UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 5 Deshbhaktah Chandrashekharah

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Detailed Chapter 5 देशभक्तः चंद्रशेखरः UP Board Solutions for Class 10 Hindi

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Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्तः चंद्रशेखरः UP Board Solutions PDF

अवतरणों का सन्दर्भ हिन्दी अनुवाद

(प्रथमं दृश्यम्)

 

Question 1. (स्थानम्-वाराणसी न्यायालयः। न्यायाधीशस्य पीठे एकः दुर्धर्षः पारसीकः तिष्ठति । आरक्षकाः चन्द्रशेखरं तस्य सम्मुखम् आनयन्ति । अभियोगः प्रारभते । चन्द्रशेखरः पुष्टाङ्गः गौरवर्णः षोडशवर्षीयः किशोरः ।)
आरक्षकः- श्रीमान् ! अयम् अस्ति चन्द्रशेखरः । अयं राजद्रोही । गतदिने अनेनैव असहयोगिनां सभायां एकस्य आरेक्षकस्य दुर्जयसिंहस्य मस्तके प्रस्तरखण्डेन प्रहारः कृतः । येन दुर्जयसिंहः आहतः।।
न्यायाधीशः-(तं बालकं विस्मयेन विलोकयन्) रे बालक ! तव किं नाम ?
चन्द्रशेखरः-आजादः (स्थिरीभूय) ।
न्यायाधीशः-तव पितुः किं नाम ?
चन्द्रशेखरः-स्वतन्त्रः।।
न्यायाधीशः-त्वं कुत्र निवसति ? तव गृहं कुत्रास्ति ?
चन्द्रशेखरः-कारागार एव मम गृहम् ।।
न्यायाधीशः-(स्वगतम्) कीदृशः प्रमत्तः स्वतन्त्रतायै अयम् ? (प्रकाशम्) अतीवधृष्टः उद्दण्डश्चायं नवयुवकः । अहम् इमं पञ्चदश कशाघातान् दण्डयामि ।
चन्द्रशेखरः-नास्ति चिन्ता ।
Answer: शब्दार्थ:
पीठेः = आसन पर । दुर्धर्षः = दुर्दमनीय । पारसीकः = पारसी । आरक्षकाः = सिपाही । आनयन्ति = ले आते हैं। अभियोगः = मुकदमा । पुष्टाङ्गः = हृष्ट-पुष्ट शरीर वाला । षोडशवर्षीयः = सोलह वर्ष का । प्रस्तरखण्डेन = पत्थर के टुकड़े से । आहतः = घायल हो गया । स्थिरीभूय = दृढ़ होकर । प्रमत्तः = पागल । कशाघातान् = कोड़ों से ।
सन्दर्भ: यह नाटक का अंश हमारी पाठ्य-पुस्तक 'हिन्दी' के 'संस्कृत-खण्ड' के 'देशभक्तः चन्द्रशेखरः' पाठ से लिया गया है।
प्रसंग: इसमें चन्द्रशेखर आजाद की बहादुरी, हिम्मत और देश के प्रति प्रेम का वर्णन किया गया है। वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक महान योद्धा थे।
अनुवाद:
जगह- वाराणसी की कचहरी। न्यायाधीश की कुर्सी पर एक कठोर पारसी बैठा है। सिपाही चंद्रशेखर को उसके सामने लाते हैं। मुकदमा शुरू होता है। चंद्रशेखर एक मजबूत शरीर वाला, गोरा रंग का, सोलह साल का किशोर है।
सिपाही: मालिक! यह चंद्रशेखर है। यह देशद्रोही है। पिछले दिन इसी ने असहयोग आंदोलन की सभा में एक सिपाही दुर्जनसिंह के सिर पर पत्थर से मारा था। जिससे दुर्जनसिंह घायल हो गया था।
न्यायाधीश: (उस लड़के को हैरानी से देखते हुए) अरे लड़के! तुम्हारा नाम क्या है?
चंद्रशेखर: आजाद (पक्के इरादे से)।
न्यायाधीश: तुम्हारे पिता का नाम क्या है?
चंद्रशेखर: स्वतंत्र।
न्यायाधीश: तुम कहाँ रहते हो? तुम्हारा घर कहाँ है?
चंद्रशेखर: जेल ही मेरा घर है।
न्यायाधीश: (मन में) यह आजादी के लिए कितना पागल है? (खुले तौर पर) यह नौजवान बहुत जिद्दी और उद्दंड है। मैं इसे पंद्रह कोड़े मारने की सजा देता हूँ।
चंद्रशेखर: कोई चिंता नहीं है।
In simple words: यह संस्कृत नाटक का पहला दृश्य है, जहाँ चंद्रशेखर को वाराणसी की अदालत में पेश किया जाता है। वह अपना नाम 'आजाद', पिता का नाम 'स्वतंत्र' और घर 'जेल' बताते हैं। न्यायाधीश उसे एक सिपाही पर पत्थर फेंकने के आरोप में पंद्रह कोड़े मारने की सजा सुनाते हैं।

🎯 Exam Tip: ऐसे गद्यांश के अनुवाद करते समय, पहले हर शब्द का अर्थ समझें। फिर, संदर्भ और प्रसंग को स्पष्ट करें। वाक्य को सरल हिन्दी में अनुवाद करें और भावार्थ बनाए रखें।

 

Question 2. (ततः दृष्टिगोचरौ भवतः कौपीनमात्रावशेषः, फलकेन दृढं बद्धः चन्द्रशेखरः, कशाहस्तेन चाण्डालेन, अनुगम्यमानः कारावासाधिकारी गण्डासिंहश्च ।) गण्डासिंहः-(चाण्डाले प्रति) दुर्मुख ! मम आदेशसमकालमेव कशाघातः कर्तव्यः । (चन्द्रशेखरं प्रति) रे दुर्विनीत युवक ! लभस्व इदानीं स्वाविनयस्य फलम् । कुरु राजद्रोहम् । दुर्मुख ! कशाघातः एकः (दुर्मुखः चन्द्रशेखरं कशया ताडयति ।) चन्द्रशेखरः-जयतु भारतम्।। गण्डासिंहः-दुर्मुख ! द्वितीयः कशाघातः । (दुर्मुखः पुनः ताडयति) । ताडितः चन्द्रशेखरः पुनः पुनः “भारतं जयतु" इति वदति । (एवं स पञ्चदशकशाघातैः ताडितः ।)
Answer: शब्दार्थ:
दृष्टिगोचरौ भवतः = दिखाई देते हैं। कौपीनमीत्रावशेषः = लँगोटीमात्र पहने हुए। फलकेन दृढं बद्धः = हथकड़ी में कसकर बाँधा गया। कशाहस्तेन = हाथ में कोड़ा लिये हुए। कारावासाधिकारी = जेलर । आदेश-समकालमेव = आदेश पाते ही। कशाघातः कर्त्तव्यः = कोड़े मारना । स्वाविनयस्य (स्व + अविनयस्य) = अपनी धृष्टता का ।
सन्दर्भ: यह नाटक का अंश हमारी पाठ्य-पुस्तक 'हिन्दी' के 'संस्कृत-खण्ड' के 'देशभक्तः चन्द्रशेखरः' पाठ से लिया गया है।
प्रसंग: इसमें चन्द्रशेखर आजाद की बहादुरी और देश के प्रति समर्पण का वर्णन किया गया है, जब उन्हें कोड़े मारे जा रहे थे। यह उनकी दृढ़ता को दिखाता है।
अनुवाद:
इसके बाद, केवल लँगोटी पहने, हथकड़ी से कसकर बंधे हुए चंद्रशेखर दिखाई देते हैं, और हाथ में कोड़ा लिए चाण्डाल के साथ जेल अधिकारी गण्डासिंह भी आते हैं।
गण्डासिंह: (चाण्डाल से) दुर्मुख! मेरा आदेश मिलते ही कोड़े मारो। (चंद्रशेखर से) अरे उद्दंड युवक! अब अपनी उद्दंडता का फल भुगतो। राजद्रोह करो! दुर्मुख! एक कोड़ा मारो। (दुर्मुख चंद्रशेखर को कोड़े से पीटता है)।
चंद्रशेखर: भारत माता की जय हो!
गण्डासिंह: दुर्मुख! दूसरा कोड़ा मारो (मारो)। (दुर्मुख फिर से कोड़ा मारता है)।
कोड़े खाकर भी चंद्रशेखर बार-बार 'भारत माता की जय हो' कहता है। इस तरह उसे पंद्रह कोड़े मारे जाते हैं।
In simple words: यह नाटक का दूसरा दृश्य है जहाँ चंद्रशेखर को कोड़े मारने की सजा दी जा रही है। गण्डासिंह के आदेश पर चाण्डाल उन्हें कोड़े मारता है, लेकिन चंद्रशेखर हर कोड़े के साथ 'भारत माता की जय हो' कहते हैं, जो उनकी बहादुरी दिखाता है।

🎯 Exam Tip: दृश्यों के अनुवाद में, पात्रों की भावनाएँ और क्रियाएँ स्पष्ट रूप से बताएँ। कठिन शब्दों के अर्थ को संदर्भ के अनुसार समझें।

 

(द्वितीयं दृश्यम्)

 

Question 3. यदा चन्द्रशेखरः कारागारात् मुक्तः बहिः आगच्छति, तदैव सर्वे जनाः तं परितः वेष्टयन्ति, बहवः बालकाः तस्य पादयोः पतन्ति, तं मालाभिः अभिनन्दयन्ति च । चन्द्रशेखरः-किमिदं क्रियते भवद्भिः ? वयं सर्वे भारतमातुः अनन्यभक्ताः तस्याः शत्रूणां कृते मदीया इमे रक्तबिन्दवः अग्निस्फुलिङ्गाः भविष्यन्ति।। (जयतु भारतम्' इति उच्चैः कथयन्तः सर्वे गच्छन्ति ।)
Answer: शब्दार्थ:
मुक्तः = छूटा हुआ । परितः वेष्टयन्ति = चारों ओर से घेर लेते हैं। अभिनन्दयन्ति = अभिनन्दन करते हैं। मदीयाः = मेरी । अग्नि स्फुलिंगाः = अग्नि की चिंगारियाँ।
सन्दर्भ: यह नाटक का अंश हमारी पाठ्य-पुस्तक 'हिन्दी' के 'संस्कृत-खण्ड' के 'देशभक्तः चन्द्रशेखरः' पाठ से लिया गया है।
प्रसंग: इसमें चन्द्रशेखर आजाद के जेल से छूटने के बाद जनता और बच्चों के उत्साह को दिखाया गया है, और उनकी देशभक्ति के मजबूत विचारों को व्यक्त किया गया है। उनका बलिदान प्रेरणादायक था।
अनुवाद:
जब चंद्रशेखर जेल से आजाद होकर बाहर आते हैं, तब सभी लोग उन्हें चारों ओर से घेर लेते हैं। बहुत सारे बच्चे उनके पैरों में गिरते हैं और मालाएँ पहनाकर उनका सम्मान करते हैं।
चंद्रशेखर: आप सब यह क्या कर रहे हैं? हम सब भारत माता के पक्के भक्त हैं। भारत माता के दुश्मनों के लिए मेरे खून की ये बूँदें आग की चिंगारी बन जाएँगी।
(भारत माता की जय हो' ऐसा जोर से कहते हुए सभी लोग चले जाते हैं।)
In simple words: जेल से रिहा होने के बाद, चंद्रशेखर को लोग और बच्चे घेर लेते हैं और उनका सम्मान करते हैं। चंद्रशेखर कहते हैं कि उनके खून की बूँदें दुश्मनों के लिए आग की चिंगारी बनेंगी, और सभी 'भारत माता की जय' कहते हुए निकल पड़ते हैं।

🎯 Exam Tip: संवादों के अनुवाद में, पात्रों के भाव और उनके कहे शब्दों का गहरा अर्थ स्पष्ट करें। उनके शब्दों का प्रभाव पाठकों तक पहुँचना चाहिए।

अतिलघु-उत्तरीय संस्कृत प्रश्नोतर

 

Question 1. न्यायाधीशस्य पीठे (आसने) कः अतिष्ठत् ?
Answer: न्यायाधीश के आसन पर एक पारसी बैठा था। वह बहुत कड़े स्वभाव का था।
In simple words: जज की कुर्सी पर एक पारसी बैठा था।

🎯 Exam Tip: सीधे उत्तर वाले प्रश्नों में, केवल मुख्य जानकारी दें। अनावश्यक विवरण से बचें।

 

Question 2. चन्द्रशेखरः कः आसीत् ?
Answer: चन्द्रशेखर एक बहुत मशहूर क्रांतिकारी और देशभक्त थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए बहुत लड़ाई लड़ी।
In simple words: चंद्रशेखर एक प्रसिद्ध क्रांतिकारी और देशभक्त थे।

🎯 Exam Tip: जब किसी व्यक्ति के बारे में पूछा जाए, तो उसकी मुख्य पहचान या भूमिका बताएँ।

 

Question 3. चन्द्रशेखरः कथं बन्दीकृतः ?
Answer: चन्द्रशेखर को अंग्रेजों ने राजद्रोही घोषित किया था, इसलिए उन्हें बंदी बनाया गया था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था।
In simple words: चंद्रशेखर को अंग्रेजों ने देशद्रोही कहा था और उन्हें जेल में डाल दिया था।

🎯 Exam Tip: कारणों से जुड़े प्रश्नों में, घटना के पीछे का सही कारण स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 4. चन्द्रशेखरस्य कः अपराधः आसीत् ?
Answer: चन्द्रशेखर ने एक आरक्षक के सिर पर पत्थर के टुकड़े से प्रहार किया था। यह उनका मुख्य आरोप था जिसके लिए उन्हें सजा मिली।
In simple words: चंद्रशेखर ने एक पुलिस वाले के सिर पर पत्थर से मारा था।

🎯 Exam Tip: अपराध या गलती बताने वाले प्रश्नों में, मुख्य क्रिया और उसके प्रभावित व्यक्ति को स्पष्ट करें।

 

Question 5. चन्द्रशेखरः स्वनाम किम् अकथयत् ?
Answer: चन्द्रशेखर ने अपना नाम 'आजाद' बताया था। यह नाम उनकी स्वतंत्रता के प्रति अगाध प्रेम को दर्शाता है।
In simple words: चंद्रशेखर ने अपना नाम 'आजाद' बताया।

🎯 Exam Tip: नाम या पहचान से संबंधित प्रश्नों में, सटीक उत्तर दें और यदि संभव हो तो उसके पीछे का अर्थ भी बताएँ।

 

Question 6. चन्द्रशेखरः स्वगृहं किम् अवदत् ?
या
चन्द्रशेखरः स्वगृहं कुत्र किम् अवदत् ?
Answer: चन्द्रशेखर ने अपने घर को कारागार (जेल) बताया था। उनके लिए देश की आजादी ही सब कुछ थी।
In simple words: चंद्रशेखर ने कहा था कि उनका घर जेल है।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रतीकात्मक उत्तरों में, मुख्य बात को सीधा बताएं।

 

Question 7. न्यायाधीशः चन्द्रशेखरं कथम्/किम् अदण्डयत् ?
Answer: न्यायाधीश ने चन्द्रशेखर को पंद्रह कोड़े मारने की सजा दी थी। यह कठोर दंड उनकी बहादुरी को कम नहीं कर सका।
In simple words: न्यायाधीश ने चंद्रशेखर को पंद्रह कोड़ों की सजा दी थी।

🎯 Exam Tip: दंड से संबंधित प्रश्नों में, दंड की मात्रा या प्रकार स्पष्ट करें।

 

Question 8. कशया ताडिते चन्द्रशेखरः किम् अकथयत् ?
या
कशया ताडितः चन्द्रशेखरः पुनः पुनः किम् अवदत् ?
Answer: कोड़े मारे जाने पर चन्द्रशेखर बार-बार 'जयतु भारतम्' (भारत माता की जय हो) कहते रहे। यह उनके देश प्रेम की पराकाष्ठा थी।
In simple words: कोड़े खाने के बाद चंद्रशेखर बार-बार 'भारत माता की जय हो' कह रहे थे।

🎯 Exam Tip: संवादों या उद्धरणों से जुड़े प्रश्नों में, दिए गए वक्तव्य को सटीक रूप से प्रस्तुत करें।

 

Question 9. यदा चन्द्रशेखरः कारागारात् बहिः आगच्छति तदा बालकाः किं कुर्वन्ति ?
Answer: जब चन्द्रशेखर जेल से बाहर आते हैं, तब बच्चे उनके पैरों में गिरते हैं और उन्हें मालाओं से सम्मान करते हैं। यह दृश्य उनकी लोकप्रियता और बच्चों में उनके प्रति आदर को दर्शाता है।
In simple words: जब चंद्रशेखर जेल से बाहर आए, तो बच्चे उनके पैरों में गिरे और मालाएँ पहनाकर उनका सम्मान किया।

🎯 Exam Tip: किसी घटना के बाद की प्रतिक्रिया वाले प्रश्नों में, उन प्रतिक्रियाओं को क्रमबद्ध और स्पष्ट रूप से वर्णित करें।

 

Question 10. “शत्रूणां कृते मदीयाः इमे रक्तबिन्दवः अग्निस्फुलिङ्गः भविष्यन्ति', इदं कस्य कथनम् अस्ति ?
Answer: यह कथन चन्द्रशेखर का है। उन्होंने यह बात अपनी देशभक्ति और शत्रुओं के प्रति अपनी दृढ़ता दिखाते हुए कही थी।
In simple words: यह बात चंद्रशेखर ने कही थी।

🎯 Exam Tip: उद्धरणों से संबंधित प्रश्नों में, केवल उद्धरण देने वाले व्यक्ति का नाम लिखें।

 

Question 11. 'कारागार एवं मम गृहं इदं कथनम् कस्य के प्रति अस्ति ?
Answer: यह कथन चन्द्रशेखर का न्यायाधीश के प्रति है। उन्होंने अपनी स्वतंत्रता की भावना और किसी भी भय से मुक्त होने का प्रदर्शन किया था।
In simple words: यह बात चंद्रशेखर ने न्यायाधीश से कही थी।

🎯 Exam Tip: संवाद संबंधी प्रश्नों में, बोलने वाले और सुनने वाले दोनों का उल्लेख करें।

 

Question 12. चन्द्रशेखरः स्व पितुः नाम किम् अकथयत् ?'
Answer: चन्द्रशेखर ने अपने पिता का नाम 'स्वतन्त्र' बताया था। यह उनकी स्वतंत्रता के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है।
In simple words: चंद्रशेखर ने अपने पिता का नाम 'स्वतंत्र' बताया था।

🎯 Exam Tip: नामों से जुड़े प्रश्नों में, सटीक नाम ही उत्तर में लिखें।

 

Question 13. ‘कारागार एव मम गृहम्' इति कः अवदत् ?
Answer: 'कारागार एव मम गृहम्' यह बात चन्द्रशेखर ने कही थी। यह उनके देश के प्रति समर्पण और निडरता का प्रमाण है।
In simple words: यह बात चंद्रशेखर ने कही थी।

🎯 Exam Tip: किसी विशेष कथन के वक्ता की पहचान करनी हो, तो सीधे व्यक्ति का नाम दें।

 

Question 14. 'स्वतन्त्रः कस्य पितुः नाम ?
Answer: 'स्वतन्त्र' चन्द्रशेखर के पिता का नाम था। यह नाम उनकी स्वतंत्रता की भावना को व्यक्त करता है।
In simple words: 'स्वतंत्र' चंद्रशेखर के पिता का नाम था।

🎯 Exam Tip: रिश्तों या संबंधियों के नाम से जुड़े प्रश्नों में, स्पष्ट और सीधा उत्तर दें।

 

Question 15. चन्द्रशेखरस्य रक्तबिन्दवः अग्निस्फुलिङ्गाः केषां कृते भविष्यन्ति ?
Answer: चन्द्रशेखर के रक्तबिंदु शत्रुओं के लिए अग्नि की चिंगारियाँ बनेंगे। यह उनकी चेतावनी और देशभक्ति की तीव्र भावना को दर्शाता है।
In simple words: चंद्रशेखर के खून की बूँदें दुश्मनों के लिए आग की चिंगारी बनेंगी।

🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक वाक्यों में, प्रतीक का अर्थ और उसका लक्ष्य स्पष्ट करें।

 

Question 16. दुर्मुखः कः आसीत् ?
Answer: दुर्मुख एक चाण्डाल था। वह जेल में कोड़े मारने का काम करता था।
In simple words: दुर्मुख एक चाण्डाल था।

🎯 Exam Tip: व्यक्ति के परिचय वाले प्रश्नों में, उसकी मुख्य पहचान या पद स्पष्ट करें।

 

Question 17. 'जयतु भारतम्' इति कथनम् कस्य के प्रति च अस्ति ?
Answer: 'जयतु भारतम्' यह कथन चन्द्रशेखर का गण्डासिंह के प्रति था। वह यातना सहते हुए भी देश के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त कर रहे थे।
In simple words: 'जयतु भारतम्' का कथन चंद्रशेखर ने गण्डासिंह से कहा था।

🎯 Exam Tip: संवादों के प्रश्नों में, कौन किससे कह रहा है, यह स्पष्ट रूप से बताएँ।

 

Question 18. आरक्षकस्य किं नाम आसीत् ?
Answer: आरक्षक का नाम दुर्जयसिंह था। इसी आरक्षक के सिर पर चंद्रशेखर ने पत्थर मारा था।
In simple words: आरक्षक का नाम दुर्जयसिंह था।

🎯 Exam Tip: चरित्रों के नाम से जुड़े प्रश्नों में, सटीक नाम दें।

 

Question 19. न्यायाधीशः कः आसीत् ?
Answer: न्यायाधीश एक कठोर पारसी था। वह अपनी न्याय व्यवस्था को सख्ती से लागू करने वाला था।
In simple words: न्यायाधीश एक कठोर पारसी था।

🎯 Exam Tip: किसी पद पर बैठे व्यक्ति का वर्णन करते समय, उसकी मुख्य विशेषता बताएँ।

 

Question 20. प्रतिकशाघात पश्चात् चन्द्रशेखरः किम् अकथयत् ?
Answer: प्रत्येक कोड़े के प्रहार के बाद चन्द्रशेखर 'जयतु भारतम्' कहते रहे। यह उनके अडिग साहस और देशभक्ति का प्रमाण है।
In simple words: हर कोड़े के बाद चंद्रशेखर 'भारत माता की जय हो' कहते थे।

🎯 Exam Tip: प्रतिक्रिया वाले प्रश्नों में, क्रिया और उसके बाद की प्रतिक्रिया को स्पष्ट करें।

 

Question 21. केन कारणेन चन्द्रशेखरः न्यायालये आनीतः ?
Answer: चन्द्रशेखर को आरक्षक दुर्जयसिंह के सिर पर पत्थर के टुकड़े से प्रहार करने के कारण न्यायालय में लाया गया था। यह अपराध उन्हें राजद्रोही घोषित करने का आधार बना।
In simple words: चंद्रशेखर को न्यायालय में इसलिए लाया गया क्योंकि उन्होंने दुर्जयसिंह नाम के सिपाही के सिर पर पत्थर मारा था।

🎯 Exam Tip: कारण बताने वाले प्रश्नों में, घटना के मूल कारण को संक्षेप में स्पष्ट करें।

 

Question 22. राष्ट्रभक्तः कः अस्ति ?
Answer: राष्ट्रभक्त चन्द्रशेखर हैं। उन्होंने अपने देश के लिए अथाह प्रेम और बलिदान की भावना दिखाई।
In simple words: चंद्रशेखर एक राष्ट्रभक्त हैं।

🎯 Exam Tip: पहचान वाले प्रश्नों में, सीधे उस व्यक्ति का नाम बताएँ जिसकी पहचान पूछी गई है।

अनुवादात्मक

 

Question 1. निम्नलिखित वाक्यों का संस्कृत में अनुवाद कीजिए-
Answer:

हिन्दी वाक्यसंस्कृतानुवाद
(क) देशवासियों में राष्ट्रप्रेम होना चाहिए।देशवासिनि राष्ट्रप्रेमः भवेत्।
(ख) हमें अपना कर्त्तव्य करना चाहिए।वयं स्वकर्त्तव्यं कुर्याम।
(ग) सभी को यथासमय भोजन करना चाहिए।सर्वे यथासमयं भोजनं कुर्युः।
(घ) युवकों को शारीरिक परिश्रम करना चाहिए।युवकाः शारीरिकं श्रमं कुर्युः।
(ङ) हम सबको एक होना चाहिए।वयम् एकीभूताः भवेम।
(च) हर एक को सद्भावना से रहना चाहिए।प्रत्येकः सद्भावनया वत्र्तेयुः।
(छ) हमें देशभक्त होना चाहिए।वयं देशभक्तः भवेम।
(ज) देशभक्त निर्भीक होते हैं।देशभक्ताः निर्भीकः भवन्ति ।
(झ) आजाद को बच्चों ने घेर लिया।बालकाः आजादं परितः वेष्टयन्ति।
(ञ) सदाचार की रक्षा करनी चाहिए।सदाचारस्य रक्षां कुर्यात्।

In simple words: इन वाक्यों में हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद किया गया है, जहाँ हर वाक्य को उसके सही संस्कृत रूप में बदला गया है।

🎯 Exam Tip: अनुवाद करते समय, वाक्य के अर्थ, व्याकरण, लिंग, वचन और कारक का ध्यान रखें। क्रिया और कर्ता के बीच सही मेल होना चाहिए।

व्याकरणत्मक

 

Question 1. 'युष्मद् के पञ्चमी में और 'अस्मद् के सप्तमी विभक्ति में रूप लिखिए।
Answer: [उत्तर स्रोत में उपलब्ध नहीं है।]
In simple words: [यह उत्तर स्रोत में नहीं दिया गया है।]

🎯 Exam Tip: विभक्ति और वचन के प्रश्नों में, तालिका बनाकर रूपों को याद करना सबसे अच्छा तरीका है।

 

Question 2. निम्नलिखित धातु रूपों के लकार, वचन तथा पुरुष बताइए- आनयन्ति, अस्ति, निवससि, दण्डयामि, ताडयति, वदति, वेष्टयन्ति, आगच्छति, अभिनन्दयन्ति, भविष्यन्ति, तिष्ठति, लभस्व ।
Answer:

धातु-रूपलकारवचनपुरुषधातु
आनयन्तिलट्बहुवचनप्रथमआ + नी
अस्तिलट्एकवचनप्रथमअस्
निवससिलट्एकवचनमध्यमनि + वस्
दण्डयामिलट्एकवचनउत्तमदण्ड्
ताडयतिलट्एकवचनप्रथमताडय
वदतिलट्एकवचनप्रथमवद्
वेष्टयन्तिलट्बहुवचनप्रथमवेष्ट्
आगच्छतिलट्एकवचनप्रथमआ + गम्
अभिनन्दयन्तिलट्बहुवचनप्रथमअभि + नन्द्
भविष्यन्तिलृट्बहुवचनप्रथमभू
तिष्ठतिलट्एकवचनप्रथमस्था
लभस्वलोट्एकवचनमध्यमलभ्

In simple words: इस उत्तर में दिए गए क्रिया रूपों के लकार, वचन, पुरुष और मूल धातु को बताया गया है। इससे संस्कृत व्याकरण को समझना आसान हो जाता है।

🎯 Exam Tip: धातु रूपों को पहचानते समय, धातु, लकार, वचन और पुरुष के नियमों को ध्यान से याद रखें। यह तालिका एक अच्छा संदर्भ है।

 

Question 3. निम्नलिखित शब्दों के सन्धि-विच्छेद कीजिए- तदेव, नास्ति, स्वाविनयस्य ।
Answer:

शब्दसन्धि-विच्छेद
तदेवतदा + एव
नास्तिन + अस्ति
स्वाविनयस्यस्व + अविनयस्य

In simple words: यहाँ दिए गए शब्दों को उनके मूल हिस्सों में तोड़ा गया है ताकि वे किन अक्षरों से मिलकर बने हैं, यह समझा जा सके।

🎯 Exam Tip: सन्धि विच्छेद करते समय, सन्धि के नियमों (जैसे स्वर सन्धि, व्यंजन सन्धि) को याद रखें और देखें कि कौन से अक्षर मिलकर नया रूप बना रहे हैं।

 

Question 4. निम्नलिखित शब्दों के वचन एवं विभक्ति बताइए- भालाभिः, सर्वे, तस्याः ।
Answer:

शब्द-रूपशब्दविभक्तिवचन
भालाभिःभालातृतीयाबहुवचन
सर्वेसर्वप्रथमा/द्वितीयाद्विवचन
तस्याःतत्षष्ठीएकवचन

In simple words: यहाँ हर शब्द की विभक्ति और वचन बताए गए हैं, जिससे यह समझने में मदद मिलती है कि वाक्य में उसका क्या रोल है।

🎯 Exam Tip: शब्दों की विभक्ति और वचन पहचानने के लिए, मूल शब्द और उसके प्रत्ययों को ध्यान से देखें। कारक के चिन्हों को याद रखना सहायक होता है।

 

Question 5. निम्नलिखित शब्दों के सविग्रह समास का नाम लिखिए- कशाघातः, रक्तबिन्दवः ।
Answer: [उत्तर स्रोत में उपलब्ध नहीं है।]
In simple words: [यह उत्तर स्रोत में नहीं दिया गया है।]

🎯 Exam Tip: समास विग्रह करते समय, पदच्छेद करें और प्रत्येक पद का अर्थ समझें ताकि सही समास का नाम पहचान सकें।

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Are the Hindi UP Board solutions for Class 10 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्तः चंद्रशेखरः as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 10 UP Board solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using UP Board language because UP Board marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्तः चंद्रशेखरः will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्तः चंद्रशेखरः in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 10 Hindi. You can access UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्तः चंद्रशेखरः in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi UP Board solutions for Class 10 as a PDF?

Yes, you can download the entire UP Board Solutions Class 10 Hindi Chapter 5 देशभक्तः चंद्रशेखरः in printable PDF format for offline study on any device.