RBSE Solutions Class 11 Sanskrit Chapter 6 दशरथ-श्रवणकुमारवृत्तम्

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Detailed Chapter 6 दशरथ-श्रवणकुमारवृत्तम् RBSE Solutions for Class 11 Sanskrit

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Class 11 Sanskrit Chapter 6 दशरथ-श्रवणकुमारवृत्तम् RBSE Solutions PDF

RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 6 पाठ्य-पुस्तकस्य अभ्यास-प्रणोत्तराणि

RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 6 अतिलघूत्तरात्मक प्रश्ना:

 

(क) दशरथः कदा दुष्कृतं स्मृतवान्? (राजा दशरथ ने दुष्कर्म कब याद किया?)
Answer: राम के वन चले जाने पर, छठी रात की आधी रात में, राजा दशरथ को अपने किए गए बुरे कर्म याद आए। यह घटना तब हुई जब राम वनवास के लिए जा चुके थे.
In simple words: जब राम वन चले गए, तो छठी रात की आधी रात को राजा दशरथ को अपना बुरा काम याद आया।

🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में घटना का समय और मुख्य पात्र का कार्य स्पष्ट रूप से लिखें।

 

(ख) राजा पुत्रशोकार्ता कां वचनम् अब्रवीत्? (पुत्र शोक से दुखी राजा ने किससे वचन कहे?)
Answer: पुत्र के शोक से पीड़ित राजा दशरथ ने महारानी कौशल्या से बातें कहीं। वे अपने दुख को कौशल्या के सामने व्यक्त कर रहे थे.
In simple words: पुत्र के दुख से दुखी राजा ने रानी कौशल्या से बात की।

🎯 Exam Tip: पात्रों के बीच संवाद संबंधी प्रश्नों में हमेशा बताएं कि किसने किससे क्या कहा।

 

(ग) अन्धकारे दशरथः किम् अश्रौषत्? (अँधेरे में दशरथ ने क्या सुना?)
Answer: अँधेरे में दशरथ ने एक आवाज सुनी थी, जिसके कारण उन्हें लगा कि कोई जानवर पानी पी रहा है। उन्होंने सोचा कि वह एक हाथी की गर्जना जैसी आवाज थी.
In simple words: अँधेरे में दशरथ ने एक आवाज सुनी, जैसे कोई जानवर पानी पी रहा हो।

🎯 Exam Tip: कहानी के मुख्य मोड़ से संबंधित घटनाओं का सटीक वर्णन करें।

 

(ङ) दशरथः सरय्वाः तीरे कम् अपश्यत्? (दशरथ ने सरयू के किनारे क्या देखा?)
Answer: दशरथ ने सरयू नदी के किनारे एक मृत तपस्वी को देखा। यह तपस्वी श्रवणकुमार था, जिसे उन्होंने अनजाने में बाण मार दिया था.
In simple words: दशरथ ने सरयू नदी के किनारे एक मरे हुए तपस्वी को देखा।

🎯 Exam Tip: घटना स्थल और देखे गए व्यक्ति का स्पष्ट उल्लेख करें।

 

(च) दशरथस्य पदशब्दं श्रुत्वा मुनिः किम् अभाषत? (दशरथ की पदचाप को सुनकर मुनि क्या बोला ?)
Answer: दशरथ की पदचाप सुनकर मुनि ने कहा, "मेरे पुत्र! तुम देर क्यों कर रहे हो? जल्दी से पानी लाओ।" मुनि श्रवणकुमार के माता-पिता थे और उन्होंने दशरथ को अपना पुत्र समझा था.
In simple words: दशरथ की आहट सुनकर मुनि ने कहा, "बेटे, देर क्यों कर रहे हो, जल्दी पानी लाओ।"

🎯 Exam Tip: उद्धृत कथन को हमेशा दोहरा चिह्न ("...") में लिखें और बताएं कि किसने कहा।

 

(छ) त्वं (दशरथः) केन शोकेन मृत्यु प्राप्स्यसि? (तुम (दशरथ) किस शोक से मृत्यु को प्राप्त होगे ?)
Answer: श्रवणकुमार के माता-पिता ने दशरथ को शाप दिया था कि "हे राजन! तुम भी पुत्र के वियोग के दुख से मृत्यु को प्राप्त होगे।" यह शाप दशरथ के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया.
In simple words: हे राजन! तुम्हें भी पुत्र के दुख से ही मौत मिलेगी।

🎯 Exam Tip: शाप या वरदान संबंधी प्रश्नों में शाप/वरदान के मुख्य अंश को सटीक रूप से प्रस्तुत करें।

 

(ज) कयोः सन्निधौ दशरथः जीवितान्तम् उपागमत्? (किनके सान्निध्य में दशरथ जीवन के अन्त को प्राप्त हुआ ?)
Answer: दशरथ ने राम की माता कौशल्या और सुमित्रा के पास अपना जीवन त्याग दिया। इन दोनों महारानियों के सान्निध्य में ही उन्होंने अंतिम सांस ली.
In simple words: दशरथ ने राम की माता कौशल्या और सुमित्रा के पास अपनी जान दी।

🎯 Exam Tip: घटना के अंतिम क्षणों और उपस्थित व्यक्तियों का स्पष्ट उल्लेख करें।

RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 6 लघूत्तरात्मक प्रश्नाः

 

(क) कर्ता कीदृशं फलं लभते? (कर्ता कैसे फल को प्राप्त करता है?)
Answer: कर्ता अपने कर्मों से उत्पन्न शुभ या अशुभ फल को प्राप्त करता है। यह कर्म के नियम को दर्शाता है कि व्यक्ति अपने कार्यों के अनुसार ही परिणाम पाता है.
In simple words: इंसान अपने अच्छे या बुरे कर्मों का ही फल पाता है।

🎯 Exam Tip: कर्म के सिद्धांत को संक्षेप में और स्पष्ट शब्दों में समझाएं।

 

(ख) दशरथः बाणमोचनानन्तरं किम् अकरोत्? (दशरथ ने बाण छोड़ने के बाद क्या किया?)
Answer: दशरथ बाण छोड़ने के बाद उस जगह पर गए जहाँ तपस्वी को बाण लगा था। उन्हें यह जानने की उत्सुकता थी कि उनका बाण किसे लगा है.
In simple words: बाण चलाने के बाद दशरथ उस जगह गए जहाँ तपस्वी मरा था।

🎯 Exam Tip: किसी भी कार्य के बाद पात्र की अगली प्रतिक्रिया या कदम का उल्लेख करें।

 

(ग) श्रवणकुमारः स्वमातृ-पितृ-विषये किम् उक्तवान्? (श्रवणकुमार ने अपने माता-पिता के विषय में क्या कहा?)
Answer: श्रवणकुमार ने कहा कि "मेरे माता-पिता अंधे हैं। वे दोनों प्यासे हैं और मेरी प्रतीक्षा कर रहे हैं। वे कमजोर और अंधे हैं, उन्हें कैसे मार दिया गया?" वह अपनी माता-पिता की दुर्दशा के बारे में बता रहा था.
In simple words: श्रवणकुमार ने कहा कि उसके माता-पिता अंधे और प्यासे हैं, और उसका इंतजार कर रहे हैं।

🎯 Exam Tip: पात्रों के संवाद में उनकी भावनाओं और स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाएं।

 

(ङ) श्रवणकुमारस्य पितुः का इच्छा आसीत्? (श्रवणकुमार के पिता की क्या इच्छा थी?)
Answer: श्रवणकुमार के पिता की इच्छा थी कि "हे राजन! हम दोनों को उस स्थान पर ले चलो जहाँ हमारा पुत्र है। हम उसे देखना चाहते हैं।" वे अपने मरे हुए पुत्र को अंतिम बार देखना चाहते थे.
In simple words: श्रवणकुमार के पिता चाहते थे कि दशरथ उन्हें उनके पुत्र के पास ले जाएं ताकि वे उसे देख सकें।

🎯 Exam Tip: इच्छा संबंधी प्रश्नों में बताएं कि पात्र क्या चाहता था और क्यों।

 

(च) श्रवणकुमारस्य पिता दशरथं कि शप्तवान्? (श्रवणकुमार के पिता ने दशरथ को क्या शाप दिया?)
Answer: श्रवणकुमार के पिता ने दशरथ को शाप दिया कि "जैसे मैं पुत्र के वियोग के दुख से मृत्यु को प्राप्त हो रहा हूँ, वैसे ही तुम भी अपने पुत्र के वियोग के दुख से मौत को प्राप्त करोगे।" यह शाप दशरथ के भविष्य को प्रभावित करने वाला था.
In simple words: श्रवणकुमार के पिता ने दशरथ को शाप दिया कि जैसे वह अपने पुत्र के दुख से मर रहा है, वैसे ही दशरथ भी पुत्र के दुख से मरेंगे।

🎯 Exam Tip: शाप के शब्दों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें और उसके परिणाम को भी बताएं।

 

3. अधोलिखितश्लोकानाम् अन्वयं हिन्दी-भाषायाम् आशयं च लिखत-(निम्नलिखित श्लोकों का अन्वय और हिन्दी भाषा में आशय लिखिए-)
(क) यदाचरति कल्याणि .............. कर्मजमात्मनः ॥3॥
Answer:
अन्वयः – हे कल्याणी! व्यक्ति जैसा कर्म करता है, वैसा ही उसे अपने कर्मों का फल मिलता है। यह दर्शाता है कि कर्मों के अनुसार ही परिणाम प्राप्त होते हैं.
आशय – इस श्लोक का अर्थ है कि हर व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार ही शुभ या अशुभ फल मिलते हैं। कोई भी अपने कर्मों के फल से बच नहीं सकता.
In simple words: हे कल्याणी! व्यक्ति जो काम करता है, उसे वैसा ही फल मिलता है।

🎯 Exam Tip: श्लोकों के अन्वय और आशय को हमेशा स्पष्ट और सरल भाषा में लिखें, पहले अन्वय और फिर उसका भावार्थ।

 

(ग) यद्येतदशुभम् .... सहस्रधा ॥22॥
Answer:
अन्वयः – राजन्! यदि तुम यह अशुभ समाचार मुझे खुद नहीं बताते, तो मेरा सिर तुरंत हजारों टुकड़ों में बंट जाता। श्रवणकुमार के पिता दशरथ से कह रहे थे कि यह खबर उनके लिए कितनी दुखदायी है.
आशय – हे राजन्! यदि यह दुखद खबर मुझे नहीं बताई जाती, तो मेरा सिर दुख से टुकड़े-टुकड़े हो जाता। यह श्रवणकुमार के माता-पिता के अत्यधिक दुख को दर्शाता है.
In simple words: हे राजन! यदि तुम यह बुरी खबर मुझे नहीं बताते, तो मेरा सिर दुख से फट जाता।

🎯 Exam Tip: श्लोकों के अन्वय और आशय को हमेशा स्पष्ट और सरल भाषा में लिखें, पहले अन्वय और फिर उसका भावार्थ।

 

(घ) पुत्रव्यसनजं .............. ॥29॥
Answer:
अन्वयः – राजन्! इस समय मेरे पुत्र के वियोग से जो दुख मुझे हो रहा है, वैसे ही तुम भी पुत्र-शोक में अपना समय बिताओगे। यह शाप दशरथ के भविष्य की ओर संकेत करता है.
आशय – जैसे मैं अपने पुत्र के वियोग के दुख में मर रहा हूँ, वैसे ही हे राजा! तुम भी पुत्र के वियोग के दुख से मरोगे। श्रवणकुमार के पिता का शाप दशरथ पर गहरा असर डालने वाला था.
In simple words: हे राजन! जैसे मैं अपने पुत्र के दुख से मर रहा हूँ, वैसे ही तुम भी पुत्र के दुख से मरोगे।

🎯 Exam Tip: श्लोकों के अन्वय और आशय को हमेशा स्पष्ट और सरल भाषा में लिखें, पहले अन्वय और फिर उसका भावार्थ।

 

4. श्लोकानां पूर्ति कुरुत। (श्लोकों की पूर्ति कीजिए-)
(क) स राजा रजनीं षष्ठीं रामे प्रव्राजिते वनम्-
Answer: अर्धरात्रे दशरथः संस्मरन् दुष्कृतं कृतम् ॥1॥
In simple words: राजा दशरथ को आधी रात में, राम के वन जाने के बाद, अपने किए हुए बुरे कर्म याद आए।

🎯 Exam Tip: श्लोक पूर्ति में सही शब्द और व्याकरण का ध्यान रखें।

 

(ख) किं तवापकृतं राजन् वने निवसता मया
Answer: एकेन खलु बाणेन मर्मण्यभिहते मयि ॥2॥
In simple words: मैंने वन में रहते हुए तुम्हारा क्या बिगाड़ा था, कि तुमने मुझे एक बाण से मर्मस्थल पर मार दिया?

🎯 Exam Tip: श्लोक पूर्ति में सही शब्द और व्याकरण का ध्यान रखें।

 

(ग) अज्ञानाद्धि कृतं यस्मादिदं तेनैव जीवसि
Answer: अपि ह्यद्य कुलं न स्यादिक्षुवाकूणां, कुतो भवान् ॥23॥
In simple words: चूंकि यह गलती अनजाने में हुई है, इसलिए तुम जीवित हो, नहीं तो आज इक्ष्वाकु वंश ही समाप्त हो जाता।

🎯 Exam Tip: श्लोक पूर्ति में सही शब्द और व्याकरण का ध्यान रखें।

 

5. अधोलिखितपदानां सन्धि-विच्छेदं कृत्वा सन्धेः नाम लिखत - (निम्न पदों का सन्धि-विच्छेद करके सन्धि का नाम लिखिए-)
Answer:

पदम्सन्धि-विच्छेदःसन्धि-नाम
1. यदाचरतियत् + आचरतिहल् जश्त्व
2. भवाम्यहम्भवामि + अहम्यण
3. अथान्धकारेअथ + अन्धकारेदीर्घ
4. त्वश्रौषम्तु + अश्रौषम्यण्
5. वागुषसिवाक् + उषसिहल् जश्त्व
6. पततस्तोयेपततः + तोयंविसर्ग सत्व
7. द्वावन्धौद्वौ + अन्धौअयादि
8. मर्मण्यभिहतेमर्मणि + अभिहतेयण्
9. लूनपक्षाविवलूनपक्षौ + इवअयादि
10. क्षत्रियोऽहम्क्षत्रियः + अहम्विसर्ग, पूर्वरूप
11. यद्येतदशुभम्यत् + एतत् + अशुभंयण्
12. ह्यद्यहि + अद्ययण्
13. यदेतन्ममयद् + एतत् + ममहल्
14. क्वासिक्व + असिदीर्घ
15. सुमित्रायाश्चसुमित्रायाः + चविसर्ग सन्धि

In simple words: ऊपर दी गई तालिका में शब्दों को उनके मूल भागों में तोड़ा गया है, और साथ ही यह भी बताया गया है कि उनमें कौन सी संधि का नियम लागू होता है। इससे शब्दों की बनावट को समझने में आसानी होती है।

🎯 Exam Tip: सन्धि विच्छेद करते समय शब्दों के मूल अर्थ और व्याकरणिक नियमों का ध्यान रखें। सन्धि के नाम का सही उल्लेख भी महत्वपूर्ण है।

 

6. निम्रलिखितसामासिकपदानां समासविग्रहं कृत्वा समासस्य नाम लिखत - (निम्नलिखित समस्त पदों का समास विग्रह करके समास का नाम लिखिए-)
Answer:

पदम्समास-विग्रहःसमास-नाम
1. पुत्रशोकार्तःपुत्रशोकेन आर्तःतृतीया तत्पुरुषः
2. कामविवर्धिनीकामं विवर्धते या साबहुव्रीहि
3. वनौकसःवने ओकसःसप्तमी तत्पुरुष
4. तपोधनःतपः एव धनं यस्य सःबहुव्रीहि
5. महात्मनःमहान् च असौ आत्माकर्मधारयः
6. पुत्रशोकेनपुत्रस्य शोकेनषष्ठी तत्पुरुष
7. पुत्रव्यसनजम्पुत्रस्य व्यसनजम्षष्ठी तत्पुरुष
8. जीवितान्तम्जीवितस्य अन्तम्षष्ठी तत्पुरुष
9. पितृप्रियःपितुः प्रियःषष्ठी तत्पुरुष

In simple words: ऊपर दी गई तालिका में संस्कृत शब्दों को उनके समास-विग्रह के साथ दिखाया गया है, और यह भी बताया गया है कि वे किस प्रकार के समास हैं। यह शब्दों के अर्थ और उनकी संरचना को समझने में मदद करता है।

🎯 Exam Tip: समास विग्रह करते समय यह समझना आवश्यक है कि शब्द में कौन से कारक चिह्न या संबंध लुप्त हैं, ताकि सही समास का नाम बताया जा सके।

 

दृष्टवान्। तौ उभौ कर्तितपक्षौ खगौ इव आस्ताम्।
Answer: भावार्थ – उस स्थान पर मैंने उन दोनों कमजोर, अंधे और बूढ़े माता-पिता (श्रवण के) को देखा। वे दोनों कटे हुए पंखों वाले पक्षियों की तरह थे। यह उनकी दयनीय स्थिति को दर्शाता है.
In simple words: मैंने श्रवण के अंधे और बूढ़े माता-पिता को देखा, वे कटे पंखों वाले पक्षियों जैसे लग रहे थे।

🎯 Exam Tip: भावार्थ लिखते समय श्लोक के मूल अर्थ को सरल और संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत करें।

 

(ख) नाभिवादयसे .............. कुपितो ह्यसि ॥26॥
Answer:
संस्कृत – व्याख्याः – हे पुत्र! आज तुम हम दोनों का अभिवादन क्यों नहीं कर रहे हो? और न ही तुम मेरे साथ बातचीत कर रहे हो। हे पुत्र! आज तुम धरती पर क्यों सो रहे हो? क्या तुम हम दोनों से नाराज हो?
भावार्थ – हे बेटा! आज तुम हमें प्रणाम क्यों नहीं कर रहे हो और न ही हमसे बात कर रहे हो? तुम आज धरती पर क्यों सो रहे हो? क्या तुम हम दोनों से नाराज हो? ये श्रवणकुमार के माता-पिता के प्रश्न थे, जब वे अपने पुत्र को मृत देखते हैं.
In simple words: हे बेटा! तुम हमें प्रणाम क्यों नहीं करते और बात भी नहीं करते? धरती पर क्यों सो रहे हो? क्या तुम हमसे नाराज हो?

🎯 Exam Tip: श्लोक की व्याख्या करते समय संस्कृत के भाव को हिंदी में सरल शब्दों में समझाएं।

 

(ग) तस्यायं .............. भूमिपः ॥31॥
Answer:
संस्कृत – व्याख्याः – हे देवि! कौशल्ये! यह उसी कृत्य का फल है, जो प्रकट हो गया है। इस प्रकार कहकर पीड़ा से दुखी राजा दशरथ ने अपनी पत्नी से बात की। वह अपनी गलती के परिणाम को स्वीकार कर रहे थे.
भावार्थ – हे देवि कौशल्या! यह उसी कर्म का फल है, जो अब सामने आ गया है। इस प्रकार कहकर दुखी राजा ने अपनी पत्नी से कहा। दशरथ अपनी गलती के परिणाम को बता रहे थे.
In simple words: हे कौशल्या! यह उसी काम का नतीजा है। यह कहकर दुखी राजा ने अपनी पत्नी से बात की।

🎯 Exam Tip: श्लोक की व्याख्या करते समय संस्कृत के भाव को हिंदी में सरल शब्दों में समझाएं।

 

8. अधोलिखितपदानां प्रकृति-प्रत्ययौ लेख्यौ (निम्न पदों का प्रकृति प्रत्यय लिखिए)
Answer:

पदम्प्रकृति + प्रत्ययः
1. प्रव्राजितेप्रव्रज् + णिच् + क्त
2. संस्मरन्संस्मृ + शतृ
3. श्रुत्वाश्रु + क्त्वा
4. उद्बीक्ष्यउद् + वि + ईक्ष् + ल्यप्
5. जनयिताजन् + तृच्
6. आदायआदा + ल्यप्
7. प्राप्यप्रआप् + ल्यप्
8. उक्तम्वच् + क्त
9. द्रुष्टुम्दृश् + तुमुन्
10. विलप्यवि + लप् + ल्यप्
11. आरोप्यआ + रोप् + ल्यप्
12. उक्त्वावच् + क्त्वा

In simple words: यह तालिका संस्कृत शब्दों को उनके मूल धातु (प्रकृति) और जुड़े हुए प्रत्यय में अलग-अलग करती है, जिससे यह समझने में मदद मिलती है कि शब्द कैसे बने हैं।

🎯 Exam Tip: प्रकृति और प्रत्यय को पहचानते समय शब्द के अर्थ और उसके व्याकरणिक रूप पर ध्यान दें।

 

9. अधोलिखितपदानां धातु-लकार-पुरुष-वचनादीनां निर्देशनं कुरुत। (निम्न पदों के धातु, लकार, पुरुष, वचन आदि का निर्देश कीजिए-)
Answer:

पदम्शब्दम्लकारपुरुषवचनम्
5. आनयआनीलोट्मध्यमएकवचनम्
6. कथयेःकथ्विधिलिड्मध्यमएकवचनम्
7. इच्छावःइक्षलट्उत्तमद्विवचनम्
8. तिष्ठस्थालोट्मध्यमएकवचनम्

In simple words: यह तालिका संस्कृत क्रियापदों को उनके मूल धातु, लकार (काल), पुरुष और वचन के साथ दिखाती है, जिससे उनकी व्याकरणिक पहचान स्पष्ट होती है।

🎯 Exam Tip: धातु, लकार, पुरुष और वचन की पहचान करते समय शब्द के अंत में लगे प्रत्ययों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि वे इन सभी को इंगित करते हैं।

 

10. अधोलिखितपदानां मूल शब्द-विभक्ति-लिंग-वचनादीनां निर्देशं कुरुत - (निम्न पदों का मूल शब्द, विभक्ति, लिंग तथा वचन बताइए-)
Answer:

पदम्शब्दम्विभक्तिःलिंगःवचनम्
1. आत्मनःआत्मन्पंचमी, षष्ठीपुंल्लिंगएकवचनम्
2. ममअस्मद्षष्ठीपुंल्लिंगएकवचनम्
3. वारणस्यवारणषष्ठीपुंल्लिंगएकवचनम्
4. इषुणाइषुतृतीयापुंल्लिंगएकवचनम्
5. तेजसातेजस्तृतीयानपुंसकलिंएकवचनम्
6. निवसतानि + वसत्तृतीयापुंल्लिंगएकवचनम्

In simple words: यह तालिका संस्कृत शब्दों के मूल रूप, विभक्ति, लिंग और वचन की जानकारी देती है, जिससे उनकी व्याकरणिक पहचान स्पष्ट होती है।

🎯 Exam Tip: मूल शब्द, विभक्ति, लिंग और वचन को पहचानते समय शब्द के अंत में लगे प्रत्ययों और उसके रूप परिवर्तनों का ध्यान रखें।

RBSE Class 11 Sanskrit सत्प्रेरिका Chapter 6 अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तराणि

 

प्रश्न 1. रामे वनं गते दशरथः किम् अस्मरत्? (राम के वन चले जाने पर दशरथ ने क्या याद किया?)
Answer: राम के वन चले जाने पर दशरथ ने अपने द्वारा किए गए बुरे कर्म को याद किया। यह उनके जीवन की एक दुखद घटना थी.
In simple words: जब राम वन गए, तो दशरथ को अपना किया हुआ बुरा काम याद आया।

🎯 Exam Tip: ऐसे प्रश्नों में मुख्य घटना और उसके तत्काल प्रभाव को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न 2. दशरथेन किं दुष्कृतं कृतं यत् कौशल्याम् अश्रावयत्? (दशरथ ने कौनसा पाप किया, जिसे कौशल्या को सुनाया ?)
Answer: दशरथ ने अनजाने में श्रवणकुमार को मार दिया था, यही वह बुरा कर्म था जिसे उन्होंने कौशल्या को सुनाया। यह घटना उनके पश्चाताप का कारण बनी.
In simple words: दशरथ ने अनजाने में श्रवणकुमार को मार दिया था, यह बुरा काम उन्होंने कौशल्या को बताया।

🎯 Exam Tip: पाप या गलती का वर्णन करते समय उसके कारण और परिणाम का भी उल्लेख करें।

 

प्रश्न 3. यदा दशरथः कौशल्या-समीपे अगच्छत् तदा कौशल्या कीदृशी आसीत्? (जब दशरथ कौशल्या के पास गया तब कौशल्या कैसी थी ?)
Answer: जब दशरथ कौशल्या के पास गए, तब कौशल्या पुत्र के शोक से दुखी थी। वह राम के वनवास के कारण अत्यंत व्यथित थी.
In simple words: जब दशरथ कौशल्या के पास गए, तो वह पुत्र के दुख से बहुत दुखी थी।

🎯 Exam Tip: पात्रों की मनोदशा का वर्णन करते समय उनकी भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त करें।

 

प्रश्न 5. दशरथः अर्द्धरात्रे कौशल्य किं उपदिष्टवान्? (दशरथ ने आधी रात में कौशल्या को क्या उपदेश दिया?)
Answer: दशरथ ने कौशल्या को उपदेश दिया, "हे भद्रे! मनुष्य जैसा शुभ या अशुभ कर्म करता है, वह वैसा ही अपने कर्मों से उत्पन्न फल प्राप्त करता है।" वे अपने किए गए कर्मों के फल की बात कर रहे थे.
In simple words: दशरथ ने कौशल्या से कहा कि इंसान जैसे काम करता है, वैसा ही फल पाता है।

🎯 Exam Tip: उपदेश वाले प्रश्नों में, मुख्य शिक्षा या नैतिक संदेश को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

प्रश्न 6. दशरथेन यदा श्रवणकुमारः हतः तदा सः कस्मिन् पदे आरूढः आसीत्? (दशरथ ने जब श्रवणकुमार को मारा तब वह किस पद पर आरूढ़ था?)
Answer: जब दशरथ ने श्रवणकुमार को मारा, तब वे युवराज पद पर थे। यह घटना उनके युवराज काल में हुई थी, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हुआ.
In simple words: जब दशरथ ने श्रवणकुमार को मारा, तब वे युवराज थे।

🎯 Exam Tip: घटना के समय पात्र की स्थिति या पद का सही उल्लेख करें।

 

प्रश्न 7. दशरथेन श्रवणं कुत्र हतः? (दशरथ ने श्रवण को कहाँ मारा?)
Answer: दशरथ ने श्रवण को सरयू नदी के किनारे मारा। यह घटना जल भरने के दौरान हुई थी.
In simple words: दशरथ ने श्रवण को सरयू नदी के किनारे मारा था।

🎯 Exam Tip: घटना के स्थान को सटीक रूप से बताएं।

 

प्रश्न 8. यदा दशरथः शरमक्षिपत् तदा श्रवणा. वि किं करोति स्म? (जब दशरथ ने बाण छोड़ा तब श्रवण क्या कर रहा था?)
Answer: जब दशरथ ने बाण छोड़ा, तब श्रवण सरयू नदी के जल में घड़े को भर रहा था। वह अपने प्यासे माता-पिता के लिए पानी लेने आया था.
In simple words: जब दशरथ ने बाण चलाया, तब श्रवण सरयू नदी में घड़ा भर रहा था।

🎯 Exam Tip: घटना के समय पात्र की गतिविधि का स्पष्ट वर्णन करें।

 

प्रश्न 9. श्रवणस्य वध-काले दशरथः विवाहितो आसीत् न वा? (श्रवण के वध के समय दशरथ विवाहित था अथवा नहीं ?)
Answer: श्रवण के वध के समय दशरथ अविवाहित थे। उनकी शादी बाद में हुई थी.
In simple words: श्रवण के वध के समय दशरथ की शादी नहीं हुई थी।

🎯 Exam Tip: घटना के समय पात्र की सामाजिक स्थिति का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 10. श्रवणस्य वध-काले कः ऋतुः आसीत्? (श्रवण वध के समय कौन-सी ऋतु थी?)
Answer: श्रवण के वध के समय वर्षा ऋतु थी। इस ऋतु में नदियों में पानी भरा होता है, जिससे दशरथ को गलती हुई.
In simple words: श्रवण के वध के समय वर्षा ऋतु थी।

🎯 Exam Tip: घटना के समय के प्राकृतिक वातावरण या ऋतु का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 11. पावस ऋतु कीदृशी भवति ? (वर्षा ऋतु कैसी होती है ?)
Answer: वर्षा ऋतु में जल में भरते हुए घड़े की आवाज हाथी की गर्जना की तरह होती है। इस समय पानी की आवाज़ से अक्सर भ्रम पैदा होता है.
In simple words: वर्षा ऋतु में पानी भरते घड़े की आवाज हाथी की आवाज जैसी लगती है।

🎯 Exam Tip: ऋतुओं के वर्णन में उनकी मुख्य विशेषताओं का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 13. दशरथः कीदृशं बाणम् अमुञ्चत्? (दशरथ ने कैसा बाण छोड़ा ?)
Answer: दशरथ ने तीखा और नाग के समान बाण छोड़ा। यह बाण इतना घातक था कि उसने श्रवणकुमार की जान ले ली.
In simple words: दशरथ ने एक तेज और जहरीले सांप जैसे बाण का प्रयोग किया।

🎯 Exam Tip: बाण के प्रकार या विशेषता का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 14. बाणेन अभिहतः श्रवणः कगतः? (बाण से आहत हुआ श्रवण कहाँ गया?)
Answer: बाण से आहत हुआ श्रवण "हा हा" चिल्लाते हुए नदी के जल में गिर गया। वह अपने प्राणों को बचाने में असमर्थ था.
In simple words: बाण लगने पर श्रवण "हा हा" कहते हुए नदी के पानी में गिर गया।

🎯 Exam Tip: घायल होने के बाद पात्र की तत्काल प्रतिक्रिया और स्थान का उल्लेख करें।

 

प्रश्न 15. शरे मुक्ते दशरथः किम् अश्रृणोत्? (बाण छूट जाने पर दशरथ ने क्या सुना?)
Answer: बाण छूट जाने पर दशरथ ने श्रवण की करुण क्रंदन की आवाज सुनी। यह आवाज उन्हें अपनी गलती का एहसास कराती है.
In simple words: बाण चलाने के बाद दशरथ ने श्रवण के रोने की दुखद आवाज सुनी।

🎯 Exam Tip: घटना के बाद सुनी गई ध्वनि और उसके महत्व को बताएं।

 

प्रश्न 16. श्रवणस्य करुणं क्रन्दनं श्रुत्वा राजा किमकरोत्? (श्रवण के करुण क्रन्दन, को सुनकर राजा ने क्या किया ?)
Answer: श्रवण के करुण क्रंदन को सुनकर राजा उस स्थान पर पहुँचकर सरयू के किनारे बाण से मरे श्रवणकुमार को देखा। उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ.
In simple words: श्रवण के रोने की आवाज सुनकर राजा उस जगह गए और सरयू नदी के किनारे मरे हुए श्रवणकुमार को देखा।

🎯 Exam Tip: मुख्य घटना के बाद पात्र की प्रतिक्रिया और अगले कदम का वर्णन करें।

 

प्रश्न 17. श्रवणः आहतः कीदृशं दशरथं अपश्यत्? (आहत श्रवण ने कैसे दशरथ को देखा?)
Answer: आहत श्रवण ने दशरथ को भयभीत और अस्वस्थ मन वाला देखा। दशरथ अपनी गलती के कारण बहुत परेशान थे.
In simple words: घायल श्रवण ने दशरथ को डरा हुआ और परेशान मन वाला देखा।

🎯 Exam Tip: पात्रों के बीच मुठभेड़ में उनके चेहरों के भाव और मानसिक स्थिति का वर्णन करें।

 

प्रश्न 18. श्रवणः दशरथं कथम् अपश्यत्? (श्रवण ने दशरथ को कैसे देखा?)
Answer: श्रवण ने दशरथ को ऐसे देखा, जैसे वह उन्हें मारने की इच्छा वाला हो। श्रवण गुस्से और दुख में था, क्योंकि दशरथ ने अनजाने में उसे मार दिया था.
In simple words: श्रवण ने दशरथ को ऐसे देखा, मानो वह उसे मारने की इच्छा रखता हो।

🎯 Exam Tip: पात्रों के दृष्टिकोण से किसी घटना का वर्णन करते समय उनकी भावनाओं को दर्शाएं।

 

प्रश्न 20. दशरथेनः किं अपकृत? (दशरथ ने क्या अपकार किया?)
Answer: दशरथ ने श्रवण को एक ही बाण से मारकर अपकार किया। यह एक अनजाने में हुई गलती थी, जिसके गंभीर परिणाम हुए.
In simple words: दशरथ ने श्रवण को एक बाण से मारकर बुरा किया।

🎯 Exam Tip: किसी गलती या अपकार का वर्णन करते समय उसे स्पष्ट और संक्षिप्त रखें।

 

प्रश्न 21. मरणासन्न श्रवणः दशरथं कि निवेदितवान्? (मरणासन्न श्रवण ने दशरथ से क्या निवेदन किया?)
Answer: मरणासन्न श्रवण ने दशरथ से निवेदन किया कि तुम मेरे पिता के पास शीघ्र जाकर उन्हें इस घटना की सूचना दे दो। वह अपने माता-पिता के भविष्य को लेकर चिंतित था.
In simple words: मरते हुए श्रवण ने दशरथ से कहा कि वह उसके पिता के पास जाकर खबर दे दे।

🎯 Exam Tip: निवेदन वाले प्रश्नों में, मुख्य अनुरोध और उसके पीछे के कारण को स्पष्ट करें।

 

प्रश्न 22. यदि दशरथः तौ न प्रसादयति तर्हि कि भविष्यति? (यदि दशरथ उनको प्रसन्न नहीं करेगा तो क्या होगा?)
Answer: यदि दशरथ उन दोनों (श्रवण के माता-पिता) को प्रसन्न नहीं करता, तो उसका सिर हजारों टुकड़ों में बंट जाएगा। यह श्रवण के पिता के शाप का हिस्सा था.
In simple words: यदि दशरथ उन्हें खुश नहीं करेगा, तो उसका सिर हजारों टुकड़ों में बंट जाएगा।

🎯 Exam Tip: शाप के परिणामों को स्पष्ट रूप से बताएं।

 

प्रश्न 23. किं काव्यम् आदिकाव्यम् उच्यते? (कौन-सा काव्य आदिकाव्य कहलाता है?)
Answer: रामायण को आदिकाव्य कहा जाता है। यह संस्कृत साहित्य का एक महत्वपूर्ण और प्राचीन महाकाव्य है.
In simple words: रामायण को आदिकाव्य कहते हैं।

🎯 Exam Tip: सामान्य ज्ञान या साहित्यिक प्रश्नों में सटीक नाम और उसकी पहचान बताएं।

 

प्रश्न 24. कः संस्कृतस्य आदिकविः? (संस्कृत का आदिकवि कौन है?)
Answer: महर्षि वाल्मीकि संस्कृत भाषा के आदिकवि हैं। उन्होंने ही रामायण की रचना की.
In simple words: महर्षि वाल्मीकि संस्कृत के पहले कवि हैं।

🎯 Exam Tip: साहित्यिक या ऐतिहासिक व्यक्तियों के नाम और उनकी उपाधि का सही उल्लेख करें।

 

प्रश्न 25. कतिकाण्डात्मकम् रामायणम् नाम महाकाव्यम्? (रामायण महाकाव्य कितने काण्डों वाला है?)
Answer: रामायण नामक महाकाव्य सात काण्डों वाला है। इन सात काण्डों में राम के जीवन की पूरी कहानी वर्णित है.
In simple words: रामायण महाकाव्य में सात काण्ड (भाग) हैं।

🎯 Exam Tip: किसी रचना के विभाजन या अध्याय की संख्या का सही उल्लेख करें।

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