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RBSE Class 12 Sanskrit विजेत्री Chapter 14 वस्तुनिष्ठप्रश्नाः
Question 1. त्रिलोचनस्य मातुः किं नाम आसीत्?
(क) पार्वती
(ख) सीता
(ग) शकुन्तला
(घ) इन्दुमतिः
Answer: (ग) शकुन्तला
In simple words: त्रिलोचन की माता का नाम शकुन्तला था। यह उनके परिवार का एक महत्वपूर्ण सदस्य थीं।
🎯 Exam Tip: पाठ में वर्णित पात्रों के नाम और उनके सम्बन्धों को हमेशा याद रखें। यह प्रश्न अक्सर सीधे पूछे जाते हैं।
Question 2. त्रिलोचनस्य विवाहः कया सह अभवत्?
(क) चन्द्रमत्या
Answer: (क) चन्द्रमत्या
In simple words: त्रिलोचन का विवाह चन्द्रमती नाम की कन्या से हुआ था। विवाह उनके जीवन का एक नया अध्याय था।
🎯 Exam Tip: कथा में महत्वपूर्ण घटनाओं और उनसे जुड़े व्यक्तियों के नामों को ध्यान में रखें।
Question 3. इन्दुमतिः केन सम्मानिता?
(क) राज्यसर्वकारेण
(ख) ग्रामपंचायतेन
(ग) शिक्षाविभागेन
(घ) केन्द्रसर्वकारेण
Answer: (क) राज्यसर्वकारेण
In simple words: इन्दुमति को राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया गया था। यह उसके अच्छे काम के लिए एक पहचान थी।
🎯 Exam Tip: पात्रों की उपलब्धियों और उन्हें मिले सम्मानों को याद रखें। यह उनके चरित्र को समझने में मदद करता है।
Question 4. त्रिलोचनस्य श्वसुरः कस्यां सेवायाम् आसीत्?
(क) पटवारः
(ख) सरपंचः
(ग) शिक्षकः
(घ) न कोऽपि
Answer: (क) पटवारः
In simple words: त्रिलोचन के ससुर पटवारी के पद पर कार्यरत थे। पटवारी गाँव के जमीन के रिकॉर्ड का काम करते हैं।
🎯 Exam Tip: कथा में वर्णित विभिन्न पात्रों के व्यवसायों या पदों को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि यह उनके सामाजिक स्थिति को दर्शाता है।
RBSE Class 12 Sanskrit विजेत्री Chapter 14 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्नाः
Question 1. त्रिलोचनः कुत्र नियुक्तिम् अप्राप्नोत्?
Answer: त्रिलोचनः शिक्षाविभागे विद्यालये नियुक्तिम् अप्राप्नोत्। सः एक योग्य शिक्षक बन गया था।
In simple words: त्रिलोचन को शिक्षा विभाग के एक स्कूल में नौकरी मिली। वह एक शिक्षक बन गया।
🎯 Exam Tip: सीधे उत्तर वाले प्रश्नों में, मुख्य क्रिया और स्थान को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 2. इन्दुमतिः बालिकानां कृते किं प्रारब्धवती?
Answer: इन्दुमतिः बालिकानां कृते जीवनोपयोगिकलानां शिक्षणं प्रारब्धवती। वह उन्हें ऐसे कौशल सिखाती थी जो उनके जीवन में काम आ सकें।
In simple words: इन्दुमति ने लड़कियों के लिए जीवन में उपयोगी कलाओं का प्रशिक्षण शुरू किया।
🎯 Exam Tip: 'किं' जैसे प्रश्नवाचक शब्दों का उत्तर देते समय, उस कार्य या वस्तु का सही नाम लिखें।
Question 3. इन्दुमति ग्रामस्य प्रौढमहिलानां कृते किं कर्तुं प्रवृत्ताः?
Answer: इन्दुमति ग्रामस्य प्रौढमहिलानां कृते शिक्षां प्रति रुचि जागरितवती। उसने उन्हें पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया।
In simple words: इन्दुमति गाँव की बड़ी उम्र की महिलाओं में शिक्षा के प्रति रुचि जगाने में लग गई।
🎯 Exam Tip: पात्रों के सामाजिक योगदान या पहलों को याद रखना महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 12 Sanskrit विजेत्री Chapter 14 लघूत्तरात्मक प्रश्नाः
Question 1. शकुन्तलायाः परम् इच्छा का आसीत्?
Answer: शकुन्तलायाः परम् इच्छा आसीत् यत् सा पौत्रमुखं दृष्ट्ा एव दिवं गच्छेत्। वह अपने पोते का मुख देखकर शांतिपूर्वक मरना चाहती थी, यह उसके जीवन की सबसे बड़ी इच्छा थी।
In simple words: शकुन्तला की सबसे बड़ी इच्छा थी कि वह अपने पोते का मुख देखकर ही इस दुनिया से जाए।
🎯 Exam Tip: पात्रों की गहरी भावनाओं और इच्छाओं का वर्णन करते समय, उनकी मानसिक स्थिति को भी संक्षेप में बताएं।
Question 2. कामना पूर्त्यर्थं सा किं करोति स्म?
Answer: कामना पूर्त्यर्थं सा (शकुन्तला) प्रतिदिन प्रातः जलाभिषेकं कुर्वन्ती उमाशंकरं प्रार्थयते स्म। वह अपनी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान शिव और पार्वती की प्रार्थना करती थी।
In simple words: अपनी इच्छा पूरी करने के लिए शकुन्तला रोज़ सुबह भगवान उमाशंकर से प्रार्थना करती थी और जलाभिषेक करती थी।
🎯 Exam Tip: किसी पात्र के कार्यों का उल्लेख करते समय, उनके उद्देश्य को भी स्पष्ट करें।
Question 3. इन्दुमत्या स्वश्वश्रूः वृद्धाश्रमे किमर्थं प्रेषिता?
Answer: श्वश्र्वाः कटुव्यवहारेण इन्दुमती अतीव दुःखिता आसीत्। अस्याः समस्यायाः समाधानार्थं तया स्वश्वश्रूः वृद्धाश्रमे प्रेषिता। इन्दुमति अपनी सास के बुरे व्यवहार से बहुत परेशान थी, इसलिए उसने उन्हें वृद्धाश्रम भेज दिया था।
In simple words: इन्दुमति अपनी सास के बुरे व्यवहार से बहुत दुखी थी। इस परेशानी को हल करने के लिए उसने अपनी सास को वृद्धाश्रम भेज दिया।
🎯 Exam Tip: जब कोई क्रिया किसी कारण से होती है, तो कारण और परिणाम दोनों को स्पष्ट रूप से लिखें।
Question 4. पितामहीं न दृष्ट्ा पौत्रस्य अवस्था कीदृशी आसीत्?
Answer: पितामहीं न दृष्ट्वा पौत्रः दुःखी भूत्वा बहु रुदितवान्। सः न किंचित् अखादत्, न किंचित् अपिबत्। तस्य मुखे 'पितामहि ! पितामहि!' इदमेव रटनम् आसीत्। रुदतः तस्य कण्ठः शुष्यति स्म। अपने दादी को न देखकर पोता बहुत दुखी हो गया और रोने लगा। उसने कुछ खाया-पिया नहीं और लगातार 'दादी माँ! दादी माँ!' कहता रहा, जिससे उसका गला सूख गया।
In simple words: दादी को न देखकर पोता बहुत रोया और दुखी हो गया। उसने खाना-पीना छोड़ दिया और बार-बार 'दादी माँ' बुलाता रहा, जिससे उसका गला सूख गया।
🎯 Exam Tip: किसी घटना के भावनात्मक प्रभाव का वर्णन करते समय, पात्र के शारीरिक और मानसिक प्रतिक्रियाओं को शामिल करें।
Question 5. पुत्रस्य दुरावस्थां दृष्ट्वा तौ किं कृतवन्तौ?
Answer: पुत्रस्य दुरावस्थां दृष्ट्वा तौ (मातापितरौ) वृद्धां मातरं वृद्धाश्रमतः आनेतुं निश्चयं कृतवन्तौ। अपने बेटे की खराब हालत देखकर माता-पिता ने बूढ़ी माँ को वृद्धाश्रम से वापस घर लाने का फैसला किया।
In simple words: बेटे की बुरी हालत देखकर माता-पिता ने अपनी बूढ़ी माँ को वृद्धाश्रम से वापस घर लाने का तय किया।
🎯 Exam Tip: पारिवारिक संबंधों और नैतिक निर्णयों से जुड़े प्रश्नों में, निर्णय का कारण और उसका परिणाम संक्षेप में बताएं।
RBSE Class 12 Sanskrit विजेत्री Chapter 14 निबन्धात्मक प्रश्नाः
Question 2. अस्याः कथायाः सारं सन्देशं च लिखत।
Answer: प्रस्तुत कथा के अनुसार, पिता के देहांत के बाद माता शकुन्तला ने अपने पुत्र त्रिलोचन को आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद पाला-पोसा और बड़ा किया। पुत्र, माता के प्रयासों से एक योग्य शिक्षक बना। उसका विवाह इन्दुमति से हुआ, जिसने अपने घर में ही लड़कियों के लिए जीवनोपयोगी कलाओं की शिक्षा शुरू की और गाँव की बड़ी उम्र की महिलाओं में भी शिक्षा के प्रति रुचि जगाई। पुत्र त्रिलोचन और पुत्रवधू इन्दुमति की प्रगति और यश को देखकर माता शकुन्तला का मन बहुत प्रसन्न था। माता की प्रार्थना से इन्दुमति ने एक सुंदर शिशु को जन्म दिया। अपने पोते के मुख को देखकर दादी शकुन्तला का मन भर आया। शिशु के लालन-पालन के कारण इन्दुमति को सास की सेवा के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता था। इससे बूढ़ी शकुन्तला ने अपने कुछ रोष भरे उद्गार प्रकट किए।
सास के कड़वे व्यवहार से दुखी होकर इन्दुमति ने अपने पति त्रिलोचन से माँ को वृद्धाश्रम पहुँचाने के लिए कहा। उसके प्रस्ताव पर त्रिलोचन माँ को वृद्धाश्रम ले आया, लेकिन उसका मन वहाँ नहीं लगा। उनके तीन-चार साल के बेटे ने जब अपनी दादी को घर में नहीं देखा, तो वह दुखी होकर बहुत रोया। अपने पुत्र की यह दुरावस्था देखकर दम्पति ने बूढ़ी माँ को वृद्धाश्रम से वापस ले आए।
इस प्रकार, प्रस्तुत कथा के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि बूढ़े लोग स्नेह और समय के अतिरिक्त और कुछ नहीं चाहते। बूढ़े लोग अपने बच्चों और पोते-पोतियों के पालन-पोषण में अपना सब कुछ न्योछावर कर देते हैं। इसलिए, जब माता-पिता बूढ़े होते हैं, तो पुत्र-पौत्रादि को उन बूढ़े लोगों का अपमान नहीं करना चाहिए। वे बोझ नहीं होते; हमें उन्हें थोड़ा समय देना चाहिए।
In simple words: यह कहानी सिखाती है कि बूढ़े माता-पिता को प्यार और समय चाहिए। उन्हें बोझ नहीं समझना चाहिए। एक बेटे ने अपनी माँ को वृद्धाश्रम भेजा, लेकिन पोते के दुःख से उन्हें वापस लाना पड़ा। यह दिखाता है कि हमें अपने बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: किसी कहानी का सार लिखते समय, मुख्य पात्रों, घटनाओं और उनसे मिलने वाले संदेश को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।
Question 3. अस्माकं व्यवहारः वृद्धजनान् प्रति कीदृशः भवितव्यः इमं विषयं अधिकृत्य एक निबन्धं लिखत।
Answer: पुराने समय में संयुक्त परिवार में सभी सदस्यों, बच्चों से लेकर बूढ़ों तक, का महत्व होता था। लेकिन आज के समय में परिवार के टूटने के कारण बच्चों और बूढ़ों की स्थिति बदल गई है। माता-पिता बच्चों के पालन-पोषण में अनेक कठिनाइयाँ सहते हुए अपना सब कुछ न्योछावर करते हैं। पुत्र-पौत्रों की समृद्धि और यश देखकर वे बहुत प्रसन्न होते हैं। लेकिन जब माता-पिता बूढ़े होते हैं, तो हमारा व्यवहार उनके प्रति बदल जाता है। उनके लिए समय नहीं होता, परिवार में बूढ़ों की उपेक्षा या तिरस्कार होता है। लेकिन जहाँ बूढ़ों का तिरस्कार होता है, वहाँ कभी सुख-शांति नहीं होती। उनके स्नेह और त्याग को याद करके हमें बूढ़ों की सदैव सेवा करनी चाहिए। उनसे मधुर वचनों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करना चाहिए। मनुस्मृति में भी कहा गया है कि 'जो लोग नित्य बूढ़ों की सेवा करते हैं, उनकी आयु, विद्या, यश और बल ये चार चीजें बढ़ती हैं।' वास्तव में, बूढ़े लोग हमारे सदैव हितैषी होते हैं। वे हमसे स्नेह और समय के अतिरिक्त और कुछ नहीं चाहते। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम सदैव बूढ़े लोगों की सेवा करें और उनका सम्मान करें।
In simple words: हमें बूढ़े लोगों के प्रति अच्छा व्यवहार करना चाहिए। वे हमारा सम्मान और समय चाहते हैं। पहले लोग साथ रहते थे, पर अब परिवार टूट रहे हैं। बूढ़े माता-पिता ने हमें पाला-पोसा है, इसलिए हमें उनकी सेवा करनी चाहिए। मनुस्मृति भी कहती है कि बड़ों की सेवा से आयु, विद्या, यश और बल बढ़ता है।
🎯 Exam Tip: निबंध लिखते समय, विषय के विभिन्न पहलुओं (ऐतिहासिक, सामाजिक, नैतिक) को शामिल करें और उपयुक्त उद्धरणों से अपने तर्क को मजबूत करें।
RBSE Class 12 Sanskrit विजेत्री Chapter 14 व्याकरणात्मक प्रश्नाः
Question 1. अधोलिखितपदानां सन्धि-विच्छेदं कृत्वा सन्धिनामं लिखत।
| पदम् | सन्धि-विच्छेदः | सन्धिनाम |
|---|---|---|
| दुःखोन्मुक्ताः | दुःख \( + \) उन्मुक्ताः | गुणसन्धिः |
| सोपालम्भः | स \( + \) उपालम्भः | गुणसन्धिः |
| स्वात्मजायाः | स्व \( + \) आत्मजायाः | दीर्घसन्धिः |
| वृद्धावस्थाः | वृद्धा \( + \) अवस्थाः | दीर्घसन्धिः |
Answer: ऊपर सारणी में दिए गए अनुसार सन्धि विच्छेद और उनके नाम लिखे गए हैं। यह संस्कृत व्याकरण के महत्वपूर्ण नियम हैं।
In simple words: शब्दों को अलग करके और उनके जुड़ने के नियम के हिसाब से नाम बताया गया है।
🎯 Exam Tip: सन्धि विच्छेद करते समय स्वर सन्धि, व्यंजन सन्धि और विसर्ग सन्धि के नियमों को ध्यान से समझें।
Question 2. अधोलिखितेषु पदेषु नामोल्लेखपुरस्सरसन्धिः कार्यः
| सन्धिपदम् | सन्धिः | सन्धिनाम |
|---|---|---|
| स्व \( + \) आत्मीयेभ्यः | स्वात्मीयेभ्यः | दीर्घसन्धिः |
| दुः \( + \) चित्तया | दुश्चित्तया | सत्वसन्धिः |
| सत् \( + \) आचारी | सदाचारी | जश्त्वसन्धिः |
| जीवन \( + \) उपयोगी | जीवनोपयोगी | गुणसन्धिः |
| प्रति \( + \) एकम् | प्रत्येकम् | यणसन्धिः |
Answer: ऊपर सारणी में दिए गए अनुसार सन्धि शब्दों को बनाया गया है और उनके नाम भी दिए गए हैं। यह संस्कृत में शब्दों को जोड़ने के नियम बताते हैं।
In simple words: यहाँ पर अलग-अलग शब्दों को मिलाकर नए शब्द बनाए गए हैं और उनके सन्धि के नियम बताए गए हैं।
🎯 Exam Tip: सन्धि करते समय यह ध्यान दें कि कौन से वर्ण मिल रहे हैं और उनके मिलने से क्या परिवर्तन हो रहा है।
Question 3. अधोलिखितानां पदानां नामनिर्देशपूर्वक-विग्रहो विधेयः
| पदम् | विग्रहः | समासनाम |
|---|---|---|
| मनोगतं | मनसि आगतम् | तत्पुरुषः |
| शिक्षकपदे | शिक्षकस्य पदे | तत्पुरुषः |
| जीवनोपयोगी | जीवनस्य उपयोगी | तत्पुरुषः |
| पुत्रवधुः | पुत्रस्य वधूः | तत्पुरुषः |
| असमर्थः | न समर्थः | नञ्तत्पुरुषः |
Answer: ऊपर सारणी में दिए गए अनुसार समास वाले शब्दों का विग्रह और उनके नाम बताए गए हैं। समास शब्दों को छोटा करने का तरीका है।
In simple words: यहाँ बड़े शब्दों को उनके मूल भागों में तोड़ा गया है और बताया गया है कि वे किस प्रकार के समास हैं।
🎯 Exam Tip: समास विग्रह करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप शब्दों के अर्थ और विभक्ति को सही ढंग से पहचानें।
Question 4. अधोलिखितपदानां प्रकृति-प्रत्ययविवेचनं कुरुत
| पदम् | धातुः | प्रत्ययः |
|---|---|---|
| पालितवती | पाल् | मतुप |
| आरूढः | आ \( + \) रुह | क्त |
| आनेतुम् | आ \( + \) नी | तुमुन् |
| रक्षणीय | रक्ष | अनीयर् |
| प्रबोधितवान् | प्र \( + \) बुध् | णिच् \( + \) क्तवतु |
Answer: ऊपर सारणी में दिए गए अनुसार शब्दों में से धातु और प्रत्यय को अलग-अलग किया गया है। यह शब्दों की बनावट को समझने में मदद करता है।
In simple words: शब्दों के मूल भाग (धातु) और उनके अंत में लगने वाले भाग (प्रत्यय) को यहाँ दिखाया गया है।
🎯 Exam Tip: प्रकृति-प्रत्यय विश्लेषण करते समय, मूल धातु और प्रत्यय के अर्थ को समझें ताकि शब्द का सही अर्थ पता चल सके।
Question 5. अधोनिर्दिष्टेषु पदेषु विभक्ति-वचन-निर्देशं कुरुत
| पदम् | विभक्तिः | वचनम् |
|---|---|---|
| प्रतिवेशिनः | षष्ठी | एकवचनम् |
| जलाभिषेकम् | द्वितीया | एकवचनम् |
| त्रिलोचनम् | द्वितीया | एकवचनम् |
| विदुषी | प्रथमा | एकवचनम् |
| भर्तुः | षष्ठी | एकवचनम् |
| प्रेम्णा | तृतीया | एकवचनम् |
Answer: ऊपर सारणी में दिए गए अनुसार शब्दों की विभक्ति और वचन बताए गए हैं। यह संस्कृत वाक्यों को सही ढंग से समझने और बनाने में मदद करता है।
In simple words: यहाँ शब्दों की व्याकरणिक स्थिति बताई गई है, जैसे वह किस विभक्ति में है और उसका वचन क्या है।
🎯 Exam Tip: शब्द रूपों को याद करना महत्वपूर्ण है, खासकर विभिन्न विभक्तियों और वचनों में। यह संस्कृत व्याकरण का आधार है।
Question 6. निम्नलिखितानां पदानां धातु-लकार-पुरुष-वचनं च निर्दिश्यत
| पदम् | धातुः | लकारः | पुरुषः | वचनम् |
|---|---|---|---|---|
| जीविष्यामि | जीव् | लट् | उत्तमः | एकवचनम् |
| आगच्छेत् | आ \( + \) गम् | विधिलिङ् | प्रथमः | एकवचनम् |
| विस्मरति | वि \( + \) स्मृ | लट् | प्रथमः | एकवचनम् |
| प्रार्थयते | प्रार्थ | लट् | प्रथमः | एकवचनम् |
| आसीत् | अस् | लङ् | प्रथमः | एकवचनम् |
Answer: ऊपर सारणी में दिए गए अनुसार क्रियापदों के मूल धातु, लकार, पुरुष और वचन बताए गए हैं। यह संस्कृत क्रियापदों की पहचान में मदद करता है।
In simple words: यहाँ बताया गया है कि हर क्रिया किस मूल शब्द से बनी है, वह किस समय (लकार) की है, कौन व्यक्ति (पुरुष) उसे कर रहा है और कितने लोग (वचन) कर रहे हैं।
🎯 Exam Tip: धातुओं के विभिन्न लकारों, पुरुषों और वचनों के रूपों को अच्छे से याद करें। यह संस्कृत अनुवाद और वाक्य रचना के लिए आवश्यक है।
RBSE Class 12 Sanskrit विजेत्री Chapter 14 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
1. शब्दार्थाः
Question 1. अधोलिखितशब्दानाम् हिन्द्याम् अर्थं लिखत
| सङ्ख्या | संस्कृत शब्द | अर्थ |
|---|---|---|
| (v) | भर्तारम् | पति को |
| (vi) | पितामहीम् | दादी को |
| (vii) | निर्माय | बनाकर |
| (viii) | दिवं गते | मृत्यु होने पर |
| (ix) | दातुम् | देने के लिए |
| (x) | सर्वकारेण | सरकार के द्वारा |
| (xi) | उमाशंकरम् | पार्वती और शिव को |
Answer: ऊपर सारणी में संस्कृत शब्दों के हिंदी अर्थ दिए गए हैं। यह पाठ को समझने में मदद करता है।
In simple words: संस्कृत के शब्दों का मतलब हिंदी में बताया गया है, जिससे पाठ आसानी से समझा जा सके।
🎯 Exam Tip: पाठ में आने वाले सभी कठिन शब्दों के अर्थों को याद करें। यह अनुवाद और व्याख्या के लिए महत्वपूर्ण है।
2. रेखाङ्कितपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत
Question 6. कैः तस्मै शिक्षकपदे नियुक्तिं दत्तवान्?
Answer: शिक्षाविभागः तस्मै शिक्षकपदे नियुक्तिं दत्तवान्।
In simple words: किसने उसे शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी?
🎯 Exam Tip: प्रश्न निर्माण करते समय, रेखांकित शब्द के स्थान पर उपयुक्त प्रश्नवाचक शब्द का प्रयोग करें।
Question 7. पुत्रवधुः कासु शिक्षा प्रति रुचि जागरितवती?
Answer: पुत्रवधुः प्रौढ-गृहमहिलासु शिक्षा प्रति रुचि जागरितवती।
In simple words: बहू ने किन में शिक्षा के प्रति रुचि जगाई?
🎯 Exam Tip: प्रश्नवाचक शब्द चुनते समय लिंग और वचन का ध्यान रखें।
Question 8. सर्वः ग्रामः कस्याः सम्बन्धे समृद्धः सञ्जातः?
Answer: सर्वः ग्रामः स्त्रीशिक्षायाः सम्बन्धे समृद्धः सञ्जातः।
In simple words: पूरा गाँव किसके संबंध में समृद्ध हुआ?
🎯 Exam Tip: 'कस्य' या 'कस्याः' का प्रयोग संबंध कारक के लिए किया जाता है।
Question 9. इन्दुमती अधुना का मन्यते स्म?
Answer: इन्दुमती अधुना आदर्श-शिक्षिका मन्यते स्म।
In simple words: इन्दुमति अब क्या मानी जाती थी?
🎯 Exam Tip: 'का' या 'कः' का प्रयोग व्यक्ति या वस्तु की पहचान पूछने के लिए होता है।
Question 10. सा कदा सम्मानिता आसीत्?
Answer: सा शिक्षक-दिवसे सम्मानिता आसीत्।
In simple words: वह कब सम्मानित हुई थी?
🎯 Exam Tip: 'कदा' शब्द समय पूछने के लिए प्रयोग किया जाता है।
Question 11. कस्याः चित्तं प्रसन्नमासीत्?
Answer: मातुः शकुन्तलायाः चित्तं प्रसन्नमासीत्।
In simple words: किसका मन प्रसन्न था?
🎯 Exam Tip: प्रश्नवाचक शब्द को मूल वाक्य के अनुसार सही लिंग और वचन में रखें।
Question 12. सा किं दृष्ट्वा एव दिवं गच्छेत्?
Answer: सा पौत्रमुखं दृष्ट्वा एव दिवं गच्छेत्।
In simple words: वह क्या देखकर ही स्वर्ग जाना चाहती थी?
🎯 Exam Tip: 'किं' का प्रयोग वस्तु या घटना के बारे में पूछने के लिए होता है।
Question 13. तस्याः प्रार्थना कीदृशी जाता?
Answer: तस्याः प्रार्थना सफला जाता।
In simple words: उसकी प्रार्थना कैसी हुई?
🎯 Exam Tip: 'कीदृशी' का प्रयोग किसी की विशेषता या स्थिति पूछने के लिए होता है।
Question 14. इन्दुमती कस्य सम्मुखे प्रबोधितवती?
Answer: इन्दुमती भर्तुः त्रिलोचनस्य सम्मुखे प्रबोधितवती।
In simple words: इन्दुमति ने किसके सामने बात की?
🎯 Exam Tip: व्यक्ति के संबंध में प्रश्न पूछने के लिए 'कस्य' का प्रयोग किया जाता है।
Question 15. त्रिलोचनः मातरं कुत्र प्रापय्य आगतः?
Answer: त्रिलोचनः मातरं वृद्धाश्रमे प्रापय्य आगतः।
In simple words: त्रिलोचन माँ को कहाँ पहुँचाकर आया?
🎯 Exam Tip: 'कुत्र' का प्रयोग स्थान पूछने के लिए होता है।
Question 16. तयोः आत्मजः कति वर्षात्मकः आसीत्?
Answer: तयोः आत्मजः त्रिचतुर-वर्षात्मकः आसीत्।
In simple words: उनका बेटा कितने साल का था?
🎯 Exam Tip: 'कति' का प्रयोग संख्या पूछने के लिए किया जाता है।
Question 17. सः काम् एव विशेषरूपेण इच्छति स्म?
Answer: सः पितामहीम् एव विशेषरूपेण इच्छति स्म।
In simple words: वह विशेष रूप से किसे चाहता था?
🎯 Exam Tip: 'काम्' का प्रयोग स्त्रीलिंग में व्यक्ति या वस्तु पूछने के लिए होता है।
Question 18. दम्पती किम् निश्चयं कृतवन्तौ?
Answer: दम्पती वृद्धाश्रमतः आनेतुं निश्चयं कृतवन्तौ।
In simple words: पति-पत्नी ने क्या निश्चय किया?
🎯 Exam Tip: 'किम्' का प्रयोग घटना या वस्तु पूछने के लिए होता है।
Question 19. ताभ्यां सह गतः कः पर्यपृच्छत्?
Answer: ताभ्यां सह गतः बालकः पर्यपृच्छत्।
In simple words: उनके साथ कौन गया और पूछा?
🎯 Exam Tip: 'कः' का प्रयोग पुल्लिंग में व्यक्ति पूछने के लिए होता है।
Question 20. अन्य के चिन्तयन्ति स्म?
Answer: अन्ये वृद्धाश्रमवासिनः चिन्तयन्ति स्म।
In simple words: दूसरे कौन सोच रहे थे?
🎯 Exam Tip: 'के' का प्रयोग बहुवचन में व्यक्ति पूछने के लिए होता है।
3. पाठ्यपुस्तकाधारितं भाषिककार्यम्
(क) कर्तृक्रियापदचयनम्
Question. अधोलिखितवाक्येषु कर्तृक्रियापदयोः चयनं कुरुत
| सङ्ख्या | वाक्यम् | कर्ता | क्रिया |
|---|---|---|---|
| (i) | माता स्वपुत्रं येन केन प्रकारेण पोषितवती | माता | पोषितवती |
| (ii) | सा कामपि न्यूनतां न अरक्षत् | सा | अरक्षत् |
| (iii) | सदाचारी शिष्यः विद्यां सुलभते | शिष्यः | सुलभते |
| (iv) | अधुना गृहे त्रयः प्राणिनः आसन् | त्रयः प्राणिनः | आसन् |
| (v) | पुत्रवधूः बालिकाभ्यः शिक्षणं दातुं प्रारब्धवती | पुत्रवधूः | प्रारब्धवती |
| (vi) | सा शिक्षकदिवसे सम्मानिता आसीत् | सा | आसीत् |
| (vii) | सा उमाशंकरं प्रार्थयते स्म | सा | प्रार्थयते स्म |
| (viii) | इन्दुमती सुन्दरं शिशु प्रसूतवती | इन्दुमती | प्रसूतवती |
| (ix) | तत्र माता अपि सुखिनी स्थास्यति | माता | स्थास्यति |
| (x) | वयमपि दुःखोन्मुक्ताः भविष्यामः। | वयम् | भविष्यामः |
| (xi) | सः न किंचित् अखादत् | सः | अखादत् |
| (xii) | दम्पती तस्य कथनं समर्थितवन्तौ | दम्पती | समर्थितवन्तौ |
| (xiii) | अस्मान् अपि नेतुं गृहतः कश्चित् आगच्छेत् | कश्चित् | आगच्छेत् |
Answer: ऊपर सारणी में दिए गए अनुसार वाक्यों में कर्ता और क्रियापदों का चयन किया गया है। कर्ता वह है जो काम करता है और क्रिया वह काम है जो किया जाता है।
In simple words: यहाँ हर वाक्य में काम करने वाले (कर्ता) और जो काम हुआ (क्रिया) को अलग-अलग करके बताया गया है।
🎯 Exam Tip: संस्कृत वाक्यों में कर्ता और क्रिया की पहचान करना वाक्य का अर्थ समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
(ख) विशेषणविशेष्यचयनम्
Question (i). 'शिक्षकाः आत्मीयं ज्ञानं सत्पात्रे निहितवन्तः' इत्यत्र विशेषणपदं किम्?
Answer: आत्मीयम्
In simple words: इस वाक्य में 'आत्मीयम्' शब्द विशेषण है, क्योंकि यह ज्ञान की विशेषता बता रहा है।
🎯 Exam Tip: विशेषण वह शब्द होता है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है।
Question (ii). 'सदाचारी शिष्यः विद्यां सुलभते' इत्यत्र विशेष्यपदं किम्?
Answer: शिष्यः
In simple words: इस वाक्य में 'शिष्यः' शब्द विशेष्य है, क्योंकि इसकी विशेषता 'सदाचारी' शब्द बता रहा है।
🎯 Exam Tip: विशेष्य वह संज्ञा या सर्वनाम होता है जिसकी विशेषता विशेषण द्वारा बताई जाती है।
Question (iii). 'तत्र सम्पन्नाः जनाः उपस्थिताः' इत्यत्र विशेषणपदं किम्?
Answer: सम्पन्नाः।
In simple words: इस वाक्य में 'सम्पन्नाः' शब्द विशेषण है, क्योंकि यह लोगों की विशेषता बता रहा है।
🎯 Exam Tip: विशेषण और विशेष्य में हमेशा समान लिंग, वचन और विभक्ति होती है।
Question (iv). 'सा प्रतिवेशिनः पटवारिणः कन्यां आनीतवती' इत्यत्र विशेष्यपदं किम्?
Answer: पटवारिणः
In simple words: इस वाक्य में 'पटवारिणः' शब्द विशेष्य है, क्योंकि 'प्रतिवेशिनः' शब्द उसकी विशेषता बता रहा है।
🎯 Exam Tip: जब विशेषण और विशेष्य एक साथ आते हैं, तो यह ध्यान दें कि कौन सा शब्द किसकी विशेषता बता रहा है।
Question (v). अधोलिखितवाक्येषु विशेषणविशेष्यपदयोः चयनं कुरुत
| सङ्ख्या | विशेषणपदम् | विशेष्यपदम् |
|---|---|---|
| 1. | त्रयः | प्राणिनः |
| 2. | स्वकीये | ग्रामे |
| 3. | सर्वः | ग्रामः |
| 4. | सुन्दरम् | शिशुम् |
| 5. | पितामह्या | शकुन्तलायाः |
| 6. | सर्वेषु | परिवारेषु |
| 7. | रोषमयान् | उद्गारान् |
| 8. | भर्तारम् | त्रिलोचनम् |
| 9. | स्वकीयाम् | पितामहीम् |
| 10. | अन्ये | वृद्धाश्रमवासिनः |
Answer: ऊपर सारणी में वाक्यों से विशेषण और विशेष्य पदों को अलग किया गया है। विशेषण शब्द विशेष्य की खूबी या संख्या बताते हैं।
In simple words: यहाँ बताया गया है कि कौन सा शब्द किसी की खास बात (विशेषण) बता रहा है और किस चीज या व्यक्ति (विशेष्य) की बात हो रही है।
🎯 Exam Tip: विशेषण हमेशा विशेष्य के लिंग, वचन और विभक्ति का पालन करता है।
(ग) सर्वनाम-संज्ञा-प्रयोगः
Question. अधोलिखितवाक्येषु रेखांकित सर्वनामपदस्य स्थाने संज्ञापदस्य प्रयोगं कृत्वा वाक्यं पुनः लिखत
1. सा कामपि न्यूनतां न अरक्षत्
2. तेन सह स्वात्मजायाः विवाहं कर्तुं सम्पन्नाः जनाः उपस्थिताः
3. एक सा स्वयम्
4. शिक्षाविभागः तस्मै शिक्षकपदे नियुक्तिं दत्तवान्
5. सा शिक्षक-दिवसे सम्मानिता आसीत्
6. इदानीं तस्याः एका एव कामना अवशिष्टा
7. आत्मकृत्ये सा अवश्यं पश्चात्तपति स्म
8. तदा सः अपि चिन्तितः स्थातुं प्रवृत्तः
9. किन्तु तस्य मनः नैव रमते स्म
10. तदा सः दुःखी भूत्वा बहु रुदितवान्
Answer:
1. शकुन्तला कामपि न्यूनतां न अरक्षत्।
2. त्रिलोचनेन सह स्वात्मजायाः विवाहं कर्तुं सम्पन्नाः जनाः उपस्थिताः।
3. एका इन्दुमतिः स्वयम्।
4. शिक्षाविभागः त्रिलोचनाय शिक्षकपदे नियुक्तिं दत्तवान्।
5. इन्दुमतिः शिक्षक-दिवसे सम्मानिता आसीत्।
6. इदानीं इन्दुमत्याः एका एव कामना अवशिष्टा।
7. आत्मकृत्ये इन्दुमतिः अवश्यं पश्चात्तपति स्म।
8. तदा त्रिलोचनः अपि चिन्तितः स्थातुं प्रवृत्तः।
9. किन्तु त्रिलोचनस्य मनः नैव रमते स्म।
10. तदा बालकः दुःखी भूत्वा बहु रुदितवान्।
In simple words: यहाँ हर वाक्य में जो सर्वनाम शब्द थे, उनकी जगह पर सही संज्ञा शब्द को रखकर वाक्य को फिर से लिखा गया है।
🎯 Exam Tip: सर्वनाम के स्थान पर संज्ञा का प्रयोग करते समय, सुनिश्चित करें कि संज्ञा शब्द का लिंग, वचन और विभक्ति सर्वनाम के समान हो।
Question. निम्नलिखितवाक्येषु सर्वनामपदानि चित्वा लिखत
1. यथा हि सर्वेषु परिवारेषु भवति
2. अस्मिन् आत्मकृत्ये सा पश्चात्तपति स्म
3. किन्तु अनेन समस्यायाः समाधानं न अभवत्
4. वयमपि दुःखोन्मुक्ताः भविष्यामः
5. सः मातरं तदर्थम् अनुकूलां कृतवान्
6. पत्न्याः अपि मनः तेन रक्षणीयम्
7. तयोः आत्मजः त्रिचतुरः वर्षात्मकः आसीत्
8. रुदतः तस्य कण्ठः शुष्यति स्म
9. ताभ्यां सह गतः बालकः पर्यपृच्छत्
10. दम्पती तस्य एव कथनं समर्थितवन्तौ
Answer:
1. सर्वेषु
2. अस्मिन्, सा
3. अनेन
4. वयम्
5. सः, तदर्थम्
6. तेन
7. तयोः
8. तस्य
9. ताभ्याम्
10. तस्य।
In simple words: इन वाक्यों में से सर्वनाम शब्दों को चुनकर लिखा गया है। सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो संज्ञा की जगह पर इस्तेमाल होते हैं।
🎯 Exam Tip: सर्वनाम की पहचान के लिए, यह देखें कि कौन सा शब्द किसी संज्ञा के स्थान पर प्रयोग किया गया है।
(घ) समानविलोमपदचयनम्
Question. अधोलिखितवाक्येषु रेखाङ्कितपदानां विलोमपदानि लिखत
1. तस्याः प्रार्थना सफला जाता
2. शिक्षकाः स्वज्ञानं सत्पात्रे निहितवन्तः
3. सदाचारी शिष्यः गुरु प्रसन्नं करोति
4. सः दुर्लभां विद्यां सुलभते
5. सा बालिकाभ्यः शिक्षणं दातुं प्रारब्धवती
6. ताः महिलाः तत्र उपस्थिताः भूत्वा शिक्षा प्राप्तुं प्रवृत्ताः।
Answer:
1. विफला
2. कुपात्रे
3. दुराचारी
4. सुलभाम्
5. बालकेभ्यः
6. अनुपस्थिताः।
In simple words: यहाँ वाक्यों में रेखांकित शब्दों के उल्टे अर्थ वाले शब्द (विलोमपद) लिखे गए हैं।
🎯 Exam Tip: विलोमपद लिखते समय, शब्द के मूल अर्थ को समझें और उसका सही विपरीत अर्थ वाला शब्द चुनें।
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