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Detailed Chapter 7 त्रिभुज UP Board Solutions for Class 10 Maths
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Class 10 Maths Chapter 7 त्रिभुज UP Board Solutions PDF
Question 1. दी गई आकृति में △ ACB ~ △ APQ है यदि BC = 8 सेमी, PQ = 4 सेमी, BA = 6.5 सेमी, AP = 2.8 सेमी है तो CA तथा AQ ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें दिया गया है कि त्रिभुज \( \triangle ACB \) त्रिभुज \( \triangle APQ \) के समरूप है। यदि दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है।
इसलिए, हम लिख सकते हैं:
\( \frac{AC}{AP} = \frac{CB}{PQ} = \frac{BA}{AQ} \)
अब, दिए गए मानों को सूत्र में रखेंगे:
\( \frac{AC}{2.8} = \frac{8}{4} = \frac{6.5}{AQ} \)
पहले \( \frac{AC}{2.8} = \frac{8}{4} \) को हल करते हैं:
\( \frac{AC}{2.8} = 2 \)
\( AC = 2 \times 2.8 \)
\( AC = 5.6 \) सेमी
अब \( \frac{8}{4} = \frac{6.5}{AQ} \) को हल करते हैं:
\( 2 = \frac{6.5}{AQ} \)
\( AQ = \frac{6.5}{2} \)
\( AQ = 3.25 \) सेमी
तो, \( AC = 5.6 \) सेमी और \( AQ = 3.25 \) सेमी है। समरूप त्रिभुजों का सिद्धांत गणित में अज्ञात भुजाओं की लंबाई ज्ञात करने में बहुत उपयोगी होता है।
In simple words: जब दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी भुजाओं का अनुपात समान होता है। इस नियम का उपयोग करके, हमने दी गई भुजाओं की लंबाई का मान निकाला।
🎯 Exam Tip: समरूप त्रिभुजों के सवालों में, हमेशा संगत भुजाओं का सही अनुपात लिखने पर ध्यान दें। यह सुनिश्चित करें कि आप भुजाओं को सही क्रम में लिख रहे हैं।
Question 2. दी गई आकृति में, QA तथा PB, AB के लम्बवत् है। यदि AQ = 10 सेमी, BO = 6 सेमी तथा PB = 9 सेमी है तो AQ ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें दिया गया है कि \( QA \) और \( PB \) रेखा \( AB \) पर लम्बवत् हैं। इसका मतलब है कि \( \triangle OAQ \) और \( \triangle OPB \) समकोण त्रिभुज हैं, जहाँ \( \angle QAO = 90^\circ \) और \( \angle PBO = 90^\circ \)।
पहले, \( \triangle OPB \) में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके \( OP \) की लंबाई ज्ञात करते हैं:
\( OP^2 = OB^2 + PB^2 \)
\( OP^2 = 6^2 + 9^2 \)
\( OP^2 = 36 + 81 \)
\( OP^2 = 117 \)
\( OP = \sqrt{117} = \sqrt{9 \times 13} = 3\sqrt{13} \) सेमी
अब, \( \triangle OAQ \) और \( \triangle OPB \) समरूप त्रिभुज हैं क्योंकि उनमें दो कोण समान हैं (एक समकोण और दूसरा शीर्षाभिमुख कोण \( \angle AOQ = \angle BOP \))।
इसलिए, संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होगा:
\( \frac{OA}{OB} = \frac{OQ}{OP} \)
दिए गए मानों को रखेंगे (ध्यान दें: प्रश्न में 'AQ=10' दिया है लेकिन हल में 'AO=10' का उपयोग किया गया है, हम हल के अनुसार 'AO=10' लेंगे):
\( \frac{10}{6} = \frac{OQ}{3\sqrt{13}} \)
\( OQ = \frac{10}{6} \times 3\sqrt{13} \)
\( OQ = \frac{5}{3} \times 3\sqrt{13} \)
\( OQ = 5\sqrt{13} \) सेमी
अंत में, \( \triangle OAQ \) में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके \( AQ \) की लंबाई ज्ञात करते हैं (क्योंकि \( OQ \) कर्ण है):
\( OQ^2 = OA^2 + AQ^2 \)
\( (5\sqrt{13})^2 = 10^2 + AQ^2 \)
\( 25 \times 13 = 100 + AQ^2 \)
\( 325 = 100 + AQ^2 \)
\( AQ^2 = 325 - 100 \)
\( AQ^2 = 225 \)
\( AQ = \sqrt{225} \)
\( AQ = 15 \) सेमी
इस प्रकार, हमने पाइथागोरस प्रमेय और समरूप त्रिभुजों का उपयोग करके \( AQ \) की लंबाई ज्ञात की। त्रिकोणमिति में भुजाओं की गणना के लिए ये सिद्धांत महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: हमने पहले पाइथागोरस नियम से एक त्रिभुज की तीसरी भुजा निकाली। फिर, समरूप त्रिभुजों के नियम से दूसरी भुजा निकाली। अंत में, उसी नियम से जो भुजा हमें चाहिए थी, उसकी लंबाई ज्ञात की।
🎯 Exam Tip: जब भी दो लंबवत् रेखाएँ दी हों और उनसे त्रिभुज बन रहे हों, तो समकोण त्रिभुज की पहचान करें और पाइथागोरस प्रमेय के साथ-साथ AA-समरूपता का उपयोग करें। संगत भुजाओं और कोणों को सही ढंग से पहचानना महत्वपूर्ण है।
Question 3. 10 सेमी ऊँची एक ऊर्ध्वाधर छड़ी की छाया 8 सेमी लम्बी बनती है। ठीक उसी समय एक मीनार की छाया 30 सेमी है तो मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए ।
Answer: इस प्रकार के प्रश्नों में, सूर्य के प्रकाश के कोण समान होने के कारण, छड़ी और मीनार से बनने वाले त्रिभुज समरूप होते हैं।
मान लीजिए:
छड़ी की ऊँचाई \( CE = 10 \) सेमी
छड़ी की छाया \( CD = 8 \) सेमी
मीनार की ऊँचाई \( AB = h \) सेमी
मीनार की छाया \( BD = 30 \) सेमी
अब, \( \triangle ABD \) और \( \triangle DEC \) में:
\( \angle ABD = \angle DEC = 90^\circ \) (छड़ी और मीनार जमीन पर लंबवत् होते हैं)
\( \angle ADB = \angle CDE \) (सूर्य का उन्नयन कोण समान है, या कोण \( D \) उभयनिष्ठ है)
इसलिए, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle ABD \sim \triangle DEC \)।
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{AB}{EC} = \frac{BD}{CD} \)
दिए गए मानों को रखेंगे:
\( \frac{h}{10} = \frac{30}{8} \)
अब \( h \) के लिए हल करेंगे:
\( h = \frac{30 \times 10}{8} \)
\( h = \frac{300}{8} \)
\( h = 37.5 \) सेमी
इस प्रकार, मीनार की ऊँचाई \( 37.5 \) सेमी है। यह सिद्धांत छाया और ऊँचाई के बीच के संबंध को समझने में मदद करता है।
In simple words: क्योंकि सूरज की रोशनी एक ही कोण पर पड़ रही है, छड़ी और मीनार की छाया से बनने वाले त्रिभुज एक जैसे होते हैं। इस नियम का उपयोग करके, हमने मीनार की ऊँचाई का पता लगाया।
🎯 Exam Tip: छाया-संबंधी सवालों में, हमेशा यह मानें कि वस्तुएँ जमीन पर लंबवत् हैं और सूर्य का कोण समान है, जिससे समरूप त्रिभुज बनते हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप सही अनुपात का उपयोग कर रहे हैं, संगत भुजाओं का ध्यान रखें।
Question 4. एक समकोण त्रिभुज की भुजाएँ a तथा b और कर्ण c हैं। कर्ण पर एक ऊँचाई x है तो सिद्ध कीजिए कि ab = cx
Answer: मान लीजिए \( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है जिसका समकोण \( C \) पर है। भुजाएँ \( BC = a \), \( AC = b \) और कर्ण \( AB = c \) है। मान लीजिए \( CD = x \) कर्ण \( AB \) पर खींची गई ऊँचाई है।
अब, \( \triangle ABC \) और \( \triangle CBD \) को देखते हैं।
\( \angle BCA = 90^\circ \) (दिया गया है)
\( \angle CDB = 90^\circ \) (क्योंकि \( CD \) ऊँचाई है)
इसलिए, \( \angle BCA = \angle CDB \)
\( \angle B = \angle B \) (उभयनिष्ठ कोण)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle ABC \sim \triangle CBD \)।
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{AC}{CD} = \frac{BA}{BC} \)
दिए गए मानों को रखेंगे:
\( \frac{b}{x} = \frac{c}{a} \)
अब तिर्यक गुणा करेंगे:
\( ab = cx \)
यह सिद्ध हो गया। यह प्रमेय समकोण त्रिभुजों में ऊँचाई और भुजाओं के बीच एक महत्वपूर्ण संबंध को दर्शाता है।
In simple words: एक समकोण त्रिभुज में, कर्ण पर खींची गई ऊँचाई और भुजाओं के बीच एक खास रिश्ता होता है। हमने दिखाया कि दो छोटी भुजाओं का गुणा कर्ण और ऊँचाई के गुणा के बराबर होता है, क्योंकि त्रिभुज के छोटे भाग बड़े त्रिभुज के समरूप होते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के ज्यामिति के प्रमाणों में, सही समरूप त्रिभुजों की पहचान करना और उनके संगत कोणों व भुजाओं को सही ढंग से जोड़ना महत्वपूर्ण है। चित्र को ध्यान से देखकर संगतता स्थापित करें।
Question 5. दी गई आकृति में ∠A = ∠CED है तो सिद्ध कीजिए कि △CAB ~ △CED तथा x का मान भी ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें दो कार्य करने हैं: त्रिभुजों को समरूप सिद्ध करना और \( x \) का मान ज्ञात करना।
**1. \( \triangle CAB \sim \triangle CED \) सिद्ध करना:**
\( \triangle CAB \) और \( \triangle CED \) में:
\( \angle A = \angle CED \) (दिया गया है)
\( \angle C = \angle C \) (यह दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ कोण है)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle CAB \sim \triangle CED \)।
समरूप त्रिभुजों की पहचान उनके समान कोणों के आधार पर की जाती है।
**2. \( x \) का मान ज्ञात करना:**
दी गई आकृति में \( \triangle CED \) एक समकोण त्रिभुज है (क्योंकि \( x \) एक ऊँचाई या लम्बवत् भुजा को दर्शाता है, और हल में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग किया गया है)।
\( CD = 8 \) सेमी, \( DE = x \) सेमी, \( EC = 10 \) सेमी।
पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करते हुए, \( \triangle CED \) में:
\( EC^2 = DC^2 + DE^2 \)
\( 10^2 = 8^2 + x^2 \)
\( 100 = 64 + x^2 \)
\( x^2 = 100 - 64 \)
\( x^2 = 36 \)
\( x = \sqrt{36} \)
\( x = 6 \) सेमी
इस प्रकार, \( x \) का मान \( 6 \) सेमी है। ज्यामिति में, पाइथागोरस प्रमेय अज्ञात भुजाओं की लंबाई ज्ञात करने का एक शक्तिशाली साधन है।
In simple words: पहले, हमने दिखाया कि दो त्रिभुज एक जैसे हैं क्योंकि उनके कोण समान हैं। फिर, एक छोटे त्रिभुज में पाइथागोरस नियम का उपयोग करके हमने \( x \) नामक भुजा की लंबाई का पता लगाया।
🎯 Exam Tip: ज्यामिति के ऐसे सवालों में, समरूपता सिद्ध करने के लिए कोणों की समानता पर ध्यान दें। यदि कोई भुजा अज्ञात है और वह समकोण त्रिभुज का हिस्सा है, तो पाइथागोरस प्रमेय हमेशा एक अच्छा तरीका है।
Question 6. दी गई आकृति में ∠CAB = 90° तथा AD ⊥BC है। यदि AC = 75 सेमी, AB = 1 मी० तथा BD = 1.25 मीटर है तो AD का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: सबसे पहले, सभी इकाइयों को एक समान माप में बदलते हैं (सेमी):
\( AB = 1 \) मीटर \( = 100 \) सेमी
\( BD = 1.25 \) मीटर \( = 125 \) सेमी
\( AC = 75 \) सेमी (पहले से ही सेमी में है)
हमें दिया गया है कि \( \angle CAB = 90^\circ \) और \( AD \perp BC \)। इसका मतलब है कि \( \triangle ABC \) और \( \triangle BDA \) दोनों समकोण त्रिभुज हैं।
अब, \( \triangle BAC \) और \( \triangle BDA \) में समरूपता देखते हैं:
\( \angle BAC = \angle BDA = 90^\circ \) (क्योंकि दोनों समकोण हैं)
\( \angle B = \angle B \) (यह दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ कोण है)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle BAC \sim \triangle BDA \)।
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{BA}{BD} = \frac{AC}{AD} \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखेंगे:
\( \frac{100}{125} = \frac{75}{AD} \)
अब \( AD \) के लिए हल करेंगे:
\( AD = \frac{75 \times 125}{100} \)
\( AD = \frac{3 \times 25 \times 5 \times 25}{4 \times 25} \)
\( AD = \frac{3 \times 5 \times 25}{4} \)
\( AD = \frac{375}{4} \)
\( AD = 93.75 \) सेमी
इस प्रकार, \( AD \) का मान \( 93.75 \) सेमी है। समकोण त्रिभुजों में समरूपता का उपयोग करके अज्ञात लंबाई ज्ञात करना एक मानक विधि है।
In simple words: हमने पहले सभी नाप एक ही इकाई (सेमी) में बदले। फिर, दो त्रिभुजों को समरूप दिखाया क्योंकि उनके दो कोण समान थे। समरूपता के नियम से, हमने \( AD \) नामक भुजा की लंबाई ज्ञात की।
🎯 Exam Tip: ज्यामिति के सवालों में, विभिन्न इकाइयों को हमेशा एक ही इकाई में बदलें ताकि गणना में कोई गलती न हो। समरूप त्रिभुजों के लिए AA-कसौटी का उपयोग करते समय, उभयनिष्ठ कोण और समकोण की पहचान करना याद रखें।
Question 7. दी गई आकृति में, यदि AB ⊥ BC तथा DE ⊥ AC है तो सिद्ध कीजिए कि △ ABC ~ △ AED
Answer: हमें सिद्ध करना है कि \( \triangle ABC \) और \( \triangle AED \) समरूप त्रिभुज हैं।
दिए गए हैं:
\( AB \perp BC \), इसका अर्थ है \( \angle ABC = 90^\circ \)।
\( DE \perp AC \), इसका अर्थ है \( \angle AED = 90^\circ \)।
अब, \( \triangle ABC \) और \( \triangle AED \) को देखते हैं:
\( \angle ABC = \angle AED = 90^\circ \) (दोनों कोण समकोण हैं)
\( \angle BAC = \angle EAD \) (यह कोण \( \angle A \) दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ है)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle ABC \sim \triangle AED \)।
यह सिद्ध हो गया। दो कोणों की समानता के आधार पर त्रिभुजों की समरूपता को साबित किया जा सकता है।
In simple words: हमने दिखाया कि दोनों त्रिभुजों में एक कोण \( 90^\circ \) का है और दूसरा कोण \( \angle A \) दोनों में एक जैसा है। जब दो कोण समान होते हैं, तो त्रिभुज एक जैसे (समरूप) माने जाते हैं।
🎯 Exam Tip: समरूपता सिद्ध करते समय, AA-कसौटी सबसे सीधी होती है। हमेशा उभयनिष्ठ कोणों और दिए गए समकोणों की पहचान करें। यदि आप दो कोणों की समानता दिखा सकते हैं, तो त्रिभुज समरूप होंगे।
Question 8. दी गई आकृति में, यदि ∠A = ∠C है तो सिद्ध कीजिए कि △AOB ~ △COD
Answer: हमें सिद्ध करना है कि \( \triangle AOB \) और \( \triangle COD \) समरूप त्रिभुज हैं।
\( \triangle AOB \) और \( \triangle COD \) में:
\( \angle A = \angle C \) (यह प्रश्न में दिया गया है)
\( \angle AOB = \angle COD \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं, जो हमेशा बराबर होते हैं)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle AOB \sim \triangle COD \)।
यह सिद्ध हो गया। जब दो त्रिभुजों में दो कोण समान हों, तो वे समरूप होते हैं।
In simple words: हमने देखा कि दो त्रिभुजों में, एक कोण \( (\angle A = \angle C) \) पहले से ही बराबर दिया गया है और दूसरा कोण \( (\angle AOB = \angle COD) \) शीर्षाभिमुख कोण होने के कारण हमेशा बराबर होता है। इसलिए, दोनों त्रिभुज समरूप हैं।
🎯 Exam Tip: शीर्षाभिमुख कोणों की पहचान करना एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय कौशल है। ऐसे सवालों में, यदि दो त्रिभुजों के दो कोण बराबर साबित हो जाते हैं, तो वे AA-कसौटी से समरूप होते हैं।
Question 9. दी गई आकृति में, ∠ ABC = 90° तथा BD ⊥ AC है यदि AB = 5.7 सेमी०, BD = 3.8 सेमी० तथा CD = 5.4 सेमी० हो तो BC ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें दिया गया है कि \( \triangle ABC \) में \( \angle ABC = 90^\circ \) और \( BD \perp AC \)। हमें \( AB = 5.7 \) सेमी, \( BD = 3.8 \) सेमी और \( CD = 5.4 \) सेमी दिया गया है, और हमें \( BC \) का मान ज्ञात करना है।
अब, \( \triangle ABC \) और \( \triangle BDC \) को देखते हैं:
\( \angle ABC = \angle BDC = 90^\circ \) (दिया गया है और \( BD \perp AC \) के कारण)
\( \angle C = \angle C \) (यह दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ कोण है)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle ABC \sim \triangle BDC \)।
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{BC}{CD} = \frac{AB}{BD} \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखेंगे:
\( \frac{BC}{5.4} = \frac{5.7}{3.8} \)
अब \( BC \) के लिए हल करेंगे:
\( BC = \frac{5.7 \times 5.4}{3.8} \)
हम इसे ऐसे भी लिख सकते हैं:
\( BC = \frac{57 \times 54}{38 \times 10} \)
\( BC = \frac{3 \times 19 \times 54}{2 \times 19 \times 10} \)
\( BC = \frac{3 \times 54}{2 \times 10} \)
\( BC = \frac{162}{20} \)
\( BC = \frac{81}{10} \)
\( BC = 8.1 \) सेमी
इस प्रकार, \( BC \) का मान \( 8.1 \) सेमी है। समकोण त्रिभुजों में लंब खींचने पर बनने वाले छोटे त्रिभुज भी मूल त्रिभुज के समरूप होते हैं।
In simple words: हमने देखा कि बड़ा त्रिभुज और उसके अंदर का एक छोटा त्रिभुज समरूप हैं क्योंकि उनके कोण एक जैसे हैं। समरूपता के नियम से, हमने उनकी भुजाओं के अनुपात का उपयोग करके \( BC \) की लंबाई का पता लगाया।
🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज से संबंधित सवालों में, यदि कर्ण पर कोई लम्ब खींचा जाता है, तो याद रखें कि यह दो छोटे समकोण त्रिभुज बनाता है जो एक-दूसरे के और मूल त्रिभुज के समरूप होते हैं। यह संगत भुजाओं का अनुपात स्थापित करने में मदद करता है।
Question 10. △ ABC तथा △ DEF में, यह दिया गया है कि, AB = 5 सेमी०, BC = 4 सेमी०, CA = 4.2 सेमी०, DE = 10 सेमी०, EF = 8 सेमी० तथा FD = 8.4 सेमी० है। यदि AL ⊥ BC तथा DM ⊥ EF है तो AL:DM ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें दो त्रिभुजों \( \triangle ABC \) और \( \triangle DEF \) की भुजाओं की लंबाई दी गई है। हमें AL और DM (जो संगत ऊँचाईयाँ हैं) का अनुपात ज्ञात करना है।
सबसे पहले, हम यह जाँचते हैं कि क्या दोनों त्रिभुज समरूप हैं। इसके लिए, हम उनकी संगत भुजाओं का अनुपात ज्ञात करते हैं:
\( \frac{AB}{DE} = \frac{5}{10} = \frac{1}{2} \)
\( \frac{BC}{EF} = \frac{4}{8} = \frac{1}{2} \)
\( \frac{CA}{FD} = \frac{4.2}{8.4} = \frac{1}{2} \)
चूंकि सभी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर है \( (\frac{1}{2}) \), इसलिए SSS-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle ABC \sim \triangle DEF \)।
समरूप त्रिभुजों में, संगत ऊँचाईयों का अनुपात भी उनकी संगत भुजाओं के अनुपात के बराबर होता है।
यहाँ \( AL \) त्रिभुज \( \triangle ABC \) की ऊँचाई है (आधार \( BC \) पर), और \( DM \) त्रिभुज \( \triangle DEF \) की ऊँचाई है (आधार \( EF \) पर)।
इसलिए,
\( \frac{AL}{DM} = \frac{AB}{DE} = \frac{BC}{EF} = \frac{CA}{FD} \)
\( \frac{AL}{DM} = \frac{1}{2} \)
अतः, \( AL:DM = 1:2 \)। यह नियम समरूप त्रिभुजों की सभी संगत मापों पर लागू होता है।
In simple words: हमने पहले देखा कि दोनों त्रिभुजों की सभी भुजाएँ समान अनुपात में हैं, जिसका मतलब है कि वे एक जैसे (समरूप) हैं। जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी ऊँचाइयों का अनुपात भी उनकी भुजाओं के अनुपात के बराबर होता है, जो \( 1:2 \) है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि समरूप त्रिभुजों में, न केवल भुजाओं का अनुपात समान होता है, बल्कि संगत ऊँचाईयों, माध्यिकाओं और कोण समद्विभाजकों का अनुपात भी समान होता है। यदि आप समरूपता साबित कर लेते हैं, तो अनुपात आसानी से ज्ञात किया जा सकता है।
Question 11. दी गई आकृति में, दो त्रिभुज BEP तथा CPD दिये गये हैं तो सिद्ध कीजिए कि BP × PD = EP × PC
Answer: हमें सिद्ध करना है कि \( BP \times PD = EP \times PC \)। यह सिद्ध करने के लिए, हमें यह दिखाना होगा कि त्रिभुज \( \triangle EPB \) और \( \triangle DPC \) समरूप हैं।
\( \triangle EPB \) और \( \triangle DPC \) में:
\( \angle PEB = 90^\circ \) (आकृति में दिया गया समकोण)
\( \angle PDC = 90^\circ \) (आकृति में दिया गया समकोण)
इसलिए, \( \angle PEB = \angle PDC \)
\( \angle EPB = \angle DPC \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं, जो हमेशा बराबर होते हैं)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle EPB \sim \triangle DPC \)।
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{EP}{DP} = \frac{PB}{PC} \)
अब तिर्यक गुणा करेंगे:
\( EP \times PC = DP \times PB \)
या \( BP \times PD = EP \times PC \)
यह सिद्ध हो गया। यह परिणाम समरूप त्रिभुजों के गुणों का सीधा अनुप्रयोग है।
In simple words: हमने देखा कि दो छोटे त्रिभुज \( \triangle EPB \) और \( \triangle DPC \) समरूप हैं क्योंकि उनमें दो कोण बराबर हैं (एक \( 90^\circ \) का और दूसरा शीर्षाभिमुख)। जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी भुजाओं का अनुपात बराबर होता है, जिससे हमारा दिया गया समीकरण सिद्ध होता है।
🎯 Exam Tip: ज्यामिति के प्रमाणों में, शीर्षाभिमुख कोणों का उपयोग अक्सर त्रिभुजों की समरूपता साबित करने के लिए किया जाता है। यदि आपको दो रेखाएँ एक बिंदु पर काटती हुई दिखें, तो शीर्षाभिमुख कोणों को पहचानें।
Question 12. △ ABC की भुजाओं AB तथा AC पर क्रमशः बिन्दु P तथा Q हैं। यदि AP = 3 सेमी०, PB = 6 सेमी०, AQ = 5 सेमी० तथा QC = 10 सेमी० है तो सिद्ध कीजिए कि BC = 3PQ
Answer: हमें सिद्ध करना है कि \( BC = 3PQ \)।
दिए गए मानों से, हम पूरी भुजाओं की लंबाई ज्ञात करते हैं:
\( AB = AP + PB = 3 + 6 = 9 \) सेमी
\( AC = AQ + QC = 5 + 10 = 15 \) सेमी
अब, हम \( \triangle APQ \) और \( \triangle ABC \) में संगत भुजाओं का अनुपात ज्ञात करते हैं:
\( \frac{AP}{AB} = \frac{3}{9} = \frac{1}{3} \)
\( \frac{AQ}{AC} = \frac{5}{15} = \frac{1}{3} \)
चूंकि \( \frac{AP}{AB} = \frac{AQ}{AC} \) और \( \angle A = \angle A \) (यह दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ कोण है),
अतः, SAS-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle APQ \sim \triangle ABC \)।
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{PQ}{BC} = \frac{AP}{AB} \)
\( \frac{PQ}{BC} = \frac{1}{3} \)
अब तिर्यक गुणा करेंगे:
\( BC = 3PQ \)
यह सिद्ध हो गया। यह आधारभूत समानुपातिक प्रमेय (BPT) के व्युत्क्रम और SAS-समरूपता का एक संयुक्त अनुप्रयोग है।
In simple words: हमने देखा कि \( AP/AB \) और \( AQ/AC \) का अनुपात बराबर है, और दोनों त्रिभुजों में \( \angle A \) एक जैसा है। इसलिए, दोनों त्रिभुज समरूप हैं। समरूपता के नियम से, हमने \( PQ \) और \( BC \) के बीच का संबंध \( BC = 3PQ \) सिद्ध किया।
🎯 Exam Tip: SAS-समरूपता कसौटी का उपयोग करते समय, संगत भुजाओं के अनुपात और उनके बीच के उभयनिष्ठ कोण की पहचान करना महत्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करें कि आप भुजाओं के सही जोड़े का अनुपात ले रहे हैं।
Question 13. ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है तथा APQ एक सरल रेखा है जो बढ़ाने पर BC से बिन्दु P पर तथा DC से बिन्दु Q पर मिलती है। सिद्ध कीजिए कि BP व DQ से बना आयत AB व AD से बने आयत के बराबर होता है।
Answer: हमें सिद्ध करना है कि \( BP \times DQ = AB \times AD \)।
दिया गया है कि \( ABCD \) एक समांतर चतुर्भुज है। एक रेखा \( APQ \) इस प्रकार खींची गई है कि यह \( BA \) को \( A \) पर और बढ़ाई गई भुजा \( BC \) को \( P \) पर तथा बढ़ाई गई भुजा \( DC \) को \( Q \) पर काटती है।
समांतर चतुर्भुज के गुणों के अनुसार:
\( AB || DC \) और \( AD || BC \)
चूंकि \( AD || BC \) और \( P \) भुजा \( BC \) के विस्तार पर है, तो \( AD || BP \)।
अब, \( \triangle QDA \) और \( \triangle PAB \) पर विचार करते हैं:
1. \( \angle DQA = \angle PAB \) (ये एकांतर अंतःकोण हैं, क्योंकि \( DQ || AB \) और \( APQ \) एक तिर्यक रेखा है)
2. \( \angle QAD = \angle BPA \) (ये एकांतर अंतःकोण हैं, क्योंकि \( AD || BP \) और \( APQ \) एक तिर्यक रेखा है)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle QDA \sim \triangle PAB \)।
जब त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होता है:
\( \frac{DQ}{PB} = \frac{DA}{AB} \)
अब तिर्यक गुणा करेंगे:
\( DQ \times AB = PB \times DA \)
या \( BP \times DQ = AB \times AD \)
यह सिद्ध हो गया। यह परिणाम समांतर चतुर्भुज की भुजाओं और एक तिर्यक रेखा द्वारा निर्मित त्रिभुजों की समरूपता पर आधारित है।
In simple words: हमने देखा कि बड़े समांतर चतुर्भुज के बाहर बनने वाले दो त्रिभुज एक जैसे (समरूप) हैं क्योंकि उनके कोण समान हैं (एकांतर कोण)। समरूपता के नियम से, उनकी भुजाओं के अनुपात को बराबर करके हमने दिया गया समीकरण सिद्ध किया।
🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज से संबंधित ज्यामिति के प्रमाणों में, एकांतर अंतःकोणों और संगत कोणों की पहचान करना बहुत महत्वपूर्ण है। यह आपको त्रिभुजों की समरूपता साबित करने में मदद करता है और फिर भुजाओं के बीच संबंधों को स्थापित करने में सहायक होता है।
Question 14. एक चतुर्भुज ABCD है। जिसमें AD = BC यदि P, Q, R तथा S क्रमशः AB, BC, CD तथा AD के मध्य बिन्दु हैं तो सिद्ध कीजिए कि PQRS एक समचतुर्भुज है।
Answer: हमें सिद्ध करना है कि \( PQRS \) एक समचतुर्भुज है।
हमें दिया गया है कि \( ABCD \) एक चतुर्भुज है जिसमें \( AD = BC \)। \( P, Q, R, S \) क्रमशः भुजाओं \( AB, BC, CD, DA \) के मध्यबिंदु हैं।
एक विकर्ण \( AC \) खींचते हैं।
\( \triangle ABC \) में, \( P \) और \( Q \) क्रमशः \( AB \) और \( BC \) के मध्यबिंदु हैं।
मध्यबिंदु प्रमेय के अनुसार:
\( PQ || AC \) और \( PQ = \frac{1}{2} AC \) (1)
इसी प्रकार, \( \triangle ACD \) में, \( S \) और \( R \) क्रमशः \( AD \) और \( CD \) के मध्यबिंदु हैं।
मध्यबिंदु प्रमेय के अनुसार:
\( SR || AC \) और \( SR = \frac{1}{2} AC \) (2)
समीकरण (1) और (2) से:
\( PQ || SR \) और \( PQ = SR \)
यह दर्शाता है कि \( PQRS \) एक समांतर चतुर्भुज है।
अब, दूसरा विकर्ण \( BD \) खींचते हैं।
\( \triangle BCD \) में, \( Q \) और \( R \) क्रमशः \( BC \) और \( CD \) के मध्यबिंदु हैं।
मध्यबिंदु प्रमेय के अनुसार:
\( QR || BD \) और \( QR = \frac{1}{2} BD \) (3)
\( \triangle ABD \) में, \( S \) और \( P \) क्रमशः \( AD \) और \( AB \) के मध्यबिंदु हैं।
मध्यबिंदु प्रमेय के अनुसार:
\( SP || BD \) और \( SP = \frac{1}{2} BD \) (4)
समीकरण (3) और (4) से:
\( QR || SP \) और \( QR = SP \)
अब, \( PQRS \) को समचतुर्भुज सिद्ध करने के लिए, हमें यह दिखाना होगा कि इसकी सभी भुजाएँ बराबर हैं (या आसन्न भुजाएँ बराबर हैं, जैसे \( PQ = QR \))।
इसका मतलब है कि \( \frac{1}{2} AC = \frac{1}{2} BD \), जिससे \( AC = BD \) सिद्ध होता है।
हमें दिया गया है कि \( AD = BC \)। यदि किसी चतुर्भुज में गैर-समांतर भुजाएँ बराबर हों (जैसे एक समद्विबाहु समलम्ब चतुर्भुज में), तो उसके विकर्ण भी बराबर होते हैं। इस स्थिति में, \( AC = BD \)।
चूंकि \( AC = BD \), तो \( PQ = \frac{1}{2} AC = \frac{1}{2} BD = QR \)।
इसी प्रकार, \( RS = SP \)।
अतः, \( PQ = QR = RS = SP \)
इसलिए, \( PQRS \) एक समचतुर्भुज है। एक समचतुर्भुज एक समांतर चतुर्भुज होता है जिसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
In simple words: हमने मध्यबिंदु प्रमेय का उपयोग करके पहले दिखाया कि \( PQRS \) एक समांतर चतुर्भुज है। फिर, हमने चतुर्भुज \( ABCD \) के विकर्णों की समानता \( (AC=BD) \) का उपयोग करके सिद्ध किया कि \( PQRS \) की सभी भुजाएँ बराबर हैं, जिससे यह एक समचतुर्भुज बन जाता है।
🎯 Exam Tip: मध्यबिंदु प्रमेय ज्यामिति में एक महत्वपूर्ण उपकरण है। याद रखें कि किसी भी चतुर्भुज के मध्यबिंदुओं को जोड़ने से एक समांतर चतुर्भुज बनता है। यह समचतुर्भुज तभी होता है जब मूल चतुर्भुज के विकर्ण बराबर हों।
Question 15. दी गई आकृति में, ABCD एक समलम्ब चतुर्भुज है तथा AB||DC यदि △ AED तथा △ BEC समरूप है तो सिद्ध कीजिए कि AD = BC
Answer: हमें सिद्ध करना है कि \( AD = BC \)।
दिया गया है कि \( ABCD \) एक समलम्ब चतुर्भुज है जिसमें \( AB || DC \)।
यह भी दिया गया है कि \( \triangle AED \sim \triangle BEC \)।
यदि दो त्रिभुज समरूप होते हैं, तो उनके संगत कोण और संगत भुजाएँ आनुपातिक होती हैं।
\( \triangle AED \sim \triangle BEC \) का अर्थ है कि:
1. \( \angle DAE = \angle CBE \) (संगत कोण)
2. \( \angle ADE = \angle BCE \) (संगत कोण)
3. \( \angle AED = \angle BEC \) (ये शीर्षाभिमुख कोण हैं, जो हमेशा बराबर होते हैं)
अब, समलम्ब चतुर्भुज \( ABCD \) में, \( AD \) और \( BC \) गैर-समांतर भुजाएँ हैं।
यदि किसी समलम्ब चतुर्भुज में आधार के कोण बराबर होते हैं (जैसे \( \angle DAE = \angle CBE \) और \( \angle ADE = \angle BCE \)), तो वह एक समद्विबाहु समलम्ब चतुर्भुज होता है।
एक समद्विबाहु समलम्ब चतुर्भुज की गैर-समांतर भुजाएँ बराबर होती हैं।
चूंकि \( \angle DAE = \angle CBE \) और \( \angle ADE = \angle BCE \) हैं, इसलिए \( ABCD \) एक समद्विबाहु समलम्ब चतुर्भुज है।
अतः, समद्विबाहु समलम्ब चतुर्भुज के गुणधर्म के अनुसार, उसकी गैर-समांतर भुजाएँ बराबर होती हैं।
इसलिए, \( AD = BC \)।
यह सिद्ध हो गया। समरूप त्रिभुज हमें समलम्ब चतुर्भुज के विशेष गुणों को स्थापित करने में मदद करते हैं।
In simple words: हमें बताया गया है कि दो छोटे त्रिभुज समरूप हैं। इसका मतलब है कि उनके संगत कोण बराबर हैं। जब एक समलम्ब चतुर्भुज के आधार के कोण बराबर होते हैं, तो उसकी तिरछी भुजाएँ भी बराबर होती हैं। इस तरह, हमने \( AD = BC \) सिद्ध किया।
🎯 Exam Tip: समलम्ब चतुर्भुज से संबंधित सवालों में, समरूपता और कोणों के संबंधों पर ध्यान दें। याद रखें कि यदि एक समलम्ब चतुर्भुज के आधार के कोणों के जोड़े बराबर हों, तो वह एक समद्विबाहु समलम्ब चतुर्भुज होता है, जिसकी गैर-समांतर भुजाएँ बराबर होती हैं।
Question 16. एक समलम्ब चतुर्भुज ABCD में, AB||DC तथा DC = 2AB, AB के आगे EF दर्शायी गयी है। AD, F द्वारा तथा BC, E द्वारा काटे गये हैं तथा \( \frac{BE}{EC}=\frac{3}{4} \) विकर्ण DB, EF को G पर प्रतिच्छेद करता है तो सिद्ध कीजिए कि 7FE = 10AB
Answer: हमें सिद्ध करना है कि \( 7FE = 10AB \)।
दिया गया है कि \( ABCD \) एक समलम्ब चतुर्भुज है जिसमें \( AB || DC \) और \( DC = 2AB \)। \( EF \) एक रेखाखंड है जहाँ \( F \) भुजा \( AD \) पर है और \( E \) भुजा \( BC \) पर है। विकर्ण \( DB \) रेखाखंड \( EF \) को \( G \) पर काटता है।
दिया है \( \frac{BE}{EC}=\frac{3}{4} \)।
चूंकि \( AB || DC \), और \( EF \) एक तिर्यक रेखाखंड है जो \( AD \) और \( BC \) को काट रहा है, तो ऐसा माना जाता है कि \( EF || AB || DC \)।
**भाग 1: \( FG \) का मान ज्ञात करना**
\( \triangle DFG \) और \( \triangle DAB \) में:
\( FG || AB \) (रचना से या मान लिया जाता है)
\( \angle FDG = \angle ADB \) (उभयनिष्ठ कोण)
\( \angle DFG = \angle DAB \) (संगत कोण)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle DFG \sim \triangle DAB \)।
इसलिए, संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होगा:
\( \frac{FG}{AB} = \frac{DF}{AD} \)
हमें \( \frac{BE}{EC}=\frac{3}{4} \) दिया गया है।
एक तिर्यक रेखा प्रमेय (या आधारभूत समानुपातिक प्रमेय के अनुप्रयोग) के अनुसार:
\( \frac{AF}{DF} = \frac{BE}{EC} = \frac{3}{4} \)
\( \frac{AD}{DF} = \frac{AF+DF}{DF} = \frac{AF}{DF} + 1 = \frac{3}{4} + 1 = \frac{3+4}{4} = \frac{7}{4} \)
इससे मिलता है \( \frac{DF}{AD} = \frac{4}{7} \)।
अब \( \frac{FG}{AB} = \frac{4}{7} \)
\( FG = \frac{4}{7} AB \) (1)
**भाग 2: \( EG \) का मान ज्ञात करना**
\( \triangle BEG \) और \( \triangle BCD \) में:
\( EG || DC \) (रचना से या मान लिया जाता है)
\( \angle B \) (उभयनिष्ठ कोण)
\( \angle BEG = \angle BCD \) (संगत कोण)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle BEG \sim \triangle BCD \)।
इसलिए, संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होगा:
\( \frac{EG}{DC} = \frac{BE}{BC} \)
हमें \( \frac{BE}{EC}=\frac{3}{4} \) दिया गया है, तो \( \frac{BE}{BC} = \frac{BE}{BE+EC} = \frac{3}{3+4} = \frac{3}{7} \)।
हमें दिया गया है \( DC = 2AB \)।
इसलिए, \( \frac{EG}{2AB} = \frac{3}{7} \)
\( EG = \frac{3}{7} \times 2AB \)
\( EG = \frac{6}{7} AB \) (2)
**भाग 3: \( FE \) का मान ज्ञात करना**
रेखाखंड \( FE \) की लंबाई \( FG \) और \( EG \) के योग के बराबर है:
\( FE = FG + EG \)
समीकरण (1) और (2) से मान रखने पर:
\( FE = \frac{4}{7} AB + \frac{6}{7} AB \)
\( FE = \frac{4+6}{7} AB \)
\( FE = \frac{10}{7} AB \)
अब दोनों तरफ \( 7 \) से गुणा करने पर:
\( 7FE = 10AB \)
यह सिद्ध हो गया। यह प्रमेय विभिन्न समांतर रेखाओं और तिर्यक रेखाओं के बीच संबंध को उजागर करता है।
In simple words: हमने बड़े समलम्ब चतुर्भुज के अंदर दो अलग-अलग समरूप त्रिभुजों की पहचान की। इन समरूप त्रिभुजों की भुजाओं के अनुपात का उपयोग करके, हमने रेखाखंड \( FE \) के दो हिस्सों \( FG \) और \( EG \) की लंबाई को \( AB \) के रूप में व्यक्त किया। फिर इन हिस्सों को जोड़कर हमने दिए गए संबंध को सिद्ध किया।
🎯 Exam Tip: ऐसे जटिल ज्यामितीय प्रमाणों में, एक बड़े चित्र को छोटे-छोटे समरूप त्रिभुजों में विभाजित करना अक्सर सबसे अच्छा तरीका होता है। प्रत्येक समरूप त्रिभुज से अनुपात स्थापित करें और फिर उन्हें एक साथ जोड़कर अंतिम परिणाम प्राप्त करें।
Question 17. दी गई आकृति में, एक त्रिभुज ABC है जो C पर समकोण है तथा DE | AB है। तो सिद्ध कीजिए कि △ ABC ~ △ ADE तथा AE और DE की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें दो कार्य करने हैं: त्रिभुजों को समरूप सिद्ध करना और \( AE \) तथा \( DE \) की लंबाई ज्ञात करना।
प्रश्न में \( DE | AB \) दिया है, लेकिन समाधान में \( \angle AED = 90^\circ \) का उपयोग किया गया है। चित्र और समाधान के अनुरूप, हम मानेंगे कि \( DE \perp AC \) है, जिसका अर्थ है \( \angle AED = 90^\circ \), और \( DE || BC \) (चूंकि \( \angle C = 90^\circ \))।
**1. \( \triangle ABC \sim \triangle ADE \) सिद्ध करना:**
\( \triangle ABC \) और \( \triangle ADE \) में:
\( \angle ACB = 90^\circ \) (दिया गया है कि \( \triangle ABC \) \( C \) पर समकोण है)
\( \angle AED = 90^\circ \) (समाधान के अनुसार, और चित्र में \( DE \) लंबवत् है)
इसलिए, \( \angle ACB = \angle AED \)
\( \angle BAC = \angle DAE \) (यह कोण \( \angle A \) दोनों त्रिभुजों में उभयनिष्ठ है)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle ABC \sim \triangle ADE \)।
यह सिद्ध हो गया।
**2. \( AE \) और \( DE \) की लंबाई ज्ञात करना:**
आकृति से, हमें \( BC = 12 \) सेमी और \( AC = 5 \) सेमी दिया गया है।
\( \triangle ABC \) में पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके \( AB \) ज्ञात करते हैं:
\( AB^2 = AC^2 + BC^2 \)
\( AB^2 = 5^2 + 12^2 \)
\( AB^2 = 25 + 144 \)
\( AB^2 = 169 \)
\( AB = \sqrt{169} = 13 \) सेमी
आकृति से, \( AD = 3 \) सेमी भी दिया गया है।
चूंकि \( \triangle ABC \sim \triangle ADE \), तो उनकी संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होगा:
\( \frac{AB}{AD} = \frac{BC}{DE} = \frac{AC}{AE} \)
मानों को रखने पर:
\( \frac{13}{3} = \frac{12}{DE} = \frac{5}{AE} \)
\( DE \) की लंबाई ज्ञात करने के लिए:
\( \frac{13}{3} = \frac{12}{DE} \)
\( DE = \frac{12 \times 3}{13} \)
\( DE = \frac{36}{13} \) सेमी
\( AE \) की लंबाई ज्ञात करने के लिए:
\( \frac{13}{3} = \frac{5}{AE} \)
\( AE = \frac{5 \times 3}{13} \)
\( AE = \frac{15}{13} \) सेमी
इस प्रकार, \( AE = \frac{15}{13} \) सेमी और \( DE = \frac{36}{13} \) सेमी है। यह समरूप त्रिभुजों और पाइथागोरस प्रमेय का एक महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है।
In simple words: हमने पहले दिखाया कि दो त्रिभुज समरूप हैं क्योंकि उनके दो कोण समान हैं। फिर, बड़े त्रिभुज की तीसरी भुजा (कर्ण) पाइथागोरस नियम से निकाली। अंत में, समरूपता के नियम का उपयोग करके छोटे त्रिभुज की अज्ञात भुजाएँ \( AE \) और \( DE \) की लंबाई ज्ञात की।
🎯 Exam Tip: यदि एक त्रिभुज में एक लम्ब खींचा गया हो, तो सुनिश्चित करें कि आप समकोणों और उभयनिष्ठ कोणों का सही ढंग से उपयोग करके समरूप त्रिभुजों की पहचान कर रहे हैं। इकाइयों और भिन्नों को सावधानी से संभालें।
Question 18. एक समान्तर चतुर्भुज ABCD के शीर्ष D से, एक रेखा खींची गई है जो भुजा BA तथा BC को क्रमशः E तथा F पर प्रतिच्छेद करती है। तो सिद्ध कीजिए कि :
Answer: हमें सिद्ध करना है कि \( AB \times AD = AE \times CF \)।
दिया गया है कि \( ABCD \) एक समांतर चतुर्भुज है। एक रेखा शीर्ष \( D \) से खींची गई है, जो बढ़ाई गई भुजा \( BA \) को \( E \) पर और बढ़ाई गई भुजा \( BC \) को \( F \) पर प्रतिच्छेद करती है।
समांतर चतुर्भुज के गुणधर्मों के अनुसार:
\( AB || DC \) और \( AD || BC \)
चूंकि \( AD || BC \) और \( F \) भुजा \( BC \) के विस्तार पर है, तो \( AD || BF \)।
\( \triangle EAD \) और \( \triangle EBF \) को देखते हैं:
1. \( \angle E = \angle E \) (उभयनिष्ठ कोण)
2. \( \angle EAD = \angle EBF \) (ये संगत कोण हैं, क्योंकि \( AD || BF \) और \( EF \) एक तिर्यक रेखा है)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle EAD \sim \triangle EBF \)।
इसलिए, संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होगा:
\( \frac{EA}{EB} = \frac{AD}{BF} = \frac{ED}{EF} \)
इससे हमें मिलता है \( \frac{AD}{BF} = \frac{EA}{EB} \)
या \( \frac{AD}{EA} = \frac{BF}{EB} \) (1)
अब, \( \triangle FCD \) और \( \triangle FBE \) को देखते हैं:
1. \( \angle F = \angle F \) (उभयनिष्ठ कोण)
2. \( \angle FDC = \angle FBE \) (ये संगत कोण हैं, क्योंकि \( DC || EB \) (चूंकि \( DC || AB \)) और \( DF \) एक तिर्यक रेखा है)
अतः, AA-समरूपता कसौटी द्वारा, \( \triangle FCD \sim \triangle FBE \)।
इसलिए, संगत भुजाओं का अनुपात बराबर होगा:
\( \frac{CD}{BE} = \frac{FC}{FB} = \frac{FD}{FE} \)
इससे हमें मिलता है \( \frac{CD}{BE} = \frac{FC}{FB} \)
या \( \frac{CD}{FC} = \frac{BE}{FB} \) (2)
समीकरण (1) और (2) से:
चूंकि \( \frac{AD}{EA} = \frac{BF}{EB} \) और \( \frac{CD}{FC} = \frac{BE}{FB} \)
हम लिख सकते हैं \( \frac{AD}{EA} = \frac{BF}{EB} \) का व्युत्क्रम \( \frac{EA}{AD} = \frac{EB}{BF} \)
और \( \frac{CD}{FC} = \frac{BE}{FB} \) का व्युत्क्रम \( \frac{FC}{CD} = \frac{FB}{BE} \)
दोनों \( \frac{FB}{BE} \) के बराबर हैं। तो,
\( \frac{EA}{AD} = \frac{FC}{CD} \)
तिर्यक गुणा करने पर:
\( EA \times CD = AD \times FC \)
क्योंकि \( ABCD \) एक समांतर चतुर्भुज है, \( CD = AB \)।
इसलिए, \( EA \times AB = AD \times FC \)
या \( AB \times AD = AE \times CF \)
यह सिद्ध हो गया। यह प्रमेय समांतर चतुर्भुज की भुजाओं और एक तिर्यक रेखा द्वारा निर्मित विभिन्न त्रिभुजों की समरूपता पर आधारित है।
In simple words: हमने दो अलग-अलग समरूप त्रिभुजों (बड़े त्रिभुज और उसके छोटे हिस्से) की पहचान की। इन त्रिभुजों की भुजाओं के अनुपात का उपयोग करके, हमने दो समीकरण बनाए। फिर, इन समीकरणों को हल करके और समांतर चतुर्भुज के गुणों का उपयोग करके हमने दिया गया संबंध \( AB \times AD = AE \times CF \) सिद्ध किया।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रमाणों में, एक साथ कई त्रिभुजों की समरूपता को समझना महत्वपूर्ण है। संगत कोणों और भुजाओं के सही जोड़े का उपयोग करके अनुपात स्थापित करें। समांतर चतुर्भुज के गुणों, जैसे विपरीत भुजाओं की समानता, को ध्यान में रखें।
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