RBSE Solutions Class 9 Maths Chapter 9 चतुर्भुज Important Questions

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Detailed Chapter 9 चतुर्भुज RBSE Solutions for Class 9 Mathematics

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Class 9 Mathematics Chapter 9 चतुर्भुज RBSE Solutions PDF

चतुर्भुज Additional Questions

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. वर्ग की भुजा और विकर्ण का अनुपात है :
(A) 2:1
(B) \( 1:\sqrt{2} \)
(C) 1:3
(D) 3:1
Answer: (B) \( 1:\sqrt{2} \)
In simple words: वर्ग में, एक तरफ की लंबाई और उसके विकर्ण की लंबाई का संबंध हमेशा 1 अनुपात वर्गमूल 2 होता है। विकर्ण हमेशा भुजा से \( \sqrt{2} \) गुना बड़ा होता है।

🎯 Exam Tip: एक वर्ग में, यदि भुजा की लंबाई 'a' है, तो विकर्ण की लंबाई \( a\sqrt{2} \) होती है। इस प्रकार भुजा और विकर्ण का अनुपात \( a : a\sqrt{2} \) या \( 1 : \sqrt{2} \) होता है।

 

Question 2. यदि समान्तर चतुर्भुज की दो संलग्न भुजाएँ समान हैं, तो वह है :
(A) एक आयत
(B) एक वर्ग
(C) एक पतंग
(D) एक समचतुर्भुज
Answer: (D) एक समचतुर्भुज
In simple words: अगर समांतर चतुर्भुज की बगल वाली दो भुजाएँ एक जैसी हों, तो उसे समचतुर्भुज कहते हैं क्योंकि तब उसकी सभी भुजाएँ बराबर हो जाती हैं।

🎯 Exam Tip: समचतुर्भुज की सभी भुजाएँ समान होती हैं, लेकिन उसके कोण 90° होना ज़रूरी नहीं है। यदि कोण भी 90° हों, तो वह एक वर्ग बन जाता है।

 

Question 3. यदि किसी चतुर्भुज के तीन कोण बराबर हैं, तो वह है, एक :
(A) समान्तर चतुर्भुज
(B) समचतुर्भुज
(C) पतंग
(D) कोई नहीं
Answer: (D) कोई नहीं
In simple words: अगर किसी चार-भुजाओं वाली आकृति के तीन कोण एक बराबर हैं, तो उसे कोई खास नाम नहीं दिया जा सकता क्योंकि यह गुण किसी विशिष्ट चतुर्भुज को परिभाषित नहीं करता है।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज के कोणों का योग हमेशा \( 360^\circ \) होता है। यदि तीन कोण बराबर हों, तो चौथे कोण का मान ज्ञात किया जा सकता है, लेकिन यह किसी विशेष प्रकार के चतुर्भुज को निर्धारित नहीं करता।

 

Question 4. यदि चतुर्भुज के विकर्ण परस्पर लम्ब है तो वह है,
(A) समान्तर चतुर्भुज
(B) वर्ग
(C) आयत
(D) पतंग
Answer: (D) पतंग
In simple words: अगर एक चतुर्भुज के दो विकर्ण एक-दूसरे को सीधी (90 डिग्री) रेखा पर काटते हैं, तो वह एक पतंग या समचतुर्भुज हो सकता है। विकल्प में पतंग सबसे सामान्य उदाहरण है।

🎯 Exam Tip: एक पतंग में, केवल एक विकर्ण दूसरे विकर्ण को समद्विभाजित करता है और वे एक-दूसरे पर लम्ब होते हैं। वर्ग और समचतुर्भुज में भी विकर्ण लम्ब होते हैं, लेकिन पतंग सबसे सामान्य विकल्प है जब केवल विकर्णों के लम्ब होने का गुण दिया गया हो।

 

Question 6. एक चतुर्भुज एक आयत है, परन्तु एक वर्ग नहीं, जब :
(A) इसके विकर्ण समद्विभाजित नहीं होते हैं।
(B) इसके विकर्ण बराबर नहीं हैं।
(C) इसके विकर्ण परस्पर लम्ब नहीं हैं।
(D) सभी कोण बराबर नहीं हैं।
Answer: (C) इसके विकर्ण परस्पर लम्ब नहीं हैं।
In simple words: एक आयत, जो वर्ग नहीं है, उसकी एक पहचान यह है कि उसके विकर्ण एक-दूसरे को 90 डिग्री के कोण पर नहीं काटते हैं।

🎯 Exam Tip: वर्ग के सभी गुण आयत में होते हैं (जैसे विकर्ण बराबर और समद्विभाजित होते हैं), लेकिन आयत में विकर्णों का लम्बवत होना ज़रूरी नहीं है। यदि विकर्ण लम्बवत हो जाएं, तो आयत एक वर्ग बन जाता है।

 

Question 7. समान्तर चतुर्भुज के किन्हीं दो सलंग्न कोणों के समद्विभाजक प्रतिच्छेद करते हैं:
(A) 90° पर
(B) 80° पर
(C) 45° पर
(D) 100° पर
Answer: (A) 90° पर
In simple words: समांतर चतुर्भुज में, दो साथ वाले कोणों को आधा करने वाली रेखाएँ हमेशा 90 डिग्री के कोण पर एक-दूसरे से मिलती हैं।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि समांतर चतुर्भुज के आसन्न कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है। जब इन कोणों को समद्विभाजित किया जाता है, तो उनके आधे कोणों का योग \( 90^\circ \) होगा, और त्रिभुज के कोणों के योग के नियम से तीसरा कोण \( 90^\circ \) होगा।

 

Question 8. यदि समचतुर्भुज का एक विकर्ण उसकी एक भुजा के बराबर है, तब संलग्न कोणों का मान है:
(A) 100°, 80°
(B) 60°, 120°
(C) 90°, 90°
(D) 70°, 110°
Answer: (B) 60°, 120°
In simple words: अगर एक समचतुर्भुज का विकर्ण उसकी भुजा जितना लंबा हो, तो वह एक समबाहु त्रिभुज बनाता है, जिससे कोण 60 डिग्री और 120 डिग्री के होते हैं।

🎯 Exam Tip: एक समचतुर्भुज में, सभी भुजाएँ समान होती हैं। यदि एक विकर्ण भी भुजा के बराबर हो जाए, तो एक समबाहु त्रिभुज बनता है जिसके सभी कोण 60° होते हैं। आसन्न कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है।

 

Question 9. समलम्ब ABCD की भुजाओं AD और BC के मध्यबिन्दु क्रमश: E और F हैं। यदि AB = x तथा CD = y है, तब, EF बराबर है:

A B C D E F x y
(A) \( \frac { x+y }{ 2 } \)
(B) \( \frac { x-y }{ 2 } \)
(C) \( \frac { x \times y }{ 2 } \)
(D) \( \frac { x }{ y } \)
Answer: (A) \( \frac { x+y }{ 2 } \)
In simple words: समलम्ब चतुर्भुज में, बीच की रेखा जो दो तिरछी भुजाओं के बीचों-बीच होती है, उसकी लंबाई ऊपर और नीचे की समांतर भुजाओं की लंबाई के जोड़ का आधा होती है।

🎯 Exam Tip: यह समलम्ब चतुर्भुज के मध्यबिंदु प्रमेय का सीधा अनुप्रयोग है, जिसे याद रखना महत्वपूर्ण है: समलम्ब की असमांतर भुजाओं के मध्यबिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड समांतर भुजाओं के योग के आधे के बराबर होता है।

 

Question 10. संलग्न चित्र में, ABCD एक समचतुर्भुज है। (x - y) का मान है:

A B C D O 50° x y
(A) 40°
(B) 60°
(C) 10°
(D) 50°
Answer: (D) 50°
In simple words: एक समचतुर्भुज में, यदि एक कोण x हो और आसन्न कोण y हो, तो उनका योग 180 डिग्री होता है। यदि उनका अंतर 50 डिग्री है, तो उन्हें हल करने पर x का मान 115 डिग्री और y का मान 65 डिग्री मिलता है।

🎯 Exam Tip: समचतुर्भुज के आसन्न कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है। इस संबंध का उपयोग करके ऐसे समीकरण बनाएं जो दिए गए कोणों के अंतर को हल कर सकें।

अतिलघूय/लघूतटीय प्रश्न

 

Question 1. चित्र में, त्रिभुज ABC की भुजाओं AB, BC तथा AC के मध्य बिन्दु क्रमश: P, Q तथा R हैं। यदि PQ = 2.5 सेमी, QR = 3.0 सेमी तथा PR = 3.5 सेमी, तो त्रिभुज ABC का परिमाप ज्ञात करो।

A B C P Q R
Answer: त्रिभुज ABC में, P, Q, R क्रमशः भुजाओं AB, BC, AC के मध्यबिंदु हैं। मध्यबिंदु प्रमेय के अनुसार, मध्यबिंदुओं को जोड़ने वाले रेखाखंड तीसरी भुजा के समानांतर और उसके आधे के बराबर होते हैं।
\( PQ = \frac{1}{2} AC \)
\( \implies 2.5 = \frac{1}{2} AC \)
\( \implies AC = 5 \) सेमी
\( QR = \frac{1}{2} AB \)
\( \implies 3.0 = \frac{1}{2} AB \)
\( \implies AB = 6 \) सेमी
\( PR = \frac{1}{2} BC \) (दिए गए मानों के अनुसार PR = 3.5 सेमी)
\( \implies 3.5 = \frac{1}{2} BC \)
\( \implies BC = 7 \) सेमी
इसलिए, त्रिभुज ABC का परिमाप \( = AB + BC + AC = 6 + 7 + 5 = 18 \) सेमी है। यह प्रमेय त्रिकोणों के गुणों को समझने में बहुत उपयोगी है।
In simple words: त्रिभुज के बीच के बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखाएँ सामने वाली भुजा की आधी होती हैं। इसी नियम से हमने त्रिभुज की तीनों भुजाओं की लंबाई निकाली और उन्हें जोड़कर पूरा परिमाप बताया।

🎯 Exam Tip: मध्यबिंदु प्रमेय को ध्यान से लागू करें: किसी त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्यबिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड तीसरी भुजा के समानांतर और उसके आधे के बराबर होता है।

 

Question 2. चित्र में, ABC समकोण त्रिभुज है। बिन्दु P तथा Q त्रिभुज की भुजाओं AB तथा AC के मध्य बिन्दु हैं। यदि AB = 10 सेमी। तथा BC = 8 सेमी, तो △APQ का क्षेत्रफल ज्ञात करो।

A B C P Q
Answer: त्रिभुज ABC एक समकोण त्रिभुज है जहाँ \( \angle ABC = 90^\circ \) है। P भुजा AB का मध्यबिंदु है और Q भुजा AC का मध्यबिंदु है। मध्यबिंदु प्रमेय के अनुसार, रेखाखंड PQ भुजा BC के समानांतर है। क्योंकि AB एक तिर्यक रेखा है, इसलिए \( \angle APQ \) और \( \angle ABC \) संगत कोण हैं, तो \( \angle APQ = 90^\circ \)।
इसका मतलब है कि त्रिभुज APQ एक समकोण त्रिभुज है जिसका समकोण P पर है।
AP, AB का आधा है: \( AP = \frac{1}{2} AB = \frac{1}{2} \times 10 = 5 \) सेमी।
PQ, BC का आधा है: \( PQ = \frac{1}{2} BC = \frac{1}{2} \times 8 = 4 \) सेमी।
अब, त्रिभुज APQ का क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} = \frac{1}{2} \times AP \times PQ = \frac{1}{2} \times 5 \times 4 = 10 \) वर्ग सेमी है। यह प्रमेय छोटे त्रिभुज APQ के आकार और उसके बड़े त्रिभुज ABC से संबंध को आसानी से दर्शाता है।
In simple words: बड़े समकोण त्रिभुज के बीच के बिंदुओं को जोड़ने पर एक छोटा समकोण त्रिभुज बनता है। इस छोटे त्रिभुज की भुजाएँ बड़े त्रिभुज की आधी होती हैं। हमने उन आधी भुजाओं का इस्तेमाल करके छोटे त्रिभुज का क्षेत्रफल निकाला।

🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज का क्षेत्रफल हमेशा \( \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} \) होता है। मध्यबिंदु प्रमेय का सही उपयोग करके भुजाओं की लंबाई ज्ञात करें और सुनिश्चित करें कि आप सही आधार और ऊँचाई का चयन करें।

 

Question 3. सिद्ध कीजिए कि त्रिभुज की माध्यिका उसको समन क्षेत्रफल वाले दो त्रिभुजों में विभाजित करती है।

A B C D P
Answer: दिया है कि त्रिभुज ABC में, AD एक माध्यिका है जो भुजा BC को दो बराबर भागों में बांटती है (यानी D भुजा BC का मध्यबिंदु है)। हमें यह सिद्ध करना है कि त्रिभुज ABD का क्षेत्रफल त्रिभुज ADC के क्षेत्रफल के बराबर है।
रचना: भुजा BC पर शीर्ष A से एक लम्ब AP खींचते हैं, जहाँ P भुजा BC पर स्थित है।
उपपत्ति: हम जानते हैं कि माध्यिका AD, भुजा BC को D पर समद्विभाजित करती है, इसलिए \( BD = CD \)।
त्रिभुज का क्षेत्रफल का सूत्र है: \( \frac{1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} \)।
त्रिभुज ABD का क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times BD \times AP \).
त्रिभुज ADC का क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times CD \times AP \).
क्योंकि \( BD = CD \), हम दूसरे समीकरण में CD की जगह BD लिख सकते हैं।
इसलिए, त्रिभुज ADC का क्षेत्रफल \( = \frac{1}{2} \times BD \times AP \).
दोनों त्रिभुजों के क्षेत्रफल के सूत्र अब समान हैं। अतः, त्रिभुज ABD का क्षेत्रफल त्रिभुज ADC के क्षेत्रफल के बराबर है। यह दिखाता है कि माध्यिका त्रिभुज को दो समान क्षेत्रफल वाले हिस्सों में बांटती है।
In simple words: त्रिभुज की एक माध्यिका उसे दो ऐसे छोटे त्रिभुजों में बांटती है जिनका क्षेत्रफल बराबर होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दोनों छोटे त्रिभुजों का आधार बराबर होता है (माध्यिका के कारण) और उनकी ऊँचाई भी समान होती है।

🎯 Exam Tip: सिद्ध करते समय, स्पष्ट रूप से दिया गया, सिद्ध करना है, रचना और उपपत्ति के चरण लिखें। त्रिभुज के क्षेत्रफल का सूत्र और माध्यिका की परिभाषा को सही ढंग से लागू करें।

 

Question 5. एक चतुर्भुज के कोण 3 : 5 : 9 : 13 के अनुपात में हैं। इसे चतुर्भुज के सभी कोण ज्ञात कीजिए।
Answer: हमें एक चतुर्भुज के कोणों का अनुपात 3:5:9:13 दिया गया है। हम जानते हैं कि एक चतुर्भुज के सभी आंतरिक कोणों का योग हमेशा \( 360^\circ \) होता है।
माना चतुर्भुज के कोण क्रमशः \( 3x, 5x, 9x \) और \( 13x \) हैं।
इन सभी कोणों को जोड़ने पर, हमें \( 3x + 5x + 9x + 13x = 360^\circ \) मिलता है।
इनको जोड़ने पर, \( 30x = 360^\circ \)।
अब, \( x \) का मान ज्ञात करने के लिए, हम \( 360^\circ \) को 30 से भाग देते हैं: \( x = \frac{360^\circ}{30} = 12^\circ \)।
अब हम प्रत्येक कोण का मान ज्ञात कर सकते हैं:
पहला कोण: \( 3x = 3 \times 12^\circ = 36^\circ \)
दूसरा कोण: \( 5x = 5 \times 12^\circ = 60^\circ \)
तीसरा कोण: \( 9x = 9 \times 12^\circ = 108^\circ \)
चौथा कोण: \( 13x = 13 \times 12^\circ = 156^\circ \)
ये चारों कोण मिलकर एक चतुर्भुज बनाते हैं जिसके कोणों का योग 360 डिग्री होता है।
In simple words: हमने चतुर्भुज के कोणों को अनुपात में लिया और उन्हें 'x' से गुणा किया। फिर सभी कोणों को जोड़कर 360 डिग्री के बराबर रखा, क्योंकि चार भुजाओं वाली आकृति के कोणों का जोड़ 360 होता है। 'x' का मान निकालकर हमने हर कोण का पता लगाया।

🎯 Exam Tip: चतुर्भुज के कोणों का योग \( 360^\circ \) होता है, यह एक महत्वपूर्ण तथ्य है जिसे याद रखना चाहिए। अनुपातिक प्रश्नों को हल करने के लिए 'x' का उपयोग करके समीकरण बनाएं और सभी कोणों को क्रम से ज्ञात करें।

 

Question 6. किसी समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण बराबर और लम्बवत् हों तो वह एक वर्ग होता है।

A B C D O
Answer: हमें दिया गया है कि ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है जिसके विकर्ण AC और BD एक दूसरे को O बिंदु पर काटते हैं। यह भी दिया है कि विकर्ण बराबर हैं (\( AC = BD \)) और वे एक-दूसरे पर लम्ब हैं (\( \angle AOB = 90^\circ \))। हमें सिद्ध करना है कि ABCD एक वर्ग है।
उपपत्ति: क्योंकि ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है, इसके विकर्ण एक-दूसरे को समद्विभाजित करते हैं।
हमें दिया है कि \( AC = BD \)।
\( \implies \frac{1}{2} AC = \frac{1}{2} BD \), जिसका अर्थ है \( AO = OC \) और \( BO = OD \)।
इसलिए, \( AO = BO = CO = DO \)।
त्रिभुज AOB में, \( AO = BO \) और \( \angle AOB = 90^\circ \) (दिया है)।
एक त्रिभुज में कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है, तो \( \angle BAO + \angle ABO + \angle AOB = 180^\circ \)।
\( \angle BAO + \angle ABO + 90^\circ = 180^\circ \), जिससे \( \angle BAO + \angle ABO = 90^\circ \)।
चूँकि \( AO = BO \), त्रिभुज AOB एक समद्विबाहु त्रिभुज है, इसलिए \( \angle BAO = \angle ABO \)।
अतः, \( 2 \angle BAO = 90^\circ \implies \angle BAO = 45^\circ \)।
तो, \( \angle BAO = \angle ABO = 45^\circ \)।
इसी प्रकार, त्रिभुज BOC में भी \( \angle CBO = \angle BCO = 45^\circ \)।
अब, \( \angle ABC = \angle ABO + \angle CBO = 45^\circ + 45^\circ = 90^\circ \)।
एक समान्तर चतुर्भुज जिसका एक कोण \( 90^\circ \) हो, वह एक आयत होता है।
आगे, त्रिभुज AOB और त्रिभुज BOC में:
\( AO = CO \) (सिद्ध किया गया)
\( BO = BO \) (सामान्य भुजा)
\( \angle AOB = \angle BOC = 90^\circ \) (क्योंकि विकर्ण लम्बवत् हैं और रैखिक युग्म बनाते हैं)
इसलिए, SAS सर्वांगसमता नियम से \( \triangle AOB \cong \triangle BOC \)।
अतः, \( AB = BC \) (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग)।
एक आयत जिसकी आसन्न भुजाएँ बराबर हों, वह एक वर्ग होता है। इसलिए, ABCD एक वर्ग है। यह सिद्ध करता है कि विकर्णों के गुणों से एक समांतर चतुर्भुज वर्ग बन सकता है।
In simple words: अगर समांतर चतुर्भुज के विकर्ण बराबर हों और एक-दूसरे को 90 डिग्री पर काटें, तो वह चतुर्भुज एक वर्ग बन जाता है। हमने दिखाया कि इससे सभी कोण 90 डिग्री के और सभी भुजाएँ बराबर हो जाती हैं।

🎯 Exam Tip: एक समान्तर चतुर्भुज वर्ग तभी होता है जब उसके विकर्ण बराबर हों और एक-दूसरे पर लम्बवत् समद्विभाजित करें। इन गुणों को सिद्ध करने के लिए त्रिभुजों की सर्वांगसमता का उपयोग करें।

 

Question 7. यदि एक समान्तर चतुर्भुज के विकर्ण बराबर हों, तो दर्शाइये कि वह एक आयत है।

A B C D
Answer: दिया है कि ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है और इसके विकर्ण बराबर हैं, यानी \( AC = BD \)। हमें यह सिद्ध करना है कि ABCD एक आयत है।
उपपत्ति: त्रिभुज ABC और त्रिभुज DCB पर विचार करें।
\( AB = DC \) (समान्तर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं)।
\( BC = CB \) (यह दोनों त्रिभुजों की एक ही सामान्य भुजा है)।
\( AC = DB \) (यह प्रश्न में दिया गया है कि विकर्ण बराबर हैं)।
SSS (भुजा-भुजा-भुजा) सर्वांगसमता नियम के अनुसार, \( \triangle ABC \cong \triangle DCB \)।
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं (CPCTC), इसलिए \( \angle ABC = \angle DCB \)।
अब, हम जानते हैं कि समान्तर चतुर्भुज में, सम्मुख भुजाएँ समानांतर होती हैं (\( AB || DC \))। जब रेखा BC एक तिर्यक रेखा के रूप में उन्हें काटती है, तो आसन्न आंतरिक कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है।
इसलिए, \( \angle ABC + \angle DCB = 180^\circ \)।
चूँकि \( \angle ABC = \angle DCB \), हम \( \angle DCB \) की जगह \( \angle ABC \) लिख सकते हैं।
\( \implies \angle ABC + \angle ABC = 180^\circ \)
\( \implies 2 \angle ABC = 180^\circ \)
\( \implies \angle ABC = 90^\circ \)।
एक समान्तर चतुर्भुज जिसका एक कोण \( 90^\circ \) हो, वह एक आयत कहलाता है। अतः, ABCD एक आयत है। यह सिद्ध करता है कि विकर्णों के बराबर होने का गुण आयत के लिए अद्वितीय है।
In simple words: हमने यह दिखाया कि अगर समांतर चतुर्भुज के विकर्ण बराबर हों, तो उसके दो बगल वाले कोण बराबर होते हैं और उनका जोड़ 180 डिग्री होता है। इसका मतलब है कि हर कोण 90 डिग्री का होना चाहिए, और 90 डिग्री के कोणों वाला समांतर चतुर्भुज एक आयत होता है।

🎯 Exam Tip: एक समान्तर चतुर्भुज को आयत सिद्ध करने के लिए, आपको यह दिखाना होगा कि उसका कम से कम एक आंतरिक कोण \( 90^\circ \) है। सर्वांगसमता का उपयोग करके ऐसा करना एक प्रभावी तरीका है।

 

Question 9. समान्तर चतुर्भुज ABCD में विकर्ण BD पर दो बिन्दु P और Q इस प्रकार स्थित हैं कि DP = BQ सिद्ध कजिए कि APCQ एक समान्तर चतुर्भुज है।

A B C D P Q
Answer: दिया है कि ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है। विकर्ण BD पर दो बिंदु P और Q ऐसे स्थित हैं कि \( DP = BQ \)। हमें यह सिद्ध करना है कि चतुर्भुज APCQ भी एक समान्तर चतुर्भुज है।
उपपत्ति: हम APCQ को एक समान्तर चतुर्भुज सिद्ध करने के लिए दिखाएंगे कि उसकी सम्मुख भुजाएँ बराबर हैं।
सबसे पहले, त्रिभुज APD और त्रिभुज CQB पर विचार करें:
\( AD = CB \) (यह समान्तर चतुर्भुज ABCD की सम्मुख भुजाएँ हैं, इसलिए बराबर हैं)।
\( \angle ADP = \angle CBQ \) (क्योंकि \( AD || CB \) और BD एक तिर्यक रेखा है, ये एकान्तर आंतरिक कोण हैं और इसलिए बराबर हैं)।
\( DP = BQ \) (यह प्रश्न में दिया गया है)।
SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम के अनुसार, \( \triangle APD \cong \triangle CQB \)।
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं, इसलिए \( AP = CQ \) है। इसे हम समीकरण (1) कहते हैं।
अब, त्रिभुज AQB और त्रिभुज CPD पर विचार करें:
\( AB = CD \) (यह समान्तर चतुर्भुज ABCD की सम्मुख भुजाएँ हैं, इसलिए बराबर हैं)।
\( \angle ABQ = \angle CDP \) (क्योंकि \( AB || CD \) और BD एक तिर्यक रेखा है, ये एकान्तर आंतरिक कोण हैं और इसलिए बराबर हैं)।
\( BQ = DP \) (यह प्रश्न में दिया गया है)।
SAS (भुजा-कोण-भुजा) सर्वांगसमता नियम के अनुसार, \( \triangle AQB \cong \triangle CPD \)।
सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग बराबर होते हैं, इसलिए \( AQ = CP \) है। इसे हम समीकरण (2) कहते हैं।
समीकरण (1) और (2) से, हमने पाया कि चतुर्भुज APCQ की सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म बराबर हैं (\( AP = CQ \) और \( AQ = CP \))।
जिस चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्म बराबर हों, वह एक समान्तर चतुर्भुज होता है।
अतः, APCQ एक समान्तर चतुर्भुज है। यह प्रमेय समान्तर चतुर्भुज के गुणों को समझने में मदद करता है कि कैसे उसके भीतर अन्य समांतर चतुर्भुज बन सकते हैं।
In simple words: हमने बड़े समांतर चतुर्भुज के अंदर दो छोटे त्रिभुजों को बराबर सिद्ध किया। इससे हमें पता चला कि APCQ की सामने वाली भुजाएँ एक दूसरे के बराबर हैं। जब किसी आकृति की सामने वाली भुजाएँ बराबर होती हैं, तो वह एक समांतर चतुर्भुज होता है।

🎯 Exam Tip: किसी चतुर्भुज को समान्तर चतुर्भुज सिद्ध करने के लिए सबसे आसान तरीका है कि उसकी सम्मुख भुजाओं के दोनों युग्मों को बराबर सिद्ध करें, या एक युग्म को समान और समांतर सिद्ध करें। सर्वांगसमता नियम (SAS, SSS, ASA, AAS) का उपयोग करके ऐसा करें।

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