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Detailed Chapter 21 आधुनिक भारत में होने वाले वैचारिक परि RBSE Solutions for Class 8 Social Science
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Class 8 Social Science Chapter 21 आधुनिक भारत में होने वाले वैचारिक परि RBSE Solutions PDF
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
पाठगत प्रश्न गतिविधि (पृष्ठ संख्या 139)
Question 1. गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी के कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए।
Answer: गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक और प्रचारक थे। उनका जन्म 563 ई.पू. में नेपाल के लुम्बिनी वन में हुआ था। उनके पिता शाक्य गणराज्य के प्रधान शुद्धोधन और माता मायादेवी थीं। उनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था। उन्होंने यशोधरा से विवाह किया था। 29 वर्ष की आयु में उन्होंने घर छोड़ दिया और कई वर्षों की कठोर तपस्या के बाद गया में एक पीपल के पेड़ के नीचे ज्ञान प्राप्त किया। इसके बाद, उन्होंने अपना पूरा जीवन बौद्ध धर्म के प्रचार में बिताया। 483 ई.पू. में कुशीनगर में उनका देहांत हो गया। गौतम बुद्ध की मुख्य शिक्षाएँ इस प्रकार हैं:
1. चार आर्य सत्य: दुःख, दुःख समुदय (दुःख का कारण), दुःख निरोध (दुःख का अंत) और दुःख निरोध मार्ग (दुःख के अंत का मार्ग)। इन सत्यों को समझकर व्यक्ति शांति प्राप्त कर सकता है।
2. अष्टांगिक मार्ग: सम्यक् दृष्टि (सही समझ), सम्यक् संकल्प (सही इरादा), सम्यक् वाणी (सही बोलना), सम्यक् कर्मान्त (सही कर्म), सम्यक् आजीव (सही जीवनयापन), सम्यक् व्यायाम (सही प्रयास), सम्यक् स्मृति (सही याद), और सम्यक् समाधि (सही ध्यान)। इन रास्तों पर चलकर व्यक्ति जीवन में सही मार्ग पर चल सकता है।
3. मध्यम मार्ग अपनाने पर बल देना।
4. दस शील (नैतिक नियम)।
5. कर्मवाद तथा पुनर्जन्मवाद पर बल देना।
6. अनीश्वरवाद (ईश्वर में अविश्वास)।
7. अनात्मवाद (आत्मा को न मानना)।
8. क्षणिकवाद (हर वस्तु क्षणभंगुर है)।
9. वेदों की प्रामाणिकता में अविश्वास।
10. निर्वाण पर बल देना।
11. स्वावलंबन पर बल देना।
12. प्रतीत्यसमुत्पाद (प्रत्येक घटना के पीछे कोई कारण होता है)।
13. बाह्य आडम्बरों का विरोध।
महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उनका जन्म 599 ई.पू. में वैशाली के कुण्डग्राम में हुआ था। उनके पिता सिद्धार्थ और माता त्रिशला थीं। उन्होंने राजकुमारी यशोदा से विवाह किया। 30 वर्ष की आयु में उन्होंने सत्य की खोज में गृह त्याग दिया। 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद 13वें वर्ष में उन्हें कैवल्य (ज्ञान) प्राप्त हुआ। अंत में 72 वर्ष की आयु में 527 ई.पू. में पटना के पावापुरी नामक स्थान पर उनका देहांत हो गया। महावीर स्वामी की प्रमुख शिक्षाएँ इस प्रकार हैं:
1. जैन धर्म ईश्वर की सत्ता में विश्वास नहीं करता।
2. जैन धर्म सृष्टि की नित्यता में विश्वास करता है।
3. जैन धर्म कर्म एवं पुनर्जन्म में विश्वास करता है।
4. जैन धर्म के अनुसार मोक्ष जीवन का चरम लक्ष्य है। जैन धर्म सिखाता है कि आत्मा की शुद्धि ही मुक्ति का मार्ग है।
5. जैन धर्म के अनुसार त्रिरत्न हैं- सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन, सम्यक् चरित्र।
6. जैन धर्म के अनुसार प्रत्येक जैन भिक्षु को पंचमहाव्रतों का पालन करना चाहिए: अहिंसा (हिंसा न करना), सत्य (सच बोलना), अस्तेय (चोरी न करना), अपरिग्रह (आवश्यकता से अधिक संग्रह न करना) और ब्रह्मचर्य (इंद्रियों पर नियंत्रण)।
In simple words: गौतम बुद्ध ने बौद्ध धर्म की शुरुआत की और महावीर स्वामी ने जैन धर्म की। दोनों ने लोगों को जीवन में सही रास्ते पर चलने, बुराइयों से बचने और ज्ञान प्राप्त करने के लिए शिक्षाएँ दीं।
🎯 Exam Tip: जब दो महान व्यक्तियों के बारे में पूछा जाए, तो उनके जन्म, परिवार, प्रमुख घटनाएँ और उनकी मुख्य शिक्षाओं को अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 2. प्रथा किसे कहते हैं? अपने आस-पास के समाज द्वारा पालन की जाने वाली कुछ प्रथाओं की सूची बनाएँ। कुछ प्रथाएँ अच्छी भी होती हैं। ऐसी कुछ अच्छी प्रथाओं के नाम बताएँ। कुछ प्रधाएँ बुरी मानी जाती हैं। ऐसी प्रथाएँ कौन-कौनसी हैं?
Answer: प्रथा का अर्थ है रीति-रिवाज। ये समाज द्वारा मानी गई और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को मिली हुई सुव्यवस्थित परंपराएँ या नियम हैं। हर समाज कुछ प्रथाओं का पालन करता है। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक कई प्रथाएँ होती हैं। ये प्रथाएँ आमतौर पर जन्म, विवाह और मृत्यु से जुड़ी होती हैं।
पहले और अभी भी कुछ बुरी प्रथाएँ प्रचलित हैं:
1. सती प्रथा
2. जौहर प्रथा
3. नाता प्रथा
4. बाल विवाह
5. विधवा विवाह
6. पर्दा प्रथा
7. दहेज प्रथा
8. जाति प्रथा तथा छुआछूत
9. कन्या भ्रूण हत्या आदि।
अच्छी प्रथाएँ
कुछ अच्छी प्रथाएँ हैं:
1. युवावस्था में विवाह करना।
2. बिना दहेज के विवाह करना।
3. पर्दा प्रथा का परित्याग करना।
4. स्त्रियों में शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना।
5. अन्तर्जातीय खान-पान तथा अन्तर्जातीय विवाहों को प्रोत्साहन देना।
6. विधवा विवाह को प्रोत्साहन देना। इन अच्छी प्रथाओं का पालन करने से समाज में समानता और प्रगति आती है।
बुरी प्रथाएँ
कुछ बुरी प्रथाएँ हैं:
1. जाति प्रथा तथा छुआछूत पर बल देना।
2. सती प्रथा
3. डाकन प्रथा आदि।
In simple words: प्रथाएँ समाज के पुराने नियम और परंपराएँ हैं। कुछ अच्छी होती हैं जो समाज को बेहतर बनाती हैं, जैसे लड़कियों को पढ़ाना, और कुछ बुरी होती हैं जो समाज को नुकसान पहुँचाती हैं, जैसे बाल विवाह या दहेज।
🎯 Exam Tip: प्रथाओं को परिभाषित करते समय, उनकी पहचान, उदाहरणों और उनके सामाजिक प्रभावों (अच्छे और बुरे दोनों) को स्पष्ट रूप से उजागर करें।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न एक व दो के सही उत्तर कोष्ठक में लिखें
Question 1. भारत में थियोसोफिकल सभा का विकास किसने किया?
(अ) सुर्जी भगत
(ब) स्वामी विवेकानन्द
(स) सैयद अहमद खाँ
(द) ऐनीबीसेन्ट
Answer: (द) ऐनीबीसेन्ट
In simple words: भारत में थियोसोफिकल सोसायटी को आगे बढ़ाने में ऐनीबीसेन्ट का बड़ा योगदान था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण संस्थाओं के संस्थापकों या प्रमुख योगदानकर्ताओं के नाम याद रखें।
Question 2. 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना किसने की?
(अ) ज्योतिबा फुले
(च) स्वामी दयानन्द
(स) राजा राममोहन राय
(द) गोविन्द गुरु।
Answer: (अ) ज्योतिबा फुले
In simple words: सत्यशोधक समाज की स्थापना ज्योतिबा फुले ने की थी ताकि समाज में समानता आ सके।
🎯 Exam Tip: सामाजिक सुधार आंदोलनों और उनसे जुड़े प्रमुख व्यक्तियों के नाम और उनके कार्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. ब्रह्म समाज की स्थापना किसने की?
Answer: राजा राममोहन राय ने ब्रह्म समाज की स्थापना की। यह समाज धार्मिक एकता और सामाजिक बुराइयों को दूर करने पर केंद्रित था।
In simple words: राजा राममोहन राय ने ब्रह्म समाज की शुरुआत की।
🎯 Exam Tip: सीधे उत्तर वाले प्रश्नों में, संस्थापक का नाम सीधे और स्पष्ट रूप से बताएँ।
Question 4. सर सैयद अहमद खाँ के योगदान के बारे में बताइये।
Answer: सर सैयद अहमद खाँ ने मुसलमानों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए बहुत काम किया। उन्होंने 1875 में दिल्ली के पास अलीगढ़ में 'मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज' की स्थापना की, जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना। उनका मानना था कि हिंदू और मुसलमान भारत माँ की दो आँखें हैं और राष्ट्रीय एकता के लिए दोनों का साथ रहना ज़रूरी है। उन्होंने 'साइंटिफिक सोसायटी' भी बनाई। 1898 में अलीगढ़ में उनका निधन हो गया। उनका मुख्य उद्देश्य मुस्लिम समाज को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाना था।
In simple words: सर सैयद अहमद खाँ ने मुसलमानों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए अलीगढ़ में एक कॉलेज खोला। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमान भारत की दो आँखें हैं।
🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के योगदान का वर्णन करते समय, उनके प्रमुख कार्यों, संस्थाओं की स्थापना और उनके विचारों को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 5. मानगढ़ हत्याकाण्ड की घटना का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
Answer: मानगढ़ हत्याकाण्ड गोविन्द गुरु के नेतृत्व में राजस्थान में हुए जनजाति आंदोलन से जुड़ा है। गोविन्द गुरु ने स्थानीय वस्तुओं का उपयोग करने और बेगार (बिना पैसे के काम) न करने जैसी बातों पर ज़ोर दिया। अंग्रेज़ों और उनके समर्थकों ने इसका विरोध किया। नवंबर 1913 में, हज़ारों भील गोविन्द गुरु के साथ मानगढ़ पहाड़ी पर इकट्ठा हुए। ब्रिटिश सेना ने पहाड़ी को घेर लिया और सभा पर गोलियाँ चलाईं। इस घटना में लगभग 1500 लोग मारे गए और हज़ारों घायल हुए। गोविन्द गुरु को गिरफ्तार कर लिया गया। यह घटना ब्रिटिश उपनिवेशवाद के अत्याचारों का एक दुखद उदाहरण है।
In simple words: मानगढ़ हत्याकाण्ड में गोविन्द गुरु के नेतृत्व में भीलों पर अंग्रेज़ों ने गोलियाँ चलाईं, जिसमें बहुत से लोग मारे गए और घायल हुए। यह एक बड़े जनजाति आंदोलन का हिस्सा था।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं का विवरण देते समय, कारण, घटनाक्रम और परिणाम को संक्षेप में और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करें।
Question 6. स्वामी विवेकानन्द के जीवन से युवाओं को क्या प्रेरणा लेनी चाहिए?
Answer: स्वामी विवेकानन्द भारत के एक महान समाज सुधारक थे। उन्होंने भारत की गरीबी और दुख से प्रभावित होकर कहा कि गरीब और दुखी लोगों की सेवा करना ही सच्ची ईश्वर सेवा है। उन्होंने समाज से गरीबी और छुआछूत को खत्म करने का आह्वान किया। उनका मानना था कि धर्म मनुष्य के अंदर की दिव्यता को जगाता है, न कि किताबों या सिर्फ धार्मिक सिद्धांतों में। विवेकानन्द ने भारत के युवाओं में देशभक्ति की भावना फैलाई। हमें उनके जीवन से यह सीखना चाहिए कि हमें दुखी लोगों की मदद करनी चाहिए, समाज से गरीबी और छुआछूत को मिटाने के लिए प्रयास करना चाहिए और धर्म के सच्चे रूप का पालन करना चाहिए। हमें राष्ट्रीयता के विकास में भी योगदान देना चाहिए। उनका संदेश था कि उठो, जागो और तब तक न रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।
In simple words: स्वामी विवेकानन्द के जीवन से हमें गरीबों की मदद करने, समाज की बुराइयों को खत्म करने और अपने देश से प्यार करने की प्रेरणा मिलती है।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, प्रेरणा के मुख्य बिंदुओं को सूचीबद्ध करें और प्रत्येक को संक्षेप में समझाएँ।
Question 7. ईश्वर चन्द्र विद्यासागर के योगदान को समझाइये।
Answer: ईश्वरचन्द्र विद्यासागर बंगाल के एक महान समाज सुधारक थे। उनका जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने महिलाओं की स्थिति सुधारने पर विशेष ध्यान दिया, खासकर विधवा विवाह का समर्थन किया। उनके प्रयासों के कारण 1855 में ब्रिटिश सरकार ने विधवा विवाह को कानूनी मान्यता दी। ईश्वरचन्द्र विद्यासागर ने न केवल विधवा विवाह को प्रोत्साहित किया, बल्कि अपने बेटे का विवाह भी एक विधवा से करवाकर एक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किए और कई बालिका विद्यालय खुलवाए। उनका योगदान शिक्षा और सामाजिक समानता दोनों में महत्वपूर्ण था।
In simple words: ईश्वरचन्द्र विद्यासागर ने विधवा विवाह को कानूनी बनाने और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में बहुत काम किया। उन्होंने खुद अपने बेटे का विवाह एक विधवा से करवाया।
🎯 Exam Tip: जब समाज सुधारकों के योगदान की बात हो, तो उनके मुख्य सुधार क्षेत्रों और उनके व्यक्तिगत उदाहरणों को प्रमुखता से बताएँ।
Question 8. राजा राममोहन राय ने सती प्रथा के विरोध में क्या योगदान दिया?
Answer: कुलीन परिवारों में जबरदस्ती नई विधवाओं को उनके पति की चिता में जलाकर मरने के लिए मजबूर किया जाता था। राजा राममोहन राय ने इस अमानवीय प्रथा के खिलाफ एक अभियान शुरू किया। उन्होंने भारतीय धर्मग्रंथों का अध्ययन करके बताया कि शास्त्रों में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि स्त्री को अपने पति की मृत्यु पर अग्नि में कूदना चाहिए।
उन्होंने 1828 में 'ब्रह्म सभा' की स्थापना की, जिसका नाम अगले साल 'ब्रह्म समाज' रखा गया। उनके दबाव के कारण, ब्रिटिश सरकार ने 1829 में सती प्रथा को अवैध घोषित करने के लिए कानून बनाया। इस कानून के तहत, सती प्रथा का समर्थन करने वालों को सज़ा देने का प्रावधान किया गया। जो लोग स्त्री को सती करने में मदद करते थे, उन्हें अब कठोर सज़ा मिलती थी। नतीजतन, यह कुप्रथा समाज से तेज़ी से खत्म होने लगी। ब्रिटिश सरकार द्वारा कानून बनाकर समाज सुधार लाने का यह पहला मौका था। राजा राममोहन राय ने इस प्रकार भारतीय समाज में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने में मदद की।
In simple words: राजा राममोहन राय ने सती प्रथा, जिसमें विधवाओं को पति के साथ जलाया जाता था, का कड़ा विरोध किया। उनके प्रयासों से 1829 में ब्रिटिश सरकार ने इस प्रथा को गैरकानूनी घोषित कर दिया।
🎯 Exam Tip: सती प्रथा जैसे सामाजिक सुधारों पर प्रश्न आने पर, सुधारक का नाम, उनके प्रयास (जैसे संस्था की स्थापना, तर्क), और सरकारी प्रतिक्रिया (कानून) को क्रमबद्ध तरीके से लिखें।
Question 9. आर्य समाज के योगदान का वर्णन कीजिए।
Answer: आर्य समाज की स्थापना 1875 ई. में स्वामी दयानन्द सरस्वती ने की थी। आर्य समाज ने सामाजिक क्षेत्र में कई सुधार किए। स्वामी दयानन्द ने वेदों को सही तरीके से समझने पर ज़ोर दिया। उनका मानना था कि यदि वेदों का सार ठीक से समझ लिया जाए, तो भारत की समस्याओं का समाधान हो जाएगा।
आर्य समाज की महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं:
1. स्त्रियों व दलितों को वेदों के अध्ययन का अधिकार दिलाना।
2. बाल-विवाह का विरोध करना।
3. शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना: आर्य समाज द्वारा स्थापित गुरुकुल एवं डी.ए.वी. स्कूल आज भी शिक्षा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
4. स्वामी दयानन्द ने ही सर्वप्रथम स्वधर्म, स्वदेश और स्वभाषा शब्दों का प्रयोग किया। आर्य समाज ने इन विचारों को आगे बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए। महिलाओं की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण रही है।
In simple words: स्वामी दयानन्द सरस्वती ने 1875 में आर्य समाज बनाया। इसने महिलाओं और दलितों को वेदों का ज्ञान प्राप्त करने का अधिकार दिया, बाल विवाह का विरोध किया और शिक्षा को बढ़ावा दिया।
🎯 Exam Tip: किसी संस्था के योगदान को लिखते समय, उसकी स्थापना का वर्ष, संस्थापक और प्रमुख सामाजिक, शैक्षिक या धार्मिक सुधारों को स्पष्ट रूप से बताएँ।
Question 1. सैयद अहमद खाँ द्वारा सन् 1875 में अलीगढ़ में 'मोहम्मडन एंग्लो ओरिएण्टल कॉलेज' की स्थापना के उद्देश्यों से हमें क्या सीख लेनी चाहिए?
(अ) आधुनिक शिक्षा प्राप्त करना
(ब) मुसलमानों को शिक्षा की मुख्य धारा से दूर रखना
(स) साम्प्रदायिक शिक्षा को बढ़ाना
(द) उपर्युक्त सभी
Answer: (अ) आधुनिक शिक्षा प्राप्त करना
In simple words: सर सैयद अहमद खाँ के कॉलेज की स्थापना से हमें यह सीख मिलती है कि हमें आधुनिक शिक्षा लेनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: उद्देश्य-आधारित प्रश्नों में, मुख्य लक्ष्य को पहचानें और अन्य विकल्पों को ध्यान से देखें कि वे कितने प्रासंगिक हैं।
Question 2. आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं से हमें सीख लेनी चाहिए
(अ) असत्य को ग्रहण करने की
(ब) केवल स्वयं के धर्म के लोगों से प्रेमपूर्वक व्यवहार करने की
(स) अविद्या के नाश की
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (स) अविद्या के नाश की
In simple words: स्वामी दयानन्द सरस्वती की शिक्षाओं से हमें अज्ञानता को दूर करने और ज्ञान प्राप्त करने की सीख मिलती है।
🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति की शिक्षाओं से सीख लेते समय, उनके केंद्रीय संदेश या सिद्धांत को पहचानें।
Question 3. स्वामी विवेकानन्द एक महान समाज सुधारक थे। उनके जीवन में हमें क्या सीख लेनी चाहिए?
(अ) दीन-दुखियों की सेवा करना
(ब) गरीबी व छुआछूत को समाप्त करना
(स) राष्ट्रीयता की भावना का निर्माण
(द) उपर्युक्त सभी
Answer: (द) उपर्युक्त सभी
In simple words: स्वामी विवेकानन्द के जीवन से हमें गरीबों की मदद करने, समाज से बुराइयों को हटाने और देश के लिए प्यार बढ़ाने की सीख मिलती है।
🎯 Exam Tip: जब 'उपर्युक्त सभी' विकल्प हो, तो प्रत्येक व्यक्तिगत विकल्प की सत्यता की जाँच करें; यदि सभी सही हैं, तो 'उपर्युक्त सभी' चुनें।
Question 4. ज्योतिबा फुले जैसे समाज सुधारक से सीख लेते हुए हमें कार्य करना चाहिए
(अ) जाति व्यवस्था बनाये रखने के लिए
(ब) विधवा विवाह के विरुद्ध
(स) लड़कियों की शिक्षा के लिए
(द) उपर्युक्त में कोई नहीं
Answer: (स) लड़कियों की शिक्षा के लिए
In simple words: ज्योतिबा फुले से सीख लेकर हमें लड़कियों को शिक्षित करने के लिए काम करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: समाज सुधारकों के प्रमुख योगदानों को याद रखें ताकि उनके द्वारा दिए गए सही संदेश को पहचान सकें।
Question 5. सती प्रथा को अवैध घोषित किस वर्ष किया गया था?
(अ) 1320 ई.
(ब) 1829 ई.
(स) 1929 ई.
(द) 1359 ई.
Answer: (ब) 1829 ई.
In simple words: सती प्रथा को 1829 में ब्रिटिश सरकार ने गैरकानूनी घोषित कर दिया था।
🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तिथियों को उनके संबंधित घटनाओं के साथ याद रखें।
Question 6. किनके प्रयासों से उस समय विधवा विवाह प्रारम्भ हुए
(अ) दयानन्द
(ब) राजा राममोहन राय
(स) एनी बीसेट
(द) ईश्वरचन्द्र विद्यासागर
Answer: (द) ईश्वरचन्द्र विद्यासागर
In simple words: ईश्वरचन्द्र विद्यासागर के प्रयासों से विधवा विवाह की शुरुआत हुई।
🎯 Exam Tip: समाज सुधारकों के विशिष्ट योगदानों को याद रखें, जैसे किसने किस प्रथा के लिए काम किया।
Question 7. 'सम्प सभा' की स्थापना किसने की थी
(अ) डॉ. अम्बेडकर
(ब) स्वामी दयानन्द
(स) गोविन्द गुरु
(द) एनी बौसेन्ट
Answer: (स) गोविन्द गुरु
In simple words: 'सम्प सभा' की स्थापना गोविन्द गुरु ने की थी।
🎯 Exam Tip: जनजातीय आंदोलनों से जुड़ी संस्थाओं और उनके संस्थापकों के नाम याद रखें।
Question 8. 'रामकृष्ण मिशन' की स्थापना किसने की?
(अ) रामकृष्ण
(ब) लाला लाजपतराय
(स) स्वामी दयानन्द
(द) स्वामी विवेकानन्द
Answer: (द) स्वामी विवेकानन्द
In simple words: स्वामी विवेकानन्द ने 'रामकृष्ण मिशन' की स्थापना की।
🎯 Exam Tip: धार्मिक और आध्यात्मिक संस्थाओं के संस्थापकों को उनके गुरुओं और शिष्यों से अलग करके याद रखें।
Question 10. गोविन्द गुरु द्वारा राजस्थान में सम्प सभा को स्थापना का उद्देश्य था
(अ) राजनीतिक सुधार
(ब) आर्थिक सुधार
(स) सामाजिक सुधार
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (स) सामाजिक सुधार
In simple words: गोविन्द गुरु ने 'सम्प सभा' की स्थापना राजस्थान में सामाजिक सुधार के लिए की थी।
🎯 Exam Tip: किसी भी आंदोलन या संस्था के प्रमुख उद्देश्य को ध्यान से समझें और उसका सही विकल्प चुनें।
Question 11. "ब्रह्म समाज' की स्थापना किसने की?
(अ) स्वामी दयानन्द सरस्वती
(ब) गोविन्द गुरु
(स) स्वामी विवेकानन्द
(द) राजाराम मोहन राय
Answer: (द) राजाराम मोहन राय
In simple words: ब्रह्म समाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने की थी।
🎯 Exam Tip: प्रमुख समाज सुधार संस्थाओं और उनके संस्थापकों के नामों को सही ढंग से याद रखें।
Question 12. बंगाल में 19वीं शताब्दी में समाज सुधार की लहर को नाम दिया गया
(अ) पुनरुत्थान
(ब) जन-जागरण
(स) पुनरुद्धार
(द) पुनर्जागरण
Answer: (द) पुनर्जागरण
In simple words: 19वीं शताब्दी में बंगाल में समाज सुधार की लहर को 'पुनर्जागरण' कहा गया।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक अवधियों और उनसे जुड़ी प्रमुख अवधारणाओं के सही शब्दों को समझें।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1. (मूल प्रश्न उपलब्ध नहीं)
Answer: युराइयों
In simple words: (मूल प्रश्न उपलब्ध नहीं)
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के संदर्भ और व्याकरणिक शुद्धता पर ध्यान दें।
Question 2. (मूल प्रश्न उपलब्ध नहीं)
Answer: 1828 ई.
In simple words: (मूल प्रश्न उपलब्ध नहीं)
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, यदि कोई तिथि या वर्ष पूछा गया हो तो उसे सटीक रूप से याद रखें।
Question 3. (मूल प्रश्न उपलब्ध नहीं)
Answer: जाति व्यवस्था
In simple words: (मूल प्रश्न उपलब्ध नहीं)
🎯 Exam Tip: सामाजिक मुद्दों से संबंधित प्रश्नों में, सही सामाजिक अवधारणा या प्रथा का नाम पहचानें।
Question 4. (मूल प्रश्न उपलब्ध नहीं)
Answer: विविदिशानन्द
In simple words: (मूल प्रश्न उपलब्ध नहीं)
🎯 Exam Tip: नामों से संबंधित प्रश्नों में, व्यक्तियों के पूरे और सही नामों को याद रखें।
Question 5. स्वामी विवेकानन्द भारत की ______ से दुःखी थे। (गरीबी और दरिद्रता/गुलामी)
Answer: स्वामी विवेकानन्द भारत की गरीबी और दरिद्रता से दुःखी थे।
In simple words: स्वामी विवेकानन्द भारत की गरीबी और दुख से बहुत चिंतित थे।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त और सटीक शब्द चुनें जो वाक्य के अर्थ को पूरा करता हो।
निम्नलिखित प्रश्नों में सत्य/असत्य कथन बताइये
Question 1. 19वीं शताब्दी के बंगाल में सती प्रथा ने एक वीभत्स रूप ले लिया था।
Answer: सत्य
In simple words: 19वीं सदी में बंगाल में सती प्रथा बहुत ही भयानक रूप में फैल गई थी।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक तथ्यों और उनके सामाजिक प्रभावों की सच्चाई को जाँचें।
Question 2. 1828 में ब्रिटिश सरकार ने सती प्रथा को अवैध घोषित कर दिया।
Answer: असत्य
In simple words: ब्रिटिश सरकार ने 1829 में सती प्रथा को गैरकानूनी घोषित किया, न कि 1828 में।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं की सही तिथियों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 3. स्वामी विवेकानन्द ने सर्वप्रथम स्वधर्म, स्वदेश और स्वभाषा शब्दों का प्रयोग किया।
Answer: असत्य
In simple words: इन शब्दों का सबसे पहले प्रयोग स्वामी दयानन्द सरस्वती ने किया था।
🎯 Exam Tip: विशेष शब्दों या अवधारणाओं के साथ जुड़े सही व्यक्ति को पहचानें।
Question 4. स्वामी विवेकानन्द ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
Answer: सत्य
In simple words: स्वामी विवेकानन्द ने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के नाम पर रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
🎯 Exam Tip: प्रमुख धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के संस्थापकों को सही ढंग से पहचानें।
Question 5. राजा राममोहन राय ने भारत के स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Answer: असत्य
In simple words: राजा राममोहन राय ने सामाजिक सुधारों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, लेकिन वे सीधे स्वाधीनता संग्राम से नहीं जुड़े थे।
🎯 Exam Tip: विभिन्न ऐतिहासिक व्यक्तियों के योगदान के क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से समझें ताकि उनके कार्यों को सही संदर्भ में रखा जा सके।
Question. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:
Answer:
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| 1. राजा राममोहन राय | 2. ब्रह्म समाज |
| 2. स्वामी दयानन्द सरस्वती | 1. आर्य समाज |
| 3. स्वामी विवेकानन्द | 4. रामकृष्ण मिशन |
| 4. श्रीमती ऐनीबीसेन्ट | 3. थियोसोफिकल सोसायटी |
| 5. ज्योतिबा फुले | 6. गुलामगिरी |
| 6. ईश्वरचन्द्र विद्यासागर | 5. विधवा विवाह प्रारम्भ करवाया |
🎯 Exam Tip: मिलान वाले प्रश्नों में, एक-एक करके सही जोड़े ढूँढ़ें। सबसे आसान जोड़ों से शुरुआत करें और फिर बाकी को हल करें।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. 19वीं शताब्दी के बंगाल में कौनसी प्रथा एक वीभत्स रूप में प्रचलित थी?
Answer: 19वीं शताब्दी के बंगाल में सती प्रथा एक वीभत्स रूप में प्रचलित थी। इस प्रथा में विधवाओं को उनके मृत पति की चिता पर जीवित जला दिया जाता था।
In simple words: 19वीं सदी में बंगाल में सती प्रथा बहुत भयानक रूप में फैली हुई थी।
🎯 Exam Tip: अतिलघूत्तरात्मक प्रश्नों में, सीधे और सटीक उत्तर दें।
Question 2. ब्रह्म समाज की स्थापना किसने की और कब की?
Answer: सन् 1828 में राजा राममोहन राय ने ब्रह्म समाज की स्थापना की। उन्होंने समाज में धार्मिक और सामाजिक सुधारों के लिए यह संस्था बनाई।
In simple words: राजा राममोहन राय ने 1828 में ब्रह्म समाज की स्थापना की।
🎯 Exam Tip: जब 'किसने और कब' पूछा जाए, तो दोनों जानकारियाँ सटीक रूप से बताएँ।
Question 3. ब्रिटिश सरकार ने सती प्रथा को कब अवैध घोषित किया?
Answer: 1829 में ब्रिटिश सरकार ने सती प्रथा को अवैध घोषित किया। राजा राममोहन राय के प्रयासों से यह कानून बन पाया।
In simple words: ब्रिटिश सरकार ने 1829 में सती प्रथा को गैरकानूनी घोषित कर दिया।
🎯 Exam Tip: कानूनी घोषणाओं से संबंधित महत्वपूर्ण वर्षों को याद रखें।
Question 4. किस समाजसुधारक ने अपने पुत्र का विवाह एक विधवा से करवाया?
Answer: ईश्वरचन्द्र विद्यासागर ने अपने पुत्र का विवाह एक विधवा से करवाया। यह उनके विधवा विवाह को बढ़ावा देने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण था।
In simple words: ईश्वरचन्द्र विद्यासागर ने अपने बेटे का विवाह एक विधवा से करवाया था।
🎯 Exam Tip: ऐसे उदाहरण याद रखें जो समाज सुधारकों के विचारों और कार्यों को दर्शाते हैं।
Question 6. 'भारत कर्जन से नेहरू और उनके पश्चात्' नामक पुस्तक के रचयिता कौन थे?
Answer: 'भारत कर्जन से नेहरू और उनके पश्चात्' नामक पुस्तक के रचयिता पत्रकार दुर्गादास थे। यह पुस्तक भारतीय इतिहास के एक महत्वपूर्ण काल को दर्शाती है।
In simple words: 'भारत कर्जन से नेहरू और उनके पश्चात्' किताब दुर्गादास ने लिखी थी।
🎯 Exam Tip: प्रमुख पुस्तकों और उनके लेखकों के नाम याद रखना परीक्षा में मदद करता है।
Question 7. महाराष्ट्र में पुणे शहर में धर्म पर चर्चा करने के लिए किस संस्था का गठन किया गया?
Answer: महाराष्ट्र में पुणे शहर में धर्म पर चर्चा करने के लिए 'प्रार्थना समाज' नामक संस्था की स्थापना की गई। यह संस्था सामाजिक और धार्मिक सुधारों के लिए काम करती थी।
In simple words: पुणे में धर्म पर चर्चा के लिए 'प्रार्थना समाज' नाम की संस्था बनाई गई थी।
🎯 Exam Tip: क्षेत्रीय समाज सुधार आंदोलनों और उनसे जुड़ी संस्थाओं को याद रखें।
Question 8. 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना किसने की और कहाँ की?
Answer: ज्योतिबा फुले ने पुणे में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की। इस समाज का उद्देश्य दलितों और शोषितों के अधिकारों के लिए लड़ना था।
In simple words: ज्योतिबा फुले ने पुणे में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की।
🎯 Exam Tip: संस्थापकों के साथ-साथ संस्था के स्थान को भी याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 9. 'गुलामगिरी' नामक पुस्तक के रचयिता कौन थे?
Answer: 'गुलामगिरी' नामक पुस्तक के रचयिता ज्योतिबा फुले थे। इस पुस्तक में उन्होंने जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता पर अपनी राय व्यक्त की है।
In simple words: ज्योतिबा फुले ने 'गुलामगिरी' किताब लिखी थी।
🎯 Exam Tip: समाज सुधारकों द्वारा लिखी गई महत्वपूर्ण पुस्तकों के नाम और उनके लेखकों को याद रखें।
Question 10. अलीगढ़ में 'मोहम्मडन एंग्लो ओरिएण्टल कॉलेज' की स्थापना किसने की और कब की?
Answer: 1875 में सर सैयद अहमद खाँ ने अलीगढ़ में 'मोहम्मडन एंग्लो ओरिएण्टल कॉलेज' की स्थापना की। यह संस्था मुसलमानों को आधुनिक शिक्षा देने के लिए बनाई गई थी।
In simple words: सर सैयद अहमद खाँ ने 1875 में अलीगढ़ में 'मोहम्मडन एंग्लो ओरिएण्टल कॉलेज' की स्थापना की।
🎯 Exam Tip: शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रमुख प्रयासों और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियों और व्यक्तियों को याद रखें।
Question 11. स्वामी दयानन्द सरस्वती ने ही सर्वप्रथम किन शब्दों का प्रयोग किया?
Answer: स्वामी दयानन्द सरस्वती ने ही सर्वप्रथम 'स्वधर्म, स्वदेश तथा स्वभाषा' शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने इन शब्दों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आत्म-सम्मान पर जोर दिया।
In simple words: स्वामी दयानन्द सरस्वती ने सबसे पहले 'स्वधर्म, स्वदेश और स्वभाषा' शब्दों का उपयोग किया था।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रवाद और पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण नारों या शब्दों के साथ उनके प्रणेता का नाम याद रखें।
Question 12. स्वामी विवेकानन्द का बचपन का नाम क्या था?
Answer: स्वामी विवेकानन्द का बचपन का नाम नरेन्द्र दत्त था। उन्होंने बाद में रामकृष्ण परमहंस से प्रेरणा लेकर यह नाम अपनाया।
In simple words: स्वामी विवेकानन्द का बचपन का नाम नरेन्द्र दत्त था।
🎯 Exam Tip: प्रसिद्ध व्यक्तियों के बचपन के नाम या पूर्व नामों को याद रखना सामान्य ज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 14. स्वामी विवेकानन्द के गुरु कौन थे?
Answer: रामकृष्ण परमहंस स्वामी विवेकानन्द के गुरु थे। उनके गुरु ने स्वामी विवेकानन्द को आध्यात्मिक ज्ञान और दिशा दी।
In simple words: रामकृष्ण परमहंस स्वामी विवेकानन्द के गुरु थे।
🎯 Exam Tip: महान व्यक्तित्वों के गुरुओं और शिष्यों के संबंधों को याद रखें।
Question 15. किसने विवेकानन्द को क्या नाम दिया था?
Answer: रामकृष्ण परमहंस ने विवेकानन्द को 'विविदिशानन्द' नाम दिया था। बाद में, खेतड़ी के महाराजा के अनुरोध पर उन्होंने 'विवेकानन्द' नाम अपनाया।
In simple words: रामकृष्ण परमहंस ने विवेकानन्द को 'विविदिशानन्द' नाम दिया था।
🎯 Exam Tip: व्यक्तियों के नाम परिवर्तन और उनके पीछे के कारणों को याद रखना सहायक होता है।
Question 16. स्वामी विवेकानन्द ने अमेरिका के किस सर्वधर्म सम्मेलन में भाग लिया था?
Answer: स्वामी विवेकानन्द ने सितंबर, 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में होने वाले सर्वधर्म सम्मेलन में भाग लिया था। उनके भाषण ने पश्चिमी दुनिया को भारतीय दर्शन से परिचित कराया।
In simple words: स्वामी विवेकानन्द ने 1893 में अमेरिका के शिकागो में हुए विश्व धर्म सम्मेलन में भाग लिया था।
🎯 Exam Tip: प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों और उनमें भारतीय प्रतिनिधियों के योगदान को याद रखें।
Question 17. रामकृष्ण मिशन की स्थापना किसने की?
Answer: रामकृष्ण मिशन की स्थापना स्वामी विवेकानन्द ने की। उन्होंने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस के नाम पर इस संस्था की स्थापना की।
In simple words: स्वामी विवेकानन्द ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।
🎯 Exam Tip: धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के संस्थापकों को उनके गुरुओं और शिष्यों से अलग करके याद रखें।
Question 18. भारत में थियोसोफिकल सोसायटी के विकास में किसने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया?
Answer: भारत में थियोसोफिकल सोसायटी के विकास में श्रीमती ऐनीबीसेन्ट ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
In simple words: श्रीमती ऐनीबीसेन्ट ने भारत में थियोसोफिकल सोसायटी को आगे बढ़ाया।
🎯 Exam Tip: भारत में पश्चिमी समाज सुधारकों और उनके योगदानों को याद रखें।
Question 19. किस विदेशी महिला ने भारत के स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया?
Answer: श्रीमती ऐनीबीसेन्ट नामक विदेशी महिला ने भारत के स्वाधीनता संग्राम में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने होम रूल आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
In simple words: श्रीमती ऐनीबीसेन्ट नामक विदेशी महिला ने भारत के आज़ादी के संघर्ष में बड़ा योगदान दिया।
🎯 Exam Tip: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में विदेशी योगदानकर्ताओं के नाम और उनके विशिष्ट योगदानों को याद रखना उपयोगी है।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 21. जनजाति वर्ग के लोगों में समाज सुधार का कार्य करने वाले दो समाज सुधारकों के नाम लिखिए।
Answer: जनजाति वर्ग के लोगों में समाज सुधार का काम करने वाले दो मुख्य सुधारक थे:
(1) गोविन्द गुरु
(2) सुर्जी भगत
In simple words: आदिवासी समुदायों में सुधार लाने के लिए गोविन्द गुरु और सुर्जी भगत ने महत्वपूर्ण काम किया।
🎯 Exam Tip: जब समाज सुधारकों के नाम पूछे जाएँ, तो प्रमुख नामों को याद रखें और उनके कार्यक्षेत्र को भी ध्यान में रखें।
Question 22. 'सम्प सभा' की स्थापना किसने की और कब की?
Answer: 'सम्प सभा' की स्थापना गोविन्द गुरु ने साल 1883 ई. में की थी। इस सभा का उद्देश्य आदिवासी समुदाय को एकजुट करना और उनमें सामाजिक सुधार लाना था।
In simple words: गोविन्द गुरु ने 1883 में 'सम्प सभा' बनाई थी।
🎯 Exam Tip: समाज सुधारक से संबंधित प्रश्नों में, संगठन का नाम और उसकी स्थापना का वर्ष याद रखना महत्वपूर्ण होता है।
Question 23. ब्रिटिश सेना ने मानगढ़ पहाड़ी पर एकत्रित भीलों पर कब आक्रमण किया?
Answer: ब्रिटिश सेना ने साल 1913 में मानगढ़ पहाड़ी पर जमा हुए भील आदिवासियों पर हमला किया था। इस हमले में लगभग 1500 लोग मारे गए और कई घायल हुए। यह एक दुखद घटना थी जब आदिवासी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक एकत्र हुए थे।
In simple words: ब्रिटिश सेना ने 1913 में मानगढ़ पहाड़ी पर भीलों पर हमला किया, जिसमें करीब 1500 लोग मारे गए।
🎯 Exam Tip: ऐतिहासिक घटनाओं में, तारीख और प्रमुख आंकड़े (जैसे मरने वालों की संख्या) को सटीक रूप से याद रखना चाहिए।
Question 24. किसके प्रयासों से बाल विवाह पर रोक हेतु ब्रिटिश सरकार ने अधिनियम बनाया और कब?
Answer: अजमेर के हरविलास शारदा के विशेष प्रयासों के कारण ब्रिटिश सरकार ने बाल विवाह को रोकने के लिए साल 1929 में कानून बनाया। इस कानून को शारदा अधिनियम के नाम से जाना जाता है और इसने कम उम्र में विवाह करने पर प्रतिबंध लगाया।
In simple words: हरविलास शारदा के कहने पर ब्रिटिश सरकार ने 1929 में बाल विवाह रोकने के लिए कानून बनाया।
🎯 Exam Tip: किसी भी कानून से संबंधित प्रश्न में, उस कानून को बनाने वाले व्यक्ति और वर्ष का उल्लेख करना आवश्यक है।
Question 25. वर्तमान में भारतीय समाज में व्याप्त किन्हीं पाँच बुराइयों के नाम लिखिये।
Answer: वर्तमान में भारतीय समाज में अभी भी कई सामाजिक बुराइयाँ मौजूद हैं, जिनमें से पाँच प्रमुख बुराइयाँ निम्नलिखित हैं:
1. जातिवाद
2. सम्प्रदायवाद
3. दहेज प्रथा
4. नारी हिंसा
5. अशिक्षा
ये सभी बुराइयाँ समाज के विकास में बाधा डालती हैं और समानता के आदर्शों के खिलाफ हैं।
In simple words: आज भी हमारे समाज में जातिवाद, सम्प्रदायवाद, दहेज, औरतों के खिलाफ हिंसा और अशिक्षा जैसी बुरी बातें हैं।
🎯 Exam Tip: सामाजिक बुराइयों को सूचीबद्ध करते समय, उनके प्रमुख रूपों को स्पष्ट और संक्षिप्त शब्दों में लिखें।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 2. ज्योतिबा फुले के समाज सुधार सम्बन्धी योगदान का वर्णन कीजिए।
Answer: ज्योतिबा फुले महाराष्ट्र के एक बहुत बड़े समाज सुधारक थे। उन्होंने समाज के गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए काफी काम किया। उनके मुख्य योगदान इस प्रकार हैं:
1. ज्योतिबा फुले ने पुणे में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार दिलाना था।
2. उन्होंने जाति प्रथा के खिलाफ लगातार संघर्ष किया, जिससे समाज में समानता आ सके।
3. उन्होंने 'गुलामगिरी' नाम की एक किताब लिखी, जो दलितों की बुरी हालत को उजागर करती थी और उनके उत्थान के लिए आवाज उठाती थी।
4. ज्योतिबा फुले ने लड़कियों की शिक्षा पर जोर दिया और उनके लिए कई स्कूल भी खोले, ताकि लड़कियाँ भी पढ़-लिख सकें।
5. उन्होंने विधवाओं की हालत सुधारने के लिए भी काम किया और विधवा पुनर्विवाह का समर्थन किया, जिससे विधवाओं को फिर से जीवन जीने का अवसर मिल सके।
In simple words: ज्योतिबा फुले ने महाराष्ट्र में समाज सुधार के लिए बहुत काम किया। उन्होंने सत्यशोधक समाज बनाया, जाति प्रथा के खिलाफ लड़े, लड़कियों के लिए स्कूल खोले और विधवाओं के अधिकारों का समर्थन किया।
🎯 Exam Tip: ज्योतिबा फुले जैसे समाज सुधारकों के योगदान का वर्णन करते समय, उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं, लिखी गई पुस्तकों और मुख्य सुधारों का उल्लेख करें।
Question 3. 19वीं शताब्दी में समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने के लिए प्रबुद्ध वर्ग द्वारा किये गये प्रयासों का उल्लेख कीजिए।
Answer: 19वीं शताब्दी में भारतीय समाज में बहुत सारी बुरी प्रथाएँ थीं। उस समय के पढ़े-लिखे और जागरूक लोगों ने इन बुराइयों को खत्म करने की कोशिश की। इन लोगों ने पुराने धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया और बताया कि हमारी सभ्यता और संस्कृति बहुत अच्छी है, और जिन बुराइयों की वजह से समाज की आलोचना होती है, उनका हमारे पुराने धर्म या साहित्य में कोई आधार नहीं है। ये बुरी प्रथाएँ समय के साथ अज्ञानता या खास हालातों की वजह से समाज में आ गई थीं, और इन्हें खत्म करना बहुत जरूरी था। इन समाज सुधारकों में से कुछ ने सरकार से कहा कि वे कानून बनाकर लोगों को इन बुराइयों को मानने से रोकें। वहीं, कुछ अन्य समाज सुधारकों का मानना था कि लोगों को समझाकर ही इन बुराइयों को दूर किया जा सकता है। उदयपुर में 1853 में डाकन प्रथा को भी गैरकानूनी घोषित कर दिया गया था।
In simple words: 1800 के दशक में, पढ़े-लिखे भारतीयों ने समाज की बुरी प्रथाओं को हटाने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि ये प्रथाएँ पुराने धर्म का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि बाद में आईं। कुछ ने कानून बनवाए, तो कुछ ने लोगों को समझाया।
🎯 Exam Tip: 19वीं शताब्दी के समाज सुधार प्रयासों का वर्णन करते समय, यह स्पष्ट करें कि प्रबुद्ध वर्ग ने किस प्रकार प्राचीन ग्रंथों का उपयोग किया और सुधार के लिए कानून तथा जागरूकता दोनों तरीकों का प्रयोग किया।
Question 5. स्वामी विवेकानन्द के प्रारम्भिक जीवन का वर्णन कीजिए।
Answer: स्वामी विवेकानन्द भारत के एक महान समाज सुधारक थे। उनका जन्म 12 जनवरी, 1863 को बंगाल के कलकत्ता शहर में हुआ था। उनके बचपन का नाम नरेन्द्र दत्त था। उन्होंने अंग्रेजी कॉलेज से बी.ए. की पढ़ाई पूरी की थी। वे पश्चिमी सोच से प्रभावित थे, लेकिन उन्हें मन की शांति नहीं मिल पाई। बाद में उन्होंने रामकृष्ण परमहंस को अपना गुरु बनाया और उनसे वेदों का गहरा ज्ञान प्राप्त किया। रामकृष्ण परमहंस ने उन्हें 'विविदिशानन्द' नाम दिया, और बाद में खेतड़ी के महाराजा के कहने पर उन्होंने अपना नाम विवेकानन्द रख लिया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सत्य की खोज हमें सही मार्ग दिखाती है।
In simple words: स्वामी विवेकानन्द का जन्म 1863 में कलकत्ता में हुआ था और उनका बचपन का नाम नरेन्द्र दत्त था। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस को अपना गुरु बनाया और बाद में 'विवेकानन्द' नाम अपनाया।
🎯 Exam Tip: किसी भी प्रसिद्ध व्यक्ति के जीवन परिचय में, उनके जन्म स्थान, जन्म तिथि, बचपन के नाम, गुरु और महत्वपूर्ण घटनाओं का उल्लेख करना आवश्यक है।
Question 6. शिकागो धर्म सम्मेलन की भूमिका बतलाइये।
Answer: शिकागो धर्म सम्मेलन सितंबर 1893 में अमेरिका के शिकागो शहर में हुआ एक बड़ा धार्मिक सम्मेलन था। स्वामी विवेकानन्द ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया और दो दिनों तक धर्म के विद्वानों को हिन्दू धर्म के बारे में बताया। उनके विचारों से सभी लोग बहुत प्रभावित हुए। विवेकानन्द ने हिन्दू धर्म की सहिष्णुता (सबको स्वीकार करने की भावना), व्यापकता (बड़ा सोच) और विशालता (महानता) का संदेश पूरे विश्व को दिया। यह सम्मेलन विभिन्न धर्मों के बीच समझ और शांति स्थापित करने में बहुत सहायक रहा।
In simple words: 1893 में शिकागो में एक धर्म सम्मेलन हुआ था, जहाँ स्वामी विवेकानन्द ने हिन्दू धर्म की सहनशीलता और महानता के बारे में दुनिया को बताया।
🎯 Exam Tip: शिकागो धर्म सम्मेलन के बारे में लिखते समय, स्वामी विवेकानन्द की भूमिका और उन्होंने जो मुख्य संदेश दिया (जैसे सहिष्णुता), उसे स्पष्ट करें।
Question 7. भारत के समाज सुधार आन्दोलन में श्रीमती ऐनीबीसेन्ट के योगदान का वर्णन कीजिए।
Answer: श्रीमती ऐनीबीसेन्ट ने भारत के समाज सुधार आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारत में थियोसोफिकल सोसायटी के विकास में बहुत योगदान दिया। यह संस्था लोगों को प्राचीन भारतीय ज्ञान और संस्कृति से जोड़ने का काम करती थी। इसके अलावा, उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जिससे भारतीय समाज में राष्ट्रीयता और जागृति बढ़ी।
In simple words: ऐनीबीसेन्ट ने भारत में थियोसोफिकल सोसायटी को बढ़ावा दिया और स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेकर समाज सुधार में मदद की।
🎯 Exam Tip: किसी भी व्यक्ति के योगदान का वर्णन करते समय, उनके प्रमुख कार्यों और उन्होंने समाज पर क्या प्रभाव डाला, उसे संक्षेप में बताएँ।
निबन्धात्मक प्रश्न
Question 1. आधुनिक भारत में स्वामी दयानन्द सरस्वती के योगदान का वर्णन कीजिए।
Answer: आधुनिक भारत में स्वामी दयानन्द सरस्वती का योगदान बहुत महत्वपूर्ण था। स्वामी दयानन्द सरस्वती का जन्म 1824 में गुजरात में हुआ था और उनके बचपन का नाम मूलशंकर था। युवावस्था में ही उन्होंने घर छोड़ दिया और मथुरा में स्वामी विरजानन्द से वेदों का ज्ञान सीखा।
**वैदिक धर्म का पुनरुद्धार:** स्वामी दयानन्द सरस्वती ने वैदिक धर्म को फिर से स्थापित किया। उन्होंने वेदों को सही तरीके से समझने पर जोर दिया। उनका मानना था कि अगर वेदों का सही मतलब समझ में आ जाए, तो भारत की सभी समस्याएँ हल हो जाएँगी। स्वामी दयानन्द सरस्वती ने इन बातों पर जोर दिया:
• सत्य को अपनाना और झूठ को छोड़ना चाहिए।
• सभी से प्यार और सही तरीके से व्यवहार करना चाहिए।
• अज्ञानता को मिटाकर ज्ञान को बढ़ाना चाहिए।
**विदेशी दासता का विरोध:** स्वामी दयानन्द सरस्वती विदेशी गुलामी को बुरा मानते थे। उन्होंने ही सबसे पहले 'स्वधर्म' (अपना धर्म), 'स्वदेश' (अपना देश) और 'स्वभाषा' (अपनी भाषा) शब्दों का इस्तेमाल किया।
**आर्य समाज की उपलब्धियाँ:** स्वामी दयानन्द ने 1875 में आर्य समाज की स्थापना की। आर्य समाज ने उनके विचारों को आगे बढ़ाने के लिए बहुत काम किया। आर्य समाज की कुछ खास बातें ये थीं:
1. स्त्रियों और दलितों को वेदों का अध्ययन करने का अधिकार दिलाया।
2. बाल-विवाह का विरोध किया।
3. शिक्षा को बढ़ावा दिया; उनके बनाए गुरुकुल और डी.ए.वी. स्कूल आज भी शिक्षा फैलाने में बड़ा काम कर रहे हैं।
4. राष्ट्रीय आंदोलन में भी आर्य समाज के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
In simple words: स्वामी दयानन्द सरस्वती ने 1800 के दशक में भारत में वैदिक धर्म को फिर से जगाया। उन्होंने वेदों के सही ज्ञान पर जोर दिया, विदेशी शासन का विरोध किया और 'स्वधर्म, स्वदेश, स्वभाषा' जैसे शब्द दिए। आर्य समाज की स्थापना करके उन्होंने लड़कियों और दलितों की शिक्षा को बढ़ावा दिया, बाल विवाह का विरोध किया और राष्ट्रीय चेतना बढ़ाई।
🎯 Exam Tip: स्वामी दयानंद सरस्वती के योगदान को विस्तृत रूप से लिखते समय, उनके दार्शनिक सिद्धांतों (जैसे वेदों का पुनरुद्धार), सामाजिक सुधारों (जैसे शिक्षा और बाल विवाह) और राष्ट्रीय विचारों (जैसे स्वधर्म) को अलग-अलग बिंदुओं में समझाएँ।
Question 2. 19वीं सदी में राजस्थान में हुए समाज सुधारों का वर्णन कीजिए।
Answer: 19वीं शताब्दी में राजस्थान में भी कई सामाजिक बुराइयाँ फैली हुई थीं। स्वामी दयानन्द सरस्वती ने उदयपुर, जोधपुर जैसी जगहों का दौरा किया। स्वामी विवेकानन्द ने भी अलवर, उदयपुर जैसे स्थानों की यात्रा की। 1853 में उदयपुर ने 'डाकन प्रथा' को गैरकानूनी घोषित कर दिया था।
(2) **समाज सुधारकों के प्रयास:** गोविन्द गुरु और सुर्जी भगत ने आदिवासी लोगों में समाज सुधार का काम किया। वे आदिवासियों को एकजुट करना चाहते थे। गोविन्द गुरु का जन्म 1858 ई. में ईगरपुर राज्य के बाक्सिया गाँव में एक बंजारा परिवार में हुआ था। सुर्जी भगत का जन्म लसोड़िया गाँव में खराड़ी परिवार में हुआ था। 1883 में गोविन्द गुरु ने 'सम्प सभा' की स्थापना की। उन्होंने आदिवासियों को समझाया कि वे अंधविश्वासों, चोरी और शराब से दूर रहें और अपने बच्चों को पढ़ाएँ। गोविन्द गुरु ने आदिवासियों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता जगाई। उन्होंने आर्थिक सुधारों को भी बढ़ावा दिया और स्थानीय चीजों का ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से कहा कि वे मुफ्त में काम (बेगार) न करें। गोविन्द गुरु और सुर्जी भगत ने आदिवासियों के विकास के लिए बहुत काम किया।
(3) **'राजपूत हितकारिणी सभा' के सामाजिक सुधार:** 1859 में अजमेर में 'राजपूत हितकारिणी सभा' की स्थापना की गई। इस सभा ने बहुविवाह और दहेज प्रथा को रोकने की कोशिश की।
(4) **हरविलास शारदा का योगदान:** अजमेर के हरविलास शारदा के प्रयासों से ब्रिटिश सरकार ने 1929 में बाल-विवाह रोकने के लिए कानून बनाया।
(5) **चांदकरण शारदा के सामाजिक सुधार:** चांदकरण शारदा और उनकी पत्नी सुखदा देवी ने दलितों के उत्थान के लिए कई काम किए।
(6) **पण्डित हरिनारायण शर्मा के सामाजिक सुधार:** उन्होंने अपने मंदिर के दरवाजे दलितों के लिए खोल दिए और जातिगत भेदभाव को खत्म करने की कोशिश की। उनके समाज सेवा के कामों से प्रभावित होकर अलवर के महाराजा जयसिंह ने उन्हें अपना सलाहकार बनाया।
(7) **राजस्थान के अन्य भागों में समाज सुधार के कार्य:** राजस्थान के दूसरे हिस्सों में ठक्कर बापा, कुँवर मदनसिंह, मामा बालेश्वर दयाल जैसे लोगों ने भी समाज सुधार के काम किए।
In simple words: 19वीं सदी में राजस्थान में कई समाज सुधार हुए। डाकन प्रथा को रोका गया। गोविन्द गुरु और सुर्जी भगत ने आदिवासियों में शिक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाया। राजपूत हितकारिणी सभा ने दहेज और बहुविवाह रोकने की कोशिश की। हरविलास शारदा ने बाल विवाह रोकने के लिए कानून बनवाया। चांदकरण शारदा और हरिनारायण शर्मा ने दलितों के लिए काम किया।
🎯 Exam Tip: राजस्थान में हुए समाज सुधारों का वर्णन करते समय, प्रमुख समाज सुधारकों और उनके विशिष्ट योगदानों (जैसे प्रथाओं पर रोक, संस्थाओं की स्थापना) को क्षेत्रीय संदर्भ के साथ प्रस्तुत करें।
Question 3. वर्तमान समाज की कुरीतियों का संक्षेप में वर्णन कीजिए। आपके क्षेत्र में व्याप्त किसी एक कुरीति के समाधान की योजना बनाइए।
Answer: वर्तमान समय में भी हमारे समाज में कुछ प्रमुख बुरी प्रथाएँ मौजूद हैं, जैसे:
1. बाल-विवाह (कम उम्र में शादी)
2. जातिवाद (जाति के आधार पर भेदभाव)
3. सम्प्रदायवाद (धर्म के आधार पर झगड़ा)
4. दहेज प्रथा (शादी में लड़की वालों से पैसे या सामान माँगना)
5. नारी हिंसा (महिलाओं के खिलाफ हिंसा)
6. अशिक्षा (पढ़ाई-लिखाई की कमी)
हमारे क्षेत्र में 'दहेज प्रथा' नामक बुरी प्रथा बहुत ज्यादा फैली हुई है। दहेज के कारण कई महिलाओं को मार दिया जाता है, और नई बहुओं को घर से निकाल दिया जाता है। अपनी बेटी की शादी में दहेज देने के लिए गरीब लोग कर्ज लेते हैं और जीवन भर कर्ज में डूबे रहते हैं।
**दहेज प्रथा को खत्म करने की योजना:**
पहला, समाज में दहेज के खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी। युवाओं को इसके खिलाफ एक सामाजिक आंदोलन शुरू करना होगा।
दूसरा, सरकार को दहेज विरोधी कानूनों को सही तरीके से लागू करना होगा।
तीसरा, हर युवा लड़के और लड़की को खुद आगे आकर अपने घर से इस बुरी प्रथा को खत्म करना होगा।
In simple words: आज भी समाज में बाल-विवाह, जातिवाद, दहेज प्रथा और महिला हिंसा जैसी बुराइयाँ हैं। मेरे क्षेत्र में दहेज प्रथा बहुत फैली है, जिससे महिलाओं को नुकसान होता है। इसे रोकने के लिए हमें लोगों को जागरूक करना होगा, कानूनों को सही से लागू करना होगा और युवाओं को खुद आगे बढ़कर इसे खत्म करना होगा।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्न में, वर्तमान समाज की कुरीतियों को सूचीबद्ध करने के बाद, एक विशेष कुरीति को चुनकर उसके कारणों और निवारण के लिए एक स्पष्ट और व्यावहारिक योजना प्रस्तुत करें।
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