Download RBSE Solutions for Class 7 Social Science Chapter 10 लैंगिक समझ और संवेदनशीलता
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पातुगत प्रश्न एवं उनके उत्तर
प्रश्न 1. विभिन्न समाज सुधारकों के चित्रों को चार्ट पर चिपका कर उनके कार्यों को लिखिए। (पृष्ठ-77)
Answer: राजा राममोहन राय ने सती प्रथा को रोकने के लिए कानून बनवाया। उन्होंने समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने के लिए ब्रह्म समाज की स्थापना की। उन्होंने शिक्षा और विज्ञान के ज्ञान पर बहुत जोर दिया। उनका मानना था कि शिक्षा से ही हम समाज को बुराइयों से मुक्त कर सकते हैं। शिक्षा हमें सोचने और समझने की शक्ति देती है। स्वामी दयानंद सरस्वती ने महिलाओं की शिक्षा के लिए बहुत अच्छा काम किया और समाज में नई सोच लाने के लिए आर्य समाज की स्थापना की। महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले ने महिलाओं की खराब और दुखभरी स्थिति के लिए आवाज उठाई। उन्होंने महिलाओं के सुधार के लिए भी काम किया।
In simple words: राजा राममोहन राय ने सती प्रथा को रोकने के लिए कानून बनाया और ब्रह्म समाज की स्थापना की। स्वामी दयानंद सरस्वती ने महिला शिक्षा और आर्य समाज पर जोर दिया। महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले ने महिलाओं के सुधार के लिए आवाज उठाई।
🎯 Exam Tip: जब भी समाज सुधारकों के बारे में लिखें, तो उनके प्रमुख योगदान (जैसे किसी प्रथा का उन्मूलन, किसी संस्था की स्थापना या किसी विशेष वर्ग के लिए काम) को स्पष्ट रूप से बताएं।
प्रश्न 2. शिक्षक की सहायता से स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाली महिलाओं की सूची बनाइए। (पृष्ठ-77)
Answer: स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने वाली महिलाओं की सूची इस प्रकार है:
1. रानी लक्ष्मीबाई
2. बेगम हजरत महल
3. एनी बेसेन्ट
4. मैडम भीकाजी कामा
5. कस्तूरबा गाँधी
6. सरोजिनी नायडू
7. विजयलक्ष्मी पंडित
8. अरुणा आसफ अली
9. सुचेता कृपलानी
10. कमला नेहरू
11. दुर्गा बाई देशमुख
12. सावित्री बाई फुले
13. कित्तूर रानी चेन्नमा आदि। इन सभी महिलाओं ने देश की आजादी के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
In simple words: स्वतंत्रता आंदोलन में रानी लक्ष्मीबाई, बेगम हजरत महल, एनी बेसेन्ट, मैडम भीकाजी कामा, कस्तूरबा गाँधी जैसी कई महिलाओं ने भाग लिया और देश को आजाद कराने में मदद की।
🎯 Exam Tip: स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं के योगदान को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी।
प्रश्न 3. शिक्षक की सहायता से निम्नलिखित पदों पर पदस्थापित रही भारत की प्रथम महिलाओं के नाम लिखिए-1. राष्ट्रपति 2. प्रधानमंत्री 3. राज्यपाल 4. मुख्यमंत्री 5. सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश इना (पृष्ठ-80)
Answer: भारत की प्रथम महिलाएँ जो विभिन्न पदों पर रहीं, वे इस प्रकार हैं:
1. राष्ट्रपति - श्रीमती प्रतिभा पाटिल
2. प्रधानमंत्री - श्रीमती इंदिरा गाँधी
3. राज्यपाल- श्रीमती सरोजिनी नायडू
4. मुख्यमंत्री - सुचेता कृपलानी
5. सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश - एम. फातिमा बीबी। इन सभी महिलाओं ने अपने पदों पर रहकर देश के लिए महत्वपूर्ण काम किए और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं।
In simple words: भारत की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी, पहली राज्यपाल सरोजिनी नायडू, पहली मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी और सुप्रीम कोर्ट की पहली न्यायाधीश एम. फातिमा बीबी थीं।
🎯 Exam Tip: भारत की इन पहली महिलाओं के नाम और उनके पद याद रखना सामान्य ज्ञान और परीक्षाओं के लिए बहुत उपयोगी है।
प्रश्न 4. शिक्षक की सहायता से निम्नलिखित क्षेत्रों से सम्बंधित भारतीय महिलाओं की सूची बनाए- (अ) प्रसिद्ध महिला खिलाड़ी (ब) प्रसिद्ध महिला राजनीतिज्ञ (स) अन्य क्षेत्रों में प्रसिद्ध महिलाओं के नाम। (पृष्ठ 80)
Answer: भारतीय महिलाओं की सूची जो विभिन्न क्षेत्रों में प्रसिद्ध हैं:
(अ) प्रसिद्ध महिला खिलाड़ी-एम. सी. मैरीकॉम
(ब) प्रसिद्ध महिला राजनीतिज्ञ-श्रीमती इंदिरा गाँधी
(स) अन्य क्षेत्रों में प्रसिद्ध महिलाओं के नाम:
1. वैज्ञानिक-जानकी अम्मल
2. इंजीनियर (अभियन्ता)-राजेश्वरी चटर्जी
3. अंतरिक्ष यात्री-कल्पना चावला
4. लेखिका-अमृता प्रीतम
5. कवयित्री-महादेवी वर्मा
6. पर्वतारोही-बछेन्द्री पाल
7. अनीता सिंह- विधायक, विधानसभा क्षेत्र नगर
8. रूपा देवी - प्रधान, पंचायत समिति नगर
9. सुनीता गुर्जर - उपप्रधान पंचायत समिति नगर
10. प्रीती अम्बेश - अध्यक्ष नगर पालिका नगर
11. ज्योति शर्मा - कनिष्ठ अभियन्ता, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, नगर
(नोट - विद्यार्थी अपने-अपने क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधियों एवं अन्य क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के नाम लिखें।)। ये सभी महिलाएँ अपने-अपने क्षेत्र में सफल होकर अन्य महिलाओं के लिए मिसाल बनीं।
In simple words: प्रसिद्ध महिला खिलाड़ियों में एम. सी. मैरीकॉम, राजनीतिज्ञों में इंदिरा गाँधी और अन्य क्षेत्रों में जानकी अम्मल (वैज्ञानिक), कल्पना चावला (अंतरिक्ष यात्री) जैसी कई भारतीय महिलाएँ शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न क्षेत्रों में प्रसिद्ध महिलाओं के नाम याद रखें। यह दिखाता है कि महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।
प्रश्न 6. आपके क्षेत्र में सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी प्राप्त कीजिए। (पृष्ठ-82) नर-हमारे क्षेत्र में सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निम्नलिखित योजनाएँ चलाई जा रही हैं।
Answer: हमारे क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं:
1. भामाशाह योजना - इस योजना में परिवार की मुखिया एक महिला को बनाया जाता है।
2. जननी सुरक्षा योजना - यह योजना महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए है।
3. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना - इस कार्यक्रम का लक्ष्य लड़कियों और लड़कों के लिंगानुपात को बराबर लाना है। यह बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करती है।
4. सुकन्या समृद्धि योजना - बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए बचत करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
5. मकान के लिए भूमि आवंटन - गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए मुफ्त में भूमि महिला के नाम पर दी जाती है।
6. बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय चलाना आदि। इसके अलावा, पिछड़े इलाकों में लड़कियों के लिए हॉस्टल स्कूल चलाए जा रहे हैं और महिलाओं को रोजगार के लिए ट्रेनिंग और लोन भी दिए जाते हैं। महिला के नाम पर संपत्ति की रजिस्ट्री पर फीस में छूट मिलती है।
In simple words: सरकार महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए कई योजनाएँ चलाती है, जैसे भामाशाह योजना, जननी सुरक्षा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और सुकन्या समृद्धि योजना। इससे महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक मदद मिलती है।
🎯 Exam Tip: महिला सशक्तीकरण की सरकारी योजनाओं के नाम और उनके मुख्य उद्देश्य याद रखें ताकि आप इन्हें अपने उत्तर में सही से लिख सकें।
पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. सही विकल्प को चुनिए
(i) बालक का पहला शिक्षक होता है
(अ) परिवार
(ब) विद्यालय
(स) मित्र
(द) माता
Answer: (द) माता
In simple words: बच्चे को सबसे पहले उसकी माँ सिखाती है, इसलिए माँ ही बच्चे की पहली शिक्षिका होती है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के सामान्य ज्ञान के प्रश्न में सही उत्तर अक्सर सरल और प्रत्यक्ष होता है।
(ii) मीराबाई प्रसिद्ध हैं
(अ) राजनीति के लिए
(ब) शासन के लिए।
(स) ईश्वर-भक्ति के लिए
Answer: (स) ईश्वर-भक्ति के लिए
In simple words: मीराबाई भगवान कृष्ण की भक्ति के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं, उन्होंने कई भजन भी लिखे हैं।
🎯 Exam Tip: प्रसिद्ध व्यक्तियों के मुख्य कार्यों या पहचान को याद रखना महत्वपूर्ण है।
निम्नलिखित वाक्यों में रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) भामाशाह योजना में परिवार का मुखिया .........होती है।
(ii) .......... ने सती प्रथा के विरुद्ध कानूनी प्रतिबंध लगवाया।
(iii) प्रत्येक जिले में महिला .......... और महिला .......... केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
(iv) ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने .......... के समर्थन में जागरूकता पैदा की।
Answer:
(i) भामाशाह योजना में परिवार का मुखिया महिला होती है।
(ii) राजा राममोहन राय ने सती प्रथा के विरुद्ध कानूनी प्रतिबंध लगवाया।
(iii) प्रत्येक जिले में महिला थाने, सलाह एवं सुरक्षा केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
(iv) ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने विधवा-विवाह के समर्थन में जागरूकता पैदा की। इन रिक्त स्थानों को भरकर हम सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
In simple words: भामाशाह योजना में महिला मुखिया होती है, राजा राममोहन राय ने सती प्रथा रोकी, हर जिले में महिला सुरक्षा केंद्र हैं, और ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने विधवा-विवाह का समर्थन किया।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के संदर्भ और विषय से जुड़ी सटीक जानकारी का उपयोग करें।
प्रश्न 3. प्राचीन काल में समाज में नारी की स्थिति कैसी धी?
Answer: प्राचीन काल में समाज में महिलाओं की स्थिति अच्छी थी। उस समय स्त्री और पुरुष और बच्चों को एक समान माना जाता था। उस दौरान महिलाएँ बहुत पढ़ी-लिखी होती थीं और पुरुषों के साथ बहस में भी भाग लेती थीं, जैसे गार्गी, मैत्रेयी और लोपामुद्रा। कई वैदिक ग्रंथ महिलाओं ने ही लिखे थे। वे राज-काज और युद्ध में भी हिस्सा लेती थीं, जिससे उनकी ताकत का पता चलता है।
In simple words: पुराने समय में महिलाओं की स्थिति अच्छी थी। वे पढ़ी-लिखी होती थीं और पुरुषों के बराबर मानी जाती थीं। वे राज-काज में भी हिस्सा लेती थीं।
🎯 Exam Tip: प्राचीन भारत में महिलाओं की स्थिति की सकारात्मक बातों को याद रखें, जैसे उनकी शिक्षा और समाज में भागीदारी।
प्रश्न 4. लैंगिक संवेदनशीलता से आप क्या समझाते हैं ?
Answer: लैंगिक संवेदनशीलता का मतलब है स्त्री और पुरुष दोनों के प्रति समान भावना रखना। इसे लैंगिक समानता भी कहते हैं। इसका अर्थ है कि लड़के-लड़कियों के पालन-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। दोनों को विकास के समान अवसर मिलने चाहिए। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि किसी भी लिंग के साथ भेदभाव न हो।
In simple words: लैंगिक संवेदनशीलता का मतलब है स्त्री और पुरुष को बराबर समझना। इसका मतलब है कि उनकी परवरिश, पढ़ाई और सेहत में कोई फर्क नहीं करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: लैंगिक संवेदनशीलता की परिभाषा में 'समानता' और 'भेदभाव न करना' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें।
प्रश्न 5. महिला सशक्तीकरण के लिए कौन-कौन से कानून बनाए गए हैं?
Answer: सरकार ने महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए कई कानून बनाए हैं। इनमें दहेज प्रथा निषेध कानून, बाल-विवाह निषेध कानून और सती प्रथा निषेध कानून शामिल हैं। इन कानूनों का पालन न करने पर सजा का प्रावधान भी है। इसके अलावा, महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा को रोकने के लिए भी एक कानून बनाया गया है। पंचायती राज और शहरी निकायों के चुनावों में राजस्थान में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। महिलाओं की समस्याओं को हल करने के लिए राष्ट्रीय और राज्य महिला आयोग भी बनाए गए हैं। सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं के लिए पद आरक्षित किए गए हैं। समान काम के लिए समान मजदूरी का कानून भी बनाया गया है। इससे महिलाओं को अधिक सुरक्षा और अवसर मिलते हैं।
In simple words: महिला सशक्तीकरण के लिए सरकार ने दहेज प्रथा, बाल-विवाह, सती प्रथा और घरेलू हिंसा रोकने के कानून बनाए हैं। चुनावों और सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए सीटें भी आरक्षित की गई हैं।
🎯 Exam Tip: महिला सशक्तीकरण से जुड़े प्रमुख कानूनों और आरक्षण के प्रावधानों को याद रखें, क्योंकि ये महिलाओं के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्रश्न 1. कश्मीर में शासन का संचालन करने वाली महिला थीं
(अ) सुगन्धा
(ब) दिदा
(स) कोटा
(द) उपर्युक्त तीनों
Answer: (द) उपर्युक्त तीनों
In simple words: कश्मीर में सुगन्धा, दिदा और कोटा - ये तीनों महिलाएँ थीं जिन्होंने शासन चलाया।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्न में 'उपर्युक्त तीनों' विकल्प को ध्यान से देखें, क्योंकि यह अक्सर सही होता है जब कई विकल्प सही हों।
प्रश्न 2. महिला शिक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए कार्य किया
(अ) राम मोहन राय ने
(ब) ईश्वर चन्द्र विद्यासागर ने
(स) स्वामी दयानन्द सरस्वती ने
(द) सावित्री बाई फुले ने
Answer: (स) स्वामी दयानन्द सरस्वती ने
In simple words: स्वामी दयानंद सरस्वती ने महिलाओं की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए बहुत काम किया।
🎯 Exam Tip: समाज सुधारकों और उनके प्रमुख योगदानों को याद रखें, खासकर शिक्षा के क्षेत्र में।
प्रश्न 3. किसी भी समाज का उत्थान संभव है जहाँ पर
(अ) पुरुषों का वर्चस्व हो
(ब) महिलाओं का वर्चस्व हो
(स) [अपूर्ण विकल्प]
Answer: किसी भी समाज का उत्थान तभी संभव है जहाँ स्त्री और पुरुष दोनों का समान योगदान हो और किसी एक का वर्चस्व न हो। समाज में सभी को समान अवसर और सम्मान मिलने चाहिए ताकि हर कोई तरक्की कर सके।
🎯 Exam Tip: समाज के उत्थान के लिए लैंगिक समानता और सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है, केवल एक लिंग का वर्चस्व नहीं।
निम्न वाक्यों में रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
प्रश्न 1. हमारे देश में नारी को सम्मान देने की............परम्परा रही हैं।
2. नारी को............का प्रतीक माना गया हैं।
3. भारत में महिलाओं ने राष्ट्रपति,............मुख्यमंत्री और............जैसे उच्च पदों को सुशोभित किया है।
4. महिला संरक्षण और............के लिए अनेक कानून और योजनाएँ बनाई गई हैं।
Answer:
1. हमारे देश में नारी को सम्मान देने की गौरवशाली परम्परा रही हैं।
2. नारी को शक्ति का प्रतीक माना गया हैं।
3. भारत में महिलाओं ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री और न्यायाधीश जैसे उच्च पदों को सुशोभित किया है।
4. महिला संरक्षण और सशक्तीकरण के लिए अनेक कानून और योजनाएँ बनाई गई हैं। ये रिक्त स्थान महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका और समाज में उनके स्थान को दर्शाते हैं।
In simple words: हमारे देश में महिलाओं को हमेशा सम्मान दिया जाता रहा है, उन्हें शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री जैसे बड़े पद संभाले हैं, और सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए कई कानून और योजनाएँ बनाई हैं।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, सही शब्द चुनने के लिए पूरे वाक्य का अर्थ और संदर्भ समझें।
अति लघूत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. बालक की पहली शिक्षक कौन हैं?
Answer: बालक की पहली शिक्षक उसकी माता हैं। माँ ही बच्चे को जीवन के शुरुआती पाठ सिखाती है।
In simple words: बच्चे को सबसे पहले उसकी माँ ही पढ़ाती है।
🎯 Exam Tip: यह एक सीधा प्रश्न है; इसका उत्तर सरल और स्पष्ट होना चाहिए।
प्रश्न 2. नारी ने अपने कौन से गुणों से परिवार, समाज और राष्ट्र को समुन्नत किया है?
Answer: नारी ने अपने त्याग, प्रेरणा, क्षमा, सहिष्णुता, प्रेम और ममता जैसे गुणों से परिवार, समाज और राष्ट्र को उन्नत बनाया है। ये गुण समाज में शांति और सद्भाव को बढ़ाते हैं।
In simple words: नारी ने त्याग, प्रेरणा, क्षमा, प्रेम जैसे गुणों से परिवार, समाज और देश को अच्छा बनाया है।
🎯 Exam Tip: महिलाओं के सकारात्मक गुणों को याद रखें जो परिवार और समाज के विकास में मदद करते हैं।
प्रश्न 3. मध्यकाल में नारी को किन कुप्रथाओं से पीड़ित होना पड़ा?
Answer: मध्यकाल में महिलाओं को बाल विवाह, सती प्रथा, पर्दा प्रथा और दहेज प्रथा जैसी कई बुरी रस्मों का सामना करना पड़ा। इन प्रथाओं से महिलाओं का जीवन बहुत कठिन हो गया था।
In simple words: मध्यकाल में महिलाओं को बाल विवाह, सती प्रथा, पर्दा प्रथा और दहेज प्रथा जैसी गलत रस्मों से परेशानी हुई।
🎯 Exam Tip: मध्यकाल की प्रमुख कुप्रथाओं को याद रखें जिनके कारण महिलाओं को कष्ट उठाना पड़ा।
प्रश्न 4. राजस्थान में पंचायतों एवं नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए कितने प्रतिशत स्थान आरक्षित किए गए हैं?
Answer: राजस्थान में पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत स्थान आरक्षित किए गए हैं। यह आरक्षण महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भाग लेने में मदद करता है।
In simple words: राजस्थान में पंचायतों और शहरों की संस्थाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें पक्की की गई हैं।
🎯 Exam Tip: आरक्षण का प्रतिशत याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर स्थानीय निकायों के लिए।
प्रश्न 5. बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए धन जुटाने हेतु कौन-सी योजना प्रारम्भ की गई है?
Answer: बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए धन जुटाने हेतु सुकन्या समृद्धि योजना प्रारम्भ की गई है। इस योजना से माता-पिता अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचत कर सकते हैं।
In simple words: लड़कियों की अच्छी पढ़ाई के लिए पैसे जमा करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की गई है।
🎯 Exam Tip: लड़कियों की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के नाम और उनके उद्देश्य याद रखें।
लघुत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. हमारी सांस्कृतिक धारणा नारी के लिए किस प्रकार की है?
Answer: हमारी सांस्कृतिक धारणा यह है कि जिस घर में महिला के साथ अच्छा और सम्मानजनक व्यवहार होता है, वहीं देवी-देवता निवास करते हैं। ऐसे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। लेकिन जिस घर में महिला के साथ अच्छा व्यवहार नहीं होता, वहाँ सुख-शांति और समृद्धि की कमी होती है और उस परिवार का विकास रुक जाता है। यह सोच महिलाओं के महत्व को दर्शाती है।
In simple words: हमारी संस्कृति मानती है कि जिस घर में महिला का सम्मान होता है, वहाँ खुशहाली और तरक्की आती है। अगर सम्मान नहीं होता, तो घर का विकास रुक जाता है।
🎯 Exam Tip: सांस्कृतिक धारणाओं को समझाते समय, महिलाओं के प्रति सम्मान और उसके परिणामों पर जोर दें।
प्रश्न 2. मध्यकाल में भारतीय नारी की सामाजिक स्थिति में क्या गिरावट आई
Answer: मध्यकाल में भारत में लड़के और लड़कियों के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मामलों में अंतर किया जाने लगा। लड़कियों को पढ़ाई से दूर रखा गया। बाल विवाह, सती प्रथा, पर्दा प्रथा और दहेज प्रथा जैसी कई बुरी रस्मों ने उन्हें बहुत परेशान किया। महिलाओं में पुरुषों पर निर्भरता बढ़ गई और उन्हें घर के कामों तक ही सीमित कर दिया गया, जिससे उनकी स्थिति बहुत खराब हो गई।
In simple words: मध्यकाल में महिलाओं की पढ़ाई और सेहत पर कम ध्यान दिया गया। उन्हें बाल विवाह, सती प्रथा और दहेज जैसी बुरी रस्मों का सामना करना पड़ा, और वे पुरुषों पर अधिक निर्भर हो गईं।
🎯 Exam Tip: मध्यकाल में महिलाओं की स्थिति में गिरावट के कारणों को स्पष्ट रूप से बताएं, जैसे कुप्रथाएँ और लिंग-आधारित भेदभाव।
प्रश्न 3. 19वीं शताब्दी में नारी की स्थिति में सुधार के लिए क्या प्रयास किए गए?
Answer: 19वीं शताब्दी में समाज सुधारकों ने महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कई प्रयास किए। राजा राममोहन राय ने सती प्रथा के खिलाफ कानून बनवाया। ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने विधवाओं के पुनर्विवाह का समर्थन करने के लिए लोगों में जागरूकता फैलाई, और इस संबंध में कानून भी बनाए गए। महिला शिक्षा और उत्थान के लिए भी बहुत काम किए गए, जिससे समाज में बदलाव आया।
In simple words: 19वीं सदी में राजा राममोहन राय ने सती प्रथा पर रोक लगवाई और ईश्वरचंद्र विद्यासागर ने विधवा विवाह को बढ़ावा दिया। महिलाओं की शिक्षा और भलाई के लिए भी बहुत प्रयास हुए।
🎯 Exam Tip: समाज सुधारकों के प्रयासों को विशिष्ट उदाहरणों (जैसे सती प्रथा और विधवा-विवाह) के साथ जोड़कर बताएं।
प्रश्न 4. स्त्रियों के कम शिक्षित होने के क्या कारण हैं?
Answer: कई लड़कियाँ गरीबी, पढ़ाई की सुविधाओं की कमी और अन्य कारणों से स्कूल छोड़ देती हैं। खासकर पिछड़े वर्ग, आदिवासी और मुस्लिम लड़कियों की बड़ी संख्या स्कूल बीच में ही छोड़ देती है। इसके अलावा, पुरानी सोच के कारण भी लड़कियों को कई काम और व्यवसाय की पढ़ाई और ट्रेनिंग लेने के लिए परिवार का साथ नहीं मिल पाता। इससे उनका भविष्य प्रभावित होता है।
In simple words: लड़कियाँ गरीबी, स्कूल की कमी और पुरानी सोच के कारण कम पढ़ पाती हैं। पिछड़े और कुछ खास समुदायों में लड़कियाँ बीच में ही स्कूल छोड़ देती हैं।
🎯 Exam Tip: महिलाओं की कम शिक्षा के कारणों को सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक पहलुओं में बाँटकर समझाएँ।
प्रश्न 6. महिलाओं द्वारा नारी उत्थान के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
Answer: महिलाओं ने पारिवारिक और सार्वजनिक जीवन में बराबरी की मांग उठाई है। महिला संगठनों ने समाज, सरकार और न्यायालय का ध्यान इस ओर खींचा है। जहाँ भी महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन होता है, वहाँ आवाज उठाई जाती है। उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास भी किया जाता है। विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की मांग उठाई जा रही है। महिला संरक्षण और सशक्तीकरण के लिए कई कानून और योजनाएँ भी बनाई गई हैं। इन प्रयासों के कारण अब महिलाओं के लिए अपने खिलाफ गलत सोच और व्यवहार के विरुद्ध लड़ना आसान हो गया है, जिससे उनके जीवन में सुधार आ रहा है।
In simple words: महिलाएँ अब हर जगह बराबरी की मांग कर रही हैं। महिला संगठनों ने उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाई है। कानून और सरकारी योजनाओं ने महिलाओं को मजबूत बनाया है, जिससे वे गलत व्यवहार के खिलाफ लड़ सकती हैं।
🎯 Exam Tip: नारी उत्थान के लिए महिलाओं द्वारा किए गए प्रयासों में उनकी सक्रिय भागीदारी, कानूनी समर्थन और सामाजिक जागरूकता को शामिल करें।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. लिंग भेद और लैंगिक भेद में क्या अंतर है?
Answer: लिंग भेद स्त्री और पुरुष की शारीरिक बनावट पर आधारित जैविक अंतर है, जो उनके जन्म से ही होता है। यह एक प्राकृतिक अंतर है और सभी जगह व हर समय समान होता है। दूसरी ओर, लैंगिक भेद को लैंगिक असमानता भी कहते हैं। यह समाज द्वारा बनाए गए नियमों और सोच पर आधारित होता है। जैसे, यह सोचना कि घर के सभी काम सिर्फ महिलाओं की जिम्मेदारी हैं, यह लैंगिक भेद का एक उदाहरण है। स्त्री और पुरुष के अधिकारों, अवसरों और जिम्मेदारियों में असमानता लैंगिक भेद है। यह सोच सामाजिक-सांस्कृतिक रूप से बनती है और समय तथा स्थान के साथ बदलती रहती है। कई सामाजिक मूल्य और पुरानी सोच लैंगिक भेद को हमारे जैविक अंतर से जोड़ देते हैं। लिंग भेद प्राकृतिक है, जबकि लैंगिक भेद सामाजिक निर्माण है।
In simple words: लिंग भेद शरीर के आधार पर होता है (जैसे लड़का-लड़की), जो प्राकृतिक है। लैंगिक भेद समाज की सोच पर आधारित होता है (जैसे घर के काम सिर्फ महिलाएँ करेंगी), जो सामाजिक होता है और बदल सकता है।
🎯 Exam Tip: लिंग भेद (Sex) को जैविक और प्राकृतिक अंतर के रूप में, जबकि लैंगिक भेद (Gender) को सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से निर्मित अंतर के रूप में स्पष्ट करें।
प्रश्न 2. समाज में प्रचलित लैंगिक भेद के विभिन्न रूपों का वर्णन करो।
Answer: समाज में लैंगिक भेद कई रूपों में दिखता है। इसका मुख्य रूप श्रम विभाजन है। लड़के और लड़कियों को बचपन से ही यह सिखाया जाता है कि महिलाओं का मुख्य काम घर के सभी काम करना और बच्चों का पालन-पोषण करना है। महिलाएँ और लड़कियाँ दूर-दूर से पानी और लकड़ी लाती हैं। वे खेतों में पौधे लगाने, खरपतवार निकालने, फसल काटने और जानवरों की देखभाल भी करती हैं। फिर भी जब हम किसान के बारे में सोचते हैं, तो हमें एक पुरुष किसान की तस्वीर ही याद आती है, महिला किसान की नहीं। महिलाओं के काम को अक्सर कम महत्व दिया जाता है और उन्हें मजदूरी भी कम मिलती है, जबकि असल में महिलाएँ पुरुषों से ज्यादा काम करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी महिलाएँ पुरुषों से कम हैं। आज भले ही लड़कियों की शिक्षा बढ़ी है, पर कई लड़कियाँ गरीबी, सुविधाओं की कमी या अन्य कारणों से स्कूल छोड़ देती हैं। यह भी माना जाता है कि पुरानी सोच के कारण लड़कियों को पढ़ाई पूरी करने और नौकरी के लिए परिवार का साथ नहीं मिल पाता। ये सभी बातें लैंगिक भेद को दर्शाती हैं।
In simple words: समाज में लैंगिक भेद श्रम विभाजन, जहाँ महिलाओं को घर के काम और बच्चों की देखभाल का मुख्य काम सौंपा जाता है। महिलाएँ खेती और पानी लाने जैसे कई काम भी करती हैं, पर उन्हें कम पहचान और मजदूरी मिलती है। शिक्षा में भी लड़कियाँ लड़कों से पीछे रह जाती हैं क्योंकि उन्हें परिवार का पूरा सहयोग नहीं मिलता।
🎯 Exam Tip: लैंगिक भेद के विभिन्न रूपों का वर्णन करते समय श्रम विभाजन, मजदूरी में अंतर और शिक्षा में असमानता जैसे बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें।
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