RBSE Solutions Class 9 Maths Chapter 9 चतुर्भुज Exercise 9.2

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Detailed Chapter 9 चतुर्भुज RBSE Solutions for Class 9 Mathematics

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Class 9 Mathematics Chapter 9 चतुर्भुज RBSE Solutions PDF

चतुर्भुज Ex 9.2

 

Question 1. चित्र में, ABCD और AEFG दो समांतर चतुर्भुज हैं। यदि \( \angle C = 55^\circ \) है, तो \( \angle F \) निर्धारित कीजिए। A B C D A E F G \( 55^\circ \)
Answer:दिया गया है कि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। समांतर चतुर्भुज में सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
\( \implies \angle A = \angle C \) (सम्मुख कोण)
\( \implies \angle A = 55^\circ \) (क्योंकि \( \angle C = 55^\circ \)) अब, AEFG भी एक समांतर चतुर्भुज है। इसमें भी सम्मुख कोण बराबर होते हैं।
\( \implies \angle F = \angle A \) (सम्मुख कोण)
\( \implies \angle F = 55^\circ \) इस प्रकार, दोनों समांतर चतुर्भुजों के कोणों के गुण का उपयोग करके \( \angle F \) का मान निकाला गया।
In simple words: हमें \( \angle C \) दिया गया है, जो एक समांतर चतुर्भुज ABCD का कोण है। समांतर चतुर्भुज में सामने के कोण बराबर होते हैं, इसलिए \( \angle A \) भी \( 55^\circ \) होगा। फिर, AEFG भी एक समांतर चतुर्भुज है, इसलिए \( \angle F \) अपने सामने वाले कोण \( \angle A \) के बराबर होगा, यानी \( 55^\circ \).

🎯 Exam Tip: समांतर चतुर्भुज के गुणों को हमेशा याद रखें, जैसे सम्मुख कोणों का बराबर होना और आसन्न कोणों का योग \( 180^\circ \) होना। इससे ज्यामिति के प्रश्न हल करने में आसानी होती है।

 

Question 2. क्या किसी चतुर्भुज के सभी कोण न्यूनकोण हो सकते हैं? अपने उत्तर का कारण दीजिए।
Answer:नहीं, किसी भी चतुर्भुज के सभी कोण न्यूनकोण नहीं हो सकते हैं। न्यूनकोण वह कोण होता है जो \( 90^\circ \) से कम होता है। माना कि चतुर्भुज का प्रत्येक कोण \( 89^\circ \) है (यह \( 90^\circ \) से कम सबसे बड़ा पूर्णांक है)। चतुर्भुज के चारों कोणों का योग \( = 89^\circ + 89^\circ + 89^\circ + 89^\circ = 356^\circ \). परंतु, हम जानते हैं कि किसी भी चतुर्भुज के आंतरिक कोणों का कुल योग हमेशा \( 360^\circ \) होता है। चूंकि \( 356^\circ \) कम है \( 360^\circ \) से, इसलिए यह संभव नहीं है कि सभी कोण न्यूनकोण हों। एक चतुर्भुज में कम से कम एक कोण \( 90^\circ \) या उससे अधिक होना चाहिए।
In simple words: नहीं, एक चतुर्भुज के सभी कोण \( 90^\circ \) से छोटे (न्यूनकोण) नहीं हो सकते। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक चतुर्भुज के चारों कोणों को जोड़ने पर \( 360^\circ \) आना चाहिए। यदि सभी कोण \( 90^\circ \) से छोटे होंगे, तो उनका कुल जोड़ \( 360^\circ \) से कम होगा, जो कि गलत है।

🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि किसी भी चतुर्भुज के आंतरिक कोणों का योग \( 360^\circ \) होता है, जो इस प्रकार के प्रश्नों को हल करने का आधार है।

 

Question 3. क्या किसी चतुर्भुज के सभी कोण समकोण हो सकते हैं?
Answer:हाँ, किसी भी चतुर्भुज के सभी कोण समकोण हो सकते हैं। समकोण वह कोण होता है जो ठीक \( 90^\circ \) का होता है। उदाहरण के लिए, एक आयत या एक वर्ग ऐसे चतुर्भुज होते हैं जिनके सभी आंतरिक कोण \( 90^\circ \) के होते हैं। इन दोनों आकृतियों के चारों कोणों का योग \( = 90^\circ + 90^\circ + 90^\circ + 90^\circ = 360^\circ \). चूंकि यह \( 360^\circ \) के बराबर है, जो कि चतुर्भुज के कोणों का मानक योग है, इसलिए यह संभव है। ऐसे चतुर्भुज विशेष नाम से जाने जाते हैं - आयत और वर्ग।
In simple words: हाँ, एक चतुर्भुज के सभी कोण समकोण (\( 90^\circ \)) हो सकते हैं। आयत और वर्ग इसके उदाहरण हैं, जहाँ सभी कोण \( 90^\circ \) के होते हैं और उनका कुल जोड़ \( 360^\circ \) होता है।

🎯 Exam Tip: आयत और वर्ग के गुणों को याद रखना, विशेषकर उनके कोणों के बारे में, ऐसे सीधे सवालों के जवाब देने में मदद करता है।

 

Question 5. एक चतुर्भुज ABCD के सम्मुख कोण बराबर हैं। यदि AB = 4 सेमी है, तो CD निर्धारित कीजिए। A B C D 4 सेमी
Answer:दिया गया है कि चतुर्भुज ABCD के सम्मुख कोण बराबर हैं। जिस चतुर्भुज में सम्मुख कोण बराबर होते हैं, वह एक समांतर चतुर्भुज होता है। अतः, ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। समांतर चतुर्भुज में सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं। हमें दिया गया है कि \( AB = 4 \) सेमी।
\( \implies CD = AB \) (समांतर चतुर्भुज की सम्मुख भुजाएँ)
\( \implies CD = 4 \) सेमी इस प्रकार, समांतर चतुर्भुज के गुणों का उपयोग करके CD की लंबाई ज्ञात की गई।
In simple words: यदि एक चतुर्भुज के आमने-सामने के कोण बराबर होते हैं, तो वह एक समांतर चतुर्भुज होता है। समांतर चतुर्भुज में आमने-सामने की भुजाएँ भी बराबर होती हैं। हमें AB की लंबाई 4 सेमी दी गई है, इसलिए CD की लंबाई भी 4 सेमी होगी।

🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय गुण है कि यदि किसी चतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर हों, तो वह एक समांतर चतुर्भुज होता है, और उसके सम्मुख भुजाएँ भी बराबर होती हैं।

 

Question 6. ABCD एक समचतुर्भुज है, जिसमें D से AB पर शीर्षलम्ब AB को समद्विभाजित करता है। समचतुर्भुज के कोण ज्ञात कीजिए।
Answer:माना समचतुर्भुज ABCD में, शीर्ष D से भुजा AB पर DM एक शीर्षलम्ब है। यह शीर्षलम्ब DM, भुजा AB को समद्विभाजित करता है, जिसका अर्थ है कि M, AB का मध्य-बिंदु है। त्रिभुज \( \triangle AMD \) और \( \triangle BMD \) में: \( AM = BM \) (दिया है, क्योंकि DM, AB को समद्विभाजित करता है) \( \angle AMD = \angle BMD = 90^\circ \) (दिया है, क्योंकि DM शीर्षलम्ब है) \( DM = DM \) (यह उभयनिष्ठ भुजा है) इसलिए, \( \triangle AMD \cong \triangle BMD \) (SAS सर्वांगसमता नियम से)
\( \implies AD = BD \) (CPCT द्वारा) ...(1) हमें यह भी पता है कि ABCD एक समचतुर्भुज है, तो उसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं।
\( \implies AD = AB \) ...(2) समीकरण (1) और (2) से, हमें मिलता है कि \( AD = AB = BD \). यह दर्शाता है कि \( \triangle ABD \) एक समबाहु त्रिभुज है। समबाहु त्रिभुज के प्रत्येक कोण \( 60^\circ \) के होते हैं।
\( \implies \angle A = 60^\circ \). अब, क्योंकि ABCD एक समचतुर्भुज है, यह एक समांतर चतुर्भुज भी है। समांतर चतुर्भुज में आसन्न कोणों का योग \( 180^\circ \) होता है। इसलिए, \( AD \parallel BC \) और AB एक तिर्यक रेखा है।
\( \implies \angle A + \angle B = 180^\circ \) (क्रमागत अंतःकोण)
\( \implies 60^\circ + \angle B = 180^\circ \)
\( \implies \angle B = 180^\circ - 60^\circ \)
\( \implies \angle B = 120^\circ \). समांतर चतुर्भुज में सम्मुख कोण भी बराबर होते हैं।
\( \implies \angle C = \angle A = 60^\circ \)
\( \implies \angle D = \angle B = 120^\circ \). अतः, समचतुर्भुज ABCD के कोण \( 60^\circ, 120^\circ, 60^\circ \) और \( 120^\circ \) हैं। एक समचतुर्भुज एक विशेष प्रकार का समांतर चतुर्भुज होता है।
In simple words: समचतुर्भुज ABCD में, D से AB पर एक सीधी रेखा DM खींची गई है जो AB को दो बराबर हिस्सों में बांटती है और \( 90^\circ \) का कोण बनाती है। इससे सिद्ध होता है कि त्रिभुज AMD और BMD एक जैसे हैं, जिसका मतलब है कि AD = BD। क्योंकि ABCD एक समचतुर्भुज है, उसकी सभी भुजाएँ बराबर होती हैं, तो AD = AB भी होगा। इस तरह, त्रिभुज ABD की तीनों भुजाएँ (AD, AB, BD) बराबर हैं, तो यह एक समबाहु त्रिभुज है, और इसका \( \angle A = 60^\circ \). समचतुर्भुज में साथ-साथ के कोणों का जोड़ \( 180^\circ \) होता है, तो \( \angle B = 180^\circ - 60^\circ = 120^\circ \). आमने-सामने के कोण बराबर होते हैं, इसलिए \( \angle C = 60^\circ \) और \( \angle D = 120^\circ \).

🎯 Exam Tip: समचतुर्भुज के गुणों को समझें, विशेषकर भुजाओं और कोणों के संबंध को। सर्वांगसमता और समबाहु त्रिभुज के सिद्धांतों का प्रयोग ऐसे प्रश्नों को हल करने में महत्वपूर्ण होता है।

 

Question 7. एक त्रिभुज ABC के शीर्षों A, B और C से होकर क्रमशः भुजाओं BC, CA और AB के समांतर रेखाएँ RQ, PR और QP चित्र में दर्शाए अनुसार खींची गई हैं। दर्शाइए कि \( BC = \frac {1}{2} QR \) है। B C A R Q P
Answer:दिया गया है कि भुजा BC के समांतर RQ खींची गई है, CA के समांतर PR खींची गई है और AB के समांतर QP खींची गई है। इसका मतलब है कि \( BC \parallel RQ \), \( CA \parallel PR \) और \( AB \parallel QP \). अब हम चतुर्भुज ABPC पर विचार करते हैं। इसमें, \( AC \parallel RP \) (दिया है, \( PR \parallel AC \))
\( \implies AC \parallel BP \) ...(1) और \( AB \parallel QP \) (दिया है)
\( \implies AB \parallel PC \) चूंकि ABPC में सम्मुख भुजाओं के दोनों जोड़े समांतर हैं, तो ABPC एक समांतर चतुर्भुज है। समांतर चतुर्भुज में सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं।
\( \implies BP = AC \) ...(2) इसी प्रकार, चतुर्भुज ARBC में: \( BC \parallel AR \) (दिया है, \( RQ \parallel BC \)) \( AC \parallel RB \) (दिया है, \( PR \parallel AC \)) इसलिए, ARBC भी एक समांतर चतुर्भुज है।
\( \implies AR = BC \) ...(3) अब, चतुर्भुज ABCQ में: \( AB \parallel QC \) (दिया है, \( QP \parallel AB \)) \( BC \parallel AQ \) (दिया है, \( RQ \parallel BC \)) इसलिए, ABCQ भी एक समांतर चतुर्भुज है।
\( \implies AQ = BC \) ...(4) अब हम QR रेखाखंड पर विचार करते हैं। \( QR = QA + AR \) समीकरण (3) और (4) से, \( QA = BC \) और \( AR = BC \).
\( \implies QR = BC + BC \)
\( \implies QR = 2BC \) दोनों पक्षों को 2 से भाग देने पर:
\( \implies BC = \frac{1}{2} QR \) इति सिद्धम्। इस ज्यामितीय प्रमाण में समांतर चतुर्भुज के गुणों का व्यापक उपयोग किया गया।
In simple words: त्रिभुज ABC के बाहर एक बड़ा त्रिभुज PQR बना है, जिसकी भुजाएँ ABC की भुजाओं के समांतर हैं। हम पाते हैं कि ABPC, ARBC और ABCQ सभी समांतर चतुर्भुज हैं। समांतर चतुर्भुज की आमने-सामने की भुजाएँ बराबर होती हैं। इस नियम का उपयोग करके, हम यह साबित करते हैं कि QR की लंबाई BC की लंबाई की दोगुनी है, या दूसरे शब्दों में, BC की लंबाई QR की आधी है।

🎯 Exam Tip: जब आप त्रिभुजों के बाहर समांतर रेखाएँ देखें, तो समांतर चतुर्भुज बनाने का प्रयास करें। समांतर चतुर्भुज के सम्मुख भुजाओं के बराबर होने का गुण ऐसे प्रश्नों को हल करने की कुंजी है।

 

Question 8. D, E और F क्रमशः एक समबाहु त्रिभुज ABC की भुजाओं AB, BC और AC के मध्य-बिन्दु हैं। दर्शाइए कि △DEF भी एक समबाहु त्रिभुज हैं। A B C D E F
Answer:दिया गया है कि \( \triangle ABC \) एक समबाहु त्रिभुज है। इसलिए, इसकी सभी भुजाएँ बराबर होंगी: \( AB = BC = AC \) ...(4) D, E और F क्रमशः भुजाओं AB, BC और AC के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार, यदि किसी त्रिभुज की किन्हीं दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाया जाता है, तो वह रेखाखंड तीसरी भुजा के समांतर और आधा होता है। \( \triangle ABC \) में: 1. D और F, AB और AC के मध्य-बिंदु हैं।
\( \implies DF = \frac{1}{2} BC \) ...(1) 2. D और E, AB और BC के मध्य-बिंदु हैं।
\( \implies DE = \frac{1}{2} AC \) ...(2) 3. E और F, BC और AC के मध्य-बिंदु हैं।
\( \implies EF = \frac{1}{2} AB \) ...(3) समीकरण (1), (2), (3) और (4) से, क्योंकि \( AB = BC = AC \):
\( \implies DF = \frac{1}{2} AB \)
\( \implies DE = \frac{1}{2} AB \)
\( \implies EF = \frac{1}{2} AB \) इससे हमें मिलता है कि \( DF = DE = EF \). चूंकि \( \triangle DEF \) की सभी भुजाएँ बराबर हैं, अतः \( \triangle DEF \) भी एक समबाहु त्रिभुज है। मध्य-बिंदु प्रमेय से यह निष्कर्ष आसानी से निकाला जा सकता है।
In simple words: हमें एक समबाहु त्रिभुज ABC दिया गया है, जिसका मतलब है कि उसकी सभी भुजाएँ बराबर हैं। D, E और F इन भुजाओं के बीच के बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय कहता है कि यदि आप दो भुजाओं के बीच के बिंदुओं को जोड़ते हैं, तो वह रेखा तीसरी भुजा की आधी होती है। इस नियम का उपयोग करके, हम पाते हैं कि DEF त्रिभुज की तीनों भुजाएँ (\( DF, DE, EF \)) भी आपस में बराबर हैं। इसलिए, DEF भी एक समबाहु त्रिभुज है।

🎯 Exam Tip: मध्य-बिंदु प्रमेय को अच्छे से याद रखें, यह ज्यामिति के कई सवालों में बहुत उपयोगी होता है, खासकर जब भुजाओं की लंबाई या समांतरता सिद्ध करनी हो।

 

Question 9. एक समांतर चतुर्भुज ABCD की, सम्मुख भुजाओं AB और CD पर क्रमशः बिन्दु P और Q इस प्रकार लिए गए हैं कि AP = CQ है (चित्र) दर्शाइए कि AC और PQ परस्पर समद्विभाजित करते हैं। A B C D P Q R
Answer:दिया गया है कि ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। उसकी सम्मुख भुजाओं AB और CD पर क्रमशः बिन्दु P और Q इस प्रकार लिए गए हैं कि \( AP = CQ \). हमें सिद्ध करना है कि AC और PQ परस्पर समद्विभाजित करते हैं। उपपत्ति: ABCD एक समांतर चतुर्भुज है। इसलिए, \( AB \parallel CD \) (समांतर भुजाएँ) और \( AB = CD \) (सम्मुख भुजाएँ) चूंकि \( AB \parallel CD \), तो \( AP \parallel CQ \) भी होगा। हमें दिया गया है कि \( AP = CQ \). यदि एक चतुर्भुज की सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर और बराबर हो, तो वह एक समांतर चतुर्भुज होता है। अतः, APCQ एक समांतर चतुर्भुज है। समांतर चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं। APCQ में, AC और PQ विकर्ण हैं।
\( \implies \) AC और PQ परस्पर समद्विभाजित करते हैं। यह एक महत्वपूर्ण प्रमेय है जो समांतर चतुर्भुज के गुणों पर आधारित है। इति सिद्धम्।
In simple words: हमें एक समांतर चतुर्भुज ABCD दिया गया है। इसकी भुजाओं AB और CD पर P और Q बिंदु ऐसे हैं कि \( AP = CQ \). हमें यह दिखाना है कि AC और PQ एक दूसरे को ठीक बीच में काटते हैं। क्योंकि \( AP \) और \( CQ \) बराबर और समांतर हैं (जो AB और CD के भाग हैं), तो APCQ भी एक समांतर चतुर्भुज बन जाता है। समांतर चतुर्भुज में, उसके विकर्ण (यानी AC और PQ) हमेशा एक दूसरे को बीच से काटते हैं। इस तरह, यह सिद्ध हो जाता है।

🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि किसी भी चतुर्भुज को समांतर चतुर्भुज सिद्ध करने के कई तरीके होते हैं, उनमें से एक यह है कि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर और बराबर हो। फिर आप उसके विकर्णों के गुण का उपयोग कर सकते हैं।

 

Question 10. E एक समलंब ABCD की भुजा AD का मध्य-बिन्दु है, जिसमें AB || DC है। E से होकर AB के समांतर खींची गई रेखा BC को F पर प्रतिच्छेद करती है। दर्शाइए कि F भुजा BC का मध्य-बिन्दु है। (संकेत : AC को मिलाइए।)
Answer:दिया गया है कि ABCD एक समलंब है, जिसमें \( AB \parallel DC \). E, भुजा AD का मध्य-बिंदु है। E से होकर एक रेखा खींची गई है जो \( AB \) के समांतर है और BC को F पर काटती है। हमें सिद्ध करना है कि F, भुजा BC का मध्य-बिंदु है। रचना: A को C से मिलाइए, जो EF को G पर प्रतिच्छेद करती है। उपपत्ति: समलंब ABCD में, \( AB \parallel DC \). हमें दिया गया है कि \( EF \parallel AB \). चूंकि \( AB \parallel DC \) और \( EF \parallel AB \),
\( \implies EF \parallel DC \). अब, \( \triangle ADC \) पर विचार करते हैं। इसमें, E, AD का मध्य-बिंदु है और \( EG \parallel DC \) (क्योंकि \( EF \parallel DC \)). मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम के अनुसार, यदि किसी त्रिभुज की एक भुजा के मध्य-बिंदु से दूसरी भुजा के समांतर एक रेखा खींची जाए, तो वह तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।
\( \implies \) G, AC का मध्य-बिंदु होगा। अब, \( \triangle ABC \) पर विचार करते हैं। इसमें, G, AC का मध्य-बिंदु है और \( GF \parallel AB \) (क्योंकि \( EF \parallel AB \)). मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम का उपयोग करके,
\( \implies \) F, भुजा BC का मध्य-बिंदु होगा। इति सिद्धम्। यह मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम का सीधा अनुप्रयोग है।
In simple words: हमें एक समलंब ABCD दिया गया है, जिसमें AB और DC समांतर हैं। AD का मध्य-बिंदु E है। E से एक रेखा खींची जाती है जो AB के समांतर है और BC को F पर मिलती है। हमें दिखाना है कि F, BC का मध्य-बिंदु है। हम A को C से जोड़ते हैं, जिससे यह रेखा EF को G पर काटती है। त्रिभुज ADC में, E बीच का बिंदु है और EG, DC के समांतर है, इसलिए G, AC का मध्य-बिंदु होगा। फिर, त्रिभुज ABC में, G बीच का बिंदु है और GF, AB के समांतर है, इसलिए F, BC का मध्य-बिंदु होगा।

🎯 Exam Tip: मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम का उपयोग करते समय, सुनिश्चित करें कि आपको एक मध्य-बिंदु और एक समांतर रेखा दी गई है, ताकि आप तीसरे बिंदु को मध्य-बिंदु सिद्ध कर सकें। रचना के रूप में एक विकर्ण खींचना अक्सर ऐसे सवालों को हल करने में मदद करता है।

 

Question 11. △ABC में, AB = 5 सेमी, BC = 8 सेमी और CA = 7 सेमी हैं। यदि D और E क्रमशः AB और BC के मध्य-बिन्दु हैं, तो DE की लंबाई निर्धारित कीजिए। A B C 5 सेमी 8 सेमी 7 सेमी D E
Answer:हमें एक त्रिभुज \( \triangle ABC \) दिया गया है, जिसकी भुजाओं की लंबाई \( AB = 5 \) सेमी, \( BC = 8 \) सेमी और \( CA = 7 \) सेमी है। D, भुजा AB का मध्य-बिंदु है। E, भुजा BC का मध्य-बिंदु है। मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार, एक त्रिभुज में किन्हीं दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड तीसरी भुजा के समांतर और उसकी लंबाई का आधा होता है। यहां, D और E क्रमशः AB और BC के मध्य-बिंदु हैं। इसलिए, रेखाखंड DE, तीसरी भुजा AC के समांतर होगा और उसकी लंबाई AC की आधी होगी।
\( \implies DE \parallel AC \)
\( \implies DE = \frac{1}{2} \times AC \) हमें \( AC = 7 \) सेमी दिया गया है।
\( \implies DE = \frac{1}{2} \times 7 \)
\( \implies DE = 3.5 \) सेमी इस प्रकार, \( DE \) की लंबाई \( 3.5 \) सेमी है। यह मध्य-बिंदु प्रमेय का सीधा उदाहरण है।
In simple words: हमारे पास एक त्रिभुज ABC है जिसकी भुजाओं की लंबाई 5, 8 और 7 सेमी है। D, AB का बीच का बिंदु है और E, BC का बीच का बिंदु है। मध्य-बिंदु प्रमेय कहता है कि D और E को जोड़ने वाली रेखा (DE) तीसरी भुजा AC की आधी होगी। क्योंकि AC की लंबाई 7 सेमी है, तो DE की लंबाई 7 का आधा, यानी 3.5 सेमी होगी।

🎯 Exam Tip: मध्य-बिंदु प्रमेय को याद रखना इस प्रकार के प्रश्नों को तेजी से हल करने के लिए महत्वपूर्ण है। यह प्रमेय कहता है कि मध्य-बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखा तीसरी भुजा की आधी और समांतर होती है।

 

Question 13. दिए गए चित्र में, D, E और F क्रमशः भुजाओं BC, CA और AB के मध्य बिन्दु हैं। यदि AB = 4.3 सेमी, BC = 5.6 सेमी और AC = 3.9 सेमी हों, तो निम्नलिखित का परिमाप ज्ञात कीजिए।
(i) \( \triangle DEF \)
(ii) चतुर्भुज BDEF A B C F D E
Answer:हमें एक त्रिभुज \( \triangle ABC \) दिया गया है, जिसकी भुजाएँ हैं: \( AB = 4.3 \) सेमी \( BC = 5.6 \) सेमी \( AC = 3.9 \) सेमी D, E और F क्रमशः भुजाओं BC, CA और AB के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय के अनुसार, त्रिभुज की दो भुजाओं के मध्य-बिंदुओं को मिलाने वाला रेखाखंड तीसरी भुजा के समांतर और आधा होता है।
\( \implies FD = \frac{1}{2} AC \) (F और D, AB और BC के मध्य-बिंदु हैं)
\( \implies FD = \frac{1}{2} \times 3.9 = 1.95 \) सेमी
\( \implies DE = \frac{1}{2} AB \) (D और E, BC और AC के मध्य-बिंदु हैं)
\( \implies DE = \frac{1}{2} \times 4.3 = 2.15 \) सेमी
\( \implies EF = \frac{1}{2} BC \) (E और F, CA और AB के मध्य-बिंदु हैं)
\( \implies EF = \frac{1}{2} \times 5.6 = 2.8 \) सेमी (i) \( \triangle DEF \) का परिमाप: \( \triangle DEF \) का परिमाप \( = FD + DE + EF \) \( = 1.95 + 2.15 + 2.8 \) \( = 6.9 \) सेमी (ii) चतुर्भुज BDEF का परिमाप: चतुर्भुज BDEF में भुजाएँ BD, DE, EF और FB हैं। चूंकि D, BC का मध्य-बिंदु है, \( BD = \frac{1}{2} BC = \frac{1}{2} \times 5.6 = 2.8 \) सेमी। चूंकि F, AB का मध्य-बिंदु है, \( FB = \frac{1}{2} AB = \frac{1}{2} \times 4.3 = 2.15 \) सेमी। हमारे पास पहले से ही \( DE = 2.15 \) सेमी और \( EF = 2.8 \) सेमी हैं। \( \implies \) चतुर्भुज BDEF का परिमाप \( = BD + DE + EF + FB \) \( = 2.8 + 2.15 + 2.8 + 2.15 \) \( = 9.9 \) सेमी इस प्रकार, मध्य-बिंदु प्रमेय का उपयोग करके दोनों आकृतियों का परिमाप ज्ञात किया गया।
In simple words: हमें एक त्रिभुज ABC दिया गया है, जिसकी भुजाएँ \( AB=4.3 \), \( BC=5.6 \) और \( AC=3.9 \) सेमी हैं। D, E, F इन भुजाओं के बीच के बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय का उपयोग करके, हम त्रिभुज DEF की भुजाओं की लंबाई निकालते हैं: \( FD = 1.95 \) सेमी, \( DE = 2.15 \) सेमी, और \( EF = 2.8 \) सेमी। (i) त्रिभुज DEF का परिमाप इन तीनों भुजाओं को जोड़कर \( 6.9 \) सेमी मिलता है। (ii) चतुर्भुज BDEF की भुजाएँ BD, DE, EF और FB हैं। BD, BC का आधा है (\( 2.8 \) सेमी) और FB, AB का आधा है (\( 2.15 \) सेमी)। इन चारों भुजाओं को जोड़ने पर चतुर्भुज BDEF का परिमाप \( 9.9 \) सेमी मिलता है।

🎯 Exam Tip: मध्य-बिंदु प्रमेय को सही ढंग से लागू करना सीखें। प्रत्येक रेखाखंड की लंबाई को ज्ञात करने के लिए किस भुजा का आधा करना है, इस पर ध्यान दें। परिमाप निकालने के लिए सभी भुजाओं की लंबाई को सही से जोड़ें।

 

Question 14. सिद्ध कीजिए कि एक वर्ग की क्रमागत भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाकर बनाया गया चतुर्भुज भी एक वर्ग होता है। A B C D P Q R S
Answer:दिया गया है कि ABCD एक वर्ग है। P, Q, R और S क्रमशः भुजाओं AB, BC, CD और AD के मध्य-बिंदु हैं। हमें सिद्ध करना है कि PQRS एक वर्ग है। रचना: AC और BD विकर्णों को मिलाइए। उपपत्ति: सबसे पहले हम यह सिद्ध करेंगे कि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। \( \triangle ABC \) में, P और Q क्रमशः AB और BC के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय से:
\( \implies PQ \parallel AC \) और \( PQ = \frac{1}{2} AC \) ...(1) \( \triangle ADC \) में, R और S क्रमशः CD और AD के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय से:
\( \implies SR \parallel AC \) और \( SR = \frac{1}{2} AC \) ...(2) समीकरण (1) और (2) से:
\( \implies PQ \parallel SR \) और \( PQ = SR \). चूंकि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर और बराबर है, अतः PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। अब हम यह सिद्ध करेंगे कि PQRS की सभी भुजाएँ बराबर हैं। वर्ग की सभी भुजाएँ बराबर होती हैं: \( AB = BC = CD = DA \). P और S क्रमशः AB और AD के मध्य-बिंदु हैं। \( \triangle APS \) में, \( AP = \frac{1}{2} AB \) और \( AS = \frac{1}{2} AD \). क्योंकि \( AB = AD \), तो \( AP = AS \). पाइथागोरस प्रमेय से \( \triangle APS \) में:
\( PS^2 = AP^2 + AS^2 \)
\( PS^2 = AP^2 + AP^2 = 2AP^2 \) ...(3) इसी प्रकार, \( \triangle BPQ \) में, \( BP = \frac{1}{2} AB \) और \( BQ = \frac{1}{2} BC \). क्योंकि \( AB = BC \), तो \( BP = BQ \).
\( PQ^2 = BP^2 + BQ^2 = 2BP^2 \) ...(4) चूंकि \( AP = BP \) (P, AB का मध्य-बिंदु है), समीकरण (3) और (4) से:
\( PS^2 = PQ^2 \implies PS = PQ \). इसी प्रकार, हम सिद्ध कर सकते हैं कि \( PQ = QR = RS = SP \). तो, PQRS एक समचतुर्भुज है। अंत में, हम यह सिद्ध करेंगे कि PQRS का एक कोण \( 90^\circ \) का है। वर्ग के विकर्ण एक दूसरे को समकोण पर समद्विभाजित करते हैं। AC और BD, वर्ग ABCD के विकर्ण हैं, इसलिए \( AC \perp BD \). मान लीजिए विकर्ण AC और BD एक दूसरे को O पर काटते हैं। चूंकि \( PQ \parallel AC \) और \( PS \parallel BD \). माना PS और PQ एक दूसरे को M पर काटते हैं। MNOP एक समांतर चतुर्भुज है (क्योंकि PS, BD के समांतर है और PQ, AC के समांतर है)। चूंकि \( AC \perp BD \), तो \( \angle AOB = 90^\circ \). क्योंकि \( M N O P \) एक समांतर चतुर्भुज है, तो \( \angle N M P = \angle N O P = 90^\circ \).
\( \implies \angle SPQ = 90^\circ \). चूंकि PQRS एक समचतुर्भुज है जिसका एक कोण \( 90^\circ \) है, तो PQRS एक वर्ग है। एक वर्ग वह समचतुर्भुज होता है जिसका एक कोण समकोण हो। इति सिद्धम्।
In simple words: हमें एक वर्ग ABCD दिया गया है, और P, Q, R, S इसकी भुजाओं के बीच के बिंदु हैं। हमें दिखाना है कि P, Q, R, S को जोड़ने पर जो नई आकृति (PQRS) बनती है, वह भी एक वर्ग है। पहले, हम मध्य-बिंदु प्रमेय का उपयोग करके दिखाते हैं कि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। फिर, हम पाइथागोरस प्रमेय का उपयोग करके दिखाते हैं कि इसकी सभी भुजाएँ बराबर हैं, तो यह एक समचतुर्भुज है। आखिर में, हम दिखाते हैं कि वर्ग के विकर्ण \( 90^\circ \) पर कटते हैं, और चूंकि PQRS की भुजाएँ मूल वर्ग के विकर्णों के समांतर हैं, तो PQRS का एक कोण \( 90^\circ \) का होगा। जब एक समचतुर्भुज में एक कोण \( 90^\circ \) का होता है, तो वह एक वर्ग होता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रमाण के लिए तीन मुख्य चरणों को याद रखें: पहले समांतर चतुर्भुज सिद्ध करें, फिर समचतुर्भुज सिद्ध करें, और अंत में एक कोण \( 90^\circ \) का सिद्ध करके वर्ग निष्कर्ष निकालें। मध्य-बिंदु प्रमेय और पाइथागोरस प्रमेय यहाँ महत्वपूर्ण हैं।

 

Question 15. एक चतुर्भुज के विकर्ण परस्पर लम्बवत् हैं। सिद्ध कीजिए कि इसकी भुजाओं के मध्य बिन्दुओं को मिलाने से निर्मित चतुर्भुज एक आयत होता है।
Answer:दिया गया है कि ABCD एक चतुर्भुज है जिसके विकर्ण AC और BD परस्पर लम्बवत् हैं। मान लीजिए विकर्ण O पर काटते हैं, तो \( \angle AOB = 90^\circ \). P, Q, R और S क्रमशः भुजाओं AB, BC, CD और AD के मध्य-बिंदु हैं। हमें सिद्ध करना है कि PQRS एक आयत है। रचना: AC और BD को मिलाइए (जो पहले से ही विकर्ण हैं)। PQ, QR, RS और SP को मिलाइए। उपपत्ति: \( \triangle ABC \) में, P और Q क्रमशः AB और BC के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय से:
\( \implies PQ \parallel AC \) और \( PQ = \frac{1}{2} AC \) ...(1) \( \triangle ADC \) में, R और S क्रमशः CD और AD के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय से:
\( \implies SR \parallel AC \) और \( SR = \frac{1}{2} AC \) ...(2) समीकरण (1) और (2) से:
\( \implies PQ \parallel SR \) और \( PQ = SR \). चूंकि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर और बराबर है, अतः PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। अब हम यह सिद्ध करेंगे कि PQRS का एक कोण \( 90^\circ \) का है। \( PQ \parallel AC \) (समीकरण 1 से) \( PS \parallel BD \) ( \( \triangle ABD \) में मध्य-बिंदु प्रमेय से, P और S क्रमशः AB और AD के मध्य-बिंदु हैं) हमें दिया गया है कि विकर्ण AC और BD परस्पर लम्बवत् हैं, यानी \( \angle AOB = 90^\circ \). चूंकि \( PQ \parallel AC \) और \( PS \parallel BD \), तो रेखाखंड PQ और PS भी एक दूसरे के लम्बवत् होंगे। यदि दो रेखाएँ समांतर हों और तीसरी रेखा किसी एक पर लम्ब हो, तो वह दूसरी पर भी लम्ब होती है।
\( \implies \angle SPQ = 90^\circ \). चूंकि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है जिसका एक कोण \( 90^\circ \) का है, तो PQRS एक आयत है। एक आयत वह समांतर चतुर्भुज होता है जिसका एक कोण समकोण हो। इति सिद्धम्। यह मध्य-बिंदु प्रमेय और समांतर रेखाओं के गुणों पर आधारित है।
In simple words: हमें एक चतुर्भुज दिया गया है जिसके दोनों विकर्ण एक दूसरे को \( 90^\circ \) पर काटते हैं। P, Q, R, S इसकी भुजाओं के बीच के बिंदु हैं। हमें दिखाना है कि P, Q, R, S को जोड़ने पर बनने वाला चतुर्भुज (PQRS) एक आयत है। पहले, मध्य-बिंदु प्रमेय का उपयोग करके, हम दिखाते हैं कि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। फिर, क्योंकि मूल चतुर्भुज के विकर्ण \( 90^\circ \) पर कटते हैं, और PQ तथा PS उन विकर्णों के समांतर हैं, तो PQ और PS भी एक दूसरे पर \( 90^\circ \) का कोण बनाएँगे। एक समांतर चतुर्भुज जिसका एक कोण \( 90^\circ \) का हो, वह एक आयत कहलाता है।

🎯 Exam Tip: इस प्रमाण में, पहले मध्य-बिंदु प्रमेय का उपयोग करके अंदर बने चतुर्भुज को समांतर चतुर्भुज सिद्ध करना महत्वपूर्ण है। फिर, मूल विकर्णों की लम्बवतता का उपयोग करके अंदर के चतुर्भुज के कोण को \( 90^\circ \) सिद्ध करें।

 

Question 16. सिद्ध कीजिए कि एक समकोण त्रिभुज के कर्ण को समद्विभाजित करने वाली माध्यिका कर्ण की आधी होती है।
Answer:दिया गया है कि \( \triangle ABC \) एक समकोण त्रिभुज है, जिसमें \( \angle B = 90^\circ \). D, कर्ण AC का मध्य-बिंदु है। BD, कर्ण AC की माध्यिका है। हमें सिद्ध करना है कि \( BD = \frac{1}{2} AC \). रचना: बिंदु D से, BC के समांतर एक रेखा DE खींचिए, जो AB को E पर मिलती है। उपपत्ति: \( \triangle ABC \) में, D, AC का मध्य-बिंदु है और हमने \( DE \parallel BC \) खींची है। मध्य-बिंदु प्रमेय के विलोम के अनुसार, यदि एक त्रिभुज की एक भुजा के मध्य-बिंदु से दूसरी भुजा के समांतर एक रेखा खींची जाए, तो वह तीसरी भुजा को समद्विभाजित करती है।
\( \implies \) E, भुजा AB का मध्य-बिंदु होगा। अब, हम \( \triangle AED \) और \( \triangle BED \) पर विचार करते हैं।
\( \angle AED = \angle ABC \) (संगत कोण, क्योंकि \( DE \parallel BC \))
\( \implies \angle AED = 90^\circ \) (दिया है \( \angle ABC = 90^\circ \)).
\( \implies \angle BED = 180^\circ - \angle AED = 180^\circ - 90^\circ = 90^\circ \) (रैखिक कोण युग्म). \( AE = BE \) (क्योंकि E, AB का मध्य-बिंदु है). \( DE = DE \) (उभयनिष्ठ भुजा).
\( \implies \triangle AED \cong \triangle BED \) (SAS सर्वांगसमता नियम से).
\( \implies AD = BD \) (CPCT द्वारा). चूंकि D, AC का मध्य-बिंदु है, तो \( AD = CD = \frac{1}{2} AC \). समीकरणों की तुलना करने पर:
\( \implies BD = AD = \frac{1}{2} AC \). इति सिद्धम्। यह महत्वपूर्ण परिणाम समकोण त्रिभुज के गुणों को दर्शाता है।
In simple words: हमारे पास एक समकोण त्रिभुज ABC है, जहाँ \( \angle B = 90^\circ \). D, सबसे लंबी भुजा (कर्ण) AC का बीच का बिंदु है, और BD उस बीच के बिंदु को B से जोड़ती है। हमें दिखाना है कि BD की लंबाई AC की आधी है। हम D से BC के समांतर एक रेखा खींचते हैं, जो AB को E पर मिलती है। मध्य-बिंदु प्रमेय के उल्टे नियम से, E, AB का बीच का बिंदु होगा। अब, त्रिभुज AED और BED को देखें। वे एक जैसे हैं (सर्वांगसम)। इसका मतलब है कि उनकी संगत भुजाएँ बराबर हैं, तो AD और BD बराबर हैं। क्योंकि D, AC का बीच का बिंदु है, AD, AC की आधी है। तो, BD भी AC की आधी होगी।

🎯 Exam Tip: इस प्रमेय को सिद्ध करने के लिए मध्य-बिंदु प्रमेय का विलोम और सर्वांगसमता का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। यह तथ्य याद रखें कि समकोण त्रिभुज में कर्ण का मध्य-बिंदु तीनों शीर्षों से समान दूरी पर होता है।

 

Question 17. सिद्ध कीजिए कि एक आयत की भुजाओं के युग्मों के मध्य बिन्दुओं को मिलाने से एक समचतुर्भुज बनता है।
Answer:दिया गया है कि ABCD एक आयत है। P, Q, R और S क्रमशः भुजाओं AB, BC, CD और AD के मध्य-बिंदु हैं। हमें सिद्ध करना है कि PQRS एक समचतुर्भुज है। रचना: AC विकर्ण को मिलाइए। उपपत्ति: सबसे पहले, हम यह सिद्ध करेंगे कि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। \( \triangle ABC \) में, P और Q क्रमशः AB और BC के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय से:
\( \implies PQ \parallel AC \) और \( PQ = \frac{1}{2} AC \) ...(1) \( \triangle ADC \) में, R और S क्रमशः CD और AD के मध्य-बिंदु हैं। मध्य-बिंदु प्रमेय से:
\( \implies SR \parallel AC \) और \( SR = \frac{1}{2} AC \) ...(2) समीकरण (1) और (2) से:
\( \implies PQ \parallel SR \) और \( PQ = SR \). चूंकि सम्मुख भुजाओं का एक युग्म समांतर और बराबर है, अतः PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। अब हम यह सिद्ध करेंगे कि PQRS की सभी भुजाएँ बराबर हैं। आयत की सम्मुख भुजाएँ बराबर होती हैं: \( AB = CD \) और \( BC = AD \). आयत के सभी कोण \( 90^\circ \) के होते हैं: \( \angle A = \angle B = \angle C = \angle D = 90^\circ \). \( \triangle APS \) पर विचार करते हैं: P, AB का मध्य-बिंदु है, इसलिए \( AP = \frac{1}{2} AB \). S, AD का मध्य-बिंदु है, इसलिए \( AS = \frac{1}{2} AD \). पाइथागोरस प्रमेय से: \( PS^2 = AP^2 + AS^2 \) ...(3) \( \triangle BPQ \) पर विचार करते हैं: P, AB का मध्य-बिंदु है, इसलिए \( BP = \frac{1}{2} AB \). Q, BC का मध्य-बिंदु है, इसलिए \( BQ = \frac{1}{2} BC \). पाइथागोरस प्रमेय से: \( PQ^2 = BP^2 + BQ^2 \) ...(4) क्योंकि ABCD एक आयत है, \( AD = BC \). तो, \( \frac{1}{2} AD = \frac{1}{2} BC \implies AS = BQ \). समीकरण (3) और (4) से, चूंकि \( AP = BP \) और \( AS = BQ \):
\( \implies PS^2 = PQ^2 \implies PS = PQ \). चूंकि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है और उसकी आसन्न भुजाएँ \( PS \) और \( PQ \) बराबर हैं, तो PQRS एक समचतुर्भुज है। इति सिद्धम्। यह मध्य-बिंदु प्रमेय और आयत के गुणों का अनुप्रयोग है।
In simple words: हमारे पास एक आयत ABCD है। P, Q, R, S इसकी भुजाओं के बीच के बिंदु हैं। हमें दिखाना है कि P, Q, R, S को जोड़ने पर बनने वाला चतुर्भुज (PQRS) एक समचतुर्भुज है। पहले, मध्य-बिंदु प्रमेय का उपयोग करके, हम दिखाते हैं कि PQRS एक समांतर चतुर्भुज है। फिर, हम त्रिभुज APS और BPQ पर विचार करते हैं। क्योंकि आयत की भुजाएँ बराबर होती हैं और कोण \( 90^\circ \) के होते हैं, और P, Q, R, S मध्य-बिंदु हैं, तो \( \triangle APS \) और \( \triangle BPQ \) सर्वांगसम होते हैं। इससे \( PS = PQ \) सिद्ध होता है। जब एक समांतर चतुर्भुज की आसन्न भुजाएँ बराबर होती हैं, तो वह एक समचतुर्भुज होता है।

🎯 Exam Tip: आयत के गुणों (सम्मुख भुजाएँ बराबर, सभी कोण \( 90^\circ \)) और मध्य-बिंदु प्रमेय का सही उपयोग करें। फिर, आसन्न भुजाओं को बराबर सिद्ध करने के लिए सर्वांगसमता का उपयोग करें।

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