Get the most accurate RBSE Solutions for Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 8 Social Science. Our expert-created answers for Class 8 Social Science are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज RBSE Solutions for Class 8 Social Science
For Class 8 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 8 Social Science solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज solutions will improve your exam performance.
Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज RBSE Solutions PDF
Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज
पाठगत प्रश्न
(गतिविधि (पृष्ठ संख्या 74))
Question 1. अपने गाँव या शहर में प्रचलित सामाजिक कुप्रथाओं की सूची बनाइए।
Answer: हमारे गाँव या शहर में कुछ सामाजिक कुरीतियाँ आज भी प्रचलित हैं, जिन्हें हमें मिलकर दूर करना चाहिए:
1. दहेज प्रथा
2. बाल विवाह
3. पर्दा-प्रथा
4. बाल मजदूरी
5. मृत्यु-भोज (मृत्यु भोज एक सामाजिक प्रथा है जिसमें किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद भोज का आयोजन किया जाता है)
6. विवाहों में दिखावा और फिजूलखर्ची
7. लैंगिक असमानता
8. जातिवाद आदि।
In simple words: गाँव और शहर में दहेज, बाल विवाह, बाल मजदूरी, फिजूलखर्ची और जातिवाद जैसी कुछ गलत सामाजिक प्रथाएँ अब भी मौजूद हैं।
🎯 Exam Tip: जब सामाजिक कुप्रथाओं की सूची बनानी हो, तो उन सभी गलत रीति-रिवाजों को लिखें जो समाज में नुकसान पहुँचाते हैं।
Question 2. परिवार या मोहल्ले के बड़े-बुजुर्गों से उनके बचपन से लेकर वर्तमान समय तक सामाजिक परम्पराओं में हुए बदलावों पर चर्चा करके एक चार्ट तैयार कीजिए।
Answer: बड़े-बुजुर्गों से चर्चा के आधार पर सामाजिक परम्पराओं में आए मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
1. विवाह परम्पराओं में बड़े बदलाव आए हैं; जैसे, पहले विवाह कई दिनों तक चलते थे, अब वे एक ही दिन में पूरे हो जाते हैं। यह दिखाता है कि समाज समय के साथ कैसे बदल रहा है।
2. जाति के पुराने बंधन अब कमजोर हो गए हैं और लोगों में थोड़ी ढील आई है।
3. वैवाहिक सम्बन्ध बनाने के तरीकों में भी बहुत बदलाव आया है। इन सभी बदलावों पर चर्चा करके विद्यार्थी एक चार्ट तैयार करें। यह गतिविधि छात्रों को समाज के विकास को समझने में मदद करेगी।
In simple words: विवाह अब एक ही दिन में पूरे होते हैं, जाति के बंधन ढीले हुए हैं, और रिश्ते बनाने के तरीके बदल गए हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, आपको वास्तविक जीवन के उदाहरणों और अपने अनुभवों के आधार पर सामाजिक बदलावों को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।
(पृष्ठ संख्या 76)
Question 3. अपने परिवार के बुजुर्ग सदस्यों से चर्चा करके आज से लगभग 30 वर्ष पूर्व से वर्तमान समय तक विवाह समारोहों के आयोजन में क्या बदलाव आए हैं, लिखिए।
Answer: पिछले 30 सालों में विवाह समारोहों के आयोजन में ये मुख्य बदलाव आए हैं:
1. पहले विवाह समारोह कई दिनों तक चलते थे, अब वे अक्सर एक ही दिन में पूरे हो जाते हैं। यह समय बचाने और खर्च कम करने का एक तरीका बन गया है।
2. पहले घरों को पतंगों या रंग-बिरंगे कागजों से सजाया जाता था, अब बिजली की रंगीन लाइटों और डोरियों का इस्तेमाल होता है। यह आधुनिकता का प्रतीक है।
3. पहले सभी नाते-रिश्तेदार मिलकर विवाह का काम करते थे, अब पेशेवर लोग इन समारोहों को संभालते हैं। इससे काम आसान हो गया है।
4. पहले कई दिनों तक गीत-संगीत होता था, अब यह भी एक ही दिन में पेशेवर तरीके से किया जाता है।
In simple words: अब विवाह एक दिन में होते हैं, सजावट बिजली की लाइटों से होती है, और समारोह पेशेवर लोग संभालते हैं।
🎯 Exam Tip: विवाह समारोहों में आए बदलावों को बताते समय, पुरानी और नई परम्पराओं की तुलना करें और स्पष्ट उदाहरण दें।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
Question 1. सही विकल्प को चुनिए
(A) भारत की कुल जनसंख्या का कार्यशील भाग है-
(अ) 60.29 प्रतिशत
(ब) 50.21 प्रतिशत
(स) 45.01 प्रतिशत
(द) 30 प्रतिशत
Answer: (अ) 60.29 प्रतिशत
In simple words: भारत में काम करने वाली जनसंख्या का हिस्सा लगभग 60.29 प्रतिशत है, जो देश के विकास में योगदान देती है।
🎯 Exam Tip: जनगणना से संबंधित प्रतिशत मूल्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे अक्सर तथ्यात्मक प्रश्नों में पूछे जाते हैं।
Question. (B) राजस्थान में पुरुष साक्षरता दर है-
(अ) 79.02
(ब) 62.15
(स) 40.12
(द) 34.12
Answer: (अ) 79.02
In simple words: राजस्थान में लगभग 79.02 प्रतिशत पुरुष पढ़े-लिखे हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति को दर्शाता है।
🎯 Exam Tip: राज्य-वार आँकड़े जैसे साक्षरता दर को हमेशा सटीक रूप से याद करें, क्योंकि इसमें छोटे अंतर भी महत्वपूर्ण होते हैं।
Question 2. स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए
स्तम्भ 'अ'
(i) पैतृक कार्यों से अलग होना
(ii) सामाजिक मूल्यों में परिवर्तन होना
(iii) उपभोक्तावाद बढ़ने का कारण
(iv) अतिवादी जातीय व्यवहारों को छोड़ना
स्तम्भ 'ब'
परम्परागत व्यवसाय छोड़ना
शिक्षा और औद्योगीकरण का प्रभाव
बाजारीकरण का दबाव
शिक्षित वर्ग
Answer:
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| (i) पैतृक कार्यों से अलग होना | परम्परागत व्यवसाय छोड़ना |
| (ii) सामाजिक मूल्यों में परिवर्तन होना | शिक्षा और औद्योगीकरण का प्रभाव |
| (iii) उपभोक्तावाद बढ़ने का कारण | बाजारीकरण का दबाव |
| (iv) अतिवादी जातीय व्यवहारों को छोड़ना | शिक्षित वर्ग |
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, प्रत्येक सही जोड़े को सटीक रूप से पहचानें और सुनिश्चित करें कि कोई भी विकल्प दोबारा न लिखा जाए।
Question 3. पारिवारिक एवं नातेदारी सम्बन्धों में बदलाव के कारण पर प्रकाश डालिए।
Answer: पारिवारिक और नातेदारी सम्बन्धों में बदलाव के कई कारण हैं, जिनमें कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
1. पाश्चात्य शिक्षा और संस्कृति का बढ़ता प्रभाव: पश्चिमी शिक्षा और जीवनशैली के कारण लोग अपनी सोच में अधिक व्यक्तिगत और स्वतंत्र हो रहे हैं, जिससे परिवार के पारंपरिक ढांचे में बदलाव आ रहा है। यह बदलाव नए विचारों को अपनाने में मदद करता है।
2. बिखरते संयुक्त परिवार: अब लोग अक्सर छोटे एकल परिवार पसंद करते हैं, जिससे संयुक्त परिवार बिखर रहे हैं।
3. नगरीकरण तथा: शहरों की ओर बढ़ने से लोग व्यक्तिगत स्वतंत्रता को अधिक महत्व देने लगे हैं, जिससे परिवार और रिश्तों में बदलाव आता है।
4. औद्योगीकरण आदि: उद्योगों के विकास के कारण रोजगार के लिए लोग दूर जाने लगे हैं, जिससे परिवारों में दूरी आ जाती है।
In simple words: पश्चिमी शिक्षा, एकल परिवार, शहरों में बसना, और नए उद्योगों के कारण परिवार और रिश्तों में बदलाव आ रहा है।
🎯 Exam Tip: पारिवारिक बदलावों के कारणों को स्पष्ट करते समय, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों को अलग-अलग बिंदुओं में समझाएँ।
Question 4. “बाजारीकरण के प्रभाव से भारतीय लोगों के रहन-सहन और जीवन शैली में परिवर्तन आ रहा है।” स्पष्ट कीजिए।
Answer: बाजारीकरण के प्रभाव से भारतीय लोगों के रहन-सहन और जीवन-शैली में ये प्रमुख बदलाव आ रहे हैं:
1. उपभोक्तावादी जीवन-शैली: बाजारवाद के कारण लोग ज्यादा चीजें खरीदने लगे हैं। अब घर सजाने, महंगे कपड़े पहनने, मनोरंजन, शादी और रोजमर्रा की चीजों में दिखावा बढ़ गया है। लोग अब इन चीजों को अपनी इज्जत और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़ने लगे हैं।
In simple words: बाजारीकरण के कारण लोगों की जीवनशैली बदल रही है, जिसमें वे ज्यादा सामान खरीदकर अपनी हैसियत दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: बाजारीकरण के प्रभावों को समझाते हुए, उपभोग की आदतों, सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत मूल्यों में आए परिवर्तनों पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 5. "भारतीय समाज का स्वरूप अब ग्रामीण की बजाय नगरीय होता जा रहा है।" उदाहरण सहित समझाइये। अथवा भारतीय समाज का स्वरूप ग्रामीण से नगरीय कैसे होता जा रहा है? उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer: भारतीय समाज का स्वरूप ग्रामीण से नगरीय होता जा रहा है, इसके कई कारण हैं:
1. बढ़ता शहरीकरण: 20वीं सदी की शुरुआत में भारत की सिर्फ 11% आबादी शहरों में रहती थी। लेकिन 2011 की जनगणना तक यह बढ़कर 31.16% हो गई। यह दिखाता है कि ज्यादा लोग शहरों में बसने लगे हैं। शहरीकरण रोजगार के अवसर बढ़ाता है और लोगों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करता है।
2. कृषि आधारित ग्रामीण जीवन-शैली का घटता महत्त्व: गाँवों में कृषि का आर्थिक और सामाजिक महत्व कम हो रहा है। सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में कृषि का योगदान घटकर सिर्फ एक-चौथाई रह गया है। गाँव के लोग खेती के बजाय दूसरे काम ढूंढ रहे हैं, और बहुत से लोग रोजगार के लिए पास के शहरों में जाते हैं।
3. नगरीय जीवन-शैली का आकर्षण: ग्रामीण लोग शहरों की चकाचौंध और सुविधाओं से प्रभावित हो रहे हैं। उनमें भी शहरों जैसी जिंदगी जीने की इच्छा बढ़ रही है।
4. ग्रामीण तथा नगरीय जीवन की खाई का कम होना: बाजार, बढ़ती जनसंख्या, टेलीविजन और दूसरे संचार साधनों के कारण ग्रामीण और शहरी जीवन के बीच का अंतर अब कम हो रहा है। लोग अब एक-दूसरे से ज्यादा जुड़े हुए हैं।
In simple words: ज्यादा लोग शहरों में बस रहे हैं, गाँव में खेती का महत्व कम हो रहा है, शहर की जीवनशैली लोगों को लुभा रही है, और गाँव-शहर का अंतर घट रहा है।
🎯 Exam Tip: शहरीकरण के कारणों को समझाते हुए, जनसंख्या के आंकड़े, कृषि के महत्व में कमी, और शहरों के आकर्षण जैसे ठोस उदाहरण दें।
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुविकल्पात्मक प्रश्न
Question 1. 2011 की जनगणना में भारत में शहरी जनसंख्या का प्रतिशत है
(अ) 11
(ब) 31.16
(स) 68.84
(द) 89
Answer: (ब) 31.16
In simple words: 2011 में भारत की लगभग 31.16 प्रतिशत जनसंख्या शहरों में रहती थी।
🎯 Exam Tip: जनगणना के आंकड़ों को याद रखें, खासकर महत्वपूर्ण प्रतिशत जैसे शहरी जनसंख्या का प्रतिशत।
Question 2. जाति के निम्न में से कौनसे आधार समाप्त हो रहे हैं-
(अ) धार्मिक आधार
(ब) परम्परागत पेशा
(स) खान-पान का निषेध
(द) उपयुक्त सभी
Answer: (द) उपयुक्त सभी
In simple words: जाति के धार्मिक आधार, पारंपरिक पेशे और खान-पान के नियम, ये सभी अब धीरे-धीरे कम हो रहे हैं।
🎯 Exam Tip: जाति प्रथा के कमजोर होते आधारों को समझाते समय, यह ध्यान रखें कि धार्मिक, आर्थिक और सामाजिक सभी पहलू प्रभावित हुए हैं।
Question 3. जाति प्रथा के परम्परागत स्वरूपों के दुर्बल होने का कारण है-
(अ) नगरीकरण
(ब) औद्योगीकरण
(स) शिक्षा का प्रसार
(द) उपयुक्त सभी
Answer: (द) उपयुक्त सभी
In simple words: शहरों में रहने से, नए उद्योगों के आने से, और शिक्षा के बढ़ने से जाति प्रथा के पुराने नियम कमजोर हो रहे हैं।
🎯 Exam Tip: जाति प्रथा के कमजोर होने के कारणों को सूचीबद्ध करते समय, नगरीकरण, औद्योगीकरण और शिक्षा जैसे आधुनिक कारकों पर जोर दें।
Question 4. भारत में पुरुष साक्षरता है
(अ) 80.90 प्रतिशत
(ब) 65.46 प्रतिशत
(स) 79.02 प्रतिशत
(द) 52.10 प्रतिशत
Answer: (अ) 80.90 प्रतिशत
In simple words: भारत में लगभग 80.90 प्रतिशत पुरुष पढ़े-लिखे हैं।
🎯 Exam Tip: जनगणना के साक्षरता आंकड़ों को याद रखें, विशेषकर लिंग-वार प्रतिशत, क्योंकि ये तथ्यात्मक जानकारी अक्सर पूछी जाती है।
Question 5. सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में लिंगानुपात
(अ) 1000 : 943
(ब) 1000 : 953
(स) 1000 : 923
(द) 1000 : 963
Answer: (अ) 1000 : 943
In simple words: 2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में हर 1000 पुरुषों पर 943 महिलाएँ थीं।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात जैसे जनगणना के प्रमुख आंकड़े परीक्षा में सीधे पूछे जाते हैं, इसलिए उन्हें सटीक रूप से याद रखना चाहिए।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1. वर्तमान में _______ जीवन शैली की प्रधानता बढ़ रही (शहरी/ग्रामीण)
Answer: वर्तमान में **शहरी** जीवन शैली की प्रधानता बढ़ रही है।
In simple words: आजकल शहरों जैसी जीवनशैली ज्यादा लोकप्रिय हो रही है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान वाले प्रश्नों में, दिए गए विकल्पों को ध्यान से देखें और सही शब्द चुनें जो वाक्य के अर्थ को पूरा करता हो।
Question 2. समाज में _______ के दबाव में उपभोक्तावाद बढ़ता जा रहा है। (बाजारवाद/आधुनिकीकरण)
Answer: समाज में **बाजारवाद** के दबाव में उपभोक्तावाद बढ़ता जा रहा है।
In simple words: बाजार के प्रभाव के कारण लोग अब ज्यादा चीजें खरीदने लगे हैं।
🎯 Exam Tip: उपभोक्तावाद और बाजारीकरण के बीच के संबंध को समझें, क्योंकि ये अवधारणाएँ अक्सर एक साथ आती हैं।
Question 3. कृषि आधारित ग्रामीण जीवन शैली का आर्थिक और सामाजिक महत्त्व _______ जा रहा है। (बढ़ता/घटता)
Answer: कृषि आधारित ग्रामीण जीवन शैली का आर्थिक और सामाजिक महत्त्व **घटता** जा रहा है।
In simple words: गाँव में खेती से जुड़ी जीवनशैली का महत्व अब कम हो रहा है।
🎯 Exam Tip: ग्रामीण जीवनशैली में बदलाव के कारणों को समझते हुए, इसके आर्थिक और सामाजिक प्रभावों पर ध्यान दें।
Question 4. उद्योग आधारित नगरीय जीवन शैली का प्रभाव समाज में _______ जा रहा है। (घटता/बढ़ता)
Answer: उद्योग आधारित नगरीय जीवन शैली का प्रभाव समाज में **बढ़ता** जा रहा है।
In simple words: उद्योगों और शहरों पर आधारित जीवनशैली का प्रभाव समाज में अब ज्यादा हो रहा है।
🎯 Exam Tip: नगरीकरण और औद्योगीकरण के प्रभावों को अलग-अलग समझें, और वे कैसे समाज को प्रभावित करते हैं।
Question 5. राजस्थान में महिला साक्षरता _______ प्रतिशत है। (64.60/52.10)
Answer: राजस्थान में महिला साक्षरता **52.10** प्रतिशत है।
In simple words: राजस्थान में लगभग 52.10 प्रतिशत महिलाएँ पढ़ी-लिखी हैं।
🎯 Exam Tip: राज्य-वार लिंगानुपात और साक्षरता दर के आंकड़े परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, इन्हें सटीक रूप से याद करें।
निम्न में से सत्य और असत्य कथन छाँटिए
Question 1. साक्षरता से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता आती है।
Answer: सत्य
In simple words: जब लोग पढ़े-लिखे होते हैं, तो वे अपने स्वास्थ्य का अधिक ध्यान रखते हैं।
🎯 Exam Tip: शिक्षा के सकारात्मक प्रभावों को पहचानें, खासकर स्वास्थ्य जागरूकता जैसे क्षेत्रों में।
Question 2. भारतीय समाज का स्वरूप अब नगरीय की बजाय ग्रामीण होता जा रहा है।
Answer: असत्य
In simple words: यह गलत है कि भारतीय समाज गाँवों की तरफ बढ़ रहा है, बल्कि वह शहरों की तरफ बढ़ रहा है।
🎯 Exam Tip: शहरीकरण और ग्रामीण-शहरी प्रवास की वर्तमान प्रवृत्तियों को याद रखें ताकि ऐसे सत्य/असत्य प्रश्नों का सही उत्तर दे सकें।
Question 3. भारतीय समाज में अब उद्योग आधारित नगरीय जीवन शैली का प्रभाव बढ़ता जा रहा है।
Answer: सत्य
In simple words: भारतीय समाज में अब शहरों और उद्योगों से जुड़ी जीवनशैली का प्रभाव बढ़ रहा है।
🎯 Exam Tip: औद्योगीकरण और नगरीकरण के प्रभावों पर ध्यान दें, क्योंकि वे भारतीय समाज में बड़े बदलाव ला रहे हैं।
Question 4. अन्तर्जातीय खान-पान के निषेध कमजोर हो रहे हैं।
Answer: सत्य
In simple words: अब लोग अलग-अलग जातियों के साथ मिलकर खाना-पीना पसंद करने लगे हैं, पुराने नियम कमजोर हो रहे हैं।
🎯 Exam Tip: जाति प्रथा में सामाजिक बदलावों पर ध्यान दें, जैसे खान-पान के नियमों में आती ढील।
Question 5. शहरों में सामूहिक रहन-सहन की परिस्थितियों ने जातिबन्धन के विभिन्न स्वरूपों को सबल किया है
Answer: असत्य
In simple words: यह गलत है कि शहरों में साथ रहने से जाति के बंधन मजबूत हुए हैं, बल्कि वे कमजोर हुए हैं।
🎯 Exam Tip: शहरों में सामूहिक जीवन अक्सर जाति के बंधनों को कमजोर करता है, क्योंकि लोग विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों के साथ रहते हैं।
निम्नलिखित स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए
Question 1.
स्तम्भ 'अ'
(i) कृषि आधारित ग्रामीण जीवन शैली
(ii) उद्योग आधारित नगरीय जीवन शैली
(iii) कार्यशील जनसंख्या
(iv) राजस्थान में लिंगानुपात
स्तम्भ 'ब'
बढ़ता सामाजिक-आर्थिक महत्त्व
घटता सामाजिक-आर्थिक महत्त्व
928
15 से 59 वर्ष
Answer:
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| (i) कृषि आधारित ग्रामीण जीवन शैली | घटता सामाजिक-आर्थिक महत्त्व |
| (ii) उद्योग आधारित नगरीय जीवन शैली | बढ़ता सामाजिक-आर्थिक महत्त्व |
| (iii) कार्यशील जनसंख्या | 15 से 59 वर्ष |
| (iv) राजस्थान में लिंगानुपात | 928 |
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और प्रत्येक पद का सही मिलान सुनिश्चित करें, खासकर जब आंकड़े शामिल हों।
Question 2.
स्तम्भ 'अ'
(i) कृषि
(ii) उद्योग
(iii) विवाह
(iv) जनसंचार साधन
स्तम्भ 'ब'
नगरीय क्षेत्र
पवित्र संस्कार
रेडियो, टेलीविजन
ग्रामीण क्षेत्र
Answer:
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| (i) कृषि | ग्रामीण क्षेत्र |
| (ii) उद्योग | नगरीय क्षेत्र |
| (iii) विवाह | पवित्र संस्कार |
| (iv) जनसंचार साधन | रेडियो, टेलीविजन |
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, संबंधित क्षेत्रों को उनकी विशेषताओं या स्थान के आधार पर पहचानें।
Question 3.
स्तम्भ 'अ'
(i) बाजारवाद
(ii) अतिवादी जातीय व्यवहारों से दूर
(iii) भारत में पुरुष साक्षरता
(iv) राजस्थान में पुरुष साक्षरता
स्तम्भ 'ब'
उपभोक्तावाद
शिक्षित वर्ग
80.90 प्रतिशत
79.02 प्रतिशत
Answer:
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| (i) बाजारवाद | उपभोक्तावाद |
| (ii) अतिवादी जातीय व्यवहारों से दूर | शिक्षित वर्ग |
| (iii) भारत में पुरुष साक्षरता | 80.90 प्रतिशत |
| (iv) राजस्थान में पुरुष साक्षरता | 79.02 प्रतिशत |
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, अवधारणाओं को उनके परिणामों से, और आंकड़े को उसके विशिष्ट क्षेत्र से सही ढंग से जोड़ें।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. भारतीय सामाजिक व्यवस्था में विवाह क्या माना जाता है?
Answer: भारतीय सामाजिक व्यवस्था में विवाह को एक पवित्र संस्कार माना जाता है। यह सिर्फ दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का भी मिलन होता है।
In simple words: भारत में विवाह को बहुत ही पवित्र और खास माना जाता है।
🎯 Exam Tip: विवाह की अवधारणा को स्पष्ट करते समय, इसे केवल एक सामाजिक अनुबंध के बजाय एक 'पवित्र संस्कार' के रूप में परिभाषित करें।
Question 2. भारत में वर्तमान में किस प्रकार की जीवन-शैली की प्रधानता बढ़ रही है?
Answer: भारत में वर्तमान में शहरी जीवन शैली की प्रधानता बढ़ रही है। लोग शहरों की सुविधाओं और जीवन के आधुनिक तरीकों को अपनाने लगे हैं।
In simple words: अब भारत में शहरों जैसी जीवनशैली ज्यादा पसंद की जा रही है।
🎯 Exam Tip: भारत में जीवनशैली के बदलते रुझानों पर ध्यान दें, विशेषकर शहरीकरण के प्रभाव को।
Question 3. भारत में किस रूप से संयुक्त परिवार अब भी प्रचलित हैं?
Answer: भारत में संयुक्त परिवार अभी भी कार्यात्मक रूप से प्रचलित हैं। इसका मतलब है कि भले ही लोग अलग-अलग घरों में रहते हों, वे आपस में मदद करते हैं और एक-दूसरे के साथ जुड़े रहते हैं।
In simple words: भले ही लोग अलग-अलग रहते हों, लेकिन काम के समय वे आज भी संयुक्त परिवार की तरह मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: संयुक्त परिवारों की वर्तमान स्थिति को समझाते समय, उनके कार्यात्मक पहलुओं पर जोर दें, जहाँ वे भावनात्मक और व्यावहारिक सहायता प्रदान करते हैं।
Question 5. भारतीय विवाह आदि समारोहों में किस प्रकार की कुप्रथा को बढ़ावा मिल रहा है?
Answer: भारतीय विवाह और दूसरे समारोहों में फिजूलखर्ची और दिखावे की कुप्रथा को बढ़ावा मिल रहा है। लोग अपनी आर्थिक क्षमता से ज़्यादा खर्च करके दूसरों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।
In simple words: विवाह समारोहों में आजकल बहुत ज्यादा फिजूलखर्ची और दिखावा बढ़ गया है।
🎯 Exam Tip: विवाह समारोहों से जुड़ी कुप्रथाओं को बताते समय, फिजूलखर्ची और दिखावे के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को उजागर करें।
Question 6. आज भारत में किस प्रकार की विचारधाराओं का महत्त्व बढ़ा है?
Answer: वर्तमान में भारत में व्यक्तिवादिता, समानता और न्याय की विचारधाराओं का महत्त्व बढ़ा है। लोग अपने अधिकारों और दूसरों के प्रति न्यायपूर्ण व्यवहार की अधिक मांग करते हैं।
In simple words: आजकल भारत में लोग अपनी आज़ादी, बराबरी और सही न्याय के बारे में ज्यादा सोचते हैं।
🎯 Exam Tip: आधुनिक भारतीय समाज में प्रमुख विचारधाराओं को पहचानें, जैसे व्यक्तिवाद, समानता और न्याय।
Question 7. वर्तमान में किस तथ्य ने जातीय सद्भाव को ठेस पहुँचायी है?
Answer: जातीय राजनैतिक वर्चस्व स्थापित करने की होड़ ने जातीय सद्भाव को ठेस पहुँचायी है। राजनीतिक फायदे के लिए जातियाँ एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हो जाती हैं।
In simple words: राजनीति में अपनी जाति को बड़ा दिखाने की होड़ ने जातियों के बीच मेलजोल को कम किया है।
🎯 Exam Tip: जातीय सद्भाव को प्रभावित करने वाले कारकों को समझाते समय, राजनीतिकरण के प्रभाव पर विशेष ध्यान दें।
Question 8. शहरों में किन परिस्थितियों ने जाति-बन्धन के विभिन्न स्वरूपों को दुर्बल बनाया है?
Answer: शहरों में सामूहिक रहन-सहन की परिस्थितियों ने जाति-बन्धन के विभिन्न स्वरूपों को दुर्बल बनाया है। शहरों में अलग-अलग जातियों के लोग साथ मिलकर रहते हैं और काम करते हैं, जिससे पुराने भेदभाव कम हो जाते हैं।
In simple words: शहरों में सब लोग एक साथ रहते और काम करते हैं, जिससे जाति के पुराने बंधन कमजोर हो गए हैं।
🎯 Exam Tip: शहरों में जाति व्यवस्था के कमजोर होने के कारणों को बताते समय, सामूहिक जीवन और विभिन्न जातियों के लोगों के बीच संपर्क के महत्व पर जोर दें।
Question 9. राजस्थान में लिंगानुपात क्या है?
Answer: राजस्थान में लिंगानुपात 928 है। इसका मतलब है कि हर 1000 पुरुषों पर 928 महिलाएँ हैं।
In simple words: राजस्थान में हर 1000 लड़कों पर 928 लड़कियाँ हैं।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात जैसे आंकड़ों को सटीक रूप से याद रखें और यह भी समझें कि यह सामाजिक संतुलन का एक महत्वपूर्ण संकेतक है।
Question 10. भारत में लिंगानुपात बढ़ाने के लिए चलाये जा रहे किसी एक अभियान का नाम लिखिए।
Answer: भारत में लिंगानुपात बढ़ाने के लिए चलाये जा रहे एक अभियान का नाम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना' है। यह योजना लड़कियों की सुरक्षा, शिक्षा और उन्हें सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करती है।
In simple words: 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना' भारत में लड़कियों की संख्या बढ़ाने और उन्हें पढ़ाने के लिए चलाई जा रही है।
🎯 Exam Tip: लिंगानुपात में सुधार के लिए सरकारी पहलों को याद रखें और उनके उद्देश्यों को संक्षेप में बताएँ।
Question 11. ग्रामीण लोग नगरीय तड़क-भड़क और सुखसुविधाओं से किन साधनों द्वारा सुपरिचित हो रहे हैं?
Answer: ग्रामीण लोग जनसंचार के विभिन्न साधनों, जैसे रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट और मोबाइल फोन के द्वारा नगरीय तड़क-भड़क और सुख-सुविधाओं से सुपरिचित हो रहे हैं। ये साधन उन्हें शहरों की जीवनशैली और आधुनिकता के बारे में जानकारी देते हैं, जिससे उनकी सोच और इच्छाओं में बदलाव आता है।
In simple words: रेडियो, टीवी और मोबाइल जैसे साधनों से गाँव के लोग शहरों की चमक-धमक और सुविधाओं को जान रहे हैं।
🎯 Exam Tip: ग्रामीण और शहरी जीवन के बीच के अंतर को कम करने में जनसंचार माध्यमों की भूमिका को पहचानें और कुछ प्रमुख साधनों का उल्लेख करें।
Question 1. 'हिन्दू विवाह एक पवित्र संस्कार से समझौते की स्थिति में आ गया है।' स्पष्ट कीजिए। अथवा भारत में वर्तमान में विवाह के स्वरूप में क्या परिवर्तन आ रहा है?
Answer: भारत में वर्तमान में विवाह का स्वरूप बदल रहा है। पहले हिन्दू विवाह को एक बहुत पवित्र संस्कार माना जाता था, लेकिन अब यह धीरे-धीरे एक सामाजिक समझौते की तरह होता जा रहा है। विवाह संबंधों में पहले जैसी स्थिरता अब कम दिखती है। हिन्दू समाज में, खासकर शहरों में, तलाक के मामले बढ़ने लगे हैं। यह दर्शाता है कि लोग अब व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद को ज्यादा महत्व देते हैं, भले ही इसका मतलब पारंपरिक मूल्यों से समझौता करना हो।
In simple words: हिन्दू विवाह अब पवित्र संस्कार की जगह एक सामाजिक समझौते जैसा होता जा रहा है, जिससे रिश्तों में स्थिरता कम हुई है और तलाक के मामले बढ़ रहे हैं।
🎯 Exam Tip: विवाह के बदलते स्वरूप को समझाते समय, 'पवित्र संस्कार' से 'सामाजिक समझौते' की ओर बदलाव और तलाक जैसे आधुनिक रुझानों पर जोर दें।
Question 2. भारत में वर्तमान में विवाह के स्वरूप में आ रहे परिवर्तनों के पीछे उत्तरदायी कारक कौन-कौनसे हैं?
Answer: भारत में विवाह के स्वरूप में आ रहे परिवर्तनों के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं, जिनमें प्रमुख ये हैं:
1. पाश्चात्य शिक्षा एवं संस्कृति का बढ़ता प्रभाव: पश्चिमी शिक्षा और जीवनशैली के प्रभाव से लोग व्यक्तिगत स्वतंत्रता और समानता को अधिक महत्व देने लगे हैं, जिससे विवाह के पारंपरिक नियमों में बदलाव आया है।
2. बिखरते संयुक्त परिवार: संयुक्त परिवारों के टूटने से व्यक्ति पर परिवार का दबाव कम हो गया है, जिससे लोग अपने जीवनसाथी का चुनाव और विवाह संबंधी फैसले ज्यादा स्वतंत्र रूप से लेते हैं।
3. नगरीकरण और: शहरों में रहने से लोगों की सोच आधुनिक होती जा रही है। शहर में लोग ज्यादा खुले विचारों वाले होते हैं, और इससे विवाह के पारंपरिक तरीकों में बदलाव आता है।
4. औद्योगीकरण: उद्योगों के बढ़ने से महिलाओं को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हुई हैं। यह उनकी विवाह संबंधी निर्णयों में भूमिका को बढ़ा रहा है।
In simple words: पश्चिमी शिक्षा, एकल परिवार, शहरों में रहने और उद्योगों के बढ़ने से विवाह के तरीके बदल रहे हैं।
🎯 Exam Tip: विवाह के स्वरूप में बदलाव के कारणों को समझाते हुए, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक कारकों को विस्तार से बताएँ।
Question 3. संयुक्त परिवारों के बिखरने के कारणों का उल्लेख कीजिए।
Answer: संयुक्त परिवारों के बिखरने के कई मुख्य कारण हैं:
1. वर्तमान में शहरी जीवन-शैली के बढ़ते महत्त्व तथा शहरी रहन-सहन ने संयुक्त परिवार के स्वरूप को कमजोर किया है। शहरों में लोग अक्सर छोटे एकल परिवार पसंद करते हैं, क्योंकि वे अधिक स्वतंत्रता और सुविधाएं प्रदान करते हैं।
2. नगरों में रिश्तेदारी सम्बन्ध सीमित होते जा रहे हैं। शहरी जीवन में लोग अपने पड़ोसी या सहकर्मियों से ज्यादा जुड़े होते हैं, बजाय दूर के रिश्तेदारों के।
3. परिवार के परम्परागत कार्यों में परिवर्तन होने से भी संयुक्त परिवार बिखर रहे हैं। पहले परिवार खेती या व्यापार जैसे काम मिलकर करते थे, अब हर व्यक्ति अपना अलग काम करता है।
In simple words: शहरी जीवन, सीमित रिश्ते और परिवार के काम बदलने से संयुक्त परिवार कम हो रहे हैं।
🎯 Exam Tip: संयुक्त परिवारों के विघटन के कारणों को समझाते समय, शहरीकरण, बदलते सामाजिक संबंध और आर्थिक बदलावों पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 4. परिवार के परम्परागत कार्यों में किस प्रकार का परिवर्तन आ रहा है?
Answer: परिवार के परम्परागत कार्यों में कई तरह के बदलाव आ रहे हैं:
1. परम्परागत व्यवसाय के स्थान पर नये कामधन्धे अपनाये जाने लगे हैं। पहले परिवार मिलकर खेती या पुश्तैनी काम करते थे, अब लोग अलग-अलग क्षेत्रों में काम ढूंढते हैं।
2. शिक्षा प्राप्त कर अनेक युवा नया व्यवसाय करते हैं। जिनके अवसर प्रायः उनके पैतृक स्थानों पर उपलब्ध नहीं होते। इसलिए उन्हें घर छोड़कर शहरों में जाना पड़ता है।
3. बहुत से ग्रामीण युवा बड़े शहरों में जाकर काम-धन्धी करने लग जाते हैं। इससे वे अपने परिवार से दूर हो जाते हैं, और परिवार के पारंपरिक कार्यों में उनकी भूमिका कम हो जाती है।
In simple words: अब लोग पुराने कामों की जगह नए काम करते हैं, पढ़े-लिखे युवा शहरों में जाकर नौकरी करते हैं, और गाँव के लोग काम के लिए शहरों में चले जाते हैं।
🎯 Exam Tip: परिवार के पारंपरिक कार्यों में बदलाव के कारणों को समझाते समय, शिक्षा, रोजगार के अवसर और ग्रामीण-शहरी प्रवास के प्रभावों पर ध्यान दें।
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. भारतीय समाज की जीवन-शैली में आ रहे परिवर्तनों की सकारण व्याख्या कीजिए।
Answer: भारतीय समाज की जीवन-शैली में कई बड़े बदलाव आ रहे हैं, जिनके मुख्य कारण इस प्रकार हैं:
1. दृष्टिकोण का व्यापक होना: शिक्षा ने लोगों की सोच को बहुत बदल दिया है। अब वे अपने अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को अधिक महत्व देते हैं। लोग तर्कसंगत तरीके से सोचने लगे हैं और भौतिक सुख-सुविधाओं को पाने की इच्छा रखते हैं। व्यक्तिवादिता, समानता और न्याय की विचारधाराएँ अब समाज में महत्वपूर्ण हो गई हैं।
2. जीवन-स्तर को ऊँचा उठाने की लालसा: वैज्ञानिक खोजों और नई तकनीकों को समाज ने अपनाया है, जिससे लोगों के रहन-सहन का स्तर ऊंचा हुआ है। लोग अब बेहतर जीवन जीना चाहते हैं।
3. सामाजिक मूल्यों में परिवर्तन: औद्योगीकरण और मध्यम वर्ग के उदय से समाज के पुराने मूल्य बदल गए हैं। लोग अब अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों को ज्यादा महत्व देते हैं।
4. बाजारीकरण का विस्तार: बाजारीकरण हर क्षेत्र में फैल रहा है। विवाह के लिए प्रोफेशनल ब्यूरो, व्यक्तित्व विकास के कोर्स और पानी जैसी मूलभूत चीजों का भी बाजारीकरण हो गया है। संस्कृति भी अब बाजार का एक हिस्सा बन गई है।
5. बढ़ता उपभोक्तावाद: उपभोक्तावादी जीवन-शैली बहुत बढ़ गई है। घर सजाने, कपड़े, मनोरंजन और शादी समारोह जैसी चीजें अब लोगों की सामाजिक हैसियत और प्रतिष्ठा से जुड़ गई हैं।
In simple words: शिक्षा से सोच बदल गई है, लोग बेहतर जीवन चाहते हैं, पुराने मूल्य बदले हैं, बाजारीकरण हर जगह फैल गया है, और लोग अब ज्यादा चीजें खरीदकर दिखावा करते हैं।
🎯 Exam Tip: भारतीय समाज में जीवनशैली के परिवर्तनों की व्याख्या करते समय, प्रत्येक कारण को स्पष्ट उदाहरणों के साथ समझाएँ, और इसके सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक प्रभावों को दर्शाएँ।
Question 2. 'भारतीय समाज एक जीवन्त व गतिशील समाज है।' इस कथन को स्पष्ट कीजिये। अथवा भारतीय समाज की समकालीन प्रवृत्तियों का विवेचन कीजिए।
Answer: भारतीय समाज एक जीवंत और गतिशील समाज है, जिसका अर्थ है कि यह लगातार बदल रहा है और विकसित हो रहा है। इसमें बदलाव के साथ-साथ कुछ पुरानी चीजें भी बनी हुई हैं। भारतीय लोग आधुनिक विचारों को अपना रहे हैं, लेकिन वे अपनी पुरानी परंपराओं और मूल्यों पर भी भरोसा करते हैं। इसे हम इन मुख्य बातों से समझ सकते हैं:
1. विवाह संस्था में निरन्तरता व परिवर्तन: भारतीय सामाजिक व्यवस्था में विवाह को हमेशा से एक पवित्र संस्कार माना जाता रहा है। लेकिन अब इसमें बहुत बदलाव आ रहे हैं। पारंपरिक व्यवसायों की जगह नए काम-धंधे अपनाए जा रहे हैं, और शहरों में रिश्तेदारों से संबंध कम हो रहे हैं।
2. पहले विवाह समारोहों में घरों के आगे खुले प्रांगण को पतंगे-कागजों की रंग-बिरंगी पत्तियों से सजाते थे, अब घर को बिजली की रंग-बिरंगी डोरियों से सजाते हैं।
3. सामाजिक प्रथाओं में निरन्तरता व परिवर्तन: समाज में सती प्रथा जैसी बुरी प्रथाएँ खत्म हो गई हैं, लेकिन दहेज प्रथा और बाल-विवाह जैसी समस्याएँ अभी भी हैं। बाजार और आधुनिकता के कारण सामाजिक प्रथाओं, रीति-रिवाजों और त्योहारों को मनाने के तरीकों में भी बदलाव आ रहा है।
4. शिक्षा, बाजारीकरण एवं उपभोक्तावाद के प्रभावस्वरूप लोगों के दृष्टिकोण तथा जीवन-शैली में परिवर्तन: शिक्षा ने लोगों की सोच को व्यापक बनाया है। तर्कसंगत सोच का उदय हुआ है, और लोग व्यक्तिवादिता, स्वतंत्रता, समानता तथा न्याय को महत्व देने लगे हैं। औद्योगीकरण और मध्यम वर्ग के उदय से सामाजिक मूल्य बदल गए हैं। बाजारीकरण का प्रभाव पारिवारिक और सामाजिक कार्यों पर भी बढ़ रहा है, और उपभोक्तावाद बढ़ रहा है।
5. जाति प्रथा में परिवर्तन: जाति के धार्मिक आधार अब खत्म हो रहे हैं, लेकिन जाति सामाजिक संस्था के रूप में अभी भी मजबूत है। राजनीतिक रूप से जातिवाद बढ़ रहा है, और जातीय संगठन भी मजबूत हो रहे हैं, जिससे जातियाँ चुनावी राजनीति का आधार बन गई हैं। दूसरी ओर, शहरी पढ़े-लिखे लोग अतिवादी जातीय व्यवहारों को छोड़ रहे हैं, और अंतरजातीय विवाह बढ़ रहे हैं। समान आर्थिक-सामाजिक आधार वाली जातियाँ एक-दूसरे के करीब आ रही हैं, और जातीय खान-पान के निषेध कमजोर हुए हैं।
6. शहरी जीवन शैली का बढ़ता महत्त्व: वर्तमान में भारतीय समाज में कृषि आधारित ग्रामीण जीवन शैली का महत्त्व घट रहा है, और नगरीय जीवन शैली का प्रभाव बढ़ रहा है। इन सभी बातों से यह पता चलता है कि भारतीय समाज हमेशा बदलता रहता है और गतिशील है।
In simple words: भारतीय समाज बदल रहा है, लेकिन अपनी पुरानी पहचान भी बनाए हुए है। इसमें विवाह, जाति और जीवनशैली में बदलाव आ रहे हैं, जो शिक्षा और बाजारीकरण के प्रभावों से प्रेरित हैं।
🎯 Exam Tip: भारतीय समाज की जीवंतता को स्पष्ट करते समय, बदलाव और निरंतरता दोनों के उदाहरण दें, और सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक व राजनीतिक कारकों को शामिल करें।
(No content found within the specified page range (pages 15-17) that matches the criteria for questions, answers, or legitimate educational headings. All identified content within this range consists of navigation links, SEO titles, form elements, and footer information, which are to be skipped according to the content processing rules.)Free study material for Social Science
RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज
Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 8 Social Science textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 8 Social Science chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 8 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Social Science Class 8 Solved Papers
Using our Social Science solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 8 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 8 Social Science are as per latest RBSE curriculum.
Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 8 Social Science. You can access RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 8 Social Science Chapter 9 समकालीन भारतीय समाज in printable PDF format for offline study on any device.