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Detailed Chapter 24 तैयार परिधान RBSE Solutions for Class 12 Home Science
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Class 12 Home Science Chapter 24 तैयार परिधान RBSE Solutions PDF
RBSE Class 12 Home Science Chapter 24 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनें –
(i) तैयार पोशाक के कपड़े में निम्न गुणों की जाँच करें -
(अ) रेशा
(ब) डिजाइन
(स) पक्का रंग
(द) ये सभी।
Answer: (द) ये सभी।
In simple words: जब भी आप कोई तैयार पोशाक खरीदते हैं, तो कपड़े की गुणवत्ता, उसका डिज़ाइन, और रंग की पक्कापन जैसी सभी बातों की जाँच करना बहुत ज़रूरी है ताकि आपको एक अच्छा उत्पाद मिले।
🎯 Exam Tip: तैयार पोशाक खरीदते समय हमेशा कपड़े की सभी विशेषताओं को ध्यान से देखें, केवल दिखने पर भरोसा न करें।
Question 1. (ii) एक ही उम्र के दो बच्चों के नाप हो सकते हैं –
(अ) समान
(ब) अलग-अलग
(स) मिलते-जुलते
Answer: (ब) अलग-अलग
In simple words: भले ही दो बच्चे एक ही उम्र के हों, लेकिन उनके शरीर का आकार और नाप अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए, तैयार कपड़े खरीदते समय हर बच्चे के लिए अलग से सही नाप चुनना चाहिए।
🎯 Exam Tip: बच्चों के कपड़े खरीदते समय, उनकी उम्र के बजाय उनके शरीर के वास्तविक नाप पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
Question 1. (iii) सिलाई कैसी होनी चाहिए?
(अ) उल्टा
(ब) तिरछा
(स) सीधा
(द) ये सभी।
Answer: (स) सीधा
In simple words: कपड़े की सिलाई हमेशा सीधी होनी चाहिए ताकि वह देखने में अच्छी लगे और सही फिटिंग दे। सीधी सिलाई कपड़े को मजबूत भी बनाती है।
🎯 Exam Tip: अच्छी सिलाई सुनिश्चित करती है कि पोशाक लंबे समय तक चले और पहनने में आरामदायक हो।
Question 1. (iv) तैयार पोशाक होनी चाहिए -
(अ) आरामदायक
(ब) आकर्षक
(स) कठिन देखभाल
(द) व्यक्तित्व के प्रतिकूल।
Answer: (अ) आरामदायक
In simple words: तैयार पोशाक ऐसी होनी चाहिए जिसे पहनकर आप सहज महसूस करें। आराम सबसे ज़रूरी है ताकि आप उसे पूरे दिन बिना किसी परेशानी के पहन सकें।
🎯 Exam Tip: पोशाक का चयन करते समय आराम को हमेशा प्राथमिकता दें, क्योंकि यह लंबे समय तक पहनने के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 1. (v) तैयार पोशाक खरीदने से बचत होती है –
(अ) आप
(ब) समय
(स) श्रम
(द) समय एवं श्रम दोनों की
Answer: (द) समय एवं श्रम दोनों की
In simple words: तैयार पोशाक खरीदने से हमारा समय और मेहनत दोनों बचते हैं क्योंकि हमें कपड़ा खरीदने, दर्जी के पास जाने और फिटिंग करवाने में समय नहीं लगाना पड़ता।
🎯 Exam Tip: तैयार पोशाक समय और मेहनत बचाने का एक व्यावहारिक विकल्प है, खासकर जब आपके पास व्यस्त कार्यक्रम हो।
Question 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
(i) पोशाक खरीदने से पूर्व व्यक्ति की ______ एवं______जान लेना आवश्यक है।
(ii) तैयार पोशाक पर सामान्य जानकारी हेतु __________ लगा होता है।
(iii) ________ को ध्यान में रखकर पोशाक की डिजाइन का चयन करें।
(iv) तैयार पोशाक उद्योग को एक __________ का रूप दे दिया।
Answer:
(i) उम्र एवं शरीर नाप,
(ii) लेबल
(iii) शारीरिक बनावट
(iv) व्यवसाय
In simple words: जब भी आप कपड़े खरीदें, तो पहनने वाले की उम्र और शारीरिक नाप ज़रूर जानें। तैयार कपड़ों पर एक लेबल लगा होता है जिस पर कपड़े की जानकारी होती है। अपनी शारीरिक बनावट को ध्यान में रखकर कपड़े का डिज़ाइन चुनें। आजकल तैयार कपड़े का उद्योग एक बड़ा व्यवसाय बन गया है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरते समय, वाक्य के अर्थ और संदर्भ को ध्यान से समझें ताकि सही शब्द का चुनाव किया जा सके।
Question 3. 'तैयार पोशाक' का क्या अभिप्राय है?
Answer: तैयार पोशाक का मतलब ऐसे कपड़े हैं जो बाज़ार में पहले से सिलाए हुए मिलते हैं। ये कपड़े आपकी ज़रूरत के हिसाब से सही नाप के होते हैं, उनकी देखभाल करना आसान होता है और पहनने में आरामदायक होते हैं। वे आजकल के फैशन के अनुसार भी होते हैं और आपकी खरीदने की क्षमता के भीतर भी आते हैं।
In simple words: तैयार पोशाक वे कपड़े होते हैं जो बाज़ार में पहले से सिले हुए मिलते हैं। ये पहनने में आरामदायक होते हैं, फैशन में होते हैं, और आपके नाप के अनुसार आसानी से मिल जाते हैं।
🎯 Exam Tip: तैयार पोशाक की परिभाषा में उसकी उपलब्धता, आराम, फैशन और कीमत जैसे मुख्य गुणों का उल्लेख करना ज़रूरी है।
Question 4. कारण सहित स्पष्ट करें कि तैयार पोशाक का प्रचलन क्यों बढ़ता जा रहा है?
Answer: तैयार पोशाक खरीदने का चलन इन कारणों से बढ़ रहा है:
- आजकल, उद्योगों और नई तकनीकों के कारण कपड़े बनाने के विज्ञान में बहुत तरक्की हुई है।
- आजकल ज़्यादातर महिलाएँ कामकाजी हैं, इसलिए उनके पास कपड़े सिलवाने का समय नहीं होता।
- कई बार दर्जी सही समय पर कपड़े सिलकर नहीं देते।
- फैशन बहुत तेज़ी से बदलता है, और नए डिज़ाइन तथा स्टाइल जल्दी-जल्दी आते रहते हैं।
- तैयार कपड़े खरीदने से हमारा समय और मेहनत दोनों बचते हैं।
- तैयार कपड़े सिलवाने के बजाय अक्सर सस्ते पड़ते हैं। यह एक मुख्य कारण है कि लोग इन्हें पसंद करते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्न में, मुख्य कारणों को बुलेट पॉइंट में सूचीबद्ध करना और प्रत्येक बिंदु को एक संक्षिप्त वाक्य में समझाना महत्वपूर्ण है।
Question 5. पोशाक की फिटिंग की जाँच किस प्रकार करेंगे?
Answer: हमें कोई भी तैयार पोशाक खरीदने से पहले उसकी फिटिंग की जाँच ज़रूर कर लेनी चाहिए। फिटिंग जाँचते समय यह देखना चाहिए कि पोशाक हमारे शरीर के नाप के अनुसार है या नहीं। अगर पोशाक का नाप सही नहीं है, तो वह कितनी भी सुंदर क्यों न हो, वह हमारे व्यक्तित्व को नहीं बढ़ा पाएगी। जिस दुकान से आप कपड़े खरीद रहे हैं, वहाँ के ट्रायल रूम में पहनकर शीशे में देखें कि वह आप पर कैसी लग रही है। इन सब बातों के साथ सबसे ज़रूरी है कि पोशाक आपको आरामदायक महसूस कराए। यह न तो बहुत ढीली होनी चाहिए और न ही बहुत टाइट।
In simple words: पोशाक खरीदने से पहले उसे पहनकर देखें कि वह आपके नाप की है या नहीं। यह आरामदायक होनी चाहिए और न ज़्यादा ढीली हो, न ज़्यादा टाइट।
🎯 Exam Tip: फिटिंग की जाँच करते समय, आराम और सही नाप को प्राथमिकता दें, क्योंकि यह पोशाक के समग्र प्रभाव के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 6. पोशाक का चुनाव किन बिन्दुओं के आधार पर करना चाहिए?
Answer: पोशाक का चुनाव करते समय निम्नलिखित बिन्दुओं पर ध्यान देना चाहिए:
1. **कपड़ा:** कपड़े खरीदते समय उसके गुणों की जाँच कर लेनी चाहिए:
- वस्त्र के रेशों के प्रकार
- वस्त्र की डिजाइन
- वस्त्र का पक्का रंग
- वस्त्र की परिसज्जा में समानता
- वस्त्र की लम्बवत् कटाई तथा उसकी गुणवत्ता
- वस्त्र का टिकाऊपन
- वस्त्र की बुनाई।
2. **लटकाना:** वस्त्र खरीदने से पहले उसे अपने शरीर पर लटकाकर देखें कि वह आप पर कैसा लग रहा है। बड़े स्टोर्स में आप ट्रायल रूम में कपड़ों को पहनकर भी देख सकते हैं।
3. **डिजाइन:** आजकल एक ही कपड़े कई डिज़ाइन और रूपों में मिलते हैं। हर व्यक्ति पर हर डिज़ाइन अच्छा नहीं लगता। इसलिए, हमें अपनी पसंद और व्यक्तित्व के अनुसार ऐसे डिज़ाइन और स्टाइल वाले कपड़े खरीदने चाहिए जो हमारे व्यक्तित्व को निखारें। सिर्फ़ फैशन को देखकर कपड़े चुनने से कई बार वे सुंदर लगने की बजाय भद्दे लग सकते हैं।
4. **सीवन:** तैयार पोशाक को उल्टा करके उसकी सिलाई की जाँच इस प्रकार करें:
- पोशाक में सिलाई के लिए पर्याप्त कपड़ा छूटा हो, खासकर बच्चों के कपड़ों में।
- ऊनी तथा रेशमी कपड़ों में इंटरलॉक सिलाई हो।
- सिलाई एक जैसी मजबूती से और सफाई से की गई हो।
- सिलाई ठीक से और दूर-दूर होनी चाहिए।
- सिलाई में इस्तेमाल धागे का रंग पोशाक के रंग से मिलता-जुलता हो।
- इस्तेमाल धागे का रंग पक्का और मजबूत होना चाहिए।
5. **तुरपाई (Hem):** पोशाक चुनते समय यह देख लें कि उसके किनारों पर की गई तुरपाई के टाँके एकसमान और बराबर दूरी पर हैं। तुरपाई का धागा मजबूत हो ताकि वह जल्दी न खुले। बच्चों के कपड़ों में तुरपाई 2-3 इंच तक होनी चाहिए ताकि ज़रूरत पड़ने पर उसे खोला जा सके।
6. **बन्धक (Fasteners):** टिच बटन, हुक-आई, चेन और अन्य कई प्रकार के बन्धक पोशाक की बटन पट्टियों पर लगे होते हैं जो पोशाक के दो भागों को जोड़ते हैं। इनकी गुणवत्ता और सही जगह लगे होने की जाँच करें।
7. **परिसज्जा (Trimmings):** पोशाक की परिसज्जा (जैसे पाइपिंग, डोरियाँ, लेस) का चयन करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- परिसज्जा पोशाक पर सफाई से की गई हो।
- परिसज्जा आकर्षक हो।
- पाइपिन, डोरियाँ, लेस आदि पक्के रंग के हों।
- कपड़े की बनावट के अनुसार ही परिसज्जा की गई हो, जैसे सूती कपड़े पर सूती और नायलॉन पर नायलॉन की पाइपिंग।
- कशीदाकारी सफाई से की गई हो।
- परिसज्जा की सिलाई मजबूत हो।
- गले और बाँह पर लगी चुन्नट एकसमान हो।
8. **लेबल (Label):** तैयार पोशाक पर लेबल लगे होते हैं जिन पर पोशाक से जुड़ी कुछ ज़रूरी जानकारियाँ दी जाती हैं। इन जानकारियों के आधार पर हम पोशाक की देखभाल कर सकते हैं, जैसे नाप, नंबर, कीमत और देखभाल के निर्देश। पोशाक खरीदने से पहले इन निर्देशों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए। इस तरह, इन महत्वपूर्ण बिन्दुओं के आधार पर अच्छी गुणवत्ता वाली तैयार पोशाक का चुनाव किया जा सकता है।
In simple words: कपड़े चुनते समय उसके कपड़े की गुणवत्ता, डिज़ाइन, रंग, सिलाई, तुरपाई और फिटिंग ज़रूर जाँचें। लेबल पर दी गई जानकारी को भी पढ़ें और यह भी देखें कि वह आरामदायक है या नहीं।
🎯 Exam Tip: तैयार पोशाक के चुनाव के सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओं, जैसे कपड़े की गुणवत्ता, फिटिंग, डिज़ाइन, सिलाई और लेबल की जानकारी, को विस्तार से समझाएँ।
Question 7. पिता/भाई के लिये शर्ट खरीदते समय किन-किन गुणों की जाँच करेंगी और कैसे?
Answer: अपने पिता या भाई के लिए शर्ट खरीदते समय हम निम्नलिखित गुणों की जाँच करेंगे:
- हम पिताजी या भाई की उम्र के हिसाब से रंग चुनेंगे। मध्यम उम्र के लोगों पर हल्के रंग के कपड़े अच्छे लगते हैं।
- हम पिताजी या भाई के शर्ट का नाप घर से लेकर जाएँगे।
- शर्ट की सिलाई जाँचने के लिए शर्ट को उल्टा करके उसकी सीवन देखेंगे।
- शर्ट के कपड़े के रेशे देखेंगे कि वह किस तरह के कपड़े से बना है। सूती या टेरीकॉट की शर्ट अच्छी होती है, क्योंकि वे पसीना ज़्यादा सोखते हैं।
- ऐसी शर्ट खरीदेंगे जिसे घर पर धोना और उसकी देखभाल करना आसान हो।
- भाई या पिता से उनकी पसंद का डिज़ाइन और रंग पूछकर ही कपड़े खरीदेंगे।
🎯 Exam Tip: कपड़ों के चुनाव में व्यक्तिगत पसंद, आराम और देखभाल में आसानी जैसे व्यवहारिक बिन्दुओं को शामिल करना आवश्यक है।
तैयार पोशाक की मुख्य विशेषताएँ
- उत्तम पोशाक पहनने में आरामदायक होती है।
- उत्तम पोशाक संबंधित व्यक्ति के उचित नाप की होती है तथा उसके व्यक्तित्व के अनुरूप होती है।
- पोशाक की सिलाई सफाईपूर्वक तथा मजबूती से की गई होती है।
- पोशाक विभिन्न अवसरों के अनुकूल होती है।
- पोशाक अत्यधिक कीमती न होकर उपयोग की दृष्टि से मितव्ययी होती है।
- पोशाक की परिसज्जा समान, सुन्दर, आकर्षक तथा सफाईपूर्वक की गई होती है।
- पोशाक के काज, बटन, हुक-आई, चुन्नट सभी उचित रूप में तथा रंग में होते हैं।
🎯 Exam Tip: किसी भी पोशाक की गुणवत्ता निर्धारित करने में आराम, सही फिटिंग, मज़बूत सिलाई और आकर्षण जैसे गुण महत्वपूर्ण होते हैं।
Question 9. बच्चों की पोशाक खरीदते समय आप किन-किन बातों का ध्यान रखेंगी?
Answer: बच्चों की पोशाक खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखेंगे:
- बच्चों के लिए पोशाक खरीदने से पहले यह पक्का कर लें कि पोशाक किस उम्र के बच्चे के लिए खरीदनी है।
- एक ही उम्र के लड़के/लड़की के शारीरिक नाप में फर्क हो सकता है, इसलिए बच्चे के सही नाप के अनुसार ही कपड़े खरीदें।
- यह देख लें कि पोशाक में तुरपाई 2-3 इंच तक की गई हो, ताकि ज़रूरत पड़ने पर उसे छोटा-बड़ा किया जा सके।
- गले, बाँह और कमर पर लगी बटन पट्टियों की जाँच कर लें। अगर लड़की की पोशाक है तो उसकी चुन्नटें भी देख लें।
- पोशाक में लगी चेन / टिच-बटन, हुक-आई आदि की जाँच करते हुए देख लें कि वे ठीक से लगे हैं या नहीं।
- पोशाक अलग-अलग अवसरों के हिसाब से सही हो।
- पोशाक पहनने में आरामदायक होनी चाहिए और घर पर आसानी से धुलने वाली होनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित करें कि कपड़े में कोई हानिकारक रसायन न हों।
🎯 Exam Tip: बच्चों के कपड़ों में आराम, सुरक्षा, टिकाऊपन और देखभाल में आसानी सबसे महत्वपूर्ण गुण होते हैं।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 24 अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
RBSE Class 12 Home Science Chapter 24 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. तैयार परिधानों को खरीदने का कारण है -
(अ) प्रचलित फैशन
(ब) समय व श्रम की बचत
(स) सभी नापों में वस्त्रों का मिलना
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: लोग तैयार कपड़े इसलिए खरीदते हैं क्योंकि वे आजकल के फैशन में होते हैं, उन्हें खरीदने से समय और मेहनत बचती है, और वे हर तरह के नाप में आसानी से मिल जाते हैं।
🎯 Exam Tip: तैयार पोशाकों के लोकप्रिय होने के कई कारण हैं, जिनमें सुविधा, आर्थिक लाभ और विविधता मुख्य हैं।
Question 2. पोशाक पर सीवन की सिलाई करते समय निम्न में से क्या ध्यान रखना चाहिए –
(अ) धागे का रंग पोशाक के अनुसार
(ब) धागे का रंग पक्का हो
(स) सीवन इकसार मजबूती व सफाई से लगी हो
(द) ये तीनों
Answer: (द) ये तीनों
In simple words: कपड़े की सिलाई करते समय, धागे का रंग कपड़े से मिलना चाहिए और पक्का होना चाहिए। साथ ही, सिलाई एक जैसी, मजबूत और साफ-सुथरी होनी चाहिए ताकि कपड़ा अच्छा लगे और मज़बूत रहे।
🎯 Exam Tip: एक अच्छी और टिकाऊ सिलाई के लिए धागे का रंग, पक्कापन और सिलाई की गुणवत्ता तीनों महत्वपूर्ण हैं।
Question 3. पोशाक कम-से-कम कितनी दूरी पर तुरपाई होनी चाहिए?
(अ) 3" - 4"
(ब) 2" से 3"
(स) 1" - 2"
(द) 2" से 5"
Answer: (ब) 2" से 3"
In simple words: पोशाक में तुरपाई आमतौर पर 2 से 3 इंच की दूरी पर होनी चाहिए। यह दूरी बच्चों के कपड़ों में थोड़ी ज़्यादा रखी जाती है ताकि उन्हें ज़रूरत पड़ने पर बढ़ाया या घटाया जा सके।
🎯 Exam Tip: तुरपाई की सही दूरी कपड़े को अच्छी फिनिश देती है और आवश्यकतानुसार बदलाव करने की सुविधा भी देती है।
Question 4. पोशाक में घेराव लाने के लिये उपयोग किया जाता है –
(अ) तुरपाई का
(ब) चुन्नटों का
(स) पट्टियों का
(द) पैबन्द का
Answer: (ब) चुन्नटों का
In simple words: कपड़ों में घेराव या फैलाव लाने के लिए चुन्नटों का इस्तेमाल किया जाता है। चुन्नटें कपड़े को सुंदरता और आकार देती हैं।
🎯 Exam Tip: चुन्नटें केवल घेराव ही नहीं देतीं, बल्कि डिज़ाइन और स्टाइल को भी बढ़ाती हैं।
Question 5. तैयार पोशाक के लेबल से हमें ज्ञात होती है –
(अ) नाप
(ब) नम्बर
(स) कीमत
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: तैयार कपड़े के लेबल पर हमें कपड़े का नाप, नंबर, और कीमत जैसी सभी ज़रूरी जानकारियाँ मिलती हैं। इससे कपड़े की सही पहचान करने में मदद मिलती है।
🎯 Exam Tip: लेबल एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो उपभोक्ता को उत्पाद की पहचान और देखभाल के बारे में पूरी जानकारी देता है।
Question 6. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -
1. अधिकतर
2. व्यक्तित्व
3. मजबूत
4. चुन्नटों
5. बटन
6. समय
Answer:
1. अधिकतर
2. व्यक्तित्व
3. मजबूत
4. चुन्नटों
5. बटन
6. समय
In simple words: तैयार कपड़े खरीदते समय कुछ बातों पर ध्यान देना ज़रूरी है। सबसे पहले, कपड़े अधिकांशतः आरामदेह होने चाहिए। दूसरा, कपड़े व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने वाले हों। तीसरा, सिलाई मजबूत होनी चाहिए। चौथा, घेराव लाने के लिए चुन्नटों का उपयोग किया जाता है। पाँचवां, बटन और काज की जाँच करें। छठा, तैयार कपड़े खरीदने से समय की बचत होती है।
🎯 Exam Tip: रिक्त स्थान भरने के लिए, दिए गए शब्दों को वाक्य के संदर्भ में सही ढंग से समझना और चुनना महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 24 अति लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. उम्र का पता न होने पर तैयार पोशाक लेने
Answer: उम्र का पता न होने पर पोशाक छोटी या बड़ी पड़ सकती है जिसे वापस करना पड़ता है। इसलिए सही उम्र के साथ-साथ नाप का पता होना भी ज़रूरी है।
In simple words: अगर उम्र पता न हो तो गलत नाप का कपड़ा खरीदा जा सकता है, जिसे बाद में वापस करना पड़ेगा।
🎯 Exam Tip: हमेशा उम्र और शारीरिक नाप दोनों की पुष्टि करें ताकि कपड़ों की गलत खरीदारी से बचा जा सके।
Question 2. कपड़ा खरीदने से पहले उसकी फिटिंग की जाँच कैसे करनी चाहिए?
Answer: कपड़ा खरीदने से पहले उसकी फिटिंग की जाँच करने के लिए ट्रॉयल कक्ष में वस्त्र को पहनकर देखना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि कपड़ा शरीर पर ठीक से बैठ रहा है और आरामदायक है।
In simple words: कपड़ा खरीदने से पहले उसे ट्रॉयल रूम में पहनकर जाँचें।
🎯 Exam Tip: कपड़े की फिटिंग की जाँच हमेशा पहनकर करनी चाहिए, सिर्फ देखकर नहीं।
Question 3. कपड़े पर सीवन कैसी होनी चाहिए?
Answer: कपड़े पर सीवन मैच करते रंग की तथा एकसमान होनी चाहिए। यह भी महत्वपूर्ण है कि सिलाई मज़बूत और सफाई से की गई हो, ताकि कपड़े लंबे समय तक टिकें।
In simple words: कपड़े पर सिलाई सही रंग की और एक जैसी होनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: अच्छी सिलाई पोशाक की गुणवत्ता और टिकाऊपन का संकेत है।
Question 4. तुरपाई किसे कहते हैं?
Answer: तुरपाई कपड़े के किनारों को मोड़कर और छोटे-छोटे टाँकों से सिलने की विधि को कहते हैं। इससे कपड़े का निचला किनारा साफ और मजबूत बनता है, और उसे ज़रूरत पड़ने पर खोला या बढ़ाया जा सकता है।
In simple words: तुरपाई कपड़े के किनारे को मोड़कर छोटे टाँकों से सिलने को कहते हैं।
🎯 Exam Tip: तुरपाई का मुख्य उद्देश्य कपड़े के किनारों को सुंदर और मजबूत बनाना है, साथ ही उसमें लचीलापन लाना भी है।
Question 5. तैयार वस्त्रों के लेबल पर देखभाल से सम्बन्धित क्या जानकारियाँ दी जाती हैं ?
Answer: तैयार पोशाक पर लगे लेबल से कपड़े की नाप, नंबर, कीमत और उसकी देखभाल के निर्देश का पता चलता है। यह जानकारी कपड़े को सही तरीके से धोने, सुखाने और इस्त्री करने में मदद करती है, जिससे उसकी उम्र बढ़ जाती है।
In simple words: तैयार कपड़ों के लेबल पर नाप, नंबर, कीमत और देखभाल के तरीके जैसी ज़रूरी जानकारी होती है।
🎯 Exam Tip: लेबल पर दी गई देखभाल की जानकारी का पालन करना कपड़े की उम्र और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 24 लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. तैयार पोशाक कैसी होनी चाहिए?
Answer: तैयार पोशाक निम्नलिखित गुणों वाली होनी चाहिए:
- तैयार पोशाक शरीर में सही फिट होनी चाहिए। यह न तो बहुत ढीली हो और न ही बहुत टाइट।
- तैयार पोशाक का कपड़ा आरामदायक होना चाहिए, और उसकी सिलाई व सीवन मजबूत होनी चाहिए।
- सिलाई भद्दी नहीं होनी चाहिए, बल्कि साफ और आकर्षक होनी चाहिए।
- पहनने वाले को पोशाक पहनकर संतुष्टि महसूस होनी चाहिए।
- पोशाक समय के हिसाब से उपयुक्त और व्यक्ति के व्यक्तित्व के अनुसार होनी चाहिए। यह उसे और ज़्यादा सुंदर बनाए।
🎯 Exam Tip: तैयार पोशाक के गुणों को सूचीबद्ध करते समय, व्यावहारिक पहलुओं जैसे आराम और फिटिंग के साथ-साथ सौंदर्य और स्थायित्व को भी शामिल करें।
Question 2. तैयार पोशाक के कपड़े में कौन-कौन से गुण होने चाहिए?
Answer: तैयार पोशाक के कपड़े में निम्नलिखित गुण होने चाहिए:
- वस्त्र का रेशा अच्छी गुणवत्ता का हो।
- वस्त्र की डिजाइन आकर्षक और चलन में हो।
- वस्त्र के रंग के पक्केपन की जाँच की गई हो।
- वस्त्र की परिसज्जा अच्छी और समान हो।
- कपड़े में मजबूती व टिकाऊपन हो ताकि वह लंबे समय तक चले।
- वस्त्र की लम्बवत कटाई सही ढंग से की गई हो।
- प्रचलित फैशन के अनुसार रंग व प्रिंट होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: कपड़े के गुणों का उल्लेख करते समय, बनावट से लेकर रंग और डिज़ाइन तक सभी तत्वों को शामिल करें जो उसकी गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं।
Question 3. सीवन की जाँच किस प्रकार की जाती है?
Answer: सीवन की जाँच करने के लिए, हमें कपड़े को उल्टा करके देखना चाहिए। यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धागा मजबूत है और उसका रंग कपड़े से मेल खाता है। इसके अलावा, सिलाई उचित प्रकार से और सफाई से की गई हो, ताकि कपड़े लंबे समय तक टिकें और देखने में अच्छे लगें।
In simple words: सीवन जाँचने के लिए कपड़े को उल्टा करें। देखें कि धागा मजबूत और मैचिंग है, और सिलाई साफ व सही है।
🎯 Exam Tip: सीवन की जाँच में धागे की गुणवत्ता, रंग का मेल, और सिलाई की सफ़ाई व मजबूती पर विशेष ध्यान दें।
Question 4. तैयार वस्त्रों के लेबल पर देखभाल से सम्बन्धित क्या जानकारियाँ दी जाती हैं ?
Answer: तैयार वस्त्रों के लेबल पर देखभाल से संबंधित निम्नलिखित जानकारियाँ दी जाती हैं:
- मशीन या हाथ से धोएं - यह बताता है कि कपड़े को कैसे धोना चाहिए।
- मशीन से धोयें - यह खास तौर पर मशीन में धोने का निर्देश है।
- सावधानीपूर्वक विरंजन करें - ब्लीच का उपयोग करते समय सावधानी बरतने का निर्देश।
- ड्राईक्लीन करें - कपड़े को केवल ड्राईक्लीनिंग के लिए बताया गया है।
- ड्राईक्लीन न करें - कपड़े को ड्राईक्लीन नहीं करना चाहिए।
- इस्त्री करें - इस्त्री करने के निर्देश, जैसे कि किस तापमान पर।
- इस्त्री न करें - कपड़े को इस्त्री न करने का निर्देश।
In simple words: कपड़े के लेबल पर यह जानकारी दी जाती है कि उसे हाथ से धोना है या मशीन से, ब्लीच करना है या नहीं, ड्राईक्लीन करना है या नहीं, और इस्त्री करनी है या नहीं।
🎯 Exam Tip: लेबल पर दिए गए देखभाल के निर्देशों को ध्यान से पढ़कर उनका पालन करना कपड़े की उम्र और रूप बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 24 प्रयोगात्मक प्रश्न
Question 1. फ्रॉक / सलवार कमीज का निम्नलिखित बिन्दुओं के आधार पर मूल्यांकन कीजिए।
Answer:
पोशाक का नाम: फ्रॉक
उम्र: 14 वर्ष लिंग: महिला
| S.No. | बिन्दु | मूल्यांकन |
|---|---|---|
| 1. | कपड़ा | रेशा मुलायम, डिजाइन आकर्षक, रंग पक्का, कटाई उचित। |
| 2. | लटकाना | शरीर पर फिटिंग अच्छी, आरामदायक। |
| 3. | डिजाइन | व्यक्तित्व के अनुरूप, आकर्षक एवं फैशन में। |
| 4. | तुरपाई | टाँके एकसमान व बराबर दूरी पर हैं, स्वच्छ व सुन्दर है। |
| 5. | बटन पट्टी/चुन्नट | पर्याप्त मात्रा में सफाई से लगी है, एकसमान व समान दूरी पर है। |
| 6. | बन्धक | बटन रंग अनुसार है, सफाई से लगे हैं। |
| 7. | लेस/पाइपिन/डोरियाँ/कशीदा | रंग पक्के हैं, अनुपात में लगे हैं, मजबूत हैं, आकर्षक हैं। |
| 8. | लेबल | नाप, नम्बर व कीमत तथा देखभाल के निर्देश है। |
निष्कर्ष:
तैयार परिधान फ्रॉक सभी वस्त्र के सभी गुणों से परिपूर्ण हैं तथा किफायती है। 14 वर्ष की बच्ची के लिये आकर्षक एवं आरामदायक है।
In simple words: फ्रॉक का मूल्यांकन करते समय कपड़ा, फिटिंग, डिज़ाइन, सिलाई, तुरपाई, बटन और लेस जैसे सभी बिन्दुओं की जाँच की जाती है। यह फ्रॉक सभी मानकों पर अच्छी है और 14 साल की बच्ची के लिए आरामदायक और आकर्षक है।
🎯 Exam Tip: किसी भी पोशाक का मूल्यांकन करते समय, हर छोटे विवरण पर ध्यान दें, जैसे कपड़े की गुणवत्ता से लेकर सिलाई की फिनिशिंग तक, ताकि एक व्यापक रिपोर्ट तैयार हो सके।
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