RBSE Solutions Class 12 Home Science Chapter 19 भोज्य पदार्थों में मिलावट

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Question 1. निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनें -
(i) भोज्य पदार्थ में मिलाए जाने वाले बाह्य अथवा निम्न श्रेणी के पदार्थों को कहते हैं-
(अ) कंकड़ पत्थर
(ब) मिलावटी अवयव
(स) बाह्य तत्व
(द) ये सभी
Answer: (ब) मिलावटी अवयव
In simple words: जब खाद्य पदार्थ में कोई बाहरी या खराब चीज़ मिला दी जाती है, तो उसे मिलावटी अवयव कहते हैं। यह चीज़ खाने की गुणवत्ता को खराब करती है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि मिलावटी अवयव वे होते हैं जो भोजन की शुद्धता और गुणवत्ता को घटाते हैं, भले ही वे देखने में भोजन जैसे ही लगें।

 

Question 1. (iii) (अ) राई
(ब) सरसों
(स) आरजीमोन
(द) इनमें से कोई नहीं।

Answer: (स) आरजीमोन
In simple words: आरजीमोन एक प्रकार का पौधा है जिसके बीज सरसों के बीजों जैसे दिखते हैं। इसके तेल को सरसों के तेल में मिलाया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
🎯 Exam Tip: कई बार मिलावट वाले पदार्थ असली चीज़ से बहुत मिलते-जुलते होते हैं, इसलिए उन्हें पहचानना मुश्किल होता है।

 

Question 1. (iv) खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम हेतु आवश्यक है -
(अ) ताजे व कम - से - कम प्रसंस्करित खाद्य खरीदें
(ब) शिक्षित एवं जागरूक उपभोक्ता
(स) निर्धारित मानक चिह्न देखकर खाद्य खरीदें
(द) ये सभी
Answer: (ब) शिक्षित एवं जागरूक उपभोक्ता
In simple words: मिलावट रोकने के लिए सबसे ज़रूरी है कि लोग पढ़े-लिखे और जागरूक हों। इससे वे सही चीजें चुन पाएंगे और मिलावट से बच पाएंगे।
🎯 Exam Tip: उपभोक्ता की जागरूकता, उत्पादों की सावधानीपूर्वक जाँच और मानकीकृत उत्पादों का चयन मिलावट की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

Question 1. (v) खाद्य पदार्थ मिलावट निषेध अधिनियम है –
(अ) FPO
(a) FSSAI
(स) PFA
(द) Agmark
Answer: (अ) FPO
In simple words: खाद्य पदार्थ मिलावट निषेध अधिनियम (PFA) एक कानून है जो खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए बनाया गया है। FPO फल उत्पादों के लिए होता है।
🎯 Exam Tip: सरकारी मानक चिह्न जैसे FPO, FSSAI, और Agmark खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करते हैं।

 

Question 2. मिलावट किसे कहते हैं?
Answer: जब खाने-पीने की चीज़ों में जानबूझकर कोई सस्ती या खराब चीज़ मिला दी जाती है, जिससे उसकी क्वालिटी और शुद्धता खराब हो जाए, तो इसे भोज्य पदार्थों में मिलावट कहते हैं। यह मिलावट तीन तरह से की जाती है:
• खाने की चीज़ों को अच्छा दिखाने और रंग गहरा करने के लिए हानिकारक चीज़ें मिलाना, जैसे मिठाइयों और मसालों में रंग।
In simple words: मिलावट का मतलब है जब खाने की चीजों में जानबूझकर कोई घटिया चीज़ मिला दी जाए, जिससे उनकी शुद्धता और गुणवत्ता कम हो जाए।

🎯 Exam Tip: मिलावट की परिभाषा में "गुणवत्ता और शुद्धता पर नकारात्मक प्रभाव" और "सस्ते या घटिया पदार्थ का मिश्रण" जैसे प्रमुख शब्दों को शामिल करें।

 

Question 3. मिलावट कितने प्रकार की होती है? उदाहरण देते हुए समझाइए।
Answer: खाद्य पदार्थों में मिलावट का मतलब है जब खाने की चीज़ों में कोई सस्ती, खराब या हानिकारक चीज़ मिलाई जाए, या कोई ज़रूरी तत्व निकाल लिया जाए, जिससे उसकी गुणवत्ता और शुद्धता कम हो जाए। मिलावट मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
1. उद्देश्यपूर्ण मिलावट (Intentional Adulteration):
यह मिलावट दुकानदार ज़्यादा पैसे कमाने के लिए करता है। इससे ग्राहक को उसके पैसे के हिसाब से अच्छी क्वालिटी नहीं मिलती। दुकानदार जानबूझकर सस्ती या खराब चीज़ें मिलाते हैं या ज़रूरी चीज़ें निकाल लेते हैं।
उदाहरण के लिए, अनाज, दालों और तिलहन में कंकड़, पत्थर, रेत मिला देना, या दूध से क्रीम निकाल लेना। चाय की पत्ती में इस्तेमाल की गई सूखी चाय पत्ती मिला देना, या लौंग और इलायची से तेल निकाल लेना।
2. आपातिक मिलावट (Incidental/Accidental Adulteration):
यह मिलावट जानबूझकर नहीं होती है, बल्कि गलती से, लापरवाही से, किसी दुर्घटना से, या सुविधाओं की कमी के कारण हो जाती है। यह खाद्य पदार्थों को स्टोर करते समय, प्रोसेस करते समय, एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय, या उगाते/काटते समय हो सकती है। इस तरह की मिलावट से दुकानदार को कोई फायदा नहीं होता, लेकिन ग्राहक को पैसे का नुकसान होता है और उसके स्वास्थ्य को भी खतरा होता है।
In simple words: मिलावट दो तरह की होती है - एक जो जानबूझकर पैसे कमाने के लिए की जाती है, और दूसरी जो गलती से या लापरवाही से हो जाती है। दोनों ही खाने को खराब करती हैं।

🎯 Exam Tip: मिलावट के दोनों मुख्य प्रकारों (उद्देश्यपूर्ण और आपातिक) को उनके कारणों और प्रभावों के साथ स्पष्ट करें, उदाहरणों का उपयोग करना न भूलें।

 

Question 4. खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट की रोकथाम किस प्रकार कर सकते हैं ? समझाइए।
Answer: खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए हमें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
1. प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से बचें:
आजकल खाद्य पदार्थों को बनाने और पैक करने में मिलावट की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए, हमें कोशिश करनी चाहिए कि जितना हो सके, कम प्रसंस्कृत भोजन खाएं। साबुत अनाज, दालें और मसाले सीधे खरीदें और घर पर ही उनका आटा या पाउडर बनाएं।
2. खाद्य पदार्थों की शुद्धता के प्रति जागरूक रहें:
जब हम खाने की चीज़ें खरीदते या खाते हैं, तो उनकी शुद्धता के प्रति हमेशा सावधान रहना चाहिए। जैसे, टंकी या थैली का दूध लेने के बजाय, सीधे गाय या भैंस से निकाला गया दूध लेने की कोशिश करें।
3. ताजे भोज्य पदार्थों का ज़्यादा उपयोग करें:
जहां तक संभव हो, डिब्बाबंद और बासी खाने की चीज़ों से बचें। ताजे खाद्य पदार्थों का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करना चाहिए।
4. निर्धारित मानक चिह्नों वाले खाद्य पदार्थ खरीदें:
आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में तैयार भोजन पर निर्भरता कम करना मुश्किल है। भारत सरकार ने मिलावट रोकने के लिए 'खाद्य पदार्थ मिलावट निषेध अधिनियम (Prevention of Food Adulteration Act, 1954)' बनाया है और खाद्य निरीक्षक (Food Inspectors) नियुक्त किए हैं। इस अधिनियम के तहत सरकार ने भोज्य पदार्थों के लिए 'न्यूनतम गुणवत्ता मानक' (Minimum quality standard) तय किए हैं, जैसे ISI, FPO, Agmark आदि। इसलिए, हमें इन्हीं मानक चिह्नों को देखकर खाद्य पदार्थ खरीदने चाहिए।
In simple words: मिलावट रोकने के लिए हमें कम प्रसंस्करित भोजन खाना चाहिए, खाने की शुद्धता के प्रति जागरूक रहना चाहिए, ताज़ा भोजन ज़्यादा खाना चाहिए और हमेशा प्रमाणित मानक चिह्नों वाले उत्पाद खरीदने चाहिए।

🎯 Exam Tip: रोकथाम के उपायों को बिंदुओं में प्रस्तुत करें और हर बिंदु को एक व्यावहारिक उदाहरण के साथ स्पष्ट करें ताकि यह आसानी से समझ में आ सके।

 

Question 5. मिलावटी भोज्य पदार्थ खाने के क्या दुष्प्रभाव होते हैं? स्पष्ट कीजिए।
Answer: मिलावटी भोज्य पदार्थ खाने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। मिलावट दो तरह की होती है: एक जो हल्के पदार्थों से होती है जिसका स्वास्थ्य पर ज़्यादा बुरा असर नहीं पड़ता, और दूसरी जो हानिकारक पदार्थों से होती है जिसके बहुत गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। ऐसे हानिकारक पदार्थों और उनसे होने वाले दुष्प्रभावों का विवरण नीचे दिया गया है:
1. एस्बेस्टॉस:
यह गेहूं के आटे, मैदा, पनीर आदि में मिलाया जाता है और सॉफ्ट ड्रिंक को छानने में भी इस्तेमाल होता है। इसे खाने से आहार-नाल का कैंसर होने का खतरा रहता है।
2. खनिज तेल एवं पैराफिन तेल:
ये अखाद्य तेल, जो पेट्रोलियम को शुद्ध करते समय निकलते हैं, खाद्य तेलों में मिला दिए जाते हैं। वसा में घुलने वाले विटामिन (A, D, E, K) इन तेलों में घुल जाते हैं और शरीर से बाहर निकल जाते हैं, जिससे भोजन की पौष्टिकता कम हो जाती है। ये कैंसर का कारण भी बन सकते हैं।
3. खेसारी दाल:
यह दाल कम मेहनत में बहुत ज़्यादा उगती है और मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार के लोगों का मुख्य भोजन है। इसमें एक जहरीला अमीनो अम्ल होता है जिसे खाने से पहले निकालना ज़रूरी है। अगर इस दाल को लंबे समय तक बिना उपचार के खाया जाए तो पैरों में लकवा हो सकता है और व्यक्ति चल-फिर नहीं पाता। इसी कारण से कुछ राज्य सरकारों ने इस दाल को उगाने और खाने पर रोक लगा दी है।
4. तेलीय रसायनः
प्लास्टिक उद्योग में इस्तेमाल होने वाले तेलीय रसायन - आर्थोट्राइक्रिसाइल फॉस्फेट (TCP) को कभी-कभी सरसों के तेल में मिला दिया जाता है। यह रसायन वसा की उस परत को नुकसान पहुंचाता है जो दिमाग और रीढ़ की हड्डी से निकलने वाली नसों की रक्षा करती है। इसके कारण दिमाग का शरीर के अंगों पर नियंत्रण बिगड़ जाता है, जिससे मौत भी हो सकती है।
5. कोलतार रंग:
ये रंग मिठाइयों को रंगने के लिए इस्तेमाल होते हैं। प्राकृतिक रंग महंगे होते हैं और बड़ी मात्रा में इस्तेमाल करने पड़ते हैं। ये रंग मिठाइयों, मसालों जैसे हल्दी, मिर्च और दालों को रंगने के लिए भी उपयोग होते हैं। इन रंगों का ज़्यादातर उपयोग इन खाद्य पदार्थों में किया जाता है:

रंगभोज्य पदार्थ
लाल रंग (रोडामाइन बी.)लाल मिर्च पाउडर
नीला रंग (नीली वी. आर. एस.)रंगीन मिठाई
हरा रंग (मैलाचाइट हरा)रंगीन मिठाई
औरामाइन चीनी चढ़ीसौंफ तथा सुपारी
नारंगी रंग (नारंगी रंग II)खेसारी रंग
पीला रंग (मैटानिल यलो)आइस कैंडी, बर्फ, दाल, हल्दी

उपरोक्त रंगों का असर हमारे लीवर, किडनी, तिल्ली, प्रजनन अंगों और फेफड़ों पर पड़ता है, जिससे उनमें बीमारियां हो जाती हैं। इसके अलावा, त्वचा, हड्डियां, खून, स्तन कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। खून की कमी, गर्भपात, मानसिक समस्याएं और आंखों की रोशनी कम होना भी हो सकता है।
In simple words: मिलावटी खाना खाने से कैंसर, लकवा, अंगों को नुकसान और कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। यह हमारे पूरे स्वास्थ्य को खराब कर सकता है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न मिलावटी पदार्थों के नाम और उनसे होने वाले विशिष्ट स्वास्थ्य प्रभावों को स्पष्ट रूप से बताएं। सूची और सारणी का उपयोग अपने उत्तर को व्यवस्थित करने में सहायक होगा।

 

Question 1. प्रथम केन्द्रीय खाद्यान्न मिलावट प्रतिबन्ध अधिनियम कब पारित हुआ?
(अ) 1954 ई. में
(ब) 1958 ई. में
(स) 1964 ई. में
(द) 1974 ई. में
Answer: (अ) 1954 ई. में
In simple words: भारत में खाने की चीजों में मिलावट रोकने के लिए पहला बड़ा कानून 1954 में बनाया गया था।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में तारीखें और अधिनियम के नाम सही-सही याद रखना महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. आपातिक मिलावट होती है –
(अ) विक्रेता द्वारा
(ब) अज्ञानतावश
(स) दोनों प्रकार से
(द) किसी के द्वारा नहीं
Answer: (ब) अज्ञानतावश
In simple words: आपातिक मिलावट तब होती है जब कोई जानबूझकर नहीं, बल्कि गलती से या बिना जानकारी के खाने में कुछ मिला दे।

🎯 Exam Tip: आपातिक मिलावट को अनजाने में या लापरवाही से हुई मिलावट के रूप में समझें, यह जानबूझकर लाभ कमाने के लिए नहीं की जाती।

 

Question 3. मूंग दाल में मैला चाइट हरा (हरा रंग) मिलाने से किस रोग की संभावना रहती है?
(अ) यकृत रोग
(ब) कैंसर
(स) पेचिश
(द) क्षय रोग
Answer: (ब) कैंसर
In simple words: मूंग दाल में हानिकारक हरा रंग मिलाने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

🎯 Exam Tip: याद रखें कि खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले कृत्रिम रंग अक्सर कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

 

Question 4. आरजीमोन के बीच से उत्पन्न होने वाला रोग है –
(अ) हृदय रोग
(ब) एपिडेपिक ड्रॉप्सी
(स) लकवा
(द) ऐत्तिश
Answer: (ब) एपिडेपिक ड्रॉप्सी
In simple words: आरजीमोन के बीज से बना तेल खाने से एपिडेपिक ड्रॉप्सी नाम की बीमारी हो सकती है, जिससे शरीर में सूजन आ जाती है।

🎯 Exam Tip: आरजीमोन के तेल से होने वाली बीमारी "एपिडेपिक ड्रॉप्सी" एक महत्वपूर्ण जानकारी है जिसे याद रखना चाहिए।

 

Question 6. मिलावट से रोकथाम का उपाय है -
(अ) ताजे खाद्य पदार्थ क्रय करना
(ब) मानक चिह्न देखकर खाद्य पदार्थ खरीदना
(स) कम से कम परिष्कृत एवं प्रसंस्करित खाद्य पदार्थ खरीदना
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (द) उपरोक्त सभी
In simple words: मिलावट रोकने के लिए हमें ताज़ा, कम प्रोसेस्ड और मानक चिह्न वाला खाना खरीदना चाहिए। ये सभी तरीके मिलकर हमें मिलावट से बचाते हैं।

🎯 Exam Tip: मिलावट से बचने के लिए कई उपायों का एक साथ पालन करना सबसे प्रभावी तरीका होता है, इसलिए "उपरोक्त सभी" जैसे विकल्प अक्सर सही होते हैं।

 

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

 

Question 1. हवा एवं पानी के ब...........मारी तीसरी एवं महत्त्वपूर्ण आवश्यकता है।
Answer: भोजन
In simple words: हवा और पानी के बाद, भोजन हमारी तीसरी सबसे ज़रूरी चीज़ है।

🎯 Exam Tip: जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को याद रखना अक्सर ऐसे प्रश्नों में मदद करता है।

 

Question 2. खाद्य पदार्थों में सस्ता एवं घटिया किस्म का कोई भी मिला – जुला पदार्थ मिलाने या कोई भी तत्व निकालने को.........कहते हैं।
Answer: मिलावट
In simple words: जब खाने की चीज़ों में कुछ सस्ता या खराब मिलाया जाए, या कोई ज़रूरी चीज़ निकाल ली जाए, तो उसे मिलावट कहते हैं।

🎯 Exam Tip: मिलावट की परिभाषा के मुख्य शब्दों को पहचानकर रिक्त स्थान को भरें।

 

Question 3. ............. दाल के लम्बे समय तक अधिक मात्रा में बिना उपचार किए उपयोग करने से टाँगों में लकवा मार जाता है।
Answer: खेसारी
In simple words: खेसारी दाल को बिना पकाए या बिना सही तरीके से तैयार किए ज़्यादा खाने से पैरों में लकवा हो सकता है।

🎯 Exam Tip: खेसारी दाल से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम, विशेष रूप से लकवा, को याद रखें।

 

Question 4. आपातिक मिलावट मुख्यतः .अनभिज्ञता के कारण होती है।
Answer: अज्ञानतावश
In simple words: आपातिक मिलावट ज़्यादातर तब होती है जब किसी को पता न हो या वह गलती से कुछ कर दे।

🎯 Exam Tip: आपातिक मिलावट और उद्देश्यपूर्ण मिलावट के बीच का अंतर समझें – एक अनजाने में होती है, दूसरी जानबूझकर।

 

Question 5. फल व सब्जियों को.......एवं खाने से पूर्व अच्छी तरह धो लेना चाहिए।
Answer: पकाने
In simple words: फल और सब्जियों को खाने से पहले या पकाने से पहले अच्छी तरह धोना बहुत ज़रूरी है।

🎯 Exam Tip: खाद्य सुरक्षा के सामान्य स्वच्छता नियमों को हमेशा ध्यान में रखें, जैसे फलों और सब्जियों को धोना।

 

Question 6. खाद्य पदार्थ निर्धारित............देखकर ही खरीदने चाहिए।
Answer: मानक।
In simple words: खाना हमेशा वही खरीदना चाहिए जिस पर कोई सरकारी चिह्न या मानक लगा हो, जो उसकी शुद्धता दिखाता है।

🎯 Exam Tip: ISI, FPO, Agmark जैसे मानक चिह्न खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हैं।

 

Question 2. भोजन संदूषण किसे कहते हैं?
Answer: किसी गलती या लापरवाही के कारण खाद्य पदार्थों में मिलावट हो जाना भोजन संदूषण कहलाता है।
In simple words: जब खाने में गलती या लापरवाही से कोई गंदी चीज़ मिल जाए, तो उसे भोजन संदूषण कहते हैं।

🎯 Exam Tip: भोजन संदूषण और जानबूझकर की गई मिलावट के बीच का अंतर समझें – संदूषण अक्सर अनजाने में होता है।

 

Question 3. भोजन संदूषण कितने प्रकार से हो सकता
Answer: भोजन संदूषण मुख्य रूप से तीन प्रकार से हो सकता है:
• धातु की मिलावट द्वारा
• कीटाणु या फफूंद द्वारा
• कीड़ों तथा कीटनाशकों द्वारा।
In simple words: भोजन में गंदगी धातु, कीटाणु, फफूंद, या कीटनाशकों के कारण मिल सकती है।

🎯 Exam Tip: भोजन संदूषण के विभिन्न स्रोतों को याद रखें, जैसे रासायनिक (धातु), जैविक (कीटाणु), और कीट/कृषि रसायन।

 

Question 4. दालों में किसकी मिलावट की जाती है?
Answer: दालों में खेसारी दाल की मिलावट कर दी जाती है।
In simple words: दालों को सस्ता बनाने के लिए उनमें खेसारी दाल मिलाई जाती है।

🎯 Exam Tip: खेसारी दाल दालों में एक सामान्य मिलावट है, और यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है।

 

Question 5. लम्बे समय तक बिना उपचार किए खेसारी दाल का प्रयोग करने से क्या हानि है?
Answer: लम्बे समय तक बिना किसी विशेष उपचार के खेसारी दाल का सेवन करने से टाँगों में लकवा हो सकता है।
In simple words: अगर खेसारी दाल को ज़्यादा समय तक बिना सही तरीके से पकाए खाया जाए, तो पैरों में लकवा हो सकता है।

🎯 Exam Tip: खेसारी दाल के सेवन से जुड़े सबसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

Question 6. किन पदार्थों में एस्बेस्टॉस की मिलावट की जाती है?
Answer: गेहूँ के आटे, मैदा, पनीर आदि में एस्बेस्टॉस की मिलावट की जाती है।
In simple words: एस्बेस्टॉस को गेहूं के आटे, मैदा और पनीर जैसी चीज़ों में मिलाया जाता है।

🎯 Exam Tip: एस्बेस्टॉस एक हानिकारक पदार्थ है और इसके मिलावट वाले खाद्य पदार्थों के उदाहरण याद रखें।

 

Question 8. शुद्ध घी में मिलावट हेतु क्या मिश्रित करते
Answer: शुद्ध घी में वनस्पति घी तथा जानवरों की चर्बी को मिलाया जाता है।
In simple words: असली घी में मिलावट के लिए वनस्पति घी और जानवरों की चर्बी मिलाई जाती है।

🎯 Exam Tip: घी में मिलावट के सामान्य पदार्थों को याद रखें, क्योंकि यह अक्सर पूछा जाता है।

 

Question 9. हल्दी एवं काली मिर्च में किन पदार्थों की मिलावट की जाती है ?
Answer: हल्दी में मेटानिल यलो (पीला रंग) तथा काली मिर्च में पपीते के बीजों की मिलावट की जाती है।
In simple words: हल्दी में पीले रंग के लिए मेटानिल यलो और काली मिर्च में पपीते के बीज मिलाए जाते हैं।

🎯 Exam Tip: मसालों में रंग और सस्ते बीजों की मिलावट आम है, इनके उदाहरण याद रखें।

 

Question 10. मिलावट को रोकने के लिए खाद्य पदार्थ मिलावट निषेध अधिनियम कब बना?
Answer: मिलावट को रोकने के लिए खाद्य पदार्थ मिलावट निषेध अधिनियम सन् 1954 ई. में बना।
In simple words: खाने में मिलावट रोकने के लिए कानून साल 1954 में बनाया गया था।

🎯 Exam Tip: खाद्य सुरक्षा से संबंधित प्रमुख अधिनियमों के नाम और वर्ष याद रखें।

 

Question 11. F.S.S.A.I. का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Answer: F.S.S.A.I. का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों के लिए वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर मानक तय करना और उनकी सुरक्षा व गुणवत्ता निश्चित करना है।
In simple words: FSSAI का काम खाने की चीजों के लिए सुरक्षा और क्वालिटी के नियम बनाना है ताकि खाना अच्छा और सुरक्षित हो।

🎯 Exam Tip: FSSAI के पूर्ण रूप और उसके प्रमुख कार्यों को संक्षिप्त और स्पष्ट तरीके से बताएं।

 

Question 12. उद्देश्य पूर्ण मिलावट क्या है?
Answer: उद्देश्य पूर्ण मिलावट वह है जो विक्रेता खुद ज़्यादा लाभ कमाने के लिए करता है। इससे ग्राहक को उसके पैसे के हिसाब से सही मूल्य नहीं मिल पाता।
In simple words: जब दुकानदार ज़्यादा मुनाफा कमाने के लिए जानबूझकर खाने में मिलावट करता है, तो उसे उद्देश्य पूर्ण मिलावट कहते हैं।

🎯 Exam Tip: उद्देश्यपूर्ण मिलावट की मुख्य विशेषता "लाभ कमाने का उद्देश्य" और "ग्राहक को नुकसान" है।

 

Question 15. खेसारी दाल में पाये जाने वाले अम्ल का नाम लिखिए।
Answer: खेसारी दाल में एक विषैला अमीनो अम्ल पाया जाता है।
In simple words: खेसारी दाल में एक तरह का जहरीला अमीनो एसिड होता है।

🎯 Exam Tip: खेसारी दाल में मौजूद हानिकारक तत्व (विषैला अमीनो अम्ल) का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।

 

Question 16. एपिडेमिक ड्रॉप्सी रोग किस कारण से होता है?
Answer: एपिडेमिक ड्रॉप्सी रोग सरसों के बीजों में आरजीमोन के बीज की मिलावटयुक्त तेल का उपयोग करने से होता है।
In simple words: एपिडेमिक ड्रॉप्सी बीमारी सरसों के तेल में आरजीमोन के बीज का तेल मिलने से होती है।

🎯 Exam Tip: एपिडेमिक ड्रॉप्सी का सीधा संबंध आरजीमोन तेल की मिलावट से है, यह मुख्य कारण है।

 

RBSE Class 12 Home Science Chapter 19 लघूत्तरीय प्रश्न

 

Question 1. सामान्यतः किन-किन पदार्थों में मिलावट की जाती है?
Answer: सामान्यतः इन पदार्थों में मिलावट की जाती है:
• दूध एवं दूध से बने भोज्य पदार्थों में।
• अनाज, दलहन, तिलहन तथा इनके आटे एवं दलिया में।
• मिठाइयों एवं मिठास देने वाले पदार्थों में।
• मसालों में।
• घी एवं तेलों में।
• पेय पदार्थों में।
In simple words: दूध, अनाज, दालें, मिठाई, मसाले, घी और तेल जैसे रोज़ाना इस्तेमाल होने वाले खाने की चीज़ों में ज़्यादातर मिलावट की जाती है।

🎯 Exam Tip: खाद्य पदार्थों की मुख्य श्रेणियों को सूचीबद्ध करें जिनमें मिलावट अक्सर पाई जाती है।

 

Question 2. सरसों तथा अन्य महँगे तेलों में मिलाए जाने वाले आरजीमोन के तेल के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालिए।
Answer: आरजीमोन एक जंगली घास है। इस घास के बीजों को सरसों के बीजों में मिला दिया जाता है, और इससे बने तेल को महंगे तेलों में मिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति 1-3 महीने तक आरजीमोन तेल मिला हुआ तेल इस्तेमाल करता है, तो उसे एपिडेमिक ड्रॉप्सी नामक बीमारी हो जाती है। इस बीमारी के कारण शरीर में पानी जमा हो जाता है और पूरे शरीर में सूजन आ जाती है। यह बीमारी अचानक शुरू होती है और इसके लक्षणों में शरीर का रंग पीला पड़ जाना, नाड़ी की गति धीमी होना और लगातार बुखार रहना शामिल है। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, दिल की धड़कन रुकने से मौत भी हो सकती है।
In simple words: आरजीमोन एक जंगली पौधा है जिसके तेल को सरसों के तेल में मिलाया जाता है। इसे खाने से एपिडेमिक ड्रॉप्सी बीमारी हो जाती है, जिससे शरीर में सूजन, पीलापन, धीमी नाड़ी और बुखार होता है, और यह जानलेवा भी हो सकता है।

🎯 Exam Tip: आरजीमोन तेल के सेवन से होने वाले प्रमुख रोग (एपिडेमिक ड्रॉप्सी) और उसके गंभीर लक्षणों (शरीर में सूजन, पीलापन, हृदय गति रुकना) को विस्तार से बताएं।

 

Question 4. खाद्य पदार्थ में आपातिक मिलावट के क्या कारण हो सकते हैं?
Answer: खाद्य पदार्थों में आपातिक मिलावट के कई कारण हो सकते हैं:
• फसल को कच्चे गोदामों में रखने से उसमें कंकड़, पत्थर, मिट्टी आदि मिल जाना।
• ज़्यादा दूध पाने के लिए जानवरों को दी गई दवाओं के अंश का दूध में मिल जाना।
• वनस्पति खाद्य उगाते समय कीटनाशकों का प्रयोग करना।
• डिब्बाबंदी के दौरान सूक्ष्म बैक्टीरिया का अंदर रह जाना।
• प्रसंस्करण के समय उचित साफ और स्वस्थ वातावरण का न होना।
• सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय डिब्बों में छेद हो जाना, सील टूट जाना आदि से जीवाणुओं का अंदर प्रवेश कर जाना।
• भोज्य पदार्थों को सही तरीके से ढककर न रखना।
इसके अलावा, खाद्य पदार्थों को उगाते, काटते, प्रसंस्करण करते, पैक करते, स्टोर करते, एक जगह से दूसरी जगह ले जाते, बांटते और इस्तेमाल करते समय भी कई तरह से आपातिक मिलावट हो सकती है। यह किसी गलती, लापरवाही या दुर्घटना का नतीजा होता है। ऐसी मिलावट को भोजन संदूषण (Food contamination) भी कहते हैं। यह निम्न कारणों से होता है:
• जीवाणु संदूषण या मिलावट (Bacterial contamination)
• कीट तथा कीटनाशक संदूषण या मिलावट (Insects & insecticide contamination)
• धात्विक संदूषण या मिलावट (Metallic contamination) I
In simple words: आपातिक मिलावट कच्चे भंडारण, पशुओं को दवाएं देने, कीटनाशक उपयोग, खराब पैकिंग, सफाई की कमी, परिवहन में टूट-फूट या ठीक से न ढकने से हो सकती है। यह भोजन में बैक्टीरिया, कीट या धातु की गंदगी के कारण भी होता है।

🎯 Exam Tip: आपातिक मिलावट के कारणों को वर्गीकृत करें (जैसे भंडारण, प्रसंस्करण, परिवहन से संबंधित) और भोजन संदूषण के प्रकारों (जीवाणु, कीट, धातु) को भी शामिल करें।

 

RBSE Class 12 Home Science Chapter 19 प्रयोगात्मक प्रश्न

 

Question 1. विभिन्न भोज्य पदार्थों में मिली मिलावटी वस्तुओं तथा उनके परीक्षण की तालिका बनाइए।
Answer: भोज्य पदार्थों में मिश्रित मिलावटी वस्तुएँ तथा उनसे होने वाली हानियों का विवरण निम्नलिखित तालिका से स्पष्ट किया जा सकता है –

भोज्य पदार्थमिलावटपरीक्षण / पहचान का तरीका
अरहर एवं चने की दालखेसारी दालध्यान से देखने पर खेसारी दाल नुकीले सिरे वाली होती है और चपटी दिखती है, जबकि अरहर व चने की दाल गोल व उभरी हुई होती है।
50 मिलीलीटर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल दाल में मिलाएं व उबलते हुए पानी पर 15 मिनट के लिए रखें। यदि गुलाबी रंग उत्पन्न होता है तो खेसारी की उपस्थिति दर्शाता है।
दाललेड क्रोमेट एवं मैटानिल पीला रंगलगभग 5 ग्राम दाल एक परखनली या काँच के गिलास में लेकर 5 मिलीलीटर पानी मिलाकर 10-15 मिनट भीगने दें व कुछ बूँदें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की डालें। पानी का गुलाबी रंग दाल में रंग की उपस्थिति दर्शाता है।
दूध व दुग्ध पदार्थउबले आलू, शकरकंदी एवं अन्य स्टार्चदूध या दुग्ध पदार्थ पर आयोडीन की कुछ बूंदें डालने पर दूध का नीला रंग स्टार्च की उपस्थिति दर्शाता है।
दूधक्रीम निकालकर पानी मिलानादूध का सापेक्षिक घनत्व लेक्टोमीटर से नापने पर 1.026 से कम नहीं होना चाहिए।
क्षैतिज तल पर दूध की बूँद डालने पर स्थिर रहती है अथवा बहती है तो पीछे दूध का निशान छोड़ती है जबकि पानी मिला दूध तुरंत बिना दूध का निशान छोड़े बह जाता है।
घी व तेलशुद्ध घी व मक्खन में वनस्पति घीपरखनली में 1 चम्मच पिघले घी/मक्खन में बराबर मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालें व एक चुटकी भर शक्कर डालकर 1 मिनट तक हिलाएँ एवं 5 मिनट के बाद देखने पर परखनली में निचली परत का गुलाबी लाल होना वनस्पति घी की उपस्थिति दर्शाता है।
मक्खनकोलतार रंग2 ग्राम पिघले मक्खन में ईथर मिलाएँ। अब 2 मिलीलीटर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मिलाकर रंग दें। निचली परत का गुलाबी रंग कोलतार रंग का द्योतक है।
सरसों का तेलआरजीमोन का तेलएक परखनली में 5 मिलीलीटर सरसों के तेल में 5 मिलीलीटर सान्द्र नाइट्रिक अम्ल मिलाएँ। तेल में लाल रंग आरजीमोन तेल उपस्थिति दर्शाता है।
खाद्य तेलखनिज तेल2 मिलीलीटर खाद्य तेल में बराबर मात्रा में N₂ एल्कोहॉलिक पोटाश मिलाएं। मिश्रण को 15 मिनट उबलते हुए पानी में गरम करें व 10 मिलीलीटर पानी मिलाएं। किसी प्रकार का मटमैलापन खनिज तेल की उपस्थिति दर्शाता है।
खाद्य तेलअरण्डी का तेलएक परखनली में खाद्य तेल को पैट्रोलियम ईथर में घोलें व नमक तथा बर्फ के मिश्रण में ठण्डा करें। 5 मिनट में किसी भी प्रकार का मटमैलापन अरण्डी के तेल की उपस्थिति दर्शाता है।
मसालेकाली मिर्च में पपीते के बीजऐल्कोहॉल में डालने पर काली मिर्च नीचे बैठ जाती है व पपीते के बीच हल्के होने के कारण ऊपर तैरते हैं।
हल्दीमेटानिल पीला रंगहल्दी को 20 मिलीलीटर गुनगुने पानी में मिलाएं व कुछ बूंदें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल अथवा कोई भी घर पर उपलब्ध अम्ल डालें। यदि पानी की सतह गुलाबी बैंगनी हो जाती है, तो मेटानिल पीला रंग की उपस्थिति दर्शाता है।
साबुत सूखी मिर्च'बी' रंगथोड़ी-सी रुई को पैराफिन में डुबोकर साबुत सूखी मिर्च पर रगड़ने से रुई का लाल रंग मिर्च में लाल रंग की मिलावट दर्शाता है।
लौंगतेल निकली हुई लौंगध्यान से देखने पर तेल निकाली हुई लौंग सिकुड़ी व बेजान-सी लगती है। उनका तीखा स्वाभाविक स्वाद भी कम हो जाता है।
हींगगोंद, रेजिन, राल आदिशुद्ध हींग पानी में घुलकर दूधिया रंग का घोल बनाती है। आग में जलाने से शुद्ध हींग की लौ चमकीली होती है।
शक्कर, गुड़चीनी में चॉक पाउडरचीनी को बीकर या काँच के गिलास में पानी में घोलें। बीकर या गिलास की तल पर जमी तह मिलावट दर्शाती है।
गुड़कपड़े धोने का सोडागुड़ में कुछ बूंद हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की डालने पर बुदबुदाहट मिलावट दर्शाता है।
शहदशक्कर की चाशनीरुई की बत्ती बनाकर शहद में डुबोकर जलाने से बत्ती शहद रूप से जले तो शहद शुद्ध है। मिलावटी शहद की बत्ती नहीं जलेगी और यदि जलेगी तो चर-चर की आवाज आयेगी।
चाय पत्तीकाम में ली हुई पत्ती व कृत्रिम रंगचाय पत्ती को गीले सोख्ता कागज पर डालने पर भूरा रंग छूटना या कागज का भूरा हो जाना मिलावट दर्शाता है।
कॉफीचिकोरी पाउडरकाँच के बीकर या गिलास में पानी लेकर कॉफी पाउडर छिड़कें। कॉफी पाउडर हल्का होने के कारण तैरेगा व चिकोरी पाउडर पानी में भूरा रंग छोड़ेगा व भारी होने के कारण तल में बैठ जायेगा।
मूंग छिलका दालमैलाचाइट हरा रंगमिलावटी मूंग छिलका दाल अथवा हरी सब्जी एवं हरी सब्जियों के नमूने को गीले सोख्ता कागज पर डालने पर हरे रंग के निशान व पानी में डालने पर पेपर का हरा रंग होना मैलाचाइट हरे रंग की मिलावट दर्शाता है।

In simple words: यह तालिका दिखाती है कि किन खाने की चीज़ों में क्या मिलावट की जाती है, और उन्हें पहचानने या परखने के लिए क्या तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, आपको प्रत्येक खाद्य पदार्थ के लिए मिलावटी वस्तु और उसके विशिष्ट परीक्षण विधि को याद रखना चाहिए। तालिका को स्पष्ट और संगठित तरीके से प्रस्तुत करें।

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