UP Board Solutions Class 10 Science Chapter 8 How do Organisms Reproduce

Get the most accurate UP Board Solutions for Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? here. Updated for the 2026 27 academic session, these solutions are based on the latest UP Board textbooks for Class 10 Science. Our expert-created answers for Class 10 Science are available for free download in PDF format.

Detailed Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? UP Board Solutions for Class 10 Science

For Class 10 students, solving UP Board textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 10 Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? solutions will improve your exam performance.

Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? UP Board Solutions PDF

UP Board Solutions for Class 10 Science Chapter 8 How do Organisms Reproduce (जीव जनन कैसे करते है)

पाठगत हल प्रश्न

NCERT IN-TEXT QUESTIONS SOLVED

खंड 8.1 (पृष्ठ संख्या 142)

Question 1. डी०एन०ए० प्रतिकृति का प्रजनन में क्या महत्त्व है?
Answer: DNA के अणुओं में आनुवंशिक गुणों का संदेश होता है, जो जनक से संतति पीढ़ी में जाता है। यह पीढ़ी-दर-पीढी अभिलक्षण हस्तान्तरित करने में सहायता करता है। साथ ही DNA प्रतिकृति में विभिन्नताएँ पाई जाती हैं, जो लंबे समय तक किसी स्पीशीज़ (species) के उत्तरजीविता के लिए आवश्यक होता है।
In simple words: DNA प्रतिकृति यह सुनिश्चित करती है कि आनुवंशिक जानकारी माता-पिता से बच्चों में सही ढंग से जाए, जिससे पीढ़ियों में स्थिरता बनी रहे और विविधता भी आती है जो प्रजातियों के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में DNA की प्रतिकृति के दो मुख्य उद्देश्यों पर ध्यान दें: आनुवंशिक गुणों का हस्तांतरण और विविधता का सृजन, जो अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. जीवों में विभिन्नता स्पीशीज़ के लिए तो आवश्यक है, परंतु व्यष्टि के लिए आवश्यक नहीं है, क्यों?
Answer: विभिन्नताएँ स्पीशीज़ की उत्तरजीविता बनाए रखने में उपयोगी होता है, क्योंकि यदि किसी समष्टि के जीवों में कुछ विभिन्नता होगी, तभी अचानक कुछ उग्र परिवर्तन आने पर जीवित रह पाएँगे अन्यथा समष्टि का समूल विनाश संभव है; जैसेवैश्विक उष्मीकरण (Global warming) के कारण शीतोष्ण जल के जीवाणुओं की समष्टि में से अधिकतर जीवाणु व्यष्टि मर जाएँगे, परंतु उष्ण प्रतिरोधी क्षमता वाले कुछ परिवर्तन जीवित रहेंगे।
In simple words: विभिन्नताएँ प्रजातियों को बदलते वातावरण में जीवित रहने में मदद करती हैं, जैसे कि ग्लोबल वार्मिंग के दौरान, जहां कुछ जीव अनुकूलन के कारण बच जाते हैं। हालांकि, व्यक्तिगत जीव के लिए, विविधता तुरंत आवश्यक नहीं होती है, क्योंकि वह अपने वर्तमान पर्यावरण में पहले से ही अनुकूलित है।

🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि विविधता कैसे प्रजातियों के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित करती है, खासकर पर्यावरण में होने वाले परिवर्तनों के सामने, जबकि व्यक्ति का अस्तित्व मौजूदा अनुकूलन पर निर्भर करता है।

 

खंड 8.2 (पृष्ठ संख्या 146)

Question 1. द्विखंडन बहुखंडन से किस प्रकार भिन्न है?
Answer:
द्विखंडन इस विधि द्वारा एककोशिकीय जीव दो भागों में विभक्त होता है और प्रत्येक भाग एक नए जीव में विकसित होता है; जैसे-अमीबा ।
बहुखंडन इस विधि में एककोशिकीय जीव अनेक भागों में विभक्त होता है तथा प्रत्येक भाग एक नए जीव में विकसित होता है; जैसे-मलेरिया परजीवी (प्लैज़्मोडियम)।
In simple words: द्विखंडन में एक जीव दो हिस्सों में बंटता है, जबकि बहुखंडन में एक जीव कई छोटे-छोटे हिस्सों में बंटकर नए जीवों को जन्म देता है।

🎯 Exam Tip: द्विखंडन और बहुखंडन के बीच मुख्य अंतर विभाजन की संख्या है। प्रत्येक के लिए एक उपयुक्त उदाहरण याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. बीजाणु द्वारा जनन से जीव किस प्रकार लाभान्वित होता है?
Answer: बीजाणु के चारों ओर एक मोटी भित्ति होती है, जो प्रतिकूल परिस्थितियों में उसकी रक्षा करती है, नम सतह के संपर्क में आने पर वह वृद्धि करने लगता है। ये हल्के तथा गोल होते हैं, जिसके कारण आसानी से वातावरण में फैल जाते हैं।
In simple words: बीजाणु जनन जीवों को प्रतिकूल वातावरण से बचाता है और उन्हें आसानी से फैलने में मदद करता है, जिससे नए स्थानों पर बसने की संभावना बढ़ जाती है।

🎯 Exam Tip: बीजाणु जनन के दो मुख्य लाभ हैं: प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा और व्यापक फैलाव, जो प्रजातियों के प्रसार में सहायक होते हैं।

 

Question 3. क्या आप कुछ कारण सोच सकते हैं, जिससे पता चलती हो कि जटिल संरचना वाले जीव पुनरुद्भवन द्वारा नयी संतति उत्पन्न नहीं कर सकते?
Answer: जटिल संरचना वाले जीवों में विशिष्ट कार्य करने के लिए एक खास अंग एवं अंगतंत्र होते हैं, इसलिए ऐसे जीवों के किसी भाग को काट कर नया जीव उत्पन्न नहीं किया जा सकता है। पुनरुद्भवन विशिष्ट कोशिकाओं द्वारा संपादित होती है। इन कोशिकाओं के क्रमप्रसरण से अनेक कोशिकाएँ बन जाती हैं। इस प्रकार का जनन केवल उन्हीं जीवों में संभव है जिनमें विशिष्ट कार्य के लिए अंग नहीं पाए जाते हैं।
In simple words: जटिल जीवों में विशेष अंग और अंग-प्रणालियाँ होती हैं, और उनके शरीर का एक छोटा हिस्सा पूरा जीव नहीं बना सकता। पुनरुद्भवन केवल उन सरल जीवों में संभव है जिनके पास विशिष्ट अंग नहीं होते हैं और जिनकी कोशिकाएँ आसानी से नए अंग बना सकती हैं।

🎯 Exam Tip: जटिल जीवों में कार्य का विभाजन और विशिष्ट ऊतकों की उपस्थिति पुनरुद्भवन की क्षमता को सीमित करती है, जबकि सरल जीवों में यह क्षमता अधिक होती है।

 

Question 4. कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन का उपयोग क्यों किया जाता है?
Answer: कुछ पौधों को उगाने के लिए कायिक प्रवर्धन के उपयोग निम्नलिखित कारणों से किए जाते हैं
1. कायिक प्रवर्धन द्वारा उगाए गए पौधों में बीज द्वारा उगाए गए पौधों की अपेक्षा पुष्प एवं फल कम समय में लगते हैं।
2. यह पद्धति उन पौधों के उगाने के लिए उपयुक्त है, जो बीज उत्पन्न करने की क्षमता खो चुके हैं; जैसे- गुलाब, चमेली, संतरा एवं केला ।
3. कायिक प्रवर्धन द्वारा उत्पन्न सभी पौधे आनुवंशिक रूप से जनक पौधे के समान होते हैं।
In simple words: कायिक प्रवर्धन का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि यह पौधों को तेजी से बढ़ने, उन पौधों को उगाने में मदद करता है जो बीज नहीं बना सकते, और यह सुनिश्चित करता है कि नए पौधे अपने माता-पिता के समान गुण वाले हों।

🎯 Exam Tip: कायिक प्रवर्धन के तीन मुख्य लाभों पर ध्यान दें: कम समय में फल और फूल, बीज रहित पौधों का प्रवर्धन, और आनुवंशिक समानता।

 

Question 5. डी०एन०ए० की प्रतिकृति बनाना जनक के लिए आवश्यक क्यों है?
Answer: डी०एन०ए० की प्रतिकृति बनाना जनक के लिए इसलिए आवश्यक है, क्योंकि इससे संतति कोशिकाएँ समान होते हुए भी किसी न किसी रूप में एक दूसरे से भिन्न होती हैं। यही विभिन्नताएँ जैव-विकास का आधार हैं। इस प्रक्रिया में जनन कोशिका में डी०एन०ए० की दो प्रतिकृतियाँ बनती हैं और इसके साथ-साथ दूसरी कोशिकीय संरचनाओं का सृजन भी होता रहता है तथा इसके बाद डी०एन०ए० की प्रतिकृतियाँ विलग हो जाती हैं।
In simple words: DNA की प्रतिकृति इसलिए जरूरी है ताकि नई कोशिकाओं में सही आनुवंशिक जानकारी जा सके और थोड़ा-बहुत बदलाव (भिन्नता) भी आए जो जीवों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

🎯 Exam Tip: डीएनए प्रतिकृति के दो मुख्य कारण हैं: आनुवंशिक जानकारी का हस्तांतरण और जैव-विकास के लिए आवश्यक भिन्नताओं का निर्माण।

 

खंड 8.3 (पृष्ठ संख्या 154)

Question 1. परागण क्रिया निषेचन से किस प्रकार भिन्न है?
Answer:
परागण परागकणों के परागकोष से वर्तिकाग्र तक पहुँचने की क्रिया को परागण क्रिया कहते हैं। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की दो कोशिकाओं में संलयन नहीं होता है। यह निषेचन से पहले की क्रिया है।
निषेचन निषेचन में नर व मादा युग्मकों का संलयन होता है तथा युग्मनज बनता है। यह परागण के बाद की क्रिया है।
In simple words: परागण वह प्रक्रिया है जहाँ पराग वर्तिकाग्र तक पहुँचता है, इसमें कोशिकाओं का मिलना नहीं होता, जबकि निषेचन में नर और मादा युग्मकों का मिलकर एक नया जीव बनाना शामिल है।

🎯 Exam Tip: परागण और निषेचन के बीच मुख्य अंतर उनकी प्रक्रिया और घटना के क्रम में है। परागण युग्मक संलयन के बिना होता है और निषेचन से पहले होता है, जबकि निषेचन युग्मक संलयन है जो परागण के बाद होता है।

 

Question 2. शुक्राशय एवं प्रोस्टेट ग्रंथि की क्या भूमिका है?
Answer: प्रोस्ट्रेट तथा शुक्राणु अपने स्राव शुक्रवाहिका में डालते हैं, जिससे शुक्राणु एक तरल माध्यम में आ जाते हैं। इसके कारण इनका स्थानांतरण सरलता से होता है, साथ ही यह स्राव उन्हें पोषण भी प्रदान करता है।
In simple words: शुक्राशय और प्रोस्टेट ग्रंथि ऐसे तरल पदार्थ स्रावित करती हैं जो शुक्राणुओं को एक तरल माध्यम प्रदान करते हैं। यह उन्हें आसानी से गति करने में मदद करता है और उन्हें पोषण भी देता है।

🎯 Exam Tip: इन ग्रंथियों के दो मुख्य कार्य हैं: शुक्राणुओं को गतिशीलता के लिए तरल माध्यम प्रदान करना और पोषण देना।

 

Question 3. यौवनारंभ के समय लड़कियों में कौन-से परिवर्तन दिखाई देते हैं?
Answer: यौवनारंभ के समय लड़कियों में निम्नलिखित मुख्य परिवर्तन दिखाई देते हैं।
1. वक्ष के भाग में स्तनों का विकास ।
2. रजोधर्म या ऋतुस्राव का प्रारंभ ।
3. आवाज़ पतली हो जाती है।
4. गुप्तांगों पर बाल उत्पन्न होने लगते हैं।
In simple words: यौवनारंभ में लड़कियों में स्तनों का विकास, मासिक धर्म की शुरुआत, आवाज का पतला होना और गुप्तांगों पर बालों का आना जैसे शारीरिक बदलाव आते हैं।

🎯 Exam Tip: यौवनारंभ के दौरान लड़कियों में होने वाले इन चार प्रमुख शारीरिक परिवर्तनों को याद रखें, क्योंकि ये लैंगिक परिपक्वता के महत्वपूर्ण सूचक हैं।

 

Question 4. माँ के शरीर में गर्भस्थ भ्रूण को पोषण किस प्रकार प्राप्त होता है?
Answer: भ्रूण को माँ के रुधिर से ही पोषण मिलता है, इसके लिए एक विशेष संरचना होती है, जिसे प्लेसेंटा कहते हैं। यह एक तश्तरीनुमा संरचना है जो गर्भाशय की भित्ति में धंसी होती है। इसमें भ्रूण की ओर के ऊतक में प्रवर्ध होते हैं। माँ के ऊतकों में रक्तस्थान होते हैं, जो प्रवर्ध को आच्छादित करते हैं। यह माँ से भ्रूण को ग्लूकोज़, ऑक्सीजन एवं अन्य पदार्थों के स्थानांतरण हेतु एक बृहद क्षेत्र प्रदान करते हैं। विकासशील भ्रूण द्वारा अपशिष्ट पदार्थ उत्पन्न होते हैं, जिनका निपटान उन्हें प्लेसेंटा के माध्यम से माँ के रुधिर में स्थानांतरण द्वारा होता है।
In simple words: गर्भस्थ भ्रूण को माँ से प्लेसेंटा नामक एक विशेष संरचना के माध्यम से पोषण मिलता है। प्लेसेंटा माँ के रक्त से पोषक तत्व और ऑक्सीजन भ्रूण तक पहुँचाता है, और भ्रूण के अपशिष्ट पदार्थों को माँ के रक्त में वापस भेजता है।

🎯 Exam Tip: प्लेसेंटा की संरचना और उसके दोहरे कार्य (पोषक तत्व और ऑक्सीजन की आपूर्ति, अपशिष्ट का निष्कासन) को समझना इस प्रश्न का मुख्य बिंदु है।

 

Question 5. यदि कोई महिला कॉपर-टी का प्रयोग कर रही है तो क्या यह उसकी यौन-संचरित रोगों से रक्षा करेगा?
Answer: नहीं। कॉपर-टी का प्रयोग महिला की यौन-संचरित रोगों से रक्षा नहीं करेगा, क्योंकि यह विधि नर तथा मादा के बीच शारीरिक संबंध स्थापित करने में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करती है। केवल गर्भधारण रोकती है।
In simple words: कॉपर-टी केवल गर्भधारण को रोकने का एक तरीका है, यह यौन-संबंध के दौरान होने वाले रोगों से बचाव नहीं करता, क्योंकि यह शारीरिक संपर्क को नहीं रोकता।

🎯 Exam Tip: कॉपर-टी एक गर्भनिरोधक विधि है, न कि यौन-संचरित संक्रमण (STI) से बचाव का तरीका। इस अंतर को स्पष्ट रूप से समझाना महत्वपूर्ण है।

पाठ्यपुस्तक से हल प्रश्न

NCERT TEXTBOOK QUESTIONS SOLVED

Question 1. अलैंगिक जनन मुकुलन द्वारा होता है।
(a) अमीबा
(b) यीस्ट
(C) प्लैज्मोडियम
(d) लेस्मानिया
Answer: (b) यीस्ट ।
In simple words: यीस्ट एककोशिकीय जीव है जो मुकुलन नामक अलैंगिक जनन विधि से प्रजनन करता है, जिसमें एक छोटी कली मूल जीव से अलग होकर नया जीव बनाती है।

🎯 Exam Tip: मुकुलन, द्विखंडन और बहुखंडन जैसे अलैंगिक जनन के विभिन्न प्रकारों को उनके उदाहरणों के साथ याद रखें।

 

Question 2. निम्न में से कौन मानव में मादा जनन तंत्र का भाग नहीं है?
(a) अंडाशय
(b) गर्भाशय
(C) शुक्रवाहिका
(d) डिंबवाहिनी
Answer: (C) शुक्रवाहिका ।
In simple words: शुक्रवाहिका (vas deferens) मानव के पुरुष जनन तंत्र का एक हिस्सा है, जो शुक्राणुओं को वृषण से ले जाता है, जबकि अंडाशय, गर्भाशय और डिंबवाहिनी मादा जनन तंत्र के भाग हैं।

🎯 Exam Tip: पुरुष और मादा जनन तंत्र के मुख्य अंगों और उनके कार्यों को याद रखें, विशेषकर उनके नामों का सही-सही अंतर पहचानें।

 

Question 3. परागकोश में होते हैं
(a) बाह्यदल
(b) अंडाशय
(C) अंडप
(d) परागकण
Answer: (d) परागकण ।
In simple words: परागकोश फूल का वह हिस्सा है जिसमें परागकण बनते हैं और परागकणों को धारण करता है।

🎯 Exam Tip: फूल के विभिन्न भागों जैसे परागकोश, वर्तिकाग्र, अंडाशय और उनके अंदर पाए जाने वाले घटकों को याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन के क्या लाभ हैं?
Answer:
1. अलैंगिक जनन में प्राप्त संतति, जनक के लगभग समरूप होते हैं, क्योंकि इनमें एक ही जीव के डी०एन०ए० से प्रतिकृति प्राप्त होता है परंतु लैंगिक जनन में दो या दो से अधिक जीव भाग लेते हैं। अतः संयोजन अनोखा होता है तथा भिन्न जीवों से प्राप्त डी०एन०ए० अत्यधिक विभिन्नताओं को बढ़ावा देता है, जो विकास के लिए आवश्यक है।
2. लैंगिक जनन में नए संयोजन के अवसर उत्पन्न होते हैं, जिससे नई स्पीशीज़ एवं जाति की उत्पत्ति होती है।
In simple words: लैंगिक जनन से अधिक विविधता वाले जीव उत्पन्न होते हैं क्योंकि इसमें दो अलग-अलग जीवों से DNA मिलता है, जो विकास और नई प्रजातियों के निर्माण में मदद करता है, जबकि अलैंगिक जनन से माता-पिता के समान जीव बनते हैं।

🎯 Exam Tip: लैंगिक जनन के दो मुख्य लाभों पर ध्यान दें: आनुवंशिक विविधता का बढ़ना और नई प्रजातियों के विकास में सहायक होना, जो अलैंगिक जनन में अनुपस्थित होते हैं।

 

Question 5. मानव में वृषण के क्या कार्य हैं?
Answer: मानव में वृषण के कार्य निम्न हैं.
1. शुक्राणु का निर्माण करना।
2. टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का स्राव करना।
In simple words: वृषण पुरुष प्रजनन तंत्र का हिस्सा हैं जिनके दो मुख्य कार्य हैं: शुक्राणु का उत्पादन करना और टेस्टोस्टेरोन नामक पुरुष हार्मोन बनाना।

🎯 Exam Tip: वृषण के दोहरे कार्य (शुक्राणु उत्पादन और टेस्टोस्टेरोन स्राव) को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये दोनों प्रजनन और पुरुष लैंगिक विशेषताओं के लिए आवश्यक हैं।

 

Question 6. ऋतुस्राव क्यों होता है?
Answer: निषेचन नहीं होने की स्थिति में अंडाशय की अंतःभित्ति की मांसल एवं स्पोंजी परत जैसी संरचना की आवश्यकता नहीं रहती, क्योंकि यह अंड के निषेचन होने की अवस्था में उसके पोषण के लिए आवश्यक होता है। अतः यह परत धीरे-धीरे टूटकर योनि मार्ग से रुधिर एवं म्यूकस के रूप में निष्कासित होती है। इस चक्र में लगभग एक मास का समय लगता है, इसे ऋतुस्राव या रजोधर्म कहते हैं।
In simple words: ऋतुस्राव तब होता है जब अंडे का निषेचन नहीं होता है, तो गर्भाशय की मोटी, रक्त-पोषित परत जिसकी तैयारी भ्रूण के लिए की गई थी, शरीर से रक्त और म्यूकस के रूप में बाहर निकल जाती है।

🎯 Exam Tip: ऋतुस्राव की प्रक्रिया को अनिषेचित अंडे के संदर्भ में समझें, जहां गर्भाशय की परत, जो गर्भावस्था के लिए तैयार की गई थी, गर्भावस्था न होने पर शरीर से बाहर निकाल दी जाती है।

 

Question 7. पुष्प की अनुदैर्ध्य काट का नामांकित चित्र बनाइए ।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): इस चित्र में एक फूल की अनुदैर्ध्य काट (लंबवत अनुभाग) को दर्शाया गया है, जिसमें उसके विभिन्न प्रजनन और सहायक अंगों को स्पष्ट रूप से नामांकित किया गया है। इसमें फूल के नर भाग जैसे परागकोष और तंतु (परागकण युक्त) तथा मादा भाग जैसे वर्तिकाग्र, वर्तिका, अंडाशय और उसके भीतर अंडाणु दिखाई दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, फूल के बाहरी सुरक्षात्मक भाग बाह्यदल भी स्पष्ट रूप से दर्शाये गए हैं।
In simple words: यह एक फूल का कटा हुआ चित्र है जो दिखाता है कि उसके अंदर क्या है, जैसे पराग पैदा करने वाले हिस्से और अंडे पैदा करने वाले हिस्से, साथ ही फूल की पंखुड़ियाँ और बाहरी सुरक्षा कवच।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में चित्र बनाने और उसके सभी भागों को सही ढंग से नामांकित करने का अभ्यास करें, विशेष रूप से प्रजनन अंगों-परागकोष, वर्तिकाग्र, अंडाशय और अंडाणु पर ध्यान दें।

 

Question 8. गर्भनिरोधन की विभिन्न विधियाँ कौन-सी हैं?
Answer: गर्भनिरोधन की विधियाँ निम्नलिखित हैं-
1. यांत्रिक अवरोध (Physical Barrier Method)- ताकि शुक्राणु अंडकोशिका तक न पहुँच सकें । शिश्न को ढकने वाले कंडोम अथवा योनि में रखने वाले अनेक युक्तियाँ; जैसे-लूप अथवा कॉपर-टी (copper-T) को गर्भाशय में स्थापित करना।
2. हार्मोन संतुलन को परिवर्तन- ये दवाएँ मादा सामान्यतः गोली के रूप में लेती हैं, जिससे हॉर्मोन संतुलन में परिवर्तन हो जाता है तथा अंड का विमोचन ही नहीं होता है। अतः निषेचन नहीं हो पाता है।
3. शल्य क्रिया तकनीक (Surgical Method)- यदि पुरुष की शुक्रवाहिकाओं को अवरुद्ध कर दिया जाए तो शुक्राणुओं का स्थानांतरण रुक जाएगा। यदि मादा की अंडवाहिनी अथवा फेलोपियन नलिका को अवरुद्ध कर दिया जाए, तो अंड (डिंब) गर्भाशय तक नहीं पहुँच सकेगा। दोनों ही अवस्थाओं में निषेचन नहीं हो पाएगा।
In simple words: गर्भनिरोधन के तरीकों में शारीरिक अवरोध (जैसे कंडोम), हार्मोन संतुलन बदलना (जैसे गोलियाँ) और शल्य चिकित्सा (जैसे नसबंदी) शामिल हैं, जो गर्भावस्था को रोकने के लिए शुक्राणु और अंडे के मिलने को रोकते हैं।

🎯 Exam Tip: गर्भनिरोधन की इन तीन मुख्य विधियों (यांत्रिक, हार्मोनल, शल्य क्रिया) को उनके उदाहरणों और क्रियाविधि के साथ याद रखें।

 

Question 9. एक-कोशिक एवं बहुकोशिक जीवों की जनन पद्धति में क्या अंतर है?
Answer:
एक-कोशिक जीवों में केवल एक ही कोशिका होती है। उनमें जनन के लिए अलग से कोई ऊतक या अंग नहीं होता है। अतः उनमें जनन केवल द्विविखंडन या बहुविखंडन द्वारा ही हो सकता है। कुछ जीवों जैसे यीस्ट में मुकुलन द्वारा भी जनन होता है।
बहुकोशिक जीवों का शरीर बहुत-सी कोशिकाओं से बना होता है। इनमें जनन के लिए अलग से ऊतक या जनन तंत्र होते हैं। अतः इनमें जनन लैंगिक व अलैंगिक दोनों प्रकार से होता है।
In simple words: एककोशिकीय जीव केवल एक कोशिका से बने होते हैं और द्विखंडन या बहुखंडन जैसे सरल तरीकों से प्रजनन करते हैं, जबकि बहुकोशिकीय जीवों में जटिल शरीर और विशेष प्रजनन अंग होते हैं, जो लैंगिक और अलैंगिक दोनों तरीकों से प्रजनन कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में एककोशिकीय और बहुकोशिकीय जीवों की संरचनात्मक जटिलता और उनकी जनन विधियों के बीच के अंतर पर ध्यान दें।

 

Question 10. जनन किसी स्पीशीज़ की समष्टि के स्थायित्व में किस प्रकार सहायक है?
Answer: अपनी जनन क्षमता के कारण जीवों की समष्टि पारितंत्र में अपना स्थान अथवा निकेत ग्रहण करने में सक्षम होते हैं। जनन के दौरान डी०एन०ए० (DNA) प्रतिकृति का अविरोध जीव की शारीरिक संरचना एवं डिजाइन के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं, जो उसे विशिष्ट निकेत के योग्य बनाती है। अतः किसी प्रजाति (स्पीशीज़) की समष्टि के स्थायित्व का संबंध जनन से है।
In simple words: जनन यह सुनिश्चित करता है कि प्रजातियों की संख्या बनी रहे और वे अपने पर्यावरण में अनुकूलित रहें, जिससे उनकी आबादी स्थिर रहती है और वे विलुप्त होने से बचते हैं।

🎯 Exam Tip: जनन न केवल संख्या बढ़ाता है, बल्कि DNA प्रतिकृति के माध्यम से अनुकूलन और विविधता सुनिश्चित करके प्रजातियों के दीर्घकालिक अस्तित्व और स्थिरता में भी योगदान देता है।

 

Question 11. गर्भनिरोधक युक्तियाँ अपनाने के क्या कारण हो सकते हैं?
Answer: गर्भनिरोधक युक्तियाँ अपनाने के निम्न कारण हैं
1. अनचाहे गर्भधारण की संभावना को रोकना।
2. लैंगिक संचरण द्वारा HIV AIDS, गनोरिया, सिफलिस, मस्सा (Wart) आदि रोगों से बचाव ।
3. बच्चों के बीच उपयुक्त अंतर के लिए।
In simple words: गर्भनिरोधक युक्तियाँ अपनाने के मुख्य कारण अनचाहे गर्भधारण से बचना, यौन-संचरित रोगों से खुद को बचाना और बच्चों के जन्म के बीच सही अंतर बनाए रखना है।

🎯 Exam Tip: गर्भनिरोधक के तीन मुख्य कारणों को याद रखें: अनचाही गर्भावस्था से बचाव, यौन-संचरित रोगों से सुरक्षा, और परिवार नियोजन में सहायता।

UP Board Solutions Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं?

Students can now access the UP Board Solutions for Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 10 Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest UP Board syllabus.

Detailed Explanations for Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं?

Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 10 Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 10 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these UP Board Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.

Benefits of using Science Class 10 Solved Papers

Using our Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 10 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? to get a complete preparation experience.

FAQs

Where can I find the latest UP Board Solutions Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? for the 2026 27 session?

The complete and updated UP Board Solutions Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 10 Science are as per latest UP Board curriculum.

Are the Science UP Board solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Science. You can access UP Board Solutions Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Science UP Board solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 10 Science Chapter 8 जीव कैसे प्रजनन करते हैं? in printable PDF format for offline study on any device.