NCERT Solutions for Class 12 Home Science: Chapter 14 वयस्कावस्था में पोषण
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Practice Class 12 Home Science Solutions: Chapter 14 वयस्कावस्था में पोषण
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प्रश्न 1. निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनें –
(i) युवावस्था प्रायः होती है –
(अ) 18-19 से 40 वर्ष तक की
(ब) 19-20 से 40 वर्ष तक की
(स) 18-20 से 40 वर्ष तक की
(द) 20-21 से 40 वर्ष तक की।
Answer: (द) 20-21 से 40 वर्ष तक की।
In simple words: युवावस्था का समय आमतौर पर 20-21 साल की उम्र से शुरू होकर 40 साल तक चलता है। यह जीवन का एक लंबा और महत्वपूर्ण पड़ाव होता है।
🎯 Exam Tip: आयु समूहों को याद करते समय, सटीक आयु सीमाएँ याद रखें क्योंकि ये अक्सर सीधे प्रश्न के रूप में आती हैं।
प्रश्न 1. (ii) आर्थिक व सामाजिक स्थिरता की अवस्था होती है –
(अ) युवावस्था
(ब) प्रौढ़ावस्था
(स) बाल्यावस्था
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (ब) प्रौढ़ावस्था
In simple words: प्रौढ़ावस्था वह समय है जब व्यक्ति अपने जीवन में आर्थिक और सामाजिक रूप से स्थिर हो जाता है। यह अक्सर जिम्मेदारी और परिपक्वता का दौर होता है।
🎯 Exam Tip: जीवन के विभिन्न चरणों की विशेषताओं को समझें, जैसे कि प्रौढ़ावस्था में स्थिरता का आना, जो अक्सर सामाजिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण होती है।
प्रश्न 1. (iii) वह व्यक्ति जिसकी मासिक आय बहुत अधिक होती है तथा शारीरिक श्रम कम करना पड़ता है, वह होता है –
(अ) अधिक क्रियाशील
(ब) मध्यम क्रियाशील
(स) कम क्रियाशील
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (स) कम क्रियाशील
In simple words: जो व्यक्ति बहुत पैसा कमाता है लेकिन शारीरिक काम बहुत कम करता है, उसे कम क्रियाशील व्यक्ति कहा जाता है। ऐसे लोग अक्सर आरामदायक जीवनशैली जीते हैं।
🎯 Exam Tip: क्रियाशीलता के स्तर को निर्धारित करने में आय और शारीरिक श्रम दोनों की भूमिका को समझें। कम शारीरिक श्रम और अधिक आय वाले व्यक्ति कम क्रियाशील माने जाते हैं।
प्रश्न 1. (iv) भारी-भरकम शारीरिक श्रम करने वाले स्त्री-पुरुषों के वेतन का प्रतिशत भाग भोजन पर खर्च होता है -
(अ) 40 - 50
(ब) 60 - 70
(स) 70 - 80
(द) 80 - 90.
Answer: (ब) 60 - 70
In simple words: जो लोग बहुत मेहनत का काम करते हैं, वे अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा, लगभग 60 से 70 प्रतिशत, खाने पर खर्च करते हैं। उनके लिए अच्छा भोजन बहुत ज़रूरी होता है।
🎯 Exam Tip: श्रम और आय वर्ग के अनुसार पोषण संबंधी आवश्यकताओं और खर्च के पैटर्न को जानें। कड़ी मेहनत करने वालों को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 1. (v) मोटापे का शिकार अधिक होते हैं
(अ) लकड़हारा व रिक्शा चालक
(ब) मछुआरा व कुम्हार
(स) साहूकार व राजपत्रित अधिकारी
(द) इनमें से कोई नहीं।
Answer: (स) साहूकार व राजपत्रित अधिकारी
In simple words: साहूकार और बड़े अधिकारी जैसे लोग, जिनका काम ज्यादातर बैठकर होता है और शारीरिक मेहनत कम होती है, उन्हें मोटापे का खतरा ज़्यादा होता है। शारीरिक गतिविधि की कमी और अक्सर कैलोरी वाले भोजन का सेवन इसका कारण बनता है।
🎯 Exam Tip: यह समझें कि जीवनशैली और व्यवसाय कैसे स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। कम शारीरिक गतिविधि वाले व्यवसायों में मोटापे का खतरा बढ़ जाता है।
प्रश्न 1. (vi) संतुलित आहार में कम क्रियाशील वयस्क पुरुष के लिए अनाज की प्रस्तावित मात्रा है -
(अ) 480
(ब) 375
(स) 360
(द) 690.
Answer: (ब) 375
In simple words: एक कम काम करने वाले वयस्क पुरुष को अपने रोज़ के संतुलित खाने में 375 ग्राम अनाज लेना चाहिए। यह मात्रा उसकी ऊर्जा की ज़रूरत पूरी करने में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न आयु और क्रियाशीलता स्तरों के लिए प्रस्तावित आहारिक मात्राएँ याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर अनाज जैसी मुख्य खाद्य वस्तुओं के लिए।
प्रश्न 1. (रिक्त स्थान भरें) किशोरावस्था के समाप्त होते - होते युवावस्था प्रारम्भ होती है।
Answer: युवावस्था
In simple words: जब किशोरावस्था खत्म होती है, तो उसके तुरंत बाद युवावस्था का दौर शुरू हो जाता है। यह एक प्राकृतिक बदलाव है।
🎯 Exam Tip: जीवन के विभिन्न चरणों की शुरुआत और समाप्ति को समझें, क्योंकि ये अक्सर विकास और पोषण के संदर्भ में महत्वपूर्ण होते हैं।
प्रश्न 2. (रिक्त स्थान भरें) वयस्कावस्था में लिया गया सुपोषित भोजन ही प्रौढ़ावस्था में स्वस्थ बनाये रखता है।
Answer: सुपोषित
In simple words: वयस्कावस्था में अगर हम अच्छा और संतुलित भोजन खाते हैं, तो यह हमें प्रौढ़ावस्था में भी स्वस्थ और सेहतमंद रहने में मदद करता है। सही भोजन शरीर को मज़बूत रखता है।
🎯 Exam Tip: अच्छी पोषण आदतों का दीर्घकालिक प्रभाव समझें। वयस्कावस्था में स्वस्थ आहार प्रौढ़ावस्था में बेहतर स्वास्थ्य की नींव रखता है।
प्रश्न 3. (रिक्त स्थान भरें) कम क्रियाशील व्यक्ति की मासिक आय बहुत अधिक होती है तथा शारीरिक श्रम कम करना पड़ता है।
Answer: कम क्रियाशील
In simple words: वह व्यक्ति जिसकी हर महीने की कमाई बहुत ज्यादा होती है और वह शारीरिक मेहनत कम करता है, उसे कम क्रियाशील व्यक्ति कहते हैं। ये लोग अक्सर आराम पसंद होते हैं।
🎯 Exam Tip: क्रियाशीलता के स्तर को परिभाषित करने वाले कारकों पर ध्यान दें। आय और शारीरिक गतिविधि के बीच का संबंध अक्सर क्रियाशीलता के स्तर को बताता है।
प्रश्न 4. (रिक्त स्थान भरें) वयस्क महिला व पुरुष को प्रतिदिन अपने आहार में क्रमश: 30 और 28 मिग्रा. लौह तत्व लेना चाहिए।
Answer: 30, 28
In simple words: वयस्क महिलाओं को हर दिन 30 मिलीग्राम और पुरुषों को 28 मिलीग्राम लौह तत्व अपने खाने से लेना चाहिए। यह मात्रा शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है, खासकर रक्त बनाने के लिए।
🎯 Exam Tip: विभिन्न पोषक तत्वों की अनुशंसित दैनिक मात्राएँ, विशेष रूप से लिंग-विशिष्ट आवश्यकताओं वाली, याद रखें। लौह तत्व की आवश्यकता महिलाओं में अधिक होती है।
प्रश्न 5. (रिक्त स्थान भरें) ऊर्जा की सर्वाधिक आवश्यकता अधिक श्रम करने वाले पुरुष को होती है।
Answer: अधिक
In simple words: जो पुरुष बहुत ज़्यादा शारीरिक मेहनत का काम करते हैं, उन्हें सबसे ज़्यादा ऊर्जा की ज़रूरत होती है। उनका शरीर ज़्यादा काम करने के लिए अधिक ऊर्जा जलाता है।
🎯 Exam Tip: शारीरिक गतिविधि और ऊर्जा की आवश्यकता के सीधे संबंध को समझें। जितना अधिक श्रम, उतनी अधिक ऊर्जा की ज़रूरत होती है।
प्रश्न 3. स्त्री-पुरुष की पोषण संबंधी आवश्यकताएँ भिन्न होती हैं। समझाइए।
Answer: स्त्री-पुरुष की पोषण संबंधी आवश्यकताएँ सच में अलग-अलग होती हैं। इसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
1. लिंग के आधार पर (On the basis of sex): स्त्री और पुरुषों की शारीरिक बनावट और शरीर के अंदर होने वाले बदलाव अलग होते हैं। महिलाओं को ऐसे खाने की ज़्यादा ज़रूरत होती है जिसमें लौह तत्व भरपूर हो, ताकि हर महीने मासिक धर्म के दौरान खून की कमी पूरी हो सके। उन्हें प्रजनन के समय भी पूरे पोषण की ज़रूरत होती है। दूसरी तरफ, पुरुषों को ऐसे खाने की अधिक ज़रूरत होती है जो उन्हें ज़्यादा ऊर्जा और शक्ति दे सके। इसलिए, महिलाओं के भोजन में लौह तत्व और प्रोटीन ज़्यादा होना चाहिए, जबकि पुरुषों को ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट और वसायुक्त भोजन की अधिक आवश्यकता होती है। शरीर का लिंग तय करता है कि किस पोषक तत्व की कितनी मात्रा चाहिए।
2. श्रम के आधार पर (On the basis of work): आमतौर पर पुरुष महिलाओं से ज़्यादा शारीरिक मेहनत करते हैं, इसलिए उनकी पोषण संबंधी ज़रूरतें भी उसी के अनुसार होती हैं। उदाहरण के लिए, एक गृहिणी, जो घर का काम करती है, उसे शारीरिक श्रम के अनुसार पोषण चाहिए। स्त्री और पुरुषों की पोषण ज़रूरतों में अंतर को हम नीचे दी गई तालिका से और अच्छे से समझ सकते हैं, जो वयस्कावस्था के लिए संतुलित आहार की ज़रूरतें बताती है:
| भोज्य समूह | ग्राम/सन्दर्भ इकाई | कम क्रियाशील | मध्यम क्रियाशील | अधिक क्रियाशील | |||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पुरुष | स्त्री | पुरुष | स्त्री | पुरुष | स्त्री | ||
| अनाज | 30 | 12.5 | 9 | 15 | 11 | 20 | 16 |
| दालें | 30 | 2.5 | 2 | 3 | 2.5 | 4 | 3 |
| दूध (मिली.) | 100 | 3 | 3 | 3 | 3 | 3 | 3 |
| कंदमूल | 100 | 2 | 1 | 2 | 1 | 2 | 2 |
| हरी पत्तेदार सब्जियाँ | 100 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 |
| अन्य सब्जियाँ | 100 | 2 | 1 | 2 | 1 | 2 | 2 |
| फल | 100 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 |
| शक्कर | 5 | 5 | 4 | 8 | 5 | 11 | 9 |
| घी/तेल | 5 | 4 | 4 | 7 | 6 | 11 | 8 |
In simple words: पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग मात्रा में पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है, क्योंकि उनका शरीर और काम करने का तरीका अलग होता है। महिलाओं को ख़ासकर आयरन की ज़्यादा ज़रूरत होती है, जबकि पुरुषों को ज़्यादा ऊर्जा देने वाले भोजन की।
🎯 Exam Tip: पोषण संबंधी आवश्यकताओं में लिंग और शारीरिक श्रम के प्रभाव को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें, साथ ही एक संक्षिप्त आहार तालिका का उदाहरण भी दें।
प्रश्न 4. वयस्कों का आहार-आयोजन करते समय आप किन-किन बातों का ध्यान रखेंगे?
Answer: वयस्कों के लिए आहार बनाते समय कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि उन्हें पूरा पोषण मिल सके। ध्यान रखने योग्य मुख्य बातें ये हैं:
1. आहार-आयोजन ऐसा होना चाहिए जो व्यक्ति की रोज़ की पोषण संबंधी ज़रूरतें पूरी कर सके। भोजन को ऐसा चुनें जिससे शरीर को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिलें।
2. वयस्कों का आहार तय करते समय उनकी उम्र, जिस जगह वे रहते हैं (जलवायु), लिंग और उनके काम करने के तरीके (शारीरिक श्रम) को ध्यान में रखना बहुत ज़रूरी है। ये सभी चीज़ें पोषण की ज़रूरत पर असर डालती हैं।
3. आहार बनाने का सबसे ज़रूरी बिंदु आय है। व्यक्ति की आमदनी के हिसाब से ही आहार तय करना चाहिए। अमीर और गरीब व्यक्ति की पोषण की ज़रूरतें एक जैसी हो सकती हैं, लेकिन उनके भोजन का प्रकार और मात्रा आय के हिसाब से तय होगी।
4. मध्यम आय वाले लोग अपनी पोषण संबंधी ज़रूरतें पूरी करने के लिए महीने या साल भर का राशन, जैसे अनाज, दालें और तिलहन, थोक में खरीद सकते हैं। इससे उन्हें सामान सस्ता मिलता है।
5. मध्यम आय वर्ग के वयस्कों को भोजन खरीदने से पहले दो-तीन दुकानों पर मोलभाव करके खरीदना चाहिए। यह उन्हें अच्छे दाम पर पौष्टिक भोजन खरीदने में मदद करता है।
6. ज़्यादा आय वाले वयस्क अपने भोजन में महंगे प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं, जैसे दूध, दही, मछली, अंडे, पनीर और खोआ आदि। उनके पास अपनी पसंद के अनुसार बेहतर पोषण विकल्प होते हैं।
[नोट – माँसाहारी व्यक्ति 30 ग्राम दाल की जगह 50 ग्राम अंडा/माँस/मछली आदि खा सकते हैं।]
7. मध्यम आय वर्ग के वयस्क भी अपने भोजन में प्रोटीन के लिए दूध, अंडे और दालों का सही मात्रा में सेवन कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि उन्हें पर्याप्त प्रोटीन मिले।
8. कम आय वर्ग के वयस्कों के लिए छाछ प्रोटीन का एक सस्ता और पौष्टिक स्रोत है। इस समूह के लोग प्रोटीन पाने के लिए सस्ते माँसाहार का भी उपयोग कर सकते हैं।
9. कम आय वर्ग के वयस्क अंकुरण (अनाज को भिगोकर अंकुरित करना) और खमीरीकरण (जैसे इडली, डोसा) जैसी विधियों से अपने भोजन में विविधता और पौष्टिकता बढ़ा सकते हैं। ये तरीके भोजन के पोषक तत्वों को बढ़ाते हैं।
10. ज़्यादा आय वर्ग के वयस्कों के भोजन में अक्सर वसा और शक्कर ज़्यादा होती है। उन्हें चाहिए कि वे ज़्यादा तले-भुने भोजन की बजाय ज़्यादा सब्ज़ियाँ और कम चिकनाई वाला भोजन खाएँ। पूड़ी, पराठे और पकौड़ों की जगह ताजे फल और सब्ज़ियों का सेवन बढ़ाना चाहिए।
11. मौसमी फलों का उपयोग सभी आय वर्गों के वयस्कों को करना चाहिए। वे अपनी आय के अनुसार सस्ते या महंगे मौसमी फल खरीद सकते हैं। मौसमी फल अक्सर सस्ते और ताजे होते हैं।
12. कम आय वर्ग के वयस्क अपने भोजन में ताजे हरे मटर के छिलके, मूली के पत्ते, तोरई, केले और आम के छिलकों से बनी सब्ज़ियाँ जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं। इससे भोजन की पौष्टिकता बढ़ जाती है और लागत कम रहती है।
In simple words: वयस्कों के लिए खाना बनाते समय उनकी उम्र, काम, लिंग और पैसे को ध्यान में रखना चाहिए। उन्हें सभी ज़रूरी पोषक तत्व मिलने चाहिए और पैसे के हिसाब से सही खाने का चुनाव करना चाहिए।
🎯 Exam Tip: आहार आयोजन के सिद्धांतों को विस्तृत रूप से समझाएं, जिसमें आय, शारीरिक गतिविधि और खाद्य सुरक्षा जैसे व्यावहारिक कारकों का समावेश हो।
प्रश्न 5. कम मूल्य में उचित पोषक भोजन हेतु कुछ सुझाव प्रस्तावित करें।
Answer: कम खर्च में भी पौष्टिक भोजन प्राप्त करने के लिए कुछ उपयोगी सुझाव नीचे दिए गए हैं:
1. भोजन में ज्वार, बाजरा, रागी जैसे सस्ते अनाजों का उपयोग करना चाहिए। ये अनाज सस्ते होते हैं और इनमें ज़रूरी पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में होते हैं।
2. ऐसे अनाज जो दूसरे खाद्य पदार्थों से सस्ते हों, उन्हें ज़्यादा मात्रा में खरीदना चाहिए। सस्ता होने का मतलब यह नहीं कि वे कम पौष्टिक हैं।
3. बड़ी और मोटी रोटी बनानी चाहिए ताकि अनाज की मात्रा ज़्यादा मिल सके। इससे पेट भरता है और पोषण भी मिलता है।
4. किचन गार्डन (घर के छोटे बगीचे) से मिलने वाली हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, जो सस्ती हों, उन्हें ही खरीदना चाहिए, जैसे पालक, चौलाई, मेथी और मीठा नीम आदि। ये ताज़ी और पौष्टिक होती हैं।
5. खमीरीकरण (जैसे इडली), माल्टिंग (अनाज को अंकुरित करना) और अंकुरण जैसी विधियाँ भोजन बनाने में अपनानी चाहिए। इससे भोजन के पोषक तत्व बढ़ते हैं और वे महंगे भी नहीं होते।
6. फूलगोभी, गाजर, चुकंदर, मूली और प्याज जैसी सब्ज़ियों का सेवन करना चाहिए। इनमें पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व और खनिज लवण होते हैं।
7. जहाँ तक हो सके, घर का बना खाना ही खाना चाहिए, क्योंकि यह कम खर्चीला होता है। बाज़ार के खाने में पोषक तत्वों की मात्रा कम हो सकती है और उसमें इस्तेमाल होने वाला ज़्यादा वसा-तेल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। अगर बाहर जाना भी हो, तो घर का बना खाना टिफिन में ले जाना चाहिए, क्योंकि घर के खाने में ज़्यादा पोषक तत्व होते हैं।
8. भोजन को भाप से पकाना चाहिए, क्योंकि इस तरह पकाने से भोजन में पोषक तत्व ज़्यादा रहते हैं और नष्ट नहीं होते। वसा या तेल में पके खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व अक्सर कम हो जाते हैं और शारीरिक रूप से भी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
9. ऊर्जा पाने के लिए चीनी की जगह गुड़ का उपयोग करना चाहिए। गुड़ चीनी से सस्ता और ज़्यादा पौष्टिक होता है, जिसमें लौह तत्व भी होता है।
10. सस्ते और मौसमी फल और सब्ज़ियाँ, जैसे पपीता और अमरूद आदि को भोजन में शामिल करना चाहिए। ये ताजे फल स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छे होते हैं।
11. प्राकृतिक रूप से संरक्षित भोजन, जैसे दालें या सूखे मेवे, ताजे भोजन से सस्ते होते हैं। इनका उपयोग ज़्यादा मात्रा में करना चाहिए।
12. निम्न आय वर्ग के लोग अपने भोजन में ताजे हरे मटर के छिलके, मूली के पत्ते, तोरई और केले व आम के छिलकों से बनी सब्ज़ियाँ आदि पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल कर सकते हैं। ये सस्ते होते हैं और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं।
In simple words: कम पैसे में अच्छा खाना खाने के लिए सस्ते अनाज, मौसमी सब्ज़ियाँ और फलों का इस्तेमाल करें। घर का बना खाना खाएँ और अंकुरण जैसी विधियों से खाने की पौष्टिकता बढ़ाएँ।
🎯 Exam Tip: कम लागत वाले पोषण के लिए व्यावहारिक और स्थानीय रूप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों के उदाहरण दें, साथ ही खाद्य पदार्थों की पौष्टिकता बढ़ाने की विधियों का भी उल्लेख करें।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 14 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. मध्यम क्रियाशील व्यक्ति है –
(अ) मजदूर
(ब) गृहणियाँ
(स) चिकित्सा
(द) किसान
Answer: (ब) गृहणियाँ
In simple words: गृहणियाँ आमतौर पर मध्यम क्रियाशील मानी जाती हैं क्योंकि वे घर के कामों में शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की मेहनत करती हैं।
🎯 Exam Tip: क्रियाशीलता के विभिन्न स्तरों के उदाहरणों को याद करें, क्योंकि यह वर्गीकरण अक्सर पोषण संबंधी आवश्यकताओं को निर्धारित करने में सहायक होता है।
प्रश्न 2. वयस्कावस्था में महिला को कितने किलो कैलोरी की आवश्यकता होती है?
(अ) 2000
(ब) 1800
(स) 1900
(द) 2100
Answer: (स) 1900
In simple words: एक वयस्क महिला को आम तौर पर हर दिन लगभग 1900 किलो कैलोरी ऊर्जा की ज़रूरत होती है। यह मात्रा उसके शरीर को ठीक से काम करने के लिए ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: लिंग और क्रियाशीलता के स्तर के अनुसार कैलोरी की अनुशंसित दैनिक मात्राओं को याद रखना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 3. वयस्कावस्था में आहार में कैल्शियम और फॉस्फोरस का अनुपात कितना होना चाहिए?
(अ) 1:2
(ब) 2:1
(स) 3:2
(द) 1:1
Answer: (द) 1:1
In simple words: वयस्क लोगों को अपने खाने में कैल्शियम और फॉस्फोरस बराबर मात्रा में लेने चाहिए, यानी 1:1 के अनुपात में। ये दोनों खनिज हड्डियाँ और दाँत मज़बूत बनाने के लिए ज़रूरी हैं।
🎯 Exam Tip: शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे खनिजों के आदर्श अनुपात को याद रखें, क्योंकि यह हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 4. वयस्कों में अतिपोषण से होने वाली बीमारी है –
(अ) मोटापा
(ब) उच्च रक्तचाप
(स) मधुमेह
(द) उपरोक्त सभी
Answer: (द) उपरोक्त सभी
In simple words: जब कोई व्यक्ति ज़रूरत से ज़्यादा खाना खाता है, तो उसे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। यह सब बहुत ज़्यादा खाने के बुरे असर हैं।
🎯 Exam Tip: अतिपोषण से जुड़ी विभिन्न बीमारियों को जानें, क्योंकि यह आधुनिक जीवनशैली की एक आम समस्या है और इसके स्वास्थ्य पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
प्रश्न 5. पूरे दिन के भोजन को कितने भागों में बाँटना चाहिए?
(अ) 2
(ब) 3
(स) 4
(द) 5
Answer: (ब) 3
In simple words: पूरे दिन के भोजन को मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बाँटना चाहिए-सुबह का नाश्ता, दोपहर का खाना और रात का खाना। इससे शरीर को पूरे दिन ऊर्जा मिलती रहती है।
🎯 Exam Tip: संतुलित आहार योजना में भोजन के उचित वितरण को समझें, क्योंकि दिनभर में ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने के लिए भोजन को छोटे-छोटे भागों में बाँटना फायदेमंद होता है।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
प्रश्न 1. किशोरावस्था के समाप्त होते - होते युवावस्था प्रारम्भ होती है।
Answer: युवावस्था
In simple words: जब किशोरावस्था खत्म होती है, तो उसके बाद युवावस्था का दौर शुरू हो जाता है। यह एक प्राकृतिक बदलाव है।
🎯 Exam Tip: जीवन के विभिन्न चरणों की शुरुआत और समाप्ति को समझें, क्योंकि ये अक्सर विकास और पोषण के संदर्भ में महत्वपूर्ण होते हैं।
प्रश्न 2. वयस्कावस्था में लिया गया सुपोषित भोजन ही प्रौढ़ावस्था में स्वस्थ बनाये रखता है।
Answer: सुपोषित
In simple words: वयस्कावस्था में अगर हम अच्छा और संतुलित भोजन खाते हैं, तो यह हमें प्रौढ़ावस्था में भी स्वस्थ और सेहतमंद रहने में मदद करता है। सही भोजन शरीर को मज़बूत रखता है।
🎯 Exam Tip: अच्छी पोषण आदतों का दीर्घकालिक प्रभाव समझें। वयस्कावस्था में स्वस्थ आहार प्रौढ़ावस्था में बेहतर स्वास्थ्य की नींव रखता है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 14 अति लघूत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1. जीवन में सर्वाधिक लम्बे अन्तराल के लिए चलने वाली अवस्थाएँ कौन-कौनसी हैं ?
Answer: जीवन में सबसे लंबे समय तक चलने वाली अवस्थाएँ युवावस्था और प्रौढ़ावस्था हैं। ये दोनों अवस्थाएँ मिलकर मानव जीवन का एक बड़ा हिस्सा कवर करती हैं।
In simple words: युवावस्था और प्रौढ़ावस्था जीवन के वे चरण हैं जो सबसे लंबे समय तक चलते हैं।
🎯 Exam Tip: जीवन के विभिन्न चरणों की अवधि और विशेषताओं को याद रखें, खासकर वे जो लंबी अवधि के लिए होते हैं।
प्रश्न 2. वयस्कावस्था किसे कहते हैं?
Answer: किशोरावस्था के खत्म होने से लेकर बुढ़ापा शुरू होने से पहले तक के समय को वयस्कावस्था कहते हैं। यह जीवन का वह महत्वपूर्ण चरण है जब व्यक्ति अपनी भूमिकाओं को निभाता है।
In simple words: वयस्कावस्था का मतलब किशोरावस्था के बाद और बुढ़ापे से पहले का समय है।
🎯 Exam Tip: वयस्कावस्था की परिभाषा को सही ढंग से याद करें, इसकी शुरुआत और समाप्ति बिंदुओं पर ध्यान दें।
प्रश्न 3. वयस्कावस्था कितने साल तक की अवधि होती है?
Answer: वयस्कावस्था आमतौर पर 20-21 साल की उम्र से शुरू होकर 40 साल तक चलती है। यह लगभग दो दशकों का महत्वपूर्ण समय होता है।
In simple words: वयस्कावस्था 20-21 साल से लेकर 40 साल तक का समय होता है।
🎯 Exam Tip: आयु-सीमा संबंधी प्रश्नों में सटीक संख्यात्मक मान याद रखें, जैसे कि वयस्कावस्था की अवधि।
प्रश्न 4. शारीरिक श्रम के आधार पर व्यक्तियों को कितने वर्गों में बाँटा जा सकता है?
Answer: शारीरिक श्रम के आधार पर व्यक्तियों को तीन मुख्य वर्गों में बाँटा जा सकता है: अधिक क्रियाशील, मध्यम क्रियाशील और कम क्रियाशील। यह वर्गीकरण उनकी दैनिक गतिविधियों और ऊर्जा खर्च पर आधारित होता है।
In simple words: लोगों को उनके काम के हिसाब से तीन समूहों में बांटा जाता है: बहुत काम करने वाले, सामान्य काम करने वाले और कम काम करने वाले।
🎯 Exam Tip: शारीरिक श्रम के आधार पर व्यक्तियों के वर्गीकरण के तीनों प्रकारों को याद करें और प्रत्येक की संक्षिप्त परिभाषा भी जान लें।
प्रश्न 5. अधिक क्रियाशील व्यक्तियों के चार उदाहरण लिखिए।
Answer: अधिक क्रियाशील व्यक्तियों के चार उदाहरण हैं: खान श्रमिक, खेतिहर मजदूर, कुली और रिक्शाचालक। ये लोग अपने दैनिक जीवन में भारी शारीरिक मेहनत करते हैं।
In simple words: खान में काम करने वाले, खेत में काम करने वाले, कुली और रिक्शा चलाने वाले लोग बहुत ज़्यादा काम करने वाले होते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न क्रियाशीलता स्तरों के लिए विशिष्ट उदाहरणों को याद करें, खासकर अधिक शारीरिक श्रम वाले व्यक्तियों के लिए।
प्रश्न 6. कौन से भोज्य पदार्थों का अधिक मात्रा में लेना अति पोषण कहलाता है?
Answer: तली हुई सामग्री, समोसे, पैटीज, केक, सॉफ्ट ड्रिंक्स और कॉफी जैसे भोज्य पदार्थों का ज़्यादा मात्रा में सेवन करना अति पोषण कहलाता है। इन खाद्य पदार्थों में अक्सर ज़्यादा वसा, चीनी और कैलोरी होती है।
In simple words: बहुत ज़्यादा तले हुए खाने, समोसे, केक, मीठे पेय और कॉफ़ी पीने से शरीर में ज़रूरत से ज़्यादा पोषण (अतिपोषण) हो जाता है।
🎯 Exam Tip: अतिपोषण से संबंधित खाद्य पदार्थों के प्रकारों को पहचानें, खासकर वे जो उच्च कैलोरी, वसा और चीनी वाले होते हैं।
प्रश्न 7. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसन्धान परिषद् द्वारा कम, अधिक तथा साधारण क्रियाशील स्त्री-पुरुषों के लिए प्रोटीन की समान मात्रा प्रस्तावित की गई है। ऐसा क्यों?
Answer: भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने सभी क्रियाशील स्त्री-पुरुषों के लिए प्रोटीन की एक जैसी मात्रा तय की है, क्योंकि वयस्कावस्था में शरीर की वृद्धि और विकास बहुत कम होता है। इस अवस्था में प्रोटीन की मुख्य ज़रूरत केवल रोज़ाना होने वाली शारीरिक टूट-फूट की मरम्मत के लिए होती है, न कि नई वृद्धि के लिए।
In simple words: भारतीय मेडिकल रिसर्च काउंसिल ने सभी वयस्क स्त्री-पुरुषों के लिए प्रोटीन की एक ही मात्रा तय की है, क्योंकि वयस्क होने पर शरीर बढ़ता नहीं है, बस अंदरूनी टूट-फूट ठीक करने के लिए प्रोटीन चाहिए होता है।
🎯 Exam Tip: प्रोटीन की आवश्यकताओं को निर्धारित करने में शारीरिक वृद्धि बनाम ऊतक मरम्मत के महत्व को स्पष्ट करें।
प्रश्न 8. अधिक क्रियाशील पुरुष के लिए प्रतिदिन दूध की कितनी मात्रा आवश्यक होती है?
Answer: एक अधिक क्रियाशील पुरुष को प्रतिदिन 300 मिलीलीटर दूध की आवश्यकता होती है। दूध कैल्शियम और प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है, जो उनकी उच्च ऊर्जा और पोषण संबंधी ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करता है।
In simple words: ज़्यादा काम करने वाले पुरुष को हर दिन 300 मिलीलीटर दूध पीना चाहिए।
🎯 Exam Tip: विभिन्न क्रियाशीलता स्तरों और लिंगों के लिए विशिष्ट खाद्य पदार्थों की अनुशंसित मात्राओं को याद रखें, जैसे कि दूध की मात्रा।
प्रश्न 9. उच्च आय वर्ग वाले कम क्रियाशील स्त्री-पुरुष भी पोषण संबंधी समस्याओं का शिकार क्यों होते हैं?
Answer: उच्च आय वर्ग के कम क्रियाशील स्त्री-पुरुष भी पोषण संबंधी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं क्योंकि वे अक्सर अपने व्यावसायिक कामों में व्यस्त रहते हैं और समय पर भोजन नहीं कर पाते। वे समारोहों और सभाओं में ज़्यादा समय बिताते हैं, जिसके कारण वे अक्सर नमकीन, समोसे, तली हुई चीजें, मिठाई, केक, पेस्ट्री और सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं। यह अनियमित और असंतुलित आहार उनके पोषण संबंधी समस्याओं का मुख्य कारण बनता है।
In simple words: अमीर लोग, जो कम काम करते हैं, वे भी पोषण की समस्या का शिकार हो सकते हैं। वे अक्सर व्यस्त रहते हैं, ठीक से खाना नहीं खाते और ज़्यादा तला-भुना या मीठा खाते हैं, जिससे उन्हें सही पोषण नहीं मिलता।
🎯 Exam Tip: जीवनशैली और सामाजिक आदतें कैसे पोषण को प्रभावित कर सकती हैं, यह बताएं, खासकर उच्च आय वर्ग में जहां अज्ञानता और व्यस्तता प्रमुख कारक हो सकते हैं।
प्रश्न 10. महिलाएँ पोषण संबंधी समस्याओं का शिकार क्यों होती हैं?
Answer: अधिकतर महिलाएँ दुबली और पतली दिखने की चाह में कम भोजन करती हैं, जिसके कारण वे पोषण संबंधी समस्याओं का शिकार होती हैं। उन्हें अक्सर यह पता नहीं होता कि कम भोजन करने से उनके शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएँ पैदा हो सकती हैं।
In simple words: कई महिलाएँ पतली दिखने के लिए कम खाती हैं, जिससे उन्हें पोषण की कमी हो जाती है और वे बीमार पड़ जाती हैं।
🎯 Exam Tip: महिलाओं में पोषण संबंधी समस्याओं के सामाजिक-सांस्कृतिक और व्यक्तिगत कारणों पर ध्यान दें, जैसे शरीर की छवि को लेकर चिंता।
प्रश्न 11. खाद्य पदार्थों में प्रोटीन की उपस्थिति क्यों अनिवार्य है?
Answer: प्रोटीन शारीरिक वृद्धि, क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत और नए ऊतकों के निर्माण के लिए आवश्यक है। यह एंजाइम, हार्मोन और अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक रसायनों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रोटीन शरीर के लिए एक महत्वपूर्ण निर्माण खंड है, जो हर कोशिका के स्वस्थ कामकाज को सुनिश्चित करता है।
In simple words: प्रोटीन शरीर को बढ़ने, टूट-फूट की मरम्मत करने और नए हिस्से बनाने के लिए बहुत ज़रूरी है। यह शरीर के अंदर ज़रूरी रसायन बनाने में भी मदद करता है, जो हमारे शरीर को सही से काम करने के लिए चाहिए होते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रोटीन के मुख्य कार्यों को स्पष्ट रूप से बताएं, विशेष रूप से वृद्धि, मरम्मत और शारीरिक कार्यों के नियमन में इसकी भूमिका पर जोर दें।
प्रश्न 13. निम्न आय वर्ग के सदस्य व्यंजनों की पौष्टिकता में कैसे वृद्धि कर सकते हैं?
Answer: निम्न आय वर्ग के सदस्य अनाज और दालों को अंकुरित करके या खमीरीकृत करके व्यंजनों की पौष्टिकता बढ़ा सकते हैं। ये प्रक्रियाएँ भोजन के पोषक तत्वों को बढ़ाती हैं और उन्हें आसानी से पचाने योग्य बनाती हैं।
In simple words: गरीब परिवार के लोग अनाज और दालों को अंकुरित करके या खमीरीकृत करके अपने खाने को ज़्यादा पौष्टिक बना सकते हैं।
🎯 Exam Tip: कम लागत पर भोजन की पौष्टिकता बढ़ाने के व्यावहारिक तरीकों को समझें, जैसे कि अंकुरण और खमीरीकरण।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 14 लघूत्तरीय प्रश्न (SA-I)
प्रश्न 1. युवावस्था / वयस्कावस्था से आप क्या समझते हैं?
Answer: युवावस्था जीवन का वह पड़ाव है जब किशोर अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके होते हैं और उनका कैरियर लगभग तय हो चुका होता है। इस दौरान उन्हें वास्तविकताओं का सामना करना पड़ता है और जीविकोपार्जन (पैसे कमाना) व जीवनयापन के लिए प्रयास करने पड़ते हैं। यह वह समय भी होता है जब युवक-युवतियों को परिवार बसाना होता है। किशोरावस्था की चंचलता इस अवस्था में समाप्त हो जाती है और उन्हें शारीरिक व मानसिक श्रम करते हुए थकान, तनाव आदि से जूझना पड़ता है। यह अवस्था आर्थिक उत्पादन की एक महत्वपूर्ण अवस्था मानी जाती है।
In simple words: युवावस्था वह समय है जब पढ़ाई पूरी हो जाती है, करियर बन जाता है, और लोग पैसे कमाने और परिवार बसाने की सोचते हैं। इसमें मेहनत और तनाव भी होता है।
🎯 Exam Tip: युवावस्था की परिभाषा और उसकी प्रमुख विशेषताओं को विस्तृत रूप से समझाएं, जिसमें शिक्षा, करियर और सामाजिक जिम्मेदारियों का उल्लेख हो।
प्रश्न 2. प्रौढ़ावस्था में व्यक्ति का व्यवहार कैसा होता है?
Answer: प्रौढ़ावस्था में व्यक्ति आर्थिक और सामाजिक रूप से स्थिर होता है। इस समय प्रौढ़ व्यक्ति अपनी आर्थिक और सामाजिक उन्नति के सबसे ऊँचे स्तर पर होते हैं। वे भावनात्मक रूप से भी स्थिर, शांत, विनम्र और अनुभवी होते हैं। वे समाज के अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों को सही दिशा और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
In simple words: प्रौढ़ावस्था में लोग आर्थिक और सामाजिक रूप से स्थिर हो जाते हैं। वे शांत, अनुभवी होते हैं और समाज को सही रास्ता दिखाते हैं।
🎯 Exam Tip: प्रौढ़ावस्था में व्यक्ति के भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक व्यवहार की मुख्य विशेषताओं का वर्णन करें।
प्रश्न 3. निम्न आय वाले भारी – भरकम शारीरिक श्रम करने वाले व्यक्तियों की पोषण सम्बन्धी समस्या क्या होती है?
Answer: निम्न आय वर्ग के भारी शारीरिक श्रम करने वाले स्त्री-पुरुषों की पोषण संबंधी ज़रूरतें बढ़ जाती हैं, लेकिन उनकी मासिक आय बहुत कम होती है। ऐसे व्यक्तियों को पेट भरने लायक पर्याप्त भोजन भी ठीक से नहीं मिल पाता है। इसी कारण ये लोग अक्सर कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। शरीर को ज़्यादा काम के लिए ज़्यादा पोषण चाहिए होता है, लेकिन कम आय के कारण वे इसे पूरा नहीं कर पाते।
In simple words: जो लोग गरीब होते हैं और बहुत मेहनत का काम करते हैं, उन्हें ज़्यादा खाने की ज़रूरत होती है, पर पैसे कम होने के कारण वे पूरा खाना नहीं खा पाते। इससे वे कमज़ोर और कुपोषित हो जाते हैं।
🎯 Exam Tip: आय और शारीरिक श्रम के बीच के संबंध को स्पष्ट करें और बताएं कि कम आय और अधिक श्रम कुपोषण का कारण कैसे बनते हैं।
प्रश्न 2. युवा वर्ग की महिलाओं की पोषण सम्बन्धी समस्याएँ समझाइए।
Answer: युवा वर्ग की कई महिलाएँ दुबली-पतली और छरहरी दिखने की चाह में दिनभर में खाए जाने वाले भोजन की मात्रा कम कर देती हैं। वे अक्सर सुबह का नाश्ता भी नहीं करती हैं। जो महिलाएँ घर का सारा काम-काज निपटाकर दोपहर 12-1 बजे तक कुछ नहीं खातीं और जो कामकाजी महिलाएँ दफ्तर में दोपहर के भोजन अवकाश पर ही भोजन करती हैं, उनकी पोषण संबंधी समस्याएँ बढ़ जाती हैं। दिन की अच्छी शुरुआत, पूरे दिन ऊर्जावान रहने और अच्छा पोषण पाने के लिए सुबह का नाश्ता बहुत ज़रूरी होता है।
जो युवा सुबह नाश्ता नहीं करते, वे दिनभर में जलपान या दोपहर व रात्रि के भोजन में ज़्यादा खाना खा लेते हैं। इस तरह, वयस्क युवक-युवतियों का भोजन प्रायः दो समय का ही रहता है और सुबह का नाश्ता व दोपहर का भोजन पूरी तरह संतुलित व पौष्टिक नहीं होता। उनकी पोषण संबंधी ज़रूरतों का ज़्यादा बोझ रात के भोजन पर आ जाता है। रात का भोजन पूरे दिन की पोषण की कमी को पूरा नहीं कर पाता। इसलिए ऐसे व्यक्ति पोषण से वंचित रह जाते हैं। यह आदत लंबे समय में स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
In simple words: युवा महिलाएँ अक्सर पतली दिखने के लिए कम खाना खाती हैं या नाश्ता छोड़ देती हैं। वे दिनभर में ठीक से नहीं खातीं और रात में ज़्यादा खा लेती हैं, जिससे उन्हें पूरा पोषण नहीं मिल पाता और वे कमज़ोर हो जाती हैं।
🎯 Exam Tip: युवा महिलाओं में पोषण संबंधी समस्याओं के विशिष्ट कारणों, जैसे सौंदर्य संबंधी मानदंड और अनियमित भोजन पैटर्न को विस्तृत रूप से समझाएं।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 14 निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. शारीरिक श्रम अथवा क्रियाशीलता के आधार पर वयस्कों का वर्गीकरण कीजिए।
अथवा
शारीरिक श्रम के आधार पर व्यक्तियों को विभिन्न वर्गों में बाँटा गया है। समझाइए।
Answer: किसी भी व्यक्ति की क्रियाशीलता उसके व्यवसाय और आर्थिक स्थिति पर निर्भर करती है। आमतौर पर आय और शारीरिक क्रियाशीलता के बीच उल्टा संबंध होता है: कम आय वाले वयस्क ज़्यादा आय वालों की तुलना में अधिक शारीरिक काम करते हैं। क्रियाशीलता के आधार पर वयस्कों को निम्नलिखित समूहों में बाँटा जा सकता है:
1. कम क्रियाशील (Sedentary worker निम्न आय वर्ग): इस समूह में वे वयस्क स्त्री-पुरुष आते हैं जिनकी मासिक आय बहुत अधिक होती है और उन्हें शारीरिक श्रम बहुत कम करना पड़ता है। ये लोग आमतौर पर डेस्क जॉब करते हैं और उनकी ऊर्जा की माँग कम होती है। साहूकार और राजपत्रित अधिकारी इस श्रेणी में आते हैं।
2. मध्यम क्रियाशील (Moderate worker मध्यम आय वर्ग): इस समूह में वे वयस्क स्त्री-पुरुष आते हैं जिन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का श्रम करना पड़ता है। इन सदस्यों में ऊर्जा की माँग भी मध्यम होती है। मुख्य रूप से कामकाजी महिलाएँ, किसान, ड्राइवर, इलैक्ट्रीशियन, जुलाहे, खाती, कुम्हार, मछुआरे और सुनार आदि इस वर्ग में आते हैं। मध्यम वर्ग के वयस्क अक्सर व्यावसायिक व्यस्तताओं, पोषण संबंधी अज्ञानता या लापरवाही के कारण कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। वे अक्सर समय पर भोजन नहीं कर पाते और उनके आहार में पौष्टिकता की कमी रहती है।
3. अधिक क्रियाशील (Heavy worker निम्न आय वर्ग): इस समूह में वे वयस्क स्त्री-पुरुष आते हैं जो कठिन शारीरिक श्रम करते हैं। इस समूह की ऊर्जा की माँग सबसे ज़्यादा होती है। मुख्य रूप से खान श्रमिक, खेतिहर मजदूर, कुली, लकड़हारे और रिक्शाचालक इस वर्ग में शामिल हैं।
In simple words: हम वयस्कों को उनके काम के हिसाब से तीन भागों में बाँट सकते हैं: कम काम करने वाले (जो कम मेहनत करते हैं), सामान्य काम करने वाले (जो थोड़ा काम करते हैं) और ज़्यादा काम करने वाले (जो बहुत मेहनत करते हैं)।
🎯 Exam Tip: शारीरिक श्रम के आधार पर वयस्कों के वर्गीकरण को प्रत्येक वर्ग के स्पष्ट उदाहरणों और उनकी विशेषताओं के साथ समझाएं।
प्रश्न 2. वयस्कों की पोषण संबंधी प्रमुख समस्याओं का संक्षेप में वर्णन करिए।
Answer: वयस्कों की पोषण संबंधी ज़रूरतें उनके काम के तरीके और आय पर निर्भर करती हैं। वयस्कावस्था जीवन की वह अवस्था है जिसमें व्यक्ति पर सबसे ज़्यादा जिम्मेदारियाँ होती हैं, और कभी-कभी उसकी खाने की ज़रूरतें पूरी नहीं हो पातीं। उनकी पोषण संबंधी मुख्य समस्याओं का वर्णन नीचे दिए गए बिंदुओं में किया जा सकता है:
1. कम क्रियाशील वयस्कों की पौषणिक समस्याएँ (Nutritive problems of sedentary workers): इस समूह के व्यक्तियों की आय अक्सर अधिक होती है, लेकिन शारीरिक गतिविधि बहुत कम होती है। ऐसे लोग ज़्यादा कैलोरी वाले, प्रोसेस्ड और वसायुक्त भोजन का सेवन करते हैं, जिससे अतिपोषण और उससे संबंधित बीमारियाँ जैसे मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है। उन्हें पर्याप्त फाइबर और सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं मिलते।
2. मध्यम क्रियाशील वयस्कों की पौषणिक समस्याएँ (Nutritive problems of moderate workers): इस समूह के वयस्कों को मध्यम स्तर का श्रम करना होता है, जिसके अनुसार उनकी पोषण संबंधी आवश्यकताएँ बढ़ती हैं। हालाँकि, इनकी आय कम होने के कारण, आय का 60-70 प्रतिशत तक भोजन पर खर्च करने के बाद भी ज़रूरत के हिसाब से पोषण पूरा नहीं हो पाता। जहाँ एक तरफ इन्हें पर्याप्त भोजन मिलना एक समस्या है, वहीं संतुलित आहार के बारे में सोचना तो दूर की बात है। अत्यधिक व्यस्तता, पोषण संबंधी अज्ञानता और लापरवाही (Ignorance and negligence) के कारण ये भी कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। इस वर्ग की युवतियाँ जानबूझकर छरहरी काया के लालच में सामान्य से कम भोजन करती हैं, जिससे वे पोषण संबंधी समस्याओं से पीड़ित हो जाती हैं। इस समूह के वयस्क अज्ञानतावश एक समय का भोजन पर्याप्त रूप से नहीं कर पाते, जिसके कारण भी पोषण संबंधी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
3. अधिक क्रियाशील वयस्कों की पौषणिक समस्याएँ (Nutritive problems of heavy workers): इस समूह के वयस्कों को कठिन शारीरिक श्रम करना पड़ता है, जिससे उनकी पोषण संबंधी आवश्यकताएँ काफी बढ़ जाती हैं। लेकिन, इनकी आय अक्सर कम होती है, जिसके कारण वे अपनी बढ़ती हुई पोषण संबंधी ज़रूरतों को पूरा नहीं कर पाते। उन्हें पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे उनमें ऊर्जा की कमी और थकान जैसी समस्याएँ आम हैं।
In simple words: वयस्कों को तीन तरह की पोषण समस्याएँ हो सकती हैं: कम काम करने वाले लोग ज़्यादा खा लेते हैं और बीमार पड़ते हैं; सामान्य काम करने वाले लोग पैसे और जानकारी की कमी से जूझते हैं; और बहुत मेहनत करने वाले लोग कम पैसे के कारण पर्याप्त खाना नहीं खा पाते, जिससे वे कमज़ोर हो जाते हैं।
🎯 Exam Tip: वयस्कों में पोषण संबंधी समस्याओं का वर्गीकरण करते समय, प्रत्येक वर्ग की आय, गतिविधि स्तर और विशिष्ट पोषण संबंधी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करें।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 14 प्रयोगात्मक प्रश्न
प्रश्न 1. श्रम व लिंग के आधार पर वयस्कावस्था के लिए एक सन्तुलित आहार तालिका का निर्माण कीजिए।
Answer: श्रम और लिंग के आधार पर वयस्कावस्था के लिए संतुलित आहार तालिका-सूची इस प्रकार है:
| भोज्य समूह | ग्राम/सन्दर्भ इकाई | कम क्रियाशील | मध्यम क्रियाशील | अधिक क्रियाशील | |||
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| पुरुष | स्त्री | पुरुष | स्त्री | पुरुष | स्त्री | ||
| अनाज | 30 | 12.5 | 9 | 15 | 11 | 20 | 16 |
| दालें | 30 | 2.5 | 2 | 3 | 2.5 | 4 | 3 |
| दूध (मिली.) | 100 | 3 | 3 | 3 | 3 | 3 | 3 |
| कंदमूल | 100 | 2 | 1 | 2 | 1 | 2 | 2 |
| हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ | 100 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 |
| अन्य सब्ज़ियाँ | 100 | 2 | 1 | 2 | 1 | 2 | 2 |
| फल | 100 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 |
| शक्कर | 5 | 5 | 4 | 8 | 5 | 11 | 9 |
| घी/तेल | 5 | 4 | 4 | 7 | 6 | 11 | 8 |
In simple words: वयस्कों के लिए संतुलित भोजन योजना बनाते समय, उनके काम और लिंग के हिसाब से अनाज, दाल, दूध, फल और सब्ज़ियों की सही मात्रा लेनी चाहिए। यह तालिका दिखाती है कि हर समूह को कितनी मात्रा में क्या खाना चाहिए।
🎯 Exam Tip: आहार तालिका बनाते समय, भोजन के विभिन्न समूहों (अनाज, दालें, फल, सब्जियां) और लिंग/श्रम के आधार पर मात्राओं में अंतर को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
प्रश्न 2. विभिन्न आय वर्ग एवं श्रम करने वाले पुरुषों की आहार-योजना तैयार कीजिए।
Answer: विभिन्न आय वर्ग और शारीरिक श्रम करने वाले पुरुषों के लिए आहार-योजना नीचे दी गई तालिका में दर्शाई गई है। यह योजना उनकी पोषण संबंधी ज़रूरतों और आर्थिक क्षमता को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिससे उन्हें पर्याप्त ऊर्जा और पोषक तत्व मिल सकें:
| ब्रेड, पोहा | अंकुरित मूँग का पराठा | मिस्सी रोटी, लहसुन की चटनी | |
|---|---|---|---|
| नाश्ता | ठण्डाई | दूध मौसमी फल | छाछ |
| दोपहर का भोजन | चपाती/नान शाही पुलाव, दाल मक्खनी, बेक्ड शिमला मिर्च, श्रीखण्ड | चपाती, चावल, दाल, बेक्ड टमाटर, अन्य मौसमी सब्ज़ियाँ, बथुए का रायता | मोटे अनाज/बाजरे/मक्के की रोटी, कढ़ी, आलू, बैंगन की सब्जी, सलाद |
| भोजन के बाद | — | — | चाय |
| शाम की चाय | कटलेट, संतरे का रस | सैण्डविच, मूँगफली की चिक्की, नींबू की शिकंजी | चाय, गुड़, चना, मौसमी फल |
| रात्रि का भोजन | चपाती, पालक पनीर की सब्जी, नवरत्न, कोरमा, पापड़, फ्रूट सलाद | चपाती, मूंग दाल-पालक आलू, पत्तागोभी की सब्जी, सलाद, सेंवई की खीर | मक्के की रोटी बाजरा गेहूँ चना-दाल-पालक, राब |
In simple words: पुरुषों के लिए खाना बनाते समय उनकी कमाई और मेहनत को देखना चाहिए। अमीर और कम मेहनत करने वाले लोग फैंसी चीजें खा सकते हैं, जबकि गरीब और ज़्यादा मेहनत करने वाले लोग साधारण लेकिन पौष्टिक खाना खाते हैं।
🎯 Exam Tip: आहार योजना बनाते समय, भोजन के प्रकार (नाश्ता, दोपहर का भोजन, रात का भोजन), खाद्य पदार्थ (अनाज, दालें, सब्ज़ियाँ) और आय वर्ग के अनुसार विकल्पों को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।
प्रश्न 3. कम श्रम वाले उच्च आय वर्गीय पुरुष के लिए एक दिन की आहार तालिका तैयार कीजिए व इकाइयाँ भी लिखिए।
Answer: कम श्रम वाले उच्च आय वर्ग के पुरुष के लिए एक दिन की विस्तृत आहार तालिका और उसकी इकाइयाँ पृष्ठ 15 से आगे दी गई हैं। पृष्ठ 14 की सीमा के कारण इस तालिका को यहाँ शामिल नहीं किया जा सकता।
In simple words: कम काम करने वाले अमीर आदमी के लिए पूरे दिन का खाना कैसा होना चाहिए, इसकी पूरी जानकारी अगले पेज पर दी गई है, लेकिन अभी वह यहाँ नहीं है।
🎯 Exam Tip: आहार तालिका बनाते समय, न केवल खाद्य पदार्थों को सूचीबद्ध करें बल्कि उनकी मात्रा (इकाइयाँ) भी निर्दिष्ट करें। यह सुनिश्चित करता है कि योजना पूर्ण और सटीक हो।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 14 प्रयोगात्मक प्रश्न
Question 3. कम श्रम वाले उच्च आय वर्गीय पुरुष के लिए एक दिन की आहार तालिका तैयार कीजिए व इकाइयाँ भी लिखिए।
Answer: कम शारीरिक श्रम करने वाले और अच्छी आय वाले पुरुष के लिए एक दिन की भोजन योजना नीचे दी गई है. इसमें प्रतिदिन के भोजन के साथ-साथ उपयोग की जाने वाली खाद्य पदार्थों की मात्रा (इकाइयाँ) भी बताई गई है.
| नाश्ता 8-8.30 बजे | ब्रेड | 1 प्लेट | ब्रेड 4 बड़ी (अनाज) | 90 | 3 |
|---|---|---|---|---|---|
| पोहा | आलू, प्याज (कंदमूल) | 25 | 1/4 | ||
| शक्कर | 7.5 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| दोपहर का भोजन 1-1.30 बजे | चपाती/नान शाही पुलाव | 3 (अनाज) 1 प्लेट | गेहूँ का आटा/मैदा | 90 | 3 |
| घी | 2.5 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| चावल (अनाज) | 50 | 1 | |||
| काजू, किशमिश, चेरी, मटर, तेल | 15 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| दाल मक्खनी | 1 कटोरी | राजमा, उड़द/मूंग (दाल) | 30 | \( \frac{1}{2} \) | |
| टमाटर (फल) | 15 | 1 | |||
| प्याज (कंदमूल) | 25 | ||||
| मक्खन (घी) | 2.5 | \( \frac{1}{4} \) | |||
| बेक्ड शिमला मिर्च | 2 | शिमला मिर्च (अन्य सब्जी) | 50 | 1 | |
| आलू, प्याज (कंदमूल) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| तेल | 2.5 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| श्रीखण्ड | \( \frac{1}{4} \) कटोरी | दही (दूध) | 100 | 1 | |
| शक्कर | 10 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| शाम की चाय 5-5.30 बजे | संतरे का रस, कटलेट | \( \frac{1}{2} \) गिलास 2 | संतरे (फल) | 200 | 2 |
| पोहा (अनाज) | 30 | 1 | |||
| मूंग दाल (भुनी हुई) | 1 कटोरी | आलू (कंदमूल) | 25 | \( \frac{1}{4} \) | |
| तेल मूंग दाल | 30 | 1 | |||
| रात्रि का भोजन 8-8.30 बजे | टमाटर का सूप, चपाती | 1 प्याला 4 | टमाटर (फल) | 100 | 1 |
| गेहूँ का आटा (अनाज) | 120 | 4 | |||
| घी | 5 | 1 | |||
| पालक पनीर की सब्जी | 1 कटोरी | पालक (हरी पत्तेदार सब्जी) | 100 | 1 | |
| पनीर (दूध) | 25 | 1 | |||
| तेल | 2.5 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| नवरत्न कोरमा | 1 कटोरी | गाजर (कंदमूल) | 25 | \( \frac{1}{4} \) | |
| हरे मटर, फूल गोभी, शिमला मिर्च (अन्य सब्जियाँ) | 100 | 1 | |||
| तेल | 2.5 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| पापड़ | 1 बड़ा | मूंग (दाल) | 15 | \( \frac{1}{2} \) | |
| फ्रूट सलाद | \( \frac{1}{2} \) प्लेट | सेब, केला, पपीता, अनार, चीकू, अंगूर | 100 | 1 |
| 2 | 2 | |||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| दालें | - | 1/2 | \( 1 \frac{1}{2} \) | 1 | 1/2 | \( 1 \frac{1}{2} \) |
| दूध | 1/2 | \( 1/4+1 \) | 1 | - | 1 | \( 3 \frac{3}{4} \) |
| कंदमूल | - | 1/4 | \( 1/4+1/2 \) | 1/4 | 1/4 | \( 1 \frac{1}{2} \) |
| हरी पत्तेदार सब्जियाँ | - | - | 1/4 | - | 1 | 1 |
| अन्य सब्जियाँ | - | - | 1/2 | - | 1 | \( 1 \frac{1}{2} \) |
| फल | - | 1 | 1/2 | 1/4 | \( 1 \frac{1}{4} \) | \( 3 \frac{3}{4} \) |
| शक्कर | 1 | \( 1 \frac{1}{2} \) | 2 | - | - | \( 4 \frac{1}{2} \) |
| घी/तेल | - | 1/2 | \( 1/2+1/2+1/2+1/2 \) | 1/2 | \( 1+1+\frac{1}{2} \) | \( 5 \frac{1}{2} \) |
In simple words: यह तालिका बताती है कि कम काम करने वाले और अच्छी कमाई वाले पुरुष दिनभर में क्या खा सकते हैं और कितनी मात्रा में. इससे यह सुनिश्चित होता है कि उन्हें सभी जरूरी पोषक तत्व मिलें.
🎯 Exam Tip: आहार तालिका बनाते समय व्यक्ति की उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखना बहुत ज़रूरी है ताकि भोजन संतुलित और पौष्टिक बन सके.
Question 4. मध्यम श्रेणी का श्रम करने वाले मध्यम आय वर्गीय पुरुष के लिए एक दिन का आहार आयोजन तालिका तैयार कीजिए।
Answer: मध्यम श्रम करने वाले और मध्यम आय वर्ग के पुरुष के लिए एक दिन की भोजन योजना नीचे दी गई है. यह योजना उनके पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करती है. अच्छे पोषण से शरीर स्वस्थ रहता है और बीमारी से बचाता है.
| टोस्ट | 2 | मैदा (अनाज) | 45 | \( 1 \frac{1}{2} \) | |
|---|---|---|---|---|---|
| नाश्ता 8.00 बजे | अंकुरित मूंग का पराठा | 2 | गेहूँ का आटा (अनाज) | 60 | 2 |
| साबुत मूंग (दाल) | 15 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| तेल | 5 | 1 | |||
| दूध मौसमी फल | 1 प्याला 1 मध्यम | दूध | 100 | 1 | |
| शक्कर | 5 | 1 | |||
| अमरूद (फल) | 100 | 1 | |||
| दोपहर का भोजन 1.00 बजे | चपाती | 4 | गेहूँ का आटा (अनाज) | 120 | 4 |
| घी | 5 | 1 | |||
| चावल | \( \frac{1}{2} \) प्लेट | चावल (अनाज) | 30 | 1 | |
| घी | 2.5 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| दाल | \( 1 \frac{1}{2} \) कटोरी | साबुत मसूर (दाल) | 45 | \( 1 \frac{1}{2} \) | |
| घी | 5 | 2 | |||
| बेक्ड टमाटर | 2 | टमाटर (फल) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |
| आलू, अदरक (कंदमूल) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| तेल | 2.5 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| बथुए का रायता | 1 कटोरी | दही (दूध) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |
| बथुआ (हरी पत्तेदार सब्जी) | 25 | \( \frac{1}{4} \) | |||
| शाम की चाय 5.00 बजे | नींबू शिकंजी | 1 गिलास | नींबू (फल) | 20 | - |
| शक्कर | 5 | 1 | |||
| सैण्डविच | 2 बड़ी | ब्रेड (अनाज) | 50 | 1\( \frac{1}{2} \) | |
| खीरा (अन्य सब्जियाँ) | 50 | 2 | |||
| टमाटर (फल) | 25 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| मूंगफली चिक्की | 1 टुकड़ा | मूंगफली | 10 | \( \frac{1}{4} \) | |
| (गुड़) शक्कर | 10 | 2 | |||
| रात्रि का भोजन 8.00 बजे | चपाती | 5 | गेहूँ का आटा (अनाज) | 150 | 5 |
| घी | 5 | 1 | |||
| दाल पालक | 1 कटोरी | मूंग (दाल) पालक (हरी पत्तेदार सब्जी) | 15 | \( \frac{1}{2} \) | |
| घी | 5 | 1 | |||
| आलू पत्तागोभी सब्जी | \( \frac{1}{2} \) कटोरी | आलू (कंदमूल) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |
| पत्तागोभी (हरी पत्तेदार सब्जी) | 2.5 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| तेल | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| सलाद | 1 प्लेट | गाजर, मूली (कंदमूल) | 100 | 1 | |
| ककड़ी (अन्य सब्जी) | 10 | - | |||
| सेंवई खीर | 1 कटोरी | सेंवई (अनाज) | 150 | \( 1 \frac{1}{2} \) | |
| दूध | 10 | 2 | |||
| शक्कर | 2 | - |
| 2 | 2 | |||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| दालें | - | 1/2 | \( 1 \frac{1}{2} \) | 1 | 1/2 | \( 1 \frac{1}{2} \) |
| दूध | 1/2 | \( 1/4+1 \) | 1 | - | 1 | \( 3 \frac{3}{4} \) |
| कंदमूल | - | 1/4 | \( 1/4+1/2 \) | 1/4 | 1/4 | \( 1 \frac{1}{2} \) |
| हरी पत्तेदार सब्जियाँ | - | - | 1/4 | - | 1 | 1 |
| अन्य सब्जियाँ | - | - | 1/2 | - | 1 | \( 1 \frac{1}{2} \) |
| फल | - | 1 | 1/2 | 1/4 | \( 1 \frac{1}{4} \) | \( 3 \frac{3}{4} \) |
| शक्कर | 1 | \( 1 \frac{1}{2} \) | 2 | - | - | \( 4 \frac{1}{2} \) |
| घी/तेल | - | 1/2 | \( 1/2+1/2+1/2+1/2 \) | 1/2 | \( 1+1+\frac{1}{2} \) | \( 5 \frac{1}{2} \) |
In simple words: इस तालिका में मध्यम काम करने वाले और मध्यम आय वाले पुरुषों के लिए एक दिन के भोजन की योजना और उनकी इकाइयों की जानकारी दी गई है. यह तालिका सुनिश्चित करती है कि उन्हें उनकी दैनिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त ऊर्जा और पोषण मिले.
🎯 Exam Tip: आहार योजना बनाते समय, भोजन की लागत और उपलब्धता का ध्यान रखें, खासकर मध्यम आय वर्ग के लिए, ताकि योजना व्यावहारिक हो.
Question 5. अधिक श्रम करने वाले निम्न आय वर्गीय पुरुष के लिए एक दिन का आहार आयोजन की तालिका बनाइये।
Answer: अधिक शारीरिक श्रम करने वाले और कम आय वर्ग के पुरुष के लिए एक दिन का आहार आयोजन तालिका नीचे दी गई है. यह योजना यह सुनिश्चित करती है कि कम संसाधनों में भी उन्हें भरपूर पोषण मिल सके, जिससे उनका स्वास्थ्य बना रहे. पौष्टिक भोजन ऊर्जा देता है.
| नाश्ता 7.30-8.00 बजे | मिस्सी रोटी | 3 | गेहूँ एवं जौ का आटा (अनाज) | 120 | 4 |
|---|---|---|---|---|---|
| बेसन (दाल) | 60 | 2 | |||
| मूली (कंदमूल) | 15 | - | |||
| पालक (मेथी/बथुआ/चने के पत्ते) (हरी पत्तेदार सब्जी) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| वनस्पति घी | 10 | 2 | |||
| लहसुन की चटनी | 2 बड़े चम्मच | लहसुन, प्याज (कंदमूल) | 25 | \( \frac{1}{4} \) | |
| तेल | 5 | 1 | |||
| छाछ | 1 गिलास | छाछ (दूध) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |
| दोपहर का भोजन 1-1.30 बजे | बाजरे की रोटी | 5 | बाजरा (अनाज), वनस्पति घी | 240 | 8 |
| 10 | 2 | ||||
| कढ़ी | \( 1 \frac{1}{2} \) कटोरी | छाछ (दूध) | 300 | \( \frac{3}{4} \) | |
| बेसन (दाल) | 15 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| तेल | 5 | 1 | |||
| आलू-बैंगन की सब्जी | 1 कटोरी | आलू (कंदमूल) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |
| बैंगन (अन्य सब्जियाँ) | 200 | \( \frac{1}{4} \) | |||
| तेल | 5 | 1 | |||
| सलाद | 1 प्लेट | गाजर (कंदमूल) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |
| दोपहर भोजन के बाद 3 बजे | चाय | 1 प्याला | दूध | 25 | \( \frac{1}{4} \) |
| शक्कर | 7.5 | \( 1 \frac{1}{2} \) |
| 30 | 6 | ||||
|---|---|---|---|---|---|
| भुने चने (दाल) | 30 | 1 | |||
| मौसमी फल | 1 | केला (फल) | 100 | 1 | |
| रात का भोजन 8-8.30 बजे | मक्के की रोटी | 4 | मक्के का आटा (अनाज) | 210 | 7 |
| वनस्पति (घी) | 5 | 1 | |||
| दाल पालक | 1 कटोरी | चना (दाल) | 15 | \( \frac{1}{2} \) | |
| पालक (हरी पत्तेदार सब्जी) | 50 | \( \frac{1}{2} \) | |||
| तेल | 5 | 1 | |||
| राब | \( 1 \frac{1}{2} \) कटोरी | छाछ (दूध) | 300 | \( \frac{3}{4} \) | |
| मक्के का दलिया (अनाज) | 30 | 1 |
In simple words: यह तालिका बताती है कि जो पुरुष ज्यादा मेहनत करते हैं और जिनकी आमदनी कम है, उन्हें दिनभर में क्या-क्या भोजन खाना चाहिए. यह कम खर्च में पूरा पोषण देने के लिए बनाई गई है.
🎯 Exam Tip: कम आय वर्ग के लिए आहार योजना बनाते समय, सस्ते और स्थानीय रूप से उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों जैसे मोटे अनाज और मौसमी सब्जियों को शामिल करना चाहिए.
Question 6. वयस्कावस्था के लिए पौष्टिक तत्वों की दैनिक प्रस्तावित आहारिक मात्राओं की तालिका बनाइये।
Answer: वयस्कावस्था के लिए आवश्यक पौष्टिक तत्वों की दैनिक प्रस्तावित मात्राएँ नीचे दी गई तालिका में विस्तार से बताई गई हैं. यह तालिका स्वस्थ जीवन के लिए विभिन्न पोषक तत्वों की सही मात्रा का मार्गदर्शन देती है. शरीर को ठीक से काम करने के लिए ये मात्राएँ बहुत ज़रूरी हैं.
| ऊर्जा (कि. कैलोरी) | 2320 | 1900 | 2730 | 2230 | 3490 | 2850 |
|---|---|---|---|---|---|---|
| प्रोटीन (ग्रा.) | 60 | 55 | 60 | 55 | 60 | 55 |
| प्रत्यक्ष वसा (ग्रा.) | 25 | 20 | 30 | 20 | 40 | 20 |
| कैल्शियम (मिग्रा.) | 600 | 600 | 600 | 600 | 600 | 600 |
| लौह तत्व (मिग्रा.) | 17 | 21 | 17 | 21 | 17 | 21 |
| बीटा कैरोटीन (मिग्रा.) | 4800 | 4800 | 4800 | 4800 | 4800 | 4800 |
| थायमिन (मिग्रा.) | 1.2 | 1.0 | 1.4 | 1.1 | 1.7 | 1.4 |
| राइबोफ्लेविन (मिग्रा.) | 1.4 | 1.1 | 1.6 | 1.3 | 2.1 | 1.7 |
| नियासिन (मिग्रा.) | 16 | 12 | 18 | 14 | 21 | 16 |
| पाइरीडॉक्सिन (मिग्रा.) | 2.0 | 2.0 | 2.0 | 2.0 | 2.0 | 2.0 |
| विटामिन 'सी' (मिग्रा.) | 40 | 40 | 40 | 40 | 40 | 40 |
| आहारीय फोलेट (मा. ग्रा.) | 200 | 200 | 200 | 200 | 200 | 200 |
| विटामिन B12 (मा. ग्रा.) | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 | 1 |
| जिंक (मिग्रा.) | 12 | 10 | 12 | 10 | 12 | 10 |
| मैगनीशियम (मिग्रा.) | 340 | 310 | 340 | 310 | 340 | 310 |
| वजन (किग्रा.) | 60 | 55 | 60 | 55 | 60 | 55 |
In simple words: यह तालिका दिखाती है कि एक स्वस्थ वयस्क को हर दिन कितने पोषक तत्व (जैसे ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन) खाने चाहिए. यह जानकारी हमें सही मात्रा में भोजन चुनने में मदद करती है.
🎯 Exam Tip: पोषक तत्वों की मात्रा उम्र, लिंग, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार बदल सकती है; तालिका में दी गई मात्राएँ सामान्य मार्गदर्शन के लिए हैं.
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