Official RBSE Solutions for Class 12 Hindi: साक्षात्कार लेने की कला
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Chapter-wise Solutions for Hindi: साक्षात्कार लेने की कला
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RBSE Class 12 Hindi साक्षात्कार लेने की कलापाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. साक्षात्कार की विभिन्न परिभाषाएँ देते हुए इसके प्रकार लिखिए।
Answer: साक्षात्कार का शाब्दिक अर्थ है-किसी खास व्यक्ति से मिलकर बात करना और उसके विचारों को जानना। यह एक तरह की बातचीत या मुलाकात होती है। इसमें संवाददाता (पत्रकार) या लेखक किसी व्यक्ति से सवाल पूछते हैं, ताकि उसकी बातें अखबार या टीवी में दिखा सकें। कन्हैयालाल मिश्र प्रभाकर जी इसे 'अतंयूंह' कहते थे। उनके अनुसार, इसमें हम सामने वाले के मन में उतरकर वो बातें निकालते हैं जो हम जानना चाहते हैं। यह एक तरह की रणनीति होती है। साक्षात्कार सिर्फ जानकारी इकट्ठा नहीं करता, बल्कि दो लोगों के बीच एक गहरा जुड़ाव भी बनाता है।
In simple words: साक्षात्कार का मतलब है किसी खास व्यक्ति से मिलकर उसके विचारों को जानना। पत्रकार इससे जानकारी इकट्ठा करते हैं ताकि उसे अखबार या टीवी में दिखा सकें।
🎯 Exam Tip: परिभाषाएँ लिखते समय प्रमुख विद्वानों के विचारों को उद्धृत करना और शाब्दिक अर्थ स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होता है।
प्रश्न 2. एक अच्छे साक्षात्कारकर्ता के गुणों पर प्रकाश डालिए।
Answer: एक अच्छे इंटरव्यू लेने वाले में कई गुण होने चाहिए। उसे नम्र होना चाहिए, अच्छी तरह से लिख पाना चाहिए और जानने की इच्छा रखनी चाहिए। उसे बोलने में माहिर होना चाहिए, भाषा पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए और निष्पक्ष रहना चाहिए। उसे लोगों से बातें निकलवाने की कला आनी चाहिए और धैर्य से सुनना चाहिए। उसे मनोविज्ञान की थोड़ी समझ और अच्छा व्यवहार भी आना चाहिए। इंटरव्यू लेने वाले को जिस विषय पर बात करनी है, उसकी पूरी जानकारी होनी चाहिए। तभी वह सही सवाल पूछकर अच्छी जानकारी इकट्ठा कर पाएगा। इंटरव्यू को मजेदार बनाए रखने के लिए उसमें तुरंत नए सवाल बनाने की कला होनी चाहिए। इंटरव्यू को भटकने से बचाने के लिए उसे हमेशा विषय पर ही केंद्रित रखना चाहिए। ये गुण इंटरव्यू को सफल बनाते हैं और सही जानकारी बाहर लाते हैं।
In simple words: एक अच्छे इंटरव्यू लेने वाले को नम्र, जानकार, जिज्ञासु और बोलने में कुशल होना चाहिए। उसे धैर्य से सुनना और सवालों को विषय पर केंद्रित रखना भी आना चाहिए।
🎯 Exam Tip: गुणों का वर्णन करते समय हर गुण के महत्व को संक्षेप में स्पष्ट करें, जिससे उत्तर अधिक प्रभावशाली लगे।
प्रश्न 3. एक साक्षात्कारकर्ता के नाते आप अखबार या टीवी दोनों में से किसके लिए साक्षात्कार करना चाहेंगे और क्यों?
Answer: मैं टीवी के लिए इंटरव्यू लेना पसंद करूंगा, न कि अखबार के लिए। अखबार के इंटरव्यू में पाठक केवल इंटरव्यू लेने वाले की लिखी हुई बातों से ही व्यक्ति को जान पाते हैं। वे सीधे इंटरव्यू देने वाले को देख नहीं पाते। साथ ही, अखबार केवल पढ़े-लिखे लोगों तक ही पहुँचता है। टीवी इंटरव्यू की पहुँच बहुत ज्यादा लोगों तक होती है, और इसमें हम इंटरव्यू देने वाले की सोच और भावनाओं को ज्यादा अच्छे से दिखा सकते हैं। दर्शक टीवी पर व्यक्ति को खुद अपनी आँखों से देख पाते हैं। इसलिए, टीवी पर लिया गया इंटरव्यू ज्यादा असरदार होता है और लोगों को जोड़ने में मदद करता है।
In simple words: मैं टीवी के लिए इंटरव्यू लेना चाहूंगा क्योंकि यह ज्यादा लोगों तक पहुंचता है और इसमें व्यक्ति के हाव-भाव को भी देखा जा सकता है, जिससे जानकारी ज्यादा प्रभावी बनती है।
🎯 Exam Tip: अपने चुनाव के पक्ष में तर्क देते समय टीवी और अखबार दोनों माध्यमों की विशेषताओं का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करें।
प्रश्न 4. अपने क्षेत्र के विधायक से साक्षात्कार के लिए आप क्या तैयारी करेंगे? एक काल्पनिक प्रश्नावली भी बनाइए।
Answer: अपने क्षेत्र के विधायक का इंटरव्यू लेने के लिए, मैं पहले इंटरव्यू का विषय चुनूंगा। विषय तय होने के बाद, मैं विधायक जी से संपर्क करके उन्हें विषय के बारे में बताऊंगा और इंटरव्यू के लिए समय मांगूंगा। जब समय तय हो जाएगा, तो मैं उस हिसाब से सवाल तैयार करूंगा। इंटरव्यू की अच्छी तैयारी से हमें महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है और जनता के लिए फायदेमंद होती है। प्रश्नावली में निम्नलिखित प्रकार के प्रश्न हो सकते हैं –
1. आपके नजरिये से क्षेत्र में किन-किन क्षेत्रों में विकास की संभावनाएँ हैं?
2. इन क्षेत्रों में विकास के लिए आपकी योजना क्या है?
3. योजना की क्रियान्विति हेतु आवश्यक आर्थिक संसाधन जुटाने का माध्यम क्या रहेगा?
4. विकास की इस योजना में आप जनसहभागिता के लिए क्या करेंगे?
5. संपूर्ण योजना की क्रियान्विति की समय-सीमा क्या रहेगी?
6. योजना के दूरगामी प्रभाव क्या होंगे?
In simple words: विधायक का इंटरव्यू लेने के लिए, मैं पहले विषय चुनूंगा, फिर उनसे समय मांगूंगा और आखिर में उनसे पूछने के लिए सवालों की एक सूची तैयार करूंगा।
🎯 Exam Tip: काल्पनिक प्रश्नावली बनाते समय प्रश्नों को स्पष्ट, प्रासंगिक और विषय से जुड़ा हुआ रखें, ताकि वे उपयोगी जानकारी निकाल सकें।
RBSE Class 12 Hindi साक्षात्कार लेने की कला अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए साक्षात्कार व माध्यमोपयोगी साक्षात्कार में अंतर स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रतियोगी परीक्षाओं के इंटरव्यू और मीडिया के इंटरव्यू में मुख्य अंतर उनके मकसद में होता है। प्रतियोगी परीक्षा के इंटरव्यू का मुख्य लक्ष्य एक काबिल उम्मीदवार को चुनना होता है। इसलिए इसमें ऐसे सवाल पूछे जाते हैं जो उम्मीदवार की योग्यता से जुड़े होते हैं। इन सवालों से आम लोगों का कोई सीधा लेना-देना नहीं होता। वहीं, मीडिया के इंटरव्यू का मुख्य मकसद आम जनता, यानी पढ़ने वाले, सुनने वाले या देखने वालों तक जानकारी पहुंचाना होता है। इसलिए मीडिया इंटरव्यू के सवाल और भाषा ऐसी होती है जिसे सब लोग आसानी से समझ सकें। दोनों तरह के इंटरव्यू का उद्देश्य अलग-अलग होने के कारण उनकी तैयारी और सवाल पूछने का तरीका भी अलग होता है।
In simple words: प्रतियोगी परीक्षा के इंटरव्यू का उद्देश्य उम्मीदवार चुनना है, जबकि मीडिया के इंटरव्यू का उद्देश्य आम जनता तक जानकारी पहुंचाना है।
🎯 Exam Tip: अंतर स्पष्ट करते समय दोनों प्रकार के साक्षात्कारों के मुख्य उद्देश्य, प्रश्नों की प्रकृति और लक्ष्य समूह पर ध्यान केंद्रित करें।
प्रश्न 2. माध्यमोपयोगी साक्षात्कार को स्पष्ट करते हुए इसके विभिन्न प्रकारों के नाम लिखिए।
Answer: मीडिया के लिए इंटरव्यू वे इंटरव्यू होते हैं जो लोगों तक खबरें पहुंचाने के लिए किए जाते हैं। इसमें लोगों की भलाई या उनकी पसंद के किसी खास विषय पर व्यक्तियों से इंटरव्यू लिया जाता है, और फिर उसे छापा या दिखाया जाता है। ऐसे इंटरव्यू मुख्य रूप से दो तरह के होते हैं: प्रिंट मीडिया के लिए इंटरव्यू और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए इंटरव्यू। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के इंटरव्यू को फिर से दो भागों में बांटा जा सकता है: केवल सुनने वाले (श्रव्य) और सुनने-देखने वाले (दृश्य-श्रव्य)। जैसे, रेडियो सिर्फ सुनने वाला माध्यम है, और टीवी सुनने-देखने वाला माध्यम है। ऐसे इंटरव्यू लोगों को जानकारी देने और उनकी रुचि बनाए रखने में मदद करते हैं।
In simple words: माध्यमोपयोगी साक्षात्कार वे होते हैं जो जनसंचार माध्यमों के लिए किए जाते हैं। इनके मुख्य प्रकार प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के इंटरव्यू हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम को श्रव्य और दृश्य-श्रव्य में बांटा जाता है।
🎯 Exam Tip: प्रकारों का उल्लेख करते समय, प्रत्येक प्रकार के माध्यम का एक-एक उदाहरण (जैसे रेडियो और टीवी) अवश्य दें।
प्रश्न 3. प्रिंट माध्यम व इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के लिए साक्षात्कार में अंतर लिखिए।
Answer: प्रिंट मीडिया के इंटरव्यू इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के इंटरव्यू से काफी अलग होते हैं। प्रिंट इंटरव्यू में बोलने वाले और इंटरव्यू लेने वाले के हाव-भाव या पहनावे का कोई महत्व नहीं होता। इन इंटरव्यू को छापने से पहले बदला जा सकता है। ये इंटरव्यू पढ़े-लिखे लोगों के लिए होते हैं, इसलिए इनकी भाषा थोड़ी मुश्किल हो सकती है। इनके लिए समय की कोई पाबंदी नहीं होती, लेकिन अखबार या पत्रिका में जगह का ध्यान रखना पड़ता है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के इंटरव्यू में, खासकर ऑडियो-विजुअल माध्यमों में, इंटरव्यू देने वाले के हाव-भाव और पहनावे पर ध्यान देना जरूरी होता है। अगर इंटरव्यू सीधा दिखाया जा रहा है, तो बहुत सावधानी रखनी पड़ती है क्योंकि इसमें कुछ भी बदलने का मौका नहीं मिलता। दोनों माध्यमों के अपने फायदे और सीमाएँ होती हैं, और यह समझना ज़रूरी है कि किस माध्यम के लिए कौन सा तरीका सही है।
In simple words: प्रिंट मीडिया इंटरव्यू में हाव-भाव मायने नहीं रखते और संपादन संभव है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया इंटरव्यू में हाव-भाव जरूरी होते हैं और सीधा प्रसारण होने पर संपादन का मौका नहीं मिलता।
🎯 Exam Tip: अंतर को बिंदुवार स्पष्ट करें, जिसमें संपादन, भाषा, हाव-भाव और लक्ष्य समूह जैसे पहलुओं को शामिल किया जाए।
प्रश्न 4. आजकल मीडिया में साक्षात्कार के विभिन्न रूपों पर प्रकाश डालिए।
Answer: आजकल मीडिया में इंटरव्यू के कई नए तरीके आ गए हैं। इंटरव्यू सिर्फ दो लोगों की बातचीत नहीं रह गया है, बल्कि यह बहुत सारे लोगों से जुड़ने का एक तरीका बन गया है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, खासकर न्यूज़ चैनल, कई तरह के इंटरव्यू दिखाते हैं ताकि उनकी लोकप्रियता बढ़े। जैसे, इंडिया टीवी पर 'आपकी अदालत' या आज तक पर 'आक्रामक तेवर' जैसे इंटरव्यू नियमित रूप से दिखाए जाते हैं। जनता से सीधे बात करना भी आजकल इंटरव्यू का एक नया तरीका है। ये सभी तरीके लोगों तक जानकारी पहुंचाने और मीडिया को अधिक आकर्षक बनाने में मदद करते हैं।
In simple words: आजकल मीडिया में इंटरव्यू सिर्फ बातचीत नहीं, बल्कि जनता से जुड़ने का माध्यम बन गया है, जिसमें न्यूज़ चैनलों के कार्यक्रम और सीधी बातचीत शामिल हैं।
🎯 Exam Tip: विभिन्न रूपों का वर्णन करते समय प्रसिद्ध कार्यक्रमों या चैनलों के उदाहरण देकर अपने उत्तर को पुष्ट करें।
प्रश्न 5. साक्षात्कार के दौरान किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Answer: एक सफल इंटरव्यू के लिए इंटरव्यू लेने वाले को पूरी तैयारी के साथ इंटरव्यू करना चाहिए। उसे विषय के अनुसार मुख्य सवालों को ध्यान में रखते हुए एक लिस्ट बना लेनी चाहिए। कई बार पत्रकार किसी खास व्यक्ति को घेरकर सवालों की बौछार कर देते हैं, और गलत तरीके से अपनी बात निकलवा लेते हैं। ऐसे में जिस व्यक्ति का इंटरव्यू हो रहा है, वह नाराज हो सकता है और माहौल खराब हो सकता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए अधूरे या गलत सवाल पूछने से बचना चाहिए। इंटरव्यू की जानकारी हमेशा निष्पक्ष और पूरी तरह से पेश की जानी चाहिए। इससे इंटरव्यू का मकसद पूरा होता है और गलतफहमी से बचा जा सकता है।
In simple words: इंटरव्यू के दौरान पूरी तैयारी, सही सवालों की सूची, निष्पक्षता और तथ्यों की समग्र प्रस्तुति पर ध्यान देना चाहिए ताकि विवादों से बचा जा सके।
🎯 Exam Tip: ध्यान रखने योग्य बातों को क्रमबद्ध तरीके से लिखें और हर बिंदु के महत्व को संक्षेप में समझाएं।
प्रश्न 6. तकनीकी संसाधनों के समृद्ध मौजूदा दौर में साक्षात्कार का क्या महत्व है?
Answer: आज के समय में, जब तकनीकी साधन बहुत ज्यादा हैं, इंटरव्यू का महत्व लगातार बढ़ रहा है। हर मीडिया माध्यम में इंटरव्यू का इस्तेमाल खबरें इकट्ठा करने, तथ्यों और बयानों की पुष्टि करने, खबरों को मजेदार और विश्वसनीय बनाने, और उन्हें स्थानीय माहौल से जोड़ने के लिए एक असरदार तरीके के रूप में हो रहा है। किसी विषय पर लोगों की राय जानने या किसी समस्या पर चर्चा करने के लिए भी इंटरव्यू बहुत जरूरी हो गए हैं। नेता और दूसरे मशहूर लोगों के जीवन और काम के बारे में हर कोई जानना चाहता है। आजकल ऐसे इंटरव्यू बहुत चर्चा में रहते हैं। तकनीक के बढ़ने से इंटरव्यू के छोटे हिस्से या पूरे इंटरव्यू को मनचाही जगह पर इस्तेमाल करना आसान हो गया है। इसलिए, आज के समय में इंटरव्यू का महत्व पहले से काफी बढ़ गया है, क्योंकि यह जानकारी और जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है।
In simple words: तकनीकी युग में साक्षात्कार का महत्व बढ़ गया है क्योंकि यह समाचारों को इकट्ठा करने, तथ्यों की पुष्टि करने और लोगों की राय जानने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है।
🎯 Exam Tip: वर्तमान परिप्रेक्ष्य में तकनीकी प्रगति को साक्षात्कार के बढ़ते महत्व से जोड़कर लिखें और वास्तविक दुनिया के उदाहरणों का उल्लेख करें।
प्रश्न 7. साक्षात्कार विधा के इतिहास पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer: इंटरव्यू की परंपरा बहुत पुरानी है। हमारे पुराने ग्रंथों में भी बातचीत को जगह दी गई है, जो इंटरव्यू का ही एक रूप है। जैसे नचिकेता-यम, रावण-लक्ष्मण, भीष्म-युधिष्ठिर, कृष्ण-अर्जुन, भरत-आत्रेय, गार्गी-याज्ञवल्क्य और गौतम-सत्यकाम के संवाद इंटरव्यू के पुराने रूप माने जा सकते हैं। पश्चिमी देशों में 18वीं सदी में लैंडर की किताब 'इमेजिनरी कन्वर्सेशंस' में 150 काल्पनिक बातचीत के इंटरव्यू का उदाहरण मिलता है। इन संवादों से विचारों का आदान-प्रदान होता था। इंटरव्यू को असरदार बनाने के लिए, माध्यम के हिसाब से सही तैयारी करनी होती है। इंटरव्यू को मुख्य रूप से मौखिक और लिखित दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। मौखिक इंटरव्यू के लिए किसी व्यक्ति से समय लेकर बात की जाती है, और बहुत जरूरी होने पर तुरंत भी बात कर सकते हैं। लिखित इंटरव्यू के लिए चिट्ठी-पत्री का इस्तेमाल होता है, पर आजकल ईमेल का चलन बढ़ गया है। इंटरव्यू लेने वाले को पहले से सारी जानकारी पढ़ लेनी चाहिए और इंटरव्यू दाता से बात करके सही समय और जगह तय करनी चाहिए। इंटरव्यू का लंबा इतिहास दर्शाता है कि मानव सभ्यता में संवाद कितना महत्वपूर्ण रहा है।
In simple words: साक्षात्कार की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जिसके उदाहरण पुराने ग्रंथों के संवादों में मिलते हैं। पश्चिमी साहित्य में भी इसके प्रारंभिक रूप मौजूद हैं, जो समय के साथ विकसित हुए हैं।
🎯 Exam Tip: इतिहास बताते समय, प्राचीन भारतीय संदर्भों और पश्चिमी साहित्य के प्रारंभिक उदाहरणों दोनों का उल्लेख करें ताकि एक व्यापक दृष्टिकोण मिल सके।
प्रश्न 9. रेडियो व टीवी के लिए साक्षात्कार के दौरान क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?
Answer: रेडियो और टीवी इंटरव्यू में तकनीकी बातें बहुत मायने रखती हैं। रेडियो इंटरव्यू के लिए आवाज रिकॉर्ड करने के तरीके पता होने चाहिए। आवाज की गति, कितनी जोर से बोलना है, सही उच्चारण और माइक्रोफोन को सही जगह पर रखने का तरीका सहज होना चाहिए। रेडियो इंटरव्यू रिकॉर्ड होने के बाद उसे ज्यादा बदल नहीं सकते। रेडियो इंटरव्यू में हाव-भाव जरूरी नहीं होते, लेकिन समय का बहुत ध्यान रखना पड़ता है। टीवी में देखने और सुनने दोनों का महत्व होता है, और अगर सीधा प्रसारण हो रहा हो तो बहुत सावधान रहना पड़ता है। रिकॉर्ड किए गए टीवी इंटरव्यू में भी हाव-भाव पर ध्यान देना होता है। इन इंटरव्यू में भी बदलाव की गुंजाइश कम होती है। टीवी इंटरव्यू में सवाल-जवाब छोटे और साफ होने चाहिए। भाषा सरल होनी चाहिए और समय की सीमा का भी ध्यान रखना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि संदेश स्पष्ट और प्रभावी ढंग से दर्शकों तक पहुंचे।
In simple words: रेडियो इंटरव्यू में आवाज और रिकॉर्डिंग का ध्यान रखें; टीवी इंटरव्यू में हाव-भाव, समय और सीधी प्रसारण की विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि संपादन का मौका कम मिलता है।
🎯 Exam Tip: रेडियो और टीवी दोनों माध्यमों की तकनीकी और प्रस्तुति संबंधी सावधानियों को अलग-अलग बिंदुओं में स्पष्ट करें, जिससे उत्तर व्यवस्थित लगे।
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