Official RBSE Solutions for Class 6 Mathematics: Chapter 07 वैदिक गणित
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Chapter-wise Solutions for Mathematics: Chapter 07 वैदिक गणित
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Question 1. सूत्र एक न्यूनेन पूर्वेण के परम मित्र अंक की सहायता से व्यवकलन कीजिए।
(i) \( \begin{array}{r} 75 \\ -27 \end{array} \)
(ii) \( \begin{array}{r} 84 \\ -56 \end{array} \)
(iii) \( \begin{array}{r} 435 \\ -146 \end{array} \)
(iv) \( \begin{array}{r} 840 \\ -573 \end{array} \)
(v) \( \begin{array}{r} \text{Rs } 75 \quad \text{पैसे } 40 \\ -56 \quad 73 \end{array} \)
(vi) \( \begin{array}{r} \text{मीटर } 134 \quad \text{सेमी. } 40 \\ -65 \quad 85 \end{array} \)
(vii) \( \begin{array}{r} \text{किग्रा } 235 \quad \text{ग्राम } 125 \\ -79 \quad 238 \end{array} \)
Answer:
(i) हम 'एक न्यूनेन पूर्वेण' विधि से घटाते हैं। इकाई अंक के लिए, 5 में से 7 नहीं घट सकते। इसलिए, 7 का परममित्र अंक (पूरक अंक) 3 लेते हैं। इस 3 को ऊपर वाले अंक 5 में जोड़ते हैं: \( 5 + 3 = 8 \). इस 8 को इकाई स्थान के नीचे लिखते हैं। दहाई अंक के लिए, चूंकि हमने इकाई स्थान पर नीचे वाले 7 का परममित्र अंक लिया था, इसलिए ऊपर वाले संख्या के दहाई अंक 7 पर 'एक न्यूनेन' (एक कम) चिह्न लगाते हैं, जिससे 7 अब \( \underset { \cdot }{ 7 } = 6 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 6 में से नीचे वाले अंक 2 को घटाते हैं: \( 6 - 2 = 4 \). इस 4 को दहाई स्थान के नीचे लिखते हैं। इस प्रकार, परिणाम \( \begin{array}{r} 75 \\ -27 \\ \hline 48 \end{array} \) आता है। इस विधि से संख्याओं को आसान तरीके से घटाया जा सकता है।
(ii) हम 'एक न्यूनेन पूर्वेण' और 'परम मित्र अंक' विधि का उपयोग करके घटाते हैं। इकाई अंक के लिए, 4 में से 6 नहीं घटता। इसलिए, 6 का परम मित्र अंक (10 में से 6 घटाकर) 4 होता है। इस 4 को ऊपर वाले अंक 4 में जोड़ते हैं: \( 4 + 4 = 8 \). इस 8 को इकाई स्थान के नीचे लिखते हैं। दहाई अंक के लिए, चूंकि हमने इकाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए ऊपर वाले संख्या के दहाई अंक 8 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 8 अब \( \underset { \cdot }{ 8 } = 7 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 7 में से नीचे वाले अंक 5 को घटाते हैं: \( 7 - 5 = 2 \). इस 2 को दहाई स्थान के नीचे लिखते हैं। इस प्रकार, परिणाम \( \begin{array}{r} 84 \\ -56 \\ \hline 28 \end{array} \) आता है। यह विधि घटाने को सरल बनाती है।
(iii) हम 'एक न्यूनेन पूर्वेण' और 'परम मित्र अंक' विधि से घटाते हैं। इकाई अंक के लिए, 5 में से 6 नहीं घटता। इसलिए, 6 का परम मित्र अंक (10 में से 6 घटाकर) 4 होता है। इस 4 को ऊपर वाले अंक 5 में जोड़ते हैं: \( 5 + 4 = 9 \). इस 9 को इकाई स्थान के नीचे लिखते हैं। दहाई अंक के लिए, चूंकि हमने इकाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए ऊपर वाले संख्या के दहाई अंक 3 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 3 अब \( \underset { \cdot }{ 3 } = 2 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 2 में से नीचे वाले अंक 4 को घटाना है, लेकिन 2 < 4 है। इसलिए, 4 का परम मित्र अंक (10 में से 4 घटाकर) 6 होता है। इस 6 को 2 में जोड़ते हैं: \( 2 + 6 = 8 \). इस 8 को दहाई स्थान के नीचे लिखते हैं। सैकड़ा अंक के लिए, चूंकि हमने दहाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए ऊपर वाले संख्या के सैकड़ा अंक 4 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 4 अब \( \underset { \cdot }{ 4 } = 3 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 3 में से नीचे वाले अंक 1 को घटाते हैं: \( 3 - 1 = 2 \). इस 2 को सैकड़ा स्थान के नीचे लिखते हैं। इस प्रकार, परिणाम \( \begin{array}{r} 435 \\ -146 \\ \hline 289 \end{array} \) आता है। यह विधि घटाने को क्रमबद्ध रूप से आसान बनाती है।
(iv) हम 'एक न्यूनेन पूर्वेण' और 'परम मित्र अंक' विधि से घटाते हैं। इकाई अंक के लिए, 0 में से 3 नहीं घटता। इसलिए, 3 का परम मित्र अंक (10 में से 3 घटाकर) 7 होता है। इस 7 को ऊपर वाले अंक 0 में जोड़ते हैं: \( 0 + 7 = 7 \). इस 7 को इकाई स्थान के नीचे लिखते हैं। दहाई अंक के लिए, चूंकि हमने इकाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए ऊपर वाले संख्या के दहाई अंक 4 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 4 अब \( \underset { \cdot }{ 4 } = 3 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 3 में से नीचे वाले अंक 7 को घटाना है, लेकिन 3 < 7 है। इसलिए, 7 का परम मित्र अंक (10 में से 7 घटाकर) 3 होता है। इस 3 को 3 में जोड़ते हैं: \( 3 + 3 = 6 \). इस 6 को दहाई स्थान के नीचे लिखते हैं। सैकड़ा अंक के लिए, चूंकि हमने दहाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए ऊपर वाले संख्या के सैकड़ा अंक 8 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 8 अब \( \underset { \cdot }{ 8 } = 7 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 7 में से नीचे वाले अंक 5 को घटाते हैं: \( 7 - 5 = 2 \). इस 2 को सैकड़ा स्थान के नीचे लिखते हैं। इस प्रकार, परिणाम \( \begin{array}{r} 840 \\ -573 \\ \hline 267 \end{array} \) आता है। यह विधि घटाने को आसान और व्यवस्थित बनाती है।
(v) हम 'एक न्यूनेन पूर्वेण' और 'परम मित्र अंक' विधि का उपयोग करके रुपये और पैसे घटाते हैं। पैसे वाले भाग के लिए, 40 में से 73 नहीं घटता। चूंकि 1 रुपया 100 पैसे के बराबर होता है, तो 73 का परम मित्र अंक 100 में से 73 घटाकर 27 होता है। इस 27 को ऊपर वाले 40 पैसे में जोड़ते हैं: \( 40 + 27 = 67 \). इस 67 को पैसे के स्थान के नीचे लिखते हैं। रुपये वाले भाग के इकाई अंक के लिए, चूंकि हमने पैसे वाले भाग पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए रुपये वाले भाग के इकाई अंक 5 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 5 अब \( \underset { \cdot }{ 5 } = 4 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 4 में से नीचे वाले 6 को घटाना है, लेकिन 4 < 6 है। इसलिए, 6 का परम मित्र अंक (10 में से 6 घटाकर) 4 होता है। इस 4 को 4 में जोड़ते हैं: \( 4 + 4 = 8 \). इस 8 को रुपये के इकाई स्थान के नीचे लिखते हैं। रुपये वाले भाग के दहाई अंक के लिए, चूंकि हमने रुपये के इकाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए रुपये वाले भाग के दहाई अंक 7 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 7 अब \( \underset { \cdot }{ 7 } = 6 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 6 में से नीचे वाले अंक 5 को घटाते हैं: \( 6 - 5 = 1 \). इस 1 को रुपये के दहाई स्थान के नीचे लिखते हैं। इस प्रकार, परिणाम \( \begin{array}{r} \text{Rs } 75 \quad \text{पैसे } 40 \\ -56 \quad 73 \\ \hline \text{Rs } 18 \quad \text{पैसे } 67 \end{array} \) आता है। इस विधि से विभिन्न इकाइयों वाले घटाव भी आसानी से किए जा सकते हैं।
(vi) हम 'एक न्यूनेन पूर्वेण' और 'परम मित्र अंक' विधि का उपयोग करके मीटर और सेंटीमीटर घटाते हैं। सेंटीमीटर वाले भाग के लिए, 40 में से 85 नहीं घटता। चूंकि 1 मीटर 100 सेंटीमीटर के बराबर होता है, तो 85 का परम मित्र अंक 100 में से 85 घटाकर 15 होता है। इस 15 को ऊपर वाले 40 सेंटीमीटर में जोड़ते हैं: \( 40 + 15 = 55 \). इस 55 को सेंटीमीटर के स्थान के नीचे लिखते हैं। मीटर वाले भाग के इकाई अंक के लिए, चूंकि हमने सेंटीमीटर वाले भाग पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए मीटर वाले भाग के इकाई अंक 4 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 4 अब \( \underset { \cdot }{ 4 } = 3 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 3 में से नीचे वाले 5 को घटाना है, लेकिन 3 < 5 है। इसलिए, 5 का परम मित्र अंक (10 में से 5 घटाकर) 5 होता है। इस 5 को 3 में जोड़ते हैं: \( 3 + 5 = 8 \). इस 8 को मीटर के इकाई स्थान के नीचे लिखते हैं। मीटर वाले भाग के दहाई अंक के लिए, चूंकि हमने मीटर के इकाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए मीटर वाले भाग के दहाई अंक 3 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 3 अब \( \underset { \cdot }{ 3 } = 2 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 2 में से नीचे वाले 6 को घटाना है, लेकिन 2 < 6 है। इसलिए, 6 का परम मित्र अंक (10 में से 6 घटाकर) 4 होता है। इस 4 को 2 में जोड़ते हैं: \( 2 + 4 = 6 \). इस 6 को मीटर के दहाई स्थान के नीचे लिखते हैं। मीटर वाले भाग के सैकड़ा अंक के लिए, चूंकि हमने मीटर के दहाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए मीटर वाले भाग के सैकड़ा अंक 1 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 1 अब \( \underset { \cdot }{ 1 } = 0 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 0 में से नीचे कोई अंक नहीं है (यानी 0 घटाते हैं): \( 0 - 0 = 0 \). इस 0 को मीटर के सैकड़ा स्थान के नीचे लिखते हैं। इस प्रकार, परिणाम \( \begin{array}{r} \text{मीटर } 134 \quad \text{सेमी. } 40 \\ -65 \quad 85 \\ \hline 68 \quad 55 \end{array} \) आता है। यह विधि भी समान रूप से प्रभावी है।
(vii) हम 'एक न्यूनेन पूर्वेण' और 'परम मित्र अंक' विधि का उपयोग करके किलोग्राम और ग्राम घटाते हैं। ग्राम वाले भाग के लिए, 125 में से 238 नहीं घटता। चूंकि 1 किलोग्राम 1000 ग्राम के बराबर होता है, तो 238 का परम मित्र अंक 1000 में से 238 घटाकर 762 होता है। इस 762 को ऊपर वाले 125 ग्राम में जोड़ते हैं: \( 125 + 762 = 887 \). इस 887 को ग्राम के स्थान के नीचे लिखते हैं। किलोग्राम वाले भाग के इकाई अंक के लिए, चूंकि हमने ग्राम वाले भाग पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए किलोग्राम वाले भाग के इकाई अंक 5 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 5 अब \( \underset { \cdot }{ 5 } = 4 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 4 में से नीचे वाले 9 को घटाना है, लेकिन 4 < 9 है। इसलिए, 9 का परम मित्र अंक (10 में से 9 घटाकर) 1 होता है। इस 1 को 4 में जोड़ते हैं: \( 4 + 1 = 5 \). इस 5 को किलोग्राम के इकाई स्थान के नीचे लिखते हैं। किलोग्राम वाले भाग के दहाई अंक के लिए, चूंकि हमने किलोग्राम के इकाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए किलोग्राम वाले भाग के दहाई अंक 3 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 3 अब \( \underset { \cdot }{ 3 } = 2 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 2 में से नीचे वाले 7 को घटाना है, लेकिन 2 < 7 है। इसलिए, 7 का परम मित्र अंक (10 में से 7 घटाकर) 3 होता है। इस 3 को 2 में जोड़ते हैं: \( 2 + 3 = 5 \). इस 5 को किलोग्राम के दहाई स्थान के नीचे लिखते हैं। किलोग्राम वाले भाग के सैकड़ा अंक के लिए, चूंकि हमने किलोग्राम के दहाई स्थान पर परम मित्र अंक का उपयोग किया था, इसलिए किलोग्राम वाले भाग के सैकड़ा अंक 2 पर 'एक न्यूनेन' चिह्न लगाते हैं, जिससे 2 अब \( \underset { \cdot }{ 2 } = 1 \) बन जाता है। अब इस संशोधित 1 में से नीचे कोई अंक नहीं है (यानी 0 घटाते हैं): \( 1 - 0 = 1 \). इस 1 को किलोग्राम के सैकड़ा स्थान के नीचे लिखते हैं। इस प्रकार, परिणाम \( \begin{array}{r} \text{किग्रा } 235 \quad \text{ग्राम } 125 \\ -79 \quad 238 \\ \hline 155 \quad 887 \end{array} \) आता है। यह विधि बड़ी संख्याओं और विभिन्न इकाइयों वाले घटाव में बहुत उपयोगी है।
In simple words: 'एक न्यूनेन पूर्वेण' विधि में, यदि ऊपर का अंक छोटा हो, तो नीचे वाले अंक का पूरक अंक (10 या 1000 में से घटाकर) ऊपर वाले अंक में जोड़ा जाता है। फिर, बाईं ओर के अंक को एक कम करके घटाया जाता है। यह प्रक्रिया हर कॉलम में दोहराई जाती है, जिससे घटाना आसान हो जाता है।
🎯 Exam Tip: वैदिक गणित के सूत्रों को ध्यान से समझें, खासकर 'परम मित्र अंक' और 'एक न्यूनेन पूर्वेण' के नियम। विभिन्न इकाइयों (जैसे रुपये-पैसे, मीटर-सेमी.) वाले घटाव में आधार मान (10, 100, 1000) का सही उपयोग करना महत्वपूर्ण है।
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