Download UP Board Solutions for Class 10 Sanskrit Chapter 05 विश्वकविह रवींद्र
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परिचय
पाठ-सारांश [2006, 07,08, 11, 12, 13, 15]
गद्यांशों का ससन्दर्भ अनुवाद
लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. महाकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचना 'गीताञ्जलि' पर प्रकाश डालिए ।
Answer: गीतांजलि महाकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा बांग्ला भाषा में लिखे गए गीतों का संग्रह है। यह उनकी एक बहुत खास रचना है। इसका अंग्रेजी अनुवाद स्वयं रवीन्द्रनाथ टैगोर ने ही किया था। इसी रचना के लिए उन्हें वर्ष 1913 में विदेशियों द्वारा 'नोबेल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था। इस पुरस्कार ने उनकी साहित्यिक कृतियों को विश्वव्यापी पहचान दी।
In simple words: गीतांजलि रवीन्द्रनाथ टैगोर के बांग्ला गीतों का संग्रह है। यह उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना है और उन्हें इसी के लिए 1913 में नोबेल पुरस्कार मिला था।
🎯 Exam Tip: प्रश्न में सीधे तौर पर 'गीतांजलि' या 'नोबेल पुरस्कार' का उल्लेख होने पर उसकी प्रमुखता और सम्मान वर्ष (1913) अवश्य लिखें।
Question 2. विश्वकवि रवीन्द्र का संक्षिप्त जीवन-परिचय दीजिए ।
Answer: रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कलकत्ता शहर में एक अमीर और प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम देवेन्द्रनाथ और माता का नाम शारदा देवी था। उनकी शुरुआती पढ़ाई घर पर ही हुई। बाद में उन्होंने स्कूल में दाखिला लिया, पर उनका मन वहाँ नहीं लगा। 17 साल की उम्र में वे अपने बड़े भाई के साथ इंग्लैंड गए और वहाँ दो साल रहकर पश्चिमी संगीत का अच्छा ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने शैशव संगीत, प्रभात संगीत, सान्ध्य संगीत (गीति काव्य), रुद्रचण्ड, वाल्मीकि-प्रतिभा (गीति नाट्य), विसर्जन, राजर्षि, चोखेरबाली, चित्रांगदा, कौड़ी ओकमल, और गीतांजलि जैसी कई रचनाएँ लिखीं। महात्मा गाँधी उन्हें अपना गुरु मानते थे। 7 अगस्त, 1941 को उनका देहांत हो गया। यह महान कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से आज भी जीवित हैं।
In simple words: रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कलकत्ता में हुआ था। उनके पिता देवेन्द्रनाथ और माता शारदा देवी थीं। उन्होंने कई रचनाएँ लिखीं और महात्मा गांधी उन्हें अपना गुरु मानते थे। उनका निधन 7 अगस्त, 1941 को हुआ।
🎯 Exam Tip: जीवन-परिचय लिखते समय जन्मतिथि, जन्मस्थान, माता-पिता का नाम और प्रमुख उपलब्धियों को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।
Question 3. रवीन्द्रनाथ टैगोर के सांस्कृतिक और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का उल्लेख कीजिए।
Answer: रवीन्द्रनाथ टैगोर ने सांस्कृतिक क्षेत्र में संगीत और नृत्य के लिए एक नई शैली शुरू की, जिसे 'रवीन्द्र-शैली' कहा जाता है। एक शिक्षाविद् के तौर पर, उन्होंने नए शिक्षण विचारों की शुरुआत की। उनके इन विचारों का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम 'विश्वभारती' नामक संस्थान है, जो आज भी हमारे सामने मौजूद है। इस संस्थान में पढ़ाई की आश्रम शैली और आधुनिक शैली का मिश्रण देखा जा सकता है। यह उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है।
In simple words: रवीन्द्रनाथ टैगोर ने संगीत और नृत्य की 'रवीन्द्र-शैली' बनाई। उन्होंने शिक्षा में नए विचार दिए, जिनका प्रतीक 'विश्वभारती' संस्थान है। यहाँ पुरानी और नई शिक्षण शैलियाँ मिलकर काम करती हैं।
🎯 Exam Tip: सांस्कृतिक और शैक्षिक योगदानों को अलग-अलग स्पष्ट बिंदुओं में लिखें, जैसे संगीत शैली और 'विश्वभारती' का उल्लेख।
Question 4. विश्वकवि रवीन्द्र के बाल्य-जीवन का उल्लेख कीजिए।
Answer: रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म एक बहुत ही अमीर और प्रतिष्ठित ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पास बहुत धन-संपत्ति थी। बचपन में वे नौकरों की देखरेख में पले-बढ़े, जिससे उन्हें अपना जीवन बंधनों से भरा लगता था। उन्हें स्वतंत्र रूप से घूमने और खेलने का मौका नहीं मिलता था, इस कारण वे अक्सर दुखी रहते थे। उनके बड़े घर के पीछे एक सुंदर तालाब था, जिसके एक किनारे नारियल के पेड़ और दूसरे किनारे एक बड़ा बरगद का पेड़ था। रवीन्द्रनाथ अपने घर की खिड़की से इस सुंदर नजारे को देखकर बहुत खुश होते थे। सुबह के समय तालाब में नहाने आने वाले लोगों को और उनकी रंग-बिरंगी पोशाकों को देखकर उन्हें खुशी मिलती थी। शाम के समय यह तालाब पक्षियों की चहचहाहट से भर उठता था, जिससे बालक रवीन्द्रनाथ को बहुत आनंद मिलता था। प्रकृति उन्हें हमेशा खुशी देती थी।
In simple words: रवीन्द्रनाथ एक अमीर परिवार में जन्मे थे, पर उन्हें बचपन में आजादी नहीं मिली, जिससे वे दुखी रहते थे। वे अपने घर की खिड़की से पीछे के तालाब और पक्षियों को देखकर खुश होते थे।
🎯 Exam Tip: बाल्य-जीवन के विवरण में उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि, बचपन की कठिनाइयाँ और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम को शामिल करें।
Question 5. 'विश्वकवि' संज्ञा किस आधुनिक कवि को दी गयी है?
Answer: 'विश्वकवि' की उपाधि आधुनिक कवि श्री रवीन्द्रनाथ टैगोर को दी गई है। यह उपाधि उनकी वैश्विक पहचान और साहित्यिक योगदानों को दर्शाती है।
In simple words: आधुनिक कवि श्री रवीन्द्रनाथ टैगोर को 'विश्वकवि' कहा जाता है।
🎯 Exam Tip: इस सीधे प्रश्न का उत्तर देते समय कवि का पूरा नाम स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 6. विधिशास्त्र का अध्ययन करने के लिए रवीन्द्रनाथ किसके साथ और कहाँ गये?
Answer: कानून की पढ़ाई करने के लिए रवीन्द्रनाथ टैगोर वर्ष 1878 में अपने बड़े भाई न्यायाधीश सत्येन्द्रनाथ के साथ लंदन गए थे। वे बैरिस्टर की उपाधि प्राप्त करने गए थे।
In simple words: रवीन्द्रनाथ कानून पढ़ने के लिए अपने बड़े भाई सत्येन्द्रनाथ के साथ 1878 में लंदन गए थे।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न के उत्तर में वर्ष (1878), स्थान (लंदन) और साथ गए व्यक्ति (बड़े भाई सत्येन्द्रनाथ) का उल्लेख अवश्य करें।
Question 7. विश्वकवि रवीन्द्र की तुलना किन-किन कवियों से की गयी है?
Answer: विश्वकवि रवीन्द्र की तुलना अंग्रेजी साहित्य के प्रसिद्ध कवि शेक्सपियर, संस्कृत साहित्य के महान कवि कालिदास और हिंदी साहित्य के पूजनीय कवि गोस्वामी तुलसीदास से की गई है। यह तुलना उनकी काव्य प्रतिभा की महानता को दर्शाती है।
In simple words: विश्वकवि रवीन्द्र की तुलना अंग्रेजी कवि शेक्सपियर, संस्कृत कवि कालिदास और हिंदी कवि गोस्वामी तुलसीदास से की गई है।
🎯 Exam Tip: जिन कवियों से तुलना की गई है, उनके नाम और संबंधित भाषाओं का उल्लेख करें।
Question 8. 'विश्वभारती' का परिचय दीजिए।
Answer: रवीन्द्रनाथ टैगोर ने एक शिक्षाविद् के रूप में नए शैक्षिक विचारों की शुरुआत की थी। उनके इन प्रयोगात्मक और शिक्षा संबंधी विचारों का परिणाम 'विश्वभारती' नामक संस्थान है, जो आज भी अपना सिर उठाए खड़ा है। इस संस्था में शिक्षा देने की आश्रम पद्धति और नई आधुनिक शैली का एक साथ उपयोग किया जाता है। विश्वभारती केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संगम का प्रतीक भी है।
In simple words: विश्वभारती रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा शुरू किया गया एक शिक्षा संस्थान है। यहाँ आश्रम और आधुनिक दोनों शैलियों से पढ़ाई होती है।
🎯 Exam Tip: विश्वभारती के परिचय में रवीन्द्रनाथ के शैक्षिक विचारों और शिक्षण पद्धतियों के समन्वय का उल्लेख करें।
Question 9. विश्वकवि रवीन्द्र की साहित्यिक प्रतिभा का परिचय दीजिए।
Answer: विश्वकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर में साहित्य रचना की स्वाभाविक प्रतिभा थी। उनके घर का साहित्यिक माहौल, कला-साधना, नाटकों का मंचन और संगीत गोष्ठियां उनकी प्रतिभा को निखारती थीं। उन्होंने कम उम्र में ही अनेक कहानियाँ और निबंध लिखे, जो 'भारती', 'साधना' और 'तत्त्वबोधिनी' जैसी पारिवारिक पत्रिकाओं में छपे। उनकी प्रमुख रचनाओं में 'शैशव संगीत', 'प्रभात संगीत', 'सांध्य संगीत', नाटक जैसे 'रुद्रचण्ड', 'वाल्मीकि-प्रतिभा', 'विसर्जन', 'राजर्षि', 'चोखेरबाली', 'चित्रांगदा', 'कौड़ी ओकमल' और 'गीतांजलि' शामिल हैं। उनकी काव्य, कहानी, नाटक, उपन्यास और निबंध लेखन में अद्वितीय कुशलता थी। उनकी रचना 'गीतांजलि' के लिए उन्हें 1913 में नोबेल पुरस्कार भी मिला था। यह पुरस्कार उनकी साहित्यिक प्रतिभा का प्रमाण था।
In simple words: रवीन्द्रनाथ टैगोर की साहित्य-रचना में जन्मजात प्रतिभा थी। उन्होंने कम उम्र में ही कहानियाँ, निबंध और कविताएँ लिखनी शुरू कर दी थीं। उनकी कई प्रसिद्ध रचनाएँ हैं, जिनमें 'गीतांजलि' सबसे खास है, जिसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिला।
🎯 Exam Tip: साहित्यिक प्रतिभा का परिचय देते समय उनकी प्रमुख रचनाओं के नाम और 'गीतांजलि' के लिए मिले नोबेल पुरस्कार का विशेष रूप से उल्लेख करें।
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