UP Board Solutions Class 10 Maths Chapter 13 Surface Area and Volumes Ex 132

Step-by-Step Textbook Solutions for Class 10 Maths Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन

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Question 1. एक कमरा बेलन के आकार का है। इस पर एक अर्द्धगोलाकार गुम्बद बना है। जिसमें 17.7 सेमी\(^3\) हवा है। भवन का आन्तरिक व्यास, गुम्बद की फर्श से ऊँचाई के बराबर है। ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
Answer:
24 सेमी h सेमी r सेमी बेलन गुम्बद
माना, बेलनाकार कमरे की त्रिज्या \( = r \) सेमी है। गुम्बद की फर्श से ऊँचाई \( = \) भवन का व्यास \( = 2r \) सेमी। बेलनाकार कमरे की ऊँचाई \( h = r \) सेमी है। तथा अर्द्धगोलाकार गुम्बद की त्रिज्या भी \( = r \) सेमी है। तब, प्रश्न के अनुसार, भवन में हवा का आयतन \( = 17.7 \) सेमी\(^3\) है। यह बेलन के आयतन और अर्द्धगोले के आयतन का योग होगा। \[ \pi r^2 h + \frac{2}{3} \pi r^3 = 17.7 \] यहां, \( h = r \) है। \[ \pi r^2 (r) + \frac{2}{3} \pi r^3 = 17.7 \] \[ \pi r^3 + \frac{2}{3} \pi r^3 = 17.7 \] \[ \frac{3\pi r^3 + 2\pi r^3}{3} = 17.7 \] \[ \frac{5\pi r^3}{3} = 17.7 \] \[ 5\pi r^3 = 17.7 \times 3 \] \[ 5 \times \frac{22}{7} \times r^3 = 17.7 \times 3 \] \[ \frac{110}{7} r^3 = 53.1 \] \[ r^3 = \frac{53.1 \times 7}{110} \] \[ r^3 = \frac{371.7}{110} \] \[ r^3 \approx 3.379 \text{ या } 3.375 \text{ लगभग} \] \[ r^3 = (1.5)^3 \]
\( \implies \) \( r = 1.5 \) सेमी अतः, गुम्बद की फर्श से ऊँचाई \( = 2r = 2 \times 1.5 = 3 \) सेमी। यह कमरे का व्यास है, जो कि गुम्बद की फर्श से ऊँचाई के बराबर है।In simple words: हमने कमरे की त्रिज्या 'r' मानी। चूंकि गुम्बद की ऊँचाई कमरे के व्यास के बराबर है, और बेलन की ऊँचाई त्रिज्या के बराबर है, हमने कुल आयतन का समीकरण बनाया। 'r' का मान निकालने के बाद, हमने कुल ऊँचाई (व्यास) 3 सेमी ज्ञात की।

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप बेलन और अर्द्धगोले के आयतन के सूत्रों को सही ढंग से लागू करें और सभी दिए गए संबंधों (जैसे h=r) को समीकरण में शामिल करें।

 

Question 2. 3.3 मीटर ऊँचाई का एक टैंट एक लम्ब वृत्तीय बेलन के रूप का है। इसका व्यास 12 मीटर तथा ऊँचाई 2.2 मीटर है। इस पर समान व्यास की एक लम्बवृत्तीय शंकु अध्यारोपित है। टैंट में लगे कैनवास का खर्च ज्ञात करें यदि कैनवास की दर Rs 500 प्रति वर्ग मीटर है।
Answer:
h\(_{2}\)= 1.1 मी० h\(_{1}\) = 2.2 मी० 12 मी० 3.3 मी०
बेलन तथा शंकु का व्यास \( = 12 \) मीटर है। बेलन तथा शंकु की त्रिज्या \( r = \frac{12}{2} = 6 \) मीटर है। बेलन की ऊँचाई \( h_1 = 2.2 \) मीटर है। शंकु की ऊँचाई \( h_2 = 3.3 - 2.2 = 1.1 \) मीटर है। शंकु की तिर्यक ऊँचाई \( l \) निकालने के लिए, हम सूत्र \( l = \sqrt{h^2 + r^2} \) का उपयोग करेंगे। \[ l = \sqrt{(1.1)^2 + (6)^2} \] \[ l = \sqrt{1.21 + 36} \] \[ l = \sqrt{37.21} \]
\( \implies \) \( l \approx 6.1 \) मीटर टैंट में लगे कैनवास का कुल क्षेत्रफल = बेलन का वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल \( + \) शंकु का वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल है। \[ \text{कैनवास का क्षेत्रफल} = 2\pi r h_1 + \pi r l \] \[ = \pi r (2h_1 + l) \] \[ = \frac{22}{7} \times 6 (2 \times 2.2 + 6.1) \] \[ = \frac{132}{7} (4.4 + 6.1) \] \[ = \frac{132}{7} \times 10.5 \] \[ = 132 \times 1.5 \] \[ = 198 \text{ वर्ग मीटर} \] कैनवास का खर्च की दर Rs 500 प्रति वर्ग मीटर है। कुल कैनवास का खर्च \( = 198 \times 500 = 99000 \) Rs है।In simple words: हमने टैंट को एक बेलन और एक शंकु के रूप में देखा। पहले शंकु की तिरछी ऊँचाई निकाली, फिर बेलन और शंकु के वक्रपृष्ठ क्षेत्रफलों को जोड़कर कुल कैनवास का क्षेत्रफल ज्ञात किया। अंत में, क्षेत्रफल को दर से गुणा करके कुल खर्च निकाला।

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप बेलन और शंकु दोनों के वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल को जोड़ना न भूलें, और तिर्यक ऊँचाई (l) की गणना ठीक से करें। कुल ऊँचाई और बेलन की ऊँचाई के अंतर से शंकु की ऊँचाई मिलती है।

 

Question 3. 77 डेमी ऊँचाई का एक टैंट लम्बवृत्तीय बेलन के आकार का है। जिसका व्यास 36 मीटर और ऊँचाई 44 डेमी है। इस पर एक लम्बवृत्तीय शंकु अध्यारोपित है। Rs 3.50 प्रति मीटर की दर से टैन्ट में प्रयुक्त कैनवास का खर्च ज्ञात कीजिए ।
Answer:
h= 3.3 मी० H= 4.4मी० 36 मी० 7.7 मी०
टैंट की कुल ऊँचाई \( = 77 \) डेमी \( = \frac{77}{10} = 7.7 \) मीटर है। (1 डेमी = 0.1 मीटर) बेलन तथा शंकु का व्यास \( = 36 \) मीटर है। बेलन तथा शंकु की त्रिज्या \( r = \frac{36}{2} = 18 \) मीटर है। बेलन की ऊँचाई \( H = 44 \) डेमी \( = \frac{44}{10} = 4.4 \) मीटर है। शंकु की ऊँचाई \( h = 7.7 - 4.4 = 3.3 \) मीटर है। शंकु की तिर्यक ऊँचाई \( l = \sqrt{h^2 + r^2} \) है। \[ l = \sqrt{(3.3)^2 + (18)^2} \] \[ l = \sqrt{10.89 + 324} \] \[ l = \sqrt{334.89} \]
\( \implies \) \( l \approx 18.3 \) मीटर टैंट में प्रयुक्त कैनवास का कुल क्षेत्रफल = बेलन का वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल \( + \) शंकु का वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल है। \[ \text{कैनवास का क्षेत्रफल} = 2\pi r H + \pi r l \] \[ = \pi r (2H + l) \] \[ = \frac{22}{7} \times 18 (2 \times 4.4 + 18.3) \] \[ = \frac{396}{7} (8.8 + 18.3) \] \[ = \frac{396}{7} \times 27.1 \] \[ \approx 1533.085 \text{ मीटर}^2 \] Rs 3.50 प्रति मीटर की दर से कैनवास का खर्च है। कुल खर्च \( = 1533.085 \times 3.50 \) \[ = 5365.7975 \]
\( \implies \) \( \approx \text{Rs } 5365.80 \)In simple words: सबसे पहले, हमने सभी मापों को डेसीमीटर से मीटर में बदला। फिर, शंकु की ऊँचाई और तिर्यक ऊँचाई निकाली। इसके बाद, हमने बेलन और शंकु के वक्रपृष्ठ क्षेत्रफलों को जोड़कर कुल कैनवास का क्षेत्रफल ज्ञात किया। अंत में, इस क्षेत्रफल को प्रति मीटर दर से गुणा करके कुल लागत ज्ञात की।

🎯 Exam Tip: डेसीमीटर को मीटर में बदलना एक महत्वपूर्ण पहला कदम है। दशमलव गणनाओं में सटीकता बनाए रखें, खासकर वर्गमूल और गुणा में, ताकि अंतिम परिणाम सही हो।

 

Question 4. एक भवन का आन्तरिक भाग एक बेलन के आकार का है। जिसका व्यास 4.3 मीटर और ऊँचाई 3.8 मीटर है। इस पर एक शंकु अध्यारोपित है। जिसका शीर्षकोण एक समकोण है। भवन का पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन ज्ञात कीजिए।
Answer:
A B C D E O 90° h मी H= 3.8मी० 4.3मी० 2.15 2.15
बेलन तथा शंकु का व्यास \( = 4.3 \) मीटर है। बेलन तथा शंकु की त्रिज्या \( r = \frac{4.3}{2} = 2.15 \) मीटर है। बेलन की ऊँचाई \( H = 3.8 \) मीटर है। माना शंकु की ऊँचाई \( h \) मीटर है। त्रिकोण \( \triangle ABO \) में, जहाँ शीर्षकोण समकोण है, तो \( \angle OAB = 45^\circ \) होगा। \[ \tan 45^\circ = \frac{BO}{AO} \] \[ \tan 45^\circ = \frac{2.15}{h} \] \[ 1 = \frac{2.15}{h} \]
\( \implies \) \( h = 2.15 \) मीटर शंकु की तिर्यक ऊँचाई \( l = \sqrt{h^2 + r^2} \) है। \[ l = \sqrt{(2.15)^2 + (2.15)^2} \] \[ l = \sqrt{4.6225 + 4.6225} \] \[ l = \sqrt{9.245} \]
\( \implies \) \( l \approx 3.04 \) मीटर भवन का पृष्ठीय क्षेत्रफल = बेलन का वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल \( + \) शंकु का वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल है। \[ = 2\pi r H + \pi r l \] \[ = \pi r (2H + l) \] \[ = 3.14 \times 2.15 (2 \times 3.8 + 3.04) \] \[ = 6.751 (7.6 + 3.04) \] \[ = 6.751 \times 10.64 \] \[ \approx 71.83 \text{ मीटर}^2 \] भवन का आयतन = बेलन का आयतन \( + \) शंकु का आयतन है। \[ = \pi r^2 H + \frac{1}{3} \pi r^2 h \] \[ = \pi r^2 \left( H + \frac{1}{3} h \right) \] \[ = 3.14 \times (2.15)^2 \left( 3.8 + \frac{1}{3} (2.15) \right) \] \[ = 3.14 \times 4.6225 \left( 3.8 + \frac{2.15}{3} \right) \] \[ = 14.51465 \left( \frac{11.4 + 2.15}{3} \right) \] \[ = 14.51465 \times \frac{13.55}{3} \] \[ \approx 65.55 \text{ मीटर}^3 \] अतः, भवन का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 71.83 \) मी\(^2\) तथा आयतन \( = 65.55 \) मी\(^3\) है।In simple words: हमने पहले शंकु की ऊँचाई 'h' ज्ञात की क्योंकि शीर्षकोण समकोण था। फिर, हमने शंकु की तिरछी ऊँचाई 'l' निकाली। कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल के लिए, बेलन और शंकु के वक्रपृष्ठ क्षेत्रफल को जोड़ा। कुल आयतन के लिए, बेलन और शंकु के आयतन को जोड़ा।

🎯 Exam Tip: जब शंकु का शीर्षकोण समकोण हो, तो यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उसकी ऊँचाई त्रिज्या के बराबर होती है। गणनाओं में \(\pi\) के मान और दशमलव बिंदुओं की सटीकता पर विशेष ध्यान दें।

 

Question 5. 9 सेमी भुजा के घन को काटकर बने सबसे बड़े लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन ज्ञात कीजिए।
Answer: घन की भुजा \( = 9 \) सेमी है। सबसे बड़े शंकु के लिए, शंकु का व्यास \( = \) घन की भुजा \( = 9 \) सेमी होगा। शंकु की ऊँचाई \( h = \) घन की भुजा \( = 9 \) सेमी होगी। शंकु की त्रिज्या \( r = \frac{9}{2} = 4.5 \) सेमी है। शंकु का आयतन का सूत्र \( = \frac{1}{3} \pi r^2 h \) है। \[ = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times (4.5)^2 \times 9 \] \[ = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 20.25 \times 9 \] \[ = \frac{22}{7} \times 20.25 \times 3 \] \[ = \frac{1336.5}{7} \] \[ \approx 190.93 \text{ सेमी}^3 \]In simple words: हमने एक घन के अंदर सबसे बड़ा शंकु बनाया। शंकु का व्यास और ऊँचाई दोनों घन की भुजा के बराबर होंगे। हमने इन मापों का उपयोग करके शंकु के आयतन का सूत्र लगाया और उसका मान ज्ञात किया।

🎯 Exam Tip: जब एक घन से सबसे बड़ा शंकु बनाया जाता है, तो शंकु का व्यास और उसकी ऊँचाई दोनों ही घन की भुजा के बराबर होते हैं। यह संबंध याद रखने से समस्या को हल करना आसान हो जाता है।

 

Question 6. 21 सेमी भुजा वाले ठोस घन से एक सबसे बडा शंकु बनाया गया है। शेष बचे ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए।
Answer: घन की भुजा \( a = 21 \) सेमी है। सबसे बड़े शंकु के लिए, शंकु का व्यास \( = \) घन की भुजा \( = 21 \) सेमी होगा। शंकु की ऊँचाई \( h = \) घन की भुजा \( = 21 \) सेमी होगी। शंकु की त्रिज्या \( r = \frac{21}{2} = 10.5 \) सेमी है। घन का आयतन \( = a^3 = (21)^3 = 9261 \) सेमी\(^3\) है। शंकु का आयतन \( = \frac{1}{3} \pi r^2 h \) है। \[ = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times (10.5)^2 \times 21 \] \[ = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 110.25 \times 21 \] \[ = 22 \times 110.25 \] \[ = 2425.5 \text{ सेमी}^3 \] शेष बचे ठोस का आयतन \( = \) घन का आयतन \( - \) शंकु का आयतन है। \[ = 9261 - 2425.5 \] \[ = 6835.5 \text{ सेमी}^3 \]In simple words: हमने पहले पूरे घन का आयतन निकाला। फिर, हमने घन के अंदर बनने वाले सबसे बड़े शंकु का आयतन ज्ञात किया, जिसमें शंकु का व्यास और ऊँचाई घन की भुजा के बराबर थी। शेष बचे ठोस का आयतन जानने के लिए, हमने घन के आयतन में से शंकु का आयतन घटा दिया।

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप घन की भुजा को शंकु के व्यास और ऊँचाई के बराबर लें जब 'सबसे बड़ा' शंकु बनाया जाए। गणना को सरल बनाने के लिए \(\pi\) के मान को 22/7 उपयोग करना बेहतर हो सकता है।

 

Question 7. 7 मी भुजा वाले ठोस लकड़ी के घन से महत्तम सम्भव गोला बनाया गया है। शेष बची लकडी का आयतन ज्ञात कीजिए।
Answer: घन की भुजा \( a = 7 \) सेमी है। घन का आयतन \( = (a)^3 = (7)^3 = 343 \) सेमी\(^3\) है। घन में से सबसे बड़ा गोला बनाया जाता है। इसलिए, गोले का व्यास \( = \) घन की भुजा \( = 7 \) सेमी होगा। गोले की त्रिज्या \( r = \frac{7}{2} = 3.5 \) सेमी है। गोले का आयतन \( = \frac{4}{3} \pi r^3 \) है। \[ = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times (3.5)^3 \] \[ = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times 3.5 \times 3.5 \times 3.5 \] \[ = \frac{4}{3} \times 22 \times 0.5 \times 3.5 \times 3.5 \] \[ = \frac{4 \times 22 \times 0.5 \times 12.25}{3} \] \[ = \frac{539}{3} \] \[ \approx 179.67 \text{ सेमी}^3 \] शेष बची लकड़ी का आयतन \( = \) घन का आयतन \( - \) गोले का आयतन है। \[ = 343 - 179.67 \] \[ = 163.33 \text{ सेमी}^3 \]In simple words: हमने पहले घन का कुल आयतन निकाला। फिर, घन के अंदर बनने वाले सबसे बड़े गोले का आयतन ज्ञात किया, जहाँ गोले का व्यास घन की भुजा के बराबर होता है। अंत में, हमने घन के आयतन में से गोले का आयतन घटाकर बची हुई लकड़ी का आयतन पता किया।

🎯 Exam Tip: एक घन से बनाए गए सबसे बड़े गोले का व्यास हमेशा घन की भुजा के बराबर होता है। इस संबंध को याद रखना गणनाओं को आसान बनाता है।

 

Question 8. एक लौह-स्तम्भ जिसके बेलनाकार भाग की ऊँचाई 110 सेमी और आधार का व्यास 12 सेमी है जिसके ऊपर एक 9 सेमी ऊँचा एक शंकु अध्यारोपित है। यदि 1 सेमी\(^3\) लौह का द्रव्यमान 8 ग्राम है, तो लौह स्तम्भ का द्रव्यमान ज्ञात कीजिए ।
Answer: आधार का व्यास \( = 12 \) सेमी है। इसलिए, त्रिज्या \( r = \frac{12}{2} = 6 \) सेमी है। बेलन की ऊँचाई \( h_1 = 110 \) सेमी है। शंकु की ऊँचाई \( h_2 = 9 \) सेमी है। लौह-स्तम्भ का कुल आयतन = बेलन का आयतन \( + \) शंकु का आयतन है। \[ = \pi r^2 h_1 + \frac{1}{3} \pi r^2 h_2 \] \[ = \pi r^2 \left( h_1 + \frac{1}{3} h_2 \right) \] \[ = \frac{22}{7} \times (6)^2 \left( 110 + \frac{1}{3} \times 9 \right) \] \[ = \frac{22}{7} \times 36 (110 + 3) \] \[ = \frac{22}{7} \times 36 \times 113 \] \[ = \frac{89496}{7} \] \[ \approx 12785.143 \text{ सेमी}^3 \] 1 सेमी\(^3\) लौह का द्रव्यमान \( = 8 \) ग्राम है। स्तम्भ का कुल द्रव्यमान \( = 12785.143 \times 8 \) ग्राम है। \[ = 102281.144 \text{ ग्राम} \] किलोग्राम में बदलने के लिए, इसे 1000 से विभाजित करें। \[ = \frac{102281.144}{1000} \] \[ \approx 102.281 \text{ किग्रा} \]In simple words: हमने बेलनाकार भाग और शंकु के आकार के लौह-स्तम्भ का आयतन ज्ञात किया। इसके लिए, बेलन और शंकु के आयतनों को जोड़ दिया। फिर, कुल आयतन को प्रति घन सेंटीमीटर द्रव्यमान से गुणा करके कुल द्रव्यमान को ग्राम में प्राप्त किया, जिसे बाद में किलोग्राम में बदल दिया गया।

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप बेलन और शंकु के आयतन के सूत्रों को सही ढंग से लागू करें और द्रव्यमान गणना में इकाइयों का ध्यान रखें (ग्राम से किलोग्राम में रूपांतरण)।

 

Question 9. कागज के बने एक शंकु की ऊँचाई 3 h तथा ऊर्ध्वाधर कोण 2a है। इसके अन्दर 2h व h ऊँचाई तथा क्रमशः ऊर्ध्वाधर कोण 4a व 6a के दो शंकु रखे हैं। शंकुओं के आयतन का अनुपात ज्ञात कीजिए ।
Answer:
A B C O 3h P 2h Q h
माना, सबसे बड़े शंकु ABC की त्रिज्या \( BO = r \) है। इसकी ऊँचाई \( AO = 3h \) और ऊर्ध्वाधर कोण \( 2\alpha \) है। त्रिकोण \( \triangle ABO \) में, \[ \tan \alpha = \frac{BO}{AO} = \frac{r}{3h} \]
\( \implies \) \( r = 3h \tan \alpha \) शंकु ABC का आयतन \( V_1 = \frac{1}{3} \pi r^2 (3h) \) है। \[ V_1 = \frac{1}{3} \pi (3h \tan \alpha)^2 (3h) \] \[ V_1 = \frac{1}{3} \pi (9h^2 \tan^2 \alpha) (3h) \] \[ V_1 = 9\pi h^3 \tan^2 \alpha \text{ घन इकाई} \] अब, शंकु PBC की ऊँचाई \( PO = 2h \) और ऊर्ध्वाधर कोण \( 4\alpha \) है। माना इसकी त्रिज्या \( r_p = BP \) है। त्रिकोण \( \triangle PBO \) में, \[ \tan (2\alpha) = \frac{BP}{PO} = \frac{r_p}{2h} \]
\( \implies \) \( r_p = 2h \tan (2\alpha) \) शंकु PBC का आयतन \( V_2 = \frac{1}{3} \pi r_p^2 (2h) \) है। \[ V_2 = \frac{1}{3} \pi (2h \tan (2\alpha))^2 (2h) \] \[ V_2 = \frac{1}{3} \pi (4h^2 \tan^2 (2\alpha)) (2h) \] \[ V_2 = \frac{8}{3} \pi h^3 \tan^2 (2\alpha) \text{ घन इकाई} \] अंत में, शंकु QBC की ऊँचाई \( QO = h \) और ऊर्ध्वाधर कोण \( 6\alpha \) है। माना इसकी त्रिज्या \( r_q = BQ \) है। त्रिकोण \( \triangle QBO \) में, \[ \tan (3\alpha) = \frac{BQ}{QO} = \frac{r_q}{h} \]
\( \implies \) \( r_q = h \tan (3\alpha) \) शंकु QBC का आयतन \( V_3 = \frac{1}{3} \pi r_q^2 (h) \) है। \[ V_3 = \frac{1}{3} \pi (h \tan (3\alpha))^2 (h) \] \[ V_3 = \frac{1}{3} \pi (h^2 \tan^2 (3\alpha)) (h) \] \[ V_3 = \frac{1}{3} \pi h^3 \tan^2 (3\alpha) \text{ घन इकाई} \] अब, तीनों शंकुओं के आयतनों का अनुपात \( V_1 : V_2 : V_3 \) है। \[ 9\pi h^3 \tan^2 \alpha : \frac{8}{3} \pi h^3 \tan^2 (2\alpha) : \frac{1}{3} \pi h^3 \tan^2 (3\alpha) \] प्रत्येक पद को \( \pi h^3 \) से भाग देने पर, \[ 9 \tan^2 \alpha : \frac{8}{3} \tan^2 (2\alpha) : \frac{1}{3} \tan^2 (3\alpha) \] प्रत्येक पद को 3 से गुणा करने पर, \[ 27 \tan^2 \alpha : 8 \tan^2 (2\alpha) : \tan^2 (3\alpha) \]In simple words: हमने तीन शंकुओं के आयतन का अनुपात ज्ञात किया। हर शंकु की त्रिज्या उसके कोण और ऊँचाई के 'tan' मान का उपयोग करके निकाली। फिर, आयतन के सूत्र में मान रखकर, हमने तीनों आयतनों का अनुपात सरल किया।

🎯 Exam Tip: यह एक जटिल प्रश्न है जो त्रिकोणमिति और आयतन के सूत्रों को जोड़ता है। सुनिश्चित करें कि आप प्रत्येक शंकु के लिए सही ऊँचाई और कोण का उपयोग करें। अनुपात को सरल बनाने के लिए सामान्य पदों को रद्द करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 10. शंकु के आधार का एक ठोस, अर्द्ध गोले पर अध्यारोपित है। इनमें प्रत्येक की त्रिज्या 3.5 सेमी तथा ठोस की कुल ऊँचाई 9.5 सेमी है। ठोस का आयतन ज्ञात कीजिए।
Answer:
h= 6 सेमी 3.5 सेमी 3.5 सेमी 9.5 सेमी
अर्द्धगोले तथा शंकु की त्रिज्या \( r = 3.5 \) सेमी है। ठोस की कुल ऊँचाई \( = 9.5 \) सेमी है। अर्द्धगोले की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर होती है, इसलिए अर्द्धगोले की ऊँचाई \( = 3.5 \) सेमी है। शंकु की ऊँचाई \( h = \) कुल ऊँचाई \( - \) अर्द्धगोले की ऊँचाई है। \[ h = 9.5 - 3.5 = 6 \text{ सेमी} \] ठोस का आयतन = अर्द्धगोले का आयतन \( + \) शंकु का आयतन है। \[ = \frac{2}{3} \pi r^3 + \frac{1}{3} \pi r^2 h \] \[ = \frac{1}{3} \pi r^2 (2r + h) \] \[ = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times (3.5)^2 (2 \times 3.5 + 6) \] \[ = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 12.25 (7 + 6) \] \[ = \frac{1}{3} \times \frac{22}{7} \times 12.25 \times 13 \] \[ = \frac{22 \times 1.75 \times 13}{3} \] \[ = \frac{500.5}{3} \] \[ \approx 166.83 \text{ सेमी}^3 \]In simple words: सबसे पहले, हमने कुल ऊँचाई से अर्द्धगोले की त्रिज्या घटाकर शंकु की ऊँचाई ज्ञात की। फिर, हमने शंकु और अर्द्धगोले के आयतन के सूत्रों का उपयोग करके उनके व्यक्तिगत आयतन निकाले। अंत में, हमने इन दोनों आयतनों को जोड़कर पूरे ठोस का कुल आयतन प्राप्त किया।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि अर्द्धगोले की ऊँचाई उसकी त्रिज्या के बराबर होती है। शंकु की ऊँचाई ज्ञात करने के लिए कुल ऊँचाई से अर्द्धगोले की त्रिज्या घटाना महत्वपूर्ण है।

 

Question 11. लकड़ी के एक ठोस बेलन के प्रत्येक सिरे पर एक अर्द्धगोला खोदकर निकालते हुए एक खिलौना बनाया गया है। यदि बेलन की ऊँचाई 10 सेमी तथा आधार की त्रिज्या 3.5 सेमी है तो खिलौने में लगी लकड़ी का आयतन ज्ञात कीजिए।
Answer: आधार की त्रिज्या \( r = 3.5 \) सेमी है। बेलन की ऊँचाई \( h = 10 \) सेमी है। खिलौने में लगी लकड़ी का आयतन = बेलन का आयतन \( - \) दोनों अर्द्धगोलों का आयतन है। \[ = \pi r^2 h - 2 \times \frac{2}{3} \pi r^3 \] \[ = \pi r^2 h - \frac{4}{3} \pi r^3 \] \[ = \pi r^2 \left( h - \frac{4}{3} r \right) \] \[ = \frac{22}{7} \times (3.5)^2 \left( 10 - \frac{4}{3} \times 3.5 \right) \] \[ = \frac{22}{7} \times 12.25 \left( 10 - \frac{14}{3} \right) \] \[ = 22 \times 1.75 \left( \frac{30 - 14}{3} \right) \] \[ = 38.5 \times \frac{16}{3} \] \[ = \frac{616}{3} \] \[ \approx 205.33 \text{ सेमी}^3 \]In simple words: हमने बेलन के आयतन में से दोनों अर्द्धगोलों के आयतन को घटाया, क्योंकि उन्हें बेलन से खोदकर निकाला गया था। बेलन की ऊँचाई और त्रिज्या का उपयोग करके हमने सूत्र में मान रखा और लकड़ी का शेष आयतन प्राप्त किया।

🎯 Exam Tip: जब कोई भाग खोदकर निकाला जाता है, तो कुल आयतन निकालने के लिए उस भाग का आयतन घटाया जाता है। इस मामले में, दो अर्द्धगोलों को घटाने पर ध्यान दें।

Maths Class 10 Curriculum Solutions: Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन

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Detailed Answer Guides for Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन

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Complete Preparation Kit for Class 10 Exams

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FAQs

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Are the Maths UP Board solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

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Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 10 Maths Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन Exercise 132 will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 10 Maths Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन Exercise 132 in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Maths. You can access UP Board Solutions Class 10 Maths Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन Exercise 132 in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Maths UP Board solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 10 Maths Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन Exercise 132 in printable PDF format for offline study on any device.