RBSE Solutions Class 9 Maths Chapter 15 सांख्यिकी Important Questions

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Detailed Chapter 15 सांख्यिकी RBSE Solutions for Class 9 Mathematics

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Class 9 Mathematics Chapter 15 सांख्यिकी RBSE Solutions PDF

Rajasthan Board RBSE Class 9 Maths Chapter 15 सांख्यिकी Additional Questions

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. आयत चित्र में आयतों की ऊँचाइयाँ उन वर्गों की:
(A) बारम्बारताओं के व्युत्क्रमानुपाती होती हैं।
(B) बारम्बारताओं के समानुपाती होती हैं।
(C) वर्ग-अन्तराल के समानुपाती होती हैं।
(D) वर्ग- अन्तराल के व्युत्क्रमानुपाती होती हैं।
Answer: (B) बारम्बारताओं के समानुपाती होती हैं।
In simple words: आयत चित्र में, हर आयत की ऊँचाई उस वर्ग की बारम्बारता के सीधे अनुपात में होती है। इसका मतलब है कि जितनी ज़्यादा बार कोई संख्या आती है, उतना ही ऊँचा उसका आयत बनता है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि आयत चित्र में आयतों की ऊँचाई हमेशा बारम्बारता दर्शाती है, जबकि चौड़ाई वर्ग अंतराल को दिखाती है।

 

Question 2. चार छात्रों के सांख्यिकी में प्राप्तांक 53, 75, 42, 70 हैं। उनके प्राप्तांकों का समान्तर माध्य है:
(A) 42
(B) 64
(C) 60
(D) 56
Answer: (C) 60
In simple words: सभी अंकों को जोड़कर और फिर कुल अंकों की संख्या से भाग देकर औसत (समान्तर माध्य) निकाला जाता है। यह हमें बताता है कि सामान्य तौर पर छात्रों ने कैसा प्रदर्शन किया।

🎯 Exam Tip: समान्तर माध्य (औसत) निकालने के लिए सभी मानों को जोड़कर उनकी संख्या से भाग दें।

 

Question 3. यदि 5, 7, 9, x का समान्तर माध्य 9 हो, तो x का मान है:
(A) 11
(B) 15
(C) 18
(D) 16
Answer: (B) 15
In simple words: अगर कुछ संख्याओं का औसत पता हो और उनमें से एक संख्या गायब हो, तो हम औसत के सूत्र का उपयोग करके उस गायब संख्या को आसानी से पता कर सकते हैं। यह हमें बताता है कि उस संख्या का क्या मान होना चाहिए ताकि सभी का औसत सही आए।

🎯 Exam Tip: माध्य के सूत्र का उपयोग करके अज्ञात चर (x) का मान ज्ञात करें, जहाँ सभी मानों का योग उनकी संख्या से विभाजित होता है।

 

Question 4. बंटन 1, 3, 2, 5, 9 की माध्यिका है:
(A) 3
(B) 4
(C) 2
(D) 20
Answer: (A) 3
In simple words: माध्यिका वह संख्या होती है जो डेटा को क्रम में रखने पर ठीक बीच में आती है। अगर संख्याओं की गिनती विषम हो, तो बीच वाली संख्या ही माध्यिका होती है।

🎯 Exam Tip: माध्यिका ज्ञात करने के लिए, पहले डेटा को आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करें, फिर बीच वाला मान चुनें।

 

Question 6. बंटन 2, 3, 4, 7, 5, 1 की माध्यिका है:
(A) 4
(B) 7
(C) 11
(D) 3.5
Answer: (D) 3.5
In simple words: जब संख्याओं की गिनती सम होती है, तो माध्यिका निकालने के लिए बीच की दो संख्याओं का औसत लिया जाता है। पहले सभी संख्याओं को सही क्रम में रखना बहुत ज़रूरी है।

🎯 Exam Tip: सम संख्या में प्रेक्षण होने पर माध्यिका बीच के दो प्रेक्षणों का औसत होती है।

 

Question 7. निम्न बारम्बारता बंटनों का बहुलक ज्ञात कीजिए:

\( x \)345678
\( f \)246321

(A) 2
(B) 3
(C) 6
(D) 5
Answer: (D) 5
In simple words: बहुलक वह संख्या होती है जो डेटा सेट में सबसे ज़्यादा बार आती है। इसे पहचानने के लिए बारम्बारता (कितनी बार संख्या दोहराई गई है) को देखा जाता है।

🎯 Exam Tip: बहुलक ज्ञात करने के लिए, उस मान को देखें जिसकी बारम्बारता (f) सबसे अधिक हो।

 

Question 8. बंटन 4, 8, 3, 6, 7, 5, 3, 5, 9, 4, 5, 5 में 5 की बारम्बारता होगी:
(A) 4
(B) 3
(C) 2
(D) 5
Answer: (A) 4
In simple words: बारम्बारता का मतलब है कि कोई खास संख्या डेटा के समूह में कितनी बार दिखाई देती है। संख्याओं को गिनकर हम उनकी बारम्बारता पता कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: किसी संख्या की बारम्बारता ज्ञात करने के लिए, डेटा सेट में उस संख्या के आने की गिनती करें।

 

Question 10. सांख्यिकीय आँकड़ों के औसत को कहते हैं-
(A) समान्तर माध्य
(B) माध्यक
(C) बहुलक
(D) बारम्बारता
Answer: (A) समान्तर माध्य
In simple words: गणित में, जब हम आँकड़ों का औसत निकालते हैं, तो उसे समान्तर माध्य कहते हैं। यह सभी संख्याओं को जोड़कर उनकी कुल संख्या से भाग देने पर मिलता है।

🎯 Exam Tip: समान्तर माध्य (Arithmetic Mean) ही सांख्यिकीय आँकड़ों का सबसे सामान्य औसत होता है।

अतिलघूत्तटीय/लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. क्रिकेट के एक खिलाड़ी ने 10 पारियों में क्रमशः 60, 62, 56, 64, 0, 57, 33, 27, 9 और 71 रन बनाये। उनके इन पारियों के रनों का औसत ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए रनों का योग \( = 60 + 62 + 56 + 64 + 0 + 57 + 33 + 27 + 9 + 71 \)
\( = 439 \)
पारियों की कुल संख्या \( = 10 \)
औसत \( = \frac{\text{कुल रन}}{\text{पारियों की संख्या}} \)
\( = \frac{439}{10} \)
\( = 43.9 \)
अतः खिलाड़ी की पारियों के रनों का औसत \( = 43.9 \)। औसत हमें बताता है कि खिलाड़ी ने प्रति पारी औसतन कितने रन बनाए।
In simple words: खिलाड़ी के सभी रनों को जोड़ो, फिर उसे खेली गई पारियों की संख्या (10) से भाग दो। जो उत्तर आएगा, वह उसका औसत स्कोर होगा।

🎯 Exam Tip: औसत (समान्तर माध्य) ज्ञात करने के लिए, सभी प्रेक्षणों के योग को प्रेक्षणों की कुल संख्या से भाग दें।

 

Question 2. यदि 3, 4, 8, 5, x, 3, 2, 1 अंकों का समान्तर माध्य 4 हो, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: आँकड़ों की संख्या \( = 8 \)
सभी आँकड़ों का योग \( = 3 + 4 + 8 + 5 + x + 3 + 2 + 1 \)
\( = 26 + x \)
समान्तर माध्य का सूत्र है: \( \text{समान्तर माध्य } (\bar{x}) = \frac{\text{आँकड़ों का योग}}{\text{आँकड़ों की संख्या}} \)
प्रश्न के अनुसार, समान्तर माध्य 4 है।
\( 4 = \frac{26 + x}{8} \)
अब समीकरण को हल करें:
\( 4 \times 8 = 26 + x \)
\( 32 = 26 + x \)
\( x = 32 - 26 \)
\( x = 6 \)
इसलिए, अज्ञात संख्या \( x \) का मान 6 है, जिससे पूरा डेटा सेट संतुलित हो जाता है।
In simple words: सभी दिए गए नंबरों को और x को जोड़ो। इसे कुल नंबरों की संख्या (8) से भाग दो। यह सब 4 के बराबर होना चाहिए। इस समीकरण को हल करके x का मान पता करो।

🎯 Exam Tip: माध्य के सूत्र का उपयोग करके समीकरण बनाएं और अज्ञात चर (x) के लिए हल करें। ध्यान दें कि सभी मानों को योग में शामिल किया जाए।

 

Question 3. एक कम्पनी एक विशेष प्रकार की कार-बैटरी बनाती है। इस प्रकार की 40 बैटरियों के जीवन-काल (वर्षो में) ये रहे हैं- 2.6, 3.0, 3.7, 3.2, 2.2, 4.1, 3.5, 4.5, 3.5, 2.3, 3.2, 3.4, 3.8, 3.2, 4.6, 3.7, 2.5, 4.4, 3.4, 3.3, 2.9, 3.0, 4.3, 2.8, 3.5, 3.2, 3.9, 3.2, 3.2, 3.1, 3.7, 3.4, 4.6, 3.8, 3.2, 2.6, 3.5, 4.2, 2.9, 3.6 0.5 माप के वर्ग-अन्तराल लेकर तथा अन्तराल 2-2.5 से प्रारम्भ करके इन आँकड़ों की एक वर्गीकृत बारम्बारती बंटन सारणी बनाइए।
Answer: सबसे पहले, दिए गए जीवन-काल डेटा में सबसे कम और सबसे ज़्यादा मानों का पता लगाएँ। यहाँ न्यूनतम जीवन-काल 2.2 वर्ष और अधिकतम जीवन-काल 4.6 वर्ष है। वर्ग माप 0.5 दिया गया है।
अब, वर्ग-अंतराल 2.0-2.5 से शुरू करके और 0.5 के वर्ग माप का उपयोग करके एक वर्गीकृत बारम्बारता बंटन सारणी बनाएँ। इसमें हर वर्ग अंतराल में आने वाली बैटरियों की संख्या गिनें।
इस प्रकार, सारणी निम्न प्रकार बनेगी:

जीवन-काल (वर्षों में)बारम्बारता (f)
2.0-2.52
2.5-3.06
3.0-3.514
3.5-4.011
4.0-4.54
4.5-5.03
योग (N)40

यह सारणी दर्शाती है कि प्रत्येक जीवन-काल वर्ग में कितनी बैटरियाँ आती हैं, जिससे डेटा का अवलोकन आसान हो जाता है।
In simple words: सबसे छोटे और सबसे बड़े नंबर ढूंढो। 0.5 की दूरी वाले ग्रुप बनाओ, जैसे 2.0 से 2.5, 2.5 से 3.0, और आगे। फिर हर ग्रुप में कितने नंबर आते हैं, उन्हें गिनो और एक टेबल बनाओ।

🎯 Exam Tip: वर्गीकृत बारम्बारता बंटन सारणी बनाते समय, वर्ग अंतराल की निचली सीमा को शामिल करें और ऊपरी सीमा को अगले अंतराल में शामिल करें (जैसे, 2.0-2.5 में 2.5 शामिल नहीं होगा)।

 

Question 4. निम्नलिखित बंटन का समान्तर माध्य ज्ञात कीजिए-

\( x \)0.10.20.30.40.50.6
\( f \)306020401050

Answer: समान्तर माध्य ज्ञात करने के लिए, हमें पहले प्रत्येक \( x_i \) मान को उसकी संगत बारम्बारता \( f_i \) से गुणा करना होगा, ताकि \( f_i x_i \) का मान मिल सके। फिर, सभी \( f_i x_i \) मानों को जोड़ें (\( \Sigma f_i x_i \)) और सभी बारम्बारताओं को जोड़ें (\( \Sigma f_i \)). अंत में, \( \Sigma f_i x_i \) को \( \Sigma f_i \) से भाग दें।
\( x_i \)\( f_i \)\( f_i x_i \)
0.1303
0.26012
0.3206
0.44016
0.5105
0.65030
\( \Sigma f_i = 210 \)\( \Sigma f_i x_i = 72 \)

समान्तर माध्य \( (\bar{x}) = \frac{\Sigma f_i x_i}{\Sigma f_i} \)
\( \bar{x} = \frac{72}{210} \)
\( \bar{x} = 0.342 \)
इस प्रकार, दिए गए बंटन का औसत 0.342 है, जो डेटा के केंद्र को दर्शाता है।
In simple words: हर \( x \) को उसके \( f \) से गुणा करो। इन सभी गुणा किए गए नंबरों को जोड़ो। फिर, सभी \( f \) नंबरों को जोड़ो। अंत में, पहले जोड़ को दूसरे जोड़ से भाग दे दो। यह समान्तर माध्य है।

🎯 Exam Tip: समान्तर माध्य (Mean) के लिए \( \frac{\Sigma f_i x_i}{\Sigma f_i} \) सूत्र का उपयोग करें, जहाँ \( f_i x_i \) प्रत्येक मान की बारम्बारता से गुणा किए गए मान को दर्शाता है।

 

Question 6. एक कक्षा के 20 छात्रों की आयु (वर्षो में) निम्न प्रकार है: 15, 16, 13, 14, 14, 13, 15, 14, 13, 13, 14, 12, 15, 14, 16, 13, 14, 14, 13, 15 इन्हें बारम्बारता बंटन में व्यक्त कर बहुलक ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए 20 छात्रों की आयु के डेटा को बारम्बारता बंटन सारणी में बदलने के लिए, हमें प्रत्येक आयु के मान की गणना करनी होगी कि वह कितनी बार आता है।

आयु (वर्षों में)गणना चिह्नबारम्बारता
12I1
13IIII I6
14IIII II7
15IIII4
16II2

सारणी से यह स्पष्ट है कि सबसे अधिक बारम्बारता 7 है, जो आयु वर्ग 14 वर्ष की है।
अतः, बहुलक 14 है। बहुलक हमें बताता है कि छात्रों की सबसे आम आयु क्या है।
In simple words: छात्रों की उम्र की लिस्ट में, हर उम्र कितनी बार आती है, यह गिनो और एक टेबल बनाओ। जिस उम्र की संख्या सबसे ज़्यादा बार आई है, वही बहुलक है।

🎯 Exam Tip: बहुलक वह मान होता है जिसकी बारम्बारता सबसे अधिक होती है। इसे पहचानने के लिए बारम्बारता सारणी सबसे उपयोगी होती है।

 

Question 7. कुछ विद्यार्थियों के प्राप्तांक नीचे दिये हुए हैं, प्राप्तांकों का बहुलक ज्ञात कीजिए-
Answer: प्रश्न के अनुसार, यदि एक सारणी होती जिसमें विद्यार्थियों के प्राप्तांक और उनकी बारम्बारता दी होती, तो हम बहुलक आसानी से ज्ञात कर पाते। मान लेते हैं कि ऐसी सारणी में प्राप्तांक 40 की बारम्बारता 26 है, जो अन्य प्राप्तांकों की तुलना में सबसे अधिक है।
इस जानकारी के आधार पर, सबसे अधिक विद्यार्थियों की संख्या 26 है, और यह प्राप्तांक 40 से संबंधित है।
अतः, बहुलक 40 है। यह दर्शाता है कि 40 अंक सबसे ज़्यादा विद्यार्थियों ने प्राप्त किए हैं।
In simple words: हमें वह नंबर देखना है जो सबसे ज़्यादा बार आया हो (या जिसकी गिनती सबसे ज़्यादा हो)। जो नंबर सबसे ज़्यादा बार आता है, वही बहुलक होता है।

🎯 Exam Tip: बहुलक हमेशा वह मान होता है जिसकी बारम्बारता सबसे अधिक होती है; डेटा सेट को देखकर सीधे इसकी पहचान की जा सकती है।

 

Question 8. आरोही क्रम में व्यवस्थित चर मान निम्नानुसार हैं: 8, 11, 12, 16, 16+x, 20, 25, 30 यदि माध्यिका 18 हो, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए आँकड़ों को आरोही क्रम में व्यवस्थित किया गया है: 8, 11, 12, 16, 16+x, 20, 25, 30।
यहाँ पदों की कुल संख्या \( n = 8 \) है, जो कि एक सम संख्या है।
जब \( n \) एक सम संख्या होती है, तो माध्यिका बीच के दो पदों का औसत होती है।
माध्यिका \( = \frac{\text{(} \frac{n}{2} \text{ वाँ पद) + (} \frac{n}{2} + 1 \text{ वाँ पद)}}{2} \)
\( = \frac{\text{(} \frac{8}{2} \text{ वाँ पद) + (} \frac{8}{2} + 1 \text{ वाँ पद)}}{2} \)
\( = \frac{\text{(4 वाँ पद) + (5 वाँ पद)}}{2} \)
दिए गए क्रम में, चौथा पद 16 है और पाँचवाँ पद 16+x है।
माध्यिका का मान 18 दिया गया है।
\( 18 = \frac{16 + (16 + x)}{2} \)
\( 18 \times 2 = 32 + x \)
\( 36 = 32 + x \)
\( x = 36 - 32 \)
\( x = 4 \)
इस प्रकार, अज्ञात चर \( x \) का मान 4 है, जिससे डेटा की माध्यिका सही होती है।
In simple words: सभी नंबरों को क्रम से लिखो। चूंकि नंबरों की कुल गिनती 8 (एक सम संख्या) है, तो बीच के दो नंबरों (चौथा और पांचवां) को जोड़कर 2 से भाग दो। यह उत्तर 18 के बराबर होना चाहिए। इस समीकरण को हल करके x का मान पता करो।

🎯 Exam Tip: सम संख्या में प्रेक्षणों के लिए माध्यिका निकालते समय, बीच के दो पदों का औसत लेने का सूत्र याद रखें, और समीकरण को ध्यान से हल करें।

 

Question 9. प्रथम दस विषम संख्याओं का समान्तर माध्य ज्ञात कीजिए।
Answer: प्रथम दस विषम संख्याएँ हैं: 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, 19।
इन संख्याओं का योग \( = 1 + 3 + 5 + 7 + 9 + 11 + 13 + 15 + 17 + 19 \)
\( = 100 \)
कुल विषम संख्याओं की संख्या \( = 10 \)
समान्तर माध्य \( = \frac{\text{संख्याओं का योग}}{\text{कुल संख्याएँ}} \)
\( = \frac{100}{10} \)
\( = 10 \)
प्रथम दस विषम संख्याओं का समान्तर माध्य 10 है, जो दर्शाता है कि विषम संख्याओं का औसत उनकी संख्या के बराबर होता है।
In simple words: सबसे पहले 1 से शुरू करके 10 विषम संख्याएं लिखो। फिर इन सभी 10 संख्याओं को जोड़ो और कुल संख्या (10) से भाग दे दो। यही उनका औसत होगा।

🎯 Exam Tip: प्रथम \( n \) विषम संख्याओं का योग हमेशा \( n^2 \) होता है, और उनका समान्तर माध्य हमेशा \( n \) होता है। इस नियम को याद रखने से समय बचता है।

 

Question 10. एक परिवार ने जिसकी आय 20,000 रु. है। विभिन्न मदों के अन्तर्गत हर महीने होने वाले खर्च की योजना बनाई थी।

मदखर्च (हजार रुपयों में)
ग्रासरी (परचून का सामान)4
किराया5
बच्चों की शिक्षा5
दवाइयाँ2
ईंधन2
मनोरंजन1
विविध1

ऊपर दिये गये आँकड़ों का दण्ड आलेख बनाइए।
Answer: दण्ड आलेख (Bar Graph) बनाने के लिए इन चरणों का पालन करें:
1. X-अक्ष (क्षैतिज अक्ष) पर खर्च की विभिन्न मदों (जैसे ग्रासरी, किराया) को दर्शाएँ। Y-अक्ष (ऊर्ध्वाधर अक्ष) पर हजार रुपयों में खर्च की राशि दर्शाएँ।
2. X-अक्ष पर प्रत्येक मद को समान चौड़ाई के साथ लें और उनके बीच समान दूरी बनाए रखें। हर मद को 1 सेमी की चौड़ाई दे सकते हैं।
3. Y-अक्ष पर खर्च को उचित पैमाने से निरूपित करें। मान लें कि 1 सेमी \( = 1000 \) रु.।
4. अब दिए गए आँकड़ों के अनुसार, प्रत्येक मद के लिए एक आयताकार दण्ड बनाएँ जिसकी ऊँचाई खर्च की राशि के समानुपाती हो। दो क्रमागत आयताकार दण्डों के बीच 1 सेमी का खाली स्थान छोड़ें। यह आलेख परिवार के खर्च के पैटर्न को साफ दिखाता है।
0 1 2 3 4 5 खर्च (हजार रूपयों में) मद ग्रासरी किराया बच्चों की शिक्षा दवाइयाँ ईंधन मनोरंजन विविध पारिवारिक खर्च का दण्ड आलेख
In simple words: एक ग्राफ बनाओ जिसमें नीचे की लाइन पर खर्च की चीज़ें हों और खड़ी लाइन पर खर्च किए गए पैसे। हर चीज़ के लिए एक ऊँचा डंडा (बार) बनाओ जो दिखाता है कि उस पर कितना पैसा खर्च हुआ।

🎯 Exam Tip: दण्ड आलेख बनाते समय, दण्डों के बीच समान गैप और समान चौड़ाई रखें। अक्षों को सही ढंग से लेबल करें और उचित पैमाना चुनें।

 

Question 11. नीचे की सारणी में 400 निऑन लैम्पों के जीवन-काल दिए गए हैं:

जीवन-काल (घण्टों में)लैम्पों की संख्या
300-40014
400-50056
500-60060
600-70086
700-80074
800-90062
900-100048

(i) एक आयत चित्र की सहायता से दी हुई सूचनाओं को निरूपित कीजिए।
(ii) कितने लैम्पों के जीवन-काल 700 घण्टों से अधिक हैं?
Answer:
(i) आयत चित्र बनाने की विधि:
1. X-अक्ष (क्षैतिज अक्ष) पर लैम्पों का जीवन-काल (घंटों में) दर्शाएँ। Y-अक्ष (ऊर्ध्वाधर अक्ष) पर लैम्पों की संख्या (बारम्बारता) दर्शाएँ।
2. X-अक्ष पर उचित पैमाने (जैसे 1 सेमी = 100 घंटे) का उपयोग करके जीवन-काल के वर्गों को चिह्नित करें। चूंकि डेटा 300 से शुरू होता है, X-अक्ष पर 0 से 300 तक एक 'किंक' (zig-zag) चिह्न लगा सकते हैं।
3. Y-अक्ष पर उचित पैमाने (जैसे 1 सेमी = 10 लैम्प) का उपयोग करके लैम्पों की संख्या को चिह्नित करें।
4. प्रत्येक वर्ग-अंतराल के लिए आयत बनाएँ जिनकी चौड़ाई वर्ग-अंतराल के बराबर हो और ऊँचाई संगत बारम्बारता के बराबर हो। आयतों के बीच कोई जगह नहीं होनी चाहिए। यह आयत चित्र लैम्पों के जीवनकाल के वितरण को स्पष्ट रूप से दिखाता है।
लैम्पों का जीवन काल (घण्टे) लैम्पों की संख्या 0 10 20 30 40 50 100 300 400 500 600 700 800 900 1000 निऑन लैम्पों के जीवन काल का आयत चित्र
(ii) 700 घंटों से अधिक जीवन-काल वाले लैम्पों की संख्या ज्ञात करने के लिए, हमें 700-800, 800-900, और 900-1000 के वर्ग-अंतरालों की बारम्बारताओं को जोड़ना होगा।
700-800 घंटों वाले लैम्पों की संख्या \( = 74 \)
800-900 घंटों वाले लैम्पों की संख्या \( = 62 \)
900-1000 घंटों वाले लैम्पों की संख्या \( = 48 \)
कुल लैम्पों की संख्या \( = 74 + 62 + 48 \)
\( = 184 \)
अतः, 184 लैम्पों का जीवन-काल 700 घंटों से अधिक है। यह संख्या हमें बताती है कि कितने लैंप काफी लंबे समय तक चलते हैं।
In simple words: (i) जीवन-काल के ग्रुप और लैंप की गिनती का उपयोग करके एक आयत चित्र बनाओ। (ii) 700 घंटे से ज़्यादा वाले ग्रुपों (700-800, 800-900, 900-1000) में लैंपों की संख्या को जोड़ दो।

🎯 Exam Tip: आयत चित्र में, वर्ग-अंतराल X-अक्ष पर होते हैं और बारम्बारता Y-अक्ष पर। 700 घंटे से अधिक जीवन-काल वाले लैंपों के लिए, 700 से शुरू होने वाले सभी वर्गों की बारम्बारताओं को जोड़ें।

 

Question 12. एक पार्क में खेल रहे विभिन्न आयु वर्गों के बच्चों की संख्या का एक यादृच्छिक सर्वेक्षण (random survey) करने पर निम्नलिखित आँकड़े प्राप्त हुए-
Answer: आयत चित्र बनाने की विधि:
1. X-अक्ष (क्षैतिज अक्ष) पर बच्चों की आयु (वर्षों में) दर्शाएँ। Y-अक्ष (ऊर्ध्वाधर अक्ष) पर समायोजित बारम्बारता (आयत की लम्बाई) दर्शाएँ।
2. X-अक्ष पर उचित पैमाने (जैसे 1 सेमी \( = 1 \) वर्ष) का उपयोग करके आयु वर्गों को चिह्नित करें।
3. Y-अक्ष पर उचित पैमाने का उपयोग करके बच्चों की संख्या (समायोजित बारम्बारता) को चिह्नित करें।
4. चूँकि वर्ग-अंतराल भिन्न-भिन्न हैं, हमें समायोजित बारम्बारता ज्ञात करनी होगी। इसके लिए सूत्र है:
समायोजित बारम्बारता \( = \frac{\text{न्यूनतम वर्ग का अन्तर}}{\text{इसी वर्ग का अन्तर}} \times \text{इसकी बारम्बारता} \)
यहाँ न्यूनतम वर्ग का अन्तर \( = 2 - 1 = 1 \) है।
5. वर्गों की चौड़ाई के सापेक्ष आयतों की लम्बाई के लिए निम्न सारणी बनाई गई है, जो समायोजित बारम्बारता को दिखाती है:

आयु वर्गबारम्बारतावर्ग की चौड़ाई (वर्ग का अन्तर)समायोजित बारम्बारता (आयत की लम्बाई)
1-251\( (1/1) \times 5 = 5 \)
2-331\( (1/1) \times 3 = 3 \)
3-562\( (1/2) \times 6 = 3 \)
5-7122\( (1/2) \times 12 = 6 \)
7-1093\( (1/3) \times 9 = 3 \)
10-15105\( (1/5) \times 10 = 2 \)
15-1742\( (1/2) \times 4 = 2 \)

इस सारणी का उपयोग करके निम्न आयत चित्र बनाया गया है। यह आयत चित्र बच्चों की आयु के वितरण को दर्शाता है।
आयु वर्ग : आयु (वर्षों में) समायोजित बारम्बारता 0 1 2 3 4 5 1 2 3 5 7 10 15 17 बच्चों की आयु का आयत चित्र
In simple words: आयत चित्र बनाने के लिए, पहले हर उम्र ग्रुप की समायोजित बारम्बारता निकालो। फिर, एक ग्राफ पर उम्र के ग्रुप को नीचे की लाइन पर और समायोजित बारम्बारता को खड़ी लाइन पर दिखाओ। हर ग्रुप के लिए एक डंडा बनाओ जिसकी चौड़ाई उम्र के ग्रुप जितनी हो और ऊँचाई समायोजित बारम्बारता जितनी।

🎯 Exam Tip: भिन्न वर्ग-अंतरालों वाले आयत चित्र बनाते समय, आयत की ऊँचाई बारम्बारता घनत्व (या समायोजित बारम्बारता) को दर्शाती है, न कि केवल बारम्बारता को।

Rajasthan Board RBSE Class 9 Maths Chapter 15 सांख्यिकी Additional Questions

बहुविकल्पीय प्रश्न

 

Question 1. आयत चित्र में आयतों की ऊँचाइयाँ उन वर्गों की:
(a) बारम्बारताओं के व्युत्क्रमानुपाती होती हैं।
(b) बारम्बारताओं के समानुपाती होती हैं।
(c) वर्ग-अन्तराल के समानुपाती होती हैं।
(d) वर्ग- अन्तराल के व्युत्क्रमानुपाती होती हैं।
Answer: (b) बारम्बारताओं के समानुपाती होती हैं।
In simple words: आयत चित्र में, आयतों की ऊँचाई बारम्बारता के हिसाब से बढ़ती है। जितनी ज़्यादा बार कोई चीज़ आती है, उसका आयत उतना ही ऊँचा बनता है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि आयत चित्र में आयतों की ऊँचाई हमेशा उसकी बारम्बारता के सीधे अनुपात में होती है, न कि वर्ग-अन्तराल या उसके व्युत्क्रमानुपाती।

 

Question 2. चार छात्रों के सांख्यिकी में प्राप्तांक 53, 75, 42, 70 हैं। उनके प्राप्तांकों का समान्तर माध्य है:
(a) 42
(b) 64
(c) 60
(d) 56
Answer: (c) 60
In simple words: सभी नंबरों को जोड़ो: \( 53 + 75 + 42 + 70 = 240 \)। फिर इसे छात्रों की संख्या (4) से भाग दो: \( 240 / 4 = 60 \)। तो, माध्य 60 है।

🎯 Exam Tip: समान्तर माध्य की गणना के लिए, सभी मानों का योग करके उनकी संख्या से भाग देना सुनिश्चित करें। यह सांख्यिकी में आंकड़ों के केंद्र का सबसे आम माप है।

 

Question 3. यदि 5, 7, 9, x का समान्तर माध्य 9 हो, तो x का मान है:
(a) 11
(b) 15
(c) 18
(d) 16
Answer: (b) 15
In simple words: सभी नंबरों को जोड़ो और 4 से भाग दो, यह 9 के बराबर होना चाहिए। इसका मतलब है कि \( 5 + 7 + 9 + x = 36 \)। फिर, \( 21 + x = 36 \) हो जाएगा, तो \( x = 15 \) होगा।

🎯 Exam Tip: माध्य के सूत्र का उपयोग करते समय, अज्ञात चर (जैसे x) को समीकरण में शामिल करें और उसे बीजगणितीय रूप से हल करें। यह अज्ञात मानों को खोजने का एक सीधा तरीका है।

 

Question 4. बंटन 1, 3, 2, 5, 9 की माध्यिका है:
(a) 3
(b) 4
(c) 2
(d) 20
Answer: (a) 3
In simple words: पहले नंबरों को छोटे से बड़े क्रम में लगाओ: 1, 2, 3, 5, 9. अब जो नंबर ठीक बीच में है, वही माध्यिका है। यहाँ बीच का नंबर 3 है।

🎯 Exam Tip: माध्यिका ज्ञात करने से पहले आंकड़ों को हमेशा आरोही या अवरोही क्रम में व्यवस्थित करें। यदि पदों की संख्या विषम हो, तो माध्यिका बीच वाला पद होता है।

 

Question 6. बंटन 2, 3, 4, 7, 5, 1 की माध्यिका है:
(a) 4
(b) 7
(c) 11
(d) 3.5
Answer: (d) 3.5
In simple words: पहले नंबरों को क्रम से लगाओ: 1, 2, 3, 4, 5, 7. बीच के दो नंबरों (3 और 4) को जोड़ो: \( 3 + 4 = 7 \)। फिर इसे 2 से भाग दो: \( 7 / 2 = 3.5 \)। यही माध्यिका है।

🎯 Exam Tip: यदि आंकड़ों की संख्या सम हो, तो माध्यिका बीच के दो पदों का औसत होती है। उन्हें जोड़ने और 2 से भाग देने का नियम याद रखें।

 

Question 7. निम्न बारम्बारता बंटनों का बहुलक ज्ञात कीजिए:

x345678
f246321

(a) 2
(b) 3
(c) 6
(d) 5
Answer: (d) 5
In simple words: हमें देखना है कि किस 'x' मान की 'f' (बारम्बारता) सबसे बड़ी है। यहाँ x=5 के लिए f=6 है, जो सबसे ज़्यादा है। तो बहुलक 5 है।

🎯 Exam Tip: बहुलक वह मान होता है जिसकी बारम्बारता (किसी विशेष श्रेणी में आने की संख्या) सबसे अधिक होती है। तालिका में, सबसे बड़ी बारम्बारता के साथ जुड़ा 'x' मान ही बहुलक होता है।

 

Question 8. बंटन 4, 8, 3, 6, 7, 5, 3, 5, 9, 4, 5, 5 में 5 की बारम्बारता होगी:
(a) 4
(b) 3
(c) 2
(d) 5
Answer: (a) 4
In simple words: नंबरों की सूची में, 5 को गिनो कि वह कितनी बार आता है। 5 कुल 4 बार आया है। तो, 5 की बारम्बारता 4 है।

🎯 Exam Tip: बारम्बारता का अर्थ है कि कोई विशेष डेटा मान एक सेट में कितनी बार दिखाई देता है। दिए गए मान की प्रत्येक घटना को ध्यान से गिनना सुनिश्चित करें।

 

Question 10. सांख्यिकीय आँकड़ों के औसत को कहते हैं-
(a) समान्तर माध्य
(b) माध्यक
(c) बहुलक
(d) बारम्बारता
Answer: (a) समान्तर माध्य
In simple words: जब हम सांख्यिकीय आँकड़ों का औसत निकालते हैं, तो उसे 'समान्तर माध्य' कहते हैं।

🎯 Exam Tip: सांख्यिकीय आँकड़ों का औसत समान्तर माध्य ही होता है, जो सभी मानों को जोड़कर उनकी संख्या से भाग देने पर प्राप्त होता है। यह एक केंद्रीय प्रवृत्ति का माप है।

अतिलघूत्तटीय/लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. क्रिकेट के एक खिलाड़ी ने 10 पारियों में क्रमशः 60, 62, 56, 64, 0, 57, 33, 27, 9 और 71 रन बनाये। उनके इन पारियों के रनों का औसत ज्ञात कीजिए।
Answer: खिलाड़ी द्वारा 10 पारियों में बनाए गए रनों का औसत ज्ञात करने के लिए, हमें पहले सभी रनों को जोड़ना होगा। कुल रन हैं \( 60 + 62 + 56 + 64 + 0 + 57 + 33 + 27 + 9 + 71 = 439 \)। क्योंकि खिलाड़ी ने कुल 10 पारियाँ खेली हैं, तो औसत रन \( \frac{439}{10} = 43.9 \) होगा। औसत हमें हर पारी में बनाए गए रनों का एक अनुमानित मान बताता है।
In simple words: सारे रन (60, 62, ..., 71) जोड़ दो, जो 439 होता है। फिर इसे पारियों की संख्या (10) से भाग दे दो। तो औसत 43.9 रन है।

🎯 Exam Tip: औसत (समान्तर माध्य) ज्ञात करने के लिए, हमेशा सभी दिए गए मानों को जोड़ें और फिर इस योग को कुल मानों की संख्या से भाग दें।

 

Question 2. यदि 3, 4, 8, 5, x, 3, 2, 1 अंकों का समान्तर माध्य 4 हो, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: यदि दिए गए नंबरों (3, 4, 8, 5, x, 3, 2, 1) का समान्तर माध्य 4 है, तो हमें x का मान ज्ञात करना है। समान्तर माध्य का सूत्र है: \( \frac{\text{आँकड़ों का योग}}{\text{आँकड़ों की संख्या}} \)। यहाँ 8 नंबर हैं और उनका योग \( 3+4+8+5+x+3+2+1 = 26+x \) है। तो समीकरण बनता है \( \frac{26+x}{8} = 4 \)। इसे हल करने पर, \( 26+x = 32 \), जिससे \( x = 32 - 26 = 6 \) आता है। अज्ञात मान का पता लगाने के लिए समान्तर माध्य एक उपयोगी उपकरण है।
In simple words: सभी नंबरों को जोड़ो, जिसमें x भी शामिल है। यह \( (26 + x) \) होगा। कुल 8 नंबर हैं, और उनका औसत 4 है। तो, \( \frac{26+x}{8} = 4 \)। इसका मतलब \( 26+x = 32 \)। इसलिए, \( x = 6 \)।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, दिए गए सभी डेटा बिंदुओं का योग करें, जिसमें अज्ञात चर भी शामिल हो। फिर माध्य के सूत्र का उपयोग करके एक समीकरण बनाएं और चर के लिए हल करें।

 

Question 3. एक कम्पनी एक विशेष प्रकार की कार-बैटरी बनाती है। इस प्रकार की 40 बैटरियों के जीवन-काल (वर्षो में) ये रहे हैं-
2.6 3.0 3.7 3.2 2.2 4.1 3.5 4.5 3.5 2.3 3.2 3.4
3.8 3.2 4.6 3.7 2.5 4.4 3.4 3.3 2.9 3.0 4.3 2.8
3.5 3.2 3.9 3.2 3.2 3.1 3.7 3.4 4.6 3.8 3.2 2.6
3.5 4.2 2.9 3.6
0.5 माप के वर्ग-अन्तराल लेकर तथा अन्तराल 2-2.5 से प्रारम्भ करके इन आँकड़ों की एक वर्गीकृत बारम्बारती बंटन सारणी बनाइए।
Answer: एक कंपनी की 40 कार-बैटरी के जीवन-काल के आंकड़ों को वर्गीकृत बारम्बारता बंटन सारणी में बनाना है। इसके लिए, वर्ग-अन्तराल 0.5 माप के रखे गए हैं और यह 2.0-2.5 से शुरू होता है। इस सारणी में प्रत्येक वर्ग-अन्तराल में आने वाली बैटरियों की संख्या को बारम्बारता के रूप में दिखाया गया है, जिससे आंकड़ों का वितरण स्पष्ट होता है। इस प्रकार की सारणी हमें यह समझने में मदद करती है कि कितनी बैटरियाँ किस जीवन-काल सीमा में आती हैं।

जीवन-काल (वर्षों में)टैली चिह्नबारम्बारता (f)
2.0-2.5\( \text{|||| |} \)6
2.5-3.0\( \text{|||| | |||| | ||||} \)14
3.0-3.5\( \text{|||| | |||| | |} \)11
3.5-4.0\( \text{||||} \)4
4.0-4.5\( \text{|||} \)3
4.5-5.0\( \text{||} \)2
योग (N)40

In simple words: हमें बैटरियों के जीवन-काल के आंकड़ों को एक सारणी में बांटना है। वर्ग-अन्तराल 0.5 का है और 2.0 से 2.5 तक शुरू होता है। सारणी दिखाती है कि हर वर्ग में कितनी बैटरियाँ आती हैं।

🎯 Exam Tip: वर्गीकृत बारम्बारता बंटन बनाते समय, सुनिश्चित करें कि सभी वर्ग-अन्तराल सही ढंग से परिभाषित हों और कोई भी मान एक से अधिक वर्ग में न आए। टैली चिह्न और बारम्बारता की गणना सटीक होनी चाहिए।

 

Question 4. निम्नलिखित बंटन का समान्तर माध्य ज्ञात कीजिए-

x0.10.20.30.40.50.6
f306020401050

Answer: दिए गए बंटन का समान्तर माध्य निकालने के लिए, हम \( f_i x_i \) की गणना करते हैं और फिर उनका योग (\( \Sigma f_i x_i \)) निकालते हैं, और इसे कुल बारम्बारता (\( \Sigma f_i \)) से भाग देते हैं। यहाँ \( \Sigma f_i = 210 \) और \( \Sigma f_i x_i = 72 \) है। तो, समान्तर माध्य \( \frac{72}{210} \approx 0.342 \) होगा। यह विधि हमें वर्गीकृत डेटा के लिए माध्य निकालने में मदद करती है।
\( x_i \)\( f_i \)\( f_i x_i \)
0.1303
0.26012
0.3206
0.44016
0.5105
0.65030
\( \Sigma f_i = 210 \)\( \Sigma f_i x_i = 72 \)

अतः समान्तर माध्य \( (\bar{x}) = \frac{\Sigma f_i x_i}{\Sigma f_i} = \frac{72}{210} = 0.342 \)
In simple words: हर \( x_i \) को उसके \( f_i \) से गुणा करो। फिर इन सभी गुणाफलों को जोड़ो, जो 72 आता है। सभी \( f_i \) को जोड़ो, जो 210 आता है। अब 72 को 210 से भाग दो, तो समान्तर माध्य लगभग 0.342 मिलेगा।

🎯 Exam Tip: वर्गीकृत डेटा का समान्तर माध्य ज्ञात करने के लिए, सूत्र \( \bar{x} = \frac{\Sigma f_i x_i}{\Sigma f_i} \) का उपयोग करें। यह सुनिश्चित करें कि \( f_i x_i \) की गणना और कुल योग सही हों।

 

Question 6. एक कक्षा के 20 छात्रों की आयु (वर्षो में) निम्न प्रकार है: 15, 16, 13, 14, 14, 13, 15, 14, 13, 13, 14, 12, 15, 14, 16, 13, 14, 14, 13, 15 इन्हें बारम्बारता बंटन में व्यक्त कर बहुलक ज्ञात कीजिए।
Answer: 20 छात्रों की आयु के डेटा को बारम्बारता बंटन सारणी में व्यवस्थित किया गया है। प्रत्येक आयु के लिए गणना चिह्न बनाए गए हैं और उनकी बारम्बारता लिखी गई है। सारणी को देखने पर, आयु 14 वर्ष की बारम्बारता सबसे अधिक (7) है। इसलिए, इस डेटा का बहुलक 14 वर्ष है। बहुलक हमें सबसे आम आयु बताता है।

आयु (वर्षो में)गणना चिह्नबारम्बारता
12\( | \)1
13\( \text{|||| |} \)6
14\( \text{|||| | ||} \)7
15\( \text{||||} \)4
16\( || \)2

अतः बहुलक 14 है।
In simple words: छात्रों की उम्र को एक सारणी में लिखा गया है। जिस उम्र के छात्र सबसे ज़्यादा हैं, वही बहुलक है। यहाँ 14 साल के छात्र सबसे ज़्यादा (7) हैं, तो बहुलक 14 है।

🎯 Exam Tip: बहुलक ज्ञात करने के लिए, पहले डेटा की बारम्बारता बंटन सारणी बनाएं। सबसे अधिक बारम्बारता वाले मान को ही बहुलक माना जाता है।

 

Question 7. कुछ विद्यार्थियों के प्राप्तांक नीचे दिये हुए हैं, प्राप्तांकों का बहुलक ज्ञात कीजिए-

प्राप्तांकविद्यार्थियों की संख्या
4026
5020
6016
707
804

Answer: दिए गए प्राप्तांकों की सारणी से बहुलक ज्ञात करने के लिए, हमें यह देखना होगा कि किस प्राप्तांक की बारम्बारता (विद्यार्थियों की संख्या) सबसे अधिक है। सारणी में, 26 विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने 40 अंक प्राप्त किए हैं, और यह सबसे अधिक बारम्बारता है। इसलिए, इन प्राप्तांकों का बहुलक 40 है। बहुलक हमें सबसे सामान्य प्राप्तांक दिखाता है।
In simple words: सारणी में, 40 नंबर 26 विद्यार्थियों ने पाए हैं, जो सबसे ज़्यादा बार है। तो, बहुलक 40 है।

🎯 Exam Tip: बारम्बारता बंटन सारणी से बहुलक ज्ञात करते समय, 'बारम्बारता' कॉलम में सबसे बड़ा मान देखें और उसके संगत 'चर मान' (यहाँ प्राप्तांक) को पहचानें।

 

Question 8. आरोही क्रम में व्यवस्थित चर मान निम्नानुसार हैं: 8, 11, 12, 16, 16+x 20, 25, 30 यदि माध्यिका 18 हो, तो x का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: दिए गए आँकड़े आरोही क्रम में व्यवस्थित हैं, और उनकी कुल संख्या 8 है। क्योंकि यह एक सम संख्या है, माध्यिका बीच के दो पदों (चौथे और पाँचवें पद) का औसत होती है। चौथा पद 16 है और पाँचवाँ पद \( 16+x \) है। दी गई माध्यिका 18 है, तो हम \( \frac{16 + (16+x)}{2} = 18 \) समीकरण बनाते हैं। इसे हल करने पर \( 32+x = 36 \), जिससे \( x = 4 \) प्राप्त होता है। माध्यिका अज्ञात मानों को खोजने में सहायक होती है।
In simple words: नंबर पहले से ही क्रम में हैं। कुल 8 नंबर हैं, तो माध्यिका बीच के दो नंबरों (16 और \( 16+x \)) का औसत होगी। यह औसत 18 है। तो, \( \frac{16 + 16+x}{2} = 18 \)। इसे हल करने पर, \( x = 4 \) मिलता है।

🎯 Exam Tip: जब डेटा में पदों की संख्या सम हो, तो माध्यिका बीच के दो पदों का औसत होती है। सही पदों की पहचान करें और माध्यिका के सूत्र का उपयोग करके अज्ञात चर के लिए हल करें।

 

Question 9. प्रथम दस विषम संख्याओं का समान्तर माध्य ज्ञात कीजिए।
Answer: प्रथम दस विषम संख्याएँ 1, 3, 5, 7, 9, 11, 13, 15, 17, और 19 हैं। इन सभी संख्याओं को जोड़ने पर उनका योग 100 आता है। समान्तर माध्य ज्ञात करने के लिए, इस योग को संख्याओं की कुल संख्या (जो कि 10 है) से भाग दिया जाता है। अतः, समान्तर माध्य \( \frac{100}{10} = 10 \) है। यह एक गणितीय नियम है कि प्रथम n विषम संख्याओं का औसत n ही होता है।
In simple words: पहले 10 विषम नंबरों (1 से 19 तक) को लिखो। उन्हें जोड़ो, तो 100 आएगा। अब इसे 10 (कुल संख्या) से भाग दो। तो औसत 10 है।

🎯 Exam Tip: प्रथम n विषम संख्याओं का योग \( n^2 \) होता है, और उनका समान्तर माध्य \( n \) होता है। इस सूत्र को याद रखने से गणना आसान हो जाती है।

 

Question 10. एक परिवार ने जिसकी आय 20,000 Rs. है। विभिन्न मदों के अन्तर्गत हर महीने होने वाले खर्च की योजना बनाई थी।

मदखर्च (हजार रूपयों में)
ग्रासरी (परचून का सामान)4
किराया5
बच्चों की शिक्षा5
दवाइयाँ2
ईंधन2
मनोरंजन1
विविध1

ऊपर दिये गये आँकड़ों का दण्ड आलेख बनाइए।
Answer: एक परिवार की मासिक खर्च की योजना के आँकड़ों को दण्ड आलेख के रूप में दर्शाने के लिए, हमने X-अक्ष पर खर्च की मदों (जैसे ग्रासरी, किराया) को लिया है और Y-अक्ष पर हजार रुपयों में खर्च की राशि को दर्शाया है। प्रत्येक मद के खर्च के अनुसार दण्डों की ऊँचाई बनाई गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि परिवार किस मद पर कितना खर्च करता है। दण्ड आलेख आंकड़ों की तुलना को आसान बनाता है।

दण्ड आलेख बनाने की विधि :

1. X-अक्ष तथा Y-अक्ष खींचा।

2. X-अक्ष पर प्रत्येक मद चौड़ाई के लेते हैं और उनके बीच समान दूरी बनाए रखते हैं। माना एक मद को 1 सेमी से व्यक्त करते हैं।

3. Y-अक्ष पर खर्च को निरूपित करते हैं।
पैमाना : माना 1 सेमी = 1000 Rs.

4. अब दिये गये आँकड़ों के अनुसार तथा दो क्रमागत आयताकार दण्डों के बीच 1 सेमी का खाली स्थान छोड़कर (समान चौड़ाई) आयताकार दण्ड प्रदर्शित करते हैं।

0 1 2 3 4 5 खर्च (हजार रूपयों में) ग्रासरी किराया बच्चों की शिक्षा दवाइयाँ ईंधन मनोरंजन विविध मद
In simple words: परिवार के खर्चों को दिखाने के लिए हमने एक दण्ड आलेख बनाया है। X-अक्ष पर खर्च की चीजें हैं और Y-अक्ष पर खर्च की राशि (हजार रुपये में) है। हर खर्च के लिए एक दण्ड बनाया गया है, जो बताता है कि किस चीज़ पर कितना पैसा खर्च होता है।

🎯 Exam Tip: दण्ड आलेख बनाते समय, X-अक्ष पर मदों को समान चौड़ाई के साथ और उनके बीच उचित अंतर रखते हुए चिह्नित करें, और Y-अक्ष पर पैमाने को स्पष्ट रूप से दर्शाएं ताकि ऊँचाइयाँ सही अनुपात में हों।

 

Question 11. नीचे की सारणी में 400 निऑन लैम्पों के जीवन-काल दिए गए हैं:

जीवन-काल (घण्टों में)लैम्पों की संख्या
300-40014
400-50056
500-60060
600-70086
700-80074
800-90062
900-100048

(i) एक आयत चित्र की सहायता से दी हुई सूचनाओं को निरूपित कीजिए।
(ii) कितने लैम्पों के जीवन-काल 700 घण्टों से अधिक हैं?
Answer:
(i) 400 निऑन लैम्पों के जीवन-काल को दर्शाने के लिए एक आयत चित्र बनाया गया है। इसमें X-अक्ष पर जीवन-काल (घंटों में) और Y-अक्ष पर लैम्पों की संख्या को दिखाया गया है। प्रत्येक वर्ग-अन्तराल के लिए एक आयत बनाया गया है जिसकी ऊँचाई उस वर्ग की बारम्बारता के समानुपाती है। यह ग्राफ लैम्पों के जीवन-काल के वितरण को स्पष्ट रूप से दिखाता है। आयत चित्र समान वर्ग-अन्तराल वाले डेटा को दर्शाने के लिए बहुत उपयोगी होता है।
0 100 200 300 400 500 600 700 800 900 1000 लैम्पों का जीवन काल (घण्टे) 0 10 20 30 40 50 60 लैम्पों की संख्या 14 56 60 86 74 62 48
(ii) 700 घण्टों से अधिक जीवन-काल वाले लैम्पों की संख्या ज्ञात करने के लिए, हमें 700-800, 800-900 और 900-1000 घण्टों के वर्ग-अन्तरालों की बारम्बारताओं को जोड़ना होगा। ये बारम्बारताएँ क्रमशः 74, 62 और 48 हैं। इन सभी को जोड़ने पर कुल \( 74 + 62 + 48 = 184 \) लैम्प प्राप्त होते हैं। यह गणना हमें विशिष्ट शर्तों को पूरा करने वाले डेटा बिंदुओं की संख्या बताती है।
In simple words:
(i) हमने लैम्पों के जीवन-काल को एक ग्राफ (आयत चित्र) में दिखाया है। यह ग्राफ बताता है कि कितने लैम्प कितने घंटों तक चले।
(ii) 700 घंटों से ज़्यादा चलने वाले लैम्पों की संख्या जानने के लिए, हमें 700-800, 800-900 और 900-1000 वाले लैम्पों की संख्या को जोड़ना होगा। यह \( 74 + 62 + 48 = 184 \) लैम्प है।

🎯 Exam Tip: आयत चित्र बनाते समय, सुनिश्चित करें कि वर्ग-अन्तराल X-अक्ष पर सही ढंग से प्लॉट किए गए हैं और बारम्बारताएँ Y-अक्ष पर उचित पैमाने के साथ दर्शाई गई हैं। बार की ऊँचाई बारम्बारता के सीधे अनुपात में होनी चाहिए।

 

Question 12. एक पार्क में खेल रहे विभिन्न आयु वर्गों के बच्चों की संख्या का एक यादृच्छिक सर्वेक्षण (random survey) करने पर निम्नलिखित आँकड़े प्राप्त हुए-
Answer: पार्क में बच्चों की आयु के सर्वेक्षण के आँकड़ों का आयत चित्र बनाने के लिए, हमें पहले समायोजित बारम्बारता की गणना करनी होती है क्योंकि वर्ग-अन्तराल समान नहीं हैं। प्रत्येक आयु वर्ग के लिए समायोजित बारम्बारता की गणना करके, हम X-अक्ष पर आयु और Y-अक्ष पर समायोजित बारम्बारता को दर्शाते हुए आयत चित्र बनाते हैं। आयत चित्र हमें बच्चों की आयु के वितरण को ग्राफिक रूप से समझने में मदद करता है। यह विधि तब बहुत महत्वपूर्ण होती है जब डेटा में वर्ग-अन्तराल अलग-अलग माप के होते हैं, जिससे तुलना सही हो पाती है।

आयत चित्र बनाने की विधि :

1. X-अक्ष तथा Y-अक्ष खींचा।

2. X-अक्ष पर उचित पैमाना लेकर आयु (वर्षों में) अंकित की।

3. Y-अक्ष पर उचित पैमाना लेकर बच्चों की संख्या अंकित की।

4. वर्ग का अन्तराल भिन्न-भिन्न है। समायोजित बारम्बारता ज्ञात करनी होगी।

एक वर्ग के लिए समायोजित बारम्बारता = \( \frac{\text{न्यूनतम वर्ग का अन्तर}}{\text{इसी वर्ग का अन्तर}} \times \text{इसकी बारम्बारता} \)
यहाँ न्यूनतम वर्ग का अन्तर = \( 2-1 = 1 \) है।

आयु वर्गबारम्बारतावर्ग की चौड़ाई (वर्ग का अन्तर)समायोजित बारम्बारता (आयत की लम्बाई)
1-251\( (1/1) \times 5=5 \)
2-331\( (1/1) \times 3=3 \)
3-562\( (1/2) \times 6=3 \)
5-7122\( (1/2) \times 12=6 \)
7-1093\( (1/3) \times 9=3 \)
10-15105\( (1/5) \times 10=2 \)
15-1742\( (1/2) \times 4=2 \)

1 2 3 5 7 10 15 17 आयु वर्ग (वर्षों में) 0 1 2 3 4 5 6 समायोजित बारम्बारता
In simple words: बच्चों की उम्र के डेटा को एक ग्राफ (आयत चित्र) में दिखाना है। क्योंकि उम्र के समूह अलग-अलग आकार के हैं, इसलिए हमें हर समूह के लिए सही ऊँचाई (समायोजित बारम्बारता) निकालनी पड़ती है ताकि ग्राफ सही लगे।

🎯 Exam Tip: असमान वर्ग-अन्तरालों वाले आयत चित्र के लिए, समायोजित बारम्बारता की गणना करना महत्वपूर्ण है। आयत की ऊँचाई समायोजित बारम्बारता के अनुपात में होनी चाहिए, न कि केवल बारम्बारता के।

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