Step-by-Step Textbook Solutions for Class 6 Mathematics Chapter 03 पूर्ण संख्याएँ
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Question 1. उपयुक्त क्रम में लगाकर योग ज्ञात कीजिए।
(i) 85 + 186 + 15
(ii) 175 + 96 + 25
(iii) 65 + 75 + 35
(iv) 55 + 86 + 45
Answer: हम संख्याओं को उपयुक्त क्रम में व्यवस्थित करके योग ज्ञात करेंगे, जिससे गणना आसान हो जाए। यह साहचर्य नियम का उपयोग करके किया जाता है।
(i) \( 85 + 186 + 15 \)
पहले \( 85 \) और \( 186 \) को जोड़ें, फिर \( 15 \) जोड़ें:
\( (85 + 186) + 15 = 271 + 15 = 286 \)
या पहले \( 186 \) और \( 15 \) को जोड़ें, फिर \( 85 \) जोड़ें:
\( 85 + (186 + 15) = 85 + 201 = 286 \)
(ii) \( 175 + 96 + 25 \)
पहले \( 175 \) और \( 96 \) को जोड़ें, फिर \( 25 \) जोड़ें:
\( (175 + 96) + 25 = 271 + 25 = 296 \)
या पहले \( 96 \) और \( 25 \) को जोड़ें, फिर \( 175 \) जोड़ें:
\( 175 + (96 + 25) = 175 + 121 = 296 \)
(iii) \( 65 + 75 + 35 \)
पहले \( 65 \) और \( 75 \) को जोड़ें, फिर \( 35 \) जोड़ें:
\( (65 + 75) + 35 = 140 + 35 = 175 \)
या पहले \( 75 \) और \( 35 \) को जोड़ें, फिर \( 65 \) जोड़ें:
\( 65 + (75 + 35) = 65 + 110 = 175 \)
(iv) \( 55 + 86 + 45 \)
पहले \( 55 \) और \( 86 \) को जोड़ें, फिर \( 45 \) जोड़ें:
\( (55 + 86) + 45 = 141 + 45 = 186 \)
या पहले \( 86 \) और \( 45 \) को जोड़ें, फिर \( 55 \) जोड़ें:
\( 55 + (86 + 45) = 55 + 131 = 186 \)
In simple words: संख्याओं को ऐसे समूह में जोड़ें जिससे गणना आसान हो जाए। आप संख्याओं को किसी भी क्रम में समूह कर सकते हैं, क्योंकि जोड़ का परिणाम हमेशा समान रहता है।
🎯 Exam Tip: योग ज्ञात करते समय, संख्याओं को ऐसे समूह में रखें जहाँ वे 10, 100, आदि के गुणज बन सकें। यह गणना को बहुत सरल बना देता है।
Question 2. उपयुक्त क्रम (नियम) लगाकर गुणनफल ज्ञात कीजिए।
(i) 4 x 1225 x 25
(ii) 4 × 158 x 125
(iii) 4 × 85 × 25
(iv) 8 x 20 x 125
Answer: हम संख्याओं को उपयुक्त क्रम में व्यवस्थित करके गुणनफल ज्ञात करेंगे, जिससे गणना आसान हो जाए। यह साहचर्य नियम और क्रम विनिमेय नियम का उपयोग करके किया जाता है।
(i) \( 4 \times 1225 \times 25 \)
हम \( 4 \) और \( 25 \) को पहले गुणा करेंगे, क्योंकि यह \( 100 \) देता है:
\( (4 \times 25) \times 1225 = 100 \times 1225 = 122500 \)
(ii) \( 4 \times 158 \times 125 \)
हम \( 4 \) और \( 125 \) को पहले गुणा करेंगे, क्योंकि यह \( 500 \) देता है:
\( (4 \times 125) \times 158 = 500 \times 158 = 79000 \)
(iii) \( 4 \times 85 \times 25 \)
हम \( 4 \) और \( 25 \) को पहले गुणा करेंगे, क्योंकि यह \( 100 \) देता है:
\( (4 \times 25) \times 85 = 100 \times 85 = 8500 \)
(iv) \( 8 \times 20 \times 125 \)
हम \( 8 \) और \( 125 \) को पहले गुणा करेंगे, क्योंकि यह \( 1000 \) देता है:
\( (8 \times 125) \times 20 = 1000 \times 20 = 20000 \)
In simple words: गुणा करते समय, ऐसी संख्याओं को पहले समूह में रखें जिन्हें गुणा करके 10, 100 या 1000 जैसे आसान नंबर मिलें। इससे गुणा करना बहुत सरल हो जाता है।
🎯 Exam Tip: गुणनफल ज्ञात करते समय, ऐसी संख्याओं को एक साथ गुणा करें जो 10, 100, 1000 आदि बनाती हैं। यह गणना को तेज़ और सटीक बनाता है।
Question 3. निम्नलिखित में प्रत्येक का मान वितरण नियम द्वारा ज्ञात कीजिए।
(i) 185 × 25 + 185 × 75
(ii) 4x 18 +4 x 12
(iii) 54279 × 92 + 8 × 54279
(iv) 12 x 8 + 12 × 2
Answer: हम वितरण नियम का उपयोग करके प्रत्येक व्यंजक का मान ज्ञात करेंगे। वितरण नियम कहता है कि \( a \times (b + c) = (a \times b) + (a \times c) \)।
(i) \( 185 \times 25 + 185 \times 75 \)
यहाँ \( 185 \) एक सामान्य गुणनखंड है:
\( 185 \times (25 + 75) \)
पहले कोष्ठक के अंदर योग करें:
\( 185 \times 100 = 18500 \)
(ii) \( 4 \times 18 + 4 \times 12 \)
यहाँ \( 4 \) एक सामान्य गुणनखंड है:
\( 4 \times (18 + 12) \)
पहले कोष्ठक के अंदर योग करें:
\( 4 \times 30 = 120 \)
(iii) \( 54279 \times 92 + 8 \times 54279 \)
यहाँ \( 54279 \) एक सामान्य गुणनखंड है:
\( 54279 \times (92 + 8) \)
पहले कोष्ठक के अंदर योग करें:
\( 54279 \times 100 = 5427900 \)
(iv) \( 12 \times 8 + 12 \times 2 \)
यहाँ \( 12 \) एक सामान्य गुणनखंड है:
\( 12 \times (8 + 2) \)
पहले कोष्ठक के अंदर योग करें:
\( 12 \times 10 = 120 \)
In simple words: वितरण नियम का मतलब है कि अगर कोई संख्या दो या उससे ज़्यादा संख्याओं के योग से गुणा हो रही है, तो आप उस संख्या को हर एक संख्या से अलग-अलग गुणा करके फिर जोड़ सकते हैं। इससे बड़े गुणा को छोटे-छोटे हिस्सों में तोड़ना आसान हो जाता है।
🎯 Exam Tip: वितरण नियम का उपयोग करते समय, हमेशा पहले सामान्य गुणनखंड को बाहर निकालें और फिर कोष्ठक के अंदर के संचालन को पूरा करें। इससे बड़ी गणनाएँ छोटी और प्रबंधनीय हो जाती हैं।
Question 4. उपयुक्त गुणों का प्रयोग करके गुणनफल ज्ञात कीजिए।
(i) 185 x 106
(ii) 208 × 185
(iii) 54 x 102
(iv) 158 × 1008
Answer: हम उपयुक्त गुणों, खासकर योग पर गुणन के वितरण नियम का उपयोग करके गुणनफल ज्ञात करेंगे। इस नियम से बड़ी संख्याओं को छोटे और आसान भागों में तोड़कर गुणा करना सरल हो जाता है।
(i) \( 185 \times 106 \)
हम \( 106 \) को \( (100 + 6) \) के रूप में लिख सकते हैं:
\( 185 \times (100 + 6) \)
वितरण नियम लागू करें:
\( (185 \times 100) + (185 \times 6) \)
\( 18500 + 1110 = 19610 \)
(ii) \( 208 \times 185 \)
हम \( 208 \) को \( (200 + 8) \) के रूप में लिख सकते हैं:
\( 185 \times (200 + 8) \)
वितरण नियम लागू करें:
\( (185 \times 200) + (185 \times 8) \)
\( 37000 + 1480 = 38480 \)
(iii) \( 54 \times 102 \)
हम \( 102 \) को \( (100 + 2) \) के रूप में लिख सकते हैं:
\( 54 \times (100 + 2) \)
वितरण नियम लागू करें:
\( (54 \times 100) + (54 \times 2) \)
\( 5400 + 108 = 5508 \)
(iv) \( 158 \times 1008 \)
हम \( 1008 \) को \( (1000 + 8) \) के रूप में लिख सकते हैं:
\( 158 \times (1000 + 8) \)
वितरण नियम लागू करें:
\( (158 \times 1000) + (158 \times 8) \)
\( 158000 + 1264 = 159264 \)
In simple words: गुणा को आसान बनाने के लिए, आप एक बड़ी संख्या को दो हिस्सों में तोड़ सकते हैं और फिर दोनों हिस्सों को दूसरी संख्या से अलग-अलग गुणा करके उनके परिणामों को जोड़ सकते हैं। यह तरीका बड़ी संख्याओं को गुणा करते समय बहुत उपयोगी होता है।
🎯 Exam Tip: जब एक संख्या 100, 1000, या किसी अन्य संख्या के करीब हो, तो उसे \( (100 + x) \) या \( (100 - x) \) के रूप में व्यक्त करके वितरण नियम का उपयोग करें। यह गुणा को बहुत सरल बना देता है।
Question 5. मिलान कीजिए।
| कॉलम A | कॉलम B |
|---|---|
| (i) \( 2 + 8 = 8 + 2 \) | (a) गुणन की क्रम विनिमेयता |
| (ii) \( 8 \times 90 = 90 \times 8 \) | (b) जोड़ की क्रम विनिमेयता |
| (iii) \( 885 \times (100 + 45) = 885 \times 100 + 885 \times 45 \) | (c) गुणा का साहचर्य नियम |
| (iv) \( 5 \times (4 \times 28) = (5 \times 4) \times 28 \) | (d) योग पर गुणन का वितरण नियम |
Answer: सही मिलान इस प्रकार हैं:
(i) \( 2 + 8 = 8 + 2 \) का मिलान (b) जोड़ की क्रम विनिमेयता से है। (संख्याओं का क्रम बदलने से जोड़ का परिणाम नहीं बदलता।)
(ii) \( 8 \times 90 = 90 \times 8 \) का मिलान (a) गुणन की क्रम विनिमेयता से है। (संख्याओं का क्रम बदलने से गुणा का परिणाम नहीं बदलता।)
(iii) \( 885 \times (100 + 45) = 885 \times 100 + 885 \times 45 \) का मिलान (d) योग पर गुणन का वितरण नियम से है। (एक संख्या को योगफल से गुणा करना, उसे प्रत्येक पद से अलग-अलग गुणा करके जोड़ने के समान है।)
(iv) \( 5 \times (4 \times 28) = (5 \times 4) \times 28 \) का मिलान (c) गुणा का साहचर्य नियम से है। (गुणा करते समय संख्याओं का समूह बदलने से परिणाम नहीं बदलता।)
In simple words: क्रम विनिमेयता बताती है कि आप संख्याओं को किसी भी क्रम में जोड़ या गुणा कर सकते हैं, परिणाम समान रहेगा। साहचर्य नियम बताता है कि आप संख्याओं को किसी भी तरह से समूह बना सकते हैं, परिणाम समान रहेगा। वितरण नियम बताता है कि गुणा को योग पर कैसे फैलाया जा सकता है।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक गुण के उदाहरणों को याद रखें। "क्रम विनिमेय" का अर्थ है 'क्रम बदलना', "साहचर्य" का अर्थ है 'समूह बदलना', और "वितरण" का अर्थ है 'बांटना'।
Question 6. यदि दो पूर्ण संख्याओ का गुणनफल शून्य है, तो क्या हम कह सकते हैं कि इनमें से एक या दोनों ही शून्य होने चाहिए ? उदाहरण देकर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
Answer: हाँ, यदि दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल शून्य है, तो निश्चित रूप से उनमें से एक या दोनों संख्याएँ शून्य होनी चाहिए। यह गुणन का शून्य गुण कहलाता है। इस गुण के अनुसार, किसी भी संख्या को शून्य से गुणा करने पर परिणाम हमेशा शून्य होता है। शून्य एक विशेष संख्या है जो गुणनफल को शून्य बना देती है।
उदाहरण:
\( 0 \times 7 = 0 \)
\( 8 \times 0 = 0 \)
\( 0 \times 0 = 0 \)
In simple words: अगर दो संख्याओं को गुणा करने पर जवाब शून्य आता है, तो इसका मतलब है कि उन दोनों संख्याओं में से कम से कम एक संख्या शून्य ज़रूर होगी।
🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि गुणनफल तभी शून्य होता है जब कम से कम एक गुणनखंड शून्य हो। इसे "शून्य उत्पाद गुण" भी कहते हैं।
Question 7. यदि दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल 1 है, तो क्या हम कह सकते हैं कि इनमें से एक या दोनों ही 1 के बराबर होनी चाहिए ? उदाहरण देकर अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।
Answer: हाँ, यदि दो पूर्ण संख्याओं का गुणनफल 1 है, तो निश्चित रूप से दोनों ही संख्याएँ 1 के बराबर होनी चाहिए। ऐसा इसलिए है क्योंकि 1 एकमात्र पूर्ण संख्या है जिसे खुद से गुणा करने पर 1 आता है। किसी भी अन्य पूर्ण संख्या (जो 1 से बड़ी हो) को 1 से गुणा करने पर वही संख्या मिलती है, और किसी भी दो अन्य पूर्ण संख्याओं को आपस में गुणा करने पर परिणाम 1 से बड़ा ही होगा।
उदाहरण:
\( 1 \times 1 = 1 \)
In simple words: अगर दो पूर्ण संख्याओं को गुणा करने पर जवाब 1 आता है, तो इसका सीधा मतलब है कि दोनों संख्याएँ 1 ही होंगी। 1 ही वह अकेली पूर्ण संख्या है जिसे खुद से गुणा करने पर 1 आता है।
🎯 Exam Tip: पूर्ण संख्याओं के लिए, \( 1 \) गुणन के लिए एक विशेष पहचान है। केवल \( 1 \times 1 \) का गुणनफल \( 1 \) होता है। इस नियम को अच्छी तरह से समझें।
Question 9. निम्नलिखित में से किसमें शून्य निरूपित नहीं होगा ?
(i) 1 + 0
(ii) 0 × 0
(iii) \( \frac {0}{2} \)
(iv) \( 10- \frac {10}{2} \)
Answer: हम प्रत्येक विकल्प को हल करके देखेंगे कि किसमें शून्य निरूपित नहीं होता है।
(i) \( 1 + 0 \)
किसी भी संख्या में शून्य जोड़ने पर वही संख्या मिलती है।
\( 1 + 0 = 1 \)
अतः, इस स्थिति में शून्य निरूपित नहीं होगा।
(ii) \( 0 \times 0 \)
शून्य को शून्य से गुणा करने पर शून्य ही मिलता है।
\( 0 \times 0 = 0 \)
अतः, इस स्थिति में शून्य निरूपित होगा।
(iii) \( \frac {0}{2} \)
शून्य को किसी भी गैर-शून्य संख्या से भाग देने पर शून्य ही मिलता है।
\( \frac {0}{2} = 0 \)
अतः, इस स्थिति में शून्य निरूपित होगा।
(iv) \( 10 - \frac {10}{2} \)
पहले भाग करें, फिर घटाएँ:
\( 10 - 5 = 5 \)
अतः, इस स्थिति में शून्य निरूपित नहीं होगा।
इसलिए, विकल्प (i) और (iv) में शून्य निरूपित नहीं होगा।
In simple words: अगर आप किसी संख्या में शून्य जोड़ते हैं या शून्य को किसी संख्या से भाग देते हैं तो जवाब शून्य आ सकता है। लेकिन अगर आप किसी संख्या में शून्य जोड़ते हैं या किसी संख्या से शून्य घटाते हैं तो जवाब शून्य नहीं भी आ सकता है। हमें हर सवाल को हल करके देखना होगा कि जवाब शून्य आता है या नहीं।
🎯 Exam Tip: जोड़, घटाव, गुणा और भाग के लिए शून्य के गुणों को याद रखें: \( n + 0 = n \), \( n - 0 = n \), \( n \times 0 = 0 \), \( 0 \div n = 0 \) (जब \( n \neq 0 \))।
Question 10. सही उत्तर का क्रमाक्षर दिए गए कोष्ठक में लिखिए।
(i) निम्नलिखित में जोड़ का क्रम विनिमेय नियम किसमें
(b) 10 x 10 = 20 × 20
(c) (10 × 20) = 10 × 1
(d) 10 + 20 = 10 × 20
Answer: (d) 10 + 20 = 10 × 20
जोड़ का क्रम विनिमेय नियम बताता है कि संख्याओं के क्रम को बदलने पर उनके योग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, यानी \( a + b = b + a \)। उदाहरण के लिए, \( 5 + 3 = 3 + 5 \)।
In simple words: जोड़ का क्रम विनिमेय नियम यह कहता है कि आप संख्याओं को किसी भी क्रम में जोड़ें, उनका कुल योग हमेशा एक जैसा ही रहेगा।
🎯 Exam Tip: क्रम विनिमेय नियम को याद रखने के लिए, सोचें कि संख्याओं का "क्रम" बदला जा रहा है। यह जोड़ और गुणा दोनों पर लागू होता है, लेकिन घटाव और भाग पर नहीं।
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