RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 7 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2

NCERT Solutions for Class 7 Social Science: Chapter 07 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2

Explore reliable textbook solutions for Chapter 07 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2 tailored for Class 7 learners. Utilizing these Social Science answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final RBSE evaluations.

Practice Class 7 Social Science Solutions: Chapter 07 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2

View or download the dedicated Chapter 07 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2 solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 curriculum for Social Science.

पातुगत प्रश्न एवं उनके उत्तर

आओ करके देखें।

 

Question 1. मानव के बसाव के लिए मैदान सबसे अधिक उपयुक्त क्यों रहते हैं? कारणों की सूची बनाकर चर्चा कीजिए। (प्रश्न 59)
Answer: मैदानी इलाके रहने के लिए सबसे अच्छे होते हैं क्योंकि यहाँ कई अच्छी स्थितियाँ मिलती हैं। इन इलाकों में लोगों का जीवन काफी आसान हो जाता है।
यहाँ की कुछ प्रमुख अनुकूल परिस्थितियाँ इस प्रकार हैं:
1. ये समतल क्षेत्र होते हैं जो नदियों की लाई हुई उपजाऊ मिट्टी से बनते हैं। यह मिट्टी खेती के लिए बहुत अच्छी होती है।
2. उपजाऊ मिट्टी के कारण यहाँ खेती बहुत विकसित हुई है। सिंचाई के अच्छे साधन होने से साल में कई फसलें उगाई जा सकती हैं।
3. यहाँ कई कीमती पेड़ और घास मिलती है। इसी वजह से पशुपालन का काम भी खूब फलता-फूलता है।
4. औद्योगिक रूप से ये क्षेत्र काफी विकसित हैं। यहाँ बड़े-बड़े शहर और कई विकसित उद्योग भी मौजूद हैं। खेती से जुड़े उद्योग भी बहुत ज़रूरी हैं।
5. जमीन समतल होने के कारण यहाँ यातायात और परिवहन के साधनों का अच्छा विकास हुआ है। इससे लोगों और सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होता है।
In simple words: मैदानी क्षेत्र मानव बस्तियों के लिए सबसे अच्छे हैं क्योंकि यहाँ की मिट्टी उपजाऊ है, खेती आसानी से होती है, पानी मिलता है, और परिवहन भी अच्छा है। यहाँ कई उद्योग और शहर भी विकसित होते हैं।

🎯 Exam Tip: मैदानी क्षेत्रों की विशेषताओं को याद करते समय उपजाऊ मिट्टी, पानी की उपलब्धता, समतल भूमि, और कृषि व उद्योगों के विकास पर ध्यान दें।

 

Question 2. भारत के रूपरेखा मानचित्र में तटीय मैदानों की स्थिति दए। (प्रश्न 62)
Answer: (प्रश्न के उत्तर में मानचित्र बनाने की आवश्यकता है। आपको भारत के मानचित्र में तटीय मैदानों को चिह्नित करना होगा। पश्चिमी तटीय मैदान और पूर्वी तटीय मैदान को उनकी सही जगह पर दिखाना होगा।) तटीय मैदानों को समझने के लिए मानचित्र का अध्ययन बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: इस प्रश्न के लिए आपको भारत का नक्शा बनाना होगा और उसमें समुद्र के किनारे वाले मैदानों को दिखाना होगा।

🎯 Exam Tip: मानचित्र पर तटीय मैदानों को दर्शाते समय, पश्चिमी और पूर्वी तटों के प्रमुख हिस्सों को सही ढंग से लेबल करना सुनिश्चित करें।

 

पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर

 

Question 1. सही विकल्प चुनिये
(i) 'खादर' शब्द का सम्बन्ध किससे है?
(a) मैदान
(b) पर्वत
(c) पठार
(d) नदी
Answer: (a) मैदान
In simple words: 'खादर' शब्द का मतलब नए जलोढ़ मिट्टी से बने मैदानों से है जो नदियों द्वारा लाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: 'खादर' और 'बांगर' के बीच के अंतर को याद रखें, जो अक्सर भ्रमित करता है। खादर नई जलोढ़ मिट्टी के मैदान होते हैं।

 

Question 1. (ii) निम्नलिखित में से कौनसा एक पश्चिमी तटीय मैदान का भाग नहीं हैं।
(a) कोरोमंडल
(b) कोंकण
(c) कन्नड़ तट
(d) मालाबार तट
Answer: (a) कोरोमंडल
In simple words: कोरोमंडल तट पूर्वी तटीय मैदान का हिस्सा है, जबकि कोंकण, कन्नड़ और मालाबार तट पश्चिमी तट पर हैं।

🎯 Exam Tip: भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटीय मैदानों के उपभागों के नाम याद रखें ताकि आप उन्हें सही ढंग से पहचान सकें।

 

Question 1. (iv) नदियों द्वारा बिछाई गयी पुरानी जलो मिट्टी के मैदान को....... कहा जाता है।
(a) लैगुन
(b) नारियल
(c) जलोढ़
(d) बांगर
Answer: (d) बांगर
In simple words: नदियाँ जो पुरानी मिट्टी जमा करती हैं, उन्हें बांगर मैदान कहते हैं, जो आमतौर पर बाढ़ के मैदानों से दूर होते हैं।

🎯 Exam Tip: 'खादर' नई जलोढ़ मिट्टी के लिए और 'बांगर' पुरानी जलोढ़ मिट्टी के लिए उपयोग किया जाता है। इन शब्दों को हमेशा सही संदर्भ में समझें।

 

Question 3. तटीय मैदान के लोगों के मुख्य व्यवसाय कौन-कौन से हैं?
Answer: महासागरों के किनारे तटीय मैदानी इलाकों में रहने वाले लोग कई तरह के काम करते हैं। इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति उनके व्यवसायों को प्रभावित करती है।
यहाँ के प्रमुख व्यवसाय इस प्रकार हैं:
1. कृषि यहाँ के लोगों का मुख्य काम है। लगभग आधे लोग खेती से जुड़े हुए हैं।
2. यहाँ के ज़्यादातर लोग चाय, कॉफ़ी और रबर के बागानों में काम करते हैं, जो इस क्षेत्र की खास फसलें हैं।
3. तट के पास होने के कारण ज़्यादातर आबादी मछली पकड़ने के काम में लगी रहती है।
4. इन सबके अलावा कुछ लोग उद्योग (फैक्ट्री), परिवहन (सामान लाने-ले जाने) और दूसरे व्यवसायों में भी शामिल हैं।
In simple words: तटीय मैदानों में रहने वाले लोग खेती, बागान (चाय, कॉफी, रबर), मछली पकड़ना और उद्योगों जैसे काम करते हैं।

🎯 Exam Tip: तटीय क्षेत्रों के व्यवसायों को याद करते समय, समुद्री और कृषि संबंधी गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि ये वहाँ की मुख्य आर्थिक गतिविधियाँ हैं।

 

Question 4. मैदानी क्षेत्रों में कृषि कार्य अधिक किया जाता है? यहाँ उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों के नाम लिखिए।
Answer: मैदानी इलाकों में खेती के लिए बहुत अच्छी स्थितियाँ होती हैं, इसलिए यहाँ कृषि का काम ज़्यादा होता है। यहाँ खेती के लिए कई कारक मिलकर इसे बढ़ावा देते हैं।
मैदानी क्षेत्रों की समतल और उपजाऊ भूमि, सिंचाई के आसान साधन, ज़मीन के नीचे पानी की अच्छी मात्रा, पर्याप्त मज़दूरों की उपलब्धता, पशुपालन से मिलने वाली खाद, और परिवहन की सुविधा—ये सभी चीज़ें खेती को बढ़ावा देती हैं।
मैदानी इलाकों में वर्षा ऋतु (मानसून) में चावल, मक्का, बाजरा, उड़द और गन्ना जैसी फसलें उगाई जाती हैं। शीत ऋतु (सर्दी) में गेहूँ, सरसों और बरसीम जैसी फसलें पैदा की जाती हैं। गन्ने का उपयोग चीनी और गुड़ बनाने के लिए होता है।
In simple words: मैदानी इलाकों में खेती ज़्यादा होती है क्योंकि यहाँ उपजाऊ मिट्टी, पानी और अच्छे मजदूर मिलते हैं। वर्षा में चावल, मक्का और गन्ना जैसी फसलें उगती हैं, जबकि सर्दी में गेहूँ और सरसों उगते हैं।

🎯 Exam Tip: मैदानी कृषि के लिए भौगोलिक कारकों (मिट्टी, जल, समतल भूमि) और प्रमुख मौसमी फसलों (खरीफ और रबी) को सूचीबद्ध करें।

 

Question 5. खादर एवं बांगर में क्या अन्तर हैं?
Answer: भारत के उत्तरी मैदानी इलाकों में 'खादर' और 'बांगर' दो अलग-अलग तरह के मैदान हैं, जो नदियों की मिट्टी जमा करने की प्रक्रिया से बनते हैं। इन दोनों के बीच मुख्य अंतर उनकी मिट्टी की उम्र और स्थान में है।
नदियों द्वारा जमा की गई नई जलोढ़ मिट्टी के मैदानों को 'खादर' कहते हैं। यह मिट्टी हर साल बाढ़ के साथ नई होकर और भी उपजाऊ हो जाती है।
जबकि इन्हीं मैदानों में नदियों द्वारा बिछाई गई पुरानी जलोढ़ मिट्टी के मैदानों को 'बांगर' कहा जाता है। बांगर के मैदान खादर के मैदानों से थोड़ी ऊँचाई पर होते हैं और यहाँ बाढ़ का पानी कम पहुँचता है।
In simple words: 'खादर' नए मिट्टी के मैदान हैं जो हर साल बाढ़ से बनते हैं, जबकि 'बांगर' पुराने मिट्टी के मैदान हैं जो ऊँचे होते हैं और वहाँ बाढ़ का पानी कम आता है।

🎯 Exam Tip: खादर को 'नई जलोढ़' और बांगर को 'पुरानी जलोढ़' मिट्टी के रूप में याद रखें, और उनके स्थान और उपजाऊपन के अंतर को भी ध्यान में रखें।

 

Question 6. पूर्वी एवं पश्चिमी तटीय मैदानों के उपभागों के नाम लिखिए
Answer: भारत के पूर्वी और पश्चिमी तटीय मैदानों को कई छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा गया है। इन उपभागों के नाम इस प्रकार हैं:
पश्चिमी तटीय मैदान के उपभाग:
(1) कोंकण तट
(2) कन्नड़ तट
(3) मालाबार तट
पूर्वी तटीय मैदान के उपभाग:
(1) उत्तरी सरकार तट
(2) कोरोमंडल तट
तटीय मैदानों के ये उपभाग स्थानीय भू-आकृतियों और जलवायु के अनुसार भिन्न होते हैं।
In simple words: पश्चिमी तटीय मैदान के हिस्से कोंकण, कन्नड़ और मालाबार तट हैं। पूर्वी तटीय मैदान के हिस्से उत्तरी सरकार और कोरोमंडल तट हैं।

🎯 Exam Tip: पूर्वी और पश्चिमी तटीय मैदानों के उपभागों के नामों को सही क्षेत्र के साथ याद रखें, जैसे कोरोमंडल पूर्व में है और कोंकण पश्चिम में।

 

Question 7. तटीय मैदानों की प्रमुख भौगोलिक दशाओं का वर्णन कीजिए।
Answer: प्रायद्वीपीय भारत के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में तटीय मैदान फैले हुए हैं। इन मैदानों की भौगोलिक स्थितियाँ उन्हें खास बनाती हैं। इन मैदानों की कुछ प्रमुख भौगोलिक दशाएँ इस प्रकार हैं:
जलवायु: तटीय मैदान पतले और उपजाऊ होते हैं। समुद्र के पास होने के कारण यहाँ की जलवायु नम (गीली) और सम (एक जैसी) रहती है। तापमान में ज़्यादा अंतर नहीं आता। यहाँ पर हर साल 250 से 400 सेंटीमीटर तक बारिश होती है। यह जलवायु कृषि के लिए बहुत अनुकूल होती है।
वनस्पति: तटीय मैदान का एक बड़ा हिस्सा जंगलों से ढका हुआ है। ऊँचे तापमान और ज़्यादा बारिश की वजह से यहाँ सदाबहार वन मिलते हैं। प्रमुख पेड़ों में नारियल शामिल है। इसके अलावा सागवान, साल, रबर और रोजवुड जैसे पेड़ भी यहाँ पाए जाते हैं।
खनिज: तटीय मैदानों में मोनोजाइट, जिरकन, थोरियम जैसे परमाणु खनिज पाए जाते हैं। अंदरूनी इलाकों में चीनी मिट्टी, चूना पत्थर, गारनेट और ग्रेफाइट जैसे खनिज भी मिलते हैं। यहाँ नदियाँ तेज़ी से बहती हैं, इसलिए जलविद्युत (बिजली) बनाने और सिंचाई के लिए बाँध बनाए गए हैं।
In simple words: तटीय मैदान पतले और उपजाऊ होते हैं, जहाँ नम और समान जलवायु, ज़्यादा बारिश, और सदाबहार जंगल होते हैं। यहाँ कई खनिज भी मिलते हैं और नदियों से बिजली भी बनाई जाती है।

🎯 Exam Tip: तटीय मैदानों की भौगोलिक विशेषताओं को जलवायु, वनस्पति और खनिज संसाधनों के मुख्य बिंदुओं में विभाजित करके वर्णन करें।

 

Question 8. गंगायमुना मैदान में किन-किन उद्योगों का विकास हुआ है?
Answer: गंगा-यमुना का मैदान एक समतल और उपजाऊ इलाका है। यहाँ परिवहन के अच्छे साधन उपलब्ध हैं, जिससे सामान और लोगों का आना-जाना आसान होता है। यहाँ घनी आबादी के कारण हर तरह के कारीगर और मजदूर आसानी से मिल जाते हैं। इन कारणों से यहाँ उद्योगों का अच्छा विकास हुआ है।
यहाँ कई तरह के छोटे, मध्यम और बड़े उद्योग विकसित हुए हैं। इन उद्योगों में ऊनी और सूती वस्त्र उद्योग, चीनी मिलें, इंजीनियरिंग (मशीनें बनाने), काँच उद्योग, गलीचा निर्माण, चमड़े के उत्पाद, प्लास्टिक और रसायन निर्माण, और खेल का सामान बनाने वाले उद्योग शामिल हैं।
यहाँ के कुछ प्रमुख औद्योगिक केंद्र कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, फिरोजाबाद और सहारनपुर जैसे शहर हैं, जो इन उद्योगों के लिए जाने जाते हैं।
In simple words: गंगा-यमुना मैदान में खेती के अलावा, ऊनी-सूती कपड़े, चीनी, इंजीनियरिंग, काँच, चमड़ा, प्लास्टिक और खेल के सामान जैसे कई उद्योग विकसित हुए हैं क्योंकि यहाँ परिवहन, मजदूर और बाजार अच्छे हैं।

🎯 Exam Tip: गंगा-यमुना मैदान के औद्योगिक विकास के कारणों (समतल भूमि, जनसंख्या, परिवहन) और प्रमुख उद्योगों (वस्त्र, चीनी, काँच आदि) को स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें।

 

अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 2. निम्न में से जो सबसे अधिक कृषि के लिए उपयुक्त क्षेत्र है, बताइए
(a) भाबर
(b) तराई प्रदेश
(c) बांगर
(d) खादर
Answer: (d) खादर
In simple words: खादर क्षेत्र में हर साल नई जलोढ़ मिट्टी जमा होने के कारण यह खेती के लिए सबसे उपजाऊ होता है।

🎯 Exam Tip: खादर को नई, उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी के रूप में याद रखें, जो कृषि के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है।

 

Question 3. गंगा-यमुना मैदान में शीतकाल में वर्षा होती है
(a) मानसूनी हवाओं से
(b) पश्चिमी चक्रवातों से
(c) संवहनीय हवाओं से
(d) उपर्युक्त में से कोई नही
Answer: (b) पश्चिमी चक्रवातों से
In simple words: सर्दी के मौसम में गंगा-यमुना मैदान में बारिश पश्चिमी विक्षोभ (चक्रवात) के कारण होती है, जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र से आते हैं।

🎯 Exam Tip: शीतकालीन वर्षा के कारण और उसके स्रोत (पश्चिमी चक्रवात) को स्पष्ट रूप से याद रखें।

 

Question 4. पश्चिमी तटीय मैदान का सबसे दक्षिणी तट हैं
(a) काठियावाड़ तट
(b) मालाचार तट
(c) कन्नड़ तट
(d) कोंकण तट
Answer: (b) मालाचार तट
In simple words: पश्चिमी तटीय मैदान के सबसे दक्षिणी भाग को मालाबार तट कहा जाता है, जो केरल में स्थित है।

🎯 Exam Tip: भारत के तटीय मैदानों के उपभागों को उत्तर से दक्षिण क्रम में याद रखना सहायक होता है।

 

Question 5. वेंबानाद है
(a) एक लैगून
(b) एक औद्योगिक नगर
Answer: (a) एक लैगून
In simple words: वेंबानाद भारत के केरल राज्य में स्थित एक बड़ा लैगून (खारे पानी की झील) है।

🎯 Exam Tip: लैगून, विशेषकर तटीय क्षेत्रों में, खारे पानी के पिंड होते हैं जो आंशिक रूप से समुद्र से अलग होते हैं।

 

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(i) पोलर का उपयोग ... बनाने में होता है।
(ii) सम्पन्न लोग ... व अन्य सुविधाओं के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं।
(iii) मालाबार तट भारत के पश्चिमी तट पर ... .से कन्याकुमारी तक एक संकरी पट्टी में फैला हुआ है।
(iv) मालाबार तट पर रहने वाले लोग मुख्यत: ... .एवं अंग्रेजी भाषा बोलते हैं।
Answer:
(i) पोलर का उपयोग प्लाईवुड बनाने में होता है।
(ii) सम्पन्न लोग उच्च शिक्षा व अन्य सुविधाओं के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं।
(iii) मालाबार तट भारत के पश्चिमी तट पर गो आ से कन्याकुमारी तक एक संकरी पट्टी में फैला हुआ है।
(iv) मालाबार तट पर रहने वाले लोग मुख्यत: मलयालम एवं अंग्रेजी भाषा बोलते हैं।
In simple words: पोलर का उपयोग प्लाईवुड बनाने में, लोग बेहतर शिक्षा के लिए शहरों में जाते हैं, मालाबार तट गोवा से कन्याकुमारी तक फैला है, और वहाँ के लोग मलयालम भाषा बोलते हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के संदर्भ और विषय वस्तु को ध्यान में रखते हुए सबसे उपयुक्त शब्द का चयन करें।

 

अति लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. जनसंख्या वृद्धि के साथ खेतों का आकार छोटा क्यों होता जा रहा है?
Answer: भारत में ज़्यादातर परिवारों में पितृसत्तात्मक व्यवस्था है, जहाँ पिता की संपत्ति उनके बच्चों में बँट जाती है। जनसंख्या बढ़ने के कारण हर पीढ़ी में परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ती है।
इसी वजह से, जब खेतों का बंटवारा होता है, तो हर बच्चे को पहले से छोटे हिस्से मिलते हैं। इसलिए, जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ खेतों (जोतों) का आकार लगातार छोटा होता जा रहा है। यह कृषि उत्पादकता पर भी असर डालता है।
In simple words: भारत में जनसंख्या बढ़ने और संपत्ति के बंटवारे की पैतृक प्रथा के कारण, हर पीढ़ी में खेतों का आकार छोटा होता जा रहा है।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय पितृसत्तात्मक व्यवस्था और जनसंख्या वृद्धि के दो मुख्य कारकों पर ध्यान दें।

 

Question 2. मालाबार तट की प्राकृतिक वनस्पति का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
Answer: मालाबार तट भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है, जहाँ प्राकृतिक वनस्पति बहुत खास है। यहाँ घने सदाबहार वन पाए जाते हैं। ये वन पूरे साल हरे-भरे रहते हैं क्योंकि यहाँ अच्छी बारिश और गर्म जलवायु होती है।
इस क्षेत्र में कई तरह के पेड़ मिलते हैं, जैसे नारियल (जो यहाँ का एक प्रमुख पेड़ है), सागवान, सिनकोना, साल, रबड़, एबोनी और रोजवुड। रबड़ के पेड़ से लेटेक्स मिलता है जिससे रबड़ उत्पाद बनते हैं। ये वन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
In simple words: मालाबार तट पर घने सदाबहार जंगल पाए जाते हैं जहाँ नारियल, सागवान, सिनकोना, साल, रबड़, एबोनी और रोजवुड जैसे पेड़ उगते हैं।

🎯 Exam Tip: मालाबार तट की वनस्पति का वर्णन करते समय 'सदाबहार वन' और 'प्रमुख पेड़ों के नाम' जैसे मुख्य शब्दों का उपयोग करें।

 

Question 3. मालाबार तट के प्रमुख बन्दरगाहों के नाम बताइए।
Answer: मालाबार तट भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है और यहाँ कई महत्वपूर्ण बंदरगाह हैं। ये बंदरगाह व्यापार और मत्स्य पालन के लिए बहुत ज़रूरी हैं।
मालाबार तट के प्रमुख बंदरगाह इस प्रकार हैं:
1. कोजीकोड़
2. कोच्चि
3. अलेप्पी
4. तिरुवनन्तपुरम्
ये सभी बंदरगाह समुद्री व्यापार, मछली पकड़ने और पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
In simple words: मालाबार तट के मुख्य बंदरगाह कोजीकोड़, कोच्चि, अलेप्पी और तिरुवनन्तपुरम् हैं।

🎯 Exam Tip: मालाबार तट के प्रमुख बंदरगाहों के नाम सीधे और स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध करें।

 

Question 5. गंगा-यमुना का विशाल मैदान कहाँ स्थित है?
Answer: गंगा-यमुना का विशाल मैदान भारत के उत्तरी भाग में स्थित एक बहुत बड़ा और उपजाऊ क्षेत्र है। यह मैदान उत्तर में हिमालय पर्वत श्रृंखला और दक्षिण में प्रायद्वीपीय पठार के बीच फैला हुआ है।
यह मैदान गंगा और यमुना नदियों और उनकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से बना है। यह क्षेत्र कृषि और जनसंख्या घनत्व के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
In simple words: गंगा-यमुना का बड़ा मैदान हिमालय पर्वत (उत्तर में) और प्रायद्वीपीय पठार (दक्षिण में) के बीच भारत के उत्तरी हिस्से में है।

🎯 Exam Tip: गंगा-यमुना मैदान की स्थिति बताते समय उसकी उत्तरी और दक्षिणी सीमाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें।

 

Question 6. मालाबार तटीय प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा बताए।
Answer: मालाबार तटीय प्रदेश भारत के पश्चिमी तट पर स्थित है, जहाँ बहुत अधिक बारिश होती है। इस क्षेत्र में औसत वार्षिक वर्षा 250 सेंटीमीटर से ज़्यादा होती है।
मालाबार तट पर भारी वर्षा मानसूनी हवाओं के कारण होती है, जो अरब सागर से नमी लेकर आती हैं। यह वर्षा इस क्षेत्र की घनी वनस्पति और कृषि के लिए महत्वपूर्ण है।
In simple words: मालाबार तटीय क्षेत्र में हर साल 250 सेंटीमीटर से ज़्यादा बारिश होती है, जो मानसूनी हवाओं के कारण होती है।

🎯 Exam Tip: मालाबार तट की वार्षिक वर्षा की मात्रा को सीधे और सही इकाई (सेंटीमीटर) के साथ बताएं।

 

लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. भू-दृश्य कितने प्रकार के होते हैं? स्पष्ट कीजिए।
Answer: भू-दृश्य मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं। ये दोनों प्रकार हमें अपने आस-पास के वातावरण में दिखाई देते हैं।
भू-दृश्य दो प्रकार के होते हैं:
(i) प्राकृतिक भू-दृश्य: इसमें वे सभी आकृतियाँ शामिल होती हैं जो प्रकृति द्वारा बनाई गई हैं। जैसे-बर्फ से ढकी पर्वत चोटियाँ, गहरी घाटियाँ, जंगल और नदियाँ। यह सब मानव के हस्तक्षेप के बिना प्राकृतिक रूप से बनता है।
(ii) मानवीय भू-दृश्य: ये वे आकृतियाँ हैं जो मानव द्वारा प्राकृतिक भू-दृश्यों में बदलाव करके बनाई गई हैं। मानव अपनी ज़रूरतों के हिसाब से प्राकृतिक वातावरण को बदलता है। जैसे-गाँव, कुएँ, बावड़ियाँ, और कारखाने। यह दर्शाता है कि मानव पर्यावरण को कैसे आकार देता है।
In simple words: भू-दृश्य दो तरह के होते हैं: प्राकृतिक (जो प्रकृति खुद बनाती है, जैसे पहाड़, घाटियाँ) और मानवीय (जो इंसान प्राकृतिक चीज़ों में बदलाव करके बनाते हैं, जैसे गाँव, कुएँ, कारखाने)।

🎯 Exam Tip: भू-दृश्यों के प्रकार बताते समय, प्रत्येक प्रकार का नाम और उसके दो-तीन स्पष्ट उदाहरण दें।

 

Question 2. गंगा-यमुना के मैदान को कितने भागों में बांटा। गया है।
अथवा
भारत के उत्तरी मैदानी प्रदेश को वर्गीकृत कीजिए।
Answer: गंगा-यमुना का मैदान, जिसे उत्तरी मैदानी प्रदेश भी कहते हैं, को उसकी भौगोलिक विशेषताओं के आधार पर चार मुख्य भागों में बांटा गया है। ये भाग नदी के बहाव और मिट्टी के जमाव से जुड़े हुए हैं।
गंगा-यमुना के मैदान के चार भाग इस प्रकार हैं:
(1) भाबर क्षेत्र: यह हिमालय पर्वत का निचला हिस्सा है, जहाँ कंकड़-पत्थर ज़्यादा पाए जाते हैं। यहाँ नदियाँ इन पत्थरों के नीचे से बहती हुई भूमिगत हो जाती हैं।
(2) तराई क्षेत्र: यह भाबर क्षेत्र के पास एक दलदली और नम क्षेत्र है। यहाँ भूमिगत नदियाँ फिर से सतह पर आ जाती हैं और घने जंगल व वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण बनाती हैं।
(3) बांगर क्षेत्र: नदियों द्वारा बिछाई गई पुरानी जलोढ़ मिट्टी के मैदानों को 'बांगर' कहा जाता है। यह क्षेत्र बाढ़ के मैदानों से थोड़ा ऊँचा होता है।
(4) खादर क्षेत्र: नदियों द्वारा लाई गई नवीन जलोढ़ मिट्टी के मैदानों को 'खादर' कहा जाता है। यह क्षेत्र हर साल बाढ़ के पानी से नई मिट्टी प्राप्त करता है और बहुत उपजाऊ होता है।
In simple words: गंगा-यमुना मैदान को चार हिस्सों में बांटा गया है: भाबर (पत्थरों वाला निचला हिस्सा), तराई (दलदली क्षेत्र), बांगर (पुरानी मिट्टी का मैदान) और खादर (नई मिट्टी का उपजाऊ मैदान)।

🎯 Exam Tip: गंगा-यमुना मैदान के चारों भागों (भाबर, तराई, बांगर, खादर) के नामों और उनकी प्रमुख विशेषताओं को सही क्रम में याद रखें।

 

Question 4. मालाबार तट की प्रमुख कृषि उपजों के नाम बताइए।
Answer: मालाबार तट के पास की लगभग आधी आबादी कृषि से जुड़ी हुई है। यहाँ की उपजाऊ काँप और दोमट मिट्टी कई तरह की फसलों के लिए बहुत अच्छी है। यह क्षेत्र अपनी मसालों की खेती के लिए खास तौर पर जाना जाता है।
यहाँ की प्रमुख कृषि उपजें इस प्रकार हैं:
मसालों में कालीमिर्च, लौंग, इलायची और अन्य सुगंधित मसाले बहुत महत्वपूर्ण हैं।
मैदानी इलाकों में नारियल, सुपारी और काजू की खेती की जाती है।
पश्चिमी घाट के पास के पहाड़ी क्षेत्रों में चाय, कॉफ़ी और रबर के बागान लगाए गए हैं।
इस तरह, मालाबार प्रदेश मुख्य रूप से एक विकसित कृषि क्षेत्र है जहाँ विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं।
In simple words: मालाबार तट पर कालीमिर्च, लौंग, इलायची जैसे मसाले, नारियल, सुपारी, काजू, और चाय, कॉफी, रबर जैसे बागानी फसलें प्रमुख रूप से उगाई जाती हैं।

🎯 Exam Tip: मालाबार तट की कृषि उपजों को सूचीबद्ध करते समय 'मसालों' और 'बागानी फसलों' को मुख्य श्रेणियों में बांटकर याद रखें।

 

दीर्घ उत्तीय प्रश्न

 

Question. प्राकृतिक परिस्थितियाँ 'हमको आजीविका के अलग अलग अवसर प्रदान करती हैं। व्याख्या कीजिए।
Answer: हमारे आस-पास की प्राकृतिक परिस्थितियाँ और ज़मीन की बनावट ही तय करती हैं कि इंसान कैसे अपना जीवन बिताएगा और उन्हें आजीविका (रोज़गार) के कौन-कौन से अवसर मिलेंगे। मानव निवास के लिए विभिन्न प्रकार की जगहें होती हैं, जैसे पहाड़, मैदान, जंगल, रेगिस्तान और समुद्र के किनारे के मैदान। हर जगह की अपनी खासियत है।
नदियों द्वारा बनाए गए उपजाऊ मैदानों में लोग मुख्य रूप से खेती करते हैं, क्योंकि वहाँ की मिट्टी बहुत अच्छी होती है। रेगिस्तानी इलाकों में उपजाऊ मिट्टी और पानी की कमी के कारण खेती करना मुश्किल होता है, इसलिए वहाँ पशुपालन एक प्रमुख व्यवसाय है। समुद्र के किनारे के मैदानों में समुद्र की भूमिका व्यक्ति के जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती है, जैसे मछली पकड़ना और व्यापार।
यह साफ़ है कि आजीविका के स्रोत पूरी तरह से प्राकृतिक वातावरण पर निर्भर करते हैं। लेकिन यह भी सच है कि इंसान पर्यावरण को भी बदलता है। इस तरह, मानव अपनी गतिविधियों से प्राकृतिक पर्यावरण में बदलाव करके मानवीय भू-दृश्य बनाता है।
In simple words: प्राकृतिक माहौल, जैसे पहाड़, मैदान या जंगल, हमारी आजीविका के अवसर तय करते हैं। खेती उपजाऊ मैदानों में होती है, पशुपालन रेगिस्तानों में, और समुद्र तटीय इलाकों में मछली पकड़ने का काम होता है। इंसान भी अपने काम से पर्यावरण को बदलता है।

🎯 Exam Tip: आजीविका और प्राकृतिक परिस्थितियों के संबंध को समझाते समय, विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों (पहाड़, मैदान, रेगिस्तान, तटीय) और उनसे जुड़े व्यवसायों (कृषि, पशुपालन, मछली पकड़ना) के उदाहरण दें।

Free study material for Social Science

RBSE Solutions for Class 7 Social Science Chapter 07 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2

Textbook Solutions for Class 7 Social Science Chapter 07 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2

Access structured RBSE textbook solutions for Chapter 07 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 7 Social Science, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.

Mastering Theoretical and Practical Questions

Beyond providing final answers, these guides offer step-by-step breakdowns for complex queries in the Class 7 Social Science module. This approach helps students balance theoretical depth with practical problem-solving skills required for RBSE exams.

Effective Self-Study and Homework Assistance

Frequent review of these structured answers builds strong analytical capabilities and response efficiency. Maximize your academic readiness by combining these textbook solutions with our curated study materials and mock evaluations for Class 7 Social Science.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 7 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2 for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 7 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2 is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 7 Social Science are as per latest RBSE curriculum.

Are the Social Science RBSE solutions for Class 7 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 7 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2 as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Social Science concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 7 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 7 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2 will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 7 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2 in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 7 Social Science. You can access RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 7 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2 in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Social Science RBSE solutions for Class 7 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 7 Social Science Chapter 7 विभिन्न परिवेशों में मानव जीवन-2 in printable PDF format for offline study on any device.