RBSE Solutions Class 9 Maths Chapter 1 वैदिक गणित Exercise 1.2

NCERT Solutions for Class 9 Mathematics: Chapter 01 वैदिक गणित

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Practice Class 9 Mathematics Solutions: Chapter 01 वैदिक गणित

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गणित Ex 1.2

विनकुलम संख्या में बदलिए।

 

Question 1. 89
Answer: विनकुलम संख्या में बदलने के लिए, हमें संख्या के उन अंकों को बदलना होता है जो 5 से बड़े या 5 के बराबर होते हैं. इसमें हम ऐसे अंकों को 10 में से घटाते हैं और उसके पिछले अंक में एक जोड़ देते हैं. 89 को विनकुलम संख्या में बदलने के चरण इस प्रकार हैं:
\( 89 \)
\( = \overline{0}\overline{8}\overline{9} \) (यहां 8 और 9 दोनों 5 से बड़े हैं, इसलिए दोनों पर बार आएगा)
\( = \overline{0}\overline{1}\overline{1} \) (9 को 10 से घटाकर 1 आया, और 8 को 10 से घटाकर 2 आना चाहिए था, लेकिन यहां 8 के लिए 2 की जगह 1 दिख रहा है. वास्तव में, 8 के अगले अंक 9 पर बार लगाने के बाद, 8 को 10-8=2 करके, उसके पिछले अंक में 1 जोड़ना होता है. इस विशेष विधि में, 8 को सीधे 10-8=2 करते हुए, उसके पिछले अंक (जो यहाँ 0 है) में 1 जोड़ देते हैं. तो 8 की जगह 2 हो जाएगा और उसके पहले 0 में 1 जुड़ जाएगा. यहाँ दिखाए गए चरण थोड़े अलग हैं जहां 89 को पहले \(\overline{0}\overline{8}\overline{9}\) लिखा गया है, फिर \(\overline{0}\overline{1}\overline{1}\) और अंत में \(1\overline{1}\overline{1}\) लिखा गया है. यह प्रक्रिया वैदिक गणित के अनुसार हो सकती है जहां 89 को 100-11 के रूप में देखा जाता है. )
\( = 1\overline{1}\overline{1} \)
In simple words: विनकुलम संख्या बनाने के लिए, 89 को 100-11 लिखते हैं. फिर 11 के अंकों (एक और एक) पर बार लगाते हैं, और 100 के 1 को वैसे ही लिखते हैं. इस तरह 89 को \(1\overline{1}\overline{1}\) के रूप में लिखते हैं.

🎯 Exam Tip: विनकुलम संख्या में बदलने का मतलब है, संख्या को इस तरह लिखना कि उसमें 5 से बड़े अंक न हों. इसमें आमतौर पर 10 में से घटाकर और अगले अंक में 1 जोड़कर काम किया जाता है.

 

Question 2. 878
Answer: 878 को विनकुलम संख्या में बदलने के लिए, हम उन अंकों को बदलते हैं जो 5 से बड़े होते हैं. यह प्रक्रिया वैदिक गणित के नियमों का पालन करती है.
\( 878 \)
\( = \overline{0}\overline{8}\overline{7}\overline{8} \)
\( = \overline{0}\overline{1}\overline{2}\overline{2} \)
\( = 1\overline{1}\overline{2}\overline{2} \) (यहां 878 को \(1000 - 122\) के रूप में देखा जा रहा है, जिससे \(1\overline{1}\overline{2}\overline{2}\) प्राप्त होता है. यह विनकुलम संख्या का एक तरीका है.)
In simple words: 878 को विनकुलम संख्या में बदलने के लिए, इसे 1000 में से 122 घटाकर सोचा जाता है. फिर 122 के अंकों पर बार लगाकर और 1000 के 1 को वैसे ही लिखकर \(1\overline{1}\overline{2}\overline{2}\) मिलता है.

🎯 Exam Tip: जब बड़े अंकों को विनकुलम में बदलना हो, तो 100, 1000 जैसे निकटतम आधार संख्या से घटाने की विधि अक्सर सबसे आसान होती है.

 

Question 3. 9687
Answer: 9687 को विनकुलम संख्या में बदलने की विधि इस प्रकार है:
\( 9687 \)
\( = \overline{0}\overline{9}\overline{6}\overline{8}\overline{7} \)
\( = \overline{0}\overline{0}\overline{3}\overline{1}\overline{3} \)
\( = 1\overline{0}\overline{3}\overline{1}\overline{3} \) (इस विधि में 9687 को \(10000 - 313\) के रूप में देखा जाता है. फिर 313 के अंकों पर बार लगाकर और 10000 के 1 को वैसे ही लिखकर \(1\overline{0}\overline{3}\overline{1}\overline{3}\) प्राप्त होता है.)
In simple words: 9687 को विनकुलम संख्या में बदलने के लिए, इसे 10000 में से 313 घटाकर सोचा जाता है. फिर 313 के अंकों पर बार लगाते हैं और 10000 के 1 को वैसे ही लिखते हैं, जिससे \(1\overline{0}\overline{3}\overline{1}\overline{3}\) मिलता है.

🎯 Exam Tip: इस तरह के सवालों में आधार संख्या (10, 100, 1000, 10000) को सही ढंग से चुनना महत्वपूर्ण है ताकि घटाने के बाद छोटी संख्या मिले जिस पर बार लगाया जा सके.

 

Question 4. 6578
Answer: 6578 को विनकुलम संख्या में बदलने के लिए, हम 10000 को आधार मान सकते हैं और उससे 6578 को घटा सकते हैं. \( 6578 \)
\( = 10000 - 3422 \) (विनकुलम विधि से 6578 को 10000 से घटाते हैं)
\( = 1\overline{3}\overline{4}\overline{2}\overline{2} \) (यहां 3422 के प्रत्येक अंक पर बार लगाया जाता है और 10000 के पहले अंक को वैसे ही लिखा जाता है.)
In simple words: 6578 को विनकुलम संख्या में बदलने के लिए, इसे 10000 में से 3422 घटाकर सोचा जाता है. फिर 3422 के अंकों पर बार लगाते हैं और 10000 के 1 को वैसे ही लिखते हैं, जिससे \(1\overline{3}\overline{4}\overline{2}\overline{2}\) मिलता है.

🎯 Exam Tip: यह तरीका बड़े अंकों को आसानी से विनकुलम में बदलने में मदद करता है, खासकर जब संख्या 5 से अधिक अंकों वाली हो.

सामान्य संख्या में बदलिए।

 

Question 5. \(3\overline{2}\overline{1}\)
Answer: विनकुलम संख्या को सामान्य संख्या में बदलने के लिए, जिस अंक पर बार होता है उसे 10 में से घटाते हैं और उसके पिछले अंक में से 1 घटा देते हैं. यहाँ \(3\overline{2}\overline{1}\) को सामान्य संख्या में बदलने के चरण दिए गए हैं:
\( 3\overline{2}\overline{1} \)
\( = 3\overline{2} (10-1) \)
\( = 3\overline{2} 9 \)
\( = 3 (10-2) 9 \)
\( = 3\overline{1} (10-1) \)
\( = 3\overline{1} 9 \)
\( = 3-1 79 \)
\( = 279 \)
In simple words: \(3\overline{2}\overline{1}\) में, बार वाले अंकों को 10 में से घटाते हैं (1 becomes 9, 2 becomes 8) और बार वाले अंक के ठीक पहले वाले अंक से 1 घटाते हैं (3 becomes 2). इस प्रकार, \(3\overline{2}\overline{1}\) 279 बन जाता है.

🎯 Exam Tip: जब बार वाले अंक को सामान्य अंक में बदलते हैं, तो उसे 10 में से घटाया जाता है और उसके बाईं ओर के अंक से 1 घटाया जाता है. यह प्रक्रिया सभी बार वाले अंकों के लिए दोहराई जाती है.

 

Question 6. \(2\overline{4}3\overline{2}\)
Answer: \(2\overline{4}3\overline{2}\) को सामान्य संख्या में बदलने के लिए, हम बार वाले अंकों को 10 में से घटाते हैं और उनके बाईं ओर के अंक में से 1 घटाते हैं. यह एक विशेष प्रकार की संख्या को सरल बनाने की वैदिक गणित की विधि है.
\( 2\overline{4}3\overline{2} \)
\( = 2\overline{4}2 (10-2) \)
\( = 2\overline{4}28 \)
\( = 2 (10-4) 28 \)
\( = 1 (10-4) 28 \)
\( = 1568 \)
In simple words: \(2\overline{4}3\overline{2}\) में, बार वाले अंकों को (2 और 4) 10 में से घटाया जाता है (2 becomes 8, 4 becomes 6). फिर उनके बाईं ओर के अंकों से 1 घटाया जाता है. इस तरह से संख्या 1568 बन जाती है.

🎯 Exam Tip: ध्यान रखें कि बार वाला अंक केवल अपने ठीक बाईं ओर के अंक पर प्रभाव डालता है. यदि बीच में कोई साधारण अंक आता है, तो वह पहले की तरह ही रहता है जब तक कि बार वाले अंक का प्रभाव उस पर न पड़े.

 

Question 7. \(4\overline{3}0\overline{2}\)
Answer: \(4\overline{3}0\overline{2}\) को सामान्य संख्या में बदलने के लिए, हमें बार वाले अंकों को 10 में से घटाना होगा और उनके बाईं ओर के अंकों में से 1 घटाना होगा. यह एक सरल प्रक्रिया है.
\( 4\overline{3}0\overline{2} \)
\( = 4\overline{3}\overline{1}\overline{0}-2 \)
\( = 4\overline{3}\overline{1} (10-2) \)
\( = 4\overline{3}\overline{1}8 \)
\( = 4 (10-3) \overline{1}8 \)
\( = 4\overline{3}0\overline{2} \)
\( = 4\overline{3}\overline{1}\overline{0} -2 \)
\( = 4\overline{3}0\overline{2} \)
\( = 4698 \)
\( = 3698 \)
In simple words: \(4\overline{3}0\overline{2}\) को सामान्य संख्या में बदलने के लिए, हम 2 को 10 में से घटाकर 8 लिखते हैं, और 0 से 1 घटाकर \(\overline{1}\) लिखते हैं. फिर \(\overline{1}\) को 10 में से घटाकर 9 लिखते हैं और \(\overline{3}\) से 1 घटाते हैं. आखिर में \(\overline{3}\) को 10 में से घटाकर 7 लिखते हैं और 4 से 1 घटाकर 3 लिखते हैं, जिससे 3698 मिलता है.

🎯 Exam Tip: जब कोई अंक शून्य हो और उसके दाईं ओर बार वाला अंक हो, तो शून्य को \(\overline{1}\) में बदल कर 10 में से घटाया जाता है और फिर पिछली संख्या से 1 घटाया जाता है. यह विधि गणित को आसान बनाती है.

 

Question 8. \(4\overline{5}0\overline{4}\overline{9}\)
Answer: \(4\overline{5}0\overline{4}\overline{9}\) को सामान्य संख्या में बदलने के लिए, हमें बार वाले अंकों पर ध्यान देना होगा. यह वैदिक गणित के सिद्धांतों का पालन करके किया जाता है.
\( 4\overline{5}0\overline{4}\overline{9} \)
\( = 4\overline{5}0\overline{4}(10-9) \)
\( = 4\overline{5}0\overline{4}1 \)
\( = 4\overline{5}0(10-4)1 \)
\( = 4\overline{5}\overline{1}61 \)
\( = 4(10-5)\overline{1}61 \)
\( = 35\overline{1}61 \)
\( = 35(10-1)61 \)
\( = 34961 \)
In simple words: \(4\overline{5}0\overline{4}\overline{9}\) को सामान्य संख्या में बदलने के लिए, बार वाले अंकों (\(\overline{9}\), \(\overline{4}\), \(\overline{5}\)) को 10 में से घटाते हैं, और उनके ठीक बाईं ओर के अंकों से 1 घटाते जाते हैं. इस तरह यह 34961 बन जाता है.

🎯 Exam Tip: एक साथ कई बार वाले अंकों को बदलने पर ध्यान रखें कि प्रत्येक बार वाले अंक का प्रभाव उसके तुरंत बाईं ओर के अंक पर पड़ता है. बाईं से दाईं ओर काम करने से गलती होने की संभावना कम होती है.

सूत्र निखिलम् द्वारा गुणा कीजिए।

 

Question 9. 102 x 107
Answer: सूत्र निखिलम् का उपयोग करके 102 को 107 से गुणा करने की विधि इस प्रकार है:
(i) आधार = 100 (क्योंकि संख्याएँ 100 के करीब हैं)
(ii) विचलन = \(+02\), \(+07\) (102 आधार से 2 अधिक है और 107 आधार से 7 अधिक है)
गुणा के लिए संख्याएँ और विचलन लिखें:
\( 102 \quad +02 \)
\( 107 \quad +07 \)
(iii) प्रथम खण्ड = \(102 + 07 = 109\) (एक संख्या में दूसरी संख्या का विचलन जोड़ें)
(iv) द्वितीय खण्ड = \(02 \times 07 = 14\) (दोनों विचलनों को गुणा करें)
प्रथम खण्ड और द्वितीय खण्ड को मिलाकर लिखें:
\( 109 / 14 \)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं, और द्वितीय खण्ड में भी 2 अंक हैं, इसलिए कोई बदलाव नहीं होगा.
इस प्रकार, \(102 \times 107 = 10914\).
In simple words: 102 और 107 को गुणा करने के लिए, 100 को आधार मानते हैं. 102, 100 से 2 ज़्यादा है और 107, 100 से 7 ज़्यादा है. पहले 102 में 7 जोड़ते हैं (या 107 में 2 जोड़ते हैं) तो 109 आता है. फिर 2 को 7 से गुणा करते हैं तो 14 आता है. इन दोनों को मिलाकर 10914 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: निखिलम् विधि में, आधार संख्या का सही चुनाव और विचलनों को सही ढंग से जोड़ना या घटाना महत्वपूर्ण है. आधार में जितने शून्य हों, द्वितीय खण्ड में उतने ही अंक होने चाहिए. यदि कम या ज़्यादा हों, तो adjustments करने पड़ते हैं.

 

Question 10. 94 x 92
Answer: सूत्र निखिलम् का उपयोग करके 94 को 92 से गुणा करने की विधि इस प्रकार है:
(i) आधार = 100 (क्योंकि संख्याएँ 100 के करीब हैं)
(ii) विचलन = \(-6\), \(-8\) (94 आधार से 6 कम है और 92 आधार से 8 कम है)
गुणा के लिए संख्याएँ और विचलन लिखें:
\( 94 \quad -06 \)
\( 92 \quad -08 \)
(iii) प्रथम खण्ड = \(94 - 08 = 86\) (एक संख्या में दूसरी संख्या का विचलन घटाएँ, या \(92 - 06 = 86\))
(iv) द्वितीय खण्ड = \((-6) \times (-8) = 48\) (दोनों विचलनों को गुणा करें)
प्रथम खण्ड और द्वितीय खण्ड को मिलाकर लिखें:
\( 86 / 48 \)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं, और द्वितीय खण्ड में भी 2 अंक (48) हैं, इसलिए कोई बदलाव नहीं होगा.
इस प्रकार, \(94 \times 92 = 8648\).
In simple words: 94 और 92 को गुणा करने के लिए, 100 को आधार मानते हैं. 94, 100 से 6 कम है और 92, 100 से 8 कम है. पहले 94 में से 8 घटाते हैं (या 92 में से 6 घटाते हैं) तो 86 आता है. फिर -6 को -8 से गुणा करते हैं तो 48 आता है. इन दोनों को मिलाकर 8648 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: जब विचलन नकारात्मक होते हैं, तो उन्हें संख्या में से घटाया जाता है. नकारात्मक विचलनों का गुणा हमेशा सकारात्मक होता है, इसलिए द्वितीय खण्ड में कोई नकारात्मक चिह्न नहीं आता है.

 

Question 11. 72 x 73
Answer: 72 और 73 को सूत्र निखिलम् का उपयोग करके गुणा करने के लिए, हम 100 को आधार मान सकते हैं और एक 'उपाधार' भी ले सकते हैं. यहाँ उपाधार 70 है.
(i) आधार = 100
(ii) उपाधार = 70 (यानी आधार का 7/10वाँ हिस्सा)
(iii) उपाधार अंक = 7 (70/10)
(iv) विचलन = \(-28\) (72, 100 से 28 कम है), \(-27\) (73, 100 से 27 कम है) या \(+2\) (72, 70 से 2 अधिक है), \(+3\) (73, 70 से 3 अधिक है). हम उपाधार विधि का उपयोग करेंगे.
संख्याएँ और विचलन (उपाधार 70 के सापेक्ष):
\( 72 \quad +02 \)
\( 73 \quad +03 \)
(v) प्रथम खण्ड = (एक संख्या + दूसरी संख्या का विचलन) \(\times\) उपाधार अंक
प्रथम खण्ड = \((72 + 03) \times 7 = 75 \times 7 = 525\)
(vi) द्वितीय खण्ड = विचलनों का गुणा = \(02 \times 03 = 06\)
प्रथम खण्ड और द्वितीय खण्ड को मिलाकर लिखें:
\( 525 / 06 \)
चूंकि द्वितीय खण्ड में आधार (100) के दो शून्य के बराबर अंक हैं, इसलिए कोई बदलाव नहीं.
इस प्रकार, \(72 \times 73 = 52506\).
In simple words: 72 और 73 को गुणा करने के लिए, 70 को पास की संख्या मानते हैं (उपाधार). 72, 70 से 2 ज़्यादा है और 73, 70 से 3 ज़्यादा है. पहले 72 में 3 जोड़ते हैं (75). फिर इसे उपाधार अंक 7 से गुणा करते हैं (525). बाद में 2 को 3 से गुणा करते हैं (06). इन दोनों को मिलाकर 52506 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: उपाधार विधि तब इस्तेमाल होती है जब संख्याएँ आधार (जैसे 10, 100, 1000) से काफी दूर हों, लेकिन किसी आधार के गुणज (जैसे 20, 70, 200) के करीब हों. उपाधार अंक से गुणा करना न भूलें.

 

Question 12. 203 x 204
Answer: सूत्र निखिलम् का उपयोग करके 203 को 204 से गुणा करने की विधि इस प्रकार है:
(i) आधार = 100 (संख्याएँ 100 के गुणज के करीब हैं)
उपाधार = \(100 \times 2 = 200\) (संख्याएँ 200 के करीब हैं)
उपाधार अंक = 2
(ii) उपाधार से विचलन = \(+3\) (203, 200 से 3 अधिक है), \(+4\) (204, 200 से 4 अधिक है)
संख्याएँ और विचलन (उपाधार 200 के सापेक्ष):
\( 203 \quad +3 \)
\( 204 \quad +4 \)
(iii) बायें पक्ष में उपाधार अंक की गुणा:
प्रथम खण्ड = (एक संख्या + दूसरी संख्या का विचलन) \(\times\) उपाधार अंक
प्रथम खण्ड = \((203 + 4) \times 2 = 207 \times 2 = 414\)
द्वितीय खण्ड = विचलनों का गुणा = \(3 \times 4 = 12\)
प्रथम खण्ड और द्वितीय खण्ड को मिलाकर लिखें:
\( 414 / 12 \)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं, और द्वितीय खण्ड में भी 2 अंक हैं, इसलिए कोई बदलाव नहीं होगा.
इस प्रकार, \(203 \times 204 = 41412\).
In simple words: 203 और 204 को गुणा करने के लिए, 200 को पास की संख्या मानते हैं (उपाधार). 203, 200 से 3 ज़्यादा है और 204, 200 से 4 ज़्यादा है. पहले 203 में 4 जोड़ते हैं (207). फिर इसे उपाधार अंक 2 से गुणा करते हैं (414). बाद में 3 को 4 से गुणा करते हैं (12). इन दोनों को मिलाकर 41412 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: उपाधार विधि में, उपाधार अंक से प्रथम खण्ड को गुणा करना एक महत्वपूर्ण चरण है. यदि यह भूल जाते हैं, तो उत्तर गलत आएगा.

 

Question 13. 11 x 12 x 13
Answer: 11, 12, और 13 को सूत्र निखिलम् विधि से गुणा करने के लिए, हम आधार 10 का उपयोग करेंगे. यह विधि तीन संख्याओं को गुणा करने के लिए एक विशेष प्रक्रिया का पालन करती है.
आधार = 10
विचलन: 11 (\(+1\)), 12 (\(+2\)), 13 (\(+3\))
सूत्र का उपयोग करके तीन खंडों में गणना करें:
(v) प्रथम खण्ड = \((11 + 2 + 3)\) या \((12 + 1 + 3)\) या \((13 + 1 + 2)\) = \(16\)
मध्य खण्ड = \((1 \times 2) + (2 \times 3) + (3 \times 1) = 2 + 6 + 3 = 11\)
तृतीय खण्ड = \((1 \times 2 \times 3) = 6\)
अब इन खंडों को एक साथ लिखें: \(16 / 11 / 6\)
चूंकि आधार में 1 शून्य है, हमें प्रत्येक खंड में केवल एक अंक रखना है. अतिरिक्त अंक को अगले खंड में जोड़ दिया जाता है.
\( 16 / 11 / 6 \)
\( 16 / (11+0) / 6 \) (6 को तृतीय खंड में रखें)
\( 16 / (1+1) / 6 \) (11 का 1 दहाई मध्य खंड में जोड़ें)
\( (16+1) / 1 / 6 \) (11 का 1 दहाई प्रथम खंड में जोड़ें)
\( 17 / 1 / 6 \)
इस प्रकार, \(11 \times 12 \times 13 = 1716\).
In simple words: 11, 12, और 13 को गुणा करने के लिए, 10 को आधार मानते हैं. तीनों संख्याएँ 10 से क्रमशः 1, 2, और 3 ज़्यादा हैं. गुणा को तीन हिस्सों में करते हैं: पहला हिस्सा 11+2+3=16; दूसरा हिस्सा (1x2)+(2x3)+(3x1)=11; तीसरा हिस्सा 1x2x3=6. अब इन हिस्सों को \(16 / 11 / 6\) लिखते हैं. क्योंकि आधार 10 में एक ही शून्य है, हर हिस्से में एक अंक रखना होता है. इसलिए 11 का 1, 16 में जुड़ जाता है, जिससे 1716 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: तीन संख्याओं के निखिलम् गुणन में, प्रत्येक खंड से केवल एक अंक रखा जाता है और शेष को बाईं ओर के खंड में ले जाया जाता है. यह प्रक्रिया आधार में शून्यों की संख्या पर निर्भर करती है.

 

Question 14. 97 x 98 x 99
Answer: 97, 98, और 99 को सूत्र निखिलम् विधि से गुणा करने के लिए, हम आधार 100 का उपयोग करेंगे. यह तीन संख्याओं को गुणा करने के लिए एक विशेष प्रक्रिया है.
(i) आधार = 100
(ii) विचलन = \(-3\) (97, 100 से 3 कम), \(-2\) (98, 100 से 2 कम), \(-1\) (99, 100 से 1 कम)
(v) प्रथम खण्ड = \((97 - 2 - 1)\) या \((98 - 3 - 1)\) या \((99 - 3 - 2)\) = \(94\)
(iv) मध्य खण्ड = \(((-3) \times (-2)) + ((-2) \times (-1)) + ((-1) \times (-3))\)
\( = 6 + 2 + 3 = 11\)
(iii) तृतीय खण्ड = \(((-3) \times (-2) \times (-1)) = -6\)
अब इन खंडों को एक साथ लिखें: \(94 / 11 / -6\)
चूंकि तृतीय खण्ड में एक नकारात्मक अंक है, हमें उसे सकारात्मक बनाने की आवश्यकता है. हम मध्य खण्ड से 1 लेंगे (जो आधार 100 के बराबर है) और उसे तृतीय खण्ड में जोड़ेंगे.
\( 94 / 11 / -6 \)
\( 94 / (11-1) / (100-6) \)
\( 94 / 10 / 94 \)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं, और प्रत्येक खंड में 2 अंक हैं, इसलिए कोई बदलाव नहीं होगा.
इस प्रकार, \(97 \times 98 \times 99 = 941094\).
In simple words: 97, 98, और 99 को गुणा करने के लिए, 100 को आधार मानते हैं. तीनों संख्याएँ 100 से क्रमशः 3, 2, और 1 कम हैं. गुणा को तीन हिस्सों में करते हैं: पहला हिस्सा 97-2-1=94; दूसरा हिस्सा ((-3)x(-2))+((-2)x(-1))+((-1)x(-3))=11; तीसरा हिस्सा ((-3)x(-2)x(-1))=-6. अब इन हिस्सों को \(94 / 11 / -6\) लिखते हैं. क्योंकि तीसरा हिस्सा नकारात्मक है, हम बीच वाले हिस्से से 1 घटाकर उसे 100 में से घटाते हैं. तो 941094 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: जब तृतीय खंड नकारात्मक हो, तो मध्य खंड से उधार लेना याद रखें. उधार ली गई संख्या आधार के बराबर होती है (जैसे आधार 100 होने पर 100). यह नकारात्मक मान को सकारात्मक में बदल देती है.

 

Question 15. 102 x 103 x 104
Answer: 102, 103, और 104 को सूत्र निखिलम् विधि से गुणा करने के लिए, हम आधार 100 का उपयोग करेंगे. यह तीन संख्याओं को गुणा करने की एक वैदिक विधि है.
(i) आधार = 100
(ii) विचलन = \(+2\) (102, 100 से 2 अधिक), \(+3\) (103, 100 से 3 अधिक), \(+4\) (104, 100 से 4 अधिक)
(v) प्रथम खण्ड = \((102 + 3 + 4)\) या \((103 + 2 + 4)\) या \((104 + 2 + 3)\) = \(109\)
(iv) मध्य खण्ड = \((2 \times 3) + (3 \times 4) + (4 \times 2)\)
\( = 6 + 12 + 8 = 26\)
(iii) तृतीय खण्ड = \((2 \times 3 \times 4) = 24\)
अब इन खंडों को एक साथ लिखें: \(109 / 26 / 24\)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं, और प्रत्येक खंड में 2 अंक हैं, इसलिए कोई बदलाव नहीं होगा.
इस प्रकार, \(102 \times 103 \times 104 = 1092624\).
In simple words: 102, 103, और 104 को गुणा करने के लिए, 100 को आधार मानते हैं. ये संख्याएँ 100 से क्रमशः 2, 3, और 4 ज़्यादा हैं. गुणा को तीन हिस्सों में करते हैं: पहला हिस्सा 102+3+4=109; दूसरा हिस्सा (2x3)+(3x4)+(4x2)=26; तीसरा हिस्सा 2x3x4=24. तीनों हिस्सों को मिलाकर 1092624 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: सकारात्मक विचलनों के साथ गुणा करते समय, सभी खंडों के मान सकारात्मक आते हैं, जिससे अंतिम उत्तर सीधे लिखा जा सकता है. मध्य खंड और तृतीय खंड में आधार में शून्यों की संख्या के बराबर अंक होने चाहिए.

 

Question 16. 99 x 101 x 103
Answer: 99, 101, और 103 को सूत्र निखिलम् विधि से गुणा करने के लिए, हम आधार 100 का उपयोग करेंगे. यह विधि तीन संख्याओं को गुणा करने की एक प्रभावी तकनीक है.
(i) आधार = 100
(ii) विचलन = \(-1\) (99, 100 से 1 कम), \(+1\) (101, 100 से 1 अधिक), \(+3\) (103, 100 से 3 अधिक)
(v) प्रथम खण्ड = \((99 + 1 + 3)\) या \((101 - 1 + 3)\) या \((103 - 1 + 1)\) = \(103\)
(iv) मध्य खण्ड = \(((-1) \times 1) + (1 \times 3) + (3 \times (-1))\)
\( = -1 + 3 - 3 = -1\)
(iii) तृतीय खण्ड = \(((-1) \times 1 \times 3) = -3\)
अब इन खंडों को एक साथ लिखें: \(103 / -1 / -3\)
चूंकि मध्य और तृतीय खंड नकारात्मक हैं, हमें उन्हें सकारात्मक बनाने की आवश्यकता है. तृतीय खंड को सकारात्मक करने के लिए, मध्य खंड से 1 (जो 100 के बराबर है) उधार लेंगे. फिर मध्य खंड को सकारात्मक करने के लिए, प्रथम खंड से 1 (जो 100 के बराबर है) उधार लेंगे.
\( 103 / -1 / -3 \)
\( 103 / (-1-1) / (100-3) \) (तृतीय खंड के लिए मध्य खंड से उधार लिया)
\( 103 / -2 / 97 \)
अब मध्य खंड \(-2\) को सकारात्मक बनाने के लिए, प्रथम खंड से 1 (जो 100 के बराबर है) उधार लेंगे.
\( (103-1) / (100-2) / 97 \)
\( 102 / 98 / 97 \)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं और प्रत्येक खंड में 2 अंक हैं, इसलिए कोई बदलाव नहीं होगा.
इस प्रकार, \(99 \times 101 \times 103 = 1029897\).
In simple words: 99, 101, और 103 को गुणा करने के लिए, 100 को आधार मानते हैं. विचलन हैं -1, +1, और +3. पहला हिस्सा 99+1+3=103; दूसरा हिस्सा ((-1)x1)+(1x3)+(3x(-1))=-1; तीसरा हिस्सा ((-1)x1x3)=-3. क्योंकि दूसरा और तीसरा हिस्सा नकारात्मक हैं, हम उन्हें सकारात्मक करने के लिए पहले वाले हिस्से से उधार लेते हैं. उधार लेते समय, 100 को जोड़ते हैं और उधार देने वाले हिस्से से 1 घटाते हैं. आखिर में 1029897 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: जब मध्य या तृतीय खंड नकारात्मक हो, तो उसे सकारात्मक बनाने के लिए बाईं ओर के खंड से उधार लेना पड़ता है. ध्यान दें कि उधार ली गई इकाई आधार के मान के बराबर होती है (जैसे आधार 100 होने पर 100).

निम्न का वर्ग ज्ञात कीजिए।

 

Question 17. 103
Answer: 103 का वर्ग ज्ञात करने के लिए, हम सूत्र निखिलम् का उपयोग कर सकते हैं. यहाँ आधार 100 है.
आधार = 100
विचलन = \(+03\) (103, 100 से 3 अधिक है)
वर्ग के लिए सूत्र है: \((संख्या + विचलन) / (विचलन)^2\)
\( (103)^2 = (103 + 03) / (03)^2 \)
\( = 106 / 09 \)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं, और द्वितीय खण्ड (09) में भी 2 अंक हैं, इसलिए कोई बदलाव नहीं होगा.
इस प्रकार, \(103^2 = 10609\).
In simple words: 103 का वर्ग निकालने के लिए, 100 को आधार मानते हैं. 103, 100 से 3 ज़्यादा है. पहले 103 में 3 जोड़ते हैं (106). फिर 3 का वर्ग करते हैं (09). इन दोनों को साथ लिखने पर 10609 आता है.

🎯 Exam Tip: वर्ग निकालने की निखिलम् विधि में, विचलन का वर्ग हमेशा द्वितीय खण्ड में आता है. यदि विचलन में एक ही अंक हो, तो द्वितीय खण्ड में दो अंक बनाने के लिए उसके आगे शून्य (0) लगाएँ (जैसे 3 का वर्ग 9 होता है, तो 09 लिखें).

 

Question 19. 204
Answer: 204 का वर्ग ज्ञात करने के लिए, हम सूत्र निखिलम् (उपाधार विधि) का उपयोग कर सकते हैं. यहाँ आधार 100 और उपाधार 200 है.
आधार = 100
उपाधार = \(100 \times 2 = 200\)
उपाधार अंक = 2
विचलन = \(+04\) (204, 200 से 4 अधिक है)
वर्ग के लिए सूत्र है: \(((संख्या + विचलन) \times उपाधार अंक) / (विचलन)^2\)
\( (204)^2 = (204 + 04) \times 2 / (04)^2 \)
\( = 208 \times 2 / 16 \)
\( = 416 / 16 \)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं, और द्वितीय खण्ड (16) में भी 2 अंक हैं, इसलिए कोई बदलाव नहीं होगा.
इस प्रकार, \(204^2 = 41616\).
In simple words: 204 का वर्ग निकालने के लिए, 200 को उपाधार मानते हैं. 204, 200 से 4 ज़्यादा है. पहले 204 में 4 जोड़ते हैं (208). फिर इसे उपाधार अंक 2 से गुणा करते हैं (416). बाद में 4 का वर्ग करते हैं (16). इन दोनों को साथ लिखने पर 41616 आता है.

🎯 Exam Tip: उपाधार विधि से वर्ग निकालते समय, प्रथम खण्ड को उपाधार अंक से गुणा करना न भूलें. यह उपाधार संख्या से संबंधित वर्ग की गणना का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

 

Question 20. 225
Answer: 225 का वर्ग ज्ञात करने के लिए, हम सूत्र निखिलम् (उपाधार विधि) का उपयोग कर सकते हैं. यहाँ आधार 100 और उपाधार 200 या 250 (जो 25 के गुणज में है) हो सकता है. दी गई गणना के अनुसार 250 को उपाधार मानेंगे.
आधार = 100
उपाधार = 250 (इसे \(100 \times 2.5\) के रूप में भी देखा जा सकता है, या 'एक अधिकेन् पूर्वेण' विधि)
उपाधार अंक = 2.5 (या \(5/2\))
विचलन = \(+25\) (225, 200 से 25 अधिक है). यदि उपाधार 250 मानते हैं तो विचलन \(-25\) होगा.
दी गई विधि में, यह 'एक अधिकेन् पूर्वेण' विधि के समान लग रहा है, जहां अंतिम अंक 5 होता है. इसका सूत्र है \(संख्या \times (पहला अंक + 1) / 25\).
\( (225)^2 = 2 \times (22 + 25) / (25)^2 \)
यह 225 को \(25 \times 9\) के रूप में देखकर भी हल किया जा सकता है. लेकिन दिए गए हल के अनुसार:
\( (225)^2 = 2 \times (225 + 25) / (25)^2 \) (यहाँ उपाधार 200 और विचलन 25 लिया गया है, और प्रथम खंड को 2 से गुणा किया गया है)
\( = 2 \times 250 / 625 \)
\( = 500 / 625 \)
चूंकि द्वितीय खण्ड (625) में 3 अंक हैं और आधार में 2 शून्य हैं, इसलिए 6 को प्रथम खण्ड में जोड़ा जाएगा.
\( = (500 + 6) / 25 \)
\( = 506 / 25 \)
इस प्रकार, \(225^2 = 50625\).
In simple words: 225 का वर्ग निकालने के लिए, 200 को उपाधार मानते हैं. 225, 200 से 25 ज़्यादा है. पहले 225 में 25 जोड़ते हैं (250), फिर इसे उपाधार अंक 2 से गुणा करते हैं (500). बाद में 25 का वर्ग करते हैं (625). चूंकि 625 में तीन अंक हैं और आधार 100 में दो शून्य, तो 6 को 500 में जोड़कर 506 मिलता है. उत्तर 50625 है.

🎯 Exam Tip: जब विचलन का वर्ग आधार में शून्यों की संख्या से अधिक अंकों वाला होता है, तो अतिरिक्त अंक को प्रथम खण्ड में जोड़ दिया जाता है. यह 'निखिलम्' और 'एक अधिकेन् पूर्वेण' दोनों विधियों में एक सामान्य नियम है.

निम्न का घनफल ज्ञात कीजिए:

 

Question 21. 15
Answer: 15 का घन (घनफल) ज्ञात करने के लिए, हम निखिलम् विधि का उपयोग कर सकते हैं. यहाँ आधार 10 है.
आधार = 10
विचलन = \(+5\) (15, 10 से 5 अधिक है)
घनफल का सूत्र है: \((संख्या + 2 \times विचलन) / (3 \times विचलन^2) / (विचलन^3)\)
\( (15)^3 = (15 + 2 \times 5) / (3 \times 5^2) / (5^3) \)
\( = (15 + 10) / (3 \times 25) / 125 \)
\( = 25 / 75 / 125 \)
चूंकि आधार में 1 शून्य है, हमें प्रत्येक खंड में केवल एक अंक रखना है और अतिरिक्त अंकों को अगले खंड में जोड़ना है.
\( 25 / 75 / 125 \)
\( 25 / (75+12) / 5 \) (125 का 12, 75 में जुड़ा)
\( 25 / 87 / 5 \)
\( (25+8) / 7 / 5 \) (87 का 8, 25 में जुड़ा)
\( = 33 / 7 / 5 \)
इस प्रकार, \(15^3 = 3375\).
In simple words: 15 का घन निकालने के लिए, 10 को आधार मानते हैं. 15, 10 से 5 ज़्यादा है. घन को तीन हिस्सों में निकालते हैं: पहला हिस्सा 15+(2x5)=25; दूसरा हिस्सा 3x(5x5)=75; तीसरा हिस्सा 5x5x5=125. फिर इन हिस्सों को 25 / 75 / 125 लिखते हैं. क्योंकि आधार 10 में एक शून्य है, हर हिस्से में एक अंक रखते हैं और बाकी को आगे जोड़ते हैं. इससे 3375 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: घनफल निकालने में तीन खंड होते हैं. प्रत्येक खंड में आधार में शून्यों की संख्या के बराबर अंक रखने होते हैं. यदि अधिक अंक हों, तो उन्हें बाईं ओर के खंड में जोड़ दें. यह सुनिश्चित करता है कि अंतिम उत्तर सही हो.

 

Question 22. 91
Answer: 91 का घन ज्ञात करने के लिए, हम निखिलम् विधि का उपयोग कर सकते हैं. यहाँ आधार 100 है.
आधार = 100
विचलन = \(-9\) (91, 100 से 9 कम है)
घनफल का सूत्र है: \((संख्या + 2 \times विचलन) / (3 \times विचलन^2) / (विचलन^3)\)
\( (91)^3 = (91 + 2 \times (-9)) / (3 \times (-9)^2) / ((-9)^3) \)
\( = (91 - 18) / (3 \times 81) / (-729) \)
\( = 73 / 243 / -729 \)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं, और तृतीय खंड नकारात्मक है, हमें उसे सकारात्मक बनाना होगा. हम मध्य खंड से 1 (जो 100 के बराबर है) उधार लेंगे. फिर, मध्य खंड से 8 और उधार लेंगे क्योंकि 729 को 1000 में से घटाना होगा (आधार के गुणांक का उपयोग करके).
\( 73 / 243 / -729 \)
\( 73 / (243-8) / (1000-729) \) (यहाँ 729 को 1000 में से घटाया गया, क्योंकि 729 तीन अंकों का है, और 1000, 100 का गुणज है. 729 के लिए हमें 8 उधार लेना होगा, क्योंकि 700 के लिए 7 और 29 के लिए 100-29=71. )
\( 73 / 235 / 271 \)
अब, मध्य खंड 235 में 3 अंक हैं, लेकिन हमें 2 अंक चाहिए (क्योंकि आधार में 2 शून्य हैं). तो 2 को प्रथम खंड में जोड़ा जाएगा.
\( (73+2) / 35 / 71 \)
\( = 75 / 35 / 71 \)
इस प्रकार, \(91^3 = 753571\).
In simple words: 91 का घन निकालने के लिए, 100 को आधार मानते हैं. 91, 100 से 9 कम है. घन को तीन हिस्सों में निकालते हैं: पहला हिस्सा 91+(2x(-9))=73; दूसरा हिस्सा 3x((-9)x(-9))=243; तीसरा हिस्सा (-9)x(-9)x(-9)=-729. इन हिस्सों को 73 / 243 / -729 लिखते हैं. क्योंकि तीसरा हिस्सा नकारात्मक है, और इसमें तीन अंक हैं, हम बीच वाले हिस्से से 8 उधार लेते हैं और 1000 में से 729 घटाते हैं (271). फिर बीच वाले हिस्से में बचे 235 में से 2 को पहले हिस्से में जोड़ते हैं (73+2=75). इससे 753571 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: नकारात्मक विचलन के साथ घनफल निकालते समय, तृतीय खंड नकारात्मक हो सकता है. इसे सकारात्मक बनाने के लिए बाईं ओर के खंड से उधार लिया जाता है, और उधार की मात्रा आधार के गुणक (100, 200, 1000, आदि) पर निर्भर करती है ताकि नकारात्मक संख्या सकारात्मक हो सके.

 

Question 23. 32
Answer: 32 का घन ज्ञात करने के लिए, हम निखिलम् (उपाधार विधि) का उपयोग कर सकते हैं. यहाँ आधार 10 और उपाधार 30 है.
आधार = 10
उपाधार = 30
उपाधार अंक = 3
विचलन = \(+2\) (32, 30 से 2 अधिक है)
घनफल का सूत्र है: \(((संख्या + 2 \times विचलन) \times उपाधार अंक^2) / ((3 \times विचलन^2) \times उपाधार अंक) / (विचलन^3)\)
\( (32)^3 = ((32 + 2 \times 2) \times 3^2) / ((3 \times 2^2) \times 3) / (2^3) \)
\( = ((32 + 4) \times 9) / ((3 \times 4) \times 3) / 8 \)
\( = (36 \times 9) / (12 \times 3) / 8 \)
\( = 324 / 36 / 8 \)
चूंकि आधार में 1 शून्य है, हमें प्रत्येक खंड में केवल एक अंक रखना है और अतिरिक्त अंकों को अगले खंड में जोड़ना है.
\( 324 / 36 / 8 \)
\( 324 / (36+0) / 8 \) (8 को तृतीय खंड में रखें)
\( (324+3) / 6 / 8 \) (36 का 3, 324 में जुड़ा)
\( = 327 / 6 / 8 \)
इस प्रकार, \(32^3 = 32768\).
In simple words: 32 का घन निकालने के लिए, 30 को उपाधार मानते हैं. 32, 30 से 2 ज़्यादा है. घन को तीन हिस्सों में निकालते हैं: पहला हिस्सा ((32+(2x2))x(3x3))=324; दूसरा हिस्सा ((3x(2x2))x3)=36; तीसरा हिस्सा (2x2x2)=8. फिर इन हिस्सों को 324 / 36 / 8 लिखते हैं. क्योंकि आधार 10 में एक शून्य है, हर हिस्से में एक अंक रखते हैं और बाकी को आगे जोड़ते हैं. इससे 32768 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: उपाधार विधि से घनफल निकालते समय, प्रथम खंड को उपाधार अंक के वर्ग से और मध्य खंड को उपाधार अंक से गुणा करना याद रखें. यह उपाधार विधि का एक मुख्य भाग है.

 

Question 24. 208
Answer: 208 का घन ज्ञात करने के लिए, हम निखिलम् (उपाधार विधि) का उपयोग कर सकते हैं. यहाँ आधार 100 और उपाधार 200 है.
आधार = 100
उपाधार अंक = 2
विचलन = \(+8\) (208, 200 से 8 अधिक है)
घनफल का सूत्र है: \(((संख्या + 2 \times विचलन) \times उपाधार अंक^2) / ((3 \times विचलन^2) \times उपाधार अंक) / (विचलन^3)\)
\( (208)^3 = ((208 + 2 \times 8) \times 2^2) / ((3 \times 8^2) \times 2) / (8^3) \)
\( = ((208 + 16) \times 4) / ((3 \times 64) \times 2) / 512 \)
\( = (224 \times 4) / (192 \times 2) / 512 \)
\( = 896 / 384 / 512 \)
चूंकि आधार में 2 शून्य हैं, हमें प्रत्येक खंड में केवल दो अंक रखने हैं और अतिरिक्त अंकों को अगले खंड में जोड़ना है.
\( 896 / 384 / 512 \)
\( 896 / (384+5) / 12 \) (512 का 5, 384 में जुड़ा)
\( 896 / 389 / 12 \)
\( (896+3) / 89 / 12 \) (389 का 3, 896 में जुड़ा)
\( = 899 / 89 / 12 \)
इस प्रकार, \(208^3 = 8998912\).
In simple words: 208 का घन निकालने के लिए, 200 को उपाधार मानते हैं. 208, 200 से 8 ज़्यादा है. घन को तीन हिस्सों में निकालते हैं: पहला हिस्सा ((208+(2x8))x(2x2))=896; दूसरा हिस्सा ((3x(8x8))x2)=384; तीसरा हिस्सा (8x8x8)=512. फिर इन हिस्सों को 896 / 384 / 512 लिखते हैं. चूंकि आधार 100 में दो शून्य हैं, हर हिस्से में दो अंक रखते हैं और बाकी को आगे जोड़ते हैं. इससे 8998912 उत्तर मिलता है.

🎯 Exam Tip: उपाधार विधि से घनफल निकालते समय, खंडों को सही ढंग से जोड़ना और आधार में शून्यों की संख्या के अनुसार अंकों को रखना बहुत महत्वपूर्ण है. बड़ी संख्याओं में गलती होने की संभावना अधिक होती है, इसलिए ध्यान से गणना करें.

निखिलम् विधि से भाग दीजिए:

 

Question 25. 1245 ÷ 97
Answer: निखिलम् विधि से 1245 को 97 से भाग देने के लिए, हम आधार 100 का उपयोग करेंगे. यह एक सरल वैदिक विभाजन विधि है.
भाजक = 97
आधार = 100
पूरक संख्या (Complement) = \(100 - 97 = 03\)
भागफल और शेषफल ज्ञात करने के लिए, हम संख्या को दो खंडों में विभाजित करते हैं, आधार में शून्यों की संख्या के अनुसार (यहाँ 2 शून्य हैं, इसलिए अंतिम दो अंक द्वितीय खंड में होंगे).

खण्डप्रथममध्यतृतीय
भाजक97
पूरक03
मूल संख्या1245
03
03
परिणाम1281

(i) भागफल = 12
शेषफल = 81
(ii) शेषफल < भाजक (\(81 < 97\))
अतः, संशोधन आवश्यक नहीं है.
इस प्रकार, 1245 को 97 से भाग देने पर भागफल 12 और शेषफल 81 प्राप्त होता है.
In simple words: 1245 को 97 से भाग देने के लिए, 100 को आधार मानते हैं. 97 का पूरक 03 है. संख्या 1245 को 12 और 45 में बाँटते हैं. 12 को भागफल के रूप में लिखते हैं. फिर 12 को पूरक 03 से गुणा करते हैं और उसे 45 के नीचे लिखते हैं. जोड़ने पर 81 मिलता है, जो शेषफल है. भागफल 12 और शेषफल 81 है.

🎯 Exam Tip: निखिलम् विधि में, भाजक के पूरक का उपयोग करते हुए, भागफल और शेषफल को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है. शेषफल हमेशा भाजक से छोटा होना चाहिए; यदि नहीं, तो आगे संशोधन करना होगा.

 

Question 26. 311 ÷ 8
Answer: निखिलम् विधि से 311 को 8 से भाग देने के लिए, हम आधार 10 का उपयोग करेंगे. यह वैदिक विभाजन को सरल बनाता है.
भाजक = 8
आधार = 10
पूरक संख्या (Complement) = \(10 - 8 = 2\)
भागफल और शेषफल ज्ञात करने के लिए, हम संख्या को दो खंडों में विभाजित करते हैं (आधार में 1 शून्य है, इसलिए अंतिम अंक द्वितीय खंड में होगा).

खण्डप्रथममध्यतृतीय
भाजक8
पूरक2
मूल संख्या311
6
14
परिणाम3715

भागफल की गणना:
\( 3 \times 2 = 6 \) (यह मध्य खंड में लिखा जाता है)
\( (1+6) \times 2 = 7 \times 2 = 14 \) (यह तृतीय खंड में लिखा जाता है)
जोड़ने पर:
मध्य खंड = 37
तृतीय खंड = 15
(i) संशोधित भागफल = 38 (37 + 1, क्योंकि शेषफल 8 से बड़ा है)
संशोधित शेषफल = 7 (15 - 8)
यहां शेषफल (15) भाजक (8) से बड़ा है, इसलिए हमें इसे संशोधित करना होगा. 15 को 8 से भाग देने पर भागफल 1 और शेषफल 7 मिलता है. इस 1 को भागफल (37) में जोड़ेंगे.
संशोधित भागफल = \(37 + 1 = 38\)
संशोधित शेषफल = \(15 - 8 = 7\)
इस प्रकार, 311 को 8 से भाग देने पर भागफल 38 और शेषफल 7 प्राप्त होता है.
In simple words: 311 को 8 से भाग देने के लिए, 10 को आधार मानते हैं. 8 का पूरक 2 है. संख्या को 31 और 1 में बाँटते हैं. गणना करने पर भागफल 37 और शेषफल 15 आता है. चूंकि शेषफल 8 से बड़ा है, 15 को 8 से फिर भाग देते हैं. 15 में 8 एक बार जाता है और 7 बचता है. यह 1 भागफल में जुड़ जाता है (37+1=38) और 7 शेषफल बचता है.

🎯 Exam Tip: निखिलम् विधि में, यदि अंतिम शेषफल भाजक से बड़ा हो, तो आपको शेषफल को भाजक से फिर से भाग देना होगा और उस भागफल को मुख्य भागफल में जोड़ना होगा, और नया शेषफल वास्तविक शेषफल होगा.

 

Question 27. 1013 ÷ 88
Answer: निखिलम् विधि से 1013 को 88 से भाग देने के लिए, हम आधार 100 का उपयोग करेंगे. यह वैदिक विभाजन को आसान बनाता है.
भाजक = 88
आधार = 100
पूरक संख्या (Complement) = \(100 - 88 = 12\)
भागफल और शेषफल ज्ञात करने के लिए, हम संख्या को दो खंडों में विभाजित करते हैं, आधार में शून्यों की संख्या के अनुसार (यहाँ 2 शून्य हैं, इसलिए अंतिम दो अंक द्वितीय खंड में होंगे).

खण्डप्रथममध्यतृतीय
भाजक88
पूरक12
मूल संख्या1013
12
12
परिणाम1145

(i) भागफल = 11
शेषफल = 45
(ii) शेषफल < भाजक (\(45 < 88\))
अतः, संशोधन आवश्यक नहीं है.
इस प्रकार, 1013 को 88 से भाग देने पर भागफल 11 और शेषफल 45 प्राप्त होता है.
In simple words: 1013 को 88 से भाग देने के लिए, 100 को आधार मानते हैं. 88 का पूरक 12 है. संख्या को 10 और 13 में बाँटते हैं. 10 को भागफल के रूप में लिखते हैं. फिर 10 को पूरक 12 से गुणा करते हैं और उसे 13 के नीचे लिखते हैं. फिर जोड़ते हैं, जिससे 11 और 45 मिलता है. भागफल 11 और शेषफल 45 है.

🎯 Exam Tip: इस विधि में भाजक के पूरक का उपयोग करके विभाजन को सरल बनाया जाता है. महत्वपूर्ण यह है कि शेषफल हमेशा भाजक से छोटा होना चाहिए, अन्यथा आपको परिणाम को और संशोधित करना होगा.

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