RBSE Solutions Class 9 Maths Chapter 5 समतल ज्यामिती परिचय एवं रेखाएँ व कोण Exercise 5.2

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Detailed Chapter 5 समतल ज्यामिती परिचय एवं रेखाएँ व कोण RBSE Solutions for Class 9 Mathematics

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Class 9 Mathematics Chapter 5 समतल ज्यामिती परिचय एवं रेखाएँ व कोण RBSE Solutions PDF

Rajasthan Board RBSE Class 9 Maths Chapter 5 समतल ज्यामिती परिचय एवं रेखाएँ व कोण Ex 5.2

 

Question 1. चित्र में, रेखाएँ AB, CD तथा EF परस्पर समान्तर हैं तो ∠x, ∠y, ∠z और ∠p ज्ञात कीजिए।
A B C D E F x y z p 58°
Answer:दिया है कि AB || CD || EF और एक तिर्यक रेखा उन्हें काटती है। रेखाएँ AB और CD को एक तिर्यक रेखा काट रही है, इसलिए ∠x और ∠y एक ही रेखा पर बनने वाले रैखिक कोण युग्म हैं। इन कोणों का योग 180° होता है। रेखाएँ AB और CD समांतर हैं, इसलिए ∠x और ∠z एकांतर कोण हैं। एकांतर कोण बराबर होते हैं। रेखाएँ CD और EF समांतर हैं। इस तिर्यक रेखा पर ∠p और 58° एक ही ओर के संगत कोण हैं। संगत कोण बराबर होते हैं।
\( \angle x + \angle y = 180^\circ \) (रैखिक कोण युग्म) ... (i)
\( \angle x = \angle z \) (एकांतर कोण) ... (ii)
दिया है कि \( \angle z = 58^\circ \) (संगत कोण, जहाँ CD || EF) ... (iii)
समीकरण (ii) और (iii) से, हमें मिलता है:
\( \angle x = \angle z = 58^\circ \) ... (iv)
अब, समीकरण (i) और (iv) से, \( 58^\circ + \angle y = 180^\circ \)
\( \implies \angle y = 180^\circ - 58^\circ \)
\( \implies \angle y = 122^\circ \)
साथ ही, \( \angle p = \angle y \) (संगत कोण)
\( \implies \angle p = 122^\circ \) इस प्रकार, हमें सभी अज्ञात कोणों के मान प्राप्त होते हैं।
अतः \( \angle x = 58^\circ \), \( \angle y = 122^\circ \), \( \angle z = 58^\circ \) तथा \( \angle p = 122^\circ \).
In simple words: हमें दिए गए चित्र में समांतर रेखाओं और एक तिर्यक रेखा के कोणों का उपयोग करके अज्ञात कोणों x, y, z और p का मान निकालना था। हमने रैखिक युग्म और संगत एवं एकांतर कोणों के गुणों का इस्तेमाल करके सभी मान ज्ञात किए।

🎯 Exam Tip: समांतर रेखाओं और तिर्यक रेखा से बनने वाले कोणों के संबंधों को हमेशा याद रखें: संगत कोण, एकांतर कोण, और एक ही ओर के आंतरिक कोणों का योग 180° होता है। यह अक्सर प्रश्नों को हल करने में मदद करता है।

 

Question 2. चित्र में, AB || EF हैं। ∠x एवं ∠y ज्ञात कीजिए।
A B C D E F 125° 141° x y
Answer:दिया है कि AB || EF. हम एक रेखा CD खींचते हैं जो AB और EF के समांतर है और दिए गए कोणों के शीर्ष (C) से होकर गुजरती है।
बिंदु C पर, एक रेखा CD, AB के समांतर और EF के समांतर खींची जाती है।
सबसे पहले, 125° और ∠ACD एक ही तिर्यक रेखा के आंतरिक कोण हैं। इन कोणों का योग 180° होता है।
\( 125^\circ + \angle ACD = 180^\circ \)
\( \implies \angle ACD = 180^\circ - 125^\circ \)
\( \implies \angle ACD = 55^\circ \)
अब, रेखाएँ CD और EF समांतर हैं। 141° और ∠DCE एक ही तिर्यक रेखा के आंतरिक कोण हैं। इन कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle DCE + \angle CEF = 180^\circ \) (एक ही ओर के अन्तः कोणों का योगफल 180° होता है।)
\( \implies \angle DCE + 141^\circ = 180^\circ \)
\( \implies \angle DCE = 180^\circ - 141^\circ \)
\( \implies \angle DCE = 39^\circ \)
∠x, ∠ACD और ∠DCE का योग है।
\( \implies \angle x = \angle ACD + \angle DCE \)
\( \implies \angle x = 55^\circ + 39^\circ \)
\( \implies \angle x = 94^\circ \)
अब, हमें ∠y का मान ज्ञात करना है। एक बिंदु के चारों ओर के कोणों का योग 360° होता है।
\( \angle x + \angle y = 360^\circ \)
\( \implies 94^\circ + \angle y = 360^\circ \)
\( \implies \angle y = 360^\circ - 94^\circ \)
\( \implies \angle y = 266^\circ \)
अतः \( \angle x = 94^\circ \) और \( \angle y = 266^\circ \).
In simple words: हमने पहले एक नई रेखा CD खींची जो AB और EF के समांतर थी। फिर, हमने आंतरिक कोणों के गुणों का उपयोग करके ∠ACD और ∠DCE का मान निकाला। ∠x इन दोनों कोणों का जोड़ था। आखिर में, हमने एक बिंदु के चारों ओर के कुल कोण के नियम का उपयोग करके ∠y का मान पता किया।

🎯 Exam Tip: जब दो से अधिक समांतर रेखाएँ हों और एक तिर्यक रेखा उन्हें काटे, तो अक्सर बीच में एक सहायक समांतर रेखा खींचने से प्रश्न हल करना आसान हो जाता है। हमेशा कोणों के योग और रैखिक युग्म के नियमों का ध्यान रखें।

 

Question 3. चित्र में \( l \parallel m \), तो ∠1 के तुल्य कोणों को बताइए।
l m n 1 2 4 3 8 5 7 6
Answer:यदि दो रेखाएँ \( l \) और \( m \) समांतर हैं और उन्हें एक तिर्यक रेखा \( n \) काटती है, तो ∠1 के बराबर कई कोण होते हैं।
\( \angle 1 = \angle 3 \) (शीर्षाभिमुख कोण) - जब दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं, तो आमने-सामने के कोण बराबर होते हैं।
\( \angle 1 = \angle 5 \) (संगत कोण) - जब एक तिर्यक रेखा दो समांतर रेखाओं को काटती है, तो संगत स्थिति पर बनने वाले कोण बराबर होते हैं।
\( \angle 5 = \angle 7 \) (शीर्षाभिमुख कोण) - फिर से, शीर्षाभिमुख कोण बराबर होते हैं।
अतः, \( \angle 1 = \angle 3 = \angle 5 = \angle 7 \).
In simple words: जब दो सीधी रेखाएँ एक-दूसरे के समांतर होती हैं और एक तीसरी रेखा उन्हें काटती है, तो कोण 1 के बराबर कोण 3 (जो उसके सामने है), कोण 5 (जो उसी जगह नीचे वाली रेखा पर है), और कोण 7 (जो कोण 5 के सामने है) होते हैं।

🎯 Exam Tip: संगत कोण, एकांतर आंतरिक कोण, और शीर्षाभिमुख कोण की अवधारणाओं को अच्छी तरह समझ लें। ये गुण समांतर रेखाओं से संबंधित ज्यामिति के प्रश्नों को हल करने की कुंजी हैं।

 

Question 4. चित्र में, यदि तिर्यक रेखा PQ, रेखाओं m और n को काटती है, और यह दिया गया है कि ∠1 = 60° तथा ∠6 = 120°, तो दर्शाइए कि रेखाएँ m और n समांतर हैं।
m n P Q 1 2 4 3 8 5 7 6
Answer:हमें यह सिद्ध करना है कि रेखाएँ m और n समांतर हैं, यदि ∠1 = 60° और ∠6 = 120° दिया गया है।
माना तिर्यक रेखा PQ, रेखाओं m और n को क्रमशः R और S पर काटती है।
हम जानते हैं कि ∠1 और ∠4 एक रैखिक कोण युग्म बनाते हैं, इसलिए उनका योग 180° होता है।
\( \angle 1 + \angle 4 = 180^\circ \) (रैखिक कोण युग्म)
\( \implies 60^\circ + \angle 4 = 180^\circ \)
\( \implies \angle 4 = 180^\circ - 60^\circ \)
\( \implies \angle 4 = 120^\circ \)
चित्र से, हम देखते हैं कि ∠6 और ∠8 शीर्षाभिमुख कोण हैं, इसलिए वे बराबर हैं।
दिया है \( \angle 6 = 120^\circ \), तो \( \angle 8 = 120^\circ \).
अब, हमारे पास \( \angle 4 = 120^\circ \) और \( \angle 6 = 120^\circ \).
चूँकि \( \angle 4 \) और \( \angle 6 \) एकांतर आंतरिक कोण हैं और वे बराबर हैं, इसलिए रेखाएँ m और n समांतर हैं। जब एकांतर कोण समान होते हैं, तो रेखाएँ समांतर होती हैं।
अतः m और n समांतर हैं।
In simple words: हमें दिखाना था कि दो रेखाएँ m और n समांतर हैं। हमने पहले कोण 1 का उपयोग करके कोण 4 का मान निकाला, जो कोण 1 के साथ एक सीधी रेखा पर है। फिर हमने देखा कि कोण 4 और कोण 6 दोनों 120° थे। क्योंकि ये कोण एकांतर कोण थे और बराबर थे, तो इसका मतलब है कि रेखाएँ m और n समांतर हैं।

🎯 Exam Tip: समांतर रेखाओं को सिद्ध करने के लिए, आप संगत कोणों (बराबर हों), एकांतर आंतरिक कोणों (बराबर हों), या एक ही ओर के आंतरिक कोणों (योग 180° हो) में से किसी एक शर्त का उपयोग कर सकते हैं। अपने तर्क को स्पष्ट रूप से लिखें।

 

Question 5. AP और BQ उन दो एकान्तर कोणों के समद्विभाजक हैं जो समान्तर रेखाओं L और M के तिर्यक रेखा n द्वारा प्रतिच्छेद से बनते हैं दर्शाइए कि AP || BQ है।
L' L M' M R S n P Q A B i₁ i₂ r₁ r₂
Answer:दिया गया है कि LL' और MM' दो समांतर रेखाएँ हैं, और n (रेखा RS) एक तिर्यक रेखा है जो इन्हें P और Q बिंदुओं पर काटती है।
किरण AP, \( \angle RPL \) की समद्विभाजक है, और किरण BQ, \( \angle SQM \) की समद्विभाजक है। हमें यह सिद्ध करना है कि AP || BQ.
उपपत्ति:
क्योंकि AP, \( \angle RPL \) की समद्विभाजक है, इसलिए \( \angle RPA = \frac{1}{2} \angle RPL \) ... (i)
इसी प्रकार, किरण BQ, \( \angle SQM \) की समद्विभाजक है, इसलिए \( \angle SQB = \frac{1}{2} \angle SQM \) ... (ii)
चूँकि LL' || MM' है और RS तिर्यक रेखा है, इसलिए \( \angle RPL \) और \( \angle SQM \) एकांतर बाह्य कोण हैं। एकांतर बाह्य कोण बराबर होते हैं।
\( \implies \angle RPL = \angle SQM \)
दोनों ओर \( \frac{1}{2} \) से गुणा करने पर:
\( \implies \frac{1}{2} \angle RPL = \frac{1}{2} \angle SQM \)
समीकरण (i) और (ii) से, हम लिख सकते हैं:
\( \implies \angle RPA = \angle SQB \)
ये \( \angle RPA \) और \( \angle SQB \) एकांतर बाह्य कोण हैं, और हमने दिखाया कि ये बराबर हैं।
इसलिए, किरण AP और BQ समांतर होंगी, क्योंकि यदि एकांतर कोण बराबर हों, तो रेखाएँ समांतर होती हैं।
अतः AP || BQ इति सिद्धम्।
In simple words: हमने दो समांतर रेखाओं को एक तीसरी रेखा से काटा हुआ देखा। फिर, हमने दो कोणों को आधा करने वाली रेखाएँ (AP और BQ) लीं। क्योंकि ये दोनों कोण एकांतर कोण थे और हमने सिद्ध किया कि उनके आधे हिस्से भी बराबर हैं, इसका मतलब है कि AP और BQ रेखाएँ भी एक-दूसरे के समांतर हैं।

🎯 Exam Tip: कोणों के समद्विभाजक से संबंधित प्रश्नों में, हमेशा दिए गए कोणों के गुणों (जैसे एकांतर कोण या संगत कोण) का उपयोग करके उन्हें छोटे भागों में विभाजित करें और फिर समांतरता के नियमों को लागू करें।

 

Question 6. चित्र में BA || ED और BC || EF है। दर्शाइए कि ∠ABC + ∠DEF = 180° है।
A F C D E H B G x y x y
Answer:हमें यह सिद्ध करना है कि \( \angle ABC + \angle DEF = 180^\circ \).
दिया है कि BA || ED और BC || EF है।
हम रेखा ED को आगे बढ़ाते हैं ताकि वह रेखा BC को बिंदु G पर काटे।
माना \( \angle ABC = x \) और \( \angle DEF = y \).
क्योंकि BA || ED है, और BC एक तिर्यक रेखा है, तो \( \angle DGC \) और \( \angle ABC \) संगत कोण हैं। संगत कोण बराबर होते हैं।
\( \angle DGC = \angle ABC = x \) (संगत कोण)
इसी तरह, BC || EF है, और EH एक तिर्यक रेखा है। इसलिए \( \angle CGH \) और \( \angle DEF \) संगत कोण हैं।
\( \angle CGH = \angle DEF = y \) (संगत कोण)
चित्र से स्पष्ट है कि EH एक सीधी रेखा है।
एक सीधी रेखा पर बनने वाले कोणों का योग 180° होता है। इसलिए, \( \angle DGC \) और \( \angle CGH \) एक रैखिक युग्म बनाते हैं।
\( \angle DGC + \angle CGH = 180^\circ \)
इन कोणों के मान प्रतिस्थापित करने पर:
\( \implies x + y = 180^\circ \)
अतः \( \angle ABC + \angle DEF = 180^\circ \).
इति सिद्धम्।
In simple words: हमें यह दिखाना था कि दो कोणों (∠ABC और ∠DEF) का योग 180° है। हमने एक रेखा को आगे बढ़ाकर एक नया बिंदु G बनाया। फिर हमने संगत कोणों के नियम का उपयोग किया, जिससे हमें दो कोणों x और y के मान मिले। आखिर में, हमने देखा कि x और y एक सीधी रेखा पर बनते हैं, जिनका योग हमेशा 180° होता है।

🎯 Exam Tip: ऐसे ज्यामिति के प्रश्नों को हल करते समय, अक्सर सहायक रेखाएँ खींचने से समस्याओं को सरल बनाने में मदद मिलती है। संगत कोणों और रैखिक युग्म के गुणों का उपयोग करें।

 

Question 7. चित्र में DE || QR तथा AP और BP क्रमशः ∠EAB और ∠RBA के समद्विभाजक हैं। ∠APB का मान ज्ञात कीजिए।
D E Q R n A B P
Answer:हमें \( \angle APB \) का मान ज्ञात करना है।
दिया है कि DE || QR.
AP, \( \angle EAB \) का समद्विभाजक है, जिसका अर्थ है कि यह कोण को दो बराबर भागों में बाँटता है।
\( \angle EAB = 2 \angle PAB \) ... (i)
BP, \( \angle RBA \) का समद्विभाजक है, जिसका अर्थ है कि यह कोण को दो बराबर भागों में बाँटता है।
\( \angle RBA = 2 \angle PBA \) ... (ii)
चूँकि DE || QR है, और AB एक तिर्यक रेखा है, तो \( \angle EAB \) और \( \angle RBA \) एक ही ओर के आंतरिक कोण हैं। इन कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle EAB + \angle RBA = 180^\circ \)
समीकरण (i) और (ii) से \( \angle EAB \) और \( \angle RBA \) के मान प्रतिस्थापित करने पर:
\( 2 \angle PAB + 2 \angle PBA = 180^\circ \)
दोनों पक्षों को 2 से विभाजित करने पर:
\( \angle PAB + \angle PBA = \frac{180^\circ}{2} \)
\( \implies \angle PAB + \angle PBA = 90^\circ \)
अब, त्रिभुज APB में, त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle APB + \angle PAB + \angle PBA = 180^\circ \)
\( \implies \angle APB + 90^\circ = 180^\circ \)
\( \implies \angle APB = 180^\circ - 90^\circ \)
\( \implies \angle APB = 90^\circ \)
In simple words: हमने देखा कि AP और BP दो कोणों को आधे-आधे बाँट रहे थे। क्योंकि शुरुआती दो बड़ी रेखाएँ समांतर थीं, उनके बीच के बड़े कोणों का जोड़ 180° था। जब हमने उन बड़े कोणों को आधा किया, तो उनके आधे हिस्सों का जोड़ 90° हो गया। अंत में, एक त्रिभुज के अंदर के सभी कोणों का जोड़ 180° होता है, तो हमने ∠APB को 90° पाया।

🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, हमेशा पहले समांतर रेखाओं और तिर्यक रेखा के गुणों का उपयोग करें, फिर कोण समद्विभाजक की परिभाषा लागू करें, और अंत में त्रिभुज के कोण योग गुण का उपयोग करें।

 

Question 8. दो सरल रेखाएँ क्रमशः दो समान्तर रेखाओं पर लम्ब हैं। दर्शाइए कि ये दोनों सरल रेखाएँ परस्पर समान्तर हैं।
A B C D P Q R S M O N T
Answer:हमें यह सिद्ध करना है कि PQ और RS समांतर हैं।
दिया है कि AB || CD.
सरल रेखा PQ, रेखा AB पर लम्ब है, इसलिए \( \angle PMB = 90^\circ \).
सरल रेखा PQ, रेखा CD पर लम्ब है, इसलिए \( \angle POD = 90^\circ \).
सरल रेखा RS, रेखा AB पर लम्ब है, इसलिए \( \angle RNB = 90^\circ \).
सरल रेखा RS, रेखा CD पर लम्ब है, इसलिए \( \angle RTD = 90^\circ \).
उपपत्ति:
क्योंकि AB || CD है, और RS एक तिर्यक रेखा है, तो \( \angle RNB \) और \( \angle RTD \) संगत कोण हैं। संगत कोण बराबर होते हैं।
\( \angle RNB = \angle RTD = 90^\circ \) (संगत कोण) ... (i)
इसी प्रकार, PQ भी एक तिर्यक रेखा है, तो \( \angle PMB \) और \( \angle POD \) संगत कोण हैं।
\( \angle PMB = \angle POD = 90^\circ \) (संगत कोण) ... (ii)
समीकरण (i) और (ii) से, हम देखते हैं कि:
\( \angle PMB = \angle RNB = 90^\circ \)
\( \angle POD = \angle RTD = 90^\circ \)
चूँकि रेखाएँ PQ और RS दो समांतर रेखाओं AB और CD पर लम्ब हैं, तो वे एक-दूसरे के समांतर होंगी।
जब दो रेखाएँ (PQ और RS) एक ही तिर्यक रेखा (मान लीजिए AB या CD) पर लम्ब होती हैं, तो वे एक-दूसरे के समांतर होती हैं।
अतः PQ || RS.
In simple words: हमें दिखाना था कि दो रेखाएँ (PQ और RS) समांतर हैं। हमने देखा कि ये दोनों रेखाएँ एक और दो समांतर रेखाओं (AB और CD) पर सीधी खड़ी हैं (यानी लम्ब हैं)। क्योंकि ये दोनों रेखाएँ एक ही सीधी खड़ी स्थिति में हैं, इसलिए वे खुद भी एक-दूसरे के समांतर होंगी।

🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण ज्यामितीय प्रमेय है: यदि दो रेखाएँ एक ही रेखा पर लम्बवत हों, तो वे एक-दूसरे के समांतर होती हैं। इसे सिद्ध करने के लिए संगत कोणों या एकांतर कोणों के गुणों का उपयोग करें।

 

Question 9. चित्र में, यदि तिर्यक रेखा PQ, रेखाओं AB, CD तथा EF' को क्रमशः R, S और T पर प्रतिच्छेद करती है, और CD || EF' है। यदि ∠y : ∠z = 3 : 7 है, तथा ∠CST एक रैखिक कोण युग्म है, तो ∠x, ∠y और ∠z के मान ज्ञात कीजिए।
A B C D E F' P Q R S T x y z
Answer:हमें \( \angle x, \angle y \) और \( \angle z \) के मान ज्ञात करने हैं।
माना तिर्यक रेखा PQ, रेखाओं AB, CD और EF' को क्रमशः R, S और T बिंदुओं पर काटती है।
दिया है कि CD || EF'.
\( \angle CST \) और \( \angle STF' \) एकांतर आंतरिक कोण हैं। जब रेखाएँ समांतर होती हैं, तो एकांतर कोण बराबर होते हैं।
\( \angle CST = \angle STF' \)
हम जानते हैं कि \( \angle CST \) और \( \angle y \) एक रैखिक युग्म बनाते हैं, जिसका अर्थ है कि उनका योग 180° है।
\( \angle y + \angle CST = 180^\circ \)
और \( \angle CST \) तथा \( \angle z \) मिलकर एक रैखिक कोण युग्म बनाते हैं, इसलिए उनका योग भी 180° होता है।
\( \angle y + \angle z = 180^\circ \) (रैखिक कोण युग्म)
दिया है कि \( \angle y : \angle z = 3 : 7 \).
अनुपातों का योग \( = 3 + 7 = 10 \).
अब, हम \( \angle y \) और \( \angle z \) के मान ज्ञात कर सकते हैं:
\( \angle y = \frac{3}{10} \times 180^\circ = 3 \times 18^\circ = 54^\circ \)
\( \angle z = \frac{7}{10} \times 180^\circ = 7 \times 18^\circ = 126^\circ \)
अब, AB || CD दिया है, और तिर्यक रेखा PQ, AB व CD को क्रमशः R तथा S पर काटती है।
\( \angle ARS \) और \( \angle RSC \) तिर्यक रेखा के एक ही ओर के आंतरिक कोण हैं, जिनका योग 180° होता है।
\( \angle ARS + \angle RSC = 180^\circ \)
चित्र से, \( \angle ARS = \angle x \) और \( \angle RSC = \angle y \).
\( \implies \angle x + \angle y = 180^\circ \)
\( \implies \angle x = 180^\circ - \angle y \)
\( \implies \angle x = 180^\circ - 54^\circ \)
\( \implies \angle x = 126^\circ \)
इस प्रकार, \( \angle x = 126^\circ \), \( \angle y = 54^\circ \) और \( \angle z = 126^\circ \).
In simple words: हमें x, y और z के मान पता करने थे। हमने देखा कि y और z एक सीधी रेखा पर थे, तो उनका जोड़ 180° था। उनके अनुपात से हमने y और z के अलग-अलग मान निकाले। फिर, x और y भी एक सीधी रेखा पर थे, तो उनके जोड़ को 180° के बराबर करके हमने x का मान पता कर लिया।

🎯 Exam Tip: जब कोणों का अनुपात दिया हो और वे एक रैखिक युग्म बनाते हों, तो उनके योग को 180° के बराबर रखकर अनुपात विधि से मान ज्ञात करें। फिर समांतर रेखाओं के गुणों का उपयोग करके अन्य कोणों का पता लगाएँ।

 

Question 10. चित्र में PQ और RS दो दर्पण हैं जो समांतर हैं। एक आपतित किरण AB दर्पण PQ के बिंदु B से परावर्तित होकर पथ BC पर चलकर दर्पण RS के बिंदु C से पुनः परावर्तित होकर पथ CD के अनुदिश चलती है, तो सिद्ध कीजिए AB || CD है।
P Q R S A B C D P' Q' i₁ r₁ i₂ r₂ ∠PBC ∠QCB
Answer:हमें यह सिद्ध करना है कि AB || CD.
दिया है कि दर्पण PQ || दर्पण RS. किरण AB दर्पण PQ पर बिंदु B पर आपतित होती है और BC के अनुदिश परावर्तित होती है। फिर किरण BC दर्पण RS पर बिंदु C पर आपतित होती है और CD के अनुदिश परावर्तित होती है।
उपपत्ति:
दर्पण PQ के बिंदु B पर एक अभिलम्ब BP' खींचते हैं, और दर्पण RS के बिंदु C पर एक अभिलम्ब CQ' खींचते हैं।
चूँकि PQ || RS, और BP' \( \perp \) PQ, CQ' \( \perp \) RS है, इसका अर्थ है कि BP' || CQ'.
क्योंकि BP' || CQ' है और BC एक तिर्यक रेखा है, तो \( \angle PBC \) और \( \angle QCB \) एकांतर आंतरिक कोण हैं। एकांतर आंतरिक कोण बराबर होते हैं।
\( \implies \angle PBC = \angle QCB \) ... (1)
परावर्तन के नियम से, आपतन कोण हमेशा परावर्तन कोण के बराबर होता है।
दर्पण PQ पर: आपतन कोण \( \angle ABP' = \angle i_1 \), परावर्तन कोण \( \angle P'BC = \angle r_1 \).
\( \angle i_1 = \angle r_1 \) ... (2)
दर्पण RS पर: आपतन कोण \( \angle BCQ' = \angle i_2 \), परावर्तन कोण \( \angle Q'CD = \angle r_2 \).
\( \angle i_2 = \angle r_2 \) ... (3)
समीकरण (1) में \( \angle P'BC \) और \( \angle BCQ' \) के मान रखने पर:
\( \angle P'BC = \angle BCQ' \)
\( \implies \angle r_1 = \angle i_2 \) ... (4)
समीकरण (2) और (4) का उपयोग करके, हम देखते हैं:
\( \angle ABP' = \angle P'BC = \angle BCQ' = \angle Q'CD \)
अब, हम \( \angle ABC \) और \( \angle BCD \) पर विचार करते हैं।
\( \angle ABC = \angle ABP' + \angle P'BC = \angle i_1 + \angle r_1 \)
\( \angle BCD = \angle BCQ' + \angle Q'CD = \angle i_2 + \angle r_2 \)
चूँकि \( \angle i_1 = \angle r_1 \) और \( \angle i_2 = \angle r_2 \), और \( \angle r_1 = \angle i_2 \),
तो \( \angle ABC = 2 \angle r_1 \) और \( \angle BCD = 2 \angle i_2 \).
क्योंकि \( \angle r_1 = \angle i_2 \) (समीकरण 4 से), तो \( \angle ABC = \angle BCD \).
ये \( \angle ABC \) और \( \angle BCD \) एकांतर आंतरिक कोण हैं जो AB और CD को BC द्वारा प्रतिच्छेद करने से बनते हैं।
चूँकि एकांतर आंतरिक कोण बराबर हैं, इसलिए AB || CD है।
अतः AB || CD इति सिद्धम्।
In simple words: हमें दिखाना था कि आपतित किरण AB और अंतिम परावर्तित किरण CD समांतर हैं। हमने दर्पणों पर अभिलम्ब खींचे और देखा कि आपतन कोण और परावर्तन कोण हमेशा बराबर होते हैं। फिर हमने पाया कि BC रेखा द्वारा AB और CD के बीच बनने वाले एकांतर कोण बराबर हैं। जब एकांतर कोण बराबर होते हैं, तो रेखाएँ समांतर होती हैं।

🎯 Exam Tip: परावर्तन के नियमों को हमेशा याद रखें (आपतन कोण = परावर्तन कोण)। ऐसे प्रश्नों में सहायक रेखाएँ (अभिलम्ब) खींचना और एकांतर आंतरिक कोणों की पहचान करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 11. चित्र में, यदि PQ || RS, ∠MXQ = 135° और ∠MYR = 40° है, तो ∠XMY ज्ञात कीजिए।
P Q R S M X Y 135° 40° T
Answer:हमें \( \angle XMY \) का मान ज्ञात करना है।
दिया है कि PQ || RS.
हम XM को आगे बढ़ाते हैं ताकि वह रेखा RS को बिंदु T पर प्रतिच्छेद करे।
अब, PQ || RT (क्योंकि RS पर स्थित है) और XT एक तिर्यक रेखा है।
\( \angle MXQ \) और \( \angle MTR \) एकांतर कोण हैं। एकांतर कोण बराबर होते हैं।
\( \angle MXQ = \angle MTR = 135^\circ \) (एकांतर कोण)
\( \angle MTR \) और \( \angle TMY \) एक रैखिक युग्म बनाते हैं, इसलिए उनका योग 180° होता है।
\( \angle TMY = 180^\circ - \angle MTR = 180^\circ - 135^\circ = 45^\circ \)
अब, त्रिभुज MTY पर विचार करते हैं। त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
\( \angle MTY + \angle TYM + \angle YMT = 180^\circ \)
\( \angle TYM \) को \( \angle MYR \) के रूप में भी जाना जाता है, जिसका मान 40° है।
\( \implies 45^\circ + 40^\circ + \angle YMT = 180^\circ \)
\( \implies 85^\circ + \angle YMT = 180^\circ \)
\( \implies \angle YMT = 180^\circ - 85^\circ \)
\( \implies \angle YMT = 95^\circ \)
यह कोण \( \angle YMT \) ही वह कोण है जिसे हम \( \angle XMY \) के रूप में जानते हैं।
इसलिए, \( \angle XMY = 95^\circ \).
In simple words: हमें ∠XMY का मान पता करना था। हमने रेखा XM को RS तक बढ़ाया, जहाँ वह बिंदु T पर मिली। फिर हमने देखा कि ∠MXQ और ∠MTR एकांतर कोण थे, तो वे 135° हो गए। फिर हमने त्रिभुज MTY के अंदर के कोणों को जोड़ा। हमने ∠MTY (जो 180°-135° था) और दिए गए ∠MYT को जोड़कर 180° में से घटाया, जिससे हमें ∠YMT का मान 95° मिला, जो कि हमारा ∠XMY था।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, यदि कोई रेखा किसी बिंदु पर झुक रही हो, तो उसे आगे बढ़ाना (एक निर्माण करना) अक्सर एक त्रिभुज बनाता है। फिर त्रिभुज के कोण योग गुण और समांतर रेखाओं के गुणों (जैसे एकांतर कोण) का उपयोग करके हल करें।

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RBSE Solutions Class 9 Mathematics Chapter 5 समतल ज्यामिती परिचय एवं रेखाएँ व कोण

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