RBSE Solutions Class 7 Maths Chapter 9 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Important Questions

Download RBSE Solutions for Class 7 Mathematics Chapter 09 त्रिभुजों की सर्वांगसमता

Explore reliable textbook solutions for Chapter 09 त्रिभुजों की सर्वांगसमता tailored for Class 7 learners. Utilizing these Mathematics answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final RBSE evaluations.

Access RBSE Solutions and Answers

View or download the dedicated Chapter 09 त्रिभुजों की सर्वांगसमता solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 curriculum for Mathematics.

प्रश्न 1. दो सर्वांगसम कोणों में एक कोण 110° की माप का हो, तो दूसरे कोण की माप होगी :
(a) 70°
(b) 80°
(c) 110°
(d) 100°
Answer: (c) 110°
In simple words: अगर दो कोण एक जैसे (सर्वांगसम) हैं, और एक कोण 110 डिग्री का है, तो दूसरा कोण भी 110 डिग्री का ही होगा। सर्वांगसम का मतलब ही होता है कि उनकी मापें बिलकुल बराबर हैं।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसम आकृतियों की परिभाषा याद रखें: वे आकृतियाँ जो आकार और माप में समान हों।

 

प्रश्न 2. चित्र में, ∠X का मान क्या होगा, जहाँ XY = XZ एवं ∠Y = 50° X Y Z 50°
(a) 80°
(b) 40°
(c) 50°
(d) 90°
Answer: (a) 80°
In simple words: दिए गए त्रिभुज में, चूंकि XY = XZ है, तो यह एक समद्विबाहु त्रिभुज है। समद्विबाहु त्रिभुज में समान भुजाओं के सामने वाले कोण भी समान होते हैं। इसलिए, अगर ∠Y 50° है, तो ∠Z भी 50° होगा। एक त्रिभुज के तीनों कोणों का जोड़ 180° होता है। तो, 180° - 50° - 50° = 80°। इस तरह, ∠X का मान 80° होगा।
🎯 Exam Tip: समद्विबाहु त्रिभुज के गुणों को याद रखना महत्वपूर्ण है: समान भुजाओं के सम्मुख कोण समान होते हैं।

 

प्रश्न 3. R.H.S. सर्वांगसमता नियम में होते हैं?
(a) दो न्यूनकोण त्रिभुज
(b) दो समकोण त्रिभुज
(c) अधिककोण त्रिभुज
(d) बृहत कोण त्रिभुज
Answer: (b) दो समकोण त्रिभुज
In simple words: R.H.S. सर्वांगसमता नियम सिर्फ समकोण त्रिभुजों पर ही लागू होता है। इस नियम का मतलब है कि अगर दो समकोण त्रिभुजों में कर्ण और एक भुजा बराबर हों, तो वे त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
🎯 Exam Tip: R.H.S. का मतलब Right angle (समकोण), Hypotenuse (कर्ण) और Side (भुजा) होता है। यह सिर्फ समकोण त्रिभुजों के लिए ही लागू होता है।

 

प्रश्न 5. दो वृत्त सर्वांगसम होंगे यदि उनकी
(a) त्रिज्याएँ समान हो
(b) केन्द्र समान हो
(c) जीवा समान हो
(d) संकेन्द्री हो
Answer: (a) त्रिज्याएँ समान हो
In simple words: दो वृत्त सर्वांगसम तभी होते हैं जब उनकी त्रिज्याएँ बिलकुल बराबर हों। अगर त्रिज्याएँ समान हैं, तो वे वृत्त आकार में बिलकुल एक जैसे होंगे और एक-दूसरे को पूरी तरह ढक लेंगे।
🎯 Exam Tip: वृत्त की सर्वांगसमता का मुख्य आधार उसकी त्रिज्या होती है। केंद्र या जीवा समान होने से वृत्त सर्वांगसम नहीं होते।

 

प्रश्न 6. सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत अवयव भी होते हैं
(a) असमान
(b) सर्वांगसम
(c) शून्य।
(d) चार
Answer: (b) सर्वांगसम
In simple words: जब दो त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, तो उनके संगत हिस्से (जैसे कोण और भुजाएँ) भी आपस में सर्वांगसम या बराबर होते हैं। इसे CPCTC (Corresponding Parts of Congruent Triangles are Congruent) कहते हैं।
🎯 Exam Tip: यह अवधारणा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि एक बार जब आप दो त्रिभुजों को सर्वांगसम सिद्ध कर देते हैं, तो आप तुरंत कह सकते हैं कि उनके बाकी संगत हिस्से भी बराबर हैं।

 

प्रश्न 7. ऐसी आकृतियाँ जो एक-दूसरे को पूरा ढक लेती हैं, कहलाती है
(a) सममिति
(b) असममिति
(c) सर्वांगसम
(d) तीनों में से कोई नहीं
Answer: (c) सर्वांगसम
In simple words: जब दो आकृतियाँ बिलकुल एक जैसी होती हैं, मतलब उनका आकार और माप दोनों समान होते हैं, तो वे सर्वांगसम कहलाती हैं। ऐसी आकृतियाँ एक-दूसरे को पूरी तरह ढक लेती हैं।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता को समझने का सबसे आसान तरीका है यह कल्पना करना कि क्या आप एक आकृति को दूसरी पर रखकर उसे पूरी तरह ढक सकते हैं।

 

प्रश्न 8. सर्वांगसमता का चिन्ह है
(a) =
(b) \( \cong \)
(c) \( \approx \)
(d) \( \Delta \)
Answer: (b) \( \cong \)
In simple words: सर्वांगसमता को दिखाने के लिए जिस खास चिन्ह का उपयोग किया जाता है, वह \( \cong \) है। यह चिन्ह बराबर (=) और समान (~ ) चिन्हों का मिश्रण होता है, जो दिखाता है कि आकृतियाँ आकार और माप दोनों में समान हैं।
🎯 Exam Tip: गणित में प्रत्येक चिन्ह का एक विशिष्ट अर्थ होता है, और \( \cong \) का प्रयोग विशेष रूप से सर्वांगसमता दर्शाने के लिए किया जाता है।

 

सत्य/असत्य

 

(i) 50 – 50 के नोट भी सारे एक नाप के हैं, यह सर्वांगसमता का उदाहरण है।
Answer: सत्य
In simple words: हाँ, यह बात सच है। 50 रुपये के सभी नोट एक ही आकार और माप के होते हैं, इसलिए वे सर्वांगसम कहलाते हैं। एक ही मूल्यवर्ग के सभी बैंक नोट सर्वांगसम वस्तुओं का एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसम वस्तुओं के उदाहरणों में एक ही ब्रांड के नए बिस्कुट, एक ही मॉडल के नए मोबाइल फोन आदि शामिल हैं।

 

(ii) सर्वांगसमता में आकृतियाँ छोटी-बड़ी हो सकती हैं।
Answer: असत्य
In simple words: यह बात गलत है। सर्वांगसम आकृतियाँ हमेशा आकार और माप दोनों में बिलकुल समान होती हैं। अगर वे छोटी-बड़ी होंगी, तो उन्हें सर्वांगसम नहीं कहा जाएगा।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता का अर्थ ही 'समान आकार और समान माप' है। यदि आकार या माप में कोई अंतर है, तो वे सर्वांगसम नहीं हैं।

 

(iii) R.H.S. सर्वांगसमता नियम में यह जरूरी नहीं है कि कोई एक कोण समकोण हो।
Answer: असत्य
In simple words: यह कथन गलत है। R.H.S. सर्वांगसमता नियम का पहला अक्षर 'R' ही 'Right Angle' यानी समकोण को दर्शाता है। यह नियम केवल उन्हीं त्रिभुजों पर लागू होता है जिनमें एक कोण समकोण हो।
🎯 Exam Tip: R.H.S. नियम केवल समकोण त्रिभुजों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है, जबकि S.S.S., S.A.S., और A.S.A. जैसे अन्य नियम किसी भी प्रकार के त्रिभुज पर लागू हो सकते हैं।

 

(iv) यदि एक त्रिभुज की दो भुजाएँ, उनसे बना कोण क्रमशः दूसरे त्रिभुज की दो भुजाएँ और उनसे बने कोण के समान हो तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होगें।
Answer: सत्य
In simple words: हाँ, यह बात सच है। यह S.A.S. (Side-Angle-Side) सर्वांगसमता नियम का वर्णन है। यदि दो त्रिभुजों में दो भुजाएँ और उनके बीच का कोण बराबर हों, तो वे त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं।
🎯 Exam Tip: S.A.S. नियम में यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि समान कोण, समान भुजाओं के ठीक बीच में ही होना चाहिए।

 

अति लघूत्तरीय प्रश्न

 

प्रश्न 1. वास्तविक जीवन से सम्बन्धित सर्वांगसम आकारों के कोई तीन उदाहरण दीजिए।
Answer: वास्तविक जीवन से संबंधित सर्वांगसम आकारों के तीन उदाहरण इस प्रकार हैं:
(i) एक ही ताले की दो चाबियाँ। ये दिखने में और माप में बिलकुल एक जैसी होती हैं।
(ii) 500 रुपये के दो नए नोट। सभी नए नोट एक ही आकार और डिज़ाइन के होते हैं।
(iii) ताश के पत्तों का एक पैकेट। एक ही सेट के अंदर सभी पत्ते सर्वांगसम होते हैं।
In simple words: वास्तविक जीवन में, एक ही ब्रांड की दो नई वस्तुएँ जो दिखने और आकार में समान हों, सर्वांगसम कहलाती हैं।
🎯 Exam Tip: जब आप उदाहरण दें, तो सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह से समान होने चाहिए, न कि केवल 'लगभग समान'।

 

प्रश्न 2. यदि △ABC \( \cong \) △FED, तो त्रिभुजों के सभी संगत सर्वांगसम भागों को लिखिए।
Answer: यदि त्रिभुज △ABC, त्रिभुज △FED के सर्वांगसम है, तो उनके संगत भाग भी सर्वांगसम होंगे। संगत भुजाएँ और कोण इस प्रकार होंगे:
भुजाएँ:
\( \overline {AB} \leftrightarrow \overline {FE} \)
\( \overline {BC} \leftrightarrow \overline {ED} \)
\( \overline {CA} \leftrightarrow \overline {DF} \)
कोण:
\( \angle A \leftrightarrow \angle F \)
\( \angle B \leftrightarrow \angle E \)
\( \angle C \leftrightarrow \angle D \) इन संगत भागों का क्रम सर्वांगसमता कथन से तय होता है।
In simple words: अगर दो त्रिभुज सर्वांगसम हैं, तो उनके कोने (शीर्ष), भुजाएँ और कोण भी एक-दूसरे के बराबर होते हैं।
🎯 Exam Tip: सर्वांगसमता कथन (जैसे △ABC \( \cong \) △FED) में शीर्षों का क्रम बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह संगत भागों को इंगित करता है।

 

प्रश्न 3. यदि △DEF \( \cong \) △BCA हो, तो के उन भागों को लिखिए, जो निम्न के संगत हों
(i) ∠E
(ii) \( \overline {EF} \)
(iii) ∠F
(iv) \( \overline {DF} \)
Answer: यदि △DEF \( \cong \) △BCA है, तो संगत शीर्ष इस प्रकार हैं: D \( \leftrightarrow \) B, E \( \leftrightarrow \) C और F \( \leftrightarrow \) A।
अतः, उनके संगत भाग निम्नानुसार होंगे:
(i) ∠E \( \leftrightarrow \) ∠C
(ii) \( \overline {EF} \leftrightarrow \overline {CA} \)
(iii) ∠F \( \leftrightarrow \) ∠A
(iv) \( \overline {DF} \leftrightarrow \overline {BA} \) सर्वांगसम त्रिभुजों में, संगत भुजाएँ और कोण एक दूसरे के बराबर होते हैं।
In simple words: अगर दो त्रिभुज सर्वांगसम हैं, तो उनके नाम में जो अक्षर जिस क्रम में आते हैं, वही उनके संगत हिस्से होते हैं। जैसे, पहले अक्षर का पहला अक्षर संगत होगा।
🎯 Exam Tip: संगतता का क्रम बनाए रखना महत्वपूर्ण है; उदाहरण के लिए, यदि D पहले आता है और B पहले आता है, तो D, B के संगत है।

 

लघूत्तरीय प्रश्न

 

प्रश्न 1. आकृति में, AB = AC और D, BC का मध्य बिन्दु है A B C D
(i) △ADB और △ADC में बराबर भागों के तीन युग्म बताइए
(ii) क्या △ADB \( \cong \) △ADC हैं? कारण दीजिए।
Answer: दिए गए त्रिभुज △ABC में, AB = AC है, और D, BC का मध्यबिंदु है।
(i) △ADB और △ADC में बराबर भागों के तीन युग्म हैं:
1. \( \overline {AB} = \overline {AC} \) (यह हमें प्रश्न में दिया गया है)
2. \( \overline {BD} = \overline {CD} \) (क्योंकि D, BC का मध्यबिंदु है)
3. \( \overline {AD} = \overline {AD} \) (यह दोनों त्रिभुजों में एक ही भुजा है, जिसे उभयनिष्ठ भुजा कहते हैं)
(ii) हाँ, △ADB \( \cong \) △ADC हैं। इसका कारण S.S.S. (भुजा-भुजा-भुजा) सर्वांगसमता नियम है। इस नियम के अनुसार, यदि एक त्रिभुज की तीनों भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की संगत तीनों भुजाओं के बराबर हों, तो दोनों त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। इसके अलावा, सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग भी समान होते हैं, जैसे यहाँ \( \angle B = \angle C \) (CPCT)।
In simple words: दो त्रिभुज सर्वांगसम हैं क्योंकि उनकी तीनों संगत भुजाएँ बराबर हैं। जब त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, तो उनके बाकी संगत हिस्से भी बराबर होते हैं।
🎯 Exam Tip: S.S.S. नियम में सिर्फ भुजाओं की समानता देखी जाती है, कोणों की नहीं। यह सर्वांगसमता सिद्ध करने का एक बहुत ही सीधा तरीका है।

 

प्रश्न 2. क्या △ABC \( \cong \) △DEF है? उनके संगत कोण लिखिए। A B C 6.5 सेमी 7 सेमी 3.9 सेमी D E F 3.9 सेमी 7 सेमी 6.5 सेमी
Answer: दिए गए चित्र में, त्रिभुज △ABC और त्रिभुज △DEF को देखते हुए, हम उनकी भुजाओं की तुलना करते हैं:
\( \overline {AB} = 3.9 \text{ सेमी} \), \( \overline {BC} = 7 \text{ सेमी} \), \( \overline {AC} = 6.5 \text{ सेमी} \)
\( \overline {DE} = 3.9 \text{ सेमी} \), \( \overline {EF} = 7 \text{ सेमी} \), \( \overline {DF} = 6.5 \text{ सेमी} \)
हम देख सकते हैं कि:
\( \overline {AB} = \overline {DE} \) (3.9 सेमी)
\( \overline {BC} = \overline {EF} \) (7 सेमी)
\( \overline {AC} = \overline {DF} \) (6.5 सेमी)
चूँकि त्रिभुज △ABC की तीनों भुजाएँ त्रिभुज △DEF की तीनों संगत भुजाओं के बराबर हैं, इसलिए S.S.S. (भुजा-भुजा-भुजा) सर्वांगसमता नियम से, △ABC \( \cong \) △DEF है।
उनके संगत कोण भी बराबर होंगे:
\( \angle A \leftrightarrow \angle D \)
\( \angle B \leftrightarrow \angle E \)
\( \angle C \leftrightarrow \angle F \) यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि संगत शीर्षों का क्रम भुजाओं की संगतता पर आधारित होता है।
In simple words: हाँ, ये त्रिभुज सर्वांगसम हैं क्योंकि उनकी सभी भुजाओं की लंबाई एक जैसी है। जब भुजाएँ बराबर होती हैं, तो उनके कोण भी एक जैसे होते हैं।
🎯 Exam Tip: S.S.S. नियम का उपयोग करते समय, सुनिश्चित करें कि आप सभी तीन भुजाओं की संगतता की जाँच करें, और संगत शीर्षों का सही क्रम बनाए रखें।

 

प्रश्न 3. आकृति में, BD और CE, △ABC के शीर्ष लंब है और BD = CE. A B C D E
(i) △CBD और △BCE में बराबर भागों के तीन युग्म बताइए।
(ii) क्या △CBD \( \cong \) △BCE है? क्यों अथवा क्यों नहीं ?
(iii) क्या ∠DCB = ∠EBC है? कारण सहित लिखिए।
Answer: आकृति में, BD और CE, △ABC के शीर्ष लम्ब हैं और BD = CE दिया गया है।
(i) त्रिभुज △CBD और त्रिभुज △BCE में बराबर भागों के तीन युग्म हैं:
1. \( \overline {BD} = \overline {CE} \) (यह प्रश्न में दिया गया है)
2. \( \angle CDB = \angle BEC = 90^\circ \) (क्योंकि BD और CE शीर्ष लम्ब हैं, इसलिए वे आधार पर समकोण बनाते हैं)
3. \( \overline {BC} = \overline {BC} \) (यह दोनों त्रिभुजों की उभयनिष्ठ भुजा है)
(ii) हाँ, △CBD \( \cong \) △BCE है। इसका कारण R.H.S. (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम है। इस नियम के अनुसार, यदि दो समकोण त्रिभुजों में कर्ण और एक संगत भुजा बराबर हों, तो वे त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं। यहाँ, ∠CDB और ∠BEC समकोण हैं, BC दोनों का कर्ण है और BD = CE एक भुजा है।
(iii) हाँ, ∠DCB = ∠EBC है। इसका कारण CPCT (सर्वांगसम त्रिभुजों के संगत भाग) है। चूंकि हमने पहले ही △CBD \( \cong \) △BCE सिद्ध कर दिया है, तो उनके संगत कोण भी बराबर होंगे। ∠DCB, △CBD का कोण है और ∠EBC, △BCE का संगत कोण है।
In simple words: दोनों त्रिभुज सर्वांगसम हैं क्योंकि उनके पास एक समकोण, समान कर्ण और एक समान भुजा है। जब त्रिभुज सर्वांगसम होते हैं, तो उनके सभी संगत कोण भी समान होते हैं।
🎯 Exam Tip: R.H.S. सर्वांगसमता नियम के लिए समकोण, कर्ण और एक भुजा की समानता को सही ढंग से पहचानना महत्वपूर्ण है।

 

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

 

प्रश्न 1. एक वर्गाकित शीट पर, बराबर क्षेत्रफलों वाले दो त्रिभुजों को इस प्रकार बनाइए कि त्रिभुज सर्वांगसम हो? A B C A D C Answer: हम एक वर्गांकित शीट पर दो त्रिभुज △ABC और △CDA बनाते हैं, जैसा कि ऊपर चित्र में दिखाया गया है। मान लीजिए कि भुजाओं की लंबाई 4 इकाई है।
त्रिभुज △ABC का क्षेत्रफल ज्ञात करते हैं:
\( \text{क्षेत्रफल} = \frac {1}{2} \times \text{आधार} \times \text{ऊँचाई} \)
\( \text{क्षेत्रफल} (\triangle ABC) = \frac {1}{2} \times \overline {BC} \times \overline {AB} \)
\( = \frac {1}{2} \times 4 \times 4 = 8 \text{ वर्ग इकाई} \)
अब, त्रिभुज △CDA का क्षेत्रफल ज्ञात करते हैं:
\( \text{क्षेत्रफल} (\triangle CDA) = \frac {1}{2} \times \overline {DC} \times \overline {DA} \)
\( = \frac {1}{2} \times 4 \times 4 = 8 \text{ वर्ग इकाई} \)
यहाँ, △ABC का क्षेत्रफल = △CDA का क्षेत्रफल = 8 वर्ग इकाई है। तो, उनके क्षेत्रफल बराबर हैं। अब हम उनकी सर्वांगसमता की जाँच करते हैं:
त्रिभुज △ABC और त्रिभुज △CDA में,
1. \( \overline {AB} = \overline {CD} \) (दोनों 4 इकाई के हैं, वर्गांकित शीट से)
2. \( \angle B = \angle D = 90^\circ \) (दोनों समकोण हैं क्योंकि वे वर्ग के कोने पर बनते हैं)
3. \( \overline {AC} = \overline {AC} \) (यह दोनों त्रिभुजों की उभयनिष्ठ भुजा है)
इसलिए, R.H.S. (समकोण-कर्ण-भुजा) सर्वांगसमता नियम से, △ABC \( \cong \) △CDA है। यह दर्शाता है कि समान क्षेत्रफल वाले दो त्रिभुज सर्वांगसम भी हो सकते हैं।
In simple words: हमने दो त्रिभुज ऐसे बनाए जिनका क्षेत्रफल समान है। फिर हमने R.H.S. नियम का उपयोग करके दिखाया कि वे दोनों त्रिभुज सर्वांगसम भी हैं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि समान क्षेत्रफल वाले त्रिभुज सर्वांगसम हो भी सकते हैं और नहीं भी। सर्वांगसमता के लिए संगत भुजाओं और कोणों की समानता आवश्यक है, जबकि क्षेत्रफल केवल स्थान घेरने की मात्रा है।

 

प्रश्न 2. आकृतियों में त्रिभुजों की भुजाओं की लम्बाइयाँ दर्शाई गई हैं। S.S.S. सर्वांगसमता प्रतिबंध का प्रयोग करके बताईए कि कौन – कौन से त्रिभुज-युग्म सर्वांगसम हैं। सर्वांगसमता की स्थिति में, उत्तर कोसांकेतिक A B C 2.5 सेमी 2.2 सेमी 1.5 सेमी P Q R 2.5 सेमी 2.2 सेमी 1.5 सेमी D E F 2.8 सेमी 3.5 सेमी 3 सेमी L M N 3.2 सेमी 3.5 सेमी 3 सेमी Answer: हम S.S.S. (भुजा-भुजा-भुजा) सर्वांगसमता नियम का उपयोग करके दिए गए त्रिभुजों के युग्मों की जाँच करेंगे। इस नियम के लिए, एक त्रिभुज की सभी तीन भुजाएँ दूसरे त्रिभुज की संगत तीनों भुजाओं के बराबर होनी चाहिए।
(i) △ABC और △PQR में भुजाओं की तुलना करते हैं:
\( \overline {AB} = 2.5 \text{ सेमी} \), \( \overline {BC} = 1.5 \text{ सेमी} \), \( \overline {CA} = 2.2 \text{ सेमी} \)
\( \overline {PQ} = 2.5 \text{ सेमी} \), \( \overline {QR} = 1.5 \text{ सेमी} \), \( \overline {RP} = 2.2 \text{ सेमी} \)
यहाँ, \( \overline {AB} = \overline {PQ} \), \( \overline {BC} = \overline {QR} \), और \( \overline {CA} = \overline {RP} \) है।
चूंकि सभी संगत भुजाएँ बराबर हैं, S.S.S. सर्वांगसमता नियम से, △ABC \( \cong \) △PQR है।
(ii) △DEF और △LMN में भुजाओं की तुलना करते हैं:
\( \overline {DE} = 2.8 \text{ सेमी} \), \( \overline {EF} = 3 \text{ सेमी} \), \( \overline {DF} = 3.5 \text{ सेमी} \)
\( \overline {LM} = 3.2 \text{ सेमी} \), \( \overline {MN} = 3 \text{ सेमी} \), \( \overline {LN} = 3.5 \text{ सेमी} \)
यहाँ, \( \overline {EF} = \overline {MN} \) (3 सेमी) और \( \overline {DF} = \overline {LN} \) (3.5 सेमी) हैं। लेकिन \( \overline {DE} = 2.8 \text{ सेमी} \) जो \( \overline {LM} = 3.2 \text{ सेमी} \) के बराबर नहीं है।
चूंकि सभी संगत भुजाएँ बराबर नहीं हैं (यानी, \( \overline {DE} \neq \overline {LM} \)), इसलिए ये त्रिभुज सर्वांगसम नहीं हैं।
In simple words: हमने त्रिभुजों की भुजाओं की लंबाई को देखा। पहले जोड़े में सभी भुजाएँ समान थीं, इसलिए वे सर्वांगसम हैं। दूसरे जोड़े में, एक भुजा की लंबाई अलग थी, इसलिए वे सर्वांगसम नहीं हैं।
🎯 Exam Tip: S.S.S. नियम का उपयोग करते समय, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी तीन संगत भुजाओं का सावधानीपूर्वक मिलान करें कि वे समान हैं। एक भी भुजा की लंबाई अलग होने पर त्रिभुज सर्वांगसम नहीं होंगे।

Free study material for Mathematics

Step-by-Step Textbook Answers: Class 7 Mathematics Chapter 09 त्रिभुजों की सर्वांगसमता

Textbook Solutions for Class 7 Mathematics Chapter 09 त्रिभुजों की सर्वांगसमता

Explore reliable textbook solutions for Chapter 09 त्रिभुजों की सर्वांगसमता tailored for Class 7 learners. Utilizing these complete exercise answers ensures your preparation aligns exactly with official RBSE standards for Mathematics.

Mastering Theoretical and Practical Questions

Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 7 Mathematics text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.

Effective Self-Study and Homework Assistance

Frequent review of these structured answers builds strong analytical capabilities and response efficiency. Maximize your academic readiness by combining these textbook solutions with our curated study materials and mock evaluations for Class 7 Mathematics.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 7 Maths Chapter 9 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Important Questions for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 7 Maths Chapter 9 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Important Questions is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 7 Mathematics are as per latest RBSE curriculum.

Are the Mathematics RBSE solutions for Class 7 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 7 Maths Chapter 9 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Important Questions as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Mathematics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 7 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 7 Maths Chapter 9 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Important Questions will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 7 Maths Chapter 9 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Important Questions in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 7 Mathematics. You can access RBSE Solutions Class 7 Maths Chapter 9 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Important Questions in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Mathematics RBSE solutions for Class 7 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 7 Maths Chapter 9 त्रिभुजों की सर्वांगसमता Important Questions in printable PDF format for offline study on any device.