NCERT Solutions for Class 11 Mathematics: Chapter 08 अनुक्रम, श्रेढ़ी तथा श्रेणी
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Practice Class 11 Mathematics Solutions: Chapter 08 अनुक्रम, श्रेढ़ी तथा श्रेणी
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प्रश्न 1. निम्नलिखित श्रेढ़ियों को योगफल ज्ञात कीजिए
(i) \( 7 + 11 + 15 + 19 + \dots \dots 20 \) पदों तक।
(ii) \( \frac { 1 }{ 3 } + 1 + \frac { 5 }{ 3 } + \dots \dots 10 \) पदों तक।
(iii) \( \frac { 1 }{ \sqrt{2}+1 } + \sqrt{2} + \frac { 1 }{ \sqrt{2}-1 } + \dots \dots 6 \) पदों तक।
Answer:
(i) दी गई श्रेढ़ी में, पहला पद \( a = 7 \) है।
सार्वअन्तर \( d = 11 - 7 = 4 \) है।
पदों की संख्या \( n = 20 \) है।
समांतर श्रेढ़ी के \( n \) पदों का योगफल का सूत्र है: \( S_n = \frac { n }{ 2 } [2a + (n-1)d] \)
\( S_{20} = \frac { 20 }{ 2 } [2 \times 7 + (20-1) \times 4] \)
\( S_{20} = 10 [14 + 19 \times 4] \)
\( S_{20} = 10 [14 + 76] \)
\( S_{20} = 10 \times 90 \)
\( S_{20} = 900 \)
अतः 20 पदों का योगफल 900 है।
(ii) दी गई श्रेढ़ी में, पहला पद \( a = \frac { 1 }{ 3 } \) है।
सार्वअन्तर \( d = 1 - \frac { 1 }{ 3 } = \frac { 2 }{ 3 } \) है।
पदों की संख्या \( n = 10 \) है।
समांतर श्रेढ़ी के \( n \) पदों का योगफल का सूत्र है: \( S_n = \frac { n }{ 2 } [2a + (n-1)d] \)
\( S_{10} = \frac { 10 }{ 2 } [2 \times \frac { 1 }{ 3 } + (10-1) \times \frac { 2 }{ 3 }] \)
\( S_{10} = 5 [\frac { 2 }{ 3 } + 9 \times \frac { 2 }{ 3 }] \)
\( S_{10} = 5 [\frac { 2 }{ 3 } + 6] \)
\( S_{10} = 5 [\frac { 2 + 18 }{ 3 }] \)
\( S_{10} = 5 \times \frac { 20 }{ 3 } \)
\( S_{10} = \frac { 100 }{ 3 } \)
अतः 10 पदों का योगफल \( \frac { 100 }{ 3 } \) है।
(iii) दी गई श्रेढ़ी में, पहला पद \( a = \frac { 1 }{ \sqrt{2}+1 } = \frac { \sqrt{2}-1 }{ (\sqrt{2}+1)(\sqrt{2}-1) } = \sqrt{2}-1 \)
सार्वअन्तर \( d = \sqrt{2} - \frac { 1 }{ \sqrt{2}+1 } \)
\( d = \sqrt{2} - (\sqrt{2}-1) \)
\( d = \sqrt{2} - \sqrt{2} + 1 \)
\( d = 1 \)
पदों की संख्या \( n = 6 \) है।
समांतर श्रेढ़ी के \( n \) पदों का योगफल का सूत्र है: \( S_n = \frac { n }{ 2 } [2a + (n-1)d] \)
\( S_6 = \frac { 6 }{ 2 } [2 \times (\sqrt{2}-1) + (6-1) \times 1] \)
\( S_6 = 3 [2\sqrt{2}-2 + 5] \)
\( S_6 = 3 [2\sqrt{2}+3] \)
\( S_6 = 6\sqrt{2}+9 \)
अतः 6 पदों का योगफल \( 6\sqrt{2}+9 \) है।
In simple words: प्रत्येक भाग में, हमने पहले पद (a), सार्वअन्तर (d) और पदों की संख्या (n) को पहचाना। फिर, हमने समांतर श्रेढ़ी के योगफल के सूत्र का उपयोग करके योगफल निकाला।
🎯 Exam Tip: समांतर श्रेढ़ी के प्रश्नों को हल करते समय, 'a', 'd' और 'n' को सही ढंग से पहचानना सबसे महत्वपूर्ण है। भिन्नों या वर्गमूलों के साथ काम करते समय गणनाओं में सावधानी बरतें।
प्रश्न 2. 1 से 101 तक के विषम पूर्णांकों का योगफल ज्ञात कीजिए जो 3 से विभाज्य है।
Answer: 1 से 101 तक के विषम पूर्णांक जो 3 से विभाज्य हैं, वे हैं: \( 3, 9, 15, \dots \dots, 99 \)
यह एक समांतर श्रेढ़ी है जिसका पहला पद \( a = 3 \) है।
सार्वअन्तर \( d = 9 - 3 = 6 \) है।
अंतिम पद \( l = 99 \) है।
अंतिम पद का सूत्र \( l = a + (n-1)d \) होता है।
\( 99 = 3 + (n-1)6 \)
\( 96 = (n-1)6 \)
\( \frac { 96 }{ 6 } = n-1 \)
\( 16 = n-1 \)
\( n = 17 \)
अतः पदों की संख्या 17 है।
समांतर श्रेढ़ी के \( n \) पदों का योगफल का सूत्र \( S_n = \frac { n }{ 2 }(a+l) \) होता है।
\( S_{17} = \frac { 17 }{ 2 }(3+99) \)
\( S_{17} = \frac { 17 }{ 2 }(102) \)
\( S_{17} = 17 \times 51 \)
\( S_{17} = 867 \)
In simple words: हमने 1 से 101 के बीच उन विषम संख्याओं को ढूँढ़ा जो 3 से भाग हो जाती हैं। फिर हमने देखा कि वे एक सीधी गिनती (समांतर श्रेढ़ी) बनाती हैं। हमने पहला और आखिरी नंबर लिया, यह पता लगाया कि कुल कितने नंबर हैं, और फिर उन सभी नंबरों को जोड़ दिया।
🎯 Exam Tip: "विषम पूर्णांक" और "3 से विभाज्य" दोनों शर्तों पर ध्यान दें। पहले श्रेणी को सही ढंग से पहचानें, फिर 'n' निकालें, और अंत में योगफल ज्ञात करें।
प्रश्न 3. उस स. श्रे. के प्रथम n पदों का योगफल ज्ञात कीजिए जिसका r वाँ पद \( 2r + 3 \) है।
Answer: दिया गया है कि समांतर श्रेढ़ी का rवाँ पद \( T_r = 2r + 3 \) है।
पहले कुछ पद ज्ञात करने के लिए, r के मान \( 1, 2, 3, \dots \dots \) रखते हैं:
पहला पद: \( T_1 = 2(1) + 3 = 2 + 3 = 5 \)
दूसरा पद: \( T_2 = 2(2) + 3 = 4 + 3 = 7 \)
तीसरा पद: \( T_3 = 2(3) + 3 = 6 + 3 = 9 \)
चौथा पद: \( T_4 = 2(4) + 3 = 8 + 3 = 11 \)
इस प्रकार समांतर श्रेढ़ी है: \( 5, 7, 9, 11, \dots \dots n \) पद तक।
यहाँ, पहला पद \( a = 5 \) है।
सार्वअन्तर \( d = T_2 - T_1 = 7 - 5 = 2 \) है।
समांतर श्रेढ़ी के \( n \) पदों का योगफल का सूत्र है: \( S_n = \frac { n }{ 2 }[2a + (n-1)d] \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( S_n = \frac { n }{ 2 }[2(5) + (n-1)2] \)
\( S_n = \frac { n }{ 2 }[10 + 2n - 2] \)
\( S_n = \frac { n }{ 2 }[2n + 8] \)
\( S_n = \frac { 2n(n + 4) }{ 2 } \)
\( S_n = n(n + 4) \)
अतः प्रथम n पदों का योगफल \( n(n+4) \) है।
In simple words: हमें श्रेढ़ी का हर पद निकालने का तरीका बताया गया था। हमने पहले कुछ पद निकालकर श्रेढ़ी देखी, फिर उसका पहला पद और हर पद के बीच का अंतर पता लगाया। आखिर में, हमने सभी n पदों को जोड़ने का सूत्र लगाकर उनका योगफल निकाला।
🎯 Exam Tip: जब rवाँ पद दिया हो, तो पहले कुछ पदों को ज्ञात करके 'a' और 'd' निकालें। इसके बाद ही योगफल का सूत्र लगाएं।
प्रश्न 4. किसी स. श्रे. के n पदों का योगफल \( n^2 + 2n \) है। प्रथम पद तथा सार्वअन्तर ज्ञात कीजिये।
Answer: दिया गया है कि समांतर श्रेढ़ी के n पदों का योगफल \( S_n = n^2 + 2n \) है।
प्रथम पद \( (T_1) \) ज्ञात करने के लिए, \( n=1 \) रखते हैं:
\( S_1 = (1)^2 + 2(1) = 1 + 2 = 3 \)
क्योंकि \( S_1 \) ही पहला पद होता है, अतः \( T_1 = 3 \)
दूसरे पद \( (T_2) \) तक का योगफल ज्ञात करने के लिए, \( n=2 \) रखते हैं:
\( S_2 = (2)^2 + 2(2) = 4 + 4 = 8 \)
हम जानते हैं कि \( S_2 = T_1 + T_2 \)
\( 8 = 3 + T_2 \)
\( T_2 = 8 - 3 = 5 \)
अब, सार्वअन्तर \( (d) \) ज्ञात करने के लिए:
\( d = T_2 - T_1 \)
\( d = 5 - 3 = 2 \)
अतः, समांतर श्रेढ़ी का प्रथम पद \( a = 3 \) है और सार्वअन्तर \( d = 2 \) है।
In simple words: हमें बताया गया था कि कितने भी पदों को जोड़ने पर क्या उत्तर आता है। हमने पहले एक पद का योग (जो कि पहला पद होता है) और फिर दो पदों का योग निकाला। इससे हमें पहला और दूसरा पद मिल गया, और उन दोनों के अंतर से हमें सार्वअन्तर पता चल गया।
🎯 Exam Tip: यह याद रखें कि \( S_1 \) हमेशा पहला पद \( (T_1) \) होता है और \( T_n = S_n - S_{n-1} \) का उपयोग करके किसी भी पद को ज्ञात किया जा सकता है।
प्रश्न 5. यदि स. श्रे. \( 1, 6, 11, \dots \dots \) के n पदों का योगफल 148 है, तो पदों की संख्या तथा अन्तिम पद ज्ञात कीजिए।
Answer: दी गई समांतर श्रेढ़ी है: \( 1, 6, 11, \dots \dots \)
पहला पद \( a = 1 \) है।
सार्वअन्तर \( d = 6 - 1 = 5 \) है।
n पदों का योगफल \( S_n = 148 \) दिया गया है।
समांतर श्रेढ़ी के \( n \) पदों का योगफल का सूत्र है: \( S_n = \frac { n }{ 2 }[2a + (n-1)d] \)
दिए गए मानों को सूत्र में रखने पर:
\( 148 = \frac { n }{ 2 }[2(1) + (n-1)5] \)
\( 148 \times 2 = n[2 + 5n - 5] \)
\( 296 = n[5n - 3] \)
\( 296 = 5n^2 - 3n \)
\( 5n^2 - 3n - 296 = 0 \)
यह एक द्विघात समीकरण है। इसे गुणनखंड विधि से हल करते हैं:
\( 5n^2 - 40n + 37n - 296 = 0 \)
\( 5n(n - 8) + 37(n - 8) = 0 \)
\( (n - 8)(5n + 37) = 0 \)
इससे n के दो मान मिलते हैं: \( n = 8 \) या \( n = -\frac { 37 }{ 5 } \)
चूँकि पदों की संख्या ऋणात्मक या भिन्न नहीं हो सकती, इसलिए \( n = 8 \) मान्य है।
अतः, पदों की संख्या \( n = 8 \) है।
अब अंतिम पद \( a_n \) ज्ञात करते हैं। अंतिम पद \( a_8 \) होगा।
समांतर श्रेढ़ी के nवें पद का सूत्र है: \( a_n = a + (n-1)d \)
\( a_8 = 1 + (8-1)5 \)
\( a_8 = 1 + 7 \times 5 \)
\( a_8 = 1 + 35 \)
\( a_8 = 36 \)
अतः, पदों की संख्या 8 है और अंतिम पद 36 है।
In simple words: हमें एक गिनती (समांतर श्रेढ़ी) और उसके कुछ पदों का कुल जोड़ दिया गया था। हमने पहला पद और पदों के बीच का अंतर निकाला। फिर, हमने एक सूत्र का इस्तेमाल करके यह पता लगाया कि कितने पद थे। आखिर में, उस संख्या का उपयोग करके हमने उस आखिरी पद को भी ढूँढ़ा।
🎯 Exam Tip: द्विघात समीकरण को हल करते समय, यह सुनिश्चित करें कि आप 'n' के लिए केवल सकारात्मक पूर्णांक मान ही स्वीकार करें। पदों की संख्या कभी भी ऋणात्मक या भिन्न नहीं हो सकती।
प्रश्न 6. यदि किसी समान्तर श्रेढ़ी के p पदों का योगफल तथा q पदों का योगफल समान है, तो \( (p + q) \) पदों का योगफल ज्ञात कीजिए।
Answer: माना समांतर श्रेढ़ी का प्रथम पद A और सार्वअन्तर D है।
दिया गया है कि p पदों का योगफल \( S_p \) और q पदों का योगफल \( S_q \) समान हैं।
अर्थात् \( S_p = S_q \)
समांतर श्रेढ़ी के n पदों का योगफल का सूत्र है: \( S_n = \frac { n }{ 2 }[2A + (n-1)D] \)
इसलिए,
\( \frac { p }{ 2 }[2A + (p-1)D] = \frac { q }{ 2 }[2A + (q-1)D] \)
\( p[2A + (p-1)D] = q[2A + (q-1)D] \)
\( 2Ap + p(p-1)D = 2Aq + q(q-1)D \)
\( 2Ap - 2Aq = q(q-1)D - p(p-1)D \)
\( 2A(p - q) = [q(q-1) - p(p-1)]D \)
\( 2A(p - q) = [q^2 - q - p^2 + p]D \)
\( 2A(p - q) = [(q^2 - p^2) - (q - p)]D \)
\( 2A(p - q) = [(q - p)(q + p) + (p - q)]D \)
\( 2A(p - q) = [-(p - q)(q + p) + (p - q)]D \)
\( 2A(p - q) = (p - q)[1 - (p + q)]D \)
यदि \( p \ne q \) है, तो हम \( (p-q) \) से भाग दे सकते हैं:
\( 2A = [1 - (p + q)]D \)
\( 2A + (p + q - 1)D = 0 \) ...(iii)
अब हमें \( (p+q) \) पदों का योगफल ज्ञात करना है, जिसका सूत्र है:
\( S_{p+q} = \frac { p+q }{ 2 }[2A + (p+q-1)D] \)
समीकरण (iii) से, हम जानते हैं कि \( [2A + (p+q-1)D] = 0 \)
इसलिए,
\( S_{p+q} = \frac { p+q }{ 2 }[0] \)
\( S_{p+q} = 0 \)
अतः, \( (p+q) \) पदों का योगफल 0 होगा।
In simple words: हमें बताया गया था कि अगर एक समांतर श्रेढ़ी में p पदों को जोड़ने पर जो उत्तर आता है, वही उत्तर q पदों को जोड़ने पर भी आता है। हमने इस जानकारी का उपयोग करके एक खास समीकरण निकाला। फिर, हमने दिखाया कि अगर हम p और q पदों को एक साथ जोड़ें, तो कुल योगफल शून्य होगा।
🎯 Exam Tip: इस प्रकार के प्रश्नों में, योगफल सूत्र को सावधानी से खोलें और समान पदों को एक साथ समूहबद्ध करें। \( (p-q) \) को फैक्टर आउट करना एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रश्न 7. यदि किसी स. श्रे. के n, 2n, 3n पदों का योगफल क्रमशः \( S_1, S_2, \) तथा \( S_3 \) हों, तो सिद्ध कीजिए कि \( S_3 = 3 (S_2 - S_1) \) होगा।
Answer: माना समांतर श्रेढ़ी का प्रथम पद A और सार्वअन्तर D है।
योगफल के सूत्र का उपयोग करते हुए, \( S_n = \frac { n }{ 2 }[2A + (n-1)D] \)
n पदों का योगफल \( S_1 \):
\( S_1 = \frac { n }{ 2 }[2A + (n-1)D] \) ...(1)
2n पदों का योगफल \( S_2 \):
\( S_2 = \frac { 2n }{ 2 }[2A + (2n-1)D] \)
\( S_2 = n[2A + (2n-1)D] \) ...(2)
3n पदों का योगफल \( S_3 \):
\( S_3 = \frac { 3n }{ 2 }[2A + (3n-1)D] \) ...(3)
अब हमें सिद्ध करना है कि \( S_3 = 3(S_2 - S_1) \)
दायाँ पक्ष (R.H.S.) लेते हैं:
\( 3(S_2 - S_1) \)
समीकरण (1) और (2) से मान रखने पर:
\( = 3 \left( n[2A + (2n-1)D] - \frac { n }{ 2 }[2A + (n-1)D] \right) \)
\( = 3n \left( [2A + (2n-1)D] - \frac { 1 }{ 2 }[2A + (n-1)D] \right) \)
\( = 3n \left( 2A + 2nD - D - A - \frac { (n-1)D }{ 2 } \right) \)
\( = 3n \left( A + 2nD - D - \frac { nD - D }{ 2 } \right) \)
\( = 3n \left( A + 2nD - D - \frac { nD }{ 2 } + \frac { D }{ 2 } \right) \)
\( = 3n \left( A + (2n - \frac { n }{ 2 })D - (1 - \frac { 1 }{ 2 })D \right) \)
\( = 3n \left( A + \frac { 3n }{ 2 }D - \frac { 1 }{ 2 }D \right) \)
\( = 3n \left( A + \frac { (3n-1)D }{ 2 } \right) \)
\( = \frac { 3n }{ 2 } [2A + (3n-1)D] \)
यह समीकरण (3) के बाएँ पक्ष \( (S_3) \) के बराबर है।
अतः, \( S_3 = 3(S_2 - S_1) \) इतिसिद्धम्।
In simple words: हमने एक समांतर श्रेढ़ी के पहले n, 2n और 3n पदों को जोड़ने के लिए सूत्र लिखे। फिर, हमने उन योगफलों को एक समीकरण में डाला और यह दिखाया कि तीसरा योगफल, पहले दो योगफलों के अंतर के तीन गुना के बराबर है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, बाएँ या दाएँ पक्ष में से किसी एक को लेकर शुरू करें और उसे दूसरे पक्ष के बराबर सिद्ध करें। बीजगणितीय गणनाओं को ध्यान से करें।
प्रश्न 8. यदि n पदों वाली m समान्तर श्रेढ़ियों के योगफल \( S_1, S_2, \dots \dots, S_m \) हैं। इनके प्रथम पद क्रमशः \( 1, 2, 3, \dots \dots, m \) तथा सार्वअन्तर क्रमशः \( 1, 3, 5, \dots \dots, (2m – 1) \) है, तो सिद्ध कीजिए \( S_1 + S_2 + S_3 + \dots \dots + S_m = \frac { mn }{2}(mn + 1) \)
Answer: हमें n पदों वाली m समांतर श्रेढ़ियाँ दी गई हैं।
प्रत्येक श्रेढ़ी में पदों की संख्या = n है।
श्रेढ़ी 1 के लिए: पहला पद \( a_1 = 1 \), सार्वअन्तर \( d_1 = 1 \)
\( S_1 = \frac { n }{ 2 }[2(1) + (n-1)1] = \frac { n }{ 2 }[2 + n - 1] = \frac { n }{ 2 }[n + 1] \)
श्रेढ़ी 2 के लिए: पहला पद \( a_2 = 2 \), सार्वअन्तर \( d_2 = 3 \)
\( S_2 = \frac { n }{ 2 }[2(2) + (n-1)3] = \frac { n }{ 2 }[4 + 3n - 3] = \frac { n }{ 2 }[3n + 1] \)
श्रेढ़ी 3 के लिए: पहला पद \( a_3 = 3 \), सार्वअन्तर \( d_3 = 5 \)
\( S_3 = \frac { n }{ 2 }[2(3) + (n-1)5] = \frac { n }{ 2 }[6 + 5n - 5] = \frac { n }{ 2 }[5n + 1] \)
इस प्रकार mवीं श्रेढ़ी के लिए:
पहला पद \( a_m = m \), सार्वअन्तर \( d_m = (2m-1) \)
\( S_m = \frac { n }{ 2 }[2(m) + (n-1)(2m-1)] \)
\( S_m = \frac { n }{ 2 }[2m + (2mn - n - 2m + 1)] \)
अब इन सभी योगफलों को जोड़ते हैं:
\( S_1 + S_2 + \dots \dots + S_m = \frac { n }{ 2 }[ (n+1) + (3n+1) + (5n+1) + \dots \dots + (2m + (n-1)(2m-1)) ] \)
योगफल को अलग-अलग करके जोड़ते हैं:
\( \sum_{k=1}^{m} S_k = \frac { n }{ 2 } \left[ \sum_{k=1}^{m} ((2k-1)n+1) \right] \)
\( = \frac { n }{ 2 } \left[ \sum_{k=1}^{m} (2k-1)n + \sum_{k=1}^{m} 1 \right] \)
\( = \frac { n }{ 2 } \left[ n \sum_{k=1}^{m} (2k-1) + m \right] \)
हम जानते हैं कि \( \sum_{k=1}^{m} (2k-1) = 1 + 3 + 5 + \dots \dots + (2m-1) = m^2 \) (प्रथम m विषम संख्याओं का योग)
तो,
\( = \frac { n }{ 2 } [n(m^2) + m] \)
\( = \frac { n }{ 2 } [m^2n + m] \)
\( = \frac { mn }{ 2 } [mn + 1] \)
इतिसिद्धम्।
In simple words: हमें कई सारी समांतर श्रेढ़ियाँ दी गई थीं, हर एक में n पद थे। हर श्रेढ़ी का पहला पद और उनके बीच का अंतर अलग-अलग था। हमने हर श्रेढ़ी का योगफल निकाला, फिर उन सभी योगफलों को एक साथ जोड़ा। आखिर में, हमने दिखाया कि उनका कुल योगफल एक खास सूत्र से निकाला जा सकता है।
🎯 Exam Tip: यह प्रश्न योगफल के सूत्र और बीजगणित की समझ पर निर्भर करता है। सभी 'm' श्रेढ़ियों के लिए 'a' और 'd' के पैटर्न को समझना महत्वपूर्ण है। विषम संख्याओं के योगफल \( (m^2) \) के सूत्र को याद रखें।
प्रश्न 9. यदि किसी स. श्रे. के प्रथम p, q, r पदों का योगफल क्रमशः a, b, c हैं, तो सिद्ध कीजिए \( \frac { a }{ p }(q-r) + \frac { b }{ q }(r-p) + \frac { c }{ r }(p - q) = 0 \)
Answer: माना समांतर श्रेढ़ी का प्रथम पद A और सार्वअन्तर D है।
p पदों का योगफल \( S_p = a \)
\( a = \frac { p }{ 2 }[2A + (p-1)D] \)
\( \frac { a }{ p } = \frac { 1 }{ 2 }[2A + (p-1)D] \) ...(1)
q पदों का योगफल \( S_q = b \)
\( b = \frac { q }{ 2 }[2A + (q-1)D] \)
\( \frac { b }{ q } = \frac { 1 }{ 2 }[2A + (q-1)D] \) ...(2)
r पदों का योगफल \( S_r = c \)
\( c = \frac { r }{ 2 }[2A + (r-1)D] \)
\( \frac { c }{ r } = \frac { 1 }{ 2 }[2A + (r-1)D] \) ...(3)
अब हमें सिद्ध करना है कि \( \frac { a }{ p }(q-r) + \frac { b }{ q }(r-p) + \frac { c }{ r }(p - q) = 0 \)
बायाँ पक्ष (L.H.S.) लेते हैं और समीकरण (1), (2), (3) से मान रखते हैं:
\( L.H.S. = \frac { 1 }{ 2 }[2A + (p-1)D](q-r) + \frac { 1 }{ 2 }[2A + (q-1)D](r-p) + \frac { 1 }{ 2 }[2A + (r-1)D](p - q) \)
\( = \frac { 1 }{ 2 } \{ [2A + (p-1)D](q-r) + [2A + (q-1)D](r-p) + [2A + (r-1)D](p - q) \} \)
\( = \frac { 1 }{ 2 } \{ 2A(q-r) + (p-1)D(q-r) + 2A(r-p) + (q-1)D(r-p) + 2A(p-q) + (r-1)D(p-q) \} \)
\( = \frac { 1 }{ 2 } \{ 2A(q-r+r-p+p-q) + D[(p-1)(q-r) + (q-1)(r-p) + (r-1)(p-q)] \} \)
\( = \frac { 1 }{ 2 } \{ 2A(0) + D[pq-pr-q+r + qr-qp-r+p + rp-rq-p+q] \} \)
\( = \frac { 1 }{ 2 } \{ 0 + D[pq-pr-q+r + qr-pq-r+p + pr-qr-p+q] \} \)
सभी पद कट जाएंगे, इसलिए \( [pq-pr-q+r + qr-pq-r+p + pr-qr-p+q] = 0 \)
\( = \frac { 1 }{ 2 } \{ 0 + D[0] \} \)
\( = 0 \)
यह दाएँ पक्ष (R.H.S.) के बराबर है।
इतिसिद्धम्।
In simple words: हमें एक समांतर श्रेढ़ी के कुछ पदों के योगफल दिए गए थे। हमने हर योगफल को उसके पदों की संख्या से भाग करके एक समीकरण बनाया। फिर, उन समीकरणों को एक बड़े सूत्र में डालकर, हमने दिखाया कि पूरा समीकरण शून्य के बराबर आता है।
🎯 Exam Tip: यह एक जटिल बीजगणितीय प्रश्न है। योगफल के सूत्र को सही ढंग से लिखें, फिर प्रत्येक पद को खोलें और ध्यान से समान पदों को रद्द करें। \( q-r+r-p+p-q \) और इसी तरह के अन्य पदों को शून्य करने पर ध्यान दें।
प्रश्न 10. स. श्रे. में वे तीन संख्याएँ ज्ञात कीजिए जिनका योगफल 12 है। तथा उनके धनों का योगफल 408 है।
Answer: माना समांतर श्रेढ़ी में तीन संख्याएँ हैं: \( a-d, a, a+d \)
प्रश्नानुसार, इन संख्याओं का योगफल 12 है:
\( (a-d) + a + (a+d) = 12 \)
\( 3a = 12 \)
\( a = \frac { 12 }{ 3 } \)
\( a = 4 \)
अब, इन संख्याओं के घनों का योगफल 408 है:
\( (a-d)^3 + a^3 + (a+d)^3 = 408 \)
\( a=4 \) का मान रखने पर:
\( (4-d)^3 + (4)^3 + (4+d)^3 = 408 \)
\( (4-d)^3 + 64 + (4+d)^3 = 408 \)
\( (4-d)^3 + (4+d)^3 = 408 - 64 \)
\( (4-d)^3 + (4+d)^3 = 344 \)
सूत्र \( (x-y)^3 + (x+y)^3 = 2x^3 + 6xy^2 \) का उपयोग करने पर (जहाँ \( x=4, y=d \)):
\( 2(4)^3 + 6(4)(d)^2 = 344 \)
\( 2(64) + 24d^2 = 344 \)
\( 128 + 24d^2 = 344 \)
\( 24d^2 = 344 - 128 \)
\( 24d^2 = 216 \)
\( d^2 = \frac { 216 }{ 24 } \)
\( d^2 = 9 \)
\( d = \pm \sqrt{9} \)
\( d = \pm 3 \)
यदि \( a=4 \) और \( d=3 \) है, तो संख्याएँ हैं:
\( a-d = 4-3 = 1 \)
\( a = 4 \)
\( a+d = 4+3 = 7 \)
संख्याएँ हैं \( 1, 4, 7 \)।
यदि \( a=4 \) और \( d=-3 \) है, तो संख्याएँ हैं:
\( a-d = 4-(-3) = 4+3 = 7 \)
\( a = 4 \)
\( a+d = 4+(-3) = 4-3 = 1 \)
संख्याएँ हैं \( 7, 4, 1 \)।
अतः, वे तीन संख्याएँ \( 1, 4, 7 \) या \( 7, 4, 1 \) हैं।
In simple words: हमने तीन ऐसी संख्याएँ सोचीं जो एक सीधी गिनती (समांतर श्रेढ़ी) में हों। हमने बताया गया था कि उन तीनों को जोड़ने पर 12 आता है, जिससे हमें बीच वाली संख्या मिल गई। फिर, हमने उन तीनों संख्याओं के घनों को जोड़कर 408 के बराबर रखा, जिससे हमें संख्याओं के बीच का अंतर पता चला। इस तरह हमें वे तीनों संख्याएँ मिल गईं।
🎯 Exam Tip: समांतर श्रेढ़ी में तीन संख्याओं को \( a-d, a, a+d \) के रूप में मानना गणनाओं को सरल बनाता है। \( (x-y)^3 + (x+y)^3 \) के सूत्र का उपयोग करने से समय बचता है।
प्रश्न 11. यदि 1 तथा 51 के मध्य n स.मा. इस प्रकार प्रविष्ट किये गये हों कि चौथे तथा सातवें समान्तर माध्य का अनुपात \( 3 : 5 \) है, तो n का मान ज्ञात कीजिए।
Answer: माना 1 और 51 के बीच n समांतर माध्य \( A_1, A_2, A_3, \dots \dots, A_n \) हैं।
तो, समांतर श्रेढ़ी होगी: \( 1, A_1, A_2, A_3, \dots \dots, A_n, 51 \)
इस श्रेढ़ी में कुल \( n+2 \) पद हैं।
पहला पद \( a = 1 \) है।
अंतिम पद \( T_{n+2} = 51 \) है।
हम जानते हैं कि \( T_k = a + (k-1)d \)
\( T_{n+2} = a + (n+2-1)d \)
\( 51 = 1 + (n+1)d \)
\( 50 = (n+1)d \)
\( d = \frac { 50 }{ n+1 } \)
समांतर माध्य \( A_k \) के लिए, \( A_k = a + kd \)
चौथा समांतर माध्य \( A_4 \):
\( A_4 = a + 4d = 1 + 4 \left( \frac { 50 }{ n+1 } \right) = 1 + \frac { 200 }{ n+1 } \)
सातवाँ समांतर माध्य \( A_7 \):
\( A_7 = a + 7d = 1 + 7 \left( \frac { 50 }{ n+1 } \right) = 1 + \frac { 350 }{ n+1 } \)
दिया गया है कि \( \frac { A_4 }{ A_7 } = \frac { 3 }{ 5 } \)
मान रखने पर:
\( \frac { 1 + \frac { 200 }{ n+1 } }{ 1 + \frac { 350 }{ n+1 } } = \frac { 3 }{ 5 } \)
\( \frac { \frac { n+1+200 }{ n+1 } }{ \frac { n+1+350 }{ n+1 } } = \frac { 3 }{ 5 } \)
\( \frac { n+201 }{ n+351 } = \frac { 3 }{ 5 } \)
क्रॉस-गुणा करने पर:
\( 5(n+201) = 3(n+351) \)
\( 5n + 1005 = 3n + 1053 \)
\( 5n - 3n = 1053 - 1005 \)
\( 2n = 48 \)
\( n = \frac { 48 }{ 2 } \)
\( n = 24 \)
अतः, n का मान 24 है।
In simple words: हमने दो संख्याओं के बीच कुछ समांतर माध्य रखे। हमें बताया गया था कि चौथे और सातवें माध्य का अनुपात क्या है। हमने इस जानकारी का उपयोग करके उन माध्यों को 'n' (जितने माध्य रखे गए) के रूप में व्यक्त किया। फिर, दिए गए अनुपात को हल करके 'n' का मान निकाला।
🎯 Exam Tip: समांतर माध्यों के प्रश्नों में, \( A_k = a + kd \) सूत्र का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। 'd' को 'n' के पदों में व्यक्त करना और फिर दिए गए अनुपात को हल करना आवश्यक कदम हैं।
Question 12. (i) यदि x, y, z स. श्रे. में हैं, तब हमें सिद्ध करना है कि y + z, z + x, x + y स. श्रे. में होंगे।
Answer: यदि \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में हैं, तो \( 2y = x + z \) होगा।
हमें सिद्ध करना है कि \( y+z, z+x, x+y \) भी समांतर श्रेढ़ी में हैं।
इसके लिए, हमें यह दिखाना होगा कि बीच वाले पद का दोगुना अन्य दो पदों के योग के बराबर है:
\( 2(z+x) = (y+z) + (x+y) \)
दायाँ पक्ष (R.H.S.) लेते हैं:
\( (y+z) + (x+y) \)
\( = x + 2y + z \)
चूँकि \( 2y = x+z \) है, इसलिए \( x + (x+z) + z \)
\( = 2x + 2z \)
\( = 2(x+z) \)
यह बाएँ पक्ष (L.H.S.) के बराबर है।
अतः, \( y+z, z+x, x+y \) भी समांतर श्रेढ़ी में हैं। इतिसिद्धम्।
In simple words: हमें पता था कि x, y, z एक सीधी गिनती में हैं, मतलब बीच वाला नंबर y, पहले और आखिरी नंबर (x और z) के जोड़ का आधा है। हमने दिखाया कि अगर हम इन नंबरों को नए तरीके से जोड़ें (y+z, z+x, x+y), तो वे भी एक सीधी गिनती ही बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: समांतर श्रेढ़ी की मूल परिभाषा \( (2b = a+c) \) का उपयोग करके इस तरह के प्रश्नों को आसानी से हल किया जा सकता है। बीजगणितीय गणनाओं को ध्यान से करें।
Question 12. (ii) यदि x, y, z स. श्रे. में हैं, तब हमें सिद्ध करना है कि \( \frac { 1 }{ yz }, \frac { 1 }{ zx }, \frac { 1 }{ xy } \) A.P. में हैं।
Answer: यदि \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में हैं, तो \( 2y = x + z \) होगा।
हमें सिद्ध करना है कि \( \frac { 1 }{ yz }, \frac { 1 }{ zx }, \frac { 1 }{ xy } \) भी समांतर श्रेढ़ी में हैं।
इसके लिए, हमें यह दिखाना होगा कि बीच वाले पद का दोगुना अन्य दो पदों के योग के बराबर है:
\( 2 \times \frac { 1 }{ zx } = \frac { 1 }{ yz } + \frac { 1 }{ xy } \)
दायाँ पक्ष (R.H.S.) लेते हैं:
\( \frac { 1 }{ yz } + \frac { 1 }{ xy } \)
\( = \frac { x + z }{ xyz } \)
चूँकि \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में हैं, तो \( x + z = 2y \) होगा।
\( = \frac { 2y }{ xyz } \)
\( = \frac { 2 }{ xz } \)
यह बाएँ पक्ष (L.H.S.) के बराबर है।
अतः, \( \frac { 1 }{ yz }, \frac { 1 }{ zx }, \frac { 1 }{ xy } \) भी समांतर श्रेढ़ी में हैं। इतिसिद्धम्।
In simple words: हमने पिछली बार की तरह ही माना कि x, y, z एक सीधी गिनती में हैं। फिर हमने इन नंबरों के उल्टे जोड़ से बने नए नंबरों (1/yz, 1/zx, 1/xy) को देखा और दिखाया कि वे भी एक सीधी गिनती बनाते हैं।
🎯 Exam Tip: समांतर श्रेढ़ी की परिभाषा का उपयोग करें \( (2b = a+c) \)। भिन्नों का योग करते समय लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) का उपयोग करना याद रखें।
Question 12. (iii) सिद्ध कीजिए कि \( (x - y) (y – z) = \frac { (z-x)^2 }{ 4 } \)
Answer: यदि \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में हैं, तो \( 2y = x + z \) होगा।
इससे, \( y = \frac { x+z }{ 2 } \) होता है।
बायाँ पक्ष (L.H.S.) लेते हैं:
\( (x - y)(y - z) \)
\( y \) का मान प्रतिस्थापित करने पर:
\( = \left( x - \frac { x+z }{ 2 } \right) \left( \frac { x+z }{ 2 } - z \right) \)
\( = \left( \frac { 2x - (x+z) }{ 2 } \right) \left( \frac { x+z - 2z }{ 2 } \right) \)
\( = \left( \frac { x-z }{ 2 } \right) \left( \frac { x-z }{ 2 } \right) \)
\( = \frac { (x-z)^2 }{ 4 } \)
चूँकि \( (x-z)^2 = (z-x)^2 \) होता है,
\( = \frac { (z-x)^2 }{ 4 } \)
यह दाएँ पक्ष (R.H.S.) के बराबर है। इतिसिद्धम्।
In simple words: हमने माना कि x, y, z एक सीधी गिनती में हैं। इसका मतलब है कि बीच वाला नंबर y, पहले और आखिरी नंबर के जोड़ का आधा है। हमने इस y के मान को समीकरण के बाएँ भाग में रखा और हल करके दिखाया कि यह दाएँ भाग के बराबर आता है।
🎯 Exam Tip: इस तरह के प्रश्नों में, \( y = \frac { x+z }{ 2 } \) का उपयोग करके 'y' को समीकरण से हटाना एक प्रभावी तरीका है। बीजगणितीय गणनाओं को ध्यान से करें।
Question 12. (iv) सिद्ध कीजिए कि \( (x - z)^2 = 4(y^2 – xz) \)
Answer: यदि \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में हैं, तो \( 2y = x + z \) होगा।
इससे, \( y = \frac { x+z }{ 2 } \) होता है।
दायाँ पक्ष (R.H.S.) लेते हैं:
\( 4(y^2 - xz) \)
\( y \) का मान प्रतिस्थापित करने पर:
\( = 4 \left( \left( \frac { x+z }{ 2 } \right)^2 - xz \right) \)
\( = 4 \left( \frac { (x+z)^2 }{ 4 } - xz \right) \)
\( = 4 \left( \frac { x^2 + 2xz + z^2 }{ 4 } - xz \right) \)
\( = 4 \left( \frac { x^2 + 2xz + z^2 - 4xz }{ 4 } \right) \)
\( = x^2 + 2xz + z^2 - 4xz \)
\( = x^2 - 2xz + z^2 \)
\( = (x-z)^2 \)
यह बाएँ पक्ष (L.H.S.) के बराबर है। इतिसिद्धम्।
In simple words: यह साबित करने के लिए कि x, y, z एक सीधी गिनती में होने पर एक समीकरण सही होता है, हमने बीच के नंबर y को पहले और आखिरी नंबर x और z के रूप में लिखा। फिर इस y के मान को समीकरण के एक हिस्से में रखकर, हमने हल करके दिखाया कि दोनों हिस्से बराबर आते हैं।
🎯 Exam Tip: पूर्ण वर्ग सूत्र \( (a+b)^2 \) और \( (a-b)^2 \) को याद रखना आवश्यक है। 'y' को 'x' और 'z' के पदों में बदलकर सरल करें।
Question 12. (v) सिद्ध कीजिए कि \( xy + yz + zx = \frac { x^2 + z^2 + 4xz }{ 2 } \)
Answer: यदि \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में हैं, तो \( 2y = x + z \) होगा।
इससे, \( y = \frac { x+z }{ 2 } \) होता है।
बायाँ पक्ष (L.H.S.) लेते हैं:
\( xy + yz + zx \)
\( y \) को कॉमन लेने पर:
\( = y(x+z) + zx \)
\( y \) का मान प्रतिस्थापित करने पर:
\( = \left( \frac { x+z }{ 2 } \right) (x+z) + zx \)
\( = \frac { (x+z)^2 }{ 2 } + zx \)
\( = \frac { x^2 + 2xz + z^2 }{ 2 } + zx \)
\( = \frac { x^2 + 2xz + z^2 + 2(zx) }{ 2 } \)
\( = \frac { x^2 + 2xz + z^2 + 2xz }{ 2 } \)
\( = \frac { x^2 + z^2 + 4xz }{ 2 } \)
यह दाएँ पक्ष (R.H.S.) के बराबर है। इतिसिद्धम्।
In simple words: हमें एक और समीकरण को सही साबित करना था, यह मानकर कि x, y, z एक सीधी गिनती में हैं। हमने फिर से y को x और z के रूप में लिखा, फिर समीकरण के एक हिस्से में इस y का मान रखकर उसे हल किया। हमने दिखाया कि यह हल करने पर दूसरा हिस्सा ही आता है।
🎯 Exam Tip: 'y' के मान को प्रतिस्थापित करके और फिर भिन्नों का योग करते समय समान हर \( (LCM) \) का उपयोग करके समीकरण को सरल करें।
प्रश्न 13. यदि \( x^2(y + z), y^2(z + x), z^2(x + y) \) स. श्रे. में हैं, तो सिद्ध कीजिए कि या तो x, y, z स. श्रे. में हैं या \( xy + yz + zx = 0 \) होगा।
Answer: दिया गया है कि \( x^2(y + z), y^2(z + x), z^2(x + y) \) समांतर श्रेढ़ी में हैं।
अतः, समांतर श्रेढ़ी की परिभाषा के अनुसार:
\( 2y^2(z + x) = x^2(y + z) + z^2(x + y) \)
\( 2y^2z + 2y^2x = x^2y + x^2z + z^2x + z^2y \)
पदों को पुनर्व्यवस्थित करने पर:
\( 2y^2z + 2y^2x - x^2y - x^2z - z^2x - z^2y = 0 \)
\( y^2z - x^2z + y^2x - z^2x + y^2y - x^2y - z^2y = 0 \) (पदों को दो-दो बार लिख कर)
\( z(y^2 - x^2) + x(y^2 - z^2) - y(x^2 - z^2) = 0 \)
\( z(y-x)(y+x) + x(y-z)(y+z) - y(x-z)(x+z) = 0 \)
\( z(y-x)(y+x) + x(y-z)(y+z) + y(z-x)(z+x) = 0 \)
माना \( x-y=A, y-z=B, z-x=C \)
तो \( A+B+C = (x-y)+(y-z)+(z-x)=0 \)
यह \( y-x = -A, z-y = -B, x-z = -C \) देता है।
उपरोक्त समीकरण में \( (x+y+z) \) जोड़ने पर (क्योंकि यह एक सामान्य गुणनखंड है, या इसे बाद में जोड़ा जा सकता है):
\( x^2(y + z) + xyz, y^2(z + x) + xyz, z^2(x + y) + xyz \) भी समांतर श्रेढ़ी में होंगे।
अर्थात् \( x(xy+yz+zx), y(xy+yz+zx), z(xy+yz+zx) \) समांतर श्रेढ़ी में हैं।
यदि \( xy+yz+zx \ne 0 \) है, तो \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में होंगे।
यदि \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में हैं, तो \( xy+yz+zx=0 \) या \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में हैं।
विकल्प 2: एक अलग दृष्टिकोण से
\( x^2(y+z), y^2(z+x), z^2(x+y) \) A.P. में हैं।
प्रत्येक पद में \( xyz \) जोड़ने पर, नया अनुक्रम भी A.P. में होगा।
\( x^2(y+z) + xyz = xy(x+z) + x^2y + x^2z + xyz = x(xy+xz+yz) \)
\( y^2(z+x) + xyz = y(yz+yx+zx) \)
\( z^2(x+y) + xyz = z(zx+zy+xy) \)
तो, \( x(xy+yz+zx), y(xy+yz+zx), z(xy+yz+zx) \) A.P. में हैं।
यदि \( xy+yz+zx \ne 0 \) है, तो \( x, y, z \) A.P. में होंगे।
या फिर \( xy+yz+zx = 0 \)
अतः, या तो \( x, y, z \) समांतर श्रेढ़ी में हैं या \( xy + yz + zx = 0 \) होगा। इतिसिद्धम्।
In simple words: हमें तीन संख्याओं के कुछ खास गुणनफल दिए गए थे जो एक सीधी गिनती में थे। हमने इन गुणनफलों के संबंधों का उपयोग करके एक समीकरण बनाया। इसे सरल करने पर, हमें पता चला कि या तो मूल संख्याएँ (x, y, z) एक सीधी गिनती में होनी चाहिए, या फिर उन तीनों के जोड़ों का एक खास योगफल शून्य होना चाहिए।
🎯 Exam Tip: ऐसे सिद्ध करने वाले प्रश्नों में, प्रत्येक पद में \( xyz \) जोड़ने की युक्ति का उपयोग करने पर सामान्य गुणनखंड मिलता है, जो समस्या को बहुत सरल कर देता है।
प्रश्न 14. समान्तर श्रेढ़ी \( a_1, a_2, a_3, \dots \dots a_{30} \) का योगफल ज्ञात कीजिये, दिया हुआ है \( a_1 + a_7 + a_{10} + a_{21} + a_{24} + a_{30} = 540 \)
Answer: माना समांतर श्रेढ़ी का प्रथम पद A और सार्वअन्तर D है।
श्रेढ़ी के nवें पद का सूत्र \( a_n = A + (n-1)D \) होता है।
दी गई जानकारी है: \( a_1 + a_7 + a_{10} + a_{21} + a_{24} + a_{30} = 540 \)
प्रत्येक पद को \( A \) और \( D \) के पदों में व्यक्त करते हैं:
\( A + (A+6D) + (A+9D) + (A+20D) + (A+23D) + (A+29D) = 540 \)
सभी \( A \) पदों को जोड़ने पर \( 6A \) मिलता है।
सभी \( D \) पदों को जोड़ने पर \( (6+9+20+23+29)D = 87D \) मिलता है।
तो, समीकरण बन जाता है:
\( 6A + 87D = 540 \)
दोनों पक्षों को 3 से भाग देने पर:
\( 2A + 29D = \frac { 540 }{ 3 } \)
\( 2A + 29D = 180 \) ...(1)
हमें समांतर श्रेढ़ी के प्रथम 30 पदों का योगफल \( S_{30} \) ज्ञात करना है।
योगफल का सूत्र है: \( S_n = \frac { n }{ 2 }[2A + (n-1)D] \)
\( S_{30} = \frac { 30 }{ 2 }[2A + (30-1)D] \)
\( S_{30} = 15[2A + 29D] \)
समीकरण (1) से, हम जानते हैं कि \( 2A + 29D = 180 \)
इस मान को \( S_{30} \) के सूत्र में रखने पर:
\( S_{30} = 15 \times 180 \)
\( S_{30} = 2700 \)
अतः, समांतर श्रेढ़ी के प्रथम 30 पदों का योगफल 2700 है।
In simple words: हमें एक सीधी गिनती (समांतर श्रेढ़ी) के कुछ अलग-अलग पदों का जोड़ दिया गया था। हमने उन पदों को पहले पद और उनके बीच के अंतर के रूप में लिखा, जिससे हमें एक छोटा समीकरण मिला। फिर, हमने उसी सीधी गिनती के पहले 30 पदों को जोड़ने का सूत्र लगाया और उस छोटे समीकरण से मिले मान का उपयोग करके कुल जोड़ निकाला।
🎯 Exam Tip: 'nवें पद' और 'n पदों के योगफल' दोनों सूत्रों का सही उपयोग महत्वपूर्ण है। अज्ञात 'A' और 'D' को हल किए बिना भी, कभी-कभी उनके संयुक्त मान का उपयोग करके समस्या को हल किया जा सकता है।
प्रश्न 15. एक बहुभुज के अन्तः कोण समान्तर श्रेढ़ी में हैं। सबसे छोटा अन्त:कोण 52° तथा क्रमिक अन्त:कोणों का अन्तर 8° हो, तो बहुभुज की भुजाओं की संख्या ज्ञात कीजिए।
Answer: माना बहुभुज की भुजाओं की संख्या n है।
हम जानते हैं कि n भुजाओं वाले बहुभुज के सभी अन्तः कोणों का योगफल का सूत्र है: \( (n-2) \times 180^\circ \)
दिया गया है कि अन्तः कोण एक समांतर श्रेढ़ी में हैं।
पहला पद (सबसे छोटा कोण) \( a = 52^\circ \) है।
सार्वअन्तर \( d = 8^\circ \) है।
समांतर श्रेढ़ी के n पदों का योगफल का सूत्र है: \( S_n = \frac { n }{ 2 }[2a + (n-1)d] \)
इन मानों को सूत्र में रखने पर:
\( S_n = \frac { n }{ 2 }[2(52) + (n-1)8] \)
\( S_n = \frac { n }{ 2 }[104 + 8n - 8] \)
\( S_n = \frac { n }{ 2 }[96 + 8n] \)
\( S_n = n(48 + 4n) \)
\( S_n = 4n^2 + 48n \)
अब, दोनों योगफल सूत्रों को बराबर करते हैं:
\( (n-2) \times 180 = 4n^2 + 48n \)
\( 180n - 360 = 4n^2 + 48n \)
समीकरण को व्यवस्थित करने पर:
\( 0 = 4n^2 + 48n - 180n + 360 \)
\( 0 = 4n^2 - 132n + 360 \)
दोनों पक्षों को 4 से भाग देने पर:
\( 0 = n^2 - 33n + 90 \)
यह एक द्विघात समीकरण है। इसे गुणनखंड विधि से हल करते हैं। हमें ऐसी दो संख्याएँ चाहिए जिनका गुणनफल 90 हो और योगफल -33 हो (वे संख्याएँ -30 और -3 हैं):
\( n^2 - 30n - 3n + 90 = 0 \)
\( n(n - 30) - 3(n - 30) = 0 \)
\( (n - 30)(n - 3) = 0 \)
इससे n के दो मान मिलते हैं: \( n = 30 \) या \( n = 3 \)
दोनों संभावित उत्तरों की जाँच करते हैं:
यदि \( n=3 \) है, तो भुजाओं की संख्या 3 है। यह एक त्रिभुज है, जिसके कोण \( 52^\circ, 52^\circ+8^\circ=60^\circ, 52^\circ+2 \times 8^\circ=68^\circ \) होंगे। इनका योग \( 52+60+68 = 180^\circ \) होता है, जो सही है।
यदि \( n=30 \) है, तो भुजाओं की संख्या 30 है।
सबसे बड़ा कोण \( a_{30} = a + (30-1)d = 52 + 29 \times 8 = 52 + 232 = 284^\circ \)
हम जानते हैं कि किसी भी उत्तल बहुभुज का आंतरिक कोण \( 180^\circ \) से कम होना चाहिए। \( 284^\circ \) संभव नहीं है क्योंकि यह \( 180^\circ \) से बड़ा है, जिसका अर्थ है कि यह एक अवतल बहुभुज होगा जिसमें कोणों का क्रम टूट जाएगा।
इसलिए, \( n=30 \) संभव नहीं है।
अतः, बहुभुज की भुजाओं की संख्या \( n=3 \) है।
In simple words: हमें एक बहुभुज के अंदर के कोणों के बारे में बताया गया था कि वे एक सीधी गिनती में हैं, सबसे छोटा कोण 52° है और हर अगले कोण में 8° जुड़ते जाते हैं। हमने बहुभुज के कोणों का जोड़ निकालने के दो तरीके इस्तेमाल किए - एक सामान्य सूत्र और एक समांतर श्रेढ़ी का सूत्र। फिर, इन दोनों को बराबर रखकर, हमने यह पता लगाया कि बहुभुज में कितनी भुजाएँ थीं। हमने यह भी जांचा कि क्या हमारा उत्तर सही है।
🎯 Exam Tip: बहुभुज के अंतः कोणों के योगफल के सूत्र \( (n-2) \times 180^\circ \) और समांतर श्रेढ़ी के योगफल के सूत्र दोनों का उपयोग करें। 'n' के संभावित मानों की जाँच करना महत्वपूर्ण है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी कोण \( 180^\circ \) से अधिक न हो।
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