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Detailed Chapter 8 समाज और हमारे दायित्व RBSE Solutions for Class 7 Social Science
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Class 7 Social Science Chapter 8 समाज और हमारे दायित्व RBSE Solutions PDF
8 समाज और हमारे दायित्व
पातुगत प्रश्न एवं उनके उत्तर
Question 1. सोचिए, यदि आपको कुछ दिन निर्जन स्थान पर अकेले में जीवन बिताना पड़े, तो आपको कौन-सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है और आपको कैसा अनुभव होगा? (पृष्ठ 66)
Answer: मनुष्य स्वभाव से ही एक सामाजिक प्राणी है, इसलिए वह समाज के बिना अकेला नहीं रह सकता। यदि किसी कारणवश मुझे कुछ दिन निर्जन स्थान पर अकेले रहना पड़े, तो यह मेरे लिए सबसे कठिन समय होगा। भोजन, कपड़े और यात्रा जैसी बुनियादी ज़रूरतों को पूरा करना बहुत मुश्किल हो जाएगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसी जगह बीमार पड़ जाए, तो डॉक्टर और दवाएँ मिलना असंभव होगा। एकाकी जीवन जीना मनुष्यों के लिए स्वाभाविक नहीं है। यह समय मेरे लिए बहुत कष्टप्रद होगा क्योंकि मनुष्य एक-दूसरे के सहयोग से ही अपना जीवन सफलतापूर्वक चला पाता है।
In simple words: अकेले निर्जन स्थान पर रहना बहुत मुश्किल होगा क्योंकि मनुष्य सामाजिक प्राणी है और उसे अपनी जरूरतों के लिए दूसरों की मदद चाहिए होती है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में अपनी कल्पना का उपयोग करते हुए व्यावहारिक कठिनाइयों और भावनात्मक अनुभवों दोनों का उल्लेख करें, जैसे भोजन, सुरक्षा, बीमारी और अकेलापन महसूस करना।
Question 2. आप जिस प्रकार के सामाजिक परिवेश में रह रहे हैं, उस पर अपने साथियों से विचार करके एक लेख लिखिए। (पृष्ठ 66)
Answer: हम स्वतंत्र भारत के नागरिक हैं और हमारा समाज लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रसिद्ध है। आज का हमारा सामाजिक वातावरण बहुत अच्छा और सामंजस्यपूर्ण है। यहाँ सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर प्रेम और शांति से रहते हैं। पुरानी कुप्रथाएँ, जैसे जातिवाद, दहेज और छुआछूत, अब स्वीकार्य नहीं हैं और उनका विरोध किया जाता है। समाज के सभी सदस्य शिक्षा प्राप्त करने के लिए उत्सुक हैं। ईमानदारी, कड़ी मेहनत और लगन से काम करना सभी का मुख्य कर्तव्य माना जाता है, जिससे समाज में एकता और प्रगति बनी रहती है।
In simple words: हमारा समाज लोकतांत्रिक, सामंजस्यपूर्ण है, जहाँ पुरानी बुराइयों का विरोध होता है और सभी लोग शिक्षा, ईमानदारी व कड़ी मेहनत को महत्व देते हैं।
🎯 Exam Tip: अपने लेख में सामाजिक एकता, शिक्षा के महत्व और पुरानी कुरीतियों के प्रति विरोध जैसे सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 3. आप अपने परिवेश में अनुशासनहीनता सम्बन्धी जिन गतिविधियों को देखते हैं, उनकी एक सूची बनाइए। (पृष्ठ 68)
Answer: अपने परिवेश में हम निम्न अनुशासनहीनता संबंधी गतिविधियाँ देखते हैं-
1. यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन चलाना।
2. दीवारों पर लिखना तथा पोस्टर चिपकाना।
3. देर रात तक जोर-जोर से संगीत बजाना।
4. नशा कर हुड़दंग मचाना।
5. सार्वजनिक सुविधाओं, जैसे ट्रेन, बस, बस-स्टैंड, उद्यान आदि में तोड़फोड़ करना, सुविधाओं का दुरुपयोग करना या चोरी करना। ये गतिविधियाँ न केवल अव्यवस्था पैदा करती हैं बल्कि समाज की प्रगति में भी बाधा डालती हैं।
In simple words: लोग यातायात नियम तोड़ते हैं, दीवारों पर लिखते हैं, तेज संगीत बजाते हैं, नशा करके हंगामा करते हैं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हैं।
🎯 Exam Tip: ऐसे उदाहरणों का उपयोग करें जो सामान्य हों और जिन्हें छात्र आसानी से पहचान सकें, जैसे सड़क सुरक्षा या सार्वजनिक संपत्ति का अनादर।
Question. अपने शिक्षक की सहायता से विद्यालय और अपने गाँव/मोहल्ले में सामाजिक दायित्वों का बोध करवाने वाले नारे लिखिए। (पृष्ठ 70)
Answer:
1. पढ़ी-लिखी लड़की रोशनी घर की।
2. बेटी पढ़ाओ देश बचाओ।
3. भ्रूण हत्या महापाप।
4. रक्तदान महादान।
5. शिक्षा हर बच्चे का अधिकार।
6. स्वच्छ भारत, उन्नत भारत।
7. नागरिकों तथा प्रशासन की सहायता करें। प्राकृतिक धरोहर वन, झील और नदियों की रक्षा और संवर्धन करें।
8. एक कदम स्वच्छता की ओर।
9. जागो ग्राहक जागो। समाज में जागरूकता लाने के लिए ये नारे बहुत प्रभावी हो सकते हैं।
In simple words: सामाजिक जिम्मेदारी सिखाने वाले नारे हैं जैसे 'बेटी पढ़ाओ', 'रक्तदान महादान', 'स्वच्छ भारत', 'शिक्षा सबका अधिकार', 'पर्यावरण बचाओ' और 'जागो ग्राहक जागो'।
🎯 Exam Tip: नारों को छोटा, प्रभावशाली और याद रखने योग्य बनाएँ, जो लोगों को तुरंत संदेश दे सकें।
पाठ्य-पुस्तके के प्रश्नोत्तर
Question 1. (i) निम्नलिखित में से जो बात सत्य है, वह है
(अ) मनुष्य स्वभाव से ही एक सामाजिक प्राणी हैं।
(ब) आवश्यकता मनुष्य को सामाजिक प्राणी बनाती हैं।
(स) समाज व्यक्तित्व का विकास करता है।
(द) उपर्युक्त तीनों ही।
Answer: (द) उपर्युक्त तीनों ही।
In simple words: मनुष्य जन्म से ही सामाजिक होता है, उसकी ज़रूरतें उसे समाज से जोड़ती हैं, और समाज में रहकर ही उसका पूरा विकास होता है।
🎯 Exam Tip: ऐसे बहुविकल्पीय प्रश्नों में, सभी विकल्पों को ध्यान से पढ़ें और देखें कि क्या उनमें से कोई एक विकल्प अन्य सभी को समाहित करता है।
Question 1. (ii) समाज के सदस्यों का दृष्टिकोण और सामाजिक व्यवस्थाएँ होनी चाहिए
(अ) लोकतांत्रिक
(ब) समानतावादी
(स) मानवतावादी
(द) उपर्युक्त तीनों ही।
Answer: (द) उपर्युक्त तीनों ही।
In simple words: समाज के लोगों की सोच और समाज के नियम ऐसे होने चाहिए जो सबके लिए बराबर हों, सबको आजादी दें और इंसानों की भलाई के लिए हों।
🎯 Exam Tip: एक स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के लिए ये तीनों मूल्य (लोकतांत्रिक, समानतावादी, मानवतावादी) बहुत महत्वपूर्ण हैं।
Question 3. मनुष्य को समाज की आवश्यकता क्यों है?
Answer: मनुष्य में स्वभाव से ही सहयोग और एक-दूसरे के साथ रहने की भावना होती है। वह समाज से अलग रहकर अकेला नहीं रह सकता और न ही अकेला अपनी सभी ज़रूरतें पूरी कर सकता है। मनुष्य भोजन, आवास, कपड़े जैसी अपनी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने के लिए समाज के अन्य सदस्यों की सहायता लेता है। अपनी सुरक्षा और ज़रूरतों को पूरा करने के लिए मनुष्य को समाज की आवश्यकता होती है। यह मानव विकास के लिए बहुत ज़रूरी है।
In simple words: मनुष्य को समाज की ज़रूरत इसलिए है क्योंकि वह अकेला अपनी सभी ज़रूरतें पूरी नहीं कर सकता और उसे सुरक्षा व सहयोग के लिए दूसरों की आवश्यकता होती है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय मानव की मूलभूत आवश्यकताओं और सामाजिक सहभागिता पर जोर दें।
Question 4. हम किस प्रकार प्रशासन की सहायता कर सकते हैं?
Answer: समाज में कई ऐसे काम होते हैं जो देश और समाज की तरक्की में रुकावट डालते हैं, जैसे नकली या मिलावटी सामान बेचना, रिश्वत लेना, अफवाहें फैलाना, और हिंसा करना। एक जागरूक नागरिक के तौर पर हमारा पहला कर्तव्य है कि हम ऐसे कामों की जानकारी प्रशासन को दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करें। इसके अलावा, भूकंप या बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय नागरिकों और प्रशासन की सहायता करें, तथा यातायात के नियमों का पालन करें। यह नागरिकों की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।
In simple words: हम प्रशासन को गलत कामों की जानकारी देकर, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करके, आपदाओं में सहायता करके और यातायात नियमों का पालन करके सहायता कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रशासन की सहायता करने के लिए अपनी जिम्मेदारियों को याद रखें, जैसे कि सूचना देना, नियमों का पालन करना और आपात स्थिति में सहयोग करना।
Question 5. विरोध जताने के तरीके कैसे होने चाहिए?
Answer: लोकतंत्र में सभी को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन हमारे विरोध जताने का तरीका सभ्य और लोकतांत्रिक होना चाहिए। हमें अपने विचार संयम और तर्क के साथ रखने चाहिए तथा विरोध जताने के लिए हिंसा, उत्तेजना या अश्लील आचरण से बचना चाहिए। ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिससे देश या समाज की प्रगति रुक जाए। प्रदर्शन हमेशा शांतिपूर्ण और रचनात्मक होने चाहिए।
In simple words: हमें शांतिपूर्ण और तर्कसंगत तरीके से विरोध करना चाहिए। हिंसा या ऐसे काम करने से बचना चाहिए जिनसे समाज को नुकसान पहुँचे।
🎯 Exam Tip: विरोध के लोकतांत्रिक सिद्धांतों को उजागर करें, जिसमें अहिंसा, तर्कसंगतता और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुँचाना शामिल है।
Question 6. जागरूक मतदाता की विशेषताएँ बताइए।
Answer: वह नागरिक जो अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूक रहता है और अपने कर्तव्यों का पालन स्वयं करता है, राजनीतिक रूप से जागरूक कहलाता है। ऐसा मतदाता मतदान करते समय उम्मीदवार की योग्यता, उसके कार्यक्रमों और नीतियों पर विचार करता है, न कि केवल भावनाओं या दबाव पर।
In simple words: जागरूक मतदाता वह होता है जो अपने अधिकारों और कर्तव्यों को जानता है और अपने निर्णय सोच-समझकर लेता है।
🎯 Exam Tip: एक जागरूक मतदाता केवल मतदान नहीं करता, बल्कि वह राजनीतिक प्रक्रिया को समझता है और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाता है।
निम्न वाक्यों में रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
Question. निम्न वाक्यों में रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(1) समाज सामाजिक सम्बन्धों की एक ______ है।
(2) व्यक्ति और समाज एक दूसरे के ______ हैं।
(3) व्यक्ति को समाज के प्रति कर्तव्यों का ______ करने में सक्षम बनाना समाज का कर्तव्य है।
(4) भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए ______ जागरूकता जरूरी है।
Answer:
(1) व्यवस्था
(2) पूरक
(3) निर्वाह
(4) राजनीतिक। यह सभी शब्द समाज और व्यक्ति के बीच के महत्वपूर्ण संबंधों को दर्शाते हैं।
In simple words: खाली जगहों में 'व्यवस्था', 'पूरक', 'निर्वाह' और 'राजनीतिक' शब्द भरें ताकि वाक्य समाज और व्यक्ति के रिश्तों को सही ढंग से बता सकें।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और संदर्भ को ध्यान में रखें ताकि सही शब्द का चयन हो सके।
अति लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. समाज में मनुष्य के व्यक्तित्व का विकास किस प्रकार होता है?
Answer: समाज व्यक्ति की छिपी हुई शक्तियों को विकसित और नियंत्रित करता है। समाज में रहकर ही हमारा दृष्टिकोण, विश्वास और आदर्श ठीक से आकार लेते हैं। यह एक ऐसा मंच प्रदान करता है जहाँ व्यक्ति अपने गुणों को निखार सकता है।
In simple words: समाज मनुष्य की अंदरूनी ताकतों को बाहर लाता है और उसे सही सोच, विश्वास और आदर्श देता है।
🎯 Exam Tip: इस उत्तर में यह बताएं कि समाज कैसे व्यक्ति के विचार, व्यवहार और व्यक्तित्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Question 2. मनुष्य किन परिस्थितियों में समाज विरोधी बन जाता है?
Answer: जब मनुष्य की स्वतंत्रता का हनन होता है, तब वह स्थिति उसके लिए दमनकारी और कष्टदायक होती है। इन परिस्थितियों में वह समाज विरोधी बन जाता है। उसे लगता है कि समाज उसकी प्रगति में बाधा डाल रहा है।
In simple words: जब किसी व्यक्ति की आजादी छीन ली जाती है या उसे दबाया जाता है, तो वह समाज के खिलाफ हो जाता है।
🎯 Exam Tip: स्वतंत्रता के हनन और दमन जैसे की-वर्ड्स पर ध्यान केंद्रित करें जो व्यक्ति को समाज से विमुख कर सकते हैं।
Question 3. समाज की व्यवस्थाएँ कैसी होनी चाहिए?
Answer: समाज की व्यवस्थाएँ व्यक्ति के विकास में सहायक होनी चाहिए। वे ऐसी होनी चाहिए जो हर किसी को आगे बढ़ने का मौका दें और उनके अधिकारों की रक्षा करें, जिससे एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज का निर्माण हो।
In simple words: समाज के नियम और कानून ऐसे होने चाहिए जो लोगों को बढ़ने में मदद करें और सबको बराबर अवसर दें।
🎯 Exam Tip: व्यक्ति के सर्वांगीण विकास और सामाजिक न्याय को समाज की व्यवस्थाओं के मुख्य उद्देश्य के रूप में रेखांकित करें।
Question 4. हम किस प्रकार अपनी व समाज की उन्नति कर सकते हैं?
Answer: एकता, भ्रातृत्व भाव और सह-अस्तित्व की भावना से जीवन बिताते हुए ही हम अपनी और समाज की उन्नति कर सकते हैं। जब हम सब मिल-जुलकर रहते हैं और एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, तभी सबका विकास संभव होता है।
In simple words: हम सब मिलकर, भाईचारे और एक-दूसरे के साथ रहकर ही अपनी और समाज की तरक्की कर सकते हैं।
🎯 Exam Tip: एकता, भाईचारा और सह-अस्तित्व जैसे मूल्यों को अपनी उन्नति और समाज की प्रगति के लिए अनिवार्य बताएं।
लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. हम समाज को स्वस्थ एवं विकास-उन्मुख कैसे बना सकते हैं?
Answer: समाज को स्वस्थ और विकास-उन्मुख बनाने के लिए, हमें समाज में फैली पुरानी रूढ़ियों को समाप्त करना होगा और कई सुधार करने होंगे। व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाली और महिलाओं का असम्मान करने वाली दहेज जैसी कुप्रथाओं को खत्म करना होगा। एकता, भाईचारे और सह-अस्तित्व की भावना से जीवन बिताते हुए ही हम अपनी और समाज की उन्नति कर सकते हैं। यह सब मिलकर एक मजबूत और प्रगतिशील समाज का निर्माण करेगा।
In simple words: हमें समाज की पुरानी गलत रीतियों को खत्म करना होगा, जैसे दहेज और महिलाओं का असम्मान। एकता और भाईचारे से रहकर ही हम समाज को स्वस्थ और प्रगतिशील बना सकते हैं।
🎯 Exam Tip: समाज सुधार के लिए मुख्य बिंदुओं पर ध्यान दें, जैसे पुरानी कुप्रथाओं का उन्मूलन, व्यक्ति की गरिमा का सम्मान और भाईचारे को बढ़ावा देना।
Question 2. जनसंचार के माध्यम हमारे लिए क्यों उपयोगी हैं?
Answer: दूरदर्शन, रेडियो, समाचार-पत्र और पत्रिकाएँ जैसे जनसंचार के माध्यमों के उपयोग से हमारे ज्ञान का विस्तार होता है और हमारी राजनीतिक जागरूकता बढ़ती है। समाचारों के साथ हमें विद्वानों के विचार सुनने और पढ़ने को मिलते हैं। इससे हमें यह भी प्रेरणा मिलती है कि हमें क्या करना चाहिए। ये माध्यम समाज को शिक्षित और सूचित करने में बहुत मदद करते हैं।
In simple words: जनसंचार के साधन जैसे टीवी, रेडियो और अखबार हमारे ज्ञान को बढ़ाते हैं, हमें राजनीति की जानकारी देते हैं और हमें सही काम करने की प्रेरणा देते हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंचार माध्यमों के शैक्षिक, राजनीतिक और प्रेरणादायक पहलुओं पर जोर दें, जो उनके महत्व को बताते हैं।
Question 3. हमारा संविधान हमसे क्या अपेक्षा करता है?
Answer: हमारा संविधान हमसे अपेक्षा करता है कि हम भारतीय संस्कृति और परम्पराओं का महत्व समझें और उनके स्वस्थ व गौरवशाली स्वरूप की रक्षा करें। हमें देश के महापुरुषों और राष्ट्रीय आदर्शों का सम्मान करना चाहिए, साथ ही राष्ट्रीय धरोहरों और स्मारकों की रक्षा भी करनी चाहिए। यह हमें एक जिम्मेदार नागरिक बनाता है।
In simple words: हमारा संविधान चाहता है कि हम अपनी संस्कृति और परम्पराओं का सम्मान और रक्षा करें। हमें देश के महान लोगों और राष्ट्रीय स्मारकों का भी सम्मान करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: संविधान से जुड़ी अपेक्षाओं में सांस्कृतिक विरासत का सम्मान, राष्ट्रीय नायकों का आदर और धरोहरों की सुरक्षा जैसे मुख्य बिंदुओं को शामिल करें।
Question 4. हम अपने वातावरण में स्वच्छता किस प्रकार बनाए रख सकते हैं?
Answer: वातावरण में स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि हम घर, मोहल्लों और अन्य सभी सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखें और कचरे को सही जगह पर डालें। पॉलिथीन की थैलियों का प्रयोग न करें, उनके स्थान पर कागज व कपड़े से बने थैले ही काम में लें। यह छोटे-छोटे कदम मिलकर एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण का निर्माण करेंगे।
In simple words: हमें अपने घर, मोहल्ले और सभी सार्वजनिक जगहों को साफ रखना चाहिए, कचरा कूड़ेदान में डालना चाहिए और पॉलिथीन की जगह कपड़े या कागज के थैले इस्तेमाल करने चाहिए।
🎯 Exam Tip: स्वच्छता के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयासों पर ध्यान दें, जैसे उचित कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के उपयोग से बचना।
Question 6. हम समाज में सेवाभाव कैसे ला सकते हैं?
Answer: समाज में सेवाभाव लाने के लिए आवश्यक है कि हम सभी प्राणियों के प्रति दयाभाव रखें। हमें संकटग्रस्त लोगों, निराश्रितों, वृद्धों और बच्चों की मदद करनी चाहिए। समय-समय पर अस्पताल, अनाथालय, वृद्धाश्रम और गरीबों की बस्तियों में अपनी सेवा व सहयोग प्रदान करें। दूसरों की मदद करने से हमें भी आंतरिक खुशी मिलती है।
In simple words: हम सभी प्राणियों पर दया करके, संकट में पड़े लोगों, बुजुर्गों और बच्चों की मदद करके समाज में सेवाभाव ला सकते हैं।
🎯 Exam Tip: सेवाभाव को दूसरों के प्रति दया और मदद के कार्य के रूप में परिभाषित करें, विशेष रूप से समाज के कमजोर वर्गों के लिए।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Question 1. सिद्ध कीजिए 'मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।'
Answer: मनुष्य में स्वभाव से ही सहयोग एवं सह-अस्तित्व की भावना पाई जाती है। वह समाज से अलग नहीं रह सकता। समाज में रहते हुए वह अन्य मनुष्यों की गतिविधियों में भाग लेता है, जिससे उसका विकास होता है। व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए उसका समाज में रहना बहुत आवश्यक है। कोई भी व्यक्ति तब तक सही मायने में मनुष्य नहीं बनता, जब तक वह अन्य मनुष्यों के साथ नहीं रहता। समाज में ही व्यक्ति की विभिन्न आवश्यकताएँ पूरी होती हैं। भोजन, आवास और कपड़ा व्यक्ति की प्राथमिक आवश्यकताएँ हैं, जिन्हें हम अन्य व्यक्तियों की सहायता से ही पूरा कर सकते हैं। अपनी सुरक्षा ज़रूरतों की पूर्ति के लिए मनुष्य को सामाजिक बनना ही पड़ता है। वे बच्चे, जो मनुष्यों के संपर्क से दूर पशुओं के बीच पले हैं, उनमें आदतें और व्यवहार पशुओं जैसे ही विकसित हो गए। ये उदाहरण भी सिद्ध करते हैं कि मनुष्य के सर्वांगीण विकास के लिए भी समाज का होना बहुत आवश्यक है। समाज ही व्यक्ति को अपनी पहचान और उद्देश्य देता है।
In simple words: मनुष्य जन्म से ही एक सामाजिक प्राणी है क्योंकि वह अपनी सभी ज़रूरतें (जैसे खाना, कपड़े) अकेले पूरी नहीं कर सकता। समाज के बिना उसका पूरा विकास नहीं हो सकता, और जो बच्चे समाज से दूर रहते हैं, उनका व्यवहार पशुओं जैसा हो जाता है।
🎯 Exam Tip: इस उत्तर में, मनुष्य की आवश्यकताओं, विकास, और सामाजिक संपर्क के अभाव में होने वाले प्रभावों के उदाहरण देकर अपने तर्क को मजबूत करें।
Question 2. समाज के प्रति हमारे क्या कर्तव्य हैं? बताइए।
Answer: स्वस्थ और सुखी समाज की स्थापना के लिए प्रत्येक व्यक्ति के समाज के प्रति कुछ कर्तव्य हैं जिनमें प्रमुख निम्नलिखित हैं:
1. हमारा समाज स्वस्थ और विकास उन्मुख हो सके, इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को समाज में प्रचलित गलत रीतियों को समाप्त करना होगा।
2. देश की अर्थव्यवस्था एवं उत्पादन में वृद्धि के लिए प्रत्येक नागरिक को ईमानदारी से कार्य करना होगा तथा लापरवाही एवं हड़ताल जैसी गतिविधियों से बचना होगा।
3. विद्यार्थियों को मन लगाकर व मेहनत से शिक्षा प्राप्त कर समाज का उपयोगी सदस्य बनना होगा।
4. सभी को राष्ट्र को मजबूत, समृद्ध और सुखी बनाने के लिए लगातार सक्रिय रहना होगा।
5. हमें सार्वजनिक जीवन में अनुशासन रखना होगा। यातायात के नियमों का गंभीरता से अनुसरण करना होगा।
6. हमें ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए जिससे समाज में संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो। इन कर्तव्यों का पालन करके ही हम एक बेहतर समाज का निर्माण कर सकते हैं।
In simple words: हमें समाज की बुराइयों को खत्म करना चाहिए, ईमानदारी से काम करना चाहिए, छात्रों को मन लगाकर पढ़ना चाहिए, राष्ट्र को मजबूत बनाने के लिए काम करना चाहिए, अनुशासन में रहना चाहिए और ऐसे काम नहीं करने चाहिए जिनसे समाज में झगड़ा हो।
🎯 Exam Tip: समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को विभिन्न श्रेणियों में बाँटें, जैसे सामाजिक सुधार, आर्थिक योगदान, नागरिक जिम्मेदारी और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, ताकि उत्तर स्पष्ट और व्यापक लगे।
अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. व्यक्ति का समाज के साथ विरोध उत्पन्न होता है
(अ) जब उसका परिस्थितियों से मेल न हो
(ब) सामाजिक व्यवस्था में रूस हो रहा हो
(स) सामाजिक संस्थाओं में विकार आना
(द) उपर्युक्त तीनों
Answer: (द) उपर्युक्त तीनों
In simple words: व्यक्ति का समाज से झगड़ा तब होता है जब उसकी हालात ठीक न हों, सामाजिक नियम सही न हों, या समाज की संस्थाओं में कोई खराबी आ जाए।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, व्यक्ति और समाज के बीच उत्पन्न होने वाले संघर्ष के विभिन्न कारणों पर विचार करें, जिनमें व्यक्तिगत, सामाजिक और संस्थागत कारक शामिल होते हैं।
Question 2. राष्ट्र व समाज की श्नति के लिए आवश्यक हैं
(अ) अपना विरोध प्रकट करने के लिए समाज विरोधी बन आना।
(ब) एकता, भ्रातृत्व भाव और सह-अस्तित्व की भावना से जीवन बिताना।
(स) हड्ताल कर सबका ध्यान आकर्षित करना।
(द) अपनी स्वतंत्रता का उपयोग करते हुए मनमानी करनी।
Answer: (ब) एकता, भ्रातृत्व भाव और सह-अस्तित्व की भावना से जीवन बिताना।
In simple words: देश और समाज की शांति के लिए जरूरी है कि लोग आपस में मिल-जुलकर, भाईचारे और एक-दूसरे के साथ प्यार से रहें।
🎯 Exam Tip: शांति और प्रगति के लिए हमेशा सकारात्मक सामाजिक मूल्यों, जैसे एकता, भाईचारा और सहिष्णुता, पर ध्यान केंद्रित करें।
Question 3. जनसंचार का माध्यम है"
(अ) दूरदर्शन
(ब) रेडियो
(स) समाचार-पत्र और पत्रिकाएँ
(द) उपर्युक्त तीनों।
Answer: (द) उपर्युक्त तीनों।
In simple words: दूरदर्शन (टीवी), रेडियो, और अखबार व पत्रिकाएँ, ये सभी जानकारी और मनोरंजन को बहुत से लोगों तक पहुँचाने के साधन हैं।
🎯 Exam Tip: जनसंचार माध्यमों के विभिन्न रूपों को याद रखें, जो बड़े पैमाने पर जानकारी साझा करने में मदद करते हैं।
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