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RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 21 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 1. इस निबन्ध के अनुसार क्रांतिकारियों की क्रांति की सबसे बड़ी दुश्मन कौन है?
(a) माँ ।
(b) फादर इन ला
(c) पिता
(d) मदर इन लो।
Answer: (d) मदर इन लो।
In simple words: इस निबंध के अनुसार, क्रांति के विचारों को रोकने वाली सबसे बड़ी विरोधी "मदर इन लॉ" (सास) होती है। लेखक का मानना है कि सासें अपने विचारों से क्रांतिकारियों को बदल देती हैं।
🎯 Exam Tip: जब कोई विशेष नाम या पद पूछा जाए, तो उत्तर को सटीक और सीधे शब्दों में लिखें, जैसा कि पाठ में बताया गया है।
Question 2. निबन्ध में लेखक नारी मुक्ति का कारण किसको मानता है?
Answer: निबंध में लेखक नारी मुक्ति का मुख्य कारण अर्थशास्त्र (आर्थिक स्वतंत्रता) को मानता है। जब महिलाओं को आर्थिक आजादी मिलती है, तो वे सामाजिक बंधनों और पुरानी परंपराओं से मुक्त होकर अपने निर्णय ले पाती हैं। यही उनकी सच्ची मुक्ति है।
In simple words: लेखक के अनुसार, औरतें तभी आज़ाद हो सकती हैं जब वे आर्थिक रूप से मजबूत हों।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय, पाठ में दिए गए मुख्य तर्क या कारण को स्पष्ट रूप से बताएं और एक सहायक वाक्य भी जोड़ें।
RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 21 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. पिण्डदान करने जाते समय इलाहाबाद को किस नाम से पुकारते हैं?
Answer: पिण्डदान करने जाते समय इलाहाबाद को 'प्रयोग' नाम से पुकारते हैं। यह नाम धार्मिक अनुष्ठानों और पवित्रता से जुड़ा है।
In simple words: पिण्डदान के समय इलाहाबाद को 'प्रयोग' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: धार्मिक संदर्भों में शहरों के विभिन्न नामों को याद रखना महत्वपूर्ण है, खासकर जब वे किसी विशेष अनुष्ठान से जुड़े हों।
Question 2. मदर इन ला और सास में क्या फर्क है?
Answer: 'मदर इन ला' और 'सास' दोनों पर्यायवाची शब्द हैं, जिनका अर्थ एक ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि 'मदर इन ला' अंग्रेजी भाषा का शब्द है, जबकि 'सास' हिंदी भाषा का शब्द है। दोनों ही शब्दों का उपयोग वैवाहिक रिश्ते में पति या पत्नी की माँ को दर्शाने के लिए किया जाता है।
In simple words: 'मदर इन ला' अंग्रेजी शब्द है और 'सास' हिंदी शब्द है, दोनों का मतलब एक ही है।
🎯 Exam Tip: शब्दों के अर्थ और उनके प्रयोग में भाषा के अंतर को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए।
Question 3. लेखक के मित्र जो कि उन्हें घर ले जाते हैं, उनके यहाँ बिना पर्दे के एकमात्र मादा कौन थी?
Answer: लेखक के मित्र के घर में बिना पर्दे के एकमात्र मादा 'बिल्ली' थी। यह बात लेखक ने व्यंग्यात्मक रूप से कही है, यह दर्शाने के लिए कि घर की महिलाएं पर्दे में रहती थीं।
In simple words: लेखक के दोस्त के घर में सिर्फ बिल्ली ही थी जो बिना पर्दे के घूमती थी।
🎯 Exam Tip: व्यंग्यात्मक वाक्यों में छुपे हुए गहरे अर्थ को समझने की कोशिश करें और उसी के अनुसार उत्तर दें।
Question 4. संस्कारों के सीने पर चढ़कर गला कौन दबा रहा है?
Answer: अर्थशास्त्र (आर्थिक व्यवस्था) संस्कारों के सीने पर चढ़कर गला दबा रहा है। लेखक यह दिखाना चाहता है कि आज के समाज में लोग अपने आर्थिक लाभ के लिए पुराने रीति-रिवाजों और सिद्धांतों को पीछे छोड़ देते हैं। धन की जरूरतें अक्सर परंपराओं से ज़्यादा मजबूत साबित होती हैं।
In simple words: आज के समय में पैसे की जरूरतें (अर्थशास्त्र) परंपराओं (संस्कारों) को दबा रही हैं।
🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक भाषा वाले प्रश्नों में, प्रतीकों का वास्तविक अर्थ स्पष्ट करें।
Question 5. 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' नामक निबन्ध परसाई जी के किस निबन्ध संग्रह से लिया गया है?
Answer: 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' नामक निबंध परसाई जी के निबंध संग्रह 'शिकायत मुझे भी है' से लिया गया है। यह उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है।
In simple words: यह निबंध परसाई जी के संग्रह 'शिकायत मुझे भी है' से लिया गया है।
🎯 Exam Tip: लेखकों और उनकी रचनाओं से संबंधित तथ्यात्मक प्रश्नों के उत्तर सटीक और सीधे होने चाहिए।
RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 21 लघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. लेखक को दोस्त के पिता की मृत्यु की अपेक्षा किसकी चिन्ता अधिक थी?
Answer: लेखक को दोस्त के पिता की मृत्यु की अपेक्षा दोस्त के व्यवहार में आए बदलाव की चिंता अधिक थी। जब लेखक को पता चला कि उसका मार्क्सवादी विचारों वाला दोस्त भी अपने पिता का पिण्डदान कराने प्रयाग जा रहा है और उसने मुण्डन भी कराया है, तो लेखक को इस बात की चिंता हुई कि उसके दोस्त के क्रांतिकारी सिद्धांत परिवार के संस्कारों के सामने कैसे झुक गए। यह चिंता दोस्त के सिद्धांतों के टूटने की थी।
In simple words: लेखक को दोस्त के पिता की मौत से ज्यादा उसकी चिंता थी कि दोस्त के क्रांतिकारी विचार परंपराओं के आगे कैसे बदल गए।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, घटनाओं के बजाय लेखक की भावनाओं या विचारों पर ध्यान केंद्रित करें और उनके कारणों को स्पष्ट करें।
Question 3. लेखक 'मदर इन ला' को क्रान्ति का दुश्मन क्यों मानता है?
Answer: लेखक 'मदर इन ला' को क्रांति का दुश्मन इसलिए मानता है क्योंकि वह क्रांतिकारी के विचारों को बदलने की ताकत रखती है। मदर इन ला अक्सर दोस्त को धोती पहनाकर, पालथी मारकर सत्यनारायण की कथा सुनने पर मजबूर कर देती है। वह उसे कहती है कि 'लाला, अपना ख्याल नहीं तो बच्चों का तो रखो।' बच्चों की दुहाई देकर, वह क्रांतिकारी व्यक्ति के विचारों को बदल देती है, जिससे उसकी क्रांति की भावना दब जाती है। पारिवारिक दबाव अक्सर बड़े बदलावों को रोक देता है।
In simple words: लेखक को लगता है कि 'मदर इन ला' (सास) क्रांतिकारियों के विचारों को बच्चों के नाम पर बदल देती है, इसलिए वह क्रांति की दुश्मन है।
🎯 Exam Tip: लेखक के व्यंग्य के पीछे के तर्क को स्पष्ट करें और उदाहरण सहित व्याख्या करें कि क्यों वह किसी विशेष बात को "दुश्मन" मानता है।
Question 4. लेखक के पास सुनाने का आग्रह करने पर किस-किस तरह के नुस्खे हैं?
Answer: लेखक के पास अलग-अलग उम्र के लोगों को सुनाने के लिए अलग-अलग नुस्खे हैं। प्रौढ़ों के लिए उनके पास 'डायबिटीज' का नुस्खा है। बच्चों के लिए 'कुकुर खाँसी' का नुस्खा और 'राक्षस की कहानी' है, जिसे वह तुरंत सुना देते हैं। यदि जरूरत पड़े तो वह ससुर को 'कृष्ण-सुदामा' की कहानी भी सुना सकते हैं। वह हर अवसर पर और हर प्रकार की कहानी सुनाने के लिए तैयार रहते हैं, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है।
In simple words: लेखक के पास बड़ों के लिए डायबिटीज का और बच्चों के लिए राक्षस की कहानी का नुस्खा है, और वह हमेशा कोई न कोई कहानी सुनाने को तैयार रहते हैं।
🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में, सभी सूचीबद्ध वस्तुओं या प्रकारों को शामिल करें और प्रत्येक के लिए एक संक्षिप्त विवरण दें।
Question 5. लड़की की माता की किस तरह की सोच से पता लगा कि अर्थशास्त्र ने संस्कारों को पटकनी दे दी?
Answer: लड़की की माता ने पहले तो शादी का विरोध किया क्योंकि वह संस्कारों और परंपराओं से बंधी थी। लेकिन जब उसे यह पता चला कि सरकारी शादी करने से 15 हजार रुपये का दहेज बच जाएगा, तो उसने तुरंत शादी स्वीकार कर ली। उसने यह भी सोचा कि इतने कम पैसों में इतना अच्छा लड़का नहीं मिलेगा। इस घटना से यह साफ हो गया कि आर्थिक लाभ (अर्थशास्त्र) ने उसके सभी संस्कारों और विरोध को खत्म कर दिया। इस प्रकार, पैसों के सामने परंपराएं हार गईं।
In simple words: लड़की की माँ ने दहेज में 15 हजार रुपये बचाने के लिए सरकारी शादी मान ली, जिससे पता चला कि पैसे ने परंपराओं को हरा दिया।
🎯 Exam Tip: ऐसी स्थिति-आधारित व्याख्या में, घटनाओं का क्रम और उनके पीछे के कारणों को स्पष्ट रूप से समझाएं।
RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 21 निबंधात्मक प्रश्न
Question 1. 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' निबन्ध के आधार पर परसाई जी की लेखन शैली की विशेषताएँ बताइए।
Answer: परसाई जी व्यंग्यकार निबंध लेखक हैं। उनकी लेखन शैली की कुछ खास बातें हैं:
1. **व्यंग्य की प्रधानता:** परसाई जी की भाषा में व्यंग्य बहुत होता है। वे पाखंड, बेईमानी और भ्रष्टाचार पर तीखी चोट करते हैं। उनके हर शब्द में एक तरह की चुभन होती है।
2. **भाषा की सहजता:** उनकी भाषा आम होते हुए भी बहुत असरदार है। वे तत्सम (संस्कृत से आए), उर्दू और अंग्रेजी के शब्दों का खुलकर इस्तेमाल करते हैं, जैसे 'हैसियत', 'फजीहत', 'डाइबटीज', 'मदर इन ला'। यह भाषा को जीवंत बनाता है।
3. **मुहावरेदार शैली:** वे मुहावरों का बहुत सहजता से उपयोग करते हैं, जैसे 'रंगे हाथों पकड़ना', 'सीने पर चढ़कर', 'हाय-तौबा मचाना'। इससे भाषा और भी सशक्त हो जाती है।
4. **विचारात्मक शैली:** परसाई जी की शैली में विचार और कर्म के बीच के विरोधाभास को सामने लाया जाता है। इस निबंध में भी वे दिखाते हैं कि कैसे लोग अपने सिद्धांतों से भटक जाते हैं जब उनके सामने कोई मुश्किल आती है।
5. **सूत्रात्मक शैली:** कहीं-कहीं वे बहुत कम शब्दों में बड़ी बात कह देते हैं, जैसे 'एम्बुलेंस की गाड़ी ने ही मुझे कुचल दिया।' यह उनके विचारों को गहराई से प्रस्तुत करता है।
In simple words: परसाई जी की लेखन शैली में व्यंग्य, सरल भाषा, मुहावरों का प्रयोग और विचारों में गहरे विरोधाभास को दिखाया जाता है। वे शब्दों का इस्तेमाल बहुत कुशलता से करते हैं।
🎯 Exam Tip: जब किसी लेखक की शैली पूछी जाए, तो उसकी भाषा, विषयवस्तु और प्रस्तुति के मुख्य बिंदुओं को उदाहरण सहित स्पष्ट करें।
Question 2. पाठ का सार लिखते हुए उसके मूल उद्देश्य को स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस निबंध में लेखक ने कई घटनाओं के जरिए अपना मकसद पूरा किया है। निबंध में लेखक ने दिखाया है कि कैसे इंसान के विचार और उसके काम (आचरण) में अंतर होता है। एक दोस्त जो बीस साल से मार्क्सवादी था, वह अपने पिता का पिण्डदान कराने प्रयाग जाता है और मुंडन भी करवाता है। यह दिखाता है कि कैसे परिवार के रीति-रिवाज कभी-कभी बड़े-बड़े सिद्धांतों को भी बदल देते हैं। एक और घटना में, "मदर इन ला" (सास) कैसे क्रांतिकारी विचारों को बच्चों के नाम पर दबा देती है। लेखक ने यह भी दिखाया है कि आर्थिक जरूरतें (अर्थशास्त्र) कैसे संस्कारों पर भारी पड़ती हैं, जैसे कि दहेज से बचने के लिए एक माँ का सरकारी शादी स्वीकार करना। इन सभी बातों के पीछे लेखक का मुख्य मकसद यह है कि लोग विपरीत परिस्थितियों में अपने सिद्धांतों से हट जाते हैं और उनके व्यवहार में दोगलापन आ जाता है। लेखक यह स्पष्ट करना चाहता है कि हमारे विचार कुछ और होते हैं, लेकिन व्यवहार में हम कुछ और ही करते हैं।
In simple words: यह निबंध दिखाता है कि कैसे लोग मुश्किल में अपने विचारों से हटकर परंपराओं और पैसों के लिए कुछ और काम करते हैं। लेखक का मकसद इंसान के विचारों और व्यवहार के अंतर को दिखाना है।
🎯 Exam Tip: किसी निबंध का सार लिखते समय, उसकी मुख्य घटनाओं और उनसे निकलने वाले संदेश को संक्षेप में स्पष्ट करें। मूल उद्देश्य को भी प्रमुखता से बताएं।
Question 3. पाठ में आए निम्नलिखित गद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या कीजिए
(क) यों कोई बुरी बात नहीं ... उसके 38 बाप हो गए हैं।
(ख) अर्थशास्त्र संस्कारों के सीने ... तो हम एक भोज दे दें।
Answer: इन गद्यांशों की विस्तृत व्याख्या के लिए, कृपया 'महत्वपूर्ण गद्यांशों की प्रसंग एवं संदर्भ सहित व्याख्याएँ' शीर्षक प्रकरण को देखें। यहां केवल उनका उल्लेख किया गया है, विस्तृत व्याख्या वहां मिलेगी।
In simple words: इन हिस्सों को समझने के लिए, इनकी पूरी जानकारी 'गद्यांशों की व्याख्या' वाले भाग में देखें।
🎯 Exam Tip: जब पाठ में किसी अन्य अनुभाग का संदर्भ दिया गया हो, तो उसी के अनुसार उत्तर दें और अनावश्यक रूप से जानकारी न दोहराएं।
RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 21 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
Question 2. प्रयाग को इलाहाबाद कौन कहते हैं?
(a) भ्रमण करने वाले
(b) गंगा स्नान करने वाले
(c) पिण्डदान करने वाले
(d) चोरी करने वाले
Answer: (d) चोरी करने वाले
In simple words: जो लोग चोरी करने जाते हैं, वे इलाहाबाद को 'प्रयाग' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: पाठ में विशिष्ट संदर्भों में दिए गए नामों को याद रखें, क्योंकि वे अक्सर व्यंग्य का हिस्सा होते हैं।
Question 3. संविद सरकार टूटने पर आदमी के कितने बाप रह गए?
(a) 15
(b) 38
(c) 35
(d) 20
Answer: (a) 15
In simple words: जब संविद सरकार टूटी, तो उस आदमी के 15 बाप रह गए।
🎯 Exam Tip: संख्यात्मक जानकारी वाले व्यंग्यपूर्ण प्रश्नों में, दी गई संख्या को सटीक रूप से प्रस्तुत करें।
Question 4. बीस साल से मित्र ने सच्चा पिता किसे मान रखा था?
(a) अद्वैतवाद को
(b) समाजवाद को
(c) माक्र्सवाद को
(d) फ्राइडवाद को
Answer: (c) माक्र्सवाद को
In simple words: बीस साल से दोस्त ने मार्क्सवाद को अपना सच्चा पिता मान रखा था।
🎯 Exam Tip: वैचारिक प्रश्नों में, पाठ में उल्लिखित सटीक विचारधारा को पहचानें और उसका उल्लेख करें।
Question 5. 'जिनकी हैसियत है, वे एक से ज्यादा भी बाप रखते हैं' कथन में भाव है –
(a) व्यंग्य का
Answer: (a) व्यंग्य का
In simple words: यह कथन उन स्वार्थी लोगों पर व्यंग्य करता है जो फायदे के लिए किसी को भी अपना 'पिता' मान लेते हैं।
🎯 Exam Tip: व्यंग्यात्मक कथनों में, उस कथन के पीछे छिपी हुई भावना या लेखक के उद्देश्य को स्पष्ट करें।
Question 6. लेखक के दूसरे मित्र विचार और कर्म दोनों से हैं –
(a) सिद्धान्तवादी
(b) क्रान्तिकारी
(c) तर्कवादी
(d) संघर्षकारी
Answer: (b) क्रान्तिकारी
In simple words: लेखक का दूसरा दोस्त अपने विचारों और कामों से एक क्रांतिकारी है।
🎯 Exam Tip: किसी व्यक्ति के गुणों का वर्णन करते समय, पाठ में दिए गए सबसे सटीक विशेषण का उपयोग करें।
Question 7. मदर इन ला और सास में फर्क है –
(a) विचारों का
(b) अवस्था का
(c) सिद्धान्तों का
(d) तजुर्बे का
Answer: (d) तजुर्बे का
In simple words: 'मदर इन ला' और 'सास' में उनके अनुभव और दृष्टिकोण का अंतर होता है।
🎯 Exam Tip: सूक्ष्म अंतर वाले प्रश्नों में, पाठ में दिए गए मुख्य अंतर को पहचानें और स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 8. क्रान्तिकारी का पहला और सबसे बड़ा संघर्ष होता है
(a) फांदर इन ला से
(b) मदर इन ला से
(c) ब्रदर इन ली से
(d) अंकिल इन ला से
Answer: (b) मदर इन ला से
In simple words: एक क्रांतिकारी को सबसे पहले अपनी मदर इन ला से लड़ना पड़ता है।
🎯 Exam Tip: पाठ में उल्लिखित मुख्य बाधा या संघर्ष को सटीक रूप से पहचानें।
Question 9. साँकल किस युग की घरेलू कॉलबेल है?
(a) आदिम युग की
(b) चरागाह युग की
(c) धातु युग की
(d) मध्य युग की
Answer: (d) दहेज़ बचा
In simple words: साँकल (कुंडी) को मध्य युग की घरेलू कॉलबेल माना गया है।
🎯 Exam Tip: ऐसी तुलनाओं में, लेखक द्वारा दिए गए सटीक संदर्भ या युग को पहचानना महत्वपूर्ण है।
RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 21 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
Question 1. 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' निबन्ध में लेखक ने किस बात का उदघाटन किया है?
Answer: 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' निबंध में लेखक ने विचारों और आचरण के बीच के विरोध का सशक्त रूप से उद्घाटन किया है। लेखक यह दिखाता है कि लोग जो सिद्धांत मानते हैं, उनके व्यवहार में अक्सर उनसे विरोधाभास होता है। यह एक महत्वपूर्ण मानव व्यवहार है।
In simple words: लेखक ने दिखाया है कि लोग सोचते कुछ और हैं, पर करते कुछ और हैं।
🎯 Exam Tip: निबंध के मुख्य विषय को संक्षेप में और स्पष्ट शब्दों में बताएं।
Question 2. लेखक को कैसे पता लगा कि मित्र का भी कोई था?
Answer: लेखक को तब पता चला कि उसके मार्क्सवादी दोस्त का भी 'कोई' (परिवार) है, जब उसने देखा कि दोस्त अपने पिताजी का पिण्डदान करने प्रयाग जा रहा है और उसने अपने सिर का मुंडन भी करवाया है। यह सब देखकर लेखक ने अंदाजा लगाया कि उसका दोस्त भी पारिवारिक संस्कारों से बंधा हुआ है, भले ही वह खुद को क्रांतिकारी मानता हो। यह एक मजबूत संकेत था।
In simple words: दोस्त को पिण्डदान और मुंडन करते देखकर लेखक को लगा कि उसका भी कोई परिवार है।
🎯 Exam Tip: किसी निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए लेखक द्वारा दिए गए संकेतों या प्रमाणों को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 3. 'जिनकी हैसियत है, वे एक से ज्यादा भी बाप रखते हैं।' लेखक को आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस कथन से लेखक का आशय यह है कि स्वार्थी व्यक्ति अपने फायदे के लिए किसी को भी महत्व दे देते हैं और उसे अपना 'बाप' बना लेते हैं। वे अवसरवादी होते हैं। जब उनका स्वार्थ पूरा होता है, तो वे उस व्यक्ति या दल को छोड़ देते हैं और जहाँ उन्हें फायदा दिखता है, उधर ही झुक जाते हैं। इस तरह, ऐसे लोग अपने अनगिनत 'बाप' बदलते रहते हैं, जो उनकी बदलती हुई निष्ठा और अवसरवादिता को दर्शाता है।
In simple words: लेखक कहता है कि स्वार्थी लोग अपने फायदे के लिए किसी को भी बड़ा मान लेते हैं और जरूरत पड़ने पर बदल देते हैं।
🎯 Exam Tip: व्यंग्यात्मक कथनों में, लेखक के छिपे हुए अर्थ और जिस सामाजिक प्रवृत्ति पर व्यंग्य किया गया है, उसे उजागर करें।
Question 4. दोस्त को बाप के मरने का दुःख क्यों नहीं था?
Answer: दोस्त को अपने बाप के मरने का दुख इसलिए नहीं था क्योंकि उसके पिता 80 वर्ष के थे। उनकी मृत्यु से कोई भी अनाथ नहीं हुआ था, और उन्होंने अपना जीवन पूर्ण रूप से जिया था। इसके अतिरिक्त, दोस्त ने मार्क्सवादी सिद्धांतों को बीस वर्षों से अपना रखा था, जो इस घटना के कारण टूट गए थे। लेखक को इसी सिद्धांत के टूटने की चिंता ज्यादा थी, न कि दोस्त के पिता की मृत्यु की।
In simple words: दोस्त के पिता 80 साल के थे और उनकी मौत से कोई अनाथ नहीं हुआ था, इसलिए उसे दुख नहीं था। लेखक को दोस्त के सिद्धांतों के टूटने की चिंता थी।
🎯 Exam Tip: जब कोई चरित्र असामान्य प्रतिक्रिया दे, तो उसके पीछे के सभी कारणों को स्पष्ट करें, खासकर यदि वे वैचारिक हों।
Question 5. उन्होंने खुद अपने हाथों मार्क्सवाद का मुण्डन कर दिया था। लेखक का आशय स्पष्ट कीजिए।
Answer: इस कथन से लेखक का आशय यह है कि दोस्त ने अपने मार्क्सवादी सिद्धांतों को त्याग दिया था। दोस्त खुद को वैज्ञानिक और क्रांतिकारी विचारों वाला बताता था और मार्क्सवाद में विश्वास रखता था। लेकिन जब उसने अपने पिता का पिण्डदान कराने के लिए मुंडन करवाया, तो उसने अपने ही सिद्धांतों को छोड़ दिया। लेखक इसे दोस्त के मार्क्सवादी सिद्धांतों के अंत के रूप में देखता है, जैसे मुंडन करके बालों का त्याग किया जाता है। यह उसके आचरण और विचारों में दोगलेपन को दर्शाता है।
In simple words: लेखक का मतलब है कि दोस्त ने अपने मार्क्सवादी विचार छोड़ दिए थे, जब उसने परंपरा के अनुसार मुंडन कराया।
🎯 Exam Tip: किसी प्रतीकात्मक कथन की व्याख्या करते समय, प्रतीक के अर्थ और उसके पीछे के तर्क को स्पष्ट करें।
Question 6. एंबुलेंस की गाड़ी ने ही मुझे कुचल दिया।' लेखक के भाव को स्पष्ट कीजिए।
Answer: लेखक अपने मित्र को वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाला और क्रांतिकारी मानता था। वह सोचता था कि उसका दोस्त धार्मिक अंधविश्वासों में नहीं फँसेगा। लेकिन जब लेखक ने उसे धोती पहनकर, पालथी मारे सत्यनारायण की कथा सुनते देखा, तो उसे गहरा झटका लगा। यह देखकर लेखक की भावनाओं और विश्वास को चोट पहुँची। दोस्त के विचार कुछ और थे और उसका व्यवहार कुछ और था। एंबुलेंस की गाड़ी आमतौर पर मदद करती है और मरीजों को लाती-ले जाती है, लेकिन अगर वही गाड़ी किसी को कुचल दे, तो यह बहुत बुरा लगता है। इसी प्रकार, जब दोस्त के विचारों और आचरण में इतना बड़ा अंतर देखा, तो लेखक को लगा कि जैसे एंबुलेंस गाड़ी ने ही उसे कुचल दिया हो, यानी उसके विश्वास टूट गए हों।
In simple words: लेखक ने अपने दोस्त को क्रांतिकारी माना था, पर जब उसे धार्मिक काम करते देखा तो लेखक का विश्वास टूट गया, जैसे एंबुलेंस ने उसे कुचल दिया हो।
🎯 Exam Tip: प्रतीकात्मक वाक्यों में लेखक की भावनाओं को स्पष्ट करते समय, तुलना के दोनों पहलुओं को समझाएं और लेखक के अनुभव को विस्तार से बताएं।
Question 7. मदर इन ला को क्रान्ति की दुश्मन क्यों बताया है?
Answer: मदर इन ला को क्रांति का दुश्मन इसलिए बताया गया है क्योंकि वह दामाद (लाला) के क्रांतिकारी विचारों को बदल देती है। वह उसे पारिवारिक संस्कारों के अनुसार आचरण करने पर मजबूर करती है। यदि दामाद नहीं मानता, तो मदर इन ला बच्चों का ध्यान दिलाकर उसे परिवार की मान्यताओं और संस्कारों को मानने के लिए विवश कर देती है। इस तरह, मदर इन ला क्रांतिकारी की क्रांति की भावना को खत्म कर देती है, जिससे उसके सिद्धांत दब जाते हैं और व्यवहार बदल जाता है।
In simple words: मदर इन ला दामाद के क्रांतिकारी विचारों को परिवार और बच्चों के नाम पर बदल देती है, इसलिए उसे क्रांति का दुश्मन कहा गया है।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में, व्यक्ति के पारिवारिक और सामाजिक दबावों को स्पष्ट करें जो उसके विचारों को बदलने पर मजबूर करते हैं।
Question 8. अर्थशास्त्र संस्कारों पर भारी पड़ता है। लेखक ने इसे कैसे सिद्ध किया है?
Answer: लेखक ने अर्थशास्त्र की जीत दिखाने के लिए दो घटनाओं का उल्लेख किया है। पहली घटना में, एक परिवार की स्त्री पर्दा प्रथा तोड़कर स्कूल में नौकरी करने जाती है। यहाँ अर्थशास्त्र ने परिवार के संस्कारों पर विजय पा ली, क्योंकि पैसे की ज़रूरत ने पुरानी मान्यताओं को पीछे छोड़ दिया। दूसरी घटना में, एक लड़का और लड़की सरकारी शादी कर लेते हैं। लड़की की माँ पहले तो संस्कारों के कारण विरोध करती है, लेकिन जब उसे पता चलता है कि इससे दहेज के 15 हजार बचेंगे, तो वह शादी स्वीकार कर लेती है। इन दोनों घटनाओं से लेखक यह सिद्ध करता है कि आर्थिक लाभ हमेशा संस्कारों और परंपराओं पर भारी पड़ता है।
In simple words: लेखक ने उदाहरण दिया कि कैसे औरतें नौकरी करने और दहेज बचाने के लिए पुराने संस्कारों को छोड़ देती हैं, यह दिखाता है कि पैसा संस्कारों से ज़्यादा ताकतवर है।
🎯 Exam Tip: जब प्रमाण या उदाहरण मांगे जाएं, तो पाठ से विशिष्ट घटनाओं को उद्धृत करें और स्पष्ट करें कि वे निष्कर्ष का समर्थन कैसे करती हैं।
Question 9. लेखक अपने पास किस प्रकार के नुस्खे रखता है?
Answer: लेखक के पास अलग-अलग उम्र और स्थिति के लोगों को सुनाने के लिए कई तरह के नुस्खे हैं। प्रौढ़ों (बड़ों) के लिए उनके पास 'डायबिटीज' का नुस्खा है, जो उन्हें सुनाकर वह समय बिताते हैं। बच्चों को बहलाने के लिए उनके पास 'कुकुर-खाँसी' और 'राक्षस की कहानी' जैसे नुस्खे हैं। अगर जरूरत पड़े, तो लेखक ससुर साहब को 'कृष्ण-सुदामा' की कहानी भी सुना सकता है। वह हर अवसर पर हर प्रकार की कहानी सुनाने के लिए तैयार रहता है, जो उसकी सामाजिक कुशलता को दर्शाता है।
In simple words: लेखक के पास बड़ों के लिए 'डायबिटीज' का और बच्चों के लिए 'राक्षस की कहानी' का नुस्खा है, और वह हमेशा कोई न कोई कहानी सुनाने को तैयार रहते हैं।
🎯 Exam Tip: नुस्खे जैसी विशिष्ट जानकारी को सूचीबद्ध करें और बताएं कि वे किस स्थिति में प्रयोग किए जाते हैं।
Question 10. लड़की की माता ने लड़की की सरकारी शादी को स्वीकार क्यों कर लिया?
Answer: लड़की की माता ने पहले तो लड़की की सरकारी शादी का विरोध किया, क्योंकि वह पारिवारिक संस्कारों से बंधी हुई थी। लेकिन बाद में उसने यह सोचकर शादी को स्वीकार कर लिया कि इससे दहेज के 15 हजार रुपये बच जाएंगे। उसे लगा कि इतनी बचत के साथ इतना अच्छा लड़का मिलना मुश्किल है। आर्थिक लाभ की इस सोच ने उसके संस्कारों पर विजय पा ली और उसने शादी के लिए हाँ कर दी।
In simple words: लड़की की माँ ने दहेज में 15 हजार रुपये बचाने के लिए सरकारी शादी मान ली।
🎯 Exam Tip: निर्णय लेने की प्रक्रिया में, चरित्र के आंतरिक और बाहरी दोनों कारणों को स्पष्ट करें।
RBSE Class 12 Hindi सरयू Chapter 21 निबंधात्मक प्रश्नोत्तर
Question 1. 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' निबन्ध व्यंग्यात्मक निबन्ध है। सिद्ध कीजिए।
Answer: 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' एक व्यंग्यात्मक निबंध है क्योंकि परसाई जी ने इसमें पाखंड, बेईमानी और भ्रष्टाचार पर तीखी चोट की है। उन्होंने विचार और आचरण के बीच के विरोधाभास को दमदार तरीके से दिखाया है। उदाहरण के लिए:
1. **मार्क्सवादी व्यक्ति:** एक मार्क्सवादी व्यक्ति जो सिद्धांतों में विश्वास रखता है, परिवार के संस्कारों के कारण मुंडन करवाता है। लेखक व्यंग्य करते हुए कहते हैं कि "उन्होंने खुद अपने हाथों मार्क्सवाद का मुंडन कर दिया था।"
2. **अवसरवादी लोग:** लेखक स्वार्थी लोगों पर व्यंग्य करते हैं जो अपने फायदे के लिए किसी को भी अपना 'बाप' बना लेते हैं। वे लिखते हैं कि "जिनकी हैसियत है, वे एक से ज्यादा भी बाप रखते हैं।"
3. **मदर इन ला का प्रभाव:** मदर इन ला के कहने पर क्रांतिकारी विचारों को छोड़ने वाले व्यक्तियों पर भी व्यंग्य किया गया है, "मदर इन ला के शिकार 20-25 क्रांतिकारियों की हड्डियाँ तो इधर मेरे पास ही रखी हैं।"
4. **पर्दा प्रथा:** पर्दा प्रथा पर चोट करते हुए लेखक कहते हैं कि "उस घर में बिल्ली एकमात्र मादा थी, जो पर्दा नहीं करती थी।"
5. **आधुनिक सभ्यता:** आधुनिक सभ्यता पर व्यंग्य करते हुए लिखा गया है, "आप लोग चाय पिएँ। मेरा स्कूल का वक्त हो गया। वे चप्पल फटकारती सीढ़ी से उतर गईं।"
6. **सरकारी शादी:** लड़के-लड़कियों द्वारा माता-पिता की इच्छा के विरुद्ध कोर्ट मैरेज करने पर भी व्यंग्य है, "इधर एक लड़के ने लड़की को उसी की इच्छा से भगाकर सरकारी शादी कर ली।"
इन सभी उदाहरणों से स्पष्ट है कि परसाई जी ने विभिन्न तरीकों से समाज की विसंगतियों पर करारा व्यंग्य किया है।
In simple words: यह निबंध एक व्यंग्य है क्योंकि लेखक ने इसमें नकलीपन, भ्रष्टाचार और लोगों के दोहरे व्यवहार पर मजेदार और तीखी बातें कही हैं।
🎯 Exam Tip: निबंध के व्यंग्यात्मक पहलू को सिद्ध करते समय, पाठ से विशिष्ट उदाहरण और उद्धरण दें जो आपके तर्क का समर्थन करते हों।
Question 2. दुविधाग्रस्त अर्द्ध आधुनिक परिवार का जो चित्र लेखक ने खींचा है, उसका वर्णन कीजिए।
Answer: लेखक ने दुविधाग्रस्त अर्द्ध-आधुनिक परिवार का सजीव चित्र खींचा है। ऐसे परिवारों में पहले पति घर आते हैं, फिर थोड़ी देर बाद पत्नी आती है। पत्नी आकर नमस्ते करती है और बने-बनाए वाक्य बोलती है, जैसे "हम आपकी कहानियाँ पढ़ते रहे हैं। इतनी हँसी आती है कि बस कुछ मत पूछिए।" वह पति को भी अपनी बात में शामिल करती है ताकि यह यकीन दिलाया जा सके कि उसने सच में कहानी पढ़ी है। यदि घर में बच्चे हों, तो उनसे 'अंकल जी को नमस्ते' करवाया जाता है और फिर उनसे कहानी सुनाने का आग्रह किया जाता है। अंकल जी को भी अक्सर अनिच्छा से कहानी सुनानी पड़ती है। ऐसे परिवारों में दिखावा और औपचारिकता बहुत होती है। यदि परिवार में पर्दा प्रथा हो, तो पत्नी अंदर से साँकल बजाकर पति को बुलाती है और पति आने वाले मेहमान के लिए चाय की ट्रे पकड़कर देते हैं। यह चित्र समाज के उस वर्ग को दर्शाता है जो आधुनिकता और परंपरा के बीच फंसा हुआ है।
In simple words: लेखक ने ऐसे परिवार का चित्र खींचा है जहाँ लोग दिखावा करते हैं, पति-पत्नी एक साथ नहीं दिखते, और बच्चे मेहमानों को नमस्ते करते हैं। वे आधुनिक और पारंपरिक के बीच फंसे होते हैं।
🎯 Exam Tip: किसी सामाजिक चित्र या चरित्र का वर्णन करते समय, उसकी मुख्य विशेषताओं, व्यवहारों और अंतर्निहित विरोधाभासों को स्पष्ट रूप से बताएं।
Question 3. 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' निबन्ध के मूल कथ्य को अपने शब्दों में लिखिए।
Answer: 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' निबंध का मूल कथ्य यह है कि व्यक्ति के विचारों और उसके आचरण में अक्सर विरोधाभास होता है। परसाई जी ने कई घटनाओं के माध्यम से यह दिखाया है कि बड़ी-बड़ी बातें और सिद्धांत छोटी-सी विपरीत परिस्थितियों के दबाव में टूट जाते हैं। आदमी कहने को कुछ और कहता है, लेकिन व्यवहार में वह अपने स्वार्थ या पारिवारिक दबाव के कारण कुछ और ही करता है। लेखक ने आरंभ में दो घटनाओं से यह स्पष्ट किया है कि वैज्ञानिक और क्रांतिकारी विचार रखने वाले लोग भी परिवार के संस्कारों से बंधे होते हैं और उन संस्कारों के कारण अपने सिद्धांतों को छोड़ देते हैं। इस निबंध का उद्देश्य यह दिखाना है कि मनुष्य का व्यवहार कितना दोगला हो सकता है जब उसके विचार और कर्म में अंतर आ जाता है। लेखक समाज की इस विडंबना पर प्रकाश डालता है।
In simple words: इस निबंध का मुख्य विचार यह है कि लोग सोचते कुछ और हैं, पर करते कुछ और हैं, खासकर जब उन्हें मुश्किलों या परिवार के दबाव का सामना करना पड़ता है। लेखक इस दोहरे व्यवहार को दिखाता है।
🎯 Exam Tip: किसी निबंध के मूल कथ्य को संक्षेप में और अपने शब्दों में समझाते हुए, लेखक के मुख्य संदेश को स्पष्ट करें।
Question. आचरण और विचार के विरोध, व्यवहार में दोगलेपन को प्रस्तुत करना ही परसाईजी को उद्देश्य है। निबन्ध के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
Answer: परसाई जी ने अपने निबंध में चार घटनाओं का उल्लेख करके आचरण और विचार के विरोध को बखूबी दर्शाया है।
1. **वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाला बुद्धिवादी:** पहली घटना एक ऐसे व्यक्ति की है जो बीस साल से मार्क्सवाद में विश्वास करता है। लेकिन जब उसके पिता की मृत्यु होती है, तो वह प्रयाग में पिण्डदान करता है और मुण्डन भी कराता है। यहाँ वह संस्कार और परिवार की भावनाओं के कारण मार्क्सवादी सिद्धांत को भूल जाता है। लेखक व्यंग्य करते हुए कहता है कि ऐसे स्वार्थी लोग अपने अनेक बाप रखते हैं।
2. **क्रांतिकारी और मदर इन ला:** दूसरी घटना उस क्रांतिकारी की है जो मदर इन ला के कहने पर क्रांति की भावना को छोड़ देता है। मदर इन ला क्रांतिकारी की दुश्मन है, क्योंकि वह बच्चों का ख्याल दिलाकर क्रांतिकारी के विचारों को बदल देती है।
3. **अर्थशास्त्र और पर्दा प्रथा:** तीसरी घटना में लेखक अर्थ की संस्कारों पर विजय दिखाता है। पर्दे में रहने वाली महिला महंगाई के कारण नौकरी करने निकल पड़ती है, और उसके पर्दा प्रथा संबंधी विचार अर्थ के आगे दब जाते हैं।
4. **दहेज और सरकारी विवाह:** चौथी घटना में एक माँ का वर्णन है जो संस्कारों के कारण भागकर किए गए सरकारी विवाह को बुरा समझती है, लेकिन दहेज के रुपये बचेंगे यह सोचकर वह विवाह को स्वीकार कर लेती है।
इस प्रकार लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि सिद्धांत और आचरण में बहुत अंतर होता है। हमारे विचार कुछ और होते हैं और हम व्यवहार कुछ और ही करते हैं। परसाई जी का उद्देश्य इसी दोगलेपन को उजागर करना है।
In simple words: परसाई जी ने अलग-अलग कहानियों से दिखाया है कि लोग जो कहते हैं या सोचते हैं, वह हमेशा उनके काम से मेल नहीं खाता। वे अपने स्वार्थ या दबाव में अपने विचारों को बदल देते हैं।
🎯 Exam Tip: किसी लेखक के उद्देश्य को स्पष्ट करते समय, अपने तर्क को साबित करने के लिए पाठ से कई अलग-अलग उदाहरण दें।
पाठ - सार
Answer: लेखक के दूसरे मित्र वैज्ञानिक विचारधारा के क्रांतिकारी हैं। वे भी धर्माडंबरों और अंधविश्वासों से खुद को अलग मानते हैं। लेकिन वे सत्यनारायण की कथा सुनते हैं और धोती पहनते हैं। मदर इन ला के कहने पर वे सत्यनारायण की कथा सुनते हैं। मदर इन ला की बात इसलिए मानते हैं क्योंकि उनकी पत्नी उन्हें यह सब करने को कहती है। इनके हृदय में भी एक द्वंद्व है। इनके विचार कुछ हैं और संस्कार कुछ और। ये संस्कारों से बंधे हैं।
लेखक को एक सज्जन ने चाय का निमंत्रण दिया। उन्होंने सरिता जी का नाम लेकर घर बुलाया, लेकिन घर पहुँचने पर सरिता जी नहीं आईं। चाय की ट्रे पति ही अंदर से लेकर आए। पर्दे के कारण पत्नी बाहर नहीं आईं। दूसरी बार फिर चाय पर बुलाया गया। इस बार पत्नी चाय लेकर आईं और थोड़ी देर बैठकर यह कहकर उठकर चली गईं कि उन्हें स्कूल जाना है। पहली बार पर्दा था, दूसरी बार नहीं किया गया और मेहमान की उपेक्षा करके पत्नी चली गई। यह दर्शाता है कि अर्थशास्त्र ने संस्कारों को पछाड़ दिया।
ऐसे ही एक लड़के ने एक लड़की से शादी कर ली। लड़की की माँ ने संस्कारों के कारण विरोध किया, लेकिन बाद में 15 हजार की बचत हुई, यह सोचकर शादी को स्वीकार कर लिया। अर्थशास्त्र फिर संस्कारों पर भारी पड़ा। इन विभिन्न उदाहरणों से लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि व्यक्ति के विचार कुछ और होते हैं और संस्कार कुछ और होते हैं। संस्कारों के आगे विचार धरे रह जाते हैं। यही संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई है।
In simple words: यह सारांश बताता है कि कैसे लोग अपने सिद्धांतों को छोड़ देते हैं जब उनके सामने पारिवारिक दबाव या आर्थिक फायदा आता है, जिससे उनके विचारों और कामों में अंतर आ जाता है।
🎯 Exam Tip: सारांश लिखते समय, सभी मुख्य बिंदुओं को शामिल करें और कहानी के महत्वपूर्ण मोड़ और उनके निहितार्थों को संक्षिप्त रूप से बताएं।
कठिन शब्दों का अर्थ :
Answer: यहाँ कुछ कठिन शब्दों और उनके अर्थ दिए गए हैं, जो पाठ को समझने में मदद करेंगे:
(पृष्ठ 128) **बुद्धिवादी** = बुद्धिवाद को मानने वाला। **मुँडे सिर** = जिस सिर के बाल पूरी तरह कटे हुए हों। **पिंडदाने** = मरने के पश्चात्, परिवार के लोगों द्वारा पिंड देना, मरने के बाद एक कर्मकांड। **हैसियत** = योग्यता, सामर्थ्य। **मान** = प्रतिष्ठा। **संविद सरकार** = वह सरकार जिसमें अनेक दलों के विधायक शामिल हों। **अनाथ** = निराश्रय, दीन, बिना माँ-बाप का बच्चा। **द्वन्द्वात्मक** = दो के मध्य अनिश्चय होने का भाव। **विसर्जन** = छोड़ना, परित्याग। **श्राद्ध** = श्रद्धायुक्त, शास्त्र विहित। **पितृ विहित** = कर्म। **फजीहत** = अपमान, बेइज्जती। **परलोक** = वह स्थान जो मृत्यु के बाद आत्मा को प्राप्त होता है। **दुर्गति** = दुर्दशा।
(पृष्ठ 129) **मदर इनला** = सास। **तजुर्बे** = अनुभव। **आयोजन** = कार्यक्रम। **संहिता** = संयोग, संग्रह, वेदों का मंत्रभाग। **प्रौढ़ों** = परिपक्व, 20 से 50 के बीच उम्र की अवस्था के लोगों। **डायबटीज** = मधुमेह।
(पृष्ठ 130) **नेपथ्य** = पर्दे के पीछे का स्थान। **औपचारिक** = जो केवल कहने, सुनने या दिखलाने भर हो जो वास्तविक न हो। **पटकनी** = पछाड़, कड़ा आघात।
In simple words: ये शब्द पाठ में आए मुश्किल शब्दों के मतलब बताते हैं, जैसे 'बुद्धिवादी' मतलब समझदार और 'फजीहत' मतलब बेइज्जती।
🎯 Exam Tip: कठिन शब्दों के अर्थ याद रखना पाठ को गहराई से समझने और सटीक उत्तर लिखने में सहायक होता है।
महत्त्वपूर्ण गद्यांशों की सन्दर्भ एवं प्रसंग सहित व्याख्याएँ
1. यों कोई बुरी बात नहीं जिनकी हैसियत है, वे एक से ज्यादा भी बाप रखते हैं – एक घर में, एक दफ्तर में, एक-दो बाजार में, एक-एक हर राजनीतिक दल में। इधर एक आदमी है जिसके परसों तक 35 बाप थे। कल संविद सरकार टूट रही है तो 15 रह गए। आज वह सरकार थम गई तो 38 बाप हो गए हैं। (पृष्ठ 128)
Answer: **व्याख्या –** लेखक यहाँ उन लोगों पर व्यंग्य कर रहा है जो अपनी हैसियत या फायदे के अनुसार किसी को भी अपना 'बाप' मान लेते हैं। उनका मतलब है कि जिस व्यक्ति से उन्हें लाभ मिलने की उम्मीद होती है, या जिससे उनका स्वार्थ पूरा होता है, उसी व्यक्ति को वे महत्व देते हैं और उसे 'माई-बाप' कहकर संबोधित करते हैं। ऐसे लोगों के 'बापों' की संख्या अनगिनत होती है। उनका एक असली बाप तो घर में होता है, लेकिन एक 'बाप' दफ्तर में बन जाता है क्योंकि वहाँ उन्हें अपना काम निकालना होता है। इसी तरह बाजार में भी वे हर किसी को अपना बाप बनाकर महत्व देते हैं। ऐसे लोग सभी राजनीतिक दलों से संबंध रखते हैं, और जिस राजनीतिक दल का बोलबाला होता है, उसी के नेता को वे बाप बनाकर महत्व देते हैं।
लेखक व्यंग्य करते हुए कहता है कि ऐसे व्यक्तियों के बापों की कभी कमी नहीं होती। एक आदमी के पास पहले 35 'बाप' थे। जब मिली-जुली सरकार टूटने लगी, तो उसके नेताओं का महत्व कम हो गया और उस आदमी ने उन्हें सम्मान देना कम कर दिया, जिससे उसके 'बापों' की संख्या 15 रह गई। लेकिन जब सरकार स्थिर हो गई, तो हर राजनीतिक दल के नेता को, जो संविद सरकार में शामिल थे, सम्मान देने लगा और 'बापों' की संख्या बढ़कर 38 हो गई। इसका मतलब यह है कि ऐसे लोग अवसरवादी होते हैं और लाभ लेने के लिए किसी को भी सम्मान दे देते हैं, उनकी निष्ठा बदलती रहती है।
**विशेष -**
1. यह लोगों की अवसरवादी मनोवृत्ति का चित्रण करता है।
2. स्वार्थी लोग अपने फायदे के लिए किसी को भी 'बाप' बना लेते हैं।
3. ऐसे अवसरवादी लोगों के 'बापों' की संख्या बहुत अधिक होती है।
In simple words: लेखक उन लोगों पर व्यंग्य कर रहा है जो अपने फायदे के लिए किसी को भी बड़ा मान लेते हैं, और जैसे ही उनका फायदा बदलता है, वे अपनी निष्ठा भी बदल देते हैं।
🎯 Exam Tip: गद्यांश की व्याख्या करते समय, व्यंग्य के पीछे के सामाजिक या नैतिक संदेश को स्पष्ट करें और उदाहरणों से समझाएं। 'विशेष' बिंदुओं को भी उत्तर में शामिल करें।
2. मेरे एक दोस्त हैं मुझसे ज्यादा वैज्ञानिक दृष्टि सम्पन्न, विचार और कर्म दोनों से क्रान्तिकारी। मैं ही उनसे ज्ञान और प्रेरणा लेता रहा हूँ। एक दिन मैंने उन्हें धोती पहने, पालथी मारे सत्यनारायण की कथा पर बैठे रंगे हाथों पकड़ लिया। मुझे लगा जैसे एंबुलेंस की गाड़ी ने ही मुझे कुचल दिया हो। (पृष्ठ 129)
Answer: **संदर्भ एवं प्रसंग –** यह गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक में संकलित व्यंग्यात्मक निबंध 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' से लिया गया है। इसके लेखक प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई हैं। लेखक यहाँ यह स्पष्ट करता है कि उसका एक मित्र क्रांतिकारी विचारधारा का तर्कशील प्राणी है, लेकिन वह भी परिवार के संस्कारों से बंधा हुआ है।
**व्याख्या -** लेखक का एक दोस्त वैज्ञानिक दृष्टिकोण वाला और तर्कशील प्राणी है। वह हर बात को तर्क के आधार पर स्वीकार करता है और क्रांतिकारी विचार रखता है। वह विचारों और कर्मों दोनों से क्रांतिकारी है। उसकी बातों से पता चलता है कि वह किसी बात को आसानी से स्वीकार नहीं करता और उसका कार्य भी क्रांतिकारी है। लेखक कहता है कि वह भी उससे ज्ञान लेता है और प्रेरणा पाता है। वह ऐसे क्रांतिकारी विचारधारा के व्यक्ति को अंधविश्वासी नहीं मानता, धर्म-कर्म को नहीं मानता और उसे क्रांतिकारी सिद्धांत वाला समझता था।
एक दिन लेखक ने उसे धोती पहनकर, पालथी मारे सत्यनारायण की कथा में बैठे हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके इस आचरण ने लेखक को चकित कर दिया। उसे लगा कि जैसे एंबुलेंस की गाड़ी ने ही उसे कुचल दिया हो। लेखक का विश्वास उन पर से उठ गया। उसे लगा कि उनके सिद्धांत केवल बातों तक ही सीमित हैं, और उनका आचरण तो संस्कारी है। यह उनके आचरण और विचारों में दोगलेपन को दर्शाता है।
In simple words: लेखक का एक दोस्त खुद को बहुत पढ़ा-लिखा और क्रांतिकारी मानता था, लेकिन जब लेखक ने उसे धार्मिक अनुष्ठान करते देखा तो उसे बहुत झटका लगा। उसे लगा कि दोस्त के विचार और काम अलग-अलग हैं।
🎯 Exam Tip: सप्रसंग व्याख्या में, 'संदर्भ', 'प्रसंग' और 'व्याख्या' तीनों भागों को स्पष्ट रूप से लिखें। लेखक के दृष्टिकोण और व्यंग्य को व्याख्या में उजागर करें।
Question 3. यह जो मदर-इन-ला कहलाती है, क्रान्ति की दुश्मन होती है। क्रान्तिकारी का पहला और सबसे बड़ा संघर्ष मदर-इन-ला से निपटना है। बात यह है कि वह बीबी दे देती है। बीबी कर्तव्यों को आगे बढ़ाते हुए बच्चे दे देती है। तब मदर-इन-ला आकर कहती है- लाला अपना नहीं तो बच्चों को तो ख्याल करो। लाला की क्रान्तिकारिता भ्रांतिकारिता में बदल जाती है। व्याख्या कीजिए।
Answer: यह गद्यांश हरिशंकर परसाई के व्यंग्यात्मक निबंध 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' से लिया गया है। इसमें लेखक बताते हैं कि कैसे व्यक्ति अपने संस्कारों से बंधा होता है और कभी-कभी परिवार के बड़े लोग उसे अपने सिद्धांतों और विचारों को बदलने पर मजबूर कर देते हैं। एक व्यक्ति अपने ससुराल वालों की बात मानने के लिए मजबूर हो जाता है। चाहे उसके विचार कितने भी आधुनिक हों, वह अपनी सास (मदर-इन-ला) की बात नहीं टाल पाता। सास उसके क्रांतिकारी विचारों की पक्की विरोधी होती है। उसे अपनी सास से लड़ना पड़ता है क्योंकि सास पुराने विचारों की होती है और दामाद के नए क्रांतिकारी विचारों को नहीं मानती। व्यक्ति को सास के आगे झुकना पड़ता है क्योंकि पत्नी और बच्चे भी उसी से मिलते हैं। ऐसे में सास बच्चों की याद दिलाकर कहती है कि भविष्य के लिए परंपराओं का पालन करना ही होगा। यह दिखाता है कि पारिवारिक संबंध और भावनाएँ अक्सर व्यक्ति के मजबूत सिद्धांतों पर भारी पड़ जाती हैं। इस तरह क्रांतिकारी भावना दब जाती है। वह समझ नहीं पाता कि अपने विचारों को महत्व दे या सास की बात माने। अंततः उसके क्रांतिकारी विचार खत्म हो जाते हैं।
In simple words: यहां लेखक बताते हैं कि कैसे सास (मदर-इन-ला) क्रांतिकारी सोच की दुश्मन बन जाती है। वह बच्चों का हवाला देकर लोगों को अपने नए विचार छोड़ने पर मजबूर कर देती है। इससे व्यक्ति की अपनी सोच खत्म हो जाती है और उसे पुरानी बातें माननी पड़ती हैं।
🎯 Exam Tip: व्याख्या करते समय, पहले गद्यांश का सन्दर्भ बताएं, फिर उसकी पूरी तरह से सरल शब्दों में व्याख्या करें और मुख्य विचारों को स्पष्ट करें।
Question 4. अर्थशास्त्र संस्कारों के सीने पर चढ़कर गला दबा रहा है। इधर एक लड़के ने लड़की को उसी की इच्छा से भगाकर सरकारी शादी कर ली। लड़की योग्य, सुन्दर और अच्छी नौकरी वाला। पहले लड़की की माँ के संस्कारों ने जोर मारा और उसने हाय-तौबा मचाया। अर्थशास्त्र से यह बरदाश्त नहीं हुआ। उसने संस्कारों को एक पटकनी दी। माँ ने सोचा, यह:जो 15 हजारे दहेज के लिए रखे थे, साफ बचे। फिर 15 हजार में भी इतना अच्छा लड़का नहीं मिलता। उन्होंने कार्ड बाँट कर दावत दे दी। व्याख्या कीजिए।
Answer: यह गद्यांश हरिशंकर परसाई के व्यंग्यात्मक निबंध 'संस्कारों और शास्त्रों की लड़ाई' से लिया गया है। लेखक का कहना है कि जब पैसों की बात आती है, तो व्यक्ति के विचार बदल जाते हैं। लोग पैसे के पीछे भागते हैं और संस्कार धरे रह जाते हैं। लेखक बताते हैं कि कैसे पैसे की ताकत संस्कारों पर हावी हो जाती है। एक लड़का और लड़की ने अपनी पसंद से सरकारी शादी कर ली। लड़की पढ़ी-लिखी, सुंदर और अच्छी नौकरी वाली थी। शुरुआत में लड़की की माँ ने अपनी पुरानी सोच के कारण विरोध किया और खूब हंगामा किया। लेकिन फिर पैसों की बात आई, और अर्थशास्त्र ने संस्कारों को हरा दिया। माँ ने सोचा कि इससे 15 हजार रुपये का दहेज बच जाएगा। यह उदाहरण दिखाता है कि कैसे आर्थिक लाभ लोगों को अपनी पुरानी मान्यताओं और सामाजिक दबावों के बावजूद निर्णय लेने के लिए प्रेरित कर सकता है। उसे लगा कि इतने अच्छे लड़के के साथ 15 हजार में भी शादी नहीं हो पाती। इसलिए उन्होंने कार्ड छपवाए और लोगों को शादी की दावत दी। इस तरह माँ के सिद्धांत पैसों के आगे हार गए और उसने शादी मान ली।
In simple words: यहां लेखक दिखाता है कि पैसा कैसे संस्कारों से ज्यादा ताकतवर होता है। लड़की की माँ ने पहले सरकारी शादी का विरोध किया क्योंकि यह उनकी परंपरा के खिलाफ था। लेकिन जब उन्हें लगा कि इससे 15,000 रुपये का दहेज बच जाएगा, तो उन्होंने खुशी-खुशी शादी मान ली। पैसे की बचत ने उनके सारे संस्कारों को एक तरफ रख दिया।
🎯 Exam Tip: आर्थिक पहलू से जुड़े गद्यांशों की व्याख्या करते समय, यह स्पष्ट करें कि कैसे धन या लाभ व्यक्ति के निर्णयों और पारंपरिक सोच को प्रभावित करता है।
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