Step-by-Step Textbook Solutions for Class 7 Social Science Chapter 09 लोकतंत्र और समानता
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पातुगत प्रश्न एवं उनके उत्तर
Question 1. आपके क्षेत्र के मतदान केन्द्र के बूथ लेवल अधिकारी (बी.एल.ओ.) से मतदान दिवस के बारे में चर्चा कीजिए। (पृष्ठ73)
Answer: बूथ लेवल अधिकारी के साथ बात करने पर पता चला कि वोटिंग के दिन से 48 घंटे पहले सभी राजनीतिक पार्टियां अपना चुनाव प्रचार बंद कर देती हैं। वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू होती है। चुनाव वाले क्षेत्र में सभी दुकानें, दफ्तर और स्कूल आदि बंद रहते हैं। मतदान केंद्र पर लोग लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। वहां कई कार्यकर्ता व्यवस्था देखते हैं। हर मतदान केंद्र पर एक केबिन या कमरा होता है, जहाँ पर्दा लगाकर वोट डालने के लिए एक निजी जगह बनाई जाती है। लोग अपना वोट गुप्त रूप से डालते हैं। वोट डालने के लिए यह जरूरी है कि मतदाता सूची में उनका नाम हो। मतदाता अपना पहचान पत्र लेकर आते हैं। मतदान अधिकारी सूची में नाम और पहचान पत्र मिलाकर उन्हें लाइन में खड़ा करते हैं। महिला और पुरुष मतदाताओं की लाइनें अलग-अलग होती हैं। सभी मतदान केंद्रों पर कड़ी नजर रखी जाती है ताकि वोटिंग शांति से हो। वोट डालने के बाद सभी मतदाताओं की उंगली पर स्याही का निशान लगाया जाता है, ताकि कोई व्यक्ति दोबारा वोट न डाल सके। शाम 5 बजे मतदान केंद्र बंद हो जाते हैं। लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और सुरक्षा बहुत ज़रूरी होती है।
In simple words: वोटिंग से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार बंद हो जाता है। सुबह 8 बजे वोटिंग शुरू होती है। सभी लोग लाइन में खड़े होकर गुप्त वोट डालते हैं। चुनाव शांति से हो, इसके लिए कड़ी सुरक्षा होती है और वोट डालने के बाद उंगली पर स्याही लगाई जाती है ताकि कोई दोबारा वोट न दे पाए।
🎯 Exam Tip: मतदान प्रक्रिया से जुड़े मुख्य तथ्यों, जैसे चुनाव प्रचार समाप्ति का समय, मतदान का समय, पहचान पत्र की आवश्यकता, और सुरक्षा उपायों को याद रखें।
Question 2. आपके क्षेत्र में आयोजित होने वाले मेले किस प्रकार सामाजिक समानता एवं समरसता को बढ़ाते हैं, शिक्षक के साथ चर्चा कीजिए। (पृष्ठ 74)
Answer: हर गाँव या शहर में अलग-अलग समय पर कई मेले लगते रहते हैं। कुछ मेले तो इतने मशहूर होते हैं कि लोग उन्हें देखने के लिए दूर-दूर से आते हैं। इन मेलों में तरह-तरह के झूले और खेल लोगों का मनोरंजन करते हैं। अलग-अलग राज्यों के व्यापारी अपना सामान बेचने आते हैं, जो लोगों को बहुत पसंद आता है। हम भले ही हर राज्य में घूमने न जा पाएं, लेकिन इन मेलों में हम कई राज्यों की मशहूर चीजें खरीद सकते हैं और वहां के खास व्यंजनों का स्वाद भी ले सकते हैं। ये मेले किसी एक धर्म या समाज के नहीं होते, बल्कि सभी धर्मों और समुदायों के लोग उत्साह से आते हैं। सभी लोग एक जैसे खाद्य पदार्थों का स्वाद लेते हैं और एक साथ मनोरंजन करते हैं। हर व्यक्ति में मेला घूमने का उत्साह एक जैसा होता है। इस तरह, मेले सामाजिक समानता और आपसी तालमेल को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन होते हैं। मेले भारतीय संस्कृति का एक अहम हिस्सा हैं, जहाँ सब मिलकर खुशियाँ मनाते हैं।
In simple words: मेले लोगों को एक साथ लाते हैं। सभी धर्मों और समुदायों के लोग इनमें शामिल होते हैं, एक साथ खाते-पीते और मनोरंजन करते हैं। इससे लोगों में आपसी समानता और भाईचारा बढ़ता है।
🎯 Exam Tip: मेले जैसे सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक समानता और भाईचारे को कैसे बढ़ावा मिलता है, इसे स्पष्ट रूप से समझाएं।
पाठ्य पुसतक के प्रश्नोत्तर
Question 1. (ii) मत देने का अधिकार है
(अ) अमीर को
(ब) पुरुष को
(स) पढ़े लिखे को
(द) सभी वयस्क नागरिकों को।
Answer: (द) सभी वयस्क नागरिकों को।
In simple words: भारत में, जो भी व्यक्ति वयस्क होता है, उसे वोट डालने का अधिकार मिलता है, चाहे वह कोई भी हो।
🎯 Exam Tip: "सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार" की अवधारणा को समझें, जिसका अर्थ है कि सभी वयस्क नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के वोट देने का अधिकार है।
Question 2. स्तम्भ 'अ' को स्तम्भ 'ब' से सुमेलित कीजिए।
स्तम्भ 'अ'
(i) अपने प्रतिनिधि चुने जाने का अधिकार
(ii) व्यवसाय व उपभोग की स्वतंत्रता
(iii) व्यक्ति की प्रतिष्ठा और अवसर की समानता
स्तम्भ 'ब'
(a) आर्थिक लोकतंत्र
(b) सामाजिक लोकतंत्र
(c) राजनीतिक लोकतंत्र
Answer:
| स्तम्भ 'अ' | स्तम्भ 'ब' |
|---|---|
| (i) अपने प्रतिनिधि चुने जाने का अधिकार | (c) राजनीतिक लोकतंत्र |
| (ii) व्यवसाय व उपभोग की स्वतंत्रता | (a) आर्थिक लोकतंत्र |
| (iii) व्यक्ति की प्रतिष्ठा और अवसर की समानता | (b) सामाजिक लोकतंत्र |
In simple words: सही मिलान यह है कि अपने नेता चुनने का हक राजनीतिक लोकतंत्र है, काम करने की आजादी आर्थिक लोकतंत्र है, और सबकी इज्जत व बराबर मौके सामाजिक लोकतंत्र हैं।
🎯 Exam Tip: लोकतंत्र के विभिन्न प्रकारों (राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक) और उनसे संबंधित अधिकारों या अवधारणाओं को स्पष्ट रूप से समझें और याद रखें।
Question 3. 'कानून के शासन' से क्या तात्पर्य है?
Answer: 'कानून के शासन' का मतलब है कि सभी लोगों के लिए कानून एक जैसा है। कानून किसी की पदवी या ओहदे में फर्क नहीं करता। कानून नेता, सरकारी अधिकारी और आम नागरिक, सबको बराबर महत्व देता है। इसका मतलब है कि कानून उन सभी पर एक समान रूप से लागू होता है। इस सिद्धांत से समाज में न्याय और समानता बनी रहती है।
In simple words: कानून का शासन मतलब सब लोग कानून के सामने बराबर हैं। नेता, अधिकारी या आम आदमी, सब पर कानून एक जैसा लगता है।
🎯 Exam Tip: 'कानून का शासन' की परिभाषा में यह बात ज़रूर बताएं कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान है और पद या दर्जे के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता।
Question 4. 'सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार' किसे कहते हैं?
Answer: 'सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार' का मतलब है कि किसी देश के सभी वयस्क नागरिकों को वोट डालने का अधिकार है। इसमें किसी की जाति, धर्म, लिंग, शिक्षा या आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई फर्क नहीं किया जाता। यह लोकतांत्रिक प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सभी नागरिकों को सरकार चुनने में भागीदारी का मौका देता है।
In simple words: 'सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार' का मतलब है कि देश के सभी बड़े (वयस्क) लोग वोट डाल सकते हैं, कोई भेदभाव नहीं होता।
🎯 Exam Tip: इस अवधारणा को समझाते हुए यह ज़रूर बताएं कि यह अधिकार बिना किसी जाति, धर्म, लिंग, या आर्थिक भेदभाव के सभी वयस्कों को मिलता है।
Question 5. 'पंथ निरपेक्षता' क्या है?
Answer: 'पंथ निरपेक्षता' का मतलब है कि भारत में कोई भी धर्म या पंथ सरकारी धर्म के रूप में मान्य नहीं है। यहाँ हर व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार अपना जीवन जीने की पूरी आजादी है। हर व्यक्ति को अपने धर्म या पंथ के हिसाब से काम करने और जीवन बिताने की पूरी स्वतंत्रता है। सरकार सभी धर्मों और पंथों का सम्मान करती है और किसी एक धर्म को बढ़ावा नहीं देती। यह हमारे देश को मजबूत और समावेशी बनाता है।
In simple words: 'पंथ निरपेक्षता' का मतलब है कि सरकार का कोई खास धर्म नहीं होता और वह सभी धर्मों को बराबर मानती है। हर इंसान को अपना धर्म मानने और उसके हिसाब से जीने की आजादी है।
🎯 Exam Tip: पंथ निरपेक्षता का अर्थ बताते हुए, इस बात पर जोर दें कि राज्य का कोई विशेष धर्म नहीं होता और वह सभी धर्मों को समान सम्मान देता है, साथ ही नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है।
Question 6. भारतीय संविधान में समानता के अधिकार को किस प्रकार स्पष्ट किया गया है।
Answer: भारतीय संविधान ने समानता के अधिकार को कई तरीकों से स्पष्ट किया है:
1. सरकार किसी से भी उसके धर्म, जाति, समुदाय, लिंग या जन्म-स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती।
2. दुकान, सिनेमाघर और होटल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर किसी के प्रवेश को रोका नहीं जा सकता।
3. सार्वजनिक कुएँ, तालाब, स्नानागार, सड़क, खेल के मैदान और सार्वजनिक भवनों का इस्तेमाल करने से किसी भी नागरिक को वंचित नहीं किया जा सकता।
4. धर्म, जाति, समुदाय, लिंग और जन्म-स्थान के आधार पर किसी भी नागरिक को कोई व्यवसाय करने से नहीं रोका जा सकता और भेदभाव भी नहीं किया जा सकता।
5. संविधान के अनुसार, छुआछूत या अस्पृश्यता को कानूनी रूप से गलत माना गया है, और यह एक दंडनीय अपराध है।
6. किसी भी सरकारी या सरकारी सहायता पाने वाले शिक्षण संस्थान में किसी नागरिक को धर्म आदि के आधार पर प्रवेश लेने से नहीं रोका जा सकता।
7. सरकार समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करने वाला कोई कानून नहीं बना सकती। ये प्रावधान सभी नागरिकों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करते हैं।
In simple words: संविधान कहता है कि सरकार किसी से भी जाति, धर्म, लिंग या जन्म-स्थान के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकती। सभी सार्वजनिक जगहों पर सबकी बराबर पहुँच है। छुआछूत एक अपराध है।
🎯 Exam Tip: समानता के अधिकार के अंतर्गत आने वाले प्रमुख बिंदुओं को याद रखें, जैसे भेदभाव का निषेध, सार्वजनिक स्थानों तक पहुंच और अस्पृश्यता को अपराध मानना।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. समाज में समानता स्थापित करने के लिए लोकतंत्र आवश्यक है
(अ) राजनीतिक क्षेत्र में
(ब) आर्थिक क्षेत्र में
(स) सामाजिक क्षेत्र में
(द) उपरोक्त सभी क्षेत्रों में।
Answer: (द) उपरोक्त सभी क्षेत्रों में।
In simple words: समाज में समानता लाने के लिए लोकतंत्र राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक, सभी जगहों पर जरूरी है।
🎯 Exam Tip: लोकतंत्र का लक्ष्य केवल राजनीतिक समानता ही नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक समानता भी होता है, इसे हमेशा याद रखें।
Question 3. सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं में प्राथमिकता देती
(अ) अमीर लोगों को
(ब) अधिक पढ़े लिखे लोगों को
(स) व्यापारियों को
(द) विशेष योग्यजनों को।
Answer: (द) विशेष योग्यजनों को।
In simple words: सरकार अपनी योजनाओं में उन लोगों को पहले मौका देती है जिन्हें खास मदद की जरूरत होती है।
🎯 Exam Tip: यह समझें कि सरकार की योजनाएं अक्सर समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए बनाई जाती हैं, ताकि उन्हें समान अवसर मिलें।
Question. निम्न वाक्यों में रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(1) समानता _______ की मुख्य विशेषता है।
(2) छुआछूत या अस्पृश्यता का अनुसरण करना एक _________ अपराध है।
(3) सरकार __________ असमानता को समाप्त करने के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही है।
(4) लोकतान्त्रिक व्यवस्था __________ समानता पर आधारित है।
Answer:
(1) समानता लोकतंत्र की मुख्य विशेषता है।
(2) छुआछूत या अस्पृश्यता का अनुसरण करना एक दण्डनीय अपराध है।
(3) सरकार आर्थिक असमानता को समाप्त करने के लिए अनेक कार्यक्रम चला रही है।
(4) लोकतान्त्रिक व्यवस्था राजनीतिक समानता पर आधारित है।
In simple words: लोकतंत्र में समानता बहुत खास है। छुआछूत करना एक सजा वाला जुर्म है। सरकार पैसे की असमानता कम करने के लिए काम करती है। और राजनीतिक व्यवस्था समानता पर टिकी है।
🎯 Exam Tip: इन वाक्यों में मुख्य अवधारणाओं (जैसे लोकतंत्र, समानता, अस्पृश्यता) को सही शब्दों से जोड़कर याद रखें।
अति लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. समानता का एक अर्थ बताए।
Answer: समानता का एक अर्थ यह है कि हर व्यक्ति से उसकी ज़रूरतों का ध्यान रखते हुए आदर के साथ व्यवहार किया जाए। इसका मतलब है कि सभी को बराबर अवसर मिलें और किसी के साथ जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव न हो।
In simple words: समानता का मतलब है कि हर किसी के साथ उसकी जरूरत के हिसाब से इज्जत से पेश आना।
🎯 Exam Tip: समानता की सरल परिभाषा दें, जिसमें 'आवश्यकता के अनुसार सम्मानजनक व्यवहार' और 'भेदभाव रहित व्यवहार' जैसे मुख्य शब्द शामिल हों।
Question 3. समाज में समानता कैसे स्थापित की जा सकती है?
Answer: समाज में समानता स्थापित करने के लिए यह बहुत जरूरी है कि किसी भी व्यक्ति के साथ उसके धर्म, जाति, समुदाय, लिंग और जन्म-स्थान के आधार पर कोई भेदभाव न हो। सभी को समान अवसर और अधिकार मिलने चाहिए। यह सरकारों, संस्थाओं और व्यक्तियों के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है।
In simple words: समाज में समानता लाने के लिए यह ज़रूरी है कि किसी से भी धर्म, जाति, लिंग या जन्म-स्थान के नाम पर भेदभाव न हो।
🎯 Exam Tip: समानता स्थापित करने के लिए भेदभाव रहित व्यवहार और समान अवसरों के महत्व पर ध्यान दें।
Question 4. छुआछूत के विषय में संविधान की क्या राय है?
Answer: संविधान के अनुसार, छुआछूत या अस्पृश्यता एक गैरकानूनी प्रथा है। इसलिए, यह एक दंडनीय अपराध है। संविधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर अमानवीय व्यवहार न हो।
In simple words: संविधान कहता है कि छुआछूत करना गलत है और यह एक अपराध है जिसके लिए सजा मिल सकती है।
🎯 Exam Tip: छुआछूत के बारे में संविधान की स्थिति को स्पष्ट रूप से बताएं कि यह गैरकानूनी और दंडनीय अपराध है।
Question 5. भारत में मतदान का अधिकार किसे प्राप्त है?
Answer: भारत में मतदान (वोट) का अधिकार उन सभी वयस्क नागरिकों को प्राप्त है जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है। इसका मतलब है कि ऐसे नागरिक सरकार को चुनने के लिए वोट डाल सकते हैं। यह सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का सिद्धांत है।
In simple words: भारत में, जो भी 18 साल या उससे अधिक उम्र का है, उसे वोट डालने का अधिकार है।
🎯 Exam Tip: भारत में मतदान के अधिकार के लिए आयु सीमा (18 वर्ष) को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 6. भारत में कोई भी धर्म या पंथ राजकीय धर्म या पंथ के रूप में मान्य क्यों नहीं है।
Answer: भारत में कोई भी धर्म या पंथ राजकीय धर्म या पंथ के रूप में मान्य नहीं है क्योंकि भारत एक पंथ निरपेक्ष देश है। इसका मतलब है कि राज्य किसी एक धर्म को बढ़ावा नहीं देता, बल्कि सभी धर्मों को समान सम्मान देता है और नागरिकों को अपनी धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है।
In simple words: भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, इसलिए यहाँ किसी भी एक धर्म को सरकार का धर्म नहीं माना जाता।
🎯 Exam Tip: भारत के पंथ निरपेक्ष देश होने का अर्थ बताएं, जिसमें राज्य द्वारा किसी एक धर्म को बढ़ावा न देना शामिल हो।
Question 7. आरक्षण के पीछे क्या उद्देश्य हैं?
Answer: आरक्षण के पीछे मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को विकास के विशेष अवसर देकर उन्हें समाज की मुख्य धारा में बराबरी की स्थिति में लाना है। यह सुनिश्चित करता है कि ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रहे समूहों को शिक्षा और रोजगार में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।
In simple words: आरक्षण का मकसद पिछड़े और वंचित लोगों को खास मौके देकर उन्हें समाज के बाकी लोगों के बराबर लाना है।
🎯 Exam Tip: आरक्षण के मूल उद्देश्य को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें, जिसमें वंचित वर्गों को समान अवसर और मुख्यधारा में शामिल करना शामिल हो।
Question 8. सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं में किसको प्राथमिकता देती है?
Answer: सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं में महिला, वंचित वर्ग, गरीब और विशेष योग्यजनों (यानी विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों) को प्राथमिकता देती है। इसका उद्देश्य समाज के इन कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना और उन्हें विकास के समान अवसर प्रदान करना है।
In simple words: सरकार अपनी योजनाओं में महिलाओं, गरीबों, वंचित लोगों और विशेष जरूरतों वाले व्यक्तियों को सबसे पहले मदद देती है।
🎯 Exam Tip: सरकार द्वारा प्राथमिकता दिए जाने वाले कमजोर वर्गों के समूहों को सही-सही बताएं।
लघूत्तरीय प्रश्न
Question 2. संविधान ने सामाजिक समानता स्थापित करने के लिए क्या प्रयास किए हैं।
Answer: संविधान ने सामाजिक समानता स्थापित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं:
1. किसी भी व्यक्ति को दुकान, सिनेमाघर, होटल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता है।
2. सार्वजनिक कुएँ, तालाब, खेल के मैदान आदि के उपयोग से वंचित नहीं किया जा सकता है।
3. छुआछूत या अस्पृश्यता का पालन करना एक दंडनीय अपराध घोषित किया गया है।
ये सभी कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं कि समाज में कोई भी व्यक्ति अपनी जाति, धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव का सामना न करे।
In simple words: संविधान ने सार्वजनिक जगहों पर सभी की बराबर पहुँच बनाई है और छुआछूत को अपराध माना है, ताकि समाज में कोई भेदभाव न हो।
🎯 Exam Tip: संविधान द्वारा सामाजिक समानता के लिए किए गए प्रयासों को सूचीबद्ध करते समय, सार्वजनिक स्थानों तक पहुँच और अस्पृश्यता को समाप्त करने पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 3. जनहित याचिका से आप क्या समझते हैं?
Answer: हमारे संविधान में समानता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। सरकार समानता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करने वाला कोई कानून नहीं बना सकती और न ही ऐसा कोई निर्णय ले सकती है। यदि कोई नागरिक, संस्था या स्वयं सरकार इस अधिकार का उल्लंघन करती है, तो व्यक्ति अदालत के माध्यम से इसे रोक सकता है। इस प्रकार, अदालत में सार्वजनिक हित के मामलों को उठाना जनहित याचिका (PIL) कहलाता है। यह एक ऐसा तरीका है जिससे कोई भी व्यक्ति या संस्था समाज के बड़े हिस्से के अधिकारों की रक्षा के लिए अदालत जा सकती है।
In simple words: अगर सरकार या कोई व्यक्ति समानता के मौलिक अधिकार को तोड़े, तो लोग अदालत जा सकते हैं। जब लोग आम जनता के फायदे के लिए अदालत जाते हैं, तो उसे जनहित याचिका कहते हैं।
🎯 Exam Tip: जनहित याचिका (PIL) की अवधारणा को समझाएं, जिसमें यह बताया जाए कि यह सार्वजनिक हित के मामलों में अदालत की मदद लेने का एक तरीका है, खासकर जब मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो।
Question 4. आप कैसे कह सकते हैं कि भारत एक पंथ निरपेक्ष देश हैं?
Answer: हम कह सकते हैं कि भारत एक पंथ निरपेक्ष देश है क्योंकि यहाँ कोई भी धर्म या पंथ राजकीय धर्म के रूप में मान्य नहीं है। सभी व्यक्ति अपने मत के अनुसार जीवनयापन करते हैं। हर नागरिक को अपने धर्म या पंथ का पालन करने की पूरी स्वतंत्रता है। सरकार सभी धर्मों और पंथों को बराबर का सम्मान देती है और किसी एक धर्म को विशेष दर्जा नहीं देती। यही पंथ निरपेक्षता का मूल सिद्धांत है।
In simple words: भारत धर्मनिरपेक्ष है क्योंकि इसका कोई सरकारी धर्म नहीं है। सभी लोगों को अपना धर्म मानने की आजादी है और सरकार सभी धर्मों को एक जैसा मानती है।
🎯 Exam Tip: भारत की पंथ निरपेक्षता को साबित करने के लिए मुख्य तर्क यह है कि राज्य का कोई धर्म नहीं है और वह सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान रखता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Question. आरक्षण एवं समानता से आप क्या समाते हैं? इनके महत्व को समझाइए।
Answer: अवसर की समानता सुनिश्चित करने के लिए कुछ व्यक्तियों को विशेष अवसर देना जरूरी होता है। आरक्षण प्रदान करने का मुख्य उद्देश्य समाज के उपेक्षित (वंचित) और पिछड़े वर्गों को विकास के अवसर देकर उनका सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास करना है, ताकि वे उन्नत होकर समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें।
अपनी विभिन्न योजनाओं में सरकार महिला, उपेक्षित वर्ग, गरीब तथा विशेष योग्य व्यक्तियों को प्राथमिकता देती है। आरक्षण का महत्व यह है कि यह ऐतिहासिक रूप से वंचित रहे समुदायों को शिक्षा और रोजगार में समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है, जिससे वे अन्य समुदायों के बराबर आ सकें। यह समाज में वास्तविक समानता लाने का एक महत्वपूर्ण साधन है, क्योंकि केवल कानूनी समानता ही काफी नहीं होती, सामाजिक और आर्थिक समानता भी जरूरी है।
In simple words: आरक्षण का मतलब है कि पिछड़े लोगों को खास मौके देना ताकि वे आगे बढ़ सकें और समाज के बाकी लोगों के बराबर आ जाएं। यह इसलिए जरूरी है ताकि सभी को एक जैसे मौके मिलें और समाज में सच्ची समानता आ सके। सरकार महिलाओं, गरीब और खास जरूरत वाले लोगों को अपनी योजनाओं में सबसे पहले रखती है।
🎯 Exam Tip: आरक्षण के उद्देश्य (वंचित वर्गों का उत्थान, मुख्यधारा में लाना) और समानता स्थापित करने में इसके महत्व को स्पष्ट रूप से बताएं।
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Step-by-Step Textbook Answers: Class 7 Social Science Chapter 09 लोकतंत्र और समानता
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