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Detailed Chapter 21 भारत में नियोजन RBSE Solutions for Class 12 Geography
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Class 12 Geography Chapter 21 भारत में नियोजन RBSE Solutions PDF
RBSE Class 12 Geography Chapter 21 बहुचयनात्मक प्रश्न
Question 1. भारतीय नीति आयोग एक है –
(अ) सलाहकारी निकाय
(ब) क्रियान्वयन समिति
(स) सरकारी समिति
(द) विधायी समिति
Answer: (अ) सलाहकारी निकाय
In simple words: भारतीय नीति आयोग सरकार को सलाह देने का काम करता है, यह कोई कानून बनाने या लागू करने वाली संस्था नहीं है।
🎯 Exam Tip: याद रखें कि नीति आयोग (NITI Aayog) एक 'थिंक टैंक' है जो सरकार को सलाह और दिशा-निर्देश देता है, इसका मुख्य कार्य नियोजन में मार्गदर्शन करना है।
Question 2. योजना आयोग का अध्यक्ष होता है –
Answer: Options are missing in the source.
In simple words: The chairman of the Planning Commission is the Prime Minister of India.
🎯 Exam Tip: यह एक महत्वपूर्ण सामान्य ज्ञान का प्रश्न है; योजना आयोग (अब नीति आयोग) का अध्यक्ष हमेशा देश का प्रधानमंत्री होता है।
Question 3. राष्ट्रीय विकास परिषद् का अध्यक्ष होता है –
(अ) प्रधानमन्त्री
(ब) राष्ट्रपति
(स) योजना आयोग का उपाध्यक्ष
(द) केन्द्रीय वित्तमन्त्री
Answer: (अ) प्रधानमन्त्री
In simple words: राष्ट्रीय विकास परिषद् का अध्यक्ष देश का प्रधानमन्त्री होता है, जो देश की विकास योजनाओं को देखता है।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय विकास परिषद् (NDC) का अध्यक्ष भी प्रधानमन्त्री ही होता है, क्योंकि यह परिषद् राज्यों और केंद्र के बीच विकास योजनाओं के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Question 4. चतुर्थ योजना का मॉडल निम्नलिखित में में से किसके मॉडल के आधार पर बनाया गया था?
(अ) प्रो. महालनोबिस
(ब) हेरोड- डोमर
(स) डॉ. वी. वी. भट्ट
(द) ए. एस. मान व अशोक रूद
Answer: (द) ए. एस. मान व अशोक रूद
In simple words: चौथी पंचवर्षीय योजना को ए. एस. मान और अशोक रूद के बताए गए तरीके से तैयार किया गया था।
🎯 Exam Tip: विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं के मॉडल और उनके संबंधित अर्थशास्त्रियों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 5. ग्यारहवीं योजना में विकास दर के पूर्व निर्धारित लक्ष्य प्रतिशत को हटाकर कर दिया है –
(अ) 8 प्रतिशत
(ब) 8.1 प्रतिशत
(स) 8.5 प्रतिशत
(द) 8.7 प्रतिशत
Answer: (ब) 8.1 प्रतिशत
In simple words: ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में विकास की दर का लक्ष्य पहले से तय प्रतिशत से बदलकर 8.1 प्रतिशत कर दिया गया था।
🎯 Exam Tip: पंचवर्षीय योजनाओं के वास्तविक और संशोधित विकास दर लक्ष्यों को नोट करना अक्सर महत्वपूर्ण होता है।
Question 6. सार्वजनिक परिव्यय में ग्यारहवीं योजना में किस क्षेत्र में सर्वाधिक व्यय प्रस्तावित किया गया है?
(अ) ऊर्जा
(स) कृषि तथा सम्बद्ध
Answer: Options (ब) and (द) are missing in the source. Given the common patterns in planning, (अ) ऊर्जा is a likely candidate, but without all options and a clear answer, a definitive choice cannot be made.
In simple words: ग्यारहवीं योजना में सरकार ने सबसे ज्यादा पैसा ऊर्जा के क्षेत्र में खर्च करने की बात कही थी, ताकि देश की बिजली और ऊर्जा की जरूरतें पूरी हो सकें.
🎯 Exam Tip: यह समझना महत्वपूर्ण है कि विभिन्न योजनाओं में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई थी और उन पर कितना खर्च किया गया था।
Question 7. प्रथम पंचवर्षीय योजना में किसे उच्चतम प्राथमिकता प्रदान की गयी?
(अ) कृषि को
(ब) उद्योग को
(स) ऊर्जा को
(द) रोजगार को
Answer: (अ) कृषि को
In simple words: पहली पंचवर्षीय योजना में खेती-बाड़ी को सबसे जरूरी माना गया था, ताकि देश में अनाज की कमी पूरी हो सके।
🎯 Exam Tip: पहली पंचवर्षीय योजना में कृषि और सिंचाई को सबसे अधिक महत्व दिया गया था ताकि खाद्य उत्पादन बढ़ाया जा सके।
Question 8. प्रथम पंचवर्षीय योजना का आधार कौन-सा मॉडल था?
(अ) हैरोड डोमर मॉडल
(ब) महालनोबिस मॉडल
(स) मान व रूद मॉडल
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (अ) हैरोड डोमर मॉडल
In simple words: भारत की पहली पंचवर्षीय योजना हैरोड-डोमर मॉडल पर आधारित थी, जो विकास के लिए निवेश और बचत पर जोर देती है।
🎯 Exam Tip: विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं के अंतर्निहित आर्थिक मॉडलों को समझना महत्वपूर्ण है। हैरोड-डोमर मॉडल पहली योजना के लिए केंद्रीय था।
Question 9. देश में पंचायती राज व्यवस्था का शुभारम्भ किया गया –
(अ) प्रथम पंचवर्षीय योजना में
(ब) द्वितीय पंचवर्षीय योजना में
(स) तृतीय पंचवर्षीय योजना में
(द) चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में
Answer: (ब) द्वितीय पंचवर्षीय योजना में
In simple words: पंचायती राज व्यवस्था को देश में दूसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर शासन को मजबूत करना था।
🎯 Exam Tip: पंचायती राज व्यवस्था के विकास और उसके विभिन्न चरणों को याद रखें, यह भारत के विकेंद्रीकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Question 10. 12 वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि है –
(अ) 1 अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2010
(ब) 1 अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2012
(स) 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017
Answer: (स) 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017
In simple words: बारहवीं पंचवर्षीय योजना 1 अप्रैल 2012 से शुरू होकर 31 मार्च 2017 तक चली थी।
🎯 Exam Tip: सभी पंचवर्षीय योजनाओं की अवधियाँ याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अक्सर परीक्षा में पूछी जाती हैं।
Question 11. सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत कब हुई?
Answer: सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत प्रथम पंचवर्षीय योजना में की गयी। यह योजना गाँवों के सर्वांगीण विकास पर केंद्रित थी, जिसमें कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि शामिल थे।
In simple words: सामुदायिक विकास कार्यक्रम की शुरुआत पहली पंचवर्षीय योजना के समय हुई थी।
🎯 Exam Tip: सामुदायिक विकास कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आत्म-निर्भर बनाना और बुनियादी सुविधाओं का विकास करना था।
Question 12. नीति आयोग का गठन कब हुआ? इसका अध्यक्ष कौन होता है?
Answer: योजना आयोग का गठन केंद्र सरकार द्वारा 15 मार्च 1950 को एक प्रस्ताव द्वारा किया गया था। देश का प्रधानमन्त्री इसका अध्यक्ष होता है। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने योजना आयोग का नाम बदलकर नीति आयोग कर दिया। नीति आयोग एक थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है।
In simple words: योजना आयोग 15 मार्च 1950 को बना था और इसका अध्यक्ष प्रधानमन्त्री होता है। 2016 में इसका नाम नीति आयोग कर दिया गया।
🎯 Exam Tip: नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान) ने योजना आयोग की जगह ली है, और इसके अध्यक्ष हमेशा प्रधानमन्त्री होते हैं।
Question 13. पंचवर्षीय योजना की शुरुआत कब हुई थी?
Answer: भारत में नियोजन की आवश्यकता 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद महसूस की जाने लगी थी। सोवियत संघ जैसे समाजवादी देशों से प्रेरणा लेकर विभिन्न उद्देश्यों के साथ पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत की गयी। भारत ने जुलाई 1951 में पहली पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा प्रकाशित की थी। प्रथम पंचवर्षीय योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 1951 से हुई और इसका कार्यकाल 31 मार्च 1956 तक था।
In simple words: पंचवर्षीय योजनाएँ 1 अप्रैल 1951 को शुरू हुई थीं, आजादी के बाद देश के विकास के लिए इन्हें बनाया गया था।
🎯 Exam Tip: पहली पंचवर्षीय योजना की शुरुआत तिथि और उसके मुख्य उद्देश्य (कृषि विकास) को याद रखना महत्वपूर्ण है।
Question 14. वर्तमान में कौन-सी पंचवर्षीय योजना संचालित है?
Answer: वर्तमान में 12 वीं पंचवर्षीय योजना (2012 – 2017) संचालित है। इसका उद्देश्य तेज, टिकाऊ और अधिक समावेशी विकास प्राप्त करना था।
In simple words: अभी भारत में 12वीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017) चल रही है।
🎯 Exam Tip: ध्यान दें कि 12वीं पंचवर्षीय योजना भारत की आखिरी पंचवर्षीय योजना थी, जिसके बाद नीति आयोग ने इसकी जगह ले ली।
Question 15. मरुस्थलीय विकास कार्यक्रम (DDP) क्या है?
Answer: मरुस्थलीय विकास कार्यक्रम मरुस्थलों के फैलाव को रोकने, स्थानीय संसाधनों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और स्थानीय लोगों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए चलाया गया कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम 1977 – 78 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य लक्ष्य मरुभूमि के पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखना है।
In simple words: DDP एक योजना है जिसका लक्ष्य रेगिस्तान को फैलने से रोकना, वहाँ के लोगों के लिए काम-धंधे बढ़ाना और उनकी कमाई में सुधार करना है। यह 1977-78 में शुरू हुआ था।
🎯 Exam Tip: मरुस्थलीय विकास कार्यक्रम का उद्देश्य, इसकी शुरुआत का वर्ष, और इसके मुख्य लक्ष्य - मरुस्थलीकरण पर नियंत्रण और स्थानीय आजीविका में सुधार - को याद रखें।
Question 1. नियाजन विकास पर टिप्पणा लिखिए।
Answer: नियोजन का अर्थ है किसी कार्य को करने से पहले उसकी तैयारी करना, एक रूपरेखा या योजना बनाना और फिर उसे लागू करना। यह किसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सोची-समझी कोशिश है। भारत में, योजना आयोग और अब नीति आयोग, पंचवर्षीय योजनाओं के माध्यम से विकास नियोजन का कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के संसाधनों का सही उपयोग करके आर्थिक और सामाजिक विकास लाना है।
In simple words: नियोजन मतलब किसी काम को करने से पहले पूरी तैयारी और योजना बनाना, और फिर उसे ठीक से लागू करना।
🎯 Exam Tip: नियोजन की परिभाषा, इसके चरणों (तैयारी, रूपरेखा, क्रियान्वयन) और भारत में इसकी मुख्य संस्थाओं (योजना आयोग/नीति आयोग) को स्पष्ट रूप से समझें।
Question 17. पंचवर्षीय योजनाओं में नियोजन के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
Answer: भारत में नियोजन 1 अप्रैल 1951 को शुरू हुआ था। अब तक 6 एक वर्षीय योजनाओं के साथ 12वीं पंचवर्षीय योजनाएँ चलाई गई हैं। पंचवर्षीय योजनाओं में प्राथमिकताओं के साथ नियोजन शुरू होता है, जिससे सकारात्मक लक्ष्यों को प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है। पंचवर्षीय योजनाओं में नियोजन के महत्व को उसकी निम्न उपलब्धियों से स्पष्ट किया जा सकता है:
1. पंचवर्षीय योजनाओं में कृषि उत्पादन बढ़ा है।
2. उद्योगों का विकास हुआ है।
3. परिवहन एवं संचार सुविधाओं में वृद्धि हुई है।
4. शिक्षा का प्रसार हुआ है।
5. विदेशी व्यापार का आकार का समुचित विस्तार हुआ है।
6. राष्ट्रीय आय, घरेलू बचत और निवेश दरों में वृद्धि हुई है तथा आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
In simple words: पंचवर्षीय योजनाएँ भारत के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण रही हैं। इनसे खेती-बाड़ी, उद्योग, शिक्षा और सड़कों जैसे कई क्षेत्रों में सुधार हुआ है, जिससे देश आर्थिक रूप से मजबूत हुआ है।
🎯 Exam Tip: पंचवर्षीय योजनाओं के महत्व को बताने के लिए मुख्य उपलब्धियों को बिंदुवार प्रस्तुत करें, जैसे कृषि वृद्धि, औद्योगिक विकास, और आधारभूत संरचना का विस्तार।
Question 18. भारत में पाँचवीं पंचवर्षीय योजना पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: पाँचवीं पंचवर्षीय योजना 1 अप्रैल 1974 से 31 मार्च 1978 तक चली थी। इसके मुख्य उद्देश्य थे:
1. निर्धनता का उन्मूलन (गरीबी हटाना)।
2. आर्थिक आत्मनिर्भरता प्राप्त करना।
इन दो मुख्य उद्देश्यों के अलावा, निम्नलिखित अन्य उद्देश्य भी रखे गए थे:
1. कुल घरेलू उत्पाद में 5.5% की वार्षिक वृद्धि दर हासिल करना।
2. उत्पादक रोजगार के अवसरों का विस्तार करना।
3. राष्ट्रीय कार्यक्रम जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवार नियोजन और पोषण पर ध्यान देना।
4. समाज कल्याण के कार्यों को बढ़ावा देना।
वित्त व्यवस्था के लिए 37250 करोड़ रुपये का परिव्यय प्रस्तावित किया गया था। इस योजना की मुख्य उपलब्धियों में अर्थव्यवस्था का मजबूत होना, विकास दर और कृषि-खाद्यान्न उत्पादन में लक्ष्य से अधिक वृद्धि और औद्योगिक उत्पादन में बढ़ोतरी शामिल थी। हालांकि, घाटे की वित्त व्यवस्था के कारण महंगाई बढ़ी। केंद्र में सरकार बदलने के कारण यह योजना अपने तय समय से एक साल पहले 1978 में ही खत्म कर दी गई थी।
In simple words: पांचवीं पंचवर्षीय योजना 1974 से 1978 तक चली। इसका मुख्य लक्ष्य गरीबी हटाना और देश को आत्मनिर्भर बनाना था। इस योजना में कई विकास कार्य हुए, पर सरकार बदलने से इसे एक साल पहले ही खत्म कर दिया गया।
🎯 Exam Tip: पांचवीं पंचवर्षीय योजना के मुख्य लक्ष्यों (गरीबी उन्मूलन, आत्मनिर्भरता), उसकी अवधि और समय से पहले समाप्त होने के कारण पर ध्यान दें।
Question 19. बीस सूत्री कार्यक्रम पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: बीस सूत्री कार्यक्रम की शुरुआत तत्कालीन प्रधानमन्त्री इंदिरा गाँधी ने 1975 में की थी। इसे बाद में 1982 और 1986 में फिर से संगठित किया गया। इस कार्यक्रम में समय-समय पर कई नीतिगत बदलाव किए गए। 2006 में इसे फिर से पुनर्गठित किया गया, जिसके तहत नेशनल कॉमन मिनिमम प्रोग्राम, यूनाइटेड नेशंस और सार्क सोशल चार्टर के मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स के साथ इसे जोड़ा गया। यह पुनर्गठित कार्यक्रम 5 अक्टूबर 2006 को स्वीकृत हुआ और इसे 20 सूत्री कार्यक्रम (TPP 2006) कहा गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गरीबी मिटाना, जीवन की गुणवत्ता सुधारना और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करना था।
In simple words: बीस सूत्री कार्यक्रम 1975 में इंदिरा गाँधी ने शुरू किया था। इसका लक्ष्य गरीबों की मदद करना और देश का विकास करना था। इसे कई बार बदला गया और 2006 में नए सिरे से लागू किया गया।
🎯 Exam Tip: बीस सूत्री कार्यक्रम की शुरुआत का वर्ष, इसके मुख्य उद्देश्य (गरीबी उन्मूलन, जीवन की गुणवत्ता में सुधार) और इसके पुनर्गठन की तिथियों को याद रखें।
Question 20. जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम को समझाइए।
Answer: जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम उन क्षेत्रों के लिए बनाए जाते हैं, जहाँ जनजातीय जनसंख्या 50 प्रतिशत या उससे अधिक पाई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय और अन्य क्षेत्रों के बीच विकास के अंतर को कम करना और जनजातीय जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। इन क्षेत्रों के लिए बनाई जाने वाली उपयोजनाओं में कृषि, बागवानी, पशुपालन, वानिकी, लघु और ग्राम उद्योग, विपणन में सुधार आदि शामिल हैं। इनमें शिक्षा को प्राथमिकता के साथ शुद्ध पेयजल, पर्याप्त आवास, चिकित्सा और पोषण जैसी मूलभूत सुविधाओं को भी शामिल किया जाता है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान आदि में प्रमुख जनजातीय क्षेत्र हैं।
In simple words: जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम उन इलाकों के लिए हैं जहाँ आदिवासी लोग ज्यादा रहते हैं। इसका मकसद आदिवासियों और बाकी लोगों के बीच विकास की दूरी को कम करना और उनकी जिंदगी बेहतर बनाना है।
🎯 Exam Tip: जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के उद्देश्यों (विकास का अंतर कम करना, जीवन स्तर सुधारना) और लक्षित क्षेत्रों में दी जाने वाली सुविधाओं (शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल) को याद रखें।
Question 21. दसवीं पंचवर्षीय योजना का वर्णन कीजिए।
Answer: दसवीं पंचवर्षीय योजना की अवधि 1 अप्रैल 2002 से 31 मार्च 2007 तक थी। इसके लिए निम्नलिखित उद्देश्य और लक्ष्य निर्धारित किए गए थे:
1. विकास दर का लक्ष्य 8 प्रतिशत रखा गया।
2. निर्धनता अनुपात को 19.34 प्रतिशत के स्तर पर लाना।
3. श्रम शक्ति को लाभपूर्ण रोजगार उपलब्ध कराना।
4. प्राथमिक शिक्षा की पहुँच को सर्वव्यापी बनाना।
5. जनसंख्या की दशकीय वृद्धि दर को 16.2 प्रतिशत तक कम करना।
6. साक्षरता प्रतिशत को 75 प्रतिशत तक पहुंचाना।
7. शिशु मृत्युदर और मातृमृत्यु दर को कम करना।
8. वनाच्छादन क्षेत्र को 25 प्रतिशत तक बढ़ाना।
9. लगभग सभी गाँवों को वर्ष 2012 तक पेयजल की सुविधा उपलब्ध करवाना।
10. सभी प्रमुख नदियों को प्रदूषण मुक्त करना।
प्राथमिकता: दसवीं पंचवर्षीय योजना में सर्वोच्च प्राथमिकता ऊर्जा को दी गई थी। इसके अलावा, प्राथमिकताओं का क्रम इस प्रकार था: सामाजिक सेवाएँ (22.8 प्रतिशत) और कृषि एवं आर्थिक क्रियाओं पर 20.1 प्रतिशत परिव्यय।
परिणाम एवं सम्भावनाएँ: यह योजना मानवीय कल्याण कार्यों और जीवन-स्तर में व्यापक सुधार, खाद्यान्न और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं की आपूर्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और स्वच्छता आदि पर केंद्रित थी। योजना का दृष्टिकोण प्रामाणिक, पारदर्शी और परिवर्तनकारी लगा। इसके मूल्यांकन में उद्योग और कृषि विकास, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य, सार्वजनिक निवेश में वृद्धि, केंद्र-राज्यों के वित्तीय साधनों के लिए सुधारात्मक नीतियाँ और क्षेत्रीय विषमताओं को दूर करने के अनुभव शामिल थे।
In simple words: दसवीं पंचवर्षीय योजना 2002 से 2007 तक चली थी। इसका लक्ष्य तेजी से विकास करना, गरीबी कम करना, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार लाना था। इसमें ऊर्जा क्षेत्र को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया था।
🎯 Exam Tip: दसवीं पंचवर्षीय योजना के प्रमुख उद्देश्यों, लक्ष्यों, प्राथमिकताओं और प्रमुख उपलब्धियों को बिंदुवार याद रखें।
Question 22. प्रादेशिक असन्तुलन को समझाइए।
Answer: प्रादेशिक असन्तुलन का मतलब है कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास की असमानताएँ होना। कुछ क्षेत्र बहुत आगे बढ़ जाते हैं, जबकि कुछ अन्य क्षेत्र विकास से बहुत दूर रह जाते हैं। उदाहरण के लिए, वर्तमान में बुन्देलखण्ड क्षेत्र विकास के मामले में अन्य क्षेत्रों से काफी पिछड़ा हुआ है। अविभाजित बिहार और मध्यप्रदेश, जो प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर थे, फिर भी आर्थिक रूप से पिछड़े हुए थे।
अन्तर्दिशिक असमानताओं से सम्बन्धित अध्ययन: के. वी. सुंदरम ने 14 चरों का उपयोग करके भारत के अविकसित और अत्यधिक निम्न वर्ग के क्षेत्रों की पहचान की थी। इसमें देश के पूर्वी, मध्यवर्ती और मध्य-दक्षिणी भाग शामिल थे। इन क्षेत्रों में स्थित महत्वपूर्ण नगरीय केंद्रों को द्वीपों की तरह बिखरे विकास का सूचक माना गया। उन्होंने समस्याग्रस्त क्षेत्रों में निम्न पांच पिछड़े क्षेत्रों की पहचान की है:
1. उत्तरी-पूर्वी भारत।
2. पूर्वी मध्यवर्ती भारत का जनजातीय मेखला।
3. पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं उत्तरी बिहार।
4. उत्तर प्रदेश एवं मध्यप्रदेश का बुन्देलखण्ड क्षेत्र।
5. पारिस्थितिक दृष्टि से असन्तुलित क्षेत्र।
मोनी महोदय (1999) ने 1991 के आंकड़ों के आधार पर 38 चरों की सहायता से जनपदीय स्तर पर देश के विकास के स्तर को मानचित्रित करने का प्रयास किया है। इसमें ऐसे क्षेत्रों की पहचान की गई है जहाँ पिछले बीस वर्षों से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है।
आर्थिक पिछड़ेपन के कारण: योजना आयोग ने आर्थिक पिछड़ेपन के तीन मुख्य कारण बताए हैं:
1. ऐतिहासिक उपेक्षा: कुछ क्षेत्रों को इतिहास में कम महत्व मिला।
2. भौतिक असुविधाएँ: जैसे खराब जलवायु, मिट्टी, स्थलाकृति और पानी की कमी।
3. सामाजिक पिछड़ापन: जैसे जनजातीय क्षेत्र, सीमान्त समूह और उत्पीड़ित समुदाय।
राज्य स्तर पर भी विकास में काफी अंतर देखने को मिलता है। इसका अध्ययन प्रति व्यक्ति आय, शहरीकरण, साक्षरता, गरीबी प्रतिशत, बेरोजगारी, बुनियादी सेवाओं, चिकित्सा और सिंचाई जैसे कारकों की मदद से किया जाता है।
In simple words: प्रादेशिक असन्तुलन का मतलब है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में विकास एक जैसा नहीं होता, कुछ इलाके बहुत आगे निकल जाते हैं जबकि कुछ पिछड़े रह जाते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे इतिहास, प्राकृतिक हालात और सामाजिक पिछड़ापन।
🎯 Exam Tip: प्रादेशिक असन्तुलन की परिभाषा, उसके कारणों और उदाहरणों को याद रखें। उन कारकों पर भी ध्यान दें जिनका उपयोग असन्तुलन का अध्ययन करने के लिए किया जाता है।
Question 23. मरु विकास कार्यक्रम व पर्वतीय विकास कार्यक्रम का वर्णन कीजिए।
Answer:
मरु विकास कार्यक्रम (Desert Development Programme): मरुस्थल दो प्रकार के होते हैं:
1. उष्ण मरुस्थल
2. शीत मरुस्थल
मरु विकास कार्यक्रम कृषि आयोग की सिफारिशों पर 1977-78 में शुरू किया गया था। इसे देश के 7 राज्यों के 40 जिलों के 235 विकास खंडों में लागू किया गया है। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक और राजस्थान शामिल हैं। राजस्थान के 16 जिलों के 85 विकास खंडों में यह कार्यक्रम चल रहा है। इसमें खर्च का सारा भाग केंद्र सरकार वहन करती है। 1995 में इस कार्यक्रम को 'जलसंभर विकास कार्यक्रम' में शामिल कर लिया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य: मरु विकास कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य हैं:
1. मरुस्थल के फैलाव को रोकना।
2. स्थानीय संसाधनों की उत्पादकता को बढ़ाकर लोगों की आय और रोजगार स्तर में वृद्धि करना।
मरुस्थलीकरण को रोकने के उपाय: यह कार्यक्रम मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए ऐसे कार्यक्रमों पर जोर देता है जो पारिस्थितिकी के संतुलन को बनाए रखते हैं। इसके लिए निम्नलिखित उपाय सुझाए गए हैं: सुरक्षा पेटियाँ लगाना, जल संग्रहण तकनीकों को अपनाना और चरागाहों का विकास करना। इसी प्रकार लद्दाख और अन्य शीत प्रधान मरुक्षेत्रों के लिए सिंचित कृषि और पशुपालन पर जोर दिया गया है।
पर्वतीय विकास कार्यक्रम: भारत के कुल क्षेत्रफल के 17 प्रतिशत भाग पर पर्वत हैं, जहाँ देश की लगभग 11 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है। पर्वतीय क्षेत्र दो प्रकार के होते हैं:
1. सम्पूर्ण पर्वतीय क्षेत्र वाले राज्य।
2. आंशिक पर्वतीय क्षेत्र वाले राज्य।
प्रथम श्रेणी में उत्तर-पूर्वी राज्य आते हैं। उत्तर में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड विशिष्ट श्रेणी के राज्य हैं। इनके खर्च का बड़ा भाग केंद्र सरकार वहन करती है। उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास के लिए संसद अधिनियम 1971 द्वारा 'उत्तर-पूर्वी परिषद' का गठन किया गया है। दूसरे वर्ग में असम तथा पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा और केरल में भी पर्वतीय क्षेत्र हैं। यद्यपि इनका विकास राज्य सरकारों का काम है, परंतु केंद्र सरकार उन्हें अलग से वित्तीय सहायता देती है।
पर्वतीय क्षेत्रों के विकास कार्यक्रम: पर्वतीय क्षेत्रों के विकास कार्यक्रमों में बागवानी, बागान कृषि, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, वानिकी, मृदा संरक्षण और ग्रामीण उद्योग शामिल हैं। इनको पैकेज और सहकारिता के आधार पर बढ़ावा दिया जाता है। जैसे-वानिकी कार्यक्रम में बागान कृषि, कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और फलोद्यान को बढ़ावा देना तथा इनके विपणन की व्यवस्था करना आदि। पर्वतीय जनजातीय क्षेत्रों में स्थानान्तरणशील कृषि को स्थायी कृषि तथा कहवा, रबर आदि के कृषकों को स्थायी कृषक बनाने का कार्यक्रम अपेक्षित है।
In simple words: मरु विकास कार्यक्रम रेगिस्तान को फैलने से रोकता है और वहाँ के लोगों को काम देता है। पर्वतीय विकास कार्यक्रम पहाड़ों के इलाकों में विकास करता है, जैसे खेती, पशुपालन और पर्यटन को बढ़ावा देना।
🎯 Exam Tip: मरु और पर्वतीय विकास कार्यक्रमों के उद्देश्यों, शुरुआत के वर्षों और इन क्षेत्रों के लिए विशिष्ट उपायों को याद रखें। दोनों कार्यक्रमों के तहत आने वाले राज्यों के नाम भी महत्वपूर्ण हैं।
Question 24. बारहवीं पंचवर्षीय योजना के लक्ष्य, प्रगति एवं परिणाम की विवेचना कीजिए।
Answer: बारहवीं पंचवर्षीय योजना की अवधि 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 तक थी। इस योजना के लक्ष्यों का विवरण इस प्रकार है:
| लक्ष्य | प्रस्तावित प्रतिशत |
|---|---|
| 1. विकास दर | 9.0 प्रतिशत (इसे बाद में घटाकर 8.2 प्रतिशत कर दिया गया) |
| 6. बचत दर | 36.2 प्रतिशत (जीडीपी के प्रतिशत के रूप में) |
| 7. औसत वार्षिक राजकोषीय घाटा | 3.25 प्रतिशत (जीडीपी के प्रतिशत के रूप में) |
| 8. थोक मूल्य सूचकांक में औसत वार्षिक वृद्धि | 4.5 से 5 प्रतिशत |
इस योजना में गरीबी अनुपात को 10 प्रतिशत से कम करना, आधारभूत संरचना क्षेत्र में निवेश को जीडीपी के 9 प्रतिशत तक लाना और आधारकार्ड पर आधारित बैंकिंग व्यवस्था से सभी सब्सिडी आधारित योजनाओं को प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण योजना से संबंधित करना था। बारहवीं पंचवर्षीय योजना में वार्षिक विकास दर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रधानमन्त्री द्वारा राज्यों से सहयोग की अपेक्षा की गई थी। ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना में थोक मूल्य सूचकांक में औसत वार्षिक वृद्धि लगभग 6.0% अनुमानित थी, जिसे बारहवीं पंचवर्षीय योजना में 4.5 से 5.0% तक सीमित रखने का लक्ष्य है। योजना अवधि में केंद्र सरकार का औसत वार्षिक राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3.25% तक सीमित रखने का लक्ष्य इस योजना और दृष्टिपत्र में निर्धारित किया गया है।
In simple words: बारहवीं पंचवर्षीय योजना 2012 से 2017 तक चली। इसका लक्ष्य विकास दर बढ़ाना, गरीबी कम करना, और आधारभूत संरचना में सुधार लाना था। इसमें राज्यों के सहयोग पर भी जोर दिया गया था।
🎯 Exam Tip: बारहवीं पंचवर्षीय योजना के प्रमुख लक्ष्यों (विकास दर, गरीबी कमी, राजकोषीय घाटा) और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण नीतियों जैसे प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण को याद रखें।
Question 1. राष्ट्रीय विकास परिषद एक –
(अ) संवैधानिक निकाय
(ब) गैर-संवैधानिक निकाय
(स) विधायी समिति
(द) इनमें से कोई नहीं
Answer: (ब) गैर-संवैधानिक निकाय
In simple words: राष्ट्रीय विकास परिषद एक ऐसी संस्था है जिसे संविधान में नहीं बताया गया है, लेकिन यह सरकार के विकास कार्यों में मदद करती है।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय विकास परिषद एक कार्यकारी निकाय है, न कि संवैधानिक या वैधानिक निकाय। इसका कार्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करना है।
Question 2. सामुदायिक विकास कार्यक्रम को अपनाना किस योजना का लक्ष्य था?
Answer: Options are missing in the source.
In simple words: सामुदायिक विकास कार्यक्रम को पहली पंचवर्षीय योजना के दौरान अपनाया गया था।
🎯 Exam Tip: सामुदायिक विकास कार्यक्रम को पहली पंचवर्षीय योजना के हिस्से के रूप में लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक विकास करना था।
Question 3. द्वितीय पंचवर्षीय योजना की रूपरेखा तैयार की गयी थी –
(अ) पी.सी. महालनोबिस द्वारा
(ब) हैरोड-डोमर द्वारा
(स) रोस्टोव द्वारा
(द) वकील एवं ब्रह्मानन्द द्वारा
Answer: (अ) पी.सी. महालनोबिस द्वारा
In simple words: दूसरी पंचवर्षीय योजना की योजना पी.सी. महालनोबिस ने बनाई थी, जिसमें बड़े उद्योगों के विकास पर जोर दिया गया था।
🎯 Exam Tip: दूसरी पंचवर्षीय योजना का 'महालनोबिस मॉडल' भारी उद्योगों पर केंद्रित था, जो भारत के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण था।
Question 4. चौथी पंचवर्षीय योजना का कार्यकाल था –
(अ) 1 अप्रैल 1961 से 31 मार्च 1966 तक
(ब) 1 अप्रैल 1969 से 31 मार्च 1974 तक
(स) 1 अप्रैल 1967 से 31 मार्च 1972 तक
(द) 1 अप्रैल 1974 से 31 मार्च 1979 तक
Answer: (ब) 1 अप्रैल 1969 से 31 मार्च 1974 तक
In simple words: चौथी पंचवर्षीय योजना 1 अप्रैल 1969 से शुरू होकर 31 मार्च 1974 तक चली थी।
🎯 Exam Tip: सभी पंचवर्षीय योजनाओं की अवधि याद रखना महत्वपूर्ण है, ताकि आप सही कार्यकाल बता सकें।
Question 5. मुद्रास्फीति की स्थिति में –
(अ) मूल्य स्तर घटता है।
(ब) मूल्य स्तर बढ़ता है।
(स) मूल्य स्तर स्थिर रहता है।
(द) मूल्य स्तर लोचदार होता है।
Answer: (ब) मूल्य स्तर बढ़ता है।
In simple words: जब मुद्रास्फीति होती है, तो चीजों के दाम बढ़ जाते हैं, यानी रुपये की कीमत कम हो जाती है।
🎯 Exam Tip: मुद्रास्फीति को माल और सेवाओं की कीमतों में सामान्य वृद्धि के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिससे क्रय शक्ति कम हो जाती है।
Question 6. विदेशी आक्रमणों तथा अकाल एवं सूखा किस पंचवर्षीय योजना की समस्याएँ रहीं?
(अ) प्रथम पंचवर्षीय योजना
(स) तृतीय पंचवर्षीय योजना
Answer: Options (ब) and (द) are missing in the source. Based on historical events, foreign invasions, famines, and droughts were significant problems during the Third Five-Year Plan. Therefore, (स) तृतीय पंचवर्षीय योजना is the most likely correct answer.
In simple words: विदेशी हमलों और सूखे जैसी बड़ी समस्याएँ तीसरी पंचवर्षीय योजना के दौरान देश को झेलनी पड़ी थीं।
🎯 Exam Tip: भारत-चीन युद्ध (1962) और भारत-पाक युद्ध (1965) के साथ-साथ गंभीर सूखे के कारण तृतीय पंचवर्षीय योजना अपने लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाई थी, इसलिए इसे 'योजना अवकाश' की अवधि के बाद लाया गया था।
Question 7. निम्न में से कौन-सी पंचवर्षीय योजना समय से एक वर्ष पूर्व ही समाप्त कर दी गयी?
(अ) तृतीय पंचवर्षीय योजना
(ब) पंचम पंचवर्षीय योजना
(स) सप्तम पंचवर्षीय योजना
(द) नवीं पंचवर्षीय योजना
Answer: (ब) पंचम पंचवर्षीय योजना
In simple words: पांचवीं पंचवर्षीय योजना को सरकार बदलने के कारण एक साल पहले ही खत्म कर दिया गया था।
🎯 Exam Tip: पांचवीं पंचवर्षीय योजना, जो 'गरीबी हटाओ' के नारे के साथ शुरू हुई थी, जनता पार्टी सरकार द्वारा 1978 में ही समाप्त कर दी गई थी।
Question 8. डांडेकर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी-1984 का सम्बन्ध किस राज्य से था?
(अ) गुजरात
(ब) उत्तर प्रदेश
(स) तमिलनाडु
(द) महाराष्ट्र
Answer: (द) महाराष्ट्र
In simple words: डांडेकर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी, जो 1984 में बनी थी, महाराष्ट्र राज्य से जुड़ी हुई थी।
🎯 Exam Tip: विभिन्न समितियों और आयोगों के गठन और उनके संबंधित राज्यों या उद्देश्यों को याद रखना सामान्य ज्ञान के लिए महत्वपूर्ण है।
Question 9. आई. जी. पटेल कमेटी-1984 का सम्बन्ध किस राज्य से था?
(अ) गुजरात
(ब) बिहार
(स) उत्तर प्रदेश
(द) मध्यप्रदेश
Answer: (अ) गुजरात
In simple words: आई. जी. पटेल कमेटी, जो 1984 में बनी थी, गुजरात राज्य से संबंधित थी।
🎯 Exam Tip: ध्यान दें कि आई.जी. पटेल कमेटी भी 1984 की है और इसका संबंध गुजरात से है, जबकि डांडेकर कमेटी का संबंध महाराष्ट्र से है।
Question 10. जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम उन क्षेत्रों के लिए बनाए जाते हैं, जहाँ जनजातियों की जनसंख्या –
(अ) 75 प्रतिशत से अधिक हो
(ब) 60 प्रतिशत से अधिक हो
(स) 50 प्रतिशत से अधिक हो
Answer: (स) 50 प्रतिशत से अधिक हो
In simple words: जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम उन इलाकों के लिए हैं जहाँ आधे से ज्यादा लोग आदिवासी समुदाय से आते हैं।
🎯 Exam Tip: जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम की पात्रता मानदंड को याद रखें, जो जनजातीय जनसंख्या के प्रतिशत पर आधारित है।
Question 11. दूर संवेदन तकनीकी द्वारा, हवाई छायाचित्र द्वारा, धरातलीय सर्वेक्षण द्वारा, ये सभी?
(अ) दूर संवेदन तकनीकी द्वारा
(ब) हवाई छायाचित्र द्वारा
(स) धरातलीय सर्वेक्षण द्वारा
(द) ये सभी
Answer: (द) ये सभी
In simple words: दूर संवेदन, हवाई फोटो और जमीन पर सर्वेक्षण - ये सभी तरीके वैज्ञानिक योजना बनाने में मदद करते हैं।
🎯 Exam Tip: वैज्ञानिक नियोजन के लिए उपयोग की जाने वाली विभिन्न तकनीकों (रिमोट सेंसिंग, हवाई फोटोग्राफी, स्थलीय सर्वेक्षण) को समझें, क्योंकि वे डेटा संग्रह में महत्वपूर्ण हैं।
सुमेलन सम्बन्धी प्रश्न
Question 1. निम्नलिखित में स्तम्भ अ को स्तम्भ ब से सुमेलित कीजिए –
| स्तम्भ (अ) (पंचवर्षीय योजना) | स्तम्भ (ब) (कार्यक्रम) |
|---|---|
| (i) द्वितीय | (अ) आरडीपी |
| (ii) पंचम | (ब) जे आर वाई |
| (iii) छठी | (स) मनरेगा |
| (iv) सातवीं | (द) आदर्श ग्राम कार्यक्रम |
| (v) दसवीं | (य) ग्रामीण विकास |
| (vi) ग्यारहवीं | (र) भिलाई इस्पात कारखाने की स्थापना |
| (vii) बारहवीं | (ल) डीएनपी-1 |
Answer: (i) र (ii) ल (iii) अ (iv) ब (v) स (vi) य (vii) द
In simple words: पंचवर्षीय योजनाओं को उनके संबंधित कार्यक्रमों से मिलाया गया है। जैसे दूसरी योजना में भिलाई इस्पात कारखाना बना, पांचवीं में डीएनपी-1, छठी में आरडीपी, सातवीं में जेआरवाई, दसवीं में मनरेगा, ग्यारहवीं में ग्रामीण विकास और बारहवीं में आदर्श ग्राम कार्यक्रम।
🎯 Exam Tip: पंचवर्षीय योजनाओं और उनसे जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों/उपलब्धियों को याद रखना बहुत महत्वपूर्ण है। यह आपको सही मिलान करने में मदद करेगा।
प्रश्न 2. नियोजन के प्रमुख दो रूप कौन-से हैं?
Answer: नियोजन के मुख्य रूप दो हैं: 1. खण्डीय नियोजन (विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाना)। 2. प्रादेशिक नियोजन (किसी क्षेत्र के संसाधनों का उपयोग करके योजना बनाना)।
In simple words: योजना बनाने के दो मुख्य तरीके होते हैं: एक, जब अलग-अलग कामों के लिए योजना बनाते हैं, और दूसरा, जब किसी जगह के लिए खास योजना बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: जब भी नियोजन के प्रकार पूछे जाएं, तो उनके नाम के साथ उनकी संक्षिप्त परिभाषा भी दें, ताकि स्पष्टता बनी रहे।
प्रश्न 3. नियोजन के प्रमुख चरणों का उल्लेख कीजिए।
Answer: नियोजन के मुख्य तीन चरण होते हैं: 1. सबसे पहले, काम की तैयारी करना और भविष्य की योजना बनाना। 2. दूसरा, उन योजनाओं को लागू करना।
In simple words: योजना बनाने में तीन बड़े कदम होते हैं: पहले सोचना और बनाना, फिर उसे लागू करना।
🎯 Exam Tip: नियोजन के चरणों को क्रमबद्ध रूप से बताना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये एक प्रक्रिया के चरण हैं।
प्रश्न 4. खण्डित नियोजन क्या है?
Answer: खण्डित नियोजन का मतलब है कि अर्थव्यवस्था के अलग-अलग हिस्सों जैसे कृषि, उद्योग, व्यापार और सिंचाई के लिए अलग-अलग योजनाएँ बनाना और फिर उन्हें लागू करना।
In simple words: जब हम खेती, उद्योग या व्यापार जैसे अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग योजनाएँ बनाते हैं, तो उसे खण्डित नियोजन कहते हैं।
🎯 Exam Tip: खण्डित नियोजन की परिभाषा देते समय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के उदाहरण अवश्य दें।
प्रश्न 5. प्रादेशिक नियोजन क्या है?
Answer: प्रादेशिक नियोजन का अर्थ है किसी बड़े क्षेत्र को छोटे-छोटे प्रदेशों में बाँटना, और फिर हर प्रदेश के सभी उपलब्ध संसाधनों का सही ढंग से उपयोग करके विकास के कार्यक्रम बनाना और उन्हें लागू करना।
In simple words: प्रादेशिक नियोजन में एक बड़े इलाके को छोटे हिस्सों में बाँटकर, वहाँ के सभी चीजों (संसाधनों) का सही इस्तेमाल करके विकास के लिए योजना बनाई जाती है।
🎯 Exam Tip: प्रादेशिक नियोजन की परिभाषा में 'विस्तृत भूभाग', 'संसाधनों का उपयोग' और 'कार्यक्रम बनाना' जैसे मुख्य शब्दों को शामिल करें।
प्रश्न 7. योजना आयोग का गठन कब किया गया?
Answer: भारत सरकार ने 15 मार्च 1950 को एक प्रस्ताव के माध्यम से योजना आयोग की स्थापना की।
In simple words: भारत सरकार ने योजना आयोग को 15 मार्च 1950 को बनाया था।
🎯 Exam Tip: योजना आयोग के गठन की सही तारीख (15 मार्च 1950) और गठन के तरीके (एक प्रस्ताव द्वारा) का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 8. राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन कब किया गया?
Answer: राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन अगस्त 1952 में किया गया था।
In simple words: राष्ट्रीय विकास परिषद अगस्त 1952 में बनी थी।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय विकास परिषद के गठन का वर्ष और महीना दोनों याद रखें।
प्रश्न 9. राष्ट्रीय विकास परिषद् का प्रमुख कार्य क्या कार्य होता है?
Answer: राष्ट्रीय विकास परिषद का मुख्य काम है, आर्थिक योजना बनाने के लिए योजना आयोग और विभिन्न राज्यों के बीच तालमेल बिठाना।
In simple words: इसका मुख्य काम है योजना आयोग और राज्यों के बीच आर्थिक योजनाओं पर तालमेल बिठाना।
🎯 Exam Tip: 'समन्वय बनाए रखना' और 'आर्थिक नियोजन' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करने से उत्तर प्रभावशाली बनता है।
प्रश्न 10. राष्ट्रीय विकास परिषद का संगठन किस प्रकार होता है?
Answer: राष्ट्रीय विकास परिषद में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और योजना आयोग के सदस्य शामिल होते हैं।
In simple words: इस परिषद में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और योजना आयोग के सदस्य शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय विकास परिषद के प्रमुख सदस्यों के नाम जैसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का उल्लेख करें।
प्रश्न 11. राष्ट्रीय आयोजना परिषद् क्या है? इसका संगठन कैसे होता है?
Answer: राष्ट्रीय आयोजना परिषद हर योजना बनाते समय बनाई जाती है। इसमें देश के जाने-माने इंजीनियर, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री और दूसरे विशेषज्ञ शामिल होते हैं।
In simple words: यह परिषद हर नई योजना के लिए बनती है, जिसमें बड़े-बड़े विशेषज्ञ जैसे इंजीनियर और वैज्ञानिक शामिल होते हैं।
🎯 Exam Tip: आयोजना परिषद के गठन के उद्देश्य और उसमें शामिल होने वाले विशेषज्ञों के प्रकार पर ध्यान दें।
प्रश्न 12. नियोजन का सर्वमान्य उद्देश्य क्या रहा है?
Answer: नियोजन की प्राथमिकताएं समय के साथ बदलती रही हैं। लेकिन, इसका मुख्य उद्देश्य हमेशा विकास करना, चीजों को आधुनिक बनाना, आत्मनिर्भर बनना और समाज में न्याय स्थापित करना रहा है।
In simple words: योजनाओं के लक्ष्य बदलते रहे हैं, लेकिन उनका मुख्य मकसद हमेशा विकास, तरक्की, खुद पर निर्भर रहना और समाज में सबको बराबरी देना रहा है।
🎯 Exam Tip: नियोजन के सर्वमान्य उद्देश्यों में 'विकास', 'आधुनिकीकरण', 'आत्मनिर्भरता' और 'सामाजिक न्याय' जैसे मुख्य बिंदुओं को याद रखना चाहिए।
प्रश्न 15. वकील और ब्रह्मानन्द के मॉडल को किस नाम से जाना जाता है?
Answer: वकील और ब्रह्मानन्द ने जो मॉडल दिया था, उसे 'मजदूरी वस्तुओं के मॉडल' के नाम से जाना जाता है।
In simple words: वकील और ब्रह्मानन्द के मॉडल को 'मजदूरी वस्तुओं का मॉडल' कहते हैं।
🎯 Exam Tip: अर्थशास्त्र में विभिन्न मॉडलों के नाम और उनके प्रतिपादकों को सही से याद करें।
प्रश्न 16. 12वीं पंचवर्षीय योजना में किस पर अधिक बल दिया गया?
Answer: 12वीं पंचवर्षीय योजना में तेज़, सभी को साथ लेकर चलने वाले और स्थायी विकास पर ज़्यादा ज़ोर दिया गया था।
In simple words: इस योजना में तेज़, सबके लिए और लगातार चलने वाले विकास पर ध्यान दिया गया था।
🎯 Exam Tip: पंचवर्षीय योजनाओं के मुख्य फोकस क्षेत्रों को याद रखें, जैसे 12वीं योजना का 'तीव्र, समावेशी व टिकाऊ विकास'।
प्रश्न 17. प्रथम पंचवर्षीय योजना में सर्वोच्च प्राथमिकता किसे दी गयी?
Answer: पहली पंचवर्षीय योजना में खेती और सिंचाई को सबसे ज़्यादा महत्व दिया गया।
In simple words: पहली योजना में खेती और पानी देने के तरीकों को सबसे ऊपर रखा गया।
🎯 Exam Tip: विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं की प्राथमिकताओं को याद रखना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 18. प्रथम पंचवर्षीय योजना में राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय में कितनी वृद्धि हुई?
Answer: पहली पंचवर्षीय योजना के दौरान राष्ट्रीय आय में 18% और हर व्यक्ति की आय में 11% की बढ़ोतरी हुई।
In simple words: पहली योजना में देश की कुल कमाई 18% और हर व्यक्ति की कमाई 11% बढ़ गई।
🎯 Exam Tip: पंचवर्षीय योजनाओं के परिणामों से जुड़े आंकड़ों को सटीक रूप से याद करें।
प्रश्न 19. द्वितीय पंचवर्षीय योजना में किस पर बल दिया गया?
Answer: दूसरी पंचवर्षीय योजना में तेज़ी से उद्योगों को बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया।
In simple words: दूसरी योजना में बहुत तेज़ी से कारखाने लगाने पर ज़ोर दिया गया था।
🎯 Exam Tip: दूसरी पंचवर्षीय योजना का मुख्य जोर 'औद्योगीकरण' पर था, यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है।
प्रश्न 20. तृतीय पंचवर्षीय योजना का मुख्य लक्ष्य क्या था?
Answer: तृतीय पंचवर्षीय योजना का मुख्य लक्ष्य देश को आत्मनिर्भर बनाना और स्वयं स्फूर्त अर्थव्यवस्था की स्थापना करना था।
In simple words: तीसरी योजना का खास मकसद देश को अपने पैरों पर खड़ा करना और खुद चलने वाली अर्थव्यवस्था बनाना था।
🎯 Exam Tip: तीसरी पंचवर्षीय योजना के मुख्य लक्ष्य को 'आत्मनिर्भरता' और 'स्वयं स्फूर्त अर्थव्यवस्था' के संदर्भ में स्पष्ट करें।
प्रश्न 22. योजना अवकाश किसे कहा गया?
Answer: 1966 से 1969 तक की वह अवधि, जब नियमित रूप से कोई पंचवर्षीय योजना नहीं बन पाई, उसे 'योजना अवकाश' कहा जाता है।
In simple words: 1966 से 1969 के बीच जब कोई योजना नहीं बन पाई, उस समय को योजना अवकाश कहते हैं।
🎯 Exam Tip: योजना अवकाश की अवधि (1966-1969) और इसके कारण (नियमित नियोजन का अभाव) को स्पष्ट रूप से बताएं।
प्रश्न 23. चतुर्थ पंचवर्षीय योजना के दो मुख्य उद्देश्य क्या थे?
Answer: चौथी पंचवर्षीय योजना के दो खास लक्ष्य थे: 1. देश का आर्थिक विकास स्थिरता के साथ हो। 2. देश को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
In simple words: चौथी योजना के दो बड़े मकसद थे- देश का विकास स्थिर रहे और हम अपनी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर न रहें।
🎯 Exam Tip: चतुर्थ पंचवर्षीय योजना के उद्देश्यों में 'स्थिरता' और 'आत्मनिर्भरता' प्रमुख बिंदु हैं।
प्रश्न 24. चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में सार्वजनिक क्षेत्र पर परिव्यय कितना था?
Answer: चौथी पंचवर्षीय योजना में सरकारी क्षेत्र के खर्च के लिए 15,902 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे।
In simple words: चौथी योजना में सरकार ने 15,902 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया था।
🎯 Exam Tip: सार्वजनिक क्षेत्र पर परिव्यय के आंकड़े को सही से याद करें।
प्रश्न 25. चतुर्थ पंचवर्षीय योजना की दो कमियाँ बताइए।
Answer: चौथी पंचवर्षीय योजना की दो मुख्य कमियां ये थीं: 1. यह योजना अपने तय किए गए लक्ष्यों को पूरा नहीं कर पाई। 2. देश में बेरोज़गारी की समस्या बढ़ गई।
In simple words: चौथी योजना की दो कमियां थीं- यह अपने लक्ष्य पूरे नहीं कर पाई और देश में बेरोज़गारी बढ़ गई।
🎯 Exam Tip: किसी भी योजना की कमियां बताते समय सीधे और स्पष्ट बिंदुओं का प्रयोग करें।
प्रश्न 26. पंचम पंचवर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य क्या था?
Answer: पांचवीं पंचवर्षीय योजना का मुख्य लक्ष्य गरीबी को खत्म करना और देश को आत्मनिर्भर बनाना था।
In simple words: पांचवीं योजना का खास मकसद गरीबी हटाना और देश को खुद पर निर्भर बनाना था।
🎯 Exam Tip: पांचवीं पंचवर्षीय योजना के मुख्य उद्देश्य- 'गरीबी उन्मूलन' और 'आत्मनिर्भरता' को याद रखना महत्वपूर्ण है।
छठीं पंचवर्षीय योजना का क्या उद्देश्य था?
Answer: छठी पंचवर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य गरीबी को खत्म करना और बेरोज़गारी की दर को घटाना था।
In simple words: छठी योजना का खास मकसद गरीबी खत्म करना और कम लोगों को बेरोजगार करना था।
🎯 Exam Tip: छठी पंचवर्षीय योजना के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट और संक्षिप्त रूप से लिखें।
प्रश्न 29. छठी पंचवर्षीय योजना के दो ऋणात्मक पहलू बताइए।
Answer: छठी पंचवर्षीय योजना के दो नकारात्मक पक्ष थे: 1. इस दौरान विकास की गति 6% कम हो गई थी। 2. देश में विदेशी मुद्रा के लेन-देन को लेकर बड़ी परेशानी आ गई थी।
In simple words: छठी योजना की दो बुरी बातें थीं- विकास कम हुआ (6% घट गया) और देश में विदेशी पैसे की कमी हो गई।
🎯 Exam Tip: नकारात्मक पहलुओं को बताते समय आंकड़ों (जैसे -6% विकास दर) का उपयोग करें, यदि उपलब्ध हों।
प्रश्न 30. छठी पंचवर्षीय योजना का सार्वजनिक क्षेत्र का परिव्यय कितना था?
Answer: छठी पंचवर्षीय योजना में सरकारी क्षेत्र के लिए कुल 97,500 करोड़ रुपये का खर्च तय किया गया था।
In simple words: छठी योजना में सरकार ने 97,500 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया था।
🎯 Exam Tip: सार्वजनिक क्षेत्र के परिव्यय के आंकड़े को सही से प्रस्तुत करें।
प्रश्न 31. छठी पंचवर्षीय योजना में गरीबी एवं बेरोजगारी उन्मूलन हेतु चलाए गए तीन कार्यक्रमों का उल्लेख कीजिए।
Answer: छठी पंचवर्षीय योजना में गरीबी और बेरोज़गारी को खत्म करने के लिए तीन कार्यक्रम चलाए गए: 1. एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP), 2. राष्ट्रीय रोज़गार कार्यक्रम (NREP), और 3. न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम (MNP)।
In simple words: छठी योजना में गरीबी और बेरोज़गारी मिटाने के लिए IRDP, NREP और MNP जैसे तीन कार्यक्रम शुरू किए गए थे।
🎯 Exam Tip: कार्यक्रमों के पूरे नाम के साथ उनके संक्षिप्त रूप (IRDP, NREP, MNP) का भी उल्लेख करें।
प्रश्न 32. सातवीं पंचवर्षीय योजना के प्रमुख उद्देश्य क्या थे?
Answer: सातवीं पंचवर्षीय योजना के मुख्य उद्देश्य थे- आर्थिक विकास करना, चीज़ों को आधुनिक बनाना, आत्मनिर्भरता प्राप्त करना और समाज में न्याय लाना।
In simple words: सातवीं योजना के खास मकसद थे- आर्थिक विकास, आधुनिकीकरण, खुद पर निर्भरता और सामाजिक न्याय।
🎯 Exam Tip: सातवीं योजना के आधारभूत उद्देश्यों को संक्षिप्त और स्पष्ट रूप में लिखें।
प्रश्न 35. सातवी पंचवर्षीय योजना की कोई दो कमियाँ बताइए।
Answer: सातवीं पंचवर्षीय योजना की दो मुख्य कमियां ये थीं: 1. पैसे की कमी के कारण महंगाई बढ़ गई। 2. विदेशी कर्ज का बोझ बढ़ने से भारत कर्ज के जाल में फंस गया।
In simple words: सातवीं योजना की दो कमियां थीं- महंगाई बढ़ गई और देश बहुत कर्ज़दार हो गया।
🎯 Exam Tip: किसी भी योजना की कमियों को बताते समय उनके कारणों और परिणामों का उल्लेख करें।
प्रश्न 36. आठवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान क्या लक्ष्य तय किये गए?
Answer: आठवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान कुछ लक्ष्य तय किए गए थे: आर्थिक शक्ति को विकेंद्रीकृत करना, गरीबी हटाने के कार्यक्रम चलाना, सामाजिक न्याय प्राप्त करना और आर्थिक समानता का रास्ता बनाना।
In simple words: आठवीं योजना में आर्थिक शक्ति को लोगों तक बांटना, गरीबी हटाना, समाज में न्याय और बराबरी लाना जैसे लक्ष्य तय किए गए थे।
🎯 Exam Tip: आठवीं पंचवर्षीय योजना के लक्ष्यों को प्रमुख बिंदुओं में प्रस्तुत करें।
प्रश्न 37. प्रधानमन्त्री विशेष कार्य योजना (SAP) - की प्राथमिकताएँ क्या थीं?
Answer: प्रधानमंत्री की विशेष कार्य योजना की तीन मुख्य प्राथमिकताएँ थीं: 1. भोजन और कृषि को बेहतर बनाना। 2. सूचना प्रौद्योगिकी (कंप्यूटर और इंटरनेट) का विकास करना। 3. सभी को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराना।
In simple words: प्रधानमंत्री की खास योजना में तीन चीजें सबसे ज़रूरी थीं: खेती और खाने में सुधार, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का विकास, और पीने के पानी की व्यवस्था।
🎯 Exam Tip: योजनाओं की प्राथमिकताओं को सूचीबद्ध करना और उन्हें स्पष्ट रूप से समझाना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 38. प्रधानमन्त्री विशेष कार्य योजना के लिए कितने धन का प्रावधान किया गया?
Answer: प्रधानमंत्री की विशेष कार्य योजना के लिए 21,946 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था।
In simple words: इस खास योजना के लिए 21,946 करोड़ रुपये दिए गए थे।
🎯 Exam Tip: योजनाओं के लिए आवंटित राशि को सटीक रूप से याद रखें।
प्रश्न 40. दसवीं पंचवर्षीय योजना में किन उपेक्षित मुद्दों पर जोर दिया गया।
Answer: दसवीं पंचवर्षीय योजना में कुछ खास मुद्दों पर ध्यान दिया गया: ई-गवर्नेस (सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करना) को बेहतर बनाना, निवेशकों के लिए अच्छा माहौल बनाना, देश के अंदर व्यापार की रुकावटों को हटाना, और पंचायतों को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से मज़बूत बनाना।
In simple words: दसवीं योजना में ऑनलाइन सरकारी काम, निवेशकों को सुविधा, देश में व्यापार की रुकावटें हटाना और पंचायतों को मज़बूत बनाने पर ध्यान दिया गया।
🎯 Exam Tip: दसवीं योजना के उपेक्षित मुद्दों में 'ई-गवर्नेस', 'निवेशकों का माहौल' और 'पंचायतों का सशक्तिकरण' जैसे कीवर्ड्स को शामिल करें।
प्रश्न 41. ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य क्या था?
Answer: ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य तेज़ और सभी को साथ लेकर चलने वाला विकास करना था।
In simple words: ग्यारहवीं योजना का मकसद तेज़ और सबको फायदा देने वाला विकास करना था।
🎯 Exam Tip: ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य 'तीव्र व समावेशी विकास' को संक्षिप्त में बताएं।
प्रश्न 42. क्षेत्रीय नियोजन के कितने प्रकार हैं?
Answer: क्षेत्रीय नियोजन के दो मुख्य प्रकार होते हैं: 1. एक-स्तरीय नियोजन, और 2. बहु-स्तरीय नियोजन।
In simple words: क्षेत्र के लिए योजना बनाने के दो तरीके हैं: एक-स्तरीय (एक ही जगह से योजना) और बहु-स्तरीय (कई जगहों से योजना)।
🎯 Exam Tip: क्षेत्रीय नियोजन के दो प्रकारों के नाम याद रखें।
प्रश्न 43. एक स्तरीय नियोजन क्या है?
Answer: एक-स्तरीय नियोजन में सारे फ़ैसले देश के स्तर पर लिए जाते हैं, और उन्हें लागू करने के लिए निचले क्षेत्रीय स्तरों की मदद ली जाती है।
In simple words: एक-स्तरीय योजना में सारे बड़े फैसले देश की सरकार लेती है, और छोटे स्तर पर उन्हें लागू किया जाता है।
🎯 Exam Tip: एक-स्तरीय नियोजन की परिभाषा में 'राष्ट्रीय स्तर पर निर्णय' और 'निचले क्षेत्रीय स्तरों पर क्रियान्वयन' को स्पष्ट करें।
प्रश्न 44. बहुस्तरीय नियोजन क्या है?
Answer: बहु-स्तरीय नियोजन में देश को अलग-अलग छोटे-छोटे क्षेत्रों में बांटा जाता है, और फिर हर स्तर पर योजनाएँ बनाई जाती हैं। ये सभी क्षेत्र एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं।
In simple words: बहु-स्तरीय योजना में देश को कई हिस्सों में बांटकर हर हिस्से के लिए योजना बनाई जाती है, और सभी हिस्से एक साथ काम करते हैं।
🎯 Exam Tip: बहुस्तरीय नियोजन की परिभाषा में 'विभिन्न स्तरों की इकाइयाँ' और 'एक-दूसरे की पूरक' होने का उल्लेख करें।
प्रश्न 46. मरुस्थलीकरण क्या है?
Answer: मरुस्थलीकरण उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें रेगिस्तानी इलाके लगातार फैलते चले जाते हैं।
In simple words: जब रेगिस्तान का इलाका लगातार बढ़ता जाता है, तो उसे मरुस्थलीकरण कहते हैं।
🎯 Exam Tip: मरुस्थलीकरण की परिभाषा में 'रेगिस्तानी क्षेत्रों का फैलाव' और 'लगातार' शब्द का प्रयोग करें।
प्रश्न 47. मरुस्थलीकरण को रोकने के तीन आयाम क्या हैं?
Answer: मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए तीन मुख्य बातों पर ध्यान देना ज़रूरी है: 1. प्रकृति के संतुलन को फिर से स्थापित करना। 2. रेत के टीलों को एक जगह स्थिर करना। 3. मिट्टी और पानी का बचाव करना।
In simple words: रेगिस्तान को फैलने से रोकने के लिए तीन काम ज़रूरी हैं- प्रकृति का संतुलन बनाना, रेत के टीलों को रोकना और मिट्टी-पानी बचाना।
🎯 Exam Tip: मरुस्थलीकरण रोकने के आयामों को स्पष्ट बिंदुओं में लिखें।
प्रश्न 48. मरुस्थलीकरण को रोकने के तीन उपाय बताइए।
Answer: मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए तीन तरीके ये हैं: 1. सुरक्षा के लिए पेड़ों की कतारें लगाना (सुरक्षा पेटियाँ)। 2. पानी बचाने के नए तरीके अपनाना। 3. जानवरों के चरने के लिए चरागाहों को विकसित करना।
In simple words: रेगिस्तान को रोकने के लिए पेड़ लगाना, पानी बचाना और घास के मैदान बनाना ज़रूरी है।
🎯 Exam Tip: मरुस्थलीकरण रोकने के उपायों को क्रियाशील शब्दों में प्रस्तुत करें।
प्रश्न 49. मरुस्थल विकास कार्यक्रम की शुरुआत कब और किससे द्वारा हुई।
Answer: मरुस्थल विकास कार्यक्रम की शुरुआत 1977-78 में कृषि आयोग की सिफारिशों के आधार पर हुई थी।
In simple words: यह कार्यक्रम कृषि आयोग की सलाह पर 1977-78 में शुरू हुआ था।
🎯 Exam Tip: कार्यक्रम की शुरुआत का वर्ष और संबंधित संस्था का नाम दोनों का उल्लेख करें।
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में परिगणित जनजातियों की जनसंख्या कितनी थी?
Answer: 2011 की जनगणना के हिसाब से भारत में कुल 182.81 लाख लोग अनुसूचित जनजाति के थे।
In simple words: 2011 की जनगणना के मुताबिक, देश में 182.81 लाख अनुसूचित जनजाति के लोग थे।
🎯 Exam Tip: जनगणना के आंकड़ों को सटीक रूप से याद करें और 'लाख' जैसे माप की इकाई का सही से उपयोग करें।
प्रश्न 52. जनजातीय विकास कार्यक्रम के दो उद्देश्य बताइए।
Answer: जनजातीय विकास कार्यक्रम के दो मुख्य लक्ष्य हैं: 1. आदिवासी और दूसरे इलाकों के विकास के अंतर को कम करना। 2. आदिवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना।
In simple words: इस कार्यक्रम का मकसद आदिवासी और दूसरे इलाकों के विकास का फर्क कम करना और आदिवासियों का जीवन बेहतर बनाना है।
🎯 Exam Tip: जनजातीय विकास कार्यक्रम के उद्देश्यों को स्पष्ट और केंद्रित बिंदुओं में प्रस्तुत करें।
प्रश्न 53. राजस्थान के किन जिलों में जनजातीय विकास कार्यक्रम चल रहा है?
Answer: राजस्थान के पांच ज़िलों- डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर और सिरोही की 19 तहसीलें और 23 पंचायत समितियां हैं, जहाँ जनजातीय विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
In simple words: राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर और सिरोही ज़िलों में यह कार्यक्रम चल रहा है।
🎯 Exam Tip: जिलों के नाम के साथ, तहसील और पंचायत समितियों की संख्या भी बताना उचित होगा, यदि प्रश्न में विवरण पूछा जाए।
प्रश्न 54. जनजातीय विकास कार्यक्रम हेतु क्षेत्र को कितने स्तरों में बाँटा जाता है?
Answer: जनजातीय विकास कार्यक्रम के लिए आदिवासी क्षेत्रों को तीन स्तरों में बांटा जाता है: 1. बड़े आदिवासी आबादी वाले क्षेत्र। 2. मध्यम स्तर के तहसील क्षेत्र। 3. छोटे स्तर के विकास खंड।
In simple words: आदिवासी विकास के लिए इलाकों को तीन हिस्सों में बांटा जाता है: बड़े इलाके, तहसील और छोटे विकास खंड।
🎯 Exam Tip: जनजातीय क्षेत्रों के विभाजन के स्तरों को उनके नाम के साथ स्पष्ट करें।
प्रश्न 55. भारत में पर्वतीय क्षेत्र का विस्तार कितना है?
Answer: भारत का पहाड़ी क्षेत्र देश के कुल क्षेत्रफल का 17% हिस्सा है।
In simple words: भारत में पहाड़ी इलाके देश के कुल ज़मीन के 17% हिस्से पर फैले हैं।
🎯 Exam Tip: पर्वतीय क्षेत्र के विस्तार को प्रतिशत में व्यक्त करते समय आंकड़ा सटीक रखें।
प्रश्न 57. भारत में सम्पूर्ण पर्वतीय क्षेत्र के विशिष्ट राज्य कौन-से हैं?
Answer: भारत में पूरे पहाड़ी क्षेत्र के खास राज्य हैं- उत्तर-पूर्वी राज्य, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड। इन्हें विशेष श्रेणी के राज्य कहा जाता है।
In simple words: भारत में उत्तर-पूर्व के राज्य, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य हैं, जिन्हें खास राज्य माना जाता है।
🎯 Exam Tip: विशिष्ट श्रेणी के पर्वतीय राज्यों के नाम याद रखना महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 58. पूर्वी पर्वतीय राज्यों के विकास के लिए भारत सरकार ने क्या किया है?
Answer: भारत सरकार ने 1971 के संसद अधिनियम के तहत उत्तर-पूर्वी पहाड़ी राज्यों के विकास के लिए 'उत्तर-पूर्वी परिषद' का गठन किया है।
In simple words: सरकार ने 1971 में 'उत्तर-पूर्वी परिषद' बनाई ताकि उत्तर-पूर्वी पहाड़ी राज्यों का विकास हो सके।
🎯 Exam Tip: उत्तर-पूर्वी परिषद के गठन का वर्ष और संबंधित अधिनियम का उल्लेख करें।
प्रश्न 59. उत्तर-पूर्वी परिषद ने उत्तर-पूर्वी पर्वतीय राज्यों के विकास के लिए क्या किया है?
Answer: उत्तर-पूर्वी परिषद ने बिजली बनाने, सड़कें बनाने, खेती, पशुपालन और मछली पालन जैसे कामों को बढ़ावा देकर उत्तर-पूर्वी पहाड़ी राज्यों के विकास में बहुत मदद की है।
In simple words: इस परिषद ने बिजली, सड़कें, खेती, पशुपालन और मछली पालन जैसे कई क्षेत्रों में काम करके उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास में मदद की है।
🎯 Exam Tip: परिषद द्वारा किए गए विभिन्न विकास कार्यों को सूचीबद्ध करें।
प्रश्न 60. पर्वतीय क्षेत्रों के प्रमुख विकास कार्यक्रमों के नाम बताइए।
Answer: पहाड़ी क्षेत्रों के मुख्य विकास कार्यक्रम हैं- बागवानी, बागान कृषि, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, वन उगाना, मिट्टी बचाना और गाँव के उद्योग-धंधे।
In simple words: पहाड़ी इलाकों में बागवानी, खेती, पशुपालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, पेड़ लगाना और गाँव के छोटे उद्योग जैसे विकास कार्यक्रम चलाए जाते हैं।
🎯 Exam Tip: पर्वतीय क्षेत्रों के विकास कार्यक्रमों के नाम याद रखें और संक्षिप्त रूप में उनका उल्लेख करें।
प्रश्न 61. पर्वतीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त दो उद्योगों के नाम बताइए।
Answer: पहाड़ी इलाकों के लिए दो खास उद्योग ये हैं: 1. छोटे-छोटे उद्योग जैसे गलीचा बनाना और हाथ से कपड़ा बुनना। 2. पर्यटन उद्योग।
In simple words: पहाड़ों में गलीचा बनाने और हाथ से बुनाई जैसे छोटे उद्योग और टूरिज्म (पर्यटन) बहुत काम के हैं।
🎯 Exam Tip: पर्वतीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त उद्योगों के नाम और उनके प्रकार (जैसे कुटीर उद्योग, पर्यटन) को स्पष्ट करें।
Rbse Class 12 Geography Chapter 21 लघुत्तरात्मक प्रश्न (SA-I)
प्रश्न 1. भारत में नियोजन कार्य के बारे में बताइए।
Answer: भारत में नियोजन की व्यवस्था केंद्रीय है, और यह काम योजना आयोग को सौंपा गया है। योजना आयोग एक सरकारी संस्था है, जिसका मुखिया प्रधानमंत्री होता है और इसमें एक उपाध्यक्ष व कई सदस्य होते हैं। भारत में नियोजन का काम मुख्य रूप से पंचवर्षीय योजनाओं के जरिए होता है। अब तक 11 पंचवर्षीय योजनाएं और 6 वार्षिक योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वर्तमान में, 12वीं पंचवर्षीय योजना 1 अप्रैल 2012 से शुरू हुई थी और यह 31 मार्च 2017 तक चली।
In simple words: भारत में योजना बनाने का काम केंद्र सरकार का है, जो योजना आयोग करता था। प्रधानमंत्री इसके मुखिया होते थे। देश में अब तक 11 पंचवर्षीय और 6 वार्षिक योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। 12वीं योजना 2012 से 2017 तक चली।
🎯 Exam Tip: भारत में नियोजन की केंद्रीय व्यवस्था, योजना आयोग की भूमिका, और पंचवर्षीय योजनाओं की संख्या का उल्लेख करें।
प्रश्न 2. नियोजन क्या है? इसके लक्ष्य क्या हैं?
Answer: नियोजन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें किसी क्षेत्र के सभी संसाधनों का सबसे अच्छे तरीके से इस्तेमाल करके आर्थिक विकास हासिल किया जाता है। यह कुछ खास लक्ष्यों को पाने के लिए एक व्यवस्थित, सोच-समझकर और लगातार किया जाने वाला प्रयास है। इसके मुख्य लक्ष्य हैं: 1. जो है और जो चाहते हैं, उसके बीच के अंतर को कम करना। 2. देश को आत्मनिर्भर बनाना। 3. देश के अंदर और अलग-अलग क्षेत्रों के बीच की असमानताओं को कम करना। 4. लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना।
In simple words: नियोजन का मतलब है किसी जगह की चीजों का अच्छे से इस्तेमाल करके तरक्की करना। इसके खास लक्ष्य हैं- अपने सपने पूरे करना, आत्मनिर्भर बनना, हर जगह बराबरी लाना और लोगों का जीवन अच्छा बनाना।
🎯 Exam Tip: नियोजन की परिभाषा के साथ-साथ उसके प्रमुख लक्ष्यों को स्पष्ट बिंदुओं में प्रस्तुत करें।
प्रश्न 3. भारत जैसे विकासशील देशों में नियोजन की आवश्यकता क्यों है?
Answer: भारत जैसे विकासशील देशों में योजना बनाने की ज़रूरत इन कारणों से है: 1. लोगों की गरीबी खत्म करने के लिए। 2. देश की कुल कमाई और हर व्यक्ति की कमाई बढ़ाने के लिए। 3. अमीर-गरीब के बीच आय और संपत्ति के अंतर को कम करने के लिए। 4. ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए। 5. देश का हर तरफ से विकास करने के लिए।
In simple words: भारत जैसे देशों को योजनाएं इसलिए चाहिए ताकि गरीबी हटे, कमाई बढ़े, बराबरी आए, नौकरी मिले और देश का हर तरह से विकास हो।
🎯 Exam Tip: विकासशील देशों में नियोजन की आवश्यकता के कारणों को तार्किक बिंदुओं में बताएं।
प्रश्न 5. नीति आयोग की वर्तमान संरचना को स्पष्ट कीजिए।
Answer: नीति आयोग की मौजूदा बनावट इस तरह है: 1. अध्यक्ष - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो इस पद पर होने के कारण अध्यक्ष हैं। 2. उपाध्यक्ष - अरविंद पनगढ़िया। 3. पूर्णकालिक सदस्य - नई दिल्ली के सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के प्रोफेसर विवेक और DRDO के पूर्व प्रमुख वी. के. सारस्वत। 4. पदेन सदस्य - राजनाथ सिंह (गृह मंत्री), अरुण जेटली (वित्त और कॉर्पोरेट मामले मंत्री व सूचना प्रसारण मंत्री), सुरेश प्रभु (रेल मंत्री) और राधामोहन सिंह (कृषि मंत्री)। 5. विशेष आमंत्रित सदस्य - नितिन गडकरी (सड़क परिवहन और जहाजरानी मंत्री), स्मृति ईरानी और थावर चंद गहलोत (सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री)। 6. अधिशासी परिषद के अन्य सदस्य - सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल। 7. मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) - सिंधुश्री खुल्लर (IAS)।
In simple words: नीति आयोग में प्रधानमंत्री अध्यक्ष होते हैं, एक उपाध्यक्ष होता है, और कुछ पूरे समय के सदस्य होते हैं। इसके अलावा, कुछ केंद्रीय मंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल भी इसके सदस्य होते हैं। इसका एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी भी होता है।
🎯 Exam Tip: नीति आयोग की संरचना में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पूर्णकालिक सदस्य, पदेन सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य, अधिशासी परिषद और CEO का उल्लेख करें।
प्रश्न 6. राष्ट्रीय विकास परिषद के प्रमुख कार्यों को बताइए।
Answer: राष्ट्रीय विकास परिषद के मुख्य काम ये हैं: 1. देश की योजना की समीक्षा करना, जांच करना, उसे अंतिम रूप देना और अपनी मंजूरी देना। 2. योजना आयोग को उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सलाह देना। 3. विकास के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर सोचना। 4. योजनाओं के लागू होने के तरीके का समय-समय पर आकलन करना।
In simple words: राष्ट्रीय विकास परिषद के मुख्य काम हैं- योजनाओं की जांच और मंजूरी देना, योजना आयोग को सलाह देना, विकास के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर सोचना, और योजनाओं के काम की जांच करते रहना।
🎯 Exam Tip: राष्ट्रीय विकास परिषद के कार्यों को बिंदुवार लिखें और 'समीक्षा', 'परामर्श' और 'मूल्यांकन' जैसे मुख्य शब्दों का प्रयोग करें।
प्रश्न 8. प्रथम पंचवर्षीय योजना के समय देश के सामने क्या-क्या समस्याएँ थीं?
Answer: पहली पंचवर्षीय योजना के दौरान देश के सामने ये मुख्य समस्याएं थीं: 1. दूसरे विश्वयुद्ध और देश के बंटवारे के कारण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बिखर गई थी। 2. शरणार्थियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही थी। 3. महंगाई एक बड़ी समस्या थी। 4. खाने-पीने की चीज़ों की कमी भी थी।
In simple words: पहली योजना के समय देश में बड़ी समस्याएं थीं- युद्ध और बंटवारे से अर्थव्यवस्था खराब थी, बहुत सारे शरणार्थी आ रहे थे, महंगाई थी और खाने की कमी भी थी।
🎯 Exam Tip: प्रथम पंचवर्षीय योजना के समय की समस्याओं को ऐतिहासिक संदर्भ के साथ प्रस्तुत करें।
प्रश्न 9. प्रथम पंचवर्षीय योजना की क्या प्राथमिकताएँ थीं?
Answer: पहली पंचवर्षीय योजना की प्राथमिकताएं इस प्रकार थीं: 1. कृषि और सिंचाई को सबसे ज़्यादा महत्व दिया गया (कुल खर्च का एक-चौथाई हिस्सा इसके लिए रखा गया)। 2. बिजली पैदा करने के साधनों को विकसित करना। 3. उद्योगों का विकास करना। 4. समाज कल्याण के काम जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा और सामाजिक सुरक्षा पर ध्यान देना।
In simple words: पहली योजना में सबसे ज़रूरी काम थे- खेती और सिंचाई, बिजली बनाना, उद्योगों का विकास करना और समाज की भलाई के काम जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना।
🎯 Exam Tip: प्रथम पंचवर्षीय योजना की प्राथमिकताओं को स्पष्ट और क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करें।
प्रश्न 11. छठी पंचवर्षीय योजना के क्या लक्ष्य निर्धारित किए गए?
Answer: छठी पंचवर्षीय योजना में गरीबी और बेरोज़गारी को खत्म करने के लिए ये लक्ष्य तय किए गए थे: 1. सालाना विकास दर को 5.2% तक बढ़ाना। 2. हर व्यक्ति की आय में 3.3% की बढ़ोतरी करना। 3. उद्योगों के विकास की दर को 8.9% तक बढ़ाना। 4. कृषि के विकास की दर को सालाना 4% तक बढ़ाना। 5. सेवा क्षेत्र की सालाना विकास दर को 5.2% तक बढ़ाना।
In simple words: छठी योजना में गरीबी और बेरोज़गारी खत्म करने के लिए कुछ लक्ष्य थे- विकास दर बढ़ाना, हर व्यक्ति की कमाई बढ़ाना, उद्योगों, खेती और सेवा क्षेत्र का विकास बढ़ाना।
🎯 Exam Tip: छठी पंचवर्षीय योजना के लक्ष्यों को प्रतिशत और संबंधित क्षेत्रों के साथ सटीक रूप से प्रस्तुत करें।
प्रश्न 12. सातवीं पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य बताइए।
Answer: सातवीं पंचवर्षीय योजना में आर्थिक विकास, आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक न्याय जैसे मुख्य उद्देश्यों के साथ-साथ ये खास उद्देश्य भी रखे गए थे: 1. अनाज का उत्पादन बढ़ाना। 2. ज़्यादा से ज़्यादा नौकरी के अवसर पैदा करना। 3. उत्पादकता को बढ़ाना।
In simple words: सातवीं योजना के मुख्य लक्ष्य थे- आर्थिक विकास, आधुनिकता, खुद पर निर्भरता और सामाजिक न्याय। इसके साथ ही, अनाज उत्पादन बढ़ाना, नौकरियां पैदा करना और काम की क्षमता बढ़ाना भी ज़रूरी था।
🎯 Exam Tip: सातवीं पंचवर्षीय योजना के मुख्य और अतिरिक्त उद्देश्यों दोनों का उल्लेख करें।
प्रश्न 13. सातवीं पंचवर्षीय योजना के लक्ष्य बताइए।
Answer: सातवीं पंचवर्षीय योजना में गरीबी, बेरोज़गारी और क्षेत्रीय असमानता की समस्याओं को हल करने के लिए ये लक्ष्य तय किए गए थे: 1. गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले 37% लोगों की संख्या को घटाकर 25.8% पर लाना। 2. सालाना विकास दर को 5% तक बढ़ाना। 3. अनाज का उत्पादन 18.3 करोड़ टन तक करना। 4. उद्योगों के विकास की दर को 8% तक बढ़ाना। 5. निवेश की दर 25.9% और बचत की दर 24.4% तक बढ़ाना।
In simple words: सातवीं योजना में गरीबी, बेरोज़गारी और क्षेत्रीय असमानता दूर करने के लिए कुछ लक्ष्य थे- गरीबी कम करना, विकास दर 5% करना, अनाज उत्पादन बढ़ाना, उद्योगों का विकास 8% करना और निवेश-बचत दर बढ़ाना।
🎯 Exam Tip: सातवीं पंचवर्षीय योजना के लक्ष्यों को आंकड़ों और प्रतिशत के साथ सटीक रूप से प्रस्तुत करें।
Question 15. नवीं पंचवर्षीय योजना के प्रमुख क्षेत्र क्या थे?
Answer: नवीं पंचवर्षीय योजना ने कुछ खास क्षेत्रों पर ध्यान दिया। ये क्षेत्र थे: वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाना; राज्य और केंद्र सरकारों के राजकोषीय घाटे को लंबे समय के लिए कम करना; निर्यात को बढ़ाना; बुनियादी ढाँचे को मात्रा और गुणवत्ता दोनों तरह से सुधारना; पर्यावरण असंतुलन को ठीक करना; पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करके लोगों की भागीदारी बढ़ाना; और विदेशी निवेश को बढ़ावा देना।
In simple words: नवीं योजना में वित्तीय सुधार, राजकोषीय घाटा कम करना, निर्यात बढ़ाना, बुनियादी ढाँचा सुधारना, पर्यावरण बचाना, पंचायती राज मजबूत करना और विदेशी निवेश बढ़ाना मुख्य प्राथमिकताएँ थीं।
🎯 Exam Tip: जब भी योजना के प्रमुख क्षेत्रों या उद्देश्यों के बारे में पूछा जाए, तो लक्ष्यों को एक सुव्यवस्थित सूची में प्रस्तुत करें और प्रत्येक बिंदु को संक्षेप में स्पष्ट करें।
Question 16. दसवीं पंचवर्षीय योजना में राष्ट्रीय विकास परिषद् की किन उपसमितियों का गठन किया गया?
Answer: दसवीं पंचवर्षीय योजना में राष्ट्रीय विकास परिषद ने चार उप-समितियाँ बनाने का एलान किया। ये उप-समितियाँ ई-गवर्नेस को सुधारने, निवेशकों के लिए अच्छा माहौल बनाने, देश में आंतरिक व्यापार की रुकावटें हटाने और पंचायतों को वित्तीय व प्रशासनिक रूप से मजबूत करने पर केंद्रित थीं।
In simple words: दसवीं योजना में राष्ट्रीय विकास परिषद ने चार उप-समितियाँ बनाईं, जो ई-गवर्नेस, निवेश का माहौल, व्यापार बाधाएँ और पंचायतों को मजबूत करने पर केंद्रित थीं।
🎯 Exam Tip: परिषद की उपसमितियों के गठन का उद्देश्य और उन विशिष्ट क्षेत्रों को याद रखें जिन पर उन्होंने ध्यान केंद्रित किया था।
Question 17. ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश डालिए।
Answer: ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के मुख्य बिंदुओं में दशकीय वृद्धि दर को घटाकर 16.2 प्रतिशत तक कम करना और कुल प्रजनन दर को 2.1 तक लाना शामिल था।
In simple words: ग्यारहवीं योजना के मुख्य बिंदु दशकीय वृद्धि दर को 16.2% तक कम करना और कुल प्रजनन दर को 2.1 तक लाना थे।
🎯 Exam Tip: योजनाओं के विशिष्ट संख्यात्मक लक्ष्यों को सटीक रूप से याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये अक्सर सीधे पूछे जाते हैं।
Question 18. भारत जैसे देश में बहुस्तरीय नियोजन की आवश्यकता क्यों है?
Answer: भारत जैसे देश में बहुस्तरीय नियोजन कई कारणों से जरूरी है। पहला, भारत एक लोकतांत्रिक और संघीय देश है जहाँ राज्यों को कई मामलों में आजादी मिली है, और वे योजनाएं लागू करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। दूसरा, केंद्रीय नियोजन से क्षेत्रीय असमानता बढ़ गई है और निचले स्तर की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया है; बहुस्तरीय नियोजन इन मुद्दों को हल कर सकता है। तीसरा, यह देश में गरीबी को कम करने का एक तरीका हो सकता है, और इसमें लोगों की सीधी भागीदारी समस्या का समाधान करने में मदद कर सकती है।
In simple words: भारत में राज्यों की स्वायत्तता, केंद्रीय नियोजन से क्षेत्रीय असमानता और गरीबी दूर करने के लिए बहुस्तरीय नियोजन जरूरी है, जिसमें लोगों की सीधी भागीदारी भी शामिल है।
🎯 Exam Tip: बहुस्तरीय नियोजन के महत्व को बताते हुए, संघीय ढांचे, क्षेत्रीय विषमताओं और जनभागीदारी जैसे प्रमुख बिंदुओं को अवश्य शामिल करें।
Question 19. भारत के प्रमुख जनजातीय क्षेत्रों का जनजाति जनसंख्या प्रतिशतानुसार वर्णन कीजिए।
Answer: भारत के पूर्वोत्तर राज्य और कुछ अन्य क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ जनजातीय आबादी ज्यादा है। इन क्षेत्रों में जनजातीय जनसंख्या का प्रतिशत काफी ऊंचा है, जैसा कि नीचे दी गई तालिका में दिखाया गया है, जो इन राज्यों में आदिवासियों की बड़ी संख्या को दर्शाता है।
| राज्य | जनसंख्या (कुल जनसंख्या का प्रतिशत) |
|---|---|
| लक्षद्वीप | 98.80 |
| मिजोरम | 94.43 |
| नागालैण्ड | 86.48 |
| मेघालय | 86.15 |
| अरुणाचल प्रदेश | 68.79 |
| दादर नागर हवेली | 51.95 |
In simple words: भारत में कुछ राज्यों में जनजातीय आबादी बहुत ज्यादा है। लक्षद्वीप, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और दादर नगर हवेली ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ कुल आबादी का एक बड़ा हिस्सा जनजातियों का है।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, दिए गए आंकड़ों के साथ एक सुव्यवस्थित तालिका बनाना आपके उत्तर को अधिक प्रभावी और समझने योग्य बनाता है।
Question 21. पर्वतीय क्षेत्र किन उद्योगों हेतु उपयुक्त है?
Answer: पहाड़ी इलाके उन उद्योगों के लिए बहुत अच्छे हैं जहाँ साफ-सुथरे माहौल, ठंडी जलवायु, अच्छी कारीगरी और ज्यादा मूल्य बढ़ाने वाले काम की जरूरत होती है। इन उद्योगों में इलेक्ट्रॉनिक्स, घड़ी बनाना, दवाइयाँ और ऑप्टिकल ग्लास शामिल हैं। दस्तकारी जैसे कालीन बनाना और हथकरघा उद्योग भी इन क्षेत्रों के लिए सही हैं। इसके साथ ही, पर्यटन उद्योग भी पहाड़ी इलाकों में बहुत महत्वपूर्ण है और तरक्की कर रहा है।
In simple words: पहाड़ी क्षेत्र उन उद्योगों के लिए उपयुक्त हैं जिन्हें प्रदूषण रहित वातावरण, ठंडी जलवायु और उच्च दक्षता चाहिए, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयाँ, दस्तकारी और पर्यटन।
🎯 Exam Tip: पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों का वर्णन करते समय, हमेशा उन विशिष्ट विशेषताओं (जैसे पर्यावरण, जलवायु) का उल्लेख करें जो उन्हें कुछ उद्योगों के लिए आदर्श बनाती हैं।
Question 22. पर्वतीय क्षेत्रों में जैव आरक्षित क्षेत्रों व राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना की क्यों आवश्यकता है?
Answer: पहाड़ी क्षेत्र, खासकर हिमालय का इलाका, कई तरह के पेड़-पौधों और जानवरों के लिए जाना जाता है। यहाँ कई तरह की औषधीय वनस्पतियाँ, फल, फूल और जंगली जीव मिलते हैं। इसलिए, इन कीमती पौधों और जानवरों को बचाने और बढ़ाने के लिए, जैव-आरक्षित क्षेत्र, राष्ट्रीय उद्यान और जीन केंद्र बनाना बहुत जरूरी है।
In simple words: हिमालय जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में बहुत सारी खास जीव-जंतु और पेड़-पौधे पाए जाते हैं। इन्हें बचाने और आगे बढ़ाने के लिए जैव-आरक्षित क्षेत्र और राष्ट्रीय उद्यान बनाना बहुत जरूरी है।
🎯 Exam Tip: जब जैव-आरक्षित क्षेत्रों की आवश्यकता के बारे में लिखें, तो 'जैव विविधता' और 'संरक्षण' जैसे प्रमुख शब्दों का उपयोग करें और प्राकृतिक संपदा के महत्व को समझाएं।
Question 23. पर्वतीय क्षेत्रों के नियोजन हेतु क्या किया जाना चाहिए एवं क्यों?
Answer: पहाड़ी क्षेत्रों के लिए सही योजना बनाने के लिए, मिट्टी, खनिज, पेड़-पौधे और पानी जैसे संसाधनों की पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है। यह जानकारी दूरसंवेदी तकनीकों, हवाई तस्वीरों और जमीन पर सर्वेक्षण से मिल सकती है। इन इलाकों के लिए छोटी और लंबी अवधि की योजनाएँ बनानी चाहिए। इन योजनाओं में पर्यावरण की सुरक्षा और लोगों की भागीदारी को खास महत्व देना चाहिए।
In simple words: पहाड़ी क्षेत्रों के लिए अच्छी योजना बनाने के लिए संसाधनों की पूरी जानकारी चाहिए, जिसमें दूरसंवेदी तकनीक और सर्वेक्षण मदद करते हैं। पर्यावरण सुरक्षा और लोगों की भागीदारी के साथ छोटी और लंबी अवधि की योजनाएँ बनानी चाहिए।
🎯 Exam Tip: नियोजन के उपायों को बताते समय, तकनीकी विधियों (जैसे रिमोट सेंसिंग) और सामाजिक भागीदारी दोनों पर जोर दें ताकि एक संतुलित उत्तर बन सके।
RBSE Class 12 Geography Chapter 21 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-II)
Question 1. योजना आयोग के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए।
Answer: योजना आयोग के मुख्य काम हैं: देश के भौतिक (जैसे जमीन), अभौतिक (जैसे ज्ञान), पूंजीगत (जैसे पैसा) और मानव संसाधनों का अनुमान लगाना। दूसरा, संसाधनों का सबसे अच्छा और असरदार इस्तेमाल करने के लिए विकास योजनाएं बनाना।
In simple words: योजना आयोग देश के सभी संसाधनों का पता लगाता है और उनका सबसे अच्छा उपयोग करने के लिए विकास योजनाएं बनाता है।
🎯 Exam Tip: योजना आयोग के कार्यों को संक्षेप में बताते समय, संसाधनों का मूल्यांकन और विकास योजनाओं का निर्माण जैसे मुख्य बिंदुओं को स्पष्ट रूप से उजागर करें।
Question 2. तृतीय पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य बताइए।
Answer: तीसरी पंचवर्षीय योजना के कई लक्ष्य थे: राष्ट्रीय आय को हर साल 5-6 प्रतिशत बढ़ाना। खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनना, घरेलू उद्योगों और निर्यात की जरूरतों को पूरा करने के लिए खेती का उत्पादन बढ़ाना। बड़े और जरूरी उद्योगों को देश में ही विकसित करना। आय, संपत्ति और अवसरों में समानता बनाए रखना। देश के लोगों की ताकत का पूरा इस्तेमाल करके रोजगार के मौके बढ़ाना।
In simple words: तीसरी योजना का लक्ष्य राष्ट्रीय आय बढ़ाना, खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता, उद्योगों का विकास, आय समानता और रोजगार के अवसर बढ़ाना था।
🎯 Exam Tip: पंचवर्षीय योजनाओं के उद्देश्यों को सूचीबद्ध करते समय, उन्हें क्रमबद्ध करें और सुनिश्चित करें कि सभी प्रमुख आर्थिक और सामाजिक लक्ष्यों को शामिल किया गया है।
Question 3. तीन वार्षिक योजनाओं (1966 - 1969) पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: चौथी पंचवर्षीय योजना से पहले, 1966 से 1969 तक तीन एक वर्षीय योजनाएं बनाई गईं। इन योजनाओं का लक्ष्य था विकास कार्यक्रमों को जारी रखना और चौथी पंचवर्षीय योजना के लिए तैयारी करना। इस दौरान कुल 6625 करोड़ रुपये खर्च हुए। पहली दो वार्षिक योजनाओं में कृषि को और तीसरी में उद्योगों को प्राथमिकता दी गई। इस समय विकास दर 3.8 प्रतिशत रही, कीमतें बढ़ीं, और बचत व निवेश कम हो गए, जिससे अर्थव्यवस्था की प्रगति धीमी हो गई।
In simple words: चौथी योजना से पहले (1966-1969) तीन वार्षिक योजनाएं आईं। इनका उद्देश्य विकास जारी रखना और चौथी योजना की तैयारी करना था। इस दौरान विकास दर कम रही, कीमतें बढ़ीं और अर्थव्यवस्था धीमी हो गई।
🎯 Exam Tip: वार्षिक योजनाओं के प्रभाव और प्रमुख आर्थिक संकेतकों (जैसे विकास दर, कीमतें) पर उनके प्रभाव का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है।
Question 4. आठवी पंचवर्षीय योजना के उद्देश्य बताइए।
Answer: आठवीं पंचवर्षीय योजना के मुख्य लक्ष्य थे: रोजगार के मौके बढ़ाना। लोगों के सहयोग से जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करना। सभी को प्राथमिक शिक्षा देना और 15 से 35 साल के लोगों में निरक्षरता (अनपढ़ता) को पूरी तरह खत्म करना। सबको साफ पीने का पानी और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएँ देना। साथ ही, देश को खाने-पीने की चीजों में आत्मनिर्भर बनाना।
In simple words: आठवीं योजना का उद्देश्य रोजगार बढ़ाना, जनसंख्या नियंत्रण, प्राथमिक शिक्षा का विस्तार, निरक्षरता खत्म करना, पेयजल व स्वास्थ्य सेवाएँ देना और खाद्यान्न में आत्मनिर्भरता हासिल करना था।
🎯 Exam Tip: प्रत्येक योजना के सामाजिक लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दें, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीबी उन्मूलन, क्योंकि ये अक्सर योजना के मुख्य उद्देश्यों में से होते हैं।
RBSE Class 12 Geography Chapter 21 निबंधात्मक प्रश्न
Question 1. भारत में विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं एवं उनके कार्यक्रमों को संक्षेप में बताइए।
Answer: भारत में पंचवर्षीय योजनाओं की शुरुआत 1 अप्रैल 1951 को हुई थी। अब तक 11 पंचवर्षीय योजनाएं और 6 वार्षिक योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। 12वीं पंचवर्षीय योजना 2012 में शुरू हुई थी और 31 मार्च 2017 को खत्म हुई। भारत में अलग-अलग पंचवर्षीय योजनाओं और उनके कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है। इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य कृषि और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देना, पर्याप्त रोजगार पैदा करना, कीमतों को स्थिर रखते हुए आर्थिक विकास को तेज करना, समाज के कमजोर लोगों के लिए भोजन और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना, जनसंख्या वृद्धि को रोकना, लोगों की भागीदारी से पर्यावरण की रक्षा करना, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करना, महिलाओं और वंचित समूहों को सशक्त बनाना, और आत्मनिर्भरता के प्रयासों को बढ़ावा देना रहा है।
| पंचवर्षीय योजना (अवधि) | वृद्धि दर (वास्तविक) | वृद्धि दर (लक्ष्य) | परिव्यय (करोड़ रुपये) | मुख्य उद्देश्य | प्रमुख कार्यक्रम |
|---|---|---|---|---|---|
| द्वितीय योजना (1956-61) | 4.0 | 1.2 | 4,012 | चिकित्सा एवं स्वास्थ्य | दुर्गापुर इस्पात कारखाने |
| तृतीय योजना (1961-66) | 5.8 | 2.8 | 8,577 | खाद्यान्न, उद्योग | हरित क्रान्ति |
| वार्षिक योजना (1966-67 से 1968-69) | - | - | 6,625 | कृषि, सिंचाई | - |
| चौथी योजना (1969-74) | 5.7 | 3.4 | 15,799 | जन स्वास्थ्य, समाज कल्याण | गरीबी हटाना, डीडीपी, डीएनएपी |
| पाँचवीं योजना (1974-78) | 4.4 | 4.9 | 39,426 | कृषि, उद्योग, ऊर्जा | प्रोग्राम/आरडीपी |
| छठी योजना (1980-85) | 5.2 | 5.4 | 1,09,292 | कृषि, उद्योग, ऊर्जा | जे. आर. वाई. |
| सातवीं योजना (1985-90) | 5.0 | 5.6 | 2,18,730 | ऊर्जा, खाद्यान्न | जे. आर. वाई. (MNP) |
| वार्षिक योजनाएँ (1990-92) | - | - | 1,21,121 | - | - |
| आठवीं योजना (1992-97) | 5.6 | 6.6 | 4,95,670 | मानव संसाधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार विकास | एसजीएसवाई |
| नौवीं योजना (1997-2002) | 6.5 | 5.7 | 9,41,041 | सामाजिक न्याय, ग्राम विकास रोजगार | खाद्य सुरक्षा, मनरेगा |
| दसवीं योजना (2002-2007) | 7.7 | 7.6 | 15,92,300 | रोजगार, ऊर्जा, सामाजिक विकास | खाद्य सुरक्षा, मनरेगा |
| ग्यारहवीं योजना (2007-2012) | 9.0 | 7.8 | 36,44,718 | विकास की सर्वकितकारी बनाना, तीव्रतर विकास के साथ अधिक समृद्धि | सबको शिक्षा, निर्धनता में कमी ग्रामीण विकास |
| बारहवीं योजना (2012-2017) | 8.0 | 76,69,807 | त्वरित, सम्पोषणीय विकास एवं समावेशी संवृद्धि | नीति आयोग, आवास योजना, आदर्श ग्राम, ग्रामीण विकास |
In simple words: भारत में पंचवर्षीय योजनाएं 1951 में शुरू हुईं, जिनका उद्देश्य कृषि, रोजगार, विकास और सामाजिक न्याय को बढ़ाना था। इन योजनाओं ने देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में लक्षित परिव्यय और विशिष्ट कार्यक्रम चलाए गए, जैसा कि तालिका में विस्तार से दर्शाया गया है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के विस्तृत उत्तर के लिए, प्रत्येक पंचवर्षीय योजना के मुख्य उद्देश्य, परिव्यय और प्रमुख कार्यक्रमों को एक स्पष्ट तालिका के रूप में प्रस्तुत करना सर्वोत्तम है ताकि जानकारी आसानी से समझी जा सके।
Question 2. पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याएँ मैदानी क्षेत्रों से भिन्न होती हैं तदानुसार विकास योजनाएँ भी भिन्न होती हैं, कैसे? वर्णन कीजिए।
Answer: पहाड़ी इलाकों की समस्याएँ मैदानी इलाकों से बहुत अलग होती हैं। इसलिए, पहाड़ी क्षेत्रों की खास भू-आकृति, संस्कृति, और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए हर पहाड़ी क्षेत्र के लिए अलग विकास योजनाएं बनाना जरूरी है। इन योजनाओं में उस क्षेत्र के भूमि, खनिज, जल और जैविक संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना चाहिए। विकास की पूरी नीति में स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं की पूरी भागीदारी होनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों के लिए कई तरह की विकास योजनाएं बनाई जा सकती हैं –
3. कुछ पहाड़ी क्षेत्रों में लोग एक जगह से दूसरी जगह खेती करते हैं। इस तरह की खेती को बदलकर स्थायी खेती में बदलने और ऐसे किसानों को फिर से बसाने के लिए कार्यक्रम बनाए गए हैं।
4. जिन पहाड़ी क्षेत्रों में चरागाह (पशुओं के चरने की जगह) उपलब्ध है, वहाँ पशुपालन के कार्यक्रमों को बढ़ावा देना चाहिए।
5. पहाड़ी इलाके कुछ खास उद्योगों के लिए अच्छे हैं जहाँ साफ वातावरण, ठंडी जलवायु, अच्छी कारीगरी और ज्यादा मूल्य वाले उत्पादों की जरूरत होती है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, घड़ी बनाना, दवाइयाँ और ऑप्टिकल ग्लास बनाना शामिल हैं। दस्तकारी और पर्यटन उद्योग भी इन क्षेत्रों के लिए बहुत उपयुक्त हैं, इसलिए इनके लिए योजनाएं बनानी चाहिए।
6. पहाड़ी क्षेत्र, खासकर हिमालय का इलाका, कई तरह के जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के लिए मशहूर है। यहाँ बहुत से कीमती औषधीय पौधे, फल, फूल और जंगली जानवर मिलते हैं। इसलिए, इन मूल्यवान प्राकृतिक संपदा को बचाने और बढ़ाने के लिए जैव-आरक्षित क्षेत्र, राष्ट्रीय उद्यान और जीन केंद्र बनाना जरूरी है।
7. पहाड़ी क्षेत्रों के लिए वैज्ञानिक तरीके से योजना बनाने के लिए मिट्टी, खनिज, वनस्पति और पानी जैसे संसाधनों की सही जानकारी होना जरूरी है। यह जानकारी रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी, हवाई तस्वीरों और जमीन पर किए गए सर्वेक्षणों से मिल सकती है। इन क्षेत्रों के लिए छोटी और लंबी अवधि की योजनाएं बनाते समय पर्यावरण की सुरक्षा और लोगों की भागीदारी को सबसे ऊपर रखना चाहिए।
In simple words: पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याएँ मैदानी इलाकों से अलग होती हैं, इसलिए उनकी विकास योजनाएँ भी भिन्न होनी चाहिए। इन योजनाओं में स्थायी खेती, पशुपालन, विशिष्ट उद्योगों (जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, दस्तकारी, पर्यटन) को बढ़ावा देना, जैव विविधता का संरक्षण और वैज्ञानिक नियोजन शामिल होना चाहिए, साथ ही पर्यावरण सुरक्षा और जनभागीदारी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
🎯 Exam Tip: इस प्रश्न में पर्वतीय क्षेत्रों की अनूठी समस्याओं और उनके समाधान के लिए विशिष्ट योजनागत दृष्टिकोण पर जोर दें, जिसमें स्थानीय संसाधनों और समुदायों की भूमिका शामिल हो।
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