RBSE Solutions Class 8 Maths Chapter 8 ठोस आकारों का चित्रण Important Questions

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I. बहुविकल्पात्मक प्रश्न

 

Question 1. समतल आकृतियाँ कहलाती हैं -
(a) बहुआयामी
(b) त्रि-विमीय
(c) द्वि-विमीय
(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer: (c) द्वि-विमीय
In simple words: समतल आकृतियों को द्वि-विमीय कहा जाता है क्योंकि उनमें केवल दो मापें होती हैं: लम्बाई और चौड़ाई. ये केवल एक सपाट सतह पर बनाई जा सकती हैं.

🎯 Exam Tip: द्वि-विमीय (2D) आकृतियों में केवल लम्बाई और चौड़ाई होती है, जबकि त्रि-विमीय (3D) आकृतियों में लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों होती हैं.

 

Question 2. घनाभ में शीर्षों की संख्या होती है –
(a) 12
(b) 8
(c) 6
(d) 4
Answer: (b) 8
In simple words: घनाभ में 8 कोने होते हैं, जिन्हें शीर्ष कहा जाता है. यह ईंट जैसी दिखने वाली एक 3D आकृति होती है.

🎯 Exam Tip: घनाभ के शीर्ष, फलक और किनारों की संख्या याद रखें: F=6, V=8, E=12, जो ऑयलर सूत्र F+V=E+2 को संतुष्ट करता है (6+8 = 12+2).

 

Question 3. प्रत्येक ठोस बहुभुजीय क्षेत्रों से मिलकर बनता है। ये क्षेत्र कहलाते हैं –
(a) किनारे
(b) शीर्ष
(c) फलक
(d) घनाभ
Answer: (c) फलक
In simple words: ठोस आकृतियाँ समतल बहुभुज जैसी सतहों से बनी होती हैं, जिन्हें फलक कहते हैं. ये फलक मिलकर पूरी ठोस आकृति बनाते हैं.

🎯 Exam Tip: बहुफलक उन ठोस आकृतियों को कहते हैं जिनके फलक बहुभुजाकार होते हैं, और फलक ही उनकी बाहरी सतहों का निर्माण करते हैं.

 

Question 4. ऑयलर सूत्र होता है –
(a) \( F + V = E + 2 \)
(b) \( F - V = E - 2 \)
(c) \( V + E = F + 2 \)
(d) \( V - E = F - 2 \)
Answer: (a) F + V = E + 2
In simple words: ऑयलर सूत्र बताता है कि किसी भी बहुफलक में फलकों (F), शीर्षों (V) और किनारों (E) के बीच एक खास संबंध होता है. यह सूत्र F + V = E + 2 होता है.

🎯 Exam Tip: ऑयलर सूत्र को याद रखने के लिए F (फलक), V (शीर्ष) और E (किनारे) के अक्षरों को क्रम में सोचें, और यह सूत्र बहुत से ठोसों पर लागू होता है.

 

Question 6. त्रि-विमीय आकृति का उदाहरण है -
(a) त्रिभुज
(b) समचतुर्भुज
(c) आयत
(d) गोला
Answer: (d) गोला
In simple words: गोला एक त्रि-विमीय आकृति का उदाहरण है क्योंकि इसकी लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों होती हैं. त्रिभुज, समचतुर्भुज और आयत द्वि-विमीय आकृतियाँ हैं.

🎯 Exam Tip: 3D आकृतियों में आयतन होता है और उन्हें किसी स्थान में रखा जा सकता है, जबकि 2D आकृतियों को केवल एक सतह पर बनाया जा सकता है.

 

Question 7. एक पासे में फलकों की संख्या है -
(a) 2
(b) 4
(c) 6
(d) 3
Answer: (c) 6
In simple words: एक पासे में छह सपाट सतहें होती हैं, जिन्हें फलक कहते हैं. इन फलकों पर 1 से 6 तक की संख्याएँ लिखी होती हैं.

🎯 Exam Tip: पासा एक घन का उदाहरण है, और घन में 6 फलक, 8 शीर्ष और 12 किनारे होते हैं.

 

Question 8. एक शंकु में शीर्षों की संख्या है -
(a) 1
(b) 2
(c) 3
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (a) 1
In simple words: एक शंकु के ऊपर एक नुकीला सिरा होता है, जिसे उसका शीर्ष कहते हैं. शंकु में केवल एक ही शीर्ष होता है.

🎯 Exam Tip: शंकु में एक वक्राकार सतह, एक वृत्ताकार आधार और एक शीर्ष होता है. बेलन और गोले में कोई शीर्ष नहीं होता.

 

Question 9. घन के किनारों की संख्या होती है –
(a) 8
(b) 12
(c) 6
(d) 14
Answer: (b) 12
In simple words: एक घन में 12 किनारे होते हैं. ये किनारे वे रेखाएँ होती हैं जहाँ दो फलक मिलते हैं.

🎯 Exam Tip: घन की सभी भुजाएँ समान लम्बाई की होती हैं, और यह 6 फलक, 8 शीर्ष और 12 किनारों वाला एक विशेष प्रकार का घनाभ है.

 

II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. घनाभ एक ........ आकृति होती है।
Answer: घनाभ एक त्रि-विमीय आकृति होती है।
In simple words: घनाभ वह आकार है जिसमें लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों होती हैं, इसलिए इसे त्रि-विमीय आकृति कहते हैं.

🎯 Exam Tip: त्रि-विमीय आकृतियों को ठोस आकृति भी कहा जाता है क्योंकि वे स्थान घेरती हैं और उन्हें किसी जगह पर रखा जा सकता है.

 

Question 2. भिन्न-भिन्न स्थानों से त्रिविमीय वस्तुओं के ........ दृश्य मिलते हैं।
Answer: भिन्न-भिन्न स्थानों से त्रिविमीय वस्तुओं के भिन्न-भिन्न दृश्य मिलते हैं।
In simple words: अगर आप किसी 3D चीज़ को अलग-अलग जगह से देखेंगे, तो वह हर बार थोड़ी अलग दिखेगी. हर जगह से उसका एक नया रूप दिखाई देता है.

🎯 Exam Tip: किसी वस्तु के शीर्ष दृश्य, पार्श्व दृश्य और सामने के दृश्य जैसे अलग-अलग दृश्य होते हैं, जो यह समझने में मदद करते हैं कि वह कैसी दिखती है.

 

Question 3. किसी भी बहुफलक के लिए F + V = ........ सत्य होता है।
Answer: किसी भी बहुफलक के लिए \( F + V = \textbf{E + 2} \) सत्य होता है।
In simple words: किसी भी बहुफलक में फलकों (F) और शीर्षों (V) को जोड़ने पर जो संख्या आती है, वह किनारों (E) में 2 जोड़ने पर आने वाली संख्या के बराबर होती है. यह एक गणितीय नियम है.

🎯 Exam Tip: यह ऑयलर का सूत्र है, जो सभी उत्तल बहुफलकों पर लागू होता है. यह गणित में एक महत्वपूर्ण संबंध दर्शाता है.

 

Question 4. ........ पिरामिड चतुष्फलक कहलाता है।
Answer: त्रिभुजाकार पिरामिड चतुष्फलक कहलाता है।
In simple words: एक त्रिभुजाकार पिरामिड को चतुष्फलक भी कहा जाता है क्योंकि इसमें चार फलक होते हैं, और सभी फलक त्रिभुजाकार होते हैं.

🎯 Exam Tip: चतुष्फलक सबसे सरल प्रकार का बहुफलक होता है, जिसमें 4 फलक, 4 शीर्ष और 6 किनारे होते हैं.

 

Question 5. ........ प्रिज्म घन कहलाता है।
Answer: वर्गाकार प्रिज्म घन कहलाता है।
In simple words: अगर किसी प्रिज्म का आधार वर्ग जैसा हो और उसकी ऊँचाई भी उसकी भुजा जितनी ही हो, तो वह एक घन बन जाता है.

🎯 Exam Tip: एक घन एक विशेष प्रकार का वर्ग प्रिज्म है जहाँ सभी फलक समान माप के वर्ग होते हैं.

 

III. सत्य/असत्य

 

Question 1. पंचभुजाकार पिरामिड में 6 शीर्ष होते हैं।
Answer: सत्य
In simple words: पंचभुजाकार पिरामिड में आधार पर 5 शीर्ष और शीर्ष पर एक अतिरिक्त शीर्ष होता है, कुल मिलाकर 6 शीर्ष होते हैं.

🎯 Exam Tip: किसी भी \( n \)-भुजा वाले पिरामिड में \( n+1 \) शीर्ष, \( n+1 \) फलक और \( 2n \) किनारे होते हैं. पंचभुजाकार पिरामिड के लिए \( n=5 \), तो शीर्ष \( 5+1=6 \).

 

Question 2. आयताकार पिरामिड में 5 शीर्ष होते हैं।
Answer: सत्य
In simple words: आयताकार पिरामिड के आधार पर 4 कोने होते हैं और एक कोना ऊपर होता है, जिससे कुल 5 शीर्ष बन जाते हैं.

🎯 Exam Tip: आयताकार पिरामिड में 5 फलक (1 आयताकार आधार, 4 त्रिभुजाकार पार्श्व फलक), 5 शीर्ष और 8 किनारे होते हैं.

 

Question 3. एक शंकु में दो फलक होते हैं।
Answer: सत्य
In simple words: एक शंकु में एक सपाट गोलाकार आधार होता है और एक घुमावदार फलक होता है जो शीर्ष पर मिलता है, इसलिए इसमें दो फलक होते हैं.

🎯 Exam Tip: कुछ परिभाषाएँ वक्राकार सतह को फलक नहीं मानती हैं, लेकिन ज्यामिति में, एक शंकु में एक वृत्ताकार आधार (समतल फलक) और एक वक्राकार पार्श्व फलक होता है.

 

Question 4. वह ठोस जिसमें कोई शीर्ष और कोई किनारा नहीं होता है, गोला कहलाता है।
Answer: सत्य
In simple words: एक गोले में न तो कोई नुकीले कोने होते हैं और न ही कोई सीधी रेखाएँ, बल्कि यह पूरी तरह से गोल होता है, इसलिए इसमें कोई शीर्ष या किनारा नहीं होता.

🎯 Exam Tip: गोला पूरी तरह से सममित 3D आकृति है, जिसकी सतह का हर बिंदु केंद्र से समान दूरी पर होता है.

 

Question 5. बिना शीर्ष और आधार के एक बेलन का जाल वृत्त होता है।
Answer: असत्य
In simple words: बेलन के जाल में दो वृत्त (आधार) और एक आयत (पार्श्व सतह) होता है. बिना आधार के, बेलन का जाल सिर्फ एक आयत होता है, वृत्त नहीं.

🎯 Exam Tip: एक बेलन का जाल उसे सपाट खोलने पर बनता है, और इसमें हमेशा एक आयत शामिल होता है, जो बेलन के घुमावदार हिस्से को दर्शाता है.

 

IV. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. एक त्रिभुजाकार प्रिज्म में किनारों तथा फलकों की संख्या लिखिए।
Answer: एक त्रिभुजाकार प्रिज्म में 5 फलक (F) और 9 किनारे (E) होते हैं। इसमें 6 शीर्ष (V) भी होते हैं।
In simple words: त्रिभुजाकार प्रिज्म में दो त्रिकोणीय फलक और तीन आयताकार फलक होते हैं, जिससे कुल 5 फलक बनते हैं. इसमें कुल 9 किनारे होते हैं, जहाँ फलक एक-दूसरे से मिलते हैं.

🎯 Exam Tip: ऑयलर सूत्र \( F+V=E+2 \) का उपयोग करके इसकी पुष्टि की जा सकती है: \( 5+6 = 9+2 \implies 11 = 11 \).

 

Question 3. त्रि-विमीय आकार किसे कहते हैं ?
Answer: वे ठोस आकार जिनमें लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई (या गहराई) तीनों मापें पाई जाती हैं, त्रि-विमीय आकार कहलाते हैं। ये वस्तुएँ स्थान घेरती हैं और इनका आयतन होता है।
In simple words: जिन चीज़ों में लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों होती हैं, उन्हें त्रि-विमीय आकार कहते हैं. ये हमारी दुनिया में असल में दिखती हैं और जगह लेती हैं.

🎯 Exam Tip: त्रि-विमीय आकृतियों को 3D आकृतियाँ भी कहते हैं, जैसे घन, घनाभ, गोला, शंकु और बेलन.

 

Question 4. द्वि-विमीय आकार को परिभाषित कीजिए।
Answer: वह समतलीय आकार जिसमें लम्बाई और चौड़ाई जैसी दो मापें होती हैं, द्वि-विमीय आकार कहलाता है। इन आकृतियों की कोई ऊँचाई या गहराई नहीं होती।
In simple words: जिन आकृतियों में सिर्फ लम्बाई और चौड़ाई होती है, उन्हें द्वि-विमीय आकार कहते हैं. ये सपाट होती हैं और सिर्फ कागज पर बन सकती हैं.

🎯 Exam Tip: द्वि-विमीय आकृतियों को 2D आकृतियाँ भी कहते हैं और इनमें केवल क्षेत्रफल होता है, आयतन नहीं.

 

Question 5. द्वि-विमीय आकारों के तीन उदाहरण लिखिए।
Answer: द्वि-विमीय आकारों के तीन उदाहरण त्रिभुज, आयत और वृत्त हैं। ये सभी सपाट सतह पर बनाई जा सकती हैं।
In simple words: त्रिभुज, आयत और वृत्त जैसी आकृतियों को द्वि-विमीय आकार कहते हैं क्योंकि इनमें केवल दो दिशाओं में ही फैलाव होता है.

🎯 Exam Tip: वर्ग, पंचभुज और षट्भुज भी द्वि-विमीय आकारों के अन्य अच्छे उदाहरण हैं.

 

Question 6. त्रि-विमीय आकारों के तीन उदाहरण लिखिए।
Answer: त्रि-विमीय आकारों के तीन उदाहरण घन, गोला और बेलन हैं। ये सभी वास्तविक दुनिया में स्थान घेरते हैं।
In simple words: घन, गोला और बेलन तीन ऐसे आकार हैं जिनमें लम्बाई, चौड़ाई और ऊँचाई तीनों होती हैं, इसलिए इन्हें त्रि-विमीय आकार कहते हैं.

🎯 Exam Tip: घनाभ, शंकु और पिरामिड भी त्रि-विमीय आकारों के सामान्य उदाहरण हैं.

 

Question 7. समबहुफलक को परिभाषित कीजिए।
Answer: वह बहुफलक जिसके सभी फलक सर्वांगसम बहुभुजों से बने हों और प्रत्येक शीर्ष पर मिलने वाले फलकों की संख्या समान हो, समबहुफलक कहलाता है। ऐसे ठोस आकार बहुत संतुलित होते हैं।
In simple words: समबहुफलक एक ऐसा ठोस आकार होता है जिसमें सभी फलक एक जैसे होते हैं (जैसे सारे वर्ग या सारे त्रिभुज), और हर कोने पर समान संख्या में फलक मिलते हैं.

🎯 Exam Tip: समबहुफलक को प्लेटोनिक ठोस भी कहते हैं, और ऐसे केवल पाँच प्रकार के बहुफलक होते हैं: चतुष्फलक, घन, अष्टफलक, द्वादशफलक, और विंशतिफलक.

 

Question 1. प्रिज्म और बेलन किस प्रकार एक जैसे हैं?
Answer: एक प्रिज्म एक बेलन तब हो जाता है जब उसके आधार की भुजाओं की संख्या अपरिमित रूप से अधिक हो जाती है। दूसरे शब्दों में, जब प्रिज्म का आधार लगभग एक वृत्त बन जाता है।
In simple words: प्रिज्म और बेलन एक जैसे होते हैं क्योंकि अगर हम एक प्रिज्म के आधार में बहुत सारी भुजाएँ बना दें, तो वह एक गोल बेलन जैसा दिखने लगेगा.

🎯 Exam Tip: दोनों में दो समान और समांतर आधार होते हैं, और पार्श्व फलक लम्बवत होते हैं. बेलन को एक अनंत-भुजाओं वाला प्रिज्म मान सकते हैं.

 

Question 2. पिरामिड और शंकु किस प्रकार एक जैसे हैं?
Answer: एक पिरामिड एक शंकु तब हो जाता है जब उसके आधार की भुजाओं की संख्या अपरिमित रूप से अधिक हो जाती है। यह तब होता है जब पिरामिड का बहुभुज आधार एक वृत्त के करीब आता है।
In simple words: पिरामिड और शंकु दोनों ऊपर की तरफ एक नुकीले बिंदु (शीर्ष) पर मिलते हैं. यदि हम पिरामिड के आधार की भुजाओं को बहुत बढ़ा दें, तो वह गोल शंकु जैसा लगने लगेगा.

🎯 Exam Tip: दोनों में एक आधार होता है और सभी पार्श्व फलक एक शीर्ष पर मिलते हैं. शंकु को एक अनंत-भुजाओं वाला पिरामिड मान सकते हैं.

 

Question 3. निम्न ठोसों के लिए ऑयलर सूत्र का सत्यापन कीजिए
(i)
(ii)
Answer:
(i) इस आकृति में:
फलकों की संख्या (F) = 7
शीर्षों की संख्या (V) = 10
किनारों की संख्या (E) = 15
ऑयलर सूत्र के अनुसार:
\( F + V = E + 2 \)
\( 7 + 10 = 15 + 2 \)
\( 17 = 17 \)
अतः, ऑयलर का सूत्र सत्यापित होता है।
(ii) इस आकृति में (यह एक षट्भुजाकार प्रिज्म है):
फलकों की संख्या (F) = 8
शीर्षों की संख्या (V) = 12
किनारों की संख्या (E) = 18
ऑयलर सूत्र के अनुसार:
\( F + V = E + 2 \)
\( 8 + 12 = 18 + 2 \)
\( 20 = 20 \)
अतः, ऑयलर का सूत्र सत्यापित होता है।
In simple words: हमने दोनों आकृतियों के फलक, शीर्ष और किनारे गिने और उन्हें ऑयलर के सूत्र \( F+V=E+2 \) में रखा. दोनों बार सूत्र सही साबित हुआ, जिसका मतलब है कि इन ठोसों पर यह नियम लागू होता है.

🎯 Exam Tip: किसी भी बहुफलक के लिए ऑयलर सूत्र \( F+V=E+2 \) को सत्यापित करने के लिए, ध्यान से फलकों (F), शीर्षों (V) और किनारों (E) को गिनें और फिर सूत्र में मान भरें.

 

Question 4. क्या किसी बहुफलक के 10 फलकें, 20 किनारे तथा 15 शीर्ष हो सकते हैं?
Answer: दिया है:
फलक (F) = 10
किनारे (E) = 20
शीर्ष (V) = 15
ऑयलर सूत्र \( F + V = E + 2 \) का प्रयोग करने पर:
बायाँ पक्ष \( F + V = 10 + 15 = 25 \)
दायाँ पक्ष \( E + 2 = 20 + 2 = 22 \)
यहाँ, \( F + V \ne E + 2 \) (अर्थात् \( 25 \ne 22 \))
अतः, ऐसा कोई बहुफलक नहीं हो सकता है, जो इन संख्याओं को संतुष्ट करे।
In simple words: जब हमने ऑयलर के सूत्र में दिए गए फलक, किनारे और शीर्षों की संख्या डाली, तो दोनों पक्ष बराबर नहीं आए. इसका मतलब है कि कोई भी असली ठोस आकृति ऐसी संख्याओं वाली नहीं हो सकती है.

🎯 Exam Tip: यह जाँचने के लिए कि कोई दिया गया F, V, E मान किसी बहुफलक के लिए संभव है या नहीं, हमेशा ऑयलर सूत्र \( F+V=E+2 \) का उपयोग करें.

 

Question 5. ऑयलर सूत्र का प्रयोग करते हुए, अज्ञात संख्या को ज्ञात कीजिए

 (i)(ii)(iii)
फलक?520
शीर्ष6?12
किनारे129?

Answer: ऑयलर सूत्र \( F + V = E + 2 \) का उपयोग करने पर:
(i) F ज्ञात करने के लिए (जहाँ V = 6, E = 12):
\( F + 6 = 12 + 2 \)
\( F + 6 = 14 \)
\( F = 14 - 6 \)
\( F = 8 \)
(ii) V ज्ञात करने के लिए (जहाँ F = 5, E = 9):
\( 5 + V = 9 + 2 \)
\( 5 + V = 11 \)
\( V = 11 - 5 \)
\( V = 6 \)
(iii) E ज्ञात करने के लिए (जहाँ F = 20, V = 12):
\( 20 + 12 = E + 2 \)
\( 32 = E + 2 \)
\( E = 32 - 2 \)
\( E = 30 \)
In simple words: हमने हर बार ऑयलर के सूत्र \( F+V=E+2 \) का इस्तेमाल किया. जब हमें फलक, शीर्ष या किनारों में से दो पता होते हैं, तो हम आसानी से तीसरे को पता लगा सकते हैं.

🎯 Exam Tip: ऑयलर सूत्र में किसी भी अज्ञात मान को हल करने के लिए, दिए गए मानों को सूत्र में सही जगह पर रखें और बीजगणितीय तरीके से अज्ञात मान को अलग करें.

 

Question 7. आप कैसा प्रतिच्छेद प्राप्त करते हैं यदि निम्न ठोसों को (i) ऊर्ध्वाधरतः (ii) क्षैतिजतः काटा जाता है ?

ठोसप्रतिच्छेद
 ऊर्ध्वाधरतःक्षैतिजतः
(1) एक पासावर्गवर्ग
(2) एक वृत्ताकार पाइपवृत्तआयत
(3) एक गोल सेबवृत्तआयत
(4) एक आइसक्रीम शंकुत्रिभुजवृत्त

Answer: यदि दिए गए ठोसों को ऊर्ध्वाधरतः (खड़े) और क्षैतिजतः (समतल) काटा जाता है, तो प्राप्त प्रतिच्छेद निम्न प्रकार होंगे:
(1) एक पासे को ऊर्ध्वाधरतः या क्षैतिजतः काटने पर हमेशा एक वर्ग प्रतिच्छेद मिलता है।
(2) एक वृत्ताकार पाइप को ऊर्ध्वाधरतः काटने पर वृत्त और क्षैतिजतः काटने पर आयत प्रतिच्छेद मिलता है।
(3) एक गोल सेब को ऊर्ध्वाधरतः काटने पर वृत्त और क्षैतिजतः काटने पर आयत प्रतिच्छेद मिलता है।
(4) एक आइसक्रीम शंकु को ऊर्ध्वाधरतः काटने पर त्रिभुज और क्षैतिजतः काटने पर वृत्त प्रतिच्छेद मिलता है।
In simple words: जब हम अलग-अलग ठोसों को खड़ा या आड़ा काटते हैं, तो कटने के बाद जो नई सतह दिखती है, वह हर ठोस के लिए अलग-अलग आकार की होती है.

🎯 Exam Tip: यह समझने के लिए कि ठोसों को काटने पर क्या प्रतिच्छेद मिलेगा, हमेशा उस 3D आकृति की कल्पना करें और देखें कि कटने के बाद बनने वाली 2D सतह कैसी दिखेगी.

 

Question 8. किसी बहुफलक में शीर्षों की संख्या 10 एवं किनारों की संख्या 16 है तो उसके फलकों की संख्या ज्ञात कीजिए।
Answer: दिया है:
शीर्षों की संख्या (V) = 10
किनारों की संख्या (E) = 16
हमें फलकों की संख्या (F) ज्ञात करनी है।
ऑयलर सूत्र के अनुसार:
\( F + V = E + 2 \)
मान रखने पर:
\( F + 10 = 16 + 2 \)
\( F + 10 = 18 \)
\( F = 18 - 10 \)
\( F = 8 \)
अतः, बहुफलक में फलकों की संख्या 8 है।
In simple words: हमने ऑयलर के सूत्र का उपयोग किया, जहाँ फलक, शीर्ष और किनारों का एक खास संबंध होता है. दिए गए शीर्ष और किनारों की संख्या का उपयोग करके, हमने पाया कि बहुफलक में 8 फलक होंगे.

🎯 Exam Tip: ऑयलर सूत्र \( F+V=E+2 \) का उपयोग करके किसी भी बहुफलक के F, V, या E में से एक अज्ञात मान को आसानी से ज्ञात किया जा सकता है, यदि अन्य दो मान दिए गए हों.

 

Question 9. किसी बहुफलक में शीर्षों की संख्या 9 तथा फलकों की संख्या 9 है तो उसके किनारों की संख्या ज्ञात कीजिए।
Answer: दिया है:
शीर्षों की संख्या (V) = 9
फलकों की संख्या (F) = 9
हमें किनारों की संख्या (E) ज्ञात करनी है।
ऑयलर सूत्र के अनुसार:
\( F + V = E + 2 \)
मान रखने पर:
\( 9 + 9 = E + 2 \)
\( 18 = E + 2 \)
\( E = 18 - 2 \)
\( E = 16 \)
अतः, बहुफलक में किनारों की संख्या 16 है।
In simple words: हमें फलक और शीर्ष पता थे. हमने ऑयलर का सूत्र इस्तेमाल किया और जोड़-घटाव करके किनारों की संख्या निकाल ली, जो कि 16 आई.

🎯 Exam Tip: ऑयलर सूत्र \( F+V=E+2 \) एक शक्तिशाली उपकरण है जो बहुफलक की विशेषताओं को समझने में मदद करता है और किसी भी अज्ञात चर को खोजने के लिए उपयोग किया जा सकता है.

 

Question 10. किसी बहुफलक में फलकों (Faces) की संख्या 5 एवं किनारों (Edges) की संख्या 9 है, तो शीर्षों (Vertices) की संख्या ज्ञात कीजिए।
Answer: दिया है:
फलकों की संख्या (F) = 5
किनारों की संख्या (E) = 9
हमें शीर्षों की संख्या (V) ज्ञात करनी है।
ऑयलर सूत्र के अनुसार:
\( F + V = E + 2 \)
मान रखने पर:
\( 5 + V = 9 + 2 \)
\( 5 + V = 11 \)
\( V = 11 - 5 \)
\( V = 6 \)
अतः, बहुफलक में शीर्षों की संख्या 6 है।
In simple words: इस सवाल में हमें फलक और किनारे पता थे. हमने ऑयलर के सूत्र में ये मान डालकर गणित किया, जिससे पता चला कि इस बहुफलक में कुल 6 शीर्ष होंगे.

🎯 Exam Tip: यह सवाल दर्शाता है कि कैसे ऑयलर सूत्र बहुफलकों के गुणों को आपस में जोड़ता है, जिससे हमें एक मिसिंग जानकारी ढूंढने में मदद मिलती है, भले ही वह फलक, किनारे या शीर्ष में से कोई भी हो.

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