RBSE Solutions Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय

NCERT Solutions for Class 12 Hindi: व्याकरण पद परिचय

Access comprehensive textbook solutions for व्याकरण पद परिचय using the official curriculum guides for Class 12 Hindi. Designed to align with the 2026-27 RBSE standards, these detailed answers help students reinforce core academic concepts.

Practice Class 12 Hindi Solutions: व्याकरण पद परिचय

Access the complete solution PDF for Class 12 Hindi below. Regular practice with these targeted textbook answers builds familiarity with standard question patterns and helps secure higher marks in final school evaluations.

जब व्याकरण के नियमों के अनुसार शब्द को वाक्य में प्रयोग की योग्यता प्रदान की जाती है, तो वह पद कहलाता है। यह योग्यता विभक्ति, वचन, लिंग, काल आदि द्वारा प्राप्त होती है।

पद के भेद-पद के दो भेद किये गये हैं - 1. विकारी 2. अविकारी।

1. विकारी पद-जिन पदों का स्वरूप लिंग, वचन, कारक तथा काल के अनुसार प्रयोग किये जाने पर परिवर्तित होता रहता है, वे 'विकारी पद' कहे जाते हैं। 'विकारी पद' चार प्रकार के होते हैं-

  • संज्ञा
  • सर्वनाम
  • विशेषण
  • क्रिया।

2. अविकारी पद के भेद

  • सम्बन्ध-बोधक
  • समुच्चय-बोधक।

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय विकारी पद

(i) संज्ञा

संज्ञा का अर्थ है-'नाम'। किसी प्राणी, वस्तु, स्थान, गुण, भाव आदि के नाम को संज्ञा कहा जाता है। यथा-मनुष्य, गाय, वस्त्र, पर्वत, गंगा, मधुरता, क्रोध आदि।

संज्ञा के भेद- संज्ञा तीन प्रकार की होती है –

  • व्यक्तिवाचक
  • जातिवाचक
  • भाववाचक।

व्याकरण के कुछ विद्वान अंग्रेजी के अनुकरण पर संज्ञा के दो अन्य 'द्रव्य-वाचक' तथा 'समूह-वाचक' भेद भी मानते हैं।

1. व्यक्तिवाचक संज्ञा – जिस संज्ञा से किसी एक व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध होता है, उसे व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं। यथा-ब्रजेश, गोडसे, हिमालय, मथुरा आदि।

2. जातिवाचक संज्ञा – किसी प्राणी, वस्तु या स्थान की पूरी जाति का बोध कराने वाली संज्ञा जातिवाचक कही जाती है। यथा-बालक, पक्षी, भवन, वन आदि।

3. भाववाचक संज्ञा – किसी गुण, दशा, व्यापार तथा भाव का बोध कराने वाली संज्ञा भाववाचक कही जाती है। यथा-शीत, गर्मी, उन्नति, पढ़ाई, प्रेम आदि।

(ii) सर्वनाम

संज्ञा के बदले प्रयोग किये जाने वाले शब्द सर्वनाम कहे जाते हैं। एक ही वाक्य में संज्ञा के बदले प्रयोग किये जाने वाले शब्द सर्वनाम कहे जाते हैं। एक ही वाक्य में संज्ञा-पदों की पुनरुक्ति से बचने के लिए सर्वनामों का प्रयोग किया जाता है। यथा- भुवनेश ने कहा कि भुवनेश पढ़ रहा है। इसके स्थान पर भुवनेश ने कहा कि 'वह' पढ़ रहा है, अधिक उपयुक्त प्रतीत होता है।

सर्वनाम के भेद- सर्वनाम छह प्रकार के होते हैं –

1. पुरुषवाचक – व्यक्तिवाचक संज्ञा के बदले जिस सर्वनाम का प्रयोग किया जाता है, उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। पुरुषवाचक सर्वनाम तीन प्रकार के हैं-उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष तथा अन्य पुरुष।

उत्तम पुरुष – बात के कहने वाले को उत्तम पुरुष कहते हैं। जैसे-मैं, हम, मेरा, हमारा, मुझको, हमको आदि।

2. निजवाचक – निज के लिए प्रयुक्त सर्वनाम निजवाचक कहे जाते हैं। यथा-अपना, अपनी, स्वयं आदि।

3. निश्चयवाचक – किसी निश्चित वस्तु, व्यक्ति का बोध कराने वाले सर्वनाम को निश्चयवाचक सर्वनाम कहा जाता है। यथा-यह लड़का, वह वृक्ष, वे फल।

4. अनिश्चयवाचक – किसी निश्चित वस्तु, व्यक्ति का बोध न कराने वाले सर्वनाम अनिश्चयवाचक कहे जाते हैं। यथा-कोई आ रहा है। पानी में कुछ पड़ा है।

5. सम्बन्धवाचक – दो वस्तुओं या व्यक्तियों के सम्बन्ध को सूचित करने वाले सर्वनाम सम्बन्धवाचक कहे जाते हैं। यथा-जो, जिसे, जिन्हें आदि।

6. प्रश्नवाचक – जिन सर्वनामों का प्रयोग प्रश्न करने के लिए किया जाता है, वे प्रश्नवाचक सर्वनाम होते हैं। यथा-कौन, क्या, किस आदि।

(iii) विशेषण

संज्ञा-पदों की विशेषता व्यक्त करने वाले शब्द विशेषण कहे जाते हैं। यथा-स्वच्छ जल, 'ऊँचा' शब्द 'पर्वत' संज्ञा की विशेषता बता रहा है। अतः ये शब्द विशेषण हैं। विशेषण सर्वनाम की भी विशेषता बता सकता है। यथा-तुम मूर्ख हो। यहाँ 'तुम' सर्वनाम का विशेषण 'मूर्ख' है।

विशेषण के भेद- विशेषण के निम्नलिखित चार भेद हैं –

1. गुणवाचक – संज्ञा के किसी गुण, रूप, रंग, आकार, दशा आदि को बताने वाले विशेषण गुणवाचक विशेषण कहे जाते हैं। यथा-सुन्दर लड़की, काला साँप, टेढ़ा बाँस, बीमार स्त्री आदि।

2. संख्यावाचक – संज्ञा की संख्या प्रकट करने वाले विशेषण संख्यावाचक विशेषण कहे जाते हैं। यथा-दो पुस्तके, पाँच पंच, पहला लड़का, तीसरी गली आदि।

3. परिमाणवाचक – किसी वस्तु की माप या मात्रा को व्यक्त करने वाले विशेषण को परिमाणवाचक विशेषण कहा जाता है। यथा- थोड़ा पानी, बहुत काम, दो किलो आम, पाँच मीटर खादी आदि।

4. संकेतवाचक विशेषण – इसे सार्वनामिक विशेषण भी कहा जाता है। किसी संज्ञा की ओर संकेत करने वाले सर्वनाम शब्द संकेतवाचक विशेषण कहे जाते हैं। यथा- यह बच्चा, वह पक्षी, ये पुस्तकें, कोई आदमी, जो बात आदि।

विशेषण की कोटियाँ- कुछ विशेषणों को तीन कोटियाँ होती हैं –

  1. मूलावस्था
  2. उत्तरावस्था
  3. उत्तमावस्था।

जैसे – उच्च – (मूल या सामान्यावस्था)

उच्चतरे – (उत्तरावस्था)

उच्चतम – (उत्तमावस्था)

क्रिया के भेद- क्रिया दो प्रकार की होती हैं

  • सकर्मक क्रिया – जिस क्रिया का प्रभाव कर्ता के अतिरिक्त किसी अन्य पर भी होता है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं। क्रिया के इस लक्ष्य को कर्म कहते हैं। यथा-गौरव 'आम' खाता है। इस वाक्य में 'खाता है' क्रिया-पद है। खाने की क्रिया का फल 'गौरव' के अतिरिक्त 'आम' कर्म है।
  • अकर्मक क्रिया – अकर्मक क्रिया का कर्म नहीं होता। वह कर्ता तक ही सीमित रहती है। यथा-वह सोती है। यहाँ 'सोती है' क्रिया का फल कर्ता तक ही सीमित है। अतः यह अकर्मक क्रिया है।

अकर्मक व सकर्मक क्रिया की पहचान – क्रिया के पूर्व 'क्या' लगाने पर यदि उसका उत्तर सम्भव हो तो क्रिया सकर्मक होती है। यदि 'क्या' का उत्तर सम्भव न हो तो क्रिया अकर्मक होती है। यथा-खाता है के पूर्व 'क्या' जोड़े तो क्या खाता है?' प्रश्न हुआ। इसका कोई न कोई उत्तर मिल सकता है। फल खाता है, मिठाई खाता है आदि। किन्तु सोता है, दौड़ता है, रहता है आदि क्रियाओं के साथ क्या लगाने पर कोई उत्तर नहीं मिलता। अतः ये अकर्मक क्रियाएँ हैं।

इनके अतिरिक्त क्रिया के अन्य भेद द्विकर्मक क्रिया तथा प्रेरणार्थक क्रिया हैं।

  • द्विकर्मक क्रिया – माँ ने बच्चे को दूध पिलाया। इस वाक्य में 'पिलाया' क्रिया के दो कर्म हैं-बच्चा तथा दूध। यह द्विकर्मक क्रिया है।
  • प्रेरणार्थक क्रिया – उसने घर को दो भागों में बँटवाया। यहाँ क्रिया स्वयं कर्ता की न होकर अन्य को प्रेरित करके कराई गई है, अतः यह प्रेरणार्थक क्रिया है। कटवाना, लिखवाना, दिलवाना आदि प्रेरणार्थक क्रियाएँ हैं।

वाक्य पूर्ति के निमित्त आने वाली क्रिया को समापिका क्रिया कहा जाता है।

काल- क्रिया के सम्पन्न होने के समय को काल कहा जाता है। काल तीन हैं –

  • वर्तमान काल – जो क्रिया वर्तमान समय में की जा रही है, वह वर्तमान कालिक क्रिया होती है। यथा- मैं लिख रहा हूँ।
  • भूतकाल – जो क्रिया पहले सम्पन्न हो चुकी है, वह भूतकालिक क्रिया होती है। यथा-मैंने लिखा था।
  • भविष्यत् काल – जो क्रिया आगे सम्पन्न होगी, उसे भविष्यत् कालीन क्रिया कहते हैं। यथा- मैं लिखूँगा।

क्रिया अपने कर्ता के लिंग और वचन का अनुसरण करती है।

यथा – राधा सोती है। (स्त्रीलिंग कर्ता)

गोविन्द सोता है। (पुल्लिंग कर्ता)

लड़के सोते हैं। (बहुवचन कर्ता)

(ii) पुल्लिंग- संज्ञा शब्द का जो रूप उसके पुरुषवाचक होने को सूचित करता है, उसे पुल्लिंग कहा जाता है। यथा-पुरुष, बालक, सिंह, पर्वत, कोलकाता, आगरा आदि।

लिंग का निर्णय- हिन्दी में किसी शब्द के लिंग का निर्णय करने के लिए कोई निश्चित नियम नहीं है। यह अभ्यास और निरीक्षण से समझ में आता है। वैसे प्राणीवाचक संज्ञाओं में लिंग निर्णय सरल होता है, क्योंकि प्राणियों का लिंग प्रकृति द्वारा ही निश्चित होता है।

वाक्य में प्रयुक्त संज्ञा का लिंग-निर्णय क्रिया के स्वरूप से भी होता है यथा -
करता – करती
जाएगा – जाएगी।
गया था - गयी थी।

विशेषण के स्वरूप से भी लिंग का निर्णय होता है। यथा -
अच्छा – अच्छी
बूढ़ा - बूढ़ी
छोटा – छोटी
मीठी – मीठी।

वचन- हिन्दी में दो वचन होते हैं –

  • एकवचन – पद के जिस रूप से उसके एक होने का बोध होता है, उसे एकवचन कहते हैं। यथा-पुस्तक, स्त्री, सड़क, नदी आदि।
  • बहुवचन – पद के जिस रूप से उसके एक से अधिक होने का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं। यथा-पुस्तके, स्त्रियाँ, लड़के, नदियाँ आदि।

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय अविकारी पद (अव्यय)

(1) क्रिया-विशेषण- क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्द क्रिया-विशेषण कहे जाते हैं। क्रिया-विशेषण क्रिया की रीति, स्थान, दिशा, मात्रा तथा कारण आदि का उल्लेख करते हैं। यथा-वह धीरे चलता है। यहाँ 'धीरे' शब्द 'चलता है' क्रिया की रीति बता रहा है, अतः वह क्रिया-विशेषण है। अन्य उदाहरण इस प्रकार हैं।

  • रीतिवाचक क्रिया-विशेषण – धीरे, तेज, जोर से, क्रमशः
  • कालवाचक क्रिया-विशेषण – अब, तब, जब, आज, कल

प्रक्रिया-विशेषण- जो शब्द क्रिया-विशेषण की विशेषता बताते हैं, वे प्रक्रिया-विशेषण कहे जाते हैं यथा-वह तेज चलता है। इस वाक्य में 'तेज' क्रिया-विशेषण है। यदि कहा जाय वह बहुत तेज चलता है। तो 'बहुत' शब्द 'तेज' विशेषण हुआ। अतः वह प्रक्रिया-विशेषण है।

प्रविशेषण- विशेषण की भी विशेषता बताने वाले शब्द प्रविशेषण कहलाते हैं। यथा-वह सुन्दर लड़की है। यहाँ 'सुन्दर' विशेषण पद है। यदि कही जाय 'वह बहुत सुन्दर लड़की है।' तो 'बहुत' सुन्दर की विशेषता बताता है, अतः यह प्रविशेषण है।

(2) सम्बन्धबोधक- संज्ञा और सर्वनाम पदों का अन्य पदों से सम्बन्ध प्रकट करने वाले पद को सम्बन्धबोधक अव्यय कहा जाता है। ये पद हैं-ऊपर, नीचे, आगे, पीछे, बिना, अंदर, बाहर आदि।

(3) समुच्चयबोधक- दो पदों या दो वाक्यों को जोड़ने वाले अव्यय शब्द को समुच्चयबोधक कहते हैं। ये शब्द हैं-इसलिए, यद्यपि, परन्तु, किन्तु, एवं, कि, जो आदि।

(4) विस्मयादिबोधक- जो अव्यय शब्द विस्मय, हर्ष, शोक, घृणा, तिरस्कार आदि व्यक्त करते हैं, वे विस्मयादिबोधक कहे जाते हैं। यथा-आह ! वाह ! छि ! अरे ! ओह ! हे ! आदि।

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय पद-परिचय

वाक्य में प्रयुक्त पदों का व्याकरण की दृष्टि से पूरा परिचय देना ही पद-परिचय कहा जाता है। पद-परिचय को पद-व्याख्या, पदान्वय आदि भी कहा जाता है। आगे संज्ञा आदि पदों का पद-परिचय दिया जा रहा है

 

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय संज्ञा-पद-परिचय

(1) चन्द्रभूषण बाग में आम खा रहा है।
उपर्युक्त वाक्य में चन्द्रभूषण, बाग तथा आम संज्ञाएँ हैं। इनका क्रमशः पद-परिचय इस प्रकार होगा-

  • चन्द्रभूषण – व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिग, कर्ता कारक, 'खा रहा है' क्रिया का कर्ता।
  • बाग में – जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिग, अधिकरण कारक, 'खा रहा है' क्रिया का आधार।
  • आम – जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिग, कर्म कारक, 'खा रहा है' क्रिया का कर्म।

(2) लड़कियाँ हाथों से वस्त्र धो रही हैं।

  • लड़कियाँ – जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन, स्त्रीलिंग, कर्ता कारक, 'धो रही हैं' क्रिया का कर्ता।
  • हाथों से – जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन, पुल्लिग, करण कारक, 'धो रही हैं' क्रिया में सहायक।
  • वस्त्र – जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन, कर्म कारक, 'धो रही हैं' क्रिया का कर्म।

(1) मैं राम के साथ उसके घर गया।

  • मैं – पुरुषवाचक सर्वनाम, उत्तम पुरुष, एकवचन, पुल्लिग, कर्ता कारक, 'गया' क्रिया का कर्ता।
  • उसके – पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, एकवचन, पुल्लिग, सम्बन्ध कारक, 'घर' संज्ञा से सम्बन्ध।

(2) वे कहते हैं कि कोई आ रहा है।

  • वे – पुरुषवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, बहुवचन, पुल्लिग, कर्ता कारक, 'कहते हैं' क्रिया का कर्ता।
  • कोई – अनिश्चयवाचक सर्वनाम, एकवचन, पुल्लिग, कर्ता कारक, 'आ रहा है' क्रिया का कर्ता।

(3) यह अच्छा नहीं हुआ।

  • यह – निश्चयवाचक सर्वनाम, एकवचन, पुल्लिग, कर्ता कारक, 'हुआ' क्रिया का कर्ता।

 

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय विशेषण-पद-परिचय

(1) श्रेष्ठ पुरुष इन बातों पर कम ध्यान देते हैं।

  • श्रेष्ठ – गुणवाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिग, इसका विशेष्य 'पुरुष' है।
  • इन – संकेतवाचक (सार्वनामिक) विशेषण, बहुवचन, स्त्रीलिंग, 'बातों' इसका विशेष्य है।
  • कम – परिमाणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिग, 'ध्यान' इसका विशेष्य है।

(2) तीन दिन बाद वह चौथी कक्षा में आया है।

  • तीन – संख्यावाचक विशेषण, बहुवचन, पुल्लिंग, 'दिन' इसका विशेष्य है।
  • चौथी – संख्यावाचक विशेषण, एकवचन, स्त्रीलिंग, 'कक्षा' इसका विशेष्य है।

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय क्रिया-पद-परिचय

(1) स्त्रियाँ नृत्य कर रही हैं।

  • कर रही हैं – क्रिया सकर्मक, वर्तमान काल, कर्तृवाच्य, अन्य पुरुष, स्त्रीलिंग। इसका कर्ता 'स्त्रियाँ' है।

(2) श्रीकान्त पुस्तक पढ़कर घर को जाएगा।

  • पढ़कर - क्रिया पूर्वकालिक, सकर्मक, कर्तृवाच्य, मुख्य क्रिया 'जाएगा', कर्म 'पुस्तक' है, कर्ता 'श्रीकान्त' है।

 

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय क्रिया-विशेषण-पद-परिचय

(1) ऋषि तेज दौड़ता है।

  • तेज – रीतिवाचक क्रिया-विशेषण, 'दौड़ता है' क्रिया की 'रीति' बताता है।

(2) वह कल आएगा और यहाँ सोएगा।

  • कल – कालवाचक क्रिया-विशेषण, 'आएगा' क्रिया को समय सूचित करता है।
  • यहाँ – स्थानवाचक क्रिया-विशेषण, 'सोएगा' क्रिया का स्थान सूचित करता है।

 

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय प्रक्रिया-विशेषण-पद-परिचय

(1) अरविन्द बहुत धीरे चलता है।

  • बहुत – प्रक्रियाविशेषण, 'धीरे' क्रिया-विशेषण की विशेषता बता रहा है।

(2) थोड़ा तेज चलो।

  • थोड़ा – प्रक्रियाविशेषण, 'तेज' क्रिया-विशेषण की विशेषता बता रहा है।

 

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय प्रविशेषण-पद-परिचय

(1) चन्द्रगुप्त बहुत पराक्रमी शासक था।

  • बहुत – प्रविशेषण, 'पराक्रमी' विशेषण की विशेषता बता रहा है।

(2) वह कम सुन्दर है।

  • कम - प्रविशेषण, 'सुन्दर' विशेषण की विशेषता बता रहा है।

 

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय अव्यय-पद-परिचय

(2) अरे ! यह मकान कैसे गिर गया ?

  • अरे – विस्मयादिबोधक अव्यय, आश्चर्य सूचित करता है।

(3) आह ! मैं तो लुट गया।

  • आह – विस्मयादिबोधक अव्यय, शोक सूचित करता है।

समुच्चयबोधक

(1) गुरु और शिष्य कहाँ गये हैं ?

  • और – समुच्चयबोधक अव्यय, गुरु और शिष्य शब्दों को जोड़ता है।

(2) वे बुद्धिमान हैं, परन्तु अनुभवी नहीं।

  • परन्तु - समुच्चयबोधक अव्यय, दो वाक्यों को जोड़ता है।

सम्बन्धबोधक

(1) घर के पीछे बगीचा है।

  • पीछे – सम्बन्धबोधक अव्यय, 'घर' संज्ञा का सम्बन्ध शेष शब्दों से बताता है।

(2) सड़क के पार बगीचा है।

  • पार – सम्बन्धबोधक अव्यय, 'सड़क' संज्ञा का सम्बन्ध शेष शब्दों से बताता है।

 

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय वस्तुनिष्ठ प्रश्न

 

Question 1. निम्न में से जातिवाचक संज्ञा-पद है -
(क) हिमालय
(ख) पक्षी
(ग) शीत
(घ) उदयपुर
Answer: (ख) पक्षी
In simple words: 'पक्षी' शब्द एक पूरी जाति या वर्ग को दिखाता है, जबकि अन्य विकल्प खास नाम (व्यक्तिवाचक संज्ञा) या भाव (भाववाचक संज्ञा) हैं। इसलिए, 'पक्षी' जातिवाचक संज्ञा है।

🎯 Exam Tip: जातिवाचक संज्ञा वह होती है जो किसी एक वर्ग या जाति के सभी सदस्यों का बोध कराती है, न कि किसी एक खास व्यक्ति या वस्तु का।

 

Question 2. संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त शब्द कहलाते हैं –
Answer: (क) सर्वनाम
In simple words: सर्वनाम ऐसे शब्द होते हैं जो संज्ञा की जगह इस्तेमाल किए जाते हैं ताकि वाक्य में बार-बार एक ही नाम न दोहराना पड़े। यह वाक्य को सहज और सुंदर बनाता है।

🎯 Exam Tip: सर्वनाम के सही प्रयोग से वाक्य अधिक स्पष्ट और व्याकरणिक रूप से सही बनते हैं, जिससे भाषा में प्रवाह आता है।

 

Question 3. 'काला साँप' पद में विशेषण है –
(क) संकेतवाचक
(ख) परिमाणवाचक
(ग) गुणवाचक
(घ) संख्यावाचक
Answer: (ग) गुणवाचक
In simple words: 'काला' शब्द साँप के रंग, जो कि उसका एक गुण है, के बारे में बता रहा है। ऐसे शब्द जो किसी संज्ञा के गुण, दोष, रंग या अवस्था को बताते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं।

🎯 Exam Tip: गुणवाचक विशेषण की पहचान करने के लिए 'कैसा' या 'कैसी' लगाकर प्रश्न पूछें; यदि उत्तर मिले, तो वह गुणवाचक विशेषण है।

 

Question 4. विशेषण की कोटियाँ हैं –
(क) मूलावस्था
(ख) उत्तरावस्था
(ग) उत्तमावस्था
(घ) उपर्युक्त सभी।
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी।
In simple words: विशेषण की तीन अवस्थाएँ होती हैं- मूलावस्था (सामान्य), उत्तरावस्था (दो में तुलना) और उत्तमावस्था (सबसे बेहतर बताना)। ये तीनों ही विशेषण की कोटियाँ कहलाती हैं।

🎯 Exam Tip: मूलावस्था में कोई तुलना नहीं होती, उत्तरावस्था में दो की तुलना होती है और उत्तमावस्था में किसी एक को सबसे श्रेष्ठ बताया जाता है।

 

Question 5. निम्न में से अकर्मक क्रिया युक्त वाक्य है –
(क) वह पुस्तक पढ़ रहा है।
(ख) रमा खाना बना रही है।
(ग) मैं खेलने जा रहा हूँ।
(घ) बच्चा जोर-जोर से रो रहा है।
Answer: (घ) बच्चा जोर-जोर से रो रहा है।
In simple words: अकर्मक क्रिया वह होती है जिसके साथ कर्म नहीं होता और क्रिया का फल सीधा कर्ता पर पड़ता है। 'रोना' क्रिया का फल बच्चे पर ही पड़ रहा है और इसमें कोई कर्म नहीं है, जबकि अन्य वाक्यों में 'पुस्तक', 'खाना' कर्म के रूप में मौजूद हैं।

🎯 Exam Tip: अकर्मक क्रिया की पहचान के लिए क्रिया से पहले 'क्या' या 'किसे' लगाकर प्रश्न पूछें। यदि उत्तर न मिले, तो वह अकर्मक क्रिया होती है।

 

Question 6. प्रेरणार्थक क्रिया का उदाहरण है –
(क) वह नौकर से खाना बनवाता है।
(ख) माँ ने बच्चे को दूध पिलाया।
(ग) वह सो रही है।
(घ) राम और श्याम जयपुर जा रहे हैं।
Answer: (क) वह नौकर से खाना बनवाता है।
In simple words: प्रेरणार्थक क्रिया वह होती है जिसमें कर्ता खुद काम न करके किसी दूसरे को काम करने के लिए प्रेरित करता है। यहाँ 'बनवाता है' क्रिया में कर्ता (वह) नौकर को खाना बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

🎯 Exam Tip: प्रेरणार्थक क्रियाओं में 'वाना', 'आना', 'लाना' जैसे प्रत्यय जुड़े होते हैं, जैसे- लिखवाना, पढ़वाना, बनवाना।

 

Question 7. 'घोड़ा तेज दौड़ता है।' वाक्य में क्रिया-विशेषण है –
Answer: (ख) तेज
In simple words: क्रिया-विशेषण वह शब्द होता है जो क्रिया की विशेषता बताता है। यहाँ 'तेज' शब्द 'दौड़ता है' क्रिया की रीति बता रहा है कि घोड़ा कैसे दौड़ता है, इसलिए यह क्रिया-विशेषण है।

🎯 Exam Tip: क्रिया-विशेषण क्रिया के होने के तरीके (रीति), स्थान, समय (काल) या मात्रा (परिमाण) को स्पष्ट करता है।

 

Question 8. विशेषण की विशेषता बताने वाले शब्द कहलाते हैं –
(क) प्रक्रिया विशेषण
(ख) विशेष्य
(ग) प्रविशेषण
(घ) क्रिया-विशेषण
Answer: (ग) प्रविशेषण
In simple words: प्रविशेषण ऐसे शब्द होते हैं जो किसी विशेषण की विशेषता को और अधिक स्पष्ट करते हैं, जैसे 'बहुत सुंदर' में 'बहुत' प्रविशेषण है। ये शब्द विशेषण को एक नई गहराई देते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रविशेषण अक्सर विशेषण से पहले आते हैं और उसकी तीव्रता या मात्रा को बढ़ाते हैं।

 

Question 9. समुच्चयबोधक अव्यय है -
(क) क्रमशः
(ख) तेज
(ग) किंतु
(घ) ऊपर।
Answer: (ग) किंतु
In simple words: समुच्चयबोधक अव्यय वे शब्द होते हैं जो दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को आपस में जोड़ते हैं, जैसे 'किंतु', 'और', 'परंतु'। यह भाषा को अधिक जटिल और प्रभावशाली बनाने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: समुच्चयबोधक अव्ययों को योजक शब्द भी कहते हैं क्योंकि वे वाक्यों को जोड़ने का काम करते हैं।

 

Question 10. 'यह अच्छा कार्य है।'-वाक्य में रेखांकित पद का परिचय है -
(क) निश्चयवाचक सर्वनाम
(ख) एकवचन
(ग) पुल्लिंग
(घ) उपर्युक्त सभी।
Answer: (घ) उपर्युक्त सभी।
In simple words: 'यह' शब्द यहाँ किसी निश्चित चीज़ (कार्य) को दर्शा रहा है, इसलिए यह निश्चयवाचक सर्वनाम है। चूंकि कार्य एक है, यह एकवचन है, और 'कार्य' शब्द पुल्लिंग है, इसलिए 'यह' भी पुल्लिंग माना जाएगा।

🎯 Exam Tip: पद-परिचय में किसी शब्द के सभी व्याकरणिक गुणों (भेद, वचन, लिंग, कारक आदि) का उल्लेख करना आवश्यक होता है।

 

Question 1. 'विद्यार्थी ने कहा कि मैं विद्यालय जाऊँगा।' इस वाक्य में रेखांकित शब्दों की पद-व्याख्या कीजिए।
Answer:

  • विद्यार्थी – जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिग, कर्ता कारक, 'कहा' क्रिया का कर्ता।
  • जाऊँगा – अकर्मक क्रिया, भविष्यत् काल, एकवचन, 'मैं' इसका कर्ता है।


In simple words: यहाँ 'विद्यार्थी' एक जातिवाचक संज्ञा है जो एकवचन और पुल्लिंग में है, और यह 'कहा' क्रिया का कर्ता है। 'जाऊँगा' एक अकर्मक क्रिया है जो भविष्य काल और एकवचन में है, और इसका कर्ता 'मैं' है। क्रियाएँ और संज्ञाएँ वाक्य के अर्थ को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

🎯 Exam Tip: पद-व्याख्या करते समय, शब्द के संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण या क्रिया होने के साथ-साथ उसके लिंग, वचन और कारक की पहचान करना भी महत्वपूर्ण है।

 

Question 2. निम्नलिखित वाक्य में प्रत्येक रेखांकित शब्द की पद-व्याख्या कीजिए
वह गाय तुम्हें नहीं मारेगी।

Answer:

  • गाय – जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, स्त्रीलिंग, कर्ताकारक।
  • मारेगी - क्रिया सकर्मक, एकवचन, स्त्रीलिंग, भविष्यत्काल, कर्तृवाच्य।


In simple words: इस वाक्य में 'गाय' एकवचन स्त्रीलिंग जातिवाचक संज्ञा है और यह 'मारेगी' क्रिया की कर्ता है। 'मारेगी' क्रिया सकर्मक है, भविष्य काल में है, स्त्रीलिंग है, और यह कर्तृवाच्य का उदाहरण है क्योंकि कर्ता मुख्य है।

🎯 Exam Tip: क्रिया के लिंग और वचन अक्सर कर्ता के अनुसार बदलते हैं। 'वह' शब्द भी एक सर्वनाम है, लेकिन यह रेखांकित नहीं है।

 

Question 3. निम्ररहित वाक्य के प्रत्येक रेखांकित शब्द की पद-व्याख्या के दो-दो बिन्दु लिखिए –
राम घर चला गया।

Answer:

  • राम – व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन।
  • गया - क्रिया सकर्मक, एकवचन।


In simple words: यहाँ 'राम' एक खास व्यक्ति का नाम होने के कारण व्यक्तिवाचक संज्ञा और एकवचन है। 'गया' क्रिया सकर्मक है क्योंकि इसमें कर्म (घर) की संभावना है, और यह एकवचन में है।

🎯 Exam Tip: सकर्मक क्रियाओं में कर्म प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होता है, जबकि अकर्मक में नहीं होता।

 

Question 4. निम्नलिखित वाक्य के रेखांकित पद की व्याख्या के दो बिन्दु लिखिए
दिव्यांशी मधुर गाना गाती है।

Answer:

  • गाना - भाववाचक संज्ञा, एकवचन।


In simple words: इस वाक्य में 'गाना' एक भाववाचक संज्ञा है क्योंकि यह एक क्रिया के भाव को दिखा रहा है, और यह एकवचन में है। यह क्रिया 'गाना' का नाम भी है।

🎯 Exam Tip: भाववाचक संज्ञाएँ किसी गुण, दशा, अवस्था या क्रिया के भाव का बोध कराती हैं और अक्सर एकवचन में ही प्रयुक्त होती हैं।

 

Question 5. निम्नलिखित वाक्य के रेखांकित शब्द के पद-परिचय सम्बन्धी कोई दो बिन्दु लिखिए।
श्याम मोहन की अपेक्षा अधिक बुद्धिमान है।

Answer:

  • अधिक – प्रविशेषण, 'बुद्धिमान' विशेषण की विशेषता बता रहा है।
  • बुद्धिमान – गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग।


In simple words: यहाँ 'अधिक' शब्द 'बुद्धिमान' की विशेषता को बढ़ा रहा है, इसलिए यह प्रविशेषण है। 'बुद्धिमान' शब्द श्याम के गुण को बता रहा है, इसलिए यह गुणवाचक विशेषण है और यह पुल्लिंग है।

🎯 Exam Tip: प्रविशेषण विशेषण से पहले आकर उसकी विशेषता को बढ़ाते हैं, जबकि विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं।

 

Question 7. 'यहाँ कोई आया।' वाक्य में रेखांकित पद 'कोई' का पद-परिचय सम्बन्धी कोई दो बिन्दु लिखिए।
Answer:

  • कोई – अनिश्चयवाचक सर्वनाम, एकवचन।


In simple words: 'कोई' शब्द किसी अनिश्चित व्यक्ति के लिए प्रयोग हुआ है, इसलिए यह अनिश्चयवाचक सर्वनाम है और यह एकवचन में है। यह बताता है कि कोई आया, पर कौन, यह स्पष्ट नहीं है।

🎯 Exam Tip: अनिश्चयवाचक सर्वनाम किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध नहीं कराते, बल्कि अनिश्चितता दर्शाते हैं।

 

Question 8. संज्ञा शब्द के पद-परिचय हेतु किन्हीं चार बिन्दुओं को लिखिए।
Answer: संज्ञा शब्द के पद-परिचय के लिए निम्नलिखित चार मुख्य बिन्दु होते हैं:

  1. संज्ञा का भेद
  2. वचन
  3. लिंग
  4. कारक।


In simple words: संज्ञा का पद-परिचय देते समय, हमें बताना होता है कि वह किस प्रकार की संज्ञा है (व्यक्तिवाचक, जातिवाचक, भाववाचक), उसका वचन क्या है (एकवचन या बहुवचन), उसका लिंग क्या है (पुल्लिंग या स्त्रीलिंग), और वह वाक्य में किस कारक के रूप में कार्य कर रही है। ये चार बातें मिलकर संज्ञा का पूरा परिचय देती हैं।

🎯 Exam Tip: पद-परिचय में ये चारों बिन्दु अनिवार्य होते हैं क्योंकि ये शब्द के व्याकरणिक स्वरूप को पूरी तरह स्पष्ट करते हैं।

 

Question 9. निम्नलिखित पद में रेखांकित पद की पद-व्याख्या संबंधी कोई दो बिन्दु लिखिए।
यह अच्छा नहीं हुआ।

Answer:

  • यह – निश्चयवाचक सर्वनाम, एकवचन, पुल्लिग।

In simple words: 'यह' शब्द यहाँ किसी निश्चित बात या घटना को बता रहा है, इसलिए यह निश्चयवाचक सर्वनाम है। चूंकि यहाँ 'नहीं हुआ' एकवचन और पुल्लिंग में है, इसलिए 'यह' भी एकवचन और पुल्लिंग में है।

🎯 Exam Tip: निश्चयवाचक सर्वनाम अक्सर किसी नज़दीकी या निश्चित वस्तु या बात की ओर इशारा करते हैं।

 

Question 10. 'चीता बहुत तेज दौड़ता है।' इस वाक्य में 'बहुत' तथा 'तेज' पदों का पद-परिचय दीजिए।
Answer:

  • बहुत – प्रक्रियाविशेषण, 'तेज' क्रिया-विशेषण की विशेषता बता रहा है।
  • तेज – क्रिया-विशेषण, 'दौड़ता है' क्रिया की विशेषता बता रहा है।


In simple words: इस वाक्य में 'तेज' शब्द 'दौड़ता है' क्रिया की विशेषता बता रहा है कि वह कैसे दौड़ता है, इसलिए यह क्रिया-विशेषण है। वहीं, 'बहुत' शब्द 'तेज' की भी विशेषता बता रहा है कि कितना तेज दौड़ता है, इसलिए 'बहुत' प्रक्रियाविशेषण है। प्रक्रियाविशेषण विशेषणों या क्रिया-विशेषणों की तीव्रता बताते हैं।

🎯 Exam Tip: प्रक्रियाविशेषण क्रिया-विशेषण से पहले आकर उसकी मात्रा या तीव्रता को स्पष्ट करते हैं, जबकि क्रिया-विशेषण सीधे क्रिया की विशेषता बताते हैं।

 

Question 12. 'बच्चों ने खिलौना तोड़ दिया।' इस वाक्य में 'बच्चों' तथा 'खिलौना' पदों का पद-परिचय दीजिए।
Answer:

  • बच्चों – जातिवाचक संज्ञा, बहुवचन, पुल्लिग, कर्ताकारक, 'तोड़ दिया' क्रिया का कर्ता।
  • खिलौना – जातिवाचक संज्ञा, एकवचन, पुल्लिग, कर्मकारक, 'तोड़ डाला' क्रिया को कर्म।


In simple words: यहाँ 'बच्चों' शब्द बच्चों की जाति को दर्शाता है, बहुवचन और पुल्लिंग है, और यह 'तोड़ दिया' क्रिया का कर्ता है। 'खिलौना' शब्द खिलौनों की जाति को दर्शाता है, एकवचन और पुल्लिंग है, और यह 'तोड़ डाला' क्रिया का कर्म है।

🎯 Exam Tip: कर्ता वह होता है जो क्रिया को करता है और कर्म वह होता है जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़ता है।

 

Question 13. 'मैंने देखा, कोई आ रहा था।' इस वाक्य में 'मैंने' तथा 'कोई' पदों का पद-परिचय दीजिए।
Answer:

  • मैंने – पुरुषवाचक सर्वनाम, उत्तम पुरुष, एकवचन, उभयलिंग, कर्ता कारक, 'देखा' क्रिया का कर्ता।
  • कोई – अनिश्चयवाचक सर्वनाम, अन्य पुरुष, एकवचन, पुल्लिंग, कर्ता कारक, 'आ रहा है' क्रिया का कर्ता।


In simple words: 'मैंने' शब्द उत्तम पुरुष का पुरुषवाचक सर्वनाम है, एकवचन में है, और 'देखा' क्रिया का कर्ता है। इसका लिंग संदर्भ पर निर्भर करता है (उभयलिंग)। 'कोई' शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम है, अन्य पुरुष, एकवचन और पुल्लिंग में है, और यह 'आ रहा है' क्रिया का कर्ता है क्योंकि व्यक्ति निश्चित नहीं है।

🎯 Exam Tip: 'मैंने' जैसे शब्द कर्ता कारक के रूप में प्रयोग होते हैं जब क्रिया भूतकाल में होती है। 'कोई' हमेशा अनिश्चयता दर्शाता है।

 

Question 14. निम्ररहित वाक्य में रेखांकित शब्द के पद व्याख्या संबंधी दो बिन्दु लिखिए –
यह अच्छा नहीं हुआ।

Answer:

  • यह – निश्चयवाचक सर्वनाम, एकवचन।

In simple words: 'यह' शब्द यहाँ किसी निश्चित बात को इंगित कर रहा है, इसलिए यह निश्चयवाचक सर्वनाम है। यह घटना एकवचन में है, इसलिए 'यह' भी एकवचन है।

🎯 Exam Tip: निश्चयवाचक सर्वनाम की पहचान होती है कि वह किसी वस्तु या घटना की निश्चितता बताता है।

 

Question 15. दिये गये वाक्य में रेखांकित शब्द के पद व्याख्या संबंधी दो बिन्दुओं का उल्लेख कीजिए
शिक्षक ने छात्र से पाठ पढ़वाया

Answer:

  • पढ़वाया-प्रेरणार्थक क्रिया, भूतकाल।

In simple words: 'पढ़वाया' क्रिया में शिक्षक खुद पाठ नहीं पढ़ रहा, बल्कि छात्र को पढ़ने के लिए प्रेरित कर रहा है, इसलिए यह प्रेरणार्थक क्रिया है। यह क्रिया पहले ही हो चुकी है, इसलिए यह भूतकाल में है।

🎯 Exam Tip: प्रेरणार्थक क्रियाएँ अक्सर 'वाना' या 'आना' प्रत्यय के साथ बनती हैं, जैसे लिखवाना, करवाना।

 

RBSE Class 12 Hindi पद परिचय लघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. विकारी और अविकारी पदों में भेद बताइये।
Answer: विकारी और अविकारी पदों में मुख्य भेद उनके स्वरूप में परिवर्तन की क्षमता पर आधारित है। विकारी पद वे होते हैं जिनका रूप लिंग, वचन, कारक और काल के अनुसार बदलता रहता है, जैसे संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया। दूसरी ओर, अविकारी पद (अव्यय) वे होते हैं जिनके रूप में लिंग, वचन, कारक या काल के अनुसार कोई परिवर्तन नहीं आता, वे हमेशा एक जैसे रहते हैं, जैसे क्रिया-विशेषण, सम्बन्धबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक। विकारी पद क्रिया के अनुसार बदल जाते हैं जबकि अविकारी पद नहीं बदलते।
In simple words: विकारी शब्द वे होते हैं जो वाक्य में इस्तेमाल होने पर अपना रूप बदल लेते हैं, जैसे लड़का-लड़के। अविकारी शब्द वे होते हैं जो कभी नहीं बदलते, जैसे 'धीरे-धीरे' या 'आज'।

🎯 Exam Tip: विकारी शब्दों को 'व्यय' (जो खर्च हो/बदल जाए) और अविकारी शब्दों को 'अव्यय' (जो खर्च न हो/न बदले) के रूप में याद रखना आसान होता है।

 

Question 2. पुरुषवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं ? इसके भेद बताइये।
Answer: पुरुषवाचक सर्वनाम वे शब्द होते हैं जो किसी व्यक्तिवाचक संज्ञा के बदले प्रयोग किए जाते हैं। ये तीन प्रकार के होते हैं: उत्तम पुरुष, मध्यम पुरुष और अन्य पुरुष। उत्तम पुरुष वक्ता (बात कहने वाला) होता है, जैसे 'मैं', 'हम'। मध्यम पुरुष श्रोता (बात सुनने वाला) होता है, जैसे 'तुम', 'आप'। अन्य पुरुष वह होता है जिसके बारे में बात की जा रही हो, जैसे 'वह', 'वे'। यह सर्वनाम व्यक्तियों के नाम की जगह आकर भाषा को सरल बनाता है।
In simple words: पुरुषवाचक सर्वनाम उन शब्दों को कहते हैं जो इंसानों के नाम की जगह आते हैं। ये तीन तरह के होते हैं- बोलने वाला (मैं), सुनने वाला (तुम), और जिसके बारे में बात हो रही है (वह)।

🎯 Exam Tip: पुरुषवाचक सर्वनामों का सही प्रयोग करने से वाक्यों में स्पष्टता आती है और बार-बार संज्ञा दोहराने से बचा जा सकता है।

 

Question 3. निम्न वाक्यों में कौन-सा विशेषण है ?
1. सरिता सुंदर लड़की है।
2. मेज पर दो पुस्तकें पड़ी हैं।
3. कोई स्त्री द्वार पर है।
4. घड़े में बहुत कम पानी है।

Answer:

  1. सरिता सुंदर लड़की है। (सुंदर - गुणवाचक विशेषण)
  2. मेज पर दो पुस्तकें पड़ी हैं। (दो - संख्यावाचक विशेषण)
  3. कोई स्त्री द्वार पर है। (कोई - संकेतवाचक विशेषण)
  4. घड़े में बहुत कम पानी है। (बहुत कम - परिमाणवाचक विशेषण)

In simple words: पहले वाक्य में 'सुंदर' गुण बताता है। दूसरे में 'दो' संख्या बताता है। तीसरे में 'कोई' इशारा करता है। चौथे में 'बहुत कम' मात्रा बताता है। हर वाक्य में विशेषण का एक अलग प्रकार है।

🎯 Exam Tip: विशेषण के प्रकारों को पहचानने के लिए, विशेषण से 'कैसा/कितना/कौन-सा' जैसे प्रश्न पूछें ताकि उसके गुण, संख्या, मात्रा या संकेत का पता चल सके।

 

Question 4. सकर्मक और अकर्मक क्रिया में अंतर बताइये।
Answer: सकर्मक क्रिया वह होती है जिसका प्रभाव कर्ता के अतिरिक्त किसी कर्म पर भी पड़ता है। इसमें क्रिया को पूरा करने के लिए कर्म की आवश्यकता होती है, जैसे 'वह फल खा रहा है' (यहाँ 'फल' कर्म है)। इसके विपरीत, अकर्मक क्रिया वह होती है जिसका प्रभाव सीधा कर्ता पर पड़ता है और उसे किसी कर्म की आवश्यकता नहीं होती, जैसे 'वह रो रहा है' (यहाँ 'रोना' का फल सीधे 'वह' पर पड़ रहा है)। सकर्मक क्रियाओं में कर्ता द्वारा किए गए कार्य का परिणाम किसी और वस्तु या व्यक्ति पर दिखाई देता है।
In simple words: सकर्मक क्रिया में काम का असर किसी और चीज़ पर पड़ता है, जैसे 'खाना खाना'। अकर्मक क्रिया में काम का असर सीधे करने वाले पर पड़ता है, जैसे 'रोना'।

🎯 Exam Tip: सकर्मक क्रिया की पहचान के लिए क्रिया से पहले 'क्या' या 'किसे' लगाकर प्रश्न पूछें; यदि उत्तर मिले, तो सकर्मक, और न मिले, तो अकर्मक।

 

Question 5. प्रविशेषण और प्रक्रिया-विशेषण में अंतर उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रविशेषण वे शब्द होते हैं जो विशेषण की विशेषता बताते हैं, जैसे 'राम बहुत बुद्धिमान है' में 'बहुत' शब्द 'बुद्धिमान' विशेषण की विशेषता बता रहा है। वहीं, प्रक्रिया-विशेषण वे शब्द होते हैं जो क्रिया-विशेषण की विशेषता बताते हैं, जैसे 'चीता बहुत तेज दौड़ता है' में 'बहुत' शब्द 'तेज' क्रिया-विशेषण की विशेषता बता रहा है। दोनों ही शब्दों की तीव्रता या मात्रा को बढ़ाते हैं, लेकिन प्रविशेषण एक विशेषण को प्रभावित करता है जबकि प्रक्रिया-विशेषण एक क्रिया-विशेषण को प्रभावित करता है।
In simple words: प्रविशेषण एक विशेषण को और खास बनाता है, जैसे 'बहुत सुंदर' में 'बहुत'। प्रक्रिया-विशेषण एक क्रिया-विशेषण को और खास बनाता है, जैसे 'बहुत धीरे' में 'बहुत'।

🎯 Exam Tip: इन दोनों भेदों को पहचानने के लिए देखें कि वह शब्द किसकी विशेषता बता रहा है - यदि वह विशेषण की विशेषता बताए तो प्रविशेषण, और यदि क्रिया-विशेषण की विशेषता बताए तो प्रक्रिया-विशेषण।

 

प्रश्न 2. पुरुषवाचक सर्वनाम किसे कहते हैं ? इसके भेद बताइये।
Answer: जिन शब्दों का प्रयोग व्यक्तिवाचक संज्ञा के स्थान पर किया जाता है, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। ये सर्वनाम तीन प्रकार के होते हैं, जो बोलने वाले, सुनने वाले या किसी अन्य व्यक्ति को बताते हैं।
1. **उत्तम पुरुष** – जो व्यक्ति बात कहता है, उसे उत्तम पुरुष कहते हैं। जैसे- मैं, तुम।
2. **मध्यम पुरुष** – जिससे बात कही जाती है, उसे मध्यम पुरुष कहते हैं। जैसे- वह, वे।
In simple words: जो शब्द किसी व्यक्ति का नाम लेने की बजाय उसके लिए इस्तेमाल होते हैं, वे पुरुषवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। ये तीन तरह के होते हैं: कहने वाला (मैं), सुनने वाला (तुम), और जिसके बारे में बात हो रही है (वह)।

🎯 Exam Tip: पुरुषवाचक सर्वनामों के तीनों भेदों को उनके उदाहरणों के साथ याद करें, खासकर 'मैं', 'तुम', 'वह' जैसे मूल शब्द।

 

प्रश्न 3. निम्न वाक्यों में कौन-सा विशेषण है ?
1. सरिता सुंदर लड़की है।
2. मेज पर दो पुस्तकें पड़ी हैं।
3. कोई स्त्री द्वार पर है।
4. घड़े में बहुत कम पानी है।
Answer:
1. **गुणवाचक विशेषण** – 'सुंदर' शब्द लड़की के गुण को बताता है।
2. **संख्यावाचक विशेषण** – 'दो' शब्द पुस्तकों की गिनती बताता है।
3. **संकेतवाचक विशेषण** – 'कोई' शब्द स्त्री की ओर इशारा करता है।
4. **परिमाणवाचक विशेषण** – 'कम' शब्द पानी की मात्रा बताता है।
In simple words: प्रत्येक वाक्य में एक विशेषण है जो संज्ञा की कोई न कोई विशेषता बताता है, जैसे उसका गुण, संख्या, इशारा या मात्रा।

🎯 Exam Tip: विशेषण के प्रकारों को पहचानते समय, देखें कि वह शब्द संज्ञा के बारे में क्या जानकारी दे रहा है - गुण, संख्या, मात्रा या संकेत।

 

प्रश्न 4. सकर्मक और अकर्मक क्रिया में अंतर बताइये।
Answer: सकर्मक क्रिया वह होती है जिसका प्रभाव कर्ता के साथ-साथ किसी और चीज़ (कर्म) पर भी पड़ता है। जैसे, "वह फल खा रहा है" वाक्य में 'खाना' क्रिया का असर 'फल' पर पड़ता है। वहीं, अकर्मक क्रिया वह होती है जिसका प्रभाव केवल कर्ता तक ही सीमित रहता है और उसका कोई कर्म नहीं होता। जैसे, "वह रो रहा है" वाक्य में 'रोना' क्रिया का फल सिर्फ 'वह' (कर्ता) पर पड़ता है। यह क्रिया कर्ता के कार्य को सीधे दर्शाती है।
In simple words: सकर्मक क्रिया में काम का असर किसी और पर भी होता है, जैसे 'खाना' में फल पर। अकर्मक क्रिया में काम का असर सिर्फ काम करने वाले पर होता है, जैसे 'रोना' में सिर्फ खुद पर।

🎯 Exam Tip: क्रिया के पहले 'क्या' या 'किसको' लगाकर देखें। यदि उत्तर मिलता है, तो वह सकर्मक क्रिया है, अन्यथा अकर्मक।

 

प्रश्न 5. प्रविशेषण और प्रक्रिया-विशेषण में अंतर उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।
Answer: प्रविशेषण वे शब्द होते हैं जो किसी विशेषण की ही विशेषता बताते हैं। उदाहरण के लिए, "वह बहुत सुंदर लड़की है" वाक्य में 'सुंदर' एक विशेषण है और 'बहुत' शब्द 'सुंदर' की विशेषता बता रहा है, इसलिए 'बहुत' एक प्रविशेषण है। इसके विपरीत, प्रक्रिया-विशेषण वे शब्द हैं जो क्रिया-विशेषण की विशेषता बताते हैं। उदाहरण के लिए, "चीता बहुत तेज दौड़ता है" वाक्य में 'तेज' एक क्रिया-विशेषण है जो 'दौड़ता है' क्रिया की विशेषता बता रहा है, और 'बहुत' शब्द 'तेज' क्रिया-विशेषण की विशेषता बताता है, अतः 'बहुत' यहाँ प्रक्रिया-विशेषण है। मुख्य अंतर यह है कि प्रविशेषण विशेषण की तीव्रता बताता है, जबकि प्रक्रिया-विशेषण क्रिया-विशेषण की तीव्रता बताता है।
In simple words: प्रविशेषण ऐसे शब्द होते हैं जो किसी दूसरे विशेषण को और खास बनाते हैं, जैसे 'बहुत सुंदर' में 'बहुत'। प्रक्रिया-विशेषण ऐसे शब्द होते हैं जो किसी क्रिया-विशेषण को और स्पष्ट करते हैं, जैसे 'बहुत तेज दौड़ना' में 'बहुत'।

🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि प्रविशेषण विशेषण के साथ आता है, और प्रक्रिया-विशेषण क्रिया-विशेषण के साथ आता है, जो यह समझने में मदद करता है कि कौन सा शब्द किसे संशोधित कर रहा है।

Free study material for Hindi

Free RBSE Textbook Explanations: Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय

Textbook Solutions for Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय

Access structured RBSE textbook solutions for व्याकरण पद परिचय. Designed in alignment with the latest academic curriculum for Class 12 Hindi, these answers cover all end-of-chapter exercises to support daily learning and homework completion.

Mastering Theoretical and Practical Questions

Clear, methodical explanations accompany every challenging problem within the Class 12 Hindi text. Engaging with these detailed answers lays a solid foundation for advanced learning and improves foundational clarity for upcoming assessments.

Effective Self-Study and Homework Assistance

Frequent review of these structured answers builds strong analytical capabilities and response efficiency. Maximize your academic readiness by combining these textbook solutions with our curated study materials and mock evaluations for Class 12 Hindi.

FAQs

Where can I find the latest RBSE Solutions Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय for the 2026-27 session?

The complete and updated RBSE Solutions Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय is available for free on StudiesToday.com. These solutions for Class 12 Hindi are as per latest RBSE curriculum.

Are the Hindi RBSE solutions for Class 12 updated for the new 50% competency-based exam pattern?

Yes, our experts have revised the RBSE Solutions Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय as per 2026 exam pattern. All textbook exercises have been solved and have added explanation about how the Hindi concepts are applied in case-study and assertion-reasoning questions.

How do these Class 12 RBSE solutions help in scoring 90% plus marks?

Toppers recommend using RBSE language because RBSE marking schemes are strictly based on textbook definitions. Our RBSE Solutions Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय will help students to get full marks in the theory paper.

Do you offer RBSE Solutions Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय in multiple languages like Hindi and English?

Yes, we provide bilingual support for Class 12 Hindi. You can access RBSE Solutions Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय in both English and Hindi medium.

Is it possible to download the Hindi RBSE solutions for Class 12 as a PDF?

Yes, you can download the entire RBSE Solutions Class 12 Hindi व्याकरण पद परिचय in printable PDF format for offline study on any device.