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Detailed Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन UP Board Solutions for Class 10 Maths
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Class 10 Maths Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन UP Board Solutions PDF
UP Board Solutions For Class 10 Maths Chapter 13 Surface Areas And Volumes (पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन)
प्रश्नावली 13.1 (NCERT Page 268)
जब तक अन्यथा न कहा जाए, \( \pi = \) लीजिए |
Question 1. दो घनों, जिनमे से प्रत्येक का आयतन 64 cm\(^3\) है, के सलंग्न फलकों को मिलाकर एक ठोस बनाया जाता है| इससे प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए |
Answer: हलः प्रत्येक घन का आयतन = 64 सेमी.\(^3\)
\( \implies \) दोनों घनों का आयतन = \( 2 \times 64 \) सेमी.\(^3\) = 128 सेमी.\(^3\)
माना प्रत्येक घन का किनारा = \( x \)
\( x^3 = 64 = 4^3 \)
\( \implies x = 4 \) सेमी.
अब, परिणामी घनाभ के लिएः
लम्बाई \( l = 2x \) सेमी., चौड़ाई \( b = x \) सेमी., ऊँचाई \( h = x \) सेमी.
परिणामी घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल
= \( 2(lb + bh + hl) = 2[(2x \times x) + (x \times x) + (x \times 2x)] \)
= \( 2[(2 \times 4 \times 4) + (4 \times 4) + (4 \times 2 \times 4)] \) सेमी.\(^2\)
= \( 2[32 + 16 + 32] \) सेमी.\(^2\) = \( 2[80] \) सेमी.\(^2\) = \( 160 \) सेमी.\(^2\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र दो घनों को एक साथ रखकर एक घनाभ बनाने को दर्शाता है। इसमें प्रत्येक घन का किनारा x है, जिससे परिणामी घनाभ की लंबाई 2x, चौड़ाई x और ऊँचाई x हो जाती है।
In simple words: हमने दो समान घनों को जोड़ा, जिससे एक घनाभ बना। प्रत्येक घन का आयतन 64 cm\(^3\) था, जिससे उसकी भुजा 4 cm निकली। घनाभ की लंबाई 8 cm, चौड़ाई 4 cm और ऊँचाई 4 cm हो गई। फिर, घनाभ के कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल का सूत्र लगाकर हमने 160 cm\(^2\) प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, घनों को जोड़ने पर परिणामी घनाभ के आयामों को सही ढंग से समझना महत्वपूर्ण है। पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र का सही अनुप्रयोग ही अंक प्राप्त करने का आधार है।
Class 10 Maths Chapter 13 Formula In Hindi
Question 2. कोई बर्तन एक खोखले अर्धगोले के आकार का है जिसके ऊपर एक खोखला बेलन अध्यारोपित है। अर्धगोले का व्यास 14 cm है और इस बर्तन (पात्र) की कुल ऊँचाई 13 cm है| इस बर्तन का आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए |
Answer: हलः बेलनाकार भाग के लिएः
त्रिज्या \( (r) = 7 \) सेमी.
ऊँचाई \( (h) = 6 \) सेमी.
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2\pi rh \)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times 7 \times 6 \) सेमी.\(^2\) = 264 सेमी.\(^2\)
अर्धगोलाकार भाग के लिएः
त्रिज्या \( (r) = 7 \) सेमी.
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2\pi r^2 = 2 \times \frac{22}{7} \times 7 \times 7 \) सेमी.\(^2\) = 308 सेमी.\(^2\)
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = (264 + 308) \) सेमी.\(^2\) = 572 सेमी.\(^2\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक बर्तन को दर्शाता है जो एक खोखले अर्धगोले के ऊपर रखे एक खोखले बेलन से बना है। अर्धगोले का व्यास 14 सेमी है, जिससे त्रिज्या 7 सेमी बनती है। कुल ऊँचाई 13 सेमी है, जिसमें से अर्धगोले की ऊँचाई (त्रिज्या) 7 सेमी है, तो बेलन की ऊँचाई 6 सेमी होगी।
In simple words: बर्तन एक अर्धगोला और एक बेलन से बना है। अर्धगोले का व्यास 14 cm है, तो त्रिज्या 7 cm। कुल ऊँचाई 13 cm होने के कारण बेलन की ऊँचाई 6 cm है। हमने बेलन के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (264 cm\(^2\)) और अर्धगोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (308 cm\(^2\)) को जोड़कर कुल आंतरिक पृष्ठीय क्षेत्रफल 572 cm\(^2\) प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: यह सुनिश्चित करें कि आप बेलन और अर्धगोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्रों का सही ढंग से उपयोग करें, और कुल ऊँचाई से बेलन की ऊँचाई निकालने में गलती न करें।
Question 3. एक खिलौना त्रिज्या 3.5 cm वाले एक शंकु के आकार का है, जो उसी त्रिज्या वाले एक अर्ध गोले पर अध्यारोपित है| इस खिलौने की संपूर्ण ऊँचाई 15.5cm है | इस खिलोने का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer: हलः यहाँ
त्रिज्या \( (r) = 3.5 \) सेमी.
ऊँचाई \( (h) = (15.5 - 3.5) \) सेमी. = 12.0 सेमी.
शंक्वाकार भाग का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = \pi rl \)
और अर्धगोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2\pi r^2 \)
खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल
\( = \pi rl + 2\pi r^2 = \pi r(l + 2r) \) सेमी.\(^2\)
\( l^2 = (12)^2 + (3.5)^2 \)
\( l^2 = 144 + 12.25 = 156.25 \)
\( \implies l = 12.5 \) सेमी.
\( = \frac{22}{7} \times \frac{35}{10} (12.5 + 2 \times 3.5) \) सेमी.\(^2\)
\( = 11 \times (12.5 + 7) \) सेमी.\(^2\)
\( = 11 \times 19.5 \) सेमी.\(^2\) = 214.5 सेमी.\(^2\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक खिलौने को दर्शाता है जो एक अर्धगोले के ऊपर एक शंकु के आकार का है। शंकु और अर्धगोले की त्रिज्या 3.5 सेमी है। खिलौने की कुल ऊँचाई 15.5 सेमी है, तो शंकु की ऊँचाई 12 सेमी होगी। यह चित्र शंकु की तिर्यक ऊँचाई l को भी दर्शाता है।
In simple words: खिलौना एक शंकु और एक अर्धगोले से मिलकर बना है, दोनों की त्रिज्या 3.5 cm है। कुल ऊँचाई 15.5 cm में से अर्धगोले की त्रिज्या घटाने पर शंकु की ऊँचाई 12 cm मिलती है। हमने पाइथागोरस प्रमेय से शंकु की तिर्यक ऊँचाई (12.5 cm) निकाली। फिर, शंकु और अर्धगोले के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफलों को जोड़कर खिलौने का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 214.5 cm\(^2\) प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: तिर्यक ऊँचाई (slant height) की गणना करने में सावधानी बरतें। कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालते समय शंकु और अर्धगोले के केवल वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को ही जोड़ें, क्योंकि आधार एक दूसरे पर अध्यारोपित हैं।
Question 4. भुजा 7 cm वाले एक घनाकार ब्लाक के ऊपर एक अर्धगोला रखा हुआ है। अर्धगोले का अधिकतम व्यास क्या हो सकता है? इस प्रकार बने ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए |
Answer: हलः घनाकार ब्लॉक का एक किनारा = 7 सेमी.
अर्धगोले का अधिकतम व्यास = 7 सेमी.
ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल
= [घनाकार ब्लॉक का संपूर्ण क्षेत्रफल] + [अर्धगोले का पृष्ठीय क्षेत्रफल] - [अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल]
\( = (6 \times l^2) + 2\pi r^2 - \pi r^2 \) [जहाँ \( l = 7 \) सेमी. और \( r = \frac{7}{2} \) सेमी.]
\( = (6 \times 7^2) + (2 \times \frac{22}{7} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2}) - (\frac{22}{7} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2}) \) सेमी.\(^2\)
\( = (6 \times 49) + (11 \times 7) - (\frac{11}{2} \times 7) \) सेमी.\(^2\)
\( = 294 + 77 - \frac{77}{2} \) सेमी.\(^2\)
\( = 371 - 38.5 \) सेमी.\(^2\) = 332.5 सेमी.\(^2\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक घनाकार ब्लॉक को दर्शाता है जिसकी भुजा 7 सेमी है। ब्लॉक के ऊपर एक अर्धगोला रखा गया है, जिसका अधिकतम व्यास ब्लॉक की भुजा (7 सेमी) के बराबर है। अर्धगोले की त्रिज्या 7/2 सेमी है।
In simple words: 7 cm भुजा वाले घनाकार ब्लॉक पर एक अर्धगोला रखा है, जिसका व्यास भी 7 cm है। इस ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालने के लिए, हमने घनाभ का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल लिया, उसमें अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल जोड़ा और अर्धगोले के आधार के क्षेत्रफल को घटाया (क्योंकि वह घनाभ की सतह को ढकता है)। इससे कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 332.5 cm\(^2\) आया।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, यह महत्वपूर्ण है कि आप उन क्षेत्रों को घटाना न भूलें जो एक आकृति द्वारा दूसरे को ढकने के कारण अदृश्य हो जाते हैं। अर्धगोले का अधिकतम व्यास हमेशा घन की भुजा के बराबर होता है।
Question 5. एक घनाकार ब्लाक के एक फलक को अन्दर की ओर से काट कर एक अर्धगोलाकार गड्डा इस प्रकार बनाया गया है की अर्धगोले का व्यास घन के एक किनारे के बराबर है। शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए |
Answer: हलः माना
घन की भुजा = \( l \)
काटे गये अर्धगोले का व्यास = \( l \)
अर्धगोले की त्रिज्या \( = \frac{l}{2} \)
एक अर्ध गोले का वक्र-पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2\pi r^2 \)
\( = 2 \times \pi \times \frac{l}{2} \times \frac{l}{2} = \frac{\pi l^2}{2} \)
चूंकि अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल \( = \pi (\frac{l}{2})^2 = \frac{\pi l^2}{4} \)
घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 6 \times \) भुजा\(^2 = 6l^2 \)
शेष बचे ठोस का क्षेत्रफल \( = 6l^2 + \frac{\pi l^2}{2} - \frac{\pi l^2}{4} \)
\( = \frac{24l^2 + 2\pi l^2 - \pi l^2}{4} \)
\( = \frac{24l^2 + \pi l^2}{4} \)
\( = \frac{l^2}{4} (24 + \pi) \) वर्ग इकाई
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक घनाकार ब्लॉक को दर्शाता है जिसके एक फलक के अंदर से एक अर्धगोलाकार गड्डा खोदा गया है। अर्धगोले का व्यास घन की भुजा के बराबर है। शेष ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालने के लिए, घन के पृष्ठीय क्षेत्रफल में अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल जोड़ा जाता है और अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल घटाया जाता है।
In simple words: हमने एक घन के अंदर से एक अर्धगोलाकार गड्डा बनाया, जिसका व्यास घन की भुजा (l) के बराबर है। शेष ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालने के लिए, हमने घन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल लिया, अर्धगोले का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल जोड़ा और अर्धगोले के आधार का क्षेत्रफल घटाया। यह हमें \( \frac{l^2}{4} (24 + \pi) \) वर्ग इकाई देता है।
🎯 Exam Tip: जब किसी ठोस में से कोई आकृति काटी जाती है, तो शेष ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालते समय, काटी गई आकृति के नए उजागर हुए पृष्ठीय क्षेत्रफल को जोड़ना और मूल आकृति के उस हिस्से को घटाना याद रखें जो अब मौजूद नहीं है।
Question 6. दवा का एक कैप्सूल (capsule) एक बेलन के आकार का है जिसके दोनों सिरों पर एक - एक अर्धगोला लगा हुआ है (देखिए आकृति) | पुरे कैप्सूल की लंबाई 14 mm है और उसका व्यास 5 mm है इसका पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए|
Answer: हलः
अर्धगोलाकार भाग का व्यास \( = 5 \) मिमी.
\( \implies \) अर्धगोलाकार भाग की त्रिज्या \( = \frac{5}{2} \) मिमी. = 2.5 मिमी.
कैप्सूल की कुल लम्बाई = 14 मिमी.
बेलनाकार भाग की लम्बाई \( = 14 - (2.5 + 2.5) \) मिमी.
\( = 14 - 5 \) मिमी. = 9 मिमी.
चूंकि एक अर्धगोलाकार भाग का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2\pi r^2 \)
दोनों अर्धगोलाकार भागों का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2(2\pi r^2) = 4\pi r^2 \)
\( = 4 \times \frac{22}{7} \times \frac{25}{10} \times \frac{25}{10} \) मिमी.\(^2\)
बेलनाकार भाग का क्षेत्रफल \( = 2\pi rh \)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times 2.5 \times 9 \) मिमी.\(^2\)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{25}{10} \times 9 \) मिमी.\(^2\)
संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = [2 \times \frac{22}{7} \times \frac{25}{10} \times 9] + [4 \times \frac{22}{7} \times \frac{25}{10} \times \frac{25}{10}] \) मिमी.\(^2\)
\( = (\frac{2 \times 22 \times 25}{7 \times 10}) [9 + \frac{50}{10}] \) मिमी.\(^2\)
\( = \frac{44 \times 25}{70} \times 14 \) मिमी.\(^2\)
\( = \frac{44 \times 25 \times 2}{10} \) मिमी.\(^2\)
\( = 44 \times 5 \) मिमी.\(^2\) = 220 मिमी.\(^2\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक दवा के कैप्सूल को दर्शाता है, जिसमें एक बेलनाकार भाग के दोनों सिरों पर एक-एक अर्धगोला लगा हुआ है। कैप्सूल की कुल लंबाई 14 मिमी है और व्यास 5 मिमी है। अर्धगोले की त्रिज्या 2.5 मिमी है, जिससे बेलनाकार भाग की लंबाई 9 मिमी हो जाती है।
In simple words: कैप्सूल एक बेलन और दो अर्धगोलों से मिलकर बना है। कुल लंबाई 14 mm और व्यास 5 mm है, तो बेलन की लंबाई 9 mm होगी (14 - 2 * 2.5)। हमने दो अर्धगोलों के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (4\(\pi r^2\)) और बेलन के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (2\(\pi rh\)) को जोड़कर कैप्सूल का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल 220 mm\(^2\) प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: कैप्सूल जैसे संयोजित ठोसों के पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना करते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप बेलनाकार भाग की ऊँचाई को सही ढंग से घटाकर प्राप्त करें (कुल लंबाई - 2 x अर्धगोले की त्रिज्या)। केवल वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को ही जोड़ा जाना चाहिए।
Question 7. कोई तंबू एक बेलन के आकार का है जिस पर एक शंकु आध्यारोपित है। यदि बेलनाकार भाग की ऊँचाई और क्रमशः 2.1 m और 4 m है तथा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 m है तो इस तंबू को बनाने में प्रयुक्त कैनवस का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए | साथ ही, 500 Rs. प्रति m\(^2\) की दर से इसमें प्रयुक्त कैनवस की लागत ज्ञात कीजिए | (ध्यान दीजिए कि तंबू के आधार को कैनवस से नहीं ढका जाता है।)
Answer: हलः बेलनाकार भाग के लिएः
त्रिज्या \( (r) = \frac{4}{2} \) m = 2 मी., ऊँचाई \( (h) = 2.1 \) मी.
वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल \( = 2\pi rh = 2 \times \frac{22}{7} \times 2 \times \frac{21}{10} \) मी.\(^2\)
शंकु के लिएः
तिर्यक ऊँचाई \( (l) = 2.8 \) मी., आधार की त्रिज्या \( (r) = 2 \) मी.
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = \pi rl = \frac{22}{7} \times 2 \times \frac{28}{10} \) मी.\(^2\)
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = \) [बेलनाकार भाग का क्षेत्रफल] + [शंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल]
\( = [2 \times \frac{22}{7} \times 2 \times \frac{21}{10}] + [\frac{22}{7} \times 2 \times \frac{28}{10}] \) मी.\(^2\)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{42+28}{10} \) मी.\(^2\)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{70}{10} \) मी.\(^2\) = 44 मी.\(^2\)
प्रयुक्त कैनवास की लागतः
1 मी.\(^2\) कैनवास की लागत = 500 Rs.
44 मी.\(^2\) कैनवास की लागत = 500 Rs. \( \times 44 = 22000 \) Rs.
In simple words: तंबू एक बेलनाकार आधार और उस पर एक शंकु से बना है। बेलनाकार भाग की त्रिज्या 2 m और ऊँचाई 2.1 m है, जबकि शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.8 m और त्रिज्या 2 m है। हमने बेलनाकार और शंक्वाकार भागों के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफलों को जोड़कर कुल कैनवास का क्षेत्रफल 44 m\(^2\) प्राप्त किया। फिर, 500 Rs. प्रति m\(^2\) की दर से कुल लागत 22000 Rs. निकाली।
🎯 Exam Tip: तंबू का आधार कैनवास से नहीं ढका जाता है, इसलिए इसे कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल में शामिल न करें। बेलनाकार और शंक्वाकार भागों के लिए सही त्रिज्या और ऊँचाई का उपयोग करें, और गणनाओं में सावधानी बरतें।
Question 8. ऊँचाई 2.4 cm और व्यास 1.4 cm वाले एक ठोस बेलन में से ऊँचाई और इसी व्यास वाला एक शंक्वाकार खोल (cavity) काट लिया जाता है | शेष बचे ठोस का निकटतम वर्ग सेंटीमीटर तक पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए|
Answer: हलः बेलनाकार भाग के लिए:
ऊँचाई \( (h) = 2.4 \) सेमी.
व्यास \( (d) = 1.4 \) सेमी.
त्रिज्या \( (r) = \frac{1.4}{2} \) cm = 0.7 सेमी.
बेलनाकार भाग का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2\pi rh + 2\pi r^2 = 2\pi r[h+r] \)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{7}{10} [2.4 + 0.7] \) सेमी.\(^2\)
\( = \frac{44}{10} \times 3.1 \) सेमी.\(^2\) \( = \frac{44 \times 31}{100} = \frac{1364}{100} \) सेमी.\(^2\)
शंक्वाकार भाग के लिएः
त्रिज्या \( (r) = 0.7 \) सेमी.
ऊँचाई \( (h) = 2.4 \) सेमी.
तिर्यक ऊँचाई \( (l) = \sqrt{r^2 + h^2} = \sqrt{(0.7)^2 + (2.4)^2} = \sqrt{0.49 + 5.76} = \sqrt{6.25} = 2.5 \) सेमी.
शंक्वाकार भाग का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = \pi rl \)
\( = \frac{22}{7} \times 0.7 \times 2.5 \) सेमी.\(^2\) \( = \frac{22}{7} \times \frac{7}{10} \times \frac{25}{10} \) सेमी.\(^2\)
\( = \frac{22 \times 25}{100} = \frac{550}{100} \) सेमी.\(^2\)
शंक्वाकार भाग के आधार का क्षेत्रफल \( = \pi r^2 = \frac{22}{7} \times (\frac{7}{10})^2 \) सेमी.\(^2\)
\( = \frac{22 \times 7}{100} = \frac{154}{100} \) सेमी.\(^2\)
शेष बचे ठोस का क्षेत्रफल \( = \) [(बेलनाकार भाग का कुल क्षेत्रफल) + (शंक्वाकार भाग का पृष्ठीय क्षेत्रफल)] - (शंक्वाकार भाग के आधार का क्षेत्रफल)
\( = [(\frac{1364}{100} \) सेमी.\(^2) + (\frac{550}{100} \) सेमी.\(^2)] - \frac{154}{100} \) सेमी.\(^2\)
\( = \frac{1914 - 154}{100} \) सेमी.\(^2\) \( = \frac{1760}{100} \) सेमी.\(^2\) = 17.6 सेमी.\(^2\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक ठोस बेलन को दर्शाता है, जिसमें से समान ऊँचाई और व्यास वाला एक शंकु काट लिया गया है। बेलन की ऊँचाई 2.4 सेमी और व्यास 1.4 सेमी है। इससे बनने वाले शंक्वाकार खोल की तिर्यक ऊँचाई 2.5 सेमी है।
In simple words: एक ठोस बेलन में से समान ऊँचाई (2.4 cm) और व्यास (1.4 cm) का एक शंकु काट लिया गया है। बेलन की त्रिज्या 0.7 cm है। हमने शंकु की तिर्यक ऊँचाई 2.5 cm निकाली। शेष ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालने के लिए, बेलन के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल, बेलन के आधार का क्षेत्रफल, और शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को जोड़ा और शंकु के आधार के क्षेत्रफल को घटाया। इससे लगभग 17.6 cm\(^2\) प्राप्त हुआ।
🎯 Exam Tip: जब कोई आकृति काटी जाती है, तो शेष ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालने के लिए, मूल ठोस के बचे हुए पृष्ठीय क्षेत्रफल में काटी गई आकृति द्वारा बनाए गए नए पृष्ठीय क्षेत्रफल (वक्र सतह) को जोड़ें और काटी गई आकृति के आधार के क्षेत्रफल को घटा दें, यदि वह मूल सतह का हिस्सा था।
Question 9. लकड़ी के ठोस बेलन के प्रत्येक सिरे पर एक अर्धगोला खोदकर निकालते हुए, एक वस्तु बनाई गई है, जैसाकि आकृति में दर्शाया गया है। यदि बेलन की ऊँचाई 10 cm है और आधार की त्रिज्या 3.5 cm है तो इस वस्तु का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए |
Answer: हलः बेलन की त्रिज्या \( (r) = 3.5 \) सेमी.
बेलन की ऊँचाई \( (h) = 10 \) सेमी.
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2\pi rh + 2\pi r^2 + 2\pi r^2 \)
\( = 2\pi r(h+2r) \)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{35}{10} (10 + 2 \times \frac{35}{10}) \) सेमी.\(^2\)
\( = 22 \times \frac{35}{10} (\frac{100+70}{10}) \) सेमी.\(^2\)
\( = 22 \times 3.5 \times 17 \) सेमी.\(^2\)
\( = 77 \times 17 \) सेमी.\(^2\) = 1309 सेमी.\(^2\)
अर्धगोलाकार भाग का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2\pi r^2 \)
दोनों अर्धगोलाकारों का कुल वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2 \times 2\pi r^2 = 4\pi r^2 \)
\( = 4 \times \frac{22}{7} \times \frac{35}{10} \times \frac{35}{10} \) सेमी.\(^2\) = 154 सेमी.\(^2\)
अर्धगोलाकार भाग के आधार का क्षेत्रफल \( = \pi r^2 \)
दोनों अर्धगोलाकार भागों के आधार का क्षेत्रफल \( = 2 \times \pi r^2 \)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times (3.5)^2 \)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times \frac{35}{10} \times \frac{35}{10} \) सेमी.\(^2\) = 77 सेमी.\(^2\)
ठोस का संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = \) [बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल] + [दोनों अर्धगोलों का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल]
\( = 2\pi rh + 2(2\pi r^2) = 2\pi r(h+2r) \)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times 3.5 (10 + 2 \times 3.5) \) सेमी.\(^2\)
\( = 22 \times (10+7) \) सेमी.\(^2\)
\( = 22 \times 17 \) सेमी.\(^2\) = 374 सेमी.\(^2\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक लकड़ी के ठोस बेलन को दर्शाता है, जिसके दोनों सिरों से एक-एक अर्धगोला खोदकर निकाला गया है। बेलन की ऊँचाई 10 सेमी है और आधार की त्रिज्या 3.5 सेमी है।
In simple words: एक लकड़ी के बेलन के दोनों सिरों से दो अर्धगोले खोदे गए हैं। बेलन की ऊँचाई 10 cm और त्रिज्या 3.5 cm है। वस्तु का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल निकालने के लिए, हमने बेलन के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल और दोनों अर्धगोलों के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को जोड़ा। यह 374 cm\(^2\) के बराबर है।
🎯 Exam Tip: जब बेलन के सिरों से अर्धगोले खोदे जाते हैं, तो बेलन के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल और दोनों अर्धगोलों के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को जोड़ा जाता है, क्योंकि आधार के वृत्त अब ठोस के पृष्ठीय क्षेत्रफल का हिस्सा नहीं रहते, बल्कि अर्धगोलों की अंदरूनी वक्र सतहें बन जाती हैं।
प्रश्नावली 13.2 (NCERT Page 271)
जब तक अन्यथा न कहा जाए, \( \pi = \) लीजिए |
Question 1. एक ठोस एक अर्धगोले पर खड़े एक शंकु के आकार का है जिनकी त्रिज्याएँ 1 cm हैं तथा शंकु की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर है| इस ठोस का आयतन \( \pi \) के पदों में ज्ञात कीजिए|
Answer: शंक्वाकार भाग का आयतन \( = \frac{1}{3}\pi r^2h \)
अर्धगोलाकार भाग का आयतन \( = \frac{2}{3}\pi r^3 \)
ठोस का आयतन \( = \frac{1}{3}\pi r^2h + \frac{2}{3}\pi r^3 \)
\( = \frac{1}{3}\pi r^2[h + 2r] \)
\( = \frac{1}{3}\pi (1)^2 [1 + 2(1)] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{1}{3}\pi \times 1 \times [3] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{3\pi}{3} \) सेमी.\(^3\) \( = \pi \) सेमी.\(^3\)
In simple words: ठोस एक शंकु और एक अर्धगोले से बना है, दोनों की त्रिज्या 1 cm है और शंकु की ऊँचाई भी 1 cm है। हमने शंकु के आयतन (\( \frac{1}{3}\pi r^2h \)) और अर्धगोले के आयतन (\( \frac{2}{3}\pi r^3 \)) को जोड़ा। चूँकि \(r=1\) और \(h=1\), कुल आयतन \( \frac{1}{3}\pi (1)^2(1) + \frac{2}{3}\pi (1)^3 = \frac{1}{3}\pi + \frac{2}{3}\pi = \pi \) cm\(^3\) है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में, ठोस के आयतन को \( \pi \) के पदों में व्यक्त करना है, इसलिए \( \pi \) का मान रखने की आवश्यकता नहीं है। शंकु और अर्धगोले के आयतन के सूत्रों को सही ढंग से लागू करें।
Question 2. एक इंजीनियरिंग के विधार्थी रचेल से एक पतली एल्युमिनियम की शीट का प्रयोग करते हुए एक मॉडल बनाने को कहा गया जो एक ऐसे बेलन के आकार का हो जिसके दोनों सिरों पर दो शंकु जुड़े हुए हों। इसा मॉडल का व्यास 3 cm है और इसकी लंबाई 12 cm है। यदि प्रत्येक शंकु की ऊँचाई 2 cm हो तो रचेल द्वारा बनाए गए मॉडल में अंतर्विष्ट हवा का आयतन ज्ञात कीजिए |
Answer: हलः यहाँ, व्यास = 3 सेमी. \( \implies \) त्रिज्या \( (r) = \frac{3}{2} \) सेमी.
कुल ऊँचाई = 12 सेमी.
एक शंकु की ऊँचाई \( (h_1) = 2 \) सेमी.
दूसरे शंकु की ऊँचाई = \( 2 \times 2 = 4 \) सेमी.
बेलन की ऊँचाई \( (h_2) = (12 - 4) \) सेमी. = 8 सेमी.
अब,
बेलनाकार भाग का आयतन \( = \pi r^2h_2 \)
दोनों शंक्वाकार भागों का आयतन \( = 2 \times \frac{1}{3}\pi r^2h_1 \)
पूरे मॉडल का आयतन \( = \pi r^2h_2 + 2 \times \frac{1}{3}\pi r^2h_1 \)
\( = \pi r^2 [h_2 + \frac{2}{3}h_1] \)
\( = \frac{22}{7} \times (\frac{3}{2})^2 [8 + \frac{2}{3}(2)] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{22}{7} \times \frac{9}{4} [8 + \frac{4}{3}] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{22}{7} \times \frac{9}{4} (\frac{24+4}{3}) \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{22}{7} \times \frac{9}{4} \times \frac{28}{3} \) सेमी.\(^3\)
\( = 22 \times \frac{3}{4} \times 28 \) सेमी.\(^3\)
\( = 22 \times 3 \times 7 \) सेमी.\(^3\)
\( = 66 \) सेमी.\(^3\)
In simple words: मॉडल एक बेलन है जिसके दोनों सिरों पर दो शंकु जुड़े हैं। इसका व्यास 3 cm (त्रिज्या 1.5 cm) और कुल लंबाई 12 cm है। प्रत्येक शंकु की ऊँचाई 2 cm है, तो बेलन की ऊँचाई 8 cm होगी (12 - 2 * 2)। हमने बेलन के आयतन और दोनों शंकुओं के आयतन को जोड़कर मॉडल में अंतर्विष्ट हवा का कुल आयतन 66 cm\(^3\) प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: संयोजित ठोसों के आयतन की गणना करते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप बेलनाकार भाग की ऊँचाई को कुल ऊँचाई से शंकुओं की ऊँचाई घटाकर सही ढंग से प्राप्त करें। सभी आयतनों को जोड़ना न भूलें।
Question 3. एक गुलाबजामुन में उसके आयतन की लगभग 30% चीनी की चाशनी होती है| 45 गुलाबजामुन एक बेलन के आकार का है, जिसके दोनों सिरे अर्धगोलाकार हैं तथा इसकी लंबाई 5 cm और व्यास 2.8 cm है (देखिए आकृति) |
Answer: हलः चूंकि गुलाबजामुन का आकार एक ऐसे बेलन जिसके दोनों सिरों पर अर्धगोले हों, के आकार का होता है।
गुलाबजामुन की ऊँचाई = 5 सेमी.
व्यास = 2.8 सेमी.
त्रिज्या \( = \frac{2.8}{2} \) सेमी. = 1.4 सेमी.
चूंकि बेलनाकार भाग की लम्बाई (ऊँचाई)
\( = 5 \) सेमी. - \( 2.8 \) सेमी. = 2.2 सेमी.
बेलनाकार भाग का आयतन \( = \pi r^2h \)
चूंकि एक अर्धगोले का आयतन \( = \frac{2}{3}\pi r^3 \)
दोनों अर्धगोलों का आयतन \( = 2 \times \frac{2}{3}\pi r^3 = \frac{4}{3}\pi r^3 \)
गुलाबजामुन का आयतन \( = \pi r^2h + \frac{4}{3}\pi r^3 \)
\( = \pi r^2[h + \frac{4}{3}r] \)
\( = \frac{22}{7} \times (1.4)^2 [2.2 + \frac{4}{3}(1.4)] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{22}{7} \times \frac{14}{10} \times \frac{14}{10} [\frac{22}{10} + \frac{56}{30}] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{22 \times 2 \times 14}{10 \times 10} [\frac{66+56}{30}] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{44 \times 14}{100} \times \frac{122}{30} \) सेमी.\(^3\)
45 गुलाबजामुनों का आयतन
\( = 45 \times \frac{44 \times 14 \times 122}{100 \times 30} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{15 \times 44 \times 14 \times 122}{1000} \) सेमी.\(^3\)
चूंकि गुलाबजामुनों में चाशनी की मात्रा
= आयतन का 30% अर्थात
\( = \frac{30}{100} \times \frac{15 \times 44 \times 14 \times 122}{1000} \) सेमी.\(^3\)
\( = 388.184 \) सेमी.\(^3\) \( \approx 338 \) सेमी.\(^3\) (लगभग)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक गुलाबजामुन को दर्शाता है, जिसका आकार एक बेलन है जिसके दोनों सिरे अर्धगोलाकार हैं। गुलाबजामुन की कुल लंबाई 5 सेमी और व्यास 2.8 सेमी है।
In simple words: एक गुलाबजामुन बेलनाकार होता है जिसके दोनों सिरे अर्धगोलाकार होते हैं। व्यास 2.8 cm (त्रिज्या 1.4 cm) और कुल लंबाई 5 cm है, तो बेलन की ऊँचाई 2.2 cm होगी। हमने एक गुलाबजामुन का आयतन (बेलन + दो अर्धगोले) निकाला। फिर, 45 गुलाबजामुनों का कुल आयतन ज्ञात किया। अंत में, उस कुल आयतन का 30% चाशनी की मात्रा के रूप में लगभग 338 cm\(^3\) पाया।
🎯 Exam Tip: गुलाबजामुन का आयतन निकालते समय बेलनाकार और अर्धगोलाकार भागों के लिए सही आयामों का उपयोग करें। कुल आयतन का प्रतिशत निकालने में विशेष सावधानी बरतें।
Question 4. एक कमलदान घनाभ के आकार की एक लकड़ी से बना हा जिसमें कलम रखने के लिए चार शंक्वाकार गड्ढे बने हुए हैं। घनाभ की विमाएँ 15 cm x 10 cm x 3.5 cm हैं। प्रत्येक गड्ढे की त्रिज्या 0.5 cm है और गहराई 1.4 cm है | पुरे कमलदान में लकड़ी का आयतन ज्ञात कीजिए (देखिए आकृति) |
Answer: हलः चूंकि
घनाभ की विमाएँ = 15 सेमी. x 10 सेमी. x 3.5 सेमी.
घनाभ का आयतन = 15 सेमी. x 10 सेमी. x 3.5 सेमी.
\( = 15 \times 10 \times \frac{35}{10} \) सेमी.\(^3\)
\( = 15 \times 35 \) सेमी.\(^3\) = 525 सेमी.\(^3\)
चूंकि प्रत्येक गड्ढा शंक्वाकार है जिसकी त्रिज्या \( (r) = 0.5 \) सेमी. और गहराई \( h = 1.4 \) सेमी.
प्रत्येक शंक्वाकार गड्ढे का आयतन \( = \frac{1}{3}\pi r^2h \)
\( = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times (\frac{5}{10})^2 \times \frac{14}{10} \) सेमी.\(^3\)
चूंकि कलमदान में कुल चार गड्ढे हैं।
गड्ढों का कुल आयतन \( = 4 \times \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10} \times \frac{14}{10} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{4 \times 11}{3 \times 10} \) सेमी.\(^3\) \( = \frac{44}{30} \) सेमी.\(^3\)
अब कलमदान में लकड़ी की मात्रा (आयतन)
= [घनाभ का आयतन] - [गड्ढों का कुल आयतन]
\( = 525 \) सेमी.\(^3\) \( - \frac{44}{30} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{15750 - 44}{30} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{15706}{30} \) सेमी.\(^3\) = 523.53 सेमी.\(^3\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक घनाभ के आकार के कमलदान को दर्शाता है, जिसमें चार शंक्वाकार गड्ढे कलम रखने के लिए बने हुए हैं। घनाभ की विमाएँ 15 cm x 10 cm x 3.5 cm हैं। प्रत्येक गड्ढे की त्रिज्या 0.5 cm और गहराई 1.4 cm है।
In simple words: कमलदान एक घनाभ के आकार का है जिसमें चार शंक्वाकार गड्ढे बने हैं। घनाभ का आयतन 15 x 10 x 3.5 = 525 cm\(^3\) है। प्रत्येक शंकु की त्रिज्या 0.5 cm और ऊँचाई 1.4 cm है, जिससे प्रत्येक का आयतन \(\frac{1}{3}\pi(0.5)^2(1.4)\) cm\(^3\) आता है। चारों गड्ढों का कुल आयतन घटाकर शेष लकड़ी का आयतन 523.53 cm\(^3\) प्राप्त होता है।
🎯 Exam Tip: यह सुनिश्चित करें कि आप घनाभ का आयतन और शंक्वाकार गड्ढों का कुल आयतन सही ढंग से निकालते हैं। शेष आयतन के लिए, घनाभ के आयतन में से गड्ढों का आयतन घटाना याद रखें।
Question 5. एक बर्तन एक उल्टे शंकु के आकार का है। इसकी ऊँचाई 8 cm है और इसके ऊपरी सिरे (जो खुला हुआ है) की त्रिज्या 5 cm त्रिज्या है। यह ऊपर तक पानी से भरा हुआ है। जब इस बर्तन में सीसे की कुछ गोलियाँ जिनमे प्रत्येक 0.5 cm त्रिज्या वाला एक गोला है, डाली जाती हैं, तो इसमें से भरे हुए पानी का एक चौथाई भाग बाहर निकल जाता है | बर्तन में डाली गई सीसे की गोलियों की संख्या ज्ञात कीजिए |
Answer: हलः शंक्वाकार बर्तन की ऊँचाई \( (h) = 8 \) सेमी.
आधार की त्रिज्या \( (r) = 5 \) सेमी.
शंकु का आयतन \( = \frac{1}{3}\pi r^2h \)
बर्तन का आयतन \( = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times (5)^2 \times 8 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{4400}{21} \) सेमी.\(^3\)
चूंकि शंकु का आयतन = बर्तन में पानी का आयतन
बर्तन में पानी का आयतन \( = \frac{4400}{21} \) सेमी.\(^3\)
अब, गोलाकार एक गोली की त्रिज्या \( (r') = 0.5 \) सेमी. \( = \frac{5}{10} \) सेमी.
1 गोली का आयतन \( = \frac{4}{3}\pi (r')^3 \)
\( = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10} \) सेमी.\(^3\)
माना गोलियों की वांछित संख्या \( = n \)
चूंकि गोलियों को बर्तन में डालने पर पानी का \( \frac{1}{4} \) भाग बाहर निकलता है।
\( n \) गोलियों का आयतन \( = \frac{1}{4} \) (बर्तन में पानी का आयतन)
\( \implies n \times [\frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10} \times \frac{5}{10}] = \frac{1}{4} [\frac{4400}{21}] \)
\( \implies n = \frac{1100}{21} \times \frac{3 \times 7 \times 10 \times 10 \times 10}{4 \times 22 \times 5 \times 5 \times 5} = 100 \)
अतः गोलियों की संख्या = 100
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक उल्टे शंकु के आकार के बर्तन को दर्शाता है जिसमें पानी भरा है। शंकु की ऊँचाई 8 सेमी और ऊपरी त्रिज्या 5 सेमी है।
In simple words: एक उल्टे शंकु के आकार के बर्तन में पानी भरा है, जिसकी ऊँचाई 8 cm और त्रिज्या 5 cm है। इसका आयतन हमने \(\frac{1}{3}\pi r^2h\) से निकाला। जब 0.5 cm त्रिज्या वाली सीसे की गोलियाँ डाली जाती हैं, तो बर्तन के पानी का एक चौथाई भाग बाहर निकल जाता है। हमने एक गोली का आयतन निकाला और कुल बाहर निकले पानी के आयतन को एक गोली के आयतन से विभाजित करके गोलियों की संख्या 100 प्राप्त की।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि विस्थापित पानी का आयतन डाली गई गोलियों के आयतन के बराबर होता है। शंकु और गोले के आयतन के सूत्रों को सही ढंग से लागू करें और गणनाओं में सावधानी बरतें।
Question 6. ऊँचाई 220 cm और आधार व्यास 24 cm वाले एक बेलन, जिस पर ऊँचाई 60 cm और त्रिज्या 8 cm वाला एक अन्य बेलन आरोपित है, से लोहे का स्तंभ बना है | इस स्तंभ का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, जबकि दिया है 1 cm\(^3\) लोहे का द्रव्यमान लगभग 8 g होता है | (\( \pi = 3.14 \) लीजिए |)
Answer: हलः
बड़े बेलन की ऊँचाई \( (h) = 220 \) सेमी.
आधार की त्रिज्या \( (r) = \frac{24}{2} \) सेमी. = 12 सेमी.
बड़े बेलन का आयतन \( = \pi r^2h = \pi(12)^2 \times 220 \) सेमी.\(^3\)
चूंकि, छोटे बेलन की ऊँचाई \( = h_1 = 60 \) सेमी.
आधार की त्रिज्या \( = r_1 = 8 \) सेमी.
छोटे बेलन का आयतन \( = \pi r_1^2h_1 = \pi(8)^2 \times 60 \) सेमी.\(^3\)
लोहे के स्तंभ का आयतन
= [बड़े बेलन का आयतन] + [छोटे बेलन का आयतन]
\( = [\pi(12)^2 \times 220] \) सेमी.\(^3 + [\pi(8)^2 \times 60] \) सेमी.\(^3\)
\( = 3.14[220 \times 12 \times 12 + 60 \times 8 \times 8] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314}{100} [20 \times 144 + 60 \times 64] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314}{100} [31680 + 3840] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314}{100} \times 35520 \) सेमी.\(^3\)
चूंकि 1 सेमी.\(^3\) लोहे का द्रव्यमान = 8 ग्राम
स्तंभ में लोहे का द्रव्यमान
\( = \frac{8 \times 314 \times 35520}{100} \) ग्राम
\( = \frac{89226240}{100} \) ग्राम \( = \frac{8922624}{10000} \) ग्राम
\( = 892.2624 \) kg \( = 892.26 \) किग्रा.
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक लोहे के स्तंभ को दर्शाता है जो दो बेलनों से मिलकर बना है। नीचे वाले बड़े बेलन की ऊँचाई 220 सेमी और व्यास 24 सेमी है। ऊपर वाले छोटे बेलन की ऊँचाई 60 सेमी और त्रिज्या 8 सेमी है।
In simple words: स्तंभ दो बेलनों से बना है। बड़ा बेलन 220 cm ऊँचा और 24 cm व्यास का है (त्रिज्या 12 cm)। छोटा बेलन 60 cm ऊँचा और 8 cm त्रिज्या का है। हमने दोनों बेलनों के आयतन को जोड़ा। \(\pi\) का मान 3.14 का उपयोग करके, कुल आयतन 111532.8 cm\(^3\) मिला। फिर, 1 cm\(^3\) लोहे का द्रव्यमान 8 g होने के कारण, स्तंभ का कुल द्रव्यमान 892.26 kg आया।
🎯 Exam Tip: संयोजित बेलनों के आयतन की गणना करते समय, प्रत्येक बेलन के आयामों (त्रिज्या और ऊँचाई) का सही उपयोग करें। अंतिम परिणाम को ग्राम से किलोग्राम में बदलने के लिए 1000 से भाग देना याद रखें।
Question 7. एक ठोस में, ऊँचाई 120 cm और त्रिज्या 60 cm वाला एक शंकु सम्मिलित है, जो 60 cm त्रिज्या वाले एक अर्धगोले पर आरोपित है। इस ठोस को पानी से भरे हुए एक लंब वृत्तीय बेलन में इस प्रकार सीधा डाल दिया जाता है कि यह बेलन की तली को स्पर्श करे| यदि बेलन की त्रिज्या 60 cm है और ऊँचाई 180 cm है तो बेलन में शेष बचे पानी का आयतन ज्ञात कीजिए |
Answer: हलः शंक्वाकार भाग की ऊँचाई = 120 सेमी.
शंक्वाकार भाग के आधार की त्रिज्या = 60 सेमी.
शंक्वाकार भाग का आयतन \( = \frac{1}{3}\pi r^2h \)
\( = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 60 \times 60 \times 120 \) सेमी.\(^3\)
अर्धगोलाकार भाग की त्रिज्या = 60 सेमी.
अर्धगोलाकार भाग का आयतन \( = \frac{2}{3}\pi r^3 \)
\( = \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60 \times 60 \times 60 \) सेमी.\(^3\)
अब, ठोस का आयतन
= [शंक्वाकार भाग का आयतन] + [अर्धगोलाकार भाग का आयतन]
\( = [\frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 60^2 \times 120] + [\frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60^3] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60^2 [60 + 60] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60 \times 60 \times 120 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{2 \times 22 \times 60 \times 60 \times 40}{7} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{6336000}{7} \) सेमी.\(^3\)
बेलन का आयतन \( = \pi r^2h \)
\( = \frac{22}{7} \times 60^2 \times 180 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{22 \times 60 \times 60 \times 180}{7} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{14256000}{7} \) सेमी.\(^3\)
बेलन में पानी का आयतन \( = \frac{14256000}{7} \) सेमी.\(^3\)
अब, बेलन में शेष बचे पानी का आयतन
\( = [\frac{14256000}{7} - \frac{6336000}{7}] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{7920000}{7} \) सेमी.\(^3\)
\( = 1131428.57142 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{1131428.57142}{1000000} \) मी.\(^3\)
[: 1000000 सेमी.\(^3\) = 1 मी.\(^3\)]
\( = 1.13142857142 \) मी.\(^3\)
\( = 1.131 \) मी.\(^3\) (लगभग)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक ठोस को दर्शाता है जो एक अर्धगोले पर रखे एक शंकु से बना है। यह ठोस पानी से भरे एक बेलन में डाला जाता है। शंकु की ऊँचाई 120 सेमी और त्रिज्या 60 सेमी है। अर्धगोले की त्रिज्या 60 सेमी है। बेलन की त्रिज्या 60 सेमी और ऊँचाई 180 सेमी है।
In simple words: एक ठोस (शंकु + अर्धगोला) को पानी से भरे बेलन में डाला जाता है। शंकु की ऊँचाई 120 cm और त्रिज्या 60 cm है। अर्धगोले की त्रिज्या 60 cm है। बेलन की त्रिज्या 60 cm और ऊँचाई 180 cm है। हमने ठोस का आयतन और बेलन में भरे पानी का आयतन निकाला। बेलन के पानी के आयतन में से ठोस का आयतन घटाकर शेष पानी का आयतन लगभग 1131428.57 cm\(^3\) या 1.131 m\(^3\) प्राप्त हुआ।
🎯 Exam Tip: शेष बचे पानी का आयतन ज्ञात करने के लिए, बेलन के कुल आयतन में से ठोस का आयतन घटाया जाता है। इस प्रक्रिया में, सुनिश्चित करें कि आप सभी आकृतियों के लिए सही आयामों का उपयोग करें और आयतन के सूत्रों को सटीक रूप से लागू करें।
Class 10 Maths Chapter 13 Solution प्रश्नावली 13.2 (NCERT Page 271)
Question 7. एक ठोस में, ऊँचाई 120 cm और त्रिज्या 60 cm वाला एक शंकु सम्मिलित है, जो 60 cm त्रिज्या वाले एक अर्धगोले पर आरोपित है। इस ठोस को पानी से भरे हुए एक लंब वृत्तीय बेलन में इस प्रकार सीधा डाल दिया जाता है कि यह बेलन की तली को स्पर्श करे| यदि बेलन की त्रिज्या 60 cm है और ऊँचाई 180 cm है तो बेलन में शेष बचे पानी का आयतन ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः शंक्वाकार भाग की ऊँचाई = 120 सेमी.
शंक्वाकार भाग के आधार की त्रिज्या = 60 सेमी.
.. शंक्वाकार भाग का आयतन = \( \frac{1}{3} \pi r^2 h \)
\( = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 60 \times 60 \times 120 \) सेमी.\(^3\)
अर्धगोलाकार भाग की त्रिज्या = 60 सेमी.
अर्धगोलाकार भाग का आयतन
\( = \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60 \times 60 \times 60 \) सेमी.\(^3\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक ठोस वस्तु को दर्शाता है जो एक बेलन के अंदर रखा गया है। यह ठोस एक अर्धगोले पर अध्यारोपित एक शंकु से मिलकर बना है। शंकु की ऊँचाई 120 सेमी और त्रिज्या 60 सेमी है, जबकि अर्धगोले की त्रिज्या भी 60 सेमी है। यह पूरा ठोस एक बेलनाकार बर्तन के अंदर रखा है, जिसकी त्रिज्या 60 सेमी और कुल ऊँचाई 180 सेमी है। यह चित्रण बेलन में बचे हुए पानी के आयतन की गणना के लिए ज्यामितीय व्यवस्था को स्पष्ट करता है।
अब, ठोस का आयतन
= [शंक्वाकार भाग का आयतन] + [अर्धगोलाकार भाग का आयतन]
\( = \left[ \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 60^2 \times 120 \right] + \left[ \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60^3 \right] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60^2 [60 + 60] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{2}{3} \times \frac{22}{7} \times 60 \times 60 \times 120 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{2 \times 22 \times 60 \times 60 \times 40}{7} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{6336000}{7} \) सेमी.\(^3\)
बेलन का आयतन \( = \frac{22}{7} \times 60^2 \times 180 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{22 \times 60 \times 60 \times 180}{7} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{14256000}{7} \) सेमी.\(^3\)
.. बेलन में पानी का आयतन \( = \frac{14256000}{7} \) सेमी.\(^3\)
अब, बेलन में शेष बचे पानी का आयतन
\( = \left[ \frac{14256000}{7} - \frac{6336000}{7} \right] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{7920000}{7} \) सेमी.\(^3\)
\( = 1131428.57142 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{1131428.57142}{1000000} \) मी.\(^3\)
[: 1000000 सेमी.\(^3\) = 1 मी.\(^3\)]
\( = 1.13142857142 \) मी.\(^3\)
\( = 1.131 \) मी.\(^3\) (लगभग)
In simple words: हमने बेलन, शंकु और अर्धगोले के आयतन की गणना की। ठोस वस्तु का आयतन शंकु और अर्धगोले के आयतन का योग है। बेलन में बचे पानी का आयतन बेलन के कुल आयतन में से ठोस वस्तु का आयतन घटाकर प्राप्त किया जाता है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, सभी ज्यामितीय आकृतियों के आयतन के सूत्रों को सही ढंग से लागू करना और इकाइयों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
Question 8. एक गोलाकार काँच के बर्तन की एक बेलन के आकार की गर्दन है जिसकी लंबाई 8 cm है और व्यास 2 cm है जबकि गोलाकार भाग का व्यास 8.5 cm है| इसमें भरे जा सकने वाली पानी की मात्रा माप कर, एक बच्चे ने यह ज्ञात किया कि इस बर्तन का आयतन 345 cm3 है। जाँच कीजिए कि बच्चे का उत्तर सही है या नहीं, यह मानते हुए की उपरोक्त मापन आंतरिक मापन है और \( \pi = 3.14 \)
Answer:हलः बेलनाकार भाग के लिएः
त्रिज्या \( = \frac{2}{2} = 1 \) cm, ऊँचाई (h) = 8 सेमी.
बेलनाकार भाग का आयतन \( = \pi r^2 h = 3.14 \times 1^2 \times 8 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314}{100} \times 8 \) सेमी.\(^3\)
गोलाकार भाग के लिएः
त्रिज्या \( r_1 = \frac{8.5}{2} \) सेमी.
गोलाकार भाग का आयतन \( = \frac{4}{3} \pi r_1^3 \)
\( = \frac{4}{3} \times \frac{314}{100} \times \frac{8.5}{2} \times \frac{8.5}{2} \times \frac{8.5}{2} \) सेमी.\(^3\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक कांच के बर्तन को दर्शाता है जिसमें एक बेलनाकार गर्दन और एक गोलाकार आधार है। बेलनाकार गर्दन की लंबाई 8 सेमी और व्यास 2 सेमी है, जबकि गोलाकार आधार का व्यास 8.5 सेमी है। यह दृश्य वस्तु के आयतन की गणना के लिए आवश्यक आयामों को स्पष्ट करता है।
गोलाकार बर्तन का कुल आयतन
\( = \left[ \frac{314}{100} \times 8 \right] + \left[ \frac{314}{100} \times \frac{4}{3} \times \frac{8.5}{2} \times \frac{8.5}{2} \times \frac{8.5}{2} \right] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314}{100} \times 8 + \frac{314}{100} \times \frac{4 \times 8.5 \times 8.5 \times 8.5}{24} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314}{100} \left[ 8 + \frac{614.125}{6} \right] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314}{100} \left[ \frac{48 + 614.125}{6} \right] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314}{100} \times \frac{662.125}{6} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314}{100} \times \frac{5297}{48} \) सेमी.\(^3\) (approximately from \( \frac{662.125}{6} \approx \frac{5297}{48} \))
\( = \frac{157}{24} \times \frac{5297}{100} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{831629}{2400} \) सेमी.\(^3\)
\( = 346.51 \) सेमी.\(^3\) (लगभग)
\( \implies \) बर्तन में पानी का आयतन \( = 346.51 \) सेमी.\(^3\)
चूंकि बच्चे द्वारा ज्ञात किया गया पानी का आयतन = 345 सेमी.\(^3\)
\( \implies \) बच्चे का उत्तर सही नहीं है।
सही उत्तर है 346.51 सेमी.\(^3\)
In simple words: हमने बेलनाकार गर्दन और गोलाकार आधार के आयतन को अलग-अलग गणना की और फिर उन्हें जोड़कर बर्तन का कुल आयतन प्राप्त किया। इस मान की तुलना बच्चे द्वारा दिए गए मान से करने पर पता चला कि बच्चे का उत्तर गलत था।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, दशमलव स्थानों की सटीकता और \( \pi \) के दिए गए मान (यदि कोई हो) का सही उपयोग महत्वपूर्ण है।
प्रश्नावली 13.3 (NCERT Page 276)
Question 1. (जब तक अन्यथा न कहा जाए, \( \pi = \) लीजिए |)
त्रिज्या 4.2 cm वाले धातु के एक गोले को पिघलाकर त्रिज्या 6 cm वाले एक बेलन के रूप में ढाला जाता है। बेलन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः गोले की त्रिज्या (R) = 4.2 सेमी.
\( \implies \) गोले का आयतन \( = \frac{4}{3} \pi R^3 = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10} \) सेमी.\(^3\)
बेलन की त्रिज्या (\( r_2 \)) = 6 सेमी.
माना वांछित बेलन की ऊँचाई 'h' सेमी. है।
.. बेलन का वांछित आयतन \( = \pi r_2^2 h = \frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times h \)
चूंकि, धातु के गोले का आयतन = बेलन का आयतन
\( \implies \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10} \times \frac{42}{10} = \frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times h \)
\( \implies h = \frac{4 \times 22 \times 42 \times 42 \times 42 \times 7}{3 \times 7 \times 10 \times 10 \times 10 \times 22 \times 6 \times 6} \)
\( = \frac{4 \times 7 \times 7 \times 4}{10 \times 10 \times 10} \) सेमी.
\( = \frac{2744}{1000} \) सेमी. \( = 2.744 \) सेमी.
अतः बेलन की ऊँचाई = 2.744 सेमी.
In simple words: हमने धातु के गोले को पिघलाकर बेलन में बदलने पर आयतन के संरक्षण सिद्धांत का उपयोग किया। गोले के आयतन की गणना करके, हमने उसे बेलन के आयतन के सूत्र के बराबर रखा और बेलन की अज्ञात ऊँचाई ज्ञात की।
🎯 Exam Tip: पिघलाने और पुन: आकार देने वाले प्रश्नों में, आयतन हमेशा समान रहता है, इस सिद्धांत को ध्यान में रखें।
Question 2. क्रमशः 6 cm, 8 cm और 10 cm त्रिज्याओं वाले धातु के ठोस गोलों को पिघलाकर एक बड़ा ठोस गोला बनाया जाता है| इस गोले की त्रिज्या ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः दिए गए गोलो की त्रिज्याएँ हैं: \( r_1 = 6 \) सेमी., \( r_2 = 8 \) सेमी., \( r_3 = 10 \) सेमी.
\( \implies \) दिए गये गोलों के आयतनः \( V_1 = \frac{4}{3} \pi r_1^3, V_2 = \frac{4}{3} \pi r_2^3 \) और \( V_3 = \frac{4}{3} \pi r_3^3 \)
.. दिए गये गोलों का कुल आयतन \( = V_1 + V_2 + V_3 \)
\( = \frac{4}{3} \pi r_1^3 + \frac{4}{3} \pi r_2^3 + \frac{4}{3} \pi r_3^3 = \frac{4}{3} \pi [r_1^3 + r_2^3 + r_3^3] \)
\( = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times [6^3 + 8^3 + 10^3] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times [216 + 512 + 1000] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times [1728] \) सेमी.\(^3\)
माना वांछित बड़े गोले की त्रिज्या = R
.. नये गोले का आयतन \( = \frac{4}{3} \pi R^3 \)
चूंकि, दोनों आयतन समान हैं,
.. \( \frac{4}{3} \pi R^3 = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times 1728 \) सेमी.\(^3\)
\( \implies R^3 = 1728 \)
\( \implies R^3 = 2^3 \times 2^3 \times 3^3 \)
\( R^3 = (2 \times 2 \times 3)^3 \)
\( \implies R = 2 \times 2 \times 3 \)
\( \implies R = 12 \) सेमी.
इस प्रकार वांछित गोले की त्रिज्या = 12 सेमी.
In simple words: हमने तीन छोटे गोलों के आयतन को जोड़ा और फिर इस कुल आयतन को एक बड़े गोले के आयतन के सूत्र के बराबर रखा। इससे हमने बड़े गोले की त्रिज्या ज्ञात की, जो कि 12 सेमी आई।
🎯 Exam Tip: आयतन के संरक्षण सिद्धांत को स्पष्ट रूप से समझें और सुनिश्चित करें कि आप सभी त्रिज्याओं के घन (क्यूब) को सही ढंग से जोड़ते हैं।
Question 3. व्यास 7 m वाला 20 m गहरा एक कुआँ खोदा जाता है और खोदने से निकली हुई मिट्टी को समान रूप से फैलाकर 22 m x 14 m वाला एक चबूतरा बनाया गया है| इस चबूतरे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः बेलनाकार कुआँ का व्यास = 7 मी.
\( \implies \) त्रिज्या (r) = \( \frac{7}{2} \) मी.
कुआँ की गहराई (h) = 20 मी.
.. कुआँ का आयतन \( = \pi r^2 h = \frac{22}{7} \times \frac{7}{2} \times \frac{7}{2} \times 20 \) मी.\(^3\)
\( = 22 \times 7 \times 5 \) मी.\(^3\)
कुआँ से निकाली गई मिट्टी का आयतन \( = 22 \times 7 \times 5 \) मी.\(^3\)
चूंकि, निकाली गई मिट्टी से घनाभ के रूप में चबूतरा बनाया गया है जिसकी
लम्बाई = 22 मी., चौड़ाई = 14 मी.
माना चबूतरे की ऊँचाई h मी. है।
.. चबूतरे का आयतन \( = 22 \times 14 \times h \) मी.\(^3\)
\( \implies 22 \times 14 \times h = 22 \times 7 \times 5 \)
\( \implies h = \frac{22 \times 7 \times 5}{22 \times 14} \) मी. \( = \frac{5}{2} \) मी. \( = 2.5 \) मी.
अतः चबूतरे की वांछित ऊँचाई 2.5 मी. है।
In simple words: कुएँ से निकाली गई मिट्टी का आयतन चबूतरे के आयतन के बराबर होता है। हमने कुएँ के आयतन की गणना की और फिर इसे चबूतरे के सूत्र में रखकर चबूतरे की ऊँचाई ज्ञात की।
🎯 Exam Tip: मिट्टी के आयतन को चबूतरे के आयतन के बराबर रखना इस प्रकार के प्रश्नों में मुख्य चरण है, और सुनिश्चित करें कि इकाइयाँ सुसंगत हों।
Question 4. व्यास 3 m वाला 14 m गहरा की गहराई तक खोदा जाता है | इससे निकली हुई मिट्टी को कुँए के चारों ओर 4 m चौड़ी एक वृत्ताकार वलय (ring) बनाते हुए, समान रूप से फैलाकर एक प्रकार का बाँध बनाया जाता है | इस बाँध की ऊँचाई ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः बेलनाकार कुएँ का व्यास (d) = 3 मी.
\( \implies \) कुएँ की त्रिज्या (r) \( = \frac{3}{2} \) मी. \( = 1.5 \) मी.
चूंकि कुएँ की गहराई (h) = 14 मी.
आयतन \( (\pi r^2 h) = \frac{22}{7} \times \frac{15}{10} \times \frac{15}{10} \times 14 \) मी.\(^3\)
\( = \frac{22 \times 15 \times 15 \times 14}{7 \times 10 \times 10} \) मी.\(^3\)
\( = 11 \times 3 \times 3 \) मी.\(^3 = 99 \) मी.\(^3\)
माना वृत्ताकार वलय (ring) की ऊँचाई = H मी.
वलय (ring) की भीतरी त्रिज्या (r) = 1.5 मी.
वलय (ring) की बाहरी त्रिज्या (R) = (4+1.5) मी. = 5.5 मी.
.. वलय (ring) का आयतन \( = \pi R^2 H - \pi r^2 H = \pi H[R^2 - r^2] = \pi H(R + r) (R-r) \)
\( = \frac{22}{7} \times H(5.5 + 1.5) (5.5-1.5) = \frac{22}{7} \times H \times 7 \times 4 \) मी.\(^3\)
चूंकि वलय (ring) का आयतन = बेलनाकार कुँए का आयतन
.. \( \frac{22}{7} \times H \times 7 \times 4 = 99 \)
\( \implies H = \frac{99 \times 7}{22 \times 7 \times 4} \) मी. \( = \frac{99}{8} \) मी. \( = 1.125 \) मी.
अतः वलय (ring) की अभीष्ठ ऊँचाई = 1.125 मी.
In simple words: कुएँ से निकाली गई मिट्टी का उपयोग एक वृत्ताकार वलय बनाने के लिए किया गया। हमने कुएँ के आयतन की गणना की और फिर उसे वृत्ताकार वलय के आयतन के सूत्र के बराबर रखकर वलय की ऊँचाई ज्ञात की।
🎯 Exam Tip: वलय के आयतन की गणना करते समय बाहरी और भीतरी त्रिज्याओं के बीच के अंतर को सही ढंग से लागू करना महत्वपूर्ण है।
Question 5. व्यास 12 cm और ऊँचाई 15 cm वाले एक लंब वृत्तीय बेलन के आकार का बर्तन आइसक्रीम से पूरा भरा हुआ है। इस आइसक्रीम को ऊँचाई 12 cm और व्यास 6 cm वाले शकुओं में भरा जाना है, जिनका ऊपरी सिरा अर्धगोलाकार होगा | उन शंकुओं की संख्या ज्ञात कीजिए जो इस आइसक्रीम से भरे जा सकते हैं।
Answer:हलः वृत्तीय बेलन के लिएः
व्यास = 12 सेमी. \( \implies \) त्रिज्या \( = \frac{12}{2} = 6 \) सेमी.
ऊँचाई (h) = 15 सेमी.
.. आयतन \( = \pi r^2 h \)
कुल आइसक्रीम का आयतन \( = \frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times 15 \) सेमी.\(^3\)
शंक्वाकार + अर्धगोलाकार आइसक्रीम शंकु के लिएः
व्यास = 6 सेमी. \( \implies \) त्रिज्या (R) = 3 सेमी.
शंकु की ऊँचाई (H) = 12 सेमी.
.. आयतन = [शंक्वाकार भाग का आयतन ] + [अर्धगोलाकार भाग का आयतन]
\( = \frac{1}{3} \pi R^2 H + \frac{2}{3} \pi R^3 = \frac{1}{3} \pi R^2 [H + 2R] \)
\( = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 3 \times 3 [12 + 2 \times 3] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{22}{7} \times 3 \times 18 \) सेमी.\(^3\)
माना आइसक्रीम शंकुओं की संख्या = n
\( \implies n \times \frac{22}{7} \times 3 \times 18 = \frac{22}{7} \times 6 \times 6 \times 15 \)
\( \implies n = \frac{22 \times 6 \times 6 \times 15 \times 7}{7 \times 22 \times 3 \times 18} \)
\( \implies n = \frac{6 \times 6 \times 15}{3 \times 18} = \frac{540}{54} = 10 \)
अतः आइसक्रीम शंकुओं की संख्या = 10
In simple words: बेलनाकार बर्तन में भरी आइसक्रीम का कुल आयतन एक शंकु और अर्धगोले के संयोजन से बने एक आइसक्रीम शंकु के आयतन से विभाजित किया गया। इससे हमने ज्ञात किया कि ऐसे 10 शंकुओं को भरा जा सकता है।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप बेलन के कुल आयतन को एकल आइसक्रीम शंकु के कुल आयतन (शंकु + अर्धगोला) से विभाजित करते हैं।
Question 6. विमाओं 5.5 cm x 10 cm x 3.5 cm वाला एक घनाभ बनाने के लिए, 1.75 cm व्यास और 2 mm मोटाई वाले कितने चाँदी के सिक्कों को पिघलाना पड़ेगा ?
Answer:हलः वृत्तीय सिक्के के लिएः
व्यास (d) = 1.75 सेमी. \( \implies \) त्रिज्या (r) \( = \frac{1.75}{2} = \frac{175}{200} \) सेमी.
मोटाई (h) = 2 मिमी. \( = \frac{2}{10} \) सेमी.
.. आयतन \( = \pi r^2 h = \frac{22}{7} \times \left( \frac{175}{200} \right)^2 \times \frac{2}{10} \) सेमी.\(^3\) [सिक्का बेलनाकार है]
घनाभ के लिएः
लम्बाई (l) = 10 सेमी., चौड़ाई (b) = 5.5 सेमी.
ऊँचाई (h) = 3.5 सेमी., आयतन \( = 10 \times \frac{55}{10} \times \frac{35}{10} \) सेमी.\(^3\)
सिक्कों की संख्याः माना वांछित सिक्कों की संख्या 'n' है।
.. \( n \times \left( \frac{22}{7} \times \frac{175}{200} \times \frac{175}{200} \times \frac{2}{10} \right) = 10 \times \frac{55}{10} \times \frac{35}{10} \)
\( \implies n = \frac{10 \times 55 \times 35 \times 7 \times 200 \times 200 \times 10}{10 \times 10 \times 22 \times 175 \times 175 \times 2} \)
\( \implies n = 16 \times 25 = 400 \)
इस प्रकार, वांछित सिक्कों की संख्या = 400
In simple words: हमने एक सिक्के के आयतन और घनाभ के आयतन की गणना की। चूंकि घनाभ को पिघले हुए सिक्कों से बनाया जाता है, इसलिए घनाभ का आयतन सिक्कों की संख्या गुणा एक सिक्के के आयतन के बराबर होगा। इस समीकरण को हल करके सिक्कों की संख्या ज्ञात की गई।
🎯 Exam Tip: इस तरह के रूपांतरण प्रश्नों में, आयतन हमेशा संरक्षित रहता है। विभिन्न वस्तुओं के आयतन के सूत्रों को सही ढंग से लागू करें और इकाइयों में सामंजस्य सुनिश्चित करें।
Question 7. 32 cm ऊँची और आधार त्रिज्या 18 cm वाली एक बेलनाकार बाल्टी रेत से भरी हुई है | इस बाल्टी को भूमि पर खाली किया जाता है और इस रेते की एक शंक्वाकार ढेरी बनाई जाती है | यदि शंक्वाकार ढेरी की ऊँचाई 24 cm है, तो इस ढेरी की त्रिज्या और तिर्यक ऊँचाई ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः बेलनाकार बाल्टी के लिएः
त्रिज्या (r) = 18 सेमी., ऊँचाई (h) = 32 सेमी.
आयतन \( \pi r^2 h = \frac{22}{7} \times (18)^2 \times 32 \) सेमी.\(^3\)
\( \implies \) रेत का आयतन \( = \left( \frac{22}{7} \times 18 \times 18 \times 32 \right) \) सेमी.\(^3\)
शंक्वाकार ढेरी के लिए: ऊँचाई (H) = 24 सेमी.
माना आधार की त्रिज्या (R) है।
.. शंक्वाकार ढेरी का आयतन \( = \frac{1}{3} \pi R^2 H = \left[ \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times R^2 \times 24 \right] \) सेमी.\(^3\)
शंक्वाकार रेत की ढेरी की त्रिज्याः
.. शंक्वाकार ढेरी का आयतन = रेत का आयतन
\( \implies \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times R^2 \times 24 = \frac{22}{7} \times 18 \times 18 \times 32 \)
\( \implies R^2 = \frac{22 \times 18 \times 18 \times 32 \times 3 \times 7}{7 \times 22 \times 24} \)
\( = 18 \times 18 \times 4 = 18^2 \times 2^2 \)
\( \implies R = \sqrt{18^2 \times 2^2} = 18 \times 2 \) सेमी. \( = 36 \) सेमी.
तिर्यक रेखाः माना रेत के शंक्वाकार ढेर की तिर्यक ऊँचाई 'l' है।
\( l^2 = R^2 + H^2 \)
\( \implies l^2 = 36^2 + 24^2 \)
\( \implies l^2 = (12 \times 3)^2 + (12 \times 2)^2 \)
\( \implies l^2 = 12^2 [3^2 + 2^2] \)
\( \implies l^2 = 12^2 \times 13 \)
\( \implies l = \sqrt{12^2 \times 13} = 12 \sqrt{13} \) सेमी.
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र भूमि पर रेत के एक शंक्वाकार ढेर को दर्शाता है। ढेर की ऊँचाई 'H' और आधार की त्रिज्या 'R' है। एक डैश वाली रेखा शंकु की तिर्यक ऊँचाई 'l' को दर्शाती है, जो शीर्ष को आधार की परिधि पर एक बिंदु से जोड़ती है। यह दृश्य बेलनाकार बाल्टी से रेत खाली करके बनी शंक्वाकार ढेर के आयामों को समझने में मदद करता है।
इस प्रकार, ढेरी की वांछित ऊँचाई 36 सेमी. और तिर्यक ऊँचाई \( 12\sqrt{13} \) सेमी है।
In simple words: बेलनाकार बाल्टी की रेत का आयतन शंक्वाकार ढेरी के आयतन के बराबर होता है। हमने बेलन के आयतन से ढेरी की त्रिज्या ज्ञात की, और फिर पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके ढेरी की तिर्यक ऊँचाई की गणना की।
🎯 Exam Tip: रेत के आयतन को दोनों आकृतियों के लिए समान मानें। शंकु की तिर्यक ऊँचाई के लिए पाइथागोरस प्रमेय का सही उपयोग करें।
Question 8. 6 m चौड़ी और 1.5 m गहरी एक नहर में पानी 10 km/h की चाल से बह रहा है। 30 मिनट में, यह नहर कितने क्षेत्रफल की सिंचाई कर पाएगी, जबकि सिंचाई के लिए 8 cm गहरे पानी की आवश्यकता होती है।
Answer:हलः नहर की चौड़ाई = 6 मी., नहर की गहराई = 1.5 मी.
1 घंटे में बह जाने वाले पानी की लम्बाई = 10 किमी.
.. 30 मिनट (अर्थात् \( \frac{1}{2} \) घ.) में बह जाने वाले पानी के स्तंभ की लम्बाई
\( = \frac{10}{2} \) किमी. = 5 किमी. = 5000 मी.
\( \implies \frac{1}{2} \) घंटे में बहने वाले पानी की मात्रा (आयतन)
\( = 6 \times 1.5 \times 5000 \) मी.\(^3 = 6 \times \frac{15}{10} \times 5000 \) मी.\(^3 = 45000 \) मी.\(^3\)
चूंकि पानी की इस मात्रा (आयतन) का फैलाव एक ऐसे घनाभ के रूप में है जिसकी ऊँचाई 8 सेमी. \( \left( \text{या } \frac{8}{100} \text{ मी.} \right) \) हो।
माना घनाभ का क्षेत्रफल = a सेमी.\(^2\)
.. घनाभ का आयतन = क्षेत्रफल (आधार का) \( \times \) ऊँचाई
\( \implies a \times \frac{8}{100} = 45000 \)
इस प्रकार, \( a \times \frac{8}{100} = 45000 \)
\( \implies a = \frac{45000 \times 100}{8} = \frac{4500000}{8} \) मी.\(^2\)
\( a = 562500 \) मी.\(^2 = \frac{562500}{10000} \) hectares \( = 56.25 \) hectares
.. वांछित क्षेत्र का क्षेत्रफल 56.25 हेक्टेयर है।
In simple words: हमने 30 मिनट में नहर से बहने वाले पानी की मात्रा (आयतन) की गणना की। फिर, इस आयतन को सिंचाई के लिए आवश्यक पानी की गहराई वाले एक घनाभ के आयतन के बराबर रखकर, हमने सिंचाई किए जा सकने वाले क्षेत्रफल की गणना की।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि सभी इकाइयाँ (किमी, मी, सेमी, घंटे, मिनट) गणना से पहले संगत हों। हेक्टेयर में बदलने के लिए रूपांतरण कारक याद रखें।
Question 9. एक किसान अपने खेत में बनी 10 m व्यास वाली और 2 m गहरी एक बेलनाकार टंकी को आंतरिक व्यास 20 cm वाले एक पाइप द्वारा एक नहर से जोड़ता है। यदि पाइप में पानी 3 km/h की चाल से बह रहा है, तो कितने समय बाद टंकी पूरी भर जाएगी ?
Answer:हलः पाइप के लिएः
पाइप का व्यास = 20 सेमी.
\( \implies \) पाइप की त्रिज्या (r) \( = \frac{20}{2} \) सेमी. = 10 सेमी.
चूंकि पानी के बहाव की चाल 3 किमी./घ. है।
.. 1 घंटे में बहे पानी के स्तंभ की लम्बाई = 3 किमी.
= 3 \( \times \) 1000 मी. = 3 \( \times \) 1000 \( \times \) 100 सेमी. = 300000 सेमी.
\( \implies \) h = 300000 सेमी.
पानी का आयतन \( = (\pi r^2 h) = \pi \times 10^2 \times 300000 \) सेमी.\(^3\)
\( = \pi \times 30000000 \) सेमी.\(^3\)
बेलनाकार टंकी के लिएः
चूंकि व्यास = 10 मी., त्रिज्या \( = \frac{10}{2} \) मी. = 5 मी. = 500 सेमी.
ऊँचाई (H) = 2 मी. = 200 सेमी.
.. बेलनाकार टंकी का आयतन \( = \pi R^2 H = \pi \times (500)^2 \times 200 \) सेमी.\(^3\)
अब, टंकी को भरने में लगा समय \( = \frac{\text{टंकी का आयतन}}{\text{1 घंटे में बहे पानी की मात्रा (आयतन)}} \)
\( = \frac{\pi \times 500 \times 500 \times 200}{\pi \times 30000000} \) घंटे
\( = \frac{5 \times 5 \times 2}{30} \) घंटे
\( = \frac{50}{30} \) घंटे \( = \frac{5}{3} \) घंटे
\( = \frac{5}{3} \times 60 \) मिनट = 100 मिनट
अतः टंकी 100 मिनट में भरेगी।
In simple words: हमने पाइप से एक घंटे में बहने वाले पानी का आयतन और टंकी का कुल आयतन ज्ञात किया। टंकी को भरने में लगने वाला समय टंकी के आयतन को प्रति घंटे पाइप से बहने वाले पानी के आयतन से विभाजित करके प्राप्त किया गया।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि पाइप और टंकी दोनों की त्रिज्या और ऊंचाई समान इकाइयों में हों। समय की गणना करते समय बहाव दर का सही उपयोग करें।
प्रश्नावली 13.4 (NCERT Page 282)
Question 1. (जब तक अन्यथा न कहा जाए, \( \pi = \) लीजिए |)
पानी पीने वाला एक गिलास 14 cm ऊँचाई वाले एक शंकु के छिन्नक के आकार का है। दोनों वृत्ताकार सिरों के व्यास 4 cm और 2 cm हैं। इस गिलास की धारिता ज्ञात कीजिए|
Answer:हलः दिया गया गिलास एक छिन्नक के आकार का है। जिसमें, हमें प्राप्त है किः
\( r_1 = \frac{4}{2} \) सेमी. = 2 सेमी., \( r_2 = \frac{2}{2} \) सेमी. = 1 सेमी., h = 14 सेमी.
.. गिलास का आयतन \( = \frac{1}{3} \pi h(r_1^2 + r_2^2 + r_1 r_2) \)
\( = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 14 \times [2^2 + 1^2 + 2 \times 1] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{22}{3} \times 2 [4 + 1 + 2] \) सेमी.\(^3 = \frac{22}{3} \times 2 [7] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{308}{3} \) सेमी.\(^3 = 102 \frac{2}{3} \) सेमी.\(^3\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक शंकु के छिन्नक के आकार का एक पीने का गिलास दर्शाता है। इसके निचले सिरे का व्यास 2 सेमी और ऊपरी सिरे का व्यास 4 सेमी है, और गिलास की ऊँचाई 14 सेमी है। यह दृश्य इस ज्यामितीय आकार की धारिता (आयतन) की गणना को समझने में मदद करता है।
अतः गिलास की धारिता \( 102 \frac{2}{3} \) सेमी.\(^3\) है।
In simple words: हमने शंकु के छिन्नक के आयतन के सूत्र का उपयोग करके गिलास की धारिता की गणना की। ऊपरी और निचले सिरों की त्रिज्याओं और ऊँचाई के मानों को सूत्र में रखकर, हमने गिलास का आयतन ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: छिन्नक के आयतन का सूत्र ( \( \frac{1}{3} \pi h(r_1^2 + r_2^2 + r_1 r_2) \) ) सही ढंग से लागू करें और इकाइयों में सामंजस्य सुनिश्चित करें।
Question 2. एक शंकु के छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई 4 cm है तथा इसके वृत्तीय सिरों के परिमाप (परिधियाँ) 18 cm और 6 cm हैं। इस छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः हमें प्राप्त है किः तिर्यक ऊँचाई (l) = 4 सेमी.
\( 2 \pi r_1 = 18 \) सेमी. और \( 2 \pi r_2 = 6 \) सेमी.
\( \implies r_1 = \frac{18}{2 \pi} = \frac{9}{\pi} \) सेमी., \( r_2 = \frac{6}{2 \pi} = \frac{3}{\pi} \) सेमी.
छिन्नक का वक्र पृष्ठ \( = \pi (r_1+r_2)l \)
\( = \pi \left( \frac{9}{\pi} + \frac{3}{\pi} \right) \times 4 \) सेमी.\(^2\)
\( = \pi \left( \frac{12}{\pi} \right) \times 4 \) सेमी.\(^2 = 12 \times 4 \) सेमी.\(^2 = 48 \) सेमी.\(^2\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक छिन्नक को दर्शाता है जिसकी तिर्यक ऊँचाई 4 सेमी है। यह छिन्नक उस शंकु का भाग है जिसे एक समानांतर तल द्वारा काटा गया है। इसके वृत्ताकार सिरों की परिधि 18 सेमी और 6 सेमी है। यह दृश्य छिन्नक के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना के लिए ज्यामितीय रूप को स्पष्ट करता है।
In simple words: हमने दिए गए परिमापों (परिधियों) से छिन्नक के दोनों त्रिज्याओं की गणना की। फिर, छिन्नक के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र ( \( \pi (r_1+r_2)l \) ) का उपयोग करके और तिर्यक ऊँचाई को शामिल करके, हमने क्षेत्रफल ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: परिधि से त्रिज्या ज्ञात करते समय \( \pi \) को सही ढंग से संभाला जाए, और वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल के सूत्र को ठीक से लागू किया जाए।
Question 3. एक तुर्की टोपी शंकु के एक छिन्नक के आकर की है (देखिये आकृति)| यदि इसके खुले सिरे की त्रिज्या 10 cm है, ऊपरी सिरे की त्रिज्या 4 cm है टोपी की तिर्यक ऊँचाई 15 cm है तो इसके बनाने में प्रयुक्त पदार्थ का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः टोपी के खुले सिरे की त्रिज्या (\( r_1 \)) = 10 सेमी.
टोपी के ऊपरी सिरे की त्रिज्या (\( r_2 \)) = 4 सेमी.
तिर्यक ऊँचाई (l) = 15 सेमी.
.. प्रयुक्त पदार्थ का क्षेत्रफल
= [छिन्नक का वक्र पृष्ठ] + [टोपी के ऊपरी सिरे का क्षेत्रफल]
\( = \pi (r_1 + r_2)l + \pi r_2^2 \)
\( = \frac{22}{7} \times (10+4) \times 15 + \frac{22}{7} \times 4 \times 4 \)
\( = \left[ \frac{22}{7} \times 14 \times 15 \right] + \left[ \frac{22}{7} \times 16 \right] \) सेमी.\(^2\)
\( = \left[ 22 \times 2 \times 15 \right] + \left[ \frac{22 \times 16}{7} \right] \) सेमी.\(^2\)
\( = \left( 660 + \frac{352}{7} \right) \) सेमी.\(^2 = \frac{4620 + 352}{7} \) सेमी.\(^2 = \frac{4972}{7} \) सेमी.\(^2 = 710 \frac{2}{7} \) सेमी.\(^2\)
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक तुर्की टोपी को दर्शाता है, जो शंकु के छिन्नक के आकार की है। इसका खुला सिरा (आधार) एक बड़ी त्रिज्या (10 सेमी) वाला होता है, और इसका ऊपरी सिरा (जो बंद है) एक छोटी त्रिज्या (4 सेमी) वाला होता है। टोपी की तिर्यक ऊँचाई 15 सेमी है। यह दृश्य टोपी बनाने में प्रयुक्त सामग्री के क्षेत्रफल की गणना के लिए ज्यामितीय रूप को स्पष्ट करता है।
In simple words: टोपी के लिए आवश्यक सामग्री का क्षेत्रफल छिन्नक के वक्र पृष्ठ के क्षेत्रफल और टोपी के ऊपरी बंद सिरे के क्षेत्रफल का योग होता है। हमने इन दोनों क्षेत्रों की गणना की और उन्हें जोड़कर कुल आवश्यक पदार्थ का क्षेत्रफल ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: टोपी के खुले सिरे का मतलब है कि उस भाग को शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन ऊपरी बंद सिरे का क्षेत्रफल शामिल होगा।
Question 4. धातु की चादर से बना और ऊपर से खुला एक बर्तन शंकु के छिन्नक के आकार का है, जिसकी ऊँचाई 16 cm है तथा निचले और ऊपरी सिरों की त्रिज्याएँ क्रमशः 8 cm और 20 cm हैं | 20 Rs. प्रति लीटर की दर से, इस बर्तन को पूरा भर सकने वाले दूध का मूल्य ज्ञात कीजिए | साथ ही, इस बर्तन को बनाने के लिए प्रयुक्त धातु की चादर का मूल्य 8 Rs. प्रति 100 cm2 की दर से ज्ञात कीजिए | ( \( \pi = 3.14 \) लीजिए |)
Answer:हलः हमें प्राप्त है किः \( r_1 = 20 \) सेमी., \( r_2 = 8 \) सेमी. और h = 16 सेमी.
.. छिन्नक का आयतन
\( = \frac{1}{3} \pi h [r_1^2 + r_2^2 + r_1 r_2] \)
\( = \frac{1}{3} \times \frac{314}{100} \times 16 [20^2 + 8^2 + 20 \times 8] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{1}{3} \times \frac{314}{100} \times 16 [400 + 64 + 160] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{1}{3} \times \frac{314}{100} \times 16 \times 624 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314 \times 16 \times 208}{100} \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{314 \times 16 \times 208}{100000} \) लीटर
.. दूध की कीमत \( = 20 \times \frac{314 \times 16 \times 208}{100000} \)
\( = \frac{628 \times 16 \times 208}{10000} \)
\( = \frac{2089984}{10000} \) Rs. \( = 208.998 \approx \) Rs. 209
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक छिन्नक के आकार के बर्तन को दर्शाता है। यह बर्तन ऊपर से खुला है और इसकी ऊँचाई 16 सेमी है। निचले सिरे की त्रिज्या 8 सेमी और ऊपरी सिरे की त्रिज्या 20 सेमी है। यह चित्रण बर्तन के आयतन (दूध की मात्रा) और उसे बनाने में प्रयुक्त धातु की चादर के क्षेत्रफल की गणना के लिए आवश्यक आयामों को स्पष्ट करता है।
दिए गये छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई \( l = \sqrt{h^2 + (r_1-r_2)^2} \)
\( = \sqrt{16^2 + (20 – 8)^2} = \sqrt{16^2 + 12^2} \)
\( = \sqrt{256 + 144} = \sqrt{400} = 20 \) सेमी.
.. वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल \( = \pi (r_1 + r_2)l \)
\( = \frac{314}{100} \times (20 + 8) \times 20 \) सेमी.\(^2\)
\( = \frac{314}{100} \times 28 \times 20 \) सेमी.\(^2 = \frac{314}{5} \times 28 \) सेमी.\(^2\)
\( = \frac{8792}{5} \) सेमी.\(^2 = 1758.4 \) सेमी.\(^2\)
आधार का क्षेत्रफल \( = \pi r_2^2 \)
\( = \frac{314}{100} \times 8 \times 8 \) सेमी.\(^2 = \frac{20096}{100} \) सेमी.\(^2 = 200.96 \) सेमी.\(^2\)
.. आवश्यक धातु का क्षेत्रफल \( = 1758.4 \) सेमी.\(^2 + 200.96 \) सेमी.\(^2 = 1959.36 \) सेमी.\(^2\)
धातु की कीमत \( = \text{Rs. } \frac{8}{100} \times 1959.36 = \text{Rs. } 156.75 \)
In simple words: हमने छिन्नक के आयतन और कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना की। आयतन का उपयोग दूध की लागत निकालने के लिए किया गया, और क्षेत्रफल का उपयोग धातु की चादर की लागत निकालने के लिए किया गया, दोनों में \( \pi = 3.14 \) का उपयोग हुआ।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल दोनों की गणना करनी होती है। लीटर और हेक्टेयर में बदलने के लिए रूपांतरण कारक याद रखें।
Question 5. 20 cm ऊँचाई और शीर्ष कोण (vertical angle ) 60° एक शंकु को उसकी ऊँचाई के बीचोंबीच से होकर जाते हुए एक ताल से दो भागों में काटा गया है, जबकि ताल शंकु के आधार के समांतर है| यदि इस प्राप्त शंकु के छिन्नक को व्यास cm वाले एक तार के रूप में बदल दिया जाता है तो की लंबाई ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः माना दिए गये शंकु ABC का छिन्नक DECB है।
यहाँ, \( r_1 = BO \) और \( r_2 = DO \)
\( \triangle AOB \) में, \( \frac{r_1}{h_1 + h_2} = \tan 30^\circ = \frac{1}{\sqrt{3}} \)
\( \implies r_1 = (h_1 + h_2) \times \frac{1}{\sqrt{3}} = 20 \times \frac{1}{\sqrt{3}} \) सेमी.
\( \triangle ADO \) में, \( \frac{r_2}{h_1} = \tan 30^\circ \implies r_2 = h_1 \times \frac{1}{\sqrt{3}} = 10 \times \frac{1}{\sqrt{3}} \) सेमी.
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक बड़े शंकु (ABC) को दर्शाता है जिसे उसके आधार के समानांतर एक तल द्वारा क्षैतिज रूप से काटा गया है, जिससे एक छोटा शंकु (ADO) और एक छिन्नक (DECB) बनता है। मूल शंकु की कुल ऊँचाई \(h_1 + h_2 = 20\) सेमी है। कटाई ऊँचाई के ठीक बीच में की गई है, इसलिए छोटे शंकु (\(h_1\)) की ऊँचाई 10 सेमी है, और छिन्नक (\(h_2\)) की ऊँचाई भी 10 सेमी है। मूल शंकु का शीर्ष कोण 60 डिग्री है, जिससे अर्ध-शीर्ष कोण 30 डिग्री हो जाता है। यह ज्यामितीय विन्यास छिन्नक के आयतन की गणना के लिए उपयोग किया जाता है, जिसे बाद में एक तार में परिवर्तित किया जाता है।
अब, छिन्नक DBCE का आयतन
\( = \frac{1}{3} \pi h_2 [r_1^2 + r_2^2 + r_1 r_2] \)
\( = \frac{\pi}{3} \times 10 \left[ \left( \frac{20}{\sqrt{3}} \right)^2 + \left( \frac{10}{\sqrt{3}} \right)^2 + \frac{20}{\sqrt{3}} \times \frac{10}{\sqrt{3}} \right] \)
\( = \frac{\pi}{3} \times 10 \left[ \frac{400}{3} + \frac{100}{3} + \frac{200}{3} \right] \)
\( = \frac{\pi}{3} \times 10 \left[ \frac{700}{3} \right] \)
चूंकि छिन्नक को एक तार के रूप में बदला जाता है जिसका व्यास (D) \( = \frac{1}{16} \) cm
माना तार की लम्बाई 'l' है। और एक तार का रूप बेलनाकार होता है
.. तार (बेलन) का आयतन \( = \pi \left( \frac{D}{2} \right)^2 l = \pi \frac{D^2 l}{4} = \pi \frac{\left( \frac{1}{16} \right)^2 l}{4} = \frac{\pi l}{4 \times 16 \times 16} \)
छिन्नक का आयतन = तार का आयतन
\( \implies \frac{\pi \times 10 \times 700}{3 \times 3} = \frac{\pi l}{4 \times 16 \times 16} \)
\( \implies l = \frac{10 \times 700 \times 4 \times 16 \times 16}{3 \times 3} \) सेमी.
\( = \frac{7168000}{9} \) सेमी.
\( = \frac{7168000}{9 \times 100} \) मी. \( = 7964.44 \) मी.
अतः तार की अभीष्ठ लम्बाई 7964.44 मी. है।
In simple words: हमने शंकु के छिन्नक का आयतन ज्ञात किया और फिर उसे पिघलाकर तार में बदलने पर आयतन के संरक्षण सिद्धांत का उपयोग किया। तार के आयतन के सूत्र में छिन्नक के आयतन को रखकर तार की लंबाई ज्ञात की।
🎯 Exam Tip: ऊँचाई के बीचोंबीच से काटने का मतलब है कि \( h_1 = h_2 \)। आयतन संरक्षण का नियम यहाँ महत्वपूर्ण है, और ध्यान रहे कि सभी इकाइयों को गणना से पहले संगत रूप में बदला जाए।
प्रश्नावली 13.5 (NCERT Page 283)
Question 1. व्यास 3 mm वाले ताँबे के तार को 12 cm लंबे और 10 cm व्यास वाले एक बेलन पर इस प्रकार लपेटा जाता है वह बेलन के वक्र पृष्ठ को पूर्णतया ढक लेता है | तार की लंबाई और द्रव्यमान ज्ञात कीजिए, यह मानते हुए कि ताँबे का घनत्व 8.88 g प्रति cm3 है |
Answer:हलः चूंकि तार का व्यास = 3 मिमी.
.. तार एक चक्कर में बेलन की पृष्ठीय मोटाई का 3 मिमी. \( \left( \text{अर्थात् } \frac{3}{10} \text{ सेमी.} \right) \) स्थान को ढकता है।
चूंकि तार की वक्र पृष्ठीय लम्बाई 12 सेमी. है।
माना वांछित लपेटों की संख्या \( = n \implies n = \frac{12}{\frac{3}{10}} = \frac{120}{3} = 40 \)
अतः तार, बेलन के वक्रपृष्ठ को 40 लपेटों में पूर्णतया ढक लेगा।
तार की लम्बाई और द्रव्यमानः तार का व्यास \( = \frac{3}{10} \) cm
\( \implies \) तार की त्रिज्या \( = \frac{3}{10 \times 2} \) सेमी. \( = \frac{3}{20} \) सेमी.
चूंकि बेलन का व्यास = 10 सेमी.
.. बेलन की त्रिज्या (r) \( = \frac{10}{2} = 5 \) सेमी.
.. बेलन को एक बार लपेटने के लिए तार की लम्बाई \( = 2 \pi r = 2 \times \pi \times 5 \) सेमी. \( = 10 \pi \) सेमी.
\( \implies \) बेलन को 40 बार लपेटने के लिए तार की लम्बाई
\( = 40 \times 10 \pi = 400 \pi \) सेमी. \( = 400 \times 3.14 \) सेमी. \( = 1256 \) सेमी.
.. तार का आयतन \( = (\pi r^2 l) = \frac{22}{7} \times \frac{3}{20} \times \frac{3}{20} \times 1256 \) सेमी.\(^3\)
अब, तार का घनत्व = 8.88 ग्राम/सेमी.\(^3\)
तार का द्रव्यमान = [तार का आयतन] \( \times \) [तार का घनत्व]
\( = \frac{22}{7} \times \frac{3}{20} \times \frac{3}{20} \times 1256 \times 8.88 \) ग्राम
\( = \frac{22 \times 3 \times 3 \times 1256 \times 888}{7 \times 20 \times 20 \times 100} \) ग्राम \( = 788 \) ग्राम
In simple words: हमने बेलन पर लपेटे गए तार के फेरों की संख्या ज्ञात की, फिर तार की कुल लंबाई और आयतन की गणना की। अंत में, तार के आयतन को घनत्व से गुणा करके उसका द्रव्यमान ज्ञात किया।
🎯 Exam Tip: मिलीमीटर को सेंटीमीटर में बदलना महत्वपूर्ण है। बेलन की ऊँचाई को तार की मोटाई से विभाजित करके लपेटों की संख्या ज्ञात करें।
Question 2. एक समकोण त्रिभुज, जिसकी भुजाएँ 3 cm और 4 cm हैं (कर्ण के अतिरिक्त), को उसके कर्ण के परितः घुमाया जाता है। इस प्रकार प्राप्त द्वी - शंकु (double cone) के आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए |
Answer:हलः हमें प्राप्त है कि समकोण \( \triangle BAC \) जिसमें \( \angle A = 90^\circ \)
AB = 3 सेमी. और AC = 4 सेमी.
कर्ण BC \( = \sqrt{3^2 + 4^2} = \sqrt{9 + 16} = \sqrt{25} = 5 \) सेमी.
चूंकि, दूसरा शंकु कर्ण के परितः घुमाकर बनाया गया है, जिसका आधार BAA' है।
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक समकोण त्रिभुज ABC को दर्शाता है (जिसमें A पर समकोण है), जिसे इसके कर्ण BC के चारों ओर घुमाया गया है। इस घुमाव से एक द्विशंकु बनता है। भुजाएँ AB=3 सेमी और AC=4 सेमी हैं, तथा कर्ण BC=5 सेमी है। दोनों शंकुओं का उभयनिष्ठ आधार एक वृत्त के रूप में AD त्रिज्या के साथ दिखाया गया है, जो BC पर लंबवत है। अलग-अलग शंकुओं की ऊँचाईयाँ BD और DC हैं, और उनकी उभयनिष्ठ त्रिज्या AD है। यह दृश्य परिणामी द्विशंकु के आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना के लिए ज्यामितीय व्यवस्था को स्पष्ट करता है।
अब, \( \frac{AD}{CA} = \frac{AB}{CB} \) (समरूप त्रिभुज \( \triangle ADB \sim \triangle CAB \))
\( \implies \frac{AD}{4} = \frac{3}{5} \implies AD = \frac{3 \times 4}{5} = \frac{12}{5} \) सेमी.
तथा \( \frac{DB}{AB} = \frac{AB}{CB} \) (समरूप त्रिभुज \( \triangle ADB \sim \triangle CAB \))
\( \implies \frac{DB}{3} = \frac{3}{5} \implies DB = \frac{3 \times 3}{5} = \frac{9}{5} \) सेमी.
चूंकि CD = BC-DB \( \implies CD = 5 - \frac{9}{5} = \frac{25-9}{5} = \frac{16}{5} \) सेमी.
अब द्वि-शंकु का आयतन
\( = \frac{1}{3} \pi (AD)^2 (DB) + \frac{1}{3} \pi (AD)^2 (CD) \)
\( = \frac{1}{3} \pi \left( \frac{12}{5} \right)^2 \left( \frac{9}{5} \right) + \frac{1}{3} \pi \left( \frac{12}{5} \right)^2 \left( \frac{16}{5} \right) \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{1}{3} \pi \left( \frac{12}{5} \right)^2 \left[ \frac{9}{5} + \frac{16}{5} \right] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{1}{3} \pi \left( \frac{144}{25} \right) \left[ \frac{25}{5} \right] \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{1}{3} \pi \left( \frac{144}{25} \right) \times 5 \) सेमी.\(^3 = \frac{1}{3} \pi \times \frac{144}{5} \) सेमी.\(^3 = \frac{144 \pi}{15} = \frac{48 \pi}{5} \) सेमी.\(^3\)
द्विशंकु का पृष्ठीय क्षेत्रफल
\( = \pi (AD) (AB) + \pi (AD) (AC) \) (दोनों शंकुओं का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल)
\( = \pi \times \frac{12}{5} \times 3 + \pi \times \frac{12}{5} \times 4 \) सेमी.\(^2\)
\( = \pi \times \frac{12}{5} [3 + 4] \) सेमी.\(^2\)
\( = \pi \times \frac{12}{5} \times 7 \) सेमी.\(^2 = \frac{84 \pi}{5} \) सेमी.\(^2\)
\( = \frac{314}{100} \times \frac{12}{5} \times 7 \) सेमी.\(^2 = 52.75 \) सेमी.\(^2\)
In simple words: एक समकोण त्रिभुज को उसके कर्ण के परितः घुमाने से दो शंकु एक साथ जुड़ जाते हैं। हमने पहले उभयनिष्ठ त्रिज्या और दोनों शंकुओं की ऊँचाई ज्ञात की, फिर उनके आयतन और वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को जोड़कर कुल आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: पाइथागोरस प्रमेय और समरूप त्रिभुजों के गुणों का उपयोग करके आधार त्रिज्या और प्रत्येक शंकु की ऊँचाई ज्ञात करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. एक टंकी, जिसके आंतरिक मापन 150 cm x 120 cm x 110 cm हैं, में 129600 cm3 पानी में कुछ छिद्र वाली ईंटे तब तक डाली जाती हैं, जब तक कि ताकि पूरी ऊपर तक भर न जाए | प्रत्येक ईंट अपने आयतन का पानी सोख लेती है| यदि प्रत्येक ईंट की माप 22.5 cm x 7.5 cm x 6.5 cm हैं, तो टंकी में कुल कितनी ईंटे डाली जा सकती हैं, ताकि उसमें से पानी बाहर न बहे ?
Answer:हलः टंकी का आन्तरिक मापन 150 सेमी., 120 सेमी. और 110 सेमी.
टंकी का आन्तरिक आयतन \( = 150 \times 120 \times 110 \) सेमी.\(^3 = 1980000 \) सेमी.\(^3\)
परन्तु टंकी में पानी का आयतन = 129600 सेमी.\(^3\)
.. टंकी में खाली स्थान का आयतन = \( 1980000 - 129600 \) सेमी.\(^3 = 1850400 \) सेमी.\(^3\)
अब, एक ईंट का आयतन \( = 22.5 \times 7.5 \times 6.5 \) सेमी.\(^3\)
\( = \frac{225}{10} \times \frac{75}{10} \times \frac{65}{10} \) सेमी.\(^3 = 1096.875 \) सेमी.\(^3\)
.. पानी का आयतन जो एक ईंट सोखती है \( = \frac{1}{17} \times (1096.875 \) सेमी.\(^3) \)
माना टंकी में 'n' ईंटें डाली जा सकती हैं
.. n ईंटों द्वारा सोखे गये पानी का आयतन \( = \frac{n}{17} \times (1096.875) \) सेमी.\(^3\)
चूंकि [n-ईंटों का आयतन] = [(टंकी में खाली बची जगह) + (n-ईंटों द्वारा सोखे गए पानी का आयतन)]
\( \implies n \times (1096.875) = 1850400 + \frac{n}{17} \times (1096.875) \)
\( \implies n \times (1096.875) - \frac{n}{17} \times (1096.875) = 1850400 \)
\( \implies n \left( 1 - \frac{1}{17} \right) \times 1096.875 = 1850400 \)
\( \implies n \left( \frac{16}{17} \right) \times 1096.875 = 1850400 \)
\( \implies n = \frac{1850400 \times 17}{16 \times 1096.875} = 1792.4102 \approx 1792 \)
इस प्रकार, टंकी में, 1792 ईंटें डाली जा सकती हैं।
In simple words: हमने टंकी में खाली जगह का आयतन और एक ईंट का आयतन ज्ञात किया, साथ ही एक ईंट द्वारा सोखे गए पानी का आयतन भी। ईंटों की संख्या यह सुनिश्चित करने के लिए गणना की गई कि टंकी में बची हुई खाली जगह ईंटों के आयतन और उनके द्वारा सोखे गए पानी के आयतन के योग के बराबर हो।
🎯 Exam Tip: टंकी में खाली जगह और ईंटों द्वारा सोखे गए पानी के आयतन को सही ढंग से जोड़ना महत्वपूर्ण है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पानी बाहर न बहे।
Question 4. किसी महीने के 15 दिनों में, एक नदी की घाटी में 10 cm वर्षा हुई | यदि इस घाटी का क्षेत्रफल 97280 km2 है, तो दर्शाइए कि कुल वर्षा लगभग तीन नदियों के सामान्य पानी के योग के समतुल्य थी, जबकि प्रत्येक नदी 1072 km लंबी, 75 m चौड़ी और 3 m गहरी है |
Answer: हलः
तीन नदियों का आयतन = \( 3 \times [ (एक नदी का क्षेत्रफल) \times (नदी की गहराई) ] \)
= \( 3 \times [ (1072 \text{ किमी.}^2 \times \frac{75}{1000} \text{ किमी.}) \times \frac{3}{1000} \text{ किमी.} ] \)
= \( 3 \times [ \frac{1072 \times 75 \times 3}{1000 \times 1000} \text{ किमी.}^3 ] \)
= \( \frac{241200}{1000000} \text{ किमी.}^3 \)
= \( 0.7236 \text{ किमी.}^3 \)
15 दिनों में हुई वर्षा का आयतन
= \( (क्षेत्रफल) \times (वर्षा की ऊँचाई) \)
= \( 97280 \times \frac{10}{100 \times 1000} \text{ किमी.}^3 \)
[ \(\because\) \(10 \text{ सेमी.} = \frac{10}{100 \times 1000} \text{ किमी.} \) ]
= \( \frac{97280 \times 10}{100000} \text{ किमी.}^3 \)
= \( \frac{972800}{100000} \text{ किमी.}^3 \)
= \( 9.728 \text{ किमी.}^3 \)
चूंकि, \( 0.7236 \text{ किमी.}^3 \) और \( 0.728 \text{ किमी.}^3 \) में कुछ अंतर है, लेकिन दिए गए प्रश्न के सन्दर्भ में, यह लगभग समान है। अतः,
कुल वर्षा तीन नदियों के सामान्य पानी के योग के समतुल्य है।
In simple words: हमने तीन नदियों के कुल पानी का आयतन और घाटी में हुई वर्षा का आयतन अलग-अलग निकाला। दोनों आयतन लगभग समान आते हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि कुल वर्षा तीन नदियों के पानी के योग के बराबर थी।
🎯 Exam Tip: Calculations must be precise, especially unit conversions (cm to km, m to km). Ensure all volumes are calculated correctly and compared for the final conclusion.
Question 5. टीन की बनी हुई एक तेल की कुप्पी 10 cm लंबे एक बेलन में एक शंकु के छिन्नक को जोड़ने से बनी है। यदि इसकी कुल ऊँचाई 22 cm है, बेलनाकार भाग का व्यास 8 cm है और कुप्पी के ऊपरी सिरे का व्यास 18 cm है, तो इसके बनाने में लगी टीन की चादर का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए (देखिए आकृति 13.25) |
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक टीन की कुप्पी दर्शाता है जो एक बेलनाकार आधार और उसके ऊपर एक शंकु के छिन्नक से बनी है। कुप्पी की कुल ऊँचाई 22 सेमी है, बेलनाकार भाग की ऊँचाई 10 सेमी और व्यास 8 सेमी है, जबकि छिन्नक का ऊपरी व्यास 18 सेमी है। यह आकृति कुप्पी के विभिन्न आयामों को समझने में मदद करती है।
बेलन के लिएः
त्रिज्या \( (r) = \frac{8}{2} = 4 \text{ सेमी.} \)
ऊँचाई \( (h) = 10 \text{ सेमी.} \)
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2\pi rh = 2 \times \frac{22}{7} \times 4 \times 10 \text{ सेमी.}^2 \)
\( = \frac{22}{7} \times 80 \text{ सेमी.}^2 \)
छिन्नक के लिएः
\( r_1 = \frac{18}{2} \text{ सेमी.} = 9 \text{ सेमी.}, r_2 = \frac{8}{2} \text{ सेमी.} = 4 \text{ सेमी.} \)
ऊँचाई \( (H) = 22 - 10 = 12 \text{ सेमी.} \)
तिर्यक ऊँचाई \( (l) = \sqrt{H^2 + (r_1-r_2)^2} = \sqrt{12^2 + (9-4)^2} \)
\( = \sqrt{144 + 5^2} = \sqrt{144 + 25} = \sqrt{169} = 13 \text{ सेमी.} \)
वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल, \( \pi (r_1+r_2)l = \frac{22}{7} \times (4 + 9) \times 13 \text{ सेमी.}^2 \)
\( = \frac{22}{7} \times 13 \times 13 \text{ सेमी.}^2 = \frac{22 \times 169}{7} \text{ सेमी.}^2 \)
टीन की चादर का क्षेत्रफल = [ छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ] + [ बेलनाकार भाग का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल ]
\( = \frac{22}{7} \times 169 \text{ सेमी.}^2 + \frac{22}{7} \times 80 \text{ सेमी.}^2 \)
\( = \frac{22}{7} \times (169 + 80) \text{ सेमी.}^2 \)
\( = \frac{22 \times 249}{7} \text{ cm}^2 \)
\( = \frac{5478}{7} \text{ cm}^2 = 782 \frac{4}{7} \text{ सेमी.}^2 \)
In simple words: कुप्पी का कुल क्षेत्रफल निकालने के लिए, हमने बेलनाकार भाग के वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल और छिन्नक के वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल को जोड़ा। पहले बेलन और छिन्नक की ऊँचाई और त्रिज्याएँ ज्ञात कीं, फिर छिन्नक की तिर्यक ऊँचाई निकाली और अंत में दोनों के वक्र पृष्ठ क्षेत्रफल को जोड़कर कुल क्षेत्रफल प्राप्त किया।
🎯 Exam Tip: Clearly identify the geometric shapes involved (cylinder and frustum) and use the correct formulas for their respective surface areas. Pay attention to shared dimensions and calculation of slant height.
Question 6. शंकु के एक छिन्नक के लिए, पूर्व स्पष्ट किए संकेतों का प्रयोग करते हुए, वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल और संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल के उन सूत्रों को सिद्ध कीजिए, जो अनुच्छेद 13.5 में दिए गए हैं।
Answer: हलः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक बड़े शंकु OPQ को दर्शाता है जिससे एक छोटा शंकु ORS शीर्ष से काटकर हटा दिया गया है, जिससे एक शंकु का छिन्नक PQRS बनता है। इसमें बड़े शंकु की त्रिज्या \( r_1 \), ऊँचाई \( h_1 \) और तिर्यक ऊँचाई \( l_1 \) हैं, जबकि छोटे शंकु की त्रिज्या \( r_2 \), ऊँचाई \( h_2 \) और तिर्यक ऊँचाई \( l_2 \) हैं। छिन्नक की ऊँचाई h और तिर्यक ऊँचाई l हैं।
छिन्नक PQRS का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल
= [लम्बवृत्तीय शंकु OPQ का वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल] - [लम्बवृत्तीय शंकु ORS का वक्रपृष्ठीय क्षेत्रफल]
\( = \pi r_1 l_1 - \pi r_2 l_2 \) ...(1)
अब, \( \Delta OC_1 Q \sim \Delta OC_2 S \)
\( \frac{OQ}{OS} = \frac{QC_1}{SC_2} = \frac{OC_1}{OC_2} \)
\( \implies \frac{r_1}{r_2} = \frac{l_1}{l_2} = \frac{h_1}{h_2} \)
\( \implies \frac{l_1}{l_2} = \frac{r_1}{r_2} \)
\( \implies \frac{l + l_2}{l_2} = \frac{r_1}{r_2} \)
\( \implies \frac{l}{l_2} + 1 = \frac{r_1}{r_2} \)
\( \implies \frac{l}{l_2} = \frac{r_1}{r_2} - 1 = \frac{r_1 - r_2}{r_2} \)
\( \implies l_2 = \frac{r_2 l}{r_1 - r_2} \)
अब, (1) से,
छिन्नक का वक्र-पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = \pi r_1 (\frac{r_1 l}{r_1 - r_2}) - \pi r_2 (\frac{r_2 l}{r_1 - r_2}) \)
\( = \frac{\pi l}{r_1 - r_2} (r_1^2 - r_2^2) \)
\( = \frac{\pi l}{r_1 - r_2} (r_1 - r_2)(r_1 + r_2) \)
\( = \pi l (r_1 + r_2) \)
छिन्नक का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल
\( = (\text{वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल}) + (\text{आधार का क्षेत्रफल}) + (\text{ऊपरी सतह का क्षेत्रफल}) \)
\( = \pi l (r_1 + r_2) + \pi r_1^2 + \pi r_2^2 \)
\( = \pi [ l (r_1 + r_2) + r_1^2 + r_2^2 ] \)
In simple words: शंकु के छिन्नक का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल बड़े शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल से छोटे शंकु के वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल को घटाकर प्राप्त किया जाता है। समरूप त्रिभुजों का उपयोग करके \( l_1 \) और \( l_2 \) के मान निकाले जाते हैं। संपूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल के लिए, वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल में छिन्नक के दोनों वृत्ताकार आधारों के क्षेत्रफल को जोड़ दिया जाता है।
🎯 Exam Tip: For proofs, clearly state the assumptions (e.g., similar triangles) and show each step of the derivation logically. Ensure correct algebraic manipulation of variables.
Question 7. शंकु के एक छिन्नक के लिए, पूर्व स्पष्ट किए संकेतों का प्रयोग करते हुए, आयतन का वह सूत्र कीजिए, जो अनुच्छेद 13.5 में दिया गया है |
Answer: हलः हमें प्राप्त है किः
ℹ️ चित्र व्याख्या (Diagram Explanation): यह चित्र एक बड़े शंकु OPQ को दर्शाता है, जिसमें से एक छोटा शंकु ORS शीर्ष से काटकर हटा दिया गया है। इससे शेष भाग एक शंकु का छिन्नक PQRS है। बड़े शंकु की त्रिज्या \( r_1 \), ऊँचाई \( h_1 \) है, जबकि छोटे शंकु की त्रिज्या \( r_2 \), ऊँचाई \( h_2 \) है। छिन्नक की ऊँचाई h है।
[छिन्नक PQRS का आयतन] = [लम्बवृत्तीय शंकु OPQ का आयतन] - [लम्बवृत्तीय शंकु ORS का आयतन]
\( = \frac{1}{3} \pi r_1^2 h_1 - \frac{1}{3} \pi r_2^2 h_2 \) ...(1)
चूंकि \( \Delta OC_1 Q \sim \Delta OC_2 S \)
\( \implies \frac{OQ}{OS} = \frac{QC_1}{SC_2} = \frac{OC_1}{OC_2} \)
\( \implies \frac{r_1}{r_2} = \frac{h_1}{h_2} \)
\( \implies h_1 = \frac{r_1}{r_2} h_2 \)
और \( h = h_1 - h_2 \)
\( \implies h = \frac{r_1}{r_2} h_2 - h_2 \)
\( \implies h = h_2 ( \frac{r_1}{r_2} - 1 ) \)
\( \implies h = h_2 ( \frac{r_1 - r_2}{r_2} ) \)
\( \implies h_2 = \frac{h r_2}{r_1 - r_2} \) ...(2)
और \( h_1 = h + h_2 = h + \frac{h r_2}{r_1 - r_2} = h (\frac{r_1 - r_2 + r_2}{r_1 - r_2}) = \frac{h r_1}{r_1 - r_2} \) ...(3)
(1), (2) और (3) से हमें प्राप्त होता है किः
छिन्नक PQRS का आयतन \( = \frac{1}{3} \pi r_1^2 (\frac{h r_1}{r_1 - r_2}) - \frac{1}{3} \pi r_2^2 (\frac{h r_2}{r_1 - r_2}) \)
\( = \frac{1}{3} \pi h \frac{(r_1^3 - r_2^3)}{r_1 - r_2} \)
\( = \frac{1}{3} \pi h \frac{(r_1 - r_2)(r_1^2 + r_2^2 + r_1 r_2)}{r_1 - r_2} \)
\( = \frac{1}{3} \pi h (r_1^2 + r_2^2 + r_1 r_2) \)
In simple words: शंकु के छिन्नक का आयतन बड़े शंकु के आयतन से छोटे शंकु के आयतन को घटाकर प्राप्त किया जाता है। समरूप त्रिभुजों के गुणों का उपयोग करके, \( h_1 \) और \( h_2 \) को छिन्नक की ऊँचाई \( h \) और त्रिज्याओं के पदों में व्यक्त किया जाता है। इन मानों को आयतन के सूत्र में प्रतिस्थापित करके, छिन्नक के आयतन का सूत्र प्राप्त होता है।
🎯 Exam Tip: When proving the volume formula for a frustum, ensure to clearly define all variables and use the property of similar triangles to relate the heights and radii of the original and cut-off cones. Factorization of cubic terms is key here.
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