RBSE Solutions Class 12 Geography Chapter 12 पर्यावरणीय समस्याएँ एवं समाधान

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Detailed Chapter 12 पर्यावरणीय समस्याएँ एवं समाधान RBSE Solutions for Class 12 Geography

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Class 12 Geography Chapter 12 पर्यावरणीय समस्याएँ एवं समाधान RBSE Solutions PDF

RBSE Class 12 Geography Chapter 12 बहुचयनात्मक प्रश्न

 

Question 1. अम्लीय वर्षा जल का pH मान होता है –
(अ) 5 से 2.5
(ब) 5 से 7.5 के बीच
(स) 7.5 से अधिक
(द) 2.5 से कम
Answer: (द) 2.5 से कम
In simple words: अम्लीय वर्षा के पानी में एसिड की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए उसका pH मान 2.5 से कम होता है, जो इसे बहुत अम्लीय बनाता है.

🎯 Exam Tip: अम्लीय वर्षा के pH मान को हमेशा याद रखें क्योंकि यह सीधे-सीधे प्रदूषण के स्तर को दर्शाता है.

 

Question 2. अम्लीय वर्षा का सूत्र है -
(अ) SO2 + NO2
(ब) H2SO4
Answer: (ब) H2SO4
In simple words: अम्लीय वर्षा में मुख्य रूप से सल्फ्यूरिक एसिड \( (H_2SO_4) \) और नाइट्रिक एसिड \( (HNO_3) \) होते हैं, जो हवा में सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड के मिलने से बनते हैं.

🎯 Exam Tip: अम्लीय वर्षा में मुख्य रूप से बनने वाले एसिडों के रासायनिक सूत्र याद रखें.

 

Question 3. [Question text not explicitly provided in source]
(अ) क्षोभ मण्डल
(ब) ओजोन मण्डल
(स) आयन मण्डल
(द) बाह्य मण्डल
Answer: (स) आयन मण्डल
In simple words: आयन मण्डल पृथ्वी के वायुमण्डल की वह परत है जहाँ हवा के अणु सूर्य की किरणों से आयनीकृत हो जाते हैं, जिससे यह रेडियो संचार के लिए महत्वपूर्ण बन जाती है.

🎯 Exam Tip: वायुमण्डल की परतों और उनकी मुख्य विशेषताओं को जानें.

 

Question 4. मांट्रियल समझौता 1987 में किस पर बल दिया गया है?
(अ) ओजोन परत
(ब) जैव विविधता
(स) हरित गृह
(द) औद्योगिक प्रदूषण
Answer: (अ) ओजोन परत
In simple words: मॉन्ट्रियल समझौता 1987 में ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले रसायनों को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया था. इसका उद्देश्य ओजोन परत को बचाना था.

🎯 Exam Tip: प्रमुख पर्यावरणीय समझौतों और उनके उद्देश्यों को याद रखें.

 

Question 5. प्रथम विश्व जलवायु सम्मेलन का आयोजन हुआ था -
(अ) जापान
(ब) वियना
(स) जेनेवा
(द) कनाडा
Answer: (स) जेनेवा
In simple words: सबसे पहला विश्व जलवायु सम्मेलन जेनेवा में हुआ था. इस सम्मेलन में दुनिया भर के विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन पर चर्चा की थी.

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण पर्यावरणीय सम्मेलनों के स्थान और वर्ष याद रखें.

 

Question 6. पृथ्वी शिखर सम्मेलन 1992 को आयोजन हुआ था -
(अ) रियो-डि-जेनिरो
(ब) जिनेवा
(स) स्विट्जरलैण्ड
(द) कोपेन हेगन
Answer: (अ) रियो-डि-जेनिरो
In simple words: 1992 का पृथ्वी शिखर सम्मेलन रियो-डि-जेनेरियो में आयोजित किया गया था. यह पर्यावरण और विकास पर एक बड़ा वैश्विक सम्मेलन था.

🎯 Exam Tip: रियो शिखर सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक आयोजनों के स्थल और उनके मुख्य परिणामों को याद रखें.

 

Question 7. विश्व जैव-विविधता दिवस मनाया जाता है –
(अ) 5 जून
(ब) 11 जुलाई
(स) 22 मई
Answer: (स) 22 मई
In simple words: हर साल 22 मई को विश्व जैव-विविधता दिवस मनाया जाता है. यह दिन दुनिया भर में जैव विविधता के संरक्षण के महत्व को बढ़ावा देता है.

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय दिवसों की तारीखें और उनके विषय याद रखें.

RBSE Class 12 Geography Chapter 12 लघुत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. क्योटो शहर किस देश में स्थित है?
Answer: क्योटो शहर जापान देश में स्थित है. यह शहर क्योटो प्रोटोकॉल के लिए जाना जाता है, जो जलवायु परिवर्तन से संबंधित एक महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय समझौता है.
In simple words: क्योटो शहर जापान में है.

🎯 Exam Tip: प्रमुख पर्यावरणीय समझौतों से जुड़े स्थानों को याद रखना महत्वपूर्ण है.

 

Question 2. सबसे गर्म दशक किस दशक को घोषित किया गया है।
Answer: 2001 – 10 के दशक को सबसे गर्म दशक घोषित किया गया है. इस अवधि के दौरान वैश्विक तापमान में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई, जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को उजागर करती है.
In simple words: 2001 से 2010 का दशक सबसे गर्म रहा है.

🎯 Exam Tip: नवीनतम जलवायु रिपोर्टों के अनुसार सबसे गर्म दशकों की जानकारी रखें.

 

Question 3. नाशा दुआ में IPCC का अध्यक्ष किसे निर्वाचित किया गया?
Answer: इण्डोनेशिया के बाली द्वीप में स्थित नाशा दुआ नगर में सन् 2007 में आई. पी. सी. सी. (इण्टर गवर्नमेण्ट पैनल ऑफ क्लाइमेटिक चेन्ज) का अध्यक्ष भारतवंशी राजेन्द्र पचौरी को निर्वाचित किया गया था. उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
In simple words: 2007 में नाशा दुआ में IPCC के अध्यक्ष भारत के राजेन्द्र पचौरी को चुना गया था.

🎯 Exam Tip: अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय संगठनों के प्रमुख व्यक्तियों और उनके योगदानों को जानें.

 

Question 4. द्वितीय विश्व शिखर सम्मेलन का आयोजन कहाँ किया गया?
Answer: द्वितीय पृथ्वी शिखर सम्मेलन न्यूयार्क में आयोजित किया गया था. यह सम्मेलन सतत विकास और पर्यावरणीय मुद्दों पर आगे चर्चा करने के लिए आयोजित किया गया था.
In simple words: दूसरा पृथ्वी शिखर सम्मेलन न्यूयॉर्क में हुआ था.

🎯 Exam Tip: विभिन्न पृथ्वी शिखर सम्मेलनों के आयोजनों के स्थान और वर्ष याद रखें.

 

Question 5. हरित कोष का निर्माण किस सम्मेलन में किया गया?
Answer: हरित कोष का निर्माण कार्नकून (मैक्सिको) सम्मेलन में किया गया था. इस कोष का उद्देश्य विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना था.
In simple words: हरित कोष कार्नकून सम्मेलन, मैक्सिको में बनाया गया था.

🎯 Exam Tip: महत्वपूर्ण पर्यावरणीय कोषों की स्थापना और उनके उद्देश्यों को याद रखें.

RBSE Class 12 Geography Chapter 12 लघुत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. अम्लीय वर्षा के कोई दो कारण लिखिए।
Answer: अम्लीय वर्षा का प्रमुख कारण नाइट्रोजन ऑक्साइड \( (NO_2) \) और सल्फर डाइऑक्साइड \( (SO_2) \) जैसी गैसें हैं. ये गैसें उद्योगों, वाहनों और बिजली घरों से निकलती हैं. जब ये गैसें वायुमण्डल में पानी की बूंदों के साथ मिलती हैं, तो वे अम्ल बन जाती हैं और वर्षा के रूप में गिरती हैं. अम्लीय वर्षा के प्रमुख कारणों में निम्नलिखित पांच दुष्प्रभाव महत्वपूर्ण हैं, भले ही प्रश्न ने कारणों के बारे में पूछा हो:
1. हरित गृह प्रभाव के बढ़ने से समस्त विश्व के औसत तापमान में लगातार वृद्धि होती जा रही है.
2. विश्व के कुछ देशों में वर्षा अधिक होगी, जबकि अन्य देशों में औसत से कम वर्षा होगी.
3. पृथ्वी के औसत तापमान में केवल 0.5° सेग्रे. से 1.5° सेग्रे. वृद्धि होने से हिम क्षेत्रों की बर्फ तेजी से पिघलेगी जबकि समुद्रतटीय मैदानों में बाढ़ आएँगी.
4. घास क्षेत्रों तथा वन क्षेत्रों की सीमाओं में परिवर्तन होंगे तथा अफ्रीका के मरुस्थलीय भागों में अकाल की सम्भावना बढ़ जाएगी.
5. तापमान बढ़ने से मलेरिया तथा अन्य बीमारियों में वृद्धि की सम्भावना बढ़ जाएगी.
In simple words: अम्लीय वर्षा मुख्य रूप से उद्योगों और वाहनों से निकलने वाली नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड गैसों के कारण होती है. हालांकि, इसके कई बड़े पर्यावरणीय दुष्प्रभाव भी होते हैं जैसे तापमान का बढ़ना और बर्फ का पिघलना.

🎯 Exam Tip: अम्लीय वर्षा के प्रमुख स्रोतों को याद रखें और इसके पर्यावरणीय प्रभावों की एक सूची तैयार करें.

 

Question 3. जल प्रदूषण के बचाव के उपाय लिखिए।
Answer: जल-प्रदूषण को कम करने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं, जिनमें प्रमुख निम्नलिखित हैं:
1. जल-मल के निस्तारण हेतु सभी नगरों में सीवर शोधन संयन्त्रों की स्थापना की जाए. इससे गंदा पानी सीधे नदियों में जाने से रुकेगा और साफ होकर ही बाहर निकलेगा.
2. औद्योगिक अपशिष्ट युक्त जल उपचार करने के बाद उद्योगों में पुनः उपयोग में लाया जाए. यह पानी को बर्बाद होने से बचाएगा और प्रदूषण भी कम करेगा.
3. रासायनिक कृषि के स्थान पर जैविक कृषि को अधिकाधिक प्रोत्साहन प्रदान किया जाए. जैविक कृषि में कम रसायनों का उपयोग होता है, जिससे मिट्टी और पानी में प्रदूषण कम होता है.
4. नदियों में मृत पशुओं के शवों के विसर्जन को पूर्णतया प्रतिबन्धित किया जाए तथा नदियों के किनारे उपयुक्त स्थलों पर विद्युत शवदाह गृहों की स्थापना की जाए. इससे नदियों का पानी स्वच्छ रहेगा.
In simple words: जल प्रदूषण रोकने के लिए शहरों में गंदे पानी के शोधन संयन्त्र लगाने चाहिए, उद्योगों को अपना पानी साफ करके दोबारा इस्तेमाल करना चाहिए, रासायनिक खेती की जगह जैविक खेती को बढ़ावा देना चाहिए, और नदियों में मृत जानवरों को फेंकना बंद करना चाहिए.

🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण के रोकथाम के उपाय लिखते समय, स्रोतों पर नियंत्रण और अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करें.

 

Question 4. चीन रेड अलर्ट क्या है?
Answer: चीन रेड अलर्ट वायु प्रदूषण के अत्यधिक उच्च स्तर को दर्शाता है. 30 नवम्बर 2015 को चीन के 23 नगरों का लगभग 5.3 लाख वर्ग किमी क्षेत्र गहरे धुंध में लिपट गया था. इससे बचाव के लिए चीन ने रेड अलर्ट जारी किया. इसके तहत औद्योगिक संयन्त्रों के उत्पादन में कटौती या पूर्णतः बंद कर दिया गया. सड़कों पर परिवहन में प्रयुक्त वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया और 200 से अधिक एक्सप्रेस हाईवे पर यातायात को भी प्रतिबन्धित कर दिया गया. यह आपातकालीन स्थिति तब घोषित की जाती है जब वायु की गुणवत्ता बहुत खराब हो जाती है.
In simple words: चीन रेड अलर्ट तब जारी किया जाता है जब वायु प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. इसमें फैक्ट्रियों को बंद कर दिया जाता है और गाड़ियों के चलने पर रोक लगा दी जाती है.

🎯 Exam Tip: रेड अलर्ट जैसी आपातकालीन घोषणाओं के कारणों और उनके तहत उठाए गए कदमों को याद रखें.

RBSE Class 12 Geography Chapter 12 निबन्धात्मक प्रश्न

 

Question 1. ग्रीन हाउस प्रभाव पर टिप्पणी लिखिए।
Answer: ग्रीन हाउस प्रभाव एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी का वायुमण्डल कुछ गैसों के कारण सूर्य से आने वाली गर्मी को रोक लेता है, जिससे पृथ्वी का तापमान रहने योग्य बना रहता है. हालांकि, मानवीय गतिविधियों के कारण इन गैसों की मात्रा बढ़ गई है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है, जिसे ग्लोबल वार्मिंग कहते हैं.

ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण:
1. उद्योगों में कोयले तथा पेट्रोलियम का बढ़ता उपयोग: कारखानों और उद्योगों में जीवाश्म ईंधन के जलने से बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य ग्रीन हाउस गैसें निकलती हैं.
2. वनों का विनाश किए जाने से वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में हो रही वृद्धि: पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को सोखते हैं. पेड़ों की कटाई से हवा में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है.
3. लकड़ी, कोयला आदि जीवश्म ईंधन के दहन से वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ती मात्रा: घरों और उद्योगों में कोयला, लकड़ी और पेट्रोल जलाने से कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ती है.
4. रेफ्रिजेरेटर तथा एयर कंडीशनर्स के प्रयोग से वायुमण्डल में क्लोरो फ्लोरो-कार्बन (सी.एफ.सी.) की बढ़ती मात्रा: ये उपकरण क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस छोड़ते हैं, जो ग्रीन हाउस प्रभाव को बढ़ाते हैं.

U बाह्य वायुमण्डल वायुमण्डल सूर्य विकिरण का कुछ हिस्सा पृथ्वी एवं वायुमण्डल द्वारा परावर्तित हो जाता है। पृथ्वी स्वच्छ वायुमण्डल से गुजरता सौर विकिरण अवरक्त विकिरण का कुछ भाग ग्रीन हाउस गैसों द्वारा अवशोषित होकर पुनउत्सर्जन द्वारा पृथ्वी सतह एवं आसपास के वायुमण्डल को गर्म कर देता है। अवरक्त विकिरण पृथ्वी की सतह से उत्सर्जित होकर उसे गर्म देता है। चित्र - ग्रीन हाउस प्रभाव
ग्रीन हाउस प्रभाव के दुष्परिणाम:
पिछले 100 वर्षों में वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन तथा नाइट्रस ऑक्साइड नामक गैसों की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे पृथ्वी पर ग्रीन हाउस प्रभाव में वृद्धि हुई है तथा पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है. इसके कुछ महत्वपूर्ण दुष्परिणाम निम्नलिखित हैं:
1. समस्त विश्व के औसत तापमान में वृद्धि अनुभव की जा रही है. सूर्य की तीव्र रोशनी तथा ऑक्सीजन की कमी का प्रतिकूल प्रभाव वृक्षों की वृद्धि पर पड़ रहा है, जिससे उनकी संख्या घट रही है.
2. ग्रीन हाउस प्रभाव के प्रभावी होने पर कुछ क्षेत्रों में बाढ़ें आएँगी तथा कुछ देशों में सूखा पड़ेगा. यह जलवायु असंतुलन का कारण बनता है.
3. ग्रीन हाउस प्रभाव के परिणामस्वरूप पृथ्वी के औसत तापमान में केवल 0.5° सेग्रे. से 1.5 सेग्रे. तापमान की वृद्धि होने पर विश्व के कई हिम क्षेत्र की बर्फ तेजी से पिघलेगी तथा उससे एक ओर कुछ समुद्र तटीय मैदानों में बाढ़ आएंगी तो दूसरी ओर सागर का जल स्तर बढ़ने से सागर के सैकड़ों द्वीप जलमग्न हो जाएंगे.
4. घास क्षेत्रों तथा वन क्षेत्रों की सीमाओं में परिवर्तन होंगे तथा अफ्रीका के मरुस्थलीय भागों में अकाल की सम्भावना बढ़ जाएगी, जिससे खाद्य सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
5. तापमान बढ़ने से मलेरिया तथा अन्य बीमारियों में वृद्धि की सम्भावना बढ़ जाएगी, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर दबाव बढ़ेगा.

ग्रीन हाउस प्रभाव को कम करने के उपाय (संभावित समाधान):
1. जीवाश्म ईंधन का कम उपयोग करना. बिजली और ऊर्जा के लिए कोयला, तेल और गैस का उपयोग कम करके नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना चाहिए.
2. वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर में संतुलन कायम रखने के लिए अधिकाधिक वृक्षारोपण करना. ज्यादा पेड़ लगाकर हम हवा से कार्बन डाइऑक्साइड को कम कर सकते हैं.
3. क्लोरोफ्लोरो-कार्बन के प्रयोग को प्रतिबन्धित करना. ऐसे उपकरणों का उपयोग बंद करना चाहिए जिनमें क्लोरोफ्लोरोकार्बन गैस होती है, क्योंकि यह ओजोन परत को नुकसान पहुँचाती है.
In simple words: ग्रीन हाउस प्रभाव पृथ्वी को गर्म करने वाली गैसों के बढ़ने से होता है, जिससे तापमान बढ़ता है, बर्फ पिघलती है और मौसम बदलता है. इसे कम करने के लिए हमें कम जीवाश्म ईंधन का उपयोग करना चाहिए, ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए और हानिकारक गैसों का इस्तेमाल बंद करना चाहिए.

🎯 Exam Tip: ग्रीन हाउस प्रभाव के कारणों, परिणामों और समाधानों को स्पष्ट और संक्षिप्त बिंदुओं में प्रस्तुत करें. डायग्राम बनाकर आप अपनी समझ को बेहतर ढंग से दिखा सकते हैं.

 

Question 2. अम्लीय वर्षा के कारण, प्रभाव एवं संभावित समाधान को विस्तार से समझाइये।
Answer: अम्लीय वर्षा ऐसी वर्षा है जिसमें सल्फर डाइऑक्साइड \( (SO_2) \) और नाइट्रोजन ऑक्साइड \( (NO_2) \) जैसी प्रदूषक गैसें वायुमण्डल में पानी के साथ मिलकर सल्फ्यूरिक एसिड \( (H_2SO_4) \) और नाइट्रिक एसिड \( (HNO_3) \) बनाती हैं, जो वर्षा के रूप में नीचे गिरती हैं.

अम्लीय वर्षा के कारण:
वायुमण्डल में सल्फर डाइऑक्साइड छोड़े जाने के निम्नलिखित स्रोत हैं –
1. ऑटोमोबाइल तथा स्वचालित वाहन: गाड़ियों और अन्य स्वचालित वाहनों से निकलने वाला धुआँ इन गैसों का एक बड़ा स्रोत है.
2. कोयला आधारित तापीय विद्युत गृह: बिजली बनाने के लिए कोयला जलाने वाले प्लांट भी बड़ी मात्रा में सल्फर डाइऑक्साइड छोड़ते हैं.
3. खनिज तेल शोधन शालाएँ: तेल रिफाइनरियां भी इन प्रदूषक गैसों का उत्सर्जन करती हैं.

चित्र अम्लीय वर्षा होने की प्रक्रिया मानवीय क्रिया एवं औद्योगिक उत्सर्जन सल्फर डाइ-ऑक्साइड एवं नाइड्रोजन ऑक्साइड भूमि अम्लीय वर्षा वन झील जल धाराएँ
अम्लीय वर्षा के प्रभाव:
अम्लीय वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में निम्नलिखित प्रभाव देखने को मिलते हैं:
1. अम्लीय जल के प्रभाव से मिट्टी में अम्लीयता बढ़ जाती है. साथ ही, मिट्टी के खनिज व पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं. जिससे मिट्टी की उत्पादकता कम हो जाती है. यह पौधों के विकास को रोक देता है.
2. अम्लीय वर्षा के उत्तरदायी कारक वायु के वेग के साथ हजारों किमी दूर तक बह जाते हैं तथा वहाँ आर्द्रता पाकर अम्लीय वर्षा के रूप में बरसते हैं. इससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रदूषण फैलता है.
3. पेयजल भण्डार दूषित हो जाते हैं. अम्लीय पानी पीने से बीमारियाँ हो सकती हैं.
4. मानव में श्वसन तथा त्वचा सम्बन्धी बीमारियाँ हो जाती हैं तथा आँखों में जलन की समस्या उत्पन्न होने लगती है. यह मानव स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है.
5. वृक्षों की पत्तियों के स्टोमेटा बन्द हो जाते हैं जिससे इन वृक्षों की अनेक जैविक क्रियाएँ मंद पड़ जाती हैं. इस प्रकार अम्लीय प्रभाव पड़ता है और पेड़ों का विकास रुक जाता है.
6. झीलों तथा नदियों का जल अम्लीय वर्षा से प्रदूषित हो जाता है जिसका प्रतिकूल प्रभाव इनमें निवासित जलीय जीवों पर पड़ता है. नार्वे तथा स्वीडन की अनेक झीलों में अम्लीय वर्षा के प्रभाव से अधिकांश जलीय जीव समाप्त हो गए. यह जलीय जीवन को नष्ट कर देता है.
7. पत्थर तथा संगमरमर में क्षरण प्रारम्भ हो जाता है. आगरा का ताजमहल अम्लीय वर्षा के प्रभाव से धुंधला पड़ता जा रहा है. यह ऐतिहासिक इमारतों को नुकसान पहुँचाता है.

संभावित समाधान:
1. अम्लीय वर्षा के लिए उत्तरदायी सल्फर डाइऑक्साइड तथा नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को प्रभावी ढंग से नियन्त्रित किया जाए. उद्योगों में स्क्रबर्स का उपयोग किया जाए तथा बैग फिल्टर व कोलाइडल टैंक निर्मित किए जाएँ. इससे इन गैसों का उत्सर्जन कम होगा.
2. ऊर्जा के गैर परम्परागत स्रोत: जैसे-सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा को अधिकाधिक बढ़ावा दिया जाए. ये स्रोत स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करते हैं और प्रदूषण कम करते हैं.
3. स्वचालित वाहनों की समय: समय पर प्रदूषण जाँच करायी जाए तथा व्यक्तिगत वाहनों के प्रयोग को कम किया जाए. इससे वाहनों से निकलने वाले धुएँ को नियंत्रित किया जा सकता है.
4. अम्लीयता प्रभावित जल तथा मिट्टी की अम्लीयता को समाप्त करने के लिए जल तथा मिट्टी में चूने का प्रयोग किया जाए. चूना अम्ल को बेअसर करने में मदद करता है.
In simple words: अम्लीय वर्षा उद्योगों और वाहनों से निकलने वाली हानिकारक गैसों के कारण होती है. इसके कारण मिट्टी, पानी और पेड़ों को नुकसान होता है, और लोगों को बीमारियाँ हो सकती हैं. इसे रोकने के लिए हमें कम प्रदूषण करना चाहिए, साफ ऊर्जा का इस्तेमाल करना चाहिए और प्रदूषण नियंत्रण के तरीके अपनाने चाहिए.

🎯 Exam Tip: अम्लीय वर्षा के कारणों, प्रभावों और समाधानों को अलग-अलग शीर्षकों में व्यवस्थित करें. उदाहरणों के साथ अपने उत्तर को और प्रभावी बनाएँ.

RBSE Class 12 Geography Chapter 12 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

 

Question 1. पर्यावरण का अर्थ व परिभाषा लिखिए।
Answer: पर्यावरण शब्द दो शब्दों 'परि' और 'आवरण' से बना है. इसका शाब्दिक अर्थ है 'बाहरी आवरण', यानी हमारे चारों ओर जो प्राकृतिक, भौतिक और सामाजिक आवरण है, वही पर्यावरण कहलाता है. दूसरे शब्दों में, जीव जिस वातावरण या परिस्थितियों में जीवन-यापन करता है, उसे उस जीव का पर्यावरण कहते हैं. पर्यावरण में जीवधारियों के लिए आवश्यक हवा, पानी, खाद्यान्न, आवास और प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होती हैं.
In simple words: पर्यावरण का मतलब है हमारे आस-पास की हर चीज़, जिसमें हवा, पानी, ज़मीन और जीव-जन्तु शामिल हैं.

🎯 Exam Tip: पर्यावरण की परिभाषा को सरल शब्दों में व्यक्त करें और उसके मुख्य घटकों का उल्लेख करें.

 

Question 2. मानव व प्रकृति के मध्य असंतुलन बढ़ने से कौन-सी समस्याएँ उत्पन्न हो गयी हैं?
Answer: मानव और प्रकृति के बीच असंतुलन बढ़ने से कई गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं. इनमें भूकम्प, ज्वालामुखी, अतिवृष्टि (बहुत अधिक बारिश), अनावृष्टि (सूखा), जलवायु परिवर्तन, अम्लीय वर्षा, ग्रीन हाउस प्रभाव, ओजोन परत का क्षरण, बंजर भूमि प्रदूषण और मरुस्थलीकरण जैसी समस्याएँ शामिल हैं. ये सभी समस्याएँ पर्यावरण पर मानवीय गतिविधियों के नकारात्मक प्रभाव को दर्शाती हैं.
In simple words: जब इंसान और प्रकृति का तालमेल बिगड़ता है, तो भूकंप, सूखा, बाढ़, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी कई दिक्कतें आती हैं.

🎯 Exam Tip: मानव-प्रकृति असंतुलन के प्रमुख परिणामों को याद रखें और उन्हें प्राकृतिक आपदाओं से जोड़कर समझें.

 

Question 4. पर्यावरणीय प्रदूषण से क्या आशय है?
Answer: पर्यावरणीय प्रदूषण का मतलब पर्यावरण में होने वाला कोई भी ऐसा बदलाव है जो पर्यावरण की गुणवत्ता को गिराता है. इससे मानव और अन्य जीवों पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है. यह बदलाव हवा, पानी, मिट्टी आदि में अवांछित पदार्थों के मिलने से होता है, जिससे हमारा पर्यावरण दूषित हो जाता है.
In simple words: पर्यावरणीय प्रदूषण का मतलब है जब हमारे आसपास की हवा, पानी या मिट्टी गंदी हो जाती है और हमें या जानवरों को नुकसान पहुँचाती है.

🎯 Exam Tip: पर्यावरणीय प्रदूषण की परिभाषा देते समय, उसके मुख्य घटकों (हवा, पानी, मिट्टी) और हानिकारक प्रभावों का उल्लेख करें.

 

Question 5. प्रदूषण क्या है? अथवा प्रदूषण किसे कहते हैं?
Answer: ई. पी. ओडम के अनुसार, प्रदूषण का आशय "वायु, जल और मृदा के भौतिक, रासायनिक व जैविक गुणों में होने वाला ऐसा अवांछित परिवर्तन है जो मनुष्य के साथ ही सम्पूर्ण परिवेश के प्राकृतिक व सांस्कृतिक तत्वों को हानि पहुँचाता है." आसान शब्दों में, प्रदूषण एक ऐसी स्थिति है जब हमारे वातावरण में कुछ ऐसे तत्व आ जाते हैं जो हमारे स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बुरे होते हैं.
In simple words: प्रदूषण वह है जब हवा, पानी या मिट्टी में कुछ ऐसा मिल जाता है जो उन्हें खराब कर देता है और जीव-जन्तुओं के लिए हानिकारक होता है.

🎯 Exam Tip: प्रदूषण की परिभाषा को याद रखें और इसे सरल भाषा में समझाने का अभ्यास करें.

 

Question 6. जैवमण्डल से क्या तात्पर्य है? अथवा जैवमण्डल किसे कहते हैं?
Answer: जैवमण्डल पृथ्वी का वह संयुक्त क्षेत्र है जहाँ जीवन मौजूद है. इसमें वायुमण्डल (हवा), स्थलमण्डल (ज़मीन) और जलमण्डल (पानी) के वे सभी भाग शामिल हैं जहाँ जीव-जन्तु और पौधे पाए जाते हैं. यह पृथ्वी की सबसे बड़ी पारिस्थितिक प्रणाली है.
In simple words: जैवमण्डल पृथ्वी का वह हिस्सा है जहाँ हवा, ज़मीन और पानी में सभी जीव रहते हैं.

🎯 Exam Tip: जैवमण्डल की अवधारणा को स्पष्ट रूप से परिभाषित करें और उसके तीन प्रमुख घटकों (वायुमण्डल, स्थलमण्डल, जलमण्डल) का उल्लेख करें.

 

Question 7. प्रदूषण के प्रकार बताइए। अथवा प्रदूषकों के परिवहित एवं विसरित होने के माध्यम के आधार पर प्रदूषण को कितने प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है?
Answer: प्रदूषकों के परिवहित और विसरित होने के माध्यम के आधार पर प्रदूषण के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
1. [Text missing in source]
2. वायु प्रदूषण
In simple words: प्रदूषण को उसके फैलने के तरीके के आधार पर कई प्रकारों में बांटा जा सकता है, जैसे वायु प्रदूषण.

🎯 Exam Tip: प्रदूषण के विभिन्न प्रकारों को सूचीबद्ध करें और प्रत्येक के बारे में संक्षेप में जानकारी दें.

 

Question 9. वायु प्रदूषण के स्रोतों को कितने भागों में बाँटा गया है?
Answer: वायु प्रदूषण के स्रोतों को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है: प्राकृतिक स्रोत और अप्राकृतिक स्रोत.
In simple words: हवा में गंदगी फैलाने वाली चीज़ें दो तरह की होती हैं, कुछ कुदरती और कुछ इंसान द्वारा बनाई हुई.

🎯 Exam Tip: जब भी स्रोतों को वर्गीकृत करने को कहा जाए, हमेशा स्पष्ट रूप से भागों को बताएं और फिर प्रत्येक भाग के उदाहरण दें.

 

Question 10. वायु प्रदूषण के प्राकृतिक स्रोत कौन-कौन से हैं?
Answer: वायु प्रदूषण के प्राकृतिक स्रोतों में ज्वालामुखी का फटना, धूल भरी आंधियाँ, तूफान, जंगलों की आग (दावानल) और पहाड़ों का खिसकना (स्खलन) शामिल हैं. ये सब प्रकृति से ही हवा को प्रदूषित करते हैं.
In simple words: ज्वालामुखी, तूफान, जंगल की आग और पहाड़ों का गिरना हवा को कुदरती रूप से गंदा करते हैं.

🎯 Exam Tip: प्राकृतिक स्रोतों के उदाहरण देते समय भौगोलिक और मौसमी घटनाओं को शामिल करें.

 

Question 11. वायु प्रदूषण के प्रमुख अप्राकृतिक स्रोत कौन-कौन से हैं?
Answer: वायु प्रदूषण के मुख्य अप्राकृतिक स्रोत ये हैं:
1. जीवाश्म ईंधन जैसे कोयला और पेट्रोल जलाना.
2. खनन यानी ज़मीन से खनिज निकालना.
3. विभिन्न उद्योग और कारखाने.
4. रेडियोधर्मिता यानी रेडियोधर्मी पदार्थ.
5. परिवहन के साधन जैसे गाड़ियाँ.
6. धूम्रपान यानी सिगरेट पीना.
In simple words: इंसान द्वारा की जाने वाली चीजें जैसे ईंधन जलाना, खनन, उद्योग, गाड़ियाँ और सिगरेट पीना हवा को प्रदूषित करते हैं.

🎯 Exam Tip: अप्राकृतिक स्रोतों को लिखते समय मानवीय गतिविधियों और उनके प्रभावों को ध्यान में रखें.

 

Question 12. धूम्र कोहरा क्या है?
Answer: जब शहरों और औद्योगिक इलाकों की हवा में मौजूद प्रदूषित गैसें और कण सामान्य कोहरे के साथ मिल जाते हैं, तो उसे धूम्र कोहरा कहते हैं. यह इंसानों की सेहत के लिए बहुत खतरनाक होता है.
In simple words: जब हवा की गंदगी कोहरे से मिल जाती है, तो उसे धूम्र कोहरा कहते हैं, जो सेहत के लिए बुरा है.

🎯 Exam Tip: धूम्र कोहरे की परिभाषा में औद्योगिक क्षेत्रों और प्रदूषित गैसों के मिश्रण का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है.

 

Question 14. जल प्रदूषण के प्रमुख कारण कौन-से हैं?
Answer: जल प्रदूषण के मुख्य कारण हैं: घरों से निकलने वाला गंदा पानी, खेती में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक अपशिष्ट, उद्योगों का कचरा, खनिज तेल का रिसाव, गर्म पानी का नदियों में मिलना, हवा में मौजूद प्रदूषक कणों का पानी में घुलना और रेडियोधर्मी कचरा.
In simple words: गंदा पानी, खेती और उद्योग का कचरा, तेल का रिसाव और गरम पानी, ये सब पानी को गंदा करते हैं.

🎯 Exam Tip: जल प्रदूषण के कारणों को स्पष्ट करते समय घरेलू, औद्योगिक और कृषि स्रोतों का समावेश करें.

 

Question 15. जल प्रदूषण से मानव को होने वाली तीन बीमारियों के नाम लिखिए।
Answer: जल प्रदूषण से होने वाली तीन मुख्य बीमारियाँ हैं:
1. हैजा
2. पीलिया
3. पेट संबंधी रोग जैसे दस्त (डायरिया) और आंतों में कीड़े.
In simple words: गंदे पानी से हैजा, पीलिया और पेट की बीमारियाँ होती हैं.

🎯 Exam Tip: बीमारियों के नाम लिखते समय सामान्य और गंभीर दोनों तरह की बीमारियों को शामिल करें जो जल प्रदूषण से जुड़ी हैं.

 

Question 16. कानपुर नगर में गंगा नदी के प्रदूषण के लिए सर्वाधिक उत्तरदायी कारक कौन-सा है?
Answer: कानपुर में गंगा नदी के प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण चमड़ा साफ करने वाली इकाइयों से निकलने वाला गंदा पानी है.
In simple words: कानपुर में चमड़े के कारखानों का गंदा पानी गंगा नदी को सबसे ज़्यादा प्रदूषित करता है.

🎯 Exam Tip: विशेष स्थानों से जुड़े प्रदूषण के कारणों में स्थानीय उद्योगों या गतिविधियों का उल्लेख करें.

 

Question 17. नमामि गंगे परियोजना भारत सरकार द्वारा कब शुरू की?
Answer: नमामि गंगे परियोजना भारत सरकार ने 7 जुलाई 2016 को शुरू की थी.
In simple words: भारत सरकार ने गंगा को साफ करने के लिए 'नमामि गंगे' योजना 7 जुलाई 2016 को शुरू की.

🎯 Exam Tip: सरकारी योजनाओं और उनके शुरू होने की तारीखों को सटीकता से याद रखें.

 

Question 18. ध्वनि प्रदूषण से क्या आशय है?
Answer: जब आवाज़ एक तय सीमा से ज़्यादा हो जाती है और किसी व्यक्ति या समूह के शरीर और मन पर बुरा असर डालती है, तो उसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं.
In simple words: जब आवाज़ बहुत तेज़ हो जाती है और शरीर या मन को नुकसान पहुँचाती है, तो उसे ध्वनि प्रदूषण कहते हैं.

🎯 Exam Tip: ध्वनि प्रदूषण की परिभाषा में आवाज़ के स्तर और उसके शारीरिक-मानसिक प्रभावों दोनों का उल्लेख करें.

 

Question 21. ध्वनि प्रदूषण से होने वाली हानियाँ कौन-कौन सी हैं?
Answer: ध्वनि प्रदूषण से दिमाग पर बुरा असर पड़ता है, जिससे चिड़चिड़ापन, बहरापन जैसी समस्याएँ हो सकती हैं.
In simple words: तेज़ आवाज़ से दिमाग पर बुरा असर पड़ता है और चिड़चिड़ापन या बहरापन हो सकता है.

🎯 Exam Tip: ध्वनि प्रदूषण के प्रभावों को बताते समय शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की समस्याओं को शामिल करें.

 

Question 22. भूमि प्रदूषण को परिभाषित कीजिए।
Answer: जब प्राकृतिक या मानवीय कारणों से मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो जाती है, तो उसे भूमि या मृदा प्रदूषण कहते हैं.
In simple words: मिट्टी की गुणवत्ता खराब होने को भूमि प्रदूषण कहते हैं.

🎯 Exam Tip: भूमि प्रदूषण की परिभाषा में मिट्टी की गुणवत्ता में कमी और इसके प्राकृतिक या मानवीय कारणों का उल्लेख करें.

 

Question 23. ग्रीन हाउस प्रभाव क्या होता है?
Answer: ग्रीन हाउस प्रभाव वह प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ता रहता है. इसमें सूर्य से आने वाली गर्मी पृथ्वी पर रुक जाती है, लेकिन वायुमंडल से बाहर नहीं निकल पाती.
In simple words: ग्रीन हाउस प्रभाव में पृथ्वी की गर्मी वायुमंडल में फंस जाती है और धरती का तापमान बढ़ जाता है.

🎯 Exam Tip: ग्रीन हाउस प्रभाव को समझाते समय सूर्य के ताप के रुकने और तापमान में वृद्धि पर जोर दें.

 

Question 24. अम्लीय वर्षा से क्या तात्पर्य है?
Answer: अम्लीय वर्षा वह बारिश है जो उद्योगों से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रिक ऑक्साइड जैसी गैसों के हवा में मौजूद पानी की भाप के साथ मिलकर होती है. ये गैसें पानी से मिलकर तेजाब बनाती हैं.
In simple words: जब उद्योगों से निकली गैसें बारिश के पानी में मिलकर तेजाबी बारिश करती हैं, तो उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं.

🎯 Exam Tip: अम्लीय वर्षा की परिभाषा में औद्योगिक गैसों (कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रिक ऑक्साइड) और उनके जलवाष्प के साथ मिलने का उल्लेख करें.

 

Question 25. वायुमण्डल में कार्बन डाइऑक्साइड गैस की मात्रा बढ़ने का प्रमुख कारण क्या है?
Answer: वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (\( CO_2 \)) गैस की मात्रा बढ़ने के मुख्य कारण हैं- वनों की कटाई और जीवाश्म ईंधन (जैसे कोयला, पेट्रोल) का अधिक उपयोग.
In simple words: पेड़ों की कटाई और ईंधन जलाने से हवा में कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ जाती है.

🎯 Exam Tip: \( CO_2 \) वृद्धि के कारणों में वनों की कटाई और जीवाश्म ईंधन के दहन को मुख्य रूप से बताएं.

 

Question 28. ओजोन परत मानव का सुरक्षा कवच क्यों कहलाती है?
Answer: ओजोन परत को मानव का सुरक्षा कवच कहा जाता है क्योंकि यह सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी पर पहुँचने से रोकती है, जिससे मानव स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है.
In simple words: ओजोन परत हमें सूरज की हानिकारक किरणों से बचाती है, इसलिए इसे सुरक्षा कवच कहते हैं.

🎯 Exam Tip: ओजोन परत के सुरक्षा कवच होने का कारण पराबैंगनी किरणों को पृथ्वी पर आने से रोकने की क्षमता है.

 

Question 29. स्टॉकहोम सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Answer: स्टॉकहोम सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विश्व के पर्यावरण को बचाना था.
In simple words: स्टॉकहोम सम्मेलन का मकसद दुनिया के पर्यावरण को सुरक्षित रखना था.

🎯 Exam Tip: प्रमुख सम्मेलनों के उद्देश्यों को संक्षेप में और स्पष्ट रूप से बताएं.

 

Question 30. विश्व पृथ्वी सम्मेलन 2016 का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Answer: विश्व पृथ्वी सम्मेलन 2016 का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी पर अधिक से अधिक पेड़ लगाना था.
In simple words: 2016 के पृथ्वी सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य धरती पर पेड़-पौधे लगाना था.

🎯 Exam Tip: प्रत्येक पृथ्वी सम्मेलन के विशिष्ट उद्देश्यों को याद रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे समय के साथ बदल सकते हैं.

 

Question 31. भारत में काजरी (CAZRI) नामक संस्थान कहाँ स्थापित है?
Answer: भारत में काजरी (CAZRI) नामक संस्थान जोधपुर में स्थित है.
In simple words: काजरी संस्थान जोधपुर में है.

🎯 Exam Tip: प्रमुख संस्थानों के नाम और उनके स्थानों को सटीकता से याद करें.

 

RBSE Class 12 Geography Chapter 12 लघूत्तरात्मक प्रश्न (SA-I)

 

Question 1. पर्यावरण का अर्थ व परिभाषा लिखिए।
Answer: पर्यावरण शब्द 'परि' और 'आवरण' दो शब्दों से मिलकर बना है, जिसका मतलब है 'बाहरी आवरण'. यानी हमारे चारों ओर जो प्राकृतिक, भौतिक और सामाजिक चीज़ें मौजूद हैं, वही पर्यावरण हैं. दूसरे शब्दों में, जीव जिस जगह या हालात में रहते हैं, उसे ही उनका पर्यावरण कहते हैं. पर्यावरण में जीवों के लिए ज़रूरी हवा, पानी, खाना, रहने की जगह और रोशनी जैसी सभी बुनियादी सुविधाएँ मिलती हैं.
In simple words: पर्यावरण का मतलब हमारे आस-पास की सभी प्राकृतिक और सामाजिक चीजें हैं, जहाँ जीव रहते हैं और उन्हें अपनी ज़रूरतें पूरी करने को मिलती हैं.

🎯 Exam Tip: पर्यावरण की परिभाषा देते समय 'परि' और 'आवरण' शब्दों का उल्लेख करें और इसके प्राकृतिक, भौतिक व सामाजिक पहलुओं को स्पष्ट करें.

 

Question 2. पर्यावरणीय समस्याओं के लिए उत्तरदायी कारकों को संक्षेप में बताइए।
Answer: पृथ्वी की पर्यावरणीय समस्याओं के लिए मुख्य रूप से ये कारक ज़िम्मेदार हैं:
1. इंसान द्वारा अपनी सुख-सुविधाओं के लिए किया गया औद्योगिक और तकनीकी विकास.
2. दुनिया की जनसंख्या में तेज़ी से बढ़ोतरी और शहरों व महानगरों का तेज़ी से फैलना.
3. पिछले 50 सालों में विकसित देशों द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का बहुत ज़्यादा उपयोग.
4. इंसान का ज़्यादा उपभोग करने वाला व्यवहार और प्रकृति का शोषण करने की बढ़ती आदत.
In simple words: इंसान का विकास, बढ़ती जनसंख्या, संसाधनों का ज़्यादा इस्तेमाल और प्रकृति का शोषण पर्यावरण की समस्याओं के मुख्य कारण हैं.

🎯 Exam Tip: पर्यावरणीय समस्याओं के कारकों में मानवीय गतिविधियों, जनसंख्या वृद्धि, और संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग पर ध्यान केंद्रित करें.

 

Question 3. प्रदूषण तथा प्रदूषक से क्या तात्पर्य है?
Answer:
1. **प्रदूषण का मतलब:** ई. पी. ओडम के अनुसार, जब हवा, पानी या मिट्टी के भौतिक, रासायनिक या जैविक गुणों में कोई ऐसा बदलाव आता है जो इंसान और पूरे पर्यावरण के प्राकृतिक व सांस्कृतिक तत्वों को नुकसान पहुँचाता है, तो उसे प्रदूषण कहते हैं.
2. **प्रदूषक का मतलब:** प्रदूषक ऐसे अवांछित पदार्थ होते हैं जो पर्यावरण के किसी भी मूल तत्व में अपनी मौजूदगी से उसे बदल देते हैं या प्रदूषण फैलाते हैं. ये ही पदार्थ प्रदूषण के लिए ज़िम्मेदार होते हैं.
In simple words: प्रदूषण का मतलब पर्यावरण में बुरा बदलाव है, और प्रदूषक वे चीज़ें हैं जो यह बदलाव लाती हैं.

🎯 Exam Tip: प्रदूषण और प्रदूषक की परिभाषाओं को अलग-अलग स्पष्ट करें, और प्रदूषकों को 'अवांछित पदार्थ' के रूप में परिभाषित करें.

 

Question 4. प्रदूषकों की प्रकृति के आधार पर प्रदूषण के प्रमुख प्रकार लिखिए।
Answer: प्रदूषकों की प्रकृति के आधार पर प्रदूषण के मुख्य 11 प्रकार ये हैं:
1. वायु प्रदूषण
2. जल प्रदूषण
3. ध्वनि प्रदूषण
4. मृदा प्रदूषण (भूमि प्रदूषण)
5. तापीय प्रदूषण
6. विकिरणीय प्रदूषण
8. औद्योगिक प्रदूषण
In simple words: प्रदूषक की प्रकृति के अनुसार हवा, पानी, ध्वनि, मिट्टी, गर्मी और विकिरण प्रदूषण मुख्य प्रकार हैं.

🎯 Exam Tip: प्रदूषण के विभिन्न प्रकारों को सूचीबद्ध करते समय उनकी प्रकृति के अनुसार वर्गीकृत करें.

 

Question 6. वायु प्रदूषण को परिभाषित करते हुए इसके स्रोतों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: **वायु प्रदूषण:** वायु प्रदूषण का मतलब है जब हवा में ऐसे अनचाहे पदार्थ मिल जाते हैं जो हवा की गुणवत्ता को खराब करते हैं और इंसान, पौधों और जानवरों के जीवन को नुकसान पहुँचाते हैं. इस खराब हवा को ही वायु प्रदूषण कहा जाता है.
**वायु प्रदूषण के स्रोत:** वायु प्रदूषण के स्रोतों को दो मुख्य भागों में बांटा गया है:
1. **प्राकृतिक स्रोत:** ये वे स्रोत हैं जो प्रकृति में खुद से होते हैं, जैसे ज्वालामुखी से निकला पदार्थ, धूल भरी आंधियाँ, तूफान और जंगलों में लगने वाली आग (दावानल).
2. **अप्राकृतिक स्रोत:** ये वे स्रोत हैं जो इंसान द्वारा पैदा होते हैं, जैसे जीवाश्म ईंधन (कोयला, पेट्रोलियम और लकड़ी) का जलना, खनन, उद्योग, परिवहन के साधन, धूम्रपान और रसायनों का उपयोग तथा रेडियोधर्मी पदार्थ.
In simple words: वायु प्रदूषण मतलब हवा में गंदगी, जो कुदरती चीज़ों या इंसानों की गतिविधियों से होती है और ज़िंदगी के लिए खतरनाक है.

🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण की परिभाषा के साथ उसके प्राकृतिक और अप्राकृतिक स्रोतों को अलग-अलग स्पष्ट करें, और प्रत्येक के उदाहरण दें.

 

Question 7. वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों को स्पष्ट कीजिए।
Answer: वायु प्रदूषण के मुख्य दुष्प्रभाव ये हैं:
1. इंसानों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है.
2. पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं के जीवन पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे उनके अस्तित्व पर खतरा आ जाता है.
3. वायुमंडलीय स्थितियों पर बुरा असर पड़ता है, जिससे जलवायु परिवर्तन, ओजोन परत का पतला होना और ग्रीन हाउस प्रभाव जैसी समस्याएँ बढ़ जाती हैं.
4. बड़े शहरों में कोहरे और धुएँ के गुंबद बन जाते हैं, जिससे दृश्यता कम हो जाती है.
In simple words: वायु प्रदूषण से इंसानों, जानवरों और पौधों को नुकसान होता है, जलवायु बदलती है और शहरों में धुंध छा जाती है.

🎯 Exam Tip: वायु प्रदूषण के दुष्प्रभावों को बताते समय स्वास्थ्य, पर्यावरण, और जलवायु पर पड़ने वाले प्रभावों को शामिल करें.

 

Question. ओजोन परत को बचाने के उपायों को संक्षेप में लिखिए।
Answer: ओजोन परत को बचाने के लिए ये उपाय किए जा रहे हैं:
1. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत, दुनिया भर में ओजोन परत को नुकसान पहुँचाने वाली क्लोरोफ्लोरो-कार्बन (CFC) और हैलोजन गैसों के उत्पादन पर रोक लगा दी गई है.
2. फ्रेऑन नामक खतरनाक क्लोरो-फ्लोरो-कार्बन, जिसका उपयोग रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, फोम और एयरोसोल स्प्रे में होता है, उसके उत्पादन पर भी रोक लगा दी गई है.
3. संयुक्त राज्य अमेरिका में कॉनकॉर्ड विमानों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि इनसे ओजोन परत को नुकसान पहुँचने का डर था.
4. ओजोन परत की सुरक्षा के लिए दुनिया भर में हर साल 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े.
In simple words: ओजोन परत को बचाने के लिए हानिकारक गैसों पर रोक लगाई गई है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

🎯 Exam Tip: ओजोन परत संरक्षण के उपायों में अंतरराष्ट्रीय समझौतों और जागरूकता अभियानों का उल्लेख करना महत्वपूर्ण है.

 

Question 7. पर्यावरण संरक्षण से सम्बन्धित भारत के प्रमुख संस्थानों तथा संगठनों के नाम लिखिए।
Answer: पर्यावरण संरक्षण से संबंधित भारत के प्रमुख संस्थान और संगठन ये हैं:
1. **बोटनिकल सर्वे ऑफ इण्डिया:** यह कोलकाता में है और पौधों से जुड़े संसाधनों के सर्वे का काम करता है.
2. **द वाइल्ड लाइफ इन्स्टीट्यूट ऑफ इण्डिया (देहरादून):** यह अनुसंधान और प्रशिक्षण से संबंधित काम करता है.
3. **कल्पवृक्ष-गैर सरकारी संगठन (2003 से):** यह जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का काम कर रहा है.
4. **काजरी (CAZRI - Central Arid Zone Research Institute) जोधपुर:** यह जोधपुर में स्थित है.
5. **वन शोध संस्थान (FRIL - Forest Research Institute) 1906 देहरादून:** यह देहरादून में स्थित है.
6. **भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून-1986:** यह देहरादून में स्थित है.
7. **नीरी (NEERI - राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी शोध संस्थान) नागपुर-1958:** यह नागपुर में स्थित है.
In simple words: भारत में पर्यावरण बचाने के लिए बोटनिकल सर्वे, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट, काजरी, वन शोध संस्थान, भारतीय वन्यजीव संस्थान और नीरी जैसे कई संगठन काम करते हैं.

🎯 Exam Tip: भारत के प्रमुख पर्यावरण संस्थानों के नाम, उनके स्थान और मुख्य कार्य को याद रखें.

 

Question 8. विश्व की प्रमुख अन्तर्राष्ट्रीय पर्यावरण संस्थाओं के नाम व मुख्यालय लिखिए।
Answer: विश्व के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन और उनसे जुड़ी जानकारी इस प्रकार है:

स्थान का नामराष्ट्रवर्षसम्मेलन को प्रमुख विषय जिनसे वार्ता हुई
1. स्टॉक होम सम्मेलनस्वीडन1972पर्यावरण बचाने हेतु 25 सूत्रीय घोषणा पत्र जारी कर दिया जाए।
3. वियना सम्मेलनआस्ट्रिया1985ओजोन परत क्षरण पर चिन्ता।
4. मांट्रियल समझौतामांट्रियल1997ओजोन परत क्षरण को रोकने हेतु गैसों के उत्सर्जन में कमी की जाए।
5. टोरन्टो वल्ड कॉन्फ्रेंसकनाडा1988हरित गृह प्रभाव को कम कर जलवायु परिवर्तन से विश्व को बचाया जाए।
6. हेग घोषणानीदरलैण्ड1989पर्यावरण की गुणवत्ता बनाये रखने पर चर्चा
7. पृथ्वी शिखर सम्मेलन (रियो-डि-जेनेरो)ब्राजीलजून 1992178 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ग्रीन हाउस गैसों में कटौती तथा जैव सम्पदा संरक्षण के लिए समझौता किया गया।
8. न्यूयार्क सम्मेलनयू.एस.ए.-द्वितीय पृथ्वी शिखर सम्मेलन।
9. क्योटो सम्मेलनजापान1997159 देशों ने भाग लिया जिसे क्योटो प्रोटोकॉल भी कहते हैं।
10. बॉन सम्मेलनजर्मन1998क्योटो सम्मेलन के क्रियान्वयन पर जोर, ग्लोबल वार्मिंग पर विशेष कार्य किया जाए।
11. जोहान्सबर्गद. अफ्रीका2002+ 10 सम्मेलन भी कहते हैं। सतत् पोषणीय विकास पर बल।
4. डब्ल्यू.डब्ल्यू.एफ. (WWF)ग्लाइण्ड (स्विट्जरलैण्ड)
5. आई.पी.सी.सी. (IPCC)जेनेवा (स्विट्जरलैण्ड)
13. स्टॉक होम सम्मेलन-2004औद्योगिक प्रदूषण को कम करने पर जोर दिया जाए।
14. मांट्रियल सम्मेलन-2005विकसित देशों द्वारा 2012 तक ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को 1990 के स्तर तक लाना।
15. नाशा दुओइण्डोनेशिया बाली द्वीप2007IPCC की IV रिपोर्ट पेश की गई इस सम्मेलन में 193 देशों में से 189 मत प्राप्त कर राजेन्द्र पचौरी IPCC के अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
16. कोपेनहेगन सम्मेलनडेनमार्क2009सम्मेलन की अध्यक्षता राजेन्द्र पचौरी ने की थी। सम्मेलन में 2009 को सबसे गर्म वर्ष तथा सबसे 2001-10 के दशक को सबसे गर्म दशक घोषित किया गया।
17. कानकूनमैक्सिको201016 वां संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन हरित कोष हेतु 100 अरब डालर के निवेश पर सहमति।
18. नागोया प्रोटोकॉलजापान2010भारत ने जैव विविधता एवं सतत् विकास हेतु प्रोटोकाल संधि पर हस्ताक्षर किये।
21. मिनिमाटा सम्मेलन कुआमोटीशहरेजापान2012पारे पर प्रतिबंध को लेकर प्रथम सम्मेलन।
22. वासा सम्मेलनपोलैण्ड2013हरित जलवायु कोष निर्माण एवं जलवायु परिर्वतन सम्बन्धी समझौते पर बल दिया गया।
23. लीमा सम्मेलन (G-20 शिखर सम्मेलन)पेरू2015जलवायु परिवर्तन एवं आंतकवाद मुख्य मुद्दे।
24. संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन पेरिसफ्रांस12 दिसम्बर 2015जलवायु परिवर्तन कृषि को सतत् विकास।
25. विश्व पृथ्वी सम्मेलन' न्यूयार्कयू.एस.ए.22 अप्रैल 2016जलवायु परिवर्तन पर दिसम्बर 2015 पेरिस सम्मेलन पर हस्ताक्षर किये।

In simple words: यह तालिका दुनिया के प्रमुख पर्यावरण सम्मेलनों, उनके स्थानों, वर्षों और उन सम्मेलनों में चर्चा किए गए मुख्य मुद्दों को दिखाती है.

🎯 Exam Tip: पर्यावरण सम्मेलनों के नाम, वर्ष, स्थान और मुख्य विषय को ध्यान से याद करें, क्योंकि ये अक्सर पूछे जाते हैं.

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