Get the most accurate RBSE Solutions for Class 12 Mathematics Chapter 13 सदिश here. Updated for the 2026-27 academic session, these solutions are based on the latest RBSE textbooks for Class 12 Mathematics. Our expert-created answers for Class 12 Mathematics are available for free download in PDF format.
Detailed Chapter 13 सदिश RBSE Solutions for Class 12 Mathematics
For Class 12 students, solving RBSE textbook questions is the most effective way to build a strong conceptual foundation. Our Class 12 Mathematics solutions follow a detailed, step-by-step approach to ensure you understand the logic behind every answer. Practicing these Chapter 13 सदिश solutions will improve your exam performance.
Class 12 Mathematics Chapter 13 सदिश RBSE Solutions PDF
Question 1. परिमाण 4 और 5 इकाई हों, तो उनका अदिश गुणनफल ज्ञात कीजिए जबकि उनके मध्य का कोण हों।
(i) 60°
(ii) 90°
(iii) 30°
Answer:
माना दो सदिश \( \vec{a} \) और \( \vec{b} \) हैं और उनके बीच का कोण \( \theta \) है।
अदिश गुणनफल का सूत्र है: \( \vec{a} \cdot \vec{b} = |\vec{a}| |\vec{b}| \cos \theta \)
यहां, \( |\vec{a}| = 4 \) और \( |\vec{b}| = 5 \)।
(i) जब \( \theta = 60^\circ \):
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = 4 \times 5 \times \cos 60^\circ \)
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = 20 \times \frac{1}{2} \)
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = 10 \)
(ii) जब \( \theta = 90^\circ \):
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = 4 \times 5 \times \cos 90^\circ \)
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = 20 \times 0 \)
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = 0 \)
(iii) जब \( \theta = 30^\circ \):
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = 4 \times 5 \times \cos 30^\circ \)
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = 20 \times \frac{\sqrt{3}}{2} \)
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = 10\sqrt{3} \)
In simple words: अदिश गुणनफल निकालने के लिए, दोनों सदिशों के परिमाणों को गुणा करते हैं और फिर उनके बीच के कोण के कोसाइन (cos) से गुणा करते हैं। \( \cos 60^\circ = 1/2 \), \( \cos 90^\circ = 0 \), और \( \cos 30^\circ = \sqrt{3}/2 \) होता है, जिनका उपयोग करके हम प्रत्येक स्थिति में गुणनफल निकालते हैं।
🎯 Exam Tip: अदिश गुणनफल का मान \( \vec{a} \cdot \vec{b} = |\vec{a}| |\vec{b}| \cos \theta \) सूत्र का उपयोग करके हमेशा याद रखें, क्योंकि यह कोण के आधार पर सदिशों के बीच के संबंध को दर्शाता है।
Question 2. \( \vec {a} \cdot \vec {b} \) का मान ज्ञात कीजिए जबकि \( \vec {a} \) एवं \( \vec {b} \) क्रमशः है
(i) \( \vec{a} = 2\vec{i} + 5\vec{j} \), \( \vec{b} = 3\vec{i} - 2\vec{j} \)
(ii) \( \vec{a} = 4\vec{i} + 3\vec{k} \), \( \vec{b} = \vec{i} - \vec{j} + \vec{k} \)
(iii) \( \vec{a} = 5\vec{i} + \vec{j} - 2\vec{k} \), \( \vec{b} = 2\vec{i} - 3\vec{j} \)
Answer:
अदिश गुणनफल \( \vec{a} \cdot \vec{b} \) ज्ञात करने के लिए, हम संगत घटकों को गुणा करते हैं और फिर सभी उत्पादों को जोड़ देते हैं: \( \vec{a} \cdot \vec{b} = a_x b_x + a_y b_y + a_z b_z \)।
(i) \( \vec{a} = 2\vec{i} + 5\vec{j} = 2\vec{i} + 5\vec{j} + 0\vec{k} \)
\( \vec{b} = 3\vec{i} - 2\vec{j} = 3\vec{i} - 2\vec{j} + 0\vec{k} \)
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = (2 \times 3) + (5 \times -2) + (0 \times 0) \)
\( = 6 - 10 + 0 = -4 \)
(ii) \( \vec{a} = 4\vec{i} + 3\vec{k} = 4\vec{i} + 0\vec{j} + 3\vec{k} \)
\( \vec{b} = \vec{i} - \vec{j} + \vec{k} = 1\vec{i} - 1\vec{j} + 1\vec{k} \)
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = (4 \times 1) + (0 \times -1) + (3 \times 1) \)
\( = 4 + 0 + 3 = 7 \)
(iii) \( \vec{a} = 5\vec{i} + \vec{j} - 2\vec{k} = 5\vec{i} + 1\vec{j} - 2\vec{k} \)
\( \vec{b} = 2\vec{i} - 3\vec{j} = 2\vec{i} - 3\vec{j} + 0\vec{k} \)
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = (5 \times 2) + (1 \times -3) + (-2 \times 0) \)
\( = 10 - 3 + 0 = 7 \)
In simple words: सदिशों के अदिश गुणनफल को निकालने के लिए, आपको उनके \( i \), \( j \), और \( k \) घटकों को एक-दूसरे से गुणा करना होगा और फिर उन सभी परिणामों को जोड़ना होगा। यदि कोई घटक मौजूद नहीं है, तो उसे शून्य मान लिया जाता है।
🎯 Exam Tip: अदिश गुणनफल की गणना करते समय, सुनिश्चित करें कि आप प्रत्येक सदिश के सभी तीन घटकों (\( i, j, k \)) को ध्यान में रखते हैं, भले ही उनमें से कुछ शून्य हों।
Question 3. सिद्ध कीजिए कि \( |\vec {a} \cdot \vec {b}| \le |\vec {a}| |\vec {b}| \).
Answer:
हम जानते हैं कि दो सदिशों \( \vec{a} \) और \( \vec{b} \) के बीच का अदिश गुणनफल (डॉट प्रोडक्ट) निम्न सूत्र द्वारा दिया जाता है:
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = |\vec{a}| |\vec{b}| \cos \theta \)
जहाँ \( \theta \) सदिश \( \vec{a} \) और \( \vec{b} \) के बीच का कोण है।
अब, अदिश गुणनफल का परिमाण लेने पर, हमें मिलता है:
\( |\vec{a} \cdot \vec{b}| = ||\vec{a}| |\vec{b}| \cos \theta| \)
\( |\vec{a} \cdot \vec{b}| = |\vec{a}| |\vec{b}| |\cos \theta| \) (क्योंकि \( |\vec{a}| \) और \( |\vec{b}| \) हमेशा धनात्मक होते हैं)
हम जानते हैं कि \( \cos \theta \) का मान हमेशा -1 और 1 के बीच होता है। इसलिए, \( |\cos \theta| \) का मान 0 और 1 के बीच होता है।
अर्थात, \( 0 \le |\cos \theta| \le 1 \)
इस असमानता का उपयोग करते हुए, हम लिख सकते हैं:
\( |\vec{a}| |\vec{b}| |\cos \theta| \le |\vec{a}| |\vec{b}| \times 1 \)
\( |\vec{a} \cdot \vec{b}| \le |\vec{a}| |\vec{b}| \)
इस प्रकार, यह सिद्ध होता है कि दो सदिशों के अदिश गुणनफल का परिमाण हमेशा उनके परिमाणों के गुणनफल से कम या उसके बराबर होता है। इसे कोशी-श्वार्ज असमिका भी कहते हैं।
In simple words: हम जानते हैं कि अदिश गुणनफल \( |\vec{a}| |\vec{b}| \cos \theta \) के बराबर होता है। चूंकि \( \cos \theta \) का मान 1 से बड़ा नहीं हो सकता (अधिकतम 1), तो गुणनफल का परिमाण हमेशा \( |\vec{a}| |\vec{b}| \) से कम या उसके बराबर होगा।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रमाणों में, \( |\cos \theta| \le 1 \) का संबंध महत्वपूर्ण होता है और इसे अक्सर सदिश असमानताओं को सिद्ध करने के लिए उपयोग किया जाता है।
Question 5. यदि दो बिन्दुओं P एवं Q के निर्देशांक क्रमशः (3, 4) एवं (12, 9) हो, तो \( \angle POQ \) का मान ज्ञात कीजिए, जहाँ ० मूल बिन्दु है।
Answer:
दिए गए बिंदु P और Q के निर्देशांक हैं: \( P(3, 4) \) और \( Q(12, 9) \)।
मूल बिंदु \( O \) के निर्देशांक \( (0, 0) \) हैं।
हम स्थिति सदिश \( \vec{OP} \) और \( \vec{OQ} \) ज्ञात करते हैं:
\( \vec{OP} = 3\vec{i} + 4\vec{j} \)
\( \vec{OQ} = 12\vec{i} + 9\vec{j} \)
कोण \( \angle POQ \) को \( \theta \) मान लें। हम अदिश गुणनफल सूत्र का उपयोग करेंगे:
\( \cos \theta = \frac{\vec{OP} \cdot \vec{OQ}}{|\vec{OP}| |\vec{OQ}|} \)
पहले, \( \vec{OP} \cdot \vec{OQ} \) की गणना करें:
\( \vec{OP} \cdot \vec{OQ} = (3)(12) + (4)(9) = 36 + 36 = 72 \)
अब, \( |\vec{OP}| \) और \( |\vec{OQ}| \) की गणना करें:
\( |\vec{OP}| = \sqrt{3^2 + 4^2} = \sqrt{9 + 16} = \sqrt{25} = 5 \)
\( |\vec{OQ}| = \sqrt{12^2 + 9^2} = \sqrt{144 + 81} = \sqrt{225} = 15 \)
इन मानों को सूत्र में रखें:
\( \cos \theta = \frac{72}{5 \times 15} \)
\( \cos \theta = \frac{72}{75} \)
अतः, कोण \( \theta \) होगा:
\( \theta = \cos^{-1} \left( \frac{72}{75} \right) \)
In simple words: पहले, मूल बिंदु से दोनों बिंदुओं तक सदिश ज्ञात करें। फिर, इन सदिशों का अदिश गुणनफल और उनके परिमाण निकालें। अंत में, \( \cos \theta = \frac{\text{अदिश गुणनफल}}{\text{परिमाणों का गुणनफल}} \) सूत्र का उपयोग करके कोण ज्ञात करें।
🎯 Exam Tip: कोण ज्ञात करने के लिए हमेशा स्थिति सदिशों का उपयोग करें और सुनिश्चित करें कि आप अदिश गुणनफल और सदिशों के परिमाणों की गणना सही ढंग से करते हैं।
Question 6. सदिश \( 4\vec{i}-2\vec{j}+\vec{k} \) का सदिश \( 3\vec{i}+6\vec{j}-2\vec{k} \) पर प्रक्षेप ज्ञात कीजिए।
Answer:
माना \( \vec{a} = 4\vec{i}-2\vec{j}+\vec{k} \) और \( \vec{b} = 3\vec{i}+6\vec{j}-2\vec{k} \)।
सदिश \( \vec{a} \) का सदिश \( \vec{b} \) पर प्रक्षेप का सूत्र है: \( \text{प्रक्षेप} = \frac{\vec{a} \cdot \vec{b}}{|\vec{b}|} \)
पहले, \( \vec{a} \cdot \vec{b} \) की गणना करें:
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = (4)(3) + (-2)(6) + (1)(-2) \)
\( = 12 - 12 - 2 = -2 \)
अब, \( |\vec{b}| \) की गणना करें:
\( |\vec{b}| = \sqrt{3^2 + 6^2 + (-2)^2} \)
\( = \sqrt{9 + 36 + 4} \)
\( = \sqrt{49} = 7 \)
इन मानों को प्रक्षेप के सूत्र में रखें:
\( \text{प्रक्षेप} = \frac{-2}{7} \)
चूंकि प्रक्षेप की लंबाई आमतौर पर धनात्मक होती है, हम ऋण चिह्न को छोड़ देते हैं।
अतः, प्रक्षेप \( \frac{2}{7} \) है। एक सदिश का दूसरे पर प्रक्षेप बताता है कि पहला सदिश दूसरे की दिशा में कितना फैलता है।
In simple words: किसी सदिश का दूसरे पर प्रक्षेप जानने के लिए, पहले उन दोनों सदिशों का अदिश गुणनफल निकालें। फिर, उस अदिश गुणनफल को दूसरे सदिश के परिमाण से भाग दें। परिणामी संख्या प्रक्षेप का मान होती है।
🎯 Exam Tip: प्रक्षेप की गणना करते समय, अदिश गुणनफल और सदिश के परिमाण के सूत्र को सही ढंग से लागू करें। ध्यान दें कि लंबाई के संदर्भ में प्रक्षेप हमेशा धनात्मक होता है, इसलिए अंतिम परिणाम का निरपेक्ष मान लें।
Question 7. यदि \( \vec{a} = 2\vec{i}-16\vec{j}+5\vec{k} \) तथा \( \vec{b} = 3\vec{i}+\vec{j}+2\vec{k} \) एक समकोण त्रिभुज की भुजाओं को निरूपित करें।
Answer:
एक समकोण त्रिभुज की भुजाओं को निरूपित करने के लिए, दो भुजाओं को लंबवत होना चाहिए, जिसका अर्थ है कि उनका अदिश गुणनफल शून्य होना चाहिए।
हमें दिए गए सदिश हैं: \( \vec{a} = 2\vec{i}-16\vec{j}+5\vec{k} \) और \( \vec{b} = 3\vec{i}+\vec{j}+2\vec{k} \)।
पहले, \( \vec{a} \cdot \vec{b} \) की गणना करें:
\( \vec{a} \cdot \vec{b} = (2)(3) + (-16)(1) + (5)(2) \)
\( = 6 - 16 + 10 \)
\( = 0 \)
चूंकि \( \vec{a} \cdot \vec{b} = 0 \) है, सदिश \( \vec{a} \) और \( \vec{b} \) परस्पर लंबवत हैं। इसका मतलब है कि वे एक समकोण त्रिभुज की दो भुजाएँ हो सकते हैं।
अब, हमें तीसरी भुजा \( \vec{c} \) ज्ञात करनी है। एक समकोण त्रिभुज में, तीसरी भुजा (कर्ण) पहले दो सदिशों के योग से दी जाती है:
\( \vec{c} = \vec{a} + \vec{b} \)
\( \vec{c} = (2\vec{i}-16\vec{j}+5\vec{k}) + (3\vec{i}+\vec{j}+2\vec{k}) \)
\( \vec{c} = (2+3)\vec{i} + (-16+1)\vec{j} + (5+2)\vec{k} \)
\( \vec{c} = 5\vec{i} - 15\vec{j} + 7\vec{k} \)
इस प्रकार, सदिश \( \vec{a} = 2\vec{i}-16\vec{j}+5\vec{k} \), \( \vec{b} = 3\vec{i}+\vec{j}+2\vec{k} \) और \( \vec{c} = 5\vec{i}-15\vec{j}+7\vec{k} \) एक समकोण त्रिभुज की भुजाओं को निरूपित करते हैं।
In simple words: दो सदिश एक समकोण त्रिभुज की भुजाएँ तब हो सकते हैं जब उनका अदिश गुणनफल शून्य हो, जिसका मतलब है कि वे एक-दूसरे के लंबवत हैं। तीसरी भुजा (कर्ण) उन दो लंबवत सदिशों को जोड़कर प्राप्त की जाती है।
🎯 Exam Tip: समकोण त्रिभुज के लिए, दो भुजाओं के लंबवत होने की स्थिति को \( \vec{a} \cdot \vec{b} = 0 \) से जांचें। तीसरी भुजा को आमतौर पर सदिशों के योग से प्राप्त किया जाता है।
Question 8. यदि \( |\vec {a}+\vec {b}| = |\vec {a}-\vec {b}| \) तो सिद्ध कीजिए कि \( \vec {a} \) तथा \( \vec {b} \) परस्पर लम्ब सदिश है।
Answer:
दिया गया है: \( |\vec{a}+\vec{b}| = |\vec{a}-\vec{b}| \)
दोनों पक्षों का वर्ग करने पर:
\( |\vec{a}+\vec{b}|^2 = |\vec{a}-\vec{b}|^2 \)
हम जानते हैं कि \( |\vec{x}|^2 = \vec{x} \cdot \vec{x} \)। इस गुण का उपयोग करने पर:
\( (\vec{a}+\vec{b}) \cdot (\vec{a}+\vec{b}) = (\vec{a}-\vec{b}) \cdot (\vec{a}-\vec{b}) \)
सदिश गुणनफल के नियमों का उपयोग करें:
\( \vec{a} \cdot \vec{a} + \vec{a} \cdot \vec{b} + \vec{b} \cdot \vec{a} + \vec{b} \cdot \vec{b} = \vec{a} \cdot \vec{a} - \vec{a} \cdot \vec{b} - \vec{b} \cdot \vec{a} + \vec{b} \cdot \vec{b} \)
हम जानते हैं कि \( \vec{a} \cdot \vec{a} = |\vec{a}|^2 \), \( \vec{b} \cdot \vec{b} = |\vec{b}|^2 \) और \( \vec{a} \cdot \vec{b} = \vec{b} \cdot \vec{a} \)।
इसलिए, समीकरण को इस प्रकार लिखा जा सकता है:
\( |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 + 2(\vec{a} \cdot \vec{b}) = |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 - 2(\vec{a} \cdot \vec{b}) \)
दोनों पक्षों से \( |\vec{a}|^2 \) और \( |\vec{b}|^2 \) को रद्द करने पर:
\( 2(\vec{a} \cdot \vec{b}) = -2(\vec{a} \cdot \vec{b}) \)
\( 2(\vec{a} \cdot \vec{b}) + 2(\vec{a} \cdot \vec{b}) = 0 \)
\( 4(\vec{a} \cdot \vec{b}) = 0 \)
\( \implies \vec{a} \cdot \vec{b} = 0 \)
चूंकि \( \vec{a} \cdot \vec{b} = 0 \) है, यह सिद्ध होता है कि सदिश \( \vec{a} \) तथा \( \vec{b} \) परस्पर लंबवत सदिश हैं (या उनमें से कोई एक शून्य सदिश है)।
In simple words: दिए गए समीकरण के दोनों तरफ वर्ग करने से, हम सदिशों के गुणों का उपयोग करके एक समीकरण पर पहुँचते हैं जहाँ \( 4(\vec{a} \cdot \vec{b}) = 0 \) आता है। इसका मतलब है कि \( \vec{a} \cdot \vec{b} = 0 \), जो यह दर्शाता है कि सदिश एक-दूसरे के लंबवत हैं।
🎯 Exam Tip: जब भी \( |\vec{a}+\vec{b}| = |\vec{a}-\vec{b}| \) जैसी समानता सिद्ध करनी हो, तो दोनों पक्षों का वर्ग करना एक सामान्य और प्रभावी तरीका है।
Question 9. यदि बिन्दुओं A, B, C तथा D के निर्देशांक क्रमशः (3, 2, 4) (4, 5, -1), (6, 3, 2) तथा (2, 1, 0) हों, तो सिद्ध कीजिए कि रेखाएं \( \overrightarrow {AB} \) तथा \( \overrightarrow { CD } \) परस्पर लम्ब है।
Answer:
दिए गए बिंदुओं के निर्देशांक हैं:
\( A(3, 2, 4) \)
\( B(4, 5, -1) \)
\( C(6, 3, 2) \)
\( D(2, 1, 0) \)
पहले, सदिश \( \overrightarrow{AB} \) और \( \overrightarrow{CD} \) ज्ञात करें:
\( \overrightarrow{AB} = \vec{B} - \vec{A} = (4-3)\vec{i} + (5-2)\vec{j} + (-1-4)\vec{k} \)
\( \overrightarrow{AB} = 1\vec{i} + 3\vec{j} - 5\vec{k} \)
\( \overrightarrow{CD} = \vec{D} - \vec{C} = (2-6)\vec{i} + (1-3)\vec{j} + (0-2)\vec{k} \)
\( \overrightarrow{CD} = -4\vec{i} - 2\vec{j} - 2\vec{k} \)
दो सदिश परस्पर लंबवत होते हैं यदि उनका अदिश गुणनफल शून्य हो। अब, \( \overrightarrow{AB} \cdot \overrightarrow{CD} \) की गणना करें:
\( \overrightarrow{AB} \cdot \overrightarrow{CD} = (1)(-4) + (3)(-2) + (-5)(-2) \)
\( = -4 - 6 + 10 \)
\( = 0 \)
चूंकि \( \overrightarrow{AB} \cdot \overrightarrow{CD} = 0 \) है, यह सिद्ध होता है कि रेखाएँ \( \overrightarrow{AB} \) तथा \( \overrightarrow{CD} \) परस्पर लंबवत हैं। यह दर्शाता है कि रेखाएँ एक दूसरे के साथ 90 डिग्री का कोण बनाती हैं।
In simple words: सबसे पहले, दिए गए बिंदुओं का उपयोग करके दो सदिश \( \overrightarrow{AB} \) और \( \overrightarrow{CD} \) बनाएँ। फिर, उनका अदिश गुणनफल निकालें। यदि अदिश गुणनफल शून्य आता है, तो इसका मतलब है कि दोनों रेखाएँ एक-दूसरे के लंबवत हैं।
🎯 Exam Tip: बिंदुओं से सदिश बनाते समय, हमेशा अंतिम बिंदु के निर्देशांकों से प्रारंभिक बिंदु के निर्देशांक घटाएँ। लंबवतता साबित करने के लिए अदिश गुणनफल को शून्य के बराबर सिद्ध करना एक सीधा तरीका है।
Question 10. किसी सदिश \( \vec {a} \) के लिए सिद्ध कीजिए कि \( \vec {a} = (\vec {a}.\vec{i})\vec{i}+(\vec {a}.\vec{j})\vec{j}+(\vec {a}.\vec{k})\vec{k} \).
Answer:
माना एक सदिश \( \vec{a} \) है, जिसे उसके घटकों के रूप में लिखा जा सकता है:
\( \vec{a} = a_1\vec{i} + a_2\vec{j} + a_3\vec{k} \) .....(1)
जहाँ \( a_1, a_2, a_3 \) सदिश \( \vec{a} \) के \( x, y, z \) अक्षों के साथ घटक हैं।
अब, हम \( \vec{a} \) का इकाई सदिशों \( \vec{i}, \vec{j}, \vec{k} \) के साथ अदिश गुणनफल ज्ञात करते हैं:
\( \vec{a} \cdot \vec{i} = (a_1\vec{i} + a_2\vec{j} + a_3\vec{k}) \cdot \vec{i} \)
\( \implies \vec{a} \cdot \vec{i} = a_1(\vec{i} \cdot \vec{i}) + a_2(\vec{j} \cdot \vec{i}) + a_3(\vec{k} \cdot \vec{i}) \)
हम जानते हैं कि \( \vec{i} \cdot \vec{i} = 1 \), और \( \vec{j} \cdot \vec{i} = 0 \), \( \vec{k} \cdot \vec{i} = 0 \)।
इसलिए,
\( \vec{a} \cdot \vec{i} = a_1(1) + a_2(0) + a_3(0) \)
\( \implies \vec{a} \cdot \vec{i} = a_1 \) .....(2)
इसी तरह,
\( \vec{a} \cdot \vec{j} = (a_1\vec{i} + a_2\vec{j} + a_3\vec{k}) \cdot \vec{j} = a_2 \) .....(3)
और
\( \vec{a} \cdot \vec{k} = (a_1\vec{i} + a_2\vec{j} + a_3\vec{k}) \cdot \vec{k} = a_3 \) .....(4)
अब, समीकरण (2), (3), और (4) से \( a_1, a_2, a_3 \) के मानों को समीकरण (1) में रखने पर:
\( \vec{a} = (\vec{a} \cdot \vec{i})\vec{i} + (\vec{a} \cdot \vec{j})\vec{j} + (\vec{a} \cdot \vec{k})\vec{k} \)
इस प्रकार, यह पहचान सिद्ध होती है। यह सूत्र एक सदिश को उसके घटकों के योग के रूप में व्यक्त करने का एक तरीका दिखाता है, जहाँ प्रत्येक घटक संबंधित अक्षीय इकाई सदिश के साथ मूल सदिश के अदिश गुणनफल से प्राप्त होता है।
In simple words: किसी भी सदिश को तीन घटकों (i, j, k) में तोड़ा जा सकता है। प्रत्येक घटक उस सदिश का इकाई अक्षीय सदिश (जैसे i) के साथ अदिश गुणनफल होता है। जब इन घटकों को फिर से अक्षीय सदिशों से गुणा करके जोड़ा जाता है, तो हमें मूल सदिश वापस मिल जाता है।
🎯 Exam Tip: यह पहचान सदिश बीजगणित में बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर जब सदिशों को उनके घटकों में विघटित करना होता है। इकाई सदिशों के अदिश गुणनफल के नियमों को याद रखना महत्वपूर्ण है (जैसे \( \vec{i} \cdot \vec{i} = 1 \) और \( \vec{i} \cdot \vec{j} = 0 \)).
Question 11. सदिश विधि से सिद्ध कीजिए कि समान्तर चतुर्भुज के विकर्णो का योग उसकी भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है।
Answer:
माना OACB एक समांतर चतुर्भुज है। मूल बिंदु O के सापेक्ष, सदिश \( \vec{OA} = \vec{a} \) और \( \vec{OB} = \vec{b} \) हैं।
तो, समांतर चतुर्भुज की भुजाएँ \( \vec{OA} = \vec{a} \), \( \vec{AC} = \vec{b} \), \( \vec{OB} = \vec{b} \) और \( \vec{BC} = \vec{a} \) होंगी।
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण \( \vec{OC} \) और \( \vec{AB} \) हैं।
विकर्ण \( \vec{OC} = \vec{OA} + \vec{AC} = \vec{a} + \vec{b} \)
विकर्ण \( \vec{AB} = \vec{OB} - \vec{OA} = \vec{b} - \vec{a} \)
विकर्णों के वर्गों का योग:
\( |\vec{OC}|^2 + |\vec{AB}|^2 = |\vec{a}+\vec{b}|^2 + |\vec{b}-\vec{a}|^2 \)
हम जानते हैं कि \( |\vec{x}|^2 = \vec{x} \cdot \vec{x} \)।
\( |\vec{a}+\vec{b}|^2 = (\vec{a}+\vec{b}) \cdot (\vec{a}+\vec{b}) = |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 + 2\vec{a} \cdot \vec{b} \)
\( |\vec{b}-\vec{a}|^2 = (\vec{b}-\vec{a}) \cdot (\vec{b}-\vec{a}) = |\vec{b}|^2 + |\vec{a}|^2 - 2\vec{b} \cdot \vec{a} \)
चूंकि \( \vec{a} \cdot \vec{b} = \vec{b} \cdot \vec{a} \), तो:
\( |\vec{OC}|^2 + |\vec{AB}|^2 = (|\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 + 2\vec{a} \cdot \vec{b}) + (|\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 - 2\vec{a} \cdot \vec{b}) \)
\( = |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 + |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 \)
\( = 2|\vec{a}|^2 + 2|\vec{b}|^2 \)
अब, भुजाओं के वर्गों का योग:
समांतर चतुर्भुज की भुजाएँ हैं \( \vec{a}, \vec{b}, \vec{a}, \vec{b} \)।
भुजाओं के वर्गों का योग \( = |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 + |\vec{a}|^2 + |\vec{b}|^2 \)
\( = 2|\vec{a}|^2 + 2|\vec{b}|^2 \)
चूंकि विकर्णों के वर्गों का योग और भुजाओं के वर्गों का योग दोनों \( 2|\vec{a}|^2 + 2|\vec{b}|^2 \) के बराबर हैं, तो यह सिद्ध होता है कि समांतर चतुर्भुज के विकर्णों के वर्गों का योग उसकी भुजाओं के वर्गों के योग के बराबर होता है। इसे समांतर चतुर्भुज का नियम भी कहते हैं।
In simple words: एक समांतर चतुर्भुज के विकर्णों के वर्गों को जोड़ें, और यह मान उसकी सभी चारों भुजाओं के वर्गों को जोड़ने पर प्राप्त मान के बराबर होगा। यह सिद्ध करने के लिए सदिश जोड़ और घटाव के गुणों का उपयोग करें।
🎯 Exam Tip: इस तरह के ज्यामितीय प्रमाणों में, सदिशों का उपयोग करना बहुत प्रभावी होता है। विकर्णों को सदिश योग (\( \vec{a}+\vec{b} \)) और सदिश अंतर (\( \vec{b}-\vec{a} \)) के रूप में व्यक्त करना महत्वपूर्ण पहला कदम है।
I have reviewed the provided content and the strict instruction to process "ONLY the questions located between page 15 and page 16 of this PDF." Upon careful examination of the OCR for page 15 and page 16, I found no questions within this specified range. Page 15 contains navigation links and footer-style content, while page 16 contains copyright information, all of which fall under the "IGNORE AND SKIP" rules. Therefore, no content will be outputted.Free study material for Mathematics
RBSE Solutions Class 12 Mathematics Chapter 13 सदिश
Students can now access the RBSE Solutions for Chapter 13 सदिश prepared by teachers on our website. These solutions cover all questions in exercise in your Class 12 Mathematics textbook. Each answer is updated based on the current academic session as per the latest RBSE syllabus.
Detailed Explanations for Chapter 13 सदिश
Our expert teachers have provided step-by-step explanations for all the difficult questions in the Class 12 Mathematics chapter. Along with the final answers, we have also explained the concept behind it to help you build stronger understanding of each topic. This will be really helpful for Class 12 students who want to understand both theoretical and practical questions. By studying these RBSE Questions and Answers your basic concepts will improve a lot.
Benefits of using Mathematics Class 12 Solved Papers
Using our Mathematics solutions regularly students will be able to improve their logical thinking and problem-solving speed. These Class 12 solutions are a guide for self-study and homework assistance. Along with the chapter-wise solutions, you should also refer to our Revision Notes and Sample Papers for Chapter 13 सदिश to get a complete preparation experience.
FAQs
The complete and updated RBSE Solutions Class 12 Maths Chapter 13 सदिश Exercise 13.2 is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Mathematics are as per latest RBSE curriculum.
Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 12 Maths Chapter 13 सदिश Exercise 13.2 as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Mathematics concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 12 Maths Chapter 13 सदिश Exercise 13.2 will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 12 Mathematics. You can access RBSE Solutions Class 12 Maths Chapter 13 सदिश Exercise 13.2 in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 12 Maths Chapter 13 सदिश Exercise 13.2 in printable PDF format for offline study on any device.