RBSE Solutions Class 6 Maths Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ More Ques

NCERT Solutions for Class 6 Mathematics: Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ

Explore reliable textbook solutions for Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ tailored for Class 6 learners. Utilizing these Mathematics answers ensures thorough preparation and strengthens foundational knowledge before final RBSE evaluations.

Practice Class 6 Mathematics Solutions: Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ

View or download the dedicated Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ solution resource below. Engaging with these textbook answers under focused study conditions ensures continuous academic progress and mastery of the 2026-27 curriculum for Mathematics.

प्रश्न 1. संवृत गुण (Closure Property) के लिए तालिका को पूरा कीजिए :

पूर्ण संख्याएँसंक्रियाएँपरिणामनिष्कर्ष
6 और 2योग  
0 और 5योग  
8 और 5घटाव  
13 और 17घटाव  
6 और 2गुणा  
0 और 8गुणा  
8 और 2भाग  
7 और 9भाग  
Answer: तालिका को पूरा करने पर:
पूर्ण संख्याएँसंक्रियाएँपरिणामनिष्कर्ष
6 और 2योग\(6+2=8\)पूर्ण संख्या है
0 और 5योग\(0+5=5\)पूर्ण संख्या है
8 और 5घटाव\(8-5=3\)पूर्ण संख्या है
13 और 17घटाव\(13-17=-4\)पूर्ण संख्या नहीं है
6 और 2गुणा\(6 \times 2=12\)पूर्ण संख्या है
0 और 8गुणा\(0 \times 8=0\)पूर्ण संख्या है
8 और 2भाग\(8 \div 2=4\)पूर्ण संख्या है
7 और 9भाग\(7 \div 9=\frac{7}{9}\)पूर्ण संख्या नहीं है
In simple words: हमने जोड़, घटाव, गुणा और भाग की क्रियाएँ करके देखा कि पूर्ण संख्याओं के लिए कौन-सी क्रियाएँ संवृत गुण (Closure Property) का पालन करती हैं। जोड़ और गुणा में परिणाम हमेशा पूर्ण संख्या होती है, लेकिन घटाव और भाग में कभी-कभी नहीं होती।
🎯 Exam Tip: संवृत गुण को समझने के लिए हमेशा उदाहरणों का उपयोग करें, खासकर जब यह जांचना हो कि कोई संक्रिया (जैसे घटाव या भाग) संवृत है या नहीं, तो नकारात्मक या भिन्नात्मक परिणाम वाले उदाहरण चुनें।

 

22 + (7+6) = 22 + 13 = 35
\( \implies \) योग की प्रक्रिया में साहचर्य गुण विद्यमान है।
साहचर्य के अन्तर्गत गुणन प्रक्रिया करने पर –
\( (22 \times 7) \times 6 = 154 \times 6 = 924 \)
या
\( 22 \times (7 \times 6) = 22 \times 42 = 924 \)
\( \implies \) गुणन की प्रक्रिया में साहचर्य गुण विद्यमान है।

 

विचार कीजिए और बताइए

 

प्रश्न 1. \(6 - 6 = ...... \) या \(5 – 5 = ....... \) या \(10 – 10 = ........ \) क्या होगा ?
Answer: किसी संख्या में से स्वयं वही संख्या घटाने पर परिणाम सदैव शून्य होता है। जब कोई संख्या खुद से घटाई जाती है, तो उसका मान खत्म हो जाता है।
\(6-6=0\) या \(5-5 = 0\) या \(10 - 10 = 0\)
In simple words: किसी भी संख्या को उसी संख्या से घटाने पर हमेशा शून्य (0) मिलता है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि 'शून्य' किसी संख्या का 'जोड़ने वाला प्रतिलोम' होता है, जिसका मतलब है कि जब आप किसी संख्या से उसी संख्या को घटाते हैं, तो आपको शून्य मिलता है।

 

पाठगत प्रश्न

 

प्रश्न 1. निम्न सारणी में खाली स्थान में उपयुक्त संख्या भरिए।

पूर्ववर्ती प्राकृत संख्याप्राकृत संख्याअग्र (परवर्ती प्राकृत संख्या)
\(13-1=12\)13\(13+1=14\)
 55 
99100101
 200 
 1011
 1 
Answer: सारणी को पूरा करने पर:
पूर्ववर्ती प्राकृत संख्याप्राकृत संख्याअग्र (परवर्ती प्राकृत संख्या)
\(13-1=12\)13\(13+1=14\)
545556
99100101
199200201
91011
0 (पूर्ण संख्या)12
In simple words: पूर्ववर्ती संख्या का मतलब है एक संख्या पहले वाली, और परवर्ती संख्या का मतलब है एक संख्या बाद वाली। प्राकृतिक संख्याएँ 1 से शुरू होती हैं, इसलिए 1 की कोई प्राकृतिक पूर्ववर्ती संख्या नहीं होती।
🎯 Exam Tip: पूर्ववर्ती संख्या के लिए हमेशा 1 घटाएं, और परवर्ती संख्या के लिए हमेशा 1 जोड़ें। ध्यान रखें कि प्राकृतिक संख्याएँ 1 से शुरू होती हैं, इसलिए 1 की कोई प्राकृतिक पूर्ववर्ती संख्या नहीं होती।

 

नोट – संख्या 1 की पूर्ववर्ती प्राकृत संख्या नहीं होती, क्योंकि \(1 - 1 = 0\) पूर्ण संख्या है।

 

प्रश्न 2. क्या नीचे दी संख्या रेखा को देखकर आप बता सकते हैं कि कौन-सी संख्या बड़ी है?
0 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
Answer: हाँ, संख्या रेखा को देखकर बताया जा सकता है। संख्या रेखा पर जो संख्या दाहिनी ओर होती है, वह बाईं ओर वाली संख्या से बड़ी होती है। उदाहरण के लिए, 10 सबसे बड़ी संख्या है क्योंकि यह सबसे दाहिनी ओर है। इसी तरह, संख्या 1 शून्य से बड़ी है, 2, 1 से बड़ी है, और 10, 9 से बड़ी है।
In simple words: संख्या रेखा पर, जो नंबर दाईं ओर होता है वह हमेशा बाईं ओर वाले नंबर से बड़ा होता है।

🎯 Exam Tip: संख्या रेखा पर संख्याओं की तुलना करते समय, हमेशा दाहिनी ओर वाली संख्या को बड़ा मानें। यह नियम सभी वास्तविक संख्याओं पर लागू होता है।

 

प्रश्न 3. सोचिए कि किसी संख्या के बाईं ओर की संख्या इस संख्या से बड़ी होगी या छोटी ?
Answer: किसी भी संख्या के बाईं ओर की संख्या सदैव उस संख्या से छोटी होगी। यह संख्या रेखा के मूल सिद्धांत पर आधारित है। उदाहरण के लिए, संख्या 9, संख्या 10 से छोटी है; और संख्या 8, संख्या 9 से छोटी है।
In simple words: किसी भी नंबर के बाईं ओर का नंबर हमेशा उससे छोटा होता है।

🎯 Exam Tip: संख्या रेखा पर बाएं हाथ की तरफ बढ़ने पर संख्या का मान घटता जाता है, और दाहिने हाथ की तरफ बढ़ने पर बढ़ता जाता है।

 

प्रश्न 1. अग्रलिखित तालिका को देखकर सही या गलत बताइए।

क्रमांकस्टेटमेंट
1.100 और 100 समान हैं।
2.200, 150 से छोटा है।
3.400, 100 से बड़ा है।
4.200, 150 के दाहिनी ओर है।
5.1010, 1001 के दाहिनी ओर है।
Answer: 1. सही 2. गलत 3. सही 4. सही 5. सही
In simple words: हमने हर वाक्य को ध्यान से पढ़ा और देखा कि गणित के हिसाब से वह सही है या गलत।
🎯 Exam Tip: 'सही या गलत' वाले प्रश्नों में, प्रत्येक कथन को ध्यान से पढ़ें और जांचें कि वह गणितीय नियमों या संख्या रेखा के सिद्धांतों के अनुसार सत्य है या नहीं।

 

प्रश्न 2. पूर्ण संख्याओं पर साधारण जोड़, घटाव और गुणा की संक्रियाओं को संख्या रेखा पर करने का अभ्यास करें।
Answer: संख्या रेखा पर जोड़, घटाव और गुणा की संक्रियाओं को इस प्रकार करते हैं:
जोड़: संख्या रेखा पर 8 + 4 का जोड़ करने पर –
हम 8 से शुरू करते हैं और 4 कदम दाहिनी ओर चलते हैं।
\( \implies \) \(8 + 4 = 12\)
घटाव: संख्या रेखा पर 8 - 4 का व्यवकलन करने पर –
हम 8 से शुरू करते हैं और 4 कदम बाईं ओर चलते हैं।
\( \implies \) \(8 - 4 = 4\)
गुणा: संख्या रेखा पर \(5 \times 2\) का गुणन करने पर –
इसका मतलब है 5 बार 2 कदम चलना, जो 0 से शुरू होता है।
\( \implies \) \(5 \times 2 = 10\)
In simple words: संख्या रेखा पर जोड़ करने के लिए दाईं ओर चलो, घटाव करने के लिए बाईं ओर चलो, और गुणा करने के लिए बार-बार एक ही दूरी तय करते हुए दाईं ओर चलो।

🎯 Exam Tip: संख्या रेखा पर संचालन करते समय, दाहिनी ओर बढ़ना 'जोड़' या 'गुणा' (सकारात्मक) को दर्शाता है, जबकि बाईं ओर बढ़ना 'घटाव' को दर्शाता है। यह हमेशा याद रखें।

 

संख्या रेखा पर 7 + 6 करने पर:
अतः \(7 + 6 = 13\)
संख्या रेखा पर 11 + 4 करने पर:
अतः \(11 + 4 = 15\)

 

प्रश्न 4. संख्या रेखा पर व्यवकलन के लिए अलग-अलग संख्याएँ लेकर अभ्यास कीजिए।
(i) 6-2
(ii) 9-6
Answer: संख्या रेखा पर घटाव का अभ्यास इस प्रकार करते हैं:
(i) 6-2: संख्या रेखा पर 6 से शुरू करके 2 कदम बाईं ओर चलने पर।
अतः \(6 - 2 = 4\)
(ii) 9-6: संख्या रेखा पर 9 से शुरू करके 6 कदम बाईं ओर चलने पर।
अतः \(9 - 6 = 3\)
In simple words: घटाने के लिए, संख्या रेखा पर पहले नंबर से शुरू करो और दूसरे नंबर के बराबर कदम बाईं ओर चलो। जहाँ रुकोगे, वही तुम्हारा जवाब होगा।

🎯 Exam Tip: घटाव के दौरान संख्या रेखा पर हमेशा बाईं ओर चलें। जितनी संख्या घटाई जा रही है, उतने ही कदम बाईं ओर चलने होंगे।

 

प्रश्न 2. क्या पूर्ण संख्याएँ घटाव के लिए भी संवृत हैं ?
Answer: नहीं, पूर्ण संख्याएँ घटाव के लिए संवृत नहीं हैं। इसका मतलब है कि दो पूर्ण संख्याओं को घटाने पर हमेशा एक पूर्ण संख्या मिले, यह ज़रूरी नहीं है। उदाहरण के लिए, \(4 - 2 = 2\), जो एक पूर्ण संख्या है, लेकिन \(7 - 12 = -5\), जो एक पूर्ण संख्या नहीं है क्योंकि यह एक ऋणात्मक संख्या है।
In simple words: दो पूरी संख्याओं को घटाने पर हमेशा एक पूरी संख्या नहीं मिलती, इसलिए घटाव पूर्ण संख्याओं के लिए संवृत नहीं है।

🎯 Exam Tip: 'संवृत गुण' का अर्थ है कि जब आप किसी समूह की दो संख्याओं पर कोई क्रिया करते हैं, तो परिणाम भी उसी समूह का सदस्य होना चाहिए। घटाव में, पूर्ण संख्याओं के साथ ऐसा हमेशा नहीं होता है।

 

प्रश्न 1. पूर्ण संख्याओं के योग हेतु क्रम विनिमेयता गुण के अन्तर्गत आप 5 संख्या युग्म और लीजिए तथा तथ्य की जाँच कीजिए। क्या किसी संख्या युग्म का योग क्रम बदलने से परिवर्तित होता है ?
Answer: पूर्ण संख्याओं के योग के लिए क्रम विनिमेयता गुण का मतलब है कि संख्याओं का क्रम बदलने पर भी योग समान रहता है। पाँच संख्या युग्म लेकर जाँच करने पर:
(i) \(17 + 9 = 26\) या \(9 + 17 = 26 \implies 26 = 26\)
(ii) \(12 + 1 = 13\) या \(1 + 12 = 13 \implies 13 = 13\)
(iii) \(4 + 25 = 29\) या \(25 + 4 = 29 \implies 29 = 29\)
(iv) \(7 + 3 = 10\) या \(3 + 7 = 10 \implies 10 = 10\)
(v) \(6 + 19 = 25\) या \(19 + 6 = 25 \implies 25 = 25\)
नहीं, किसी भी संख्या युग्म का योग क्रम बदलने से परिवर्तित नहीं होता है। यह जोड़ की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।
In simple words: जब आप दो संख्याओं को जोड़ते हैं, तो उनका क्रम बदलने से भी जोड़ का नतीजा नहीं बदलता। यह हमेशा एक जैसा ही रहता है।

🎯 Exam Tip: क्रम विनिमेयता गुण केवल जोड़ और गुणा पर लागू होता है, घटाव और भाग पर नहीं। यह गणित में एक बुनियादी नियम है जिसे याद रखना चाहिए।

 

प्रश्न 1. निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए।

पूर्ण संख्याएँसंक्रियाएँपरिणामनिष्कर्ष
7 और 8योग7+8=15क्रम विनिमेयता है।
8 और 7योग8+7=15क्रम विनिमेयता है।
9 और 6घटाव9-6=3क्रम विनिमेयता नहीं है।
6 और 9घटाव6-9=?क्रम विनिमेयता नहीं है।
5 और 4गुणा5x4=20क्रम विनिमेयता है।
4 और 5गुणा4x5=20क्रम विनिमेयता है।
10 और 2भाग10÷2=5क्रम विनिमेयता नहीं है।
2 और 10भाग2÷10=?क्रम विनिमेयता नहीं है।
Answer: तालिका को पूरा करने पर –
पूर्ण संख्याएँसंक्रियाएँपरिणामनिष्कर्ष
7 और 8योग\(7+8=15\)क्रम विनिमेयता है।
8 और 7योग\(8+7=15\)क्रम विनिमेयता है।
9 और 6घटाव\(9-6=3\)क्रम विनिमेयता नहीं है।
6 और 9घटाव\(6-9=-3\)क्रम विनिमेयता नहीं है।
5 और 4गुणा\(5 \times 4=20\)क्रम विनिमेयता है।
4 और 5गुणा\(4 \times 5=20\)क्रम विनिमेयता है।
10 और 2भाग\(10 \div 2=5\)क्रम विनिमेयता नहीं है।
2 और 10भाग\(2 \div 10=\frac{1}{5}\)क्रम विनिमेयता नहीं है।
In simple words: हमने अलग-अलग गणितीय क्रियाओं (जोड़, घटाव, गुणा, भाग) के लिए संख्याओं का क्रम बदलकर देखा। जोड़ और गुणा में क्रम बदलने से परिणाम नहीं बदलता (यह 'क्रम विनिमेय' है), लेकिन घटाव और भाग में परिणाम बदल जाता है।
🎯 Exam Tip: इस तालिका से यह पुष्टि होती है कि क्रम विनिमेयता गुण केवल जोड़ और गुणा के लिए मान्य है। घटाव और भाग के लिए यह नियम लागू नहीं होता है।

 

प्रश्न 2. क्या व्यवकलन के लिए साहचर्यता का गुण लागू होगा ?
Answer: नहीं, व्यवकलन (घटाव) के लिए साहचर्यता का गुण लागू नहीं होगा। साहचर्यता गुण कहता है कि तीन या अधिक संख्याओं पर संक्रिया करते समय, जिस क्रम में हम उन्हें समूहित करते हैं, उससे परिणाम नहीं बदलता। लेकिन घटाव में ऐसा नहीं होता। उदाहरण के लिए, \((10 - 5) - 2 = 5 - 2 = 3\), जबकि \(10 - (5 - 2) = 10 - 3 = 7\)। चूंकि परिणाम अलग-अलग हैं, इसलिए साहचर्यता गुण लागू नहीं होता।
In simple words: घटाने के लिए साहचर्यता का नियम काम नहीं करता। मतलब, अगर आप तीन संख्याओं को घटा रहे हैं, तो आप पहले किन दो संख्याओं को घटाते हैं, इससे उत्तर बदल जाता है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि साहचर्यता का गुण भी केवल जोड़ और गुणा के लिए ही लागू होता है, घटाव और भाग के लिए नहीं। संख्याओं को समूहित करने का क्रम महत्वपूर्ण है।

 

प्रश्न 1. निम्नलिखित सारणी को पूरा कीजिए।

     
8+0=8
4+0=4
0+5=5
0+24=24
0+7=7
Answer: सारणी को पूरा करने पर –
     
8+0=8
4+0=4
0+5=5
0+24=24
0+7=7
In simple words: किसी भी संख्या में शून्य (0) जोड़ने पर वही संख्या मिलती है, और शून्य में कोई भी संख्या जोड़ने पर भी वही संख्या मिलती है।
🎯 Exam Tip: शून्य (0) को 'जोड़ने का तत्समक अवयव' (additive identity) कहते हैं क्योंकि इसे किसी भी संख्या में जोड़ने पर संख्या नहीं बदलती।

 

प्रश्न 2. सारणी को पूरा कीजिए।

     
7X1=7
8X1=8
15X1=15
18X1=18
...X1=...
Answer: सारणी को पूरा करने पर –
     
7X1=7
8X1=8
15X1=15
18X1=18
14X1=14
In simple words: किसी भी संख्या को एक (1) से गुणा करने पर हमेशा वही संख्या मिलती है। एक को 'गुणा का तत्समक अवयव' कहा जाता है।
🎯 Exam Tip: एक (1) को 'गुणा का तत्समक अवयव' (multiplicative identity) कहते हैं क्योंकि इसे किसी भी संख्या से गुणा करने पर संख्या नहीं बदलती।

Free study material for Mathematics

Free RBSE Textbook Explanations: Class 6 Mathematics Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ

Official RBSE Solutions for Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ

Review comprehensive exercise answers for Class 6 Mathematics Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ. Fully updated to match current RBSE syllabus guidelines, these textbook solutions help students verify their work and maintain accurate study notes.

Step-by-Step Explanations for Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ

Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 6 Mathematics text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.

Next Steps in Your Mathematics Revision

These resources act as an effective roadmap for daily homework tasks and independent study. Supplement your review of Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ with official sample papers and interactive practice tests available on our platform free of charge.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 6 Maths Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ More Ques for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 6 Maths Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ More Ques is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 6 Mathematics are as per latest RBSE curriculum.

Are the Mathematics RBSE solutions for Class 6 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 6 Maths Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ More Ques as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Mathematics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 6 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 6 Maths Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ More Ques will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 6 Maths Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ More Ques in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 6 Mathematics. You can access RBSE Solutions Class 6 Maths Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ More Ques in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Mathematics RBSE solutions for Class 6 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 6 Maths Chapter 3 पूर्ण संख्याएँ More Ques in printable PDF format for offline study on any device.