरा बाँध भी बनाया गया है, जो 29 मीटर ऊँचा, 315 मीटर लंबा और 121 मीटर चौड़ा है। इस नांगल बाँध से नहरें निकाली गई हैं।

महत्त्व/लाभ: इस परियोजना से तीन बिजली घर बनाए गए हैं, जिनसे 1,204 मेगावाट जल-विद्युत शक्ति पैदा होती है। भाखड़ा बाँध से 1,100 किमी लंबी मुख्य नहरें और उनकी उपशाखाओं को मिलाकर कुल 4,370 किमी नहरें निकाली गई हैं। इन नहरों से 27 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है। इस परियोजना की नहरों से होने वाली सिंचाई ने उत्तर-पश्चिमी भारत की कृषि अर्थव्यवस्था में लगातार वृद्धि की है और इसे एक समृद्ध कृषि क्षेत्र बनाया है। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान राज्यों की कृषि भूमि को इस परियोजना से पूरा लाभ मिला है। इन नहरों से राजस्थान की सूखी और प्यासी भूमि पर भी हरियाली आ गई है और खाद्यान्न का पर्याप्त उत्पादन होने लगा है। इस परियोजना से पैदा हुई जल-विद्युत ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में उद्योगों की स्थापना और कृषि के विकास में बहुत मदद की है। इस प्रकार, भाखड़ा-नांगल परियोजना ने इन राज्यों में आर्थिक और सांस्कृतिक प्रगति के द्वार खोल दिए हैं। यह परियोजना भारत की बहुमुखी प्रगति का प्रतीक है।
In simple words: भाखड़ा-नांगल परियोजना भारत की एक बड़ी नदी परियोजना है। यह सतलुज नदी पर बनी है, जिससे बिजली बनती है और खेतों की सिंचाई होती है। यह पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों के लिए बहुत फायदेमंद है।

🎯 Exam Tip: भाखड़ा-नांगल परियोजना की स्थिति (किस नदी पर, कहाँ) और उसके विभिन्न लाभों (सिंचाई, विद्युत उत्पादन, कृषि विकास) को बिंदुवार समझाएं।

 

Question 3. बहु-उद्देशीय नदी-घाटी योजना सिंचाई के पारम्परिक साधनों से किस प्रकार अच्छी है ? भारत के विभिन्न क्षेत्रों से उदाहरण दीजिए ।
Answer: सिंचाई के पुराने साधन नहरें, कुएँ, नलकूप और तालाब हैं। देश में सिंचाई बढ़ाने के लिए कई सिंचाई परियोजनाएँ बनाई गई हैं, जिनमें बड़ी, मध्यम और छोटी योजनाएँ शामिल हैं। बड़ी और मध्यम परियोजनाओं में देश की कई नदियों से नहरें निकाली गई हैं। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे उत्तरी राज्यों को इन नहरों से सिंचाई का लाभ मिला है। दक्षिण भारत में भी महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी नदियों से डेल्टा क्षेत्रों में नहरें निकालकर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु राज्यों में सिंचाई की व्यवस्था की गई है।

हालांकि, सिंचाई के पारंपरिक नहरी साधनों की तुलना में बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजनाएँ ज़्यादा बेहतर हैं, क्योंकि इनसे नहरी सिंचाई के अलावा कई अन्य लाभ भी मिलते हैं, जैसे:
1. बाढ़-नियंत्रण और मृदा-संरक्षण: नदियों पर बाँध बनाकर पानी के बहाव को नियंत्रित किया जाता है, जिससे मिट्टी के कटाव को रोका जा सकता है और बाढ़ को भी नियंत्रित किया जा सकता है।
2. सिंचाई सुविधाओं का विस्तार: नदियों पर बाँधों के पीछे बड़ी-बड़ी झीलें बनाई जाती हैं, जहाँ बारिश का पानी जमा हो जाता है। इस पानी का उपयोग सूखे मौसम में नहरों द्वारा सिंचाई के लिए किया जाता है।
3. जल-विद्युत का उत्पादन: बाँधों में जमा पानी को ऊँचाई से गिराकर बिजली पैदा की जाती है। जल-विद्युत ऊर्जा का एक साफ और प्रदूषण-मुक्त स्रोत है।
4. औद्योगिक विकास: इन परियोजनाओं से उद्योगों को सस्ती बिजली और ज़रूरी पानी लगातार मिलता रहता है।
5. जल-परिवहन सुविधा: इन परियोजनाओं की नदियों और नहरों में नावों द्वारा सामान ले जाने की सुविधा मिलती है। यह भारी सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का सबसे सस्ता तरीका है।
6. मत्स्य उद्योग का विकास: बाँधों के पीछे बने जलाशयों में मछली के बीज तैयार किए जाते हैं और कुछ खास किस्म की मछलियाँ भी पाली जाती हैं।
7. वन्य भूमि का विस्तार: बाँधों के जलग्रहण क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से पेड़ लगाए जाते हैं। इससे न केवल वन्य क्षेत्र बढ़ता है, बल्कि मिट्टी के कटाव को भी रोका जा सकता है।
8. सूखा-अकाल से मुक्ति: भारतीय मौसम की अनिश्चितता के कारण सूखा और अकाल पड़ना आम बात है। बहु-उद्देशीय परियोजनाओं से अतिरिक्त पानी को सूखे क्षेत्रों में भेजकर अकाल की स्थिति से बचा जा सकता है।
In simple words: बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजनाएँ पारंपरिक सिंचाई से बेहतर हैं क्योंकि वे केवल सिंचाई ही नहीं, बल्कि बाढ़ नियंत्रण, बिजली उत्पादन और औद्योगिक विकास जैसे कई अन्य फायदे भी देती हैं।

🎯 Exam Tip: पारंपरिक सिंचाई साधनों से बहु-उद्देशीय परियोजनाओं के लाभों की तुलना करते समय, दोनों के बीच के प्रमुख अंतरों को स्पष्ट करें और उदाहरण ज़रूर दें।

 

Question 4. बहु-उद्देशीय नदी घाटी परियोजना से क्या तात्पर्य है ? रिहन्द बाँध परियोजना का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
या
रिहन्द बाँध परियोजना का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों में कीजिए [2014]
(a) स्थिति, (ii) प्रभावित क्षेत्र, (iii) महत्त्व ।
या
रिहन्द बाँध परियोजना का निर्माण किस नदी पर हुआ है ? इससे किन राज्यों को लाभ पहुँचा है ?
Answer: बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजनाएँ वे नदी-घाटी परियोजनाएँ होती हैं, जिनसे एक ही समय में अनेक उद्देश्यों की पूर्ति होती है। इन योजनाओं को बहुमुखी योजनाएँ भी कहा जाता है। इनका मुख्य लक्ष्य एक से अधिक समस्याओं का समाधान करना होता है।

रिहन्द बाँध योजना:
उत्तर प्रदेश की इस महत्वपूर्ण बहु-उद्देशीय परियोजना को 'गोविंद वल्लभ सागर परियोजना' के नाम से भी जाना जाता है। यह राज्य की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजना है। इस परियोजना का निर्माण सोन नदी की सहायक रिहन्द नदी पर, मिर्जापुर जिले से 161 किमी दक्षिण में पिपरी नामक स्थान पर किया गया है। यह बाँध 930 मीटर लंबा, 70 मीटर चौड़ा और 92 मीटर ऊँचा है। इस बाँध के पीछे गोविंद वल्लभ सागर नामक एक विशाल जलाशय बनाया गया है। इसका क्षेत्रफल 300 वर्ग किमी है। यह इंसान द्वारा बनाई गई सबसे बड़ी झील है। इसका मुख्य उद्देश्य रिहन्द नदी की भयानक बाढ़ों को नियंत्रित करना है। इसे 'रेणुका बहु-उद्देशीय परियोजना' के नाम से भी जानते हैं।

इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य रिहन्द नदी की बाढ़ों को रोकना है। बाँध के नीचे ओबरा नामक स्थान पर छह टर्बाइन वाला एक बड़ा बिजली घर बनाया गया है, जिससे 300 मेगावाट बिजली पैदा होती है। इससे 600 किमी लंबी नहरें निकाली गई हैं, जिनसे पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिमी बिहार में सिंचाई की सुविधाएँ मिलती हैं। गोविंद वल्लभ पंत सागर के पानी को सोन नदी में डालकर सोन नहर-प्रणाली से बिहार के चंपारण, दरभंगा, मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में 2.5 लाख हेक्टेयर भूमि पर भी सिंचाई की सुविधाएँ मिलती हैं।

यह एक जल-विद्युत परियोजना है, जिसके बिजली घरों से 3 लाख किलोवाट बिजली पैदा होती है। इस बिजली का उपयोग नलकूप चलाने और मुगलसराय व गया के बीच रेलगाड़ियों को चलाने में होता है। इस परियोजना से निकली नहरों से 22 लाख हेक्टेयर और नलकूपों से 34 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होती है। इसके परिणामस्वरूप, संबंधित क्षेत्रों में अनाज और अन्य कृषि उत्पादों में काफी वृद्धि हुई है। इस परियोजना से कई नए उद्योग स्थापित करने में मदद मिली है। मिर्जापुर-सोनभद्र में एल्युमीनियम, रसायन और सीमेंट उद्योग, तथा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सीमेंट, सूती वस्त्र, एल्युमीनियम, काँच, रासायनिक उर्वरक और चीनी बनाने के कारखाने स्थापित हुए हैं। सोन नदी-घाटी को नहरों द्वारा गंगा नदी से जोड़कर जल-परिवहन की सुविधाएँ भी विकसित की जा रही हैं। इस परियोजना की अन्य उपलब्धियों में बाढ़-नियंत्रण, वृक्षारोपण, मत्स्यपालन, भूमि-संरक्षण, खनिजों का ज़्यादा उपयोग, तथा मनोरंजन और भ्रमण-केंद्रों का विकास शामिल है। इस तरह, कहा जा सकता है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी बिहार और पूर्वी मध्य प्रदेश के समग्र विकास में रिहन्द परियोजना ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
In simple words: रिहन्द बाँध परियोजना उत्तर प्रदेश में रिहन्द नदी पर बनी एक बड़ी बहु-उद्देशीय योजना है। इसका मुख्य काम बाढ़ रोकना, बिजली बनाना और सिंचाई की सुविधा देना है, जिससे आसपास के कई राज्यों को लाभ मिलता है।

🎯 Exam Tip: रिहन्द बाँध परियोजना की स्थिति (नदी, जिला), उसके प्रमुख उद्देश्यों (बाढ़ नियंत्रण, विद्युत उत्पादन) और किन क्षेत्रों को लाभ मिलता है, इन सभी बिंदुओं को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 5. बहु-उद्देशीय नदी घाटी परियोजना से आप क्या समझते हैं ? दामोदर घाटी परियोजना का वर्णन निम्नलिखित शीर्षकों के अन्तर्गत दीजिए—(क) स्थिति, (ख) उपलब्धियाँ। [2013]
या
दामोदर नदी-घाटी परियोजना की स्थिति पर प्रकाश डालिए। इससे होने वाले किन्हीं चार लाभों की विवेचना कीजिए। [2013]
या
दामोदर घाटी परियोजना की स्थिति एवं महत्त्वों का वर्णन कीजिए। [2013]
या
दामोदर घाटी परियोजना के तीन महत्त्वों पर प्रकाश डालिए। [2015, 16]
Answer: बहु-उद्देशीय नदी-घाटी परियोजनाएँ वे नदी-घाटी परियोजनाएँ होती हैं, जिनसे एक ही समय में अनेक उद्देश्यों की पूर्ति होती है। इन योजनाओं को बहुमुखी योजनाएँ भी कहा जाता है। इनका मुख्य लक्ष्य एक से अधिक समस्याओं का समाधान करना होता है।

दामोदर घाटी परियोजना:
स्थिति: दामोदर नदी (जो हुगली की सहायक नदी है) का उद्गम छोटा नागपुर की पहाड़ियों से होता है, जो 610 मीटर ऊँची हैं। इस नदी की कुल लंबाई 530 किमी है। यह झारखंड में 290 किमी बहने के बाद पश्चिम बंगाल में 240 किमी बहकर हुगली नदी से मिलती है। इसकी ऊपरी घाटी में बारिश के मौसम में बहुत ज़्यादा पानी आता है, जिससे भयंकर बाढ़ें आती हैं। इन बाढ़ों से नदी के किनारों की मिट्टी कटकर बह जाती है और करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। दामोदर नदी अपनी भयानक बाढ़ों के लिए बहुत बदनाम थी, इसकी बाढ़ से लगभग 18,000 वर्ग किमी ज़मीन प्रभावित होती थी। इसी कारण इस नदी को 'बंगाल का शोक' कहा जाता था।

साल 1948 में भारत सरकार ने दामोदर घाटी के समग्र विकास के लिए दामोदर घाटी निगम (Damodar Valley Corporation) की स्थापना की। इस निगम का मुख्य उद्देश्य दामोदर घाटी का आर्थिक विकास करना, सिंचाई और जल-विद्युत की सुविधाएँ बढ़ाना, बाढ़ों को नियंत्रित करना और अन्य उद्देश्यों को पूरा करना था, ताकि इस क्षेत्र का समग्र आर्थिक विकास हो सके।

उपयोगिता/प्रमुख लाभ/उपलब्धियाँ/महत्त्व: इस परियोजना से दामोदर और उसकी सहायक नदियों में आने वाली बाढ़ों को नियंत्रित किया जा सका है। लगभग 74 लाख हेक्टेयर भूमि पर साल भर सिंचाई हो रही है, जिससे पटसन और अनाज का उत्पादन बढ़ गया है। कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कोयला क्षेत्रों के बीच 145 किमी लंबा एक जलमार्ग भी बनाया गया है। बाँधों में नाव चलाना, तैराकी और मछली पकड़ने की सुविधाएँ हैं। घरों के कामों के लिए साफ पानी मिलने से लगभग 1,120 वर्ग किमी क्षेत्र में पीने के पानी की समस्या हल हुई है। छोटा नागपुर के सूखे पठारी क्षेत्रों में मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए पेड़ लगाए गए हैं, पशुओं के लिए चारा, रेशम के कीड़ों के लिए शहतूत के पेड़ और उद्योगों के लिए लाख व बाँस भी मिलने लगे हैं। लगभग 3 लाख किलोवाट जल-विद्युत का उत्पादन हो रहा है, जिससे झारखंड, कोलकाता, पटना, जमशेदपुर, डालमिया नगर जैसे शहरों में औद्योगिक विकास बहुत तेज़ी से हुआ है।

दामोदर घाटी निगम से पश्चिम बंगाल के बर्दवान, हावड़ा, हुगली और बांकुड़ा जिलों में 4.40 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई हो रही है। इस परियोजना के दूसरे चरण में बम, अय्यर, बोकारो और बाल पहाड़ी स्थानों पर जल-विद्युत के लिए बाँध बनाने की योजना है। इस प्रकार, दामोदर घाटी परियोजना ने पश्चिम बंगाल और झारखंड राज्यों के बड़े क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक विकास में मदद की है। यहाँ कृषि, उद्योग, व्यापार और परिवहन के साधनों में क्रांतिकारी परिवर्तन आया है और इस क्षेत्र की खनिज संपदा का भरपूर उपयोग संभव हुआ है। इससे इन राज्यों में प्रगति और विकास की एक नई लहर आ गई है। यह परियोजना झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों के समग्र विकास के लिए वरदान साबित हुई है।
In simple words: दामोदर घाटी परियोजना बंगाल में बाढ़ों को रोकने और विकास लाने के लिए बनाई गई थी। यह दामोदर नदी पर बनी है, जिसने झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में सिंचाई, बिजली और उद्योग को बढ़ावा दिया है।

🎯 Exam Tip: दामोदर घाटी परियोजना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि ("बंगाल का शोक"), उसकी स्थिति, और उसके प्रमुख बहु-आयामी लाभों (बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, विद्युत, उद्योग) पर ध्यान केंद्रित करें।

लघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. देश के विकास में तुंगभद्रा परियोजना का महत्त्व लिखिए ।
Answer: तुंगभद्रा परियोजना आंध्र प्रदेश और कर्नाटक राज्यों की एक संयुक्त परियोजना है। यह कृष्णा नदी की सहायक तुंगभद्रा नदी पर बनाई गई है। कर्नाटक के बेल्लारी जिले के मल्लापुरम नामक स्थान पर 50 मीटर ऊँचा और 2.5 किलोमीटर लंबा बाँध बनाया गया है। इस परियोजना से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक राज्यों की लगभग चार लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधा मिलती है। इसकी बिजली उत्पादन क्षमता 126 मेगावाट है, जिससे दोनों राज्यों के उद्योगों को बिजली मिलती है। इस योजना से मछली पालन का भी विकास हुआ है। यह परियोजना क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
In simple words: तुंगभद्रा परियोजना आंध्र प्रदेश और कर्नाटक की एक संयुक्त नदी योजना है। यह सिंचाई, बिजली उत्पादन और मछली पालन में मदद करती है, जिससे इन राज्यों का विकास होता है।

🎯 Exam Tip: तुंगभद्रा परियोजना का महत्त्व बताते समय, यह किन राज्यों की संयुक्त परियोजना है और इसके मुख्य लाभ (सिंचाई, विद्युत, मत्स्यपालन) क्या हैं, यह स्पष्ट करें।

 

Question 2. इन्दिरा गांधी नहर परियोजना पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ।
Answer: 'इंदिरा गांधी नहर परियोजना' को पहले राजस्थान नहर परियोजना के नाम से जाना जाता था। यह दुनिया की सबसे बड़ी नहर परियोजना है। यह नहर पंजाब में सतलुज और व्यास नदियों के संगम पर स्थित हरिके बाँध से निकाली गई है। हरिके बाँध से रामगढ़ तक इस नहर की कुल लंबाई 649 किमी है। बाँध के पीछे बने जलाशय में 6,90,000 हेक्टेयर मीटर पानी जमा हो सकता है। इससे व्यास नदी का पानी सतलुज नदी में लाने में मदद मिली है।

यह पानी पश्चिमी राजस्थान नहर में ले जाया जाता है। इसके ज़रिए उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के गंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में सिंचाई की जाती है। यह नहर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के 14.5 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई करती है। इन सुविधाओं के कारण राजस्थान का सूखा रेगिस्तानी इलाका पंजाब और हरियाणा की तरह 'अनाज का भंडार' बन सकेगा। इससे कई कृषि और पशु-आधारित उद्योगों की भी स्थापना होगी। यह नहर क्षेत्र के पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को बदल रही है।
In simple words: इंदिरा गांधी नहर दुनिया की सबसे लंबी नहर है। यह सतलुज और व्यास नदियों से निकाली गई है और राजस्थान के सूखे इलाकों में सिंचाई करती है, जिससे वहाँ खेती और जीवन बेहतर होता है।

🎯 Exam Tip: इंदिरा गांधी नहर के महत्व को उजागर करते हुए, इसकी लंबाई, किन नदियों से निकलती है, और राजस्थान के किन क्षेत्रों को सिंचाई का लाभ मिलता है, इन प्रमुख बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 3. जल एवं भूमि संसाधन के अन्तर को स्पष्ट कीजिए ।
Answer:
जल संसाधन: साफ पानी इंसान की रोज़मर्रा की ज़रूरतों में से एक है। घर के कामों के लिए पानी सिर्फ पीने के लिए ही नहीं, बल्कि खाना बनाने, कपड़े धोने, नहाने जैसे कामों के लिए भी ज़रूरी है। देश की खेती का विकास भी पानी की उपलब्धता पर निर्भर करता है। पानी से बिजली पैदा की जाती है। नहरों और नदियों में नाव और स्टीमर चलाना जल परिवहन का साधन है। समुद्रों में जहाजों द्वारा लंबी यात्राएँ की जाती हैं और उनसे सामान का आयात-निर्यात होता है। उद्योगों में भी पानी उत्पादन के काम में मदद करता है। पानी जीवन के लिए एक अमूल्य संसाधन है जो पृथ्वी पर सीमित मात्रा में उपलब्ध है।

भूमि संसाधन: किसी देश या क्षेत्र के भीतर की सारी ज़मीन को भूमि संसाधन कहते हैं। इसमें खेती की ज़मीन, चारागाह, तालाब, वन भूमि, बंजर ज़मीन, परती ज़मीन आदि शामिल हैं। इंसान इस उपलब्ध ज़मीन पर कई तरह की गतिविधियाँ करता है। खेती, पशुपालन, वन उद्योग, खनन-निर्माण उद्योग, परिवहन, व्यापार और संचार जैसे सभी काम भूमि संसाधन से जुड़े हैं। इस प्रकार, भूमि संसाधन जल संसाधनों का आधार प्रदान करते हैं, जिनका उपयोग इंसान अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए करता है। भूमि एक स्थिर संसाधन है, जबकि जल एक गतिशील संसाधन है।
In simple words: जल संसाधन वह पानी है जो हम पीते, खेती करते और बिजली बनाते हैं। भूमि संसाधन वह ज़मीन है जिस पर हम रहते, खेती करते और उद्योग लगाते हैं। दोनों ही हमारे जीवन के लिए बहुत ज़रूरी प्राकृतिक चीज़ें हैं।

🎯 Exam Tip: जल और भूमि संसाधनों के अंतर को स्पष्ट करने के लिए, उनके उपयोगों और प्रकृति (गतिशील बनाम स्थिर) को अलग-अलग बिंदुओं में बताएं।

 

Question 4. उत्तरी भारत की दो नदियों के नाम लिखिए। [2009]
Answer: उत्तरी भारत की दो प्रमुख नदियाँ गंगा और यमुना हैं। उत्तरी भारत की नदियाँ हिमालय पर्वत की बर्फ़ से ढकी चोटियों से निकलती हैं, जहाँ साल भर पर्याप्त पानी बहता रहता है। ये नदियाँ लंबी हैं और इनका बहाव क्षेत्र भी बड़ा है। उत्तरी भारत की नदियाँ समतल और उपजाऊ क्षेत्रों से होकर बहती हैं, इसलिए उनके पानी का उपयोग नहरों द्वारा सिंचाई के लिए किया जाता है। उत्तरी भारत की प्रमुख नहरें ऊपरी गंगा नहर, पूर्वी यमुना नहर और शारदा नहर हैं, जो कृषि में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
In simple words: उत्तरी भारत की दो मुख्य नदियाँ गंगा और यमुना हैं। ये नदियाँ हिमालय से निकलती हैं और पूरे साल पानी से भरी रहती हैं, जिनसे सिंचाई की जाती है।

🎯 Exam Tip: उत्तरी भारत की नदियों के नाम बताने के साथ, उनकी मुख्य विशेषताओं (हिमालय से उद्गम, वर्ष भर जल उपलब्धता) को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 5. जल की माँग किन-किन कार्यों में की जाती है ? [2009]
या
जल संसाधनों से क्या अभिप्राय है ? भारत के लिए इनका क्या महत्त्व है ?
Answer: बारिश के पानी का कुछ हिस्सा भाप बनकर हवा में मिल जाता है, कुछ पानी ज़मीन सोख लेती है, जिसे भूमिगत जल कहते हैं। बाकी पानी ढालू सतह से बहकर आगे बढ़ता रहता है, जिसे बहता हुआ पानी (नदी या सरिता) कहते हैं। इस प्रकार, ज़मीन के ऊपर और नीचे मिलने वाले सभी पानी को जल संसाधन कहा जाता है।

भारत एक कृषि प्रधान देश है और इसकी वर्तमान आबादी 121 करोड़ से ज़्यादा है। यहाँ पानी का मुख्य उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है। सिंचाई से देश के कृषि क्षेत्र में न केवल बढ़ोतरी हुई है, बल्कि ज़मीन की उत्पादन क्षमता भी बेहतर हुई है। इससे अनाज का उत्पादन बहुत ज़्यादा होता है। पानी का दूसरा उपयोग पीने के पानी के रूप में होता है। पानी परिवहन का भी एक साधन है। उद्योगों में भी पानी की ज़रूरत पड़ती है। इस प्रकार, इंसानी जीवन में पानी का महत्व बहुत ज़्यादा है। इसलिए कहा जाता है कि जहाँ पानी है, वहीं जीवन है।

जल की माँग कई कार्यों में की जाती है:
1. कृषि: सिंचाई के लिए सबसे ज़्यादा पानी की ज़रूरत होती है ताकि फसलों को उगाया जा सके।
2. पीने और घरेलू उपयोग: पीने, खाना बनाने, नहाने, कपड़े धोने और साफ-सफाई के लिए पानी आवश्यक है।
3. औद्योगिक उपयोग: उद्योगों में उत्पादन प्रक्रियाओं, ठंडा करने और साफ-सफाई के लिए पानी का उपयोग होता है।
4. जल-विद्युत उत्पादन: बाँधों से बिजली बनाने के लिए पानी का उपयोग किया जाता है।
5. परिवहन: नहरों और नदियों में नावों और जहाजों के माध्यम से सामान और लोगों को ले जाने के लिए पानी का उपयोग होता है।
6. मछली पालन: जलाशयों और नदियों में मछली पालन के लिए पानी आवश्यक है।
7. मनोरंजन: तैराकी, नौकायन और अन्य जलीय खेल जैसी गतिविधियों के लिए भी पानी का उपयोग होता है।
In simple words: जल संसाधन का मतलब है ज़मीन के ऊपर और नीचे मौजूद सारा पानी। भारत में इसकी बहुत ज़रूरत है, खासकर खेती, पीने, उद्योग और बिजली बनाने जैसे कामों के लिए। पानी ही जीवन का आधार है।

🎯 Exam Tip: जल संसाधनों को परिभाषित करते समय उसके प्रकार (सतही, भूमिगत) और उसके बहुआयामी उपयोगों (कृषि, घरेलू, औद्योगिक) को स्पष्ट करें। भारतीय संदर्भ में इसकी महत्ता को रेखांकित करें।

 

Question 6. भारत में जलसंकट के समाधान हेतु दो सुझाव दीजिए ।
Answer: फसलों की सिंचाई, शहरी और औद्योगिक कामों में बढ़ते उपयोग के कारण देश में साफ पानी की कमी बढ़ती जा रही है। अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में यह संकट और गहरा हो सकता है। इसके लिए उपलब्ध जल संसाधनों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करना और उनका संरक्षण करना ज़रूरी है।

जलसंकट के समाधान के लिए दो मुख्य सुझाव हैं:
1. वर्षा जल संग्रहण: वर्षा के पानी को इकट्ठा करने पर ज़ोर देना चाहिए। राजस्थान के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में तो पुराने समय से ही वर्षा जल को भूमिगत टैंकों में जमा करने की परंपरा रही है। तमिलनाडु में इसे अब अनिवार्य कर दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने तालाबों को ठीक करना और नए तालाब बनाना भी वर्षा जल संग्रहण के प्रयास हैं।
2. पानी की बरबादी रोकना और कुशल उपयोग: पानी की बरबादी को रोकने, उसके अंधाधुंध उपयोग पर लगाम लगाने और उसे प्रदूषण मुक्त रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। सिंचाई में पानी का उपयोग कम करने के लिए 'ड्रिप सिंचाई' और 'शुष्क कृषि' जैसी तकनीकें लोकप्रिय बनाई जा रही हैं। सरकार देश की सभी बड़ी नदियों को जोड़ने की एक महत्वपूर्ण परियोजना पर भी विचार कर रही है, जिससे पानी का बेहतर वितरण हो सके।
In simple words: पानी की कमी को दूर करने के लिए, हमें बारिश का पानी जमा करना चाहिए और पानी को बर्बाद होने से रोकना चाहिए। खेतों में कम पानी वाली तकनीकें इस्तेमाल करनी चाहिए।

🎯 Exam Tip: जल संकट के समाधान के लिए दिए गए सुझावों को व्यावहारिक और संक्षिप्त रखें, जैसे वर्षा जल संचयन और पानी का कुशल उपयोग।

 

Question 7. प्रदूषित जल से हमारे स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Answer: जल-प्रदूषण का इंसान के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ता है। प्रदूषित पानी पीने से हैजा, टाइफाइड, पेचिश और पोलियो जैसे जानलेवा रोग हो जाते हैं, जो बाद में महामारी का रूप ले सकते हैं। इससे इंसान का स्वास्थ्य तो खराब होता ही है, बल्कि कई लोगों की जान भी जा सकती है। साफ पानी पीने के लिए बहुत ज़रूरी है, और प्रदूषित पानी से गंभीर बीमारियाँ फैल सकती हैं जो जीवन के लिए खतरा बन सकती हैं।
In simple words: गंदा पानी पीने से इंसान बीमार हो जाता है। इससे हैजा, टाइफाइड जैसी बीमारियाँ होती हैं और कई बार जान भी जा सकती है।

🎯 Exam Tip: प्रदूषित जल के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को बताते समय, मुख्य बीमारियों (जैसे हैजा, टाइफाइड) और उनके गंभीर परिणामों (महामारी, मृत्यु) का उल्लेख ज़रूर करें।

 

Question 8. जल प्रबंधन से क्या आशय है? इसके दो महत्त्व लिखिए। [2014]
Answer: जल-प्रबंधन का मतलब है पृथ्वी पर उपलब्ध जल-संसाधनों का समझदारी और विवेकपूर्ण तरीके से उपयोग करना और उनका संरक्षण करना। पानी को सही तरीके से इस्तेमाल करने और भविष्य के लिए बचाने को ही जल-प्रबंधन कहते हैं।

जल-प्रबंधन के दो प्रमुख महत्त्व इस प्रकार हैं:

  • जल प्रबंधन के ज़रिए उन क्षेत्रों को पानी उपलब्ध कराया जा सकता है जहाँ पीने के पानी की कमी होती है। इससे सूखे और पानी की कमी वाले इलाकों में जीवन आसान हो जाता है।
  • सही जल-प्रबंधन से यानी पानी का समझदारी से उपयोग करके उसे भविष्य के लिए बचाया जा सकता है। यह सुनिश्चित करता है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पानी उपलब्ध रहे।

In simple words: जल प्रबंधन का मतलब है पानी का सही इस्तेमाल करना और उसे बचाना। इसके दो बड़े फायदे हैं: यह उन जगहों पर पानी पहुंचाता है जहाँ कमी है, और यह पानी को भविष्य के लिए सुरक्षित रखता है।

🎯 Exam Tip: जल प्रबंधन की परिभाषा स्पष्ट करें और उसके दो मुख्य महत्त्वों (जल उपलब्धता और भविष्य के लिए संरक्षण) को बिंदुवार समझाएं।

 

Question 9. नागार्जुन सागर परियोजना की उपयोगिता पर प्रकाश डालिए ।
Answer: नागार्जुन सागर परियोजना आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी पर नंदीकोंडा गाँव के पास बनाई गई है। यह 88 मीटर ऊँचा और 1,450 मीटर लंबा बाँध है। इस परियोजना से आंध्र प्रदेश की 8.67 लाख हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई की सुविधाएँ मिलती हैं। जल-विद्युत से कई उद्योगों का विकास हुआ है और मछली पालन में भी वृद्धि हुई है। इस परियोजना का नाम बौद्ध विद्वान नागार्जुन के नाम पर रखा गया है।

इस परियोजना में बने बाँध के पीछे, जहाँ आज एक कृत्रिम जलाशय है, वहाँ पहले बहुत सुंदर वास्तुकला वाले पुराने मंदिर थे। अगर इन मंदिरों को वहाँ से नहीं हटाया जाता तो वे पानी में डूब जाते। इसलिए, इन मंदिरों के हर पत्थर को हटाकर नई जगहों पर ले जाया गया, और फिर उन्हीं पत्थरों से बिल्कुल पहले जैसे मंदिर दोबारा बना दिए गए। यह परियोजना इस बात का सीधा प्रमाण है कि हम आधुनिक तकनीक का उपयोग करके अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रख सकते हैं। इस परियोजना ने क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
In simple words: नागार्जुन सागर परियोजना कृष्णा नदी पर आंध्र प्रदेश में बनी है। यह सिंचाई, बिजली उत्पादन और मछली पालन में मदद करती है। इस परियोजना से पुराने मंदिरों को भी बचाकर एक नई जगह पर फिर से बनाया गया है।

🎯 Exam Tip: नागार्जुन सागर परियोजना की उपयोगिता बताते हुए, उसके मुख्य लाभों (सिंचाई, विद्युत, मत्स्यपालन) और उसके सांस्कृतिक महत्त्व (मंदिरों का संरक्षण) को उजागर करें।

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. प्राकृतिक संसाधन को परिभाषित कीजिए।
Answer: वे पदार्थ जो प्रकृति से हमें मुफ़्त में मिलते हैं, उन्हें प्राकृतिक संसाधन कहते हैं। जैसे-मिट्टी, हवा, पानी और पेड़-पौधे। ये हमारे जीवन के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
In simple words: जो चीज़ें हमें प्रकृति से मुफ्त में मिलती हैं, जैसे मिट्टी और पानी, उन्हें प्राकृतिक संसाधन कहते हैं।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक संसाधन की परिभाषा देते समय, उसके कुछ प्रमुख उदाहरण ज़रूर दें ताकि उत्तर स्पष्ट हो।

 

Question 2. भाखड़ा-नांगल परियोजना किन राज्यों का संयुक्त प्रयास है ?
Answer: भाखड़ा-नांगल परियोजना पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान राज्यों का एक साथ मिलकर किया गया प्रयास है। यह इन सभी राज्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
In simple words: भाखड़ा-नांगल परियोजना पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की मिलकर बनाई गई योजना है।

🎯 Exam Tip: भाखड़ा-नांगल परियोजना से संबंधित सभी राज्यों के नाम याद रखें और उन्हें स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 3. भाखड़ा बाँध के पीछे मानव-निर्मित झील का नाम लिखिए। इसमें कितना जल एकत्रित होता है?
Answer: भाखड़ा बाँध के पीछे बनी मानव-निर्मित झील का नाम 'गोविंद सागर जलाशय' है। इसमें 7.8 लाख हेक्टेयर मीटर पानी जमा होता है। यह एक बड़ी कृत्रिम झील है जो क्षेत्र के लिए पानी का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
In simple words: भाखड़ा बाँध के पीछे वाली झील का नाम गोविंद सागर जलाशय है। इसमें बहुत सारा पानी इकट्ठा होता है।

🎯 Exam Tip: झील का सही नाम और उसमें जमा होने वाले पानी की मात्रा को सटीक रूप से बताएं।

 

Question 4. भाखड़ा बाँध किस नदी पर बनाया गया है ?
Answer: भाखड़ा बाँध सतलुज नदी पर बनाया गया है। यह उत्तरी भारत की प्रमुख नदियों में से एक है।
In simple words: भाखड़ा बाँध सतलुज नदी पर बना है।

🎯 Exam Tip: बाँध और संबंधित नदी का नाम सही और स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 5. बहु-उद्देशीय परियोजनाओं के तीन प्रमुख उद्देश्य क्या हैं ?
Answer: बहु-उद्देशीय परियोजनाओं के तीन प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • जल-विद्युत शक्ति पैदा करना।
  • बाढ़ों को नियंत्रित करना।
  • सिंचाई के लिए नहरें बनाना और विकसित करना।

ये सभी उद्देश्य एक साथ मिलकर क्षेत्र के विकास में मदद करते हैं।
In simple words: बहु-उद्देशीय परियोजनाओं के तीन मुख्य उद्देश्य बिजली बनाना, बाढ़ रोकना और खेतों में सिंचाई करना हैं।

🎯 Exam Tip: बहु-उद्देशीय परियोजनाओं के उद्देश्यों को बिंदुवार और संक्षिप्त रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 6. इन्दिरा गांधी नहर द्वारा किन क्षेत्रों को सिंचित किया जाता है ?
Answer: इंदिरा गांधी नहर द्वारा उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के गंगानगर, बीकानेर, चुरु, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों को सिंचित किया जाता है। यह नहर इन क्षेत्रों में कृषि और जीवन को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
In simple words: इंदिरा गांधी नहर राजस्थान के गंगानगर, बीकानेर, चुरु, बाड़मेर और जैसलमेर जैसे इलाकों में खेतों को पानी देती है।

🎯 Exam Tip: इंदिरा गांधी नहर से सिंचित होने वाले सभी प्रमुख जिलों के नाम याद रखें और उन्हें सूचीबद्ध करें।

 

Question 7. संसार का सबसे लम्बा बाँध कौन-सा है ? यह किस नदी पर बनाया गया है ?
Answer: संसार का सबसे लंबा बाँध हीराकुंड बाँध है। यह ओडिशा राज्य की महानदी पर बनाया गया है। यह बाँध कई उद्देश्यों को पूरा करता है, जैसे सिंचाई और बिजली उत्पादन।
In simple words: दुनिया का सबसे लंबा बाँध हीराकुंड है, जो ओडिशा में महानदी पर बना है।

🎯 Exam Tip: विश्व के सबसे लंबे बाँध का नाम और उससे संबंधित नदी व राज्य को सही तरीके से लिखें।

 

Question 8. भारत की दो नदियों के नाम बताइए जिन्हें शोक सरिता' कहा जाता था।
Answer: बंगाल की दामोदर नदी और बिहार की कोसी नदी को 'शोक सरिता' कहा जाता था। इन नदियों में अक्सर बाढ़ आती थी, जिससे भारी नुकसान होता था। अब बहु-उद्देशीय परियोजनाओं से इन पर नियंत्रण कर लिया गया है।
In simple words: दामोदर नदी (बंगाल) और कोसी नदी (बिहार) को पहले 'शोक की नदियाँ' कहते थे क्योंकि ये बहुत बाढ़ लाती थीं।

🎯 Exam Tip: उन दो नदियों के नाम याद रखें जिन्हें 'शोक सरिता' कहा जाता था और यह भी बताएं कि वे किन राज्यों से संबंधित हैं।

 

Question 9. नेपाल के सहयोग से भारत में कौन-सी परियोजना पूरी की गयी है ?
Answer: बिहार की 'कोसी परियोजना' नेपाल के सहयोग से पूरी की गई है। यह परियोजना दोनों देशों के लिए बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई सुविधाओं में मदद करती है।
In simple words: भारत में कोसी परियोजना नेपाल के साथ मिलकर पूरी की गई है।

🎯 Exam Tip: नेपाल के सहयोग से पूरी हुई परियोजना का नाम सही और स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 10. भारत का प्रथम जल-विद्युत केन्द्र कहाँ और कब स्थापित किया गया ?
Answer: भारत का पहला जल-विद्युत केंद्र साल 1902 में कर्नाटक राज्य में कावेरी नदी पर शिवसमुद्रम नामक स्थान पर स्थापित किया गया था। यह भारत में जल-विद्युत उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
In simple words: भारत का पहला जल-विद्युत केंद्र 1902 में कर्नाटक में कावेरी नदी पर शिवसमुद्रम में बनाया गया था।

🎯 Exam Tip: भारत के प्रथम जल-विद्युत केंद्र का स्थान, नदी और स्थापना वर्ष को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 11. हीराकुड परियोजना के दो प्रमुख उद्देश्य लिखिए।
Answer: हीराकुंड परियोजना के दो प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • महानदी के पानी को नियंत्रित करके उसे कई कामों के लिए उपयोग करना। यह बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई में मदद करता है।
  • इस परियोजना के तहत चार बिजली घर बनाए गए हैं, जिनसे 2.70 लाख किलोवाट जल-विद्युत शक्ति पैदा होती है, जिससे उद्योगों की स्थापना में मदद मिली है।

यह परियोजना ओडिशा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
In simple words: हीराकुंड परियोजना के दो मुख्य उद्देश्य हैं महानदी के पानी को नियंत्रित करना और बिजली बनाना, जिससे उद्योगों को फायदा होता है।

🎯 Exam Tip: हीराकुंड परियोजना के उद्देश्यों को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप से लिखें, खासकर बाढ़ नियंत्रण और विद्युत उत्पादन पर जोर दें।

 

Question 12. महानदी को 'उड़ीसा का शोक' क्यों कहा जाता है?
Answer: महानदी अपनी भयानक बाढ़ों के लिए जानी जाती रही है। यह नदी हर साल अपनी उफनती धाराओं से अपने हरे-भरे डेल्टा को रौंद डालती थी, जिससे भारी नुकसान होता था। इसीलिए इसे 'उड़ीसा का शोक' कहा जाता है। अब हीराकुंड बाँध जैसी परियोजनाओं से इस पर नियंत्रण कर लिया गया है।
In simple words: महानदी को 'ओडिशा का शोक' कहते थे क्योंकि यह हर साल बहुत बाढ़ लाती थी, जिससे ओडिशा में काफी नुकसान होता था।

🎯 Exam Tip: महानदी को 'ओडिशा का शोक' कहने का कारण बताते समय, उसकी बाढ़ों से होने वाले नुकसान पर प्रकाश डालें।

 

Question 13. विश्व की सबसे लम्बी कृत्रिम नहर का नाम लिखिए।
Answer: विश्व की सबसे लंबी कृत्रिम नहर 'ग्रांड कैनल (चीन)' है। यह चीन में जल-परिवहन और सिंचाई के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
In simple words: दुनिया की सबसे लंबी मानव-निर्मित नहर चीन की 'ग्रांड कैनल' है।

🎯 Exam Tip: विश्व की सबसे लंबी कृत्रिम नहर का नाम और देश का उल्लेख सही तरीके से करें।

 

Question 14. भारत की किन्हीं दो नदी घाटी परियोजनाओं के नाम लिखिए। [2016]
Answer: भारत की किन्हीं दो नदी घाटी परियोजनाएँ इस प्रकार हैं:

  • टिहरी बाँध परियोजना
  • भाखड़ा नांगल बाँध परियोजना

ये दोनों परियोजनाएँ भारत के जल संसाधनों के कुशल उपयोग और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
In simple words: भारत की दो नदी घाटी परियोजनाएँ टिहरी बाँध और भाखड़ा नांगल बाँध हैं।

🎯 Exam Tip: भारत की दो प्रमुख नदी घाटी परियोजनाओं के नाम सही और स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 15. दक्षिण भारत में तालाबों द्वारा सिंचाई के महत्त्वपूर्ण होने के दो कारणों का उल्लेख कीजिए। [2011]
Answer: दक्षिण भारत में तालाबों द्वारा सिंचाई के महत्वपूर्ण होने के दो कारण इस प्रकार हैं:

  • दक्षिण भारत में ज़्यादातर तालाब पक्के होते हैं और वे अच्छी स्थिति में होते हैं। इससे पानी का रिसाव कम होता है और पानी का कुशल उपयोग होता है।
  • इन तालाबों में साल भर पानी उपलब्ध रहता है। यह सुनिश्चित करता है कि सूखे मौसम में भी सिंचाई के लिए पानी की कमी न हो, जिससे कृषि उत्पादन स्थिर रहता है।

ये कारण दक्षिण भारत के भूगोल और जल उपलब्धता के पैटर्न से जुड़े हैं।
In simple words: दक्षिण भारत में तालाबों से सिंचाई इसलिए ज़रूरी है क्योंकि वहाँ के ज़्यादातर तालाब पक्के हैं और उनमें साल भर पानी भरा रहता है।

🎯 Exam Tip: दक्षिण भारत में तालाबों से सिंचाई के महत्व को स्पष्ट करने के लिए, तालाबों की स्थिति (पक्के होना) और पानी की निरंतर उपलब्धता जैसे कारणों पर ध्यान दें।

 

Question 16. दो जल संसाधनों का उल्लेख कीजिए। [2014]
Answer: दो जल संसाधन निम्नलिखित हैं:
1. नदियाँ, तालाब और झरने।
2. भूमिगत जल।
ये दोनों पृथ्वी पर पानी के मुख्य स्रोत हैं, जिनसे इंसान अपनी ज़रूरतों को पूरा करता है।
In simple words: पानी के दो स्रोत नदियाँ और भूमिगत जल हैं।

🎯 Exam Tip: जल संसाधनों के प्रमुख प्रकारों (सतही और भूमिगत) को संक्षेप में सूचीबद्ध करें।

 

Question 17. भारत की दो प्रमुख बहु-उद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के नाम लिखिए। [2014]
Answer: भारत की दो प्रमुख बहु-उद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ इस प्रकार हैं:

  • भाखड़ा-नांगल बाँध परियोजना।
  • रिहन्द बाँध परियोजना।

ये दोनों परियोजनाएँ देश के आर्थिक विकास और जल प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
In simple words: भारत की दो मुख्य बहु-उद्देशीय परियोजनाएँ भाखड़ा-नांगल और रिहन्द बाँध हैं।

🎯 Exam Tip: भारत की दो प्रमुख बहु-उद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं के नाम सही और स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 18. वर्षा जल संचयन से क्या तात्पर्य है? [2015]
Answer: वर्षा जल संचयन का मतलब है बारिश के पानी को विभिन्न उपयोगों के लिए रोकना और इकट्ठा करना। यह पानी बचाने का एक प्रभावी तरीका है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ पानी की कमी होती है।
In simple words: वर्षा जल संचयन का मतलब है बारिश के पानी को इकट्ठा करके उसका उपयोग करना या उसे ज़मीन में फिर से डालना।

🎯 Exam Tip: वर्षा जल संचयन की परिभाषा को संक्षिप्त और स्पष्ट रखें, उसके मुख्य उद्देश्य पर ज़ोर दें।

 

Question 19. भारत के दो राज्यों के नाम बताइए जिनसे होकर दामोदर नदी बहती है। [2017]
Answer: दामोदर नदी झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों से होकर बहती है। यह नदी इन दोनों राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण जलस्रोत है, और दामोदर घाटी परियोजना ने इन क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
In simple words: दामोदर नदी झारखंड और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है।

🎯 Exam Tip: दामोदर नदी से संबंधित दोनों राज्यों के नाम सही और स्पष्ट रूप से लिखें।

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. नागार्जुन परियोजना किस नदी से सम्बन्धित है? [2009, 10, 12]
या
नागार्जुन सागर परियोजना किस नदी पर स्थित है? [2015]
(क) कृष्णा
(ख) कावेरी
(ग) महानदी
(घ) गंगा
Answer: (क) कृष्णा
In simple words: नागार्जुन परियोजना कृष्णा नदी पर बनी हुई है।

🎯 Exam Tip: नागार्जुन परियोजना का संबंध कृष्णा नदी से है; इस तथ्य को याद रखें।

 

Question 2. नागार्जुन परियोजना किस राज्य में स्थापित है?
(क) आन्ध्र प्रदेश
(ख) कर्नाटक
(ग) केरल
(घ) तमिलनाडु
Answer: (क) आन्ध्र प्रदेश
In simple words: नागार्जुन परियोजना आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित है।

🎯 Exam Tip: नागार्जुन परियोजना से जुड़े राज्य का नाम (आंध्र प्रदेश) याद रखें।

 

Question 3. मध्य प्रदेश राज्य की प्रमुख परियोजना कौन-सी है?
(क) रिहन्द
(ख) चम्बल
(ग) हीराकुड
(घ) दामोदर
Answer: (ख) चम्बल
In simple words: मध्य प्रदेश की मुख्य परियोजना चंबल परियोजना है।

🎯 Exam Tip: मध्य प्रदेश की प्रमुख नदी घाटी परियोजना के रूप में चंबल परियोजना का नाम याद रखें।

 

Question 4. निम्नलिखित में से उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना कौन-सी है? [2013]
(क) माताटीला
(ख) रामगंगा
(ग) रिहन्द
(घ) गंडक
Answer: (ग) रिहन्द
In simple words: उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना रिहन्द है।

🎯 Exam Tip: उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना का नाम (रिहन्द) याद रखें।

 

Question 5. हीराकुड बहु-उद्देशीय परियोजना किस राज्य में स्थित है?
(क) मध्य प्रदेश
(ख) बिहार
(ग) ओडिशा
(घ) पश्चिम बंगाल
Answer: (ग) ओडिशा
In simple words: हीराकुंड परियोजना ओडिशा राज्य में है।

🎯 Exam Tip: हीराकुंड परियोजना से संबंधित राज्य (ओडिशा) का नाम याद रखें।

 

Question 6. भाखड़ा-नांगल बाँध किस नदी पर स्थित है? [2017]
(क) व्यास
(ख) महानदी
(ग) कोसी
(घ) सतलुज
Answer: (घ) सतलुज
In simple words: भाखड़ा-नांगल बाँध सतलुज नदी पर बना है।

🎯 Exam Tip: भाखड़ा-नांगल बाँध जिस नदी पर स्थित है, उसका नाम (सतलुज) याद रखें।

 

Question 7. हीराकुड बाँध किस नदी पर बनाया गया है? [2012, 18]
(क) रिहन्द
(ख) दामोदर
(ग) महानदी
(घ) कृष्णा
Answer: (ग) महानदी
In simple words: हीराकुंड बाँध महानदी पर बनाया गया है।

🎯 Exam Tip: हीराकुंड बाँध से संबंधित नदी (महानदी) का नाम याद रखें।

 

Question 8. भारत की सबसे बड़ी बहु-उद्देशीय नदी घाटी परियोजना कौन-सी है?
(क) रिहन्द
(ख) दामोदर
(ग) भाखड़ा-नांगल
(घ) तुंगभद्रा
Answer: (ग) भाखड़ा-नांगल
In simple words: भारत की सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना भाखड़ा-नांगल है।

🎯 Exam Tip: भारत की सबसे बड़ी बहु-उद्देशीय परियोजना के रूप में भाखड़ा-नांगल का नाम याद रखें।

 

Question 9. निम्नलिखित में से कौन-सी परियोजना प० बंगाल और झारखण्ड को संयुक्त रूप से लाभान्वित करती है?
(क) तुंगभद्रा
(ख) टिहरी बाँध
(ग) दामोदर घाटी
(घ) नागार्जुन सागर
Answer: (ग) दामोदर घाटी
In simple words: दामोदर घाटी परियोजना पश्चिम बंगाल और झारखंड दोनों राज्यों को फायदा पहुंचाती है।

🎯 Exam Tip: पश्चिम बंगाल और झारखंड को संयुक्त रूप से लाभान्वित करने वाली परियोजना (दामोदर घाटी) का नाम याद रखें।

 

Question 10. माताटीला बाँध किस जनपद में बनाया गया है? (2012]
(क) आगरा में
(ख) ललितपुर में
(ग) कानपुर में
(घ) मथुरा में
Answer: (ख) ललितपुर में
In simple words: माताटीला बाँध ललितपुर जिले में बनाया गया है।

🎯 Exam Tip: माताटीला बाँध जिस जनपद (जिला) में है, उसका नाम (ललितपुर) याद रखें।

 

Question 11. मध्य प्रदेश की सबसे लम्बी नदी है [2009]
(क) नर्मदा
(ख) ताप्ती
(ग) सोन
(घ) केन
Answer: (क) नर्मदा
In simple words: नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की सबसे लंबी नदी है।

🎯 Exam Tip: मध्य प्रदेश की सबसे लंबी नदी का नाम (नर्मदा) याद रखें।

 

Question 12. रिहन्द बाँध परियोजना किस राज्य में स्थित है? [2015]
या
रिहन्द बाँध किस राज्य में बनाया गया है? [2016]
(क) आन्ध्र प्रदेश
(ख) मध्य प्रदेश
(ग) उत्तर प्रदेश
(घ) पश्चिम बंगाल
Answer: (ग) उत्तर प्रदेश
In simple words: रिहन्द बाँध परियोजना उत्तर प्रदेश में है।

🎯 Exam Tip: रिहन्द बाँध परियोजना से संबंधित राज्य (उत्तर प्रदेश) का नाम याद रखें।

 

Question 13. निम्नलिखित में से सबसे लम्बी नदी कौन-सी है? [2013]
(क) यमुना
(ख) गोदावरी
(ग) कावेरी
(घ) ताप्ती
Answer: (ख) गोदावरी
In simple words: दी गई नदियों में से गोदावरी सबसे लंबी है।

🎯 Exam Tip: भारत की प्रमुख लंबी नदियों में गोदावरी का स्थान याद रखें।

 

Question 14. टिहरी बाँध किस नदी पर बनाया गया है? [2016]
(क) रामगंगा पर
(ख) भागीरथी पर
(ग) अलकनन्दा पर
(घ) मन्दाकिनी पर
Answer: (ख) भागीरथी पर
In simple words: टिहरी बाँध भागीरथी नदी पर बना है।

🎯 Exam Tip: टिहरी बाँध जिस नदी पर स्थित है, उसका नाम (भागीरथी) याद रखें।

 

Question 15. हीराकुड बाँध किस राज्य में स्थित है? [2018]
(क) गुजरात
(ख) आन्ध्र प्रदेश
(ग) ओडिशा
(घ) महाराष्ट्र
Answer: (ग) ओडिशा
In simple words: हीराकुंड बाँध ओडिशा राज्य में स्थित है।

🎯 Exam Tip: हीराकुंड बाँध से संबंधित राज्य (ओडिशा) का नाम याद रखें।

 

Question 15. हीराकुड बाँध किस राज्य में स्थित है? [2018]
(a) गुजरात
(b) आन्ध्र प्रदेश
(c) ओडिशा
(d) महाराष्ट्र
Answer: (c) ओडिशा
In simple words: हीराकुड बाँध भारत के ओडिशा राज्य में बना हुआ है. यह बाँध महानदी पर बनाया गया है.

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण बांधों के नाम, वे किस नदी पर स्थित हैं, और किस राज्य में हैं, ये तीनों जानकारी याद रखना जरूरी है. यह आपको ऐसे प्रश्नों में पूरे अंक दिलाने में मदद करेगा.

UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 5 जल संसाधन prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 10 Social Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 5 जल संसाधन

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 10 Social Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 10 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Social Science Class 10 Solved Papers

Using our Social Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 10 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 5 जल संसाधन to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Social Science are as per latest UP Board curriculum.

Are the Social Science UP Board solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Social Science. You can access UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Social Science UP Board solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 10 Social Science Chapter 5 जल संसाधन in printable PDF format for offline study on any device.