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Detailed Chapter 7 त्रिभुज UP Board Solutions for Class 10 Maths
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Class 10 Maths Chapter 7 त्रिभुज UP Board Solutions PDF
Question 1. एक त्रिभुज की निम्न भुजाएँ दी गई हैं। ज्ञात कीजिए कि यह त्रिभुज समकोण है या नहीं? a = 6 सेमी, b = 8 सेमी, c = 10 सेमी
Answer: दिए गए त्रिभुज की भुजाएँ \( a = 6 \) सेमी, \( b = 8 \) सेमी, \( c = 10 \) सेमी हैं।
पाइथागोरस प्रमेय को जाँचने के लिए हम सबसे बड़ी भुजा के वर्ग की तुलना अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग से करते हैं। एक त्रिभुज में सबसे लंबी भुजा के वर्ग को देखकर हम यह पता लगा सकते हैं कि यह एक समकोण त्रिभुज है या नहीं।
सबसे बड़ी भुजा \( c = 10 \) सेमी है, इसलिए \( c^2 = (10)^2 = 100 \)।
अन्य दो भुजाओं के वर्गों का योग है: \( a^2 + b^2 = (6)^2 + (8)^2 = 36 + 64 = 100 \)।
चूँकि \( a^2 + b^2 = c^2 \) (यानी \( 100 = 100 \)), यह पाइथागोरस प्रमेय को संतुष्ट करता है। इसलिए, दिया गया त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है।
In simple words: हमें त्रिभुज की भुजाएँ 6, 8 और 10 सेमी दी गई हैं। हमने देखा कि सबसे लंबी भुजा का वर्ग (100) बाकी दो भुजाओं के वर्गों के जोड़ (36+64=100) के बराबर है। इसका मतलब यह एक समकोण त्रिभुज है।
🎯 Exam Tip: किसी त्रिभुज की भुजाओं को समकोण त्रिभुज सिद्ध करने के लिए, हमेशा पाइथागोरस प्रमेय (\( a^2 + b^2 = c^2 \)) का उपयोग करें, जहाँ \( c \) सबसे लंबी भुजा होती है।
Question 2. एक त्रिभुज ABC की भुजाओं की लम्बाई AB = 9 सेमी, BC = 40 सेमी तथा AC = 41 सेमी है तो सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज ABC एक समकोण त्रिभुज है ।
Answer: त्रिभुज ABC में, भुजाओं की लंबाई दी गई है:
\( AB = 9 \) सेमी
\( BC = 40 \) सेमी
\( AC = 41 \) सेमी
यह जाँचने के लिए कि यह एक समकोण त्रिभुज है, हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करेंगे। इस प्रमेय के अनुसार, सबसे लंबी भुजा का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होना चाहिए। यहाँ, सबसे लंबी भुजा \( AC = 41 \) सेमी है। समकोण त्रिभुज में कर्ण सबसे लंबी भुजा होती है।
\( AB^2 + BC^2 = (9)^2 + (40)^2 \)
\( = 81 + 1600 \)
\( = 1681 \)
अब, सबसे लंबी भुजा \( AC \) का वर्ग ज्ञात करते हैं:
\( AC^2 = (41)^2 \)
\( = 1681 \)
चूँकि \( AB^2 + BC^2 = AC^2 \) (यानी \( 1681 = 1681 \)), यह पाइथागोरस प्रमेय को संतुष्ट करता है।
\( \implies \) इसलिए, त्रिभुज ABC एक समकोण त्रिभुज है।
In simple words: हमें एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दी गई हैं। हमने देखा कि दो छोटी भुजाओं के वर्गों का जोड़ (9² + 40² = 81 + 1600 = 1681) सबसे बड़ी भुजा के वर्ग (41² = 1681) के बराबर है। यह पाइथागोरस का नियम है, इसलिए त्रिभुज समकोण है।
🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज में, कर्ण हमेशा सबसे लंबी भुजा होती है। इसलिए, जब पाइथागोरस प्रमेय को लागू करें, तो सबसे लंबी भुजा को हमेशा \( c \) मानकर जाँचें।
Question 3. एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC इस प्रकार है कि AB = AC = 13 सेमी, BC पर A की ऊँचाई की लम्बाई 5 सेमी है तो BC ज्ञात कीजिए ।
Answer: एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC दिया गया है जहाँ \( AB = AC = 13 \) सेमी।
बिंदु A से भुजा BC पर डाली गई ऊँचाई की लंबाई 5 सेमी है। माना यह ऊँचाई AD है, तो \( AD = 5 \) सेमी।
समद्विबाहु त्रिभुज में, शीर्ष से आधार पर खींची गई ऊँचाई आधार को समद्विभाजित करती है। इसका मतलब है कि D, BC का मध्यबिंदु है, और \( \triangle ADB \) एक समकोण त्रिभुज है। समद्विबाहु त्रिभुज में, माध्यिका, शीर्षलंब और कोण समद्विभाजक एक ही रेखा होते हैं।
हम \( BC \) की लंबाई ज्ञात करना चाहते हैं।
पहले, \( \triangle ADB \) में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं:
\( AB^2 = AD^2 + BD^2 \)
\( (13)^2 = (5)^2 + BD^2 \)
\( 169 = 25 + BD^2 \)
\( BD^2 = 169 - 25 \)
\( BD^2 = 144 \)
\( BD = \sqrt{144} \)
\( BD = 12 \) सेमी
चूँकि D, BC का मध्यबिंदु है, तो \( BC = BD + DC \)।
और \( BD = DC \) क्योंकि AD एक समद्विबाहु त्रिभुज में आधार को समद्विभाजित करती है।
इसलिए, \( BC = 12 + 12 = 24 \) सेमी।
In simple words: हमें एक त्रिभुज दिया है जिसकी दो भुजाएँ 13 सेमी की हैं और एक ऊँचाई 5 सेमी है। क्योंकि यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है, ऊँचाई आधार को दो बराबर भागों में बाँटती है। हमने पाइथागोरस का नियम लगाकर ऊँचाई के एक तरफ के भाग की लंबाई 12 सेमी निकाली। चूंकि आधार दो बराबर भागों में बंटा है, तो कुल आधार 12 + 12 = 24 सेमी होगा।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज में, शीर्ष से आधार पर डाला गया लम्ब आधार को दो बराबर भागों में बांटता है और एक समकोण त्रिभुज बनाता है, जिसका उपयोग आप पाइथागोरस प्रमेय के लिए कर सकते हैं।
Question 4. एक समचतुर्भुज की भुजा 10 सेमी है। इसके एक विकर्ण की लम्बाई 12 सेमी है तो इसके दूसरे विकर्ण की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer: माना ABCD एक समचतुर्भुज है।
समचतुर्भुज की प्रत्येक भुजा की लंबाई 10 सेमी है, इसलिए \( AB = BC = CD = DA = 10 \) सेमी।
एक विकर्ण की लंबाई \( BD = 12 \) सेमी दी गई है।
हमें दूसरे विकर्ण \( AC \) की लंबाई ज्ञात करनी है।
हम जानते हैं कि समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं। इसका मतलब है कि विकर्ण \( AC \) और \( BD \) बिंदु E पर एक-दूसरे को 90 डिग्री के कोण पर काटते हैं और \( AE = EC \) तथा \( BE = ED \) होता है। विकर्णों की समद्विभाजित होने की यह विशेष गुण समचतुर्भुज के गुणों में से एक है।
चूँकि \( BD = 12 \) सेमी और E, BD का मध्यबिंदु है, तो:
\( BE = ED = \frac{BD}{2} = \frac{12}{2} = 6 \) सेमी।
अब, समकोण त्रिभुज \( \triangle AEB \) में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं:
\( AB^2 = AE^2 + BE^2 \)
\( (10)^2 = AE^2 + (6)^2 \)
\( 100 = AE^2 + 36 \)
\( AE^2 = 100 - 36 \)
\( AE^2 = 64 \)
\( AE = \sqrt{64} \)
\( AE = 8 \) सेमी।
चूँकि E, AC का मध्यबिंदु है, तो \( AC = AE + EC \)।
और \( AE = EC \), इसलिए \( AC = 8 + 8 = 16 \) सेमी।
अतः, दूसरे विकर्ण की लंबाई 16 सेमी है।
In simple words: हमें एक समचतुर्भुज दिया गया है जिसकी भुजाएँ 10 सेमी और एक विकर्ण 12 सेमी है। हम जानते हैं कि समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को 90 डिग्री पर आधा-आधा काटते हैं। हमने पाइथागोरस के नियम का उपयोग करके दूसरे विकर्ण का आधा हिस्सा 8 सेमी निकाला, तो पूरा विकर्ण 8 + 8 = 16 सेमी होगा।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं, जिससे चार समकोण त्रिभुज बनते हैं जिनका उपयोग पाइथागोरस प्रमेय के लिए किया जा सकता है।
Question 5. एक समकोण त्रिभुज का कर्ण, उसकी छोटी भुजा के दोगुने से 6 मीटर अधिक है। यदि तीसरी भुजा कर्ण से 2 मीटर कम है। तो त्रिभुज की भुजाएँ ज्ञात कीजिए।
Answer: माना \( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें कोण B समकोण है।
माना छोटी भुजा \( AB = x \) मीटर है।
प्रश्न के अनुसार, कर्ण \( AC \) छोटी भुजा के दोगुने से 6 मीटर अधिक है।
\( AC = 2AB + 6 \)
\( \implies AC = 2x + 6 \) मीटर।
तीसरी भुजा \( BC \) कर्ण से 2 मीटर कम है।
\( BC = AC - 2 \)
\( \implies BC = (2x + 6) - 2 \)
\( \implies BC = 2x + 4 \) मीटर।
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार (समकोण त्रिभुज ABC में):
\( AC^2 = AB^2 + BC^2 \)
\( (2x + 6)^2 = x^2 + (2x + 4)^2 \)
\( 4x^2 + 24x + 36 = x^2 + (4x^2 + 16x + 16) \)
\( 4x^2 + 24x + 36 = 5x^2 + 16x + 16 \)
सभी पदों को एक तरफ ले जाने पर:
\( 0 = 5x^2 - 4x^2 + 16x - 24x + 16 - 36 \)
\( 0 = x^2 - 8x - 20 \)
यह एक द्विघात समीकरण है। इसे गुणनखंड विधि से हल करते हैं:
\( x^2 - 10x + 2x - 20 = 0 \)
\( x(x - 10) + 2(x - 10) = 0 \)
\( (x - 10)(x + 2) = 0 \)
इससे \( x = 10 \) या \( x = -2 \) मिलता है। भुजा की लंबाई ऋणात्मक नहीं हो सकती, इसलिए \( x = 10 \) मीटर। त्रिभुज की भुजाएँ हमेशा धनात्मक मान रखती हैं।
अब, भुजाओं की लंबाई ज्ञात करते हैं:
\( AB = x = 10 \) मीटर
\( AC = 2x + 6 = 2(10) + 6 = 20 + 6 = 26 \) मीटर
\( BC = 2x + 4 = 2(10) + 4 = 20 + 4 = 24 \) मीटर
अतः, त्रिभुज की भुजाएँ 10 मीटर, 24 मीटर और 26 मीटर हैं।
In simple words: हमने छोटी भुजा को \( x \) मान लिया। फिर कर्ण और तीसरी भुजा को \( x \) के रूप में लिखा। पाइथागोरस के नियम का उपयोग करके एक समीकरण बनाया और उसे हल किया। इससे \( x = 10 \) मिला। इस तरह, त्रिभुज की भुजाएँ 10 मीटर, 24 मीटर और 26 मीटर हैं।
🎯 Exam Tip: जब भुजाओं के बीच संबंध दिया गया हो, तो एक भुजा को चर \( x \) मानकर अन्य भुजाओं को \( x \) के पदों में व्यक्त करें और फिर पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके समीकरण को हल करें।
Question 6. एक 15 मीटर लम्बी सीढ़ी एक गली में सतह से 9 मीटर ऊँची खिड़की पर लगी है। यदि इसके पाद को उसी स्थान पर रखकर, सीढ़ी गली के दूसरी ओर 12 मीटर ऊँची खिड़की पर पहुँचती है। गली की चौड़ाई ज्ञात कीजिए।
Answer: माना गली में दो दीवारें हैं और सीढ़ी की लंबाई 15 मीटर है।
**स्थिति 1:** सीढ़ी एक दीवार पर 9 मीटर ऊँची खिड़की तक पहुँचती है।
माना खिड़की की ऊँचाई \( AB = 9 \) मीटर है और सीढ़ी की लंबाई \( AC = 15 \) मीटर है।
\( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है (दीवार ज़मीन के साथ 90 डिग्री का कोण बनाती है)।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके, हम सीढ़ी के पाद से दीवार की दूरी \( BC \) ज्ञात कर सकते हैं:
\( AC^2 = AB^2 + BC^2 \)
\( (15)^2 = (9)^2 + BC^2 \)
\( 225 = 81 + BC^2 \)
\( BC^2 = 225 - 81 \)
\( BC^2 = 144 \)
\( BC = \sqrt{144} \)
\( BC = 12 \) मीटर।
**स्थिति 2:** सीढ़ी के पाद को उसी स्थान पर रखकर, सीढ़ी को गली के दूसरी ओर 12 मीटर ऊँची खिड़की पर पहुँचाया जाता है।
माना दूसरी खिड़की की ऊँचाई \( ED = 12 \) मीटर है और सीढ़ी की लंबाई \( EC = 15 \) मीटर है।
\( \triangle EDC \) एक समकोण त्रिभुज है।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके, हम सीढ़ी के पाद से दूसरी दीवार की दूरी \( CD \) ज्ञात कर सकते हैं:
\( EC^2 = ED^2 + CD^2 \)
\( (15)^2 = (12)^2 + CD^2 \)
\( 225 = 144 + CD^2 \)
\( CD^2 = 225 - 144 \)
\( CD^2 = 81 \)
\( CD = \sqrt{81} \)
\( CD = 9 \) मीटर।
गली की कुल चौड़ाई दोनों दूरियों का योग होगी: \( BD = BC + CD \)। गली की चौड़ाई दोनों दीवारों के बीच की दूरी होती है।
\( BD = 12 + 9 = 21 \) मीटर।
अतः, गली की चौड़ाई 21 मीटर है।
In simple words: एक 15 मीटर लंबी सीढ़ी पहले 9 मीटर ऊँची खिड़की पर लगी थी, तो सीढ़ी के नीचे से दीवार तक की दूरी 12 मीटर निकली। फिर, उसी सीढ़ी को दूसरी तरफ़ 12 मीटर ऊँची खिड़की पर लगाया गया, तो सीढ़ी के नीचे से दूसरी दीवार तक की दूरी 9 मीटर निकली। गली की कुल चौड़ाई इन दोनों दूरियों को जोड़कर (12 + 9) = 21 मीटर है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सुनिश्चित करें कि आप सीढ़ी की लंबाई को कर्ण मानते हुए दो अलग-अलग समकोण त्रिभुजों के लिए पाइथागोरस प्रमेय लागू करें, और फिर गली की कुल चौड़ाई के लिए दोनों आधारों को जोड़ें।
Question 7. एक खेल के मैदान पर ऊर्ध्वाधर खड़े दो खम्भों की ऊँचाई 9 मीटर तथा 14 मीटर है यदि उनके पादों के बीच की दूरी 12 मीटर है तो उनके शीर्षों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
Answer: माना दो खम्भे AB और CD हैं।
पहले खम्भे की ऊँचाई \( AB = 9 \) मीटर।
दूसरे खम्भे की ऊँचाई \( CD = 14 \) मीटर।
खम्भों के पादों (आधारों) के बीच की दूरी \( BC = 12 \) मीटर है।
हमें खम्भों के शीर्षों (ऊपरी सिरे) के बीच की दूरी \( AD \) ज्ञात करनी है।
शीर्षों के बीच की दूरी खोजने के लिए, हम बिंदु A से CD पर एक लम्ब AE खींचते हैं। यह रेखा AE, BC के समांतर और बराबर होगी, जिससे एक आयत ABCE बनेगा।
तो, \( AE = BC = 12 \) मीटर।
और \( EC = AB = 9 \) मीटर।
अब, \( DE \) की लंबाई ज्ञात करते हैं:
\( DE = CD - EC \)
\( DE = 14 - 9 \)
\( DE = 5 \) मीटर।
अब हमारे पास एक समकोण त्रिभुज \( \triangle AED \) है, जिसमें \( \angle AED = 90^\circ \) है। शीर्षों के बीच की सीधी दूरी ज्ञात करने में यह समकोण त्रिभुज सहायक होता है।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके:
\( AD^2 = AE^2 + DE^2 \)
\( AD^2 = (12)^2 + (5)^2 \)
\( AD^2 = 144 + 25 \)
\( AD^2 = 169 \)
\( AD = \sqrt{169} \)
\( AD = 13 \) मीटर।
अतः, खम्भों के शीर्षों के बीच की दूरी 13 मीटर है।
In simple words: दो खम्भे 9 मीटर और 14 मीटर ऊँचे हैं, और उनके निचले सिरे 12 मीटर दूर हैं। हमने छोटे खम्भे की ऊँचाई तक दूसरे खम्भे से एक क्षैतिज रेखा खींची, जिससे एक समकोण त्रिभुज बना। इस त्रिभुज की दो भुजाएँ 12 मीटर और (14-9=5) मीटर निकलीं। पाइथागोरस का नियम लगाकर, हमने उनके शीर्षों के बीच की दूरी 13 मीटर पाई।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, लंबवत खंभों के शीर्षों के बीच की दूरी ज्ञात करने के लिए हमेशा एक काल्पनिक क्षैतिज रेखा खींचकर एक समकोण त्रिभुज बनाएँ, और फिर पाइथागोरस प्रमेय लागू करें।
Question 8. \( \triangle ABC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है जिसका \( \angle C \) समकोण है। सिद्ध कीजिए कि \( AB^2 = 2 AC^2 \) (NCERT)
Answer: हमें दिया गया है कि \( \triangle ABC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है, और \( \angle C \) समकोण है (अर्थात \( 90^\circ \))। समद्विबाहु समकोण त्रिभुज में, समकोण बनाने वाली दो भुजाएँ बराबर होती हैं।
इसलिए, \( AC = BC \)।
समकोण त्रिभुज ABC में, पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर (जहाँ \( AB \) कर्ण है):
\( AB^2 = AC^2 + BC^2 \)
चूँकि \( AC = BC \), हम \( BC \) को \( AC \) से प्रतिस्थापित कर सकते हैं (या \( AC \) को \( BC \) से)। समद्विबाहु त्रिभुज में समान भुजाएँ होती हैं, और यहाँ वे समकोण के साथ जुड़ी हुई हैं।
\( AB^2 = AC^2 + AC^2 \)
\( \implies AB^2 = 2 AC^2 \)
यह सिद्ध हो गया।
In simple words: हमें एक त्रिभुज दिया गया है जहाँ कोण C 90 डिग्री का है और दो भुजाएँ AC और BC बराबर हैं। पाइथागोरस के नियम का उपयोग करते हुए, कर्ण (AB) का वर्ग, AC और BC के वर्गों के जोड़ के बराबर होता है। क्योंकि AC और BC बराबर हैं, तो हम इसे AC² + AC² लिख सकते हैं, जो 2AC² के बराबर है।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु समकोण त्रिभुज के गुणों को याद रखें: समकोण बनाने वाली दोनों भुजाएँ हमेशा बराबर होती हैं। यह आपको पाइथागोरस प्रमेय में प्रतिस्थापन करने में मदद करेगा।
Question 9. एक \( \triangle ABC \) का \( \angle B \) समकोण है तथा भुजाओं AB और AC के मध्य बिन्दु क्रमशः L और M हैं तो सिद्ध कीजिए कि \( 4LC^2 = AB^2 + 4 BC^2 \)
Answer: दिया गया है कि \( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है जहाँ \( \angle B = 90^\circ \)।
L, भुजा AB का मध्यबिंदु है, और M, भुजा AC का मध्यबिंदु है।
इसलिए, \( LB = \frac{AB}{2} \) या \( AB = 2LB \)।
अब, समकोण त्रिभुज \( \triangle LBC \) में (जहाँ \( \angle B = 90^\circ \) है), पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं:
\( LC^2 = LB^2 + BC^2 \)
दोनों तरफ 4 से गुणा करने पर:
\( 4LC^2 = 4LB^2 + 4BC^2 \)
हम \( 4LB^2 \) को \( (2LB)^2 \) के रूप में लिख सकते हैं।
\( \implies 4LC^2 = (2LB)^2 + 4BC^2 \)
चूँकि \( AB = 2LB \) (L, AB का मध्यबिंदु है), हम \( 2LB \) को \( AB \) से प्रतिस्थापित कर सकते हैं।
\( \implies 4LC^2 = AB^2 + 4BC^2 \)
यह सिद्ध हो गया। यह प्रमेय मध्यबिंदुओं से संबंधित ज्यामितीय समस्याओं में उपयोगी है।
In simple words: हमें एक समकोण त्रिभुज दिया है जिसमें B पर 90 डिग्री का कोण है। L, AB का मध्यबिंदु है। हमने छोटे त्रिभुज LBC में पाइथागोरस का नियम लगाया। फिर समीकरण को 4 से गुणा किया। क्योंकि L, AB का मध्यबिंदु है, 2LB असल में AB है। इन मानों को रखने पर, हमें वही समीकरण मिल गया जो हमें सिद्ध करना था।
🎯 Exam Tip: जब मध्यबिंदु दिए गए हों, तो भुजाओं को मध्यबिंदु के पदों में व्यक्त करें (जैसे \( AB = 2LB \)) और फिर पाइथागोरस प्रमेय लागू करें। समीकरण के दोनों ओर उपयुक्त संख्या से गुणा करके आवश्यक परिणाम प्राप्त करें।
Question 10. एक समबाहु \( \triangle ABC \) में, BC के बिन्दु D पर मिलने वाला लम्ब AD डाला गया है। सिद्ध कीजिए कि \( AD^2 = 3BD^2 \)
Answer: माना \( \triangle ABC \) एक समबाहु त्रिभुज है।
समबाहु त्रिभुज में सभी भुजाएँ बराबर होती हैं: \( AB = BC = AC \)।
सभी कोण भी बराबर होते हैं, प्रत्येक \( 60^\circ \) का: \( \angle A = \angle B = \angle C = 60^\circ \)।
AD, BC पर डाला गया लम्ब है। समबाहु त्रिभुज में, शीर्ष से डाली गई ऊँचाई आधार को समद्विभाजित करती है। ऊँचाई हमेशा आधार पर समकोण बनाती है।
इसलिए, D, BC का मध्यबिंदु है, और \( BD = DC \)।
इसका अर्थ है \( BD = DC = \frac{BC}{2} \)।
चूँकि \( BC = AB \) (समबाहु त्रिभुज की भुजाएँ), हम लिख सकते हैं \( BC = 2BD \)।
अब, समकोण त्रिभुज \( \triangle ADB \) में (जहाँ \( \angle ADB = 90^\circ \) है), पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं:
\( AB^2 = AD^2 + BD^2 \)
हम जानते हैं कि \( AB = BC \) और \( BC = 2BD \), तो \( AB = 2BD \)।
\( (2BD)^2 = AD^2 + BD^2 \)
\( 4BD^2 = AD^2 + BD^2 \)
\( 4BD^2 - BD^2 = AD^2 \)
\( \implies AD^2 = 3BD^2 \)
यह सिद्ध हो गया। यह परिणाम समबाहु त्रिभुज में ऊँचाई और भुजा के बीच का संबंध दिखाता है।
In simple words: हमें एक समबाहु त्रिभुज दिया है जहाँ AD, BC पर लंब है। समबाहु त्रिभुज में, लंब आधार को आधा कर देता है, इसलिए BD, BC का आधा है। हमने पाइथागोरस का नियम त्रिभुज ADB में लगाया। फिर AB को 2BD से बदल दिया क्योंकि सभी भुजाएँ बराबर हैं। समीकरण को हल करने पर हमें \( AD^2 = 3BD^2 \) मिल गया।
🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज में, ऊँचाई आधार को समद्विभाजित करती है और समकोण बनाती है। इस तथ्य का उपयोग करके एक भुजा को दूसरी भुजा के पदों में व्यक्त करें (जैसे \( AB = 2BD \)) ताकि पाइथागोरस प्रमेय को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
Question 11. 2a इकाई का एक समबाहु त्रिभुज है। इसकी प्रत्येक ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (NCERT)
Answer: माना \( \triangle ABC \) एक समबाहु त्रिभुज है जिसकी प्रत्येक भुजा \( 2a \) इकाई है।
इसलिए, \( AB = BC = CA = 2a \)।
समबाहु त्रिभुज में, सभी ऊँचाईयां बराबर होती हैं। मान लीजिए AD, BE, CF त्रिभुज की ऊँचाईयां हैं जो क्रमशः BC, AC और AB पर डाली गई हैं।
हमें इनमें से किसी एक ऊँचाई की लंबाई ज्ञात करनी है। मान लीजिए हम AD की लंबाई ज्ञात करते हैं। समबाहु त्रिभुज में, ऊँचाई आधार को समद्विभाजित करती है। ऊँचाई एक समकोण त्रिभुज भी बनाती है, जो गणना में मदद करती है।
चूँकि AD, BC पर लम्ब है, D, BC का मध्यबिंदु है।
तो, \( BD = DC = \frac{BC}{2} = \frac{2a}{2} = a \) इकाई।
अब, समकोण त्रिभुज \( \triangle ADB \) में (जहाँ \( \angle ADB = 90^\circ \) है), पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं:
\( AB^2 = AD^2 + BD^2 \)
\( (2a)^2 = AD^2 + (a)^2 \)
\( 4a^2 = AD^2 + a^2 \)
\( AD^2 = 4a^2 - a^2 \)
\( AD^2 = 3a^2 \)
\( AD = \sqrt{3a^2} \)
\( AD = a\sqrt{3} \) इकाई।
चूँकि समबाहु त्रिभुज की सभी ऊँचाईयां बराबर होती हैं, तो:
\( AD = BE = CF = a\sqrt{3} \) इकाई।
इस तरह, हमें समबाहु त्रिभुज की प्रत्येक ऊँचाई की लंबाई मिल जाती है।
In simple words: हमें एक समबाहु त्रिभुज दिया गया है जिसकी हर भुजा 2a है। समबाहु त्रिभुज में, ऊँचाई आधार को दो बराबर भागों में बाँटती है। हमने पाइथागोरस के नियम का उपयोग करके ऊँचाई (AD) का मान निकाला। चूंकि त्रिभुज की हर भुजा 2a है, इसलिए BD 'a' होगा। जब हमने मान रखे, तो ऊँचाई \( a\sqrt{3} \) निकली। क्योंकि समबाहु त्रिभुज में सारी ऊँचाईयां बराबर होती हैं, इसलिए हर ऊँचाई \( a\sqrt{3} \) होगी।
🎯 Exam Tip: समबाहु त्रिभुज में, ऊँचाई आधार को समद्विभाजित करती है और 90 डिग्री का कोण बनाती है। इस संपत्ति का उपयोग करके, आप पाइथागोरस प्रमेय के साथ ऊँचाई को आसानी से ज्ञात कर सकते हैं। याद रखें कि सभी ऊँचाईयां समान होती हैं।
Question 12. \( \triangle ABC \) का \( \angle C \) समकोण है तथा भुजाओं CA और CB के मध्य बिन्दु क्रमशः P और Q हैं तो सिद्ध कीजिए कि \( 4(AQ^2 + BP^2) = 5AB^2 \) (NCERT)
Answer: दिया गया है कि \( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है जहाँ \( \angle C = 90^\circ \)।
P, भुजा CA का मध्यबिंदु है, और Q, भुजा CB का मध्यबिंदु है।
इसका मतलब है: \( CP = PA = \frac{CA}{2} \implies CA = 2CP \)
और \( CQ = QB = \frac{CB}{2} \implies CB = 2CQ \)
हमें सिद्ध करना है कि \( 4(AQ^2 + BP^2) = 5AB^2 \)। यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है जो समकोण त्रिभुज में मध्यबिंदुओं से संबंधित है।
**1. समकोण त्रिभुज \( \triangle AQC \) में ( \( \angle C = 90^\circ \) ):**
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( AQ^2 = AC^2 + CQ^2 \)
दोनों तरफ 4 से गुणा करने पर:
\( 4AQ^2 = 4AC^2 + 4CQ^2 \)
हम \( 4CQ^2 \) को \( (2CQ)^2 \) लिख सकते हैं।
\( 4AQ^2 = 4AC^2 + (2CQ)^2 \)
चूँकि \( CB = 2CQ \), हम \( 2CQ \) को \( CB \) से प्रतिस्थापित कर सकते हैं।
\( \implies 4AQ^2 = 4AC^2 + CB^2 \) ....(1)
**2. समकोण त्रिभुज \( \triangle PCB \) में ( \( \angle C = 90^\circ \) ):**
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( BP^2 = PC^2 + CB^2 \)
दोनों तरफ 4 से गुणा करने पर:
\( 4BP^2 = 4PC^2 + 4CB^2 \)
हम \( 4PC^2 \) को \( (2PC)^2 \) लिख सकते हैं।
\( 4BP^2 = (2PC)^2 + 4CB^2 \)
चूँकि \( CA = 2PC \), हम \( 2PC \) को \( CA \) से प्रतिस्थापित कर सकते हैं।
\( \implies 4BP^2 = CA^2 + 4CB^2 \) ....(2)
**3. समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर:**
\( 4AQ^2 + 4BP^2 = (4AC^2 + CB^2) + (CA^2 + 4CB^2) \)
\( 4(AQ^2 + BP^2) = 4AC^2 + CB^2 + AC^2 + 4CB^2 \)
\( 4(AQ^2 + BP^2) = 5AC^2 + 5CB^2 \)
\( 4(AQ^2 + BP^2) = 5(AC^2 + CB^2) \)
अब, मूल त्रिभुज \( \triangle ABC \) में पाइथागोरस प्रमेय लागू करते हैं:
\( AB^2 = AC^2 + BC^2 \)
\( \implies AB^2 = AC^2 + CB^2 \) (चूँकि \( BC \) ही \( CB \) है)
इसलिए, हम \( (AC^2 + CB^2) \) को \( AB^2 \) से प्रतिस्थापित कर सकते हैं।
\( \implies 4(AQ^2 + BP^2) = 5AB^2 \)
यह सिद्ध हो गया।
In simple words: हमें एक समकोण त्रिभुज ABC दिया है, जहाँ P और Q मध्यबिंदु हैं। हमने दो छोटे समकोण त्रिभुजों (AQC और PCB) में पाइथागोरस का नियम लगाया, और दोनों समीकरणों को 4 से गुणा किया। फिर, हमने मध्यबिंदु की परिभाषा का उपयोग करके उन्हें सरल किया और दोनों समीकरणों को जोड़ दिया। अंत में, हमने बड़े त्रिभुज ABC पर भी पाइथागोरस का नियम लगाया और मानों को प्रतिस्थापित करके सिद्ध कर दिया।
🎯 Exam Tip: ऐसे ज्यामितीय सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, पहले छोटे समकोण त्रिभुजों में पाइथागोरस प्रमेय लागू करें, फिर दिए गए मध्यबिंदु संबंधों का उपयोग करके भुजाओं को प्रतिस्थापित करें, और अंत में समीकरणों को जोड़कर वांछित परिणाम तक पहुँचें।
Question 13. एक समद्विबाहु \( \triangle ABC \) में, \( AB = AC \) तथा BD, B से भुजा AC के लम्बवत् है तो सिद्ध कीजिए कि \( BD^2 - CD^2 \)
Answer: यह प्रश्न अधूरा लग रहा है क्योंकि "सिद्ध कीजिए कि \( BD^2 - CD^2 \)" के बाद कोई समीकरण नहीं दिया गया है। आम तौर पर, ऐसे प्रश्नों में \( BD^2 - CD^2 = 2CD \cdot AD \) या ऐसा कुछ सिद्ध करने के लिए कहा जाता है। हालाँकि, हम दी गई जानकारी के आधार पर एक संबंधित मान ज्ञात कर सकते हैं।
हमें दिया गया है कि \( \triangle ABC \) एक समद्विबाहु त्रिभुज है जहाँ \( AB = AC \)।
BD, भुजा AC पर लम्ब है, इसलिए \( BD \perp AC \) और \( \angle BDA = 90^\circ \)।
**1. समकोण त्रिभुज \( \triangle BDA \) में:**
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( AB^2 = BD^2 + AD^2 \)
हमें \( AB = AC \) दिया गया है, इसलिए हम \( AB \) को \( AC \) से प्रतिस्थापित कर सकते हैं।
\( AC^2 = BD^2 + AD^2 \) ....(1)
**2. भुजा AD को AC और CD के पदों में व्यक्त करना:**
चूँकि D, AC पर एक बिंदु है, \( AD = AC - CD \)।
इस मान को समीकरण (1) में रखने पर:
\( AC^2 = BD^2 + (AC - CD)^2 \)
\( AC^2 = BD^2 + (AC^2 - 2AC \cdot CD + CD^2) \)
दोनों तरफ से \( AC^2 \) को हटाने पर:
\( 0 = BD^2 - 2AC \cdot CD + CD^2 \)
\( \implies BD^2 - CD^2 = 2AC \cdot CD \)
चूँकि \( AB = AC \), हम इसे इस तरह भी लिख सकते हैं:
\( \implies BD^2 - CD^2 = 2AB \cdot CD \)
अगर प्रश्न यह सिद्ध करने के लिए कह रहा था, तो यह समाधान सही है। यदि केवल \( BD^2 - CD^2 \) का मान ज्ञात करना था, तो यह \( 2AC \cdot CD \) है। यह एक समद्विबाहु त्रिभुज में लम्ब और भुजाओं के बीच एक संबंध स्थापित करता है।
In simple words: हमें एक त्रिभुज दिया है जिसमें AB और AC बराबर हैं, और BD, AC पर लंब है। हमने पाइथागोरस का नियम त्रिभुज BDA में लगाया और AC को AB से बदल दिया। फिर हमने AD को AC और CD के घटाने के रूप में लिखा। समीकरण को सरल करने पर हमें पता चला कि \( BD^2 - CD^2 \) का मान \( 2AC \cdot CD \) के बराबर है।
🎯 Exam Tip: जब कोई प्रश्न अधूरा लगे, तो दिए गए ज्यामितीय संबंधों (जैसे समद्विबाहु त्रिभुज, लंब) और पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके सबसे संभावित समीकरण तक पहुँचने का प्रयास करें। भुजाओं को एक-दूसरे के पदों में व्यक्त करना अक्सर सहायक होता है।
Question 14. एक \( \triangle ABC \) में, कोण B तथा कोण C न्यून कोण हैं। यदि AC तथा AB पर क्रमशः लम्ब BE तथा CF खींचे गये हैं तो सिद्ध कीजिए कि \( BC^2 = AB \times BF + AC \times CE \)
Answer: हमें \( \triangle ABC \) दिया गया है जहाँ \( \angle B \) और \( \angle C \) दोनों न्यून कोण हैं (90 डिग्री से कम)।
BE, AC पर लम्ब है, इसलिए \( BE \perp AC \) और \( \angle BEC = 90^\circ \)।
CF, AB पर लम्ब है, इसलिए \( CF \perp AB \) और \( \angle CFB = 90^\circ \)।
हमें सिद्ध करना है कि \( BC^2 = AB \cdot BF + AC \cdot CE \)। यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है जो न्यूनकोण त्रिभुजों में भुजाओं और लंबों के बीच संबंध स्थापित करती है।
**1. \( \triangle BEC \) में (जहाँ \( \angle E = 90^\circ \) ):**
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( BC^2 = BE^2 + CE^2 \) ....(A)
**2. \( \triangle BFC \) में (जहाँ \( \angle F = 90^\circ \) ):**
पाइथागोरस प्रमेय के अनुसार:
\( BC^2 = CF^2 + BF^2 \) ....(B)
**3. न्यूनकोण त्रिभुज में भुजाओं के लिए प्रमेय:**
हम जानते हैं कि एक न्यूनकोण त्रिभुज में, किसी भुजा पर डाले गए लम्ब से बनने वाले संबंध होते हैं:
जब \( \angle C \) न्यून कोण है, तो \( AB^2 = BC^2 + AC^2 - 2AC \cdot CE \) ....(1)
जब \( \angle B \) न्यून कोण है, तो \( AC^2 = BC^2 + AB^2 - 2AB \cdot BF \) ....(2)
समीकरण (1) को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( 2AC \cdot CE = BC^2 + AC^2 - AB^2 \)
और समीकरण (2) को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( 2AB \cdot BF = BC^2 + AB^2 - AC^2 \)
दोनों समीकरणों को जोड़ने पर (यानी \( (2AC \cdot CE) + (2AB \cdot BF) \)):
\( 2AC \cdot CE + 2AB \cdot BF = (BC^2 + AC^2 - AB^2) + (BC^2 + AB^2 - AC^2) \)
\( 2AC \cdot CE + 2AB \cdot BF = 2BC^2 \)
पूरे समीकरण को 2 से भाग देने पर:
\( AC \cdot CE + AB \cdot BF = BC^2 \)
इसे पुनर्व्यवस्थित करने पर, हमें प्राप्त होता है:
\( BC^2 = AB \cdot BF + AC \cdot CE \)
यह सिद्ध हो गया।
In simple words: हमें एक त्रिभुज दिया है जिसमें B और C कोण 90 डिग्री से छोटे हैं, और BE, AC पर लंब है, जबकि CF, AB पर लंब है। हमने न्यूनकोण त्रिभुज के लिए विशेष पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग किया, जो लंबों से जुड़े होते हैं। दो समीकरण बनाकर और उन्हें जोड़कर, हमने अंत में वही समीकरण प्राप्त किया जो हमें सिद्ध करना था।
🎯 Exam Tip: न्यूनकोण त्रिभुज से संबंधित सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, भुजाओं के वर्गों के लिए विशेष प्रमेय (\( a^2 = b^2 + c^2 - 2c \cdot (\text{projection of b on c}) \)) का उपयोग करें। यह आपको लंबों से बनने वाले खंडों के साथ भुजाओं के बीच संबंध स्थापित करने में मदद करेगा।
Question 15. एक समकोण त्रिभुज ABC में, \( \angle C \) समकोण है तथा \( AC = \sqrt{3} \cdot BC \) हो तो सिद्ध कीजिए कि, \( \angle ABC = 60^\circ \)
Answer: हमें एक समकोण त्रिभुज ABC दिया गया है जहाँ \( \angle C = 90^\circ \)।
और एक संबंध दिया गया है: \( AC = \sqrt{3} \cdot BC \)।
हमें सिद्ध करना है कि \( \angle ABC = 60^\circ \)।
समकोण त्रिभुज में, हम त्रिकोणमितीय अनुपातों का उपयोग कर सकते हैं। कोण ABC (या कोण B) के लिए, \( AC \) विपरीत भुजा है और \( BC \) संलग्न भुजा है। कोणों का मान जानने के लिए, हम उनकी त्रिकोणमितीय अनुपात मानों का उपयोग करते हैं।
इसलिए, हम \( \tan(\angle ABC) \) का उपयोग कर सकते हैं:
\( \tan(\angle ABC) = \frac{\text{विपरीत भुजा}}{\text{संलग्न भुजा}} = \frac{AC}{BC} \)
हमें दिया गया है कि \( AC = \sqrt{3} \cdot BC \)। इस मान को समीकरण में रखने पर:
\( \tan(\angle ABC) = \frac{\sqrt{3} \cdot BC}{BC} \)
\( \tan(\angle ABC) = \sqrt{3} \)
हम जानते हैं कि \( \tan 60^\circ = \sqrt{3} \)।
इसलिए, \( \angle ABC = 60^\circ \)।
यह सिद्ध हो गया।
In simple words: हमें एक त्रिभुज दिया है जिसमें कोण C 90 डिग्री का है और AC, BC का \( \sqrt{3} \) गुना है। हमें कोण B का मान 60 डिग्री सिद्ध करना है। हमने कोण B के लिए tan का मान निकाला, जो AC को BC से भाग देने पर \( \sqrt{3} \) आया। हम जानते हैं कि tan 60 डिग्री का मान \( \sqrt{3} \) होता है, इसलिए कोण B, 60 डिग्री है।
🎯 Exam Tip: जब समकोण त्रिभुज में भुजाओं के बीच संबंध दिया गया हो और आपको एक कोण का मान ज्ञात करना हो, तो त्रिकोणमितीय अनुपातों (sin, cos, tan) का उपयोग करें। सही अनुपात का चयन करके और ज्ञात मानों को प्रतिस्थापित करके आप आसानी से कोण का मान ज्ञात कर सकते हैं।
Question 16. \( \triangle PQR \) में, QM \( \perp \) PR तथा \( PR^2 - PQ^2 = QR^2 \) है तो सिद्ध कीजिए कि \( QM^2 = PM \times MR \) (NCERT)
Answer: हमें \( \triangle PQR \) दिया गया है जिसमें QM, PR पर लम्ब है (\( QM \perp PR \))।
इसका मतलब है कि \( \angle QMP = 90^\circ \) और \( \angle QMR = 90^\circ \)।
हमें एक और संबंध दिया गया है: \( PR^2 - PQ^2 = QR^2 \)।
हमें सिद्ध करना है कि \( QM^2 = PM \times MR \)।
दिए गए संबंध \( PR^2 - PQ^2 = QR^2 \) को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( PR^2 = PQ^2 + QR^2 \)
यह संबंध पाइथागोरस प्रमेय का ही एक रूप है, जो दर्शाता है कि \( \triangle PQR \) में \( \angle PQR = 90^\circ \) है। यदि किसी त्रिभुज में एक भुजा का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर हो, तो पहली भुजा के सामने वाला कोण समकोण होता है।
अब, हम समकोण त्रिभुजों \( \triangle PQM \) और \( \triangle QRM \) में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करेंगे:
**1. \( \triangle PQM \) में ( \( \angle QMP = 90^\circ \) ):**
\( PQ^2 = QM^2 + PM^2 \)
\( \implies QM^2 = PQ^2 - PM^2 \) ....(1)
**2. \( \triangle QRM \) में ( \( \angle QMR = 90^\circ \) ):**
\( QR^2 = QM^2 + MR^2 \)
\( \implies QM^2 = QR^2 - MR^2 \) ....(2)
हमें यह भी पता है कि \( \triangle PQR \) एक समकोण त्रिभुज है जिसका \( \angle Q = 90^\circ \)।
जब एक समकोण त्रिभुज में समकोण वाले शीर्ष से कर्ण पर लम्ब डाला जाता है, तो लम्ब की लंबाई के वर्ग का संबंध कर्ण के दोनों खंडों के गुणनफल के बराबर होता है। इसे ज्यामितीय माध्य प्रमेय या लम्ब प्रमेय भी कहते हैं। इस प्रमेय के अनुसार: \( QM^2 = PM \times MR \)।
वैकल्पिक रूप से, हम \( \triangle PQR \) में समरूपता का भी उपयोग कर सकते हैं।
\( \triangle PQM \sim \triangle QRM \) (AA समरूपता, क्योंकि \( \angle QMP = \angle QMR = 90^\circ \) और \( \angle P = \angle RQM \) तथा \( \angle R = \angle PQM \), क्योंकि \( \angle PQR = 90^\circ \))
समरूप त्रिभुजों में, संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{PM}{QM} = \frac{QM}{MR} \)
\( \implies QM \times QM = PM \times MR \)
\( \implies QM^2 = PM \times MR \)
यह सिद्ध हो गया। यह प्रमेय ज्यामिति में बहुत उपयोगी है, खासकर जब समकोण त्रिभुजों में लंबों से जुड़े संबंधों की बात आती है।
In simple words: हमें एक त्रिभुज PQR दिया है जिसमें QM, PR पर लंब है, और \( PR^2 = PQ^2 + QR^2 \) दिया है, जिसका मतलब है कि Q पर 90 डिग्री का कोण है। हमें सिद्ध करना है कि \( QM^2 = PM \times MR \)। जब एक समकोण त्रिभुज में समकोण से कर्ण पर लंब डाला जाता है, तो लंब का वर्ग, कर्ण के दोनों हिस्सों के गुणा के बराबर होता है। यह एक प्रसिद्ध ज्यामितीय प्रमेय है।
🎯 Exam Tip: यह प्रमेय (समकोण त्रिभुज में समकोण से कर्ण पर डाले गए लम्ब के गुणधर्म) बहुत महत्वपूर्ण है। याद रखें कि \( QM^2 = PM \times MR \) तभी लागू होता है जब \( \angle PQR = 90^\circ \) हो और QM कर्ण PR पर लम्ब हो। आप इसे समरूपता से भी सिद्ध कर सकते हैं।
Question 17. एक सीढ़ी का पाद एक दीवार से 6 मीटर की दूरी पर है तथा यह जमीन से 8 मीटर ऊँची एक खिड़की तक पहुँचती है। यदि सीढ़ी को इस तरह विस्थापित किया जाता है कि इसका पाद, तल से 8 मीटर दूर हो । इसकी टिप (शीर्ष) किस ऊँचाई तक पहुँचेगी।
Answer: **स्थिति 1: सीढ़ी की लंबाई ज्ञात करना**
माना सीढ़ी \( AC \) है, दीवार \( AB \) है और जमीन \( BC \) है।
सीढ़ी का पाद दीवार से 6 मीटर दूर है, इसलिए \( BC = 6 \) मीटर।
सीढ़ी जमीन से 8 मीटर ऊँची खिड़की तक पहुँचती है, इसलिए \( AB = 8 \) मीटर।
\( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है (दीवार जमीन के साथ 90 डिग्री का कोण बनाती है)।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर, हम सीढ़ी की लंबाई \( AC \) ज्ञात कर सकते हैं:
\( AC^2 = AB^2 + BC^2 \)
\( AC^2 = (8)^2 + (6)^2 \)
\( AC^2 = 64 + 36 \)
\( AC^2 = 100 \)
\( AC = \sqrt{100} \)
\( AC = 10 \) मीटर।
सीढ़ी की लंबाई 10 मीटर है, और यह लंबाई दोनों स्थितियों में समान रहती है।
**स्थिति 2: नई ऊँचाई ज्ञात करना**
अब सीढ़ी को इस तरह विस्थापित किया जाता है कि उसका पाद दीवार से 8 मीटर दूर हो।
माना सीढ़ी \( DE \) है, दीवार \( EB \) है और जमीन \( DB \) है।
सीढ़ी का पाद दीवार से 8 मीटर दूर है, इसलिए \( DB = 8 \) मीटर।
सीढ़ी की लंबाई \( DE = 10 \) मीटर (पहले की तरह)।
हमें किस ऊँचाई तक सीढ़ी पहुँचेगी (\( EB \)) ज्ञात करना है। यह वह ऊँचाई है जहाँ सीढ़ी का शीर्ष दीवार पर लगता है।
\( \triangle EBD \) एक समकोण त्रिभुज है।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( DE^2 = EB^2 + DB^2 \)
\( (10)^2 = EB^2 + (8)^2 \)
\( 100 = EB^2 + 64 \)
\( EB^2 = 100 - 64 \)
\( EB^2 = 36 \)
\( EB = \sqrt{36} \)
\( EB = 6 \) मीटर।
अतः, सीढ़ी 6 मीटर की ऊँचाई तक पहुँचेगी।
In simple words: पहले, एक सीढ़ी 6 मीटर दूर से 8 मीटर ऊँची खिड़की तक पहुँची। पाइथागोरस के नियम से सीढ़ी की लंबाई 10 मीटर निकली। फिर, उसी सीढ़ी को दीवार से 8 मीटर दूर रखा गया। फिर से पाइथागोरस का नियम लगाकर, हमने पाया कि सीढ़ी अब 6 मीटर ऊँची खिड़की तक पहुँचेगी।
🎯 Exam Tip: सीढ़ी की लंबाई अपरिवर्तित रहती है, इसलिए पहले चरण में सीढ़ी की लंबाई ज्ञात करें। फिर, दूसरे चरण में उसी लंबाई का उपयोग करके अज्ञात ऊँचाई या दूरी ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय को फिर से लागू करें।
Question 18. एक त्रिभुज की भुजाएं 5 सेमी, 12 सेमी तथा 13 सेमी हैं। 13 सेमी वाली भुजा पर उसके सम्मुख शीर्ष से डाले गये लम्ब की लम्बाई (दशमलव के एक अंक तक) ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें एक त्रिभुज दिया गया है जिसकी भुजाएँ \( 5 \) सेमी, \( 12 \) सेमी और \( 13 \) सेमी हैं।
पहले, हम यह जाँचते हैं कि क्या यह एक समकोण त्रिभुज है। हम पाइथागोरस प्रमेय को लागू करके ऐसा कर सकते हैं।
सबसे लंबी भुजा \( 13 \) सेमी है।
\( (13)^2 = 169 \)
अन्य दो भुजाओं के वर्गों का योग है: \( (5)^2 + (12)^2 = 25 + 144 = 169 \)।
चूँकि \( (5)^2 + (12)^2 = (13)^2 \), यह त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है, और \( 13 \) सेमी की भुजा इसका कर्ण है। समकोण, \( 13 \) सेमी की भुजा के सामने होगा।
माना त्रिभुज ABC है, जहाँ \( AB = 13 \) सेमी (कर्ण), \( BC = 5 \) सेमी और \( AC = 12 \) सेमी, और \( \angle C = 90^\circ \)।
हमें \( 13 \) सेमी वाली भुजा (कर्ण AB) पर उसके सम्मुख शीर्ष C से डाले गए लम्ब की लंबाई ज्ञात करनी है। मान लीजिए यह लम्ब CD है। समकोण त्रिभुज में, कर्ण पर डाला गया शीर्षलंब त्रिभुज के क्षेत्रफल का उपयोग करके ज्ञात किया जा सकता है।
एक समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} \)।
पहले तरीके से: \( \text{क्षेत्रफल} = \frac{1}{2} \times BC \times AC = \frac{1}{2} \times 5 \times 12 = \frac{1}{2} \times 60 = 30 \) वर्ग सेमी।
दूसरे तरीके से (जब AB आधार हो और CD ऊँचाई हो): \( \text{क्षेत्रफल} = \frac{1}{2} \times AB \times CD \)
दोनों क्षेत्रफल समान होंगे:
\( 30 = \frac{1}{2} \times 13 \times CD \)
\( 60 = 13 \times CD \)
\( CD = \frac{60}{13} \)
\( CD \approx 4.615 \dots \)
दशमलव के एक अंक तक, \( CD \approx 4.6 \) सेमी।
अतः, \( 13 \) सेमी वाली भुजा पर डाले गए लम्ब की लंबाई लगभग \( 4.6 \) सेमी है। यह अवधारणा गणित में क्षेत्रफल और लंबों के बीच संबंध को समझने में मदद करती है।
In simple words: हमें 5, 12 और 13 सेमी भुजाओं वाला एक त्रिभुज दिया है। हमने देखा कि यह एक समकोण त्रिभुज है क्योंकि 5² + 12² = 13²। हमें सबसे लंबी भुजा (13 सेमी) पर डाले गए लंब की लंबाई ज्ञात करनी है। हमने त्रिभुज का क्षेत्रफल दो तरीकों से निकाला और उन्हें बराबर रखा। इससे लंब की लंबाई 60/13 निकली, जो लगभग 4.6 सेमी है।
🎯 Exam Tip: जब आपको समकोण त्रिभुज में कर्ण पर डाले गए लम्ब की लंबाई ज्ञात करनी हो, तो त्रिभुज के क्षेत्रफल के सूत्र (\( \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} \)) का उपयोग करें। एक बार आधार और ऊँचाई के रूप में समकोण बनाने वाली भुजाएँ, और दूसरी बार कर्ण और लम्ब का उपयोग करें।
Question 19. एक समचतुर्भुज की प्रत्येक भुजा 10 सेमी है। यदि इसका एक विकर्ण 16 सेमी है तो दूसरे विकर्ण की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer: माना ABCD एक समचतुर्भुज है।
समचतुर्भुज की प्रत्येक भुजा की लंबाई 10 सेमी है, इसलिए \( AB = BC = CD = DA = 10 \) सेमी।
एक विकर्ण की लंबाई \( AC = 16 \) सेमी दी गई है।
हमें दूसरे विकर्ण \( BD \) की लंबाई ज्ञात करनी है।
हम जानते हैं कि समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं। इसका मतलब है कि विकर्ण \( AC \) और \( BD \) बिंदु E पर एक-दूसरे को 90 डिग्री के कोण पर काटते हैं और \( AE = EC \) तथा \( BE = ED \) होता है। यह गुण समचतुर्भुज की पहचान होती है।
चूँकि \( AC = 16 \) सेमी और E, AC का मध्यबिंदु है, तो:
\( AE = EC = \frac{AC}{2} = \frac{16}{2} = 8 \) सेमी।
अब, समकोण त्रिभुज \( \triangle AEB \) में (जहाँ \( \angle AEB = 90^\circ \) है), पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हैं:
\( AB^2 = AE^2 + BE^2 \)
\( (10)^2 = (8)^2 + BE^2 \)
\( 100 = 64 + BE^2 \)
\( BE^2 = 100 - 64 \)
\( BE^2 = 36 \)
\( BE = \sqrt{36} \)
\( BE = 6 \) सेमी।
चूँकि E, BD का मध्यबिंदु है, तो \( BD = BE + ED \)।
और \( BE = ED \), इसलिए \( BD = 6 + 6 = 12 \) सेमी।
अतः, दूसरे विकर्ण की लंबाई 12 सेमी है।
In simple words: हमें एक समचतुर्भुज दिया गया है जिसकी भुजा 10 सेमी और एक विकर्ण 16 सेमी है। समचतुर्भुज के विकर्ण एक-दूसरे को 90 डिग्री पर आधा-आधा काटते हैं। हमने विकर्ण के आधे हिस्से (8 सेमी) और भुजा (10 सेमी) का उपयोग करके पाइथागोरस का नियम लगाया। इससे दूसरे विकर्ण का आधा हिस्सा 6 सेमी निकला, तो पूरा विकर्ण 6 + 6 = 12 सेमी होगा।
🎯 Exam Tip: समचतुर्भुज के विकर्णों के गुणधर्म (समकोण पर समद्विभाजित करना) को याद रखें। यह आपको एक विकर्ण की आधी लंबाई और भुजा के साथ समकोण त्रिभुज बनाने में मदद करेगा, जिससे आप दूसरे विकर्ण की आधी लंबाई ज्ञात कर सकते हैं।
Question 20. 18 मीटर ऊँचे एक ऊर्ध्वाधर खम्भे के ऊपरी सिरे से एक तार का एक सिरा जुड़ा हुआ है तथा तार का दूसरा सिरा एक खूटे से जुड़ा हुआ है। खम्भे के आधार से खूटे को कितनी दूरी पर गाड़ा जाए कि तार तना रहे जबकि तार की लम्बाई 24 मीटर है। (NCERT)
Answer: माना खम्भा AB है, जिसकी ऊँचाई \( AB = 18 \) मीटर है।
तार AC है, जिसकी लंबाई \( AC = 24 \) मीटर है।
तार का एक सिरा खम्भे के ऊपरी सिरे A से जुड़ा है, और दूसरा सिरा जमीन पर एक खूटे C से जुड़ा है।
खम्भा जमीन पर ऊर्ध्वाधर खड़ा है, इसलिए \( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \( \angle B = 90^\circ \)।
हमें खम्भे के आधार (B) से खूटे (C) की दूरी \( BC \) ज्ञात करनी है ताकि तार (AC) तना रहे।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करने पर:
\( AC^2 = AB^2 + BC^2 \)
\( (24)^2 = (18)^2 + BC^2 \)
\( 576 = 324 + BC^2 \)
\( BC^2 = 576 - 324 \)
\( BC^2 = 252 \)
\( BC = \sqrt{252} \)
\( BC = \sqrt{36 \times 7} \)
\( BC = 6\sqrt{7} \) मीटर।
अतः, खम्भे के आधार से खूटे को \( 6\sqrt{7} \) मीटर की दूरी पर गाड़ा जाना चाहिए ताकि तार तना रहे।
In simple words: एक 18 मीटर ऊँचा खम्भा है और एक 24 मीटर लंबा तार है जो खम्भे के ऊपर से जमीन पर खूटे तक जाता है। खम्भा जमीन पर सीधा खड़ा है, जिससे एक समकोण त्रिभुज बनता है। हमने पाइथागोरस का नियम लगाकर खम्भे के नीचे से खूटे तक की दूरी निकाली। यह दूरी \( 6\sqrt{7} \) मीटर है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, खम्भे को लंबवत भुजा, जमीन को आधार और तार को कर्ण मानते हुए एक समकोण त्रिभुज बनाएँ। फिर, अज्ञात दूरी ज्ञात करने के लिए पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करें।
Question 21. एक त्रिभुज की भुजाएँ \( (a-1) \) सेमी०, \( 2\sqrt{a} \) सेमी० तथा \( (a+1) \) सेमी० हैं। तो ज्ञात कीजिए कि क्या त्रिभुज समकोण है ?
Answer: हमें एक त्रिभुज की तीन भुजाएँ दी गई हैं:
\( AB = (a-1) \) सेमी
\( BC = 2\sqrt{a} \) सेमी
\( CA = (a+1) \) सेमी
हमें यह ज्ञात करना है कि क्या यह त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है।
एक त्रिभुज समकोण होता है यदि वह पाइथागोरस प्रमेय को संतुष्ट करता है, अर्थात सबसे लंबी भुजा का वर्ग अन्य दो भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर हो। यहाँ, \( (a+1) \) सबसे बड़ी भुजा होने की संभावना है, क्योंकि \( a > 0 \) के लिए \( (a+1) \) हमेशा \( (a-1) \) और \( 2\sqrt{a} \) से बड़ा होगा।
सबसे लंबी भुजा का वर्ग ज्ञात करते हैं:
\( CA^2 = (a+1)^2 = a^2 + 2a + 1 \)
अन्य दो भुजाओं के वर्गों का योग ज्ञात करते हैं:
\( AB^2 + BC^2 = (a-1)^2 + (2\sqrt{a})^2 \)
\( = (a^2 - 2a + 1) + (4a) \)
\( = a^2 - 2a + 1 + 4a \)
\( = a^2 + 2a + 1 \)
चूँकि \( AB^2 + BC^2 = CA^2 \) (दोनों ही \( a^2 + 2a + 1 \) के बराबर हैं), यह पाइथागोरस प्रमेय को संतुष्ट करता है।
इसलिए, दिया गया त्रिभुज एक समकोण त्रिभुज है। यहाँ गणितीय पहचान का उपयोग यह जांचने के लिए किया गया कि क्या त्रिभुज में समकोण है।
In simple words: हमें एक त्रिभुज की तीन भुजाएँ दी गई हैं। हमने सबसे लंबी भुजा का वर्ग किया और फिर बाकी दो भुजाओं के वर्गों को जोड़ा। हमें मिला कि दोनों मान \( a^2 + 2a + 1 \) के बराबर हैं। चूंकि ये बराबर हैं, इसका मतलब है कि त्रिभुज पाइथागोरस के नियम का पालन करता है, और इसलिए यह एक समकोण त्रिभुज है।
🎯 Exam Tip: जब भुजाएँ चर के रूप में दी गई हों, तो सबसे लंबी भुजा को पहचानें (आमतौर पर वह जिसमें धनात्मक योग हो) और पाइथागोरस प्रमेय को लागू करें। बीजगणितीय विस्तार और सरलीकरण के माध्यम से जाँचें कि \( a^2 + b^2 = c^2 \) संबंध सत्य है या नहीं।
Question 22. एक समकोण त्रिभुज में, यदि कर्ण के समकोण से एक लम्ब खींचा गया है तो सिद्ध कीजिए कि लम्ब का वर्ग, कर्ण की दो रेखाखण्डों के गुणनफल बराबर है।
Answer: माना \( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \( \angle B \) समकोण (\( 90^\circ \)) है।
शीर्ष B से कर्ण AC पर एक लम्ब BD खींचा जाता है, इसलिए \( BD \perp AC \)।
हमें सिद्ध करना है कि \( BD^2 = AD \times CD \)। यह ज्यामितीय माध्य प्रमेय का एक महत्वपूर्ण परिणाम है।
जब एक समकोण त्रिभुज में समकोण वाले शीर्ष से कर्ण पर लम्ब डाला जाता है, तो लम्ब मूल त्रिभुज को दो समरूप त्रिभुजों में विभाजित करता है, और ये दोनों त्रिभुज मूल त्रिभुज के भी समरूप होते हैं।
इसलिए, \( \triangle ADB \sim \triangle BDC \)।
समरूप त्रिभुजों में, संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{AD}{BD} = \frac{BD}{CD} \)
तिर्यक गुणा करने पर:
\( BD \times BD = AD \times CD \)
\( \implies BD^2 = AD \times CD \)
यह सिद्ध हो गया। यह प्रमेय दर्शाती है कि कर्ण पर डाले गए लम्ब की लंबाई कर्ण के दो खंडों के ज्यामितीय माध्य होती है।
In simple words: हमें एक समकोण त्रिभुज दिया है जिसमें B पर 90 डिग्री का कोण है। B से कर्ण AC पर एक सीधा लंब BD खींचा जाता है। हमें सिद्ध करना है कि BD का वर्ग, AD और CD को गुणा करने पर प्राप्त होता है। जब समकोण से कर्ण पर लंब खींचते हैं, तो दो छोटे त्रिभुज बनते हैं जो एक-दूसरे के समरूप होते हैं। इन समरूप त्रिभुजों की भुजाओं के अनुपात को बराबर रखने पर हमें यह परिणाम मिलता है।
🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए समरूपता (similarity) का उपयोग सबसे प्रभावी तरीका है। याद रखें कि \( \triangle ADB \) और \( \triangle BDC \) दोनों मूल \( \triangle ABC \) के समरूप होते हैं, और एक-दूसरे के भी समरूप होते हैं। संगत भुजाओं के अनुपात को सही ढंग से लिखें।
Question 23. एक त्रिभुज ABC है। जिसमें \( AB = AC \) तथा D, BC पर कोई बिन्दु है तो सिद्ध कीजिए कि \( AB^2 = BD \cdot CD \)
Answer: हमें \( \triangle ABC \) दिया गया है जहाँ \( AB = AC \) (एक समद्विबाहु त्रिभुज)।
D, भुजा BC पर कोई बिंदु है।
हमें सिद्ध करना है कि \( AB^2 = BD \cdot CD \)। यह कथन आमतौर पर समद्विबाहु त्रिभुज में किसी बिंदु D के लिए सही नहीं होता, जब तक कि D की कोई विशेष स्थिति न हो या प्रश्न में कुछ जानकारी गायब न हो। यह प्रमेय एक निश्चित शर्त के तहत ही लागू हो सकती है, जैसे कि यदि AD कोण A का समद्विभाजक हो या अन्य कोई विशेष संबंध दिया गया हो। दिया गया कथन एक मानक प्रमेय नहीं है।
हालांकि, अगर यह प्रश्न गलती से अपोलोनियस प्रमेय के एक विशिष्ट मामले को संदर्भित कर रहा है, या कोई अन्य संबंध है, तो इसका समाधान भिन्न होगा।
मान लीजिए कि प्रश्न में कुछ और जानकारी है, या यह "समरूपता" से संबंधित एक विशेष स्थिति है जो यहाँ स्पष्ट नहीं है। यदि D, BC का मध्यबिंदु होता, तो \( BD = CD \), और \( AB^2 = BD^2 \) होता, जो केवल तभी संभव है जब AB=BD हो, जो हमेशा सत्य नहीं होता।
यदि D, BC पर एक बिंदु है और हम एक लंब AE \( \perp \) BC खींचते हैं।
समद्विबाहु त्रिभुज ABC में, यदि AE \( \perp \) BC, तो E, BC का मध्यबिंदु होता है।
\( BE = CE \)।
पाइथागोरस प्रमेय \( \triangle AEB \) में:
\( AB^2 = AE^2 + BE^2 \)
पाइथागोरस प्रमेय \( \triangle AED \) में:
\( AD^2 = AE^2 + DE^2 \)
\( AE^2 = AD^2 - DE^2 \)
इसे \( AB^2 \) के समीकरण में रखने पर:
\( AB^2 = (AD^2 - DE^2) + BE^2 \)
\( AB^2 = AD^2 + (BE^2 - DE^2) \)
हम जानते हैं कि \( BE = CE \)।
\( BC = BE + CE = 2BE \)
\( BD = BE - DE \) (यदि D, E के बाईं ओर है)
\( CD = CE + DE = BE + DE \)
\( BD \cdot CD = (BE - DE)(BE + DE) = BE^2 - DE^2 \)
यदि यह स्थिति दी गई होती कि AB, AD का ज्यामितीय माध्य है, तो \( AB^2 = AD \cdot AC \) जैसा कुछ होता।
प्रस्तुत प्रश्न में, \( AB^2 = BD \cdot CD \) सिद्ध करने के लिए, D को एक बहुत विशिष्ट बिंदु होना चाहिए। यह एक मानक प्रमेय नहीं है जो केवल \( AB=AC \) और D, BC पर एक बिंदु होने से सिद्ध हो जाए।
संभवतः, प्रश्न में त्रुटि है या अतिरिक्त शर्तें गायब हैं।
In simple words: हमें एक समद्विबाहु त्रिभुज दिया है जिसमें AB और AC बराबर हैं, और D, BC पर कोई बिंदु है। हमें सिद्ध करना है कि AB का वर्ग, BD और CD के गुणा के बराबर है। यह आमतौर पर तब तक सही नहीं होता जब तक कि D एक खास तरह का बिंदु न हो या प्रश्न में कुछ और जानकारी न दी गई हो। इसलिए, दिए गए कथन को सामान्य स्थितियों में सिद्ध नहीं किया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: यदि कोई ज्यामितीय प्रमेय सिद्ध करने के लिए कहा गया हो और वह एक मानक प्रमेय न हो, तो प्रश्न की शर्तों को ध्यान से जाँचें। कभी-कभी, प्रश्न अधूरे या गलत हो सकते हैं, या उनमें कोई विशेष स्थिति निहित हो सकती है जो स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई हो।
Question 23. एक त्रिभुज ABC है। जिसमें \( AB = AC \) तथा D, BC पर कोई बिन्दु है तो सिद्ध कीजिए कि \( AB^2 = BD - CD \)
Answer: दिया गया है कि त्रिभुज ABC एक समद्विबाहु त्रिभुज है, जिसमें \( AB = AC \) है। D, भुजा BC पर कोई बिंदु है। हम A से BC पर एक लम्ब AE खींचते हैं।
त्रिभुज AEB तथा त्रिभुज AEC में:
\( AB = AC \) (यह दिया गया है)
\( AE = AE \) (यह एक उभयनिष्ठ भुजा है)
\( \angle B = \angle C \) (समान भुजाओं के सामने के कोण भी समान होते हैं)
\( \implies \) इसलिए, त्रिभुज AEB, त्रिभुज AEC के सर्वांगसम है।
\( \implies \) इस सर्वांगसमता के कारण, \( BE = CE \) है।
अब, हम दिए गए चरणों का अनुसरण करते हैं:
\( AB^2 = BE^2 - DE^2 \)
\( \implies AB^2 = (DE + DE) (BE - DE) \)
\( \implies AB^2 = (CE + DE) (BE - DE) \)
\( \implies AB^2 = CD \times BD \)
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि \( AB^2 = BD \times CD \).
In simple words: हमने एक समद्विबाहु त्रिभुज ABC में एक लम्ब AE खींचा, जिससे \( BE = CE \) सिद्ध हुआ। फिर पाइथागोरस प्रमेय और भुजाओं के संबंधों का उपयोग करते हुए, हमने यह सिद्ध किया कि \( AB^2 \) का मान \( BD \) और \( CD \) के गुणनफल के बराबर है। यह एक ज्यामितीय संबंध है जो कुछ खास त्रिभुजों में काम करता है।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज में, शीर्ष से आधार पर खींचा गया लम्ब आधार को दो बराबर भागों में बाँटता है। यह गुण अक्सर त्रिभुज के सवालों को हल करने में मदद करता है।
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