RBSE Solutions Class 6 Maths Chapter 7 वैदिक गणित Exercise 7.1

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Question 1. स्त्र एकाधिकेन पूर्वेण से योगफल ज्ञात कीजिए।
(i) \( \begin{array}{r} 96 \\ +68 \\ \hline \end{array} \)
Answer:
एकाधिकेन पूर्वेण विधि से योगफल ज्ञात करने पर:
(i) \( \begin{array}{r} 96 \\ +06\overset{\bullet}{8} \\ \hline 164 \end{array} \)
* पहले इकाई के अंकों को जोड़ा: \(6 + 8 = 14\)। इकाई के स्थान पर 4 लिखा जाएगा। अंक 8 के ठीक पहले वाले अंक 6 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{6})\) लगाया जाएगा।
* अब दहाई के अंकों को जोड़ा जाएगा: \(9 + \overset{\bullet}{6}\)। एकाधिक चिह्न के कारण \( \overset{\bullet}{6} \) का मतलब 7 होता है। इसलिए, \(9 + 7 = 16\)। दहाई के स्थान पर 6 लिखा जाएगा। अंक 9 के ठीक पहले वाले काल्पनिक अंक 0 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{0})\) लगाया जाएगा।
* अंत में, \( \overset{\bullet}{0} \) का मान 1 होता है, जिसे सैकड़े के स्थान पर लिखा जाएगा।
इस तरह, योगफल \(164\) प्राप्त होता है। यह विधि बड़े योग को छोटे-छोटे चरणों में बाँट देती है।
In simple words: इकाई और दहाई के अंकों को जोड़ते समय, जहाँ भी योग 9 से अधिक हो, अगले अंक पर एक बिंदु लगाएँ।

🎯 Exam Tip: एकाधिकेन पूर्वेण विधि में, जब किसी अंक का योग 9 या उससे अधिक हो जाता है, तो अगले अंक पर एकाधिक चिह्न लगाना न भूलें।

 

Question 1. स्त्र एकाधिकेन पूर्वेण से योगफल ज्ञात कीजिए।
(ii) \( \begin{array}{r} 98 \\ 49 \\ +35 \\ \hline \end{array} \)
Answer:
एकाधिकेन पूर्वेण विधि से योगफल ज्ञात करने पर (दिए गए संकेत के अनुसार):
(ii) \( \begin{array}{r} 98 \\ 4\overset{\bullet}{9} \\ +3\overset{\bullet}{5} \\ \hline 172 \end{array} \)
* पहले इकाई के अंकों को जोड़ा गया: \(8 + 9 = 17\)। अंक 9 के पहले वाले अंक 4 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{4})\) लगाया गया। इस चरण का इकाई अंक 7 है।
* फिर इस 7 में अगले अंक 5 को जोड़ा गया: \(7 + 5 = 12\)। अंक 5 के पहले वाले अंक 3 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{3})\) लगाया गया। इकाई के स्थान पर 2 लिखा जाएगा।
* अब दहाई के अंकों को जोड़ा गया: \(9 + \overset{\bullet}{4}\)। एकाधिक चिह्न के कारण \( \overset{\bullet}{4} \) का मान 5 होता है। इसलिए, \(9 + 5 = 14\)। अंक 9 के पहले वाले काल्पनिक अंक 0 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{0})\) लगाया गया। इस चरण का दहाई अंक 4 है।
* फिर इस 4 में अगले अंक 3 को जोड़ा गया: \(4 + 3 = 7\)। दहाई के स्थान पर 7 लिखा जाएगा।
* अंत में, \( \overset{\bullet}{0} \) का मान 1 होता है, जिसे सैकड़े के स्थान पर लिखा जाएगा।
इस प्रकार, योगफल \(172\) प्राप्त होता है। यह विधि वैदिक गणित में गणना को सरल बनाती है।
In simple words: इकाई के अंकों को जोड़ते समय जो भी दहाई अंक आए, उसे अगले अंक पर एकाधिक चिह्न के रूप में जोड़ दें। फिर दहाई के अंकों को भी इसी तरह जोड़ें।

🎯 Exam Tip: एकाधिकेन पूर्वेण विधि में हर चरण के बाद बचे हुए इकाई अंक को अगले योग में शामिल करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 1. स्त्र एकाधिकेन पूर्वेण से योगफल ज्ञात कीजिए।
(iii) \( \begin{array}{r} 327 \\ 496 \\ +528 \\ \hline \end{array} \)
Answer:
एकाधिकेन पूर्वेण विधि से योगफल ज्ञात करने पर:
(iii) \( \begin{array}{r} 32\overset{\bullet}{7} \\ 49\overset{\bullet}{6} \\ +05\overset{\bullet}{2}8 \\ \hline 1351 \end{array} \)
* पहले इकाई के अंकों को जोड़ा गया: \(7 + 6 = 13\)। अंक 6 के ठीक पहले वाले अंक 9 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{9})\) लगाया गया। इकाई के स्थान पर 3 शेष रहा।
* फिर इस 3 में अगले अंक 8 को जोड़ा गया: \(3 + 8 = 11\)। अंक 8 के ठीक पहले वाले अंक 2 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{2})\) लगाया गया। इकाई के स्थान पर 1 लिखा जाएगा।
* अब दहाई के अंकों को जोड़ा गया: \(2 + \overset{\bullet}{9} = 2 + 10 = 12\)। अंक 9 के पहले वाले अंक 4 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{4})\) लगाया गया। दहाई के स्थान पर 2 शेष रहा।
* फिर इस 2 में अगले अंक \( \overset{\bullet}{2} \) को जोड़ा गया: \(2 + \overset{\bullet}{2} = 2 + 3 = 5\)। दहाई के स्थान पर 5 लिखा जाएगा।
* अब सैकड़े के अंकों को जोड़ा गया: \(3 + \overset{\bullet}{4} = 3 + 5 = 8\)। सैकड़े के स्थान पर 8 शेष रहा।
* फिर इस 8 में अगले अंक 5 को जोड़ा गया: \(8 + 5 = 13\)। अंक 5 के पहले वाले काल्पनिक अंक 0 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{0})\) लगाया गया। सैकड़े के स्थान पर 3 लिखा जाएगा।
* अंत में, \( \overset{\bullet}{0} \) का मान 1 होता है, जिसे हजार के स्थान पर लिखा जाएगा।
इस तरह, योगफल \(1351\) प्राप्त होता है। यह विधि जोड़ को एक व्यवस्थित तरीके से करने में मदद करती है।
In simple words: इकाई से शुरू करते हुए अंकों को जोड़ें, और जब भी योग 10 या उससे अधिक हो, तो अगले अंक पर एक बिंदु (एकाधिक चिह्न) लगा दें।

🎯 Exam Tip: एकाधिकेन पूर्वेण में, हर बार योगफल के इकाई अंक को ही नीचे लिखें और दहाई अंक के लिए एकाधिक चिह्न का प्रयोग करें।

 

Question 1. स्त्र एकाधिकेन पूर्वेण से योगफल ज्ञात कीजिए।
(iv) रुपये पैसे
\( \begin{array}{r} 418 & 75 \\ +395 & 36 \\ \hline \end{array} \)
Answer:
एकाधिकेन पूर्वेण विधि से योगफल ज्ञात करने पर:
(iv) रुपये पैसे
\( \begin{array}{r} 418 & 7\overset{\bullet}{5} \\ +39\overset{\bullet}{5} & 3\overset{\bullet}{6} \\ \hline 814 & 11 \\ \end{array} \)
* पहले पैसों के इकाई के अंकों को जोड़ा गया: \(5 + 6 = 11\)। अंक 6 के ठीक पहले वाले अंक 3 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{3})\) लगाया गया। पैसों के योगफल के इकाई स्थान पर 1 लिखा जाएगा।
* फिर पैसों के दहाई के अंकों को जोड़ा गया: \(7 + \overset{\bullet}{3} = 7 + 4 = 11\)। अंक 3 के ठीक पहले वाले अंक 5 (रुपये के कॉलम में) पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{5})\) लगाया गया। पैसों के योगफल के दहाई स्थान पर 1 लिखा जाएगा।
* अब रुपये के इकाई के अंकों को जोड़ा गया: \(8 + \overset{\bullet}{5} = 8 + 6 = 14\)। अंक 5 के ठीक पहले वाले अंक 9 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{9})\) लगाया गया। रुपये के योगफल के इकाई स्थान पर 4 लिखा जाएगा।
* फिर रुपये के दहाई के अंकों को जोड़ा गया: \(1 + \overset{\bullet}{9} = 1 + 10 = 11\)। अंक 9 के ठीक पहले वाले अंक 3 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{3})\) लगाया गया। रुपये के योगफल के दहाई स्थान पर 1 लिखा जाएगा।
* अंत में, रुपये के सैकड़े के अंकों को जोड़ा गया: \(4 + \overset{\bullet}{3} = 4 + 4 = 8\)। रुपये के योगफल के सैकड़े के स्थान पर 8 लिखा जाएगा।
इस तरह, योगफल 814 रुपये 11 पैसे प्राप्त होता है। यह विधि दैनिक जीवन के गणनाओं में भी उपयोगी है।
In simple words: रुपये और पैसों को अलग-अलग जोड़ते हुए एकाधिक चिह्न का प्रयोग करें। जब पैसों का योग 100 से ऊपर जाए, तो बचे हुए पैसों को रुपये में जोड़ दें।

🎯 Exam Tip: रुपये और पैसे या किमी और मीटर जैसे मिश्रित इकाइयों को जोड़ते समय, हर इकाई के कॉलम को अलग-अलग ध्यान से जोड़ें और कैरी ओवर का सही उपयोग करें।

 

Question 1. स्त्र एकाधिकेन पूर्वेण से योगफल ज्ञात कीजिए।
(v) किमी. मीटर
\( \begin{array}{r} 86 & 786 \\ +75 & 345 \\ \hline \end{array} \)
Answer:
एकाधिकेन पूर्वेण विधि से योगफल ज्ञात करने पर:
(v) किमी. मीटर
\( \begin{array}{r} 86 & 78\overset{\bullet}{6} \\ +7\overset{\bullet}{5} & 34\overset{\bullet}{5} \\ \hline 162 & 131 \\ \end{array} \)
* पहले मीटर के इकाई के अंकों को जोड़ा गया: \(6 + 5 = 11\)। अंक 5 के ठीक पहले वाले अंक 4 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{4})\) लगाया गया। मीटर के योगफल के इकाई स्थान पर 1 लिखा जाएगा।
* फिर मीटर के दहाई के अंकों को जोड़ा गया: \(8 + \overset{\bullet}{4} = 8 + 5 = 13\)। अंक 4 के ठीक पहले वाले अंक 3 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{3})\) लगाया गया। मीटर के योगफल के दहाई स्थान पर 3 लिखा जाएगा।
* फिर मीटर के सैकड़े के अंकों को जोड़ा गया: \(7 + \overset{\bullet}{3} = 7 + 4 = 11\)। अंक 3 के ठीक पहले वाले अंक 5 (किमी. के कॉलम में) पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{5})\) लगाया गया। मीटर के योगफल के सैकड़े के स्थान पर 1 लिखा जाएगा।
* अब किमी. के इकाई के अंकों को जोड़ा गया: \(6 + \overset{\bullet}{5} = 6 + 6 = 12\)। अंक 5 के ठीक पहले वाले अंक 7 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{7})\) लगाया गया। किमी. के योगफल के इकाई स्थान पर 2 लिखा जाएगा।
* फिर किमी. के दहाई के अंकों को जोड़ा गया: \(8 + \overset{\bullet}{7} = 8 + 8 = 16\)। अंक 7 के ठीक पहले वाले काल्पनिक अंक 0 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{0})\) लगाया गया। किमी. के योगफल के दहाई स्थान पर 6 लिखा जाएगा।
* अंत में, \( \overset{\bullet}{0} \) का मान 1 होता है, जिसे लाख (दस हजार के बाद) के स्थान पर लिखा जाएगा।
इस तरह, योगफल 162 किमी 131 मीटर प्राप्त होता है। यह विधि दूरी की गणना में सटीकता लाती है।
In simple words: मीटर के अंकों को जोड़ते समय जो भी कैरी आए, उसे किमी के कॉलम में एकाधिक चिह्न के रूप में जोड़ें। फिर किमी के अंकों को भी इसी तरह जोड़ें।

🎯 Exam Tip: विभिन्न इकाइयों (जैसे किमी और मीटर) के योग में, यह सुनिश्चित करें कि आप हर इकाई के लिए सही कैरी (हासिल) का उपयोग कर रहे हैं।

 

Question 1. स्त्र एकाधिकेन पूर्वेण से योगफल ज्ञात कीजिए।
(vi) किग्रा ग्राम
\( \begin{array}{r} 139 & 65 \\ +087 & 83 \\ \hline \end{array} \)
Answer:
एकाधिकेन पूर्वेण विधि से योगफल ज्ञात करने पर:
(vi) किग्रा ग्राम
\( \begin{array}{r} 139 & 6\overset{\bullet}{5} \\ +08\overset{\bullet}{7} & 8\overset{\bullet}{3} \\ \hline 227 & 48 \\ \end{array} \)
* पहले ग्राम के इकाई के अंकों को जोड़ा गया: \(5 + 3 = 8\)। ग्राम के योगफल के इकाई स्थान पर 8 लिखा जाएगा।
* फिर ग्राम के दहाई के अंकों को जोड़ा गया: \(6 + 8 = 14\)। अंक 8 के ठीक पहले वाले अंक 7 (किग्रा. के कॉलम में) पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{7})\) लगाया गया। ग्राम के योगफल के दहाई स्थान पर 4 लिखा जाएगा।
* अब किग्रा. के इकाई के अंकों को जोड़ा गया: \(9 + \overset{\bullet}{7} = 9 + 8 = 17\)। अंक 7 के ठीक पहले वाले अंक 8 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{8})\) लगाया गया। किग्रा. के योगफल के इकाई स्थान पर 7 लिखा जाएगा।
* फिर किग्रा. के दहाई के अंकों को जोड़ा गया: \(3 + \overset{\bullet}{8} = 3 + 9 = 12\)। अंक 8 के ठीक पहले वाले काल्पनिक अंक 0 पर एकाधिक चिह्न \((\overset{\bullet}{0})\) लगाया गया। किग्रा. के योगफल के दहाई स्थान पर 2 लिखा जाएगा।
* अंत में, किग्रा. के सैकड़े के अंकों को जोड़ा गया: \(1 + \overset{\bullet}{0} = 1 + 1 = 2\)। किग्रा. के योगफल के सैकड़े के स्थान पर 2 लिखा जाएगा।
इस तरह, योगफल 227 किग्रा 48 ग्राम प्राप्त होता है। यह विधि माप की इकाइयों को जोड़ने में सटीकता सुनिश्चित करती है।
In simple words: ग्राम के अंकों को जोड़ें, फिर किग्रा के अंकों को जोड़ें। हर बार, जब भी योग 10 या उससे अधिक हो, तो अगले अंक पर एकाधिक चिह्न लगाएँ।

🎯 Exam Tip: ग्राम और किग्रा जैसी इकाइयों को जोड़ते समय, सुनिश्चित करें कि आप प्रत्येक स्थान (इकाई, दहाई) पर एकाधिक चिह्न का सही ढंग से उपयोग करते हैं।

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Mathematics Class 6 Curriculum Solutions: Chapter 07 वैदिक गणित

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