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Detailed Chapter 13 किशोरावस्था में पोषण RBSE Solutions for Class 12 Home Science
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Class 12 Home Science Chapter 13 किशोरावस्था में पोषण RBSE Solutions PDF
RBSE Class 12 Home Science Chapter 13 पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
Question 1. निम्नलिखित में से सही उत्तर चुनें –
(i) किशोरावस्था सामान्यतः मानी जाती है –
(अ) 14 से 18 वर्ष तक
(ब) 13 से 21 वर्ष तक
(स) 12 से 20 वर्ष तक
(द) 10 से 15 वर्ष तक।
Answer: (ब) 13 से 21 वर्ष तक
In simple words: किशोरावस्था का समय आमतौर पर 13 साल की उम्र से शुरू होकर 21 साल की उम्र तक माना जाता है। यह वह समय होता है जब बच्चे बड़े होते हैं और उनमें कई बदलाव आते हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था की आयु सीमा विभिन्न अध्ययनों में थोड़ी भिन्न हो सकती है, लेकिन सामान्यतः 13-21 वर्ष का चयन सबसे स्वीकार्य है।
Question 1. (ii) किशोर के संवेग होते हैं –
(अ) ढीले-ढाले
(ब) सस्त व लम्बे
(स
Answer: [Due to truncated options in the source, a complete answer cannot be provided.]
In simple words: [Due to truncated options in the source, a complete explanation cannot be provided.]
🎯 Exam Tip: हमेशा सुनिश्चित करें कि सभी विकल्प स्पष्ट और पूर्ण हों ताकि आप सही उत्तर चुन सकें।
Question 1. (iv) किशोरावस्था के समय रक्त में हीमोग्लोबिन के स्तर में गिरावट आती है। इस रोग को कहते हैं –
(अ) मोटापा
(ब) बेरी – बेरी
(स) रक्ताल्पता
(द) घंघा।
Answer: (स) रक्ताल्पता
In simple words: जब किशोरावस्था में खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है, तो उस बीमारी को रक्ताल्पता या एनीमिया कहते हैं। इसमें शरीर में खून की कमी हो जाती है।
🎯 Exam Tip: रक्ताल्पता के लक्षणों को पहचानना और समय पर उपचार करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह थकान और कमजोरी का कारण बन सकता है।
प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 2. 1. लड़कियों में किशोरावस्था..........वर्ष से प्रारम्भ होकर 17 - 18 वर्ष तक बनी रहती है।
Answer: 1. 10-11
In simple words: लड़कियों में किशोरावस्था 10-11 साल की उम्र से शुरू होती है और 17-18 साल की उम्र तक चलती है।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था के शारीरिक और भावनात्मक बदलावों को समझने के लिए आयु सीमा का सही ज्ञान आवश्यक है।
Question 2. 2. ..........अपने स्वास्थ्य व शारीरिक रचना को लेकर अधिक शंकित रहती हैं।
Answer: 2. किशोरियाँ
In simple words: किशोरियाँ अपने शरीर और सेहत को लेकर ज़्यादा चिंतित रहती हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में आत्म-छवि और शारीरिक दिखावट के प्रति जागरूकता सामान्य है, इसलिए इस पर ध्यान देना ज़रूरी है।
Question 2. 3. ..........समूह की आवश्यकताएँ ऊर्जा की आवश्यकता के साथ-साथ बढ़ती जाती हैं।
Answer: 3. विटामिन-बी
In simple words: ऊर्जा की ज़रूरतें बढ़ने के साथ ही विटामिन-बी समूह की ज़रूरतें भी बढ़ती जाती हैं, क्योंकि ये ऊर्जा उत्पादन में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: ऊर्जा उत्पादन में विटामिन-बी की महत्वपूर्ण भूमिका को याद रखें, खासकर जब ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ती है।
Question 2. 4. किशोर किशोरियों को प्रतिदिन..........गिलास जल का सेवन पानी गिलास जल का सेवन पानी एवं अन्य तरल भोज्य पदार्थों के रूप में करना चाहिए।
Answer: 4. 8-10
In simple words: किशोर लड़के और लड़कियों को हर दिन 8-10 गिलास पानी और दूसरे तरल पदार्थ पीने चाहिए।
🎯 Exam Tip: पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य और शरीर के सही कामकाज के लिए बहुत ज़रूरी है।
Question 2. 5. किशोरों के लिए आहार व्यवस्था उनके..........एवं अन्य..........के अनुरूप होनी चाहिए।
Answer: 5. स्कूल / कॉलेज, क्रियाकलापों।
In simple words: किशोरों के खाने-पीने का इंतज़ाम उनके स्कूल, कॉलेज और दूसरी गतिविधियों के हिसाब से होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: यह सुनिश्चित करें कि किशोरों का आहार उनकी दिनचर्या और ऊर्जा की ज़रूरतों के अनुरूप हो।
Question 4. किशोरावस्था के समय पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता अधिक होती है। क्यों?
Answer: किशोरावस्था के समय शरीर में तेज़ी से विकास होता है, जिस कारण पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता बढ़ जाती है। इसे हम इन बिन्दुओं के आधार पर समझ सकते हैं:
1. ऊर्जा (Energy)- किशोरावस्था में ऊर्जा की ज़रूरत लम्बाई, वज़न, शारीरिक गतिविधि और चयापचय (मेटाबॉलिज्म) के अनुसार होती है। लड़कों और लड़कियों की ऊर्जा की ज़रूरतों में अंतर होता है; लड़कों को लड़कियों की तुलना में ज़्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होती है क्योंकि वे ज़्यादा शारीरिक काम करते हैं।
2. प्रोटीन (Proteins): प्रोटीन शरीर की हर कोशिका का मुख्य हिस्सा होता है। किशोरावस्था में तेज़ वृद्धि और विकास के लिए प्रोटीन बहुत ज़रूरी है। यह हड्डियों और मांसपेशियों के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ऊतकों की मरम्मत और नई कोशिकाओं का निर्माण होता है।
In simple words: किशोरावस्था में शरीर तेज़ी से बढ़ता है, इसलिए उसे ज़्यादा ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन, खनिज और पानी चाहिए होता है। लड़कों और लड़कियों की ज़रूरतें थोड़ी अलग हो सकती हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में शरीर के तीव्र विकास को ध्यान में रखते हुए, पोषण संबंधी ज़रूरतों की पूरी जानकारी देना महत्वपूर्ण है।
Answer:
4. विटामिन (Vitamin): किशोरावस्था में सही विकास के लिए सभी विटामिनों की पर्याप्त मात्रा बहुत ज़रूरी है। विटामिन-बी समूह (थायमिन, राइबोफ्लेविन और नियासिन) की ज़रूरत ऊर्जा की आवश्यकता के हिसाब से बढ़ती है। ये विटामिन कार्बोज़, वसा और प्रोटीन से मिलने वाली ऊर्जा का उपयोग करने में मदद करते हैं।
5. खनिज लवण (Minerals): किशोरावस्था में हड्डियों के विकास के लिए कैल्शियम, फॉस्फोरस और आयरन (लौह लवण) जैसे खनिज बहुत ज़रूरी होते हैं। इस उम्र में किशोरों में हीमोग्लोबिन का स्तर 2 ग्राम/100 मिली. और किशोरियों में 1 ग्राम/100 मिली. के अनुसार बढ़ता है, जिसके लिए आयरन की ज़रूरत होती है। किशोरियों में मासिक धर्म से होने वाले खून की कमी की भरपाई के लिए भी आयरन ज़रूरी है।
6. जल (Water): किशोर-किशोरियों को अपने भोजन में पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ जैसे दूध, दही, छाछ, फलों के रस, दाल और सब्जियों के सूप का सेवन करना चाहिए। उन्हें 8-10 गिलास पानी या तरल पदार्थों के रूप में लेना चाहिए। किशोरावस्था में विकास की दर बहुत तेज़ होती है। लड़कियों में वृद्धि 11 से 14 वर्ष और लड़कों में 13 से 16 वर्ष के बीच तेज़ होती है। शारीरिक विकास में हड्डियों का विकास, मांसपेशियों की मज़बूती और कोमल ऊतकों में वसा जमा होना आदि के लिए पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता होती है।
In simple words: विटामिन विकास के लिए, खनिज (जैसे कैल्शियम और आयरन) हड्डियों और रक्त के लिए, और पानी शरीर के सही कामकाज के लिए ज़रूरी हैं। मासिक धर्म के कारण लड़कियों को ज़्यादा आयरन चाहिए होता है।
🎯 Exam Tip: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि किशोरावस्था में हड्डियों, रक्त और ऊर्जा उत्पादन के लिए कौन से विशिष्ट पोषक तत्व (विटामिन, खनिज, जल) आवश्यक हैं।
Question 5. किशोरों की भोजन सम्बन्धी समस्याओं को उदाहरण सहित समझाइये।
Answer: किशोरों में भोजन संबंधी कई समस्याएँ होती हैं:
भोजन संबंधी आदतों में परिवर्तनः शहरी किशोरों की भोजन संबंधी आदतों में तेज़ी से बदलाव आता है। वे अक्सर परिवार के साथ खाना खाने की बजाय दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट या होटल में खाना पसंद करते हैं। वे दाल, रोटी, फल, सब्जी जैसे सादे भोजन की बजाय पिज्जा, बर्गर, मैगी, चाउमीन, सैंडविच, इडली, डोसा, बिस्कुट, आलू के चिप्स, चाट-पकौड़ी आदि बाजार में मिलने वाले खाद्य पदार्थ ज़्यादा पसंद करते हैं। वे ताज़े फलों के रस की जगह कोल्ड ड्रिंक, सोडा वाटर, सिंथेटिक पेय और शराब जैसे पेय पदार्थ पीना पसंद करते हैं। बाजार में मिलने वाले तुरंत पके भोजन अक्सर पौष्टिक नहीं होते हैं।
In simple words: किशोरों को अक्सर सादा घर का खाना पसंद नहीं आता। वे बाहर का पिज्जा, बर्गर, मैगी और कोल्ड ड्रिंक जैसे फास्ट फूड ज़्यादा खाते हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरों की बदलती भोजन आदतों और उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
Answer: किशोरों के लिए खाना बनाते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए –
1. कम उम्र के किशोर-किशोरियों (13 – 15 वर्ष) के लिए दोपहर और रात के खाने में चपातियों की संख्या या नाश्ते में व्यंजनों की मात्रा कम की जा सकती है। अन्य व्यवस्था लगभग वैसी ही रहती है, क्योंकि संतुलित आहार तालिका के अनुसार उम्र और लिंग के कारण केवल अनाज की खपत इकाइयों में ही विशेष बदलाव होता है; अन्य भोजन इकाइयों में नहीं।
2. किशोर जो टिफिन लेकर जाते हैं, वे नाश्ते की मात्रा कम कर सकते हैं या दिन का खाना हल्का ले सकते हैं।
3. जिन किशोरों की भूख कम होती है और वे एक बार में 3-4 चपाती नहीं खा पाते, वे मुख्य खाने के बीच बिस्कुट, टोस्ट आदि जैसे हल्के स्नैक्स लेकर अपनी भूख पूरी कर सकते हैं।
4. आहार योजना इस तरह बनानी चाहिए जिससे किशोरों की पोषण संबंधी आवश्यकताएँ पूरी हो सकें।
5. आहार व्यवस्था उनके स्कूल, कॉलेज और अन्य गतिविधियों के अनुकूल होनी चाहिए।
6. आहार में ऐसे व्यंजन शामिल करने चाहिए जो जल्दी बन सकें, जल्दी खाए जा सकें, पौष्टिक भी हों और उनके व्यस्त कार्यक्रमों में बाधा न डालें।
7. हर दिन टिफिन में नए-नए पौष्टिक व्यंजन देने चाहिए ताकि वे बाहर का भोजन न खाएँ, जैसे- इडली, डोसा, चाउमीन, बर्गर, सैंडविच आदि।
8. घर में हमेशा किशोरों की पसंद के पौष्टिक और कुरकुरे स्नैक्स की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि वे खाने के बीच खा सकें। इससे उनकी पोषण संबंधी आवश्यकताएँ भी पूरी होंगी और समय भी कम लगेगा।
9. दूध और हरी पत्तेदार सब्जियों के प्रति किशोरों में अरुचि होती है। इसके लिए उन्हें उनका रूप बदलकर भी दिया जा सकता है। दूध को दही, रायता, छाछ, पनीर, खोए की मिठाई आदि के रूप में दिया जा सकता है। इसी तरह हरी सब्जियों को पराठे, सैंडविच, बर्गर, पकौड़े, पावभाजी, चाउमीन आदि में मिलाकर दिया जा सकता है।
10. मौसमी फलों को दिनभर में ज़रूर शामिल करना चाहिए।
11. भोजन को और ज़्यादा स्वादिष्ट बनाने के लिए उसके रंग, रूप, बनावट, स्वाद और खुशबू में विविधता लाई जा सकती है। इसलिए आहार में उनकी मानसिक स्थिति के अनुसार लचीलापन होना चाहिए।
In simple words: खाने का समय उनकी गतिविधियों के हिसाब से तय करें। कम खाने वाले बच्चों को बीच-बीच में स्नैक्स दें। घर पर ही पौष्टिक स्नैक्स रखें और सब्जियों व दूध को अलग-अलग तरीकों से दें ताकि वे खाएँ।
🎯 Exam Tip: आहार योजना बनाते समय किशोरों की व्यक्तिगत पसंद, दैनिक गतिविधियों और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को संतुलित करना महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 13 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
Question 1. लड़कियों में किशोरावस्था किस उम्र तक बनी रहती है?
(अ) 14 - 15 वर्ष तक
(ब) 17 – 18 वर्ष तक
(स) 19 – 20 वर्ष तक
(द) 20 – 21 वर्ष तक
Answer: (स) 19 – 20 वर्ष तक
In simple words: लड़कियों में किशोरावस्था की अवधि 19 से 20 साल की उम्र तक चलती है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न आयु वर्ग की किशोरावस्था की सटीक जानकारी महत्वपूर्ण है, खासकर लिंग-विशिष्ट विकास चरणों के लिए।
Question 2. किशोरावस्था में परिवर्तनों का मुख्य कारण होते हैं –
(अ) प्रोटीन
(ब) कार्बोज
(स) हॉर्मोन
(द) वसाएँ
Answer: (स) हॉर्मोन
In simple words: किशोरावस्था के दौरान शरीर में जो बदलाव आते हैं, उनका मुख्य कारण हॉर्मोन होते हैं।
🎯 Exam Tip: हॉर्मोन किशोरावस्था के शारीरिक और भावनात्मक परिवर्तनों में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।
Question 3. 13 से 15 वर्ष के बालक को प्रतिदिन कितनी प्रोटीन की आवश्यकता होती है?
(अ) 60 ग्राम
(ब) 80 ग्राम
(स) 50 ग्राम
(द) 70 ग्राम
Answer: (द) 70 ग्राम
In simple words: 13 से 15 साल के लड़कों को हर दिन 70 ग्राम प्रोटीन की ज़रूरत होती है।
🎯 Exam Tip: प्रोटीन की ज़रूरत उम्र और लिंग के हिसाब से बदलती है, इसलिए सही मात्रा याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 4. 16 से 18 वर्ष की बालिका को लौह तत्व की आवश्यकता होती है –
(अ) 20 मिग्रा
(ब
Answer: [Due to truncated options in the source, a complete answer cannot be provided.]
In simple words: [Due to truncated options in the source, a complete explanation cannot be provided.]
🎯 Exam Tip: लड़कियों को मासिक धर्म के कारण ज़्यादा लौह तत्व की आवश्यकता होती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा का सेवन महत्वपूर्ण है।
Question 5. बालिकाओं में किशोरवय किस उम्र में प्रारम्भ होती है?
(अ) 10 - 12 वर्ष
(ब) 12 - 14 वर्ष
(स) 14 – 16 वर्ष
(द) 16 – 18 वर्ष
Answer: (स) 14 – 16 वर्ष
In simple words: लड़कियों में किशोरावस्था आमतौर पर 14 से 16 साल की उम्र के बीच शुरू होती है।
🎯 Exam Tip: लड़कियों में किशोरावस्था की शुरुआत की सामान्य आयु सीमा को याद रखना महत्वपूर्ण है।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
Question 1. किशोरावस्थ...........की अवस्था होती है, इसे पूर्ण वृद्धि की अवस्था भी कहते हैं।
Answer: 1. परिवर्तनो
In simple words: किशोरावस्था बदलावों की अवस्था है, जिसे पूरी तरह से बढ़ने का समय भी कहते हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था को "परिवर्तन की अवस्था" और "पूर्ण वृद्धि की अवस्था" दोनों के रूप में समझना महत्वपूर्ण है।
Question 2. किशोरावस्था में शारीरिक वृद्धि व.. . की दर अति तीव्र होती है।
Answer: 2. विकास
In simple words: किशोरावस्था में शरीर का विकास बहुत तेज़ी से होता है।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में तीव्र शारीरिक विकास को पहचानना इस चरण की एक प्रमुख विशेषता है।
Question 3. किशोरावस्था के दौरान पनपने वाला मोटापा युवावस्था में विभिन्न.......... आमन्त्रित आमन्त्रित करता है।
Answer: 3. बीमारियों
In simple words: किशोरावस्था में होने वाला मोटापा बड़े होकर कई बीमारियों को न्योता दे सकता है।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में मोटापे के दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों को उजागर करना आवश्यक है।
Question 4. किशोरावस्था में रक्ताल्पता की समस्या. .की अपेक्षा अधिक होती है।
Answer: 4. बाल्यावस्था
In simple words: किशोरावस्था में खून की कमी की समस्या बचपन की तुलना में ज़्यादा होती है।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में आयरन की ज़रूरत बढ़ने के कारण रक्ताल्पता की संभावना अधिक होती है, इसे याद रखें।
Question 5. विटामिन.. ..वसा व प्रोटीन से प्राप्त होने वाली ऊर्जा का उपापचय करते हैं।
Answer: 5. कार्बोज
In simple words: विटामिन, वसा और प्रोटीन से मिलने वाली ऊर्जा को शरीर में उपयोग करने के लिए कार्बोज़ ज़रूरी होते हैं।
🎯 Exam Tip: ऊर्जा उपापचय में कार्बोज़ की महत्वपूर्ण भूमिका को समझें, जो विटामिन, वसा और प्रोटीन से प्राप्त ऊर्जा का उपयोग करता है।
Question 6. किशोरावस्था में आहार उनकी मानसिक स्थिति केोना चाि
Answer: 6. अनुरूप।
In simple words: किशोरों का खाना उनकी मानसिक हालत के हिसाब से होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में पोषण योजना बनाते समय मानसिक स्वास्थ्य और भोजन के संबंध पर विचार करें।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 13 अतिलघूत्तरीय प्रश्नोत्तर
Question 1. किशोरावस्था को किन दो भागों में बाँटा जा सकता है?
Answer: • उत्तराकशारावस्था।
In simple words: [Due to truncated information in the source, a complete explanation cannot be provided for the two parts.]
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था को आमतौर पर पूर्व-किशोरावस्था और उत्तर-किशोरावस्था में बांटा जाता है, प्रत्येक की अपनी विशेषताएँ होती हैं।
Question 3. लड़कों में किशोरावस्था किस उम्र तक चलती है? .
Answer: 21 वर्ष की उम्र तक।
In simple words: लड़कों में किशोरावस्था 21 साल की उम्र तक रहती है।
🎯 Exam Tip: लड़कों में किशोरावस्था की आयु सीमा लड़कियों की तुलना में थोड़ी भिन्न होती है, इस पर ध्यान दें।
Question 4. किशोरावस्था में भार में वृद्धि किन कारणों से होती है?
Answer: किशोरावस्था में वज़न बढ़ने के मुख्य कारण हैं:
• शरीर में वसा (फैट) की मात्रा बढ़ना और हड्डियों के आकार व वज़न में वृद्धि होना।
• मांसपेशियों के ऊतकों (टिश्यू) का विकास होना।
In simple words: किशोरावस्था में वज़न बढ़ने के दो मुख्य कारण होते हैं: शरीर में चर्बी और हड्डियों का बढ़ना, और मांसपेशियों का विकास होना।
🎯 Exam Tip: शारीरिक विकास के इन दो मुख्य घटकों (वसा/हड्डी और मांसपेशियाँ) को याद रखें जो किशोरावस्था में वज़न वृद्धि में योगदान करते हैं।
Question 5. स्त्रियों में मासिक चक्र होने की आयु बताइये।
Answer: मासिक चक्र 12 – 16 वर्ष में प्रारम्भ होता है।
In simple words: लड़कियों में मासिक चक्र आमतौर पर 12 से 16 साल की उम्र के बीच शुरू होता है।
🎯 Exam Tip: मासिक धर्म की शुरुआत किशोरावस्था का एक महत्वपूर्ण शारीरिक बदलाव है और इसकी सामान्य आयु सीमा याद रखना चाहिए।
Question 6. किस अवस्था में सब अधिक बुद्धि व विकास की दर होती है?
Answer: किशोरावस्था में।
In simple words: बुद्धि और विकास की सबसे तेज़ दर किशोरावस्था में होती है।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था को मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण और तेज़ चरण के रूप में पहचानें।
Question 7. अस्थियों की वृद्धि एवं विकास के लिये किन तत्वों की आवश्यकता होती है?
Answer: हड्डियों की वृद्धि और विकास के लिए कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे तत्व बहुत ज़रूरी होते हैं।
In simple words: हड्डियों को बढ़ने और मज़बूत होने के लिए कैल्शियम और फॉस्फोरस चाहिए होते हैं।
🎯 Exam Tip: हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम और फॉस्फोरस को प्रमुख खनिज के रूप में याद रखें।
Question 8. किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तनों का मुख्य कारण क्या है?
Answer: किशोरावस्था में होने वाले परिवर्तनों का मुख्य कारण हार्मोन का स्रावण है।
In simple words: किशोरावस्था में बदलावों का मुख्य कारण शरीर में हार्मोन का बनना है।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था के शारीरिक और भावनात्मक बदलावों के पीछे हॉर्मोनल संतुलन का महत्व समझें।
Question 10. किशोरावस्था में भोजन सम्बन्धी कौन सी समस्याएँ आती हैं?
Answer: किशोरावस्था में भोजन से जुड़ी कई समस्याएँ आती हैं। जैसे खून की कमी, शारीरिक कमज़ोरी, चेहरे पर मुहाँसे (कील), मोटापा और गलत खाने की आदतें।
In simple words: किशोरावस्था में खून की कमी, शारीरिक कमज़ोरी, मुहाँसे और मोटापा जैसी भोजन से जुड़ी समस्याएँ आम हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में होने वाली सामान्य पोषण संबंधी समस्याओं को पहचानें और उनका संक्षिप्त विवरण दें।
Question 11. किशोर के जीवन का सबसे कठिन एवं महत्वपूर्ण कार्य क्या है?
Answer: किशोर के जीवन का सबसे कठिन और महत्वपूर्ण कार्य अपने भविष्य के लिए कैरियर (पेशा) चुनना है।
In simple words: किशोर के लिए सबसे मुश्किल और ज़रूरी काम सही कैरियर चुनना होता है।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था के दौरान कैरियर के चुनाव के महत्व पर जोर दें, क्योंकि यह भविष्य की दिशा तय करता है।
Question 12. हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिये किस तत्व की आवश्यकता होती है?
Answer: हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए लौह तत्व (आयरन) की आवश्यकता होती है।
In simple words: हीमोग्लोबिन बनाने के लिए शरीर को आयरन की ज़रूरत होती है।
🎯 Exam Tip: आयरन की कमी से रक्ताल्पता होती है, इसलिए हीमोग्लोबिन उत्पादन में आयरन की भूमिका महत्वपूर्ण है।
Question 13. भोजन में रुचि बनाये रखने के लिये क्या करना चाहिए?
Answer: भोजन में रुचि बनाए रखने के लिए खाने की बनावट, स्वाद और खुशबू में विविधता लानी चाहिए।
In simple words: खाने को मज़ेदार बनाने के लिए, उसमें अलग-अलग रंग, रूप, स्वाद और खुशबू होनी चाहिए।
🎯 Exam Tip: भोजन को आकर्षक बनाने के लिए उसकी विविधता पर ध्यान केंद्रित करें, जिससे खाने में रुचि बनी रहे।
Question 14. किशोरावस्था में तेलीय ग्रन्थियों के अतिसक्रिय एवं संक्रमण से क्या समस्या आती है?
Answer: किशोरावस्था में तेलीय ग्रंथियों (ऑयल ग्लैंड्स) के बहुत ज़्यादा सक्रिय होने और संक्रमण से चेहरे पर कील-मुहाँसे निकलने की समस्या आती है।
In simple words: किशोरावस्था में ज़्यादा तेल बनने और इन्फेक्शन होने से चेहरे पर पिंपल्स (मुहाँसे) हो जाते हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में मुहाँसों के मुख्य कारण को समझें, जो तेलीय ग्रंथियों की अतिसक्रियता और संक्रमण से जुड़ा है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 13 लघूत्तरीय प्रश्न
Question 1. किशोरावस्था की सामाजिक संवेगात्मक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
Answer: किशोरावस्था में किशोर स्वयं निर्णय लेना चाहते हैं। इस अवस्था में किशोर तर्कशीलता, अमूर्त विचारों, निर्णय विधिया आदि क बार म साचन म सलग्न रहत हा कभी-कभी दूरवर्ती उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु उतावले दिखाई देते हैं तथा व्यक्तिगत
In simple words: किशोर इस उम्र में खुद फैसले लेना चाहते हैं, तार्किक सोचते हैं, और कभी-कभी लंबी अवधि के लक्ष्यों को तुरंत पाने की जल्दबाजी में होते हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था की सामाजिक-संवेगात्मक विशेषताओं में आत्मनिर्भरता, तार्किक सोच और दीर्घकालिक लक्ष्यों की ओर झुकाव शामिल हैं।
Question 3. किशोरावस्था में होने वाले सामाजिक परिवर्तनों का वर्णन कीजिए।
Answer: किशोरावस्था में किशोर बच्चा नहीं रहता, इसलिए समाज में उनके उठने-बैठने और विभिन्न गतिविधियों में बदलाव आते हैं। उनसे बचपन छोड़कर बड़ों की तरह शांत और विनम्र व्यवहार की उम्मीद की जाती है। उनसे सामाजिक रीति-रिवाजों का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। इसी कारण कुछ किशोर शर्मीले और अंतर्मुखी हो जाते हैं।
In simple words: किशोरावस्था में किशोरों से बड़े होने की उम्मीद की जाती है, जिससे उनके व्यवहार और सामाजिक गतिविधियों में बदलाव आता है। कुछ किशोर इस वजह से शर्मीले हो जाते हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में सामाजिक अपेक्षाएँ और पहचान की तलाश प्रमुख चुनौतियाँ होती हैं।
Question 4. किशोरावस्था में भोजन सम्बन्धी आदतों में क्या परिवर्तन होते हैं ?
Answer: किशोरावस्था में भोजन संबंधी आदतों में तेज़ बदलाव आते हैं। वे घर में परिवार के सदस्यों के साथ खाना खाने की बजाय दोस्तों के साथ होटल या रेस्टोरेंट में खाना पसंद करते हैं। वे दाल, रोटी, फल, सब्जी जैसे सादे भोजन की बजाय पिज्जा, बर्गर, मैगी, चाउमीन, इडली, डोसा, केक, पेस्ट्री, बिस्कुट, नमकीन, आलू के चिप्स, चाट, पकौड़ी आदि खाना पसंद करते हैं। ताज़े फल और फलों के रस की जगह सॉफ्ट ड्रिंक – सोडावाटर, बीयर, स्कॉच, व्हिस्की, ब्रांडी आदि मादक पेय पदार्थ पीना पसंद करते हैं।
In simple words: किशोरावस्था में, किशोर घर के खाने की जगह फास्ट फूड और दोस्तों के साथ बाहर खाना पसंद करते हैं, और स्वास्थ्यवर्धक पेय की जगह कोल्ड ड्रिंक या अन्य मादक पेय चुनते हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था में भोजन संबंधी प्राथमिकताओं में बदलाव और उसके संभावित स्वास्थ्य प्रभावों पर प्रकाश डालें।
Question 5. पोषण सम्बन्धी समस्या को कैसे सुलझाया जा सकता है? समझाइये।
Answer: पोषण संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए संतुलित आहार, शारीरिक क्रियाएँ, व्यायाम और मनोरंजन की ज़रूरत होती है। इन्हीं के ज़रिए पोषण संबंधी समस्या का समाधान किया जा सकता है। आज के तकनीकी युग में किशोरों में शारीरिक गतिविधियों और व्यायाम की कमी पाई जाती है। इसलिए किशोरों को अपनी दिनचर्या में व्यायाम, योग और मनोरंजन को शामिल करना चाहिए ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें और एक उन्नत जीवन जी सकें। अतः किशोरों के लिए आहार ऐसा होना चाहिए जो उनकी तेज़ शारीरिक वृद्धि और विकास के लिए पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करे तथा स्कूल, कॉलेज और अन्य गतिविधियों के अनुकूल हो सके।
In simple words: पोषण की समस्याएँ दूर करने के लिए संतुलित भोजन, कसरत और मनोरंजन ज़रूरी हैं। किशोरों को अपनी दिनचर्या में इन सब को शामिल करना चाहिए ताकि वे स्वस्थ रह सकें।
🎯 Exam Tip: पोषण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण (आहार, व्यायाम, मनोरंजन) पर जोर दें।
Question 2. किशोरावस्था की विशिष्ट आवश्यकताओं का वर्णन करें।
Answer: किशोरावस्था की विशिष्ट आवश्यकताएँ- किशोरावस्था में शारीरिक वृद्धि और विकास की दर बहुत तेज़ होती है। इस तेज़ी से विकास को बनाए रखने के लिए पौष्टिक तत्वों की आवश्यकताएँ भी बढ़ जाती हैं। इसके अलावा किशोरों में होने वाले तेज़ बदलाव, कैरियर की चिंता, समाज में अपनी बदलती स्थिति आदि कारणों से तनावग्रस्त रहते हैं। पढ़ाई और कैरियर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण किशोर अधिकतर समय घर से बाहर रहते हैं।
In simple words: किशोरावस्था में तेज़ शारीरिक विकास के कारण पोषण की ज़रूरतें बढ़ जाती हैं। वे तनावग्रस्त रहते हैं क्योंकि उन्हें कैरियर की चिंता होती है और वे ज़्यादातर समय घर से बाहर रहते हैं।
🎯 Exam Tip: किशोरावस्था की पोषण, मानसिक और सामाजिक आवश्यकताओं के बीच के संबंध को स्पष्ट करें।
Answer: किशोरों की आवश्यकताओं और सही जीवनशैली के अनुसार उन्हें संतुलित और पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए ताकि उनकी पोषण संबंधी आवश्यकताएँ पूरी हो सकें। किशोर/किशोरी की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए दैनिक संतुलित आहार की तालिका निम्नलिखित है:
किशोर / किशोरी के लिए दैनिक सन्तुलित आहार की तालिका
| भोजन समूह | भोज्य पदार्थों की मात्रा (ग्राम) | |
|---|---|---|
| 13-18 वर्ष | ||
| किशोर | किशोरी | |
| अनाज | 420 | 300 |
| दालें | 60 | 60 |
| दूध (मिली) | 500 | 500 |
| कन्दमूल | 200 | 100 |
| हरी पत्तेदार सब्जियाँ | 100 | 100 |
| अन्य सब्जियाँ | 100 | 100 |
| फल | 100 | 100 |
| शक्कर | 35 | 30 |
| घी/तेल | 25 | 25 |
संकेतः
1. माँसाहारी किशोर-किशोरी 30 ग्राम दाल के बदले 50 ग्राम माँस / मछली / अंडे आदि का उपयोग कर सकते हैं।
2. किशोर-किशोरी तालिका में दिए गए भोज्य समूहों में से अपनी आवश्यकता, पसंद, उपलब्धता, पकाने के लिए उपलब्ध समय और साधन के आधार पर विभिन्न भोज्य पदार्थों का चुनाव प्रतिदिन के भोजन के लिए कर सकते हैं।
संतुलित भोजन के अलावा किशोर/किशोरियों के लिए खेलकूद, शारीरिक व्यायाम, योग और मनोरंजन भी ज़रूरी है। ये किशोर/किशोरियों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत आवश्यक हैं। इससे उन्हें आत्मनिर्भर, परिपक्व, समझदार और परिस्थितियों का ज्ञान होने में मदद मिलती है।
In simple words: यह तालिका 13-18 साल के किशोरों के लिए एक दिन के संतुलित भोजन की मात्रा बताती है। दाल, माँस या अंडे को एक-दूसरे की जगह उपयोग किया जा सकता है। खेलने और व्यायाम से भी उन्हें मदद मिलती है।
🎯 Exam Tip: यह तालिका किशोरों के लिए पोषण संबंधी दिशा-निर्देश प्रदान करती है; भोजन योजना बनाते समय व्यक्तिगत ज़रूरतों और जीवनशैली पर विचार करना महत्वपूर्ण है।
Question 3. वि तावित मात्राओं को एक तालिका द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
Answer: किशोरावस्था में तेज़ शारीरिक वृद्धि और विकास के कारण भोजन और पोषण संबंधी आवश्यकताएँ बढ़ जाती हैं। किशोर-किशोरी के लिए संतुलित आहार की तालिका निम्नवत् है - किशोरावस्था के लिए संतुलित आहार (भोज्य इकाइयाँ)
| बालक | बालिका | बालक | ||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| बालिका | बालक | बालिका | बालक | बालिका | ||
| ऊर्जा (कि. कैलोरी) | 2190 | 1970 | 2450 | 2060 | 2640 | 2060 |
| प्रोटीन (ग्रा.) | 54 | 57 | 70 | 65 | 78 | 63 |
| वसा (ग्रा.) | 22 | 22 | 22 | 22 | 22 | 22 |
| कैल्शियम (मिग्रा.) | 600 | 600 | 600 | 600 | 600 | 600 |
| लौह तत्त्व (मिग्रा.) | 34 | 19 | 41 | 28 | 50 | 30 |
| बीटा कैरोटिन (मिग्रा.) | 2400 | 2400 | 2400 | 2400 | 2400 | 2400 |
| थायमिन (मिग्रा.) | 1.1 | 1.0 | 1-2 | 1.0 | 1-3 | 1.0 |
| राइबोफ्लेविन (मिग्रा.) | 1-3 | 1-2 | 1-5 | 1-2 | 1-6 | 1-2 |
| नियासिन (मिग्रा.) | 15 | 13 | 16 | 14 | 17 | 14 |
| पिरीडॉक्सिन (मिग्रा.) | 1.6 | 1-6 | 2.0 | 2.0 | 2.0 | 2.0 |
| विटामिन सी (मिग्रा.) | 40 | 40 | 40 | 40 | 40 | 40 |
| फोलिक अम्ल (मिग्रा.) | 70 | 70 | 100 | 100 | 100 | 100 |
| विटामिन बी 12 (मिग्रा.) | 0.2-1.0 | 0.2-1.0 | 0.2-1.0 | 0.2-1.0 | 0.2-1.0 | 0.2-1.0 |
| वजन (किग्रा.) | 35.4 | 31.5 | 47-8 | 46.7 | 57-1 | 49.9 |
उपरोक्त आहार में विभिन्न भोज्य समूहों की इकाइयों का प्रस्तावित मात्रा में समावेश किया गया है। उक्त आहार व्यवस्था के आधार पर अन्य किशोर वर्गों के लिए आहार आयोजन में किशोर की आयु और लिंग के अनुसार परिवर्तन किए जा सकते हैं। किशोर विशेष के लिए उक्त आहार नियत नहीं है। इसमें परिवर्तन ज़रूरी है।
उदाहरण के लिए 17-18 वर्ष के एक किशोर बालक के लिए एक दिन के आहार में निम्न सुझावों के आधार पर आयोजन दिया गया है। एक किशोर अपने दिन – प्रतिदिन के आहार में निम्न सुझावों के आधार पर परिवर्तन कर विविधता ला सकता है।
In simple words: यह तालिका बताती है कि अलग-अलग उम्र और लिंग के किशोरों को एक दिन में कितनी ऊर्जा, प्रोटीन, विटामिन और खनिज चाहिए होते हैं। यह उनके तेज़ शारीरिक विकास के लिए ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: यह तालिका विभिन्न आयु समूहों में किशोरों की पोषण संबंधी ज़रूरतों का एक व्यापक अवलोकन प्रदान करती है, जो आहार योजना बनाने में सहायक है।
RBSE Class 12 Home Science Chapter 13 प्रयोगात्मक प्रश्न
Question 1. किशोर – किशोरी के लिये सन्तुलित आहार तालिका बनाइये तथा एक 17-18 वर्षीय किशोर के लिये एक दिन की आहार आयोजना को तालिका द्वारा प्रदर्शित कीजिए।
Answer: किशोरावस्था में तेज़ शारीरिक वृद्धि और विकास के कारण भोजन और पोषण संबंधी आवश्यकताएँ बढ़ जाती हैं। किशोर-किशोरी के लिए संतुलित आहार की तालिका निम्नवत् है - किशोरावस्था के लिए संतुलित आहार (भोज्य इकाइयाँ)
| दूध (मिली.) | 100 | 5 | 5 | |
| कन्दमूल | 100 | 2 | 1 | |
| हरी पत्तेदार सब्जियाँ | 100 | 1 | 1 | |
| अन्य सब्जियाँ | 100 | 1 | 1 | |
| फल | 100 | 1 | 1 | |
| शक्कर | 5 | 7 | 6 | |
| घी/तेल | 5 | 5 | 5 |
नोट – माँसाहारी किशोर-किशोरी 1 इकाई (30 ग्राम) दाल की जगह 1 इकाई (50 ग्राम) माँस/मछली / अंडे का उपयोग कर सकते हैं।
17-18 वर्षीय किशोर के लिए एक दिन की आहार आयोजना
In simple words: किशोरावस्था में तेज़ विकास के कारण पोषण की विशेष ज़रूरतें होती हैं। इस तालिका में 17-18 साल के किशोरों के लिए एक दिन की आहार योजना दिखाई गई है, जिसमें विभिन्न खाद्य पदार्थों की मात्रा शामिल है।
🎯 Exam Tip: किशोरों के लिए दैनिक आहार योजना बनाते समय, भोजन समूह की इकाइयों और माँसाहारी विकल्पों को कैसे समायोजित किया जाए, इस पर विशेष ध्यान दें।
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