RBSE Solutions Class 8 Maths Chapter 13 राशियों की तुलना More Ques

Official RBSE Solutions for Class 8 Mathematics: Chapter 13 राशियों की तुलना

Review structured textbook solutions for Class 8 Mathematics Chapter 13 राशियों की तुलना. Built according to RBSE guidelines for the 2026-27 academic year, these downloadable answers support daily revision and problem-solving accuracy.

Chapter-wise Solutions for Mathematics: Chapter 13 राशियों की तुलना

Access the complete solution PDF for Class 8 Mathematics below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

पृष्ठ 147

करो और सीखो

 

Question 1. रश्मि तथा रेहाना बाग से टोकरी में फूल चुनकर लाए। जिसमें 30% गुलाब, 10% चमेली तथा शेष गेंदा के फूल हैं। यदि टोकरी में 120 फूल हों तो
(i) गेंदा के फूलों की संख्या कितनी है?
(ii) चमेली के फूलों की संख्या कितनी है?
(iii) गुलाब के फूल गेंदा के फूलों से कितने प्रतिशत कम हैं?
Answer:
(i) गेंदे के फूलों का प्रतिशत ज्ञात करने के लिए, हम कुल प्रतिशत से गुलाब और चमेली के फूलों का प्रतिशत घटाते हैं।
गेंदे के फूलों का प्रतिशत \( = 100\% - (30\% + 10\%) \)
\( = 100\% - 40\% \)
\( = 60\% \)
गेंदा के फूलों की संख्या \( = 120 \times \frac{60}{100} = 72 \)
(ii) चमेली के फूलों की संख्या निकालने के लिए, हम कुल फूलों का 10% लेते हैं।
चमेली के फूलों की संख्या \( = 120 \times \frac{10}{100} = 12 \)
(iii) गुलाब के फूलों का प्रतिशत \( = 30\% \)
गुलाब के फूलों की संख्या \( = \frac{30}{100} \times 120 = 36 \)
गेंदा के फूलों की संख्या \( = 72 \)
गेंदा के फूल और गुलाब के फूलों का अन्तर \( = 72 - 36 = 36 \)
गुलाब के फूल गेंदे के फूलों से कितने प्रतिशत कम हैं, यह जानने के लिए हम अंतर को गेंदा के फूलों की संख्या से भाग करके 100 से गुणा करते हैं।
गुलाब के फूल गेंदे के फूलों से \( = \frac{36}{72} \times 100 = 50\% \) कम हैं।
In simple words: हमने फूलों के प्रतिशत और कुल संख्या का उपयोग करके प्रत्येक प्रकार के फूलों की संख्या निकाली। फिर गुलाब के फूल गेंदा के फूलों से कितने प्रतिशत कम हैं, यह ज्ञात किया। प्रतिशत हमें एक चीज़ की मात्रा को दूसरी चीज़ के सापेक्ष समझने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: ऐसे सवालों में, पहले प्रतिशत मानों को ध्यान से समझें और फिर कुल संख्या पर उन्हें लागू करें। हमेशा सुनिश्चित करें कि आप सही आधार (कुल फूल या गेंदा के फूल) का उपयोग करके प्रतिशत अंतर निकाल रहे हैं।

 

पृष्ठ 150

करो और सीखो

 

Question 1. रीना एक बिल लेकर आई। इस बिल को देखकर दिए गए सवालों का जवाब दीजिए।
Answer: यहां एक बिल का उदाहरण दिया गया है, जिसमें अलग-अलग सामान और उन पर लागू छूट व वैट दर्शाया गया है। यह बिल हमें खरीदारी से जुड़ी गणनाओं को समझने में मदद करता है।

क्र.सं.विवरणमात्रादररुपए
2.खेस4120480.00
3.दरी2200400.00
 कुल  1200.00
 छूट 15%  -180.00
    1020.00
 वैट 10%  102.00
 अक्षरेएक हजार एक सौ बाइस रु. मात्र 1122.00
 भूल चूक लेनी देनीहस्ताक्षर

In simple words: बिल में अलग-अलग सामान, उनकी कीमत, छूट और वैट दिखाया गया है। यह हमें सिखाता है कि कुल भुगतान कैसे किया जाता है।

🎯 Exam Tip: बिल के हर हिस्से को ध्यान से पढ़ना सीखें, जैसे अंकित मूल्य, छूट प्रतिशत, और वैट दर। इससे आप सही कुल भुगतान राशि की गणना कर पाएंगे।

 

Question 1. खरीदे गए सामान का कुल अंकित मूल्य कितना है?
Answer: खरीदे गए सामान का कुल अंकित मूल्य 1200.00 रुपए है।
In simple words: खरीदी गई सभी चीज़ों का कुल दाम 1200 रुपए है।

🎯 Exam Tip: अंकित मूल्य वह मूल कीमत होती है जिस पर कोई छूट या टैक्स नहीं लगाया गया होता है।

 

Question 2. छूट किस मूल्य पर दी जाती है?
Answer: छूट हमेशा अंकित मूल्य पर दी जाती है।
In simple words: दाम कम करना हमेशा चीज़ के असल दाम पर होता है।

🎯 Exam Tip: छूट हमेशा उत्पाद के मूल या सूचीबद्ध मूल्य (अंकित मूल्य) पर कैलकुलेट की जाती है, न कि अंतिम बिक्री मूल्य पर।

 

Question 3. वैट किस मूल्य पर लगाया जाता है?
Answer: वैट (मूल्य वर्धित कर) विक्रय मूल्य पर लगाया जाता है। विक्रय मूल्य वह कीमत होती है जब छूट देने के बाद सामान बेचा जाता है।
In simple words: वैट टैक्स हमेशा चीज़ के बेचने वाले दाम पर लगता है, छूट के बाद।

🎯 Exam Tip: वैट की गणना छूट घटाने के बाद बची हुई राशि पर की जाती है।

 

Question 2. 5,000 रुपए की तुलना में 4,000 रुपए कितने प्रतिशत कम हैं? क्या यह प्रतिशत उतना ही है जितना 4,000 रुपए की तुलना में 5,000 रुपए अधिक है?
Answer:
पहला भाग: 5,000 रुपए की तुलना में 4,000 रुपए कितने प्रतिशत कम हैं?
मान लीजिए कि 5,000 रुपए की तुलना में 4,000 रुपए \( x \) प्रतिशत कम हैं।
तब, \( 5,000 - 5,000 \times \frac{x}{100} = 4,000 \)
\( \implies 5,000 \times \frac{x}{100} = 5,000 - 4,000 \)
\( \implies 50x = 1,000 \)
\( \implies x = \frac{1000}{50} \)
\( \implies x = 20 \)
इसलिए, 5,000 रुपए की तुलना में 4,000 रुपए 20 प्रतिशत कम हैं।

दूसरा भाग: क्या यह प्रतिशत उतना ही है जितना 4,000 रुपए की तुलना में 5,000 रुपए अधिक है?
मान लीजिए कि 4,000 रुपए की तुलना में 5,000 रुपए \( y \) प्रतिशत अधिक हैं।
तब, \( 5,000 = 4,000 + 4,000 \times \frac{y}{100} \)
\( \implies 5,000 - 4,000 = 40y \)
\( \implies 1,000 = 40y \)
\( \implies y = \frac{1000}{40} \)
\( \implies y = 25 \)
इसलिए, 4,000 रुपए की तुलना में 5,000 रुपए 25 प्रतिशत अधिक हैं।
चूँकि 20% और 25% बराबर नहीं हैं, तो यह प्रतिशत समान नहीं है। प्रतिशत की गणना हमेशा आधार मूल्य के सापेक्ष की जाती है, और यहाँ आधार मूल्य दोनों मामलों में बदल रहा है।
In simple words: 5,000 से 4,000 की तुलना में 20% कम है, लेकिन 4,000 से 5,000 की तुलना में 25% अधिक है। इसका मतलब है कि ये दोनों प्रतिशत बराबर नहीं हैं क्योंकि हम अलग-अलग शुरुआती संख्याओं से तुलना कर रहे हैं।

🎯 Exam Tip: प्रतिशत वृद्धि या कमी की गणना करते समय, हमेशा उस मूल मान को पहचानें जिससे तुलना की जा रही है। भिन्न आधार मानों पर आधारित प्रतिशत हमेशा अलग होंगे।

 

पृष्ठ 155

प्रश्न

 

Question 1. पासबुक की प्रविष्टि से बताइए:
(i) ब्याज कितनी-कितनी अवधि बाद जोड़ा जा रहा है?
(ii) पहले वर्ष का ब्याज कितना जोड़ा गया?
(iii) दूसरे वर्ष का ब्याज कितना जोड़ा गया?
(iv) क्या प्रतिवर्ष प्राप्त ब्याज की राशि समान है?
Answer: यहां एक पासबुक का उदाहरण दिया गया है, जो बैंक में पैसे के लेन-देन और ब्याज के जमा होने को दर्शाता है। इससे हमें ब्याज की गणना और उसके समय-समय पर जुड़ने की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलती है।

दिनांकविवरणजमानिकालीशेष
1.4.13रोकड़2000-2000
1.4.14ब्याज140-2140
1.4.15ब्याज149.80-2289.80


(i) पासबुक की प्रविष्टि देखने से पता चलता है कि ब्याज 1 वर्ष के बाद जोड़ा जा रहा है।
(ii) पहले वर्ष (1.4.13 से 1.4.14 तक) का ब्याज 140 रुपए जोड़ा गया।
(iii) दूसरे वर्ष (1.4.14 से 1.4.15 तक) का ब्याज 149.80 रुपए जोड़ा गया।
(iv) नहीं, प्रतिवर्ष प्राप्त ब्याज की राशि समान नहीं है। यह चक्रवृद्धि ब्याज के कारण बढ़ती है क्योंकि ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है।
In simple words: पासबुक दिखाती है कि हर एक साल बाद ब्याज जुड़ता है। पहले साल 140 रुपए ब्याज मिला, और दूसरे साल 149.80 रुपए। इसका मतलब है कि हर साल मिलने वाला ब्याज एक जैसा नहीं है, वह बढ़ रहा है।

🎯 Exam Tip: पासबुक में ब्याज की प्रविष्टियों को देखकर, आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि ब्याज कब और कितना जोड़ा गया है। यदि ब्याज हर साल अलग-अलग बढ़ता है, तो यह चक्रवृद्धि ब्याज का एक स्पष्ट संकेत है।

 

पृष्ठ 157

करो और सीखो

 

Question 1. संदीप ने गोबर गैस प्लांट लगाने के लिए बैंक से 3000 रुपए 2 वर्ष के लिए 8% वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज दर पर उधार लिए। यदि ब्याज वार्षिक संयोजित होता है तो पता लगाओ?
(i) चक्रवृद्धि ब्याज दर से कुल कितना धन लौटाना होगा?
Answer:
(i) चक्रवृद्धि ब्याज दर से कुल कितना धन लौटाना होगा?
मूलधन (P) \( = 3000 \) रुपए
समय (n) \( = 2 \) वर्ष
दर (R) \( = 8\% \) वार्षिक

चक्रवृद्धि ब्याज के लिए मिश्रधन (A) का सूत्र है: \( A = P \left(1 + \frac{R}{100}\right)^n \)
मानों को सूत्र में रखने पर:
\( A = 3000 \left(1 + \frac{8}{100}\right)^2 \)
\( A = 3000 \left(1 + \frac{2}{25}\right)^2 \)
\( A = 3000 \left(\frac{25+2}{25}\right)^2 \)
\( A = 3000 \left(\frac{27}{25}\right)^2 \)
\( A = 3000 \times \frac{27}{25} \times \frac{27}{25} \)
\( A = 120 \times \frac{27}{25} \times 27 \)
\( A = 4.8 \times 27 \times 27 \)
\( A = 3499.20 \) रुपए
इसलिए, संदीप को बैंक को कुल 3499.20 रुपए लौटाने होंगे। चक्रवृद्धि ब्याज में, पिछले वर्ष का ब्याज भी अगले वर्ष के मूलधन में जुड़ जाता है।

(ii) चक्रवृद्धि ब्याज की गणना:
चक्रवृद्धि ब्याज \( = A - P \)
\( = 3499.20 - 3000 \)
\( = 499.20 \) रुपए

(iii) सरल ब्याज से तुलना (यदि पूछा गया हो):
सरल ब्याज का सूत्र है: \( \text{सरल ब्याज} = \frac{\text{मूलधन} \times \text{समय} \times \text{दर}}{100} \)
\( = \frac{3000 \times 2 \times 8}{100} \)
\( = 30 \times 2 \times 8 \)
\( = 480 \) रुपए
यहां, चक्रवृद्धि ब्याज (499.20 रुपए) सरल ब्याज (480 रुपए) से अधिक है।
अतः ब्याज कम देना पड़ता तथा 499.20 - 480 = 19.20 रुपए कम देना पड़ता।
In simple words: संदीप को 3000 रुपए 2 साल के लिए 8% चक्रवृद्धि ब्याज पर मिले थे। इसका मतलब है कि उसे कुल 3499.20 रुपए वापस करने होंगे, जिसमें 499.20 रुपए ब्याज है। अगर यही ब्याज सरल ब्याज होता, तो उसे केवल 480 रुपए ब्याज देना पड़ता।

🎯 Exam Tip: चक्रवृद्धि ब्याज की गणना करते समय सूत्र को सही ढंग से लगाना महत्वपूर्ण है। \( \left(1 + \frac{R}{100}\right)^n \) भाग को पहले हल करें, फिर उसे मूलधन से गुणा करें। सरल ब्याज से तुलना करके चक्रवृद्धि ब्याज की खासियत को समझें।

 

पृष्ठ 158

करो और सीखो

 

Question 1. निम्न तालिका में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Answer: तालिका में ब्याज संयोजन की विभिन्न शर्तें और उनके अनुसार रूपांतरण अवधि और दर का वर्णन किया गया है। यह चक्रवृद्धि ब्याज की गणना में मदद करता है, जहां ब्याज की अवधि और दर को सही ढंग से समझना महत्वपूर्ण है।

ब्याज संयोजन की शर्तसमय वर्षों मेंदर वार्षिकरूपांतरण अवधिरूपांतरण दर
वार्षिक210%210%
अर्द्धवार्षिक\(1\frac{1}{2}\)6%33%
त्रैमासिक\(1\frac{1}{4}\)8%52%
अर्द्धवार्षिक214%47%
वार्षिक17%17%
त्रैमासिकछः माह16%24%

In simple words: यह तालिका दिखाती है कि अगर ब्याज साल में एक बार, दो बार या चार बार जोड़ा जाए, तो कुल ब्याज की गणना कैसे बदल जाती है। रूपांतरण अवधि यह बताती है कि एक निश्चित समय में कितनी बार ब्याज की गणना की जाएगी, और रूपांतरण दर वह दर है जो प्रत्येक अवधि के लिए लागू होती है।

🎯 Exam Tip: जब ब्याज की गणना की अवधि वार्षिक न हो (जैसे अर्ध-वार्षिक या त्रैमासिक), तो वार्षिक दर और समय को रूपांतरण अवधि और रूपांतरण दर में बदलना महत्वपूर्ण है। अर्ध-वार्षिक में दर आधी हो जाती है और अवधि दोगुनी, जबकि त्रैमासिक में दर चौथाई हो जाती है और अवधि चौगुनी।

 

पृष्ठ 163

करो और सीखो

 

Question 1. निम्नलिखित कथनों को पढ़कर पता करो कि यह सीधा/प्रतिलोम सम्बन्ध है।
Answer: यहां विभिन्न परिस्थितियों का वर्णन किया गया है, और हमें यह पहचानना है कि उनमें सीधा या प्रतिलोम संबंध है। सीधा संबंध तब होता है जब एक मात्रा बढ़ती है तो दूसरी भी बढ़ती है, और प्रतिलोम संबंध तब होता है जब एक मात्रा बढ़ती है तो दूसरी घटती है।

क्रसं.कथनसम्बन्ध
1.एक सीढ़ी दीवार के सहारे सरक रही है सीढ़ी के ऊपर शीर्ष की तल से ऊँचाई तथा नीचे से शीर्ष की दीवार से दूरी में है।प्रतिलोम सम्बन्ध है
2.नियत चाल से चल रही कार द्वारा तय की गई दूरी तथा समय मेंसीधा सम्बन्ध
3.व्यक्तियों की संख्या तथा भोजन सामग्री की पर्याप्तता दिनों में (जबकि भोजन सामग्री की मात्रा नियत है)प्रतिलोम सम्बन्ध
4.पानी की टंकी से गाँव की जनसंख्या में (जब पानी की मात्रा और वितरण समान हो)सीधा सम्बन्ध

In simple words: हमने देखा कि सीढ़ी की ऊँचाई और दीवार से दूरी का उल्टा संबंध है। कार की दूरी और समय का सीधा संबंध है। ज़्यादा लोग हों तो खाना कम दिन चलेगा, यह उल्टा संबंध है। गाँव में ज़्यादा लोग हों तो ज़्यादा पानी लगेगा, यह सीधा संबंध है।

🎯 Exam Tip: सीधा और प्रतिलोम संबंध को समझने के लिए, हमेशा सोचें कि यदि एक चीज़ बढ़ती है तो दूसरी चीज़ पर क्या प्रभाव पड़ेगा। यदि दूसरी चीज़ भी बढ़ती है, तो यह सीधा संबंध है; यदि घटती है, तो यह प्रतिलोम संबंध है।

 

Question 2. आप ऐसे ही सीधे तथा प्रतिलोम सम्बन्ध वाले उदाहरणों को सोचिए तथा अपने साथियों से चर्चा कीजिए।
Answer: यहाँ सीधे और प्रतिलोम संबंध के कुछ और उदाहरण दिए गए हैं, जो हमें इन अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे। इन उदाहरणों पर अपने साथियों के साथ चर्चा करने से आप वास्तविक जीवन में इन संबंधों को कैसे पहचानें, यह सीख सकते हैं।

सीधे सम्बन्ध वाले उदाहरण:
1. खरीदे गए कपड़े की लम्बाई और उसकी कुल कीमत: जैसे-जैसे कपड़े की लम्बाई बढ़ती है, उसकी कुल कीमत भी बढ़ती है।
2. महीनों की संख्या और कुल वेतन: काम किए गए महीनों की संख्या बढ़ने पर कुल अर्जित वेतन भी बढ़ता है।
3. उत्पादन के घंटों की संख्या और उत्पादन की मात्रा: जितने अधिक घंटे काम किया जाता है, उतनी ही अधिक चीज़ों का उत्पादन होता है।

प्रतिलोम सम्बन्ध वाले उदाहरण:
1. एक विद्यालय में कालांशों की संख्या और कालांशों का समय: यदि एक दिन में कालांशों की संख्या बढ़ जाती है, तो प्रत्येक कालांश का समय कम हो जाता है (कुल समय निश्चित होने पर)।
2. दीवार बनाने वाले मजदूरों की संख्या और दीवार बनाने में लगे घंटों की संख्या: यदि दीवार बनाने वाले मजदूरों की संख्या बढ़ जाती है, तो दीवार बनाने में लगने वाला कुल समय कम हो जाता है।
3. दी हुई संख्या में वस्तुओं का उत्पादन करने वाली मशीनों की संख्या और उत्पादन के लिए आवश्यक दिनों की संख्या: यदि मशीनों की संख्या बढ़ जाती है, तो एक निश्चित मात्रा में वस्तुओं का उत्पादन करने के लिए आवश्यक दिनों की संख्या कम हो जाती है।
In simple words: सीधे संबंध में एक चीज़ बढ़ने पर दूसरी भी बढ़ती है, जैसे ज़्यादा कपड़े खरीदने पर ज़्यादा पैसे लगेंगे। उल्टे संबंध में एक चीज़ बढ़ने पर दूसरी घटती है, जैसे ज़्यादा मज़दूर काम करें तो दीवार जल्दी बनेगी।

🎯 Exam Tip: सीधे संबंध में दो मात्राएँ एक ही दिशा में बदलती हैं, जबकि प्रतिलोम संबंध में वे विपरीत दिशाओं में बदलती हैं। वास्तविक दुनिया के उदाहरणों को समझने से आपको इन गणितीय अवधारणाओं को आसानी से पहचानने में मदद मिलेगी।

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Mathematics Class 8 Curriculum Solutions: Chapter 13 राशियों की तुलना

Textbook Solutions for Class 8 Mathematics Chapter 13 राशियों की तुलना

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