NCERT Solutions for Class 7 Mathematics: Chapter 07 कोण एवं रेखाएँ
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Practice Class 7 Mathematics Solutions: Chapter 07 कोण एवं रेखाएँ
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Question 1. प्रत्येक चित्र में बनने वाले कोणों को देखकर बताइए कि यह न्यून कोण है, समकोण है अथवा अधिक कोण है।
Answer:
(i) यह एक अधिककोण है क्योंकि यह 90° से बड़ा है। अधिककोण हमेशा चौड़े दिखते हैं, जैसे कोई मुँह बहुत ज्यादा खुला हो।
(ii) यह एक समकोण है क्योंकि यह ठीक 90° का है। समकोण अक्सर किसी कोने या 'L' अक्षर की तरह दिखते हैं।
(iii) यह एक न्यून कोण है क्योंकि यह 90° से छोटा है। न्यून कोण हमेशा पतले या नुकीले दिखते हैं।
In simple words: हमें चित्रों में देखकर बताना है कि कौन सा कोण 90° से छोटा (न्यून), 90° का (सम) या 90° से बड़ा (अधिक) है।
🎯 Exam Tip: कोणों को पहचानने के लिए हमेशा 90 डिग्री (समकोण) को आधार मानें। 90 डिग्री से कम वाले कोण 'न्यून' होते हैं और 90 डिग्री से ज्यादा वाले 'अधिक' होते हैं।
Question 2. 45° का पूरक कोण क्या होगा?
Answer: पूरक कोण वे दो कोण होते हैं जिनका जोड़ 90° होता है। 45° का पूरक कोण ज्ञात करने के लिए, हमें 90° में से 45° को घटाना होगा।
माना 45° का पूरक कोण \( x \) है।
तो, \( x + 45° = 90° \)
\( \implies x = 90° - 45° \)
\( \implies x = 45° \)
अतः, 45° का पूरक कोण 45° ही होगा। यह एक खास स्थिति है जहाँ कोण खुद का पूरक होता है।
In simple words: पूरक कोण दो कोणों को कहते हैं जिनका जोड़ 90° होता है। 45° का पूरक कोण भी 45° होगा क्योंकि 45° और 45° मिलकर 90° बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: पूरक कोणों को याद रखने के लिए, हमेशा 90° के कुल योग को ध्यान में रखें। यदि आपको एक कोण दिया गया है, तो उसे 90° में से घटाकर दूसरा पूरक कोण प्राप्त करें।
Question. नीचे दिए गए कोणों के जोड़ों में कौन-कौन से पूरक कोण हैं ?
Answer: पूरक कोण वे कोण होते हैं जिनका योग 90° होता है। आइए, दिए गए कोणों के जोड़ों की जाँच करें:
(i) 40° + 50° = 90°। हाँ, यह एक पूरक कोण युग्म है।
(ii) 30° + 50° = 80°। नहीं, यह एक पूरक कोण युग्म नहीं है, क्योंकि इनका योग 90° नहीं है।
(iii) 75° + 15° = 90°। हाँ, यह भी एक पूरक कोण युग्म है। पूरक कोणों का उपयोग अक्सर ज्यामिति में समकोणों के हिस्सों को समझने के लिए होता है।
In simple words: हमें उन कोणों के जोड़ों को पहचानना है जिनका जोड़ 90° होता है। 40° और 50° तथा 75° और 15° पूरक कोण हैं क्योंकि इनका जोड़ 90° है।
🎯 Exam Tip: पूरक कोणों के सवाल हल करते समय हमेशा दोनों कोणों का जोड़ करके देखें। यदि जोड़ ठीक 90° आता है, तभी वे पूरक कोण होंगे।
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Question 1. नीचे दिए गए कोणों के युग्म में कौन-कौन से संपूरक कोण हैं।
Answer: संपूरक कोण वे दो कोण होते हैं जिनका योग 180° होता है। दिए गए चित्रों के कोणों की जाँच करते हैं:
(i) 50° और 130° का योग \( 50° + 130° = 180° \) है। अतः, यह एक संपूरक कोण युग्म है।
(ii) 105° और 75° का योग \( 105° + 75° = 180° \) है। अतः, यह भी एक संपूरक कोण युग्म है।
(iii) 45° और 100° का योग \( 45° + 100° = 145° \) है। यह 180° के बराबर नहीं है। अतः, यह एक संपूरक कोण युग्म नहीं है। संपूरक कोण अक्सर एक सीधी रेखा बनाते हैं।
In simple words: संपूरक कोणों का मतलब है ऐसे दो कोण जिनका जोड़ 180° हो। दिए गए जोड़ों में, (i) 50°+130° और (ii) 105°+75° संपूरक कोण हैं।
🎯 Exam Tip: संपूरक कोणों की पहचान करने के लिए, दोनों कोणों का जोड़ 180° होना चाहिए। पूरक कोणों के विपरीत, संपूरक कोण एक सीधी रेखा पर बनते हैं।
Question 2. इन चित्रों में आपको दो-दो कोण आपस में जुड़े हुए दिख रहे हैं। इस तरह से दो जुड़े हुए कोण आप और कहाँ-कहाँ देखते हैं?
Answer: दिए गए चित्रों (घड़ी और पंखा) में हम कोणों को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ देख सकते हैं। इसी तरह के जुड़े हुए कोण हमें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कई जगहों पर दिखते हैं। उदाहरण के लिए:
* पवन चक्की के पंखों में।
* हमारे घरों की दीवारों के कोनों में।
* कैंची या चिमटे के खुलने-बंद होने पर बनने वाले कोणों में।
* दरवाजों और खिड़कियों के कब्ज़ों के पास भी ऐसे कोण बनते हैं। यह हमें दिखाता है कि ज्यामिति हमारे चारों ओर हर जगह मौजूद है।
In simple words: घड़ी और पंखे के ब्लेडों की तरह, जुड़े हुए कोण हमें पवन चक्की, दीवारों के कोने और कैंची जैसी चीज़ों में भी देखने को मिलते हैं।
🎯 Exam Tip: जब आप किसी अवधारणा के उदाहरण ढूंढें, तो अपने आसपास की सामान्य वस्तुओं के बारे में सोचें। इससे आपको विषय को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
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Question 1. नीचे दिए गए चित्रों का ध्यान से देखिए और उनमें समान्तर रेखाएँ ढूंढिए।
Answer: दिए गए चित्रों में, हम समान्तर रेखाएँ देख सकते हैं। समान्तर रेखाएँ वे होती हैं जो एक-दूसरे से हमेशा एक समान दूरी पर रहती हैं और कभी नहीं मिलतीं।
* खिड़की में: खिड़की के फ्रेम की सीधी खड़ी और आड़ी लाइनें समान्तर रेखाओं के उदाहरण हैं।
* ग्रिड पेपर में: ग्रिड पेपर पर बनी सभी आड़ी लाइनें एक-दूसरे के समान्तर होती हैं, और सभी खड़ी लाइनें भी एक-दूसरे के समान्तर होती हैं।
* ब्लैक बोर्ड में: ब्लैक बोर्ड के ऊपरी और निचली किनारे की रेखाएँ एक-दूसरे के समान्तर होती हैं, और इसी तरह दोनों साइड की किनारे की रेखाएँ भी समान्तर होती हैं। इन रेखाओं का उपयोग अक्सर ड्राइंग या लिखने के लिए किया जाता है।
In simple words: समान्तर रेखाएँ वे होती हैं जो कभी नहीं मिलतीं और हमेशा बराबर दूरी पर रहती हैं। खिड़की, ग्रिड पेपर और ब्लैक बोर्ड में हमें ऐसी कई रेखाएँ दिखती हैं।
🎯 Exam Tip: समान्तर रेखाओं को पहचानते समय याद रखें कि वे कितनी भी आगे बढ़ें, वे कभी नहीं मिलेंगी और उनके बीच की दूरी हमेशा एक जैसी रहेगी।
Question 2. नीचे दिए गए चित्रों को ध्यान से देखिए और उनमें प्रतिच्छेदी रेखाएँ ढूंढिए।
Answer: प्रतिच्छेदी रेखाएँ वे होती हैं जो एक-दूसरे को किसी एक बिंदु पर काटती हैं। चित्रों में, प्रतिच्छेदी रेखाओं को तीरों द्वारा दिखाया गया है। जहाँ तीर एक-दूसरे को काट रहे हैं, वह प्रतिच्छेदी बिंदु है। उदाहरण के लिए, क्रॉस रोड पर सड़कें या कैंची की दो धारें प्रतिच्छेदी रेखाओं के अच्छे उदाहरण हैं। ये रेखाएँ एक बिंदु पर मिलती हैं।
In simple words: प्रतिच्छेदी रेखाएँ वे होती हैं जो एक-दूसरे को एक बिंदु पर काटती हैं। चित्रों में, जहाँ रेखाएँ मिलती दिख रही हैं, वे प्रतिच्छेदी रेखाएँ हैं।
🎯 Exam Tip: प्रतिच्छेदी रेखाओं के लिए, हमेशा उस बिंदु को देखें जहाँ वे एक-दूसरे को काटती हैं। यह बिंदु उन दोनों रेखाओं पर होता है।
करो और सीखो
Question 2. क्या दो अधिक कोण एक-दूसरे के पूरक कोण हो सकते हैं?
Answer: नहीं, दो अधिक कोण एक-दूसरे के पूरक कोण नहीं हो सकते हैं। पूरक कोणों का योग हमेशा 90° होता है। एक अधिक कोण स्वयं ही 90° से बड़ा होता है। यदि हम दो अधिक कोणों को जोड़ेंगे, तो उनका योग निश्चित रूप से 90° से बहुत अधिक होगा। जैसे, यदि एक कोण 91° है, तो दूसरा अधिक कोण जोड़ने पर योग 180° से भी ज्यादा हो जाएगा, जो 90° से बहुत बड़ा है।
In simple words: नहीं, दो अधिक कोण कभी भी पूरक कोण नहीं हो सकते। पूरक कोणों का जोड़ 90° होता है, लेकिन एक अधिक कोण तो खुद ही 90° से बड़ा होता है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के सवालों के लिए, कोणों की परिभाषाओं को याद रखना महत्वपूर्ण है: न्यून कोण 90° से कम, समकोण 90° का, और अधिक कोण 90° से अधिक होता है।
Question 3. समकोण का पूरक कोण क्या होता है?
Answer: पूरक कोण वे दो कोण होते हैं जिनका योग 90° होता है। एक समकोण ठीक 90° का होता है। यदि हमें समकोण का पूरक कोण ज्ञात करना है, तो हमें 90° में से 90° को घटाना होगा।
समकोण का पूरक कोण \( = 90° - 90° = 0° \)
इसलिए, समकोण का पूरक कोण शून्य (0°) होगा। यह दर्शाता है कि समकोण को पूरा करने के लिए किसी और कोण की आवश्यकता नहीं है।
In simple words: समकोण का पूरक कोण 0° होता है क्योंकि समकोण खुद ही 90° का होता है, और 90° में 0° जोड़ने पर ही 90° बनता है।
🎯 Exam Tip: पूरक कोणों के साथ-साथ, संपूरक कोणों की परिभाषा भी याद रखें (जिनका योग 180° होता है) ताकि दोनों के बीच भ्रम न हो।
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Question 1. एक रेखा-युग्म के लिए कितनी तिर्यक छेदी रेखाएँ खींची जा सकती हैं?
Answer: एक रेखा-युग्म के लिए असंख्य तिर्यक छेदी रेखाएँ खींची जा सकती हैं। तिर्यक छेदी रेखा वह होती है जो दो या दो से अधिक रेखाओं को अलग-अलग बिंदुओं पर काटती है। यदि हमारे पास दो रेखाएँ हैं, तो हम उन्हें अनगिनत तरीकों से काटते हुए कई अलग-अलग तिर्यक छेदी रेखाएँ खींच सकते हैं। ये रेखाएँ कहीं से भी आकर काट सकती हैं।
In simple words: दो रेखाओं को काटने वाली बहुत सारी (अनगिनत) तिर्यक छेदी रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि एक तिर्यक छेदी रेखा को दोनों मुख्य रेखाओं को कम से कम एक बिंदु पर काटना चाहिए। आप जितनी चाहें उतनी तिर्यक छेदी रेखाएँ खींच सकते हैं।
Question 2. यदि तीन रेखाओं पर एक तिर्यक छेदी रेखा खींची जाए तो कितने प्रतिच्छेद बिन्दु प्राप्त होंगे?
Answer: यदि तीन रेखाओं पर एक तिर्यक छेदी रेखा खींची जाती है, तो हमें तीन प्रतिच्छेद बिंदु प्राप्त होंगे। तिर्यक छेदी रेखा प्रत्येक रेखा को एक अलग बिंदु पर काटेगी। इसलिए, तीन रेखाओं के लिए तीन प्रतिच्छेद बिंदु (A, B व C) बनेंगे। यदि ये तीन रेखाएँ एक-दूसरे के समान्तर न हों, तब भी तिर्यक छेदी रेखा उन्हें तीन अलग-अलग बिंदुओं पर काटेगी।
In simple words: जब एक रेखा तीन दूसरी रेखाओं को काटती है, तो तीन अलग-अलग जगह पर काटती है। इसलिए, हमें तीन प्रतिच्छेद बिंदु मिलेंगे।
🎯 Exam Tip: प्रतिच्छेद बिंदु हमेशा वहाँ बनता है जहाँ दो रेखाएँ एक-दूसरे को काटती हैं। एक तिर्यक छेदी रेखा जितनी रेखाओं को काटती है, उतने ही प्रतिच्छेद बिंदु बनाती है।
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Question. प्रत्येक आकृति में कोण युग्म को पहचान कर उनके नाम लिखिए
Answer: हमें दी गई आकृतियों में विभिन्न कोणों के युग्मों को पहचानना और उनके नाम बताने हैं:
(i) पहली आकृति में, \( \angle3 \) और \( \angle4 \) एकान्तर कोण हैं। एकान्तर कोण समानांतर रेखाओं को काटने वाली तिर्यक रेखा के विपरीत किनारों पर होते हैं।
(ii) दूसरी आकृति में, \( \angle7 \) और \( \angle8 \) एकान्तर कोण हैं। ये कोण भी तिर्यक रेखा के विपरीत दिशा में होते हैं।
(iii) तीसरी आकृति में, \( \angle1 \) और \( \angle2 \) एक रैखिक युग्म बनाते हैं। रैखिक युग्म वे आसन्न कोण होते हैं जो एक सीधी रेखा बनाते हैं, जिनका योग 180° होता है।
(iv) चौथी आकृति में, \( \angle5 \) और \( \angle6 \) अन्तः कोण हैं। ये कोण समानांतर रेखाओं के अंदर और तिर्यक रेखा के एक ही तरफ होते हैं।
(v) पाँचवीं आकृति में, \( \angle9 \) और \( \angle10 \) संगत कोण हैं। संगत कोण समानांतर रेखाओं को काटने वाली तिर्यक रेखा के एक ही तरफ और एक ही स्थिति में होते हैं। इन कोणों का ज्ञान ज्यामिति में रेखाओं के गुणों को समझने में मदद करता है।
In simple words: हमें चित्रों में कोणों के जोड़ों को पहचानना है। इनमें एकान्तर कोण (जैसे \( \angle3, \angle4 \)), रैखिक युग्म (जैसे \( \angle1, \angle2 \)), अन्तः कोण (जैसे \( \angle5, \angle6 \)) और संगत कोण (जैसे \( \angle9, \angle10 \)) शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: कोणों के प्रकारों को समझने के लिए, हमेशा उनकी स्थिति (अंदर/बाहर, एक ही तरफ/विपरीत तरफ) और उनके योग (90°, 180°) को ध्यान में रखें।
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Question 1. निम्न चित्रों को देखिए और बताइए।
(i) \( l \parallel m \), L एक तिर्यक छेदी रेखा है। \( \angle x = ? \)
(ii) \( L_1, L_2 \) दो रेखाएँ तथा t एक तिर्यक छेदी रेखा है। क्या \( \angle 1 = \angle 2 \) है?
Answer:
(i) पहली आकृति में, रेखा \( l \) रेखा \( m \) के समान्तर है और L एक तिर्यक छेदी रेखा है। चित्र में, \( \angle x \) और 70° के कोण एकान्तर कोण हैं। जब दो समान्तर रेखाओं को एक तिर्यक छेदी रेखा काटती है, तो एकान्तर कोण बराबर होते हैं।
इसलिए, \( \angle x = 70° \)। यह एकान्तर कोणों का नियम है।
(ii) दूसरी आकृति में, \( L_1 \) और \( L_2 \) दो रेखाएँ हैं और \( t \) एक तिर्यक छेदी रेखा है। यहाँ \( L_1 \) रेखा \( L_2 \) के समान्तर नहीं है। जब रेखाएँ समान्तर नहीं होती हैं, तो उनके एकान्तर कोण बराबर नहीं होते।
अतः, \( \angle 1 \neq \angle 2 \)। समान्तर रेखाएँ ही कोणों के संबंधों को सुनिश्चित करती हैं।
In simple words: (i) समान्तर रेखाओं को काटने पर, \( \angle x \) 70° के बराबर होगा क्योंकि वे एकान्तर कोण हैं। (ii) यदि रेखाएँ समान्तर नहीं हैं, तो \( \angle 1 \) और \( \angle 2 \) बराबर नहीं होंगे।
🎯 Exam Tip: समान्तर रेखाओं के गुणों को हमेशा याद रखें: एकान्तर कोण, संगत कोण और अन्तः कोण के जोड़े तभी बराबर होते हैं जब रेखाएँ समान्तर हों। यदि रेखाएँ समान्तर नहीं हैं, तो ये कोण बराबर नहीं होंगे।
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