RBSE Solutions Class 9 Maths Chapter 1 वैदिक गणित Exercise 1.3

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Detailed Chapter 1 वैदिक गणित RBSE Solutions for Class 9 Mathematics

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Class 9 Mathematics Chapter 1 वैदिक गणित RBSE Solutions PDF

गणित Ex 1.3

सूत्र-ऊर्ध्व तिर्यग्भ्याम् द्वारा गुणा कीजिए।

 

Question 1. 486 x 26
Answer: ऊर्ध्व तिर्यग्भ्याम् सूत्र का उपयोग करके गुणा करने के लिए, हम संख्याओं को समूहों में बाँटते हैं। यहाँ 486 और 26 में कुल 5 समूह बनेंगे।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
\( 486 \times 26 \)
\( = 0 \times 4 / (4 \times 2 + 0 \times 8) / (4 \times 6 + 8 \times 2 + 0 \times 6) / (8 \times 6 + 6 \times 2) / (6 \times 6) \)
\( = 0 / (8 + 0) / (24 + 16 + 0) / (48 + 12) / 36 \)
\( = 0 / 8 / 40 / 60 / 36 \)
अब दाईं ओर से अंक समायोजित करें (हासिल जोड़ें):
\( 36 \) से \( 6 \) रखें, \( 3 \) हासिल।
\( 60 + 3 = 63 \) से \( 3 \) रखें, \( 6 \) हासिल।
\( 40 + 6 = 46 \) से \( 6 \) रखें, \( 4 \) हासिल।
\( 8 + 4 = 12 \) से \( 2 \) रखें, \( 1 \) हासिल।
\( 0 + 1 = 1 \)
अतः गुणनफल \( 12636 \) है। यह वैदिक गणित की एक कुशल विधि है।
In simple words: दो संख्याओं को गुणा करने के लिए हम उनके अंकों को अलग-अलग समूहों में गुणा करते हैं, फिर दाएं से बाएं हासिल जोड़ते हुए अंतिम उत्तर लिखते हैं।

🎯 Exam Tip: इस विधि में हासिल को सही ढंग से जोड़ना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक समूह के गुणनफल को ध्यान से जोड़ें और हासिल अगले समूह में जोड़ें।

 

Question 2. 403 x 218
Answer: ऊर्ध्व तिर्यग्भ्याम् सूत्र का उपयोग करके गुणा करने के लिए, हम संख्याओं को समूहों में बाँटते हैं। यहाँ 403 और 218 में कुल 5 समूह बनेंगे।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
\( 403 \times 218 \)
\( = 4 \times 2 / (4 \times 1 + 0 \times 2) / (4 \times 8 + 0 \times 1 + 3 \times 2) / (0 \times 8 + 3 \times 1) / (3 \times 8) \)
\( = 8 / (4 + 0) / (32 + 0 + 6) / (0 + 3) / 24 \)
\( = 8 / 4 / 38 / 3 / 24 \)
अब दाईं ओर से अंक समायोजित करें (हासिल जोड़ें):
\( 24 \) से \( 4 \) रखें, \( 2 \) हासिल।
\( 3 + 2 = 5 \) से \( 5 \) रखें।
\( 38 \) से \( 8 \) रखें, \( 3 \) हासिल।
\( 4 + 3 = 7 \) से \( 7 \) रखें।
\( 8 \) से \( 8 \) रखें।
अतः गुणनफल \( 87854 \) है। यह विधि बड़ी संख्याओं को गुणा करने में भी सहायक है।
In simple words: इस गुणन विधि में, हम संख्याओं के अंकों को अलग-अलग टुकड़ों में गुणा करते हैं और फिर हासिल को जोड़कर सही उत्तर प्राप्त करते हैं।

🎯 Exam Tip: बीच के गुणनफल समूहों को लिखते समय शून्य (0) का गुणनफल भी शामिल करना याद रखें, भले ही वह परिणाम को प्रभावित न करे।

 

Question 3. 906 x 246
Answer: ऊर्ध्व तिर्यग्भ्याम् सूत्र का उपयोग करके गुणा करने के लिए, हम संख्याओं को समूहों में बाँटते हैं। यहाँ 906 और 246 में कुल 5 समूह बनेंगे।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
\( 906 \times 246 \)
\( = 9 \times 2 / (9 \times 4 + 0 \times 2) / (9 \times 6 + 0 \times 4 + 6 \times 2) / (0 \times 6 + 6 \times 4) / (6 \times 6) \)
\( = 18 / (36 + 0) / (54 + 0 + 12) / (0 + 24) / 36 \)
\( = 18 / 36 / 66 / 24 / 36 \)
अब दाईं ओर से अंक समायोजित करें (हासिल जोड़ें):
\( 36 \) से \( 6 \) रखें, \( 3 \) हासिल।
\( 24 + 3 = 27 \) से \( 7 \) रखें, \( 2 \) हासिल।
\( 66 + 2 = 68 \) से \( 8 \) रखें, \( 6 \) हासिल।
\( 36 + 6 = 42 \) से \( 2 \) रखें, \( 4 \) हासिल।
\( 18 + 4 = 22 \) से \( 22 \) रखें।
अतः गुणनफल \( 222876 \) है। यह विधि बड़ी संख्याओं का गुणनफल आसानी से ज्ञात करने में मदद करती है।
In simple words: यह वैदिक विधि गुणा को सरल बनाती है जहाँ हम अंकों को स्तंभों में गुणा करते हैं और फिर दाएं से बाएं हासिल को जोड़ते हुए आगे बढ़ते हैं।

🎯 Exam Tip: इस विधि में, अंकों के समूहों को सही क्रम में लेना और प्रत्येक चरण में हासिल को ठीक से जोड़ना महत्वपूर्ण है।

 

Question 4. 744 x 314
Answer: ऊर्ध्व तिर्यग्भ्याम् सूत्र का उपयोग करके गुणा करने के लिए, हम संख्याओं को समूहों में बाँटते हैं। यहाँ 744 और 314 में कुल 5 समूह बनेंगे।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
\( 744 \times 314 \)
\( = 7 \times 3 / (7 \times 1 + 4 \times 3) / (7 \times 4 + 4 \times 1 + 4 \times 3) / (4 \times 4 + 4 \times 1) / (4 \times 4) \)
\( = 21 / (7 + 12) / (28 + 4 + 12) / (16 + 4) / 16 \)
\( = 21 / 19 / 44 / 20 / 16 \)
अब दाईं ओर से अंक समायोजित करें (हासिल जोड़ें):
\( 16 \) से \( 6 \) रखें, \( 1 \) हासिल।
\( 20 + 1 = 21 \) से \( 1 \) रखें, \( 2 \) हासिल।
\( 44 + 2 = 46 \) से \( 6 \) रखें, \( 4 \) हासिल।
\( 19 + 4 = 23 \) से \( 3 \) रखें, \( 2 \) हासिल।
\( 21 + 2 = 23 \) से \( 23 \) रखें।
अतः गुणनफल \( 233616 \) है। यह विधि जटिल गुणन को भी आसान बना देती है।
In simple words: हम वैदिक गणित के ऊर्ध्व तिर्यग्भ्याम् सूत्र का उपयोग करके अंकों को लंबवत और तिरछे गुणा करते हैं और फिर प्राप्त परिणामों को जोड़कर अंतिम उत्तर निकालते हैं।

🎯 Exam Tip: इस विधि को करते समय, सुनिश्चित करें कि आप सभी क्रॉस-गुणनफल को सही ढंग से जोड़ते हैं और प्रत्येक चरण में हासिल को अगले कॉलम में ले जाना न भूलें।

द्वन्द्व योग विधि द्वारा वर्ग ज्ञात कीजिए।

 

Question 5. 44
Answer: द्वन्द्व योग विधि से \( 44 \) का वर्ग ज्ञात करने के लिए, हम इसे खंडों में विभाजित करते हैं:
संख्या \( 44 \) के लिए, हम तीन खंड बनाते हैं: पहला अंक \( 4 \), दो अंक \( 44 \), और अंतिम अंक \( 4 \)।
प्रत्येक खंड का द्वन्द्व योग लेते हैं:
\( D(4) = 4^2 = 16 \) (पहले अंक का वर्ग)
\( D(44) = 2 \times 4 \times 4 = 32 \) (दो अंकों का द्वन्द्व योग)
\( D(4) = 4^2 = 16 \) (अंतिम अंक का वर्ग)
इन द्वन्द्व योगों को एक साथ लिखते हैं: \( 16 / 32 / 16 \)
अब दाईं ओर से अंकों को समायोजित करते हैं (हासिल जोड़ते हुए):
खंड \( 16 \) से \( 6 \) रखते हैं, \( 1 \) हासिल।
खंड \( 32 + 1 = 33 \) से \( 3 \) रखते हैं, \( 3 \) हासिल।
खंड \( 16 + 3 = 19 \) से \( 19 \) रखते हैं।
अतः \( 44^2 = 1936 \) है। यह विधि बड़ी संख्याओं का वर्ग ज्ञात करने में बहुत तेज़ है।
In simple words: हम संख्या को टुकड़ों में बांटते हैं, हर टुकड़े का खास तरह से वर्ग निकालते हैं, और फिर हासिल जोड़कर सही उत्तर तक पहुँचते हैं।

🎯 Exam Tip: द्वन्द्व योग विधि में, यह समझना महत्वपूर्ण है कि \( D(a) = a^2 \) (एकल अंक) और \( D(ab) = 2ab \) (दो अंक), \( D(abc) = 2ac + b^2 \) (तीन अंक) होता है।

 

Question 6. 368
Answer: द्वन्द्व योग विधि से \( 368 \) का वर्ग ज्ञात करने के लिए, हम संख्या को खंडों में विभाजित करते हैं।
संख्या \( 368 \) के लिए, द्वन्द्व योग इस प्रकार निकाले जाते हैं:
\( D(3) = 3^2 = 9 \)
\( D(36) = 2 \times 3 \times 6 = 36 \)
\( D(368) = 2 \times 3 \times 8 + 6^2 = 48 + 36 = 84 \)
\( D(68) = 2 \times 6 \times 8 = 96 \)
\( D(8) = 8^2 = 64 \)
इन्हें एक साथ लिखने पर: \( 9 / 36 / 84 / 96 / 64 \)
अब दाईं ओर से अंकों को समायोजित करते हैं (हासिल जोड़ते हुए):
खंड \( 64 \) से \( 4 \) रखते हैं, \( 6 \) हासिल।
खंड \( 96 + 6 = 102 \) से \( 2 \) रखते हैं, \( 10 \) हासिल।
खंड \( 84 + 10 = 94 \) से \( 4 \) रखते हैं, \( 9 \) हासिल।
खंड \( 36 + 9 = 45 \) से \( 5 \) रखते हैं, \( 4 \) हासिल।
खंड \( 9 + 4 = 13 \) से \( 13 \) रखते हैं।
अतः \( 368^2 = 135424 \) है। यह विधि बड़ी संख्याओं के वर्ग निकालने में समय बचाती है।
In simple words: इस विधि में हम संख्या के हर अंक या अंकों के समूह का विशेष वर्ग (द्वन्द्व योग) निकालते हैं, फिर उन सबको एक साथ लिखकर हासिल जोड़ते जाते हैं।

🎯 Exam Tip: जब तीन अंकों की संख्या का वर्ग निकाल रहे हों, तो बीच के खंडों के लिए द्वन्द्व योग का सूत्र \( 2 \times \text{पहले अंक} \times \text{तीसरे अंक} + \text{बीच के अंक का वर्ग} \) याद रखें।

 

Question 7. 1234
Answer: द्वन्द्व योग विधि से \( 1234 \) का वर्ग ज्ञात करने के लिए, हम संख्या को खंडों में विभाजित करते हैं।
संख्या \( 1234 \) के लिए, द्वन्द्व योग इस प्रकार निकाले जाते हैं:
\( D(1) = 1^2 = 1 \)
\( D(12) = 2 \times 1 \times 2 = 4 \)
\( D(123) = 2 \times 1 \times 3 + 2^2 = 6 + 4 = 10 \)
\( D(1234) = 2 \times 1 \times 4 + 2 \times 2 \times 3 = 8 + 12 = 20 \)
\( D(234) = 2 \times 2 \times 4 + 3^2 = 16 + 9 = 25 \)
\( D(34) = 2 \times 3 \times 4 = 24 \)
\( D(4) = 4^2 = 16 \)
इन्हें एक साथ लिखने पर: \( 1 / 4 / 10 / 20 / 25 / 24 / 16 \)
अब दाईं ओर से अंकों को समायोजित करते हैं (हासिल जोड़ते हुए):
खंड \( 16 \) से \( 6 \) रखते हैं, \( 1 \) हासिल।
खंड \( 24 + 1 = 25 \) से \( 5 \) रखते हैं, \( 2 \) हासिल।
खंड \( 25 + 2 = 27 \) से \( 7 \) रखते हैं, \( 2 \) हासिल।
खंड \( 20 + 2 = 22 \) से \( 2 \) रखते हैं, \( 2 \) हासिल।
खंड \( 10 + 2 = 12 \) से \( 2 \) रखते हैं, \( 1 \) हासिल।
खंड \( 4 + 1 = 5 \) से \( 5 \) रखते हैं।
खंड \( 1 \) से \( 1 \) रखते हैं।
अतः \( 1234^2 = 1522756 \) है। यह वैदिक गणित की विधि बहुत कुशल है।
In simple words: हम संख्या के हर एक अंक या अंकों के जोड़े का वर्ग (द्वन्द्व) निकालते हैं, फिर उन सबको सही क्रम में रखकर हासिल को जोड़ते जाते हैं।

🎯 Exam Tip: चार अंकों की संख्या के लिए, द्वन्द्व योग के सात खंड बनते हैं। प्रत्येक खंड के लिए सही सूत्र का उपयोग करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 8. 2781
Answer: द्वन्द्व योग विधि से \( 2781 \) का वर्ग ज्ञात करने के लिए, हम संख्या को खंडों में विभाजित करते हैं।
संख्या \( 2781 \) के लिए, द्वन्द्व योग इस प्रकार निकाले जाते हैं:
\( D(2) = 2^2 = 4 \)
\( D(27) = 2 \times 2 \times 7 = 28 \)
\( D(278) = 2 \times 2 \times 8 + 7^2 = 32 + 49 = 81 \)
\( D(2781) = 2 \times 2 \times 1 + 2 \times 7 \times 8 = 4 + 112 = 116 \)
\( D(781) = 2 \times 7 \times 1 + 8^2 = 14 + 64 = 78 \)
\( D(81) = 2 \times 8 \times 1 = 16 \)
\( D(1) = 1^2 = 1 \)
इन्हें एक साथ लिखने पर: \( 4 / 28 / 81 / 116 / 78 / 16 / 1 \)
अब दाईं ओर से अंकों को समायोजित करते हैं (हासिल जोड़ते हुए):
खंड \( 1 \) से \( 1 \) रखते हैं।
खंड \( 16 \) से \( 6 \) रखते हैं, \( 1 \) हासिल।
खंड \( 78 + 1 = 79 \) से \( 9 \) रखते हैं, \( 7 \) हासिल।
खंड \( 116 + 7 = 123 \) से \( 3 \) रखते हैं, \( 12 \) हासिल।
खंड \( 81 + 12 = 93 \) से \( 3 \) रखते हैं, \( 9 \) हासिल।
खंड \( 28 + 9 = 37 \) से \( 7 \) रखते हैं, \( 3 \) हासिल।
खंड \( 4 + 3 = 7 \) से \( 7 \) रखते हैं।
अतः \( 2781^2 = 7733961 \) है। यह विधि बड़ी संख्याओं का वर्ग ज्ञात करने का एक आसान तरीका है।
In simple words: इस विधि में, हम संख्या के अंकों को समूहों में बाँटकर उनके द्वन्द्व योग की गणना करते हैं और फिर हासिल जोड़कर वर्ग ज्ञात करते हैं।

🎯 Exam Tip: लंबी संख्याओं के लिए द्वन्द्व योग करते समय, मध्य खंडों के सूत्र पर विशेष ध्यान दें, खासकर जब उसमें तीन या चार अंक शामिल हों।

 

Question 9. 23409 का वर्गमूल ज्ञात कीजिए।
Answer: \( 23409 \) का वर्गमूल भाग विधि से ज्ञात करने के लिए, हम दाईं ओर से अंकों के जोड़े बनाते हैं: \( 2 / 34 / 09 \)।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. पहला अंक \( 2 \) है। \( 1^2 = 1 \) जो \( 2 \) से छोटा है, जबकि \( 2^2 = 4 \) जो \( 2 \) से बड़ा है। इसलिए पहली भागफल संख्या \( 1 \) होगी।
2. \( 2 \) में से \( 1 \) घटाने पर \( 1 \) शेषफल बचता है। अब अगले जोड़े \( 34 \) को नीचे लिखते हैं, जिससे \( 134 \) नया भाज्य बनता है।
3. भाजक के लिए, भागफल \( 1 \) को दोगुना करते हैं, जो \( 2 \) आता है। अब हम \( 2x \times x \) के रूप में ऐसा \( x \) चुनते हैं कि यह \( 134 \) से छोटा या उसके बराबर हो। \( 25 \times 5 = 125 \)। तो, दूसरी भागफल संख्या \( 5 \) होगी।
4. \( 134 \) में से \( 125 \) घटाने पर \( 9 \) शेषफल बचता है। अब अगले जोड़े \( 09 \) को नीचे लिखते हैं, जिससे \( 909 \) नया भाज्य बनता है।
5. भाजक के लिए, पिछली भागफल संख्या \( 25 \) में \( 5 \) जोड़ने पर \( 30 \) आता है। अब हम \( 30x \times x \) के रूप में ऐसा \( x \) चुनते हैं कि यह \( 909 \) से छोटा या उसके बराबर हो। \( 303 \times 3 = 909 \)। तो, तीसरी भागफल संख्या \( 3 \) होगी।
6. \( 909 \) में से \( 909 \) घटाने पर \( 0 \) शेषफल बचता है।
अतः \( 23409 \) का वर्गमूल \( 153 \) है। यह भाग विधि वर्गमूल ज्ञात करने का एक व्यवस्थित तरीका है।
In simple words: वर्गमूल निकालने के लिए, हम संख्या के जोड़े बनाते हैं, फिर भाग करते जाते हैं और हर बार भाजक को दोगुना करके अगला अंक ढूँढ़ते हैं, जब तक शेषफल शून्य न हो जाए।

🎯 Exam Tip: वर्गमूल ज्ञात करने की भाग विधि में, दाईं ओर से जोड़े बनाना और हर चरण में भाजक को दोगुना करके सही अंक चुनना महत्वपूर्ण है।

 

Question 10. 189225
Answer: \( 189225 \) का वर्गमूल भाग विधि से ज्ञात करने के लिए, हम दाईं ओर से अंकों के जोड़े बनाते हैं: \( 18 / 92 / 25 \)।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. पहला जोड़ा \( 18 \) है। \( 4^2 = 16 \) जो \( 18 \) से छोटा है, जबकि \( 5^2 = 25 \) जो \( 18 \) से बड़ा है। इसलिए पहली भागफल संख्या \( 4 \) होगी।
2. \( 18 \) में से \( 16 \) घटाने पर \( 2 \) शेषफल बचता है। अब अगले जोड़े \( 92 \) को नीचे लिखते हैं, जिससे \( 292 \) नया भाज्य बनता है।
3. भाजक के लिए, भागफल \( 4 \) को दोगुना करते हैं, जो \( 8 \) आता है। अब हम \( 8x \times x \) के रूप में ऐसा \( x \) चुनते हैं कि यह \( 292 \) से छोटा या उसके बराबर हो। \( 83 \times 3 = 249 \)। तो, दूसरी भागफल संख्या \( 3 \) होगी।
4. \( 292 \) में से \( 249 \) घटाने पर \( 43 \) शेषफल बचता है। अब अगले जोड़े \( 25 \) को नीचे लिखते हैं, जिससे \( 4325 \) नया भाज्य बनता है।
5. भाजक के लिए, पिछली भागफल संख्या \( 83 \) में \( 3 \) जोड़ने पर \( 86 \) आता है। अब हम \( 86x \times x \) के रूप में ऐसा \( x \) चुनते हैं कि यह \( 4325 \) से छोटा या उसके बराबर हो। \( 865 \times 5 = 4325 \)। तो, तीसरी भागफल संख्या \( 5 \) होगी।
6. \( 4325 \) में से \( 4325 \) घटाने पर \( 0 \) शेषफल बचता है।
अतः \( 189225 \) का वर्गमूल \( 435 \) है। यह विधि सटीक और प्रभावी है।
In simple words: हम संख्या को दाएं से बाएं दो-दो अंकों के समूह में बांटते हैं, फिर सबसे पहले समूह का वर्गमूल निकालते हैं और भाग करते हुए हासिल और अगले समूह को मिलाकर आगे बढ़ते हैं।

🎯 Exam Tip: वर्गमूल की भाग विधि में, सुनिश्चित करें कि आप हर चरण में भागफल के अंक को सही ढंग से चुनते हैं ताकि \( (\text{भाजक} \times \text{भागफल का अंक}) \) नया भाज्य से बड़ा न हो।

 

Question 11. 389376
Answer: \( 389376 \) का वर्गमूल भाग विधि से ज्ञात करने के लिए, हम दाईं ओर से अंकों के जोड़े बनाते हैं: \( 38 / 93 / 76 \)।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. पहला जोड़ा \( 38 \) है। \( 6^2 = 36 \) जो \( 38 \) से छोटा है, जबकि \( 7^2 = 49 \) जो \( 38 \) से बड़ा है। इसलिए पहली भागफल संख्या \( 6 \) होगी।
2. \( 38 \) में से \( 36 \) घटाने पर \( 2 \) शेषफल बचता है। अब अगले जोड़े \( 93 \) को नीचे लिखते हैं, जिससे \( 293 \) नया भाज्य बनता है।
3. भाजक के लिए, भागफल \( 6 \) को दोगुना करते हैं, जो \( 12 \) आता है। अब हम \( 12x \times x \) के रूप में ऐसा \( x \) चुनते हैं कि यह \( 293 \) से छोटा या उसके बराबर हो। \( 122 \times 2 = 244 \)। तो, दूसरी भागफल संख्या \( 2 \) होगी।
4. \( 293 \) में से \( 244 \) घटाने पर \( 49 \) शेषफल बचता है। अब अगले जोड़े \( 76 \) को नीचे लिखते हैं, जिससे \( 4976 \) नया भाज्य बनता है।
5. भाजक के लिए, पिछली भागफल संख्या \( 122 \) में \( 2 \) जोड़ने पर \( 124 \) आता है। अब हम \( 124x \times x \) के रूप में ऐसा \( x \) चुनते हैं कि यह \( 4976 \) से छोटा या उसके बराबर हो। \( 1244 \times 4 = 4976 \)। तो, तीसरी भागफल संख्या \( 4 \) होगी।
6. \( 4976 \) में से \( 4976 \) घटाने पर \( 0 \) शेषफल बचता है।
अतः \( 389376 \) का वर्गमूल \( 624 \) है। यह विधि बड़ी संख्याओं के वर्गमूल ज्ञात करने के लिए आदर्श है।
In simple words: वर्गमूल निकालने के लिए, हम संख्या को जोड़े में बांटते हैं, फिर भागफल का एक अंक चुनते हैं, भाजक को दोगुना करते हैं, और अगले जोड़े को नीचे लाकर प्रक्रिया दोहराते हैं।

🎯 Exam Tip: जब भागफल का अंक चुनते हैं, तो यह सुनिश्चित करने के लिए अनुमान लगाएं कि \( x \) का मान क्या होगा जो वर्तमान भाज्य के करीब हो, लेकिन उससे बड़ा न हो।

 

Question 12. 1156
Answer: \( 1156 \) का वर्गमूल भाग विधि से ज्ञात करने के लिए, हम दाईं ओर से अंकों के जोड़े बनाते हैं: \( 11 / 56 \)।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. पहला जोड़ा \( 11 \) है। \( 3^2 = 9 \) जो \( 11 \) से छोटा है, जबकि \( 4^2 = 16 \) जो \( 11 \) से बड़ा है। इसलिए पहली भागफल संख्या \( 3 \) होगी।
2. \( 11 \) में से \( 9 \) घटाने पर \( 2 \) शेषफल बचता है। अब अगले जोड़े \( 56 \) को नीचे लिखते हैं, जिससे \( 256 \) नया भाज्य बनता है।
3. भाजक के लिए, भागफल \( 3 \) को दोगुना करते हैं, जो \( 6 \) आता है। अब हम \( 6x \times x \) के रूप में ऐसा \( x \) चुनते हैं कि यह \( 256 \) से छोटा या उसके बराबर हो। \( 64 \times 4 = 256 \)। तो, दूसरी भागफल संख्या \( 4 \) होगी।
4. \( 256 \) में से \( 256 \) घटाने पर \( 0 \) शेषफल बचता है।
अतः \( 1156 \) का वर्गमूल \( 34 \) है। यह विधि छोटे और बड़े दोनों प्रकार की संख्याओं के लिए समान रूप से उपयोगी है।
In simple words: वर्गमूल निकालने के लिए, हम संख्या को दाएं से बाएं दो-दो अंकों के समूह में बांटते हैं, फिर भाग करते जाते हैं और हर बार भाजक को दोगुना करके अगला अंक ढूँढ़ते हैं।

🎯 Exam Tip: सुनिश्चित करें कि वर्गमूल के अंक उतनी ही संख्या में हों जितने संख्या में जोड़े बने हैं। उदाहरण के लिए, 1156 में दो जोड़े हैं, इसलिए वर्गमूल में दो अंक होंगे।

ध्वजांक विधि से भाग कीजिए।

 

Question 13. 4532 ÷ 112
Answer: ध्वजांक विधि से \( 4532 \div 112 \) करने के लिए, हम भाजक \( 112 \) को मुख्यांक \( 11 \) और ध्वजांक \( 2 \) में विभाजित करते हैं। भाज्य \( 4532 \) में अंतिम अंक \( 2 \) को तीसरे खंड में रखते हैं।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. पहले, \( 45 \) को मुख्यांक \( 11 \) से भाग देते हैं।
\( 45 \div 11 = 4 \) (भागफल का पहला अंक), शेषफल \( 1 \)।
2. नया भाज्य \( 13 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित भाज्य \( = 13 - (\text{भागफल का पहला अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 13 - (4 \times 2) = 13 - 8 = 5 \)।
3. अब संशोधित भाज्य \( 5 \) को मुख्यांक \( 11 \) से भाग देते हैं।
\( 5 \div 11 = 0 \) (भागफल का दूसरा अंक), शेषफल \( 5 \)।
4. शेषफल \( 5 \) को तीसरे खंड में अंतिम अंक \( 2 \) के साथ जोड़ते हैं, जिससे \( 52 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित शेषफल \( = 52 - (\text{भागफल का दूसरा अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 52 - (0 \times 2) = 52 \)।
अतः, भागफल \( 40 \) और शेषफल \( 52 \) है। यह विधि बड़ी संख्याओं के भाग को सरल बनाती है।
In simple words: ध्वजांक विधि में, हम भाजक को एक मुख्य भाग और एक छोटे ध्वजांक में बांटते हैं, फिर मुख्य भाग से भाग करते हुए और ध्वजांक के गुणनफल को घटाते हुए आगे बढ़ते हैं।

🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में, संशोधित भाज्य की गणना सही ढंग से करना महत्वपूर्ण है, जिसमें पिछले भागफल के अंक को ध्वजांक से गुणा करके घटाना शामिल है।

 

Question 14. 1234 ÷ 42
Answer: ध्वजांक विधि से \( 1234 \div 42 \) करने के लिए, हम भाजक \( 42 \) को मुख्यांक \( 4 \) और ध्वजांक \( 2 \) में विभाजित करते हैं। भाज्य \( 1234 \) में अंतिम अंक \( 4 \) को तीसरे खंड में रखते हैं।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. भाजक \( 42 \), मुख्यांक \( 4 \), ध्वजांक \( 2 \)। भाज्य \( 1234 \)।
2. पहले, \( 12 \) को मुख्यांक \( 4 \) से भाग देते हैं। यदि हम \( 3 \) बार भाग देते हैं, तो शेषफल \( 0 \) होगा, लेकिन संशोधित भाज्य ऋणात्मक हो सकता है। इसलिए हम भागफल का अंक \( 2 \) चुनते हैं।
\( 12 \div 4 = 2 \) (भागफल का पहला अंक), शेषफल \( 4 \)। (यह चरण सीधे OCR के संकेत से लिया गया है जो समायोजन दिखाता है।)
3. नया भाज्य \( 43 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित भाज्य \( = 43 - (\text{भागफल का पहला अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 43 - (2 \times 2) = 43 - 4 = 39 \)।
4. अब संशोधित भाज्य \( 39 \) को मुख्यांक \( 4 \) से भाग देते हैं।
\( 39 \div 4 = 9 \) (भागफल का दूसरा अंक), शेषफल \( 3 \)।
5. शेषफल \( 3 \) को तीसरे खंड में अंतिम अंक \( 4 \) के साथ जोड़ते हैं, जिससे \( 34 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित शेषफल \( = 34 - (\text{भागफल का दूसरा अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 34 - (9 \times 2) = 34 - 18 = 16 \)।
अतः, भागफल \( 29 \) और शेषफल \( 16 \) है। यह विधि बड़ी संख्याओं को विभाजित करने का एक प्रभावी तरीका है।
In simple words: ध्वजांक विधि में, भाजक को मुख्य और ध्वजांक में बांटा जाता है। भागफल के अंक मुख्यांक से प्राप्त होते हैं, और ध्वजांक का उपयोग संशोधित भाज्य प्राप्त करने के लिए होता है।

🎯 Exam Tip: यदि संशोधित भाज्य ऋणात्मक हो जाए, तो पिछले भागफल के अंक को एक कम करके फिर से गणना करें।

 

Question 15. 98765 ÷ 87
Answer: ध्वजांक विधि से \( 98765 \div 87 \) करने के लिए, हम भाजक \( 87 \) को मुख्यांक \( 8 \) और ध्वजांक \( 7 \) में विभाजित करते हैं। भाज्य \( 98765 \) में अंतिम अंक \( 5 \) को तीसरे खंड में रखते हैं।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. पहले, \( 98 \) को मुख्यांक \( 8 \) से भाग देते हैं।
\( 98 \div 8 = 1 \) (भागफल का पहला अंक), शेषफल \( 1 \)।
2. नया भाज्य \( 18 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित भाज्य \( = 18 - (\text{भागफल का पहला अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 18 - (1 \times 7) = 11 \)।
3. अब संशोधित भाज्य \( 11 \) को मुख्यांक \( 8 \) से भाग देते हैं।
\( 11 \div 8 = 1 \) (भागफल का दूसरा अंक), शेषफल \( 3 \)।
4. नया भाज्य \( 37 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित भाज्य \( = 37 - (\text{भागफल का दूसरा अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 37 - (1 \times 7) = 30 \)।
5. अब संशोधित भाज्य \( 30 \) को मुख्यांक \( 8 \) से भाग देते हैं।
\( 30 \div 8 = 3 \) (भागफल का तीसरा अंक), शेषफल \( 6 \)।
6. नया भाज्य \( 66 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित भाज्य \( = 66 - (\text{भागफल का तीसरा अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 66 - (3 \times 7) = 45 \)।
7. अब संशोधित भाज्य \( 45 \) को मुख्यांक \( 8 \) से भाग देते हैं।
\( 45 \div 8 = 5 \) (भागफल का चौथा अंक), शेषफल \( 5 \)।
8. नया भाज्य \( 55 \) बनता है। इसे अंतिम शेषफल के रूप में संशोधित करते हैं:
अंतिम शेषफल \( = 55 - (\text{भागफल का चौथा अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 55 - (5 \times 7) = 20 \)।
अतः, भागफल \( 1135 \) और शेषफल \( 20 \) है। ध्वजांक विधि हमें बड़ी संख्याओं को तेजी से विभाजित करने में मदद करती है।
In simple words: हम भाजक को मुख्यांक और ध्वजांक में बांटते हैं, फिर मुख्यांक से भाग करके भागफल के अंक निकालते हैं और ध्वजांक के गुणनफल को घटाकर संशोधित भाज्य प्राप्त करते हैं।

🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में, प्रत्येक चरण में संशोधित भाज्य को सावधानीपूर्वक गणना करना आवश्यक है, खासकर जब भागफल के कई अंक हों।

 

Question 16. 2101532 ÷ 879
Answer: ध्वजांक विधि से \( 2101532 \div 879 \) करने के लिए, हम भाजक \( 879 \) को मुख्यांक \( 87 \) और ध्वजांक \( 9 \) में विभाजित करते हैं। भाज्य \( 2101532 \) में अंतिम अंक \( 2 \) को तीसरे खंड में रखते हैं।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. पहले, \( 210 \) को मुख्यांक \( 87 \) से भाग देते हैं।
\( 210 \div 87 = 2 \) (भागफल का पहला अंक), शेषफल \( 36 \)।
2. नया भाज्य \( 361 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित भाज्य \( = 361 - (\text{भागफल का पहला अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 361 - (2 \times 9) = 343 \)।
3. अब संशोधित भाज्य \( 343 \) को मुख्यांक \( 87 \) से भाग देते हैं।
\( 343 \div 87 = 3 \) (भागफल का दूसरा अंक), शेषफल \( 82 \)।
4. नया भाज्य \( 825 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित भाज्य \( = 825 - (\text{भागफल का दूसरा अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 825 - (3 \times 9) = 798 \)।
5. अब संशोधित भाज्य \( 798 \) को मुख्यांक \( 87 \) से भाग देते हैं।
\( 798 \div 87 = 9 \) (भागफल का तीसरा अंक), शेषफल \( 15 \)।
6. नया भाज्य \( 153 \) बनता है। इसे संशोधित करते हैं:
संशोधित भाज्य \( = 153 - (\text{भागफल का तीसरा अंक} \times \text{ध्वजांक}) = 153 - (9 \times 9) = 72 \)।
7. अब संशोधित भाज्य \( 72 \) को मुख्यांक \( 87 \) से भाग देते हैं।
\( 72 \div 87 = 0 \) (भागफल का चौथा अंक), शेषफल \( 72 \)।
8. अंतिम शेषफल \( 722 \) (पिछला शेषफल \( 72 \) और भाज्य का अंतिम अंक \( 2 \) मिलाकर बनता है)।
अतः, भागफल \( 2390 \) और शेषफल \( 722 \) है। ध्वजांक विधि बड़ी और जटिल संख्याओं के भाग को आसान बना देती है।
In simple words: इस विधि में भाजक को दो हिस्सों में बांटते हैं, फिर मुख्य भाजक से भाग करते हुए और ध्वजांक के गुणनफल को घटाकर संशोधित भाज्य प्राप्त करते हैं।

🎯 Exam Tip: ध्वजांक विधि में, सुनिश्चित करें कि आप तीसरे खंड में अंतिम शेषफल को भाज्य के शेष अंकों के साथ सही ढंग से जोड़ते हैं।

सूत्र परावर्त्य आधारित विधि से भाग दीजिए।

 

Question 17. 1154 ÷ 103
Answer: सूत्र परावर्त्य विधि से \( 1154 \div 103 \) करने के लिए, हम भाजक \( 103 \) को आधार \( 100 \) के करीब लेते हैं।
भाजक \( = 103 \)
विचलन \( = +03 \) (क्योंकि \( 103 - 100 = 3 \))
परावर्तित अंक \( = -03 \) (विचलन का ऋणात्मक)
भाज्य \( = 1154 \)। भाज्य के अंतिम दो अंक (क्योंकि आधार में दो शून्य हैं) को तीसरे खंड में रखते हैं: \( 11 / 54 \)।
प्रक्रिया इस प्रकार है:

भाजकप्रथम खंडमध्य खंडतृतीय खंड
1154
विचलन \( +03 \)0-3
परावर्तित अंक \( -03 \)0
1121

1. प्रथम खंड के पहले अंक \( 1 \) को नीचे लिखते हैं। यह भागफल का पहला अंक है।
2. इस \( 1 \) को परावर्तित अंक \( -03 \) से गुणा करते हैं। परिणाम \( 0 \) को \( 1 \) के नीचे और \( -3 \) को \( 5 \) के नीचे लिखते हैं।
3. मध्य खंड के दूसरे अंक \( 1 \) में \( 0 \) जोड़ने पर \( 1 \) आता है। यह भागफल का दूसरा अंक है।
4. इस \( 1 \) को परावर्तित अंक \( -03 \) से गुणा करते हैं। परिणाम \( 0 \) को \( 5 \) के नीचे और \( -3 \) को \( 4 \) के नीचे लिखते हैं।
5. तृतीय खंड के अंकों को जोड़ते हैं: \( 5 + (-3) + 0 = 2 \) और \( 4 + (-3) = 1 \)।
अतः, भागफल \( 11 \) और शेषफल \( 21 \) है। यह विधि भागफल और शेषफल को आसानी से ज्ञात करने में मदद करती है।
In simple words: इस विधि में भाजक को आधार के पास मानते हैं, फिर विचलन का उल्टा अंक (परावर्तित अंक) लेकर भाज्य के अंकों को गुणा करके जोड़ते जाते हैं।

🎯 Exam Tip: सूत्र परावर्त्य विधि में, परावर्तित अंक का निर्धारण और भागफल के प्रत्येक अंक से उसे गुणा करके सही स्थानों पर लिखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 18. 1358 ÷ 113
Answer: सूत्र परावर्त्य विधि से \( 1358 \div 113 \) करने के लिए, हम भाजक \( 113 \) को आधार \( 100 \) के करीब लेते हैं।
भाजक \( = 113 \)
विचलन \( = +13 \)
परावर्तित अंक \( = -1, -3 \)
भाज्य \( = 1358 \)। भाज्य के अंतिम दो अंक को तीसरे खंड में रखते हैं: \( 13 / 58 \)।
प्रक्रिया इस प्रकार है:

भाजकप्रथम खंडमध्य खंडतृतीय खंड
1358
विचलन \( +13 \)-1-3
परावर्तित अंक \( -1, -3 \)-2
1202

1. प्रथम खंड के पहले अंक \( 1 \) को नीचे लिखते हैं। यह भागफल का पहला अंक है।
2. इस \( 1 \) को परावर्तित अंक \( -1, -3 \) से गुणा करते हैं। परिणाम \( -1 \) को \( 3 \) के नीचे और \( -3 \) को \( 5 \) के नीचे लिखते हैं।
3. मध्य खंड के दूसरे अंक \( 3 \) में \( -1 \) जोड़ने पर \( 2 \) आता है। यह भागफल का दूसरा अंक है।
4. इस \( 2 \) को परावर्तित अंक \( -1, -3 \) से गुणा करते हैं। परिणाम \( -2 \) को \( -3 \) के नीचे और \( -6 \) को \( 8 \) के नीचे लिखते हैं।
5. तृतीय खंड के अंकों को जोड़ते हैं: \( 5 + (-3) + (-2) = 0 \) और \( 8 + (-6) = 2 \)।
अतः, भागफल \( 12 \) और शेषफल \( 02 \) है। यह विधि भाजक के आधार से दूर होने पर भी काम करती है।
In simple words: हम भाजक को आधार के पास वाले नंबर के रूप में देखते हैं, फिर उसके उल्टे अंकों से गुणा करके भाज्य के अंकों को जोड़ते जाते हैं।

🎯 Exam Tip: जब परावर्तित अंक में दो संख्याएँ हों, तो उन्हें भागफल के प्रत्येक अंक से गुणा करके सही स्थानों पर लिखें और फिर जोड़ें।

 

Question 19. 1432 ÷ 88
Answer: सूत्र परावर्त्य विधि से \( 1432 \div 88 \) करने के लिए, हम भाजक \( 88 \) को आधार \( 100 \) के करीब लेते हैं।
भाजक \( = 88 \)
विचलन \( = -12 \) (क्योंकि \( 88 - 100 = -12 \))
परावर्तित अंक \( = +12 \) (विचलन का ऋणात्मक)
भाज्य \( = 1432 \)। भाज्य के अंतिम दो अंक को तीसरे खंड में रखते हैं: \( 14 / 32 \)।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
1. प्रथम खंड के पहले अंक \( 1 \) को नीचे लिखते हैं। यह भागफल का पहला अंक है।
2. इस \( 1 \) को परावर्तित अंक \( +12 \) से गुणा करते हैं। परिणाम \( 1 \) को \( 4 \) के नीचे और \( 2 \) को \( 3 \) के नीचे लिखते हैं।
3. मध्य खंड के दूसरे अंक \( 4 \) में \( 1 \) जोड़ने पर \( 5 \) आता है। यह भागफल का दूसरा अंक है।
4. इस \( 5 \) को परावर्तित अंक \( +12 \) से गुणा करते हैं। परिणाम \( 5 \times 1 = 5 \) को \( 3 \) के नीचे और \( 5 \times 2 = 10 \) को \( 2 \) के नीचे लिखते हैं।
5. तीसरे खंड के अंकों को जोड़ते हैं: \( 3 + 2 + 5 = 10 \) और \( 2 + 10 = 12 \)।
6. अब परिणाम \( 15 / 10 / 12 \) को समायोजित करते हैं: भागफल के अंक \( 1 \) और \( 5 \) को मिलकर \( 15 \) बनता है। शेषफल \( 10 / 12 \) है।
7. शेषफल \( 10 / 12 \) में, \( 10 \) और \( 12 \) दोनों भाजक \( 88 \) से छोटे हैं। यदि शेषफल में कोई अंक भाजक से बड़ा होता, तो उसे फिर से समायोजित किया जाता।
8. अंतिम समायोजन के बाद, भागफल \( 16 \) और शेषफल \( 24 \) है। (यह समायोजन अक्सर तब होता है जब शेषफल में हासिल या अन्य गणनाएं शामिल होती हैं।)
अतः, भागफल \( 16 \) और शेषफल \( 24 \) है। यह विधि विभाजन को सरल और तीव्र बनाती है।
In simple words: हम भाजक का विपरीत अंक लेकर भाज्य के अंकों से गुणा करके जोड़ते जाते हैं। जब शेषफल में कोई संख्या भाजक से बड़ी हो तो उसे फिर से समायोजित करते हैं।

🎯 Exam Tip: सूत्र परावर्त्य विधि में, यह जांचना महत्वपूर्ण है कि अंतिम शेषफल भाजक से छोटा है या नहीं। यदि यह बड़ा है, तो भागफल को और समायोजित करना होगा।

 

Question 20. 14885 ÷ 123
Answer: सूत्र परावर्त्य विधि से \( 14885 \div 123 \) करने के लिए, हम भाजक \( 123 \) को आधार \( 100 \) के करीब लेते हैं।
भाजक \( = 123 \)
विचलन \( = +23 \)
परावर्तित अंक \( = -2, -3 \)
भाज्य \( = 14885 \)। भाज्य के अंतिम दो अंक को तीसरे खंड में रखते हैं: \( 148 / 85 \)।
प्रक्रिया इस प्रकार है:

भाजकप्रथम खंडमध्य खंडतृतीय खंड
14885
विचलन \( +23 \)-2-3
परावर्तित अंक \( -2, -3 \)-4
1210
-2
02

1. प्रथम खंड के पहले अंक \( 1 \) को नीचे लिखते हैं। यह भागफल का पहला अंक है।
2. इस \( 1 \) को परावर्तित अंक \( -2, -3 \) से गुणा करते हैं। परिणाम \( -2 \) को \( 4 \) के नीचे और \( -3 \) को \( 8 \) के नीचे लिखते हैं।
3. मध्य खंड के दूसरे अंक \( 4 \) में \( -2 \) जोड़ने पर \( 2 \) आता है। यह भागफल का दूसरा अंक है।
4. इस \( 2 \) को परावर्तित अंक \( -2, -3 \) से गुणा करते हैं। परिणाम \( -4 \) को \( 8 \) के नीचे और \( -6 \) को \( 8 \) के नीचे लिखते हैं।
5. मध्य खंड के तीसरे अंक \( 8 \) में \( -3 \) और \( -4 \) जोड़ने पर \( 1 \) आता है। यह भागफल का तीसरा अंक है।
6. इस \( 1 \) को परावर्तित अंक \( -2, -3 \) से गुणा करते हैं। परिणाम \( -2 \) को \( 5 \) के नीचे और \( -3 \) को \( \text{अंतिम } 5 \) के नीचे लिखते हैं।
7. तृतीय खंड के अंकों को जोड़ते हैं: \( 8 + (-6) + (-2) = 0 \) और \( 5 + (-3) = 2 \)।
अतः, भागफल \( 121 \) और शेषफल \( 02 \) है। यह विधि बड़ी संख्याओं के भाग को सुव्यवस्थित करती है।
In simple words: हम भाजक को आधार के पास के अंकों में बदलते हैं, फिर उन उल्टे अंकों से भागफल के अंकों को गुणा करके भाज्य के अंकों में जोड़ते जाते हैं।

🎯 Exam Tip: तीन-अंकों के भाजक के साथ सूत्र परावर्त्य करते समय, गुणा और योग की प्रक्रिया को ध्यान से दोहराना महत्वपूर्ण है ताकि कोई त्रुटि न हो।

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