NCERT Solutions for Class 6 Mathematics: Chapter 07 वैदिक गणित
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Practice Class 6 Mathematics Solutions: Chapter 07 वैदिक गणित
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बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. एकाधिकेन से आशय है
(i) एक कम
(ii) एक अधिक
(iii) बराबर
(iv) शून्य
Answer: (ii) एक अधिक
In simple words: एकाधिकेन का मतलब होता है 'एक ज़्यादा'। यह किसी संख्या में एक जोड़ने जैसा है।
🎯 Exam Tip: वैदिक गणित के शब्दों के अर्थ को याद रखें, जैसे 'एकाधिकेन' (एक अधिक) और 'एकन्यून' (एक कम) ताकि आप सही जवाब दे सकें।
Question 2. 7 की एकाधिकेन संख्या होगी
(i) 6
(ii) 7
(iii) 8
(iv) 9
Answer: (iii) 8
In simple words: 7 की एकाधिकेन संख्या 7 से एक ज़्यादा होती है, जो कि 8 है।
🎯 Exam Tip: 'एकाधिकेन' का अर्थ है दी गई संख्या में 1 जोड़ना। किसी भी संख्या का एकाधिकेन ज्ञात करने के लिए उसमें 1 जोड़ दें।
Question 3. \( \dot {2} 89 \) में 2 का एकाधिकेन होगा
(i) 389
(ii) 489
(iii) 189
(iv) 589
Answer: (i) 389
In simple words: जब किसी अंक के ऊपर बिंदी होती है, तो उसका मतलब है कि उस अंक का एकाधिकेन करना है। यहाँ 2 के ऊपर बिंदी है, तो 2 का एकाधिकेन 3 हो जाएगा, और संख्या 389 बन जाएगी।
🎯 Exam Tip: एकाधिकेन बिंदु (dot) जिस अंक पर होता है, केवल उसी अंक में 1 जोड़ा जाता है, बाकी अंक वैसे ही रहते हैं।
Question 4. 46 में 4 का एकाधिकेन पूर्वेण होगा
(i) 56
(ii) 36
(iii) 9
(iv) 0
Answer: (i) 56
In simple words: एकाधिकेन पूर्वेण का मतलब है, जिस अंक की बात हो रही है उससे ठीक पहले वाले अंक को एक बढ़ा देना। 46 में 4, 6 से पहले वाला अंक है, तो 4 को एक बढ़ा कर 5 करने पर संख्या 56 हो जाएगी।
🎯 Exam Tip: 'पूर्वेण' शब्द पर ध्यान दें, इसका अर्थ है 'पहले वाला' अंक। एकाधिकेन पूर्वेण में हमेशा पहले वाले अंक का एकाधिकेन किया जाता है।
Question 6. विनकुलम का चिह्न है।
(i) +
(ii) -
(iii) x
(iv) ÷
Answer: (ii) -
In simple words: विनकुलम का चिह्न, जिसे रेखा कोष्ठक भी कहते हैं, एक क्षैतिज रेखा होती है जो अंकों के ऊपर लगाई जाती है ताकि उन्हें ऋणात्मक दिखाया जा सके। दिए गए विकल्पों में से, घटाव का चिह्न (हाइफन) विनकुलम के ऋणात्मक अर्थ के सबसे करीब है।
🎯 Exam Tip: विनकुलम चिह्न मुख्य रूप से किसी अंक या संख्या को ऋणात्मक रूप में दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है, खासकर वैदिक गणित में।
Question 7. 46 में 6 का एकन्यूनेन पूर्वेण होगा
(i) 26
(ii) 46
(iii) 76
(iv) 36
Answer: (iv) 36
In simple words: एकन्यूनेन पूर्वेण का अर्थ है जिस अंक की बात हो रही है, उसके ठीक पहले वाले अंक को एक कम करना। 46 में 6 से पहले 4 है। 4 को एक कम करने पर 3 बन जाएगा, तो संख्या 36 हो जाएगी।
🎯 Exam Tip: 'एकन्यूनेन पूर्वेण' का मतलब है 'पहले वाले अंक को एक कम करना'। इसे 'एकाधिकेन पूर्वेण' से भ्रमित न करें।
Question 8. 4 का परममित्र अंक होगा
(i) 2
(ii) 3
(iii) 6
(iv) 7
Answer: (iii) 6
In simple words: परममित्र अंक वह अंक होता है जिसे दिए गए अंक में जोड़ने पर कुल योग 10 आता है। 4 में 6 जोड़ने पर 10 आता है, इसलिए 6, 4 का परममित्र अंक है।
🎯 Exam Tip: परममित्र अंक हमेशा 10 के आधार पर ज्ञात किया जाता है। यह सुनिश्चित करें कि दो अंकों का योग 10 हो।
रिक्त स्थान भरिए
Question 1.
(i) एकन्यूनेन से आशय ______ से होता है।
(ii) 0 का एकाधिकेन ______ होता है।
(iii) आधार से कम माने को ______ विचलन कहते हैं।
(iv) वैदिक गणित के अन्तर्गत आधार ______ या ______ का गुणक या ______ की घात को माना जाता हैं।
(v) ऋणात्मक संख्या को धनात्मक रूप में लिखने को ______ कहते हैं।
Answer:
(i) एकन्यूनेन से आशय **एक कम** से होता है।
(ii) 0 का एकाधिकेन **1** होता है।
(iii) आधार से कम माने को **ऋणात्मक** विचलन कहते हैं।
(iv) वैदिक गणित के अन्तर्गत आधार **10**, **10** का गुणक या **10** की घात को माना जाता हैं।
(v) ऋणात्मक संख्या को धनात्मक रूप में लिखने को **विनकुलम** कहते हैं।
In simple words: एकन्यूनेन का मतलब 'एक कम' होता है। 0 से एक ज़्यादा 1 होता है। आधार से कम होने पर विचलन ऋणात्मक होता है। वैदिक गणित में आधार अक्सर 10, 10 के गुणज या 10 की घातों को माना जाता है। ऋणात्मक संख्याओं को धनात्मक रूप में लिखने के लिए विनकुलम का उपयोग करते हैं।
🎯 Exam Tip: वैदिक गणित की मूलभूत शब्दावली को अच्छी तरह समझ लें। हर शब्द का सटीक अर्थ जानने से आपको रिक्त स्थान भरने में आसानी होगी।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. 125 में अंक 1 का एकाधिकेन पूर्वेण लिखिए।
Answer: 125 में अंक 1 का एकाधिकेन पूर्वेण ज्ञात करने के लिए, हमें 1 से पहले एक शून्य मानकर उसका एकाधिकेन करना होगा। \( 125 \) में अंक \( 1 \) का एकाधिकेन पूर्वेण \( = \dot {0} 125 = 1125 \) है। यह विधि संख्याओं को बड़ा करने में मदद करती है जब हमें किसी स्थान पर मान बढ़ाना होता है।
In simple words: 125 में 1 का एकाधिकेन पूर्वेण 1125 होगा। इसके लिए 1 से पहले 0 मानकर उसका एकाधिकेन किया जाता है।
🎯 Exam Tip: एकाधिकेन पूर्वेण करते समय, यदि कोई अंक संख्या की शुरुआत में हो, तो उसके बाईं ओर एक शून्य (0) मानकर उसका एकाधिकेन करें।
Question 2. 2675 में अंक 6 का एकन्यून पूर्वेण लिखिए।
Answer: 2675 में अंक 6 का एकन्यून पूर्वेण का अर्थ है अंक 6 के ठीक पहले वाले अंक (जो कि 2 है) को एक कम करना। \( 2675 \) में अंक \( 6 \) का एकन्यून पूर्वेण \( = \underset { . }{ 1 } 675 = 1675 \) है। यह तकनीक संख्याओं को घटाने या विभाजित करने में उपयोगी होती है।
In simple words: 2675 में अंक 6 का एकन्यून पूर्वेण 1675 होगा। 6 से पहले वाले अंक 2 को एक कम करने पर 1 हो जाता है।
🎯 Exam Tip: एकन्यून पूर्वेण करते समय, हमेशा उस अंक के बाईं ओर वाले अंक को एक कम करें जिसका 'एकन्यून पूर्वेण' पूछा गया हो।
Question 3. संख्या 7 व 93 का विचलन क्या होगा?
Answer: विचलन ज्ञात करने के लिए हमें एक आधार संख्या की आवश्यकता होती है। यहाँ, अगर हम आधार 100 मानते हैं, तो 7 और 93 दोनों का विचलन ज्ञात कर सकते हैं। संख्या 7 का विचलन \( = 7 - 100 = -93 \) संख्या 93 का विचलन \( = 93 - 100 = -7 \) हालांकि, यदि प्रश्न का अर्थ था कि 7 और 93 का एक साथ विचलन क्या होगा, तो यह स्पष्ट नहीं है। यदि हम इसे आधार 10 या 100 के निकटतम मानते हैं, तो विचलन उस आधार से संख्या का अंतर होता है। दिए गए संदर्भ में, आमतौर पर विचलन का उपयोग 'निखिलम सूत्र' में किया जाता है, जहाँ आधार के करीब की संख्याओं का गुणा या भाग किया जाता है। यदि आधार 10 लिया जाए, तो 7 का विचलन \( 7-10 = -3 \) होगा। यदि आधार 100 लिया जाए, तो 93 का विचलन \( 93-100 = -7 \) होगा। यहाँ प्रश्न के हल में केवल '10' दिया गया है, जो शायद आधार की ओर इशारा करता है। इसलिए, अगर हम आधार 10 लेते हैं, तो संख्या 7 का विचलन -3 और संख्या 93 का विचलन +83 होगा। यदि 10 को विचलन माना जाए, तो यह किसी अन्य संदर्भ से हो सकता है। दिए गए हल '10' के अनुसार, यह संभवतः आधार 10 से संबंधित कोई संदर्भ है।
In simple words: विचलन का मतलब होता है कोई संख्या किसी खास आधार से कितनी दूर है। अगर आधार 100 है, तो 7 का विचलन -93 है और 93 का विचलन -7 है। अगर आधार 10 है, तो 7 का विचलन -3 होगा।
🎯 Exam Tip: विचलन की गणना हमेशा एक निश्चित आधार (जैसे 10, 100, 1000) के संदर्भ में की जाती है। प्रश्न में आधार स्पष्ट न हो तो उपयुक्त आधार मानें।
लघु/दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Question 1. 65 + 68 का एकाधिकेन पूर्वेण सूत्र से योगफल ज्ञात कीजिए।
Answer: 65 और 68 का एकाधिकेन पूर्वेण सूत्र से योगफल इस प्रकार ज्ञात करते हैं:
\( \begin{array}{r} 65 \\ +\quad 06\dot{8} \\ \hline 133 \end{array} \)
**संकेत:** (a) सबसे पहले, इकाई के अंकों का योग करें: \( 5 + 8 = 13 \)। यहाँ 13 दो अंकों की संख्या है। (b) अब, 8 के पूर्वेण अंक (जो कि 6 है) पर एकाधिक चिह्न (बिंदु) लगाएँ। शेष अंक 3 को योगफल के नीचे इकाई के स्थान पर लिखें। (c) फिर, दहाई के अंकों का योग करें: \( 6 + \dot {6} = 6 + 7 = 13 \)। (d) अब, 6 के पूर्वेण अंक (जो कि 0 है) पर एकाधिक चिह्न लगाएँ। शेष अंक 3 को योगफल के नीचे दहाई के स्थान पर लिखें। (e) अंत में, \( \dot {0} \) को 1 के रूप में सैकड़े के स्थान पर लिखें। (f) इस प्रकार, \( 65 + 68 = 133 \) प्राप्त होता है। यह विधि बड़ी संख्याओं के योग को सरल चरणों में करने में मदद करती है, खासकर जब हमें हस्त-आधारित गणना करनी हो।
In simple words: एकाधिकेन पूर्वेण सूत्र से 65 और 68 को जोड़ने के लिए, पहले इकाई के अंकों को जोड़ते हैं। अगर योग 10 से ज़्यादा आता है, तो पहले वाले अंक पर एक बिंदी लगाते हैं और बाकी संख्या को आगे बढ़ाते हैं। इसी तरह दहाई के अंकों को जोड़कर अंतिम उत्तर 133 प्राप्त करते हैं।
🎯 Exam Tip: एकाधिकेन पूर्वेण सूत्र का उपयोग करते समय, कैरी-ओवर (हासिल) के बजाय एकाधिक चिह्न (बिंदु) का उपयोग सही स्थान पर करना महत्वपूर्ण है।
Question 2. 74 - 69 का न्यूनेनपूर्वेण सूत्र से व्यवकलन ज्ञात कीजिए।
Answer: 74 में से 69 को न्यूनेनपूर्वेण सूत्र से घटाने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें: \[ \begin{array}{r} 74 \\ -\quad 69 \\ \hline 05 \end{array} \] **संकेत:** (a) इकाई के अंकों को घटाएँ: \( 4 - 9 \)। चूंकि 4, 9 से छोटा है, हम 4 का परममित्र अंक (6) जोड़ेंगे और दहाई के अंक 7 का एकन्यून करेंगे। \( 4 + 6 = 10 \)। इसे 4 की जगह लिखते हैं। (b) दहाई के अंकों को घटाएँ: 7 का एकन्यून \( (\underset { . }{ 7 } = 6) \) हो गया है। अब \( 6 - 6 = 0 \)। (c) इस तरह, \( 74 - 69 = 05 \) प्राप्त होता है। यह विधि उधार लेने के पारंपरिक तरीके के बजाय परममित्र अंक और एकन्यून के सिद्धांतों का उपयोग करके घटाव को सरल बनाती है।
In simple words: 74 में से 69 को घटाने के लिए न्यूनेनपूर्वेण सूत्र का उपयोग करते हैं। चूंकि 4 में से 9 नहीं घट सकते, हम 4 में 9 का परममित्र अंक (1) जोड़ते हैं, और 7 को एक कम करके 6 बनाते हैं। इस प्रकार, उत्तर 05 आता है।
🎯 Exam Tip: जब ऊपर वाला अंक नीचे वाले अंक से छोटा हो, तो ऊपर वाले अंक में नीचे वाले अंक का परममित्र अंक जोड़ें और बाएं वाले अंक का एकन्यून करें।
Question 3. संख्या 7 को विनकुलम संख्या से बदलिए।
Answer: संख्या 7 को विनकुलम संख्या में बदलने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करते हैं:
\( = 7 = \dot {0} \bar {3} \)
\( = 1\bar {3} \)
**संकेत:** (a) 7 का परममित्र अंक 3 होता है, इसलिए 3 के ऊपर विनकुलम रेखा लगाएँ (\( \bar{3} \))। (b) 7 के पूर्वेण अंक (बाईं ओर) 0 पर एकाधिक चिह्न लगाएँ (\( \dot{0} \))। (c) अब, \( \dot{0} \) को 1 के रूप में लिखें। (d) इस प्रकार, 7 की विनकुलम संख्या \( 1\bar {3} \) प्राप्त होती है। विनकुलम संख्याएँ अक्सर बड़ी संख्याओं को छोटे अंकों और ऋणात्मक प्रतीकों का उपयोग करके दर्शाने में मदद करती हैं।
In simple words: 7 को विनकुलम संख्या में बदलने के लिए, पहले 7 का परममित्र अंक 3 लेकर उस पर विनकुलम रेखा लगाते हैं। फिर 7 से पहले 0 मानकर उस पर एकाधिक चिह्न लगाते हैं, जिससे 0, 1 बन जाता है। इस तरह 7 को \( 1\bar {3} \) के रूप में लिखा जाता है।
🎯 Exam Tip: विनकुलम संख्या में बदलने के लिए, अंक का परममित्र अंक ज्ञात करें और उस पर रेखा लगाएँ, फिर बाईं ओर के अंक का एकाधिकेन करें।
Question 4. निखिलम् सूत्र से 5 × 8 कीजिए।
Answer: निखिलम् सूत्र से 5 × 8 का गुणनफल ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें: \[ \begin{array}{ccc} \text{संख्या} & & \text{विचलन} \\ 5 & & -5 \\ \times \ 8 & & -2 \\ \hline \end{array} \] दायाँ पक्ष \( = (-5) \times (-2) = 10 \) (या \( (-5 \times -2) \))
बायाँ पक्ष \( = (5 - 2) = 3 \) (या \( (8 - 5) = 3 \))
अब, दाएं पक्ष को 10 के आधार में समायोजित करते हैं। दायाँ पक्ष (10) में 1 दहाई है और 0 इकाई। इकाई का अंक दाएँ पक्ष में \( = 0 \)
दहाई का अंक बाएँ पक्ष में \( = 3 + 1 (\text{हासिल}) = 4 \)
अतः, \( 5 \times 8 = 40 \)
**संकेत:** (a) गुणन संख्याओं 5 और 8 के विचलन को आधार 10 से ज्ञात करें। 5, 10 से 5 कम है (इसलिए -5), और 8, 10 से 2 कम है (इसलिए -2)। (b) संख्याओं को एक-दूसरे के ऊपर लिखें और उनके विचलन उनके सामने लिखें। (c) विचलनों (-5 और -2) का गुणनफल \( (-5 \times -2) = +10 \) को तिरछी रेखा के दाईं ओर लिखें। (d) बाएँ पक्ष के लिए, तिरछे अंकों को जोड़ें या घटाएँ: \( (5 - 2) = 3 \) या \( (8 - 5) = 3 \)। इस परिणाम को बाईं ओर लिखें। (e) दाएँ पक्ष में केवल एक अंक रहेगा क्योंकि आधार 10 में केवल एक शून्य होता है। (f) दाएँ पक्ष में प्राप्त 10 में से इकाई का अंक 0 को दाएँ पक्ष में रखें, और दहाई का अंक 1 को बाएँ पक्ष में (आधार 10 के रूप में) जोड़ें। निखिलम् सूत्र गुणन को सरल बनाता है, खासकर जब संख्याएँ आधार के करीब हों।
In simple words: निखिलम् सूत्र से 5 और 8 का गुणा करने के लिए, पहले दोनों संख्याओं का आधार 10 से विचलन (कमी) ज्ञात करते हैं। फिर विचलनों का गुणा करके दायाँ भाग बनाते हैं, और तिरछे अंकों को घटाकर बायाँ भाग बनाते हैं। आखिर में दहाई को आगे बढ़ाकर सही उत्तर 40 प्राप्त करते हैं।
🎯 Exam Tip: निखिलम् सूत्र में आधार (जैसे 10) और विचलन (आधार से संख्या का अंतर) को सही ढंग से पहचानना महत्वपूर्ण है। विचलनों का गुणनफल और तिरछे अंकों का योग/घटाव सावधानी से करें।
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