Official UP Board Solutions for Class 10 Maths: Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन
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Chapter-wise Solutions for Maths: Chapter 13 सतही क्षेत्रफल और आयतन
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Question 1. तीन घनों, जिनकी भुजाएँ क्रमशः 3 सेमी, 4 सेमी, 5 सेमी हैं, से एक घन बनायें तथा नये घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल भी ज्ञात करें।
Answer: माना, नए घन की भुजा \( a \) सेमी है। दिए गए तीन घनों की भुजाएँ \( a_1 = 3 \) सेमी, \( a_2 = 4 \) सेमी, और \( a_3 = 5 \) सेमी हैं। जब तीन घनों को पिघलाकर एक नया घन बनाया जाता है, तो नए घन का आयतन तीनों छोटे घनों के आयतनों के योग के बराबर होता है।
नए घन का आयतन \( = a_1^3 + a_2^3 + a_3^3 \)
\( a^3 = (3)^3 + (4)^3 + (5)^3 \)
\( a^3 = 27 + 64 + 125 \)
\( a^3 = 216 \)
\( a^3 = (6)^3 \)
\( a = 6 \) सेमी
नए घन का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 6a^2 \)
\( = 6 \times (6)^2 \)
\( = 6 \times 36 \)
\( = 216 \) सेमी\(^2\)
In simple words: जब तीन छोटे क्यूब्स को पिघलाकर एक बड़ा क्यूब बनाया जाता है, तो बड़े क्यूब का आयतन तीनों छोटे क्यूब्स के आयतनों का जोड़ होता है। पहले बड़े क्यूब की भुजा निकालें, फिर उसका कुल बाहरी क्षेत्रफल ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि जब ठोसों को पिघलाकर नया ठोस बनाया जाता है, तो आयतन समान रहता है, लेकिन पृष्ठीय क्षेत्रफल बदल सकता है।
Question 2. 53 सेमी × 40 सेमी × 15 सेमी आकार का एक ठोस घनाभ पिघलाया जाता है तथा उससे बेलनाकार पाईप बनाये जाते हैं जिनका बाह्य एवं आन्तरिक व्यास क्रमशः 8 सेमी तथा 7 सेमी हैं। पाईप की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer: ठोस घनाभ की मापें हैं: लंबाई \( l = 53 \) सेमी, चौड़ाई \( b = 40 \) सेमी, और ऊँचाई \( h = 15 \) सेमी।
बेलनाकार पाईप का बाह्य व्यास \( = 8 \) सेमी, इसलिए बाह्य त्रिज्या \( R = \frac{8}{2} = 4 \) सेमी।
बेलनाकार पाईप का आन्तरिक व्यास \( = 7 \) सेमी, इसलिए आन्तरिक त्रिज्या \( r = \frac{7}{2} = 3.5 \) सेमी।
मान लीजिए, पाईप की लम्बाई \( L \) सेमी है। धातु को एक आकार से दूसरे आकार में बदलने पर आयतन समान रहता है।
अतः, बेलनाकार पाईप का आयतन \( = \) ठोस घनाभ का आयतन
\( \pi (R^2 - r^2) L = l \times b \times h \)
\( \frac{22}{7} ((4)^2 - (3.5)^2) L = 53 \times 40 \times 15 \)
\( \frac{22}{7} (16 - 12.25) L = 31800 \)
\( \frac{22}{7} (3.75) L = 31800 \)
\( 3.75 L = \frac{31800 \times 7}{22} \)
\( 3.75 L = \frac{222600}{22} \)
\( 3.75 L = 10118.18 \)
\( L = \frac{10118.18}{3.75} \)
\( L \approx 2698.1 \) सेमी
In simple words: ठोस घनाभ के आयतन को निकालें। फिर बेलनाकार पाईप की बाहरी और भीतरी त्रिज्या का उपयोग करके उसके आयतन का सूत्र लिखें। चूंकि घनाभ को पिघलाकर पाईप बनाया गया है, दोनों के आयतन बराबर होंगे। इस समीकरण से पाईप की लंबाई ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: खोखले बेलन (पाईप) के आयतन का सूत्र \( \pi (R^2 - r^2) h \) का सही उपयोग करें, जहाँ \( R \) बाह्य त्रिज्या और \( r \) आन्तरिक त्रिज्या है।
Question 3. 5.5 सेमी × 10 सेमी × 14 सेमी के एक घनाभ को पिघलाकर 1.75 सेमी व्यास तथा 2 मिमी मोटाई के कितने सिक्के बनाये जाते हैं?
Answer: घनाभ का आयतन \( = 5.5 \times 10 \times 14 = 770 \) सेमी\(^3\)।
सिक्के का व्यास \( = 1.75 \) सेमी, इसलिए सिक्के की त्रिज्या \( r = \frac{1.75}{2} \) सेमी।
सिक्के की मोटाई \( h = 2 \) मिमी \( = \frac{2}{10} = 0.2 \) सेमी (सभी इकाइयों को सेमी में बदलें)।
एक सिक्के का आयतन (जो एक बेलन के आकार का होता है) \( = \pi r^2 h \)
\( = \frac{22}{7} \times (\frac{1.75}{2})^2 \times 0.2 \)
\( = \frac{22}{7} \times \frac{1.75 \times 1.75}{4} \times 0.2 \)
\( = \frac{22 \times 3.0625 \times 0.2}{28} \)
\( = \frac{13.475}{28} \approx 0.48125 \) सेमी\(^3\)।
बनाए जा सकने वाले सिक्कों की संख्या \( = \frac{\text{घनाभ का आयतन}}{\text{एक सिक्के का आयतन}} \)
\( = \frac{770}{0.48125} \approx 1600 \)
In simple words: पहले धातु के घनाभ का कुल आयतन ज्ञात करें। फिर एक सिक्के का आयतन (इसे एक छोटा बेलन मानें) ज्ञात करें। सभी मापें एक ही इकाई (सेमी) में होनी चाहिए। घनाभ के कुल आयतन को एक सिक्के के आयतन से भाग देकर पता करें कि कितने सिक्के बनाए जा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: यूनिट कन्वर्जन (जैसे मिमी को सेमी में बदलना) का ध्यान रखें और दशमलव गणना में सटीकता बनाए रखें।
Question 4. 11 डेकामी x 1 मी × 5 डेकामी आकार की एक धातु की शीट से 5 सेमी व्यास की कितनी गोलियाँ बनायी जा सकती हैं?
Answer: धातु की शीट की मापें: 11 डेकामी, 1 मीटर, 5 डेकामी। इन्हें सेमी में बदलें:
11 डेकामी \( = 11 \times 10 = 110 \) सेमी (यहाँ, डेकामी को 10 सेमी के बराबर माना गया है, जैसा कि स्रोत गणना में दर्शाया गया है)
1 मीटर \( = 1 \times 100 = 100 \) सेमी
5 डेकामी \( = 5 \times 10 = 50 \) सेमी
धातु का आयतन (घनाभ) \( = 110 \times 100 \times 50 = 550000 \) सेमी\(^3\)।
गोली का व्यास \( = 5 \) सेमी, इसलिए गोली की त्रिज्या \( r = \frac{5}{2} = 2.5 \) सेमी।
एक गोली का आयतन (गोला) \( = \frac{4}{3} \pi r^3 \)
\( = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times (\frac{5}{2})^3 \)
\( = \frac{4}{3} \times \frac{22}{7} \times \frac{125}{8} \)
\( = \frac{11 \times 125}{21} = \frac{1375}{21} \) सेमी\(^3\)।
बनाई जा सकने वाली गोलियों की संख्या \( = \frac{\text{धातु का आयतन}}{\text{एक गोली का आयतन}} \)
\( = \frac{550000}{\frac{1375}{21}} \)
\( = \frac{550000 \times 21}{1375} \)
\( = 400 \times 21 = 8400 \)
In simple words: धातु की शीट के आयतन को सेमी में ज्ञात करें। फिर एक गोली का आयतन भी सेमी में ज्ञात करें। कुल धातु के आयतन को एक गोली के आयतन से भाग दें ताकि पता चल सके कि कितनी गोलियाँ बनेंगी।
🎯 Exam Tip: यूनिट कन्वर्जन में सावधानी बरतें और सभी आयामों को एक ही इकाई (जैसे सेमी) में बदल लें।
Question 5. दो घनों जिनमें प्रत्येक की भुजा 10 सेमी है, के संलग्न फलकों को मिलाकर एक घनाभ बनाया जाता है। इससे प्राप्त घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
दो घनों को जोड़ने पर, नया घनाभ बनता है। प्रत्येक घन की भुजा 10 सेमी है।
जब दो घनों को एक साथ जोड़ा जाता है, तो घनाभ की लंबाई बढ़ जाती है, जबकि चौड़ाई और ऊँचाई समान रहती हैं।
घनाभ की लम्बाई \( l = 10 + 10 = 20 \) सेमी
घनाभ की चौड़ाई \( b = 10 \) सेमी
घनाभ की ऊँचाई \( h = 10 \) सेमी
घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2(lb + bh + hl) \)
\( = 2(20 \times 10 + 10 \times 10 + 10 \times 20) \)
\( = 2(200 + 100 + 200) \)
\( = 2(500) \)
\( = 1000 \) सेमी\(^2\)
In simple words: जब दो 10 सेमी भुजा वाले क्यूब्स को एक साथ जोड़ा जाता है, तो यह एक घनाभ बन जाता है। घनाभ की लंबाई 20 सेमी हो जाती है, लेकिन चौड़ाई और ऊँचाई 10 सेमी ही रहती है। इस घनाभ का कुल बाहरी क्षेत्रफल ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि ठोसों को जोड़ने पर कौन से आयाम बदलते हैं और कौन से नहीं। लंबाई सीधी तरह से जुड़ जाती है, जबकि चौड़ाई और ऊँचाई अपरिवर्तित रहती हैं।
Question 6. 2.2 डेकामी घन धातु से 0.25 सेमी व्यास का एक तार खींचा जाता है। तार की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer: धातु का आयतन (जो एक घन है) = 2.2 डेकामी घन। स्रोत गणना के अनुसार, इसे सेमी\(^3\) में परिवर्तित किया गया है:
धातु का आयतन \( = 2.2 \times 10 \times 10 \times 10 = 2200 \) घन सेमी।
तार का व्यास \( = 0.25 \) सेमी, इसलिए तार की त्रिज्या \( r = \frac{0.25}{2} \) सेमी।
मान लीजिए, तार की लम्बाई \( h \) सेमी है।
जब धातु को पिघलाकर तार बनाया जाता है, तो आयतन समान रहता है।
तार का आयतन (बेलन) \( = \) धातु का आयतन (घन)
\( \pi r^2 h = 2200 \)
\( \frac{22}{7} \times (\frac{0.25}{2})^2 \times h = 2200 \)
\( \frac{22}{7} \times \frac{0.0625}{4} \times h = 2200 \)
\( h = \frac{2200 \times 7 \times 4}{22 \times 0.0625} \)
\( h = \frac{2200 \times 28}{1.375} \)
\( h = \frac{61600}{1.375} \)
\( h = 44800 \) सेमी
इसे मीटर में बदलें: \( h = \frac{44800}{100} = 448 \) मीटर
In simple words: धातु के घन का कुल आयतन ज्ञात करें। तार का व्यास दिया गया है, इसलिए उसकी त्रिज्या निकालें। चूंकि धातु को पिघलाकर तार बनाया गया है, घन का आयतन तार (बेलन) के आयतन के बराबर होगा। इस सूत्र से तार की लंबाई ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: घन के आयतन और बेलन के आयतन के सूत्रों को सही ढंग से लागू करें। उत्तर को सही इकाइयों (जैसे मीटर) में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
Question 7. तीन घनों, जिनमें प्रत्येक की भुजा 5 सेमी है, के संलग्न फलकों को मिलाकर एक घनाभ बनाया जाता है। इससे प्राप्त धनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
Answer:
तीन घनों को एक साथ जोड़ने पर, नया घनाभ बनता है। प्रत्येक घन की भुजा 5 सेमी है।
जब तीन घनों को एक पंक्ति में जोड़ा जाता है, तो घनाभ की लंबाई बढ़ जाती है, जबकि चौड़ाई और ऊँचाई समान रहती हैं।
घनाभ की लम्बाई \( l = 5 + 5 + 5 = 15 \) सेमी
घनाभ की चौड़ाई \( b = 5 \) सेमी
घनाभ की ऊँचाई \( h = 5 \) सेमी
घनाभ का पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2(lb + bh + hl) \)
\( = 2(15 \times 5 + 5 \times 5 + 5 \times 15) \)
\( = 2(75 + 25 + 75) \)
\( = 2(175) \)
\( = 350 \) सेमी\(^2\)
In simple words: तीन 5 सेमी भुजा वाले क्यूब्स को एक साथ जोड़ने पर एक घनाभ बनता है। इस घनाभ की लंबाई तीनों क्यूब्स की भुजाओं का जोड़ (15 सेमी) होगी, जबकि चौड़ाई और ऊँचाई 5 सेमी ही रहेंगी। फिर इस घनाभ का कुल बाहरी क्षेत्रफल ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना करते समय, यह कल्पना करना महत्वपूर्ण है कि कौन सी सतहें उजागर होती हैं और कौन सी जुड़ने पर छिप जाती हैं।
Question 8. 2 सेमी व्यास के ठोस बेलन की लम्बाई ज्ञात कीजिए जिससे 16 सेमी लम्बाई, बाह्य व्यास 20 सेमी तथा मोटाई 2.5 मिमी से एक खोखला बेलन बनाया जा सके।
Answer: मान लीजिए, ठोस बेलन की लम्बाई \( h \) सेमी है।
ठोस बेलन का व्यास \( = 2 \) सेमी, इसलिए त्रिज्या \( r = \frac{2}{2} = 1 \) सेमी।
खोखले बेलन की लम्बाई \( H = 16 \) सेमी।
खोखले बेलन का बाह्य व्यास \( = 20 \) सेमी, इसलिए बाह्य त्रिज्या \( R_1 = \frac{20}{2} = 10 \) सेमी।
खोखले बेलन की मोटाई \( = 2.5 \) मिमी \( = \frac{2.5}{10} = 0.25 \) सेमी।
खोखले बेलन की भीतरी त्रिज्या \( R_2 = R_1 - \text{मोटाई} = 10 - 0.25 = 9.75 \) सेमी।
ठोस बेलन के आयतन \( = \) खोखले बेलन के आयतन (क्योंकि एक को पिघलाकर दूसरा बनाया गया है)
\( \pi r^2 h = \pi (R_1^2 - R_2^2) H \)
\( (1)^2 \times h = ((10)^2 - (9.75)^2) \times 16 \)
\( 1 \times h = (100 - 95.0625) \times 16 \)
\( h = 4.9375 \times 16 \)
\( h = 79 \) सेमी
In simple words: ठोस बेलन के आयतन और खोखले बेलन में प्रयुक्त सामग्री के आयतन को बराबर करें। ठोस बेलन की त्रिज्या और खोखले बेलन की बाहरी व भीतरी त्रिज्या ज्ञात करें। फिर आयतन के सूत्रों का उपयोग करके ठोस बेलन की लंबाई ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप खोखले बेलन के आयतन की गणना करते समय आंतरिक और बाहरी त्रिज्या दोनों का उपयोग सही ढंग से कर रहे हैं।
Question 9. 9 सेमी आन्तरिक त्रिज्या वाले एक अर्द्धगोलीय कटोरा एक द्रव से भरा है। इस दव को 3 सेमी व्यास और 4 सेमी ऊँचाई वाले छोटे-छोटे बेलनाकार बोतलों में भरना है। कटोरा खाली करने के लिए कितनी बोतलों की आवश्यकता होगी?
Answer: अर्द्धगोलीय कटोरे की आन्तरिक त्रिज्या \( R = 9 \) सेमी।
अर्द्धगोलीय कटोरे में द्रव का आयतन \( = \frac{2}{3} \pi R^3 \)
\( = \frac{2}{3} \pi (9)^3 \)
\( = \frac{2}{3} \pi \times 729 \)
\( = 2 \pi \times 243 = 486 \pi \) सेमी\(^3\)।
बेलनाकार बोतल का व्यास \( = 3 \) सेमी, इसलिए त्रिज्या \( r = \frac{3}{2} \) सेमी।
बेलनाकार बोतल की ऊँचाई \( h = 4 \) सेमी।
एक बेलनाकार बोतल का आयतन \( = \pi r^2 h \)
\( = \pi (\frac{3}{2})^2 \times 4 \)
\( = \pi \times \frac{9}{4} \times 4 \)
\( = 9 \pi \) सेमी\(^3\)।
आवश्यक बोतलों की संख्या \( = \frac{\text{कटोरे में द्रव का आयतन}}{\text{एक बोतल का आयतन}} \)
\( = \frac{486 \pi}{9 \pi} \)
\( = 54 \)
In simple words: पहले अर्धगोलाकार कटोरे में मौजूद कुल तरल का आयतन ज्ञात करें। फिर एक छोटी बेलनाकार बोतल का आयतन ज्ञात करें। कटोरे के कुल आयतन को एक बोतल के आयतन से भाग देकर पता करें कि कितनी बोतलें लगेंगी।
🎯 Exam Tip: ध्यान दें कि \( \pi \) दोनों आयतनों में मौजूद होता है और गणना के अंत में रद्द हो जाता है, जिससे गणना आसान हो जाती है।
Question 10. 25 वृत्तीय प्लेटों, जिनमें प्रत्येक की त्रिज्या 10.5 सेमी तथा मोटाई 1.6 सेमी है, को एक के ऊपर एक ठोस वृत्तीय बेलन के रूप में रखा गया है। प्राप्त बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल और आयतन ज्ञात कीजिए।
Answer: वृत्तीय प्लेट की त्रिज्या \( r = 10.5 \) सेमी।
वृत्तीय प्लेट की मोटाई \( h = 1.6 \) सेमी।
जब 25 प्लेटों को एक के ऊपर एक रखा जाता है, तो वे एक ठोस बेलन बनाती हैं।
प्राप्त बेलन की त्रिज्या \( R = 10.5 \) सेमी (प्लेटों की त्रिज्या के समान)।
प्राप्त बेलन की ऊँचाई \( H = \text{प्लेटों की संख्या} \times \text{एक प्लेट की मोटाई} \)
\( H = 25 \times 1.6 = 40 \) सेमी।
प्राप्त बेलन का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2 \pi R H \)
\( = 2 \times \frac{22}{7} \times 10.5 \times 40 \)
\( = 2 \times 22 \times 1.5 \times 40 \)
\( = 2640 \) सेमी\(^2\)।
प्राप्त बेलन का आयतन \( = \pi R^2 H \)
\( = \frac{22}{7} \times (10.5)^2 \times 40 \)
\( = \frac{22}{7} \times 110.25 \times 40 \)
\( = 22 \times 15.75 \times 40 \)
\( = 13860 \) सेमी\(^3\)।
In simple words: जब गोल प्लेटों को एक के ऊपर एक रखते हैं, तो एक बेलन बनता है। इस बेलन की त्रिज्या प्लेट की त्रिज्या के बराबर होती है और इसकी ऊँचाई सभी प्लेटों की मोटाई को जोड़कर मिलती है। फिर बेलन के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल और कुल आयतन ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप बेलन की ऊँचाई की गणना करते समय सभी प्लेटों की मोटाई को सही ढंग से जोड़ते हैं, न कि सिर्फ एक प्लेट की मोटाई का उपयोग करते हैं।
Question 11. एक धातुई गोले का व्यास 6 सेमी है। इसे पिघलाकर, एक व्यास 0.2 सेमी अनुप्रस्थ काट का तार बनाया जाता है। तार की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
Answer: धातुई गोले का व्यास \( = 6 \) सेमी, इसलिए गोले की त्रिज्या \( R = \frac{6}{2} = 3 \) सेमी।
तार का व्यास \( = 0.2 \) सेमी, इसलिए तार की त्रिज्या \( r = \frac{0.2}{2} = 0.1 \) सेमी।
मान लीजिए, तार की लम्बाई \( h \) सेमी है।
जब गोले को पिघलाकर तार बनाया जाता है, तो आयतन समान रहता है।
तार का आयतन (बेलन) \( = \) धातुई गोले का आयतन
\( \pi r^2 h = \frac{4}{3} \pi R^3 \)
दोनों तरफ \( \pi \) रद्द करने पर:
\( r^2 h = \frac{4}{3} R^3 \)
\( (0.1)^2 \times h = \frac{4}{3} \times (3)^3 \)
\( 0.01 \times h = \frac{4}{3} \times 27 \)
\( 0.01 \times h = 4 \times 9 \)
\( 0.01 \times h = 36 \)
\( h = \frac{36}{0.01} \)
\( h = 3600 \) सेमी
इसे मीटर में बदलने पर: \( h = \frac{3600}{100} = 36 \) मीटर
In simple words: धातु के गोले का आयतन ज्ञात करें। फिर तार की त्रिज्या ज्ञात करें। चूंकि गोले को पिघलाकर तार बनाया गया है, गोले का आयतन तार (जो एक बेलन के आकार का है) के आयतन के बराबर होगा। इस सूत्र से तार की लंबाई ज्ञात करें और इसे मीटर में बदलें।
🎯 Exam Tip: आयतन संरक्षण का सिद्धांत याद रखें। गणना करते समय दशमलव स्थानों का ध्यान रखें, खासकर जब भाग दे रहे हों।
Question 12. यदि खोखले गोले का आन्तरिक एवं बाह्य व्यास क्रमशः 6 सेमी तथा 10 सेमी है। यदि इसे पिघलाकर 14 सेमी व्यास के एक ठोस बेलन के रूप में बनाया जाता है। तो बेलन की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
Answer: खोखले गोले का आन्तरिक व्यास \( = 6 \) सेमी, इसलिए आन्तरिक त्रिज्या \( r = \frac{6}{2} = 3 \) सेमी।
खोखले गोले का बाह्य व्यास \( = 10 \) सेमी, इसलिए बाह्य त्रिज्या \( R = \frac{10}{2} = 5 \) सेमी।
खोखले गोले का आयतन (धातु की मात्रा) \( = \frac{4}{3} \pi (R^3 - r^3) \)
ठोस बेलन का व्यास \( = 14 \) सेमी, इसलिए ठोस बेलन की त्रिज्या \( r_1 = \frac{14}{2} = 7 \) सेमी।
मान लीजिए, बेलन की ऊँचाई \( h \) सेमी है।
ठोस बेलन का आयतन \( = \pi r_1^2 h \)
खोखले गोले को पिघलाकर ठोस बेलन बनाया गया है, इसलिए आयतन समान रहेगा।
ठोस बेलन का आयतन \( = \) खोखले गोले का आयतन
\( \pi r_1^2 h = \frac{4}{3} \pi (R^3 - r^3) \)
दोनों तरफ \( \pi \) रद्द करने पर:
\( r_1^2 h = \frac{4}{3} (R^3 - r^3) \)
\( (7)^2 \times h = \frac{4}{3} ((5)^3 - (3)^3) \)
\( 49h = \frac{4}{3} (125 - 27) \)
\( 49h = \frac{4}{3} (98) \)
\( h = \frac{4 \times 98}{3 \times 49} \)
\( h = \frac{4 \times 2}{3} \)
\( h = \frac{8}{3} \) सेमी
In simple words: पहले खोखले गोले के अंदर धातु की मात्रा ज्ञात करें, जो कि बाहरी और भीतरी आयतनों का अंतर होता है। फिर ठोस बेलन की त्रिज्या ज्ञात करें। चूंकि खोखले गोले को पिघलाकर बेलन बनाया गया है, दोनों के आयतन बराबर होंगे। इस समीकरण से बेलन की ऊँचाई ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: खोखले गोले के आयतन की गणना में सही सूत्र \( \frac{4}{3} \pi (R^3 - r^3) \) का उपयोग करें और घन इकाइयों में गणना करते समय सावधानी बरतें।
Question 13. एक लम्बवृत्तीय शंकु की ऊँचाई 8.4 सेमी तथा इसके आधार की त्रिज्या 2.1 सेमी है। इसे पिघलाकर, एक गोला बनाया जाता है। गोले की त्रिज्या ज्ञात कीजिए।
Answer: शंकु की ऊँचाई \( H = 8.4 \) सेमी।
शंकु के आधार की त्रिज्या \( R = 2.1 \) सेमी।
शंकु का आयतन \( = \frac{1}{3} \pi R^2 H \)
मान लीजिए, गोले की त्रिज्या \( r \) सेमी है।
गोले का आयतन \( = \frac{4}{3} \pi r^3 \)
जब शंकु को पिघलाकर गोला बनाया जाता है, तो आयतन समान रहता है।
गोले का आयतन \( = \) शंकु का आयतन
\( \frac{4}{3} \pi r^3 = \frac{1}{3} \pi R^2 H \)
दोनों तरफ \( \frac{1}{3} \pi \) रद्द करने पर:
\( 4 r^3 = R^2 H \)
\( 4 r^3 = (2.1)^2 \times 8.4 \)
\( 4 r^3 = 4.41 \times 8.4 \)
\( 4 r^3 = 37.044 \)
\( r^3 = \frac{37.044}{4} \)
\( r^3 = 9.261 \)
\( r^3 = (2.1)^3 \)
\( r = 2.1 \) सेमी
In simple words: पहले शंकु का आयतन ज्ञात करें। फिर गोले का आयतन का सूत्र लिखें। चूंकि शंकु को पिघलाकर गोला बनाया गया है, दोनों के आयतन बराबर होंगे। इस समीकरण से गोले की त्रिज्या ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: इस तरह के सवालों में, \( \pi \) और \( \frac{1}{3} \) जैसे सामान्य कारक अक्सर रद्द हो जाते हैं, जिससे गणना सरल हो जाती है।
Question 14. 80 मी लम्बे तथा 50 मीटर चौड़े एक आयताकार टैंक में 500 व्यक्तियों को डुबाया जाता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति द्वारा पानी के स्तर में 0.04 मीटर\(^3\) की वृद्धि की जाती है तो टैंक के पानी के स्तर में कुल बढ़ोतरी ज्ञात कीजिए।
Answer: आयताकार टैंक की लम्बाई \( l = 80 \) मीटर।
आयताकार टैंक की चौड़ाई \( b = 50 \) मीटर।
प्रत्येक व्यक्ति द्वारा विस्थापित पानी का आयतन \( = 0.04 \) मीटर\(^3\)।
500 व्यक्तियों द्वारा विस्थापित कुल पानी का आयतन \( = 500 \times 0.04 = 20 \) मीटर\(^3\)।
यह विस्थापित पानी का आयतन टैंक में पानी के स्तर में हुई वृद्धि के कारण बने आयतन के बराबर होगा।
मान लीजिए, टैंक में पानी के स्तर में बढ़ोतरी \( h \) मीटर है।
तब, टैंक में ऊपर उठे पानी का आयतन \( = l \times b \times h \)
\( 80 \times 50 \times h = 20 \)
\( 4000 \times h = 20 \)
\( h = \frac{20}{4000} \)
\( h = \frac{1}{200} \)
\( h = 0.005 \) मीटर
यदि इसे सेमी में बदलना हो: \( h = 0.005 \times 100 = 0.5 \) सेमी
In simple words: पहले 500 लोगों द्वारा विस्थापित कुल पानी का आयतन ज्ञात करें। यह आयतन टैंक में पानी के स्तर में वृद्धि के कारण बने नए पानी के आयतन के बराबर होगा। टैंक की लंबाई और चौड़ाई का उपयोग करके पानी के स्तर में हुई बढ़ोतरी (ऊँचाई) ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि जब कोई वस्तु पानी में डूबती है, तो वह अपने आयतन के बराबर पानी विस्थापित करती है, जिससे पानी का स्तर बढ़ता है।
Question 15. 12 सेमी आधार त्रिज्या तथा 24 सेमी ऊँचाई के धातु के एक शंकु को पिघलाकर 6 सेमी व्यास की कितनी ठोस वृत्तीय गेंद बनायी जा सकती हैं?
Answer: शंकु के आधार की त्रिज्या \( R = 12 \) सेमी।
शंकु की ऊँचाई \( H = 24 \) सेमी।
शंकु का आयतन \( = \frac{1}{3} \pi R^2 H \)
\( = \frac{1}{3} \pi (12)^2 \times 24 \)
\( = \frac{1}{3} \pi \times 144 \times 24 \)
\( = \pi \times 48 \times 24 = 1152 \pi \) सेमी\(^3\)।
ठोस वृत्तीय गेंद का व्यास \( = 6 \) सेमी, इसलिए गेंद की त्रिज्या \( r = \frac{6}{2} = 3 \) सेमी।
एक ठोस वृत्तीय गेंद का आयतन \( = \frac{4}{3} \pi r^3 \)
\( = \frac{4}{3} \pi (3)^3 \)
\( = \frac{4}{3} \pi \times 27 \)
\( = 4 \pi \times 9 = 36 \pi \) सेमी\(^3\)।
बनाई जा सकने वाली ठोस वृत्तीय गेंदों की संख्या \( = \frac{\text{शंकु का आयतन}}{\text{एक गेंद का आयतन}} \)
\( = \frac{1152 \pi}{36 \pi} \)
\( = 32 \)
In simple words: पहले शंकु का कुल आयतन ज्ञात करें। फिर एक छोटी गेंद का आयतन ज्ञात करें। शंकु के कुल आयतन को एक गेंद के आयतन से भाग देकर पता करें कि कितनी गेंदें बनाई जा सकती हैं।
🎯 Exam Tip: इस तरह के रूपांतरण वाले प्रश्नों में \( \pi \) अक्सर रद्द हो जाता है, इसलिए आप इसे गणना के मध्य चरणों में शामिल न करके समय बचा सकते हैं।
Question 16. 21 सेमी व्यास के एक धातु के गोले को पिघलाकर 3.5 सेमी व्यास का तथा 3 सेमी ऊँचाई के छोटे कितने शंकु बनाये जा सकते हैं?
Answer: धातु के गोले का व्यास \( = 21 \) सेमी, इसलिए गोले की त्रिज्या \( R = \frac{21}{2} \) सेमी।
धातु के गोले का आयतन \( = \frac{4}{3} \pi R^3 \)
\( = \frac{4}{3} \pi (\frac{21}{2})^3 \)
\( = \frac{4}{3} \pi \times \frac{21 \times 21 \times 21}{8} \)
\( = \pi \times \frac{1 \times 21 \times 21 \times 7}{2} \)
\( = \frac{3087}{2} \pi = 1543.5 \pi \) सेमी\(^3\)।
शंकु का व्यास \( = 3.5 \) सेमी, इसलिए शंकु की त्रिज्या \( r = \frac{3.5}{2} \) सेमी।
शंकु की ऊँचाई \( h = 3 \) सेमी।
एक शंकु का आयतन \( = \frac{1}{3} \pi r^2 h \)
\( = \frac{1}{3} \pi (\frac{3.5}{2})^2 \times 3 \)
\( = \pi \times \frac{3.5 \times 3.5}{4} \)
\( = \frac{12.25}{4} \pi = 3.0625 \pi \) सेमी\(^3\)।
बनाए जा सकने वाले शंकुओं की संख्या \( = \frac{\text{गोले का आयतन}}{\text{एक शंकु का आयतन}} \)
\( = \frac{1543.5 \pi}{3.0625 \pi} \)
\( = 504 \)
In simple words: पहले बड़े धातु के गोले का आयतन ज्ञात करें। फिर एक छोटे शंकु का आयतन ज्ञात करें। गोले के कुल आयतन को एक शंकु के आयतन से भाग देकर पता करें कि कितने शंकु बनाए जा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि आप त्रिज्या और व्यास के बीच के अंतर को सही ढंग से समझते हैं, खासकर जब दशमलव मानों के साथ काम कर रहे हों।
Question 17. एक गोल कैरम बाल जिसका व्यास 28 सेमी है, को पिघलाकर 35 सेमी आधार के व्यास वाला लम्ब वृत्तीय शंकु बनाया गया है। शंकु की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
Answer: गोल कैरम बाल का व्यास \( = 28 \) सेमी, इसलिए कैरम बाल की त्रिज्या \( r_1 = \frac{28}{2} = 14 \) सेमी।
कैरम बाल का आयतन (गोला) \( = \frac{4}{3} \pi r_1^3 \)
लम्ब वृत्तीय शंकु का आधार व्यास \( = 35 \) सेमी, इसलिए शंकु के आधार की त्रिज्या \( r_2 = \frac{35}{2} = 17.5 \) सेमी।
मान लीजिए, शंकु की ऊँचाई \( h \) सेमी है।
शंकु का आयतन \( = \frac{1}{3} \pi r_2^2 h \)
जब कैरम बाल को पिघलाकर शंकु बनाया जाता है, तो आयतन समान रहता है।
शंकु का आयतन \( = \) गोल कैरम बाल का आयतन
\( \frac{1}{3} \pi r_2^2 h = \frac{4}{3} \pi r_1^3 \)
दोनों तरफ \( \frac{1}{3} \pi \) रद्द करने पर:
\( r_2^2 h = 4 r_1^3 \)
\( (17.5)^2 \times h = 4 \times (14)^3 \)
\( 306.25 \times h = 4 \times 2744 \)
\( 306.25 \times h = 10976 \)
\( h = \frac{10976}{306.25} \)
\( h \approx 35.84 \) सेमी
In simple words: कैरम बॉल (गोला) की त्रिज्या और उसका आयतन ज्ञात करें। फिर शंकु के आधार की त्रिज्या ज्ञात करें। चूंकि कैरम बॉल को पिघलाकर शंकु बनाया गया है, दोनों के आयतन बराबर होंगे। इस समीकरण से शंकु की ऊँचाई ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: हमेशा रूपांतरण से पहले सभी इकाइयों को समान करें। दशमलव संख्याओं के साथ गुणा और भाग में सावधानी बरतें।
Question 18. 1 सेमी आन्तरिक त्रिज्या वाले वत्ताकार पाईप से 80 सेमी/सेकण्ड की दर से एक खाली बेलनाकार टैंक जिसके आधार की त्रिज्या 40 सेमी है, में पानी भर रहा है। आधे घण्टे में टैंक में पानी का स्तर कितना ऊँचा उठेगा?
Answer: वृत्ताकार पाईप की आन्तरिक त्रिज्या \( r = 1 \) सेमी।
पाईप से पानी निकलने की रफ्तार \( = 80 \) सेमी/सेकण्ड।
समय \( = \) आधा घंटा \( = 30 \) मिनट \( = 30 \times 60 = 1800 \) सेकण्ड।
आधे घंटे में पाईप से निकलने वाले पानी की लम्बाई \( H_{\text{pipe}} = \text{रफ्तार} \times \text{समय} \)
\( H_{\text{pipe}} = 80 \times 1800 = 144000 \) सेमी।
आधे घंटे में पाईप से निकलने वाले पानी का आयतन \( = \pi r^2 H_{\text{pipe}} \)
\( = \pi (1)^2 \times 144000 = 144000 \pi \) सेमी\(^3\)।
बेलनाकार टैंक के आधार की त्रिज्या \( R = 40 \) सेमी।
मान लीजिए, आधे घंटे में टैंक में पानी का स्तर \( H \) सेमी ऊपर उठता है।
टैंक में ऊपर उठे पानी का आयतन \( = \pi R^2 H \)
\( = \pi (40)^2 H = 1600 \pi H \) सेमी\(^3\)।
चूंकि पाईप से निकला पानी टैंक में भर रहा है, दोनों आयतन बराबर होंगे।
\( 1600 \pi H = 144000 \pi \)
दोनों तरफ \( \pi \) रद्द करने पर:
\( 1600 H = 144000 \)
\( H = \frac{144000}{1600} \)
\( H = 90 \) सेमी
In simple words: पहले यह ज्ञात करें कि आधे घंटे में पाईप से कितना पानी (आयतन) बाहर निकलता है। फिर टैंक में पानी के आयतन का सूत्र लिखें (यह टैंक के आधार की त्रिज्या और पानी के स्तर की ऊँचाई पर निर्भर करता है)। चूंकि पाईप से निकला पानी टैंक में जाता है, दोनों आयतन बराबर होंगे। इस समीकरण से टैंक में पानी का स्तर कितना ऊपर उठेगा, यह ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: समय और गति की इकाइयों को सही ढंग से परिवर्तित करना सुनिश्चित करें ताकि सभी गणनाएँ समान इकाइयों में हों (जैसे सेमी/सेकंड)।
Question 19. एक खाली अर्द्धगोलीय बर्तन के आन्तरिक व बाह्य व्यास क्रमशः 21 सेमी तथा 25.2 सेमी हैं। 1 सेमी\(^2\) सतह को पेंट करने में 10 पैसे लगते हैं। पूरे बर्तन को पेंट करने में कुल लागत ज्ञात कीजिए।
Answer: अर्द्धगोलीय बर्तन का आन्तरिक व्यास \( = 21 \) सेमी, इसलिए आन्तरिक त्रिज्या \( r = \frac{21}{2} = 10.5 \) सेमी।
अर्द्धगोलीय बर्तन का बाह्य व्यास \( = 25.2 \) सेमी, इसलिए बाह्य त्रिज्या \( R = \frac{25.2}{2} = 12.6 \) सेमी।
पूरे बर्तन का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = \) बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( + \) आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( + \) ऊपरी रिंग का क्षेत्रफल।
बाहरी वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2 \pi R^2 \)
आंतरिक वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2 \pi r^2 \)
ऊपरी रिंग का क्षेत्रफल \( = \pi (R^2 - r^2) \)
कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल \( = 2 \pi R^2 + 2 \pi r^2 + \pi (R^2 - r^2) \)
\( = \pi (2R^2 + 2r^2 + R^2 - r^2) \)
\( = \pi (3R^2 + r^2) \)
\( = \frac{22}{7} (3 \times (12.6)^2 + (10.5)^2) \)
\( = \frac{22}{7} (3 \times 158.76 + 110.25) \)
\( = \frac{22}{7} (476.28 + 110.25) \)
\( = \frac{22}{7} (586.53) \)
\( = 22 \times 83.79 \)
\( = 1843.38 \) सेमी\(^2\)।
1 सेमी\(^2\) सतह को पेंट करने की लागत \( = 10 \) पैसे।
कुल लागत \( = 1843.38 \times 10 = 18433.80 \) पैसे।
इसे रुपये में बदलें: \( \text{कुल लागत} = \frac{18433.80}{100} = \text{Rs. } 184.34 \)।
In simple words: पेंट करने के लिए बर्तन का कुल बाहरी क्षेत्रफल ज्ञात करें। इसमें बाहर की वक्र सतह, अंदर की वक्र सतह और ऊपर के किनारे का क्षेत्रफल शामिल होगा। फिर इस कुल क्षेत्रफल को प्रति वर्ग सेमी लागत से गुणा करें ताकि कुल लागत पैसों में मिल सके, जिसे बाद में रुपये में बदल दें।
🎯 Exam Tip: खोखले अर्धगोलीय बर्तन के लिए कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल की गणना करते समय, सुनिश्चित करें कि आप बाहरी वक्र सतह, आंतरिक वक्र सतह और रिंग के क्षेत्रफल को जोड़ना याद रखते हैं।
Question 20. एक खोखले 14 सेमी लम्बे लम्ब वृत्तीय बेलन के आन्तरिक एवं बाह्य वक्र पृष्ठों का अन्तर 88 सेमी है। यदि बेलन को बनाने में लगी धातु का आयतन 176 सेमी\(^3\) है तो बेलन के आन्तरिक व बाह्य व्यास ज्ञात कीजिए। ( \( \pi = \frac{22}{7} \) )
Answer: मान लीजिए, खोखले बेलन की बाह्य त्रिज्या \( R \) और आन्तरिक त्रिज्या \( r \) सेमी है।
बेलन की लम्बाई \( H = 14 \) सेमी।
बेलन के आन्तरिक एवं बाह्य वक्र पृष्ठों का अन्तर \( = 88 \) सेमी\(^2\)।
\( 2 \pi R H - 2 \pi r H = 88 \)
\( 2 \pi H (R - r) = 88 \)
\( 2 \times \frac{22}{7} \times 14 (R - r) = 88 \)
\( 2 \times 22 \times 2 (R - r) = 88 \)
\( 88 (R - r) = 88 \)
\( R - r = 1 \) (समीकरण 1)
बेलन को बनाने में लगी धातु का आयतन \( = 176 \) सेमी\(^3\)।
धातु का आयतन \( = \pi (R^2 - r^2) H \)
\( \pi (R - r)(R + r) H = 176 \)
समीकरण 1 से \( (R - r) = 1 \) रखने पर:
\( \frac{22}{7} \times 1 \times (R + r) \times 14 = 176 \)
\( 22 \times 2 \times (R + r) = 176 \)
\( 44 (R + r) = 176 \)
\( R + r = \frac{176}{44} \)
\( R + r = 4 \) (समीकरण 2)
समीकरण 1 और समीकरण 2 को हल करने पर:
\( R - r = 1 \)
\( R + r = 4 \)
दोनों समीकरणों को जोड़ने पर:
\( (R - r) + (R + r) = 1 + 4 \)
\( 2R = 5 \)
\( R = \frac{5}{2} = 2.5 \) सेमी
\( R \) का मान समीकरण 2 में रखने पर:
\( 2.5 + r = 4 \)
\( r = 4 - 2.5 \)
\( r = 1.5 \) सेमी
बेलन का बाह्य व्यास \( = 2R = 2 \times 2.5 = 5 \) सेमी
बेलन का आन्तरिक व्यास \( = 2r = 2 \times 1.5 = 3 \) सेमी
In simple words: इस समस्या को हल करने के लिए दो समीकरण बनाने होंगे: एक बेलन के बाहरी और भीतरी वक्र पृष्ठों के अंतर से, और दूसरा उसमें लगी धातु के आयतन से। इन समीकरणों को हल करके बाहरी और भीतरी त्रिज्याएँ ज्ञात करें, फिर उनके व्यास ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: \( (R^2 - r^2) = (R - r)(R + r) \) की बीजगणितीय पहचान का उपयोग करना समीकरणों को सरल बनाने में बहुत उपयोगी होता है।
Question 21. 40 सेमी आधार त्रिज्या के बेलनाकार टैंक, एक बेलनाकार पाईप से 2.52 किमी/घण्टा की दर से पानी भर रहा है। आधे घण्टे में टैंक में पानी का स्तर 3.15 मीटर बहता है तो पाईप का आन्तरिक व्यास ज्ञात कीजिए।
Answer: बेलनाकार टैंक के आधार की त्रिज्या \( R = 40 \) सेमी।
टैंक में पानी के स्तर की ऊँचाई \( H = 3.15 \) मीटर \( = 3.15 \times 100 = 315 \) सेमी।
टैंक में आधे घंटे में भरे पानी का आयतन \( = \pi R^2 H \)
\( = \pi (40)^2 \times 315 \)
\( = \pi \times 1600 \times 315 \)
\( = 504000 \pi \) सेमी\(^3\)।
पाईप से पानी बहने की दर \( = 2.52 \) किमी/घण्टा। इसे सेमी/सेकण्ड में बदलें:
\( = \frac{2.52 \times 1000 \times 100}{3600} = 70 \) सेमी/सेकण्ड।
समय \( = \) आधा घंटा \( = 30 \) मिनट \( = 1800 \) सेकण्ड।
आधे घंटे में पाईप से निकलने वाले पानी की लम्बाई \( h_{\text{pipe}} = \text{दर} \times \text{समय} = 70 \times 1800 = 126000 \) सेमी।
मान लीजिए, पाईप की आन्तरिक त्रिज्या \( r \) सेमी है।
आधे घंटे में पाईप से निकलने वाले पानी का आयतन \( = \pi r^2 h_{\text{pipe}} \)
\( = \pi r^2 \times 126000 \) सेमी\(^3\)।
चूंकि पाईप से निकला पानी टैंक में भरता है, तो दोनों आयतन बराबर होंगे।
\( \pi r^2 \times 126000 = 504000 \pi \)
दोनों तरफ \( \pi \) रद्द करने पर:
\( r^2 \times 126000 = 504000 \)
\( r^2 = \frac{504000}{126000} \)
\( r^2 = 4 \)
\( r = \sqrt{4} = 2 \) सेमी
पाईप का आन्तरिक व्यास \( = 2r = 2 \times 2 = 4 \) सेमी
In simple words: पहले टैंक में आधे घंटे में भरे हुए पानी का कुल आयतन ज्ञात करें। फिर पाईप से पानी बहने की दर को सेमी प्रति सेकंड में बदलें और आधे घंटे में पाईप से निकलने वाले पानी की कुल लंबाई ज्ञात करें। चूंकि पाईप का पानी टैंक में भरता है, दोनों आयतन बराबर होंगे। इस समीकरण से पाईप की आंतरिक त्रिज्या और फिर उसका व्यास ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: गति, समय और दूरी के बीच के संबंध को ध्यान में रखें और सभी मापों को एक ही इकाई (जैसे सेमी) में परिवर्तित करना सुनिश्चित करें।
Question 22. एक 5 मीटर चौड़े कपड़े से 14 मीटर व्यास तथा 24 मीटर ऊँचाई का एक शंक्वाकार तम्बु बनाया गया है। यदि इसमें लगे कपडे का मूल्य र 25 प्रति मीटर है तो कुल लागत ज्ञात कीजिए।
Answer: शंक्वाकार तंबू का व्यास \( = 14 \) मीटर, इसलिए त्रिज्या \( r = \frac{14}{2} = 7 \) मीटर।
तंबू की ऊँचाई \( h = 24 \) मीटर।
तंबू की तिर्यक ऊँचाई \( l = \sqrt{h^2 + r^2} \)
\( l = \sqrt{(24)^2 + (7)^2} \)
\( l = \sqrt{576 + 49} \)
\( l = \sqrt{625} \)
\( l = 25 \) मीटर।
शंक्वाकार तंबू को बनाने में लगा कपड़ा (तंबू का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल) \( = \pi r l \)
\( = \frac{22}{7} \times 7 \times 25 \)
\( = 22 \times 25 \)
\( = 550 \) मीटर\(^2\)।
कपड़े की चौड़ाई \( = 5 \) मीटर।
कपड़े की लम्बाई \( = \frac{\text{कुल कपड़े का क्षेत्रफल}}{\text{कपड़े की चौड़ाई}} = \frac{550}{5} = 110 \) मीटर।
1 मीटर कपड़े का मूल्य \( = \text{Rs. } 25 \)।
कपड़े की कुल लागत \( = 110 \times 25 = \text{Rs. } 2750 \)।
In simple words: पहले तंबू की तिर्यक ऊँचाई ज्ञात करें। फिर तंबू के वक्र पृष्ठ का क्षेत्रफल (कपड़े का कुल क्षेत्रफल) ज्ञात करें। कपड़े की चौड़ाई का उपयोग करके आवश्यक कपड़े की लंबाई ज्ञात करें। अंत में, कपड़े की कुल लागत ज्ञात करने के लिए लंबाई को प्रति मीटर मूल्य से गुणा करें।
🎯 Exam Tip: शंक्वाकार तंबू के लिए, वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल कपड़े की आवश्यक मात्रा को दर्शाता है। पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके तिर्यक ऊँचाई की गणना करें।
Question 23. पानी से भरे एक बेलनाकार टैंक को 225 लीटर प्रति मिनट की दर से खाली किया जाता है। यदि इसके आधार का व्यास 3 मीटर तथा ऊँचाई 3.5 मीटर है तो कितने समय बाद आधा टैंक खाली हो जायेगा?
Answer: बेलनाकार टैंक का व्यास \( = 3 \) मीटर, इसलिए त्रिज्या \( r = \frac{3}{2} = 1.5 \) मीटर। इसे सेमी में बदलें: \( r = 1.5 \times 100 = 150 \) सेमी।
टैंक की ऊँचाई \( h = 3.5 \) मीटर। इसे सेमी में बदलें: \( h = 3.5 \times 100 = 350 \) सेमी।
बेलनाकार टैंक में पूरे भरे पानी का आयतन \( = \pi r^2 h \)
\( = \frac{22}{7} \times (150)^2 \times 350 \)
\( = \frac{22}{7} \times 22500 \times 350 \)
\( = 22 \times 22500 \times 50 \)
\( = 24750000 \) सेमी\(^3\)।
आधे टैंक का आयतन \( = \frac{1}{2} \times 24750000 = 12375000 \) सेमी\(^3\)।
टैंक खाली करने की दर \( = 225 \) लीटर प्रति मिनट। इसे सेमी\(^3\) प्रति मिनट में बदलें:
\( = 225 \times 1000 = 225000 \) सेमी\(^3\)/मिनट (क्योंकि 1 लीटर \( = 1000 \) सेमी\(^3\))।
आधे टैंक को खाली करने में लगा समय \( = \frac{\text{आधे टैंक का आयतन}}{\text{खाली करने की दर}} \)
\( = \frac{12375000}{225000} \)
\( = 55 \) मिनट
In simple words: पहले पूरे टैंक का आयतन ज्ञात करें, फिर उसका आधा आयतन निकालें। पानी निकालने की दर को प्रति मिनट सेमी क्यूब में बदलें। आधे टैंक के आयतन को पानी निकालने की दर से भाग दें, जिससे यह पता चल जाएगा कि टैंक को आधा खाली करने में कितना समय लगेगा।
🎯 Exam Tip: आयतन और दरों की इकाइयों को समान करना महत्वपूर्ण है। 1 मीटर \( = 100 \) सेमी और 1 लीटर \( = 1000 \) सेमी\(^3\) के रूपांतरणों को याद रखें।
Question 24. 1.4 सेमी व्यास के 150 मारबल के गोले, 7 सेमी व्यास के बेलनाकार बर्तन, जिसमें कुछ पानी है, में डुबोये जाते हैं। बर्तन में पानी का बढ़ा स्तर ज्ञात कीजिए।
Answer: मारबल के गोले का व्यास \( = 1.4 \) सेमी, इसलिए मारबल की त्रिज्या \( r = \frac{1.4}{2} = 0.7 \) सेमी।
एक मारबल गोले का आयतन \( = \frac{4}{3} \pi r^3 \)
\( = \frac{4}{3} \pi (0.7)^3 \)
\( = \frac{4}{3} \pi \times 0.343 \) सेमी\(^3\)।
150 मारबल के गोलों का कुल आयतन \( = 150 \times \frac{4}{3} \pi \times 0.343 \)
\( = 50 \times 4 \pi \times 0.343 \)
\( = 200 \pi \times 0.343 = 68.6 \pi \) सेमी\(^3\)।
बेलनाकार बर्तन का व्यास \( = 7 \) सेमी, इसलिए बेलनाकार बर्तन की त्रिज्या \( R = \frac{7}{2} = 3.5 \) सेमी।
मान लीजिए, बेलनाकार बर्तन में पानी का बढ़ा स्तर \( h \) सेमी है।
बर्तन में बढ़े पानी का आयतन \( = \pi R^2 h \)
\( = \pi (3.5)^2 h = 12.25 \pi h \) सेमी\(^3\)।
जब मारबलों को पानी में डुबोया जाता है, तो वे अपने आयतन के बराबर पानी विस्थापित करते हैं। इसलिए, विस्थापित पानी का आयतन मारबलों के कुल आयतन के बराबर होगा।
बर्तन में बढ़े पानी का आयतन \( = \) 150 मारबल के गोलों का कुल आयतन
\( 12.25 \pi h = 68.6 \pi \)
दोनों तरफ \( \pi \) रद्द करने पर:
\( 12.25 h = 68.6 \)
\( h = \frac{68.6}{12.25} \)
\( h = 5.6 \) सेमी
In simple words: पहले एक मारबल का आयतन और फिर 150 मारबलों का कुल आयतन ज्ञात करें। चूंकि मारबल पानी में डुबोए जाते हैं, तो उनके कुल आयतन के बराबर पानी का स्तर ऊपर उठेगा। बेलनाकार बर्तन की त्रिज्या का उपयोग करके पानी के स्तर में हुई बढ़ोतरी (ऊँचाई) ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: यह आर्कमिडीज के सिद्धांत का एक प्रत्यक्ष अनुप्रयोग है। पानी के बढ़े हुए आयतन को विस्थापित वस्तु के आयतन के बराबर रखें।
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