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Detailed Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ RBSE Solutions for Class 6 Mathematics
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Class 6 Mathematics Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ RBSE Solutions PDF
Rajasthan Board RBSE Class 6 Maths Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ Additional Questions
बहुविकल्पीय प्रश्न
Question 1. 500 की पूर्ववर्ती संख्या है -
(a) 400
(b) 499
(c) 501
(d) 600
Answer: (b) 499
In simple words: पूर्ववर्ती संख्या किसी दी गई संख्या से ठीक एक कम होती है। 500 की पूर्ववर्ती संख्या 500 - 1, यानी 499 है।
🎯 Exam Tip: पूर्ववर्ती संख्या का मतलब है, जो संख्या दी गई है, उससे ठीक एक पहले आने वाली संख्या। इसे ज्ञात करने के लिए हमेशा 1 घटाएँ।
Question 2. 812 की परवर्ती संख्या है –
(a) 811
(b) 800
(c) 813
(d) 900
Answer: (c) 813
In simple words: परवर्ती संख्या किसी दी गई संख्या से ठीक एक ज़्यादा होती है। 812 की परवर्ती संख्या 812 + 1, यानी 813 है।
🎯 Exam Tip: परवर्ती संख्या का मतलब है, जो संख्या दी गई है, उसके ठीक एक बाद आने वाली संख्या। इसे ज्ञात करने के लिए हमेशा 1 जोड़ें।
Question 3. सबसे छोटी संख्या है –
(a) 0
(b) 1
(c) 2
(d) 3
Answer: (a) 0
In simple words: अगर हम पूर्ण संख्याओं की बात करें, तो 0 सबसे छोटी संख्या है। गिनती की शुरुआत 0 से होती है, जिसमें सारी धनात्मक संख्याएँ शामिल होती हैं।
🎯 Exam Tip: यह जानना ज़रूरी है कि सबसे छोटी पूर्ण संख्या 0 है, जबकि सबसे छोटी प्राकृत संख्या 1 है। प्रश्न में "संख्या" शब्द का अर्थ अक्सर पूर्ण संख्या होता है, जब तक कि स्पष्ट रूप से "प्राकृत" न कहा जाए।
Question 4. संख्या रेखा पर 9 के बाईं ओर संख्या होगी।
(a) 10
(b) 9
(c) 100
(d) अपरिभाषित।
Answer: (d) अपरिभाषित।
In simple words: संख्या रेखा पर किसी संख्या के बाईं ओर उससे छोटी संख्याएँ होती हैं। 9 के ठीक बाईं ओर 8 होती है, जो विकल्प में नहीं है, इसलिए सही विकल्प 'अपरिभाषित' है क्योंकि दिए गए विकल्पों में से कोई भी 9 के बाईं ओर सीधे नहीं है (विकल्प (a) और (b) तो 9 या उससे बड़े हैं)।
🎯 Exam Tip: संख्या रेखा पर हमेशा ध्यान रखें कि बाईं ओर जाने पर संख्याएँ छोटी होती जाती हैं और दाईं ओर जाने पर बड़ी।
Question 6. 67 की उत्तरवर्ती व पूर्ववर्ती संख्या होगी।
(a) 68, 66
(b) 66, 69
(c) 65, 66
(d) 66, 69
Answer: (a) 68, 66
In simple words: 67 की उत्तरवर्ती संख्या 67 + 1 = 68 है, और 67 की पूर्ववर्ती संख्या 67 - 1 = 66 है।
🎯 Exam Tip: जब उत्तरवर्ती और पूर्ववर्ती दोनों पूछे जाएँ, तो उन्हें क्रम से लिखें - पहले उत्तरवर्ती (अगली) संख्या और फिर पूर्ववर्ती (पिछली) संख्या।
Question 7. संख्या रेखा पर 13 के दाईं ओर संख्या होगी।
(a) 12
(b) 13
(c) 14
(d) 15.
Answer: (c) 14
In simple words: संख्या रेखा पर किसी संख्या के दाईं ओर उससे बड़ी संख्याएँ होती हैं। 13 के ठीक दाईं ओर 13 + 1 = 14 होता है।
🎯 Exam Tip: संख्या रेखा पर किसी संख्या के दाईं ओर की संख्या ज्ञात करने के लिए उसमें 1 जोड़ते हैं।
Question 8. सबसे छोटी प्राकृत संख्या है।
(a) 0
(b) 1
(c) 2
(d) 3
Answer: (b) 1
In simple words: प्राकृत संख्याएँ वे संख्याएँ होती हैं जिनसे हम गिनती शुरू करते हैं, जैसे 1, 2, 3, और आगे। इसलिए, 1 सबसे छोटी प्राकृत संख्या है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि प्राकृत संख्याएँ 1 से शुरू होती हैं, जबकि पूर्ण संख्याएँ 0 से शुरू होती हैं। यह एक आम गलती है।
रिक्त स्थान भरिए -
Question 1. (i) शून्य (0) एक............संख्या है।
(ii) ............संख्या का कोई पूर्ववर्ती नहीं है।
(iii) प्राकृत संख्याएँ...........होती है।
(iv) \( (40 + 10) + 50 = ........... + (10 + 50) \)
(v) \( 18 \times ........... = 90 \times 18 \)
Answer:
(i) पूर्ण
(ii) 0
(iii) अनन्त
(iv) 40
(v) 90
In simple words: शून्य एक पूर्ण संख्या है, 0 की कोई पूर्ववर्ती संख्या नहीं होती, प्राकृत संख्याएँ अनन्त होती हैं, और दिए गए गणितीय समीकरणों को हल करने पर सही संख्याएँ प्राप्त होती हैं।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, गणितीय गुणों और संख्याओं के प्रकार (जैसे पूर्ण या प्राकृत) के नियमों को समझें। समीकरणों में, दोनों पक्षों को बराबर रखने के लिए सही संख्या भरें।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
Question 1. किसी संख्या को 0 व 1 से गुणा करने पर कौन-सी संख्या प्राप्त होती है ?
Answer: किसी संख्या को 0 से गुणा करने पर हमेशा 0 ही प्राप्त होता है। जब किसी संख्या को 1 से गुणा किया जाता है, तो वही संख्या वापस मिल जाती है। उदाहरण के लिए, \( 5 \times 0 = 0 \) और \( 5 \times 1 = 5 \)।
In simple words: अगर किसी संख्या को 0 से गुणा करें, तो जवाब हमेशा 0 आता है। अगर 1 से गुणा करें, तो संख्या वही रहती है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि 0 से गुणा करने पर परिणाम हमेशा 0 होता है (गुणा का शून्य गुणधर्म), और 1 से गुणा करने पर संख्या अपरिवर्तित रहती है (गुणा का तत्समक गुणधर्म)।
Question 2. संख्या रेखा पर 4 + 4, 4 – 4 तथा 4 × 4 को दर्शाइए।
Answer:संख्या रेखा पर \( 4 + 4 \) दर्शाने पर:
हम 0 से शुरू करते हैं, 4 कदम दाईं ओर जाते हैं (4 पर पहुँचते हैं)। फिर, वहाँ से 4 और कदम दाईं ओर जाते हैं (8 पर पहुँचते हैं)।
\( 4 + 4 = 8 \)
संख्या रेखा पर \( 4 - 4 \) दर्शाने पर:
हम 0 से शुरू करते हैं, 4 कदम दाईं ओर जाते हैं (4 पर पहुँचते हैं)। फिर, वहाँ से 4 कदम बाईं ओर जाते हैं (0 पर पहुँचते हैं)।
\( 4 - 4 = 0 \)
संख्या रेखा पर \( 4 \times 4 \) दर्शाने पर:
इसका मतलब है 4 को 4 बार जोड़ना। हम 0 से शुरू करते हैं और 4-4 कदमों के चार समूह दाईं ओर लेते हैं।
पहला 4 कदम (4 पर), दूसरा 4 कदम (8 पर), तीसरा 4 कदम (12 पर), और चौथा 4 कदम (16 पर)।
\( 4 \times 4 = 16 \)
In simple words: जोड़ के लिए संख्या रेखा पर दाईं ओर चलते हैं। घटाव के लिए दाईं ओर जाकर बाईं ओर चलते हैं। गुणा के लिए बराबर कदम बार-बार दाईं ओर चलते हैं।
🎯 Exam Tip: संख्या रेखा पर जोड़ हमेशा दाईं ओर बढ़ने से होता है, घटाव बाईं ओर बढ़ने से, और गुणा एक ही कदम को बार-बार दोहराने से होता है, जो कि दाईं ओर होता है।
Question 3. क्या पूर्ण संख्याओं का घटाव तथा भाग क्रम विनिमेयता व साहचर्यता के अन्तर्गत आता है ?
Answer: नहीं, पूर्ण संख्याओं का घटाव तथा भाग क्रम विनिमेयता व साहचर्यता के अन्तर्गत नहीं आता है। उदाहरण के लिए, \( 5 - 3 \neq 3 - 5 \) और \( 10 \div 2 \neq 2 \div 10 \)।
In simple words: पूर्ण संख्याओं में घटाने और भाग करने का क्रम बदलने से या समूह बदलने से उत्तर अलग आता है। इसलिए, ये क्रम विनिमेयता और साहचर्यता के नियमों का पालन नहीं करते।
🎯 Exam Tip: क्रम विनिमेयता का अर्थ है \( a \times b = b \times a \) (या \( a + b = b + a \))। साहचर्यता का अर्थ है \( (a \times b) \times c = a \times (b \times c) \) (या \( (a + b) + c = a + (b + c) \))। घटाव और भाग इन नियमों का पालन नहीं करते।
Question 4. पूर्ण संख्याओं की कौन-सी संक्रियाएँ क्रम विनिमेयता व साहचर्यता के अन्तर्गत आती हैं ?
Answer: पूर्ण संख्याओं के योग तथा गुणन की संक्रियाएँ क्रम विनिमेयता व साहचर्यता के अन्तर्गत आती हैं। यानी, आप संख्याओं को किसी भी क्रम में जोड़ या गुणा सकते हैं, और समूह को भी बदल सकते हैं, परिणाम समान ही रहेगा।
In simple words: जब पूर्ण संख्याओं को जोड़ा या गुणा किया जाता है, तो आप उनका क्रम बदल सकते हैं या उन्हें अलग-अलग समूहों में रख सकते हैं, फिर भी उत्तर वही आता है।
🎯 Exam Tip: योग और गुणन पूर्ण संख्याओं के लिए क्रम विनिमेय और साहचर्य दोनों होते हैं। यह गुणों का उपयोग बड़ी गणनाओं को सरल बनाने में मदद करता है।
लघु/दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
Question 1. उपयुक्त क्रम में लगाकर योग व गुणन ज्ञात कीजिए।
(i) 72+44 + 94
(ii) 51 x 63 x 47
Answer:
(i) \( 72 + 44 + 94 = (72 + 94) + 44 \) (समूह बदलकर जोड़ना आसान होता है)
\( = 166 + 44 \)
\( = 210 \)
(ii) \( 51 \times 63 \times 47 \) (इस तरह के गुणन में सीधे गुणा कर सकते हैं)
पहले \( 51 \times 63 \) करते हैं:
\( 51 \times 63 = 3213 \)
फिर, \( 3213 \times 47 \) करते हैं:
\( 3213 \times 47 = 151011 \)
In simple words: संख्याओं को उचित क्रम में समूहित करके जोड़ना आसान हो जाता है। गुणा में भी, हम एक-एक करके गुणा करते हैं।
🎯 Exam Tip: योग करते समय ऐसी संख्याओं को पहले समूह में लें जिनका योग 10 या 0 में समाप्त होता हो, इससे गणना आसान हो जाती है। गुणन में भी, संख्याओं को ऐसे क्रम में रखें जिससे गणना सरल हो।
Question 2. उपयुक्त क्रम में लगाकर योग व गुणन कीजिए।
(i) 43 + 67
(ii) 81 x 93
Answer:
(i) \( 43 + 67 = (40 + 3) + (60 + 7) \)
\( = (40 + 60) + (3 + 7) \) (यहां साहचर्य नियम का उपयोग किया गया)
\( = 100 + 10 \)
\( = 110 \)
(ii) \( 81 \times 93 = 81 \times (100 – 7) \) (यहां 93 को \( 100 - 7 \) के रूप में लिखा गया)
\( = 81 \times 100 - 81 \times 7 \) (वितरण नियम का उपयोग)
\( = 8100 - 567 \)
\( = 7533 \)
In simple words: जोड़ते समय संख्याओं को दहाई और इकाई में तोड़कर जोड़ना आसान हो सकता है। गुणा में, अगर कोई संख्या 100 या 10 के करीब है, तो उसे तोड़कर गुणा करना आसान होता है।
🎯 Exam Tip: योग और गुणन के गुणधर्मों (जैसे साहचर्य और वितरण) का उपयोग करना सीखें। ये गुणधर्म जटिल गणनाओं को सरल बनाने में बहुत सहायक होते हैं।
Question 3. निम्नलिखित को हल कीजिए।
(i) 62 x 48
(ii) 40 x 72
Answer:
(i) \( 62 \times 48 = 62 \times (40 + 8) \) (48 को \( 40 + 8 \) के रूप में लिखा गया)
\( = 62 \times 40 + 62 \times 8 \) (वितरण नियम का उपयोग)
\( = 2480 + 496 \)
\( = 2976 \)
(ii) \( 40 \times 72 = 40 \times (70 + 2) \) (72 को \( 70 + 2 \) के रूप में लिखा गया)
\( = 40 \times 70 + 40 \times 2 \) (वितरण नियम का उपयोग)
\( = 2800 + 80 \)
\( = 2880 \)
In simple words: गुणा करते समय, एक संख्या को दो हिस्सों में बांटकर (जैसे \( 48 = 40 + 8 \)) और फिर हर हिस्से से दूसरी संख्या को गुणा करके जोड़ना आसान होता है। इसे वितरण नियम कहते हैं।
🎯 Exam Tip: गुणन के वितरण नियम को समझें। यह \( a \times (b + c) = a \times b + a \times c \) के रूप में काम करता है। यह विधि बड़ी संख्याओं को गुणा करने में बहुत प्रभावी है।
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