NCERT Solutions for Class 12 Hindi: समाचार लेखन
Access comprehensive textbook solutions for समाचार लेखन using the official curriculum guides for Class 12 Hindi. Designed to align with the 2026-27 RBSE standards, these detailed answers help students reinforce core academic concepts.
Practice Class 12 Hindi Solutions: समाचार लेखन
Navigate directly to the solved Hindi textbook exercises using the digital viewer below. Each solution includes detailed step-by-step explanations, allowing students to instantly cross-check their work and identify areas requiring further revision.
Question 1. समाचार लेखन के लिए छः ककार क्या हैं और ये क्यों आवश्यक हैं?
Answer: समाचार लिखते समय छह प्रकार की जानकारी का उपयोग किया जाता है। ये छह जानकारी - क्या हुआ, कब हुआ, किसके साथ हुआ, कहाँ हुआ, क्यों हुआ और कैसे हुआ - इन सभी सवालों के जवाब से मिलती हैं। इन्हीं को छह ककार कहते हैं। इनमें से पहले चार ककार (क्या, कब, कौन, कहाँ) जानकारी देने वाले होते हैं, और आखिरी दो ककार (क्यों, कैसे) विस्तार से बताने वाले होते हैं। समाचार को असरदार और पूरा बनाने के लिए ही इन छह ककारों का इस्तेमाल किया जाता है। पहले चार ककार समाचार के शुरुआती हिस्से (इंट्रो या मुखड़ा) को बनाते हैं, जबकि आखिरी दो ककार समाचार के मुख्य भाग (बॉडी) और समापन को बनाते हैं। यह जानकारी दर्शकों को किसी भी घटना की पूरी तस्वीर समझने में मदद करती है।
In simple words: समाचार लिखने के लिए छह मुख्य प्रश्नों के उत्तर देना ज़रूरी है: क्या, कब, कौन, कहाँ, क्यों और कैसे। ये सवाल समाचार को पूरा और समझने में आसान बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: छह ककारों (क्या, कब, कौन, कहाँ, क्यों, कैसे) को याद रखना ज़रूरी है, क्योंकि ये किसी भी समाचार की नींव होते हैं। शुरुआत में चार ककार सूचना देते हैं और अंत के दो विवरण देते हैं।
Question 2. इंट्रो लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Answer: इंट्रो समाचार का शुरुआती और सबसे ज़रूरी हिस्सा होता है। इसमें समाचार से जुड़ी सारी मुख्य जानकारी शामिल होती है। इंट्रो को हमेशा छोटा, आकर्षक और सीधी बात कहने वाला होना चाहिए, ताकि पाठक आगे पढ़ने के लिए उत्सुक हों।
In simple words: इंट्रो लिखते समय सभी ज़रूरी जानकारी को बहुत कम शब्दों में और शुरुआत में ही बताना चाहिए।
🎯 Exam Tip: इंट्रो में समाचार का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा (क्लाइमेक्स) बताना चाहिए और इसे संक्षिप्त व सीधा रखना चाहिए ताकि पाठक को तुरंत मुख्य बात पता चल जाए।
Question 4. फिल्म में पटकथा क्या होती है?
Answer: पटकथा शब्द दो शब्दों 'पट' और 'कथा' से मिलकर बना है। 'पट' का मतलब होता है पर्दा और 'कथा' का मतलब है कहानी। तो, पटकथा का मतलब हुआ पर्दे पर दिखाई जाने वाली कहानी। यह वह कहानी होती है जिसे आधार बनाकर फिल्म के हर दृश्य को तैयार किया जाता है। इसमें बातचीत लिखी जाती है और फिल्म को आखिर में कैसे बनाया जाएगा, यह सब इसी पटकथा में होता है। पटकथा फिल्म का पूरा खाका होती है।
In simple words: पटकथा फिल्म की वह पूरी लिखी हुई कहानी है जो पर्दे पर दिखाई जाती है, जिसमें हर दृश्य और बातचीत लिखी होती है।
🎯 Exam Tip: पटकथा को फिल्म की आत्मा माना जाता है, क्योंकि यह कहानी, चरित्र और दृश्यों की संरचना का आधार होती है।
Question 5. नव माध्यमों के लिए कौन लिख सकता है? क्या इसके लिए कोई औपचारिक शिक्षा की आवश्यकता होती है?
Answer: कोई भी व्यक्ति जो लिखने में रुचि रखता है और नई तकनीकों से परिचित है, वह नए माध्यमों के लिए लिख सकता है। नए माध्यम मुख्य रूप से इंटरनेट से जुड़े हैं। इसलिए, इंटरनेट को ही मुख्य नया माध्यम माना जाता है। इस माध्यम के लिए लिखने वाले में भाषा पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए, उसे लगातार नई जानकारियों से अपडेट रहना चाहिए, समय पर काम करने की आदत होनी चाहिए और कंप्यूटर का इस्तेमाल करने की क्षमता होनी चाहिए। वैसे तो नए माध्यमों के लिए कोई भी लिख सकता है, लेकिन अच्छी और प्रभावी लेखन के लिए सैद्धांतिक ज्ञान के साथ औपचारिक शिक्षा की ज़रूरत होती है। अच्छी शिक्षा लेखन को और बेहतर बना सकती है।
In simple words: लिखने में रुचि रखने वाला और नई तकनीक जानने वाला कोई भी व्यक्ति नए माध्यमों के लिए लिख सकता है, लेकिन अच्छी पढ़ाई से लेखन और भी अच्छा हो जाता है।
🎯 Exam Tip: नव माध्यमों में सफल होने के लिए सिर्फ लिखने की इच्छा काफी नहीं, तकनीकी ज्ञान और समय पर अपडेट रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 12 Hindi समाचार लेखन अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
Question 1. उल्टा पिरामिड शैली क्या है?
Answer: उल्टा पिरामिड शैली समाचार लेखन का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला तरीका है। यह कहानी कहने के पारंपरिक तरीके से अलग है। इस शैली में सबसे ज़रूरी जानकारी पहले दी जाती है और कम ज़रूरी जानकारी बाद में। इस तरीके से लिखी गई समाचार में तीन मुख्य भाग होते हैं: इंट्रो, बॉडी और समापन। इंट्रो समाचार का शुरुआती हिस्सा होता है जो चार-पांच पंक्तियों का होता है। यह भाग सबसे ज़रूरी और सूचना से भरा होता है, जिसमें क्या, कहाँ, कब, कौन सी जानकारी होती है। इंट्रो के तुरंत बाद का हिस्सा बॉडी कहलाता है, जो ज़्यादा जानकारी देता है। इस भाग में क्यों और कैसे से जुड़ी जानकारी होती है। समापन भाग में किसी का बयान या जानकारी के स्रोत के बारे में बताया जाता है।
In simple words: उल्टा पिरामिड शैली में सबसे ज़रूरी खबर पहले आती है, फिर बाकी जानकारी। इसमें इंट्रो, बॉडी और समापन तीन हिस्से होते हैं।
🎯 Exam Tip: उल्टा पिरामिड शैली का मुख्य लाभ यह है कि पाठक को कम समय में ही मुख्य खबर मिल जाती है, और यदि समाचार बीच में भी काट दिया जाए तो महत्वपूर्ण जानकारी नहीं छूटती।
Question 3. स्टोरी क्या है?
Answer: मीडिया की भाषा में खबर को 'स्टोरी' कहा जाता है। 'स्टोरी' का मतलब कोई साहित्यिक कहानी नहीं होता, बल्कि बड़ी और विस्तार से लिखी गई खबरें ही 'स्टोरी' कहलाती हैं। साप्ताहिक समाचार पत्रों और पत्रिकाओं में समाचार कथा शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। समाचार-पत्र के पहले पन्ने पर छपने वाली विस्तृत खबर को कवर स्टोरी कहते हैं। मीडिया दफ्तरों में रोज़ाना होने वाली न्यूज़ मीटिंग्स में संपादक जब रिपोर्टरों को रोज़ की रिपोर्टिंग का काम देते हैं, तो वे यही कहते हैं कि रिपोर्टर अपनी स्टोरीज़ मेहनत से लिखें। इस तरह, स्टोरी केवल एक खबर नहीं, बल्कि उसके पीछे की पूरी मेहनत को दर्शाती है।
In simple words: मीडिया में खबर को 'स्टोरी' कहते हैं, जिसका मतलब किसी घटना पर विस्तार से लिखी गई रिपोर्ट होती है।
🎯 Exam Tip: 'कवर स्टोरी' एक महत्वपूर्ण शब्द है जो अखबार के पहले पन्ने की मुख्य और विस्तृत खबर को दर्शाता है, जो अक्सर किसी बड़े और जटिल मुद्दे पर आधारित होती है।
Question 4. हार्ड न्यूज व सॉफ्ट न्यूज से क्या तात्पर्य है?
Answer: समाचार-पत्रों में अलग-अलग तरह की खबरें छपती हैं। आमतौर पर दुर्घटनाएँ, अपराध और रोज़मर्रा की घटनाओं से जुड़ी खबरें 'हार्ड न्यूज' कहलाती हैं। ये खबरें सीधे-सीधे तथ्यों पर आधारित होती हैं और तुरंत जानकारी देती हैं। वहीं, मानवीय रुचि और मानवीय भावनाओं से जुड़ी खबरें 'सॉफ्ट न्यूज' कहलाती हैं। सॉफ्ट न्यूज अक्सर किसी सामाजिक मुद्दे, जीवनशैली या मानवीय कहानियों पर आधारित होती हैं और उनका मकसद जानकारी देने के साथ-साथ पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ना भी होता है।
In simple words: हार्ड न्यूज सीधे तथ्यों पर आधारित होती है जैसे दुर्घटनाएँ और अपराध। सॉफ्ट न्यूज मानवीय भावनाओं और रुचि से जुड़ी खबरें होती हैं।
🎯 Exam Tip: हार्ड न्यूज आमतौर पर तुरंत रिपोर्ट की जाती है, जबकि सॉफ्ट न्यूज में समय की पाबंदी कम होती है और उसे विश्लेषण के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है।
Question 5. रेडियो के लिए समाचार लेखन में किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए?
Answer: रेडियो एक ऐसा माध्यम है जिसे केवल सुनकर समझा जाता है और इसकी पहुँच दूर-दराज के आम लोगों तक है। जहाँ प्रिंट मीडिया सिर्फ पढ़े-लिखे लोगों के लिए उपयोगी है, वहीं रेडियो पढ़े-लिखे और अनपढ़ दोनों के लिए उपयोगी होता है। रेडियो के लिए लिखते समय सुनने वाले लोगों का ध्यान रखना चाहिए और भाषा को आसान, सरल और प्रवाहमय रखना चाहिए। समाचार पढ़ने वाले को कोई परेशानी न हो, इसके लिए समाचार की साफ-सुथरी टाइप की हुई कॉपी तैयार करनी चाहिए। बड़ी संख्याओं को शब्दों में लिखना चाहिए, जैसे 'पचास हज़ार' की जगह '50,000' नहीं। केवल ज़रूरी आंकड़ों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि संदेश सभी श्रोताओं तक स्पष्ट रूप से पहुँचे।
In simple words: रेडियो के लिए लिखते समय भाषा को बहुत आसान, साफ और प्रवाहमय रखना चाहिए ताकि हर कोई, चाहे पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़, आसानी से समझ सके।
🎯 Exam Tip: रेडियो समाचार लेखन में 'श्रव्य' पहलू सबसे महत्वपूर्ण होता है; शब्दों का चयन ऐसा हो कि वे आसानी से सुनाई दें और उनका अर्थ तुरंत स्पष्ट हो जाए, क्योंकि श्रोता के पास दोबारा पढ़ने का विकल्प नहीं होता।
Question 6. टी वी समाचार के लिए क्या आवश्यक है? इसमें किन विशेष विषयों पर विशेष वुलेटिन तैयार किए जाते हैं?
Answer: टीवी समाचार के लिए 'दृश्य के साथ लेखन' बहुत ज़रूरी है। यानी, जो कुछ दिख रहा है, उसी के हिसाब से खबर लिखी जानी चाहिए। टीवी पर समाचारों के कई चरण होते हैं, जैसे ब्रेकिंग न्यूज़, ड्राई एंकर, फोन-इन, एंकर विजुअल्स, एंकर बाइट, लाइव रिपोर्टिंग और एंकर पैकेज। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए टीवी पर समाचार लिखा जाता है। इसमें मुख्य रूप से राजनीति, खेल, आर्थिक और सामाजिक विषयों पर विशेष बुलेटिन तैयार किए जाते हैं। इन बुलेटिनों में खास रिपोर्ट, विशेषज्ञों की राय और दर्शकों के सवाल-जवाब शामिल होते हैं।
In simple words: टीवी समाचार में जो दिखता है, उसी के अनुसार लिखा जाता है। इसमें खास बुलेटिन राजनीति, खेल और आर्थिक मामलों पर बनते हैं।
🎯 Exam Tip: टीवी समाचार में दृश्य (विजुअल्स) और ऑडियो का तालमेल बहुत ज़रूरी है; केवल टेक्स्ट के बजाय, वीडियो के साथ संवाद स्थापित करने की क्षमता होनी चाहिए ताकि संदेश प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुँचे।
Question 7. वर्तमान युग में इंटरनेट की उपयोगिता पर प्रकाश डालिए।
Answer: आज के समय में इंटरनेट कितना उपयोगी है, इससे कोई अंजान नहीं है। यह लेखन और अपनी बात कहने का सबसे ताकतवर और हर जगह पहुँचने वाला माध्यम बन चुका है। आज से 10 साल पहले जो भी रचनात्मक लेखन होता था, उसे छापने के लिए सिर्फ समाचार पत्रों या पत्रिकाओं पर ही निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन आज इंटरनेट ने इस समस्या को चमत्कारिक रूप से हल कर दिया है। अगर कोई व्यक्ति कविता, कहानी, लेख या फीचर लिखने में सक्षम है, तो वह उसे टाइप करके इंटरनेट के माध्यम से अपने ब्लॉग या सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपने अकाउंट पर पोस्ट कर सकता है। पलक झपकते ही यह सामग्री दुनिया के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति द्वारा पढ़ी जा सकती है। आज के युग में इंटरनेट सबसे सस्ता और दुनिया भर में संचार का सबसे बड़ा साधन बन गया है। अब तो 4G कनेक्टिविटी ने इसकी गति को दस गुना और बढ़ा दिया है, जिससे जानकारी का आदान-प्रदान और भी तेज़ हो गया है।
In simple words: इंटरनेट आज लिखने और जानकारी बाँटने का सबसे powerful और सस्ता तरीका है, जिससे कोई भी अपनी बात दुनिया तक तुरंत पहुँचा सकता है।
🎯 Exam Tip: इंटरनेट की उपयोगिता में वैश्विक पहुँच, तत्काल जानकारी और विभिन्न प्रकार की सामग्री तक पहुँच प्रमुख बिंदु हैं, जिन्हें अपने उत्तर में ज़रूर शामिल करना चाहिए।
Question 8. इंटरनेट पर आजकल विभिन्न वेब साइट्स हैं'- इस कथन को समझाइये।
Answer: आज के समय में इंटरनेट पर बहुत सारी वेबसाइट्स मौजूद हैं, जहाँ हिंदी, अंग्रेजी और दूसरी भाषाओं में अलग-अलग विषयों पर जानकारी मिलती है। ये सभी वेबसाइट्स अलग-अलग विषयों पर बनी हैं। इनमें से कुछ साहित्य से जुड़ी हैं और कुछ संस्कृति से संबंधित हैं। ये वेबसाइट्स लगातार नई जानकारी के साथ खुद को अपडेट करती रहती हैं। इसके लिए उन्हें हमेशा अच्छी सामग्री की ज़रूरत होती है। ये वेबसाइट्स सिर्फ अच्छी सामग्री ही नहीं, बल्कि नए विचारों का भी इस्तेमाल करती हैं। आजकल लोग इंटरनेट पर कुछ नया करके अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं, जैसे ब्लॉगिंग या ऑनलाइन व्यापार करके। यह लोगों को अपने ज्ञान और रचनात्मकता को दुनिया के साथ साझा करने का एक बड़ा मंच देता है।
In simple words: इंटरनेट पर कई तरह की वेबसाइट्स हैं जो अलग-अलग भाषाओं और विषयों में जानकारी देती हैं, जिन्हें लगातार अपडेट किया जाता है और लोग इनसे पैसे भी कमाते हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न प्रकार की वेबसाइटों जैसे ज्ञानवर्धक, मनोरंजन, सामाजिक और ई-कॉमर्स साइटों का उल्लेख करना, इंटरनेट की विशालता और बहुआयामी उपयोगिता को दर्शाता है।
Question 9. इण्टरनेट पत्रकारिता के विकास पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: संचार के सबसे आधुनिक माध्यमों में इंटरनेट की उपयोगिता आज सबको पता है। इंटरनेट पत्रकारिता को ऑनलाइन पत्रकारिता, साइबर पत्रकारिता या वेब पत्रकारिता जैसे कई नामों से जाना जाता है। भारत में इंटरनेट पत्रिका की शुरुआत 1993 से मानी जाती है। 'रीडिफ डॉट कॉम' भारत की पहली साइट मानी जाती है, लेकिन असल वेब पत्रकारिता की शुरुआत 'तहलका डॉट कॉम' ने की। आजकल इंटरनेट की तेज़ गति के साथ साइबर पत्रकारिता भी बहुत तेज़ी से बढ़ रही है। आज के समय में लगभग सभी समाचार पत्र और पत्रिकाएँ अपने ऑनलाइन संस्करण छापते हैं। ऑनलाइन संस्करण के ज़रिए पाठक दुनिया के किसी भी कोने से संबंधित समाचार पढ़ सकते हैं। वेब पत्रकारिता के शुरुआती दौर में मानक की-बोर्ड और फॉन्ट की समस्या थी, लेकिन अब मंगल यूनिकोड फॉन्ट के विकास से यह समस्या दूर हो गई है। आजकल इंटरनेट पत्रकारिता में अलग-अलग विषयों पर लेख भी शामिल हो गए हैं और समाचारों के साथ-साथ साहित्यिक लेखन भी हो रहा है। तकनीक के इस आधुनिक युग में इंटरनेट की दुनिया भर में पहुँच के कारण साइबर पत्रकारिता के विकास की बहुत ज़्यादा संभावनाएँ हैं, जिससे यह और भी ज़्यादा फैल रहा है।
In simple words: इंटरनेट पत्रकारिता, जिसे ऑनलाइन पत्रकारिता भी कहते हैं, भारत में 1993 में शुरू हुई। यह बहुत तेज़ी से बढ़ी है, जिससे अब लोग दुनिया भर की खबरें और जानकारी ऑनलाइन पढ़ सकते हैं।
🎯 Exam Tip: इंटरनेट पत्रकारिता की विशेषताओं में तात्कालिकता, अंतर्क्रियाशीलता और विश्वव्यापी पहुँच शामिल हैं, जो इसे पारंपरिक पत्रकारिता से अलग करती हैं।
Question 11. समाचार माध्यम के इलेक्ट्रॉनिक माध्यम व नवे माध्यम पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: रेडियो और टेलीविज़न मुख्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम हैं। लोकप्रियता और पहुँच के मामले में रेडियो सबसे ज़्यादा पसंद किया जाने वाला माध्यम है। इसकी पहुँच पढ़े-लिखे और अनपढ़ दोनों वर्गों तक है। जहाँ समाचार-पत्र हर जगह नहीं पहुँच पाते, वहीं दूर-दराज के इलाकों में भी रेडियो संदेशों को लोगों तक पहुँचाता है। रेडियो सिर्फ सुनने वाला माध्यम है जबकि टेलीविज़न देखने और सुनने वाला माध्यम है। आज हर व्यक्ति तक संचार के इन साधनों की पहुँच है। टेलीविज़न के ज़रिए संदेशों, समाचारों और मनोरंजक कार्यक्रमों को देखा और सुना जा सकता है। विकास के इस दौर में अत्याधुनिक नए माध्यम के रूप में इंटरनेट ने अपनी पहचान बनाई है। इंटरनेट एक ऐसा माध्यम है जिसमें लोग एक-दूसरे से बात कर सकते हैं। इस माध्यम से पढ़े-लिखे लोग दुनिया भर की घटनाओं से तुरंत अपडेट रहते हैं। इंटरनेट ने जगह और समय की सभी भौतिक सीमाओं को लगभग खत्म कर दिया है, जिससे जानकारी का आदान-प्रदान और भी आसान हो गया है।
In simple words: रेडियो और टीवी मुख्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम हैं, जिनकी पहुँच बहुत ज़्यादा है। इंटरनेट एक नया माध्यम है जिसने दुनिया भर में जानकारी के आदान-प्रदान को आसान और तेज़ बना दिया है।
🎯 Exam Tip: इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (रेडियो, टीवी) और नए माध्यम (इंटरनेट) की तुलना करते समय उनकी पहुँच, प्रकृति (श्रव्य/दृश्य-श्रव्य), और तात्कालिकता जैसे पहलुओं पर ध्यान दें।
Free study material for Hindi
Free RBSE Textbook Explanations: Class 12 Hindi समाचार लेखन
Official RBSE Solutions for समाचार लेखन
Access structured RBSE textbook solutions for समाचार लेखन. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 12 Hindi, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.
Step-by-Step Explanations for समाचार लेखन
Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 12 Hindi text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.
Next Steps in Your Hindi Revision
Consistent practice with these solution guides cultivates faster problem-solving habits and clearer logical structuring. For a complete preparation experience, pair these textbook answers with our dedicated revision notes and sample papers for Class 12 Hindi.
FAQs
The complete and updated RBSE Solutions Class 12 Hindi समाचार लेखन is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Hindi are as per latest RBSE curriculum.
Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 12 Hindi समाचार लेखन as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.
Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 12 Hindi समाचार लेखन will help students to get full marks in the theory paper.
Yes, we provide bilingual support for Class 12 Hindi. You can access RBSE Solutions Class 12 Hindi समाचार लेखन in both English and Hindi medium.
Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 12 Hindi समाचार लेखन in printable PDF format for offline study on any device.