RBSE Solutions Class 12 Home Science Chapter 25 धब्बे छुड़ाना

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Class 12 Home Science Chapter 25 धब्बे छुड़ाना RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Home Science Chapter 25 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर प्रश्न

 

Question 1. निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनें –
(i) वनस्पतिज धब्बे हैं –
(अ) रक्त
(ब) पसीना
(स) दूध
(द) हल्दी
Answer: (द) हल्दी
In simple words: हल्दी एक प्राकृतिक रंग है और यह पौधों से आती है, इसलिए इसे वनस्पतिज धब्बे की श्रेणी में रखा जाता है। यह अक्सर कपड़ों पर पीले दाग छोड़ देती है।

🎯 Exam Tip: वनस्पतिज धब्बों को पहचानने के लिए याद रखें कि वे पौधों से निकलने वाले पदार्थों, जैसे फलों के रस, चाय, कॉफी या फूलों से बनते हैं।

 

Question 1. (ii) औषधि वर्ग का धब्बा है –
(अ) जान्तव वर्ग
(ब) बनस्पतिज वर्ग
(स) खनिज वर्ग
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (The source does not provide an explicit answer for this sub-part.)
In simple words: औषधियों से लगने वाले दाग रसायन आधारित होते हैं, इसलिए वे न तो जानवर से आते हैं, न पौधे से और न ही खनिज से। ये अक्सर रासायनिक वर्ग में आते हैं।

🎯 Exam Tip: औषधि के दागों की पहचान करना महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें हटाने के लिए विशेष रसायनों की आवश्यकता हो सकती है, जो कपड़े के प्रकार पर निर्भर करता है।

 

Question 1. (iv) घास वर्ग का धब्बा है –
(अ) वनस्पतिज वर्ग
(ब) खनिज
(स) जान्तव वर्ग
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) वनस्पतिज वर्ग
In simple words: घास पौधों का हिस्सा है, इसलिए घास से लगने वाले दाग वनस्पतिज वर्ग के धब्बे कहलाते हैं। इन दागों में क्लोरोफिल होता है।

🎯 Exam Tip: घास के दागों को अक्सर रगड़कर हटाने से बचें, क्योंकि इससे दाग और फैल सकता है। पहले हल्के घोल या साबुन का प्रयोग करें।

 

Question 1. (v) वसा में घुलनशीन धब्बों को छुड़ाने हेतु प्रयोग करते हैं –
(अ) घोलक
(ब) रासायनिक प्रतिकर्मक
(स) अवशोषक
(द) ये सभी
Answer: (स) अवशोषक
In simple words: वसा के धब्बों को हटाने के लिए अवशोषक पदार्थ जैसे टेलकम पाउडर, आटा या चॉक का प्रयोग करते हैं। ये पदार्थ वसा को सोख लेते हैं।

🎯 Exam Tip: वसा में घुलनशील दागों को हटाते समय, पहले दाग पर अवशोषक डालकर अतिरिक्त वसा को सोखने दें, फिर उसे हटाएँ।

 

Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
1. चिकनाईयुक्त धब्बों को ............. एवं ............. से छुड़ाया जाता है।
2. जान्तव धब्बे की पहचान ............. की जा सकती है।
3. आटा ............. पदार्थ है।
4. ............. क्षारीय प्रतिकर्मक है।
Answer:
1. चिकनाईयुक्त धब्बों को **घोलक** एवं **अवशोषक** से छुड़ाया जाता है।
2. जान्तव धब्बे की पहचान **स्पर्श से** की जा सकती है।
In simple words: तेल जैसे चिकनाई वाले दाग हटाने के लिए घोलने वाले पदार्थ या सोखने वाले पदार्थ काम आते हैं। जानवर से आने वाले दाग को छूकर महसूस कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थानों की पूर्ति करते समय, वाक्य के अर्थ और व्याकरण के अनुसार सही शब्द का चुनाव करें।

 

Question 4. वस्त्र पर लगे धब्बे हटाना अनिवार्य है, क्यों?
Answer: कपड़ों पर दाग लगने से उनकी सुंदरता और चमक कम हो जाती है। ऐसे दाग वाले कपड़े अक्सर उपयोग करने लायक नहीं रहते हैं। चाहे कपड़ा कितना भी सुंदर क्यों न हो, अगर उस पर दाग लगा हो, तो सबकी नजरें कपड़े के बजाय दाग पर ही टिक जाती हैं। इसलिए, दाग हटाना बहुत जरूरी होता है ताकि कपड़े अपनी चमक और आकर्षण बनाए रख सकें।
In simple words: कपड़े पर दाग लगने से वह खराब दिखता है और इस्तेमाल नहीं हो पाता, इसलिए दाग हटाना जरूरी है।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय, कपड़ों की सुंदरता, उपयोगिता और सामाजिक प्रभाव जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दें।

 

Question 5. अम्लीय एवं क्षारीय प्रतिकर्मक में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer:
• अम्लीय प्रतिकर्मक वे होते हैं जिनका स्वभाव अम्ल जैसा होता है, जबकि क्षारीय प्रतिकर्मक वे होते हैं जिनका स्वभाव क्षार जैसा होता है। अम्लीय पदार्थों का pH 7 से कम होता है, जबकि क्षारीय पदार्थों का pH 7 से अधिक होता है।
• अम्लीय प्रतिकर्मकों का उपयोग क्षारीय स्वभाव वाले दागों को हटाने के लिए किया जाता है, जैसे फलों के रस के दाग ऑक्जैलिक अम्ल से हटाए जाते हैं। इसके विपरीत, क्षारीय प्रतिकर्मकों का उपयोग केवल सूती और लिनन के कपड़ों से दाग हटाने के लिए किया जाता है, क्योंकि ये रेशों को नुकसान पहुँचा सकते हैं। ये अम्लीय दागों को हटाने के काम आते हैं, जैसे कास्टिक सोडा, बोरेक्स, अमोनिया आदि।
In simple words: अम्लीय चीजें खट्टी होती हैं और क्षारीय चीजें कड़वी। अम्लीय प्रतिकर्मक क्षारीय दाग हटाते हैं, जबकि क्षारीय प्रतिकर्मक अम्लीय दाग हटाते हैं।

🎯 Exam Tip: अंतर स्पष्ट करते समय, दोनों प्रकार के प्रतिकर्मकों के स्वभाव, उपयोग और उनके उदाहरणों को तुलनात्मक रूप से प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 6. धब्बों का वर्गीकरण लिखिए।
Answer: धब्बों को उनके मूल स्रोत और रासायनिक संरचना के आधार पर कई वर्गों में बांटा जा सकता है। यह वर्गीकरण दाग को हटाने के लिए सही तरीके और प्रतिकर्मक चुनने में मदद करता है।

दहीकॉफीघीऔषधिकपड़े रंगनेपत्तियाँझुलसने आदि का
अण्डाशहदमक्खनजंगव छापनेआदि का
रक्तफलक्रीमके रंग,
मांससब्जीग्रीसचित्र बनाने
का रंग

In simple words: धब्बों को उनके स्रोत के हिसाब से बांटते हैं, जैसे दूध, अंडे, मांस से जान्तव दाग, कॉफी, चाय से वनस्पति दाग, स्याही, जंग से खनिज दाग आदि।

🎯 Exam Tip: धब्बों का वर्गीकरण करते समय मुख्य श्रेणियों जैसे जान्तव, वनस्पतिज, खनिज और वसायुक्त धब्बों को सूचीबद्ध करें, साथ ही प्रत्येक श्रेणी के दो-तीन उदाहरण भी दें।

 

Question 7. धब्बों को छुड़ाने की मुख्य विधियाँ कौन-सी हैं?
Answer: धब्बों को छुड़ाने की मुख्य विधियाँ कपड़ों के प्रकार और दाग की प्रकृति के अनुसार बदलती रहती हैं। सही विधि का चुनाव कपड़े को नुकसान से बचाने और दाग को प्रभावी ढंग से हटाने के लिए महत्वपूर्ण है। धब्बों को छुड़ाने की मुख्य विधियाँ निम्न तालिका में दी गयी हैं -

विधि का प्रकारप्रक्रियाउदाहरण/पदार्थ
(2) अवशोषक (चिकनाईयुक्त धब्बों के लिए)
1. दाग-धब्बों पर अवशोषक पदार्थ डाल दिया जाता है। ये चिकनाई को सोख लेते हैं।
2. इसके अलावा अवशोषक पदार्थों को गीला करके धब्बे के दोनों ओर लगाकर सूखने के लिए छोड़ देते हैं और फिर सूखने पर दाग की सारी चिकनाई अवशोषक पदार्थ सोख चुके होते हैं। फिर ब्रश से रगड़ कर साफ कर लें।
3. झुलसने के दाग को छुड़ाने के लिए उस पर भीगी पावरोटी रगड़ें तो दाग दूर हो जाता है।
आटा, मैदा, पावरोटी का चूरा, टेल्कम पाउडर, चॉक का चूर्ण, नमक, भीगी पावरोटी आदि।
(3) रसायन (आसानी से न छूटने वाले धब्बों के लिए)
1. दाग को स्पंज विधि से और रासायनिक प्रतिकर्मक के तनु घोल की सहायता से छुड़ायें।
2. रसायन में वस्त्र के दागदार भाग डुबोकर, दाग पर रसायन की बूंदें डालकर छुड़ाये जा सकते हैं। रसायनों का उपयोग वस्त्र पर सावधानीपूर्वक करें। दाग छुड़ाने के पश्चात् तत्काल वस्त्र को बार-बार साफ पानी से धोकर रसायनमुक्त करें।
रासायनिक प्रतिकर्मक, सुहागा, जैवेल वाटर, सोडियम परबोरेट, बोरेक्स, नीबू का रस, ऑक्जेलिक अम्ल।

In simple words: धब्बों को हटाने के लिए कई तरीके होते हैं। कुछ दागों को घोलने वाले पदार्थों से, कुछ को सोखने वाले पदार्थों से और कुछ को रासायनिक पदार्थों से हटाया जाता है।

🎯 Exam Tip: धब्बे हटाने की विधियों को समझाते समय, प्रत्येक विधि का नाम, उसकी कार्यप्रणाली और उपयोग किए जाने वाले मुख्य पदार्थों को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 9. क्षारीय व अम्लीय प्रतिकर्मक धब्बे छुड़ाने के लिए किन-किन वस्त्रों पर और कैसे इस्तेमाल किये जाते हैं ?
Answer:
(1) क्षारीय प्रतिकर्मक का प्रयोग केवल सूती व लिनन के वस्त्रों पर ही करना चाहिए क्योंकि इनका स्वभाव क्षारीय होता है। यह जान्तव रेशों को हानि पहुँचा सकते हैं, लेकिन इसका एक हल्का घोल जान्तव रेशों से बने वस्त्रों पर भी उपयोग किया जा सकता है। धोने का सोडा गर्म पानी में घोलकर चिकनाई और अम्लीय दाग हटाने के लिए उपयोग किया जाता है। बोरेक्स भी एक क्षारीय प्रतिकर्मक है जिसका उपयोग सभी प्रकार के वस्त्रों पर किया जा सकता है। अमोनिया का उपयोग जान्तव रेशों से चिकनाई वाले दाग हटाने के लिए किया जाता है।
(2) अम्लीय प्रतिकर्मकों का स्वभाव अम्ल जैसा होता है। इनका उपयोग क्षारीय स्वभाव वाले दागों को हटाने के लिए किया जाता है। ऑक्जेलिक अम्ल का उपयोग वस्त्रों से जंग व फलों के रस के दाग हटाने के लिए होता है। ऐसे प्रतिकर्मकों का उपयोग जान्तव रेशों से बने वस्त्रों पर नहीं करना चाहिए। ओलिक अम्ल एक अम्लीय प्रतिकर्मक है जिसका उपयोग केवल सूती वस्त्रों से चिकनाई के दाग हटाने के लिए होता है। इसका उपयोग ऊन, सिल्क और रंगीन वस्त्रों पर नहीं करना चाहिए। सिरके के अम्ल का उपयोग रेशमी वस्त्रों पर भी किया जाता है।
In simple words: क्षारीय प्रतिकर्मक सूती और लिनन कपड़ों पर चिकनाई और अम्लीय दाग हटाने के लिए होते हैं। अम्लीय प्रतिकर्मक क्षारीय दाग हटाते हैं और जान्तव रेशों के लिए कम उपयोग होते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रतिकर्मकों के उपयोग पर लिखते समय, ध्यान दें कि कौन सा प्रतिकर्मक किस प्रकार के कपड़े और दाग के लिए उपयुक्त है, और किन कपड़ों पर उनका प्रयोग नहीं करना चाहिए।

 

Question 10. धब्बे छुड़ाने के सामान्य नियम कौन-कौन से हैं?
Answer: धब्बे छुड़ाने के सामान्य नियम निम्नलिखित हैं, जिनका पालन करके कपड़ों को नुकसान पहुँचाए बिना दागों को प्रभावी ढंग से हटाया जा सकता है:
• जहाँ तक संभव हो, धब्बे लगने पर तुरंत ही उन्हें छुड़ा लेना चाहिए।
• धब्बों को पहले पहचान लेना चाहिए कि वे किस वर्ग के हैं और उन्हें हटाने के लिए कौन सी सामग्री या विधि सहायक होगी।
• दाग हटाने के बाद कपड़े को स्वच्छ जल में खंगालकर साफ कर लेना चाहिए।
• क्षारीय प्रतिकर्मक का अम्ल से और अम्लीय प्रतिकर्मक का क्षार से ऑक्सीकरण कर देना चाहिए।
• रंगीन, ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों पर लगे धब्बे छुड़ाने के लिए प्रतिकर्मक के हल्के घोलों का प्रयोग करना चाहिए।
• वस्त्रों पर लगे धब्बे छुड़ाने के लिए कई रासायनिक पदार्थों का प्रयोग करना पड़ता है। अतः इस कार्य के लिए खुला स्थान चुनना चाहिए, जिससे रसायनों से निकली वाष्प छुड़ाने वाले पर हानिकारक प्रभाव न डाले।
• रंगीन वस्त्रों पर लगे दाग-धब्बे छुड़ाने के लिए यह निश्चित कर लेना चाहिए कि वस्त्रों का रंग कच्चा है अथवा पक्का।
• विरंजकों का प्रयोग सबसे अंत में करना चाहिए। ऊनी तथा रेशमी वस्त्रों के लिए केवल हाइड्रोजन परॉक्साइड के हल्के घोल तथा रेयॉन के वस्त्रों के लिए सोडियम परबोरेट का प्रयोग करने के पश्चात् वस्त्र को स्वच्छ पानी में खंगालकर विरंजक को हटा देना चाहिए।
• ज्वलनशील रासायनिक पदार्थों; जैसे-ऐल्कोहॉल, पेट्रोल, स्प्रिट, बेन्जीन आदि का प्रयोग करते समय आग से बचने के लिए विशेष सावधानी की जरूरत होती है।
• धब्बे छुड़ाने के लिए रुई या ड्रॉपर से विलायक लगाना चाहिए।
• धब्बे छुड़ाने के लिए तुरंत ही वस्त्र को धो डालना चाहिए।
In simple words: दाग लगने पर तुरंत हटाना चाहिए, पहले दाग पहचानना चाहिए, खुले में काम करना चाहिए, हल्के घोल का प्रयोग करना चाहिए और रसायन के बाद कपड़े को अच्छे से धोना चाहिए।

🎯 Exam Tip: नियमों को सूचीबद्ध करते समय, उन्हें क्रमबद्ध और स्पष्ट रखें। "तत्काल कार्रवाई", "पहचान", "सावधानी", और "सही विधि का चुनाव" जैसे मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करें।

RBSE Class 12 Home Science Chapter 25 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

RBSE Class 12 Home Science Chapter 25 वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. खनिज वर्ग का धब्बा है –
(अ) हल्दी
(ब) औषधि
(स) मक्खन
(द) शहद।
Answer: (ब) औषधि
In simple words: औषधि के दाग अक्सर खनिज या रासायनिक तत्वों से बने होते हैं, इसलिए यह खनिज वर्ग में आता है।

🎯 Exam Tip: खनिज वर्ग के धब्बे जैसे जंग, स्याही या दवाएं अक्सर धातु या रासायनिक यौगिकों से बनते हैं, जिनकी सफाई के लिए विशिष्ट तरीकों की आवश्यकता होती है।

 

Question 2. प्राणिज वर्ग के धब्बे छूट जाते हैं –
(अ) ठण्डे पानी एवं साबुन से
(ब) गर्म पानी एवं साबुन से
(स) नमक एवं साबुन से
(द) ये सभी।
Answer: (अ) ठण्डे पानी एवं साबुन से
In simple words: जानवर से लगने वाले दाग जैसे खून या अंडे को ठंडे पानी और साबुन से धोना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि गर्म पानी से ये दाग कपड़ों पर जम सकते हैं।

🎯 Exam Tip: प्राणिज धब्बों (जैसे रक्त या अंडे) को हमेशा ठंडे पानी से धोना शुरू करें, क्योंकि गर्म पानी प्रोटीन को जमा सकता है, जिससे दाग निकालना मुश्किल हो जाता है।

 

Question 4. चिकनाईयुक्त धब्बों को छुड़ाया जाता है –
(अ) साबुन – पानी से
(ब) गर्म पानी एवं साबुन से
(स) वसा घोलक एवं अवशोषक से
(द) ये सभी।
Answer: (स) वसा घोलक एवं अवशोषक से
In simple words: चिकनाई वाले दाग हटाने के लिए ऐसे पदार्थ इस्तेमाल करते हैं जो चिकनाई को घोल दें या उसे सोख लें, जैसे पेट्रोल या टेलकम पाउडर।

🎯 Exam Tip: चिकनाई वाले दागों को हटाने के लिए, घोलक (जैसे पेट्रोल) या अवशोषक (जैसे पाउडर) दोनों का प्रयोग प्रभावी होता है, जो दाग की प्रकृति पर निर्भर करता है।

 

Question 5. चिकनाई घोलक प्रतिकर्मक है –
(अ) पेट्रोल
(ब) एसीटिक अम्ल
(स) ओलिक अम्ल
(द) अमोनिया
Answer: (अ) पेट्रोल
In simple words: पेट्रोल एक ऐसा घोलक है जो चिकनाई को बहुत अच्छे से घोल देता है, इसलिए इसे चिकनाई वाले दाग हटाने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: चिकनाई घोलक प्रतिकर्मक वे होते हैं जो वसा या तेल को आसानी से घोलते हैं, जैसे पेट्रोल, बेन्जीन या मिट्टी का तेल।

 

Question 6. चिकनाई अवशोषक प्रतिकर्मक है –
(अ) नींबू व नमक
(ब) टेलकम पाउडर
(स) ओलिक अम्ल
(द) तारपीन का तेल
Answer: (ब) टेलकम पाउडर
In simple words: टेलकम पाउडर चिकनाई को सोख लेता है, जैसे स्पंज पानी को सोखता है, इसलिए यह चिकनाई वाले दाग हटाने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: अवशोषक प्रतिकर्मक जैसे टेलकम पाउडर, चॉक या आटा, दाग से तेल या वसा को सोखकर उसे हटाने में सहायता करते हैं।

 

Question 5. चिकनाई घोलक प्रतिकर्मक महँगे तथा ज्वलनशील होते हैं।
Answer: चिकनाई घोलक प्रतिकर्मक जैसे पेट्रोल और बेन्जीन अक्सर महँगे होते हैं और आसानी से आग पकड़ सकते हैं, इसलिए इनका उपयोग बहुत सावधानी से करना चाहिए।
In simple words: चिकनाई घोलने वाले पदार्थ महंगे होते हैं और उनमें आग लगने का खतरा होता है।

🎯 Exam Tip: ज्वलनशील प्रतिकर्मकों का उपयोग हमेशा खुली और हवादार जगह पर करें और आग के स्रोतों से दूर रहें।

 

Question 6. रासायनिक पदार्थों का धब्बा छुड़ाते समय उपयोग खुले हवादार स्थान पर ही करना चाहिए।
Answer: रासायनिक पदार्थों का उपयोग करते समय उन्हें हमेशा खुले और हवादार स्थान पर ही इस्तेमाल करना चाहिए। इससे हानिकारक धुएं के जमाव को रोका जा सकता है और सांस लेने संबंधी समस्याओं से बचा जा सकता है।
In simple words: रसायन से दाग हटाते समय हवादार जगह पर रहें ताकि जहरीली गैस न जमा हो।

🎯 Exam Tip: रासायनिक प्रतिकर्मकों का प्रयोग करते समय सुरक्षा उपाय जैसे दस्ताने पहनना और आँखों की सुरक्षा करना हमेशा याद रखें।

RBSE Class 12 Home Science Chapter 25 अति लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. धब्बा क्या है?
Answer: 'धब्बा' कपड़े पर एक अनचाहा दाग या निशान होता है जो किसी कारणवश बन जाता है। यह कपड़े की सतह पर चिपक जाता है और उसकी सुंदरता को कम कर देता है।
In simple words: धब्बा कपड़े पर एक ऐसा निशान है जो गलती से लग जाता है और उसे खराब दिखाता है।

🎯 Exam Tip: धब्बे की परिभाषा लिखते समय, उसे कपड़े पर "अनचाहा निशान" या "दाग" के रूप में वर्णित करें जो उसकी मूल स्थिति को बदल देता है।

 

Question 2. प्राणिज धब्बे को छुड़ाने के लिए किस प्रकार के जल का प्रयोग करना चाहिए?
Answer: प्राणिज धब्बों को छुड़ाने के लिए ठंडे जल का प्रयोग करना चाहिए। गर्म पानी से प्राणिज धब्बों में मौजूद प्रोटीन जम जाता है, जिससे दाग निकालना और भी मुश्किल हो सकता है।
In simple words: जानवर से लगे दाग को ठंडे पानी से साफ करना चाहिए।

🎯 Exam Tip: प्राणिज धब्बों (जैसे रक्त, अंडे) को हटाने के लिए हमेशा ठंडे पानी का उपयोग करें ताकि प्रोटीन जमने से बचा जा सके।

 

Question 3. वसा में घुलनशील धब्बों को छुड़ाने में प्रयुक्त दो पदार्थों के नाम लिखिए।
Answer: वसा में घुलनशील धब्बों को छुड़ाने में प्रयुक्त दो पदार्थ निम्नलिखित हैं:
• कार्बन टेट्राक्लोराइड
• बेन्जीन
In simple words: चिकनाई वाले दाग हटाने के लिए कार्बन टेट्राक्लोराइड और बेन्जीन का इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: वसा में घुलनशील दागों के लिए घोलकों के नाम याद रखें और उनके सुरक्षित उपयोग का भी ध्यान रखें।

 

Question 4. धब्बे छुड़ाने की तीन विधियाँ बताइये। अथवा विरंजक पदार्थ कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखिए।
Answer: विरंजकों का प्रयोग वस्त्रों पर लगे दाग-धब्बों को हल्का करने या हटाने के लिए, तथा कपड़ों में सफेदी और चमक लाने के लिए किया जाता है। ये दो प्रकार के होते हैं, जो कपड़ों के फाइबर के साथ अलग-अलग प्रतिक्रिया करते हैं।
विरंजक दो प्रकार के होते हैं –
• ऑक्सीकारक प्रतिकर्मक
• अवकारक प्रतिकर्मक।
In simple words: विरंजक कपड़ों को साफ और चमकदार बनाने के लिए इस्तेमाल होते हैं। ये दो तरह के होते हैं - ऑक्सीकारक और अवकारक।

🎯 Exam Tip: विरंजकों के प्रकार और उनके उपयोग को स्पष्ट रूप से बताएं। याद रखें कि वे कपड़े के रंग और फाइबर को कैसे प्रभावित करते हैं।

 

Question 6. प्राकृतिक विरंजक कौन-कौन से हैं?
Answer: सूर्य प्रकाश, घास तथा नमी उत्तम प्राकृतिक विरंजक हैं। ये प्रकृति में आसानी से उपलब्ध होते हैं और कपड़ों को धीरे-धीरे सफेद करने में मदद करते हैं, अक्सर हानिकारक रसायनों के बिना।
In simple words: सूरज की रोशनी, घास और नमी प्राकृतिक तरीके से कपड़ों को साफ करने वाले हैं।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक विरंजकों के नाम याद रखें और उनके उपयोग को पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में भी उल्लेख कर सकते हैं।

 

Question 7. विरंजकों का प्रयोग क्यों किया जाता है?
Answer: वस्त्रों पर उज्ज्वलता तथा सफेदी लाने एवं पीलापन हटाने के लिये विरंजकों का प्रयोग किया जाता है। ये कपड़ों को साफ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं, खासकर जब कपड़े समय के साथ अपनी चमक खो देते हैं या पीले पड़ जाते हैं।
In simple words: कपड़े को सफेद और चमकीला बनाने के लिए विरंजक का इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: विरंजकों के मुख्य उद्देश्यों को याद रखें: सफेदी बढ़ाना, चमक लाना और पीलापन हटाना।

 

Question 8. क्षारीय प्रतिकर्मकों के नाम बताइये।
Answer: क्षारीय प्रतिकर्मकों के नाम निम्नलिखित हैं:
• सुहागा
• धोने वाला सोडा
In simple words: सुहागा और धोने वाला सोडा क्षारीय प्रतिकर्मक के उदाहरण हैं।

🎯 Exam Tip: क्षारीय प्रतिकर्मकों के उदाहरणों को याद रखें, क्योंकि वे अक्सर घरेलू सफाई और दाग हटाने में उपयोग होते हैं।

 

Question 9. रेशमी एवं ऊनी वस्त्रों में लगे धब्बों को कैसे छुड़ाया जा सकता है?
Answer: रेशमी एवं ऊनी वस्त्रों में लगे धब्बों को भाप द्वारा हटाया जा सकता है। वस्त्र का धब्बा लगा भाग भाप के ऊपर रखने से धब्बा छूट जाता है। भाप दाग को ढीला करती है, जिससे उसे निकालना आसान हो जाता है, बिना कपड़े को नुकसान पहुँचाए।
In simple words: रेशमी और ऊनी कपड़ों से दाग हटाने के लिए भाप का उपयोग करते हैं।

🎯 Exam Tip: नाजुक रेशमी और ऊनी कपड़ों के लिए, भाप जैसी हल्की विधियों का उपयोग करें ताकि कपड़े को नुकसान न पहुँचे।

 

Question 11. हल्दी का धब्बा किस प्रकार छुड़ाया जाता
Answer: हल्दी का ताजा धब्बा वाशिंग सोडे से साफ किया जा सकता है। यदि दाग पुराना हो, तो स्प्रिट, ब्लीचिंग पाउडर या हाइड्रोक्लोरिक एसिड के घोल से भी उसे साफ कर सकते हैं। हालांकि, इन रसायनों का उपयोग कपड़े के प्रकार और रंग के अनुसार सावधानी से करना चाहिए।
In simple words: ताजी हल्दी का दाग धोने वाले सोडे से और पुराने दाग को स्प्रिट या ब्लीचिंग पाउडर से हटा सकते हैं।

🎯 Exam Tip: हल्दी के दाग पर सीधे साबुन का प्रयोग करने से बचें, क्योंकि यह दाग को स्थायी बना सकता है। पहले वाशिंग सोडा जैसे क्षारीय घोल का उपयोग करें।

 

Question 12. अमोनियम कार्बोनेट का प्रयोग धुलाई में कब किया जाता है?
Answer: अमोनियम कार्बोनेट एक मृदु क्षारीय प्रतिकर्मक है। इसका उपयोग बोरेक्स के स्थान पर किया जाता है। नए गर्म कपड़ों की पहली धुलाई में इसका प्रयोग किया जाता है, खासकर जब रंगीन कपड़ों को धोना हो, क्योंकि यह रंग को सुरक्षित रखने में मदद करता है।
In simple words: अमोनियम कार्बोनेट एक हल्का क्षार है, जिसे बोरेक्स की जगह इस्तेमाल करते हैं, खासकर नए गर्म कपड़ों की पहली धुलाई में।

🎯 Exam Tip: अमोनियम कार्बोनेट का प्रयोग रंगीन कपड़ों के लिए सुरक्षित माना जाता है क्योंकि यह कपड़ों के रंग को फीका पड़ने से बचाता है।

 

Question 13. जान्तव तन्तुओं पर से धब्बे छुड़ाने के लिए किस क्षार का प्रयोग किया जाता है?
Answer: जान्तव तन्तुओं पर से धब्बे छुड़ाने के लिए अमोनिया का प्रयोग किया जाता है। अमोनिया एक हल्का क्षार है जो प्रोटीन आधारित धब्बों को बिना रेशों को नुकसान पहुँचाए हटाने में मदद करता है।
In simple words: जान्तव रेशों से दाग हटाने के लिए अमोनिया का इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: जान्तव तन्तु जैसे ऊन और रेशम नाजुक होते हैं, इसलिए अमोनिया जैसे हल्के क्षार का उपयोग करना सुरक्षित होता है।

 

Question 14. पसीने के धब्बे के लिए किस घोल का प्रयोग किया जाता है?
Answer: पसीने के धब्बे के लिए हल्के अमोनिया के घोल या जैवेल वाटर का प्रयोग किया जाता है। ये घोल दाग में मौजूद एसिड को बेअसर करते हैं, जिससे दाग निकल जाता है।
In simple words: पसीने के दाग हटाने के लिए अमोनिया या जैवेल वाटर का हल्का घोल इस्तेमाल होता है।

🎯 Exam Tip: पसीने के दागों को जितनी जल्दी हो सके हटाना चाहिए, क्योंकि वे समय के साथ पीले पड़ सकते हैं और स्थायी हो सकते हैं।

RBSE Class 12 Home Science Chapter 25 लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. वस्त्र पर धब्बे की पहचान आप किस प्रकार करेंगे ?
Answer: वस्त्र पर धब्बे की पहचान निम्न तीन प्रकार से की जा सकती है, जिससे सही दाग हटाने वाली विधि चुनने में मदद मिलती है:
• धब्बे को देखकर: जैसे स्याही का नीला धब्बा, कॉफी और चाय का भूरा धब्बा, तथा हल्दी का पीला धब्बा। रंग से अक्सर दाग के प्रकार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
• धब्बे को छूकर: कुछ दाग छूने पर चिकने (जैसे तेल या ग्रीस) या खुरदुरे (जैसे कीचड़) महसूस हो सकते हैं।
• धब्बे की गंध से: कुछ दागों में विशेष गंध होती है, जैसे दूध या पसीने के दाग।
In simple words: कपड़े पर दाग को पहचानना उसके रंग, उसे छूने पर कैसा लगता है, और उसकी गंध से किया जा सकता है।

🎯 Exam Tip: दाग की पहचान उसके रंग, बनावट और गंध के आधार पर करें, क्योंकि यह सही दाग हटाने वाले एजेंट का चयन करने में सहायक होता है।

 

Question 3. चिकनाई के धब्बों को किस प्रकार दूर किया जा सकता है?
Answer: चिकनाई के धब्बों को चिकनाई अवशोषक पदार्थों का उपयोग करके दूर किया जा सकता है। ये पदार्थ सूखे पाउडर के रूप में होते हैं जो वस्त्रों पर लगी चिकनाई को सोख लेते हैं। चिकनाई अवशोषक विभिन्न प्रकार के होते हैं, जैसे – टेलकम पाउडर, आटे का चोकर, ब्रैड का चूरा, मैदा, आटा, नमक आदि। इन पदार्थों को दाग पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है, ताकि चिकनाई सोख ली जाए, और फिर ब्रश से हटा दिया जाता है।
In simple words: चिकनाई के दागों को सोखने वाले पाउडर जैसे टेलकम पाउडर या आटे से हटाते हैं।

🎯 Exam Tip: चिकनाई वाले दागों पर अवशोषक का प्रयोग करते समय, पाउडर को दाग पर पर्याप्त समय तक रहने दें ताकि वह पूरी तरह से चिकनाई सोख ले।

 

Question 4. रासायनिक विधि में कौन-कौन से प्रतिकर्मकों का प्रयोग किया जाता है? इस विधि से किस प्रकार के धब्बे छुड़ाये जा सकते हैं?
Answer: रासायनिक विधि में प्रमुख प्रतिकर्मक नीबू का रस, साल्ट ऑफ सोरेल, सोडियम परबोरेट, जैवेल वाटर, ऑक्जैलिक एसिड तथा सुहागा आदि आते हैं। इन प्रतिकर्मकों का उपयोग ऐसे दागों को छुड़ाने के लिए किया जाता है जो सामान्य विधियों से आसानी से नहीं छूटते हैं। इस विधि में दागों को स्पंज विधि या घोल में डुबोकर भी हटाया जाता है। रासायनिक तत्वों का प्रयोग करने के बाद वस्त्र को साफ पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए।
In simple words: रासायनिक विधि में नीबू, ऑक्जैलिक एसिड, जैवेल वाटर जैसे रसायनों का इस्तेमाल करके जिद्दी दाग हटाते हैं।

🎯 Exam Tip: रासायनिक प्रतिकर्मकों का प्रयोग करते समय कपड़े के फाइबर और रंग की संवेदनशीलता का ध्यान रखें, क्योंकि कुछ रसायन कपड़े को नुकसान पहुँचा सकते हैं।

 

Question 5. धब्बे छुड़ाने की रासायनिक विधि लिखिये।
Answer: कुछ धब्बे रासायनिक पदार्थों द्वारा छुड़ाये जाते हैं। ये रासायनिक पदार्थ निम्न हैं – ऑक्जैलिक एसिड, जैवेल वाटर, बोरेक्स, नीबू का रस, सुहागा, मैथाइलेटेड स्प्रिट, अमोनिया आदि। इन पदार्थों में से कोई एक धब्बे पर लगाया जाता है। उसके बाद वस्त्र को ठण्डे पानी से धो दिया जाता है। रासायनिक विधि में, दाग वाले हिस्से को सीधे रसायन में डुबोया जा सकता है या रसायन की कुछ बूंदें सीधे दाग पर डाली जा सकती हैं।
In simple words: रासायनिक विधि में ऑक्जैलिक एसिड, जैवेल वाटर या नीबू के रस जैसे रसायनों का उपयोग करके दाग हटाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: रासायनिक विधि का उपयोग केवल उन दागों के लिए करें जो अन्य सामान्य विधियों से नहीं निकलते हैं, और हमेशा रसायनों के बाद कपड़े को अच्छी तरह धो लें।

 

Question 6. ऑक्सीकारक तथा अवकारक विरंजकों (प्रतिकर्मकों) के नाम बताइये।
Answer: ऑक्सीकारक विरंजक (प्रतिकर्मक) वे होते हैं जो ऑक्सीजन छोड़ते हैं और दाग को रंगहीन यौगिक में बदल देते हैं। ये विरंजक निम्नलिखित हैं:
(i) हाइड्रोजन परॉक्साइड: यह एक मृदु विरंजक है, जिसका उपयोग ऊनी, रेशमी तथा रेयॉन के वस्त्रों पर किया जा सकता है। इसे उपयोग के बाद साफ पानी से खंगालना चाहिए।
(ii) सोडियम परबोरेट: यह बोरेक्स, कास्टिक सोडा और हाइड्रोजन परॉक्साइड को मिलाकर बनाया जाता है। यह सूती और लिनन के वस्त्रों के लिए उपयुक्त है।
(iii) पोटेशियम परमैंगनेट: यह जान्तव तथा वानस्पतिक तंतुओं से बने वस्त्रों के रंग, पसीने, फफूंदी, मार्किंग इंक, स्याही आदि धब्बों पर प्रयोग होता है।
(iv) सोडियम हाइपोक्लोराइड (जैवेल वाटर): यह एक शक्तिशाली विरंजक है, जिसे उबलता जल, धोने वाला सोडा, ठंडा जल और क्लोराइड ऑफ लाइम मिलाकर बनाया जाता है।
अवकारक विरंजक (प्रतिकर्मक) वे होते हैं जो दागों पर से ऑक्सीजन हटा देते हैं। ये मुख्य रूप से वनस्पति तंतुओं के अलावा अन्य सभी तंतुओं के वस्त्रों को विरंजित करने के लिए उपयोग होते हैं। ये निम्नलिखित हैं:
(i) सोडियम हाइड्रो-सल्फाइड: यह पाउडर के रूप में होता है और रेशमी तथा ऊनी वस्त्रों के लिए उपयुक्त है। यह दाग पर से ऑक्सीजन और अन्य तत्वों को हटाता है।
(ii) सोडियम बाईसल्फाइड: यह एक कोमल अवकारक विरंजक है जो सल्फर डाइऑक्साइड उत्पन्न करता है, जिससे दाग से ऑक्सीजन का अपचयन हो जाता है।
In simple words: ऑक्सीकारक विरंजक दाग को ऑक्सीकरण से हटाते हैं, जैसे हाइड्रोजन परॉक्साइड। अवकारक विरंजक दाग से ऑक्सीजन हटाते हैं, जैसे सोडियम हाइड्रो-सल्फाइड।

🎯 Exam Tip: ऑक्सीकारक और अवकारक विरंजकों के बीच के अंतर को स्पष्ट करें, उनके कार्यप्रणाली को समझाएं और प्रत्येक श्रेणी के कम से कम दो उदाहरण दें।

 

Question 7. ‘सोडियम हाइपोक्लोराइट’ को तैयार करने की विधि लिखिये।
Answer: सोडियम हाइपोक्लोराइट को जैवेल वाटर भी कहा जाता है। इसे तैयार करने के लिए निम्नलिखित सामग्री का प्रयोग किया जाता है और यह एक शक्तिशाली विरंजक है:
• उबलता जल - 2 पिण्ट
• धोने वाला सोडा - 1 पौण्ड
• ठण्डा जल - 4 पिण्ट
• क्लोराइड ऑफ लाइम - आधा पौण्ड
इन सभी सामग्रियों को मिलाकर घोल तैयार किया जाता है, जिसका उपयोग दाग हटाने और कपड़ों को विरंजित करने के लिए किया जाता है।
In simple words: सोडियम हाइपोक्लोराइट (जैवेल वाटर) बनाने के लिए उबलता पानी, धोने का सोडा, ठंडा पानी और क्लोराइड ऑफ लाइम को मिलाते हैं।

🎯 Exam Tip: सोडियम हाइपोक्लोराइट बनाने के लिए आवश्यक सामग्री और उनकी मात्रा को ठीक से याद रखें।

 

Question 8. अम्लीय प्रतिकर्मक के नाम बताइये।
Answer: अम्लीय प्रतिकर्मक के नाम निम्नलिखित हैं:
• ऐसीटिक एसिड
• साल्ट ऑफ लेमन
• ओलिक अम्ल
• ऑक्जैलिक अम्ल
In simple words: ऐसीटिक एसिड, साल्ट ऑफ लेमन, ओलिक अम्ल और ऑक्जैलिक अम्ल कुछ अम्लीय प्रतिकर्मक हैं।

🎯 Exam Tip: अम्लीय प्रतिकर्मकों के नामों को याद रखें और यह भी कि वे किस प्रकार के दागों (जैसे जंग या फलों के रस) को हटाने में प्रभावी होते हैं।

 

Question 9. धब्बों के चार वर्गों के नाम बताइये।
Answer: धब्बों के चार मुख्य वर्ग निम्नलिखित हैं:
• जान्तव वर्ग – दूध, अण्डा, मांस आदि। ये प्रोटीन आधारित होते हैं।
• वानस्पतिक वर्ग – कोको, चाय, मधु, फल आदि। ये पौधों से प्राप्त होते हैं।
• खनिज पदार्थ – स्याही, जंग, दवाई आदि। ये धातु या रासायनिक यौगिकों से बनते हैं।
• वसा वर्ग - ग्रीस, तेल, मक्खन आदि। ये तैलीय पदार्थ होते हैं।
In simple words: दाग चार तरह के होते हैं: जानवर से (जैसे दूध), पौधे से (जैसे चाय), जमीन से (जैसे जंग) और चिकनाई वाले (जैसे तेल)।

🎯 Exam Tip: धब्बों के प्रत्येक वर्ग का नाम और उसके दो-तीन उदाहरणों को अच्छी तरह से याद करें, क्योंकि यह दाग हटाने की सही विधि चुनने में सहायक होता है।

 

Question 11. अवकारक विरंजक पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer: अवकारक विरंजक ऐसे रसायन होते हैं जो धब्बों में से ऑक्सीजन को हटा देते हैं. ऐसा करने से धब्बे साफ हो जाते हैं और कपड़ों पर से हट जाते हैं. इनका इस्तेमाल ज्यादातर जानवरों के रेशों से बने कपड़ों से धब्बे हटाने के लिए किया जाता है. ये कुछ खास तरह के होते हैं, जैसे सोडियम बाइसल्फाइट और सोडियम हाइड्रोसल्फाइट. यह तरीका दाग-धब्बों को कम करने और उन्हें हटाने में मदद करता है.
In simple words: अवकारक विरंजक दागों से ऑक्सीजन हटाकर उन्हें साफ करते हैं, खासकर जानवरों के रेशों वाले कपड़ों से।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि अवकारक विरंजक केवल कुछ प्रकार के कपड़ों के लिए सुरक्षित होते हैं, इसलिए हमेशा कपड़े के प्रकार की जांच करें।

 

Question 12. धब्बों के विभिन्न वर्गों के नाम एवं दो-दो उदाहरण बताइये।
Answer: धब्बों को मुख्य रूप से उनके स्रोत के आधार पर कई वर्गों में बांटा जा सकता है। ये वर्ग इस प्रकार हैं:

  • जान्तव वर्ग (Animal Stains): दूध, अण्डा
  • वानस्पतिक वर्ग (Vegetable Stains): चाय, कोको
  • खनिज वर्ग (Mineral Stains): स्याही, जंग
  • चिकनाई वर्ग (Grease Stains): पेंट, घी, तेल
  • रंग वर्ग (Colour Stains): क्षारीय और अम्लीय दोनों तरह के दाग
  • घास वर्ग (Grass Stains): क्लोरोफिल के कारण अलग वर्ग में आते हैं
  • पसीने के धब्बे (Sweat Stains): केवल पसीने के धब्बे
हर वर्ग के दाग को हटाने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।
In simple words: धब्बों को जानवरों से मिले, पौधों से मिले, खनिज से मिले, चिकनाई वाले, रंग वाले, घास वाले और पसीने वाले दागों में बांटा जाता है, जैसे दूध, चाय, स्याही, तेल, पेंट, घास और पसीना।

🎯 Exam Tip: दाग को सही वर्ग में पहचानना उसे हटाने की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी है। गलत तरीके से दाग हटाने पर कपड़े को नुकसान हो सकता है।

 

Question 13. अवकारक प्रतिकर्मक कौन-कौन से होते हैं? उनका वर्णन कीजिये।
Answer: वानस्पतिक रेशों के अलावा अन्य सभी प्रकार के रेशों से बने कपड़ों को साफ करने के लिए अवकारक प्रतिकर्मकों का उपयोग किया जाता है। ये दो मुख्य प्रकार के होते हैं:
(i) सोडियम हाइड्रोसल्फाइड: यह एक पाउडर के रूप में होता है और बिना पानी के काम करता है। यह रेशमी और ऊनी कपड़ों के लिए अच्छा होता है। जब इसे दाग पर लगाते हैं, तो ऑक्सीजन और अन्य सभी तत्व अलग हो जाते हैं, जिससे दाग कपड़े से हट जाता है। (ii) सोडियम बाइसल्फाइड: यह एक हल्का अवकारक विरंजक है। इससे सल्फर डाइऑक्साइड गैस निकलती है, जो दाग से ऑक्सीजन को हटा देती है और उसे साफ करती है। इन प्रतिकर्मकों को ठंडे या गर्म पानी में घोला जा सकता है और इनसे दाग के सभी कण अलग हो जाते हैं। काम पूरा होने के बाद कपड़े को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए।
In simple words: अवकारक प्रतिकर्मक वे रसायन हैं जो वानस्पतिक कपड़ों के अलावा दूसरे कपड़ों से दाग हटाते हैं। सोडियम हाइड्रोसल्फाइड और सोडियम बाइसल्फाइड इसके दो मुख्य प्रकार हैं, जो दाग से ऑक्सीजन हटाकर उन्हें साफ करते हैं।

🎯 Exam Tip: अवकारक प्रतिकर्मकों का उपयोग सावधानी से करें और सुनिश्चित करें कि कपड़े को अच्छी तरह से धोया जाए ताकि कोई रसायन कपड़े में न रहे।

 

Question 14. रासायनिक प्रतिकारकों को कितने भागों में बाँटा जा सकता है?
Answer: रासायनिक प्रतिकारकों को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जा सकता है:
1. क्षारीय प्रतिकारक (Alkaline Reagents): ये वे रसायन होते हैं जिनका स्वभाव क्षारीय होता है। इन्हें आगे कई भागों में बांटा जा सकता है:
(1) धोने वाला सोडा: यह क्षारीय प्रकृति का होता है और सूती कपड़ों से तेल या चिकनाई के दाग हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह साबुन बनाने में भी काम आता है और लिनन जैसे कपड़ों पर भी प्रयोग किया जा सकता है।
(2) बोरेक्स: बोरेक्स की प्रकृति भी क्षारीय होती है और इसे सभी तरह के कपड़ों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह एसिड के असर को खत्म करता है और स्टार्च के साथ मिलाने पर कपड़े को चमकीला बनाता है।
(3) अमोनिया: अमोनिया भी एक क्षारीय प्रतिकारक है, जिसका उपयोग जानवरों के रेशों से बने कपड़ों, जैसे ऊन और रेशम से चिकनाई के धब्बे हटाने के लिए किया जाता है।
(4) अमोनिया कार्बोनेट: इसका उपयोग तब किया जाता है जब बोरेक्स उपलब्ध न हो। यह हल्के क्षारीय स्वभाव का होता है और नए गर्म कपड़ों की पहली धुलाई में इसका प्रयोग होता है।
2. अम्लीय प्रतिकारक (Acidic Reagents): ये वे रसायन होते हैं जिनका स्वभाव अम्लीय होता है। ये भी कई प्रकार के होते हैं:
(1) एसिटिक एसिड: यह रेशमी और ऊनी कपड़ों के लिए अच्छा होता है। यह सफेद सूती और लिनन के कपड़ों से धब्बे हटाने में मदद करता है।
(2) ऑक्जेलिक एसिड: इसका प्रयोग स्याही, जंग और फूलों के पुराने, पक्के धब्बों को हटाने के लिए होता है। हालांकि, ऊनी, रेशमी और रंगीन कपड़ों पर इसका इस्तेमाल हानिकारक हो सकता है।
(3) साल्ट ऑफ लेमन (नींबू का नमक): यह भी एक अम्लीय प्रतिकारक है जो दाग हटाने में मदद करता है।
(4) ओलिक एसिड: यह सूती कपड़ों से तेल या चिकनाई के दाग हटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह साबुन बनाने में भी उपयोग होता है।
In simple words: रासायनिक दाग हटाने वाले दो तरह के होते हैं: क्षारीय और अम्लीय। क्षारीय वाले जैसे सोडा, बोरेक्स, अमोनिया हैं जो चिकनाई हटाते हैं, जबकि अम्लीय वाले जैसे सिरका, ऑक्जेलिक एसिड हैं जो स्याही और जंग जैसे दाग हटाते हैं।

🎯 Exam Tip: रसायनों का उपयोग करते समय हमेशा कपड़े के प्रकार और दाग की प्रकृति का ध्यान रखें, क्योंकि गलत रसायन का प्रयोग कपड़े को नुकसान पहुंचा सकता है।

 

Question 16. निम्नलिखित धब्बों को कैसे छुड़ाओगे?
(1) ग्रीस या तेल का धब्बा,
(2) स्याही का धब्बा।
Answer:
(1) ग्रीस या तेल का धब्बा हटाने के तरीके:

  • दाग वाले हिस्से को गर्म पानी और साबुन से धोएं।
  • पेट्रोल या मिट्टी का तेल जैसे घोलक का उपयोग करें।
  • यदि कपड़ा धोने योग्य नहीं है, तो दाग पर टेलकम पाउडर जैसे अवशोषक पदार्थ डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद ब्रश से झाड़ दें।
  • दाग के दोनों ओर ब्लॉटिंग पेपर रखकर गर्म इस्त्री से दबाएं।

(2) स्याही का धब्बा हटाने के तरीके:
  • ताजे दाग पर टमाटर का रस लगाएं।
  • खट्टे दही या कच्चे दूध का इस्तेमाल करें।
  • नींबू और नमक मिलाकर दाग पर रगड़ें।
  • पुराने दागों के लिए, तनु ऑक्जेलिक अम्ल में भिगोकर तनु बोरेक्स के घोल से साफ करें। पहले साबुन-पानी से भी साफ कर सकते हैं।

In simple words: ग्रीस या तेल के दाग को साबुन, पानी, घोलक या अवशोषक पाउडर से हटा सकते हैं, जबकि स्याही के दाग के लिए टमाटर का रस, दही, नींबू या ऑक्जेलिक एसिड का इस्तेमाल कर सकते हैं।

🎯 Exam Tip: दाग को जितनी जल्दी हो सके, हटाना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि ताजे दाग सूखे और पुराने दागों की तुलना में आसानी से साफ हो जाते हैं।

 

RBSE Class 12 Home Science Chapter 25 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. धब्बे छुड़ाने की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिये।
Answer: धब्बे छुड़ाने के लिए कई विधियों का उपयोग किया जाता है। कपड़ों से दाग हटाने के लिए दाग की प्रकृति और कपड़े की बनावट को समझना महत्वपूर्ण है। मुख्य विधियाँ इस प्रकार हैं:
(1) घोलक विधि (Solvent Method):
इस विधि का उपयोग चिकनाई वाले धब्बों को हटाने के लिए किया जाता है। सबसे पहले कपड़े से धूल झाड़ लेनी चाहिए। फिर दाग वाले कपड़े को एक समतल मेज पर तौलिया या ब्लॉटिंग पेपर पर उल्टा फैलाकर रखें। स्पंज या रुई से घोलक को दाग पर बाहर से अंदर की ओर गोलाकार तरीके से मलें। इससे दाग ब्लॉटिंग पेपर पर आ जाता है और साफ हो जाता है। पेट्रोल, कार्बन टेट्राक्लोराइड, बेंजीन, केरोसिन, और तारपीन का तेल जैसे पदार्थ घोलक के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
(2) रासायनिक विधि (Chemical Method):
यह विधि उन दागों के लिए उपयोग की जाती है जो आसानी से नहीं हटते हैं। सुहागा, ऑक्जेलिक एसिड, जैवेल वाटर, सोडियम परबोरेट, बोरेक्स, साल्ट ऑफ सोरेल और नींबू का रस मुख्य रासायनिक पदार्थ हैं। इन रसायनों के उपयोग से कपड़ा ब्लीच हो सकता है, इसलिए जैवेल वाटर और अन्य शक्तिशाली रसायनों का उपयोग केवल सफेद सूती कपड़ों पर ही करना चाहिए। रसायनों का उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि कुछ रसायन ज्वलनशील हो सकते हैं या त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
(3) अवशोषक विधि (Absorbent Method):
यह विधि उन कपड़ों के लिए उपयोगी है जिन्हें पानी से नहीं धोया जा सकता है। इसमें टेलकम पाउडर, खड़िया, मैदा, नमक, फुलर अर्थ, और चॉक जैसे अवशोषक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। अवशोषक पदार्थ को दाग वाली जगह पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है, ताकि वे चिकनाई या नमी को सोख लें। सूखने के बाद इसे ब्रश से झाड़ दिया जाता है। यदि दाग पूरी तरह से न हटे तो दोबारा पाउडर लगा सकते हैं। इस विधि को और प्रभावी बनाने के लिए दाग के नीचे और ऊपर ब्लॉटिंग पेपर रखकर गर्म इस्त्री से दबाया जा सकता है, जिससे चिकनाई पिघलकर ब्लॉटिंग पेपर में समा जाती है।

प्रतिकर्मकों के तनु घोल बनाने की विधियाँ:
धब्बों को हटाने के लिए अक्सर प्रतिकर्मकों के तनु घोल का उपयोग किया जाता है ताकि कपड़े को नुकसान न हो। इन्हें बनाने की कुछ विधियाँ इस प्रकार हैं:
1. सोडियम हाइपोक्लोराइट: एक भाग गर्म पानी में एक भाग सोडियम हाइपोक्लोराइट मिलाकर घोल तैयार करें।
2. सोडियम परबोरेट: एक चम्मच सोडियम परबोरेट को एक पिंट गर्म पानी में मिलाकर घोल बनाएं।
3. हाइड्रोजन परॉक्साइड: छह भाग ठण्डा पानी और एक भाग हाइड्रोजन परॉक्साइड को मिलाकर घोल तैयार करें।
4. सोडियम हाइड्रोसल्फाइट: दो पिंट पानी में आधा औंस सोडियम हाइड्रोसल्फाइट मिलाएं।
5. वाशिंग सोडा: एक चम्मच वाशिंग सोडा को एक पिंट पानी में घोलकर तैयार करें।
6. बोरेक्स: एक बड़ा चम्मच बोरेक्स को एक पिंट गर्म पानी में मिलाएं।
7. ऑक्जेलिक एसिड: एक बड़ा चम्मच ऑक्जेलिक एसिड को एक पिंट पानी में मिलाकर लकड़ी के बर्तन में रखें। इन घोलों का उपयोग करते समय हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए और कपड़े के प्रकार का ध्यान रखना चाहिए।
In simple words: धब्बे हटाने के तीन मुख्य तरीके हैं: घोलक (पेट्रोल जैसे), रसायन (एसिड या सोडा जैसे) और अवशोषक (पाउडर जैसे)। घोलक चिकनाई हटाते हैं, रसायन मुश्किल दाग, और अवशोषक उन कपड़ों के लिए हैं जिन्हें धोया नहीं जा सकता।

🎯 Exam Tip: दाग हटाने के लिए हमेशा सबसे पहले कम हानिकारक विधि का प्रयोग करें और यदि आवश्यक हो, तो ही शक्तिशाली रसायनों की ओर बढ़ें। इससे कपड़े को खराब होने से बचाया जा सकता है।

 

Question 2. रक्त, चाय, चिकनाई तथा फफूंदी के लगे धब्बों को (प्रायोगिक के अनुसार) छुड़ाने की विधि बताइये।
Answer: रक्त, चाय, चिकनाई और फफूंदी के दागों को हटाने के लिए अलग-अलग प्रायोगिक विधियाँ हैं:
1. रक्त के धब्बे (Blood Stains):

  • ताजे रक्त के धब्बे को ठंडे पानी और साबुन से तुरंत धोना चाहिए। गर्म पानी का उपयोग न करें क्योंकि इससे रक्त का प्रोटीन कपड़े में जम जाता है।
  • पुराने रक्त के धब्बों के लिए, कपड़े को ठंडे नमक के घोल में भिगोकर कुछ देर के लिए छोड़ दें, फिर धो लें।
  • जिन कपड़ों को धोना नहीं है, उन पर स्टार्च का पेस्ट बनाकर सुखाएं और फिर ब्रश से झाड़ दें।
  • रेशमी और ऊनी कपड़ों से रक्त के धब्बे हटाने के लिए ग्लिसरीन और बोरेक्स के तनु घोल का उपयोग करें।

2. चाय का धब्बा (Tea Stains):
  • सफेद और रंगीन सूती, लिनन, रेशम और ऊनी कपड़ों पर लगे चाय के दाग को गर्म पानी में भिगो दें।
  • यदि दाग न हटे तो थोड़ा बोरेक्स डालकर गर्म पानी में धोएं।
  • सोडियम परबोरेट या हाइड्रोजन परॉक्साइड के घोल का भी उपयोग कर सकते हैं।
  • नींबू का रस भी दाग हटाने में सहायक हो सकता है।

3. ग्रीस या तेल की चिकनाई का धब्बा (Grease or Oil Stains):
  • दाग को गर्म पानी और साबुन से धोएं।
  • जिन कपड़ों को पानी से धोना नहीं है, उन पर अवशोषक पदार्थ (जैसे टेलकम पाउडर, मैदा) डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दें, फिर ब्रश से झाड़ दें।
  • पेट्रोल, कार्बन टेट्राक्लोराइड या स्प्रिट जैसे घोलक का उपयोग करें।
  • दाग के ऊपर और नीचे ब्लॉटिंग पेपर रखकर गर्म इस्त्री से दबाएं, ताकि चिकनाई सोख ली जाए।

4. फफूंदी का धब्बा (Mildew Stains):
  • गीले कपड़े को लंबे समय तक बंद रखने पर उस पर फफूंदी लग जाती है।
  • दाग पर साबुन का घोल लगाकर फ्रेंच चॉक रखें और धूप में कुछ समय के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद ब्रश से झाड़ दें। इस प्रक्रिया को दाग हटने तक दोहराएं।
  • इसे हटाने के लिए जैवेल वाटर या हाइड्रोजन परॉक्साइड के घोल का भी उपयोग किया जा सकता है।

In simple words: रक्त के दाग को ठंडे पानी से, चाय के दाग को गर्म पानी और बोरेक्स से, चिकनाई के दाग को साबुन या घोलक से, और फफूंदी के दाग को साबुन और धूप से हटाया जा सकता है।

🎯 Exam Tip: दाग को हटाने के लिए हमेशा कपड़े के प्रकार को ध्यान में रखें; जैसे, गर्म पानी रक्त के दाग को कपड़े में पक्का कर सकता है, जबकि कुछ रसायन नाजुक कपड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

दाग हटाने की विधियाँ रासायनिक विधि अवशोषक विधि घोलक विधि

 

Question 3. विरंजक से क्या अभिप्राय है? विभिन्न प्रकार के विरंजकों के बारे में विस्तार से लिखिए।
Answer: विरंजक वे पदार्थ होते हैं जिनका उपयोग कपड़ों से दाग-धब्बों को हटाने, उन्हें पीला पड़ने से रोकने, और उनमें सफेदी व चमक लाने के लिए किया जाता है। विरंजक दो मुख्य प्रकार के होते हैं:
1. ऑक्सीकारक प्रतिकर्मक (Oxidizing Reagents):
इन विरंजकों में ऑक्सीजन मुख्य तत्व के रूप में मौजूद होती है। जब ये कपड़े के संपर्क में आते हैं, तो ऑक्सीजन अलग होकर दाग-धब्बों से चिपक जाती है और उन्हें रंगहीन यौगिकों में बदल देती है, जिससे दाग साफ हो जाते हैं। ऑक्सीकारक विरंजक कई प्रकार के होते हैं:
(i) हाइड्रोजन परॉक्साइड: यह एक हल्का विरंजक है जिसका उपयोग ऊनी, रेशमी और रेयॉन जैसे कपड़ों पर किया जा सकता है। इसे उपयोग करने के बाद कपड़े को तुरंत साफ पानी से धोना चाहिए। इसे लकड़ी के पात्र में ही उपयोग करें।
(ii) सोडियम परबोरेट: यह बोरेक्स, कास्टिक सोडा और हाइड्रोजन परॉक्साइड को मिलाकर बनाया जाता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से सूती और लिनन के कपड़ों पर होता है। ऊनी और रेशमी कपड़ों के लिए इसमें थोड़ी मात्रा में एसिटिक एसिड मिलाया जा सकता है।
(iii) पोटेशियम परमैंगनेट: इसका उपयोग जानवरों और पौधों के रेशों से बने कपड़ों पर लगे रंग, पसीने, फफूंदी, मार्किंग इंक और स्याही जैसे दागों पर किया जाता है। इस रसायन का उपयोग करने के बाद कपड़े पर भूरेपन को दूर करने के लिए हाइड्रोजन परॉक्साइड या ऑक्जेलिक एसिड के घोल का उपयोग किया जाता है।
(iv) सोडियम हाइपोक्लोराइड (जैवेल वाटर): यह एक शक्तिशाली विरंजक है। इसे उबलता जल (2 पिंट), धोने वाला सोडा (1 पौंड), ठण्डा जल (4 पिंट) और क्लोराइड ऑफ लाइम (आधा पौंड) मिलाकर बनाया जाता है। यह सूती और लिनन के कपड़ों के लिए अच्छा है, लेकिन सोडियम हाइपोक्लोराइड जानवरों के रेशों पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

2. अवकारक प्रतिकर्मक (Reducing Reagents):
इन विरंजकों का उपयोग वानस्पतिक रेशों के अलावा अन्य सभी प्रकार के रेशों से बने कपड़ों को साफ करने के लिए किया जाता है। ये दागों में से ऑक्सीजन को हटाकर उन्हें रंगहीन कर देते हैं। ये मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
(i) सोडियम हाइड्रोसल्फाइड: यह पाउडर के रूप में मिलता है और नमी रहित होता है। यह रेशमी और ऊनी कपड़ों के लिए उपयुक्त है। जब इसे दाग पर लगाया जाता है, तो ऑक्सीजन और अन्य सभी तत्व अलग हो जाते हैं, जिससे दाग कपड़े से हट जाता है।
(ii) सोडियम बाइसल्फाइड: यह एक हल्का अवकारक विरंजक है। इससे सल्फर डाइऑक्साइड गैस निकलती है जो दाग से ऑक्सीजन को हटाकर उसे साफ करती है। इसे एक पिंट पानी में दो बड़े चम्मच के अनुपात में उपयोग करना चाहिए। रसायनों का उपयोग करने के बाद कपड़े को अच्छी तरह साफ पानी से धो लेना चाहिए।
In simple words: विरंजक कपड़ों से दाग हटाकर उन्हें सफेद और चमकीला बनाते हैं। ये दो तरह के होते हैं: ऑक्सीकारक (जैसे हाइड्रोजन परॉक्साइड) जो ऑक्सीजन जोड़कर दाग हटाते हैं, और अवकारक (जैसे सोडियम हाइड्रोसल्फाइड) जो ऑक्सीजन हटाकर दाग मिटाते हैं।

🎯 Exam Tip: विरंजकों का उपयोग हमेशा निर्धारित मात्रा और विधि के अनुसार करें, क्योंकि अधिक मात्रा या गलत उपयोग कपड़े को कमजोर कर सकता है या उसका रंग बिगाड़ सकता है।

 

RBSE Class 12 Home Science Chapter 25 लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. वस्त्र पर धब्बे की पहचान आप किस प्रकार करेंगे ?
Answer: वस्त्र पर धब्बे की पहचान मुख्य रूप से तीन तरीकों से की जा सकती है ताकि उसे सही विधि से हटाया जा सके:

  • धब्बे को देखकर: धब्बे के रंग और आकार को देखकर पहचान सकते हैं। जैसे, स्याही का धब्बा नीला होता है, कॉफी और चाय का धब्बा भूरा, और हल्दी का धब्बा पीला होता है।
  • स्पर्श से: कुछ धब्बे छूने पर चिकने या चिपचिपे महसूस होते हैं, जैसे चिकनाई या तेल के धब्बे। वहीं, कुछ धब्बे छूने पर खुरदुरे लग सकते हैं।
  • धब्बे की प्रकृति और कपड़ों पर प्रभाव से: कुछ दाग सूखने पर कठोर हो जाते हैं, जबकि कुछ नरम रहते हैं। धब्बे से कपड़े के रेशों पर होने वाले असर को देखकर भी उसकी प्रकृति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
सही पहचान होने से ही दाग को प्रभावी ढंग से और कपड़े को नुकसान पहुंचाए बिना हटाया जा सकता है।
In simple words: कपड़े पर दाग को देखकर उसके रंग और आकार से, छूकर उसकी बनावट से, और कपड़े पर उसके असर से पहचाना जा सकता है।

🎯 Exam Tip: दाग की सही पहचान करना दाग हटाने की आधी लड़ाई जीतने जैसा है, क्योंकि हर दाग के लिए एक खास तरीका होता है।

 

Question 3. चिकनाई के धब्बों को किस प्रकार दूर किया जा सकता है?
Answer: चिकनाई के धब्बों को हटाने के लिए चिकनाई अवशोषक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। ये सूखे पाउडर के रूप में होते हैं जो कपड़े पर लगे चिकनाई के दाग को सोखकर हटा देते हैं। चिकनाई अवशोषक विभिन्न प्रकार के होते हैं, जैसे:

  • टेलकम पाउडर
  • आटे का चोकर
  • ब्रेड का चूरा
  • मैदा
  • आटा
  • नमक
इन अवशोषक पदार्थों को दाग पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है, फिर ब्रश से झाड़ दिया जाता है। यह विधि उन कपड़ों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जिन्हें पानी से धोया नहीं जा सकता।
In simple words: चिकनाई के दाग को हटाने के लिए टेलकम पाउडर, मैदा या नमक जैसे सूखे पाउडर का उपयोग किया जाता है, जो चिकनाई को सोख लेते हैं।

🎯 Exam Tip: चिकनाई के दाग पर अवशोषक पदार्थ लगाकर उसे पूरी तरह सूखने दें, तभी वह अधिकतम चिकनाई सोख पाएगा।

 

Question 4. रासायनिक विधि में कौन-कौन से प्रतिकर्मकों का प्रयोग किया जाता है? इस विधि से किस प्रकार के धब्बे छुड़ाये जा सकते हैं?
Answer: रासायनिक विधि में कई मुख्य प्रतिकर्मकों का प्रयोग किया जाता है, जैसे:

  • नींबू का रस
  • साल्ट ऑफ सोरेल
  • सोडियम परबोरेट
  • जैवेल वाटर
  • ऑक्जेलिक एसिड
  • सुहागा
इस रासायनिक विधि से उन दाग-धब्बों को हटाया जाता है जो स्पंज विधि या सामान्य धोने से आसानी से नहीं छूटते। यह उन पक्के और जिद्दी दागों के लिए बहुत प्रभावी होती है। इस विधि में दागों को घोल में डुबोकर या स्पंज से लगाकर साफ किया जाता है। रासायनिक पदार्थों के उपयोग के बाद कपड़े को अच्छी तरह साफ पानी से धोना बहुत जरूरी है, ताकि कोई रसायन कपड़े में न बचा रहे।
In simple words: रासायनिक विधि में नींबू का रस, जैवेल वाटर, और ऑक्जेलिक एसिड जैसे रसायन उपयोग होते हैं। इससे वे दाग हटाए जाते हैं जो सामान्य तरीकों से साफ नहीं होते, और फिर कपड़े को अच्छे से धोना जरूरी है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक प्रतिकर्मकों का प्रयोग करते समय हमेशा दस्ताने पहनें और हवादार जगह का चुनाव करें, ताकि रसायनों से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।

 

Question 5. धब्बे छुड़ाने की रासायनिक विधि लिखिये।
Answer: धब्बे छुड़ाने की रासायनिक विधि में विभिन्न रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है जो सामान्य सफाई से न हटने वाले दागों को प्रभावी ढंग से हटाते हैं। इन पदार्थों में ऑक्जेलिक एसिड, जैवेल वाटर, बोरेक्स, नींबू का रस, सुहागा, मिथाइलेटेड स्प्रिट और अमोनिया शामिल हैं।
इस विधि में, इनमें से किसी एक उपयुक्त पदार्थ को दाग पर लगाया जाता है। दाग की प्रकृति और कपड़े के रेशों के प्रकार के आधार पर सही रसायन का चुनाव किया जाता है। रसायन को दाग पर लगाने के बाद, कपड़े को ठंडे पानी से अच्छी तरह धोया जाता है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि रसायन का कोई भी अंश कपड़े में न रह जाए, क्योंकि यह कपड़े को नुकसान पहुंचा सकता है या उसे कमजोर कर सकता है। यह विधि विशेष रूप से स्याही, जंग और पक्के रंग के दागों के लिए उपयोगी है।
In simple words: रासायनिक विधि में ऑक्जेलिक एसिड या नींबू के रस जैसे रसायनों का उपयोग करके दाग हटाए जाते हैं। रसायन लगाने के बाद, कपड़े को ठंडे पानी से धोना जरूरी है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक विधि का प्रयोग हमेशा कपड़े के एक छोटे, छिपे हुए हिस्से पर करके देखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह कपड़े को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

 

Question 6. ऑक्सीकारक तथा अवकारक विरंजकों (प्रतिकर्मकों) के नाम बताइये।
Answer:
ऑक्सीकारक विरंजक (प्रतिकर्मक) निम्नलिखित हैं:

  • हाइड्रोजन परॉक्साइड
  • सोडियम परबोरेट
  • पोटेशियम परमैंगनेट
  • सोडियम हाइपोक्लोराइड (जैवेल वाटर)

अवकारक विरंजक (प्रतिकर्मक) इस प्रकार हैं:
  • सोडियम हाइड्रोसल्फाइड
  • सोडियम बाइसल्फाइड
ये विरंजक दाग-धब्बों को हटाने में मदद करते हैं, लेकिन इनके उपयोग के तरीके और सुरक्षितता कपड़े के रेशों के प्रकार पर निर्भर करती है।
In simple words: ऑक्सीकारक विरंजक में हाइड्रोजन परॉक्साइड और जैवेल वाटर आते हैं, जबकि अवकारक विरंजक में सोडियम हाइड्रोसल्फाइड और बाइसल्फाइड शामिल हैं।

🎯 Exam Tip: ऑक्सीकारक विरंजक दागों से ऑक्सीजन जोड़कर हटाते हैं, जबकि अवकारक विरंजक ऑक्सीजन को हटाकर दाग साफ करते हैं। दोनों का उपयोग कपड़ों के अनुसार अलग-अलग होता है।

 

Question 7. 'सोडियम हाइपोक्लोराइट' को तैयार करने की विधि लिखिये।
Answer: सोडियम हाइपोक्लोराइट को जैवेल वाटर भी कहते हैं। इसे बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्री का प्रयोग किया जाता है:

  • उबलता जल - 2 पिंट
  • धोने वाला सोडा - 1 पौंड
  • ठण्डा जल - 4 पिंट
  • क्लोराइड ऑफ लाइम - आधा पौंड
इसे बनाने के लिए, सबसे पहले धोने वाले सोडे को उबलते जल में घोलते हैं। फिर इस घोल को ठंडा करते हैं और उसमें क्लोराइड ऑफ लाइम मिलाते हैं। इस मिश्रण को अच्छी तरह से हिलाते हैं ताकि सभी सामग्री घुल जाए। यह जैवेल वाटर एक शक्तिशाली विरंजक है और इसका उपयोग मुख्य रूप से सफेद सूती और लिनन के कपड़ों से दाग हटाने के लिए किया जाता है। इसे रंगीन या नाजुक कपड़ों पर उपयोग नहीं करना चाहिए।
In simple words: सोडियम हाइपोक्लोराइट (जैवेल वाटर) बनाने के लिए उबलते पानी, धोने का सोडा, ठंडे पानी और क्लोराइड ऑफ लाइम को मिलाकर एक घोल तैयार किया जाता है।

🎯 Exam Tip: जैवेल वाटर का उपयोग करते समय हमेशा सावधानी बरतें, क्योंकि यह एक तेज रसायन है और त्वचा या कपड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है अगर सही तरीके से इस्तेमाल न किया जाए।

 

Question 8. अम्लीय प्रतिकर्मक के नाम बताइये।
Answer: अम्लीय प्रतिकर्मक वे रसायन होते हैं जिनका स्वभाव अम्लीय होता है और जिनका उपयोग कुछ विशेष प्रकार के दागों को हटाने के लिए किया जाता है। मुख्य अम्लीय प्रतिकर्मक इस प्रकार हैं:

  • एसिटिक एसिड (सिरका)
  • साल्ट ऑफ लेमन (नींबू का नमक)
  • ओलिक अम्ल
  • ऑक्जेलिक अम्ल
ये प्रतिकर्मक जंग, स्याही और फलों के रस जैसे दागों को हटाने में प्रभावी होते हैं। हालांकि, इनका उपयोग रेशमी, ऊनी और कुछ रंगीन कपड़ों पर सावधानी से करना चाहिए क्योंकि ये उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
In simple words: अम्लीय प्रतिकर्मक वे रसायन होते हैं जो खट्टे होते हैं, जैसे एसिटिक एसिड, नींबू का नमक, ओलिक अम्ल और ऑक्जेलिक अम्ल।

🎯 Exam Tip: अम्लीय प्रतिकर्मकों का उपयोग हमेशा पानी में घोलकर करना चाहिए, खासकर नाजुक कपड़ों पर, ताकि कपड़े को नुकसान न हो।

 

Question 9. धब्बों के चार वर्गों के नाम बताइये।
Answer: धब्बों को मुख्य रूप से उनके स्रोत के आधार पर चार वर्गों में बांटा जा सकता है:

  • जान्तव वर्ग (Animal Stains): दूध, अण्डा, मांस आदि। ये जानवर उत्पादों से आते हैं।
  • वानस्पतिक वर्ग (Vegetable Stains): कोको, चाय, मधु, फल आदि। ये पौधों से प्राप्त होते हैं।
  • खनिज पदार्थ (Mineral Stains): स्याही, जंग, दवाई आदि। ये धातुओं या रसायनों से बनते हैं।
  • चिकनाई वर्ग (Grease Stains): पेंट, घी, तेल आदि। ये तेल या वसा आधारित होते हैं।
इन वर्गों को पहचानना दाग हटाने के सही तरीके का चयन करने में मदद करता है।
In simple words: धब्बों को चार मुख्य वर्गों में बांटा जाता है: जानवरों से मिले (जैसे दूध), पौधों से मिले (जैसे चाय), खनिज से मिले (जैसे स्याही), और चिकनाई वाले (जैसे तेल)।

🎯 Exam Tip: दाग का वर्ग जानने से आप सही दाग हटाने वाले उत्पाद चुन सकते हैं, जिससे कपड़े को नुकसान पहुंचाए बिना दाग को प्रभावी ढंग से हटाया जा सके।

क्र. सं.धब्बापहचान का तरीकाप्रकृतिउपयोग में आये पदार्थधब्बा छुड़ाने हेतु उपयोग की विधिपरिणाम
2सब्जीताजावानस्पतिकसाबुन तथा गुनगुने पानीसफेद सूती वस्त्र के समानसफेद सूती वस्त्र के समान।
पुराना/शुष्कग्लिसरीन एवं बोरेक्स के तनु घोलहाइड्रोजन परॉक्साइड के तनु घोल सेरेशमी व ऊनी वस्त्र के समान।
3मक्खन व घीताजाचिकनाईगरम साबुन के घोलसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
वस्त्र पर अवशोषक पदार्थसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
पुराना/शुष्कवस्त्र पर अवशोषक पदार्थ डालकर दो ब्लॉटिंग पेपर के बीच रख कर गरम प्रेस करें।सूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
अपमार्जक को गर्म पानी में घोलकरसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
4अण्डाताजाजान्तवठण्डे जल व साबुनसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
पुराना/शुष्कनमक के घोल में वस्त्र को डाले रखें।नमक के घोल मेंनमक के घोल में।
5स्याहीताजाखनिजटमाटर के रससूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान
खट्टे दही या कच्चे दूधसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान
नमक और नीबूसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान
पुराना/शुष्कतनु ऑक्जेलिक अम्ल में भिगोकर तनु बोरेक्स के घोलसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान
साबुन-पानीसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान
6लिपिस्टिकताजाचिकनाईसाबुन पानीसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
स्प्रिट को रुई पर लगा कर स्पंज विधिसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
धब्बों के ऊपर-नीचे ब्लॉटिंग पेपर लगाकर गर्म इस्त्रीसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
पुराना/शुष्कऊपर दी गई विधि को पुनः उपयोग करें।घोलक, मिटटी का तेलघोलक, मिटटी का तेल।
7ग्रीसताजाचिकनाईगरम जल-साबुनसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
धब्बे को दोनों तरफ अवशोषक पदार्थ लगाकर ब्लॉटिंग पेपर के बीच रखकर इस्तिरी करें।पुराने व ताजा धब्बे के लिये अगर वस्त्रों को धो न सकें तो अवशोषक पदार्थ लगाकर, ब्लॉटिंग पेपर के बीच रख इस्तिरी करेंरेशमी व ऊनी वस्त्र के समान।
पुराना/शुष्ककिसी भी घोलक; जैसे-पेट्रोल, कार्बन टेट्राक्लोराइड एवं मिथाइलेटेड स्प्रिट से स्पंज विधि द्वारा साफ करें।सूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
8जंगताजाखनिजधब्बे पर नीबू या दही लगाकर गर्म पानी डालें।सूती वस्त्रों के समानसूती वस्त्रों के समान
मिट्टी का तेल लगा कर साबुन पानी से धोयें।सूती वस्त्रों के समानसूती वस्त्रों के समान
ऑक्जेलिक अम्ल व बोरेक्स के घोल का उपयोग करें।सूती वस्त्रों के समानसूती वस्त्रों के समान
चूने के लवणों के घोल में डुबोयें।सूती वस्त्रों के समानसूती वस्त्रों के समान
पुराना/शुष्कजैवेल वाटर के उपयोग से साफ करें।सूती वस्त्रों के समानसूती वस्त्रों के समान
9रंगताजारंगसाबुन-पानीसूती वस्त्र के समानसूती वस्त्र के समान।
जल मिश्रित अम्ल या क्षारअम्लों का हल्का घोल बना कररेशमी व ऊनी वस्त्र के समान।
पुरानाअल्कोहल, अमोनिया या तनु एसिटिक एसिडपक्के रंगों के वस्त्रों को विरंजकों के घोल से धोकर तुरन्त जैवेल वाटर का प्रयोग करें।रंगीन वस्त्र पर सावधानीपूर्वक।
1चाय कारंग व आकार देखकरवानस्पतिक दागक्षारीय प्रतिकर्मक जैसे बोरेक्सपानी में प्रतिकर्मक को घोलकर उससे दाग छुड़ाते हैं।दाग छूट जाता है।

 

Question 1. निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनें –
(i) वनस्पतिज धब्बे हैं –
(अ) रक्त
(ब) पसीना
(स) दूध
(द) हल्दी
Answer: (द) हल्दी
In simple words: वनस्पतिज धब्बे वे होते हैं जो पौधों या पेड़-पौधों से मिलती-जुलती चीजों से लगते हैं, और हल्दी एक ऐसा ही प्राकृतिक पदार्थ है जिससे दाग लग सकते हैं।

🎯 Exam Tip: वनस्पतिज धब्बों में फल, सब्जियां, चाय, कॉफी और हल्दी जैसे प्राकृतिक रंग शामिल होते हैं।

 

Question 1. (ii) औषधि वर्ग का धब्बा है –
(अ) जान्तव वर्ग
(ब) बनस्पतिज वर्ग
(स) खनिज वर्ग
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (द) इनमें से कोई नहीं
In simple words: दवाइयां किसी भी वर्ग में सीधी नहीं आतीं क्योंकि वे अलग-अलग तत्वों से बनती हैं, इसलिए उन्हें किसी खास वर्ग में नहीं रख सकते।

🎯 Exam Tip: दवाइयों के धब्बे हटाने के लिए उनकी रासायनिक प्रकृति जानना जरूरी है, क्योंकि वे कई तत्वों का मिश्रण हो सकती हैं।

 

Question 1. (iii) प्राणिज वर्ग के धब्बे छूट जाते हैं –
(अ) गर्म पानी व साबुन
(ब) ठण्डे पानी व साबुन
(स) नमक व साबुन
(द) ये सभी
Answer: (ब) ठण्डे पानी व साबुन
In simple words: प्राणिज धब्बे, जैसे खून या दूध के दाग, ठंडे पानी और साबुन से आसानी से निकल जाते हैं। गर्म पानी इन्हें कपड़े पर जमा सकता है।

🎯 Exam Tip: प्राणिज धब्बे जैसे कि रक्त, अण्डा, दूध, और माँस को हमेशा ठंडे पानी से धोना चाहिए, क्योंकि गर्म पानी से प्रोटीन जम जाता है और दाग पक्का हो जाता है।

 

Question 1. (iv) घास वर्ग का धब्बा है –
(अ) वनस्पतिज वर्ग
(ब) खनिज
(स) जान्तव वर्ग
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) वनस्पतिज वर्ग
In simple words: घास एक पौधा है, इसलिए उससे लगने वाले धब्बे वनस्पतिज वर्ग के होते हैं।

🎯 Exam Tip: वनस्पतिज धब्बों को हटाने के लिए अक्सर क्षारीय प्रतिकर्मकों का उपयोग किया जाता है।

 

Question 1. (v) वसा में घुलनशील धब्बों को छुड़ाने हेतु प्रयोग करते हैं –
(अ) घोलक
(ब) रसायन
(स) अवशोषक
(द) ये सभी
Answer: (स) अवशोषक
In simple words: चिकनाई वाले दागों को हटाने के लिए अवशोषक पदार्थ जैसे टेलकम पाउडर, आटा आदि का इस्तेमाल किया जाता है। ये चिकनाई को सोख लेते हैं।

🎯 Exam Tip: अवशोषक पदार्थ चिकनाई को कपड़े से खींच लेते हैं, जिससे दाग साफ हो जाता है, खासकर तब जब कपड़े को धोया न जा सके।

 

Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए –
1. चिकनाईयुक्त धब्बों को ......... एवं............. से छुड़ाया जाता है।
2. जान्तव धब्बे की पहचान ............. की जा सकती है।
3. आटा ............ पदार्थ है।
4. ............ क्षारीय प्रतिकर्मक है।
Answer:
1. चिकनाईयुक्त धब्बों को घोलक एवं अवशोषक से छुड़ाया जाता है।
2. जान्तव धब्बे की पहचान स्पर्श से की जा सकती है।
3. आटा अवशोषक पदार्थ है।
4. सोडा क्षारीय प्रतिकर्मक है।
In simple words: चिकनाई वाले दागों को घोलक या अवशोषक से हटाते हैं। प्राणिज धब्बों को छूकर पहचान सकते हैं। आटा चिकनाई सोखने वाला होता है, और सोडा एक क्षारीय चीज है जो सफाई में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और विषय वस्तु के अनुसार सही शब्द चुनें।

 

Question 3. चिकनाई युक्त धब्बों को छुड़ाने के लिए किन पदार्थों का उपयोग किया जाता है?
Answer: चिकनाई युक्त धब्बों को छुड़ाने के लिए कई अवशोषक पदार्थ उपयोग किए जाते हैं। इनमें आटा, मैदा, पावरोटी का चूरा, टेल्कम पाउडर, चॉक का चूर्ण और भीगी हुई पावरोटी शामिल हैं। ये सभी पदार्थ चिकनाई को सोखकर दाग हटाने में मदद करते हैं।
In simple words: चिकनाई वाले दाग हटाने के लिए आटा, मैदा, टेलकम पाउडर, और चॉक पाउडर जैसे पदार्थ काम आते हैं क्योंकि वे चिकनाई को चूस लेते हैं।

🎯 Exam Tip: चिकनाई वाले धब्बों पर हमेशा अवशोषक पदार्थ तुरंत लगाना चाहिए ताकि चिकनाई फैलने से पहले ही सोख ली जाए।

 

Question 4. वस्त्र पर लगे धब्बे हटाना अनिवार्य है, क्यों?
Answer: वस्त्रों पर धब्बे या दाग लगने से उनकी सुंदरता, आकर्षण और नयापन कम हो जाता है। ऐसे कपड़ों का उपयोग करना मुश्किल हो जाता है क्योंकि दाग होने पर लोग सिर्फ दाग पर ही ध्यान देते हैं। इसलिए, कपड़े से दाग हटाना बहुत जरूरी है ताकि वह फिर से पहनने लायक बन सके।
In simple words: दाग लगने से कपड़े खराब दिखते हैं और कोई उन्हें पहनना पसंद नहीं करता, इसलिए दाग हटाना जरूरी होता है।

🎯 Exam Tip: उत्तर में वस्त्र की सुंदरता, आकर्षण और उपयोगिता पर दाग के नकारात्मक प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।

 

Question 5. अम्लीय एवं क्षारीय प्रतिकर्मक में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Answer: अम्लीय और क्षारीय प्रतिकर्मकों में मुख्य अंतर उनके स्वभाव और उपयोग के तरीके में होता है:
अम्लीय प्रतिकर्मक: ये स्वभाव से अम्लीय होते हैं और इनका उपयोग क्षारीय स्वभाव वाले धब्बों को हटाने के लिए किया जाता है, जैसे फलों के रस के धब्बे। अम्लीय प्रतिकर्मक अक्सर दाग को घोलकर हटाने में मदद करते हैं।
क्षारीय प्रतिकर्मक: ये स्वभाव से क्षारीय होते हैं और इनका उपयोग अम्लीय स्वभाव वाले धब्बों को हटाने के लिए किया जाता है, जैसे कास्टिक सोडा और बोरेक्स। इनका प्रयोग सूती और लिनन जैसे मजबूत वस्त्रों पर ही करना चाहिए क्योंकि ये रेशों को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
In simple words: अम्लीय चीजें क्षारीय दाग हटाती हैं और क्षारीय चीजें अम्लीय दाग हटाती हैं। अम्लीय प्रतिकर्मक फलों के रस के दाग के लिए होते हैं, जबकि क्षारीय प्रतिकर्मक चिकनाई के दाग के लिए होते हैं।

🎯 Exam Tip: अम्लीय और क्षारीय प्रतिकर्मकों के बीच अंतर बताते समय, उनके रासायनिक स्वभाव, उपयोग के प्रकार और किस प्रकार के धब्बों पर वे प्रभावी होते हैं, इन तीनों बिंदुओं को अवश्य शामिल करें।

 

Question 6. धब्बों का वर्गीकरण लिखिए।
Answer: धब्बों को उनके स्रोत के आधार पर कई वर्गों में वर्गीकृत किया जा सकता है। यह वर्गीकरण दाग हटाने के सही तरीके का चुनाव करने में मदद करता है। नीचे कुछ प्रमुख वर्ग और उनके उदाहरण दिए गए हैं:

दहीकॉफीघीऔषधिकपड़े रंगने व छापने के रंग, चित्र बनाने का रंगपत्तियाँझुलसने आदि का
अण्डाशहदमक्खनजंग
रक्तफलक्रीम
मांससब्जीग्रीस

In simple words: दागों को अलग-अलग समूहों में बांटते हैं, जैसे दूध, अंडा, खून या मांस से लगने वाले दाग, या कॉफी, शहद, फल और सब्जी से लगने वाले दाग, या घी, मक्खन, क्रीम और ग्रीस से लगने वाले चिकनाई के दाग। दवाइयां, जंग और कपड़ों के रंग से भी अलग-अलग तरह के दाग लगते हैं।

🎯 Exam Tip: वर्गीकरण करते समय, प्रत्येक वर्ग के कम से कम दो या तीन उदाहरण अवश्य दें।

 

Question 7. धब्बों को छुड़ाने की मुख्य विधियाँ कौन-सी हैं?
Answer: धब्बों को छुड़ाने की मुख्य विधियाँ निम्न तालिका में दी गयी हैं। यह तालिका विभिन्न विधियों, उनके उपयोग के तरीकों और आवश्यक सावधानियों को दर्शाती है ताकि दाग प्रभावी ढंग से और कपड़े को नुकसान पहुँचाए बिना हटाए जा सकें।

विधि का नामप्रयोग विधिविशेष सावधानियाँ
(1) घोलक विधिघोलक विधि का उपयोग धब्बों को हटाने के लिए किया जाता है। घोलक को स्पंज या रुई पर लगाकर दाग वाले हिस्से पर अंदर से बाहर की ओर गोल-गोल घुमाकर रगड़ते हैं। इस प्रक्रिया से दाग ब्लॉटिंग पेपर पर आ जाता है और कपड़ा साफ हो जाता है। इसे स्पंज विधि भी कहते हैं।पेट्रोल, बेंजीन, कार्बन टेट्राक्लोराइड जैसे घोलकों का प्रयोग सावधानी से करना चाहिए क्योंकि ये ज्वलनशील हो सकते हैं।
(2) अवशोषक विधिचिकनाई युक्त धब्बों पर अवशोषक पदार्थ जैसे आटा, मैदा, टेलकम पाउडर, चॉक का चूर्ण, नमक या भीगी पावरोटी का चूरा डालकर छोड़ देते हैं। ये पदार्थ चिकनाई को सोख लेते हैं। सूखने के बाद ब्रश से रगड़कर साफ कर लेते हैं। झुलसने के दाग के लिए भीगी पावरोटी रगड़ने से दाग दूर हो जाता है।अवशोषकों का प्रयोग करते समय कपड़े के रंग या बनावट को ध्यान में रखें। कुछ अवशोषक रंगीन कपड़ों पर निशान छोड़ सकते हैं।
(3) रासायनिक विधिजो दाग अन्य विधियों से नहीं छूटते, उन्हें रासायनिक प्रतिकर्मकों जैसे सुहागा, जैवेल वाटर, सोडियम परबोरेट, बोरेक्स, नींबू का रस, या ऑक्जेलिक अम्ल के तनु घोल से हटाया जाता है। दाग को घोल में डुबोकर या रसायन की बूंदें डालकर छुड़ाया जा सकता है।रासायनिक प्रतिकर्मकों का प्रयोग बहुत सावधानी से करना चाहिए क्योंकि ये कपड़े को नुकसान पहुँचा सकते हैं या रंग उड़ा सकते हैं। प्रयोग के बाद कपड़े को बार-बार साफ पानी से धोना अनिवार्य है।

In simple words: दाग हटाने के तीन मुख्य तरीके हैं: घोलक विधि, जो दाग को घोलकर हटाती है; अवशोषक विधि, जो चिकनाई को सोख लेती है; और रासायनिक विधि, जो जिद्दी दागों के लिए रसायनों का उपयोग करती है। हर तरीके में कपड़े का ध्यान रखना जरूरी है।

🎯 Exam Tip: मुख्य विधियों का वर्णन करते समय, प्रत्येक विधि का नाम, उसकी कार्यप्रणाली और उपयोग किए जाने वाले पदार्थों को स्पष्ट रूप से समझाएं।

 

Question 8. विरंजकों के प्रयोग की क्या आवश्यकता होती है? इसके प्रकार भी बताइये। अथवा विरंजक पदार्थ कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखिए।
Answer: वस्त्रों पर लगे दाग-धब्बों को हटाने और कपड़ों में सफेदी व चमक लाने के लिए विरंजक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। ये कपड़े के पीलेपन को भी दूर करते हैं। हाइड्रोजन परॉक्साइड वस्त्रों के लिए एक अच्छा और हल्का विरंजक है, जिसका उपयोग सभी प्रकार के वस्त्रों पर किया जा सकता है।
विरंजक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
आक्सीकारक प्रतिकर्मक: ये दागों से ऑक्सीजन को हटाकर उन्हें साफ करते हैं।
अवकारक प्रतिकर्मक: ये भी दागों को हल्का करने या हटाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
इसके अलावा, सूर्य का प्रकाश, घास और नमी भी प्राकृतिक विरंजक के रूप में काम करते हैं।
In simple words: विरंजक कपड़ों से दाग हटाने और उन्हें सफेद व चमकदार बनाने के लिए जरूरी होते हैं। ये दो तरह के होते हैं: ऑक्सीकारक और अवकारक। सूरज की रोशनी भी एक प्राकृतिक विरंजक है।

🎯 Exam Tip: विरंजकों की आवश्यकता बताते समय उनकी सफाई क्षमता और प्रकारों को स्पष्ट करें। प्राकृतिक विरंजकों का उल्लेख करना भी महत्वपूर्ण है।

 

Question 9. क्षारीय व अम्लीय प्रतिकर्मक धब्बे छडाने के लिये किन-किन वस्त्रों पर और कैसे इस्तेमाल किये जाते हैं ?
Answer:
(1) क्षारीय प्रतिकर्मक: इनका उपयोग केवल सूती और लिनन के कपड़ों पर करना चाहिए क्योंकि इनका स्वभाव क्षारीय होता है। ये जानवरों के रेशों (जैसे ऊन, रेशम) को नुकसान पहुँचा सकते हैं। चिकनाई और अम्लीय धब्बों को हटाने के लिए गर्म पानी में धुले हुए सोडा का उपयोग किया जा सकता है। बोरेक्स एक और क्षारीय प्रतिकर्मक है जिसका उपयोग सभी प्रकार के कपड़ों पर किया जा सकता है। अमोनिया का उपयोग जानवरों के रेशों से चिकनाई वाले धब्बे हटाने के लिए किया जाता है।
(2) अम्लीय प्रतिकर्मक: ये स्वभाव से अम्लीय होते हैं। इनका उपयोग क्षारीय धब्बों को हटाने के लिए किया जाता है। ऑक्जेलिक अम्ल कपड़ों से जंग और फलों के रस के धब्बे हटाता है, लेकिन जानवरों के रेशों से बने कपड़ों पर इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। ओलिक अम्ल एक अम्लीय प्रतिकर्मक है जो सूती कपड़ों से चिकनाई के दाग हटा सकता है। सिरका का उपयोग रेशमी कपड़ों पर किया जाता है।
In simple words: क्षारीय चीजें सूती और लिनन के कपड़ों पर चिकनाई और अम्लीय दाग हटाती हैं, पर ऊन-रेशम पर नहीं। अम्लीय चीजें ऊन-रेशम पर इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए, वे क्षारीय दाग हटाती हैं।

🎯 Exam Tip: इस प्रश्न का उत्तर देते समय, प्रत्येक प्रतिकर्मक के लिए कपड़े का प्रकार, धब्बे का प्रकार और उसके उपयोग की विधि को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 10. धब्बे छुड़ाने के सामान्य नियम कौन-कौन से हैं?
Answer: धब्बे छुड़ाने के कुछ सामान्य नियम इस प्रकार हैं जो प्रक्रिया को प्रभावी और सुरक्षित बनाते हैं:
• जहाँ तक संभव हो, दाग लगते ही तुरंत हटा देना चाहिए। जितनी जल्दी दाग हटाया जाता है, उतना ही आसान होता है।
• सबसे पहले दाग की पहचान करनी चाहिए कि वह किस वर्ग का है (जैसे चिकनाई, वनस्पतिज आदि) और यह समझना चाहिए कि उसे किस चीज से हटाया जा सकता है।
• दाग हटाने के बाद कपड़े को साफ पानी में अच्छे से धोकर सुखा लेना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी सफाई एजेंट कपड़े पर न रहे।
• क्षारीय प्रतिकर्मकों को अम्लीय चीजों से और अम्लीय प्रतिकर्मकों को क्षारीय चीजों से बेअसर करना चाहिए ताकि कपड़े को नुकसान न हो।
• रंगीन, ऊनी और रेशमी कपड़ों पर दाग हटाने के लिए हमेशा हल्के प्रतिकर्मक घोल का उपयोग करना चाहिए। ये कपड़े नाजुक होते हैं।
• रासायनिक पदार्थों का उपयोग खुले और हवादार स्थान पर करना चाहिए ताकि रसायनों से निकलने वाली हानिकारक वाष्प से बचा जा सके।
• रंगीन कपड़ों पर दाग हटाते समय यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि कपड़े का रंग पक्का है या नहीं। यदि रंग कच्चा है तो वह फैल सकता है।
• विरंजकों का उपयोग सबसे अंत में करना चाहिए, जब अन्य सभी तरीके विफल हो जाएं। ऊनी, रेशमी और रेयॉन जैसे कपड़ों के लिए हाइड्रोजन परॉक्साइड और सोडियम परबोरेट जैसे हल्के विरंजक का ही प्रयोग करें।
• ज्वलनशील रासायनिक पदार्थों (जैसे ऐल्कोहॉल, पेट्रोल, स्प्रिट, बेंजीन) का उपयोग करते समय आग से बचने के लिए विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
In simple words: दाग को तुरंत पहचानकर हटाना चाहिए। सही तरीका और रसायन चुनना चाहिए, और कपड़े को अच्छे से धोना चाहिए। रासायनिक चीजें और विरंजक इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर रंगीन और नाजुक कपड़ों पर।

🎯 Exam Tip: धब्बे छुड़ाने के नियमों में तुरंत कार्यवाही, सही पहचान, कपड़े की सुरक्षा और रसायनों के सुरक्षित उपयोग पर जोर दें।

 

Question 1. खनिज वर्ग का धब्बा है –
(अ) हल्दी
(ब) औषधि
(स) मक्खन
(द) शहद
Answer: (ब) औषधि
In simple words: औषधि (दवाई) अक्सर खनिज या रासायनिक तत्वों से बनी होती है, इसलिए यह खनिज वर्ग के धब्बों में आती है।

🎯 Exam Tip: खनिज वर्ग के धब्बों में स्याही, जंग और कुछ दवाइयां शामिल होती हैं।

 

Question 2. प्राणिज वर्ग के धब्बे छूट जाते हैं –
(अ) ठण्डे पानी एवं साबुन से
(ब) गर्म पानी एवं साबुन से
(स) नमक एवं साबुन से
(द) ये सभी
Answer: (अ) ठण्डे पानी एवं साबुन से
In simple words: प्राणिज धब्बे, जैसे खून या अंडे के दाग, ठंडे पानी और साबुन से ही धोने चाहिए ताकि वे कपड़े पर जम न जाएं।

🎯 Exam Tip: प्रोटीन युक्त प्राणिज धब्बों को गर्म पानी से धोने पर वे कपड़े पर स्थायी हो सकते हैं, इसलिए हमेशा ठंडा पानी उपयोग करें।

 

Question 3. धब्बा किस वर्ग का है –
(अ) चिकनाई वर्ग
(ब) रंग वर्ग
(स) वनस्पतिज वर्ग
(द) झुलसना
Answer: (द) झुलसना
In simple words: झुलसने का दाग किसी विशेष वर्ग से नहीं आता, यह कपड़े को जलने से होता है, इसलिए इसे 'झुलसना' वर्ग में रखा जाता है।

🎯 Exam Tip: झुलसने के दाग को अक्सर अलग श्रेणी में रखा जाता है क्योंकि यह कपड़े के जलने से होता है, न कि किसी पदार्थ से।

 

Question 4. चिकनाईयुक्त धब्बों को छुड़ाया जाता है –
(अ) साबुन – पानी से
(ब) गर्म पानी एवं साबुन से
(स) वसा घोलक एवं अवशोषक से
(द) ये सभी
Answer: (स) वसा घोलक एवं अवशोषक से
In simple words: चिकनाई वाले दागों को हटाने के लिए वसा घोलक जैसे पेट्रोल या अवशोषक पदार्थ जैसे टेलकम पाउडर का उपयोग किया जाता है।

🎯 Exam Tip: वसा घोलक और अवशोषक पदार्थ चिकनाई को प्रभावी ढंग से हटाते हैं, जबकि साबुन-पानी कम प्रभावी हो सकता है।

 

Question 5. चिकनाई घोलक प्रतिकर्मक है –
(अ) पेट्रोल
(ब) एसीटिक अम्ल
(स) ओलिक अम्ल
(द) अमोनिया
Answer: (अ) पेट्रोल
In simple words: पेट्रोल चिकनाई को घोलने वाला एक मजबूत पदार्थ है, इसलिए यह चिकनाई घोलक प्रतिकर्मक कहलाता है।

🎯 Exam Tip: पेट्रोल, बेंजीन, और कार्बन टेट्राक्लोराइड जैसे पदार्थ अच्छे चिकनाई घोलक होते हैं।

 

Question 6. चिकनाई अवशोषक प्रतिकर्मक है –
(अ) नींबू व नमक
(ब) टेलकम पाउडर
(स) ओलिक अम्ल
(द) तारपीन का तेल
Answer: (ब) टेलकम पाउडर
In simple words: टेलकम पाउडर चिकनाई को सोख लेता है, इसलिए यह चिकनाई अवशोषक प्रतिकर्मक है।

🎯 Exam Tip: टेलकम पाउडर के अलावा आटा, मैदा और चॉक का चूर्ण भी अच्छे चिकनाई अवशोषक हैं।

 

Question 5. चिकनाई घोलक प्रतिकर्मक महँगे तथा **ज्वलनशील** होते हैं।
Answer: चिकनाई घोलक प्रतिकर्मक अक्सर महंगे होते हैं और आग पकड़ सकते हैं।
In simple words: चिकनाई घोलने वाली चीजें महंगी होती हैं और उनसे आग लगने का डर रहता है।

🎯 Exam Tip: ज्वलनशील घोलकों का उपयोग हमेशा खुले और हवादार स्थान पर ही करना चाहिए, और आग से दूर रहना चाहिए।

 

Question 6. रासायनिक पदार्थों का धब्बा छुड़ाते समय उपयोग खुल **हवादार** स्थान पर ही करना चाहिए।
Answer: रासायनिक पदार्थों का उपयोग करते समय हमेशा खुली और हवादार जगह पर काम करना चाहिए ताकि हानिकारक गैसें बाहर निकल सकें।
In simple words: रासायनिक दाग हटाने वाली चीजें खुली जगह पर इस्तेमाल करनी चाहिए ताकि उनकी गंदी हवा न लगे।

🎯 Exam Tip: रासायनिक प्रतिकर्मकों का उपयोग करते समय हमेशा सुरक्षात्मक दस्ताने और मास्क पहनें।

 

Question 1. धब्बा क्या है?
Answer: 'धब्बा' एक अनचाहा दाग या निशान होता है जो किसी कारण से कपड़े या किसी सतह पर लग जाता है। यह कपड़े की सुंदरता और स्वच्छता को कम कर देता है।
In simple words: धब्बा कपड़े पर लगा कोई भी गंदा या खराब निशान होता है जो हमें पसंद नहीं आता।

🎯 Exam Tip: धब्बे की परिभाषा में 'अनचाहा' और 'निशान' जैसे प्रमुख शब्दों का उपयोग करें।

 

Question 2. प्राणिज धब्बे को छडाने के लिए किस प्रकार के जल का प्रयोग करना चाहिए?
Answer: प्राणिज धब्बों को छुड़ाने के लिए ठंडे जल का प्रयोग करना चाहिए। गर्म पानी से प्रोटीन वाले दाग जम जाते हैं और उन्हें हटाना मुश्किल हो जाता है।
In simple words: प्राणिज दाग हटाने के लिए हमेशा ठंडा पानी इस्तेमाल करना चाहिए, गरम पानी नहीं।

🎯 Exam Tip: प्राणिज धब्बों के लिए 'ठंडा पानी' और 'प्रोटीन का जमना' इन दो मुख्य बिंदुओं पर ध्यान दें।

 

Question 3. वसा में घुलनशील धब्बों को छडाने में प्रयुक्त दो पदार्थों के नाम लिखिए।
Answer: वसा में घुलनशील धब्बों को छुड़ाने में प्रयुक्त दो पदार्थ कार्बन टेट्राक्लोराइड और बेन्जीन हैं। ये दोनों पदार्थ चिकनाई को घोलने की क्षमता रखते हैं।
In simple words: चिकनाई वाले दागों को साफ करने के लिए कार्बन टेट्राक्लोराइड और बेंजीन का उपयोग किया जाता है।

🎯 Exam Tip: वसा घोलकों के उदाहरण देते समय, सुरक्षा सावधानियों को भी ध्यान में रखें क्योंकि कुछ ज्वलनशील हो सकते हैं।

 

Question 4. धब्बे छुड़ाने की तीन विधियाँ बताइये।
Answer: धब्बे छुड़ाने की तीन मुख्य विधियाँ हैं: घोलक विधि, अवशोषक विधि और रासायनिक विधि। घोलक विधि में दाग को घोलने वाले पदार्थों का उपयोग किया जाता है, अवशोषक विधि में चिकनाई सोखने वाले पदार्थों का, और रासायनिक विधि में जिद्दी दागों के लिए रसायनों का इस्तेमाल होता है।
In simple words: दाग हटाने के तीन तरीके हैं: घोलक (जो दाग को घोल दे), अवशोषक (जो दाग को सोख ले), और रसायन (जो मजबूत दाग हटाए)।

🎯 Exam Tip: धब्बे छुड़ाने की विधियों का उल्लेख करते समय, उनके सामान्य कार्य सिद्धांत को भी संक्षेप में बताएँ।

 

Question 5. विरंजकों के प्रयोग की क्या आवश्यकता होती है? इसके प्रकार भी बताइये। अथवा विरंजक पदार्थ कितने प्रकार के होते हैं? नाम लिखिए।
Answer: वस्त्रों पर लगे दाग-धब्बों को हटाने और कपड़ों में सफेदी व उज्ज्वलता लाने के लिए विरंजकों का प्रयोग किया जाता है। ये कपड़े के पीलेपन को भी दूर करते हैं। विरंजक मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
ऑक्सीकारक प्रतिकर्मक: ये दागों से ऑक्सीजन को हटाकर उन्हें रंगहीन करते हैं।
अवकारक प्रतिकर्मक: ये भी दागों को हल्का करने या हटाने के लिए उपयोग किए जाते हैं, खास तौर पर रंगीन कपड़ों के लिए।
In simple words: विरंजक कपड़ों से दाग हटाने और उन्हें सफेद करने के लिए जरूरी होते हैं। ये दो तरह के होते हैं: ऑक्सीकारक और अवकारक, जो अलग-अलग तरीके से दाग साफ करते हैं।

🎯 Exam Tip: विरंजकों के प्रयोग की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए, उनके मुख्य प्रकारों और उनके कार्य सिद्धांत को संक्षेप में समझाएं।

 

Question 6. प्राकृतिक विरंजक कौन-कौन से हैं?
Answer: सूर्य का प्रकाश, घास और नमी उत्तम प्राकृतिक विरंजक हैं। सूर्य की किरणें और घास में मौजूद क्लोरोफिल दागों को हल्का करने में मदद करते हैं, जबकि नमी प्रक्रिया को तेज करती है।
In simple words: सूरज की रोशनी, घास और नमी, ये सब प्राकृतिक चीजें हैं जो कपड़ों से दाग हटाने में मदद करती हैं।

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक विरंजकों के नाम याद रखना आसान है, इनका उपयोग पर्यावरण के अनुकूल होता है।

 

Question 7. विरंजकों का प्रयोग क्यों किया जाता है?
Answer: विरंजकों का प्रयोग वस्त्रों पर लगी रंगत को हटाने, उन्हें और सफेद बनाने और पीलेपन को दूर करने के लिए किया जाता है। ये कपड़ों को नया जैसा दिखाने में मदद करते हैं।
In simple words: विरंजक कपड़ों से दाग हटाने, उन्हें सफेद करने और पीलेपन को दूर करने के लिए इस्तेमाल होते हैं।

🎯 Exam Tip: विरंजकों के मुख्य उद्देश्य 'रंग हटाना', 'सफेदी लाना' और 'पीलापन दूर करना' हैं।

 

Question 8. क्षारीय प्रतिकर्मकों के नाम बताइये।
Answer: कुछ प्रमुख क्षारीय प्रतिकर्मक सुहागा और धोने वाला सोडा हैं। ये दोनों पदार्थ अम्लीय धब्बों और चिकनाई को हटाने में प्रभावी होते हैं।
In simple words: सुहागा और धोने वाला सोडा क्षारीय चीजें हैं जो सफाई में काम आती हैं।

🎯 Exam Tip: क्षारीय प्रतिकर्मक अक्सर अम्लीय धब्बों पर प्रभावी होते हैं और प्रोटीन को जमा सकते हैं, इसलिए प्राणिज रेशों पर सावधानी से उपयोग करें।

 

Question 9. रेशमी एवं ऊनी वस्त्रों में लगे धब्बों को कैसे छुड़ाया जा सकता है?
Answer: रेशमी और ऊनी वस्त्रों में लगे धब्बों को आमतौर पर भाप की सहायता से हटाया जाता है। दाग लगे हुए हिस्से को भाप के ऊपर रखने से धब्बा ढीला पड़ जाता है और निकल जाता है। इसके अलावा, धब्बे छुड़ाने के लिए रुई या ड्रॉपर से हल्के विलायकों का प्रयोग करना चाहिए और दाग हटाने के बाद तुरंत कपड़े को साफ कर लेना चाहिए।
In simple words: रेशमी और ऊनी कपड़ों के दाग भाप से हटाए जाते हैं। दाग वाली जगह पर भाप लगाने से दाग ढीला होकर निकल जाता है, फिर हल्के विलायक से साफ करके तुरंत धोना चाहिए।

🎯 Exam Tip: रेशमी और ऊनी वस्त्रों जैसे नाजुक कपड़ों पर कठोर रसायनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, केवल भाप या बहुत हल्के विलायकों का उपयोग करें।

 

Question 11. हल्दी का धब्बा किस प्रकार छुड़ाया जाता है?
Answer: हल्दी का ताजा धब्बा वाशिंग सोडा के घोल से आसानी से साफ किया जा सकता है। पुराने हल्दी के दाग को हटाने के लिए स्प्रिट, ब्लीचिंग पाउडर या हाइड्रोक्लोरिक एसिड के तनु घोल का उपयोग किया जा सकता है। हल्दी का रंग प्राकृतिक होता है, इसलिए इसे हटाने में थोड़ा समय लग सकता है।
In simple words: नए हल्दी के दाग वाशिंग सोडा से साफ होते हैं। पुराने दाग के लिए स्प्रिट, ब्लीचिंग पाउडर या हाइड्रोक्लोरिक एसिड का हल्का घोल इस्तेमाल किया जाता है।

🎯 Exam Tip: हल्दी का दाग वनस्पतिज वर्ग का होता है, इसलिए इसे हटाने के लिए क्षारीय प्रतिकर्मक जैसे वाशिंग सोडा प्रभावी होता है।

 

Question 12. अमोनियम कार्बोनेट का प्रयोग धुलाई में कब किया जाता है?
Answer: अमोनियम कार्बोनेट एक हल्का क्षारीय प्रतिकर्मक है जिसका उपयोग बोरेक्स के स्थान पर किया जाता है। इसका प्रयोग अक्सर नए और गर्म कपड़ों की पहली धुलाई में किया जाता है, खासकर तब जब उनमें हल्के दाग या बदबू हो।
In simple words: अमोनियम कार्बोनेट एक हल्का सोडा है, इसे बोरेक्स की जगह नए और गर्म कपड़ों की पहली धुलाई में इस्तेमाल करते हैं।

🎯 Exam Tip: अमोनियम कार्बोनेट नाजुक कपड़ों पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि यह बोरेक्स से हल्का होता है।

 

Question 13. जान्तव तन्तुओं पर से धब्बे छुड़ाने के लिए किस क्षार का प्रयोग किया जाता है?
Answer: जान्तव तन्तुओं (जैसे ऊन और रेशम) पर से धब्बे छुड़ाने के लिए अमोनिया का प्रयोग किया जाता है। अमोनिया एक हल्का क्षार है जो जान्तव रेशों को नुकसान पहुँचाए बिना दाग हटाने में मदद करता है।
In simple words: ऊन और रेशम जैसे जानवरों के कपड़ों से दाग हटाने के लिए अमोनिया का इस्तेमाल किया जाता है।

🎯 Exam Tip: जान्तव रेशों पर मजबूत क्षार का प्रयोग करने से वे खराब हो सकते हैं, इसलिए अमोनिया जैसे हल्के क्षार का ही उपयोग करें।

 

Question 14. पसीने के धब्बे के लिए किस घोल का प्रयोग किया जाता है?
Answer: पसीने के धब्बे हटाने के लिए हल्के अमोनिया के घोल या जैवेल वाटर का प्रयोग किया जाता है। पसीने में मौजूद अम्ल और लवण को ये घोल बेअसर करके दाग हटाने में मदद करते हैं।
In simple words: पसीने के दाग हटाने के लिए हल्के अमोनिया का घोल या जैवेल वाटर इस्तेमाल किया जाता है।

🎯 Exam Tip: पसीने के धब्बे अम्लीय प्रकृति के होते हैं, इसलिए उन्हें हटाने के लिए क्षारीय घोल प्रभावी होते हैं।

 

RBSE Class 12 Home Science Chapter 25 लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. वस्त्र पर धब्बे की पहचान आप किस प्रकार करेंगे ?
Answer: वस्त्र पर धब्बे की पहचान तीन मुख्य तरीकों से की जा सकती है, जिससे सही दाग हटाने वाली विधि का चुनाव करने में मदद मिलती है:
धब्बे को देखकर: कई दागों का रंग देखकर उनकी पहचान की जा सकती है, जैसे स्याही का नीला धब्बा, कॉफी और चाय का भूरा धब्बा, या हल्दी का पीला धब्बा।
धब्बे को छूकर: कुछ धब्बे छूने पर चिकनाई वाले लगते हैं, जैसे तेल, ग्रीस या मक्खन के धब्बे। वहीं, कुछ धब्बे चिपचिपे हो सकते हैं।
घुलनशील पदार्थों का उपयोग करके: धब्बे वाले हिस्से को एक ब्लॉटिंग पेपर पर रखकर रुई से घोलक रगड़कर उचित प्रकार से मलना चाहिए। घोलक पेट्रोल, बेंजीन, मिट्टी का तेल या कार्बन टेट्राक्लोराइड हो सकते हैं।
In simple words: दाग की पहचान तीन तरीकों से कर सकते हैं: उसे देखकर (रंग से), छूकर (चिकना या चिपचिपा), या हल्के घोलक से धोकर (यदि दाग घुल जाए)।

🎯 Exam Tip: धब्बे की पहचान में उसके रंग, बनावट और घुलनशीलता जैसे गुणों का उल्लेख करें।

 

Question 2. घुलनशील धब्बों को छुड़ाने के लिए किन पदार्थों का उपयोग किया जाता है?
Answer: घुलनशील धब्बों को छुड़ाने के लिए घुलनशील पदार्थों का उपयोग किया जाता है। दाग वाले हिस्से को एक ब्लॉटिंग पेपर के ऊपर रखकर रुई से दाग वाले स्थान पर घोलक उचित प्रकार से मलना चाहिए। पेट्रोल, बेंजीन, मिट्टी का तेल और कार्बन टेट्राक्लोराइड जैसे पदार्थ अच्छे घोलक होते हैं जो घुलनशील धब्बों को हटाने में मदद करते हैं।
In simple words: घुलनशील दाग हटाने के लिए पेट्रोल, बेंजीन, मिट्टी का तेल, या कार्बन टेट्राक्लोराइड जैसे घोलने वाले पदार्थ इस्तेमाल होते हैं।

🎯 Exam Tip: घोलकों का उपयोग करते समय हमेशा खुले और हवादार स्थान पर काम करें और सुरक्षा सावधानियों का पालन करें।

 

Question 3. चिकनाई के धब्बों को किस प्रकार दूर किया जा सकता है?
Answer: चिकनाई के धब्बों को अवशोषक पदार्थों का उपयोग करके दूर किया जा सकता है। ये अवशोषक सूखे पाउडर के रूप में होते हैं जो कपड़ों पर लगी चिकनाई को सोखकर उसे हटा देते हैं। टेलकम पाउडर, आटे का चोकर, ब्रेड का चूरा, मैदा, आटा और नमक जैसे विभिन्न प्रकार के अवशोषक चिकनाई के धब्बों को प्रभावी ढंग से हटाते हैं।
In simple words: चिकनाई के दाग टेलकम पाउडर, आटा, मैदा जैसे अवशोषक पाउडर से हटाए जाते हैं। ये पाउडर चिकनाई को सोख लेते हैं।

🎯 Exam Tip: चिकनाई वाले धब्बों पर अवशोषक तुरंत लगाने से वे फैलते नहीं और आसानी से निकल जाते हैं।

 

Question 4. रासायनिक विधि में कौन-कौन से प्रतिकर्मकों का प्रयोग किया जाता है? इस विधि से किस प्रकार के धब्बे छुड़ाये जा सकते हैं?
Answer: रासायनिक विधि में प्रमुख प्रतिकर्मक नींबू का रस, साल्ट ऑफ सोरेल, सोडियम परबोरेट, जैवेल वाटर, ऑक्जेलिक एसिड और सुहागा आदि हैं। इन प्रतिकर्मकों का उपयोग उन जिद्दी दागों को छुड़ाने के लिए किया जाता है जो सामान्य तरीकों से नहीं हटते। धब्बों को स्पंज विधि और घोल में डुबोकर भी छुड़ाया जाता है। रासायनिक तत्वों का उपयोग करने के बाद, कपड़े को अच्छी तरह से साफ पानी से धोना चाहिए ताकि कोई रसायन न बचे।
In simple words: रासायनिक विधि में नींबू, सोरेल का नमक, सोडियम परबोरेट, जैवेल वाटर और ऑक्जेलिक एसिड जैसे रसायन इस्तेमाल होते हैं। ये जिद्दी दाग हटाते हैं और दाग हटाने के बाद कपड़े को अच्छे से धोना पड़ता है।

🎯 Exam Tip: रासायनिक विधि का उपयोग करते समय, कपड़े के प्रकार और रसायन की ताकत का ध्यान रखें, क्योंकि यह कपड़ों को नुकसान पहुँचा सकता है।

 

Question 5. धब्बे छुड़ाने की रासायनिक विधि लिखिये।
Answer: धब्बे छुड़ाने की रासायनिक विधि में रासायनिक पदार्थों का उपयोग किया जाता है। कुछ प्रमुख रासायनिक पदार्थ ऑक्जेलिक एसिड, जैवेल वाटर, बोरेक्स, नींबू का रस, सुहागा, मिथाइलेटेड स्प्रिट और अमोनिया आदि हैं। इन पदार्थों में से किसी एक को दाग पर लगाकर फिर कपड़े को ठंडे पानी से धोया जाता है। यह विधि उन दागों के लिए सबसे प्रभावी होती है जो अन्य सामान्य तरीकों से नहीं हटते।
In simple words: रासायनिक विधि में ऑक्जेलिक एसिड, जैवेल वाटर, बोरेक्स, नींबू का रस जैसे रसायन इस्तेमाल होते हैं। दाग पर रसायन लगाकर, फिर कपड़े को ठंडे पानी से धोते हैं।

🎯 Exam Tip: रासायनिक विधि का प्रयोग करते समय कपड़े के रेशों और रंग को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा तनु घोलों का उपयोग करें।

 

Question 6. ऑक्सीकारक तथा अवकारक विरंजकों (प्रतिकर्मकों) के नाम बताइये।
Answer:
ऑक्सीकारक विरंजक (प्रतिकर्मक) निम्नलिखित होते हैं –
• हाइड्रोजन परॉक्साइड: यह एक हल्का विरंजक है जिसका उपयोग ऊनी, रेशमी और रेयॉन जैसे कपड़ों पर किया जा सकता है।
• सोडियम परबोरेट: यह बोरेक्स, कास्टिक सोडा और हाइड्रोजन परॉक्साइड को मिलाकर बनाया जाता है, और इसका उपयोग सूती तथा लिनन के कपड़ों पर अधिक होता है।
• पोटेशियम परमैंगनेट: इसका प्रयोग जानवरों और वनस्पतिज रेशों से बने कपड़ों के रंग, पसीने, फफूंदी, मार्किंग इंक और स्याही जैसे धब्बों पर किया जाता है।
• सोडियम हाइपोक्लोराइड: यह एक शक्तिशाली विरंजक है जिसका उपयोग उबलते पानी, धोने वाले सोडा और क्लोराइड ऑफ लाइम के मिश्रण से होता है।
अवकारक विरंजक (प्रतिकर्मक) इस प्रकार हैं –
• सोडियम हाइड्रो-सल्फाइड: यह एक अवकारक पाउडर है जिसका उपयोग रेशमी और ऊनी कपड़ों के लिए उपयुक्त होता है।
• सोडियम बाईसल्फाइड: यह एक हल्का अवकारक विरंजक है जिससे सल्फर डाइऑक्साइड निकलता है जो दागों से ऑक्सीजन को हटाता है।
In simple words: ऑक्सीकारक विरंजक हैं हाइड्रोजन परॉक्साइड, सोडियम परबोरेट, पोटेशियम परमैंगनेट और सोडियम हाइपोक्लोराइड। अवकारक विरंजक हैं सोडियम हाइड्रो-सल्फाइड और सोडियम बाईसल्फाइड।

🎯 Exam Tip: ऑक्सीकारक विरंजक ऑक्सीजन जोड़कर दाग को हटाते हैं, जबकि अवकारक विरंजक ऑक्सीजन हटाकर दाग को रंगहीन करते हैं।

 

Question 7. 'सोडियम हाइपोक्लोराइट' को तैयार करने की विधि लिखिये।
Answer: सोडियम हाइपोक्लोराइट को जैवेल वाटर भी कहा जाता है। इसे बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्री का प्रयोग किया जाता है:
• उबलता जल: 2 पिण्ट
• धोने वाला सोडा: 1 पौण्ड
• ठण्डा जल: 4 पिण्ट
• क्लोराइड ऑफ लाइम: आधा पौण्ड
इन सभी सामग्रियों को मिलाकर सोडियम हाइपोक्लोराइट का घोल तैयार किया जाता है, जो एक शक्तिशाली विरंजक के रूप में कार्य करता है।
In simple words: सोडियम हाइपोक्लोराइट बनाने के लिए उबलते पानी, धोने वाला सोडा, ठंडा पानी और क्लोराइड ऑफ लाइम को सही मात्रा में मिलाया जाता है।

🎯 Exam Tip: सोडियम हाइपोक्लोराइट एक शक्तिशाली विरंजक है और इसे हमेशा सावधानी से उपयोग करना चाहिए।

 

Question 8. अम्लीय प्रतिकर्मक के नाम बताइये।
Answer: कुछ प्रमुख अम्लीय प्रतिकर्मक हैं एसीटिक एसिड, साल्ट ऑफ लेमन, ओलिक अम्ल और ऑक्जेलिक अम्ल। ये सभी अम्लीय स्वभाव के होते हैं और विशेष प्रकार के धब्बों को हटाने में मदद करते हैं।
In simple words: एसीटिक एसिड, साल्ट ऑफ लेमन, ओलिक अम्ल और ऑक्जेलिक अम्ल अम्लीय चीजें हैं जो सफाई में काम आती हैं।

🎯 Exam Tip: अम्लीय प्रतिकर्मक अक्सर जंग, फलों के रस और स्याही जैसे धब्बों पर प्रभावी होते हैं।

 

Question 9. धब्बों के चार वर्गों के नाम बताइये।
Answer: धब्बों के चार प्रमुख वर्ग निम्नलिखित हैं:
जान्तव वर्ग: दूध, अण्डा, मांस आदि के धब्बे।
वानस्पतिक वर्ग: कोको, चाय, मधु, फल आदि के धब्बे।
खनिज पदार्थ: स्याही, जंग, दवाई आदि के धब्बे।
चिकनाई वर्ग: तेल, घी, ग्रीस आदि के धब्बे।
In simple words: दाग चार तरह के होते हैं: जानवरों से (जैसे दूध, खून), पौधों से (जैसे चाय, फल), मिट्टी या धातु से (जैसे स्याही, जंग), और चिकनाई वाले (जैसे तेल, घी)।

🎯 Exam Tip: धब्बों के वर्गीकरण में उनके मूल स्रोत को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।

 

Question 10. अज्ञात धब्बे को छुड़ाने के लिए क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?
Answer: किसी अज्ञात धब्बे को छुड़ाने के लिए सर्वप्रथम कम हानिकारक पदार्थों का प्रयोग करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आप कपड़े को नुकसान न पहुँचाएँ। निम्न सावधानियाँ रखनी चाहिए:
• सबसे पहले ठण्डे पानी में भिगोकर धब्बे को छुड़ाने का प्रयास करें।
• यदि आवश्यक हो तो गर्म जल में भिगोकर धब्बे को छुड़ाने का प्रयास करें।
• खुली हवा में ब्लीच करने का प्रयास करें, यदि कपड़ा इसकी अनुमति देता है।
• हल्के एल्केलाइन घोल (क्षारीय घोल) का प्रयोग करें।
• अंत में, यदि आवश्यक हो तो एसिड घोल का प्रयोग करें, लेकिन बहुत सावधानी से।
In simple words: जब दाग पता न हो, तो पहले ठंडे पानी से धोएं, फिर गरम पानी से। फिर हवा में ब्लीच करें। उसके बाद हल्के क्षार का इस्तेमाल करें और आखिर में, बहुत ध्यान से एसिड का प्रयोग करें। हमेशा कम हानिकारक तरीके से शुरू करें।

🎯 Exam Tip: अज्ञात धब्बों के लिए 'कम हानिकारक से शुरू करें' और 'धीरे-धीरे अधिक प्रभावी' विधियों पर जाएं, यह सिद्धांत याद रखें।

 

Question 11. अवकारक विरंजक पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer: अवकारक विरंजक वे पदार्थ होते हैं जो धब्बों पर से ऑक्सीजन हटा देते हैं, जिससे धब्बे रंगहीन होकर साफ हो जाते हैं। इनका प्रयोग मुख्य रूप से प्राणिज रेशों से बने वस्त्रों (जैसे ऊन और रेशम) के धब्बे छुड़ाने के लिए किया जाता है। सोडियम बाईसल्फाइट और सोडियम हाइड्रोसल्फाइट इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इन विरंजकों का उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
In simple words: अवकारक विरंजक ऐसे रसायन हैं जो दाग से ऑक्सीजन हटाकर उसे साफ कर देते हैं। इन्हें ऊन और रेशम जैसे कपड़ों के दाग हटाने में इस्तेमाल करते हैं, जैसे सोडियम बाईसल्फाइट।

🎯 Exam Tip: अवकारक विरंजकों को 'ऑक्सीजन हटाने' और 'प्राणिज रेशों के लिए उपयुक्त' के रूप में याद रखें।

 

Question 12. धब्बों के विभिन्न वर्गों के नाम एवं दो-दो उदाहरण बताइये।
Answer: धब्बों के विभिन्न वर्ग और उनके दो-दो उदाहरण निम्नलिखित हैं:
जान्तव वर्ग: दूध, अण्डा।
वानस्पतिक वर्ग: चाय, कोको।
खनिज वर्ग: स्याही, जंग।
चिकनाई वर्ग: पेंट, घी, तेल।
रंग वर्ग: क्षारीय एवं आम्लिक दोनों वर्गों के दाग-धब्बे।
घास वर्ग: घास के धब्बे क्लोरोफिल की उपस्थिति के कारण अलग वर्ग में आते हैं।
पसीने के धब्बे: इस वर्ग में केवल पसीने के धब्बे आते हैं।
In simple words: दाग कई तरह के होते हैं, जैसे जानवरों से (दूध, अंडा), पौधों से (चाय, कोको), धातु से (स्याही, जंग), चिकनाई से (घी, तेल), रंग से (पेंट), घास से, और पसीने से।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक वर्ग के कम से कम दो उदाहरण अवश्य दें और ध्यान रखें कि घास के धब्बे क्लोरोफिल के कारण एक अलग श्रेणी में आते हैं।

 

Question 13. अवकारक प्रतिकर्मक कौन-कौन से होते हैं? उनका वर्णन कीजिये।
Answer: अवकारक प्रतिकर्मकों का उपयोग वानस्पतिक तंतुओं के अलावा अन्य सभी तंतुओं से बने वस्त्रों को विरंजित करने के लिए किया जाता है। ये दो प्रकार के होते हैं:
(1) सोडियम हाइड्रोसल्फाइड: यह एक अवकारक पाउडर के रूप में होता है और निर्जल अवस्था में रहता है। यह रेशमी और ऊनी कपड़ों के लिए बहुत उपयुक्त होता है। इस विरंजक को दाग पर लगाने से ऑक्सीजन और अन्य सभी तत्व अलग हो जाते हैं, जिससे दाग कपड़े से हट जाता है।
(2) सोडियम बाईसल्फाइड: यह एक कोमल अवकारक विरंजक है। इससे सल्फर डाइऑक्साइड गैस उत्पन्न होती है जो दागों से ऑक्सीजन को हटाकर उनका अपचयन कर देती है। यह लिनन और रेशम के वस्त्रों के लिए भी उपयुक्त होता है, क्योंकि इन पर सोडियम हाइपोक्लोराइट का प्रयोग नहीं किया जा सकता। इनका प्रयोग ठंडे या गर्म पानी में घोलकर किया जा सकता है।
In simple words: अवकारक प्रतिकर्मक दो तरह के होते हैं: सोडियम हाइड्रोसल्फाइड और सोडियम बाईसल्फाइड। ये ऊन और रेशम जैसे कपड़ों के दाग हटाते हैं, ऑक्सीजन कम करके दाग को साफ करते हैं।

🎯 Exam Tip: अवकारक प्रतिकर्मकों का वर्णन करते समय, प्रत्येक प्रकार के नाम, उनके रूप, और किन कपड़ों पर वे प्रभावी होते हैं, इसे स्पष्ट करें।

 

Question 14. रासायनिक प्रतिकारकों को कितने भागों में बाँटा जा सकता है?
Answer: रासायनिक प्रतिकारकों को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा जा सकता है:
1. क्षारीय प्रतिकारक
2. अम्लीय प्रतिकारक।
इन दोनों प्रकार के प्रतिकारकों का उपयोग दाग के प्रकार और कपड़े के रेशों के आधार पर किया जाता है।

(1) क्षारीय प्रतिकारक: क्षारीय प्रतिकारकों को निम्नलिखित भागों में विभाजित किया जा सकता है:
• धोने वाला सोडा
• बोरेक्स
• अमोनिया
• अमोनिया कार्बोनेट
• ओलिक एसिड (यह एक अम्लीय प्रतिकर्मक है, पर स्रोत में यहां दिया है, इसलिए लिख रहे हैं।)
(2) अम्लीय प्रतिकारक: अम्लीय प्रतिकारक निम्न प्रकार के होते हैं:
• एसीटिक एसिड
• ऑक्जेलिक एसिड
• साल्ट ऑफ लेमन
• ओलिक एसिड आदि।
• बोरेक्स (यह एक क्षारीय प्रतिकर्मक है, पर स्रोत में यहां दिया है, इसलिए लिख रहे हैं।)
• धोने वाला सोडा (यह एक क्षारीय प्रतिकर्मक है, पर स्रोत में यहां दिया है, इसलिए लिख रहे हैं।)
• ऑक्जेलिक एसिड (दोबारा दिया है)
In simple words: रासायनिक दाग हटाने वाली चीजें दो तरह की होती हैं: क्षारीय और अम्लीय। क्षारीय प्रतिकारकों में सोडा, बोरेक्स और अमोनिया आते हैं, जबकि अम्लीय प्रतिकारकों में एसीटिक एसिड और ऑक्जेलिक एसिड आते हैं।

🎯 Exam Tip: रासायनिक प्रतिकारकों के मुख्य दो भागों और प्रत्येक के उदाहरणों को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 16. निम्नलिखित धब्बों को कैसे छुड़ाओगे?
(1) ग्रीस या तेल का धब्बा,
(2) स्याही का धब्बा।
Answer:
(1) ग्रीस या तेल का धब्बा: ग्रीस या तेल के धब्बे को निम्न प्रकार से छुड़ाया जा सकता है:
• सबसे पहले गर्म पानी और साबुन से धोएं।
• यदि दाग फिर भी रह जाए, तो पेट्रोल जैसे घोलकों का प्रयोग करें।
• जिन कपड़ों को धोना नहीं है, उन पर अवशोषक पदार्थ जैसे टेलकम पाउडर रखकर कुछ देर के लिए छोड़ दें, फिर ब्रश से झाड़ दें।
• धब्बे के दोनों ओर ब्लॉटिंग पेपर रखकर खूब गर्म इस्त्री से दबाएं ताकि चिकनाई सोख ली जाए।
• कच्चे टमाटर को काटकर उसके रस से धब्बे को धोने से भी दाग छूट जाता है।
In simple words: ग्रीस या तेल के दाग को गर्म पानी और साबुन से धोते हैं। पेट्रोल या अवशोषक पाउडर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। कपड़े के दोनों तरफ ब्लॉटिंग पेपर रखकर गर्म इस्त्री करने से भी दाग हटता है।

🎯 Exam Tip: ग्रीस या तेल के धब्बे हटाने के लिए घोलक और अवशोषक विधियों का प्रभावी ढंग से उपयोग करें।

 

RBSE Class 12 Home Science Chapter 25 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. धब्बे छुड़ाने की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिये।
Answer: धब्बे छुड़ाने की विभिन्न विधियाँ इस प्रकार हैं, जो दाग के प्रकार और कपड़े के रेशों के आधार पर चुनी जाती हैं:
(1) घोलक विधि: घोलक विधि का प्रयोग विशेष रूप से धब्बे छुड़ाने के लिए किया जाता है। घोलक विधि का उपयोग करने से पहले कपड़े से धूल झाड़ देनी चाहिए। इसके बाद एक समतल मेज पर तौलिया या ब्लॉटिंग पेपर फैलाकर धब्बे वाले कपड़े को उस पर उल्टा रख देना चाहिए। स्पंज करने तथा मलने का स्थान गोलाकार अंकित करें। इस प्रकार धब्बा ब्लॉटिंग पेपर से तौलिए पर आ जाएगा। इसमें निम्नलिखित घोलक पदार्थों को प्रयोग में लाया जाता है – पेट्रोल, कार्बन टेट्राक्लोराइड, बेंजीन, केरोसिन, तारपीन का तेल आदि।
(2) रासायनिक विधि: जो दाग-धब्बे सरलता से नहीं छूटते हैं, उन्हें रासायनिक विधि का प्रयोग करके छुड़ाया जाता है। सुहागा, ऑक्जेलिक एसिड, जैवेल वाटर, सोडियम परबोरेट, बोरेक्स, साल्ट ऑफ सोरेल तथा नींबू का रस प्रमुख रासायनिक घोलक पदार्थ हैं। इन रसायनों के प्रयोग से कपड़ा ब्लीच हो जाता है। जैवेल वाटर तथा अन्य शक्तिशाली रसायनों का प्रयोग सफेद सूती वस्त्रों पर ही करना चाहिए। धब्बों को छुड़ाने के बाद वस्त्र को ठंडे पानी से धो देना चाहिए।
(3) अवशोषक विधि: कुछ वस्त्र ऐसे भी होते हैं जिनको पानी से नहीं धोया जा सकता। इन वस्त्रों पर लगे दाग-धब्बों को अवशोषक विधि द्वारा छुड़ाया जा सकता है। इस विधि से धब्बे छुड़ाने के लिए टेलकम पाउडर, खड़िया, मैदा, नमक, फुलर अर्थ, चॉक आदि का प्रयोग किया जाता है। धब्बे छुड़ाने के लिए अवशोषक पदार्थ को धब्बे वाले स्थान पर लगाकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके बाद ब्रश से झाड़कर पाउडर को अलग कर दिया जाता है।
In simple words: दाग हटाने के कई तरीके हैं: घोलक विधि में दाग को घोलने वाले पदार्थों का उपयोग करते हैं; रासायनिक विधि में जिद्दी दागों के लिए मजबूत रसायन लगाते हैं; और अवशोषक विधि में पाउडर का उपयोग करके दाग सोख लेते हैं, खासकर उन कपड़ों के लिए जिन्हें धो नहीं सकते।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक विधि का वर्णन करते समय, उसके उपयोग की प्रक्रिया और मुख्य पदार्थों का उल्लेख करें, और ध्यान दें कि प्रत्येक विधि किस प्रकार के धब्बे के लिए उपयुक्त है।

 

Question 2. रक्त, चाय, चिकनाई तथा फफूंदी के लगे धब्बों को (प्रायोगिक के अनुसार) छुड़ाने की विधि बताइये।
Answer:
(1) रक्त (खून) का धब्बा:
• ताजे खून के धब्बों को ठंडे पानी और साबुन से तुरंत धोना चाहिए। गर्म पानी खून को कपड़े पर जमा देता है।
• पुराने या सूखे धब्बों के लिए, उन्हें पहले ग्लिसरीन और बोरेक्स के हल्के घोल में भिगोना चाहिए। फिर हाइड्रोजन परॉक्साइड के तनु घोल का उपयोग करें।
• जिन खून के धब्बों को धोना नहीं है, उन पर स्टार्च का पेस्ट बनाकर, सुखाकर, फिर ब्रश से झाड़कर छुड़ाना चाहिए।
(2) चाय का धब्बा:
• सफेद और रंगीन सूती, लिनन, रेशम तथा ऊनी कपड़ों पर लगे चाय के धब्बों को गर्म पानी में डालकर पहले भिगोना चाहिए।
• यदि इससे धब्बा न छूटे तो थोड़ा-सा बोरेक्स डालकर गर्म पानी में धोना चाहिए।
• सोडियम परबोरेट या हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे विरंजकों का घोल बनाकर उससे धोना चाहिए।
• यदि धब्बा फिर भी न छूटे तो नींबू का रस भी आज़मा सकते हैं।
(3) ग्रीस या तेल की चिकनाई का धब्बा:
• धब्बे को गर्म पानी और साबुन से धोना चाहिए।
• जिन कपड़ों को पानी से धोना न हो, उन पर अवशोषक पदार्थ डालकर कुछ देर के लिए छोड़ देना चाहिए।
• चिकनाई का धब्बा हटाने के लिए पेट्रोल का प्रयोग भी किया जा सकता है।
(4) फफूंदी का धब्बा:
• गीले कपड़ों को अधिक दिन तक बंद रखने से उन पर फफूंदी पड़ जाती है।
• धब्बे पर साबुन का झाग लगाकर उस पर फ्रेंच चॉक रख दें। धूप में कुछ समय रखने के बाद ब्रश से झाड़ देना चाहिए। इस क्रिया को दाग निकलने तक दोहराना चाहिए।
• इसे छुड़ाने के लिए जैवेल वाटर या हाइड्रोजन परॉक्साइड के हल्के घोल का भी प्रयोग किया जा सकता है।
In simple words: खून के दाग ठंडे पानी और साबुन से धोएं। चाय के दाग गर्म पानी, बोरेक्स या विरंजक से साफ करें। चिकनाई के दाग गर्म पानी, साबुन या पेट्रोल से हटाएं। फफूंदी के दाग साबुन, चॉक और धूप से साफ करें या जैवेल वाटर का उपयोग करें।

🎯 Exam Tip: प्रत्येक प्रकार के धब्बे के लिए 'ताजा' और 'पुराना' दाग हटाने के तरीकों को अलग-अलग बताएं, साथ ही यह भी ध्यान रखें कि कौन से कपड़े पर कौन सी विधि उपयुक्त है।

 

Question 3. विभिन्न प्रकार के धब्बों को छुड़ाने हेतु प्रयोग किये जाने वाले विरंजक पदार्थों का वर्णन कीजिये। अथवा विरंजक से क्या अभिप्राय है? विभिन्न प्रकार के विरंजकों के बारे में विस्तार से लिखिए।
Answer: वस्त्रों के पीलेपन को दूर करने, उन पर उज्ज्वलता लाने तथा दाग-धब्बों को छुड़ाने के लिए विरंजकों का प्रयोग किया जाता है। विरंजक दो प्रकार के होते हैं:
1. ऑक्सीकारक प्रतिकर्मक: ऑक्सीकारक प्रतिकर्मक में ऑक्सीजन मुख्य तत्व के रूप में मौजूद रहती है। जब यह विरंजक कपड़े के संपर्क में आता है, तो इसका ऑक्सीजन तत्व स्वतंत्र होकर दाग-धब्बों से निकलकर उन्हें रंगहीन यौगिक में बदल देता है। ऑक्सीकारक विरंजक निम्न प्रकार के होते हैं:
हाइड्रोजन परॉक्साइड: यह एक हल्का विरंजक है जिसका उपयोग ऊनी, रेशमी और रेयॉन जैसे कपड़ों पर किया जा सकता है। इसे तुरंत साफ पानी से धोना चाहिए और लकड़ी के पात्र में प्रयोग करना चाहिए।
सोडियम परबोरेट: यह बोरेक्स, कास्टिक सोडा और हाइड्रोजन परॉक्साइड को मिलाकर बनाया जाता है। इसका उपयोग ज्यादातर सूती और लिनन के कपड़ों पर होता है। ऊनी और रेशमी कपड़ों के लिए इसमें कुछ एसीटिक एसिड भी मिलाया जाता है।
पोटेशियम परमैंगनेट: इसका उपयोग जानवरों और वनस्पतिज रेशों से बने कपड़ों के रंग, पसीने, फफूंदी, मार्किंग इंक और स्याही जैसे धब्बों पर किया जाता है। इस रसायन का प्रयोग करने के बाद कपड़े पर उत्पन्न भूरेपन को दूर करने के लिए हाइड्रोजन परॉक्साइड या ऑक्जेलिक एसिड के घोल का प्रयोग किया जाता है।
सोडियम हाइपोक्लोराइड: यह एक शक्तिशाली विरंजक है जिसे जैवेल वाटर भी कहते हैं। इसे उबलते पानी, धोने वाले सोडा, ठंडे पानी और क्लोराइड ऑफ लाइम के मिश्रण से बनाया जाता है।
2. अवकारक प्रतिकर्मक: वानस्पतिक तंतुओं के अलावा अन्य सभी तंतुओं से बने वस्त्रों को विरंजित करने के लिए अवकारक विरंजक प्रयोग में लाये जाते हैं। ये निम्नलिखित होते हैं:
सोडियम हाइड्रोसल्फाइड: यह अवकारक पाउडर के रूप में होता है और निर्जल स्थिति में रहता है। यह रेशमी और ऊनी कपड़ों के लिए उपयुक्त होता है। इस विरंजक को दाग पर लगाने से ऑक्सीजन तथा अन्य सभी तत्व अलग हो जाने से धब्बा वस्त्र पर से हट जाता है।
सोडियम बाईसल्फाइड: यह एक कोमल अवकारक विरंजक है। इसमें से सल्फर डाइऑक्साइड उत्पन्न होता है जो धब्बे से ऑक्सीजन अवशोषित करके उसका अपचयन कर देता है।
In simple words: विरंजक कपड़ों से दाग हटाकर उन्हें सफेद और चमकदार बनाते हैं। वे दो तरह के होते हैं: ऑक्सीकारक (जैसे हाइड्रोजन परॉक्साइड) जो ऑक्सीजन जोड़कर दाग साफ करते हैं, और अवकारक (जैसे सोडियम हाइड्रोसल्फाइड) जो ऑक्सीजन हटाकर दाग साफ करते हैं।

🎯 Exam Tip: विरंजकों के प्रकारों और उनके उपयोग के बारे में लिखते समय, प्रत्येक विरंजक का नाम, उसकी कार्यप्रणाली और किन कपड़ों पर उसका उपयोग करना चाहिए, इसे स्पष्ट करें।

 

Question 1. धब्बे छुड़ाने की विधियाँ
Answer: विभिन्न प्रकार के धब्बों को पहचान कर, उनके वर्ग और उनकी प्रकृति को जानकर उपयुक्त विधि से कपड़ों से धब्बों को सावधानीपूर्वक हटाना चाहिए। धब्बों को छुड़ाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए, बल्कि धैर्य से हटाना चाहिए। जल्दबाजी और आधी-अधूरी जानकारी से कपड़े खराब होने की संभावना रहती है। धब्बे छुड़ाने की प्रक्रिया में कपड़े की प्रकृति, बनावट और रंग का ध्यान रखना चाहिए। ऐसे विरंजकों का प्रयोग न करें, जिससे कपड़ों का रंग और कपड़ा खराब हो जाए।

प्रतिकर्मकों के तनु घोल बनाने की विधियाँ:
सामान्य तौर पर अधिकांश धब्बे साबुन और पानी के उपयोग से छूट जाते हैं, परन्तु कुछ धब्बों को छुड़ाने के लिए अवशोषकों, घोलकों, रसायनों और प्रतिकर्मकों का उपयोग करना पड़ता है। इन रसायनों का प्रयोग कपड़ों को हानि पहुँचा सकता है। अतः इनके तनु घोल बनाकर प्रयोग करना चाहिए। इन्हें बनाने की विधियाँ निम्न हैं:
(निर्देश: एक पिण्ट = 20 औन्स)
(1) सोडियम हाइपोक्लोराइट: एक भाग गर्म पानी में एक भाग सोडियम हाइपोक्लोराइट मिलाकर तनु घोल तैयार करें।
(2) सोडियम परबोरेट: एक चाय का चम्मच सोडियम परबोरेट को एक पिण्ट गर्म पानी में मिलाकर घोल बनाएं।
(3) हाइड्रोजन परॉक्साइड: छह भाग ठंडा पानी और एक भाग हाइड्रोजन परॉक्साइड को मिलाकर घोल तैयार करें।
(4) सोडियम हाइड्रोसल्फाइट: दो पिण्ट पानी में 1/2 औंस सोडियम हाइड्रोसल्फाइट को मिलाएं।
(5) वाशिंग सोडा: एक चाय का चम्मच वाशिंग सोडा को एक पिण्ट पानी में घोलकर तैयार करें।
(6) बोरेक्स: एक बड़ा चम्मच बोरेक्स को एक पिण्ट गर्म पानी में मिलाएं।
(7) ऑक्जेलिक एसिड: एक बड़े चम्मच ऑक्जेलिक एसिड को एक पिण्ट पानी में मिलाकर लकड़ी के पात्र में रखें।
In simple words: दाग हटाने के लिए पहले दाग पहचानें और धैर्य से सही तरीका चुनें ताकि कपड़ा खराब न हो। ज्यादातर दाग साबुन और पानी से निकल जाते हैं, लेकिन जिद्दी दागों के लिए घोलक, अवशोषक या रसायन के हल्के घोल बनाने पड़ते हैं, जैसे सोडियम हाइपोक्लोराइट या हाइड्रोजन परॉक्साइड।

🎯 Exam Tip: धब्बे छुड़ाने की विधियों में 'धैर्य', 'सही पहचान', 'कपड़े की प्रकृति का ध्यान', और 'तनु घोलों का प्रयोग' जैसे बिंदुओं को शामिल करें।

 

Question 1. निम्नलिखित तालिका को पूरा करें:
Answer: विभिन्न प्रकार के धब्बों को उनकी प्रकृति और कपड़े के प्रकार के आधार पर छुड़ाने के तरीके निम्नलिखित तालिका में दिए गए हैं। यह जानकारी दाग हटाने की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाती है।

क्र. सं.धब्बाताजा/शुष्कसूती वस्त्र के समानरेशमी व ऊनी वस्त्र के समानविशेष
1.सब्जीताजा(i) साबुन तथा गुनगुने पानी से धोएं व धूप में सुखाएं(i) ग्लिसरीन एवं बोरेक्स के तनु घोल से धोएं
पुराना/शुष्क(i) बोरेक्स के तनु घोल से साफ करें(i) बोरेक्स के तनु घोल से साफ करने के बाद हाइड्रोजन परॉक्साइड का घोल
2.मक्खन व घीताजा(i) गरम साबुन के घोल से धोना (ii) वस्त्र पर अवशोषक पदार्थ डाल दें(i) गरम साबुन के घोल से धोना (ii) वस्त्र पर अवशोषक पदार्थ डाल दें
पुराना/शुष्क(i) वस्त्र पर अवशोषक पदार्थ डाल कर दो ब्लॉटिंग पेपर के बीच रख कर गरम प्रेस करें (ii) अपमार्जक को गर्म पानी में घोलकर वस्त्र धोयें(i) वस्त्र पर अवशोषक पदार्थ डाल कर दो ब्लॉटिंग पेपर के बीच रख कर गरम प्रेस करें (ii) अपमार्जक को गर्म पानी में घोलकर वस्त्र धोयें
3.अण्डाताजाठंडे जल व साबुन से धोएंठंडे जल व साबुन से धोएं
पुराना/शुष्कजब तक धब्बा न छूटे नमक के घोल में वस्त्र को डाले रखेंजब तक धब्बा न छूटे नमक के घोल में वस्त्र को डाले रखें
4.स्याहीताजा(i) टमाटर के रस को दाग पर लगायें (ii) खट्टे दही या कच्चे दूध से (iii) नमक और नीबू लगाकर(i) टमाटर के रस को दाग पर लगायें (ii) खट्टे दही या कच्चे दूध से (iii) नमक और नीबू लगाकर
पुराना/शुष्क(i) तनु ऑक्जेलिक अम्ल में भिगोकर तनु बोरेक्स के घोल से साफ करें (ii) इससे पहले साबुन-पानी से भी साफ करें(i) तनु ऑक्जेलिक अम्ल में भिगोकर तनु बोरेक्स के घोल से साफ करें (ii) इससे पहले साबुन-पानी से भी साफ करें
5.लिपिस्टिकताजा(i) साबुन पानी से साफ करें (ii) स्प्रिट को रुई पर लगा कर स्पंज विधि से साफ करें (iii) धब्बों के ऊपर-नीचे ब्लॉटिंग पेपर लगाकर गर्म इस्त्री करें(i) साबुन पानी से साफ करें (ii) स्प्रिट को रुई पर लगा कर स्पंज विधि से साफ करें (iii) धब्बों के ऊपर-नीचे ब्लॉटिंग पेपर लगाकर गर्म इस्त्री करें
पुराना/शुष्क(i) ऊपर दी गई विधि को पुनः दोहराएं (ii) तनु अमोनिया के घोल से धोयें(i) ऊपर दी गई विधि को पुनः दोहराएं (ii) तनु अमोनिया के घोल से धोयेंघोलक, मिटटी का तेल
6.ग्रीसताजा(i) गरम जल-साबुन से धोयें (ii) धब्बे को दोनों तरफ अवशोषक पदार्थ लगाकर ब्लॉटिंग पेपर के बीच रखकर इस्त्री करें(i) गरम जल-साबुन से धोयें (ii) धब्बे को दोनों तरफ अवशोषक पदार्थ लगाकर ब्लॉटिंग पेपर के बीच रखकर इस्त्री करें
पुराना/शुष्क(i) किसी भी घोलक; जैसे-पेट्रोल, कार्बन टेट्राक्लोराइड एवं मिथाइलेटेड स्प्रिट से स्पंज विधि द्वारा साफ करें(i) किसी भी घोलक; जैसे-पेट्रोल, कार्बन टेट्राक्लोराइड एवं मिथाइलेटेड स्प्रिट से स्पंज विधि द्वारा साफ करें
7.जंगताजा(i) धब्बे पर नीबू या दही लगाकर गर्म पानी डालें (ii) मिट्टी का तेल लगा कर साबुन पानी से धोयें (iii) ऑक्जेलिक अम्ल व बोरेक्स के घोल का उपयोग करें (iv) चूने के लवणों के घोल में डुबोयें(i) धब्बे पर नीबू या दही लगाकर गर्म पानी डालें (ii) मिट्टी का तेल लगा कर साबुन पानी से धोयें (iii) ऑक्जेलिक अम्ल व बोरेक्स के घोल का उपयोग करें (iv) चूने के लवणों के घोल में डुबोयें
पुराना/शुष्कजैवेल वाटर के उपयोग से साफ करेंजैवेल वाटर के उपयोग से साफ करें
8.रंगताजा(i) साबुन-पानी में साफ करें (ii) जल मिश्रित अम्ल या क्षार का प्रयोग करें(i) साबुन-पानी में साफ करें (ii) अम्लों का हल्का घोल बना कर
पुराना(iii) अल्कोहल, अमोनिया या तनु एसिटिक एसिड का प्रयोग करें (iv) विरंजकों का प्रयोग करें (रंगीन वस्त्र पर सावधानीपूर्वक)(iii) पक्के रंगों के वस्त्रों को विरंजकों के घोल से धोकर तुरन्त जैवेल वाटर का प्रयोग करें

In simple words: यह तालिका अलग-अलग दागों को कपड़े से हटाने के तरीके बताती है। इसमें सब्जियों, मक्खन, अंडे, स्याही, लिपिस्टिक, ग्रीस, जंग और रंग के दाग शामिल हैं। हरेक दाग को ताजा या पुराना होने पर कैसे साफ करें, और सूती या रेशमी-ऊनी कपड़ों पर क्या इस्तेमाल करें, यह बताया गया है।

🎯 Exam Tip: तालिका में प्रत्येक दाग के लिए 'ताजा/शुष्क' स्थिति और 'सूती/रेशमी-ऊनी' कपड़ों के लिए विशिष्ट विधियों को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।

 

Question 1. निम्नलिखित तालिका को पूरा करें:
Answer: दाग छुड़ाने के बाद निम्नलिखित तालिका को पूरा करना है, जो दाग की पहचान, प्रकृति, उपयोग में आए पदार्थ और विधि तथा उसके परिणाम को दर्शाती है।

क्र. सं.धब्बापहचान का तरीकाप्रकृतिउपयोग में आये पदार्थधब्बा छुड़ाने हेतु उपयोग की गयी विधिपरिणाम
1.चाय कारंग व आकार देखकरवानस्पतिक दागक्षारीय प्रतिकर्मक जैसे बोरेक्सपानी में प्रतिकर्मक को घोलकर उससे दाग छुड़ाते हैंदाग छूट जाता है।

In simple words: चाय के दाग को उसके रंग और आकार से पहचानते हैं, यह एक पौधे से लगने वाला दाग है। इसे बोरेक्स जैसे क्षारीय पदार्थ को पानी में घोलकर साफ करते हैं, जिससे दाग निकल जाता है।

🎯 Exam Tip: तालिका भरते समय, प्रत्येक कॉलम में सटीक जानकारी दें, खासकर दाग की प्रकृति और उपयोग की गई विधि पर।

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